Wednesday, 07 Oct 2026 | 06:36 PM

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बीवाईडी के ‘सब कुछ खुद बनाओ’ मॉडल की अग्निपरीक्षा:टेस्ला को पछाड़ने वाली बीवाईडी का मुनाफा 4 साल में पहली बार गिरा

बीवाईडी के ‘सब कुछ खुद बनाओ’ मॉडल की अग्निपरीक्षा:टेस्ला को पछाड़ने वाली बीवाईडी का मुनाफा 4 साल में पहली बार गिरा

चीन के शेनझेन में ईवी दिग्गज बीवाईडी का हेडक्वार्टर है। यहां आने वाले मेहमानों को एक प्रदर्शन देखने को मिलता था। एक ड्रिल से साधारण ईवी को छेदा जाता था, जो तुरंत आग पकड़ लेती। फिर बीवाईडी की ब्लेड बैटरी पर इसे दोहराया जाता, लेकिन वह सुरक्षित रहती। इसी बैटरी के दम पर बीवाईडी ईवी शिखर पर पहुंची। लेकिन अब चार साल में पहली बार कंपनी का मुनाफा गिरा। लगातार आठ महीने साल दर साल बिक्री में गिरावट आई और 2026 की शुरुआत में प्रतिद्वंद्वी गिली ने तीन साल से ज्यादा समय बाद बीवाईडी को चीन के शीर्ष ईवी कंपनी के पद से हटा दिया, हालांकि बाद में बीवाईडी ने यह तमगा फिर छीन लिया। बीवाईडी के फाउंडर वांग चुआनफू ने एक ऐसी रणनीति अपनाई जो उन्हें बाकियों से अलग करती थी- लीथियम प्रोसेसिंग प्लांट से लेकर एआई मॉडल तक हर चीज खुद बनाओ। इस रणनीति ने लागत को नियंत्रण करने में मदद की। सीगल जैसे मॉडल महज 10,000 डॉलर (करीब 9.5 लाख रुपए) में उतारे। नए मॉडल तेजी से बाजार में आते हैं। पिछले एक दशक में राजस्व दस गुना बढ़कर 116 अरब डॉलर (करीब 11.6 लाख करोड़ रुपए) पर पहुंच गया। 2025 में बीवाईडी ने इलोन मस्क की टेस्ला से ज्यादा कारें बेचीं। चुआनफू की संपत्ति 2 लाख करोड़ रुपए है। पर चीन का ऑटो उद्योग तेजी से बदल रहा है। युवा खरीदार कार लेते सबसे पहले डैशबोर्ड पर लगे बड़े आधुनिक एंटरटेनमेंट पैनल देखते हैं। शियाओपेंग मोटर्स और ली ऑटो जैसी कंपनियां इंटरनेट उद्योग से आए उद्यमियों द्वारा बनाई गई हैं। फॉक्सवैगन ने शियाओपेंग मोटर्स से सिस्टम नॉलेज खरीदी। हुआवे की एक डिवीजन पांच अलग-अलग कार कंपनियों को सॉफ्टवेयर और एंटरटेनमेंट सिस्टम बेच रही है। इसने जेएसी जैसी सरकारी कंपनी को 1 लाख डॉलर से ज्यादा कीमत का लग्जरी ईवी ब्रांड ‘मेक्स्ट्रो’ लॉन्च करने में मदद की। गिली ने एआई स्टार्टअप स्टेपफन के साथ ऑटोनॉमस ड्राइविंग और आईफ्लाईटेक के साथ वॉयस रिकग्निशन के लिए करार किया। विशेषज्ञों के मुताबिक बीवाईडी का बैटरी नवाचार शानदार है। 10 मिनट की फास्ट चार्जिंग और -30 डिग्री सेल्सियस पर प्रदर्शन शानदार हैं। पर जब पूरा उद्योग सॉफ्टवेयर, एआई और एंटरटेनमेंट की तरफ मुड़ रहा हो, तो सिर्फ बैटरी के दम पर आगे बने रहना मुश्किल होता जा रहा है। सवाल यह है क्या ‘सब कुछ खुद बनाओ’ वाली सोच इस युग में भी काम आएगी? बीवाई ने रणनीति बदली गिरती बिक्री के बीच बीवाईडी ने जल्दबाजी में ऑटोनॉमस ड्राइविंग तकनीक पूरी तरह तैयार होने से पहले ही कई सस्ते मॉडलों में उतार दी। कई हादसे हुए। हुआवे के वरिष्ठ अधिकारी यू चेंगडोंग ने कहा, जो काफी अच्छा और सुरक्षित इंटेलिजेंट ड्राइविंग है, वो दो बिल्कुल अलग स्तर हैं। इस दबाव में वांग चुआनफू ने कहा- बीवाईडी पहली कंपनी होगी जो ऑटोनॉमस ड्राइविंग हादसों से होने वाले नुकसान की भरपाई करेगी। हेडक्वार्टर में अब एक नया प्रदर्शन होता है, ड्राइवर हाथ हटाकर बैठता है और कार खुद पार्किंग में अपनी जगह तय करती है।

ऋषिकेश में स्कूटी पर घूमती नजर आईं रवीना टंडन:परमार्थ निकेतन में गंगा आरती में हुईं शामिल, स्वामी चिदानंद सरस्वती का लिया आशीर्वाद

ऋषिकेश में स्कूटी पर घूमती नजर आईं रवीना टंडन:परमार्थ निकेतन में गंगा आरती में हुईं शामिल, स्वामी चिदानंद सरस्वती का लिया आशीर्वाद

बॉलीवुड अभिनेत्री रवीना टंडन ऋषिकेश के जानकी सेतु पर स्कूटी पर घूमती नजर आईं। अपने दो दिवसीय दौरे के दौरान रवीना टंडन परमार्थ निकेतन पहुंची थीं। स्कूटी पर जानकी पुल पार करती नजर आईं रवीना रवीना टंडन साड़ी पहने और मुंह पर पीला गमछा ओढ़े स्कूटी पर जानकी पुल पार करती नजर आईं। इस दौरान वह ‘हर हर गंगे’ के जयकारे भी लगा रही थीं। उन्हें देखकर मौके पर मौजूद लोगों ने उनकी सादगी की सराहना की। सैकड़ों लोग उन्हें देखने के लिए जमा हो गए और रवीना ने कई प्रशंसकों के साथ सेल्फी भी ली। गंगा आरती में हुईं शामिल रवीना टंडन ने परमार्थ निकेतन में कथा सुनी, गंगा आरती में हिस्सा लिया और गौ पूजन भी किया। इन दो दिनों में रवीना पूरी तरह भक्ति में लीन दिखीं। उन्होंने परमार्थ निकेतन के अध्यक्ष स्वामी चिदानंद सरस्वती का आशीर्वाद भी लिया। प्रवास के बाद लौंटी मुंबई अपने प्रवास के बाद रवीना मुंबई लौट गई हैं। रवीना अक्सर परमार्थ निकेतन आती रहती हैं और उनका मानना है कि सभी को जीवन में एक बार ऋषिकेश का दौरा करना चाहिए।

बिग टीएमसी स्प्लिट ब्रूइंग? सुखेंदु शेखर रॉय, 5 अन्य सांसदों ने दिल्ली में भाजपा नेता भूपेन्द्र यादव से मुलाकात की | भारत समाचार

Indian captain Harmanpreet Kaur. (Picture Credit: PTI)

आखरी अपडेट:08 जून, 2026, 14:18 IST पार्टी से इस्तीफा देने के कुछ घंटे बाद पूर्व टीएमसी सांसद सुखेंदु शेखर रॉय पांच टीएमसी सांसदों के साथ बीजेपी नेता भूपेन्द्र यादव के आवास पहुंचे। ममता को ताजा झटका: भाजपा नेताओं से मुलाकात करने वाले सांसदों में सुखेंदु, प्रसून बनर्जी तृणमूल कांग्रेस का संसदीय संकट तेजी से गहराता नजर आ रहा है. पार्टी और राज्यसभा से इस्तीफा देने के कुछ घंटे बाद पूर्व टीएमसी सांसद सुखेंदु शेखर रॉय पांच टीएमसी सांसदों के साथ बीजेपी नेता भूपेन्द्र यादव के आवास पहुंचे. बैठक में पश्चिम बंगाल के सीएम सुवेंदु अधिकारी भी मौजूद रहे. सूत्रों ने कहा कि बागी टीएमसी सांसद फिलहाल यादव से बातचीत कर रहे हैं। बैठक में भाग लेने वालों में टीएमसी के लोकसभा सांसद प्रसून बनर्जी भी शामिल हैं, जो पार्टी के संसदीय रैंकों में संभावित बड़े विभाजन का संकेत है। यह ऐसे समय में आया है जब ममता बनर्जी और अभिषेक बनर्जी इंडिया ब्लॉक बैठक के लिए राष्ट्रीय राजधानी में हैं। उपस्थित लोगों में बर्धमान पूर्व सांसद शर्मिला सरकार, हावड़ा सांसद प्रसून बनर्जी, कूच बिहार सांसद जगदीश चंद्र बसुनिया, बांकुरा सांसद अरूप चक्रवर्ती, झारग्राम सांसद कालीपद सोरेन और बोलपुर सांसद असित मल शामिल थे। एक सूत्र ने यह भी दावा किया कि मथुरापुर के सांसद बापी हलदर ने बैठक में भाग लिया। सुखेंदु रे के इस्तीफे पर प्रतिक्रिया देते हुए, बागी टीएमसी विधायक और विपक्ष के नेता ऋतब्रत बनर्जी ने कहा, “यह सिर्फ सुखेंदु के बारे में नहीं है। मैंने सुखेंदु से बात नहीं की है। लेकिन मैंने टीवी पर सुखेंदु के बयान देखे और सुने हैं। उन्होंने जो कहा है, उसमें से ज्यादातर से मैं सहमत हूं। और सुखेंदु संसद के उच्च सदन के कामकाज के बारे में बिल्कुल सही हैं। संसद प्रश्नोत्तरी का स्थान नहीं है…” चुनी हुई कहानियाँ, आपके इनबॉक्स में हमारी सर्वोत्तम पत्रकारिता वाला एक न्यूज़लेटर जमा करना लेखक के बारे में शुद्धान्त पात्र आठ साल के अनुभव के साथ एक अनुभवी पत्रकार, शुद्धंता पात्रा, सीएनएन न्यूज़ 18 में वरिष्ठ उप-संपादक के रूप में कार्यरत हैं। राष्ट्रीय राजनीति, भू-राजनीति, व्यावसायिक समाचारों में विशेषज्ञता के साथ, उन्होंने प्रभावित किया है…और पढ़ें जगह : दिल्ली, भारत, भारत न्यूज़ इंडिया बिग टीएमसी स्प्लिट ब्रूइंग? सुखेंदु शेखर रॉय, 5 अन्य सांसदों ने दिल्ली में भाजपा नेता भूपेन्द्र यादव से मुलाकात की अस्वीकरण: टिप्पणियाँ उपयोगकर्ताओं के विचार दर्शाती हैं, News18 के नहीं। कृपया चर्चाएँ सम्मानजनक और रचनात्मक रखें। अपमानजनक, मानहानिकारक, या अवैध टिप्पणियाँ हटा दी जाएंगी। News18 अपने विवेक से किसी भी टिप्पणी को अक्षम कर सकता है. पोस्ट करके, आप हमारी उपयोग की शर्तों और गोपनीयता नीति से सहमत होते हैं। और पढ़ें (टैग्सटूट्रांसलेट)टीएमसी(टी)टीएमसी संकट(टी)ममता बनर्जी(टी)तृणमूल कांग्रेस संकट(टी)टीएमसी संसदीय संकट(टी)सुखेंदु शेखर रॉय(टी)टीएमसी सांसदों की बैठक(टी)बीजेपी नेता भूपेन्द्र यादव(टी)पश्चिम बंगाल की राजनीति(टी)ममता बनर्जी(टी)सुवेंदु अधिकारी

10 राज्यों के 50 गांवों में पर्यटन के साथ लर्निंग:विदेशी बच्चों की पढ़ाई का हिस्सा बने भारतीय गांव, स्थानीय उत्पाद बिकने से सुधरी अर्थव्यवस्था

10 राज्यों के 50 गांवों में पर्यटन के साथ लर्निंग:विदेशी बच्चों की पढ़ाई का हिस्सा बने भारतीय गांव, स्थानीय उत्पाद बिकने से सुधरी अर्थव्यवस्था

टोटो, दुनिया की सबसे छोटी जनजाति है। पश्चिम बंगाल के टोटोपारा गांव में इस जनजाति के आखिरी बचे 1700 लोग रहते हैं। गांव अपनी पहचान के लिए संघर्ष कर रहा था, इकलौते स्कूल में एक अतिरिक्त कमरे की जरूरत थी। खानपान को बचाने के लिए महिलाएं कैफे खोलना चाहती थीं। टोटोपारा से 2500 किलोमीटर दूर बेंगलुरु की क्राइस्ट यूनिवर्सिटी के छात्रों का 14 सदस्यीय दल बीते साल इस गांव की विजिट पर आया। अपने 10 दिन के टूर में छात्रों ने महिलाओं के साथ मिलकर कैफे का प्राइसिंग मॉडल-मेन्यू बनाया। छात्रों की इस यात्रा से गांव को 6 लाख रु. की कमाई हुई। इससे स्कूल का कमरा तैयार हो गया, कैफे भी खुल गया। ‘लोकल नैरेटिव्स’ ने गांवों में पर्यटन को मनोरंजन तक सीमित नहीं रखा, बल्कि लर्निंग से जोड़ दिया। जापान-ऑस्ट्रेलिया के 10 संस्थान जुड़े ऑस्ट्रेलिया की यूनिवर्सिटी ऑफ न्यू कासल, क्वींसलैंड यूनिवर्सिटी और जापान में टोक्यो व नागोया के 8 स्कूलों के बच्चे इसे सीखने के लिए भारत आ रहे हैं। भारत के 50 गांव मेजबानी के लिए तैयार वैष्णवी बताती हैं, लोकल नैरेटिव्स की शुरुआत 2021 में हुई। कम्युनिटी आधारित पर्यटन का उद्देश्य लोकल की तरह गांव में रहकर जनजीवन समझना-सीखना है। इसमें 50 गांवों को मेजबानी के लिए तैयार किया है। इससे गांवों को भी फायदा हो रहा है। उत्तराखंड के सुनकिया में छात्रों की यात्रा के बाद वहां देश की पहली कम्युनिटी टूरिज्म प्लेबुक तैयार हुई। इससे पर्यटन में मदद मिल रही है। एक अन्य यात्रा में गोवा के असनोरा में बुनकर महिलाओं को खरीदारों से जोड़ा, इससे उनकी कमाई बढ़ी। वैष्णवी सोमानी फाउंडर- लोकल नैरेटिव्स IIM बेंगलुरु ने इसे क्रेडिट प्रोग्राम के रूप में अप्रूव किया वैष्णवी कहती हैं, हमने पर्यटन को लर्निंग से जोड़ा। इसके लिए 5 दिन का करिकुलम बनाया। इसमें लोकल नैरेटिव्स को-फैकल्टी था। IIM बेंगलुरु ने इस कोर्स को अप्रूव किया। यानी गांवों में सामाजिक उद्यमिता सीखने के बाद छात्रों को 3 क्रेडिट मतलब मार्क्स भी मिल रहे हैं। – जैसा रोमेश साहू को बताया

10 राज्यों के 50 गांवों में पर्यटन के साथ लर्निंग:विदेशी बच्चों की पढ़ाई का हिस्सा बने भारतीय गांव, स्थानीय उत्पाद बिकने से सुधरी अर्थव्यवस्था

10 राज्यों के 50 गांवों में पर्यटन के साथ लर्निंग:विदेशी बच्चों की पढ़ाई का हिस्सा बने भारतीय गांव, स्थानीय उत्पाद बिकने से सुधरी अर्थव्यवस्था

टोटो, दुनिया की सबसे छोटी जनजाति है। पश्चिम बंगाल के टोटोपारा गांव में इस जनजाति के आखिरी बचे 1700 लोग रहते हैं। गांव अपनी पहचान के लिए संघर्ष कर रहा था, इकलौते स्कूल में एक अतिरिक्त कमरे की जरूरत थी। खानपान को बचाने के लिए महिलाएं कैफे खोलना चाहती थीं। टोटोपारा से 2500 किलोमीटर दूर बेंगलुरु की क्राइस्ट यूनिवर्सिटी के छात्रों का 14 सदस्यीय दल बीते साल इस गांव की विजिट पर आया। अपने 10 दिन के टूर में छात्रों ने महिलाओं के साथ मिलकर कैफे का प्राइसिंग मॉडल-मेन्यू बनाया। छात्रों की इस यात्रा से गांव को 6 लाख रु. की कमाई हुई। इससे स्कूल का कमरा तैयार हो गया, कैफे भी खुल गया। ‘लोकल नैरेटिव्स’ ने गांवों में पर्यटन को मनोरंजन तक सीमित नहीं रखा, बल्कि लर्निंग से जोड़ दिया। जापान-ऑस्ट्रेलिया के 10 संस्थान जुड़े ऑस्ट्रेलिया की यूनिवर्सिटी ऑफ न्यू कासल, क्वींसलैंड यूनिवर्सिटी और जापान में टोक्यो व नागोया के 8 स्कूलों के बच्चे इसे सीखने के लिए भारत आ रहे हैं। भारत के 50 गांव मेजबानी के लिए तैयार वैष्णवी बताती हैं, लोकल नैरेटिव्स की शुरुआत 2021 में हुई। कम्युनिटी आधारित पर्यटन का उद्देश्य लोकल की तरह गांव में रहकर जनजीवन समझना-सीखना है। इसमें 50 गांवों को मेजबानी के लिए तैयार किया है। इससे गांवों को भी फायदा हो रहा है। उत्तराखंड के सुनकिया में छात्रों की यात्रा के बाद वहां देश की पहली कम्युनिटी टूरिज्म प्लेबुक तैयार हुई। इससे पर्यटन में मदद मिल रही है। एक अन्य यात्रा में गोवा के असनोरा में बुनकर महिलाओं को खरीदारों से जोड़ा, इससे उनकी कमाई बढ़ी। वैष्णवी सोमानी फाउंडर- लोकल नैरेटिव्स IIM बेंगलुरु ने इसे क्रेडिट प्रोग्राम के रूप में अप्रूव किया वैष्णवी कहती हैं, हमने पर्यटन को लर्निंग से जोड़ा। इसके लिए 5 दिन का करिकुलम बनाया। इसमें लोकल नैरेटिव्स को-फैकल्टी था। IIM बेंगलुरु ने इस कोर्स को अप्रूव किया। यानी गांवों में सामाजिक उद्यमिता सीखने के बाद छात्रों को 3 क्रेडिट मतलब मार्क्स भी मिल रहे हैं। – जैसा रोमेश साहू को बताया

करिश्मा कपूर ने बताई वेब सीरीज 'ब्राउन' की चुनौतियां:कॉप रीटा की भूमिका मेरे करियर में सबसे चुनौतीपूर्ण और सीख देने वाली रही

करिश्मा कपूर ने बताई वेब सीरीज 'ब्राउन' की चुनौतियां:कॉप रीटा की भूमिका मेरे करियर में सबसे चुनौतीपूर्ण और सीख देने वाली रही

करिश्मा कपूर अब ओटीटी पर अपने नए अवतार में नजर आ रही हैं। जी-5 की वेब सीरीज ‘ब्राउन’ में उन्होंने अपने किरदार, कोलकाता में मुश्किलों से भरी शूटिंग आदि पर खुलकर बात की… इस प्रोजेक्ट का हिस्सा कैसे बनीं? शुरुआत में मैंने इस प्रोजेक्ट के लिए साफ मना कर दिया था। कहानी और किरदार पसंद आए थे लेकिन 50-60 दिन कोलकाता में शूटिंग करने को लेकर मैं सहज नहीं थी। उस दौरान जी स्टूडियोज की टीम बार-बार मुझसे मिलती रही। मैं महबूब स्टूडियो में शूट कर रही थी, तब भी वे पहुंचे। आखिरकार मैंने 20 मिनट निकालकर निर्देशक अभिनय देव और टीम से बात की। रीटा ब्राउन के किरदार के बारे में सुनते ही मेरा नजरिया बदल गया और मैंने तुरंत हां कह दिया। रीटा ब्राउन जैसा किरदार निभाने के लिए कैसी तैयारी करनी पड़ी? रीटा मुझसे बिल्कुल अलग है। वह अल्कोहलिक है, चेन स्मोकर है और दवाइयों पर निर्भर रहती है। हमारा मकसद एक ऐसी महिला को दिखाना था जो अंदर से पूरी तरह टूट चुकी है। हमने मेकअप तक का इस्तेमाल नहीं किया। लगातार सिगरेट पीने की वजह से उसके होंठ तक खराब दिखाए गए हैं। यह मेरे करियर की सबसे चुनौतीपूर्ण और सीख देने वाली भूमिका रही। यह वर्दीधारी रोल बाकी पुलिस किरदारों से कितना अलग है? यह कोई टिपिकल फिट और एक्शन से भरपूर पुलिस अधिकारी नहीं है। शुरुआत में रीटा इतनी अनफिट है कि ठीक से दौड़ भी नहीं पाती। हमने दिखाया है कि वह मानसिक और शारीरिक रूप से कितनी टूटी हुई है। जैसे-जैसे कहानी आगे बढ़ती है और मर्डर मिस्ट्री खुलती है, उसका व्यक्तित्व भी बदलता है। उसका खुद को फिर से संभालना और मजबूत बनना ही इस कहानी की आत्मा है। कोलकाता में शूटिंग का अनुभव कैसा रहा? सच कहूं तो हम कोलकाता की सर्दियां, क्रिसमस का माहौल और शहर की खूबसूरती को कैमरे में कैद करना चाहते थे लेकिन कोविड की वजह से पूरा शेड्यूल बदल गया और जब हम वहां पहुंचे, तब भीषण गर्मी पड़ रही थी। तापमान 48 से 50 डिग्री सेल्सियस के बीच था। उस मौसम में रियल लोकेशंस पर शूटिंग करना आसान नहीं था। हमें लंबे-लंबे चेज सीक्वेंस, इन्वेस्टिगेशन वाले सीन और घंटों बाहर रहकर शूट करना पड़ता था। क्या यह कोलकाता को करीब से देखने का आपका पहला अनुभव था? मैं पहले भी कई बार इवेंट्स और प्रमोशन के लिए कोलकाता गई हूं, लेकिन इस प्रोजेक्ट के दौरान जिस तरह हमने शहर को जिया और अलग-अलग लोकेशंस पर शूट किया, वह अनुभव बिल्कुल नया और यादगार था। आपकी प्राथमिकताएं आज के दौर में कितनी बदली हैं? मुझे लगता है कि समय के साथ हर कलाकार की सोच और उसकी प्राथमिकताएं भी बदलती हैं। 90 के दशक में हमारा सिनेमा अलग था, वहां स्टारडम, गाने, बड़े सेट और कमर्शियल अपील का अपना महत्व था। मैंने उस दौर को भी पूरी तरह जिया और दर्शकों से बहुत प्यार पाया लेकिन आज का समय कंटेंट और किरदारों का है, जहां कलाकारों को खुद को नए तरीके से एक्सप्लोर करने का मौका मिलता है। आज मैं खुद को भाग्यशाली मानती हूं कि मुझे ऐसे रोल मिल रहे हैं।

20 सांसद, गुप्त बैठकें, बंद फोन: बंगाल से परे ममता बनर्जी के सामने संकट | भारत समाचार

Nepal Vs Hong Kong Final Live Score: Follow Latest Updates From The Asian Games Qualifier. (Picture Credit: IG/cricketassociationofnepal)

आखरी अपडेट:08 जून, 2026, 13:27 IST रिपोर्टों में कहा गया है कि लगभग 20 सांसद वर्तमान में दिल्ली में एक अज्ञात स्थान पर उन विकल्पों पर चर्चा करने के लिए एकत्र हुए हैं जिनमें एक अलग संसदीय ब्लॉक बनाना या टीएमसी से इस्तीफा देना शामिल है। टीएमसी में कोई भी बड़ा विभाजन न केवल राष्ट्रीय स्तर पर ममता बनर्जी के प्रभाव को कमजोर करेगा, बल्कि विपक्षी गठबंधन के भीतर संतुलन को भी बदल सकता है। (एआई-जनरेटेड इमेज) पश्चिम बंगाल विधानसभा में तृणमूल कांग्रेस में नाटकीय विद्रोह के कुछ ही दिनों बाद, संकेत उभर रहे हैं कि राजनीतिक संकट अब संसद तक जा सकता है। द इंडियन एक्सप्रेस की एक रिपोर्ट के अनुसार, तृणमूल कांग्रेस के लगभग 20 सांसद वर्तमान में दिल्ली में एक अज्ञात स्थान पर एकत्र हुए हैं और उन विकल्पों पर चर्चा कर रहे हैं जिनमें एक अलग संसदीय गुट बनाना या पार्टी से इस्तीफा देना भी शामिल है। यह घटनाक्रम ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली पार्टी के भीतर बढ़ती चिंताओं के बीच आया है कि बंगाल में पार्टी की विधायी शाखा को खंडित करने वाला विद्रोह जल्द ही संसदीय स्तर तक फैल सकता है। यह घटनाक्रम चिंताजनक क्षणों की एक श्रृंखला को जोड़ता है, जिनसे टीएमसी जूझ रही है, जिसमें एनडीटीवी द्वारा उद्धृत सूत्रों द्वारा किए गए दावे भी शामिल हैं कि जब पार्टी नेताओं ने उनसे संपर्क करने का प्रयास किया तो कई तृणमूल सांसदों से संपर्क नहीं हो सका, कुछ ने कथित तौर पर अपने फोन बंद कर दिए और नेतृत्व के साथ संचार से परहेज किया। यह भी पढ़ें | कहानी में ट्विस्ट? टीएमसी संकट गहराने के बाद ममता बनर्जी विद्रोहियों को वापस लाने की कैसे योजना बना रही हैं? एनडीटीवी ने बताया कि मुंबई से कोलकाता जा रहे तृणमूल कांग्रेस के एक वरिष्ठ सांसद रविवार शाम को दिल्ली में अनिर्धारित रूप से रुके। सूत्रों ने चैनल को बताया कि समझा जाता है कि संक्षिप्त पड़ाव के दौरान सांसद ने लोगों की नजरों से दूर कई कम-प्रोफ़ाइल बैठकें कीं। सूत्रों के मुताबिक, सांसद कोलकाता से सटे जिलों के एक निर्वाचन क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करते हैं। उत्तर 24 परगना के एक तृणमूल सांसद, जिन्हें कथित तौर पर विधानसभा टिकट के लिए नजरअंदाज कर दिया गया था, वह भी एक दिन से अधिक समय से संपर्क से बाहर हैं, पार्टी के अंदरूनी सूत्र इस चुप्पी को बढ़ते असंतोष का संकेत मान रहे हैं। सूत्रों ने अभिनेता से सांसद बने एक व्यक्ति की ओर भी इशारा किया, जो रविवार को दिल्ली पहुंचे और माना जाता है कि वे धीरे-धीरे खुद को पार्टी से दूर कर रहे हैं। उत्तर बंगाल के कम से कम दो सांसद भी नेतृत्व की चिंताओं को बढ़ा रहे हैं, जिनके बारे में कहा जाता है कि वे वर्तमान स्थिति से नाखुश हैं। पार्टी के अंदरूनी सूत्रों ने स्पष्टीकरण के रूप में यात्रा और कनेक्टिंग उड़ानों का हवाला दिया, लेकिन इस प्रकरण ने रैंकों के भीतर बढ़ते असंतोष की अटकलों को हवा दे दी। तृणमूल संकट में एक नया मोर्चा पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के बाद उथल-पुथल शुरू हो गई, जब तृणमूल विधायकों का एक बड़ा वर्ग विधानसभा में पार्टी के आधिकारिक नेतृत्व से अलग हो गया, जिससे ममता बनर्जी की सत्ता के लिए एक अभूतपूर्व चुनौती पैदा हो गई। विद्रोह जल्द ही एक नियमित आंतरिक असहमति से बंगाल में सत्ता में आने के बाद से पार्टी के सामने सबसे बड़े संकट में बदल गया। यह भी पढ़ें | ममता का चलो दिल्ली आंदोलन: भारत के लिए आउटरीच या टीएमसी का अस्तित्व संघर्ष? अब, ध्यान संसद पर केंद्रित हो गया है। द इंडियन एक्सप्रेस के अनुसार, विद्रोही सांसदों का मानना ​​है कि उनके पास स्वतंत्र रास्ता तय करने के लिए आवश्यक संख्या है, हालांकि प्रतिद्वंद्वी दावे इस बात पर कायम हैं कि कितने सांसद ममता बनर्जी के प्रति वफादार रहते हैं। जबकि असंतुष्टों ने कथित तौर पर लगभग 20 सांसदों के समर्थन का दावा किया है, तृणमूल नेतृत्व के करीबी नेताओं का कहना है कि विद्रोहियों ने अभी तक दल-बदल विरोधी प्रावधानों के तहत औपचारिक विभाजन के लिए आवश्यक ताकत हासिल नहीं की है। एनडीटीवी ने पहले बताया था कि कम से कम 20 तृणमूल सांसद राजनीतिक मध्यस्थों के संपर्क में थे और पार्टी के भीतर बढ़ते असंतोष के बीच विकल्प तलाश रहे थे। कुछ बागी नेताओं ने यह भी दावा किया कि अभिषेक बनर्जी को पार्टी के संसदीय नेता के पद से हटाने के प्रयास चल रहे हैं। ममता का दिल्ली मिशन यह संकट राजनीतिक रूप से संवेदनशील क्षण में सामने आया है। ममता बनर्जी आधिकारिक तौर पर विपक्षी चर्चा में भाग लेने के लिए इंडिया ब्लॉक की बैठक से पहले दिल्ली पहुंचीं। हालाँकि, कई रिपोर्टों से पता चलता है कि उनकी अपनी संसदीय पार्टी के भीतर विभाजन को रोकना भी उतनी ही जरूरी प्राथमिकता बन गई है। अभिषेक बनर्जी सहित वरिष्ठ नेता इस आशंका के बीच सांसदों के साथ विचार-विमर्श कर रहे हैं कि असंतुष्ट लोग औपचारिक रूप से संसद में अलग मान्यता की मांग कर सकते हैं। दांव महत्वपूर्ण हैं. तृणमूल वर्तमान में संसद में सबसे बड़े विपक्षी दलों में से एक और इंडिया ब्लॉक का एक प्रमुख घटक बना हुआ है। कोई भी बड़ा विभाजन न केवल राष्ट्रीय स्तर पर ममता बनर्जी के प्रभाव को कमजोर करेगा बल्कि ऐसे समय में विपक्षी गठबंधन के भीतर संतुलन को भी बदल सकता है जब पार्टियां मानसून सत्र और भविष्य की चुनावी लड़ाई से पहले फिर से संगठित होने का प्रयास कर रही हैं। विद्रोह को दबाने की कोशिश में, बनर्जी ने संगठनात्मक फेरबदल किया। जबकि अभिषेक बनर्जी पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव बने रहेंगे, दो संयुक्त राष्ट्रीय सचिव, राज्यसभा सांसद डेरेक ओ’ब्रायन और डोला सेन को नियुक्त किया गया है। यह भी पढ़ें | इंडिया ब्लॉक को किसने डुबाया? जदयू के संजय झा ने ममता, केजरीवाल द्वारा ‘तोड़फोड़’ की ओर इशारा किया अफवाहें, इस्तीफे और अनिश्चितता अनिश्चितता सोमवार को और अधिक गहरा गई जब वरिष्ठ तृणमूल नेता और राज्यसभा सांसद सुखेंदु शेखर रॉय ने संसद और पार्टी दोनों से अपने इस्तीफे की घोषणा की, जो संकट शुरू होने के बाद से सबसे अधिक प्रोफ़ाइल निकासियों में से एक बन गया। उनके जाने से अटकलें तेज हो गई हैं कि अगर नेतृत्व विद्रोह

वैभव सूर्यवंशी पर फिदा कंगना रनौत, बोलीं-'वर्ल्ड कप लेकर आओ’:सौरव गांगुली ने कहा- वैभव को संभलकर खेलना होगा, ब्रिटेन की परिस्थितियां बहुत अलग होंगी

वैभव सूर्यवंशी पर फिदा कंगना रनौत, बोलीं-'वर्ल्ड कप लेकर आओ’:सौरव गांगुली ने कहा- वैभव को संभलकर खेलना होगा, ब्रिटेन की परिस्थितियां बहुत अलग होंगी

भारतीय क्रिकेटर वैभव सूर्यवंशी को भारतीय क्रिकेट टीम में चयन के बाद दुनिया भर से तारीफ मिल रही है। अब बॉलीवुड अभिनेत्री और भाजपा सांसद कंगना रनौत ने भी वैभव की जमकर तारीफ की। उन्होंने वैभव से वर्ल्ड कप की डिमांड कर दी है। कंगना ने कहा कि, ‘हमारे पास क्रिकेट देखने का टाइम नहीं होता है, लेकिन मैं क्रिकेट में इस यंग मैन को बेस्ट विशेज देती हूं। वह भी सचिन और विराट की तरह अच्छा करें। उस पर प्रेशर नहीं है, मगर वर्ल्ड कप लेकर आओ यार।’ वैभव सूर्यवंशी को उसके हाल पर छोड़ देना चाहिए दूसरी ओर पूर्व कप्तान सौरव गांगुली ने भारत के लिए डेब्यू की दहलीज पर खड़े स्टार युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी को लेकर कहा कि, ‘मेरा मानना है कि हमें उसे उसके हाल पर छोड़ देना चाहिए। वह अभी महज 15 साल का है और मुझे नहीं लगता कि वह दबाव की ज्यादा परवाह करेगा। आईपीएल में भी हमने यही देखा है।’ वैभव को संभलकर खेलना होगा गांगुली आगे कहा कि, ‘निश्चित रूप से भारत के लिए खेलना अलग बात है। वह ऐसे दौरे पर जाएगा, जहां विकेट थोड़े अलग होंगे। वहां गेंद अधिक सीम करेगी, उछाल ज्यादा होगा और नई गेंद से अधिक मूवमेंट मिलेगा। इसलिए खेल थोड़ा अलग होगा, लेकिन मुझे लगता है कि उसमें अपार प्रतिभा है। इसलिए उसे समय दीजिए। वैभव सूर्यवंशी का सिलेक्शन इंडियन टीम में हुआ बिहार के वैभव सूर्यवंशी का सिलेक्शन इंडियन टीम में हो गया है। वह इंडियन क्रिकेट टीम में चुने गए अब तक के सबसे युवा खिलाड़ी बन गए हैं। उन्होंने सचिन तेंदुलकर का भी रिकॉर्ड तोड़ दिया है। वैभव ने सचिन तेंदुलकर का रिकॉर्ड तोड़ दिया है। पुरुष क्रिकेटर्स में सचिन तेंदुलकर 16 साल, 194 दिन की उम्र में भारतीय टीम में चुने गए थे। वहीं, वैभव 15 साल 71 दिन में चुने गए हैं। वैभव को जून-जुलाई में आयरलैंड और इंग्लैंड के खिलाफ टी-20 सीरीज के साथ-साथ सितंबर में होने वाले एशियन गेम्स के लिए चुना गया है। IPL में उनके बेहतर प्रदर्शन के बाद यह फैसला लिया गया है। IPL फाइनल में 15 साल के वैभव ने जीते थे 5 अवार्ड IPL फाइनल में 15 साल के वैभव ने 5 अवार्ड अपने नाम किए हैं। वैभव को सबसे ज्यादा रन बनाने के लिए ऑरेंज कैप के साथ इमर्जिंग प्लेयर ऑफ द सीजन, मोस्ट वैलुएबल प्लेयर, सुपर स्ट्राइकर ऑफ द सीजन और मोस्ट सिक्सेज का भी खिताब मिला है। इन पुरस्कारों के जरिए उन्होंने कुल 45 लाख रुपये की इनामी राशि हासिल की, जबकि सुपर स्ट्राइकर ऑफ द सीजन बनने पर उन्हें टाटा सियेरा कार भी पुरस्कार में मिली। ऑरेंज कैप जीतने वाले सबसे युवा खिलाड़ी बने वैभव वैभव को ऑरेंज कैप मिला है। वह ऑरेंज कैप जीतने वाले सबसे युवा खिलाड़ी बन गए हैं। उन्होंने महज 15 साल और 65 दिन की उम्र में यह उपलब्धि अपने नाम की है। 16 मैचों में उन्होंने 776 रन बनाए हैं, जो इस सीजन किसी भी बल्लेबाज के सबसे ज्यादा रन हैं। इस बीच उन्होंने एक शतक और 5 अर्धशतक भी अपने नाम किए हैं। वैभव ने साई सुदर्शन का रिकॉर्ड तोड़ दिया है। साई सुदर्शन आईपीएल 2025 में ऑरेंज कैप जीतने वाले सबसे युवा खिलाड़ी बने थे। उन्होंने ये उपलब्धि 23 साल 237 दिन की उम्र में हासिल की थी। एक सीजन में 72 छक्कों का रिकॉर्ड वैभव ने सीजन में सबसे ज्यादा 237.30 के स्ट्राइक रेट से भी रन बनाए और ‘सुपर स्ट्राइकर ऑफ द सीजन’ का अवार्ड अपने नाम किया। आईपीएल के इतिहास में इतने स्ट्राइक रेट से किसी भी खिलाड़ी ने 700 या उससे ज्यादा रन नहीं बनाए। वहीं, सूर्यवंशी ने इस सीजन में रिकॉर्ड 72 छक्के लगाए। वह एक IPL सीजन में सबसे ज्यादा छक्के लगाने वाले खिलाड़ी बने। इससे पहले ये रिकार्ड क्रिस गेल के नाम था, जिन्होंने 59 छक्के लगाए थे। इस सीजन में जोरदार प्रदर्शन करने वाले सूर्यवंशी को ‘इमर्जिंग प्लेयर ऑफ द सीजन’ भी चुना गया है। एक सीजन में पावरप्ले में 500+ रन बनाने वाले पहले खिलाड़ी सूर्यवंशी ने गुजरात के खिलाफ पावरप्ले में 31 रन बनाए। इसके साथ ही वह एक IPL सीजन के पावरप्ले में 500 रन पूरे करने वाले पहले बल्लेबाज बन गए हैं। उन्होंने इस सीजन पावरप्ले में 233.63 के स्ट्राइक रेट से 521 रन बनाए हैं। इससे पहले यह रिकॉर्ड सनराइजर्स हैदराबाद के डेविड वॉर्नर के नाम था, जिन्होंने 2016 में पावरप्ले में 467 रन बनाए थे। IPL में सबसे कम पारियों में 1000 रन बनाने वाले भारतीय सूर्यवंशी ने न्यू चंडीगढ़ में IPL में अपने 1000 रन भी पूरे कर लिए। वे अपनी 23वीं पारी में इस आंकड़े तक पहुंचे। वे IPL में सबसे तेज 1000 रन बनाने वाले भारतीय बने। उन्होेंने साई सुदर्शन को पीछे छोड़ा, जिन्होंने इसके लिए 25 पारी खेली थी। ओवरऑल IPL में सबसे कम पारी में हजार रन बनाने वाले खिलाड़ियों में वे शॉन मार्श (21 पारी) और लेंडल सिमंस (23 पारी) के बाद तीसरे नंबर पर हैं। IPL में सबसे ज्यादा बार 90s में आउट होने की बराबरी सूर्यवंशी ने गुजरात के खिलाफ क्वालीफायर-2 में 96 रन पर आउट हुए। वे IPL में सबसे ज्यादा बार ‘नर्वस नाइंटीज’ (90-99 रन) का शिकार होने वाले खिलाड़ियों में शामिल हो गए हैं। वे इसी सीजन पिछली चार पारी में तीसरी बार 90 से 99 रन के बीच आउट हुए। इससे पहले डेविड वॉर्नर, केएल राहुल, ग्लेन मैक्सवेल और ऋतुराज गायकवाड़ IPL में 3-3 बार 90s में आउट हो चुके हैं। IPL के एक सीजन के प्लेऑफ में सबसे ज्यादा सिक्स लगाने वाले बल्लेबाज सूर्यवंशी ने क्वालीफायर-2 के मुकाबले में 7 छक्के लगाए। इसके साथ ही वे IPL के एक सीजन में प्लेऑफ में सबसे ज्यादा सिक्स लगाने वाले खिलाड़ी बन गए। उन्होंने एलिमिनेटर में हैदराबाद के खिलाफ 12 छक्के लगाए थे। उनके प्लेऑफ में 19 छक्के हो गए हैं। इस मामले में उन्होंने ऋद्धिमान साहा (2014) और शुभमन गिल (2023) का 11-11 छक्कों का रिकॉर्ड तोड़ा। IPL प्लेऑफ में दो 50+ स्कोर बनाने वाले राजस्थान के तीसरे बल्लेबाज वैभव ने गुजरात के खिलाफ फिफ्टी लगाई। इसके साथ ही वे IPL प्लेऑफ में दो 50+ स्कोर करने वाले राजस्थान के तीसरे खिलाड़ी बन

वैभव सूर्यवंशी पर फिदा कंगना, बोलीं-'वर्ल्ड कप लेकर आओ यार’:सौरव गांगुली ने कहा- वैभव को संभलकर खेलना होगा, ब्रिटेन की परिस्थितियां बहुत अलग होगी

वैभव सूर्यवंशी पर फिदा कंगना, बोलीं-'वर्ल्ड कप लेकर आओ यार’:सौरव गांगुली ने कहा- वैभव को संभलकर खेलना होगा, ब्रिटेन की परिस्थितियां बहुत अलग होगी

भारतीय क्रिकेटर वैभव सूर्यवंशी को भारतीय क्रिकेट टीम में चयन के बाद दुनिया भर से तारीफ मिल रही है। अब बॉलीवुड अभिनेत्री और भाजपा सांसद कंगना रनौत ने भी वैभव की जमकर तारीफ की। उन्होंने वैभव से वर्ल्ड कप की डिमांड कर दी है। कंगना ने कहा कि, ‘हमारे पास क्रिकेट देखने का टाइम नहीं होता है, लेकिन मैं क्रिकेट में इस यंग मैन को बेस्ट विशेज देती हूं। वह भी सचिन और विराट की तरह अच्छा करें। उस पर प्रेशर नहीं है, मगर वर्ल्ड कप लेकर आओ यार।’ वैभव सूर्यवंशी को उसके हाल पर छोड़ देना चाहिए दूसरी ओर पूर्व कप्तान सौरव गांगुली ने भारत के लिए डेब्यू की दहलीज पर खड़े स्टार युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी को लेकर कहा कि, ‘मेरा मानना है कि हमें उसे उसके हाल पर छोड़ देना चाहिए। वह अभी महज 15 साल का है और मुझे नहीं लगता कि वह दबाव की ज्यादा परवाह करेगा। आईपीएल में भी हमने यही देखा है।’ वैभव को संभलकर खेलना होगा गांगुली आगे कहा कि, ‘निश्चित रूप से भारत के लिए खेलना अलग बात है। वह ऐसे दौरे पर जाएगा, जहां विकेट थोड़े अलग होंगे। वहां गेंद अधिक सीम करेगी, उछाल ज्यादा होगा और नई गेंद से अधिक मूवमेंट मिलेगा। इसलिए खेल थोड़ा अलग होगा, लेकिन मुझे लगता है कि उसमें अपार प्रतिभा है। इसलिए उसे समय दीजिए। वैभव सूर्यवंशी का सिलेक्शन इंडियन टीम में हुआ बिहार के वैभव सूर्यवंशी का सिलेक्शन इंडियन टीम में हो गया है। वह इंडियन क्रिकेट टीम में चुने गए अब तक के सबसे युवा खिलाड़ी बन गए हैं। उन्होंने सचिन तेंदुलकर का भी रिकॉर्ड तोड़ दिया है। वैभव ने सचिन तेंदुलकर का रिकॉर्ड तोड़ दिया है। पुरुष क्रिकेटर्स में सचिन तेंदुलकर 16 साल, 194 दिन की उम्र में भारतीय टीम में चुने गए थे। वहीं, वैभव 15 साल 71 दिन में चुने गए हैं। वैभव को जून-जुलाई में आयरलैंड और इंग्लैंड के खिलाफ टी-20 सीरीज के साथ-साथ सितंबर में होने वाले एशियन गेम्स के लिए चुना गया है। IPL में उनके बेहतर प्रदर्शन के बाद यह फैसला लिया गया है। IPL फाइनल में 15 साल के वैभव ने जीते थे 5 अवार्ड IPL फाइनल में 15 साल के वैभव ने 5 अवार्ड अपने नाम किए हैं। वैभव को सबसे ज्यादा रन बनाने के लिए ऑरेंज कैप के साथ इमर्जिंग प्लेयर ऑफ द सीजन, मोस्ट वैलुएबल प्लेयर, सुपर स्ट्राइकर ऑफ द सीजन और मोस्ट सिक्सेज का भी खिताब मिला है। इन पुरस्कारों के जरिए उन्होंने कुल 45 लाख रुपये की इनामी राशि हासिल की, जबकि सुपर स्ट्राइकर ऑफ द सीजन बनने पर उन्हें टाटा सियेरा कार भी पुरस्कार में मिली। ऑरेंज कैप जीतने वाले सबसे युवा खिलाड़ी बने वैभव वैभव को ऑरेंज कैप मिला है। वह ऑरेंज कैप जीतने वाले सबसे युवा खिलाड़ी बन गए हैं। उन्होंने महज 15 साल और 65 दिन की उम्र में यह उपलब्धि अपने नाम की है। 16 मैचों में उन्होंने 776 रन बनाए हैं, जो इस सीजन किसी भी बल्लेबाज के सबसे ज्यादा रन हैं। इस बीच उन्होंने एक शतक और 5 अर्धशतक भी अपने नाम किए हैं। वैभव ने साई सुदर्शन का रिकॉर्ड तोड़ दिया है। साई सुदर्शन आईपीएल 2025 में ऑरेंज कैप जीतने वाले सबसे युवा खिलाड़ी बने थे। उन्होंने ये उपलब्धि 23 साल 237 दिन की उम्र में हासिल की थी। एक सीजन में 72 छक्कों का रिकॉर्ड वैभव ने सीजन में सबसे ज्यादा 237.30 के स्ट्राइक रेट से भी रन बनाए और ‘सुपर स्ट्राइकर ऑफ द सीजन’ का अवार्ड अपने नाम किया। आईपीएल के इतिहास में इतने स्ट्राइक रेट से किसी भी खिलाड़ी ने 700 या उससे ज्यादा रन नहीं बनाए। वहीं, सूर्यवंशी ने इस सीजन में रिकॉर्ड 72 छक्के लगाए। वह एक IPL सीजन में सबसे ज्यादा छक्के लगाने वाले खिलाड़ी बने। इससे पहले ये रिकार्ड क्रिस गेल के नाम था, जिन्होंने 59 छक्के लगाए थे। इस सीजन में जोरदार प्रदर्शन करने वाले सूर्यवंशी को ‘इमर्जिंग प्लेयर ऑफ द सीजन’ भी चुना गया है। एक सीजन में पावरप्ले में 500+ रन बनाने वाले पहले खिलाड़ी सूर्यवंशी ने गुजरात के खिलाफ पावरप्ले में 31 रन बनाए। इसके साथ ही वह एक IPL सीजन के पावरप्ले में 500 रन पूरे करने वाले पहले बल्लेबाज बन गए हैं। उन्होंने इस सीजन पावरप्ले में 233.63 के स्ट्राइक रेट से 521 रन बनाए हैं। इससे पहले यह रिकॉर्ड सनराइजर्स हैदराबाद के डेविड वॉर्नर के नाम था, जिन्होंने 2016 में पावरप्ले में 467 रन बनाए थे। IPL में सबसे कम पारियों में 1000 रन बनाने वाले भारतीय सूर्यवंशी ने न्यू चंडीगढ़ में IPL में अपने 1000 रन भी पूरे कर लिए। वे अपनी 23वीं पारी में इस आंकड़े तक पहुंचे। वे IPL में सबसे तेज 1000 रन बनाने वाले भारतीय बने। उन्होेंने साई सुदर्शन को पीछे छोड़ा, जिन्होंने इसके लिए 25 पारी खेली थी। ओवरऑल IPL में सबसे कम पारी में हजार रन बनाने वाले खिलाड़ियों में वे शॉन मार्श (21 पारी) और लेंडल सिमंस (23 पारी) के बाद तीसरे नंबर पर हैं। IPL में सबसे ज्यादा बार 90s में आउट होने की बराबरी सूर्यवंशी ने गुजरात के खिलाफ क्वालीफायर-2 में 96 रन पर आउट हुए। वे IPL में सबसे ज्यादा बार ‘नर्वस नाइंटीज’ (90-99 रन) का शिकार होने वाले खिलाड़ियों में शामिल हो गए हैं। वे इसी सीजन पिछली चार पारी में तीसरी बार 90 से 99 रन के बीच आउट हुए। इससे पहले डेविड वॉर्नर, केएल राहुल, ग्लेन मैक्सवेल और ऋतुराज गायकवाड़ IPL में 3-3 बार 90s में आउट हो चुके हैं। IPL के एक सीजन के प्लेऑफ में सबसे ज्यादा सिक्स लगाने वाले बल्लेबाज सूर्यवंशी ने क्वालीफायर-2 के मुकाबले में 7 छक्के लगाए। इसके साथ ही वे IPL के एक सीजन में प्लेऑफ में सबसे ज्यादा सिक्स लगाने वाले खिलाड़ी बन गए। उन्होंने एलिमिनेटर में हैदराबाद के खिलाफ 12 छक्के लगाए थे। उनके प्लेऑफ में 19 छक्के हो गए हैं। इस मामले में उन्होंने ऋद्धिमान साहा (2014) और शुभमन गिल (2023) का 11-11 छक्कों का रिकॉर्ड तोड़ा। IPL प्लेऑफ में दो 50+ स्कोर बनाने वाले राजस्थान के तीसरे बल्लेबाज वैभव ने गुजरात के खिलाफ फिफ्टी लगाई। इसके साथ ही वे IPL प्लेऑफ में दो 50+ स्कोर करने वाले राजस्थान के तीसरे खिलाड़ी बन

चांदी ₹15,748 गिरकर ₹2.41 लाख किलो पर आई:ऑलटाइम हाई से ₹1.45 लाख गिर चुकी, सोना आज ₹3,470 टूटा; 10 ग्राम की कीमत ₹1.51 लाख

चांदी ₹15,748 गिरकर ₹2.41 लाख किलो पर आई:ऑलटाइम हाई से ₹1.45 लाख गिर चुकी, सोना आज ₹3,470 टूटा; 10 ग्राम की कीमत ₹1.51 लाख

मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव की वजह से आज यानी 8 जून को सोने-चांदी के दाम में गिरावट है। इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन (IBJA) के अनुसार, 10 ग्राम 24 कैरेट सोने का दाम आज 3,470 रुपए गिरकर 1.51 लाख रुपए हो गया है। वहीं 1 किलो चांदी की कीमत 15,748 रुपए कम होकर 2.41 लाख रुपए पर आ गई है। एक्सपर्ट्स के अनुसार जियो पॉलिटिकल टेंशन के चलते लोग मार्केट से पैसा निकालकर अपने पास कैश रख रहे हैं। कैरेट के हिसाब से सोने की कीमत देश के बड़े शहरों में सोने की कीमत सोर्स: goodreturns 8 जून 2026 ऑल टाइम हाई से 1.45 लाख रुपए गिरी चांदी इस साल सोने-चांदी की कीमत में लगातार उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहा है। 31 दिसंबर 2025 को सोने के दाम 1.33 लाख रुपए थे, जो 29 जनवरी को बढ़कर 1.76 लाख रुपए के सबसे ऊपरी स्तर पर पहुंच गए थे। तब से अब तक सोना 25 हजार रुपए सस्ता हो चुका है। वहीं, चांदी के कीमत 31 दिसंबर 2025 को 2.30 लाख रुपए थी, जो 29 जनवरी को 3.86 लाख रुपए के ऑल टाइम हाई पर पहुंच गई थी। तब से अब तक 130 दिन में चांदी 1.45 लाख रुपए सस्ती हो गई है। सोना 130 दिन में ₹25 हजार और चांदी ₹1.45 लाख सस्ती सोर्स: IBJA गिरावट के मुख्य कारण: मेटल छोड़कर ‘कैश’ पर भरोसा आमतौर पर जंग के माहौल में सोने-चांदी के दाम बढ़ते हैं, लेकिन इस बार स्थिति थोड़ी अलग है: