पीएम मोदी के दबाव के बाद गडकरी से लेकर नड्डा और रिजिजू तक, मंत्री कैबिनेट मीटिंग के लिए कार में बैठे | भारत समाचार

आखरी अपडेट:03 जून, 2026, 14:44 IST इस प्रयास का उद्देश्य “आप जो उपदेश देते हैं उसका अभ्यास करें” के सिद्धांत को सुदृढ़ करना है, सार्वजनिक पद पर बैठे लोग नागरिकों के लिए एक उदाहरण स्थापित कर रहे हैं। (बाएं से) केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत और प्रह्लाद जोशी एक साथ यात्रा करते हैं; और केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान, सीआर पाटिल और जी किशन रेड्डी ने कारपूल की। कारपूलिंग बुधवार को केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक की परिभाषित विशेषता के रूप में उभरी, क्योंकि कई वरिष्ठ मंत्री सेवा तीर्थ में बैठक के लिए एक साथ पहुंचे, जो स्थायी और जिम्मेदार सार्वजनिक आचरण के लिए प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी के हालिया प्रयास को दर्शाता है। राष्ट्रीय राजधानी में एक असामान्य दृश्य में, कई केंद्रीय मंत्रियों ने अलग-अलग वाहनों के काफिले को छोड़कर अपने कैबिनेट सहयोगियों के साथ प्रधानमंत्री कार्यालय परिसर तक यात्रा करने का फैसला किया। सवारी साझा करने वालों में केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी और जेपी नड्डा भी शामिल थे। संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने एनडीए सहयोगियों राजीव रंजन सिंह उर्फ ललन सिंह और केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल खट्टर के साथ यात्रा की। केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी और गजेंद्र सिंह शेखावत, जो एक-दूसरे के करीब रहते हैं, भी कैबिनेट बैठक में एक साथ गए। इसी तरह, केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने साथी कैबिनेट सहयोगी मनसुख मंडाविया के साथ एक सवारी साझा की। यह कदम पिछली कैबिनेट बैठक के दौरान पीएम मोदी द्वारा दिए गए सुझाव के बाद उठाया गया है, जहां समझा जाता है कि उन्होंने मंत्रियों को एक ही गंतव्य की यात्रा करते समय कारपूलिंग अपनाने के लिए प्रोत्साहित किया था। “आपमें से कितने लोग इस समय कारपूलिंग कर रहे हैं?” बताया जाता है कि प्रधानमंत्री ने ईंधन की खपत कम करने और अनावश्यक यात्रा से बचने की आवश्यकता पर जोर देते हुए अपने कैबिनेट सहयोगियों से कहा है। इस पहल को स्थिरता और उदाहरण के तौर पर आगे बढ़ने पर सरकार के व्यापक जोर के हिस्से के रूप में देखा जा रहा है। प्रधानमंत्री की अपील के बाद, कई केंद्रीय मंत्रियों ने कथित तौर पर आधिकारिक आंदोलनों के दौरान अपने साथ जाने वाले वाहनों की संख्या कम कर दी है। यह संदेश केंद्र के बाहर भी गूंजा है। बीजेपी और एनडीए शासित राज्यों के मुख्यमंत्रियों ने भी इसी तरह अपने आधिकारिक सहयोगियों को कम करने की मांग की है। कुछ मामलों में, मंत्रियों और वरिष्ठ राजनीतिक नेताओं ने नियमित यात्रा के लिए दिल्ली मेट्रो सहित सार्वजनिक परिवहन का विकल्प चुना है। सरकारी सूत्रों का कहना है कि इस प्रयास का उद्देश्य “आप जो उपदेश देते हैं उसका अभ्यास करें” के सिद्धांत को मजबूत करना है, सार्वजनिक पद पर बैठे लोग यात्रा के अधिक कुशल और पर्यावरण के प्रति जागरूक तरीकों के माध्यम से नागरिकों के लिए एक उदाहरण स्थापित कर रहे हैं। चुनी हुई कहानियाँ, आपके इनबॉक्स में हमारी सर्वोत्तम पत्रकारिता वाला एक न्यूज़लेटर जमा करना न्यूज़ इंडिया पीएम मोदी के दबाव के बाद गडकरी से लेकर नड्डा और रिजिजू तक, मंत्री कारपूल से कैबिनेट मीटिंग तक पहुंचे अस्वीकरण: टिप्पणियाँ उपयोगकर्ताओं के विचार दर्शाती हैं, News18 के नहीं। कृपया चर्चाएँ सम्मानजनक और रचनात्मक रखें। अपमानजनक, मानहानिकारक, या अवैध टिप्पणियाँ हटा दी जाएंगी। News18 अपने विवेक से किसी भी टिप्पणी को अक्षम कर सकता है. पोस्ट करके, आप हमारी उपयोग की शर्तों और गोपनीयता नीति से सहमत होते हैं। और पढ़ें (टैग्सटूट्रांसलेट)भारतीय मंत्रियों द्वारा कारपूलिंग(टी)मोदी स्थिरता धक्का(टी)केंद्रीय मंत्रिमंडल कारपूलिंग(टी)भारतीय मंत्रियों ने साझा सवारी(टी)ईंधन की खपत कम करें(टी)सरकारी स्थिरता पहल(टी)आप जो उपदेश देते हैं उसका अभ्यास करें(टी)आधिकारिक काफिलों में कमी
जैकलीन ₹200 करोड़ के मनी लॉन्ड्रिंग मामले में कोर्ट पहुंचीं:खुद को बेकसूर बताया; सुकेश के ठगी के पैसों से महंगे गिफ्ट लेने के आरोप

बॉलीवुड एक्ट्रेस जैकलीन फर्नांडिस 200 करोड़ रुपए के मनी लॉन्ड्रिंग मामले में बुधवार को दिल्ली की पटियाला हाउस कोर्ट में पेश हुईं। कोर्ट में सुनवाई के दौरान एक्ट्रेस ने अपने ऊपर लगे सभी आरोपों को पूरी तरह से गलत बताया और उन्हें खारिज कर दिया। कोर्ट की कार्यवाही खत्म होते ही जैकलीन सीधे परिसर से बाहर निकलकर रवाना हो गईं। प्रवर्तन निदेशालय (ED) इस मामले में मुख्य आरोपी सुकेश चंद्रशेखर के साथ जैकलीन की भूमिका और पैसों के लेन-देन की जांच कर रहा है। कोर्ट में आरोपों को किया खारिज जैकलीन फर्नांडिस बुधवार को दिल्ली की पटियाला हाउस कोर्ट पहुंची थीं। कोर्ट में उनके खिलाफ तय किए जा रहे आरोपों को लेकर बहस हुई। जैकलीन ने जज के सामने अपना पक्ष रखते हुए कहा कि उन पर लगाए गए मनी लॉन्ड्रिंग के सारे आरोप बेबुनियाद हैं। उन्होंने किसी भी तरह के गलत लेन-देन में शामिल होने से साफ इनकार किया है। सुनवाई पूरी होने के बाद कोर्ट परिसर से बाहर निकलते हुए जैकलीन के वीडियो और तस्वीरें भी सामने आई हैं, जहां वे मीडिया से बिना बात किए अपनी गाड़ी में बैठकर निकल गईं। क्या है 200 करोड़ का यह मामला यह पूरा मामला हाई-प्रोफाइल ठग सुकेश चंद्रशेखर से जुड़ा है। सुकेश पर आरोप है कि उसने दिल्ली की रोहिणी जेल के अंदर से ही फोर्टिस हेल्थकेयर के पूर्व प्रमोटर शिविंदर सिंह की पत्नी अदिति सिंह से 200 करोड़ रुपए की जबरन वसूली की थी। जांच एजेंसी ED का दावा है कि सुकेश ने इसी वसूली की रकम का एक बड़ा हिस्सा जैकलीन फर्नांडिस और उनके परिवार पर खर्च किया था। सुकेश ने जैकलीन को लुभाने के लिए करोड़ों रुपए के गिफ्ट दिए थे। ED की सप्लीमेंट्री चार्जशीट में आरोपी हैं जैकलीन प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने इस मामले की जांच के बाद दाखिल की गई अपनी सप्लीमेंट्री चार्जशीट में जैकलीन फर्नांडिस को भी आरोपी बनाया था। ED का कहना है कि जैकलीन को सुकेश के आपराधिक बैकग्राउंड और जबरन वसूली के पैसों के बारे में पहले से जानकारी थी, इसके बावजूद उन्होंने उससे महंगे तोहफे लेना जारी रखा। इन गिफ्ट्स में लग्जरी गाड़ियां, महंगे ब्रांडेड बैग, कपड़े, ज्वेलरी और कई कीमती पेट्स (पालतू जानवर) शामिल थे। लीगल टीम की दलील- जैकलीन खुद पीड़ित हैं दूसरी तरफ, जैकलीन फर्नांडिस की लीगल टीम लगातार कोर्ट में यह दलील दे रही है कि एक्ट्रेस इस मामले में पूरी तरह निर्दोष हैं। उनके वकीलों का कहना है कि जैकलीन खुद सुकेश चंद्रशेखर की साजिश का शिकार हुई हैं और उन्होंने सुकेश को एक बिजनेसमैन समझकर उससे दोस्ती की थी। जांच के दौरान सुकेश और जैकलीन की कई निजी तस्वीरें भी सोशल मीडिया पर वायरल हुई थीं। फिलहाल इस मामले में कोर्ट यह तय कर रहा है कि आरोपों के आधार पर केस को आगे कैसे बढ़ाया जाए।
जैकलीन ₹200 करोड़ के मनी लॉन्ड्रिंग मामले में कोर्ट पहुंचीं:खुद को बेकसूर बताया; सुकेश के ठगी के पैसों से महंगे गिफ्ट लेने के आरोप

बॉलीवुड एक्ट्रेस जैकलीन फर्नांडिस 200 करोड़ रुपए के मनी लॉन्ड्रिंग मामले में बुधवार को दिल्ली की पटियाला हाउस कोर्ट में पेश हुईं। कोर्ट में सुनवाई के दौरान एक्ट्रेस ने अपने ऊपर लगे सभी आरोपों को पूरी तरह से गलत बताया और उन्हें खारिज कर दिया। कोर्ट की कार्यवाही खत्म होते ही जैकलीन सीधे परिसर से बाहर निकलकर रवाना हो गईं। प्रवर्तन निदेशालय (ED) इस मामले में मुख्य आरोपी सुकेश चंद्रशेखर के साथ जैकलीन की भूमिका और पैसों के लेन-देन की जांच कर रहा है। कोर्ट में आरोपों को किया खारिज जैकलीन फर्नांडिस बुधवार को दिल्ली की पटियाला हाउस कोर्ट पहुंची थीं। कोर्ट में उनके खिलाफ तय किए जा रहे आरोपों को लेकर बहस हुई। जैकलीन ने जज के सामने अपना पक्ष रखते हुए कहा कि उन पर लगाए गए मनी लॉन्ड्रिंग के सारे आरोप बेबुनियाद हैं। उन्होंने किसी भी तरह के गलत लेन-देन में शामिल होने से साफ इनकार किया है। सुनवाई पूरी होने के बाद कोर्ट परिसर से बाहर निकलते हुए जैकलीन के वीडियो और तस्वीरें भी सामने आई हैं, जहां वे मीडिया से बिना बात किए अपनी गाड़ी में बैठकर निकल गईं। क्या है 200 करोड़ का यह मामला यह पूरा मामला हाई-प्रोफाइल ठग सुकेश चंद्रशेखर से जुड़ा है। सुकेश पर आरोप है कि उसने दिल्ली की रोहिणी जेल के अंदर से ही फोर्टिस हेल्थकेयर के पूर्व प्रमोटर शिविंदर सिंह की पत्नी अदिति सिंह से 200 करोड़ रुपए की जबरन वसूली की थी। जांच एजेंसी ED का दावा है कि सुकेश ने इसी वसूली की रकम का एक बड़ा हिस्सा जैकलीन फर्नांडिस और उनके परिवार पर खर्च किया था। सुकेश ने जैकलीन को लुभाने के लिए करोड़ों रुपए के गिफ्ट दिए थे। ED की सप्लीमेंट्री चार्जशीट में आरोपी हैं जैकलीन प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने इस मामले की जांच के बाद दाखिल की गई अपनी सप्लीमेंट्री चार्जशीट में जैकलीन फर्नांडिस को भी आरोपी बनाया था। ED का कहना है कि जैकलीन को सुकेश के आपराधिक बैकग्राउंड और जबरन वसूली के पैसों के बारे में पहले से जानकारी थी, इसके बावजूद उन्होंने उससे महंगे तोहफे लेना जारी रखा। इन गिफ्ट्स में लग्जरी गाड़ियां, महंगे ब्रांडेड बैग, कपड़े, ज्वेलरी और कई कीमती पेट्स (पालतू जानवर) शामिल थे। लीगल टीम की दलील- जैकलीन खुद पीड़ित हैं दूसरी तरफ, जैकलीन फर्नांडिस की लीगल टीम लगातार कोर्ट में यह दलील दे रही है कि एक्ट्रेस इस मामले में पूरी तरह निर्दोष हैं। उनके वकीलों का कहना है कि जैकलीन खुद सुकेश चंद्रशेखर की साजिश का शिकार हुई हैं और उन्होंने सुकेश को एक बिजनेसमैन समझकर उससे दोस्ती की थी। जांच के दौरान सुकेश और जैकलीन की कई निजी तस्वीरें भी सोशल मीडिया पर वायरल हुई थीं। फिलहाल इस मामले में कोर्ट यह तय कर रहा है कि आरोपों के आधार पर केस को आगे कैसे बढ़ाया जाए।
टीम इंडिया न्यूजीलैंड का सबसे बड़ा घरेलू दौरा करेगी:खेले जाएंगे 5 वनडे, 5 टी-20 और 2 टेस्ट; 6 साल बाद वहां टेस्ट मैच

भारतीय क्रिकेट टीम इस साल अक्टूबर से दिसंबर के बीच न्यूजीलैंड का दौरा करेगी। न्यूजीलैंड क्रिकेट (NZC) ने होम समर सीजन 2026/27 के तहत इस मल्टी-फॉर्मेट सीरीज का शेड्यूल जारी कर दिया है। दौरे पर भारत और न्यूजीलैंड के बीच 5 टी-20, 5 वनडे और 2 टेस्ट मैच खेले जाएंगे। न्यूजीलैंड क्रिकेट के मुताबिक, मैचों की संख्या के लिहाज से यह न्यूजीलैंड के इतिहास का सबसे बड़ा घरेलू दौरा होगा। दौरे की शुरुआत 22 अक्टूबर से व्हाइट-बॉल सीरीज के साथ होगी। इसके बाद वेलिंगटन और क्राइस्टचर्च में दो टेस्ट मैच खेले जाएंगे। रोहित शर्मा और विराट कोहली को एक्शन में देखने का मौका; वर्ल्ड कप तैयारियों के लिए अहम इस दौरे की 5 मैचों की वनडे सीरीज न्यूजीलैंड के फैंस के लिए खास रहेगी। फैंस को रोहित शर्मा और विराट कोहली को वनडे में लाइव खेलते देखने का मौका मिल सकता है। दोनों खिलाड़ी टी-20 इंटरनेशनल से संन्यास ले चुके हैं, लेकिन वनडे फॉर्मेट में खेल रहे हैं। अगले साल होने वाले वनडे वर्ल्ड कप को देखते हुए यह सीरीज दोनों टीमों के लिए तैयारियां पुख्ता करने का अहम मौका होगी। न्यूजीलैंड में 6 साल बाद टेस्ट खेलेगी टीम इंडिया; पिछली हार का बदला लेने उतरेगी भारतीय टीम 2019/20 के बाद पहली बार टेस्ट सीरीज के लिए न्यूजीलैंड का दौरा करेगी। इस बीच न्यूजीलैंड की टीम दो बार भारत आ चुकी है। इसमें 2024/25 का दौरा भी शामिल है, जहां न्यूजीलैंड ने भारत को उसकी सरजमीं पर टेस्ट सीरीज में 3-0 से हराकर क्लीन स्वीप किया था। भारतीय टीम के पास न्यूजीलैंड को उसके घर में हराकर उस हार का बदला लेने का मौका होगा। दोनों टेस्ट मैच वेलिंगटन के सेलो बेसिन रिजर्व और क्राइस्टचर्च के हेगले ओवल में खेले जाएंगे। इस साल टी-20 वर्ल्ड कप फाइनल में भिड़ चुकी हैं दोनों टीमें इसी साल दोनों टीमों के बीच टी-20 वर्ल्ड कप फाइनल खेला गया था। इससे पहले साल की शुरुआत में न्यूजीलैंड की टीम 8 व्हाइट-बॉल मैच खेलने भारत आई थी। न्यूजीलैंड ने वनडे सीरीज 2-1 से जीती थी, जबकि टी-20 सीरीज में भारत ने 4-1 से जीत दर्ज की थी। श्रीलंका और बांग्लादेश की टीमें भी करेंगी न्यूजीलैंड का दौरा; ऑस्ट्रेलिया से टेस्ट खेलेंगे भारत के अलावा न्यूजीलैंड का होम समर सीजन व्यस्त रहेगा। भारत के दौरे के बाद न्यूजीलैंड की महिला टीम बांग्लादेश के खिलाफ 3 टी-20 और 3 वनडे मैचों की मेजबानी करेगी। इसके बाद पुरुष टीम 4 टेस्ट मैचों की सीरीज के लिए ऑस्ट्रेलिया का दौरा करेगी। ऑस्ट्रेलिया दौरे से लौटने के बाद न्यूजीलैंड की टीम श्रीलंका की मेजबानी करेगी। यह सीरीज जनवरी 2027 में 3 वनडे और 3 टी20 मैचों से शुरू होगी और 2 टेस्ट मैचों के साथ खत्म होगी। —————————————————– स्पोर्ट्स की यह खबर भी पढ़ें… नॉर्वे चेस में प्रज्ञानानंदा ने वर्ल्ड नं-1 कार्लसन को हराया:7 दिन में दूसरी बार मात दी; आनंद से लिनारेस टूर्नामेंट में दो बार हारे थे मैग्नस भारत के 20 साल के ग्रैंडमास्टर प्रज्ञानानंदा रमेशबाबू ने नॉर्वे चेस के आठवें राउंड में दुनिया के नंबर-1 खिलाड़ी मैग्नस कार्लसन को हराया। प्रज्ञानानंदा की यह टूर्नामेंट में 5 बार के वर्ल्ड चैंपियन कार्लसन के खिलाफ दूसरी जीत है। पूरी खबर
टीम इंडिया न्यूजीलैंड का सबसे बड़ा घरेलू दौरा करेगी:खेले जाएंगे 5 वनडे, 5 टी-20 और 2 टेस्ट; 6 साल बाद वहां टेस्ट मैच

भारतीय क्रिकेट टीम इस साल अक्टूबर से दिसंबर के बीच न्यूजीलैंड का दौरा करेगी। न्यूजीलैंड क्रिकेट (NZC) ने होम समर सीजन 2026/27 के तहत इस मल्टी-फॉर्मेट सीरीज का शेड्यूल जारी कर दिया है। दौरे पर भारत और न्यूजीलैंड के बीच 5 टी-20, 5 वनडे और 2 टेस्ट मैच खेले जाएंगे। न्यूजीलैंड क्रिकेट के मुताबिक, मैचों की संख्या के लिहाज से यह न्यूजीलैंड के इतिहास का सबसे बड़ा घरेलू दौरा होगा। दौरे की शुरुआत 22 अक्टूबर से व्हाइट-बॉल सीरीज के साथ होगी। इसके बाद वेलिंगटन और क्राइस्टचर्च में दो टेस्ट मैच खेले जाएंगे। रोहित शर्मा और विराट कोहली को एक्शन में देखने का मौका; वर्ल्ड कप तैयारियों के लिए अहम इस दौरे की 5 मैचों की वनडे सीरीज न्यूजीलैंड के फैंस के लिए खास रहेगी। फैंस को रोहित शर्मा और विराट कोहली को वनडे में लाइव खेलते देखने का मौका मिल सकता है। दोनों खिलाड़ी टी-20 इंटरनेशनल से संन्यास ले चुके हैं, लेकिन वनडे फॉर्मेट में खेल रहे हैं। अगले साल होने वाले वनडे वर्ल्ड कप को देखते हुए यह सीरीज दोनों टीमों के लिए तैयारियां पुख्ता करने का अहम मौका होगी। न्यूजीलैंड में 6 साल बाद टेस्ट खेलेगी टीम इंडिया; पिछली हार का बदला लेने उतरेगी भारतीय टीम 2019/20 के बाद पहली बार टेस्ट सीरीज के लिए न्यूजीलैंड का दौरा करेगी। इस बीच न्यूजीलैंड की टीम दो बार भारत आ चुकी है। इसमें 2024/25 का दौरा भी शामिल है, जहां न्यूजीलैंड ने भारत को उसकी सरजमीं पर टेस्ट सीरीज में 3-0 से हराकर क्लीन स्वीप किया था। भारतीय टीम के पास न्यूजीलैंड को उसके घर में हराकर उस हार का बदला लेने का मौका होगा। दोनों टेस्ट मैच वेलिंगटन के सेलो बेसिन रिजर्व और क्राइस्टचर्च के हेगले ओवल में खेले जाएंगे। इस साल टी-20 वर्ल्ड कप फाइनल में भिड़ चुकी हैं दोनों टीमें इसी साल दोनों टीमों के बीच टी-20 वर्ल्ड कप फाइनल खेला गया था। इससे पहले साल की शुरुआत में न्यूजीलैंड की टीम 8 व्हाइट-बॉल मैच खेलने भारत आई थी। न्यूजीलैंड ने वनडे सीरीज 2-1 से जीती थी, जबकि टी-20 सीरीज में भारत ने 4-1 से जीत दर्ज की थी। श्रीलंका और बांग्लादेश की टीमें भी करेंगी न्यूजीलैंड का दौरा; ऑस्ट्रेलिया से टेस्ट खेलेंगे भारत के अलावा न्यूजीलैंड का होम समर सीजन व्यस्त रहेगा। भारत के दौरे के बाद न्यूजीलैंड की महिला टीम बांग्लादेश के खिलाफ 3 टी-20 और 3 वनडे मैचों की मेजबानी करेगी। इसके बाद पुरुष टीम 4 टेस्ट मैचों की सीरीज के लिए ऑस्ट्रेलिया का दौरा करेगी। ऑस्ट्रेलिया दौरे से लौटने के बाद न्यूजीलैंड की टीम श्रीलंका की मेजबानी करेगी। यह सीरीज जनवरी 2027 में 3 वनडे और 3 टी20 मैचों से शुरू होगी और 2 टेस्ट मैचों के साथ खत्म होगी। —————————————————– स्पोर्ट्स की यह खबर भी पढ़ें… नॉर्वे चेस में प्रज्ञानानंदा ने वर्ल्ड नं-1 कार्लसन को हराया:7 दिन में दूसरी बार मात दी; आनंद से लिनारेस टूर्नामेंट में दो बार हारे थे मैग्नस भारत के 20 साल के ग्रैंडमास्टर प्रज्ञानानंदा रमेशबाबू ने नॉर्वे चेस के आठवें राउंड में दुनिया के नंबर-1 खिलाड़ी मैग्नस कार्लसन को हराया। प्रज्ञानानंदा की यह टूर्नामेंट में 5 बार के वर्ल्ड चैंपियन कार्लसन के खिलाफ दूसरी जीत है। पूरी खबर
डिस्काउंट की बारिश; मंदी से लड़ रहे फैशन ब्रांड्स:बिक्री 30% घटी तो जुलाई की सेल जून में, फैशन प्रोडक्ट्स पर 40% तक छूट

फैशन रिटेलर्स ने इस साल बिक्री बढ़ाने के लिए समय से पहले ही बड़े डिस्काउंट का सहारा लेना शुरू कर दिया है। कई कंपनियों और रिटेलर्स ने मिड-सीजन सेल लॉन्च कर दी है। आम तौर पर ऐसी सेल जुलाई में शुरू होती है। बढ़ती महंगाई, वैश्विक अनिश्चितताओं और ग्राहकों की सतर्क खरीदारी के बीच स्टॉक खाली करना और कमजोर मांग से निपटना इस रणनीति का लक्ष्य है। इंडस्ट्री डेटा के मुताबिक, बीते दो महीनों में फैशन सेक्टर की बिक्री करीब 30% कम हो गई है। पेट्रोल-डीजल, सीएनजी, एलपीजी और रोजमर्रा की जरूरतों पर बढ़ते खर्च के चलते ज्यादातर उपभोक्ता कपड़े और लाइफस्टाइल प्रोडक्ट्स पर खर्च घटाने लगे हैं। यह घरेलू बजट संतुलित रखने के प्रयास का हिस्सा है। इसे देखते हुए बिक्री बढ़ाने के लिए आधा दर्जन ब्रांड्स और मिंत्रा, नायका फैशन, फ्लिपकार्ट जैसे ऑनलाइन प्लेटफॉर्म चुनिंदा प्रोडक्ट्स पर 40% तक छूट दे रहे हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि रिटेलर्स अब पारंपरिक ‘एंड-ऑफ-सीजन सेल’ का इंतजार करने के बजाय बीच सीजन में ही इन्वेंट्री निकालने की रणनीति अपना रहे हैं। यह इस बात का संकेत है कि उपभोक्ता अब खर्च करने से पहले कीमत और वैल्यू को लेकर पहले से ज्यादा सतर्क हो गए हैं। चुनौती – गैर-जरूरी खर्च में अतिरिक्त सतर्कता बरत रहे आम भारतीय – पिछले 2 महीनों में फैशन प्रोडक्ट्स की बिक्री करीब 30% घटी – भू-राजनीतिक तनाव के बीच घरेलू खर्च बढ़ने से लोग चिंतित – बिजनेस के मामले में स्प्रिंग-समर सीजन खासा कमजोर रहा – कंज्यूमर बड़े गैर-जरूरी खर्च में अतिरिक्त सतर्कता बरत रहे 30% पर आ गई इस साल मार्च में गैर-जरूरी चीजें खरीदने की इच्छा, पहले ये 70% से ऊपर थी। रणनीति – ग्राहक स्टोर तक आएं, ऐसी कोशिश ब्लैंकेट मार्कडाउन नहीं- सिर्फ चुनिंदा स्टॉक-कीपिंग यूनिट्स पर डिस्काउंट दे रहीं कंपनियां। बंडलिंग ऑफ- 1+1, 1+2 जैसे ऑफर्स की मदद से एक खरीदारी पर ज्यादा प्रोडक्ट बेचने की चल रही कोशिश। इसमें एक प्रोडक्ट की खरीदारी पर एक या दो प्रोक्ट्स फ्री देने की पेशकश की जाती है। फुटफॉल बढ़ाना- आकर्षक ऑफर के जरिए ग्राहकों को स्टोर तक लाकर त्योहारी सीजन से पहले इन्वेंटरी खाली करना। मार्जिन सुरक्षा- दाम में गहरी छूट की जगह टारगेटेड डिस्काउंट, ताकि मार्जिन बना रहे। ग्रोथ: चार साल में 52% बढ़ा भारतीय फैशन/अपैरल बाजार, 2025 में मार्केट साइज 11 लाख करोड़ पार वर्ष – मार्केट साइज विश्लेषण 2021 – 7.5 कोविड बाद रिकवरी; बिक्री 45% बढ़ी 2022 – 8.5 फिजिकल स्टोर खुले; 15-20% ग्रोथ 2023 – 9.5 बिक्री अनुमान के अनुरूप 2024 – 10 बिक्री अनुमान से ज्यादा 2025 – 11.4 14 फीसदी की तेज ग्रोथ (नोट: आंकड़े लाख करोड़ रुपए में, स्रोत: स्टैटिस्टा, वजीर एडवाइजर्स) ‘एंड-ऑफ-सीजन सेल’ भी जल्द शुरू होने के आसार पहले: जुलाई में शुरू होती थी और 15 अगस्त तक चलती थी अब: जून के शुरुआती हफ्ते में शुरू हो गई, ताकि बिक्री बढ़े कलेक्शन: अगस्त की जगह मिड-जुलाई से ही आने लगेगा कंज्यूमर मूड: डेलॉय की एक रिपोर्ट के मुताबिक, इस साल मार्च के दौरान भारत में बड़ी और गैर-जरूरी शॉपिंग की इच्छा घटकर 65% पर आ आई, जो पहले 70% थी। रिपोर्ट में कहा गया है, ‘भारतीय उपभोक्ता कैलिब्रेटेड कंजम्पशन के दौर में हैं। यानी ये आकांक्षा और वित्तीय अनुशासन के बीच संतुलन बनाने की कोशिश में हैं।’
टीएमसी विद्रोह समाचार लाइव अपडेट: ऋतब्रत बनर्जी नेता प्रतिपक्ष बनने को तैयार? 59 विधायकों ने समर्थन पत्र पर हस्ताक्षर किये

टीएमसी विद्रोह समाचार लाइव अपडेट: ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली तृणमूल कांग्रेस के भीतर राजनीतिक संकट बुधवार को गहरा गया, जिसमें व्यापक विद्रोह के संकेत मिलने से राज्य विधानसभा में पार्टी की एकता पर नए सवाल खड़े हो गए। टीएमसी से निकाले जाने के एक दिन बाद बागी विधायक रीतब्रत बनर्जी विधानसभा पहुंचे और 59 विधायकों के समर्थन का दावा किया। बनर्जी ने जिसे उन्होंने साथी विधायकों के समर्थन पत्र के रूप में वर्णित किया, उसे प्रस्तुत किया। विधानसभा अधिकारियों के समक्ष अपना दावा पेश करते समय उनके साथ अरूप रॉय, शिउली साहा और अखरुज्जमां सहित कई विधायक भी थे। बागी विधायक, जो “असली” तृणमूल कांग्रेस का प्रतिनिधित्व करने का दावा कर रहे हैं, अब मांग कर रहे हैं कि रीताब्रत बनर्जी को विपक्ष का नेता नियुक्त किया जाए। ममता बनर्जी की टीएमसी के पास सिर्फ 20 विधायक? यदि बनर्जी द्वारा उद्धृत संख्याएँ सटीक हैं, तो यह विधानसभा के राजनीतिक समीकरणों में एक नाटकीय बदलाव का संकेत होगा, जिससे मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को केवल 20 विधायकों के समर्थन के साथ छोड़ दिया जाएगा। हालाँकि, दावों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं की गई है, और तृणमूल कांग्रेस ने अब तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया जारी नहीं की है। शोभनदेब चट्टोपाध्याय को सदन का नेता नियुक्त किया गया सामने आ रहे घटनाक्रम के बीच, वरिष्ठ टीएमसी नेता कल्याण बनर्जी ने विधानसभा अध्यक्ष रथींद्र बोस को पार्टी के विधायी नेतृत्व में फेरबदल के बारे में सूचित किया। उन्होंने कहा कि शोभनदेब चट्टोपाध्याय को सदन का नेता नियुक्त किया गया है, जबकि आशिमा पात्रा और नयना बंदोपाध्याय उपनेता के रूप में काम करेंगे। फिरहाद हकीम को विधानसभा में पार्टी का मुख्य सचेतक नामित किया गया है। ताजा घटनाक्रम टीएमसी द्वारा विधायक रीताब्रत बनर्जी और संदीपन साहा को पार्टी विरोधी गतिविधियों में शामिल होने का आरोप लगाते हुए तत्काल प्रभाव से निष्कासित करने के कुछ दिनों बाद आया है। चूंकि पार्टी ने राज्य में सत्ता खो दी है, इसलिए कई नेताओं ने सार्वजनिक रूप से इसके कामकाज पर असंतोष व्यक्त किया है। सभी टीएमसी समाचार लाइव अपडेट के लिए यहां फॉलो करें (टैग्सटूट्रांसलेट)टीएमसी विद्रोह समाचार लाइव(टी)टीएमसी संकट लाइव अपडेट(टी)ममता बनर्जी लाइव न्यूज(टी)टीएमसी विभाजन समाचार(टी)टीएमसी विद्रोह नवीनतम अपडेट(टी)ऋताब्रता बनर्जी समाचार(टी)टीएमसी विद्रोही विधायक समाचार(टी)पश्चिम बंगाल राजनीतिक संकट(टी)टीएमसी आंतरिक संघर्ष(टी)तृणमूल कांग्रेस विद्रोह(टी)ममता बनर्जी पार्टी संकट(टी)टीएमसी ब्रेकिंग न्यूज(टी)टीएमसी लाइव अपडेट आज(टी)टीएमसी विद्रोही नेता(टी)टीएमसी विधायक विद्रोह(टी)बंगाल राजनीति लाइव(टी)पश्चिम बंगाल समाचार लाइव(टी)टीएमसी गुट युद्ध(टी)टीएमसी नेतृत्व संकट
भारतीय सामानों पर 12.5% तक एक्सट्रा टैरिफ लग सकता है:अमेरिका ने 54 देशों पर जबरन मजदूरी का आरोप लगाया; दिल्ली में ट्रेड डील पर बातचीत

अमेरिका ने भारत समेत दुनिया की 54 अर्थव्यवस्थाओं को ऐसी लिस्ट में रखा है, जो जबरन मजदूरी से बने सामानों के आयात को रोकने में नाकाम रही हैं। इस आधार पर अमेरिका ने अतिरिक्त कस्टम ड्यूटी लगाने का प्रस्ताव रखा है। पूरी खबर को समझने के लिए पढ़ें यह QA रिपोर्ट… सवाल 1: अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि (USTR) की रिपोर्ट में भारत को लेकर क्या कहा गया है? जवाब: USTR ने ‘सेक्शन 301’ के तहत की गई जांच के नतीजे जारी किए हैं। इसमें भारत समेत दुनिया की 54 अर्थव्यवस्थाओं के नाम है। अमेरिका का आरोप है कि इन देशों में फोर्स्ड लेबर की व्यवस्था को रोकने के लिए पर्याप्त और प्रभावी कानूनी उपाय मौजूद नहीं हैं। सवाल 2: अमेरिका ने इन देशों के सामान पर कितना एक्स्ट्रा टैरिफ लगाने का प्रस्ताव दिया है? जवाब: USTR ने अपनी रिपोर्ट के आधार पर प्रभावित देशों से आने वाले सामानों पर 10% से लेकर 12.5% तक अतिरिक्त टैरिफ लगाने का प्रस्ताव रखा है। सवाल 3: इस पूरे मामले पर अमेरिकी प्रशासन का क्या स्टैंड है और उन्होंने क्या बयान दिया है? जवाब: अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि एंबेसडर जेमिसन ग्रीर ने कहा, “हमारे सबसे महत्वपूर्ण कारोबारी साझेदारों के जबरन श्रम से बने सामानों के आयात पर रोक न लगाना पूरी तरह से अस्वीकार्य है। इसकी वजह से ऐसी स्थिति बनती है जहां अमेरिकी वर्कफोर्स को वैश्विक स्तर पर एक असमान मैदान में प्रतिस्पर्धा करने के लिए मजबूर होना पड़ता है। अमेरिका ने संकेत दिया है कि वह इस जांच के निष्कर्षों के आधार पर जवाबी व्यापारिक कार्रवाई आगे बढ़ाएगा। सवाल 4: यह ‘सेक्शन 301’ क्या है, जिसके तहत अमेरिका यह कार्रवाई कर रहा है? जवाब: सेक्शन 301 अमेरिका के ‘ट्रेड एक्ट ऑफ 1974’ का एक विशेष प्रावधान है। यह कानून USTR को विदेशी सरकारों की उन व्यापारिक नीतियों, तौर-तरीकों या कदमों की जांच करने का अधिकार देता है जो अमेरिकी व्यापारिक हितों के लिए अनुचित, भेदभावपूर्ण या उन पर बोझ डालने वाली हों। अगर जांच में कोई देश दोषी पाया जाता है, तो अमेरिकी प्रशासन को उस देश के खिलाफ ज्यादा टैरिफ लगाने, कोटा तय करने या अन्य व्यापारिक प्रतिबंध लगाने का कानूनी अधिकार मिल जाता है। सवाल 5: भारत के अलावा इस लिस्ट में और कौन-कौन से प्रमुख देश शामिल हैं? जवाब: USTR ने कुल 54 देशों को इस मुख्य लिस्ट में शामिल किया है। इनमें भारत के अलावा चीन, ब्राजील, यूनाइटेड किंगडम (UK), जापान, दक्षिण कोरिया, सिंगापुर, ऑस्ट्रेलिया, रूस, सऊदी अरब, दक्षिण अफ्रीका, श्रीलंका और थाईलैंड जैसे बड़े नाम शामिल हैं। इसके अलावा छह अन्य अर्थव्यवस्थाओं- कनाडा, यूरोपीय संघ (EU), मैक्सिको, पाकिस्तान, इंडोनेशिया और इक्वाडोर को भी कानून को सही ढंग से लागू न करने की श्रेणी में रखा गया है। सवाल 6: इस घोषणा का समय भारत के लिए क्यों संवेदनशील है? जवाब: यह टाइमिंग इसलिए बेहद संवेदनशील है क्योंकि अमेरिकी व्यापार अधिकारियों का एक उच्च स्तरीय प्रतिनिधिमंडल इस समय नई दिल्ली में है। मंगलवार से दोनों देशों के बीच तीन दिवसीय दौर की बातचीत शुरू हुई है। दोनों पक्ष पिछले 15 महीनों से एक द्विपक्षीय व्यापार समझौते (BTA) के पहले चरण को अंतिम रूप देने में जुटे हैं। इस महत्वपूर्ण बैठक के ठीक बीच में अमेरिकी एजेंसी का भारत के खिलाफ ऐसी रिपोर्ट जारी करने से बातचीत की टेबल पर दबाव बढ़ सकता है। सवाल 7: द्विपक्षीय व्यापार समझौते को लेकर वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल का क्या कहना है? जवाब: वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने सोमवार को कहा था कि 99% चीजें फाइनल हो चुकी हैं। अब केवल छोटे मुद्दों, कॉमा और फुल स्टॉप पर चर्चा हो रही है। अमेरिका में हाल ही में हुए कानूनी बदलावों को इस समझौते में कैसे शामिल करना है, इसी को फाइनल किया जा रहा है। गोयल को उम्मीद है कि जल्द ही पहले ट्रांच पर साइन हो जाएंगे। सवाल 8: क्या भारत अमेरिका के साथ इस डील को तुरंत फाइनल कर पाएगा या कोई अड़चन है? जवाब: 99% बातचीत पूरी होने के बावजूद डील के तुरंत फाइनल होने की उम्मीद कम है। इसका कारण यह है कि ट्रंप प्रशासन के लगाए गए अस्थाई 10% टैक्स की अवधि अगले महीने खत्म हो रही है। जब तक वाशिंगटन अपने टैरिफ ढांचे को लेकर पूरी स्पष्टता नहीं देता, तब तक डील पर अंतिम मुहर लगना मुश्किल है। भारत यह सुनिश्चित करना चाहता है कि उसके एक्सपोर्टर्स को प्रतिद्वंद्वी देशों के मुकाबले अमेरिकी मार्केट में प्रतिस्पर्धी स्थिति मिलती रहे। सवाल 9: अमेरिका की तरफ से भारत पर ‘जबरन श्रम’ के अलावा क्या कोई और भी जांच चल रही है? जवाब: हां, भारत इस समय अमेरिका की दो अलग-अलग ‘सेक्शन 301’ जांच का सामना कर रहा है। पहली जांच जबरन श्रम को रोकने के उपायों को लेकर है। वहीं दूसरी जांच सोलर मॉड्यूल्स, प्रोसेस्ड फूड, स्टील और एल्युमिनियम जैसे सेक्टर्स में कथित ‘स्ट्रक्चरल ओवरकैपेसिटी’ (जरूरत से ज्यादा उत्पादन क्षमता) को लेकर है। इस जांच में भारत के साथ दुनिया के 14 अन्य देश भी शामिल हैं। सवाल 10: इस स्थिति का भारतीय एक्सपोर्टर्स पर क्या असर पड़ सकता है? जवाब: अगर अमेरिका अतिरिक्त 10% से 12.5% की ड्यूटी लागू कर देता है, तो भारतीय सामान अमेरिकी बाजार में महंगे हो जाएंगे जिससे हमारे एक्सपोर्ट को नुकसान हो सकता है। हालांकि, USTR ने टेक्सटाइल और अपैरल के लिए एक अलग मैकेनिज्म का सुझाव दिया है। इसके तहत चुनिंदा देशों से एक निश्चित मात्रा में कपड़ों के इंपोर्ट को कम ‘सेक्शन 301’ टैरिफ रेट पर अनुमति दी जा सकती है। भारतीय कपड़ा उद्योग के लिए यह एक मामूली राहत की बात हो सकती है।
‘असली तृणमूल’ बनाम ममता? 59 टीएमसी विधायकों के हस्ताक्षर के साथ रीताब्रत बनर्जी ने बंगाल विधानसभा में प्रवेश किया | भारत समाचार

आखरी अपडेट:03 जून, 2026, 11:05 IST पश्चिम बंगाल विधानसभा में विपक्ष के नेता पद में बदलाव की मांग के लिए निष्कासित टीएमसी विधायक रीताब्रत बनर्जी ने 50 से अधिक हस्ताक्षर हासिल किए हैं। निष्कासित टीएमसी विधायक रीताब्रत ने 59 विधायकों के समर्थन का दावा किया। फ़ाइल चित्र/एक्स पश्चिम बंगाल में निष्कासित टीएमसी विधायक रीताब्रत के 59 विधायकों के समर्थन का दावा करने के बाद विधानसभा में प्रवेश करने के बाद एक बड़ा राजनीतिक मंथन चल रहा है। News18 के सूत्रों ने कहा कि उन्होंने विपक्ष के नेता पद में बदलाव की मांग के लिए 50 से अधिक हस्ताक्षर हासिल कर लिए हैं, जिससे राज्य के विपक्षी रैंकों के भीतर एक नए सत्ता संघर्ष के लिए मंच तैयार हो गया है। (लेख अपडेट किया जाएगा) चुनी हुई कहानियाँ, आपके इनबॉक्स में हमारी सर्वोत्तम पत्रकारिता वाला एक न्यूज़लेटर जमा करना लेखक के बारे में शुद्धान्त पात्र आठ साल के अनुभव के साथ एक अनुभवी पत्रकार, शुद्धंता पात्रा, सीएनएन न्यूज़ 18 में वरिष्ठ उप-संपादक के रूप में कार्यरत हैं। राष्ट्रीय राजनीति, भू-राजनीति, व्यावसायिक समाचारों में विशेषज्ञता के साथ, उन्होंने प्रभावित किया है…और पढ़ें जगह : कोलकाता (कलकत्ता), भारत, भारत न्यूज़ इंडिया ‘असली तृणमूल’ बनाम ममता? 59 टीएमसी विधायकों के हस्ताक्षर के साथ रीताब्रत बनर्जी ने बंगाल विधानसभा में प्रवेश किया अस्वीकरण: टिप्पणियाँ उपयोगकर्ताओं के विचार दर्शाती हैं, News18 के नहीं। कृपया चर्चाएँ सम्मानजनक और रचनात्मक रखें। अपमानजनक, मानहानिकारक, या अवैध टिप्पणियाँ हटा दी जाएंगी। News18 अपने विवेक से किसी भी टिप्पणी को अक्षम कर सकता है. पोस्ट करके, आप हमारी उपयोग की शर्तों और गोपनीयता नीति से सहमत होते हैं। और पढ़ें (टैग्सटूट्रांसलेट)टीएमसी(टी)असली टीएमसी(टी)रीताब्रता बनर्जी(टी)पश्चिम बंगाल की राजनीति(टी)ममता बनर्जी(टी)पश्चिम बंगाल राजनीतिक संकट(टी)पश्चिम बंगाल की राजनीति(टी)टीएमसी विधायक निष्कासित(टी)रीताब्रता का समर्थन(टी)विपक्ष के नेता परिवर्तन(टी)पश्चिम बंगाल विधानसभा(टी)पश्चिम बंगाल समाचार(टी)बंगाल
अमित जानी बोले- 'काला हिरण' सलमान की बायोपिक नहीं है:फिल्म बिश्नोई समाज पर आधारित, कहा- नोटिस भेजकर हम पर दबाव बनाया जा रहा है

फिल्म ‘काला हिरण’ को लेकर जारी विवाद के बीच फिल्म के प्रोड्यूसर अमित जानी ने सलमान खान की लीगल टीम के नोटिस पर रिएक्शन दिया है। अपने ऑफिशियल फेसबुक अकाउंट में पोस्ट किए वीडियो में अमित जानी ने कहा कि हमारी पूरी फिल्म सलमान खान की बायोपिक नहीं है। हमारी पूरी फिल्म सलमान खान के नजरिए से नहीं है। अमित जानी ने वीडियो में कहा, ‘सलमान खान की लीगल टीम की ओर से नोटिस भेजकर हम पर दबाव बनाया जा रहा है कि हम फिल्म की रिलीज रोक दें और 20 जून को टीजर जारी न करें।’ वहीं ABP न्यूज के साथ बातचीत में अमित जानी ने कहा है कि फिल्म ‘काला हिरण’ बिश्नोई समाज के संघर्ष, उनकी विरासत और वन्यजीवों के प्रति उनके समर्पण को दिखाती है। जानी ने कहा कि सलमान खान फिल्म का सिर्फ एक पार्ट हैं। ‘काला हिरण’ को लेकर सलमान खान की ओर से लीगल नोटिस भेजा गया था। न्यूज18 की रिपोर्ट में बताया गया था कि सलमान की ओर से लॉ फर्म DSK लीगल ने कास्टिंग डायरेक्टर अक्षय पांडे को एक लीगल नोटिस भेजा है। इस नोटिस में ‘काला हिरण’ नाम की प्रस्तावित फिल्म के प्रोडक्शन और प्रमोशन को तुरंत रोकने की मांग की गई है। नोटिस में कहा गया था कि यह फिल्म कथित तौर पर सलमान खान के काला हिरण शिकार मामले से प्रेरित है। सलमान की लीगल टीम का दावा है कि इस फिल्म से उनकी इमेज को नुकसान पहुंच सकता है, चल रही लीगल प्रक्रिया प्रभावित हो सकती है और उनके पर्सनल राइट्स का उल्लंघन हो सकता है। सलमान की लीगल टीम का कहना है कि एक्टर ने अपने नाम, पहचान या उनसे जुड़े किसी भी कथित घटनाक्रम के इस्तेमाल की कोई अनुमति नहीं दी है। 20 जून को आना था टीजर बता दें कि सलमान से जुड़े काला हिरण शिकार मामले पर आधारित फिल्म ‘काला हिरण’ का पोस्टर शुक्रवार को जारी किया गया था। वहीं कहा गया था कि फिल्म का फर्स्ट लुक और टीजर 20 जून को जारी किया जाएगा। फिल्म में सलमान और गैंगस्टर लॉरेंस के बीच के विवाद को दिखाया जाएगा। हालांकि, यह जानकारी सामने नहीं आई थी कि इसमें कौन लीड रोल में है। वहीं, इसके पोस्टर में जो एक्टर दिखा है, वह जाना-पहचाना नहीं है। 1998 में काला हिरण शिकार मामला सामने आया सलमान खान से जुड़ा काला हिरण शिकार मामला साल 1998 में सामने आया था, जब वो जोधपुर में फिल्म ‘हम साथ-साथ हैं’ की शूटिंग कर रहे थे। सलमान के खिलाफ कुल चार केस दर्ज किए गए थे। इनमें दो चिंकारा शिकार मामले, एक कांकाणी काला हिरण शिकार मामला और एक आर्म्स एक्ट का मामला शामिल था। काला हिरण शिकार मामले में बिश्नोई समुदाय की शिकायत पर सलमान के साथ सैफ अली खान, तब्बू, सोनाली बेंद्रे और नीलम के खिलाफ भी केस दर्ज किया गया था। इन मामलों में 12 अक्टूबर 1998 को सलमान को पहली बार गिरफ्तार किया गया, हालांकि बाद में उन्हें जमानत मिल गई। अप्रैल 2006 में चिंकारा शिकार मामलों में सलमान को सजा सुनाई गई। जनवरी 2017 में उन्हें आर्म्स एक्ट मामले में बरी कर दिया गया। वहीं, 5 अप्रैल 2018 को काला हिरण शिकार मामले में उन्हें 5 साल की जेल और 10 हजार रुपए जुर्माने की सजा मिली। इसी मामले में बाकी कलाकारों को बरी कर दिया गया था। बाद में सलमान को जमानत मिल गई। फिलहाल यह मामला राजस्थान हाई कोर्ट में लंबित है। मई 2026 में हुई सुनवाई के बाद अदालत ने अगली सुनवाई 13 जुलाई 2026 के लिए तय की है। सलमान खान फिलहाल जमानत पर बाहर हैं।






