कैदी पर आया लेडी जेल अफसर का दिल:उम्रकैद की सजा पूरी होने के बाद हिंदू रीति-रिवाज से की शादी, विश्व हिंदू परिषद ने कराया कन्यादान

सतना सेंट्रल जेल की सहायक अधीक्षक फिरोजा खातून ने हत्या के मामले में सजा काट चुके अभिलाष नाम के युवक से हिंदू रीति-रिवाज से शादी कर ली। 5 मई को छतरपुर जिले के लवकुश नगर में हुए इस विवाह की पूरे इलाके में चर्चा है। अभिलाष उम्रकैद की सजा काट चुका है और करीब 4 साल पहले जेल से रिहा हुआ था। बताया जा रहा है कि फिरोजा के मुस्लिम परिजन इस रिश्ते से नाराज थे। वे शादी में शामिल नहीं हुए। ऐसे में सतना विश्व हिंदू परिषद के जिला उपाध्यक्ष राजबहादुर मिश्रा ने सपत्नीक माता-पिता के रूप में कन्यादान कराया। इस दौरान बजरंग दल के लोग भी मौजूद थे। देखिए शादी की तस्वीरें जेल में वारंट के काम के दौरान हुई थी मुलाकात जानकारी के मुताबिक, सतना जेल में पदस्थापना के दौरान फिरोजा खातून वारंट इंचार्ज का काम संभाल रही थीं। उसी दौरान हत्या के मामले में सजा काट रहा अभिलाष भी जेल के भीतर वारंट संबंधी काम करता था। इस दौरान दोनों के बीच बातचीत शुरू हुई, जो धीरे-धीरे दोस्ती और फिर प्रेम संबंध में बदल गई। अभिलाष के जेल से रिहा होने के बाद दोनों ने शादी करने का फैसला लिया। 2007 के चर्चित हत्याकांड में मिली थी उम्रकैद अभिलाष छतरपुर जिले के चंदला का रहने वाला है। वर्ष 2007 में चंदला नगर परिषद के तत्कालीन उपाध्यक्ष कृष्णदत्त दीक्षित की हत्या कर शव जमीन में दफनाने के मामले में उसे उम्रकैद की सजा सुनाई गई थी। करीब 14 साल जेल में रहने के बाद अच्छे आचरण के आधार पर उसे रिहा कर दिया गया था। वैदिक मंत्रोच्चार के बीच हुआ विवाह लवकुश नगर में दोनों का विवाह वैदिक मंत्रोच्चार से हुआ। शादी की खबर सामने आने के बाद सतना जेल के अधिकारियों, कर्मचारियों और कैदियों ने भी नवविवाहित जोड़े को शुभकामनाएं दीं। यह शादी इलाके में प्रेम, सामाजिक बंधनों और धर्म से ऊपर उठकर लिए गए फैसले को लेकर चर्चा का विषय बनी हुई है। यह खबर भी पढ़ें 3 फीट के दूल्हे को 1300 KM दूर मिली दुल्हन रिश्ते ऊपर से तय होकर आते हैं, जिसके साथ जोड़ी बनी है, वह देर-सबेर मिल ही जाता है। जब शादी में देरी होती है तब बुजुर्ग यही बात कहते हैं। बड़वानी जिले के अंजड़ में बुजुर्गों की यह सो फीसदी सच साबित हो गई, जब 1300 किलोमीटर दूर रहने वाले मुकेश और नेहा एक दूसरे के हुए। पढ़ें पूरी खबर
पहली बार भारत आएगी जिम्बाब्वे महिला क्रिकेट टीम:अक्टूबर में 3 वनडे और 3 टी-20 मैचों की सीरीज खेली जाएगी; यह पहली बाइलेटरल सीरीज

भारतीय महिला क्रिकेट टीम और जिम्बाब्वे के बीच अक्टूबर में तीन वनडे और तीन टी-20 मैचों की सीरीज खेली जाएगी। पहली बार जिम्बाब्वे की महिला टीम भारत दौरे पर आएगी। दोनों देशों के बीच अब तक कोई बाइलेटरल इंटरनेशनल सीरीज नहीं हुई है। इतिहास में पहली बार आमने-सामने होंगी दोनों टीमें क्रिकेट इतिहास में पहली बार भारत और जिम्बाब्वे की महिला टीमें किसी इंटरनेशनल फिक्स्चर में आमने-सामने होंगी। अब तक दोनों टीमों के मुकाबले केवल ICC टूर्नामेंट्स या क्वालीफायर्स तक सीमित थे। बाइलेटरल सीरीज के रूप में यह नई शुरुआत होगी। BCCI और जिम्बाब्वे क्रिकेट ने इस सीरीज के जरिए महिला क्रिकेट को बढ़ावा देने की दिशा में कदम बढ़ाया है। दौरे की शुरुआत टी-20 सीरीज से शेड्यूल के मुताबिक दौरे की शुरुआत टी-20 सीरीज से हो सकती है, जिसके बाद वनडे सीरीज खेली जाएगी। इंडिया विमेंस टीम के लिए यह सीरीज बेंच स्ट्रेंथ आजमाने और युवा खिलाड़ियों को मौका देने का अच्छा मौका होगी। भारत ने भी अब तक जिम्बाब्वे का दौरा नहीं किया रिकॉर्ड्स के अनुसार, इंडिया विमेंस टीम ने भी अब तक बाइलेटरल सीरीज के लिए जिम्बाब्वे का दौरा नहीं किया है। पुरुष क्रिकेट में दोनों देशों के बीच नियमित मैच होते हैं, लेकिन महिला क्रिकेट में यह पहली बाइलेटरल सीरीज होगी। जिम्बाब्वे विमेंस टीम के लिए भारत में खेलना बड़ा अनुभव होगा। टी-20 चैंपियंस ट्रॉफी की तैयारी के लिए अहम अक्टूबर में होने वाली यह सीरीज इंडिया विमेंस टीम के लिए अहम मानी जा रही है। आने वाले ICC टूर्नामेंट्स को देखते हुए BCCI ज्यादा बाइलेटरल सीरीज आयोजित कर रहा है। 2027 में श्रीलंका में वुमेन टी-20 चैंपियंस ट्रॉफी होनी है। जिम्बाब्वे के खिलाफ यह सीरीज भारतीय खिलाड़ियों को लय बनाए रखने और रैंकिंग सुधारने का मौका देगी। मैच के वेन्यू और तारीखों का ऐलान जल्द हो सकता है।
पहली बार भारत आएगी जिम्बाब्वे महिला क्रिकेट टीम:अक्टूबर में 3 वनडे और 3 टी-20 मैचों की सीरीज खेली जाएगी; यह पहली बाइलेटरल सीरीज

भारतीय महिला क्रिकेट टीम और जिम्बाब्वे के बीच अक्टूबर में तीन वनडे और तीन टी-20 मैचों की सीरीज खेली जाएगी। पहली बार जिम्बाब्वे की महिला टीम भारत दौरे पर आएगी। दोनों देशों के बीच अब तक कोई बाइलेटरल इंटरनेशनल सीरीज नहीं हुई है। इतिहास में पहली बार आमने-सामने होंगी दोनों टीमें क्रिकेट इतिहास में पहली बार भारत और जिम्बाब्वे की महिला टीमें किसी इंटरनेशनल फिक्स्चर में आमने-सामने होंगी। अब तक दोनों टीमों के मुकाबले केवल ICC टूर्नामेंट्स या क्वालीफायर्स तक सीमित थे। बाइलेटरल सीरीज के रूप में यह नई शुरुआत होगी। BCCI और जिम्बाब्वे क्रिकेट ने इस सीरीज के जरिए महिला क्रिकेट को बढ़ावा देने की दिशा में कदम बढ़ाया है। दौरे की शुरुआत टी-20 सीरीज से शेड्यूल के मुताबिक दौरे की शुरुआत टी-20 सीरीज से हो सकती है, जिसके बाद वनडे सीरीज खेली जाएगी। इंडिया विमेंस टीम के लिए यह सीरीज बेंच स्ट्रेंथ आजमाने और युवा खिलाड़ियों को मौका देने का अच्छा मौका होगी। भारत ने भी अब तक जिम्बाब्वे का दौरा नहीं किया रिकॉर्ड्स के अनुसार, इंडिया विमेंस टीम ने भी अब तक बाइलेटरल सीरीज के लिए जिम्बाब्वे का दौरा नहीं किया है। पुरुष क्रिकेट में दोनों देशों के बीच नियमित मैच होते हैं, लेकिन महिला क्रिकेट में यह पहली बाइलेटरल सीरीज होगी। जिम्बाब्वे विमेंस टीम के लिए भारत में खेलना बड़ा अनुभव होगा। टी-20 चैंपियंस ट्रॉफी की तैयारी के लिए अहम अक्टूबर में होने वाली यह सीरीज इंडिया विमेंस टीम के लिए अहम मानी जा रही है। आने वाले ICC टूर्नामेंट्स को देखते हुए BCCI ज्यादा बाइलेटरल सीरीज आयोजित कर रहा है। 2027 में श्रीलंका में वुमेन टी-20 चैंपियंस ट्रॉफी होनी है। जिम्बाब्वे के खिलाफ यह सीरीज भारतीय खिलाड़ियों को लय बनाए रखने और रैंकिंग सुधारने का मौका देगी। मैच के वेन्यू और तारीखों का ऐलान जल्द हो सकता है।
अमेरिका-ईरान जंग 24 घंटे में खत्म हो सकती है:ट्रम्प बोले- तेहरान परमाणु हथियार नहीं रखने को तैयार, ईरान ने कहा- अभी फैसला नहीं हुआ

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने दावा किया है कि वे अमेरिका के साथ जंग रोकने और परमाणु प्रोग्राम से जुड़े समझौते के बेहद करीब पहुंच गए हैं। साथ ही उन्होंने चेतावनी भी दी कि अगर बातचीत विफल होती है तो बमबारी फिर शुरू की जा सकती है। इससे पहले बुधवार को अमेरिकी वेबसाइट एक्सियोस की रिपोर्ट में बताया गया था कि ईरान 48 घंटे के भीतर सीजफायर को लेकर सहमति दे सकता है। हालांकि ईरान ने इसे लेकर कोई साफ जवाब नहीं दिया है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बघई ने कहा कि समझौते के करीब होने की खबरों को बढ़ा-चढ़ाकर बताया गया बताया। उन्होंने कहा कि हमने प्रस्ताव पर जवाब नहीं दिया है, हालांकि पाकिस्तान के जरिए बातचीत जारी है। ईरान की मीडिया रिपोर्ट्स में कहा गया है कि अमेरिकी प्रस्ताव में कुछ ऐसी शर्तें हैं जो स्वीकार नहीं की जा सकतीं, लेकिन यह साफ नहीं किया गया कि वे कौन सी शर्तें हैं। ईरानी संसद की विदेश मामलों की समिति के प्रवक्ता इब्राहिम रेजई ने इसे ‘अमेरिका की विशलिस्ट’ बताया है। पिछले 24 घंटे के 5 बड़े अपडेट्स… अमेरिका-ईरान समझौता आगे बढ़ा: रिपोर्ट्स के मुताबिक दोनों देशों के बीच 14 पॉइंट वाला समझौता (MOU) तैयार है। हालांकि अभी यह फाइनल नहीं हुआ है, लेकिन बातचीत पहले से ज्यादा आगे बढ़ चुकी है। अमेरिका ने UNSC में प्रस्ताव पेश किया: अमेरिका ने होर्मुज स्ट्रेट में जहाजों की आवाजाही बहाल कराने के लिए UNSC में नया प्रस्ताव पेश किया है। दूसरी तरफ ईरान ने सदस्य देशों से इस प्रस्ताव को खारिज करने की अपील की। चीन-ईरान के बीच बैठक: चीन और ईरान के बीच बीजिंग में हाई-लेवल बैठक हुई। चीन ने युद्ध तुरंत रोकने की बात कही और ईरान को समर्थन का भरोसा दिया। वहीं ईरान चाहता है कि ट्रम्प की चीन यात्रा के दौरान बीजिंग अमेरिका के दबाव में कोई ऐसा फैसला न ले जिससे तेहरान को नुकसान हो। ट्रम्प बोले- स्थिति कंट्रोल में है: ट्रम्प ने दावा किया कि अमेरिकी सैन्य कार्रवाई के बाद ईरान की नौसेना, वायुसेना, मिसाइल सिस्टम और रडार नेटवर्क को भारी नुकसान हुआ है। उन्होंने कहा कि स्थिति हमारे कंट्रोल में है और अगर समझौता नहीं हुआ तो अमेरिका पहले से बड़े हमले करेगा। होर्मुज में फ्रांसीसी जहाज पर हमला: फ्रांस की शिपिंग कंपनी CMA CGM ने बताया कि उसके एक कार्गो जहाज पर मिसाइल या ड्रोन से हमला हुआ, जिसमें कुछ क्रू मेंबर घायल हो गए। ईरान जंग से जुड़े अपडेट्स के लिए नीचे ब्लॉग से गुजर जाइए…
बायो टेररिज्म- NIA की 3 आरोपियों के खिलाफ दाखिल:IS से जुड़ा डॉक्टर हजारों लोगों को जहर देने वाला था, जैविक हमले की साजिश थी

देश में ‘जैव आतंकी हमले’ यानी बायो टेररिज्म का खतरा बढ़ता जा रहा है। नेशनल इंवेस्टिगेशन एजेंसी (NIA) ने आईएसआईएस से जुड़े बायो-टेरर प्लॉट में डॉक्टर समेत 3 लोगों के खिलाफ बुधवार को चार्जशीट दाखिल की है। आरोप है कि ये लोग सार्वजनिक जगहों पर जैविक टॉक्सिन के जरिए हजारों लोगों को जहर देने की साजिश कर रहे थे। चार्जशीट में हैदराबाद के डॉ. सैयद अहमद मोहीउद्दीन और यूपी के आजाद व मोहम्मद सुहेल के नाम हैं। चार्जशीट क अहमदाबाद में स्पेशल एनआईए कोर्ट में दाखिल किया है।जांच एजेंसी के मुताबिक, आरोपी अपने-अपने आईएसआईएस से जुड़े विदेशी हैंडलर्स के निर्देश पर मिलकर काम कर रहे थे। वे हैंडलर्स से प्रभावित और कट्टरपंथ की ओर धकेले गए युवाओं को भर्ती कर जिहाद के समर्थन और प्रतिबंधित हथियारों व बायोटेररिज्म के जरिए दहशत फैलाने की योजना बना रहे थे। एजेंसी के अनुसार साजिश में रिसिन का इस्तेमाल करने की तैयारी थी। सुहेल के काम में हैंडलरों से संपर्क बनाए रखना एजेंसी के अनुसार आजाद और सुहेल के काम में हैंडलरों से संपर्क बनाए रखना, आतंकी गतिविधियों के लिए धन प्रबंधन, रेकी करना और अवैध हथियारों की आपूर्ति शामिल थी। सुहेल को हैंडलर और अन्य सदस्यों के बीच मुख्य कड़ी बताया गया है। वह भर्ती, और धन व हथियारों की खेप के प्रबंधन में मदद करता था। एजेंसी के अनुसार वह बातें वीडियो पर रिकॉर्ड करता था। आईएसआईएस के झंडे भी तैयार किए। घर पर ही बना रखी थी लैब NIA ने जनवरी 2026 में जांच अपने हाथ में लिया। एजेंसी के अनुसार, मोहिउद्दीन को उसके हैंडलर द्वारा दक्षिण एशिया में आईएसआईएस का ‘अमीर’ (सरगना) बनाने का वादा किया गया था। उसने हैदराबाद स्थित अपने घर को राइसिन तैयार करने के लिए एक खुफिया लैब में बदल दिया था। आजाद व सुहेल कथित तौर पर राजस्थान के हनुमानगढ़ में एक स्थान से नकदी और प्रतिबंधित हथियारों से भरे पार्सल एकत्र कर रहे थे। इसे गुजरात के छत्राल में एक स्थान पर जमा किया था। क्या होता है बायो टेररिज्म बैक्टीरिया, वायरस या जहरीले जैविक पदार्थों का इस्तेमाल लोगों, पशुओं या फसलों को जानबूझकर नुकसान पहुंचाने के लिए किया जाता है। ………………. यह खबर भी पढ़ें… आतंकियों के निशाने पर था RSS का लखनऊ हेडक्वार्टर: गुजरात में पकड़े गए 3 आतंकियों का खुलासा, अहमदाबाद-दिल्ली में भी की रेकी थी दिसंबर 2025 में गुजरात एटीएस ने तीन आतंकियों को पकड़ा था। पूछताछ में सामने आया था कि आतंकियों के निशाने पर राष्ट्रीय स्वंयसेवक संघ (RSS) का लखनऊ हेडक्वॉर्टर था। इसके अलावा आतंकियों ने अहमदाबाद के नरोडा इलाके और दिल्ली के आजाद मैदान के आसपास के इलाकों की भी रेकी कर वहां की तस्वीरें और वीडियो बनाए थे। पूरी खबर पढ़ें…
दिल से लेकर त्वचा तक के लिए वरदान हैं सूरजमुखी के बीज, जानिए रोज सेवन करने के बड़े फायदे

Last Updated:May 07, 2026, 06:22 IST लोकल 18 से बातचीत के दौरान वैद्य डॉ अभिषेक कुमार ने बताया कि सूरजमुखी के बीज पोषक तत्वों से भरपूर होते हैं. इनमें विटामिन E, प्रोटीन, फाइबर और अच्छे वसा (हेल्दी फैट) पाए जाते हैं, जो शरीर को ऊर्जा देने के साथ-साथ कई बीमारियों से बचाने में मदद करते हैं. रोजाना थोड़ी मात्रा में सूरजमुखी के बीज खाने से शरीर को जरूरी पोषण मिलता है और कमजोरी दूर होती है सूरजमुखी में भरपूर एंटीऑक्सीडेंट गुण पाए जाते हैं, जो शरीर को फ्री रेडिकल्स के नुकसान से बचाने में अहम भूमिका निभाते हैं. फ्री रेडिकल्स शरीर की कोशिकाओं को नुकसान पहुंचाते हैं, जिससे कई बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है. ऐसे में सूरजमुखी के बीज और तेल का सेवन इन हानिकारक तत्वों के प्रभाव को कम करने में मदद करता है. इसके नियमित और संतुलित सेवन से शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता यानी इम्यूनिटी मजबूत होती है. इससे शरीर संक्रमण से बेहतर तरीके से लड़ पाता है और जल्दी बीमार नहीं पड़ता. खासकर बदलते मौसम में, जब सर्दी-जुकाम और अन्य संक्रमण का खतरा बढ़ जाता है, तब सूरजमुखी का सेवन शरीर को स्वस्थ बनाए रखने में सहायक होता है. यह शरीर को अंदर से मजबूत बनाकर ऊर्जा और ताजगी भी प्रदान करता है. बालों के फायदेमंद : बालों के लिए सूरजमुखी के बीज और तेल दोनों ही काफी फायदेमंद माने जाते हैं. इसमें मौजूद विटामिन E, प्रोटीन और जरूरी फैटी एसिड बालों की जड़ों को पोषण देते हैं, जिससे बाल मजबूत बनते हैं और उनका झड़ना कम होता है. नियमित रूप से सूरजमुखी के तेल से सिर की मालिश करने से स्कैल्प में रक्त संचार बेहतर होता है, जिससे बालों की ग्रोथ में भी मदद मिलती है. इसके अलावा, सूरजमुखी के तेल का इस्तेमाल बालों को प्राकृतिक चमक देने में भी सहायक होता है. यह बालों को रूखा और बेजान होने से बचाता है और उन्हें मुलायम बनाए रखता है. इसके एंटीऑक्सीडेंट गुण बालों को धूल, प्रदूषण और सूरज की हानिकारक किरणों से भी बचाने में मदद करते हैं. सही और नियमित उपयोग से बाल लंबे समय तक स्वस्थ, घने और चमकदार बने रहते हैं. गोंडा: भारत में सूरजमुखी का फूल अपनी सुंदरता के साथ-साथ औषधीय गुणों के लिए भी जाना जाता है. यह पीले रंग का आकर्षक फूल न सिर्फ खेतों की शोभा बढ़ाता है, बल्कि आयुर्वेद में भी इसका खास महत्व है. सूरजमुखी के बीज, तेल और फूल कई तरह से सेहत के लिए लाभकारी माने जाते हैं. Add News18 as Preferred Source on Google दिल के लिए फायदेमंद: डॉ अभिषेक बताते हैं कि दिल के स्वास्थ्य के लिए सूरजमुखी बहुत लाभकारी माना जाता है. इसके बीजों में मौजूद हेल्दी फैट, विटामिन E और एंटीऑक्सीडेंट दिल को मजबूत बनाए रखते हैं. यह खराब कोलेस्ट्रॉल को कम करने और अच्छे कोलेस्ट्रॉल को संतुलित रखने में मदद करता है. नियमित और सीमित मात्रा में इसका सेवन करने से हार्ट से जुड़ी बीमारियों का खतरा कम हो सकता है. साथ ही यह रक्त संचार को बेहतर बनाता है और शरीर को ऊर्जा देता है, जिससे व्यक्ति लंबे समय तक स्वस्थ और सक्रिय रह सकता है. सूरजमुखी का तेल भी काफी उपयोगी होता है. इसका इस्तेमाल खाना बनाने में किया जाता है, जिससे शरीर को हल्का और पौष्टिक आहार मिलता है. यह तेल आसानी से पच जाता है और शरीर में जमा खराब वसा को कम करने में मदद करता है. हालांकि अब किसी गंभीर बीमारी से परेशान है तो अपने डॉक्टर से सलाह लेकर ही सूरजमुखी का प्रयोग करें. आयुर्वेद में सूरजमुखी का उपयोग कई घरेलू उपचारों में किया जाता है. इसके फूल और बीज को पीसकर या काढ़ा बनाकर इस्तेमाल किया जाता है, जिससे शरीर को प्राकृतिक रूप से लाभ मिलता है. यह शरीर को अंदर से मजबूत बनाता है और छोटी-मोटी बीमारियों में राहत देने में सहायक होता है. इसमें मौजूद पोषक तत्व शरीर की कमजोरी दूर करते हैं और रोग प्रतिरोधक क्षमता (इम्यूनिटी) को बढ़ाते हैं. नियमित और सही मात्रा में इसका सेवन करने से शरीर स्वस्थ रहता है, ऊर्जा बनी रहती है और थकान कम महसूस होती है. खासकर बदलते मौसम में यह शरीर को संक्रमण से बचाने में मदद करता है. हालांकि, किसी भी औषधीय चीज की तरह सूरजमुखी का उपयोग भी संतुलित मात्रा में ही करना चाहिए, ताकि इसका पूरा लाभ मिल सके और किसी प्रकार का नुकसान न हो. सूरजमुखी का एक और बड़ा फायदा यह है कि यह मानसिक स्वास्थ्य के लिए भी लाभकारी माना जाता है. इसके बीजों में मैग्नीशियम, विटामिन B और अन्य पोषक तत्व पाए जाते हैं, जो दिमाग को शांत रखने में मदद करते हैं. इससे तनाव और चिंता कम होती है और मन हल्का महसूस करता है.नियमित रूप से सूरजमुखी के बीजों का सीमित मात्रा में सेवन करने से नींद की गुणवत्ता भी बेहतर होती है. यह शरीर और दिमाग दोनों को रिलैक्स करने में सहायक होता है, जिससे अच्छी और गहरी नींद आती है. साथ ही, यह थकान को कम कर शरीर में नई ऊर्जा बनाए रखने में भी मदद करता है, जिससे व्यक्ति दिनभर सक्रिय और ताजगी महसूस करता है. त्वचा के लिए लाभकारी : त्वचा के लिए सूरजमुखी बहुत लाभकारी माना जाता है. इसमें मौजूद विटामिन E त्वचा को गहराई से नमी देता है और उसे मुलायम व स्वस्थ बनाता है. सूरजमुखी के तेल का नियमित उपयोग त्वचा की चमक बढ़ाने और झुर्रियों को कम करने में मदद करता है. इसके एंटीऑक्सीडेंट गुण त्वचा को नुकसान से बचाते हैं और बाहरी प्रदूषण के असर को कम करते हैं. साथ ही, यह सूरज की हानिकारक किरणों से भी त्वचा की रक्षा करता है, जिससे त्वचा लंबे समय तक जवान और दमकती हुई बनी रहती है. डॉ अभिषेक ने बताया कि सूरजमुखी के बीज और तेल का सेवन सीमित मात्रा में ही करना चाहिए. अधिक मात्रा में सेवन करने से शरीर पर विपरीत असर भी पड़ सकता है. संतुलित आहार के रूप में इसका उपयोग करना ही बेहतर होता है. कुल मिलाकर, सूरजमुखी का फूल जितना सुंदर दिखता है, उतना ही यह सेहत के लिए फायदेमंद भी है. यह शरीर को पोषण देता है, बीमारियों से बचाता है और त्वचा व
पंजाब में चुनाव से पहले धमाकों का ट्रेंड पुराना:2 बार के चुनावों में ब्लास्ट हुआ तो सरकार बदल गई; क्या AAP को भी नुकसान होगा

ये BJP का स्टाइल है। चुनाव वाले स्टेट में ब्लास्ट और दंगे करा दो। BJP की पंजाब इलेक्शन की तैयारी है। BJP पंजाबियों को डराकर वोट लेना चाहती है पंजाब में मंगलवार रात जालंधर BSF हेडक्वार्टर और अमृतसर आर्मी कैंप के बाहर 3 घंटे में 2 ब्लास्ट के बाद आम आदमी पार्टी (AAP) सरकार चला रहे CM भगवंत मान ने यह बयान दिया। इससे BJP पंजाब से लेकर दिल्ली तक एग्रेसिव मोड में आ गई। केंद्रीय राज्य मंत्री रवनीत बिट्टू ने तो यहां तक चैलेंज कर दिया कि अगर ब्लास्ट BJP ने कराए तो मुझ पर FIR कर दो। AAP छोड़कर BJP जॉइन करने वाले पंजाब से राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा भी पीछे नहीं रहे। उन्होंने कहा- पंजाब के DGP कह रहे कि ब्लास्ट में पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी का हाथ हो सकता है तो CM भगवंत मान को PAK को क्लीन चिट देने की इतनी जल्दी क्यों है। ISI की गोद में बैठने क्यों जा रहे हैं। इन्हें लॉ एंड ऑर्डर पर ध्यान देना चाहिए। पंजाब में 2027 में विधानसभा चुनाव हैं। चुनाव से पहले ब्लास्ट होने का यह ट्रेंड नया नहीं है। 2017 और 2022 में भी चुनाव से पहले ब्लास्ट हुए। दोनों बार पंजाब की सरकार बदल गई। तब भी कमजोर लॉ एंड ऑर्डर को लेकर सरकार के खिलाफ नैरेटिव बिल्ड कर सत्ता विरोधी लहर तैयार करने में ब्लास्ट अहम साबित हुए। पंजाब में चुनाव से पहले कब-कब ब्लास्ट हुए, किस पार्टी की सरकार बदली और किसे फायदा हुआ, ब्लास्ट से मौजूदा सरकार को क्या नुकसान, ये जानने के लिए पढ़िए पूरी रिपोर्ट… पहले जानिए, पिछले 2 विधानसभा चुनाव में ब्लास्ट के बाद कैसे बदली सरकारें 2017: वोटिंग 4 दिन पहले धमाका, अकाली दल 10 साल बाद सत्ता से बाहर पंजाब में 2007 से लेकर 2017 तक अकाली दल+भाजपा गठबंधन की सरकार रही। 4 फरवरी को पंजाब में वोटिंग होनी थी। इसके ठीक 4 दिन पहले 31 जनवरी को बठिंडा के मौड़ मंडी कस्बे में कार में ब्लास्ट हो गया। जहां ब्लास्ट हुआ, वहां अकाली+भाजपा गठबंधन की रैली थी। इस ब्लास्ट में 3 बच्चों समेत 7 लोगों की मौत हुई। ब्लास्ट से पंजाब की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े हुए। कांग्रेस ने एग्रेसिव ढंग से मामला उठाया। इसका लाभ कांग्रेस को मिला और वह कैप्टन अमरिंदर सिंह की अगुआई में 117 में से 77 सीटें जीतकर सत्ता में आ गई। अकाली दल को सिर्फ 15 सीटें मिलीं और वह विपक्षी दल के लायक भी नहीं रहा। तब 20 सीटें जीतकर AAP प्रमुख विपक्षी दल बना। हालांकि उस वक्त अकाली दल के खिलाफ श्री गुरू ग्रंथ साहिब की बेअदबी और उससे जुड़े गोलीकांड से भी माहौल बना हुआ था। 2022: चुनाव आचार संहिता से 16 दिन पहले ब्लास्ट, AAP सत्ता में आई साल 2022 में विधानसभा चुनाव से पहले फिर ब्लास्ट हुआ। तब आचार संहिता लगने ही वाली थी कि 23 दिसंबर 2021 को लुधियाना कोर्ट कॉम्लैक्स में IED ब्लास्ट हो गया। इसके 16 दिन बाद 8 जनवरी 2022 को चुनाव आचार संहिता लागू हो गई। मगर, उससे पहले ही तत्कालीन कांग्रेस सरकार के CM चरणजीत चन्नी लॉ एंड ऑर्डर को लेकर घिर गई। ये मुद्दा पंजाब से निकलकर नेशनल लेवल तक पहुंच गया। चन्नी को CM बने महज 3 महीने ही हुए थे तो उनके पास इसे काउंटर करने के लिए पर्याप्त मौका नहीं था। ऐसे में जब 20 फरवरी को वोटिंग हुई तो पंजाबियों ने पंजाब की पारंपरिक पार्टियों अकाली दल के बाद कांग्रेस से भी भरोसा खो दिया। 10 मार्च 2022 को जब काउंटिंग हुई तो आम आदमी पार्टी (AAP) ने लैंडस्लाइड विक्ट्री हासिल करते हुए 117 में से 92 सीटें जीत लीं। कांग्रेस महज 18 सीटों पर सिमट गई थी। हालांकि तब पंजाब में बदलाव और अकाली-कांग्रेस छोड़ दूसरी पार्टी को एक मौका देने का भी माहौल बना था। जो बंपर जीत की बड़ी वजह बना। इस बार चुनाव से पहले 5 महीने में 5 ब्लास्ट, सत्ता में AAP पंजाब में अगले साल विधानसभा चुनाव हैं। इसके लिए चुनाव आचार संहिता इसी साल के अंत या फिर 2027 के शुरूआती महीनों में लग सकता है क्योंकि इस सरकार का कार्यकाल मार्च 2027 में खत्म होना है। इससे पहले ही 5 महीने में 5 ब्लास्ट हो चुके हैं। पहले चंडीगढ़ में पंजाब BJP के हेडक्वार्टर में ब्लास्ट हुआ। फिर अमृतसर के भिंडी सैदां, उसके बाद राजपुरा में रेलवे ट्रैक पर ब्लास्ट हुआ। उसके बाद मंगलवार रात पहले जालंधर में BJP हेडक्वार्टर और फिर अमृतसर में आर्मी कैंप के पास ब्लास्ट हुए। DGP गौरव यादव ने इनके IED ब्लास्ट का शक जताया। ब्लास्ट होते ही विरोधी दलों BJP, कांग्रेस और अकाली दल ने खराब लॉ एंड ऑर्डर पर ही सवाल उठाए। चुनाव से पहले धमाकों के इलेक्शन पर 3 बड़े इंपैक्ट धमाकों का नैरेटिव कैसे तोड़ेगी AAP पिछले चुनावों से समझ आता है कि चुनाव से पहले धमाके मौजूदा सरकार की कुर्सी के लिए खतरा हैं। यही बैचेनी CM भगवंत मान के बयानों से भी नजर आती है। पॉलिटिकल एक्सपर्ट प्रो. केके रत्तू मानते हैं कि विरोधी दल AAP सरकार चुनाव से पहले माइनिंग से कमाई, ड्रग्स जैसे कई मुद्दों पर घेर रहे हैं। ऐसे में सीधे लॉ एंड ऑर्डर को लेकर चिंता हुई तो वोटरों के AAP से छिटकने का खतरा बढ़ेगा। खासकर, शहरी एरिया में, जहां लोग अपने कारोबार पर निर्भर हैं। AAP इस नैरेटिव को तोड़ने के लिए मुफ्त बिजली, अच्छी शिक्षा, 10 लाख तक कैशलेस इलाज, नहरी पानी, टोल बंद करने और महिलाओं को 1 हजार रुपए महीना जैसे फायदे गिनाएगी। हालांकि अगर वोटर के मन में लॉ एंड ऑर्डर का डर बैठ गया तो फिर ये सारे फायदे पीछे छूट जाएंगे। यही वजह है कि CM ने इसे बहुत एग्रेसिव ढंग से काउंटर करने की कोशिश की है।
भारत- पहली बार 50 हजार जवानों की अलग ड्रोन फोर्स:BSF और ITBP में भी बनेंगी, किसी भी सैन्य हमले में सबसे पहले यही प्रहार करेंगी

ऑपरेशन सिंदूर और वैश्विक युद्धों (रूस-यूक्रेन व पश्चिम एशिया) से सबक लेते हुए भारतीय रक्षा प्रतिष्ठान ने एक ‘ड्रोन फोर्स’ बनाने का निर्णय लिया है। यह फोर्स किसी भी सैन्य कार्रवाई में ‘फर्स्ट रेस्पोंडर’ (पहली जवाबी कार्रवाई) के तौर पर तैनात की जाएगी। इसे डेटा और कॉग्निटिव वारफेयर फोर्स का तकनीकी समर्थन होगा। इंटीग्रेटेड रक्षा मुख्यालय के अनुसार इस फोर्स के लिए अभी 50 हजार सैन्य कर्मियों को प्रशिक्षित किया जा रहा है। अगले 3 साल में 15 नए ‘सेंटर ऑफ एक्सीलेंस’ बनाए जाएंगे। यहां सिम्युलेटर और वर्चुअल रियलिटी के जरिए रीयल-टाइम बैटल ट्रेनिंग दी जाएगी। भविष्य में बीएसएफ और आईटीबीपी जैसे सुरक्षा बलों को भी इस नेटवर्क से जोड़ा जाएगा। यह फोर्स इंटेलिजेंस, सर्विलांस और सटीक प्रहार की दोहरी भूमिका निभाएगी। इस तंत्र को वायुसेना के इंटीग्रेटेड एयर कमांड और सेना के ‘आकाशतीर’ सिस्टम का कवच मिलेगा। डिफेंस ईकोसिस्टम भी नया, तीनों सेनाएं एक ऑपरेशन सिंदूर के बाद से भारत ने खुद को रक्षा उत्पादन में काफी मजबूत किया है। यह 1.54 लाख करोड़ तक पहुंच गया है। तीनों सेनाओं की थिएटर कमान बन रही है। दुश्मन के सस्ते ड्रोन्स से निपटने के लिए अब किफायती ‘सॉफ्ट किल’ (जैमिंग/स्पूफिंग) और ‘हार्ड किल’ (लेजर-आधारित डायरेक्टेड एनर्जी वेपन) तकनीक का इस्तेमाल किया जा रहा है। बता दें कि ड्रोन फोर्स का विचार पिछले साल तब आया, जब पाकिस्तान ने 1,000 ड्रोन्स से हमला किया। उसका मकसद हमारे एयर डिफेंस गैप्स को समझना और महंगे मिसाइल डिफेंस सिस्टम को सस्ते ड्रोन्स के जरिए आर्थिक नुकसान पहुंचाना था। हर फौजी के पास होगा अपना ड्रोन सेना की योजना इस ड्रोन फोर्स के हर जवान को ड्रोन चलाने की बेसिक ट्रेनिंग देने की है। लक्ष्य यह है कि युद्ध के मैदान में हर फौजी के पास अपना ड्रोन हो। इसके अलावा, सेना की प्रत्येक कोर में 8,000 ड्रोन्स शामिल करने की योजना है, जिससे एक लाख ड्रोन्स की विशाल शक्ति तैयार होगी। हमारे हथियार:- इस साल 120 डिफेंस स्टार्टअप खुले 20 नई कंपनियां सिर्फ ड्रोन, एआई, इलेक्ट्रॉनिक वॉरफेयर में एक्टिव हैं। इनकी मदद 16 हजार एमएसएमई कर रहे हैं। 7.85 लाख करोड़ के रक्षा बजट का 75% हिस्सा भारत में ही खर्च हो रहा। जबकि इस एक साल में भारत का कुल रक्षा आयात 11 से 15% घटा है। हमारा कौशल:- ड्रोन के ‘दिल-दिमाग’ भी यहीं बन रहे, मिसाइल का दिल यानी सीकर्स (अहम सेंसर) और दिमाग यानी इंजन। इन्हें भारतीय कंपनियां पीटीसी इंडस्ट्रीज, डेटा पैटर्न्स और सोलर इंडस्ट्रीज बना रहे हैं। पहले ये हिस्से रूस से मिलते थे। 2015 में ब्रह्मोस मिसाइल के 15% पुर्जे स्वदेशी थे, आज 72% हैं। मिसाइलों का मेंटेनेंस भारत में ही होगा इधर यूरोपीय रक्षा दिग्गज कंपनी एमबीडीए के साथ भारतीय वायुसेना का एक अहम समझौता हुआ है। समझौते के तहत राफेल लड़ाकू विमान में लगने वाली मीका एयर टू एयर मिसाइलों का रखरखाव अब भारत में ही वायुसेना करेगी। इसके लिए देश में इनके ‘मेंटेनेंस, रिपेयर, मिड लाइफ ओवरहॉल’ की सुविधा तैयार की जाएगी। यह कदम भारत द्वारा प्रस्तावित 114 अतिरिक्त मल्टीरोल लड़ाकू विमानों के अधिग्रहण से ठीक पहले उठाया गया है। बता दें कि यह 60-80 किमी रेंज की छोटी से मध्यम दूरी वाली मिसाइल है। इसे राफेल विमानों में बियॉन्ड-विजुअल-रेंज (दृश्य सीमा से परे) और क्लोज-कॉम्बैट (नजदीकी डॉगफाइट) दोनों के लिए इस्तेमाल किया जाता है। ऐसे ड्रोन जो जाम नहीं होंगे और बिना जीपीएस चलेंगे एयर कमोडोर गौरव एम त्रिपाठी (रिटायर्ड) के मुताबिक भविष्य के ऑपरेशन मल्टी-डोमेन होंगे। ‘अंतरिक्ष से समुद्र’ तक। इसमें कम्युनिकेशन ‘चेन’ नहीं, बल्कि एक साथ चलने वाला ‘वेब’ होगा। त्रिपाठी ने बताया कि इसके अलावा, अगली बार हमारा सामना ‘हार्डन्ड’ ड्रोन से हो सकता है, जिन्हें जाम करना मुश्किल होगा, जिनमें बेहतर नेविगेशन, जीपीएस के बिना काम करने की क्षमता, इलेक्ट्रो-ऑप्टिकल होमिंग और झुंड में हमला करने की ताकत होगी। इसके लिए हमें एंटी-ड्रोन क्षमता का दायरा सभी अहम ठिकानों तक बढ़ाना होगा। कम्युनिकेशन सिस्टम को इलेक्ट्रॉनिक वॉरफेयर, साइबर वॉरफेयर के खिलाफ मजबूत बनाना होगा। ………….. यह खबर भी पढ़ें… भारत रूस से 5 S-400 सुदर्शन डिफेंस सिस्टम खरीदेगा: पाकिस्तान-चीन सीमा पर तैनात किया जाएगा; वायुसेना ने इसे ऑपरेशन सिंदूर में गेम चेंजर बताया था भारत रूस से 5 नए S-400 ‘सुदर्शन’ एयर डिफेंस सिस्टम खरीदने की तैयारी में है। रक्षा मंत्रालय जल्द ही वायुसेना के प्रस्ताव को मंजूरी के लिए आगे बढ़ाएगा। न्यूज एजेंसी ANI ने सूत्रों के आधार पर सोमवार को बताया कि पिछले साल ऑपरेशन सिंदूर के दौरान S-400 सिस्टम के प्रदर्शन के बाद और खरीदने का निर्णय लिया गया है। पूरी खबर पढ़ें…
IPL में आज लखनऊ Vs बेंगलुरु:पिछले मैच में 155 पर सिमट गई थी बेंगलुरु; हार का सिलसिला तोड़ने की उतरेगी LSG

IPL में आज रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु का सामना लखनऊ सुपर जायंट्स से होगा। मैच लखनऊ के इकाना स्टेडियम में शाम 7:30 बजे से खेला जाएगा। पॉइंट्स टेबल में दूसरे नंबर पर मौजूद RCB को पिछले मैच में गुजरात टाइटंस से 4 विकेट से हार मिली थी। रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु यह मैच जीतकर प्लेऑफ की रेस में अपनी स्थिति मजबूत करना चाहेगी। वहीं, लगातार 6 हार के बाद पॉइंट्स टेबल में सबसे नीचे पहुंच चुकी लखनऊ सुपर जायंट्स के लिए यह मुकाबला साख बचाने जैसा होगा। इकाना में बेंगलुरु को नहीं हरा सकी है लखनऊ अभी तक दोनों टीमों के बीच IPL में 7 मुकाबले हुए हैं। लखनऊ सुपर जायंट्स ने 2 और रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु ने 5 मैच जीते हैं। इस सीजन में दोनों के बीच यह दूसरा मुकाबला है। बेंगलुरु में खेले गए पहले मैच में RCB ने लखनऊ को 5 विकेट से हराया था। पिछले सीजन में दोनों के बीच एक मैच हुआ था, जिसे बेंगलुरु ने जीता था। दोनों टीमें इकाना में दो बार भिड़ीं है और दोनों बार बेंगलुरु जीती है। दूसरे नंबर पर रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु, लेकिन 4 टीमें बराबरी पर RCB 12 अंकों के साथ पॉइंट्स टेबल में दूसरे स्थान पर है। हालांकि, तीन अन्य टीमों के भी 12-12 अंक हैं। गुजरात टाइटंस से मिली हार के बाद बेंगलुरु का नेट रन रेट प्रभावित हुआ है, जिसे टीम सुधारना चाहेगी। दूसरी ओर, लखनऊ सुपर जायंट्स के लिए टूर्नामेंट लगभग खत्म हो चुका है, लेकिन ऋषभपंत की कप्तानी वाली टीम बेंगलुरु का खेल बिगाड़ सकती है। लखनऊ सुपर जायंट्स की मुश्किल, न कप्तान चल रहे हैं न विदेशी सितारे लखनऊ सुपर जायंट्स के लिए यह सीजन निराशाजनक रहा है। मिचेल मार्श, एडन मार्करम और निकोलस पूरन लगातार संघर्ष कर रहे हैं। कप्तान ऋषभपंत की फॉर्म पर भी सवाल हैं। बैटिंग ऑर्डर में लगातार बदलाव की रणनीति टीम पर भारी पड़ी है। अब उनका सामना भुवनेश्वर कुमार और जोश हेजलवुड जैसे अनुभवी गेंदबाजों से होगा, जिन्होंने दिल्ली कैपिटल्स को 75 रन पर समेट दिया था। लखनऊ सुपर जायंट्स के लिए गेंदबाजी में प्रिंस यादव (13 विकेट) और मोहसिन खान (10 विकेट) ही सफल रहे हैं। मोहम्मद शमी की खराब फॉर्म और डेथ ओवर्स में रन रोकने में नाकामी टीम की सबसे बड़ी कमजोरी रही है। विराट कोहली फॉर्म में, लेकिन फिल सॉल्ट की चोट ने बढ़ाई चिंता RCB की बल्लेबाजी इस सीजन में आक्रामक रही है। विराट कोहली 379 रन के साथ टीम के टॉप रन स्कोरर हैं। पिछले मैच में टीम की बल्लेबाजी बिखर गई थी। स्कोर 79/2 से 96/6 हो गया और पूरी टीम 155 रन पर सिमट गई। टीम के लिए ओपनर फिल सॉल्ट की उंगली की चोट बड़ा झटका है। उनकी गैरमौजूदगी में जैकब बेथेल पर विराट कोहली के साथ तेज शुरुआत दिलाने की जिम्मेदारी होगी। कप्तान रजत पाटीदार और देवदत्त पडिक्कल से भी मध्यक्रम में बड़े स्कोर की उम्मीद है। वहीं, रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु के पास अनुभवी तेज गेंदबाजी आक्रमण है। भुवनेश्वर कुमार नई गेंद से विकेट निकाल रहे हैं, जबकि जोश हेजलवुड का सटीक स्पेल बल्लेबाजों को बांधे रखता है। स्पिन में क्रुणाल पंड्या 9 विकेट लेकर प्रभावशाली रहे हैं। इकाना में अब तक 26 मैच खेले गए लखनऊ के इकाना स्टेडियम की पिच पर स्पिनर्स को मदद मिलने की उम्मीद है। यहां अब तक कुल 26 IPL मैच खेले गए। 10 मैच में पहले बैटिंग और 14 में चेज करने वाली टीमों को जीत मिली। एक मैच बेनतीजा भी रहा। जबकि एक मैच का फैसला सुपर ओवर में हुआ है। यहां IPL का सबसे बड़ा स्कोर कोलकाता नाइट राइडर्स (KKR) के नाम है, जिन्होंने 2024 में लखनऊ के खिलाफ 235/6 रन बनाए थे। वहीं, सबसे छोटा स्कोर लखनऊ सुपर जायंट्स (LSG) के नाम दर्ज है, जब वे 2023 में रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (RCB) के खिलाफ महज 108 रन पर सिमट गए थे। लखनऊ में बारिश की 25% आशंका लखनऊ में आज आंशिक रूप से बादल छाए रहेंगे। दोपहर या शाम में हल्की बारिश या गरज के साथ बौछारें पड़ने की 25% संभावना है। अधिकतम तापमान 31 से 34 डिग्री और न्यूनतम तापमान 22 से 27 डिग्री के बीच रहने का अनुमान है। दोनों टीमों की संभावित प्लेइंग-XI रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु: रजत पाटीदार (कप्तान), विराट कोहली, देवदत्त पडिक्कल, जैकब बेथेल, जितेश शर्मा (विकेटकीपर), टिम डेविड, क्रुणाल पांड्या, भुवनेश्वर कुमार, जोश हेजलवुड, सुयश शर्मा, रोमारियो शेफर्ड। लखनऊ सुपर जाइंट्स: ऋषभ पंत (कप्तान और विकेटकीपर), निकोलस पूरन, मिचेल मार्श, एडन मार्करम, आयुष बडोनी, मोहम्मद शमी, मोहसिन खान, प्रिंस यादव, आवेश खान, शाहबाज अहमद, अब्दुल समद।
IPL में आज लखनऊ Vs बेंगलुरु:पिछले मैच में 155 पर सिमट गई थी बेंगलुरु; हार का सिलसिला तोड़ने की उतरेगी LSG

IPL में आज रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु का सामना लखनऊ सुपर जायंट्स से होगा। मैच लखनऊ के इकाना स्टेडियम में शाम 7:30 बजे से खेला जाएगा। पॉइंट्स टेबल में दूसरे नंबर पर मौजूद RCB को पिछले मैच में गुजरात टाइटंस से 4 विकेट से हार मिली थी। रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु यह मैच जीतकर प्लेऑफ की रेस में अपनी स्थिति मजबूत करना चाहेगी। वहीं, लगातार 6 हार के बाद पॉइंट्स टेबल में सबसे नीचे पहुंच चुकी लखनऊ सुपर जायंट्स के लिए यह मुकाबला साख बचाने जैसा होगा। इकाना में बेंगलुरु को नहीं हरा सकी है लखनऊ अभी तक दोनों टीमों के बीच IPL में 7 मुकाबले हुए हैं। लखनऊ सुपर जायंट्स ने 2 और रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु ने 5 मैच जीते हैं। इस सीजन में दोनों के बीच यह दूसरा मुकाबला है। बेंगलुरु में खेले गए पहले मैच में RCB ने लखनऊ को 5 विकेट से हराया था। पिछले सीजन में दोनों के बीच एक मैच हुआ था, जिसे बेंगलुरु ने जीता था। दोनों टीमें इकाना में दो बार भिड़ीं है और दोनों बार बेंगलुरु जीती है। दूसरे नंबर पर रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु, लेकिन 4 टीमें बराबरी पर RCB 12 अंकों के साथ पॉइंट्स टेबल में दूसरे स्थान पर है। हालांकि, तीन अन्य टीमों के भी 12-12 अंक हैं। गुजरात टाइटंस से मिली हार के बाद बेंगलुरु का नेट रन रेट प्रभावित हुआ है, जिसे टीम सुधारना चाहेगी। दूसरी ओर, लखनऊ सुपर जायंट्स के लिए टूर्नामेंट लगभग खत्म हो चुका है, लेकिन ऋषभपंत की कप्तानी वाली टीम बेंगलुरु का खेल बिगाड़ सकती है। लखनऊ सुपर जायंट्स की मुश्किल, न कप्तान चल रहे हैं न विदेशी सितारे लखनऊ सुपर जायंट्स के लिए यह सीजन निराशाजनक रहा है। मिचेल मार्श, एडन मार्करम और निकोलस पूरन लगातार संघर्ष कर रहे हैं। कप्तान ऋषभपंत की फॉर्म पर भी सवाल हैं। बैटिंग ऑर्डर में लगातार बदलाव की रणनीति टीम पर भारी पड़ी है। अब उनका सामना भुवनेश्वर कुमार और जोश हेजलवुड जैसे अनुभवी गेंदबाजों से होगा, जिन्होंने दिल्ली कैपिटल्स को 75 रन पर समेट दिया था। लखनऊ सुपर जायंट्स के लिए गेंदबाजी में प्रिंस यादव (13 विकेट) और मोहसिन खान (10 विकेट) ही सफल रहे हैं। मोहम्मद शमी की खराब फॉर्म और डेथ ओवर्स में रन रोकने में नाकामी टीम की सबसे बड़ी कमजोरी रही है। विराट कोहली फॉर्म में, लेकिन फिल सॉल्ट की चोट ने बढ़ाई चिंता RCB की बल्लेबाजी इस सीजन में आक्रामक रही है। विराट कोहली 379 रन के साथ टीम के टॉप रन स्कोरर हैं। पिछले मैच में टीम की बल्लेबाजी बिखर गई थी। स्कोर 79/2 से 96/6 हो गया और पूरी टीम 155 रन पर सिमट गई। टीम के लिए ओपनर फिल सॉल्ट की उंगली की चोट बड़ा झटका है। उनकी गैरमौजूदगी में जैकब बेथेल पर विराट कोहली के साथ तेज शुरुआत दिलाने की जिम्मेदारी होगी। कप्तान रजत पाटीदार और देवदत्त पडिक्कल से भी मध्यक्रम में बड़े स्कोर की उम्मीद है। वहीं, रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु के पास अनुभवी तेज गेंदबाजी आक्रमण है। भुवनेश्वर कुमार नई गेंद से विकेट निकाल रहे हैं, जबकि जोश हेजलवुड का सटीक स्पेल बल्लेबाजों को बांधे रखता है। स्पिन में क्रुणाल पंड्या 9 विकेट लेकर प्रभावशाली रहे हैं। इकाना में अब तक 26 मैच खेले गए लखनऊ के इकाना स्टेडियम की पिच पर स्पिनर्स को मदद मिलने की उम्मीद है। यहां अब तक कुल 26 IPL मैच खेले गए। 10 मैच में पहले बैटिंग और 14 में चेज करने वाली टीमों को जीत मिली। एक मैच बेनतीजा भी रहा। जबकि एक मैच का फैसला सुपर ओवर में हुआ है। यहां IPL का सबसे बड़ा स्कोर कोलकाता नाइट राइडर्स (KKR) के नाम है, जिन्होंने 2024 में लखनऊ के खिलाफ 235/6 रन बनाए थे। वहीं, सबसे छोटा स्कोर लखनऊ सुपर जायंट्स (LSG) के नाम दर्ज है, जब वे 2023 में रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (RCB) के खिलाफ महज 108 रन पर सिमट गए थे। लखनऊ में बारिश की 25% आशंका लखनऊ में आज आंशिक रूप से बादल छाए रहेंगे। दोपहर या शाम में हल्की बारिश या गरज के साथ बौछारें पड़ने की 25% संभावना है। अधिकतम तापमान 31 से 34 डिग्री और न्यूनतम तापमान 22 से 27 डिग्री के बीच रहने का अनुमान है। दोनों टीमों की संभावित प्लेइंग-XI रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु: रजत पाटीदार (कप्तान), विराट कोहली, देवदत्त पडिक्कल, जैकब बेथेल, जितेश शर्मा (विकेटकीपर), टिम डेविड, क्रुणाल पांड्या, भुवनेश्वर कुमार, जोश हेजलवुड, सुयश शर्मा, रोमारियो शेफर्ड। लखनऊ सुपर जाइंट्स: ऋषभ पंत (कप्तान और विकेटकीपर), निकोलस पूरन, मिचेल मार्श, एडन मार्करम, आयुष बडोनी, मोहम्मद शमी, मोहसिन खान, प्रिंस यादव, आवेश खान, शाहबाज अहमद, अब्दुल समद।







