12 साल बाद ब्रेक पर बद्रीनाथ पहुंचे धीरेंद्र शास्त्री:जीरो डिग्री तापमान में 21 दिन तक करेंगे साधना, घुटनों के बल बैठकर भक्तों ने किया स्वागत

बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री 21 दिन की विशेष साधना के लिए बद्रीनाथ धाम पहुंच गए हैं। बद्रीनाथ पहुंचने के बाद मंदिर परिसर में उनके दर्शन के लिए श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। कई भक्त हाथ जोड़कर आशीर्वाद लेते नजर आए, जबकि कुछ लोग भावुक होकर उनके सामने घुटनों के बल बैठ गए। धाम परिसर में जयकारों और मोबाइल कैमरों के बीच उनका स्वागत हुआ। यह पहली बार है जब धीरेंद्र शास्त्री ने लगातार 12 साल तक कथा, दिव्य दरबार और धार्मिक आयोजनों के बाद इतना लंबा विराम लिया है। उन्होंने कहा कि राष्ट्र, सनातन और हिंदुत्व के लिए लगातार चल रहे अभियानों के बीच अब आत्मचिंतन और स्वयं को साधने का समय आया है। उनका कहना है कि समाज को नई दिशा देने से पहले खुद को साधना जरूरी है। धीरेंद्र शास्त्री 6 मई से 26 मई तक बद्रीनाथ के पहाड़ों में एकांत साधना करेंगे। इसके बाद 26 से 30 मई तक बद्रीनाथ धाम में श्रद्धालुओं को दिव्य कथा सुनाएंगे। साधना के दौरान उनके साथ सीमित संख्या में लोग रहेंगे और साधना स्थल को सार्वजनिक नहीं किया जाएगा। माता-पिता और कुल देवताओं का लिया आशीर्वाद बद्रीनाथ रवाना होने से पहले धीरेंद्र शास्त्री ने बागेश्वर बालाजी और संन्यासी बाबा के दर्शन किए। इसके बाद गुरु की आज्ञा के अनुसार वे पैदल अपने घर पहुंचे, जहां माता-पिता का आशीर्वाद लिया। उन्होंने गांव के कुल देवी-देवताओं को भी प्रणाम किया। इस दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालु उनके साथ पैदल चलते नजर आए। रास्ते भर भक्तों ने पुष्प वर्षा की और जयकारे लगाए। इसके बाद वे खजुराहो से देहरादून होते हुए बद्रीनाथ के लिए रवाना हुए। बोले- संसार को साधने से पहले खुद को साधना जरूरी धीरेंद्र शास्त्री ने कहा कि पिछले कई वर्षों से वे लगातार हिंदुत्व, सनातन, पदयात्राओं, कन्या विवाह और दिव्य दरबारों में व्यस्त रहे। ऐसे में अब एक ऐसा समय जरूरी था, जब वे आत्मचिंतन कर सकें। उन्होंने कहा कि यदि संसार को साधना है तो उससे पहले स्वयं को साधना अनिवार्य है। मन, विचार और इंद्रियों को बेहतर बनाकर ही समाज को नई दिशा और नई ऊर्जा दी जा सकती है। इसी उद्देश्य से उन्होंने बद्रीनाथ में एकांत साधना का निर्णय लिया है। फलाहार से शुरू की तैयारी, गुरु के आदेश से तय होगा नियम धीरेंद्र शास्त्री ने बताया कि साधना शुरू होने से पहले ही उन्होंने खान-पान नियंत्रित करना शुरू कर दिया था। पिछले 17-18 दिनों से वे एक समय फलाहार ले रहे हैं, ताकि अचानक भोजन छोड़ने का असर शरीर पर न पड़े। उन्होंने कहा कि बद्रीनाथ पहुंचने के बाद गुरु की प्रेरणा और साधना के संकल्प के अनुसार ही आगे का नियम तय होगा। साधना के दौरान अल्पाहार, फलाहार या पूर्ण उपवास में से क्या रहेगा, यह वहीं निश्चित किया जाएगा। साधना स्थल गुप्त रहेगा, सिर्फ एक सेवादार रहेगा साथ धीरेंद्र शास्त्री ने कहा कि बद्रीनाथ तक उनके साथ सीमित संख्या में लोग और सुरक्षा कर्मी हैं, लेकिन जहां साधना होगी वहां सिर्फ वे और एक सेवादार मौजूद रहेंगे। सुरक्षा और साधना में व्यवधान से बचने के लिए स्थान को सार्वजनिक नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि यदि साधना स्थल की जानकारी पहले सामने आ गई तो वहां भीड़ पहुंच सकती है, जिससे प्रशासन को परेशानी होगी और साधना में विघ्न पड़ेगा। उन्होंने संकेत दिया कि साधना टेंट सिटी या किसी गुफा क्षेत्र में हो सकती है। 26 मई के बाद बद्रीनाथ में सुनाएंगे दिव्य कथा 21 दिन की विशेष साधना पूरी होने के बाद धीरेंद्र शास्त्री बद्रीनाथ धाम में श्रद्धालुओं को दिव्य कथा सुनाएंगे। यह कथा 26 मई से 30 मई तक चलेगी। बागेश्वर धाम के सेवादार ऋषि शुक्ला के अनुसार साधना और कथा कार्यक्रम को लेकर पहले से तैयारियां शुरू कर दी गई हैं। बद्रीनाथ में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना जताई जा रही है। युवाओं को सनातन से जोड़ने की तैयारी का दावा धीरेंद्र शास्त्री ने कहा कि भारत हिंदू राष्ट्र की दिशा में आगे बढ़ रहा है, लेकिन विचारों में बदलाव की जरूरत है। उन्होंने कहा कि खासतौर पर युवा सनातन के विचारों से दूर हो रहे हैं और साधना के बाद युवाओं को जोड़ने के लिए नए अभियान शुरू किए जाएंगे। उन्होंने दावा किया कि इस साधना के बाद वे ऐसे नए कार्य और योजनाएं लेकर आएंगे, जो युवाओं को सनातन और हिंदुत्व के प्रति प्रेरित करेंगी।
2 मिनट वाले एपिसोड का क्रेज:हर महीने 1 हजार शोज बनाने की तैयारी; 2030 तक 42 हजार करोड़ के बाजार का अनुमान

भारत में मनोरंजन देखने का तरीका तेजी से बदल रहा है। लंबी फिल्में और टीवी सीरियल की जगह अब लोग मोबाइल पर माइक्रो-ड्रामा ज्यादा देख रहे हैं। इन शोज के एपिसोड 2 मिनट से भी कम के होते हैं और लोग इन्हें दिन के छोटे-छोटे ब्रेक में बिंज-वॉच कर रहे हैं। यह मुख्य रूप से मोबाइल फोन के लिए वर्टिकल फॉर्म में डिजाइन किया गया है, जिसे कहीं भी आसानी से इस्तेमाल किया जा सकता है। निवेश फर्म लुमिकाई की रिपोर्ट के मुताबिक, भारत में माइक्रो-ड्रामा का बाजार अभी करीब 2,856 करोड़ रुपए का है, जो 2030 तक 42,844 करोड़ रुपए तक पहुंच सकता है। 68% ऑडियंस छोटे शहरों से, 40% दर्शक महिलाएं एक्सपर्ट्स के मुताबिक भारत में हर महीने करीब 4 करोड़ यूजर माइक्रो-ड्रामा देखते हैं। करीब 68% ऑडियंस टियर-2/टियर-3 शहरों से आती है, जहां सिनेमाघर कम, टीवी कमजोर और स्ट्रीमिंग प्लेटफॉर्म की पहुंच सीमित रहती है। करीब 40% दर्शक महिलाएं हैं। बड़े प्रोड्यूसर व एआई से बढ़ा निवेश इसमें अब बड़े प्रोड्यूसर भी निवेश कर रहे हैं। मुकेश अंबानी की कंपनी जियोस्टार ने ‘तड़का’ नाम से प्लेटफॉर्म लॉन्च किया है, जिस पर 100 से ज्यादा शोज हैं। जी एंटरटेनमेंट और बालाजी टेलीफिल्म्स भी इस फॉर्मेट में उतर चुके हैं। कई कंपनियां अब एआई की मदद से इसे 1 हजार प्रति माह तक ले जाने की योजना बना रही हैं। ओटीटी से 90% सस्ता माइक्रो-ड्रामा माइक्रो-ड्रामा फिल्ममेकर के मुताबिक माइक्रो-ड्रामा का पूरा सीजन बनाना ओटीटी सीरीज के मुकाबले 70-90% सस्ता पड़ता है। शूटिंग 3-4 दिन में हो जाती है। लागत करीब 15 हजार से 20 हजार रुपए प्रति मिनट कंटेंट बताई गई है। पूरा सीजन 10-15 लाख रुपए में बन जाता है, जिसे 20 से 50 रुपए महीने की सब्सक्रिप्शन से उठाया जाता है।
आमिर खान ने ‘4 इडियट्स’ को दी हरी झंडी:AI और आधुनिक शिक्षा प्रणाली पर आधारित होगी कहानी, विकी कौशल की एंट्री लगभग तय

भारतीय सिनेमा की कल्ट फिल्म ‘3 इडियट्स’ के सीक्वल को लेकर चल रही अटकलों पर अब विराम लग गया है। आमिर खान ने खुद इस प्रोजेक्ट को हरी झंडी दे दी है, जिससे यह साफ हो गया है कि ‘इडियट्स’ की दुनिया एक बार फिर परदे पर लौटने वाली है। सोशल मीडिया पर इसे फिलहाल ‘4 इडियट्स’ के नाम से चर्चा मिल रही है और इंडस्ट्री में इसे 2026-27 के सबसे बड़े प्रोजेक्ट्स में गिना जा रहा है। निर्देशक राजकुमार हिरानी और लेखक अभिजात जोशी ने कहानी को अंतिम रूप देने की दिशा में कदम बढ़ा दिया है। सीक्वल की कहानी पहली फिल्म के अंत के करीब 10 से 15 साल बाद की होगी, जहां रैंचो, फरहान और राजू की जिंदगी पूरी तरह बदल चुकी होगी। कहानी इस बात को दिखाएगी कि सफलता के बाद भी नई चुनौतियां कैसे उन्हें फिर एक साथ लाती हैं और बदलते समय में शिक्षा व्यवस्था से उनका टकराव कैसे होता है। आमिर ने खुद स्वीकार किया है कि उन्होंने कहानी का नरेशन सुन लिया है और यह बेहद अतरंगी है। फिल्म के लिए कई मीटिंग्स हो चुकीं रोचक ये भी है कि हिरानी के साथ ‘संजू’ और ‘डंकी’ जैसी फिल्मों में काम कर चुके विकी को स्क्रिप्ट काफी पसंद आई है। बताया जा रहा है कि उनका किरदार कहानी में एक नया इमोशनल और फ्रेश एंगल जोड़ेगा। विकी, आमिर और हिरानी के बीच इस प्रोजेक्ट को लेकर कई दौर की मीटिंग्स भी हो चुकी हैं। विकी ने मौखिक तौर पर भूमिका के लिए हामी भर दी है। शूटिंग 2026 के अंत या 2027 की शुरुआत में शुरू हो सकती है। इस बार फिल्म का नाम ‘4 इडियट्स’ रखने के पीछे की वजह भी काफी दिलचस्प बताई जा रही है। सूत्रों की मानें तो कहानी इस बार आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और आधुनिक दौर की ‘प्रेशर कुकर’ वाली शिक्षा प्रणाली पर टारगेट करेगी। सीक्वल इस बात पर केंद्रित हो सकता है कि कैसे डिजिटल दुनिया में मशीन बनने की दौड़ ने इंसानी जज्बातों को पीछे छोड़ दिया है। विकी कौशल भी बन सकते हैं फिल्म का हिस्सा फिल्म की कास्टिंग को लेकर सबसे ज्यादा उत्सुकता बनी हुई है। आमिर एक बार फिर रैंचो उर्फ फुंसुख वांगडू के किरदार में नजर आएंगे, यह लगभग तय हो चुका है। वहीं आर. माधवन और शरमन जोशी की वापसी को लेकर आधिकारिक घोषणा भले न हुई हो, लेकिन तीनों एक्टर्स ने एक साथ शूट करने के लिए दिलचस्पी दिखाई है। सीक्वल में सबसे बड़ा बदलाव ‘चौथे इडियट’ की एंट्री को लेकर बताया जा रहा है। चर्चा है कि राजकुमार हिरानी इस नई भूमिका के लिए विकी कौशल को कास्ट कर सकते हैं।
मिसाइल अटैक से विदेश में फंसी अमीषा पटेल भारत लौटीं:कहा- दुआओं के लिए शुक्रिया; 24 घंटे की देरी के बाद मुंबई पहुंचीं फ्लाइट

एक्ट्रेस अमीषा पटेल आखिरकार सुरक्षित मुंबई लौट आई हैं। वह न्यूयॉर्क से मुंबई की यात्रा कर रही थीं, लेकिन खाड़ी क्षेत्र में हुए मिसाइल हमलों के कारण यूएई (UAE) का एयरस्पेस अचानक बंद कर दिया गया। इस वजह से उनकी फ्लाइट को बीच रास्ते से ही ओमान के मस्कट शहर की ओर डायवर्ट करना पड़ा। वहां करीब 24 घंटे से ज्यादा समय तक फंसे रहने के बाद वह सोमवार को अपने घर पहुंचीं। दुबई लैंडिंग से ठीक पहले मिली हमले की सूचना अमीषा एमिरेट्स की फ्लाइट से न्यूयॉर्क से वाया दुबई होकर मुंबई आ रही थीं। जब उनका प्लेन दुबई में लैंड करने ही वाला था, तभी यूएई अथॉरिटीज ने हवाई क्षेत्र को पूरी तरह बंद करने का आदेश जारी कर दिया। इसकी वजह क्षेत्र में हुए ताजा मिसाइल और ड्रोन हमले बताए जा रहे हैं। सुरक्षा कारणों से पायलट को फ्लाइट का रुख मस्कट की ओर मोड़ना पड़ा, जिससे यात्रियों के बीच काफी समय तक अनिश्चितता बनी रही। कहा- कब खत्म होगी जंग? अमीषा ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘X’ पर अपना यह तनावपूर्ण अनुभव शेयर किया। उन्होंने लिखा, “दुबई लैंड करने ही वाले थे कि मिसाइल हमलों की वजह से एयरस्पेस बंद हो गया। हमें मस्कट भेज दिया गया है और अब हम अगले अपडेट का इंतजार कर रहे हैं। यह जंग कब खत्म होगी! मैं दुआ कर रही हूं।” उनके साथ डीजे चेतस और प्रोड्यूसर कुणाल गूमर भी यात्रा कर रहे थे। एयरपोर्ट लाउंज में लंबा समय बिताने के बाद उन्होंने एक फोटो शेयर कर बताया कि उन्हें सफर शुरू किए 24 घंटे से ज्यादा हो चुके हैं। खाड़ी देशों में बढ़ते तनाव से बिगड़े हालात मिसाइल हमलों की खबरों के बाद पूरे खाड़ी क्षेत्र में तनाव की स्थिति बनी हुई है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, ईरान और यूएई के बीच संघर्ष बढ़ने की वजह से तेल ठिकानों और अहम शिपिंग रूट्स को निशाना बनाया गया है। इसी के चलते एयरस्पेस बंद करना पड़ा, जिसका असर अंतरराष्ट्रीय उड़ानों पर पड़ा। मुंबई पहुंचने के बाद अमीषा ने राहत की सांस ली और फैंस का शुक्रिया अदा करते हुए लिखा, “आखिरकार मुंबई!!! आप सबकी दुआओं के लिए धन्यवाद।”
तमिलनाडु में कांग्रेस ने छात्रों के गठबंधन, विक्ट्री की पार्टी टीवीके को समर्थन दिया

अभिनेता से नेता बने विजय की पार्टी टीवीके की जीत के साथ तमिल की राजनीति में बड़ा उलटफेर देखने को मिल रहा है। नई सरकार के गठन के बीच कांग्रेस के शिक्षकों के साथ चले आ रहे लंबे समय के गठबंधन के साथ टीवीके को समर्थन देने की घोषणा की गई है। कांग्रेस ने कहा कि ‘टीवीके के साथ उनका गठबंधन न केवल इस सरकार के गठन के लिए है, बल्कि स्थानीय निकाय सदस्य, समाजवादी पार्टी और राज्य सभा के लिए भी है।’ हालाँकि, तमिल में टीवीके को समर्थन देने के बाद भी केंद्र में ‘इंडिया ब्लॉक’ में कांग्रेस के शिक्षकों का साथ मिल सकता है। कांग्रेस के तमिलनाडु महासचिव इब्राहिम चोडंकर ने कहा, ‘टीवीके से हमारी यही शर्त है कि हम नहीं कि बीजेपी के किसी भी सहयोगी दल को इस गठबंधन में शामिल किया जाए.’ हम टीचर्स के साथ ‘इंडिया’ अलायंस में बने रहेंगे।’ टीवीके को समर्थन इससे पहले कांग्रेस ने विजय की पार्टी टीवीके को सरकार बनाने के लिए अपना समर्थन देने की आधिकारिक घोषणा की थी। यह निर्णय कांग्रेस के शीर्ष नेतृत्व और तमिल कांग्रेस समिति की बैठक के बाद लिया गया। अखिल भारतीय कांग्रेस समिति (एआईसीसी) के महासचिव बैटरी चोदनकर ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर बताया कि टीवी के अध्यक्ष विजय ने कांग्रेस को गैर-कानूनी रूप से समर्थन देने की मांग की थी। वीडियो | चेन्नई, तमिलनाडु: “टीवीके के लिए हमारी एकमात्र शर्त यह है कि हम नहीं चाहते कि कोई भी भाजपा सहयोगी इस गठबंधन का हिस्सा बने; हम भारत गठबंधन में डीएमके के साथ बने रहेंगे,” कांग्रेस के तमिलनाडु प्रभारी गिरीश चोदनकर कहते हैं। pic.twitter.com/AbbBCJ7je1 – प्रेस ट्रस्ट ऑफ इंडिया (@PTI_News) 6 मई 2026 समर्थन के लिए ये शर्त रखें उन्होंने कहा कि तमिलनाडु की जनता ने विशेष रूप से युवाओं को साफ और मजबूत बनाया है, जो एक क्रांतिकारी, प्रगतिशील और जन कल्याणकारी सरकार के पक्ष में है। कांग्रेस ने इस प्रतिष्ठा का सम्मान करते हुए टीवीके को ‘पूर्ण समर्थन’ का निर्णय लिया है। हालाँकि, पार्टी ने यह भी साफ कर दिया है कि वह एक शर्त के साथ समर्थन करेगी। कांग्रेस ने कहा कि इस गठबंधन में ऐसी किसी भी ‘सांप्रदायिक शक्ति’ को शामिल नहीं किया जाना चाहिए, जो भारत के संविधान में विश्वसनीय नहीं हो। चुनाव परिणाम 2026 लाइव: विजय ने टीवीके मुख्यालय में कांग्रेस समर्थकों का स्वागत किया, गठबंधन तय किया” href=’https://www.abplive.com/elections/assembly-election-results-2026-live-updates-bengal-cm-name-suvendu-aअधिकारी-mamata-banerjee-tn-tvk-vijay-assam-hemant-3125267″ target=”_self”>चुनाव परिणाम 2026 लाइव: विजय ने टीवीके मुख्यालय में कांग्रेस समर्थकों का स्वागत किया, गठबंधन तय किया प्रेस विज्ञप्ति में यह भी कहा गया कि टीवीके और कांग्रेस का यह गठबंधन केवल सरकार गठन तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि भविष्य में स्थानीय निकाय चुनाव, विपक्ष और साम्राज्य में भी मिलकर काम करेगा। दोनों उद्यम पेरुंथलीवर कामराज, पेरियार और डॉ. बी.आर. कॉम के आदर्शों पर कायम रहे सामाजिक न्याय और संवैधानिक मूल्यों को आगे बढ़ाने का संकल्प लेंगे। तमिलनाडु में राहुल गांधी की ‘हाथ’ विजय के साथ, कांग्रेस पार्टी TVK का समर्थन” href=’https://www.abplive.com/news/india/tamil-nadu-election-result-2026-congress-supports-vijay-party-tvk-for-formation-of-government-3125734′ target=”_self”>तमिलनाडु में राहुल गांधी की ‘हाथ’ विजय के साथ, कांग्रेस पार्टी TVK का समर्थन (टैग्सटूट्रांसलेट)ब्रेकिंग न्यूज(टी)एबीपी न्यूज(टी)तमिलनाडु चुनाव परिणाम(टी)तमिलनाडु न्यूज(टी)तमिलनाडु परिणाम(टी)कांग्रेस(टी)टीवीके(टी)डीएमके(टी)कांग्रेस डीएमके गठबंधन टूट गया(टी)कांग्रेस ने टीवीके(टी)तमिलनाडु में कांग्रेस नेके सेकेमिस्ट गठबंधन(टी)विजय की पार्टी टीवीके को समर्थन(टी)तमिलनाडुचुनाव परिणाम(टी)टीवीके(टी)कांग्रेस का समर्थन किया धन्यवाद(टी)कांग्रेस टीवीके समर्थन
भीषण गर्मी का अलर्ट! स्वास्थ्य विभाग की चेतावनी, इन सावधानियों को नजरअंदाज किया तो पड़ सकता है भारी

Last Updated:May 06, 2026, 13:33 IST Summer Safety Tips: भीषण गर्मी को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने लोगों के लिए अलर्ट जारी किया है और जरूरी सावधानियां बरतने की अपील की है. तापमान में लगातार बढ़ोतरी के कारण हीटवेव और लू का खतरा बढ़ गया है, जिससे डिहाइड्रेशन और हीट स्ट्रोक जैसी समस्याएं हो सकती हैं. विभाग ने सलाह दी है कि लोग दोपहर के समय घर से बाहर निकलने से बचें, पर्याप्त मात्रा में पानी पिएं और हल्के, ढीले कपड़े पहनें. बच्चों, बुजुर्गों और बीमार लोगों को विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है. साथ ही, छांव में रहने और शरीर को ठंडा रखने के उपाय अपनाने की भी सलाह दी गई है. समय रहते इन उपायों को अपनाकर गर्मी के दुष्प्रभाव से बचा जा सकता है. ख़बरें फटाफट Alwar news: खैरथल-तिजारा जिले में भीषण गर्मी के चलते मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है. जिले के अस्पतालों में मरीजों की लंबी-लंबी कतारें देखने को मिल रही हैं. भीषण गर्मी से निपटने के लिए स्वास्थ्य विभाग ने पूरी तैयारी कर ली है. हीट स्ट्रोक से बचाव के लिए आशा कार्यकर्ता, एएनएम और डॉक्टर लोगों को जागरूक कर रहे हैं. वे पर्याप्त पानी पीने, धूप से बचने और समय-समय पर सावधानी बरतने के उपाय बता रहे हैं, ताकि लोग सुरक्षित रह सकें. इसके अलावा जिले के विभिन्न अस्पतालों में अतिरिक्त स्टाफ तैनात कर दिया गया है. खैरथल तिजारा जिले की सभी अस्पतालों में अतिरिक्त एक बेड की व्यवस्था की गई है. ऐसे में हीट स्ट्रोक के मरीजों को कब ओआरएस देना है और कब कौन सी दवा देनी है इसके लिए सभी को ट्रेनिंग दी जा चुकी है. इसके अलावा भिवाड़ी जैसे जिला अस्पताल में ओआरएस कॉर्नर जिसमें 24 घंटे में पानी में ORS डालकर रखते हैं ताकि अस्पताल में आने वाला व्यक्ति उसको पी सके. दोपहर 12 बजे से शाम 4 बजे के बीच पैदल चलने से बचेखैरथल तिजारा जिले के मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ अरविंद गेट ने बताया कि हीट स्ट्रोक से बचने के लिए घर से बाहर निकलते समय अपने सर को ढक कर निकले, तेज धूप पड़ने पर छाता का उपयोग करें. तेज गर्मी और धूप में बार-बार थोड़ा-थोड़ा लिक्विड नींबू पानी, ORS, नारियल पानी, गन्ने का जूस, मौसमी का जूस सहित अन्य लिक्विड एक से डेढ़ घंटे में पीते रहे. डॉक्टर ने बताया कि तेज गर्मी और धूप के दौरान दोपहर 12 बजे से शाम 4 बजे के बीच पैदल चलने से बचे. तुरंत ठंडे स्थान पर जाएं और चिकित्सा सहायता लेंडॉ अरविंद गेट ने बताया कि तेज गर्मी में अगर जवान सूख जाती है, चमड़ी ढीली हो जाती है, पेशाब काफी देर से नहीं आ रहा है, डिसओरिएंटेड यानी व्यक्ति को चक्कर आना, दिशा या स्थिति समझ में न आना, भ्रमित महसूस हो रहा है तो हीट स्ट्रोक का एक प्रमुख लक्षण है. इसलिए ऐसे लक्षण दिखें तो तुरंत ठंडे स्थान पर जाएं और चिकित्सा सहायता लें. बीमार होने से बचा जा सकेउन्होंने भिवाड़ी औद्योगिक क्षेत्र में संचालित हीट वाली कंपनियों में काम करने वाले श्रमिकों को स्वास्थ्य विभाग में जागरुक करते हुए कहा कि तेज गर्मी के दौरान अपने आसपास गिला कपड़ा रखें, काम के दौरान बार-बार पानी पीते रहे ताकि बीमार होने से बचा जा सके. About the Author Jagriti Dubey Hi, I am Jagriti Dubey, a media professional with 6 years of experience in social media and content creation. I started my career with an internship at Gbn 24 news channel in 2019 and have worked with many repu…और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्टोरीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्स में सबमिट करें Location : Alwar,Rajasthan
‘होप नो कैपिटल हिल इन कोलकाता’: इस्तीफा देने से इनकार करने पर हरीश साल्वे का ममता बनर्जी पर कटाक्ष | भारत समाचार

आखरी अपडेट:06 मई, 2026, 13:31 IST वरिष्ठ अधिवक्ता ने इस बात पर जोर दिया कि संविधान के तहत, यदि मुख्यमंत्री के पास विधानसभा में बहुमत नहीं है तो उन्हें पद छोड़ देना चाहिए। ममता बनर्जी ने आरोप लगाया है कि भाजपा ने चुनाव आयोग के साथ मिलकर मतदाता सूची को हटाकर पश्चिम बंगाल चुनावों में हेरफेर किया। पश्चिम बंगाल चुनाव: पूर्व सॉलिसिटर जनरल हरीश साल्वे ने बुधवार को पश्चिम बंगाल की निवर्तमान मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर हमला बोला, जब उन्होंने विधानसभा चुनाव हारने के बाद पद से इस्तीफा देने से इनकार कर दिया, किसी भी अस्थिरता के प्रति आगाह किया और यूनाइटेड स्टेट्स कैपिटल हमले से तुलना की। वरिष्ठ अधिवक्ता ने इस बात पर जोर दिया कि संविधान के तहत, यदि मुख्यमंत्री के पास विधानसभा में बहुमत नहीं है तो उन्हें पद छोड़ देना चाहिए। चुनाव परिणाम पर बनर्जी के रुख पर सवाल उठाते हुए उन्होंने कहा कि संवैधानिक प्रावधान “पवित्र” हैं और इन्हें राजनीतिक कारणों से अलग नहीं रखा जा सकता। उन्होंने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प का भी जिक्र किया और उम्मीद जताई कि बनर्जी “एक और महान अंतरराष्ट्रीय नेता से प्रेरणा ले सकते हैं जिन्होंने इस दुनिया को युद्ध में उलझा दिया है।” समाचार एजेंसी आईएएनएस के हवाले से उन्होंने कहा, “मुझे उम्मीद है कि ममता बनर्जी कोलकाता में कैपिटल हिल जैसी स्थिति की योजना नहीं बना रही हैं, लेकिन उनका कार्यकाल दो दिनों में समाप्त हो रहा है। जहां तक राज्यों का सवाल है, केंद्र के विपरीत, राज्यपाल के पास या तो उन्हें कार्यवाहक मुख्यमंत्री के रूप में बने रहने के लिए आमंत्रित करने या संघ को राष्ट्रपति शासन लगाने की सलाह देने का विकल्प है।” देखें: भारत के पूर्व सॉलिसिटर जनरल और वरिष्ठ वकील हरीश साल्वे कहते हैं, “मुझे लगता है कि मैं एक और महान अंतरराष्ट्रीय नेता से प्रेरणा ले रहा हूं, जिन्होंने इस दुनिया को युद्ध में उलझा दिया है। मुझे उम्मीद है कि ममता बनर्जी कोलकाता में कैपिटल हिल जैसी स्थिति की योजना नहीं बना रही हैं, लेकिन उनकी… pic.twitter.com/Lx34cPd5Vh– आईएएनएस (@ians_india) 6 मई 2026 उन्होंने ऐसे परिदृश्य में राज्यपाल के पास उपलब्ध विकल्पों को भी रेखांकित किया, जिसमें मौजूदा व्यक्ति को कार्यवाहक मुख्यमंत्री के रूप में बने रहने के लिए आमंत्रित करना या राष्ट्रपति शासन लगाने की सिफारिश करना शामिल है। उन्होंने कहा, ”वे राष्ट्रपति शासन लगा सकते हैं,” उन्होंने कहा कि समानांतर सरकार चलाने की बात संभवतः ”क्रोध का विस्फोट” होगी जो शांत हो जाएगी। ममता ने इस्तीफा देने से किया इनकार साल्वे की टिप्पणी तब आई जब निवर्तमान मुख्यमंत्री ने कहा कि वह इस्तीफा नहीं देंगी, उन्होंने जोर देकर कहा कि नतीजों के बावजूद वह चुनाव नहीं हारी हैं और दावा किया कि फैसला एक “साजिश” का परिणाम था। नतीजे के बाद एक संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए, तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) प्रमुख ने दावा किया कि उनकी पार्टी “नैतिक रूप से” जीत गई है और आरोप लगाया कि फैसला बल से प्रभावित था। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि भाजपा ने चुनाव आयोग के साथ मिलकर मतदाता सूची हटाने, अधिकारियों के तबादले, छापे और गिरफ्तारियों के जरिए पश्चिम बंगाल चुनावों में हेरफेर किया। उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी और गृह मंत्री शाह पर सीधे हस्तक्षेप का आरोप लगाते हुए चुनाव को अपने करियर की सबसे धांधली बताया। पश्चिम बंगाल चुनाव परिणाम व्यापक चुनावी जनादेश में, भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में निर्णायक जीत हासिल की है, 207 सीटें जीतकर – दो-तिहाई बहुमत के आंकड़े से काफी आगे – और ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के 15 साल के शासन का अंत कर दिया है। 294 सदस्यीय सदन में बहुमत का आंकड़ा 148 है। परिणाम राज्य की राजनीतिक दिशा और वैचारिक संतुलन में एक निर्णायक बदलाव का संकेत देता है। दशकों में पहली बार, पश्चिम बंगाल उसी पार्टी द्वारा शासित होने की ओर अग्रसर है जो केंद्र में सत्ता रखती है। चुनी हुई कहानियाँ, आपके इनबॉक्स में हमारी सर्वोत्तम पत्रकारिता वाला एक न्यूज़लेटर जमा करना न्यूज़ इंडिया ‘होप नो कैपिटल हिल इन कोलकाता’: इस्तीफा देने से इनकार करने पर हरीश साल्वे का ममता बनर्जी पर कटाक्ष अस्वीकरण: टिप्पणियाँ उपयोगकर्ताओं के विचार दर्शाती हैं, News18 के नहीं। कृपया चर्चाएँ सम्मानजनक और रचनात्मक रखें। अपमानजनक, मानहानिकारक, या अवैध टिप्पणियाँ हटा दी जाएंगी। News18 अपने विवेक से किसी भी टिप्पणी को अक्षम कर सकता है. पोस्ट करके, आप हमारी उपयोग की शर्तों और गोपनीयता नीति से सहमत होते हैं। और पढ़ें (टैग्सटूट्रांसलेट)पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव(टी)पश्चिम बंगाल चुनाव(टी)ममता बनर्जी का इस्तीफा(टी)हरीश साल्वे की टिप्पणी(टी)राष्ट्रपति शासन पश्चिम बंगाल(टी)भाजपा की जीत पश्चिम बंगाल(टी)तृणमूल कांग्रेस की हार(टी)पश्चिम बंगाल राजनीतिक संकट
चुनाव के बाद बंगाल के मुर्शिदाबाद में लेनिन की मूर्ति तोड़े जाने से बंगाल में तनाव बढ़ गया | राजनीति समाचार

आखरी अपडेट:06 मई, 2026, 13:30 IST घटना का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, जिसमें व्लादिमीर लेनिन की तोड़ी गई मूर्ति को देखा जा सकता है. पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद जिले के जियागंज इलाके में लेनिन की एक मूर्ति को तोड़ दिया गया. (छवि: एएनआई) विधानसभा चुनाव 2026 के नतीजों की घोषणा के बाद पश्चिम बंगाल में राजनीतिक पारा बढ़ने के साथ ही मंगलवार रात मुर्शिदाबाद जिले के जियागंज इलाके में व्लादिमीर लेनिन की एक मूर्ति को तोड़ दिया गया। घटना का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, जिसमें व्लादिमीर लेनिन की तोड़ी गई मूर्ति को देखा जा सकता है. कथित तौर पर यह घटना तब हुई जब हाल ही में संपन्न चुनावों में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) द्वारा 206 सीटें जीतने के बाद मौजूदा मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को सत्ता से हटाने के कुछ दिनों बाद राज्य में हिंसा में वृद्धि देखी गई। तृणमूल कांग्रेस ने चुनाव में जीत के बाद भाजपा पर राज्य में ‘संगठित आतंक’ फैलाने का आरोप लगाया है। हालांकि, बीजेपी ने इस घटना में अपनी भूमिका से इनकार करते हुए कहा है कि टीएमसी पार्टी को बदनाम करने की कोशिश कर रही है। भाजपा ने बेनेगल में 293 निर्वाचन क्षेत्रों में से 206 सीटें जीतकर भारी जीत दर्ज की है। इस बीच, तृणमूल ने 80 सीटें जीतीं – जो 2021 में 215 सीटों के अपने विशाल स्कोर के आधे से भी कम है। चुनाव में अपनी हार के बाद, बनर्जी ने अपना इस्तीफा देने से इनकार कर दिया है और जोर देकर कहा है कि उनकी पार्टी ने जनादेश नहीं खोया है और आरोप लगाया है कि फैसला “लूट लिया गया” था। चुनी हुई कहानियाँ, आपके इनबॉक्स में हमारी सर्वोत्तम पत्रकारिता वाला एक न्यूज़लेटर जमा करना जगह : पश्चिम बंगाल, भारत, भारत समाचार राजनीति चुनाव के बाद बंगाल के मुर्शिदाबाद में लेनिन की मूर्ति तोड़े जाने से बंगाल में तनाव बढ़ गया है अस्वीकरण: टिप्पणियाँ उपयोगकर्ताओं के विचार दर्शाती हैं, News18 के नहीं। कृपया चर्चाएँ सम्मानजनक और रचनात्मक रखें। अपमानजनक, मानहानिकारक, या अवैध टिप्पणियाँ हटा दी जाएंगी। News18 अपने विवेक से किसी भी टिप्पणी को अक्षम कर सकता है. पोस्ट करके, आप हमारी उपयोग की शर्तों और गोपनीयता नीति से सहमत होते हैं। और पढ़ें (टैग्सटूट्रांसलेट)पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव(टी)टीएमसी(टी)बीजेपी(टी)व्लादिमीर लेनिन
सुप्रीम कोर्ट में जजों की संख्या बढ़कर 37 होगी:कैबिनेट ने प्रस्ताव को मंजूरी दी, संसद के अगले सत्र में बिल पेश होगा

केंद्रीय कैबिनेट ने सुप्रीम कोर्ट में जजों की संख्या 33 से बढ़ाकर 37 करने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। सरकार संसद के अगले सत्र में इससे जुड़ा विधेयक पेश करेगी। केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने मंगलवार को बताया कि सुप्रीम कोर्ट में फिलहाल चीफ जस्टिस समेत 33 जजों की तय संख्या है। सरकार इसमें चार नए जज जोड़ना चाहती है। इसके लिए संसद के अगले सत्र में बिल लाया जाएगा। कैबिनेट की मंजूरी के बाद 1956 के कानून में संशोधन किया जाएगा। संविधान के अनुच्छेद 124(1) के तहत सुप्रीम कोर्ट में जजों की संख्या बढ़ाने का अधिकार संसद के पास है। कानून लागू होने के बाद सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम नए जजों के नाम सरकार को भेजेगा। 2019 में आखिरी बार बढ़ी थी संख्या 2019 में सुप्रीम कोर्ट में जजों की संख्या 31 से बढ़ाकर 33 की गई थी। अब छह साल बाद फिर संख्या बढ़ाने का फैसला लिया गया है। इससे पहले सरकार ने 2008 में सुप्रीम कोर्ट में जजों की संख्या 26 से बढ़ाकर 31 की थी। सुप्रीम कोर्ट में अभी 2 खाली पद फिलहाल सुप्रीम कोर्ट में दो पद खाली हैं। जस्टिस बी.आर. गवई नवंबर 2025 में और जस्टिस राजेश बिंदल अप्रैल 2026 में रिटायर हुए थे। आने वाले महीनों में सुप्रीम कोर्ट में तीन और पद खाली होने वाले हैं। जस्टिस जे.के. माहेश्वरी और जस्टिस पंकज मित्तल जून 2026 में रिटायर होंगे, जबकि जस्टिस संजय करोल अगस्त 2026 में सेवानिवृत्त होंगे। संविधान के अनुच्छेद 124(3) के मुताबिक, सुप्रीम कोर्ट का जज वही बन सकता है जो भारतीय नागरिक हो। इसके लिए व्यक्ति का कम से कम पांच साल तक हाईकोर्ट में जज रहना या 10 साल तक वकील के तौर पर काम करना जरूरी है। किसी प्रतिष्ठित कानून विशेषज्ञ को भी सुप्रीम कोर्ट का जज बनाया जा सकता है। सुप्रीम कोर्ट में 92 हजार से ज्यादा केस पेंडिंग सुप्रीम कोर्ट में इस समय 92,385 पेंडिंग मामले हैं। कोविड के बाद ई-फाइलिंग बढ़ने से मामलों की संख्या लगातार बढ़ी है। केंद्र सरकार ने 11 दिसंबर 2025 को राज्यसभा में बताया कि देशभर के कोर्ट में कुल 5.49 करोड़ से अधिक केस पेंडिंग हैं। इसमें 90,897 मामले सुप्रीम कोर्ट और देश के 25 हाई कोर्ट में 63,63,406 मामले लंबित थे। ————-
कांग्रेस विजय का समर्थन करती है, लेकिन एक शर्त के साथ: ‘गठबंधन को सांप्रदायिक ताकतों से दूर रखें’ | भारत समाचार

आखरी अपडेट:06 मई, 2026, 13:11 IST कांग्रेस, जिसके पास तमिलनाडु में पांच विधायक हैं, ने टीवीके को समर्थन दिया है, जिससे उसकी संख्या 113 हो गई है। लेकिन यह नया गठबंधन अभी भी बहुमत के निशान से पांच सीटें कम है। चुनाव नतीजों के बाद कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने विजय से बात की और उन्हें जनादेश के लिए बधाई दी। (फोटो: एआई-जनरेटेड) कांग्रेस की तमिलनाडु इकाई ने सरकार बनाने के लिए विजय की तमिलागा वेट्री कड़गम (टीवीके) को अपना समर्थन दिया है, लेकिन एक शर्त पर: गठबंधन को “सांप्रदायिक ताकतों” से दूर रखें जो भारत के संविधान में विश्वास नहीं करते हैं। कांग्रेस ने अपने बयान में किसी प्रतिद्वंद्वी पार्टी का नाम नहीं लिया, लेकिन टीवीके के लिए लाल रेखा को व्यापक रूप से भाजपा के स्पष्ट संदर्भ के रूप में देखा गया। “हमारा समर्थन इस शर्त पर होगा कि टीवीके इस गठबंधन से बाहर रहे सांप्रदायिक ताकतें जो भारत के संविधान में विश्वास नहीं करतीं,” कांग्रेस के तमिलनाडु प्रभारी गिरीश चोदनकर ने विज्ञप्ति में कहा। कांग्रेस, जिसके पास तमिलनाडु में पांच विधायक हैं, ने टीवीके को समर्थन दिया है, जिससे उसकी संख्या 113 हो गई है। लेकिन यह नया गठबंधन अभी भी बहुमत के निशान से पांच सीटें कम है। विजय ने सीपीआई, सीपीआई (एम) और विदुथलाई चिरुथिगल काची (वीसीके) से संपर्क किया है, जिन्हें दो-दो सीटें मिलीं। हालांकि, इन पार्टियों ने अभी तक कोई फैसला नहीं लिया है. चुनाव नतीजों के बाद कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने विजय से बात की और उन्हें जनादेश के लिए बधाई दी। गांधी ने एक्स पर एक पोस्ट में लिखा, “यह जनादेश युवाओं की बढ़ती आवाज को दर्शाता है जिसे नजरअंदाज नहीं किया जा सकता है और न ही किया जाएगा।” चुनी हुई कहानियाँ, आपके इनबॉक्स में हमारी सर्वोत्तम पत्रकारिता वाला एक न्यूज़लेटर जमा करना न्यूज़ इंडिया कांग्रेस विजय का समर्थन करती है, लेकिन एक शर्त के साथ: ‘गठबंधन को सांप्रदायिक ताकतों से दूर रखें’ अस्वीकरण: टिप्पणियाँ उपयोगकर्ताओं के विचार दर्शाती हैं, News18 के नहीं। कृपया चर्चाएँ सम्मानजनक और रचनात्मक रखें। अपमानजनक, मानहानिकारक, या अवैध टिप्पणियाँ हटा दी जाएंगी। News18 अपने विवेक से किसी भी टिप्पणी को अक्षम कर सकता है. पोस्ट करके, आप हमारी उपयोग की शर्तों और गोपनीयता नीति से सहमत होते हैं। और पढ़ें (टैग्सटूट्रांसलेट)तमिलगा वेट्री कड़गम गठबंधन(टी)तमिलनाडु कांग्रेस समर्थन(टी)विजय टीवीके सरकार(टी)सांप्रदायिक विरोधी गठबंधन की स्थिति(टी)बीजेपी सांप्रदायिक ताकतों का संदर्भ(टी)राहुल गांधी विजय जनादेश(टी)तमिलनाडु विधानसभा बहुमत(टी)सीपीआई सीपीएम वीसीके समर्थन







