राहुल गांधी का पीए बताकर उत्तराखंड की महिला से ठगी:टिकट दिलाने का आश्वासन देकर भरोसे में लिया, प्रदेश के बड़े नेताओं की सुनाई आवाज

देहरादून में ठग ने राहुल गांधी का पीए बताकर महिला से 25 लाख रुपए की धोखाधड़ी कर ली। आरोपियों ने विधानसभा चुनाव में टिकट दिलाने का भरोसा देकर महिला को झांसे में लिया। इस दौरान आरोपी ने महिला को प्रदेश के बड़े नेताओं की आवाज भी सुनाई। भरोसा जीतने के बाद अलग-अलग बहानों से उससे बड़ी रकम वसूली गई, जिसके बाद आरोपी लगातार टालमटोल करता रहा। पीड़िता के अनुसार, जब वादा पूरा नहीं हुआ तो महिला को ठगी का एहसास हुआ और उसने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। फिलहाल पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है और पूरे नेटवर्क की पड़ताल की जा रही है। 4 प्वाइंट्स में पढ़िए पूरा मामला… प्रदेश के वरिष्ठ नेताओं की सुनाई आवाज पीड़िता भावना पांडे ने बताया कि 13 अप्रैल 2026 को आरोपी ने राहुल गांधी का पीए बताकर उनसे संपर्क किया। विश्वास दिलाने के लिए पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत, यशपाल आर्य, हरक सिंह रावत और कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल की आवाज भी सुनाई। जिससे महिला आरोपी के झांसे में आ गई। आरोपियों ने पांच सितारा होटल में विधायकों के ठहरने और विधानसभा से जुड़े खर्च का हवाला देकर उनसे पैसे मांगे। झांसे में आकर दिए रुपए झांसे में आकर भावना पांडे ने अलग-अलग माध्यमों से कुल लगभग 25 लाख रुपये आरोपियों को दे दिए। इसमें बैंक ट्रांसफर, HDFC के जरिए भुगतान और नकद रकम शामिल है। जिसके बाद दीपक सेन नाम का व्यक्ति पीड़िता के ऑफिस पहुंचा और खुद को महाराष्ट्र विधायक का पीए बताकर नकद रकम भी ले गया। पैसे देने के बाद भी आरोपियों ने काम नहीं कराया और लगातार टालमटोल करते रहे। आरोपियों ने पैसे नहीं किए वापस रकम लेने के बाद आरोपी लगातार बहाने बनाते रहे और पैसा वापस नहीं किया। पीड़िता का आरोप है कि यह एक संगठित गिरोह है, जिसमें सोनिया नंदा, सुनीता कश्यप, मदन लाल और यशपाल बिष्ट जैसे नाम भी शामिल हैं, जिन्होंने फोन के जरिए उसे विश्वास में लिया। आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग पीड़िता ने पुलिस से भारतीय न्याय संहिता 2023 की धाराओं में मामला दर्ज कर आरोपियों की गिरफ्तारी और ठगी गई रकम की बरामदगी की मांग की है। पुलिस का कहना है कि शिकायत के आधार पर जांच शुरू कर दी गई है और जल्द ही आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
तमिलनाडु चुनाव में थलापति विजय की जीत:बॉलीवुड और साउथ एक्टर्स ने दी बधाई; टाइगर श्रॉफ बोले- आप पर लोगों का यह भरोसा देखना अद्भुत

तमिलनाडु विधानसभा चुनाव के नतीजों और रुझानों में तमिल एक्टर थलापति विजय की पार्टी ‘तमिलगा वेत्री कड़गम’ (TVK) अपने पहले ही चुनाव में 110 सीटों पर बढ़त बनाकर सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी है। इस जीत पर बॉलीवुड और साउथ फिल्म इंडस्ट्री के एक्टर्स ने विजय को बधाई देना शुरू कर दिया है। बॉलीवुड एक्टर टाइगर श्रॉफ ने लिखा, “विजय सर को बहुत बधाई। लोगों का आप पर यह भरोसा देखना अद्भुत है। आपके इस नए चैप्टर के लिए आपको और शक्ति मिले।” वहीं, तेलुगु स्टार नानी ने एक्स (X) पर लिखा, “पहले लोगों ने शक किया और अब ताज पहना दिया। अंडरडॉग का जीतना हमेशा एक ‘एब्सोल्यूट सिनेमा’ जैसा होता है। उम्मीद है तमिलनाडु के लोगों के लिए अब अच्छा समय आएगा।” फिल्मी सितारों ने बताया ‘ऐतिहासिक उपलब्धि’ एक्टर निखिल सिद्धार्थ ने विजय के साथ फोटो शेयर करते हुए लिखा कि सिनेमा इंडस्ट्री से निकलकर राजनीति में इतनी बड़ी छाप छोड़ना एक ऐतिहासिक उपलब्धि है। फिल्ममेकर वेंकट प्रभु ने विजय को ‘द ग्रेटेस्ट ऑफ ऑल टाइम’ (GOAT) बताया है। वहीं मलयालम एक्टर अजू वर्गीस ने लिखा कि किस्मत भी बहादुर लोगों का साथ देती है। एक्टर सिबी सत्यराज ने भी सोशल मीडिया पर खुशी जाहिर करते हुए लिखा, “ब्लास्टू! ब्लास्टू! अब सब अच्छा होगा।” पहले ही चुनाव में बहुमत के करीब विजय की पार्टी TVK ने अपने पहले ही चुनावी मुकाबले में 100 सीटों का आंकड़ा पार कर लिया है। चुनाव आयोग के रुझानों के मुताबिक, पार्टी 110 सीटों पर आगे चल रही है। तमिलनाडु में सरकार बनाने के लिए 117 सीटों की जरूरत होती है और विजय की पार्टी इस जादुई आंकड़े के काफी करीब है। खास बात यह है कि TVK राज्य में सबसे ज्यादा वोट शेयर वाली पार्टी भी बन गई है। किसी नई पार्टी के लिए यह प्रदर्शन काफी बड़ा माना जा रहा है। एक्टिंग छोड़ राजनीति में रखा था कदम थलपति विजय ने साल 2024 की शुरुआत में अपनी पार्टी TVK के गठन का ऐलान किया था। उन्होंने साफ कर दिया था कि वे अब पूरी तरह से राजनीति में उतरेंगे और अपने एक्टिंग करियर को अलविदा कह देंगे। विजय की पार्टी ने राज्य में ‘बदलाव’ और ‘भ्रष्टाचार मुक्त शासन’ का नारा दिया था, जिसे जनता का भारी समर्थन मिला। तमिलनाडु की राजनीति में दशकों से द्रविड़ पार्टियों (DMK और AIADMK) का दबदबा रहा है, जिसे विजय ने कड़ी चुनौती दी है।
बिग बॉस फेस बसीर अली ने कैमरामैन को पीटा:दावा- पार्टी में शराब पीकर एक्ट्रेसेस से कर रहा था बदतमीजी, प्रिंस नरूला, शिव ठाकरे भी थे मौजूद

बिग बॉस 17 फेम बसीर अली का एक वीडियो वायरल हो रहा है, जिसमें वो एक कैमरामैन को बुरी तरह पीटते हुए नजर आ रहे हैं। अफरा-तफरी के बीच बसीर अली काफी एग्रेसिव दिखे। इस दौरान वहां प्रिंस नरुला और शिव ठाकरे भी मौजूद रहे। सामने आए वीडियो में देखा जा रहा है कि बसीर अली ने कैमरामैन को थप्पड़ मारा और उसे घसीटा, जिसके बाद उस शख्स ने बसीर की तरफ बोतल फेंककर मारी। वहां मौजूद लोग भी दोनों को अलग करवाते नजर आए। कुछ देर बार पुलिस ने पहुंचकर मामला संभाला। दावा किया जा रहा है कि मारपीट का ये वायरल वीडियो प्रिंस नरुला के रेस्टोरेंट की ओपनिंग का है। बसीर के अलावा उस पार्टी में प्रिंस नरुला, शिव ठाकरे, स्प्लिट्सविला कंटेस्टेंट सौंदर्या शेट्टी और कियारा भी थे। जैसे ही सौंदर्या और कियारा पार्टी में पहुंचीं एक कैमरामैन ने उन्हें देखते ही उन पर आपत्तिजनक कमेंट्स किए। जब सौंदर्या ने ये बात बसीर को बताई, तो वो उनकी सिक्योरिटी के लिए हर बार उनके साथ बाहर जा रहे थे। एक दो बार फिर उस कैमरामैन ने बदतमीजी की। बसीर ने इस पर आपत्ति जताई थी। पार्टी खत्म होने के बाद जब बसीर कार की तरफ जाने लगे, तो वो कैमरामैन उन्हें देखकर गालियां देने लगा। ये देख बसीर ने उसे पीटना शुरू कर दिया। वीडियो में साथ देखा जा सकता है कि प्रिंस नरुला और शिव ठाकरे दूर खड़े झगड़ा देख रहे थे।
बिग बॉस फेस बसीर अली ने कैमरामैन को पीटा:दावा- पार्टी में शराब पीकर एक्ट्रेसेस से कर रहा था बदतमीजी, प्रिंस नरूला, शिव ठाकरे भी थे मौजूद

बिग बॉस 17 फेम बसीर अली का एक वीडियो वायरल हो रहा है, जिसमें वो एक कैमरामैन को बुरी तरह पीटते हुए नजर आ रहे हैं। अफरा-तफरी के बीच बसीर अली काफी एग्रेसिव दिखे। इस दौरान वहां प्रिंस नरुला और शिव ठाकरे भी मौजूद रहे। सामने आए वीडियो में देखा जा रहा है कि बसीर अली ने कैमरामैन को थप्पड़ मारा और उसे घसीटा, जिसके बाद उस शख्स ने बसीर की तरफ बोतल फेंककर मारी। वहां मौजूद लोग भी दोनों को अलग करवाते नजर आए। कुछ देर बार पुलिस ने पहुंचकर मामला संभाला। दावा किया जा रहा है कि मारपीट का ये वायरल वीडियो प्रिंस नरुला के रेस्टोरेंट की ओपनिंग का है। बसीर के अलावा उस पार्टी में प्रिंस नरुला, शिव ठाकरे, स्प्लिट्सविला कंटेस्टेंट सौंदर्या शेट्टी और कियारा भी थे। जैसे ही सौंदर्या और कियारा पार्टी में पहुंचीं एक कैमरामैन ने उन्हें देखते ही उन पर आपत्तिजनक कमेंट्स किए। जब सौंदर्या ने ये बात बसीर को बताई, तो वो उनकी सिक्योरिटी के लिए हर बार उनके साथ बाहर जा रहे थे। एक दो बार फिर उस कैमरामैन ने बदतमीजी की। बसीर ने इस पर आपत्ति जताई थी। पार्टी खत्म होने के बाद जब बसीर कार की तरफ जाने लगे, तो वो कैमरामैन उन्हें देखकर गालियां देने लगा। ये देख बसीर ने उसे पीटना शुरू कर दिया। वीडियो में साथ देखा जा सकता है कि प्रिंस नरुला और शिव ठाकरे दूर खड़े झगड़ा देख रहे थे।
BHEL का मुनाफा 156% बढ़कर ₹1,290 करोड़ हुआ:रेवेन्यू में 37% की ग्रोथ, निवेशकों को हर शेयर पर ₹1.40 का डिविडेंड देने का ऐलान

सरकारी इंजीनियरिंग कंपनी BHEL का वित्त वर्ष 2026 की चौथी तिमाही में कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट सालाना आधार पर 156% बढ़कर 1,290.47 करोड़ रुपए पर पहुंच गया है। पिछले वित्त वर्ष की इसी तिमाही में कंपनी को 504.45 करोड़ रुपए का मुनाफा हुआ था। BHEL का रेवेन्यू 37% बढ़कर 12,310.37 करोड़ रुपए हो गया। पिछले साल इसी अवधि में कंपनी को 8,993.37 करोड़ रुपए था। शेयरधारकों के लिए ₹1.40 के डिविडेंड का ऐलान भी किया गयाहै। BHEL ने आज 4 मई को जनवरी-मार्च तिमाही के नतीजे घोषित किए हैं। पूरे वित्त वर्ष में मुनाफा 200% बढ़कर 1,600 करोड़ पहुंचा महारत्न कंपनी का सालभर का कुल मुनाफा भी 200% बढ़कर 1,600.26 करोड़ रुपए रहा। वित्त वर्ष 2025 में यह आंकड़ा 533.90 करोड़ रुपए था। वहीं, पूरे वित्त वर्ष में रेवेन्यू 19% बढ़कर 33,782.18 करोड़ रुपए पर पहुंच गया है। FY25 में यह 28339.48 करोड़ रुपए रहा था। FY26 की चौथी तिमाही में BHEL का प्रदर्शन सालाना आधार पर तिमाही आधार पर पूरे साल (FY26) में BHEL का प्रदर्शन नतीजों के बाद शेयर करीब 7% चढ़कर ₹377 पर पहुंचा BHEL का शेयर नतीजों के बाद 52 हफ्ते के उच्च स्तर 399 रुपए पर पहुंच गया था। हालांकि अभी ये थोड़ा नीचे आया है और ये 7% चढ़कर ₹377 पर कारोबार कर रहा है। बीते एक साल में शेयर में 65% की तेजी आई थी। वहीं 6 महीने में शेयर 41% चढ़ा है। नॉलेज पार्ट: क्या होती है ‘महारत्न’ कंपनी? भारत सरकार सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों (PSUs) को उनकी परफॉर्मेंस और टर्नओवर के आधार पर महारत्न, नवरत्न और मिनीरत्न का दर्जा देती है। ‘महारत्न’ का दर्जा उन कंपनियों को मिलता है जिनका पिछले 3 साल का औसत सालाना नेट प्रॉफिट 5,000 करोड़ रुपए से ज्यादा हो या औसत सालाना टर्नओवर 25,000 करोड़ रुपए से अधिक हो।
BHEL का मुनाफा 156% बढ़कर ₹1,290 करोड़ हुआ:रेवेन्यू में 37% की ग्रोथ, निवेशकों को हर शेयर पर ₹1.40 का डिविडेंड देने का ऐलान

सरकारी इंजीनियरिंग कंपनी BHEL का वित्त वर्ष 2026 की चौथी तिमाही में कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट सालाना आधार पर 156% बढ़कर 1,290.47 करोड़ रुपए पर पहुंच गया है। पिछले वित्त वर्ष की इसी तिमाही में कंपनी को 504.45 करोड़ रुपए का मुनाफा हुआ था। BHEL का रेवेन्यू 37% बढ़कर 12,310.37 करोड़ रुपए हो गया। पिछले साल इसी अवधि में कंपनी को 8,993.37 करोड़ रुपए था। शेयरधारकों के लिए ₹1.40 के डिविडेंड का ऐलान भी किया गयाहै। BHEL ने आज 4 मई को जनवरी-मार्च तिमाही के नतीजे घोषित किए हैं। पूरे वित्त वर्ष में मुनाफा 200% बढ़कर 1,600 करोड़ पहुंचा महारत्न कंपनी का सालभर का कुल मुनाफा भी 200% बढ़कर 1,600.26 करोड़ रुपए रहा। वित्त वर्ष 2025 में यह आंकड़ा 533.90 करोड़ रुपए था। वहीं, पूरे वित्त वर्ष में रेवेन्यू 19% बढ़कर 33,782.18 करोड़ रुपए पर पहुंच गया है। FY25 में यह 28339.48 करोड़ रुपए रहा था। FY26 की चौथी तिमाही में BHEL का प्रदर्शन सालाना आधार पर तिमाही आधार पर पूरे साल (FY26) में BHEL का प्रदर्शन नतीजों के बाद शेयर करीब 7% चढ़कर ₹377 पर पहुंचा BHEL का शेयर नतीजों के बाद 52 हफ्ते के उच्च स्तर 399 रुपए पर पहुंच गया था। हालांकि अभी ये थोड़ा नीचे आया है और ये 7% चढ़कर ₹377 पर कारोबार कर रहा है। बीते एक साल में शेयर में 65% की तेजी आई थी। वहीं 6 महीने में शेयर 41% चढ़ा है। नॉलेज पार्ट: क्या होती है ‘महारत्न’ कंपनी? भारत सरकार सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों (PSUs) को उनकी परफॉर्मेंस और टर्नओवर के आधार पर महारत्न, नवरत्न और मिनीरत्न का दर्जा देती है। ‘महारत्न’ का दर्जा उन कंपनियों को मिलता है जिनका पिछले 3 साल का औसत सालाना नेट प्रॉफिट 5,000 करोड़ रुपए से ज्यादा हो या औसत सालाना टर्नओवर 25,000 करोड़ रुपए से अधिक हो।
विरुगमबक्कम के नेतृत्व में मंच पर वायरल आंसू: विजय के ड्राइवर का बेटा भावनात्मक चुनावी पटकथा लिख रहा है | भारत समाचार

आखरी अपडेट:04 मई, 2026, 15:31 IST 30 वर्षीय सबरीनाथन, विजय के लंबे समय के ड्राइवर और निजी सहायक राजेंद्रन के बेटे हैं, जो अभिनेता की पहली फिल्म नालया थीरपु के बाद से उनके साथ हैं। वायरल क्लिप, जब विजय ने मार्च के अंत में पार्टी उम्मीदवारों की घोषणा की, तब शूट किया गया, जिसमें सबरीनाथन को मंच पर रोते हुए दिखाया गया है, अभिनेता अपने आँसू पोंछ रहे हैं और उन्हें गले लगा रहे हैं। अभिनेता-राजनेता विजय के पूर्व ड्राइवर के बेटे आर सबरीनाथन तमिलनाडु विधानसभा चुनाव में सबसे चर्चित चेहरों में से एक बनकर उभरे हैं, जब उनका नाम तमिलागा वेट्री कज़गम (टीवीके) के उम्मीदवारों में सामने आया और मंच पर रोते हुए उनका एक भावनात्मक वीडियो वायरल हो गया। अब, रुझानों से पता चलता है कि वह न केवल चुनाव लड़ रहे हैं बल्कि चेन्नई के विरुगमबक्कम में डीएमके प्रतिद्वंद्वी का नेतृत्व कर रहे हैं, जिसने एक मार्मिक पारिवारिक क्षण को एक शक्तिशाली राजनीतिक कथा में बदल दिया है। आर सबरीनाथन कौन हैं और अब उनकी हालत कैसी है? 30 वर्षीय सबरीनाथन, विजय के लंबे समय के ड्राइवर और निजी सहायक राजेंद्रन के बेटे हैं, जो अभिनेता की पहली फिल्म नालया थीरपु के बाद से उनके साथ हैं। वह टीवीके के टिकट पर विरुगमबक्कम से चुनाव लड़ रहे हैं और रुझानों के अनुसार, उस क्षेत्र में डीएमके उम्मीदवार से आगे हैं, जिससे टीवीके को एक प्रमुख शहरी सीट पर प्रतीकात्मक जीत मिली है। वह पुराना “रोता हुआ” वीडियो फिर से सुर्खियों में क्यों है? वायरल क्लिप, जब विजय ने मार्च के अंत में पार्टी उम्मीदवारों की घोषणा की, तब शूट किया गया, जिसमें सबरीनाथन को मंच पर रोते हुए दिखाया गया है, अभिनेता अपने आँसू पोंछ रहे हैं और उन्हें गले लगा रहे हैं। यह फुटेज सोशल मीडिया पर फिर से सामने आ गया है, प्रशंसकों और राजनीतिक दर्शकों ने फिर से उस भावनात्मक क्षण का विश्लेषण किया है, जो विजय की “अपनी कोर टीम के प्रति वफादारी” और “ड्राइवर के बेटे” की कहानी का संक्षिप्त रूप बन गया है। सबरीनाथन की मंच के पीछे की कहानी क्या है? एक व्यक्तित्व-आधारित आलेख में, समाचार एजेंसी पीटीआई पता लगाया कि कैसे सबरीनाथन के पिता शुरू में चाहते थे कि वह राजनीति में प्रवेश करने के बजाय एक इंजीनियर बनें, जो एक क्लासिक भारतीय मध्यवर्गीय आकांक्षा संघर्ष को दर्शाता है। सबरीनाथन ने एजेंसी को बताया कि उन्होंने अपने पिता की बात मानने की कोशिश की, लेकिन अंततः “पीठ के पीछे” जाकर विजय से सीधे बात की और उन्हें पार्टी में शामिल होने के लिए मना लिया, जिसके बाद विजय ने राजेंद्रन को अपने बेटे की राजनीतिक शुरुआत की अनुमति देने के लिए राजी किया। आख़िरकार वह टीवीके से कैसे जुड़े और विरुगमबक्कम क्यों? एक अंतराल के बाद, सबरीनाथन कथित तौर पर 2024 में औपचारिक रूप से टीवीके में शामिल होने के लिए चेन्नई लौट आए, और खुद को एक पैदल सैनिक के रूप में स्थापित किया, जो पार्टी की जमीनी संरचनाओं के माध्यम से आगे बढ़े। टीवीके ने उन्हें राजेंद्रन की दशकों की वफादारी का सम्मान करने के एक प्रतीकात्मक संकेत के रूप में विरुगमबक्कम से मैदान में उतारा, लेकिन साथ ही पार्टी को विजय के लंबे समय के सहयोगियों के परिवारों के लिए “दूसरी पीढ़ी” के घर के रूप में पेश करने के एक सुविचारित प्रयास के रूप में भी। यह विजय की छवि-निर्माण के बारे में क्या कहता है? एक ड्राइवर के बेटे को एमएलए का टिकट देकर, विजय “रिक्शा से राजभवन तक” शैली की सामाजिक गतिशीलता की कहानी को मजबूत कर रहे हैं, जो उनके प्रशंसक-राजनीतिक आधार के बीच लोकप्रिय है। आंसू भरा वीडियो, जिसे अब चुनाव कवरेज के दौरान व्यापक रूप से दोहराया जाता है, वफादारी, भावना और अस्पष्टता से बाल-बाल बचने के लिए एक दृश्य रूपक के रूप में काम करता है – सामग्री विजय की मशीनरी बड़े टीवीके ब्रांड के हिस्से के रूप में पैकेजिंग कर रही है। चुनी हुई कहानियाँ, आपके इनबॉक्स में हमारी सर्वोत्तम पत्रकारिता वाला एक न्यूज़लेटर जमा करना न्यूज़ इंडिया विरुगमबक्कम के नेतृत्व में मंच पर वायरल आँसू: विजय के ड्राइवर का बेटा भावनात्मक चुनावी पटकथा लिख रहा है अस्वीकरण: टिप्पणियाँ उपयोगकर्ताओं के विचार दर्शाती हैं, News18 के नहीं। कृपया चर्चाएँ सम्मानजनक और रचनात्मक रखें। अपमानजनक, मानहानिकारक, या अवैध टिप्पणियाँ हटा दी जाएंगी। News18 अपने विवेक से किसी भी टिप्पणी को अक्षम कर सकता है. पोस्ट करके, आप हमारी उपयोग की शर्तों और गोपनीयता नीति से सहमत होते हैं। और पढ़ें (टैग्सटूट्रांसलेट)आर सबरीनाथन(टी)विजय थलापति(टी)तमिलनाडु चुनाव परिणाम 2026(टी)टीवीके
Bael Fruit Benefits: ना दवा, ना टेंशन! बेल का ये देसी नुस्खा रखेगा आपको हेल्दी, मिलेंगे जबरदस्त फायदे

Last Updated:May 04, 2026, 15:31 IST गर्मी के मौसम में शरीर को ठंडा और स्वस्थ रखने के लिए बेल का फल एक बेहतरीन प्राकृतिक उपाय माना जाता है. आयुर्वेद में इसे औषधीय गुणों से भरपूर बताया गया है, जो पाचन सुधारने, इम्यूनिटी बढ़ाने और लू से बचाने में मदद करता है. नियमित रूप से इसका सेवन करने से शरीर को कई तरह के स्वास्थ्य लाभ मिल सकते हैं. गोंडा: गर्मी का मौसम आते ही शरीर को ठंडक देने वाले फलों की जरूरत बढ़ जाती है. ऐसे में बेल का फल एक बेहतरीन प्राकृतिक औषधि के रूप में सामने आता है. यह न सिर्फ शरीर को ठंडा रखता है, बल्कि कई बीमारियों से बचाने और उन्हें ठीक करने में भी मदद करता है. आयुर्वेद में बेल को महत्वपूर्ण स्थान दिया गया है, जहां इसके फल, पत्ते और जड़ तक का उपयोग औषधि के रूप में किया जाता है. पेट की समस्याओं में बेहद फायदेमंद: बेल का फल पेट के लिए लाभकारी माना जाता है और आयुर्वेद में इसे खास महत्व दिया गया है. कब्ज, गैस, अपच और दस्त जैसी समस्याओं में इसका सेवन राहत देता है. बेल का शरबत पीने से पेट को ठंडक मिलती है और पाचन तंत्र बेहतर तरीके से काम करता है. इसमें मौजूद फाइबर आंतों को मजबूत बनाता है और भोजन पचाने में मदद करता है. खासकर डायरिया या लूज मोशन में बेल का गूदा असरदार होता है, जिससे जल्दी आराम मिलता है और शरीर की कमजोरी भी कम होती है. कैसे करें बेल का सेवन: बेल का सबसे आसान तरीका है इसका शरबत बनाकर पीना. इसके अलावा इसके गूदे को सीधे भी खाया जा सकता है. कुछ लोग बेल का मुरब्बा या पाउडर बनाकर भी उपयोग करते हैं. हालांकि, इसका अधिक मात्रा में सेवन नहीं करना चाहिए, क्योंकि ज्यादा लेने से कब्ज की समस्या हो सकती है. किसी भी बीमारी में इसे औषधि के रूप में लेने से पहले डॉक्टर की सलाह जरूर लें. Add News18 as Preferred Source on Google लू और गर्मी से बचाव: गर्मी के मौसम में लू लगना एक आम समस्या है, जिससे शरीर में कमजोरी, चक्कर और थकान महसूस होती है. ऐसे में बेल का शरबत एक प्राकृतिक उपाय के रूप में फायदेमंद माना जाता है. यह शरीर को अंदर से ठंडक पहुंचाता है और तापमान को संतुलित रखने में मदद करता है. बेल में मौजूद पोषक तत्व शरीर को हाइड्रेट रखते हैं और डिहाइड्रेशन से बचाने में सहायक होते हैं. नियमित सेवन से गर्मी का असर कम हो सकता है और शरीर तरोताजा बना रहता है, जिससे लू लगने का खतरा भी घटता है. इम्यूनिटी बढ़ाने में सहायक: बेल का फल शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है. इसमें विटामिन C और एंटीऑक्सीडेंट पाए जाते हैं, जो शरीर को अंदर से मजबूत बनाते हैं. नियमित सेवन से शरीर बीमारियों से लड़ने के लिए तैयार रहता है, खासकर मौसम बदलने के समय जब सर्दी-खांसी और वायरल संक्रमण का खतरा बढ़ जाता है. यह शरीर को ऊर्जा देता है, कमजोरी दूर करता है और इम्यून सिस्टम को मजबूत बनाकर स्वस्थ और फिट बनाए रखने में मदद करता है. डायबिटीज में भी फायदेमंद: बेल के पत्ते और फल डायबिटीज के मरीजों के लिए उपयोगी माने जाते हैं. इनमें मौजूद प्राकृतिक गुण ब्लड शुगर लेवल को संतुलित रखने में मदद कर सकते हैं. नियमित और सीमित मात्रा में इसका सेवन करने से इंसुलिन की क्रिया बेहतर हो सकती है. खासकर बेल के पत्तों का रस पारंपरिक रूप से उपयोग किया जाता है. हालांकि, हर व्यक्ति की सेहत अलग होती है, इसलिए डायबिटीज के मरीजों को इसका सेवन शुरू करने से पहले डॉक्टर की सलाह जरूर लेनी चाहिए. दिल को रखता है स्वस्थ: बेल का सेवन हृदय स्वास्थ्य के लिए लाभकारी माना जाता है. इसमें मौजूद पोषक तत्व और एंटीऑक्सीडेंट शरीर में खराब कोलेस्ट्रॉल को कम करने में मदद करते हैं, जिससे दिल से जुड़ी बीमारियों का खतरा घट सकता है. नियमित सेवन से रक्त संचार बेहतर होता है और धमनियों को स्वस्थ रखने में सहायता मिलती है. इसके साथ ही यह ब्लड प्रेशर को संतुलित रखने में भी मदद करता है, जिससे दिल को लंबे समय तक स्वस्थ बनाए रखने में सहयोग मिलता है. त्वचा के लिए भी लाभकारी: बेल का फल त्वचा के लिए फायदेमंद माना जाता है. इसमें मौजूद एंटीऑक्सीडेंट और पोषक तत्व त्वचा को अंदर से पोषण देते हैं, जिससे त्वचा साफ, मुलायम और चमकदार बनती है. नियमित सेवन से पिंपल्स, दाग-धब्बे और अन्य त्वचा समस्याओं में कमी आ सकती है. यह शरीर से विषैले तत्वों को बाहर निकालने में भी सहायक होता है, जिससे त्वचा पर प्राकृतिक निखार आता है. गर्मियों में इसका सेवन त्वचा को ठंडक देता है और उसे स्वस्थ बनाए रखने में मदद करता है. मुंह के छालों में राहत: अगर मुंह में छाले हो जाते हैं और जलन या दर्द महसूस होता है, तो बेल का सेवन राहत दे सकता है. बेल का गूदा स्वभाव से ठंडा होता है, जो मुंह की जलन को शांत करता है और छालों को जल्दी ठीक होने में मदद करता है. इसके नियमित सेवन से मुंह की अंदरूनी गर्मी कम हो सकती है, जो छालों का एक बड़ा कारण मानी जाती है. गर्मियों में इसका सेवन न सिर्फ छालों में आराम देता है, बल्कि मुंह को ताजा और स्वस्थ बनाए रखने में भी सहायक होता है.
7.50% से कम ब्याज पर मिल रहा होम लोन:बैंक ऑफ इंडिया 7.10% इंटरेस्ट रेट पर कर्ज दे रहा, देखें 5 बैंकों की ब्याज दरें

इन दिनों अगर आप घर खरीदने के लिए होम लोन लेने को प्लान बना रहे हैं, तो आपको देश के प्रमुख बैंकों की ब्याज दरों के बारे में पता होना चाहिए। बैंक ऑफ इंडिया में होम लोन की ब्याज दर 7.80% से शुरू हो रही है। वहीं SBI की ब्याज दर 7.25% से शुरू है। ऐसे में लोन अप्लाई करना चाहते हैं तो इससे पहले आपका ये जानना बहुत जरूरी है कि किस बैंक से लोन लेना आपके लिए फायदेमंद साबित हो सकता है। होम लोन लेते समय इन 4 बातों का रखें ध्यान 1. प्री-पेमेंट पेनल्टी की जानकारी जरूर लें कई बैंक समय से पहले लोन अदा करने पर पेनल्टी लगाते हैं। ऐसे में बैंकों से इस बारे में पूरी डिटेल ले लें, क्योंकि समय से पहले लोन अदा करने पर बैंकों को उम्मीद के मुताबिक कम ब्याज मिलता है। ऐसे में उनकी ओर से कुछ टर्म एडं कंडीशन लगाए जाते हैं। इसलिए होम लोन लेते वक्त इस बारे में पूरी जानकारी हासिल कर लें। 2. अपने सिबिल स्कोर का ध्यान रखें आपको होम लोन किस ब्याज दर सिबिल स्कोर पर भी निर्भर करती है। सिबिल स्कोर से व्यक्ति की क्रेडिट हिस्ट्री का पता चलता है। सिबिल स्कोर कई खास क्रेडिट प्रोफाइलिंग कंपनियों की तरफ से तय किया जाता है। इसमें यह देखा जाता है कि आपने पहले लोन लिया है या क्रेडिट कार्ड आदि का इस्तेमाल किस प्रकार किया है। किसी भी व्यक्ति का क्रेडिट स्कोर रीपेमेंट हिस्ट्री, क्रेडिट इस्तेमाल का अनुपात, मौजूदा लोन और बिलों के समय पर पेमेंट से पता चलता है।यह स्कोर 300-900 की रेंज में होता है, लेकिन 700 या उससे ज्यादा के स्कोर को कर्जदाता अच्छा मानते हैं। 3. ऑफर्स का रखें ध्यान बैंक समय- समय पर लोन लेने वालों को बेहतर ऑफर्स उपलब्ध कराते रहते हैं। ऐसे में आप लोन लेने से पहले सभी बैंकों के ऑफर्स के बारे में पता कर लें। क्योंकि जल्दबाजी में लोन लेना आपके लिए गलत साबित हो सकता है। लोन लेने से पहले सही से छानबीन कर लें। 4. लंबी अवधि का लोन ईएमआई तो कम करेगा, पर जेब पर पड़ेगा भारी लोन लेते समय लोग अक्सर ईएमआई कम रखने के लिए लंबी अवधि (टेन्योर) चुनते हैं। लेकिन ध्यान रखें कि जितना लंबा समय होगा, आपको कुल ब्याज उतना ही ज्यादा चुकाना पड़ेगा। अपनी वित्तीय स्थिति और हर महीने की बचत को देखते हुए एक बैलेंस समय चुनें, ताकि आप पर कर्ज का बोझ ज्यादा समय तक न रहे।
पिता-बेटे के शव ले जाने से फ्लाइट ऑपरेटर का इनकार:जबलपुर एयरपोर्ट पर कहा- बदबू आ रही; अधिकारियों ने मनाया-स्प्रे छिड़का, तब भरी उड़ान

जबलपुर के बरगी क्रूज हादसे में सिस्टम की लापरवाही से 13 जानें चली गईं। प्राथमिक जांच में खराब मौसम के अलर्ट की अनदेखी को इसकी मुख्य वजह माना जा रहा है। हद तो ये है कि मृतकों के शव की भी दुर्दशा की जा रही है। हादसे में जान गंवाने वाले आर्डनेंस फैक्ट्री के कर्मचारी कामराज आर और उनके 5 साल के बेटे श्रीतमिल का शव ले जाने से फ्लाइट ऑपरेटर ने मना कर दिया। तर्क दिया कि बॉडी डी-कंपोज हो रही हैं। बदबू आ रही है। ऐसे में वह इन्हें नहीं ले जा सकता है। इसका पता लगते ही प्रशासनिक अधिकारी सक्रिय हुए और ऑपरेटर को समझाकर शव फ्लाइट में रखवाए। इसकी वजह से फ्लाइट ने अपने निर्धारित समय से एक घंटे देरी से उड़ान भरी। पहले जानिए, हादसा कैसे हुआ… मौसम खराब होने के कारण रविवार को नहीं भरी उड़ान जबलपुर के बरगी डैम में 30 अप्रैल को मध्य प्रदेश पर्यटन विभाग का क्रूज डूबा था। इसमें सवार 13 टूरिस्ट की मौत हो गई। उसी दिन 30 अप्रैल को 4 शव, एक मई को 5, दो मई को 2 और तीन मई को दो शव तैरते मिले। मृतकों में 4 बच्चे और 8 महिलाएं शामिल हैं। 28 लोगों को बचा लिया गया था। श्रीतमिल का शव दो मई को मिला था जबकि कामराज की लाश 3 मई की सुबह मिली। रविवार शाम को ही कामराज और श्रीतमिल का शव लेकर खमरिया अस्पताल से एम्बुलेंस डुमना एयरपोर्ट के लिए रवाना हुई। रांझी पहुंचने पर जानकारी मिली कि त्रिची का मौसम खराब है, विमान लैंड नहीं कर पाएगा। इस पर एम्बुलेंस वापस अस्पताल आ गई और दोनों शव मरचुरी में रखवा दिए गए। ऑपरेटर ने कहा- बदबू आ रही है, बॉडी नहीं ले जा सकता आर्डनेंस फैक्ट्री में कामराज के सहकर्मी सुरेश कन्ना ने दैनिक भास्कर को बताया- सोमवार सुबह 6 बजे तय समय पर एम्बुलेंस से शव लेकर डुमना एयरपोर्ट पहुंच गए थे। साढ़े 7 बजे जेट सर्व एविएशियन कंपनी का चार्टेड प्लेन आया। इसे मध्य प्रदेश सरकार ने हायर किया था। जैसे ही बॉडी उसमें रखी गईं, फ्लाइट ऑपरेटर ने कहा कि शवों से बदबू आ रही है, ऐसे में उनको नहीं ले जाया जा सकता। मामले की जानकारी कलेक्टर राघवेंद्र सिंह को लगी तो उन्होंने रांझी एसडीएम मोनिका वाघमारे और तहसीलदार आदर्श जैन को एयरपोर्ट भेजा। उन्होंने स्प्रे की व्यवस्था की। दोनों शवों की दोबारा कॉफिन में टेपिंग की गई। इसके बाद करीब 9 बजे फ्लाइट त्रिची के लिए रवाना हो सकी। परिवार के 3 सदस्यों की मौत, केवल बड़ा बेटा ही बचा कामराज मूलत: तमिलनाडु में त्रिची के रहने वाले थे। 2010 में आर्डनेंस फैक्ट्री में उनकी जॉब लगी। परिवार में पत्नी के अलावा दो बच्चे थे। क्रूज हादसे में कामराज का सिर्फ बड़ा बेटी पूवीथरन ही बचा है। मामले से जुड़ी ये खबरें भी पढ़ें… क्रूज हादसे के को-पायलट का खुलासा-एक इंजन स्लो था जबलपुर के बरगी डैम में 30 अप्रैल को क्रूज डूबने से 13 लोगों की जान चली गई। क्रूज के को-पायलट महेश पटेल थे। उनका कहना है कि क्रूज का एक इंजन स्लो था। इसने काम करना बंद कर दिया। फिर क्रूज एक तरफ झुकते हुए पानी में डूब गया। पढ़ें पूरी खबर…







