Wednesday, 23 Sep 2026 | 08:54 AM

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अमेरिका-भारतीय मूल के लड़के पर मां-भाई की हत्या का आरोप:ChatGPT पर परिवार को मारने से जुड़ी चैट मिली; पुलिस ने पार्किंग लॉट से पकड़ा

अमेरिका-भारतीय मूल के लड़के पर मां-भाई की हत्या का आरोप:ChatGPT पर परिवार को मारने से जुड़ी चैट मिली; पुलिस ने पार्किंग लॉट से पकड़ा

अमेरिका के मैसाचुसेट्स राज्य में भारतीय मूल के 17 वर्षीय अर्जुन अरविंद पर अपनी मां और छोटे भाई की हत्या का आरोप लगा है। पुलिस ने उसे बुधवार सुबह गिरफ्तार किया। अधिकारियों के मुताबिक, उसने अपनी 45 वर्षीय मां सुधा वेंकटेशन और 14 वर्षीय भाई सिद्धार्थ अरविंद की हत्या की। उसके खिलाफ हत्या के दो मामलों के अलावा परिवार के सदस्यों पर हमला, मारपीट और बिना इजाजत मां की कार लेकर फरार होने समेत कई अन्य आरोप भी लगाए गए हैं। जांच के दौरान सामने आया कि अर्जुन पिछले कुछ समय से इंटरनेट और ChatGPT पर अपने परिवार की हत्या से जुड़ी काल्पनिक कहानियां और ऐसे विषयों पर जानकारी खोज रहा था। पुलिस अब उसकी ऑनलाइन गतिविधियों को भी जांच का हिस्सा मानकर पड़ताल कर रही है। अलग-अलग जगह पड़े मिले मां-बेटे के शव घटना का खुलासा उस समय हुआ, जब मंगलवार शाम करीब साढ़े छह बजे एक ट्यूटर पढ़ाने के लिए घर पहुंची। काफी देर तक दरवाजा नहीं खुला तो उसने अर्जुन के पिता को फोन किया। पिता भी पत्नी और बेटे से संपर्क नहीं कर सके। इसके बाद उन्होंने पुलिस से घर जाकर हालचाल देखने को कहा। पुलिस जब घर पहुंची तो बेसमेंट में सुधा वेंकटेशन और पहली मंजिल पर सिद्धार्थ अरविंद का शव मिला। अधिकारियों ने बताया कि दोनों के शरीर पर गंभीर चोटों के निशान थे। हालांकि मौत की वजह और वारदात में इस्तेमाल किए गए हथियार की जानकारी अभी सामने नहीं आई है। इसकी जांच जारी है। हत्या के बाद कार समेत गायब था आरोपी वारदात के बाद अर्जुन और उसकी मां की कार दोनों घर से गायब थीं। इससे पुलिस को शक हुआ कि आरोपी घटनास्थल से कार लेकर भागा है। इसके बाद पुलिस ने तुरंत उसकी तलाश शुरू की और आसपास के सभी शहरों की पुलिस को अलर्ट जारी कर दिया। बुधवार सुबह मैसाचुसेट्स के वेइलैंड इलाके में एक पार्किंग में पुलिस को संदिग्ध कार खड़ी मिली। अधिकारियों ने कार की घेराबंदी की और जांच करने पर अंदर अर्जुन मौजूद मिला। पुलिस ने उसे बिना किसी विरोध या झड़प के हिरासत में ले लिया। बाद में पूछताछ और शुरुआती जांच के आधार पर उसे अपनी मां सुधा वेंकटेशन और 14 वर्षीय भाई सिद्धार्थ अरविंद की हत्या के आरोप में गिरफ्तार कर लिया। फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है और यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि वारदात के बाद अर्जुन कहां-कहां गया और उसका मकसद क्या था।

अमेरिका-भारतीय मूल के लड़के पर मां-भाई की हत्या का आरोप:ChatGPT पर परिवार को मारने से जुड़ी चैट मिली; पुलिस ने पार्किंग लॉट से पकड़ा

अमेरिका-भारतीय मूल के लड़के पर मां-भाई की हत्या का आरोप:ChatGPT पर परिवार को मारने से जुड़ी चैट मिली; पुलिस ने पार्किंग लॉट से पकड़ा

अमेरिका के मैसाचुसेट्स राज्य में भारतीय मूल के 17 वर्षीय अर्जुन अरविंद पर अपनी मां और छोटे भाई की हत्या का आरोप लगा है। पुलिस ने उसे बुधवार सुबह गिरफ्तार किया। अधिकारियों के मुताबिक, उसने अपनी 45 वर्षीय मां सुधा वेंकटेशन और 14 वर्षीय भाई सिद्धार्थ अरविंद की हत्या की। उसके खिलाफ हत्या के दो मामलों के अलावा परिवार के सदस्यों पर हमला, मारपीट और बिना इजाजत मां की कार लेकर फरार होने समेत कई अन्य आरोप भी लगाए गए हैं। जांच के दौरान सामने आया कि अर्जुन पिछले कुछ समय से इंटरनेट और ChatGPT पर अपने परिवार की हत्या से जुड़ी काल्पनिक कहानियां और ऐसे विषयों पर जानकारी खोज रहा था। पुलिस अब उसकी ऑनलाइन गतिविधियों को भी जांच का हिस्सा मानकर पड़ताल कर रही है। अलग-अलग जगह पड़े मिले मां-बेटे के शव घटना का खुलासा उस समय हुआ, जब मंगलवार शाम करीब साढ़े छह बजे एक ट्यूटर पढ़ाने के लिए घर पहुंची। काफी देर तक दरवाजा नहीं खुला तो उसने अर्जुन के पिता को फोन किया। पिता भी पत्नी और बेटे से संपर्क नहीं कर सके। इसके बाद उन्होंने पुलिस से घर जाकर हालचाल देखने को कहा। पुलिस जब घर पहुंची तो बेसमेंट में सुधा वेंकटेशन और पहली मंजिल पर सिद्धार्थ अरविंद का शव मिला। अधिकारियों ने बताया कि दोनों के शरीर पर गंभीर चोटों के निशान थे। हालांकि मौत की वजह और वारदात में इस्तेमाल किए गए हथियार की जानकारी अभी सामने नहीं आई है। इसकी जांच जारी है। हत्या के बाद कार समेत गायब था आरोपी वारदात के बाद अर्जुन और उसकी मां की कार दोनों घर से गायब थीं। इससे पुलिस को शक हुआ कि आरोपी घटनास्थल से कार लेकर भागा है। इसके बाद पुलिस ने तुरंत उसकी तलाश शुरू की और आसपास के सभी शहरों की पुलिस को अलर्ट जारी कर दिया। बुधवार सुबह मैसाचुसेट्स के वेइलैंड इलाके में एक पार्किंग में पुलिस को संदिग्ध कार खड़ी मिली। अधिकारियों ने कार की घेराबंदी की और जांच करने पर अंदर अर्जुन मौजूद मिला। पुलिस ने उसे बिना किसी विरोध या झड़प के हिरासत में ले लिया। बाद में पूछताछ और शुरुआती जांच के आधार पर उसे अपनी मां सुधा वेंकटेशन और 14 वर्षीय भाई सिद्धार्थ अरविंद की हत्या के आरोप में गिरफ्तार कर लिया। फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है और यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि वारदात के बाद अर्जुन कहां-कहां गया और उसका मकसद क्या था। ChatGPT से काल्पनिक कहानियां लिखने में मदद मांगी जांच में पता चला है कि अर्जुन पिछले कुछ समय से इंटरनेट और ChatGPT पर परिवार की हत्या जैसे विषयों पर जानकारी खोज रहा था। उसने ChatGPT से हत्या और रहस्य से जुड़ी काल्पनिक कहानियां लिखने में भी मदद मांगी थी। इन कहानियों में ऐसे किरदार थे, जो अपने ही परिवार के लोगों की हत्या करते हैं। उसने ChatGPT से इस तरह के कई सवाल भी पूछे थे। हालांकि, जांच एजेंसियों ने यह नहीं कहा है कि ChatGPT ने उसे हत्या करने का तरीका बताया या योजना बनाने में मदद की। अधिकारियों का सिर्फ इतना कहना है कि उसकी चैट हिस्ट्री में परिवार की हत्या से जुड़े काल्पनिक विषयों पर बातचीत और सर्च मिले हैं। हत्या के पीछे की वजह जानने की कोशिश कर रही पुलिस पुलिस ने अभी तक हत्या के पीछे की वजह (मोटिव) का खुलासा नहीं किया है। अधिकारियों का कहना है कि मामले की जांच अभी जारी है और आगे और जानकारी सामने आ सकती है। अर्जुन को पहले किशोर अदालत में पेश किया जाना था। लेकिन अमेरिका के मैसाचुसेट्स राज्य में हत्या जैसे गंभीर मामलों की सुनवाई किशोर अदालत में नहीं होती। इसलिए उसके खिलाफ हत्या और अन्य आरोपों की सुनवाई सामान्य अदालत (क्रिमिनल कोर्ट) में की जाएगी।

दाऊद की पार्टी में गाने पर बोले कुमार सानू:अनु मलिक लेकर गए, अखबार में फोटो छपी तब डर लगा; अबू सलेम के शो में भी गाया

दाऊद की पार्टी में गाने पर बोले कुमार सानू:अनु मलिक लेकर गए, अखबार में फोटो छपी तब डर लगा; अबू सलेम के शो में भी गाया

प्लेबैक सिंगर कुमार सानू ने 90 के दशक में अंडरवर्ल्ड से जुड़े अपने अनुभवों का खुलासा किया है। लल्लनटॉप को दिए एक इंटरव्यू में कुमार सानू ने बताया कि म्यूजिक डायरेक्टर नदीम और अनु मलिक उन्हें दुबई में एक बर्थडे पार्टी में गाने के लिए ले गए थे, जहां अंडरवर्ल्ड डॉन दाऊद इब्राहिम भी मौजूद था। बाद में जब अखबारों में तस्वीरें छपीं, तब उन्हें मामले की गंभीरता समझ आई। इसके अलावा उन्होंने गैंगस्टर अबू सलेम के शो में भी गाना गाया था। पुलिस की चेतावनी और गिरफ्तारी की धमकी के बावजूद वे अपनी मजबूरी का हवाला देकर गाने गए थे। दुबई में दाऊद के सामने गाया गाना कुमार सानू ने बताया कि म्यूजिक डायरेक्टर नदीम उन्हें दुबई ले गए थे। उन्हें सिर्फ इतना बताया गया था कि किसी की बर्थडे पार्टी में गाना है। वहां दाऊद इब्राहिम अपने परिवार के साथ सामने बैठा था। उस इवेंट में अनु मलिक भी मौजूद थे। सानू ने बताया कि दाऊद ने उनके स्टेज पर गाए जाने वाले पसंदीदा गानों की रिक्वेस्ट की थी। उस वक्त उन्हें अंदाजा नहीं था कि वे किसके शो में आए हैं। जब भारत लौटने के बाद अखबारों में उनकी फोटो छपी, तब उन्हें डर लगा कि उन्होंने क्या कर दिया है। उस मुलाकात के बाद वे कभी दाऊद से नहीं मिले। अबू सलेम के शो पर पुलिस की चेतावनी, फिर भी गाने गए गैंगस्टर अबू सलेम से जुड़ा एक वाकया शेयर करते हुए सानू ने बताया कि उनसे कुछ लोगों ने पैसों की मांग की थी। सानू ने पैसे देने से मना कर दिया और कहा कि अगर कोई काम या शो हो तो वे गाना गा सकते हैं। इसके बाद वे अबू सलेम के एक शो में गाने के लिए दुबई गए। जाने से पहले पुलिस स्टेशन से फोन आया था और वहां न जाने की सलाह दी गई थी। पुलिस अधिकारियों ने कहा था कि अगर वे गए तो उन्हें गिरफ्तार कर लिया जाएगा। इस पर सानू ने कहा कि वे सिंगर हैं और गाना उनकी मजबूरी है, इसलिए पुलिस उन्हें सुरक्षा दे। सुरक्षा न मिलने पर भी वे गए, परफॉर्म किया और सुरक्षित वापस लौट आए। बॉलीवुड में अंडरवर्ल्ड की फंडिंग पर बोले सानू 90 के दशक में बॉलीवुड और अंडरवर्ल्ड के कनेक्शन पर कुमार सानू ने कहा कि उस दौर में फिल्मों की ज्यादातर फंडिंग अंडरवर्ल्ड से आती थी। जो पैसा लगाता था, वही इंडस्ट्री पर राज करता था। सानू ने कहा कि उन्होंने कभी इन चीजों की ज्यादा गहराई में जाने की कोशिश नहीं की और हमेशा खुद को ऐसे मामलों से दूर रखा। वे सिर्फ अपने काम पर ध्यान देते थे, इसी वजह से वे सुरक्षित रहे और किसी का ध्यान उन पर नहीं गया। सानू ने गाए 20 हजार गाने कुमार सानू ने करियर की शुरुआत में बांग्लादेशी फिल्म ‘तीन कन्या’ से की थी। वैसे, सानू को हिंदी फिल्मों में लाने का क्रेडिट जगजीत सिंह को जाता है। उन्होंने कुमार सानू को फिल्म ‘आंधियां’ में गाना गाने का ऑफर दिया था। जगजीत सिंह ने उनकी मुलाकात कल्याणजी आनंद से कराई और उन्हीं के कहने के बाद उन्होंने अपना नाम केदारनाथ भट्टाचार्य से कुमार सानू कर लिया था। सानू ने करीब 20 हजार गाने गाए हैं। उन्होंने ‘दिल का आलम…’ (फिल्म ‘आशिकी’, 1990), ‘दिल का रिश्ता..’ (फिल्म ‘दिल का रिश्ता’, 2003), ‘राजा को रानी से…’ (फिल्म ‘अकेले हम अकेले तुम’, 1995), ‘परदेसी परदेसी…’ (फिल्म ‘राजा हिंदुस्तानी’, 1996) जैसे कई बेहतरीन गाने गाए हैं। सानू ने म्यूजिक डायरेक्टर जोड़ी नदीम-श्रवण के लिए करीब 75 फिल्मों में गाने गाए हैं। इसके अलावा उन्होंने अनु मलिक के लिए 60 फिल्मों, जतिन-ललित के लिए 30 फिल्मों और राजेश रोशन के लिए 25 फिल्मों में गाने गाए हैं।

दाऊद की पार्टी में गाने पर बोले कुमार सानू:अनु मलिक लेकर गए, अखबार में फोटो छपी तब डर लगा; अबू सलेम के शो में भी गाया

दाऊद की पार्टी में गाने पर बोले कुमार सानू:अनु मलिक लेकर गए, अखबार में फोटो छपी तब डर लगा; अबू सलेम के शो में भी गाया

प्लेबैक सिंगर कुमार सानू ने 90 के दशक में अंडरवर्ल्ड से जुड़े अपने अनुभवों का खुलासा किया है। लल्लनटॉप को दिए एक इंटरव्यू में कुमार सानू ने बताया कि म्यूजिक डायरेक्टर नदीम और अनु मलिक उन्हें दुबई में एक बर्थडे पार्टी में गाने के लिए ले गए थे, जहां अंडरवर्ल्ड डॉन दाऊद इब्राहिम भी मौजूद था। बाद में जब अखबारों में तस्वीरें छपीं, तब उन्हें मामले की गंभीरता समझ आई। इसके अलावा उन्होंने गैंगस्टर अबू सलेम के शो में भी गाना गाया था। पुलिस की चेतावनी और गिरफ्तारी की धमकी के बावजूद वे अपनी मजबूरी का हवाला देकर गाने गए थे। दुबई में दाऊद के सामने गाया गाना कुमार सानू ने बताया कि म्यूजिक डायरेक्टर नदीम उन्हें दुबई ले गए थे। उन्हें सिर्फ इतना बताया गया था कि किसी की बर्थडे पार्टी में गाना है। वहां दाऊद इब्राहिम अपने परिवार के साथ सामने बैठा था। उस इवेंट में अनु मलिक भी मौजूद थे। सानू ने बताया कि दाऊद ने उनके स्टेज पर गाए जाने वाले पसंदीदा गानों की रिक्वेस्ट की थी। उस वक्त उन्हें अंदाजा नहीं था कि वे किसके शो में आए हैं। जब भारत लौटने के बाद अखबारों में उनकी फोटो छपी, तब उन्हें डर लगा कि उन्होंने क्या कर दिया है। उस मुलाकात के बाद वे कभी दाऊद से नहीं मिले। अबू सलेम के शो पर पुलिस की चेतावनी, फिर भी गाने गए गैंगस्टर अबू सलेम से जुड़ा एक वाकया शेयर करते हुए सानू ने बताया कि उनसे कुछ लोगों ने पैसों की मांग की थी। सानू ने पैसे देने से मना कर दिया और कहा कि अगर कोई काम या शो हो तो वे गाना गा सकते हैं। इसके बाद वे अबू सलेम के एक शो में गाने के लिए दुबई गए। जाने से पहले पुलिस स्टेशन से फोन आया था और वहां न जाने की सलाह दी गई थी। पुलिस अधिकारियों ने कहा था कि अगर वे गए तो उन्हें गिरफ्तार कर लिया जाएगा। इस पर सानू ने कहा कि वे सिंगर हैं और गाना उनकी मजबूरी है, इसलिए पुलिस उन्हें सुरक्षा दे। सुरक्षा न मिलने पर भी वे गए, परफॉर्म किया और सुरक्षित वापस लौट आए। बॉलीवुड में अंडरवर्ल्ड की फंडिंग पर बोले सानू 90 के दशक में बॉलीवुड और अंडरवर्ल्ड के कनेक्शन पर कुमार सानू ने कहा कि उस दौर में फिल्मों की ज्यादातर फंडिंग अंडरवर्ल्ड से आती थी। जो पैसा लगाता था, वही इंडस्ट्री पर राज करता था। सानू ने कहा कि उन्होंने कभी इन चीजों की ज्यादा गहराई में जाने की कोशिश नहीं की और हमेशा खुद को ऐसे मामलों से दूर रखा। वे सिर्फ अपने काम पर ध्यान देते थे, इसी वजह से वे सुरक्षित रहे और किसी का ध्यान उन पर नहीं गया। सानू ने गाए 20 हजार गाने कुमार सानू ने करियर की शुरुआत में बांग्लादेशी फिल्म ‘तीन कन्या’ से की थी। वैसे, सानू को हिंदी फिल्मों में लाने का क्रेडिट जगजीत सिंह को जाता है। उन्होंने कुमार सानू को फिल्म ‘आंधियां’ में गाना गाने का ऑफर दिया था। जगजीत सिंह ने उनकी मुलाकात कल्याणजी आनंद से कराई और उन्हीं के कहने के बाद उन्होंने अपना नाम केदारनाथ भट्टाचार्य से कुमार सानू कर लिया था। सानू ने करीब 20 हजार गाने गाए हैं। उन्होंने ‘दिल का आलम…’ (फिल्म ‘आशिकी’, 1990), ‘दिल का रिश्ता..’ (फिल्म ‘दिल का रिश्ता’, 2003), ‘राजा को रानी से…’ (फिल्म ‘अकेले हम अकेले तुम’, 1995), ‘परदेसी परदेसी…’ (फिल्म ‘राजा हिंदुस्तानी’, 1996) जैसे कई बेहतरीन गाने गाए हैं। सानू ने म्यूजिक डायरेक्टर जोड़ी नदीम-श्रवण के लिए करीब 75 फिल्मों में गाने गाए हैं। इसके अलावा उन्होंने अनु मलिक के लिए 60 फिल्मों, जतिन-ललित के लिए 30 फिल्मों और राजेश रोशन के लिए 25 फिल्मों में गाने गाए हैं।

कंगना की फिल्म में जूनियर आर्टिस्ट थीं साई पल्लवी:डांस रियलिटी शो से एलिमिनेट किया गया, आज भारत की सबसे बड़ी फिल्म रामायण में सीता बनीं

कंगना की फिल्म में जूनियर आर्टिस्ट थीं साई पल्लवी:डांस रियलिटी शो से एलिमिनेट किया गया, आज भारत की सबसे बड़ी फिल्म रामायण में सीता बनीं

2017 में भारतीय सिनेमा की सबसे बड़ी फिल्म रामायण की घोषणा हुई। देशभर के नामी लोग इस प्रोजेक्ट से जुड़े और 2021 में फिल्म की को-प्रोड्यूसर मधु मंटेना ने घोषणा की कि इस फिल्म में भारतीय सिनेमा के इतिहास की सबसे बड़ी स्टार कास्ट होगी। रणबीर कपूर और यश, भगवान राम और रावण के रोल के लिए चुने गए। हर किसी को इंतजार था कि आखिर माता सीता के रोल के लिए किस एक्ट्रेस का चुनाव होगा। आलिया भट्ट, दीपिका पादुकोण जैसे कई नाम की चर्चाएं हुईं। मेकर्स को एक ऐसे चेहरे की तलाश थी, जो सादगी और खूबसूरती से भरपूर हो और उस नाम के साथ कोई स्कैंडल या विवाद न हो। और फिर अगस्त 2023 में इस रोल के लिए साउथ एक्ट्रेस साई पल्लवी के नाम की घोषणा हुई। साई पल्लवी, एक ऐसी एक्ट्रेस, जो कुछ सालों पहले तक एक जूनियर आर्टिस्ट हुआ करती थीं। फिल्म में उन्हें छोटे-मोटे रोल दिए जाते थे, जिनके डायलॉग भी कम ही हुआ करते थे। वहीं फिल्मों में आने से पहले साई पल्लवी एक मेडिकल स्टूडेंट थीं और साउथ के एक डांस रियलिटी शो की कंटेस्टेंट थीं। वो शो की फाइनलिस्ट रहीं, लेकिन जीत नहीं सकीं, लेकिन कुछ सालों बाद इन्हीं साई पल्लवी के गाने राउडी बेबी ने 1 बिलियन व्यूज हासिल कर इतिहास रच दिया। आज सक्सेस स्टोरी के 3 चैप्टर्स में जानिए कभी जूनियर आर्टिस्ट रहीं साई पल्लवी की भारत की टॉप एक्ट्रेस बनने की प्रेरणादायक कहानी- 9 मई 1992 तमिलनाडू के कोयम्बटूर में एक्साइज ऑफिसर के घर साई पल्लवी का जन्म हुआ। उनका परिवार तमिलनाडु के कोटागिरी से ताल्लुक रखता है। शुरुआती पढ़ाई अविला कॉन्वेंट स्कूल से हुई। वो बैडमिंटन की भी बेहतरीन प्लेयर रहीं। लव लेटर लिखने पर घर में हुई पिटाई साई पल्लवी स्कूल के दिनों में बेहद शरारती थीं और स्कूल में पॉपुलर थीं। वह दूसरे बच्चों का जमकर मजाक उड़ाती थीं। देखने में बेहद खूबसूरत साई को कई लड़के अप्रोच करते थे। एक बार 7वीं क्लास में एक लड़के ने उनके बैग में लव लेटर रख दिया था। शाम को जब उनके पिता ने उनका बैग चेक किया तो उसमें लेटर निकला। ये देखकर उन्हें पिता की खूब मार पड़ी थी। साई ने खुद नेटफ्लिक्स के शो माय विलेज में ये किस्सा बताया था। कंगना की फिल्म में बनीं जूनियर आर्टिस्ट उनका फिल्म इंडस्ट्री से दूर-दूर तक कोई ताल्लुक नहीं था, इसके बावजूद घर में टीवी देखते हुए उनका झुकाव डांस और एक्टिंग की तरफ था। उन्होंने टीवी शो देखकर डांस सीखा। पहली बार उनका फिल्मी दुनिया से परिचय 2005 की फिल्म कस्तूरी मान से हुआ। वो फिल्म से हीरो-हीरोइन के पीछे डांस करने वालीं बैकग्राउंड डांसर के तौर पर जुड़ीं, लेकिन फिर फिल्म में उन्हें चाइल्ड आर्टिस्ट के तौर पर काम करने का मौका मिला। कुछ लोगों से जान-पहचान की मदद से वो टीनएज में फिल्म धाम धूम (2008) में जूनियर आर्टिस्ट रहीं। वह छठी क्लास में थीं। इस फिल्म से बॉलीवुड में नई-नई आईं कंगना रनोट ने तमिल सिनेमा में डेब्यू किया था। साई पल्लवी को फिल्म में कंगना रनोट के पीछे खड़े हुए देखा जा सकता है। इन फिल्मों में छोटे रोल करने के बाद साई पल्लवी ने पढ़ाई पर फोकस किया, हालांकि स्कूल में उन्होंने कल्चरल इवेंट में हिस्सा लेना जारी रखा। वो लोकल डांस कॉम्पिटिशन में भी हिस्सा लिया करती थीं। डांस स्कूल के कुछ साथियों की मदद से साई पल्लवी ने 2008 में साउथ के तमिल डांस रियलिटी शो उंगलिल यार अदुथा प्रभु देवा (कौन बनेगा अगला प्रभु देवा) में हिस्सा लिया। शो का फाइनलिस्ट बनने पर कंटेस्टेंट को प्रभु देवा से मिलने का मौका दिया जाने वाला था। साई इसके लिए बेहद एक्साइटेड थीं, लेकिन फिनाले से ठीक पहले उनका एलिमिनेशन हो गया। दुर्भाग्य से जिस दिन वो एलिमिनेट हुईं, उस दिन उनका बर्थडे था। साई का मानना था कि अगर बर्थडे के दिन रोए, तो पूरे साल रोना पड़ेगा। एलिमिनेशन की घोषणा के बाद साई भावुक हो गईं, लेकिन आंसू रोककर रखे। घर लौटकर साई ने बर्थडे नहीं मनाया और सीधे बिस्तर पर लेट गईं। मां उनकी उदासी समझ गईं और कहा- ‘बेटा जिंदगी में जो होता है, अच्छे के लिए होता है। तुम अभी रोना चाहो, तो रो लो, आज के बाद कभी रोना नहीं पड़ेगा।’ पहले डांस शो से निकलने के बाद साई ने 2009 में धी अल्टीमेट डांस शो (D4) में हिस्सा लिया और फाइनलिस्ट रहीं। शो के एक एपिसोड में डांट पड़ने से साई पल्लवी मंच पर खड़ीं भावुक हो गईं। कैमरा उन्हें रोते हुए कैप्चर न करें, इसलिए वो पलट गईं और देर तक पीछे मुड़कर रोती रहीं। फ्राइज एंज पोटैटो को दिए इंटरव्यू में साई ने कहा था, ‘एक मास्टर ने मुझे डांटा तो मैं पीछे मुड़कर रोने लगी। शो की एंकर राम्या मुझे धीरे से कह रही थीं कि तुम्हें पलटना होगा। लेकिन मैंने कहा, नहीं, मैं नहीं चाहती कि लोग मुझे रोते हुए देखें। मैं दुखी लड़की की तरह नहीं लगना चाहती थी।’ शो न जीतने के बावजूद उनकी बेहतरीन हाई-एनर्जी डांस परफॉर्मेंस की वीडियो क्लिप अक्सर फेसबुक पर वायरल होती थीं। एक एपिसोड में सामंथा बतौर गेस्ट पहुंचीं और साई की जमकर तारीफ की थी। बेहतरीन कैमरा अपीयरेंस के चलते उन्हें कुछ टीवी एड और शॉर्ट फिल्म ‘काची पिजाई’ में काम मिला। शो के बाद साई पल्लवी की मां ने उन्हें मेडिकल स्टडीज के लिए जॉर्जिया भेजने का मन बना लिया। साई जाना नहीं चाहती थीं, लेकिन मां ने कहा कि उनकी कजिन भी बाहर जाकर पढ़ाई कर रही हैं, उन्हें शादी के लिए अच्छे लड़के मिलेंगे, अगर साई नहीं गईं, तो वो कजिन से पीछे रह जाएंगी। मां की बात मानकर साई ने जॉर्जिया जाने का फैसला किया। डांस रियलिटी शो की बदौलत कई फिल्में ऑफर हुईं, हर रोल ठुकराया साउथ फिल्ममेकर शेखर काम्मुला ने साई के डांस रियलिटी शो की एक क्लिप देखकर उन्हें फिल्म हैप्पी डेज ऑफर की। हालांकि साई ने पढ़ाई के लिए फिल्म ठुकरा दी। कुछ दिनों बाद उन्हें फिल्म मद्रास (2014) में लीड रोल ऑफर हुआ, लेकिन साई ने एकेडमिक्स के लिए ये ऑफर भी ठुकरा दिया। साई पल्लवी ने फ्राइज एंड पटेटो को दिए इंटरव्यू में कहा था, ‘जॉर्जिया जाने

'रामायण' की आलोचना पर बोले रणबीर:फोन पर ट्रेलर देखकर AI समझ रहे लोग; एक सीन पूरा करने में 3 साल तक लगे

'रामायण' की आलोचना पर बोले रणबीर:फोन पर ट्रेलर देखकर AI समझ रहे लोग; एक सीन पूरा करने में 3 साल तक लगे

नितेश तिवारी के निर्देशन में बन रही फिल्म ‘रामायण’ के टीजर और ट्रेलर में दिखाए गए VFX की आलोचना पर रणबीर का बयान सामने आया है। ‘कोलाइडर’ को दिए एक इंटरव्यू में फिल्म के मुख्य अभिनेता रणबीर कपूर, निर्देशक नितेश तिवारी और को-प्रोड्यूसर नमित मल्होत्रा ने ट्रोल्स को जवाब दिया है। दरअसल ट्रेलर लॉन्च होने के बाद फिल्म के ग्राफिक्स की आलोचना की जा रही थी। इस पर रणबीर कपूर ने कहा कि स्मार्टफोन और खराब इंटरनेट कनेक्शन पर लोग ट्रेलर देखकर विजुअल इफेक्ट्स को जज कर रहे हैं। मेकर्स ने दर्शकों से फिल्म को IMAX 3D में देखने का आग्रह किया है और बताया कि अभी VFX का काम पूरा होना बाकी है। ‘फोन पर ट्रेलर देखकर AI समझने लगते हैं लोग’ रणबीर कपूर ने कहा कि जिन लोगों को कंप्यूटर ग्राफिक्स की जानकारी नहीं है, उन्हें लगता है कि सब कुछ सिर्फ AI से बना दिया गया है। असलियत में किसी भी सीन को तैयार करने में अनगिनत घंटे और कई सालों की मेहनत लगती है। रणबीर ने बताया कि प्रोजेक्ट की शुरुआत से ही नितेश तिवारी और नमित मल्होत्रा विजुअल इफेक्ट्स की मीटिंग्स में बैठकर आसमान का रंग तक सही करने में लगे रहते हैं। उनका मानना है कि आजकल के दर्शकों को कंप्यूटर ग्राफिक्स से प्रभावित करना काफी मुश्किल काम हो गया है। बड़े पर्दे के अनुभव के लिए लाखों डॉलर खर्च किए फिल्म के को-प्रोड्यूसर और विजुअल इफेक्ट्स एक्सपर्ट नमित मल्होत्रा ने कहा कि लोग सही स्क्रीन और माहौल में विजुअल का अनुभव नहीं कर रहे हैं। जब वही विजुअल IMAX में 3D में देखा जाता है तो लोगों की राय बदल जाती है। नमित के अनुसार, मेकर्स बड़े पर्दे का बेहतरीन अनुभव देने के लिए लाखों डॉलर खर्च कर रहे हैं, लेकिन लोग खराब इंटरनेट कनेक्शन वाले मोबाइल फोन पर देखकर कमियां निकालने लगते हैं। छोटी सी गलती को बढ़ा-चढ़ाकर दिखाया जा रहा निर्देशक नितेश तिवारी ने बताया कि उनकी टीम अभी भी विजुअल इफेक्ट्स के काम को अंतिम रूप देने में लगी हुई है। फिल्म के कुछ खास सीक्वेंस पूरे करने में ढाई से तीन साल का समय लगा है। नितेश ने कहा कि जब कोई इंसान सिर्फ कमियां ढूंढने की नीयत से काम देखता है, तो पूरी टीम की सालों की कोशिशें नजरअंदाज हो जाती हैं और किसी छोटी सी चूक को भी बहुत बड़ा बनाकर पेश किया जाता है। 8 बार ऑस्कर जीत चुकी है नमित मल्होत्रा की कंपनी DNEG आलोचनाओं के बीच नमित मल्होत्रा की विजुअल इफेक्ट्स कंपनी DNEG का ट्रैक रिकॉर्ड काफी मजबूत रहा है। यह कंपनी नमित की मूल कंपनी ‘प्राइम फोकस’ के तहत आने वाली एक ब्रिटिश विजुअल इफेक्ट्स कंपनी है। DNEG को अब तक बेहतरीन विजुअल इफेक्ट्स कैटेगरी में कुल 8 बार ऑस्कर अवॉर्ड मिल चुका है। इसमें क्रिस्टोफर नोलन की ‘इन्सेप्शन’, ‘इंटरस्टेलर’, ‘टेनेट’ के अलावा ‘ब्लेड रनर 2049’ और ‘ड्यून’ जैसी बड़ी हॉलीवुड फिल्में शामिल हैं। 4,000 करोड़ के बजट में बन रही देश की सबसे बड़ी फिल्म नितेश तिवारी के निर्देशन में बन रही फिल्म ‘रामायण’ भारतीय सिनेमा की सबसे महंगी फिल्मों में से एक है। इसका कुल बजट करीब 4,000 करोड़ रुपए बताया जा रहा है। फिल्म का निर्माण नमित मल्होत्रा और साउथ स्टार यश मिलकर कर रहे हैं। फिल्म में रणबीर कपूर और यश के अलावा कई बड़े कलाकार अहम भूमिकाओं में नजर आने वाले हैं। टीजर रिलीज के बाद से ही फिल्म को लेकर दर्शकों के बीच चर्चा बनी हुई है। फिल्म ‘रामायण’ से जुड़ी अहम बातें-

कोलंबिया भूकंप के 48 घंटे बाद नवजात बच्चे का रेस्क्यू:पांच मंजिला इमारत के नीचे दबा मिला; अब तक 224 लोगों की मौत

कोलंबिया भूकंप के 48 घंटे बाद नवजात बच्चे का रेस्क्यू:पांच मंजिला इमारत के नीचे दबा मिला; अब तक 224 लोगों की मौत

साउथ अमेरिकी देश कोलंबिया में सोमवार रात आए 7.4 तीव्रता के भूकंप के करीब 48 घंटे बाद मलबे से एक बच्चे को जिंदा निकाला गया। बच्चा एक गिरी हुई पांच मंजिला रिहायशी इमारत के मलबे में फंसा था। उसके साथ एक आदमी भी दबा हुआ था। यह रेस्क्यू बुधवार को भूकंप के बाद चल रहे तीसरे दिन के सर्च ऑपरेशन के दौरान हुआ। CNN की रिपोर्ट के मुताबिक, रेस्क्यू टीम ने बताया कि उन्हें मलबे के नीचे से एक आदमी की आवाज सुनाई दी। आदमी ने कहा- ‘हां, मैं यहीं हूं। मैं एक बच्चे के साथ हूं।’ इसके बाद मौके पर मौजूद रेस्क्यू टीम और बाकी लोगों ने तुरंत हाथों से मलबा हटाना शुरू कर दिया। एक भारी कंक्रीट स्लैब के नीचे एक शख्स और नवजात बच्चा फंसा हुआ था। लोगों ने स्लैब को उठाया और दोनों को बचाया गया। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, बच्चे का सिर बैंगनी जैसा पड़ गया था, क्योंकि उसे सांस लेने में परेशानी हो रही थी। भारत बोला- हम हर संभव मदद के लिए तैयार भारत के विदेश मंत्री एस जयशंकर ने मंगलवार को सोशल मीडिया पर पोस्ट कर कहा कि कोलंबिया में जान-माल के नुकसान से वे बेहद दुखी हैं। उन्होंने मृतकों के परिवारों के प्रति संवेदना जताई और घायलों के जल्द ठीक होने की कामना की। उन्होंने कहा कि भारत जरूरत पड़ने पर कोलंबिया को हर संभव मदद देने के लिए तैयार है। भूकंप से जुड़ी 5 फोटोज

रूस की तरफ से मध्यस्थ बनेंगे पूर्व चीफ जस्टिस चंद्रचूड़:यूक्रेन के सरकारी बैंक से चल रहा विवाद; रूस पर संपत्ति छीनने का आरोप

रूस की तरफ से मध्यस्थ बनेंगे पूर्व चीफ जस्टिस चंद्रचूड़:यूक्रेन के सरकारी बैंक से चल रहा विवाद; रूस पर संपत्ति छीनने का आरोप

रूस ने भारत के पूर्व मुख्य न्यायाधीश (CJI) डीवाई चंद्रचूड़ को यूक्रेन के सरकारी बैंक ओश्चादबैंक से जुड़े एक अंतरराष्ट्रीय निवेश विवाद में अपना मध्यस्थ बनाया है। बार एंड बेंच की रिपोर्ट के मुताबिक, यह मामला यूक्रेन और रूस के बीच 1998 में हुए द्विपक्षीय निवेश समझौते के तहत चल रहा है। ओश्चादबैंक का कहना है कि 2022 में रूस के यूक्रेन पर हमले की वजह से उसे दोनेत्स्क, लुहांस्क, खेरसॉन और जापोरिज्जिया क्षेत्रों में अपनी संपत्तियां और कारोबार गंवाना पड़ा। इन इलाकों में ओश्चादबैंक की बैंक शाखाएं, ATM, दफ्तर, जमीन, और दूसरे कारोबारी संसाधन थे। रूस के कब्जे के बाद बैंक इन संपत्तियों का इस्तेमाल नहीं कर सका। कई शाखाएं बंद हो गईं और बैंक का कारोबार ठप पड़ गया। बैंक के मुताबिक, इससे उसे भारी नुकसान हुआ। इस ही वजह से बैंक ने कई सौ मिलियन डॉलर का दावा किया है। तीन सदस्यीय ट्रिब्यूनल करेगा सुनवाई बैंक ने जुलाई 2025 में रूस को विवाद का नोटिस भेजा था। रूस की ओर से जवाब नहीं मिलने पर उसने अंतरराष्ट्रीय मध्यस्थता की प्रक्रिया शुरू कर दी। इस मामले की सुनवाई तीन सदस्यीय ट्रिब्यूनल करेगा। जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ से पहले भी भारत के सुप्रीम कोर्ट और हाईकोर्ट के कई पूर्व जज अंतरराष्ट्रीय मध्यस्थता और ट्रिब्यूनल में अहम जिम्मेदारियां निभा चुके हैं। पहले रूस के दो प्रस्तावों को ठुकरा चुके थे चंद्रचूड़ रूस इससे पहले भी डीवाई चंद्रचूड़ को दो बड़े अंतरराष्ट्रीय निवेश विवादों में अपनी ओर से मध्यस्थ बनाना चाहता था। रिपोर्ट के मुताबिक, पहला मामला जर्मनी की ऊर्जा कंपनी विंटरशाल डीया से जुड़ा था। इस कंपनी ने रूस पर आरोप लगाया था कि यूक्रेन युद्ध के बाद उसकी रूस में मौजूद गैस और तेल प्रोजेक्ट्स पर कब्जा कर लिया गया, जिससे उसे भारी आर्थिक नुकसान हुआ। दूसरा मामला यूक्रेन की सरकारी बिजली ट्रांसमिशन कंपनी उक्रएनरगो का था। कंपनी का आरोप है कि रूस के कब्जे वाले इलाकों में उसकी बिजली से जुड़ी संपत्तियों को नुकसान पहुंचाया गया या उन पर कब्जा कर लिया गया। इन दोनों मामलों में रूस ने डीवाई चंद्रचूड़ से अपनी ओर से मध्यस्थ बनने का अनुरोध किया था। हालांकि, उन्होंने यह जिम्मेदारी स्वीकार नहीं की थी। अब तक दोनों मामलों का अंतिम नतीजा नहीं आया है। अंतरराष्ट्रीय मध्यस्थता क्या है? जब दो देशों की कंपनियों या किसी देश और विदेशी कंपनी के बीच कारोबार या निवेश को लेकर बड़ा विवाद हो जाता है, तो वे हर बार अदालत नहीं जाते। कई बार दोनों पक्ष मिलकर कुछ विशेषज्ञ चुनते हैं। यही विशेषज्ञ दोनों पक्षों की बात सुनते हैं और फैसला देते हैं। इसे अंतरराष्ट्रीय मध्यस्थता कहा जाता है। इसे आसान उदाहरण से समझिए मान लीजिए दो कंपनियों के बीच करोड़ों रुपये का विवाद हो गया। अगर वे कोर्ट जाएंगी, तो फैसला आने में कई साल लग सकते हैं। इसलिए दोनों मिलकर कुछ निष्पक्ष विशेषज्ञ चुन लेती हैं। ये विशेषज्ञ दोनों पक्षों की बात सुनते हैं और तय करते हैं कि किसका दावा सही है। अंतरराष्ट्रीय मध्यस्थता में क्या होता है? 1. दोनों पक्ष अपने-अपने विशेषज्ञ चुनते हैं: आमतौर पर दोनों पक्ष एक-एक मध्यस्थ चुनते हैं। इसके बाद दोनों मिलकर तीसरे मध्यस्थ का चयन करते हैं। ये तीनों मिलकर एक ट्रिब्यूनल बनाते हैं। 2. दोनों पक्ष अपनी बात रखते हैं: दोनों पक्ष अपने दस्तावेज, सबूत और दलीलें ट्रिब्यूनल के सामने पेश करते हैं। 3. ट्रिब्यूनल फैसला सुनाता है: सभी पक्षों की बात सुनने के बाद ट्रिब्यूनल अपना फैसला देता है। इसे ‘अवार्ड’ कहा जाता है। 4. फैसले का पालन करना होता है: ज्यादातर मामलों में ट्रिब्यूनल का फैसला दोनों पक्षों के लिए मानना जरूरी होता है। यह अदालत से कैसे अलग है? भारत से जुड़े दो चर्चित ट्रिब्यूनल मामले 1. केयर्न एनर्जी बनाम भारत क्या मामला था? ब्रिटेन की कंपनी केयर्न एनर्जी ने 2006 में भारत में अपने कारोबार में कुछ बदलाव किए थे। उस समय सरकार ने इस पर कोई टैक्स नहीं लगाया। लेकिन 2012 में भारत सरकार ने नया टैक्स कानून बनाया और कहा कि यह कानून पुराने सौदों पर भी लागू होगा। इसके बाद सरकार ने केयर्न से हजारों करोड़ रुपये का टैक्स मांगा और उसकी कुछ संपत्तियां भी अपने कब्जे में ले लीं। फैसला क्या आया? कंपनी ने अंतरराष्ट्रीय ट्रिब्यूनल में शिकायत की। 2020 में ट्रिब्यूनल ने कहा कि भारत की टैक्स वसूली सही नहीं थी। उसने भारत को कंपनी को करीब 1.2 अरब डॉलर (करीब 9 हजार करोड़ रुपए) लौटाने का आदेश दिया। फिर क्या हुआ? 2021 में भारत सरकार ने यह पुराना टैक्स कानून वापस ले लिया। इसके बाद दोनों पक्षों में समझौता हो गया और मामला खत्म हो गया 2. वोडाफोन बनाम भारत क्या मामला था? 2007 में वोडाफोन ने भारत की एक मोबाइल कंपनी खरीदी थी। उस समय इस सौदे पर कोई टैक्स नहीं लगा। लेकिन 2012 में सरकार ने नया कानून बनाकर कहा कि पुराने सौदों पर भी टैक्स लगेगा। इसके बाद वोडाफोन से करीब 2.2 अरब डॉलर (करीब 16 हजार करोड़ रुपए) टैक्स मांगा गया। फैसला क्या आया? वोडाफोन भी अंतरराष्ट्रीय ट्रिब्यूनल पहुंची। 2020 में ट्रिब्यूनल ने कहा कि भारत सरकार को इतने साल बाद पुराने सौदे पर टैक्स नहीं लगाना चाहिए था। इसलिए फैसला वोडाफोन के पक्ष में आया। फिर क्या हुआ? 2021 में भारत सरकार ने यह कानून वापस ले लिया। इसके बाद वोडाफोन और भारत के बीच विवाद भी खत्म हो गया। —————–

रूस की तरफ से मध्यस्थ बनेंगे पूर्व चीफ जस्टिस चंद्रचूड़:यूक्रेन के सरकारी बैंक से चल रहा विवाद; रूस पर संपत्ति छीनने का आरोप

रूस की तरफ से मध्यस्थ बनेंगे पूर्व चीफ जस्टिस चंद्रचूड़:यूक्रेन के सरकारी बैंक से चल रहा विवाद; रूस पर संपत्ति छीनने का आरोप

रूस ने भारत के पूर्व मुख्य न्यायाधीश (CJI) डीवाई चंद्रचूड़ को यूक्रेन के सरकारी बैंक ओश्चादबैंक से जुड़े एक अंतरराष्ट्रीय निवेश विवाद में अपना मध्यस्थ बनाया है। बार एंड बेंच की रिपोर्ट के मुताबिक, यह मामला यूक्रेन और रूस के बीच 1998 में हुए द्विपक्षीय निवेश समझौते के तहत चल रहा है। ओश्चादबैंक का कहना है कि 2022 में रूस के यूक्रेन पर हमले की वजह से उसे दोनेत्स्क, लुहांस्क, खेरसॉन और जापोरिज्जिया क्षेत्रों में अपनी संपत्तियां और कारोबार गंवाना पड़ा। इन इलाकों में ओश्चादबैंक की बैंक शाखाएं, ATM, दफ्तर, जमीन, और दूसरे कारोबारी संसाधन थे। रूस के कब्जे के बाद बैंक इन संपत्तियों का इस्तेमाल नहीं कर सका। कई शाखाएं बंद हो गईं और बैंक का कारोबार ठप पड़ गया। बैंक के मुताबिक, इससे उसे भारी नुकसान हुआ। इस ही वजह से बैंक ने कई सौ मिलियन डॉलर का दावा किया है। तीन सदस्यीय ट्रिब्यूनल करेगा सुनवाई बैंक ने जुलाई 2025 में रूस को विवाद का नोटिस भेजा था। रूस की ओर से जवाब नहीं मिलने पर उसने अंतरराष्ट्रीय मध्यस्थता की प्रक्रिया शुरू कर दी। इस मामले की सुनवाई तीन सदस्यीय ट्रिब्यूनल करेगा।

'मुझे प्यार, वफादारी जैसी चीजें पसंद हैं':पूर्व पति मोहसिन अख्तर की दूसरी शादी के रिसेप्शन की तस्वीरों के बाद उर्मिला मातोंडकर की क्रिप्टिक पोस्ट

'मुझे प्यार, वफादारी जैसी चीजें पसंद हैं':पूर्व पति मोहसिन अख्तर की दूसरी शादी के रिसेप्शन की तस्वीरों के बाद उर्मिला मातोंडकर की क्रिप्टिक पोस्ट

बॉलीवुड एक्ट्रेस उर्मिला मातोंडकर ने सोशल मीडिया पर प्यार और वफादारी को लेकर एक क्रिप्टिक पोस्ट शेयर की। यह पोस्ट उनके पूर्व पति मोहसिन अख्तर द्वारा हाल ही में अपनी दूसरी शादी के रिसेप्शन की तस्वीरें शेयर करने के बाद सामने आई। हालांकि, उर्मिला ने इसे मोहसिन से जोड़कर कोई बयान नहीं दिया। दरअसल, मोहसिन अख्तर ने मंगलवार को दूसरी पत्नी निधा भट्ट के साथ रिसेप्शन की तस्वीरें सोशल मीडिया पर शेयर की थीं। मोहसिन ने पोस्ट के साथ निधा के लिए इमोशनल मैसेज भी लिखा था। उन्होंने उन्हें अपनी पत्नी के साथ-साथ अपना घर, सुकून और हर दिन का पसंदीदा हिस्सा बताया। उन्होंने साथ मिलकर खूबसूरत जिंदगी बनाने की बात भी कही। वहीं, मोहसिन की पोस्ट के बाद उर्मिला ने इंस्टाग्राम स्टोरी पर लिखा, ‘मुझे प्यार, वफादारी और समय जैसी कीमती चीजें पसंद हैं।’ जून में दूसरी शादी की जानकारी दी थी मोहसिन ने जून में अपनी दूसरी शादी की जानकारी शेयर की थी। शादी की झलकियां शेयर करते हुए मोहसिन ने एक इमोशनल पोस्ट लिखी थी। उन्होंने कहा था कि सच्चे इरादों, ईमानदार प्यार और धैर्य के साथ उन्हें जीवन में फिर से प्रेम मिला है। उन्होंने अपनी पत्नी निधा भट्ट का आभार जताते हुए लिखा कि उन्होंने उनके जीवन में रोशनी लाई है। मोहसिन ने अपनी पोस्ट में दिवंगत प्रियजनों को भी याद किया और कहा था कि उनकी दुआओं और आशीर्वाद की वजह से उन्हें जीवन में यह नया साथ मिला है। उन्होंने दोनों के लिए दुआ करने की अपील भी की थी। उर्मिला मातोंडकर से हुई थी पहली शादी कश्मीरी बिजनेसमैन और मॉडल मोहसिन अख्तर मीर की पहली मुलाकात उर्मिला से 2014 में फैशन डिजाइनर मनीष मल्होत्रा की भतीजी की शादी में हुई थी। इसके बाद दोनों ने 4 फरवरी 2016 को एक प्राइवेट सेरेमनी में शादी की थी। उस समय उनकी शादी इंटररिलिजियस मैरिज और दोनों के बीच 10 साल के एज डिफरेंस की वजह से खबरों में थी। साल 2024 में दोनों के रिश्ते में तनाव की खबरें सामने आई थीं। सितंबर 2024 में कहा गया था कि उर्मिला ने मुंबई की एक अदालत में तलाक की अर्जी दायर की थी। उर्मिला के करियर की बात करें तो वो कलयुग और मासूम जैसी फिल्मों में चाइल्ड आर्टिस्ट के तौर पर नजर आईं। उन्होंने 1991 में नरसिम्हा से लीड एक्ट्रेस के तौर पर डेब्यू किया। उन्होंने रंगीला, जुदाई, सत्या, कौन, प्यार तूने क्या किया, भूत और एक हसीना थी जैसी कई फिल्मों में काम किया। बड़े पर्दे पर उर्मिला आखिरी बार साल 2018 में इरफान खान की फिल्म ब्लैकमेल में एक स्पेशल डांस नंबर (‘बेवफा ब्यूटी’) में नजर आई थीं। वहीं, वह 2022 में ‘डांस इंडिया डांस सुपर मॉम्स’ में जज के तौर पर नजर आई थीं।