‘उसकी बुद्धि भ्रष्ट हो गई है’:गोविंदा के एक्ट्रेस कोमल के साथ दिखने पर पत्नी सुनीता का रिएक्शन, बोलीं- क्या घटिया स्टैंडर्ड है

गोविंदा को एक्ट्रेस कोमल रानी के साथ देखे जाने के सवाल पर प्रतिक्रिया देते हुए पत्नी सुनीता आहूजा ने कहा कि गोविंदा की बुद्धि भ्रष्ट हो गई है। दरअसल, सोमवार को जब एक पैपराजी ने सुनीता आहूजा से पूछा कि गोविंदा सर भी देखे गए कोमल मैम के साथ, फिल्म का प्रमोशन शुरू हुआ? इस पर सुनीता ने कहा कि एक कहावत सुनी है- ‘विनाश काले विपरीत बुद्धि।’ और उसकी बुद्धि भ्रष्ट हो गई है। इसलिए यह सब करता है। क्या बोले अब? वहीं, उनसे पूछा गया कि सोशल मीडिया पर गोविंदा को चीटर नंबर 1 कहा जा रहा है, तो सुनीता ने कहा कि यह सवाल गोविंदा के फैंस से पूछना। जब मैं बोलती हूं, तो ये सब मुझे ट्रोल करते हैं। मैं चाहती हूं गोविंदा के फैंस, मीडिया इस चीज का जवाब दें। मुझसे मत पूछो। मुझको कोई इंटरेस्ट ही नहीं है और ये उसके फैंस बताएंगे। उन्होंने आगे कहा कि जब मैं सच बोलती हूं, तो सब मुझे गालियां देते हैं तो अब जो देख रहे हैं, उनका बताना चाहिए गोविंदा सही या मैं और इस बारे में मुझे कुछ बात नहीं करनी। सब भाड़ में जाए। सुनीता ने यह भी कहा कि कुछ करना भी था तो स्टैंडर्ड से करता, यह क्या घटिया स्टैंडर्ड कर रहा है। पहले जो उनका स्टैंडर्ड था न, ये तो स्टैंडर्ड ही नहीं है। यह गोविंदा का स्टैंडर्ड नहीं है। को-एक्ट्रेस के साथ गोविंदा स्पॉट हुए थे गोविंदा हाल ही में एक्ट्रेस कोमल रानी स्वर्णकार के साथ एयरपोर्ट पर स्पॉट हुए थे। बता दें कि सुनीता ने कुछ समय पहले ही कहा था कि उन्हें कोमल नाम से नफरत है। कुछ समय पहले ही सुनीता ने मिस मालिनी को दिए इंटरव्यू में गोविंदा के अफेयर रूमर्स पर बात करते हुए कहा कि जवानी में गलतियां होती हैं, लेकिन 63 की उम्र में ये सब सुनना ठीक नहीं है। जब इंटरव्यूअर ने बताया कि उनका नाम कोमल है, तो सुनीता ने कहा, ‘ये नाम थोड़ा गड़बड़ है। मुझे कोमल नाम से नफरत है। एक है कोमल, एक्स वाय जेड है कोई। मुझे उससे नफरत है।’ गोविंदा के साथ बॉलीवुड डेब्यू करने वाली हैं कोमल गोविंदा 7 साल बाद बॉलीवुड कमबैक कर रहे हैं और अपने प्रोडक्शन की इस फिल्म से कोमल को भी लॉन्च कर रहे हैं। सिर्फ यही नहीं कोमल के गोविंदा की दूसरी फिल्म दुनियादारी में होने की भी खबरें हैं। गोविंदा ने जुलाई में अपकमिंग फिल्म रूपा से जुड़ी एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कोमल का मीडिया से परिचय करवाया और तारीफ कर कहा कि फिल्म देखने के बाद दर्शक उन्हें अच्छी एक्ट्रेस मानेंगे। गोविंदा ने हाल ही में पत्नी सुनीता आहूजा के उन आरोपों पर जवाब दिया है, जिनमें उन्होंने उनके अफेयर्स की बात कही थी। सुनीता के लगाए हुए अफेयर के आरोपों पर ANI से बातचीत में गोविंदा ने कहा, वह मुझे बहुत प्यार से गाली देती हैं और मैं उनके हाथ से खाता भी हूं। मुझे लगता है कि जो लोग जहां हैं और भगवान ने उन्हें जो भी भूमिका दी है, अगर वो वहां नहीं होते हम कामयाब नहीं हो सकते थे। गोविंदा बोले- दूरी बनाने के लिए आरोप लगाना जरूरी नहीं गोविंदा ने इशारा किया कि उनके बारे में खुलकर बोलने के बाद सुनीता को स्टारडम मिला। उन्होंने कहा, बहुत सी बातें ऐसी होती हैं, जो बयां नहीं की जातीं। क्या दूरी बनाने के लिए आरोप लगाने की जरूरत है क्या? लेकिन लोग मानते हैं कि ये निकलने का आसान रास्ता है। उन्होंने सवाल किया कि कामयाबी के लिए अपने ही लोगों की बुराई जरूरी है क्या? यह थोड़ा आसान है। सुनीता तारीफ करती है फिर एक बुराई करती है। मुझे इसमें ज्यादा प्यार दिखाई देता है। सुनीता ने कहा था- गोविंदा के कई अफेयर्स रहे सुनीता आहूजा हाल ही में शो ‘लॉक अप 2’ की कंटेस्टेंट बनी थीं। शो के दौरान उन्होंने गोविंदा के कथित अफेयर्स पर बात की थी। उन्होंने कहा था, “प्यार में आपको हर चीज सहन करने में सक्षम होना चाहिए। चीची (गोविंदा) के जवानी में कई अफेयर्स रहे हैं। तब मैंने नजरअंदाज किया था, लेकिन अब नहीं करूंगी।” 1987 में हुई थी गोविंदा और सुनीता की शादी गोविंदा और सुनीता आहूजा ने 1987 में एक प्राइवेट समारोह में शादी की थी। उस समय गोविंदा बॉलीवुड स्टार बन चुके थे। दोनों ने गोविंदा के करियर को बचाने के लिए करीब दो साल तक अपनी शादी की बात छिपाकर रखी। बेटी टीना आहूजा के जन्म के बाद उन्होंने शादी को सार्वजनिक किया था। इसके बाद दोनों के बेटे यशवर्धन आहूजा का जन्म हुआ।
‘उसकी बुद्धि भ्रष्ट हो गई है’:गोविंदा के एक्ट्रेस कोमल के साथ दिखने पर पत्नी सुनीता भड़कीं, बोलीं- क्या घटिया स्टैंडर्ड है

गोविंदा को एक्ट्रेस कोमल रानी के साथ देखे जाने के सवाल पर प्रतिक्रिया देते हुए पत्नी सुनीता आहूजा ने कहा कि गोविंदा की बुद्धि भ्रष्ट हो गई है। दरअसल, सोमवार को जब एक पैपराजी ने सुनीता आहूजा से पूछा कि गोविंदा सर भी देखे गए कोमल मैम के साथ, फिल्म का प्रमोशन शुरू हुआ? इस पर सुनीता ने कहा कि एक कहावत सुनी है- ‘विनाश काले विपरीत बुद्धि।’ और उसकी बुद्धि भ्रष्ट हो गई है। इसलिए यह सब करता है। क्या बोले अब? वहीं, उनसे पूछा गया कि सोशल मीडिया पर गोविंदा को चीटर नंबर 1 कहा जा रहा है, तो सुनीता ने कहा कि यह सवाल गोविंदा के फैंस से पूछना। जब मैं बोलती हूं, तो ये सब मुझे ट्रोल करते हैं। मैं चाहती हूं गोविंदा के फैंस, मीडिया इस चीज का जवाब दें। मुझसे मत पूछो। मुझको कोई इंटरेस्ट ही नहीं है और ये उसके फैंस बताएंगे। उन्होंने आगे कहा कि जब मैं सच बोलती हूं, तो सब मुझे गालियां देते हैं तो अब जो देख रहे हैं, उनका बताना चाहिए गोविंदा सही या मैं और इस बारे में मुझे कुछ बात नहीं करनी। सब भाड़ में जाए। सुनीता ने यह भी कहा कि कुछ करना भी था तो स्टैंडर्ड से करता, यह क्या घटिया स्टैंडर्ड कर रहा है। पहले जो उनका स्टैंडर्ड था न, ये तो स्टैंडर्ड ही नहीं है। यह गोविंदा का स्टैंडर्ड नहीं है। को-एक्ट्रेस के साथ गोविंदा स्पॉट हुए थे गोविंदा हाल ही में एक्ट्रेस कोमल रानी स्वर्णकार के साथ एयरपोर्ट पर स्पॉट हुए थे। बता दें कि सुनीता ने कुछ समय पहले ही कहा था कि उन्हें कोमल नाम से नफरत है। सुनीता ने मिस मालिनी को दिए इंटरव्यू में गोविंदा के अफेयर रूमर्स पर बात करते हुए कहा था कि जवानी में गलतियां होती हैं, लेकिन 63 की उम्र में ये सब सुनना ठीक नहीं है। सुनीता ने कहा था, ‘ये नाम थोड़ा गड़बड़ है। मुझे कोमल नाम से नफरत है। एक है कोमल, एक्स वाय जेड है कोई। मुझे उससे नफरत है।’ गोविंदा के साथ बॉलीवुड डेब्यू करने वाली हैं कोमल गोविंदा 7 साल बाद बॉलीवुड कमबैक कर रहे हैं और अपने प्रोडक्शन की इस फिल्म से कोमल को भी लॉन्च कर रहे हैं। सिर्फ यही नहीं कोमल के गोविंदा की दूसरी फिल्म दुनियादारी में होने की भी खबरें हैं। गोविंदा ने जुलाई में अपकमिंग फिल्म रूपा से जुड़ी एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कोमल का मीडिया से परिचय करवाया और तारीफ कर कहा कि फिल्म देखने के बाद दर्शक उन्हें अच्छी एक्ट्रेस मानेंगे। गोविंदा ने हाल ही में सुनीता के उन आरोपों पर जवाब दिया, जिनमें उन्होंने उनके अफेयर्स की बात कही थी। सुनीता के लगाए हुए अफेयर के आरोपों पर ANI से बातचीत में गोविंदा ने कहा, वह मुझे बहुत प्यार से गाली देती हैं और मैं उनके हाथ से खाता भी हूं। मुझे लगता है कि जो लोग जहां हैं और भगवान ने उन्हें जो भी भूमिका दी है, अगर वो वहां नहीं होते हम कामयाब नहीं हो सकते थे। गोविंदा बोले- दूरी बनाने के लिए आरोप लगाना जरूरी नहीं गोविंदा ने इशारा किया कि उनके बारे में खुलकर बोलने के बाद सुनीता को स्टारडम मिला। उन्होंने कहा, बहुत सी बातें ऐसी होती हैं, जो बयां नहीं की जातीं। क्या दूरी बनाने के लिए आरोप लगाने की जरूरत है क्या? लेकिन लोग मानते हैं कि ये निकलने का आसान रास्ता है। उन्होंने सवाल किया कि कामयाबी के लिए अपने ही लोगों की बुराई जरूरी है क्या? यह थोड़ा आसान है। सुनीता तारीफ करती है फिर एक बुराई करती है। मुझे इसमें ज्यादा प्यार दिखाई देता है। सुनीता ने कहा था- गोविंदा के कई अफेयर्स रहे सुनीता आहूजा हाल ही में शो ‘लॉक अप 2’ की कंटेस्टेंट बनी थीं। शो के दौरान उन्होंने गोविंदा के कथित अफेयर्स पर बात की थी। उन्होंने कहा था, “प्यार में आपको हर चीज सहन करने में सक्षम होना चाहिए। चीची (गोविंदा) के जवानी में कई अफेयर्स रहे हैं। तब मैंने नजरअंदाज किया था, लेकिन अब नहीं करूंगी।” 1987 में हुई थी गोविंदा और सुनीता की शादी गोविंदा और सुनीता आहूजा ने 1987 में एक प्राइवेट समारोह में शादी की थी। उस समय गोविंदा बॉलीवुड स्टार बन चुके थे। दोनों ने गोविंदा के करियर के लिए करीब दो साल तक अपनी शादी की बात छिपाकर रखी थी। बेटी टीना आहूजा के जन्म के बाद उन्होंने शादी को सार्वजनिक किया था। इसके बाद दोनों के बेटे यशवर्धन आहूजा का जन्म हुआ।
ईरान के डर से ट्रम्प ने सीक्रेट फ्लाइट ली थी:तुर्किये में एयरफोर्स वन में बैठने का दिखावा किया, फिर सामान वाली गाड़ी दूसरे प्लेन में पहुंचे

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने पिछले महीने तुर्किये से ब्रिटेन जाने के लिए सीक्रेट रूप से एक छोटे मिलिट्री विमान का इस्तेमाल किया था। वॉशिंगटन पोस्ट की रिपोर्ट के मुताबिक, ईरान से ट्रम्प की हत्या की विश्वसनीय धमकी मिलने के बाद उनकी यात्रा का पूरा प्लान बदला गया था। तुर्किये की राजधानी अंकारा से निकलते समय ट्रम्प कैमरों के सामने पुराने एयरफोर्स वन में सवार हुए। इसके बाद उन्हें एयरपोर्ट पर सामान और खाना पहुंचाने वाली कैटरिंग गाड़ी से चुपचाप छोटे मिलिट्री विमान C-32A तक पहुंचाया गया। पहले बड़े विमान में बैठे, फिर चुपचाप बाहर निकले ट्रम्प 8 जुलाई को नाटो समिट में शामिल होने के लिए अंकारा में थे। वे तुर्किये नए बोइंग 747-8 विमान से पहुंचे थे, जो कतर के शाही परिवार ने अमेरिका को दिया है। वापसी के समय ट्रम्प पुराने, हल्के नीले रंग के एयरफोर्स वन की सीढ़ियां चढ़ते हुए कैमरों में दिखाई दिए। उस समय यही माना गया कि वे इसी विमान से ब्रिटेन जाएंगे। ट्रम्प ने खुद कहा था कि वे नए विमान की जगह पुराने एयरफोर्स वन से ब्रिटेन जाएंगे। उन्होंने इसे “पुराने समय की याद में” उड़ान बताई थी। नया विमान भी ब्रिटेन के RAF मिल्डेनहॉल एयरबेस जाना था, जहां अमेरिकी सैनिक उसे देख सकते थे। लेकिन पुराने विमान में बैठने के बाद ट्रम्प उसी से ब्रिटेन नहीं गए। सामान वाली गाड़ी से दूसरे विमान तक पहुंचाया वॉशिंगटन पोस्ट ने एक अमेरिकी अधिकारी और अपनी जांच में मिली अन्य सामग्री के हवाले से बताया कि ट्रम्प के पुराने एयरफोर्स वन में सवार होने के कुछ देर बाद एक कैटरिंग गाड़ी वहां से निकली। इस गाड़ी के जरिए ट्रम्प को एयरपोर्ट पर खड़े छोटे C-32A विमान तक पहुंचाया गया। यह बोइंग 757 का मिलिट्री वर्जन है। वॉशिंगटन पोस्ट की रिपोर्ट में सामने आए वीडियो में भी कैटरिंग गाड़ी को पुराने एयरफोर्स वन से निकलकर छोटे विमान की तरफ जाते देखा जा सकता है। इसके बाद C-32A ट्रम्प को लेकर ब्रिटेन के लिए रवाना हो गया। मीडिया को भी नहीं पता था कि ट्रम्प विमान में नहीं हैं पुराने एयरफोर्स वन में यात्रा कर रहे पत्रकारों को लगा कि राष्ट्रपति उनके साथ ही विमान में हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, व्हाइट हाउस के कुछ कर्मचारियों को भी इसकी जानकारी नहीं थी। इस विमान में मौजूद पत्रकारों को उड़ान के दौरान प्रेस केबिन की खिड़कियों के शेड बंद रखने को कहा गया। ऐसी सावधानी आमतौर पर युद्ध वाले इलाकों में उड़ान के दौरान बरती जाती है। बाद में पत्रकारों ने ट्रम्प से पूछा कि खिड़कियों के शेड बंद रखने को क्यों कहा गया था। ट्रम्प ने जवाब दिया, “शायद हम एक खतरनाक फ्लाइट पर थे।” ट्रम्प वाला विमान पहले ब्रिटेन पहुंचा ट्रम्प को लेकर C-32A रात करीब 10:20 बजे ब्रिटेन के RAF मिल्डेनहॉल पहुंचा। इसके कुछ मिनट बाद पुराना एयरफोर्स वन भी वहां पहुंच गया, जिसमें पत्रकार सवार थे। यह साफ नहीं है कि ट्रम्प C-32A से उतरने के बाद पुराने एयरफोर्स वन तक कैसे पहुंचे। हालांकि, ट्रम्प के साथ यात्रा कर रहे प्रेस पूल के मुताबिक, वे रात 10:56 बजे पुराने एयरफोर्स वन की सीढ़ियों से नीचे उतरते दिखाई दिए। उन्होंने पत्रकारों की तरफ हाथ हिलाया, लेकिन उनसे बात नहीं की। इसके बाद अमेरिकी सैनिकों से मुलाकात की और कतर से मिले नए विमान की तरफ चले गए। ईरान से खतरे के कारण बदला गया था पूरा प्लान वॉशिंगटन पोस्ट के मुताबिक, ट्रम्प को निशाना बनाए जाने की विश्वसनीय धमकी के बाद उनकी तुर्किये से वापसी को सीक्रेट रखा गया। अमेरिकी मीडिया में पहले भी रिपोर्ट आई थी कि ईरान से जुड़े खतरे के कारण ट्रम्प ने तुर्किये से कतर के नए विमान में वापस जाने के बजाय पुराने एयरफोर्स वन का इस्तेमाल किया। यानी जिस विमान में ट्रम्प को जाते हुए दिखाया गया, वह असल में लोगों का ध्यान भटकाने के लिए इस्तेमाल हुआ था। ट्रम्प को दूसरे विमान से ब्रिटेन भेजा गया। ऐसा तरीका पहले भी इस्तेमाल हो चुका है राष्ट्रपति को खतरे से बचाने के लिए दूसरे विमान का इस्तेमाल करने का ऐसा तरीका पहले भी अपनाया जा चुका है। साल 2000 में तत्कालीन अमेरिकी राष्ट्रपति बिल क्लिंटन पाकिस्तान गए थे। तब क्लिंटन एक बिना पहचान वाले सरकारी विमान से पाकिस्तान पहुंचे थे, जबकि उनका आधिकारिक एयरफोर्स वन डिकॉय के तौर पर भेजा गया था। कतर का नया विमान भी सवालों में रहा ट्रम्प जिस नए बोइंग 747-8 विमान से तुर्किये पहुंचे थे, उसे कतर के शाही परिवार ने पिछले साल अमेरिका को दिया था। अमेरिकी डिफेंस कंपनी L3Harris Technologies ने इसे राष्ट्रपति के इस्तेमाल के लिए तैयार किया है। ट्रम्प ने पहली बार इस विमान का इस्तेमाल 1 जुलाई को नॉर्थ डकोटा जाने के लिए किया था। इसके कुछ दिन बाद यह उन्हें लेकर पहली विदेश यात्रा पर तुर्किये पहुंचा। नए विमान की सुरक्षा को लेकर पहले से सवाल उठते रहे हैं। अमेरिकी मीडिया की रिपोर्ट के मुताबिक, पुराने एयरफोर्स वन में मौजूद कुछ सुरक्षा सुविधाएं नए विमान में नहीं हैं या अलग तरह से काम करती हैं। इनमें मिसाइल हमले से बचाने वाली सुरक्षा भी शामिल है। व्हाइट हाउस ने कहा- राष्ट्रपति की सुरक्षा सबसे जरूरी सीक्रेट उड़ान की खबर सामने आने के बाद व्हाइट हाउस के कम्युनिकेशन डायरेक्टर स्टीव चेउंग ने नए विमान की सुरक्षा का बचाव किया। उन्होंने कहा कि नए एयरफोर्स वन में राष्ट्रपति और उनके स्टाफ की सुरक्षा के लिए मजबूत सुरक्षा व्यवस्था की गई है। चेउंग ने कहा, “अमेरिका के कई दुश्मन हैं जो राष्ट्रपति को निशाना बनाना चाहते हैं। इन खतरों से निपटने के लिए हम अपने पास मौजूद हर तरीके का इस्तेमाल करते हैं।” पेंटागन ने इस मामले पर तुरंत कोई प्रतिक्रिया नहीं दी।
ईरान के डर से ट्रम्प ने सीक्रेट फ्लाइट ली थी:तुर्किये में एयरफोर्स वन में बैठने का दिखावा किया, फिर सामान वाली गाड़ी दूसरे प्लेन में पहुंचे

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने पिछले महीने तुर्किये से ब्रिटेन जाने के लिए सीक्रेट रूप से एक छोटे मिलिट्री विमान का इस्तेमाल किया था। वॉशिंगटन पोस्ट की रिपोर्ट के मुताबिक, ईरान से ट्रम्प की हत्या की धमकी मिलने के बाद उनकी यात्रा का पूरा प्लान बदला गया था। तुर्किये की राजधानी अंकारा से निकलते समय ट्रम्प कैमरों के सामने पुराने एयरफोर्स वन में सवार हुए। इसके बाद उन्हें एयरपोर्ट पर सामान और खाना पहुंचाने वाली कैटरिंग गाड़ी से चुपचाप छोटे मिलिट्री विमान C-32A तक पहुंचाया गया। पहले बड़े विमान में बैठे, फिर चुपचाप बाहर निकले ट्रम्प 8 जुलाई को नाटो समिट में शामिल होने के लिए अंकारा में थे। वे तुर्किये नए बोइंग 747-8 विमान से पहुंचे थे, जो कतर के शाही परिवार ने अमेरिका को दिया है। वापसी के समय ट्रम्प पुराने, हल्के नीले रंग के एयरफोर्स वन की सीढ़ियां चढ़ते हुए कैमरों में दिखाई दिए। उस समय यही माना गया कि वे इसी विमान से ब्रिटेन जाएंगे। ट्रम्प ने खुद कहा था कि वे नए विमान की जगह पुराने एयरफोर्स वन से ब्रिटेन जाएंगे। नया विमान भी ब्रिटेन के RAF मिल्डेनहॉल एयरबेस जाना था, जहां अमेरिकी सैनिक उसे देख सकते थे। लेकिन पुराने विमान में बैठने के बाद ट्रम्प उसी से ब्रिटेन नहीं गए। सामान वाली गाड़ी से दूसरे विमान तक पहुंचाया वॉशिंगटन पोस्ट ने एक अमेरिकी अधिकारी के हवाले से बताया कि ट्रम्प के पुराने एयरफोर्स वन में सवार होने के कुछ देर बाद एक कैटरिंग गाड़ी वहां से निकली। इस गाड़ी के जरिए ट्रम्प को एयरपोर्ट पर खड़े छोटे C-32A विमान तक पहुंचाया गया। यह बोइंग 757 का मिलिट्री वर्जन है। वॉशिंगटन पोस्ट की रिपोर्ट में सामने आए वीडियो में भी कैटरिंग गाड़ी को पुराने एयरफोर्स वन से निकलकर छोटे विमान की तरफ जाते देखा जा सकता है। इसके बाद C-32A ट्रम्प को लेकर ब्रिटेन के लिए रवाना हो गया। मीडिया को भी नहीं पता था कि ट्रम्प विमान में नहीं हैं पुराने एयरफोर्स वन में यात्रा कर रहे पत्रकारों को लगा कि राष्ट्रपति उनके साथ ही विमान में हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, व्हाइट हाउस के कुछ कर्मचारियों को भी इसकी जानकारी नहीं थी। इस विमान में मौजूद पत्रकारों को उड़ान के दौरान प्रेस केबिन की खिड़कियों के शेड बंद रखने को कहा गया। ऐसी सावधानी आमतौर पर युद्ध वाले इलाकों में उड़ान के दौरान बरती जाती है। बाद में पत्रकारों ने ट्रम्प से पूछा कि खिड़कियों के शेड बंद रखने को क्यों कहा गया था। ट्रम्प ने जवाब दिया, “शायद हम एक खतरनाक फ्लाइट पर थे।” ट्रम्प वाला विमान पहले ब्रिटेन पहुंचा ट्रम्प को लेकर C-32A रात करीब 10:20 बजे ब्रिटेन के RAF मिल्डेनहॉल पहुंचा। इसके कुछ मिनट बाद पुराना एयरफोर्स वन भी वहां पहुंच गया, जिसमें पत्रकार सवार थे। यह साफ नहीं है कि ट्रम्प C-32A से उतरने के बाद पुराने एयरफोर्स वन तक कैसे पहुंचे। हालांकि, ट्रम्प के साथ यात्रा कर रहे प्रेस पूल के मुताबिक, वे रात 10:56 बजे पुराने एयरफोर्स वन की सीढ़ियों से नीचे उतरते दिखाई दिए। उन्होंने पत्रकारों की तरफ हाथ हिलाया, लेकिन उनसे बात नहीं की। इसके बाद अमेरिकी सैनिकों से मुलाकात की और कतर से मिले नए विमान की तरफ चले गए। ईरान से खतरे के कारण बदला गया था पूरा प्लान वॉशिंगटन पोस्ट के मुताबिक, ट्रम्प को निशाना बनाए जाने की विश्वसनीय धमकी के बाद उनकी तुर्किये से वापसी को सीक्रेट रखा गया। अमेरिकी मीडिया में पहले भी रिपोर्ट आई थी कि ईरान से जुड़े खतरे के कारण ट्रम्प ने तुर्किये से कतर के नए विमान में वापस जाने के बजाय पुराने एयरफोर्स वन का इस्तेमाल किया। यानी जिस विमान में ट्रम्प को जाते हुए दिखाया गया, वह असल में लोगों का ध्यान भटकाने के लिए इस्तेमाल हुआ था। ट्रम्प को दूसरे विमान से ब्रिटेन भेजा गया। ऐसा तरीका पहले भी इस्तेमाल हो चुका है राष्ट्रपति को खतरे से बचाने के लिए दूसरे विमान का इस्तेमाल करने का ऐसा तरीका पहले भी अपनाया जा चुका है। साल 2000 में तत्कालीन अमेरिकी राष्ट्रपति बिल क्लिंटन पाकिस्तान गए थे। तब क्लिंटन एक बिना पहचान वाले सरकारी विमान से पाकिस्तान पहुंचे थे, जबकि उनका आधिकारिक एयरफोर्स वन डिकॉय के तौर पर भेजा गया था। कतर का नया विमान भी सवालों में रहा ट्रम्प जिस नए बोइंग 747-8 विमान से तुर्किये पहुंचे थे, उसे कतर के शाही परिवार ने पिछले साल अमेरिका को दिया था। अमेरिकी डिफेंस कंपनी L3Harris Technologies ने इसे राष्ट्रपति के इस्तेमाल के लिए तैयार किया है। ट्रम्प ने पहली बार इस विमान का इस्तेमाल 1 जुलाई को नॉर्थ डकोटा जाने के लिए किया था। इसके कुछ दिन बाद यह उन्हें लेकर पहली विदेश यात्रा पर तुर्किये पहुंचा। नए विमान की सुरक्षा को लेकर पहले से सवाल उठते रहे हैं। अमेरिकी मीडिया की रिपोर्ट के मुताबिक, पुराने एयरफोर्स वन में मौजूद कुछ सुरक्षा सुविधाएं नए विमान में नहीं हैं या अलग तरह से काम करती हैं। इनमें मिसाइल हमले से बचाने वाली सुरक्षा भी शामिल है। व्हाइट हाउस ने कहा- राष्ट्रपति की सुरक्षा सबसे जरूरी सीक्रेट उड़ान की खबर सामने आने के बाद व्हाइट हाउस के कम्युनिकेशन डायरेक्टर स्टीव चेउंग ने नए विमान की सुरक्षा का बचाव किया। उन्होंने कहा कि नए एयरफोर्स वन में राष्ट्रपति और उनके स्टाफ की सुरक्षा के लिए मजबूत सुरक्षा व्यवस्था की गई है। चेउंग ने कहा, “अमेरिका के कई दुश्मन हैं जो राष्ट्रपति को निशाना बनाना चाहते हैं। इन खतरों से निपटने के लिए हम अपने पास मौजूद हर तरीके का इस्तेमाल करते हैं।” पेंटागन ने इस मामले पर तुरंत कोई प्रतिक्रिया नहीं दी।
कोलंबिया में भूकंप से 132 लोगों की मौत, 570 घायल:86 इमारतें गिरीं, 1500 से ज्यादा घरों को नुकसान; सात एयरपोर्ट पर काम बंद

कोलंबिया में सोमवार को 7.4 तीव्रता के भूकंप सेअब तक 132 लोगों की मौत हो गई है। इसके अलावा 570 लोगों के घायल होने की खबर है। अधिकारियों के मुताबिक, देशभर में 86 इमारतें ढह गईं, जबकि 1,500 से ज्यादा घरों को नुकसान पहुंचा है। इनमें 37 पूरी तरह तबाह हो गईं। 18 स्वास्थ्य केंद्रों और 52 स्कूलों को भी नुकसान हुआ है। इसके अलावा 7 एयरपोर्ट पर काम रोक दिया गया है। पांच शहरों में रेड अलर्ट जारी किया गया है। राष्ट्रपति ने इमरजेंसी कमेटी की बैठक बुलाकर राहत और बचाव अभियान की निगरानी शुरू कर दी है। परेरा में सबसे ज्यादा मौतें परेरा शहर में अकेले 60 लोगों की मौत हुई है। करीब 5 लाख की आबादी वाला यह शहर भूकंप के केंद्र से 64 किलोमीटर से भी कम दूरी पर है। राजधानी बोगोटा समेत कई शहरों में भी तेज झटके महसूस किए गए। एहतियात के तौर पर लोग इमारतों से बाहर निकलकर सड़कों पर आ गए। चोको और रिसाराल्डा में भारी नुकसान अमेरिकी भूगर्भीय सर्वेक्षण (USGS) के मुताबिक, भूकंप सोमवार सुबह करीब 7:34 बजे आया। इसका केंद्र चोको इलाके में सैन जोसे डेल पालमार के पास था। भूकंप की गहराई 107 किलोमीटर थी। चोको की राजधानी क्विब्दो में भी कई लोग घायल हुए हैं और इमारतों को भारी नुकसान पहुंचा है। अधिकारियों ने आफ्टरशॉक्स की आशंका जताई है। बोगोटा से 100 रेस्क्यूकर्मी भेजे जाएंगे बोगोटा के मेयर ने प्रभावित इलाकों के लिए 6 कलेक्शन सेंटर बनाए हैं। यहां पानी, कंबल, पैक्ड खाना, हाइजीन सामान और फर्स्ट-एड किट जमा की जा रही हैं। प्रभावित शहरों में राहत और बचाव अभियान के लिए बोगोटा से 100 रेस्क्यूकर्मियों को भेजने की तैयारी है। कोलंबिया में ज्यादा भूकंप क्यों आते हैं कोलंबिया दुनिया के सबसे ज्यादा भूकंप प्रभावित देशों में से एक है। यहां हर साल हजार से ज्यादा छोटे-बड़े भूकंप आते हैं। कोलंबिया में बार-बार भूकंप आने की सबसे बड़ी वजह इसकी भौगोलिक स्थिति है। यह देश ‘रिंग ऑफ फायर’ नाम के भूकंप और ज्वालामुखी वाले क्षेत्र में आता है। यहां नाजका, कोकोस और दक्षिण अमेरिकी जैसी कई बड़ी टेक्टोनिक प्लेटें आपस में टकराती हैं। इनमें से एक प्लेट दूसरी के नीचे धंसती रहती है। इसी वजह से जमीन के अंदर लगातार हलचल होती रहती है, जिससे अक्सर तेज भूकंप और ज्वालामुखी विस्फोट होते हैं।
कोलंबिया में भूकंप से 132 लोगों की मौत, 570 घायल:86 इमारतें गिरीं, 1500 से ज्यादा घरों को नुकसान; सात एयरपोर्ट पर काम बंद

साउथ अमेरिकी देश कोलंबिया में सोमवार रात आए 7.4 तीव्रता के भूकंप से अब तक 132 लोगों की मौत हो गई है। इसके अलावा 570 लोगों के घायल होने की खबर है। अधिकारियों के मुताबिक, देशभर में 86 इमारतें ढह गईं, जबकि 1,500 से ज्यादा घरों को नुकसान पहुंचा है। 18 स्वास्थ्य केंद्रों और 52 स्कूलों को भी नुकसान हुआ है। इसके अलावा 7 एयरपोर्ट पर काम रोक दिया गया है। पांच शहरों में रेड अलर्ट जारी किया गया है। राष्ट्रपति ने इमरजेंसी कमेटी की बैठक बुलाकर राहत और बचाव अभियान की निगरानी शुरू कर दी है। भूकंप से जुड़ी 10 फोटोज परेरा में सबसे ज्यादा मौतें परेरा शहर में अकेले 60 लोगों की मौत हुई है। करीब 5 लाख की आबादी वाला यह शहर भूकंप के केंद्र से 64 किलोमीटर से भी कम दूरी पर है। राजधानी बोगोटा समेत कई शहरों में भी तेज झटके महसूस किए गए। एहतियात के तौर पर लोग इमारतों से बाहर निकलकर सड़कों पर आ गए। चोको और रिसाराल्डा में भारी नुकसान अमेरिकी भूगर्भीय सर्वेक्षण (USGS) के मुताबिक, भूकंप सोमवार सुबह करीब 7:34 बजे आया। इसका केंद्र चोको इलाके में सैन जोसे डेल पालमार के पास था। भूकंप की गहराई 107 किलोमीटर थी। बोगोटा से 100 रेस्क्यूकर्मी भेजे जाएंगे बोगोटा के मेयर ने प्रभावित इलाकों के लिए 6 कलेक्शन सेंटर बनाए हैं। यहां पानी, कंबल, पैक्ड खाना, हाइजीन सामान और फर्स्ट-एड किट जमा की जा रही हैं। प्रभावित शहरों में राहत और बचाव अभियान के लिए बोगोटा से 100 रेस्क्यूकर्मियों को भेजने की तैयारी है। कोलंबिया में ज्यादा भूकंप क्यों आते हैं कोलंबिया दुनिया के सबसे ज्यादा भूकंप प्रभावित देशों में से एक है। यहां हर साल हजार से ज्यादा छोटे-बड़े भूकंप आते हैं। कोलंबिया में बार-बार भूकंप आने की सबसे बड़ी वजह इसकी भौगोलिक स्थिति है। यह देश ‘रिंग ऑफ फायर’ नाम के भूकंप और ज्वालामुखी वाले क्षेत्र में आता है। यहां नाजका, कोकोस और दक्षिण अमेरिकी जैसी कई बड़ी टेक्टोनिक प्लेटें आपस में टकराती हैं। इनमें से एक प्लेट दूसरी के नीचे धंसती रहती है। इसी वजह से जमीन के अंदर लगातार हलचल होती रहती है, जिससे अक्सर तेज भूकंप और ज्वालामुखी विस्फोट होते हैं।
कनाडा में पंजाबी युवक को नाक पर मारा मुक्का:20 मिनट फर्श पर तड़पता रहा, दस्तार उतरी; लोग इकट्ठे हुए तो भागा कनाडियन

कनाडा के एडमंटन में वॉल्मार्ट स्टोर में शॉपिंग पर आए पंजाबी युवक को कनाडियन युवक ने मुक्का जड़ दिया। इससे पंजाबी युवक फर्श पर गिर गया। वह करीब 20 मिनट तक फर्श पर गिरा रहा। झगड़े के बीच उसकी दस्तार भी उतर गई। यादविंदर सिंह नाम के युवक ने अपने इंस्टाग्राम अकाउंट पर इस वीडियो को शेयर किया है। युवक ने बताया कि कनाडा में पंजाबियों के साथ मारपीट अब आम होने लगी है। हालांकि जिस युवक को पीटा, उसकी पहचान नहीं हो पाई है। वीडियों में लोग पुलिस को फोन लगाते हुए नजर आए। लोगों ने कहा कि 1 घंटे से भी ज्यादा समय हो गया है, लेकिन कनाडा पुलिस मौके पर नहीं पहुंची। घटना को लेकर पुलिस का कोई आधिकारिक बयान अभी नहीं आया है। वीडियो में क्या दिख रहा है, विस्तार से पढ़िए… लोग बोले- कृपाण क्यों नहीं निकाली मुक्के का वीडियो सामने आने के बाद पंजाब कम्युनिटी के लोगों ने सोशल मीडिया पर घटना की निंदा की और कहा कि सिख व्यक्ति ने कृपाण डाल रखी है। जब कनाडियन ने हमला किया तो उसे कृपाण निकालनी चाहिए थी। वहीं कुछ यूजर्स ने युवक की सपोर्ट में लिखा कि ठीक किया नहीं निकाला नहीं तो स्थानीय लोग इसको लेकर भी इश्यू बना लेते। ट्रक ड्राइवर बताया जा रहा पंजाबी युवक पंजाबी कम्युनिटी के कुछ लोगों ने सोशल मीडिया पर युवक को पंजाबी ट्रक ड्राइवर बताया। परविंदर नाम के युवक ने कहा कि हमारे पंजाबी ने भी गोरे को थप्पड़ मारे हैं। गोरे ने पहले नस्लीय टिप्पणी की थी। इसके बाद उसे ऐसे करने से रोका गया था, जिस पर गोरा भड़क गया और उसने अटैक कर दिया। 10 बार पुलिस को कॉल की गई परविंदर ने बताया कि घटना को लेकर कनाडा पुलिस को आधे घंटे के अंदर 10 बार कॉल की, लेकिन कोई नहीं आया। अगर यही घटना गोरे के साथ हुई होती तो 2 मिनट में पुलिस टूं-टूं करते हुए पहुंच जाती। उनसे कहा कि यहां पर केवल युवक ही नहीं महिलाएं भी हमारी दाढ़ियों को हाथ डाल रही हैं। पुलिस का बयान नहीं आया सामने उसने कहा कि जब ब्राउन कम्युनिटी कानून के लूपहोल्स सीख लेगी तो रेसिस्ट्स पर हमले हो सकते हैं। एडमंटन पुलिस सेवा की ओर से कोई प्रेस रिलीज नहीं आई। न तो घायल व्यक्ति की पहचान बताई गई, न चोट की स्थिति और न ही किसी गिरफ्तारी की जानकारी। स्टोर के कैमरे भी फिलहाल सार्वजनिक नहीं किए गए।
चीन बोला- भारत का अरुणाचल का मैप जारी करना गलत:कहा- इससे चीन का दावा नहीं बदलेगा; भारत ने 3 दिन पहले नक्शा जारी किया था

चीन ने सोमवार को अरुणाचल प्रदेश के 27 स्थानों और भौगोलिक विशेषताओं के भारतीय मानचित्र पर मानक नाम दर्ज करने के कदम को अवैध बताया। चीन ने इसे ‘शून्य और अमान्य’ करार दिया। चीनी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता गुओ जियाकुन ने भारत की हाल की घोषणा पर सवाल के जवाब में यह बात कही। उन्होंने कहा कि चीन भारत की ओर से बनाए गए तथाकथित अरुणाचल प्रदेश को मान्यता नहीं देता। केंद्र सरकार ने शुक्रवार को अरुणाचल प्रदेश की 27 जगहों और उनकी भौगोलिक विशेषताओं को आधिकारिक नक्शे पर दर्ज किया था। यह कदम चीन की ओर से राज्य की जगहों के नाम बदलने की कोशिशों के बीच उठाया गया है। गृह मंत्रालय के मुताबिक, यह काम अरुणाचल प्रदेश सरकार से सलाह लेकर किया गया है। इसका मकसद इन जगहों की सही पहचान बताना और आम लोगों में जागरूकता बढ़ाना है। म सरकार ने ऐसा क्यों किया इन नामों को आधिकारिक मानचित्रों में शामिल करने का मकसद प्रशासन को बेहतर बनाना है। इससे सरकारी रिकॉर्ड में एकरूपता आएगी, अलग-अलग विभागों के बीच बेहतर तालमेल होगा और आपदा के समय मदद पहुंचाने में आसानी होगी। हालांकि, अभी यह साफ नहीं है कि इन नामों के आधार पर लोगों के पासपोर्ट या दूसरे निजी दस्तावेजों में कोई बदलाव किया जाएगा। सरकार का मुख्य उद्देश्य इन क्षेत्रों की आधिकारिक पहचान तय करना और भारत के प्रशासनिक रिकॉर्ड में उन्हें शामिल करना है। चीन अरुणाचल की जगहों के नाम जारी करता रहा है चीन ने कई बार अरुणाचल प्रदेश की जगहों के चीनी नामों की सूची जारी करता रहा है। वह अरुणाचल प्रदेश को जांगनान कहता है। भारत ने चीन की इन कोशिशों को लगातार खारिज किया है। भारत का कहना है कि इनका भारत की राज्य पर संप्रभुता पर कोई असर नहीं पड़ता।
चीन बोला- भारत का अरुणाचल का मैप जारी करना गलत:कहा- इससे चीन का दावा नहीं बदलेगा; भारत ने 3 दिन पहले नक्शा जारी किया था

चीन ने सोमवार को अरुणाचल प्रदेश के 27 स्थानों और भौगोलिक विशेषताओं के भारतीय मानचित्र पर मानक नाम दर्ज करने के कदम को अवैध बताया। चीन ने इसे ‘शून्य और अमान्य’ करार दिया। चीनी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता गुओ जियाकुन ने भारत की हाल की घोषणा पर सवाल के जवाब में यह बात कही। उन्होंने कहा कि चीन भारत की ओर से बनाए गए तथाकथित अरुणाचल प्रदेश को मान्यता नहीं देता। केंद्र सरकार ने शुक्रवार को अरुणाचल प्रदेश की 27 जगहों और उनकी भौगोलिक विशेषताओं को आधिकारिक नक्शे पर दर्ज किया था। यह कदम चीन की ओर से राज्य की जगहों के नाम बदलने की कोशिशों के बीच उठाया गया है। गृह मंत्रालय के मुताबिक, यह काम अरुणाचल प्रदेश सरकार से सलाह लेकर किया गया है। इसका मकसद इन जगहों की सही पहचान बताना और आम लोगों में जागरूकता बढ़ाना है। म सरकार ने ऐसा क्यों किया इन नामों को आधिकारिक मानचित्रों में शामिल करने का मकसद प्रशासन को बेहतर बनाना है। इससे सरकारी रिकॉर्ड में एकरूपता आएगी, अलग-अलग विभागों के बीच बेहतर तालमेल होगा और आपदा के समय मदद पहुंचाने में आसानी होगी। हालांकि, अभी यह साफ नहीं है कि इन नामों के आधार पर लोगों के पासपोर्ट या दूसरे निजी दस्तावेजों में कोई बदलाव किया जाएगा। सरकार का मुख्य उद्देश्य इन क्षेत्रों की आधिकारिक पहचान तय करना और भारत के प्रशासनिक रिकॉर्ड में उन्हें शामिल करना है। चीन अरुणाचल की जगहों के नाम जारी करता रहा है चीन ने कई बार अरुणाचल प्रदेश की जगहों के चीनी नामों की सूची जारी करता रहा है। वह अरुणाचल प्रदेश को जांगनान कहता है। भारत ने चीन की इन कोशिशों को लगातार खारिज किया है। भारत का कहना है कि इनका भारत की राज्य पर संप्रभुता पर कोई असर नहीं पड़ता।
इनड्राइव का लाइसेंस छह महीने के लिए सस्पेंड:चंडीगढ़ एसडीए की बड़ी कार्रवाई, आज से आर्डर लागू, पहले ओला पर हुआ एक्शन

चंडीगढ़ में राइड-शेयरिंग ऐप इनड्राइव का इस्तेमाल करने वाले लोग अलर्ट हो जाए। राज्य परिवहन प्राधिकरण (एसटीए) ने एम/एस इंडसिस्टम्स आईटी प्राइवेट लिमिटेड (इनड्राइव) पर बड़ा एक्शन किया है। कंपनी का एग्रीगेटर लाइसेंस 6 महीने के लिए तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। अब 4 प्वाइंट में जानिए क्या कहां आदेश में सेवाओं पर पूरी तरह रोक – राज्य परिवहन प्राधिकरण (एसटीए) ने इनड्राइव कंपनी को चंडीगढ़ की सीमा में कैब और बाइक टैक्सी सेवाएं तुरंत बंद करने के निर्देश दिए हैं। ड्राइवरों और वाहन मालिकों के लिए चेतावनी – इनड्राइव से जुड़े सभी कैब और बाइक टैक्सी चालकों को ऐप के जरिए राइड बुकिंग स्वीकार न करने और सेवाएं तत्काल बंद करने के निर्देश दिए गए हैं। नियम तोड़ने पर सख्त कार्रवाई – यदि कोई ड्राइवर नियमों का उल्लंघन करते हुए पाया गया तो वाहन का चालान किया जाएगा और उसे जब्त कर लिया जाएगा। यात्रियों के लिए सलाह – राज्य परिवहन प्राधिकरण ने आम लोगों को असुविधा से बचने के लिए इनड्राइव ऐप से राइड बुक न करने की सलाह दी है। यात्रियों से एसटीए में पंजीकृत अन्य वैकल्पिक ऐप आधारित कैब सेवाओं का इस्तेमाल करने की अपील की गई है।






