Saturday, 26 Sep 2026 | 01:19 AM

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'उर्फी जावेद ने लिए थे ₹1 लाख':CJP प्रोटेस्ट को लेकर इन्फ्लुएंसर फैजान अंसारी का दावा, हमले को लेकर अभिजीत दीपके के खिलाफ शिकायत की

Faizan Ansari Complaint Against Abhijeet Deepke

सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर फैजान अंसारी ने कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संस्थापक अभिजीत दीपके के खिलाफ दिल्ली पुलिस में लिखित शिकायत दर्ज कराई है। उन्होंने दावा किया कि दीपके से जुड़े लोगों ने उन पर हमला किया था। वहीं, उन्होंने उर्फी जावेद पर 1 लाख रुपए और पूनम पांडे पर 20 हजार रुपए लेने का भी आरोप लगाया। न्यूज एजेंसी ANI से बातचीत में फैजान अंसारी ने कहा, ‘अभिजीत दीपके के अगेंस्ट आज मैंने दिल्ली डीसीपी को लिखित शिकायत दर्ज कराई है, क्योंकि मेरे ऊपर अभिजीत दीपके के लोगों ने हमला किया था। पुणे में मेरे ऊपर अटैक हुआ, औरंगाबाद में मेरे ऊपर अटैक हुआ। पहले से ही दो केस उसके खिलाफ फाइल हैं।’ उन्होंने आगे कहा, ‘मैं चाहता हूं कि दिल्ली पुलिस तुरंत अभिजीत दीपके को गिरफ्तार करे, ताकि आगे कोई भी दंगा-फसाद या कोई भी समस्या न हो सके।’ वहीं, शिकायत में फैजान अंसारी ने लिखा, ‘मैं आज मुंबई से दिल्ली डीसीपी के पास कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संस्थापक अभिजीत दीपके की लिखित शिकायत करने आया हूं। अभिजीत दीपके एक पाकिस्तानी एजेंट है। उमर खालिद का समर्थक है, जिसने कहा था, ‘भारत तेरे टुकड़े होंगे।’ बॉलीवुड से भी सेलिब्रिटीज को अभिजीत दीपके ने पैसे देकर जंतर-मंतर बुलाया था।’ उसमें आगे लिखा, ‘उर्फी जावेद ने 1 लाख रुपए लिए थे और पूनम पांडे ने 20 हजार रुपए लिए थे। मैं यह चाहता हूं कि उमर खालिद की तरह अभिजीत दीपके को भी जेल होनी चाहिए। आप प्लीज तुरंत एफआईआर करके इसे जेल भेजो। अभिजीत दीपके देश का माहौल बिगाड़ रहा है और अगर इसे नहीं रोका गया, तो यह भारत में दंगे-फसाद भी करवा देगा।’ फैजान ने तान्या के खिलाफ भी शिकायत की थी फैजान अंसारी एक सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर हैं। उनके इंस्टाग्राम पर 1.1 मिलियन फॉलोअर्स हैं। वो अपने बयानों और पुलिस शिकायतों के कारण चर्चा में रहते हैं। अक्टूबर 2025 में फैजान ने बिग बॉस फेम तान्या मित्तल के खिलाफ शिकायत की थी। उन्होंने तान्या पर लोगों को पैसों के लिए धोखा देने का आरोप लगाया था। उन्होंने कहा था कि तान्या ने ‘बिग बॉस’ शो में अपने परिवार और व्यक्तिगत जिंदगी से जुड़े सैकड़ों झूठ बोले हैं। पूरी खबर यहां पढ़ें… खुशी मुखर्जी को ₹100 करोड़ का नोटिस भेजा था साथ ही उन्होंने क्रिकेटर सूर्यकुमार यादव के समर्थन में एक्ट्रेस खुशी मुखर्जी के खिलाफ 100 करोड़ रुपए का मानहानि का नोटिस भेजा था। फैजान ने आरोप लगाया था कि खुशी ने सूर्यकुमार को लेकर जानबूझकर ऐसे बयान दिए, जिससे एक राष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ी की छवि को नुकसान पहुंच सकता है। उनका कहना था कि ये बयान बिना किसी सबूत के और गलत नीयत से दिए गए हैं। दरअसल, खुशी मुखर्जी ने दिसंबर 2025 में कहा था कि भारतीय क्रिकेटर सूर्यकुमार यादव उन्हें पहले अक्सर मैसेज किया करते थे। हालांकि, उन्होंने साफ तौर पर कहा कि उनके और सूर्यकुमार के बीच कभी कोई रोमांटिक रिश्ता नहीं रहा। पूरी खबर यहां पढ़ें…

सरकार LIC में बेचेगी 6.5% तक हिस्सेदारी:OFS के जरिए बिक्री होगी, फ्लोर प्राइस ₹382 तय; रिटेल निवेशकों को ₹15 का डिस्काउंट

सरकार LIC में बेचेगी 6.5% तक हिस्सेदारी:OFS के जरिए बिक्री होगी, फ्लोर प्राइस ₹382 तय; रिटेल निवेशकों को ₹15 का डिस्काउंट

केंद्र सरकार LIC में ऑफर फॉर सेल के जरिए 6.5% तक हिस्सेदारी बेचने जा रही है। सरकार ने इस बिक्री के लिए फ्लोर प्राइस ₹382 प्रति शेयर तय किया है। इस OFS का मुख्य उद्देश्य मई 2027 की समय सीमा से पहले सेबी के न्यूनतम पब्लिक शेयरहोल्डिंग नियमों को पूरा करना है। कुल 41.11 करोड़ शेयर बेचेगी सरकार LIC की ओर से दी गई एक्सचेंज फाइलिंग के अनुसार, यह ऑफर 2% इक्विटी हिस्सेदारी की बेस सेल के साथ शुरू होगा। इसके तहत वित्त मंत्रालय के माध्यम से राष्ट्रपति 12.65 करोड़ शेयर बेचेंगे। सरकार के पास अतिरिक्त 4.5% हिस्सेदारी यानी 28.46 करोड़ शेयर बेचने का ओवरसब्स्क्रिप्शन विकल्प भी रहेगा। यदि ओवरसब्स्क्रिप्शन विकल्प का पूरी तरह से इस्तेमाल किया जाता है, तो कुल ऑफर साइज बढ़कर 41.11 करोड़ शेयर (6.5% हिस्सेदारी) हो जाएगा। रॉयटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक, फ्लोर प्राइस पर पूरे 6.5% हिस्सेदारी की बिक्री से सरकार को लगभग ₹31,410 करोड़ रुपये मिलेंगे। हिस्सेदारी क्यों बेच रही है सरकार? OFS का प्राथमिक उद्देश्य LIC को सेबी के मिनिमम पब्लिक शेयरहोल्डिंग (MPS) नियमों का पालन करने में मदद करना है। दीपम सचिव अरुणिष चावला ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट करते हुए कहा, “यह OFS तय समय से पहले MPS के लक्ष्य को हासिल करने में मदद करेगा।” वर्तमान में LIC में पब्लिक शेयरहोल्डिंग लगभग 3.5% है। अगर सरकार पूरी 6.5% हिस्सेदारी बेच देती है, तो बीमा कंपनी की पब्लिक शेयरहोल्डिंग बढ़कर 10% हो जाएगी। इससे LIC मई 2027 की समय सीमा से काफी पहले नियामक आवश्यकता को पूरा कर लेगी। IPO के बाद पहला स्टेक सेल LIC मई 2022 में शेयर बाजारों में लिस्ट हुई थी, जब सरकार ने देश के सबसे बड़े IPO के जरिए 3.5% हिस्सेदारी बेची थी। उस लिस्टिंग के बाद यह बीमा कंपनी में सरकार का पहला स्टेक सेल है। कब खुलेगा OFS और बिडिंग के नियम एक्सचेंज फाइलिंग के अनुसार, OFS गैर-रिटेल यानी संस्थागत निवेशकों के लिए मंगलवार, 4 अगस्त को खुल गया है। रिटेल निवेशक और योग्य कर्मचारी बुधवार, 5 अगस्त को अपनी बोलियां लगा सकेंगे। जिन गैर-रिटेल निवेशकों की बोलियों को पहले दिन अलॉटमेंट नहीं मिलेगा, वे सेबी के नियमों के मुताबिक दूसरे दिन अपनी बोलियों को आगे बढ़ा सकते हैं या संशोधित कर सकते हैं। फ्लोर प्राइस और बाजार कीमत की तुलना सरकार ने OFS के लिए ₹382 प्रति शेयर का फ्लोर प्राइस तय किया है। सोमवार को कारोबार के अंत में LIC का शेयर 0.9% चढ़कर ₹428.50 पर बंद हुआ। इसका मतलब है कि तय किया गया फ्लोर प्राइस सोमवार के बंद भाव से लगभग 11% कम है। रिटेल निवेशकों और कर्मचारियों को ₹15 की छूट OFS में हिस्सा लेने वाले रिटेल निवेशकों और पात्र कर्मचारियों को तय की गई अंतिम कीमत पर ₹15 प्रति शेयर का डिस्काउंट दिया जाएगा। नियमों के तहत आवंटन की मुख्य बातें: नॉलेज बॉक्स:

सेंसेक्स 150 अंक चढ़कर 78,800 पर पहुंचा:निफ्टी में 150 अंक की गिरावट, यह 24,600 पर कारोबार कर रहा

सेंसेक्स 150 अंक चढ़कर 78,800 पर पहुंचा:निफ्टी में 150 अंक की गिरावट, यह 24,600 पर कारोबार कर रहा

शेयर बाजार में आज यानी 04 अगस्त को सेंसेक्स 150 अंक चढ़कर 78,800 पर पहुंचा। वहीं निफ्टी में 150 अंक की गिरावट है, यह 24,600 पर कारोबार कर रहा है। एशियाई बाजारों में भी गिरावट 3 अगस्त को अमेरिकी बाजार में तेजी रही 7 दिन में विदेशी निवेशकों ने ₹7,805 करोड़ के शेयर खरीदे नोट: FIIs और DIIs की नेट खरीदारी/बिकवाली के आंकड़े करोड़ रुपए में हैं। कल भारतीय शेयर बाजार में रही थी तेजी शेयर बाजार में आज यानी 03 अगस्त को तेजी रही थी। सेंसेक्स 544 अंक चढ़कर 78,639 के स्तर पर बंद हुआ। निफ्टी में भी 390 अंक की तेजी रही, यह 24,774 के स्तर पर बंद हुआ था।

एपल के एप स्टोर पर वापस लौटा टेलीग्राम:'पेज नॉट फाउंड' का मैसेज दिखने के बाद रिस्टोर हुआ; जल्द सभी यूजर्स के लिए उपलब्ध होगा

एपल के एप स्टोर पर वापस लौटा टेलीग्राम:'पेज नॉट फाउंड' का मैसेज दिखने के बाद रिस्टोर हुआ; जल्द सभी यूजर्स के लिए उपलब्ध होगा

टेलीग्राम एपल स्टोर पर वापस आ गया है। टेलीग्राम ने सर्विस रिस्टोर होने की जानकारी दी। कंपनी ने कहा कि एप रिस्टोर कर दिया गया है और जल्द ही यह फिर से सभी यूजर्स के लिए उपलब्ध होगा। कंपनी ने एप के हटने या वापस रिस्टोर होने की वजह नहीं बताई है। ‘पेज नॉट फाउंड’ का दिख रहा था एरर इससे पहले दिन में जब रायटर्स ने इसकी जांच की, तो एपल एप स्टोर पर टेलीग्राम का पेज गायब था। टेलीग्राम के एप स्टोर पेज पर एक संदेश दिखाई दे रहा था, जिसमें लिखा था: “द पेज यू आर लुकिंग फॉर कांट बी फाउंड”। यानी आप जिस पेज की तलाश कर रहे हैं वह नहीं मिला। क्या होता है ‘Page Not Found’ (404 Error)? जब किसी एप या वेबसाइट का लिंक एक्टिव नहीं होता, डेटाबेस से फाइल हट जाती है या सर्वर में तकनीकी खराबी आती है, तब सिस्टम ‘Page Not Found’ या 404 एरर कोड दिखाता है। इसका मतलब है कि यूजर जिस URL तक पहुंचने की कोशिश कर रहा है, वह सर्वर पर मौजूद नहीं है। रूस ने टेलीग्राम के फाउंडर को वॉन्टेड लिस्ट में डाला बीते दिनों रूस की मुख्य सुरक्षा एजेंसी फेडरल सिक्योरिटी सर्विस (FSS) ने टेलीग्राम के फाउंडर पावेल दुरोव के खिलाफ आतंकवाद को बढ़ावा देने के आरोप तय किए थे। इसके बाद रूस ने उन्हें इंटरनेशनल वॉन्टेड लिस्ट में भी डाल दिया है। FSS ने आरोप लगाया था कि टेलीग्राम का एडमिनिस्ट्रेशन उन चैनल्स, चैट्स और बोट्स को हटाने में नाकाम रहा है, जिनका इस्तेमाल यूक्रेनी इंटेलिजेंस एजेंसियां और चरमपंथी संगठन रूस में तोड़फोड़, साइबर फ्रॉड और आतंकी गतिविधियों को अंजाम देने के लिए कर रहे हैं। रूस में पूरी तरह से बैन हो सकता है टेलीग्राम एप सुरक्षा एजेंसियों का कहना है कि बार-बार चेतावनी के बावजूद टेलीग्राम प्रशासन ने इन्हें हटाने के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाया। पावेल दुरोव पर नया केस दर्ज होने के बाद अब रूस में टेलीग्राम के भविष्य और इसकी सेवाओं पर पूरी तरह बैन लगने की आशंका बढ़ गई है। टेलीग्राम पर पहले से पाबंदियां, फिर भी लोकप्रिय रूस में टेलीग्राम सबसे लोकप्रिय मैसेजिंग एप्स में से एक है। रूसी सरकार ने सुरक्षा कारणों का हवाला देते हुए एप पर पहले ही कड़े प्रतिबंध लगा रखे हैं। इसके बावजूद आम लोगों से लेकर सरकारी और मिलिट्री से जुड़े लोग भी इस एप का उपयोग करते हैं। भारत में भी विवादों में रहा है टेलीग्राम एप

एपल के एप स्टोर पर वापस लौटा टेलीग्राम:'पेज नॉट फाउंड' का मैसेज दिखने के बाद रिस्टोर हुआ; जल्द सभी यूजर्स के लिए उपलब्ध होगा

एपल के एप स्टोर पर वापस लौटा टेलीग्राम:'पेज नॉट फाउंड' का मैसेज दिखने के बाद रिस्टोर हुआ; जल्द सभी यूजर्स के लिए उपलब्ध होगा

टेलीग्राम एपल स्टोर पर वापस आ गया है। टेलीग्राम ने सर्विस रिस्टोर होने की जानकारी दी। कंपनी ने कहा कि एप रिस्टोर कर दिया गया है और जल्द ही यह फिर से सभी यूजर्स के लिए उपलब्ध होगा। कंपनी ने एप के हटने या वापस रिस्टोर होने की वजह नहीं बताई है। ‘पेज नॉट फाउंड’ का दिख रहा था एरर इससे पहले दिन में जब रायटर्स ने इसकी जांच की, तो एपल एप स्टोर पर टेलीग्राम का पेज गायब था। टेलीग्राम के एप स्टोर पेज पर एक संदेश दिखाई दे रहा था, जिसमें लिखा था: “द पेज यू आर लुकिंग फॉर कांट बी फाउंड”। यानी आप जिस पेज की तलाश कर रहे हैं वह नहीं मिला। क्या होता है ‘Page Not Found’ (404 Error)? जब किसी एप या वेबसाइट का लिंक एक्टिव नहीं होता, डेटाबेस से फाइल हट जाती है या सर्वर में तकनीकी खराबी आती है, तब सिस्टम ‘Page Not Found’ या 404 एरर कोड दिखाता है। इसका मतलब है कि यूजर जिस URL तक पहुंचने की कोशिश कर रहा है, वह सर्वर पर मौजूद नहीं है। रूस ने टेलीग्राम के फाउंडर को वॉन्टेड लिस्ट में डाला बीते दिनों रूस की मुख्य सुरक्षा एजेंसी फेडरल सिक्योरिटी सर्विस (FSS) ने टेलीग्राम के फाउंडर पावेल दुरोव के खिलाफ आतंकवाद को बढ़ावा देने के आरोप तय किए थे। इसके बाद रूस ने उन्हें इंटरनेशनल वॉन्टेड लिस्ट में भी डाल दिया है। FSS ने आरोप लगाया था कि टेलीग्राम का एडमिनिस्ट्रेशन उन चैनल्स, चैट्स और बोट्स को हटाने में नाकाम रहा है, जिनका इस्तेमाल यूक्रेनी इंटेलिजेंस एजेंसियां और चरमपंथी संगठन रूस में तोड़फोड़, साइबर फ्रॉड और आतंकी गतिविधियों को अंजाम देने के लिए कर रहे हैं। रूस में पूरी तरह से बैन हो सकता है टेलीग्राम एप सुरक्षा एजेंसियों का कहना है कि बार-बार चेतावनी के बावजूद टेलीग्राम प्रशासन ने इन्हें हटाने के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाया। पावेल दुरोव पर नया केस दर्ज होने के बाद अब रूस में टेलीग्राम के भविष्य और इसकी सेवाओं पर पूरी तरह बैन लगने की आशंका बढ़ गई है। टेलीग्राम पर पहले से पाबंदियां, फिर भी लोकप्रिय रूस में टेलीग्राम सबसे लोकप्रिय मैसेजिंग एप्स में से एक है। रूसी सरकार ने सुरक्षा कारणों का हवाला देते हुए एप पर पहले ही कड़े प्रतिबंध लगा रखे हैं। इसके बावजूद आम लोगों से लेकर सरकारी और मिलिट्री से जुड़े लोग भी इस एप का उपयोग करते हैं। भारत में भी विवादों में रहा है टेलीग्राम एप

6 साल बाद फिर लग सकती है UPI फीस:2020 में हटाया गया था MDR शुल्क; अब वित्त मंत्रालय ने पेमेंट एक्ट में बदलाव का प्रस्ताव रखा

6 साल बाद फिर लग सकती है UPI फीस:2020 में हटाया गया था MDR शुल्क; अब वित्त मंत्रालय ने पेमेंट एक्ट में बदलाव का प्रस्ताव रखा

वित्त मंत्रालय ने डिजिटल पेमेंट से जुड़े कानूनों में संशोधन का प्रस्ताव दिया है। इससे भविष्य में UPI पेमेंट पर MDR यानी मर्चेंट डिस्काउंट रेट दोबारा लागू किया जा सकता है। इस फैसले का आम यूजर्स, दुकानदारों और बैंकिंग सिस्टम पर क्या असर पड़ेगा सवाल-जवाब में जानें.. सवाल 1. वित्त मंत्रालय ने किस कानून में बदलाव का प्रस्ताव रखा है और इससे क्या बदलेगा? जवाब: वित्त मंत्रालय ने पेमेंट एंड सेटलमेंट सिस्टम्स एक्ट, 2007 की धारा 10A को हटाने या उसमें संशोधन का प्रस्ताव दिया है। मनीकंट्रोल की रिपोर्ट के मुताबिक, वर्तमान में यह धारा बैंकों और पेमेंट कंपनियों को UPI और अन्य डिजिटल पेमेंट मोड्स पर किसी भी प्रकार का शुल्क या चार्ज वसूलने से रोकती है। इस नियम में बदलाव के बाद सरकार को यह तय करने का कानूनी अधिकार मिल जाएगा कि किन डिजिटल पेमेंट मोड्स को फ्री रखना है और किन पर शुल्क की अनुमति देनी है। सवाल 2. क्या इसका मतलब यह है कि अब UPI का इस्तेमाल करने पर तुरंत चार्ज देना होगा? जवाब: नहीं, इस संशोधन का मतलब यह कतई नहीं है कि UPI पेमेंट्स पर तुरंत चार्जेस लागू हो रहे हैं। यह कदम केवल सरकार को भविष्य के लिए नियम और नीतियां बनाने की कानूनी छूट देता है। कानून बदलने के बाद सरकार जब चाहेगी, तब नोटिफिकेशन जारी करके यह तय कर सकेगी कि किस तरह के पेमेंट्स पर फीस लागू होगी और कौन से पेमेंट्स पूरी तरह मुफ्त बने रहेंगे। सवाल 3. MDR क्या होता है और अगर यह लागू हुआ तो किसकी जेब पर असर पड़ेगा? जवाब: MDR वह फीस होती है जो कोई व्यापारी डिजिटल ट्रांजैक्शन प्रोसेस करने के बदले बैंकों और पेमेंट सर्विस प्रोवाइडर्स जैसे फोनपे, गूगलपे, पेटीएम को देता है। अगर भविष्य में UPI पर MDR दोबारा लागू किया जाता है, तो इसका असर व्यापारियों और पेमेंट इकोसिस्टम पर पड़ेगा। आम नागरिक जो रोजाना की खरीदारी के लिए UPI से पेमेंट करते हैं, उन पर कोई सीधा शुल्क नहीं लगेगा। सवाल 4. UPI और रुपे कार्ड पर MDR कब से हटा दिया गया था और क्यों? जवाब: सरकार ने जनवरी 2020 में UPI और रुपे डेबिट कार्ड ट्रांजैक्शन पर MDR को जीरो कर दिया था। डिजिटल पेमेंट्स को बढ़ावा देने और देश में कैशलेस इकोनॉमी को मजबूत करने के मकसद से ऐसा किया गया था। इसके बाद से ही देश में UPI पेमेंट्स का तेजी से विस्तार हुआ। सवाल 5. सरकार को इस कानून में बदलाव करने की जरूरत क्यों पड़ी? जवाब: UPI इकोसिस्टम को लंबे समय तक बिना किसी कमाई के चला पाना वित्तीय रूप से चुनौतीपूर्ण साबित हो रहा है। हाल ही में मार्च में वित्त पर संसद की स्थाई समिति ने भी इस पर चिंता जताई थी। समिति ने कहा था कि जीरो-एमडीआर नीति के कारण पेमेंट इंडस्ट्री और बैंकों को घाटा हो रहा है। इसकी भरपाई के लिए एक टिकाऊ रेवेन्यू मॉडल बेहद जरूरी है। सवाल 6. सरकार अभी बैंकों और पेमेंट कंपनियों को कितना इंसेंटिव देती है? जवाब: सरकार ने वित्त वर्ष 2026-27 के लिए रुपे डेबिट कार्ड और कम मूल्य वाले BHIM-UPI मर्चेंट ट्रांजैक्शंस को सपोर्ट करने के लिए ₹2,000 करोड़ का इंसेंटिव बजट आवंटित किया है। यह इंसेंटिव स्कीम FY2021-22 में शुरू की गई थी। हालांकि, संसदीय समिति ने नोट किया कि यह राशि पेमेंट इंडस्ट्री की वास्तविक लागत का बहुत छोटा हिस्सा ही कवर कर पाती है। सवाल 7. इस कानूनी संशोधन का मुख्य उद्देश्य क्या है? जवाब: इस संशोधन का मुख्य उद्देश्य दो चीजों के बीच संतुलन बनाना है। एक तरफ आम जनता के लिए किफायती और आसान डिजिटल पेमेंट व्यवस्था को बनाए रखना। दूसरी तरफ UPI इकोसिस्टम (बैंक, फिनटेक कंपनियां) को वित्तीय रूप से मजबूत और टिकाऊ बनाए रखना। सवाल 8. भविष्य में आगे क्या होने की संभावना है? जवाब: कानूनी संशोधन पारित होने के बाद सरकार स्थिति की समीक्षा करेगी। संभावना जताई जा रही है कि बड़े मर्चेंट्स या उच्च मूल्य वाले ट्रांजैक्शंस के लिए चरणबद्ध तरीके से मामूली MDR लागू किया जा सकता है, जबकि छोटे दुकानदारों और आम कंज्यूमर पेमेंट्स को फ्री ही रखा जाएगा। नॉलेज पार्ट: ‘जानिए क्या है MDR?’ जब भी आप किसी दुकान पर कार्ड या UPI स्कैन करके पेमेंट करते हैं, तो उस ट्रांजैक्शन को सुरक्षित तरीके से प्रोसेस करने में बैंक, पेमेंट गेटवे और सॉफ्टवेयर कंपनियों का खर्च आता है। इस सर्विस के बदले मर्चेंट से ली जाने वाली फीस को ‘मर्चेंट डिस्काउंट रेट’ (MDR) कहते हैं। रीडर्स के लिए काम की टिप आम यूजर्स को घबराने की जरूरत नहीं है। अगर भविष्य में MDR वापस भी आता है, तो नियम के मुताबिक इसका शुल्क व्यापारी को देना होता है, ग्राहक को नहीं। इसके अलावा, आपका व्यक्तिगत UPI ट्रांसफर यानी पर्सन टू पर्सन पूरी तरह फ्री ही रहेगा।

रिपोर्ट- ईरान का कुवैत में अमेरिकी सैन्य बेस पर हमला:ओमान तट के पास जहाज पर अटैक; ट्रम्प बोले- ईरान के पास समझौते का आखिरी मौका

रिपोर्ट- ईरान का कुवैत में अमेरिकी सैन्य बेस पर हमला:ओमान तट के पास जहाज पर अटैक; ट्रम्प बोले- ईरान के पास समझौते का आखिरी मौका

अमेरिका-ईरान वार्ता से पहले खाड़ी क्षेत्र में तनाव बढ़ गया है। द यरुशलम पोस्ट की रिपोर्ट के मुताबिक, ईरान की IRGC ने मंगलवार सुबह कुवैत स्थित अमेरिकी सैन्य अड्डे पर कम से कम तीन ड्रोन से हमला किया। फिलहाल किसी नुकसान या हताहत की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। उधर, यूके मैरीटाइम ट्रेड ऑपरेशंस (UKMTO) ने बताया कि ओमान के तट के पास एक मालवाहक जहाज अज्ञात प्रोजेक्टाइल की चपेट में आया। एजेंसी ने जांच शुरू कर दी है और जहाजों को सतर्क रहने की सलाह दी है। इस बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने ईरान को चेतावनी देते हुए कहा कि उसके पास समझौते का आखिरी मौका है। उन्होंने दोहराया कि बातचीत नाकाम रही तो अमेरिका सैन्य कार्रवाई से पीछे नहीं हटेगा। हालांकि, ईरान ने कहा है कि उसकी अमेरिका से कोई प्रत्यक्ष बातचीत नहीं हो रही और वह फिलहाल ओमान समेत क्षेत्रीय देशों के साथ अलग-अलग स्तर पर संपर्क में है। ईरान जंग से जुड़े अपडेट्स के लिए नीचे ब्लॉग से गुजर जाइए…

वर्ल्ड अपडेट्स:अमेरिका के 25 राज्य ट्रम्प के टैरिफ के खिलाफ कोर्ट पहुंचे, फोर्स्ड लेबर के नाम पर लगाया शुल्क अवैध

वर्ल्ड अपडेट्स:अमेरिका के 25 राज्य ट्रम्प के टैरिफ के खिलाफ कोर्ट पहुंचे, फोर्स्ड लेबर के नाम पर लगाया शुल्क अवैध

अमेरिका के 25 डेमोक्रेटिक पार्टी शासित राज्यों ने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के नए टैरिफ फैसले को अदालत में चुनौती दी है। राज्यों ने अमेरिकी कोर्ट ऑफ इंटरनेशनल ट्रेड में याचिका दाखिल कर इन टैरिफ को अवैध घोषित करने की मांग की है। फैसले के तहत ट्रम्प ने 60 अर्थव्यवस्थाओं पर नए टैरिफ लगाए गए हैं। ये 60 देश अमेरिकी आयात का 99.4 फीसदी हिस्सा हैं। याचिका में कहा गया है कि इस कदम से देश में महंगाई बढ़ जाएगी। पिछले महीने अमेरिका ने जबरन मजदूरी (फोर्स्ड लेबर) के मुद्दे पर 60 देशों पर 10 फीसदी से 12.5 फीसदी के बीच नए टैरिफ लगाए थे। भारत समेत 17 देशों पर 10 फीसदी की दर से टैरिफ लगाया गया है। डेमोक्रेटिक राज्यों का तर्क है कि प्रशासन ट्रेड एक्ट 1974 की धारा 301 का गलत इस्तेमाल कर रहा है। अटॉर्नी जनरल लेटिशिया जेम्स का कहना है कि अमेरिकी संविधान के अनुसार राष्ट्रपति के पास किसी भी देश पर मनमाने ढंग से टैरिफ लगाने की शक्ति नहीं है। अंतरराष्ट्रीय मामलों से जुड़ी ये खबरें भी पढ़ें… इथियोपिया में भूस्खलन से 14 की मौत, पवित्र जल लेने थे पहुंचे थे लोग इथियोपिया के अम्हारा इलाके में भारी बारिश के कारण सोमवार को हुए भूस्खलन में 14 लोगों की मौत हो गई और 7 अन्य घायल हो गए। कई लोग अभी भी लापता हैं। यह भूस्खलन त्सदकाने डेब्रे मिटमाक सेंट मैरी मठ में हुआ, जहां सैकड़ों श्रद्धालु पवित्र जल से शुद्धि की रस्म के लिए जमा हुए थे। डायोसिस के जनरल मैनेजर मेगाबे हादिस नेका तिबेब अबाबू ने एसोसिएटेड प्रेस को बताया- “मरने वालों में से कई लोग पवित्र जल लेने के लिए जमा हुए थे। मरने वालों में से 11 लोगों को मठ में ही दफना दिया गया है, जबकि बाकी लोगों के शव उनके घर दिए गए हैं।”

वर्ल्ड अपडेट्स:अमेरिका के 25 राज्य ट्रम्प के टैरिफ के खिलाफ कोर्ट पहुंचे, दावा- फोर्स्ड लेबर के नाम पर लगाया शुल्क अवैध

वर्ल्ड अपडेट्स:अमेरिका के 25 राज्य ट्रम्प के टैरिफ के खिलाफ कोर्ट पहुंचे, दावा- फोर्स्ड लेबर के नाम पर लगाया शुल्क अवैध

अमेरिका के 25 डेमोक्रेटिक पार्टी शासित राज्यों ने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के नए टैरिफ फैसले को अदालत में चुनौती दी है। राज्यों ने अमेरिकी कोर्ट ऑफ इंटरनेशनल ट्रेड में याचिका दाखिल कर इन टैरिफ को अवैध घोषित करने की मांग की है। फैसले के तहत ट्रम्प ने 60 अर्थव्यवस्थाओं पर नए टैरिफ लगाए गए हैं। ये 60 देश अमेरिकी आयात का 99.4 फीसदी हिस्सा हैं। याचिका में कहा गया है कि इस कदम से देश में महंगाई बढ़ जाएगी। पिछले महीने अमेरिका ने जबरन मजदूरी (फोर्स्ड लेबर) के मुद्दे पर 60 देशों पर 10 फीसदी से 12.5 फीसदी के बीच नए टैरिफ लगाए थे। भारत समेत 17 देशों पर 10 फीसदी की दर से टैरिफ लगाया गया है। डेमोक्रेटिक राज्यों का तर्क है कि प्रशासन ट्रेड एक्ट 1974 की धारा 301 का गलत इस्तेमाल कर रहा है। अटॉर्नी जनरल लेटिशिया जेम्स का कहना है कि अमेरिकी संविधान के अनुसार राष्ट्रपति के पास किसी भी देश पर मनमाने ढंग से टैरिफ लगाने की शक्ति नहीं है। अंतरराष्ट्रीय मामलों से जुड़ी ये खबरें भी पढ़ें… इथियोपिया में भूस्खलन से 14 की मौत, पवित्र जल लेने थे पहुंचे थे लोग इथियोपिया के अम्हारा इलाके में भारी बारिश के कारण सोमवार को हुए भूस्खलन में 14 लोगों की मौत हो गई और 7 अन्य घायल हो गए। कई लोग अभी भी लापता हैं। यह भूस्खलन त्सदकाने डेब्रे मिटमाक सेंट मैरी मठ में हुआ, जहां सैकड़ों श्रद्धालु पवित्र जल से शुद्धि की रस्म के लिए जमा हुए थे। डायोसिस के जनरल मैनेजर मेगाबे हादिस नेका तिबेब अबाबू ने एसोसिएटेड प्रेस को बताया- “मरने वालों में से कई लोग पवित्र जल लेने के लिए जमा हुए थे। मरने वालों में से 11 लोगों को मठ में ही दफना दिया गया है, जबकि बाकी लोगों के शव उनके घर दिए गए हैं।”

भास्‍कर नॉलेज क्विज:करेंट अफेयर्स पर बेस्‍ड 10 सवालों के जवाब दें, हर मंगलवार 5 विजेता जीतेंगे इनाम

भास्‍कर नॉलेज क्विज:करेंट अफेयर्स पर बेस्‍ड 10 सवालों के जवाब दें, हर मंगलवार 5 विजेता जीतेंगे इनाम

दैनिक भास्‍कर आपके लिए लेकर आया है ‘भास्कर नॉलेज क्विज’। नीचे दिए लिंक पर क्लिक कीजिए, क्विज खेलिए और सभी 10 प्रश्नों के सही जवाब देकर बनाइए लकी ड्रॉ में अपनी जगह। कंप्यूटराइज्ड लकी ड्रॉ के जरिए 5 विनर्स चुने जाएंगे, जिनमें से प्रत्येक को मिलेगा ₹ 2100/- मूल्य तक का इनाम। विवाद की स्थिति में दैनिक भास्कर का निर्णय अंतिम और सर्वमान्य होगा। नियम और शर्तें 1. एक मोबाइल नंबर से आप केवल एक बार भाग ले सकते हैं। 2. एंट्री भास्कर लिंक के माध्यम से ही स्वीकार की जाएगी। 3. प्रत्येक मंगलवार सुबह 6:00 से रात 10:00 बजे तक ही क्विज खेल सकते हैं। नोट : विजेताओं से दैनिक भास्कर की टीम उसी मोबाइल नंबर पर संपर्क करेगी जिससे क्विज़ में भाग लिया है। >>>अभी क्विज खेलें<<<