Saturday, 26 Sep 2026 | 03:26 AM

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फरहाना भट्ट बोलीं- डॉक्टर ने मना किया था:फिर भी 'खतरों के खिलाड़ी 15' में गईं; डर नहीं, बस एक कदम आगे बढ़ाना जरूरी है

फरहाना भट्ट बोलीं- डॉक्टर ने मना किया था:फिर भी 'खतरों के खिलाड़ी 15' में गईं; डर नहीं, बस एक कदम आगे बढ़ाना जरूरी है

‘खतरों के खिलाड़ी 15’ में नजर आ रहीं एक्ट्रेस फरहाना भट्ट ने बताया कि डॉक्टरों ने उन्हें शो में हिस्सा लेने से मना किया था, लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी। उन्होंने शो के मुश्किल स्टंट्स, अपनी बीमारी, फैंस की उम्मीदों, रुबीना दिलैक के साथ दोस्ती और होस्ट रोहित शेट्टी से मिले हौसले पर खुलकर बात की। पेश हैं बातचीत के प्रमुख अंश… सवाल: ‘खतरों के खिलाड़ी’ का अनुभव कैसा रहा? जवाब: यह मेरी जिंदगी का ‘वन्स इन अ लाइफटाइम’ अनुभव रहा। शायद मैं दोबारा लाख कोशिश करूं, तब भी ऐसा अनुभव नहीं मिल पाएगा। इस सीजन के स्टंट बेहद मुश्किल और पहले से अलग हैं। पुराने स्टंट्स को भी नए ट्विस्ट के साथ पेश किया गया है। कई बार ऐसा लगा कि अब शरीर और दिमाग दोनों जवाब दे देंगे, लेकिन खुद को एक कदम और आगे बढ़ाने की हिम्मत ही सबसे बड़ी जीत थी। शो से लौटने के बाद जिंदगी काफी व्यस्त हो गई है, लेकिन यह सफर पूरी तरह यादगार रहा। सवाल: आपकी पहचान एक निडर इंसान की है। क्या कोई ऐसा डर था, जिसे आपने इस शो में हराया? जवाब: स्टंट करते समय हर किसी को डर लगता है, चाहे वह ऊंचाई हो, पानी हो, कीड़े हों या मगरमच्छ। लेकिन मेरा सबसे बड़ा डर यह था कि मेरे फैंस मुझसे निराश न हों। मैं नहीं चाहती थी कि उन्हें कभी लगे कि यह स्टंट मैं कर सकती थी, लेकिन मैंने कोशिश ही नहीं की। मेरे लिए जीत-हार से ज्यादा जरूरी हर स्टंट में अपना 100 प्रतिशत देना था। अगर मैं पूरी कोशिश करती हूं तो वही मेरे लिए सबसे बड़ी जीत है। सवाल: फैंस की उम्मीदों का दबाव कितना महसूस हुआ? जवाब: मुझे इस बात की चिंता नहीं थी कि मैं कमजोर दिखूंगी। मैं चाहती थी कि लोग यह देखें कि मैंने पूरी ईमानदारी से कोशिश की। स्टंट करते समय डर चेहरे पर दिखना स्वाभाविक है, लेकिन पीछे हटना मुझे मंजूर नहीं था। मेरे फैंस को हमेशा लगे कि फरहाना ने अपनी पूरी ताकत लगा दी। सवाल: शो में सबसे अच्छी दोस्ती किसके साथ हुई? जवाब: रुबीना दिलैक, ऑरी, करण, रित्विक, अविनाश और रुहानिका सभी के साथ अच्छा रिश्ता बना। रुहानिका उम्र में छोटी हैं, लेकिन बेहद मजबूत और फोकस्ड हैं। कई बार उनके स्टंट देखकर मुझे भी चिंता होती थी कि कहीं वह डर न जाएं। इस शो में सभी एक-दूसरे की तकलीफ समझते हैं, इसलिए रिश्ते अपने आप बन जाते हैं। सवाल: रुबीना दिलैक ने आपका खास ख्याल रखा। उसके बारे में बताइए? जवाब: शो से पहले ही मुझे पेट से जुड़ी गंभीर समस्या थी। डॉक्टर ने साफ कहा था कि इस साल शो मत करो, लेकिन मैंने दवाइयों के भरोसे जाने का फैसला किया। केपटाउन में शूटिंग इतनी व्यस्त थी कि मैं समय पर दवा भी नहीं ले पाई। भारत लौटने के बाद हालत बिगड़ गई और मुझे अस्पताल में भर्ती होना पड़ा। जैसे ही रुबीना को पता चला, वह अस्पताल मिलने पहुंच गईं। सेट पर भी वह हमेशा पूछती थीं कि मैंने खाना खाया या नहीं, दवा ली या नहीं। वह जबरदस्ती घी खिलाती थीं ताकि मेरी सेहत ठीक रहे। उनका यह अपनापन मैं कभी नहीं भूलूंगी। सवाल: डॉक्टर ने मना किया था, फिर भी आपने शो क्यों किया? जवाब: सच कहूं तो आज भी नहीं पता कि मैं इस शो को लेकर इतनी उत्साहित क्यों थी। मुझे पता था कि मेरी तबीयत ठीक नहीं है। मैं जिम भी नहीं जाती और न ही खुद को बहुत फिट मानती हूं। एक स्टंट के बाद मेरी पूरी बॉडी टूट गई थी। तब वहां के एक स्टंटमैन ने मुझसे कहा, ‘तुम जितना सोचती हो, उससे कहीं ज्यादा मजबूत हो।’ शायद मेरी सबसे बड़ी ताकत मेरा दिमाग था। कई बार शरीर जवाब दे देता था, लेकिन मेरा मन हार मानने को तैयार नहीं होता था। मुझे लगता था कि अब मुझसे नहीं होगा, लेकिन फिर भी मैं खुद को आगे बढ़ाती रही। सवाल: क्या कभी ऐसा लगा कि अब यह स्टंट नहीं हो पाएगा? जवाब: हां, कई बार ऐसा लगा कि अब बस यहीं रुक जाऊंगी। कुछ स्टंट इतने मुश्किल थे कि डर अपने चरम पर था। लेकिन मैंने खुद से कहा कि बस एक कदम और बढ़ाना है। मुझे हमेशा भरोसा था कि शो की मेडिकल टीम हमारे साथ है और सुरक्षा का पूरा ध्यान रखा जाता है। इसी भरोसे ने मुझे हर बार हिम्मत दी। सवाल: होस्ट रोहित शेट्टी से क्या सीखने को मिला? जवाब: रोहित सर की तारीफ सुनना अपने आप में बहुत बड़ी बात होती है। जब वह किसी स्टंट के बाद कहते हैं, ‘आई एम प्राउड ऑफ यू’, तो लगता है जैसे सारी मेहनत सफल हो गई। कई बार मैं सिर्फ इसलिए और बेहतर करने की कोशिश करती थी ताकि उनके मुंह से ये शब्द सुन सकूं। अगर कभी लगता था कि मैं और अच्छा कर सकती थी, तो सबसे ज्यादा अफसोस इसी बात का होता था। रोहित सर की सबसे बड़ी खूबी यह है कि वह बिना कोई खास टिप दिए भी आपका आत्मविश्वास बढ़ा देते हैं। अगर कोई डर रहा हो तो वह इस तरह हौसला बढ़ाते हैं कि मुश्किल स्टंट भी आसान लगने लगता है। सवाल: क्या रोहित शेट्टी के साथ फिर काम करने की इच्छा है? जवाब: बिल्कुल। मैं पहले भी उनके साथ काम कर चुकी हूं। अगर भविष्य में उनकी किसी फिल्म में मेरे लिए जगह बनती है तो वह मेरे करियर का सबसे बड़ा मौका होगा। मैं उम्मीद करती हूं कि दोबारा उनके साथ काम करने का अवसर जरूर मिलेगा। सवाल: आपके हिसाब से इस सीजन के मजबूत फाइनलिस्ट कौन हो सकते हैं? जवाब: इस शो में कई मजबूत खिलाड़ी हैं। रुबीना, अविनाश, ऑरी, करण, रित्विक और मैं खुद भी फाइनल तक पहुंच सकते हैं। सभी की पर्सनैलिटी अलग है, लेकिन एक चीज सबमें समान थी-हर कोई जीतने के इरादे से आया था। यही इस सीजन की सबसे बड़ी खासियत है। सवाल: ‘खतरों के खिलाड़ी’ ने आपको क्या सिखाया? जवाब: मैंने सीखा कि जिंदगी में कितनी भी मुश्किल स्थिति आ जाए, सबसे पहले खुद को शांत रखना चाहिए। कोई भी परिस्थिति उतनी कठिन नहीं होती, जितना हम उसे अपने दिमाग में बना लेते हैं।

फरहाना भट्ट बोलीं- डॉक्टर ने मना किया था:फिर भी 'खतरों के खिलाड़ी 15' में गईं; डर नहीं, बस एक कदम आगे बढ़ाना जरूरी है

फरहाना भट्ट बोलीं- डॉक्टर ने मना किया था:फिर भी 'खतरों के खिलाड़ी 15' में गईं; डर नहीं, बस एक कदम आगे बढ़ाना जरूरी है

‘खतरों के खिलाड़ी 15’ में नजर आ रहीं एक्ट्रेस फरहाना भट्ट ने बताया कि डॉक्टरों ने उन्हें शो में हिस्सा लेने से मना किया था, लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी। उन्होंने शो के मुश्किल स्टंट्स, अपनी बीमारी, फैंस की उम्मीदों, रुबीना दिलैक के साथ दोस्ती और होस्ट रोहित शेट्टी से मिले हौसले पर खुलकर बात की। पेश हैं बातचीत के प्रमुख अंश… सवाल: ‘खतरों के खिलाड़ी’ का अनुभव कैसा रहा? जवाब: यह मेरी जिंदगी का ‘वन्स इन अ लाइफटाइम’ अनुभव रहा। शायद मैं दोबारा लाख कोशिश करूं, तब भी ऐसा अनुभव नहीं मिल पाएगा। इस सीजन के स्टंट बेहद मुश्किल और पहले से अलग हैं। पुराने स्टंट्स को भी नए ट्विस्ट के साथ पेश किया गया है। कई बार ऐसा लगा कि अब शरीर और दिमाग दोनों जवाब दे देंगे, लेकिन खुद को एक कदम और आगे बढ़ाने की हिम्मत ही सबसे बड़ी जीत थी। शो से लौटने के बाद जिंदगी काफी व्यस्त हो गई है, लेकिन यह सफर पूरी तरह यादगार रहा। सवाल: आपकी पहचान एक निडर इंसान की है। क्या कोई ऐसा डर था, जिसे आपने इस शो में हराया? जवाब: स्टंट करते समय हर किसी को डर लगता है, चाहे वह ऊंचाई हो, पानी हो, कीड़े हों या मगरमच्छ। लेकिन मेरा सबसे बड़ा डर यह था कि मेरे फैंस मुझसे निराश न हों। मैं नहीं चाहती थी कि उन्हें कभी लगे कि यह स्टंट मैं कर सकती थी, लेकिन मैंने कोशिश ही नहीं की। मेरे लिए जीत-हार से ज्यादा जरूरी हर स्टंट में अपना 100 प्रतिशत देना था। अगर मैं पूरी कोशिश करती हूं तो वही मेरे लिए सबसे बड़ी जीत है। सवाल: फैंस की उम्मीदों का दबाव कितना महसूस हुआ? जवाब: मुझे इस बात की चिंता नहीं थी कि मैं कमजोर दिखूंगी। मैं चाहती थी कि लोग यह देखें कि मैंने पूरी ईमानदारी से कोशिश की। स्टंट करते समय डर चेहरे पर दिखना स्वाभाविक है, लेकिन पीछे हटना मुझे मंजूर नहीं था। मेरे फैंस को हमेशा लगे कि फरहाना ने अपनी पूरी ताकत लगा दी। सवाल: शो में सबसे अच्छी दोस्ती किसके साथ हुई? जवाब: रुबीना दिलैक, ऑरी, करण, रित्विक, अविनाश और रुहानिका सभी के साथ अच्छा रिश्ता बना। रुहानिका उम्र में छोटी हैं, लेकिन बेहद मजबूत और फोकस्ड हैं। कई बार उनके स्टंट देखकर मुझे भी चिंता होती थी कि कहीं वह डर न जाएं। इस शो में सभी एक-दूसरे की तकलीफ समझते हैं, इसलिए रिश्ते अपने आप बन जाते हैं। सवाल: रुबीना दिलैक ने आपका खास ख्याल रखा। उसके बारे में बताइए? जवाब: शो से पहले ही मुझे पेट से जुड़ी गंभीर समस्या थी। डॉक्टर ने साफ कहा था कि इस साल शो मत करो, लेकिन मैंने दवाइयों के भरोसे जाने का फैसला किया। केपटाउन में शूटिंग इतनी व्यस्त थी कि मैं समय पर दवा भी नहीं ले पाई। भारत लौटने के बाद हालत बिगड़ गई और मुझे अस्पताल में भर्ती होना पड़ा। जैसे ही रुबीना को पता चला, वह अस्पताल मिलने पहुंच गईं। सेट पर भी वह हमेशा पूछती थीं कि मैंने खाना खाया या नहीं, दवा ली या नहीं। वह जबरदस्ती घी खिलाती थीं ताकि मेरी सेहत ठीक रहे। उनका यह अपनापन मैं कभी नहीं भूलूंगी। सवाल: डॉक्टर ने मना किया था, फिर भी आपने शो क्यों किया? जवाब: सच कहूं तो आज भी नहीं पता कि मैं इस शो को लेकर इतनी उत्साहित क्यों थी। मुझे पता था कि मेरी तबीयत ठीक नहीं है। मैं जिम भी नहीं जाती और न ही खुद को बहुत फिट मानती हूं। एक स्टंट के बाद मेरी पूरी बॉडी टूट गई थी। तब वहां के एक स्टंटमैन ने मुझसे कहा, ‘तुम जितना सोचती हो, उससे कहीं ज्यादा मजबूत हो।’ शायद मेरी सबसे बड़ी ताकत मेरा दिमाग था। कई बार शरीर जवाब दे देता था, लेकिन मेरा मन हार मानने को तैयार नहीं होता था। मुझे लगता था कि अब मुझसे नहीं होगा, लेकिन फिर भी मैं खुद को आगे बढ़ाती रही। सवाल: क्या कभी ऐसा लगा कि अब यह स्टंट नहीं हो पाएगा? जवाब: हां, कई बार ऐसा लगा कि अब बस यहीं रुक जाऊंगी। कुछ स्टंट इतने मुश्किल थे कि डर अपने चरम पर था। लेकिन मैंने खुद से कहा कि बस एक कदम और बढ़ाना है। मुझे हमेशा भरोसा था कि शो की मेडिकल टीम हमारे साथ है और सुरक्षा का पूरा ध्यान रखा जाता है। इसी भरोसे ने मुझे हर बार हिम्मत दी। सवाल: होस्ट रोहित शेट्टी से क्या सीखने को मिला? जवाब: रोहित सर की तारीफ सुनना अपने आप में बहुत बड़ी बात होती है। जब वह किसी स्टंट के बाद कहते हैं, ‘आई एम प्राउड ऑफ यू’, तो लगता है जैसे सारी मेहनत सफल हो गई। कई बार मैं सिर्फ इसलिए और बेहतर करने की कोशिश करती थी ताकि उनके मुंह से ये शब्द सुन सकूं। अगर कभी लगता था कि मैं और अच्छा कर सकती थी, तो सबसे ज्यादा अफसोस इसी बात का होता था। रोहित सर की सबसे बड़ी खूबी यह है कि वह बिना कोई खास टिप दिए भी आपका आत्मविश्वास बढ़ा देते हैं। अगर कोई डर रहा हो तो वह इस तरह हौसला बढ़ाते हैं कि मुश्किल स्टंट भी आसान लगने लगता है। सवाल: क्या रोहित शेट्टी के साथ फिर काम करने की इच्छा है? जवाब: बिल्कुल। मैं पहले भी उनके साथ काम कर चुकी हूं। अगर भविष्य में उनकी किसी फिल्म में मेरे लिए जगह बनती है तो वह मेरे करियर का सबसे बड़ा मौका होगा। मैं उम्मीद करती हूं कि दोबारा उनके साथ काम करने का अवसर जरूर मिलेगा। सवाल: आपके हिसाब से इस सीजन के मजबूत फाइनलिस्ट कौन हो सकते हैं? जवाब: इस शो में कई मजबूत खिलाड़ी हैं। रुबीना, अविनाश, ऑरी, करण, रित्विक और मैं खुद भी फाइनल तक पहुंच सकते हैं। सभी की पर्सनैलिटी अलग है, लेकिन एक चीज सबमें समान थी-हर कोई जीतने के इरादे से आया था। यही इस सीजन की सबसे बड़ी खासियत है। सवाल: ‘खतरों के खिलाड़ी’ ने आपको क्या सिखाया? जवाब: मैंने सीखा कि जिंदगी में कितनी भी मुश्किल स्थिति आ जाए, सबसे पहले खुद को शांत रखना चाहिए। कोई भी परिस्थिति उतनी कठिन नहीं होती, जितना हम उसे अपने दिमाग में बना लेते हैं।

पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वा में धमाका, 7 की मौत:18 गंभीर रूप से घायल; शांति रैली के दौरान आत्मघाती हमला

पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वा में धमाका, 7 की मौत:18 गंभीर रूप से घायल; शांति रैली के दौरान आत्मघाती हमला

पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वा प्रांत के स्वात जिले में रविवार को एक पुलिस स्टेशन के बाहर धमाका हुआ। इसमें कम से कम 7 लोगों की मौत हो गई, जबकि 18 लोग घायल हुए हैं। पाकिस्तानी मीजिया डॉन के मुताबिक, यह एक आत्मघाती हमला था। पुलिस ने बताय कि, हमलावर काबल पुलिस स्टेशन के गेट पर पहुंच। जांच के लिए रोकने पर उसने खुद को विस्फोट से उड़ा लिया। धमाके के बाद पूरे इलाके को घेर लिया गया और जांच शुरू कर दी गई है। हमले के समय पास के काबल चौक पर आतंकवाद के खिलाफ बड़ी शांति रैली चल रही थी। आखिरी वक्ता के भाषण के दौरान हुए धमाके से वहां भगदड़ मच गई। घायलों को सैदू शरीफ टीचिंग अस्पताल में भर्ती कराया गया है। फिलहाल किसी संगठन ने हमले की जिम्मेदारी नहीं ली है। हाल के महीनों में स्वात और पूरे खैबर पख्तूनख्वा में आतंकी घटनाएं बढ़ी हैं। कुछ दिन पहले हंगू जिले में पुलिस चौकी पर हुए हमले में 9 पुलिसकर्मियों की मौत हुई थी। घटना की तस्वीरें… खबर अपडेट हो रही है…

इंडोनेशिया में फेरी बोट में लगी आग, 5 की मौत:271 लोग सवार थे, 41 अब भी लापता; रेस्क्यू ऑपरेशन जारी

इंडोनेशिया में फेरी बोट में लगी आग, 5 की मौत:271 लोग सवार थे, 41 अब भी लापता; रेस्क्यू ऑपरेशन जारी

इंडोनेशिया के मादुरा द्वीप के पास रविवार सुबह एक यात्री फेरी बोट में आग लग गई। रॉयटर्स के मुताबिक, हादसे में कम से कम पांच लोगों की मौत हो गई, जबकि 41 लोग अब भी लापता हैं। इंडोनेशिया की राष्ट्रीय सर्च एंड रेस्क्यू एजेंसी के मुताबिक फेरी में कुल 271 यात्री और क्रू मेंबर सवार थे। दोपहर तक 225 लोगों को सुरक्षित बचा लिया गया, जबकि बाकी लोगों की तलाश जारी है। फेरी पूर्वी जावा के सुराबाया से दक्षिण सुलावेसी के मकासार जा रही थी। इसी दौरान मादुरा द्वीप के पास उसमें आग लग गई। आग लगने की वजह साफ नहीं हो सकी है। फिलहाल लापता लोगों की तलाश के लिए रेस्क्यू ऑपरेशन जारी है। हादसे की 5 तस्वीरें… आग लगते ही फेरी में अफरा-तफरी मची हादसे के दौरान के कुछ विजुअल्स सोशल मीडिया पर सामने आए हैं। इनमें यात्री जलती हुई फेरी के अगले हिस्से की तरफ भागते हुए दिखाई दे रहे हैं। घटना के सामने आए वीडियो में आग फैलने के बाद कई लोग घबराए हुए थे। रॉयटर्स के मुताबिक, बचाव दल आसपास के समुद्री इलाके में लापता लोगों की तलाश कर रहा है। सर्च एंड रेस्क्यू एजेंसी के मुताबिक हादसे के बाद कई बचाव बोट्स और अन्य संसाधनों को मौके पर भेजा गया। राहत दल समुद्र में सर्च ऑपरेशन चला रहा है ताकि लापता लोगों का पता लगाया जा सके। अधिकारियों ने कहा कि ऑपरेशन अभी जारी है और मृतकों या लापता लोगों की संख्या में बदलाव हो सकता है। पिछले साल भी हुआ था ऐसा ही बड़ा हादसा इंडोनेशिया में पहले भी फेरी बोट में आग लगने के कई बड़े हादसे सामने आते रहे हैं। इंडोनेशिया दुनिया का सबसे बड़ा द्वीपीय देश है, जहां 17 हजार से ज्यादा द्वीप हैं। एक द्वीप से दूसरे द्वीप तक जाने के लिए बड़ी संख्या में लोग फेरी सेवाओं पर निर्भर रहते हैं। ऐसे में समुद्री हादसे यहां आम माने जाते हैं। कई मामलों में नाव और फेरी सेवाओं के नियमों का ठीक से पालन नहीं होना भी दुर्घटनाओं की एक बड़ी वजह माना जाता है। ————— ये खबर भी पढ़ें… वियतनाम में टूरिस्ट बोट पलटी, 15 भारतीयों की मौत:इनमें 10 तमिलनाडु, 3 आंध्र प्रदेश और 2 केरलम् के पर्यटक; 32 भारतीय सवार थे वियतनाम के फु क्वोक द्वीप के पास शनिवार को बोट पलट गई। हादसे में 2 महिलाओं समेत 15 भारतीयों की मौत हो गई। मरने वालों में 10 टूरिस्ट तमिलनाडु, 3 आंध्र प्रदेश और 2 केरलम् से थे। बोट पर कुल 4 क्रू मेंबर्स समेत 36 लोग सवार थे, जिसमें 32 भारतीय थे। 21 लोगों को बचा लिया गया है। पूरी खबर पढ़ें…

बड़े बजट की फिल्म की तैयारी में अक्षय और अहमद:‘वेलकम टू द जंगल’ के बाद फिर साथ आएंगे दोनों, नई स्टोरी पर चर्चा जारी

बड़े बजट की फिल्म की तैयारी में अक्षय और अहमद:‘वेलकम टू द जंगल’ के बाद फिर साथ आएंगे दोनों, नई स्टोरी पर चर्चा जारी

बॉक्स ऑफिस पर ‘वेलकम टू द जंगल’ की सफलता के बाद अक्षय कुमार और निर्देशक अहमद खान की जोड़ी एक बार फिर बड़े परदे पर लौट सकती है। फिल्म इंडस्ट्री से जुड़े सूत्रों के मुताबिक ‘दोनों नई फिल्म को लेकर शुरुआती स्तर पर चर्चा कर रहे हैं। अभी तक किसी एक कहानी या जॉनर पर अंतिम मुहर नहीं लगी है, लेकिन कई अलग-अलग विषयों पर विचार-विमर्श जारी है। यदि सब कुछ योजना के अनुरूप रहा तो आधिकारिक घोषणा तारीखों और स्क्रिप्ट के अंतिम रूप लेने के बाद की जा सकती है।’ शेड्यूल और स्क्रिप्ट सबसे बड़ी चुनौती अक्षय और अहमद के नए प्रोजेक्ट के सामने सबसे बड़ी चुनौती सही कहानी और शूटिंग शेड्यूल तय करना है। अक्षय पहले से कई फिल्मों की शूटिंग और रिलीज की तैयारियों में बिजी हैं। वहीं, अहमद भी अपने दूसरे प्रोजेक्ट्स को अंतिम रूप देने में लगे हुए हैं। ऐसे में नई फिल्म की घोषणा से पहले दोनों अपनी उपलब्ध तारीखों और प्रोडक्शन टाइमलाइन पर काम कर रहे हैं। पिछले कुछ समय से ऐसी चर्चाएं भी थीं कि अहमद खान अपनी अगली फिल्म टाइगर श्रॉफ और शनाया कपूर के साथ एक ज़ॉम्बी कॉमेडी के रूप में शुरू कर सकते हैं। इसके अलावा ‘वेलकम’ फ्रेंचाइज की अगली फिल्म को लेकर भी अलग-अलग तरह की अटकलें लगाई जा रही थीं। एक्शन फिल्मों में हिट रही है जोड़ी फिल्म इंडस्ट्री से जुड़े लोगों का मानना है कि अहमद की निर्देशन शैली और अक्षय की स्क्रीन प्रेजेंस एक्शन फिल्मों में अच्छा तालमेल बनाती है। दोनों पहले भी साथ काम कर चुके हैं और एक-दूसरे की कार्यशैली से अच्छी तरह परिचित हैं। ऐसे में अगर नया प्रोजेक्ट आगे बढ़ता है, तो उसमें बड़े स्तर के एक्शन देखने की संभावना जताई जा रही है। ट्रेड एक्सपर्ट्स का कहना है कि पिछले कुछ वर्षों में दर्शकों की पसंद में काफी बदलाव आया है। अब सिर्फ एक्शन या सिर्फ कॉमेडी के बजाय ऐसी फिल्मों को ज्यादा पसंद किया जा रहा है, जिनमें एक्शन, कॉमेडी, ड्रामा और मनोरंजन के दूसरे तत्वों का संतुलित मेल हो। यही वजह है कि अक्षय और अहमद की संभावित नई फिल्म को भी एक बड़े कमर्शियल एंटरटेनर के रूप में तैयार किए जाने की चर्चा है। निर्माता को लेकर भी जारी हैं चर्चाएं सूत्रों के मुताबिक…‘अक्षय और अहमद की संभावित नई फिल्म के निर्माता को लेकर भी इंडस्ट्री में कई तरह की चर्चाएं हैं। दोनों लंबे समय से कई बड़े प्रोडक्शन हाउस के साथ काम करते रहे हैं। ऐसे में माना जा रहा है कि यह प्रोजेक्ट किसी बड़े बैनर के तहत बन सकता है। हालांकि, अभी तक मेकर्स ने किसी निर्माता के नाम की घोषणा नहीं की है।’ नए प्रोजेक्ट के लिए कई जॉनर पर विचार कर रहे हैं दोनों ‘वेलकम टू द जंगल’ की सफलता ने निर्माता-निर्देशकों का भरोसा अक्षय और अहमद की जोड़ी पर और मजबूत किया है। यही वजह है कि दोनों अब एक नए प्रोजेक्ट पर साथ काम करने की संभावनाएं तलाश रहे हैं। शुरुआती चर्चाओं में एक्शन कॉमेडी, रोमांटिक एक्शन ड्रामा और पूरी तरह एक्शन आधारित फिल्म जैसे कई जॉनर पर विचार किया जा रहा है। रिपोर्ट्स के अनुसार ‘अक्षय के पास भी एक ऐसी कहानी है, जिस पर दोनों के बीच शुरुआती स्तर पर चर्चा हो चुकी है। हालांकि अभी तक किसी प्रोजेक्ट की घोषणा नहीं की गई है। पिछले कुछ वर्षों में हिंदी सिनेमा में सफल अभिनेता-निर्देशक जोड़ियों का दोबारा साथ आना एक आम ट्रेंड बन गया है।

संडे प्रोफाइल : डेल्सी रॉड्रिगेज:साईंबाबा से प्रभावित हैं वेनेजुएला की राष्ट्रपति डेल्सी

संडे प्रोफाइल : डेल्सी रॉड्रिगेज:साईंबाबा से प्रभावित हैं वेनेजुएला की राष्ट्रपति डेल्सी

वेनेजुएला की राष्ट्रपति डेल्सी रॉड्रिगेज इन दिनों फिर सुर्खियों में हैं। साल की शुरुआत में देश की कमान संभालते वक्त उन्होंने अमेरिका विरोधी तेवर दिखाए थे। अब रुख बदलते हुए समझौता कर लिया है। वे दुबली-पतली और छोटे कद की हैं। सूट और बड़े चश्मों से झांकती उनकी शख्सियत किसी तेजतर्रार नेता के बजाय टेक्नोक्रेट होने का अहसास कराती है। उनकी राजनीति सालों तक सोशलिज्म और कड़े अमेरिका विरोध पर टिकी थी। लेकिन वे इस समय अमेरिका के कहने पर देश का शासन चला रही हैं। डेल्सी रॉड्रिगेज ने अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प और विदेश मंत्री मार्को रूबियो को वेनेजुएला को अपनी जागीर बनाने की छूट दे दी है। रॉड्रिगेज पूर्व राष्ट्रपति ह्यूगो शावेज के भरोसेमंद लोगों में रहीं। फिर उन्होंने मादुरो सरकार में उपराष्ट्रपति, विदेश मंत्री जैसे अहम पद संभाले। अमेरिका ने मादुरो को सत्ता से हटाने के बाद 57 साल की रॉड्रिगेज पर भरोसा जताया है। वे टाइम मैग्जीन के रिपोर्टर से जोर देकर कहती हैं कि मैंने वेनेजुएला की संप्रभुता का समर्पण नहीं किया बल्कि लोगों के हित में देश की अर्थव्यवस्था को खोल दिया है। उनसे पहले खाने-पीने की चीजों और दवाइयों की भी कमी थी। रॉड्रिगेज के सत्तारू़ढ़ होने के बाद हालात में सुधार के संकेत मिल रहे हैं। तेल समृद्ध देश में कई अमेरिकी तेल कंपनियों ने कारोबार शुरू कर दिया है। लेकिन इसकी कीमत चुकानी पड़ रही है। वेनेजुएला का सरकारी कोष अमेरिका के निर्देशों पर खर्च होता है। रॉड्रिगेज के परिवार का गहरा वामपंथी झुकाव रहा है। उनके पिता खोर्खे एंटोनियो रॉड्रिगेज रिवॉल्यूशनरी लेफ्ट मूवमेंट संगठन के छात्र नेता थे। 1976 में सरकारी सुरक्षा बलों ने उन्हें मार डाला। उस समय रॉड्रिगेज केवल सात साल की थीं। पिता की मौत के बाद अपने बड़े भाई खोर्खे रॉड्रिगेज के साथ उन्होंने वेनेजुएला की वाम विचारधारा को आगे बढ़ाया। कानून की पढ़ाई के बाद रॉड्रिगेज ने वकालत भी की। वे वेनेजुएला सेंट्रल यूनिवर्सिटी में प्रोफेसर रहीं। राजनीति में 2003 में सक्रिय हो गईं। ऐसा लगता है, रॉड्रिगेज का झुकाव अध्यात्म की ओर है। टाइम संवाददाता ने उनसे पूछा कि बहुत लोग कहते हैं कि आपकी सरकार मादुरो के शासन की अगली कड़ी है। इस पर रॉड्रिगेज ने कहा, साईंबाबा की ओर देखिए। क्या आप साईंबाबा को जानते हैं? वे एक धर्मगुरु थे। उनका कहना था कि पवित्र और अच्छे काम प्रार्थना से नहीं बल्कि कर्मों और फैसलों के जरिये होते हैं। रॉड्रिगेज का कहना है, साफ है कि वेनेजुएला बदल गया है। वे राजनीतिक कैदियों की रिहाई और सजा माफी का कानून बनाने का जिक्र करती हैं। कानून बनने के बाद नौ हजार से अधिक राजनीतिक कैदी रिहा किए जा चुके हैं।

जेलेंस्की ने अमेरिका और यूरोपीय देशों से पैट्रियट मिसाइलें मांगी:बोले- यूक्रेन भेजो, गोदामों में न रखो; रूस के हमले में 9 की मौत

जेलेंस्की ने अमेरिका और यूरोपीय देशों से पैट्रियट मिसाइलें मांगी:बोले- यूक्रेन भेजो, गोदामों में न रखो; रूस के हमले में 9 की मौत

रूस के ताजा मिसाइल और ड्रोन हमलों के बाद यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की ने अमेरिका और यूरोपीय देशों से तुरंत पैट्रियट एयर डिफेंस सिस्टम के इंटरसेप्टर मिसाइल भेजने की अपील की है। उन्होंने कहा कि ये मिसाइलें लोगों की जान बचाने के लिए हैं, इसलिए इन्हें गोदामों में रखने के बजाय यूक्रेन भेजा जाना चाहिए। रूस ने शनिवार रात कीव समेत कई शहरों पर बड़े पैमाने पर हमला किया था। यूक्रेनी अधिकारियों के मुताबिक हमले में 9 लोगों की मौत हुई, जबकि करीब 40 लोग घायल हुए हैं। जेलेंस्की बोले- पैट्रियट नहीं, इसलिए सिर्फ एक मिसाइल रोक पाए जेलेंस्की ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर कहा कि रूस ने रातभर में 35 मिसाइलें, जिनमें 27 बैलिस्टिक मिसाइलें थीं, और करीब 185-190 ड्रोन दागे। इनमें से यूक्रेन केवल एक बैलिस्टिक मिसाइल को ही रोक सका, क्योंकि पैट्रियट सिस्टम के लिए इंटरसेप्टर मिसाइलों का भंडार लगभग खत्म हो चुका है। उन्होंने कहा, “अमेरिका और यूरोप जानते हैं कि हमें क्या चाहिए। अब केवल राजनीतिक फैसला लेने की जरूरत है। बैलिस्टिक रोधी मिसाइलें लोगों की रक्षा करें, गोदामों में न पड़ी रहें। हर दिन की देरी रूस को हमारे लोगों की जान लेने का एक और मौका देती है।” जेलेंस्की बोले- रूस नई रणनीति अपना रहा, नए प्रतिबंध लगाएं जेलेंस्की ने दावा किया कि रूस अब जेट इंजन से लैस शाहेद ड्रोन का अधिक इस्तेमाल कर रहा है और युद्ध लंबा खिंचने का फायदा उठाकर नई हमलावर रणनीतियां विकसित कर रहा है। उन्होंने अमेरिका और यूरोपीय सहयोगियों से रूस के मिसाइल, लॉन्चर और हथियार उद्योग से जुड़े लोगों और कंपनियों पर नए प्रतिबंध लगाने की भी अपील की। साथ ही कहा कि रूस के तेल शोधन और ईंधन क्षेत्र को मिलने वाली मदद रोकना भी जरूरी है, ताकि उसकी युद्ध क्षमता कमजोर हो सके। रूस बोला- सैन्य ठिकानों को बनाया निशाना रूसी रक्षा मंत्रालय ने दावा किया कि हमले में कीव स्थित यूक्रेन के सैन्य-औद्योगिक प्रतिष्ठानों और लॉजिस्टिक्स केंद्रों को निशाना बनाया गया। वहीं यूक्रेन का कहना है कि हमले में रिहायशी इलाके और नागरिक भी प्रभावित हुए। जेलेंस्की ने रक्षा मंत्री रुस्तम उमेरोव और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों के साथ अमेरिका के साथ होने वाली आगामी कूटनीतिक बातचीत की भी समीक्षा की। उन्होंने कहा कि उन्हें उम्मीद है कि आने वाले दिनों में यूक्रेन को हथियारों और वायु रक्षा प्रणाली को लेकर सहयोगी देशों से ठोस समर्थन मिलेगा। पैट्रियट मिसाइल सिस्टम क्या है पैट्रियट अमेरिका का अत्याधुनिक एयर डिफेंस सिस्टम है, जिसे दुश्मन की बैलिस्टिक मिसाइल, क्रूज मिसाइल और लड़ाकू विमानों को हवा में ही मार गिराने के लिए बनाया गया है। इसकी सबसे बड़ी ताकत यह है कि यह बेहद कम समय में आने वाली बैलिस्टिक मिसाइलों को भी इंटरसेप्ट कर सकता है। इसी वजह से रूस के लगातार बढ़ते मिसाइल हमलों के बीच यह यूक्रेन की सबसे अहम सुरक्षा ढाल माना जाता है। पैट्रियट सिस्टम में लॉन्चर, रडार, कमांड सेंटर और इंटरसेप्टर मिसाइलें शामिल होती हैं। रडार पहले लक्ष्य की पहचान करता है, फिर कमांड सेंटर खतरे का आकलन कर इंटरसेप्टर मिसाइल दागता है, जो हवा में ही दुश्मन की मिसाइल को नष्ट कर देती है।

टॉप-10 में से 9-कंपनियों का मार्केट-कैप ₹2.51 लाख करोड़ बढ़ा:बजाज फाइनेंस में सबसे ज्यादा तेजी, केवल HUL को नुकसान

टॉप-10 में से 9-कंपनियों का मार्केट-कैप ₹2.51 लाख करोड़ बढ़ा:बजाज फाइनेंस में सबसे ज्यादा तेजी, केवल HUL को नुकसान

बीते हफ्ते भारतीय शेयर बाजार की शानदार रिकवरी से देश की टॉप 10 सबसे वैल्यूएबल कंपनियों में से 9 के मार्केट कैपिटलाइजेशन (मार्केट कैप) में कुल 2,50,961.42 करोड़ रुपए (लगभग 2.51 लाख करोड़ रुपए) की जोरदार बढ़ोतरी दर्ज की गई। कच्चे तेल की कीमतों में नरमी, बेहतर वैश्विक सेंटिमेंट और पहली तिमाही (Q1 FY27) के मजबूत नतीजों की वजह से निवेशकों के भरोसे को मजबूती मिली है। बाजार की इस तेजी में बजाज फाइनेंस सबसे बड़ा गेनर बनकर उभरा, जिसके मार्केट कैप में अकेले 80,000 करोड़ रुपए से अधिक का इजाफा हुआ। वहीं दूसरी ओर, टॉप 10 की सूची में हिंदुस्तान यूनिलीवर (HUL) एकमात्र ऐसी कंपनी रही जिसके वैल्युएशन में गिरावट दर्ज की गई। 1. बजाज फाइनेंस रहा टॉप गेनर: मार्केट कैप में ₹80,345 करोड़ का उछाल दिग्गज फाइनेंशियल सर्विसेज कंपनी बजाज फाइनेंस टॉप 10 कंपनियों में सबसे बेहतरीन प्रदर्शन करने वाली कंपनी रही। बीते हफ्ते कंपनी का मार्केट कैप 80,345.97 करोड़ रुपए बढ़कर 7,10,817.51 करोड़ रुपए पर पहुंच गया। वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही (जून तिमाही) में कंपनी के समेकित शुद्ध लाभ (Consolidated PAT) में सालाना आधार पर 28% की बढ़ोतरी दर्ज की गई। तिमाही नतीजों की इस घोषणा के बाद शुक्रवार को कंपनी के शेयर 8% से अधिक की तेजी के साथ बंद हुए। 2. भारती एयरटेल, TCS और रिलायंस में भी तगड़ी खरीदारी वैल्युएशन में बढ़ोतरी के मामले में भारती एयरटेल दूसरे स्थान पर रही। भारती एयरटेल का मार्केट कैप 44,959.50 करोड़ रुपए बढ़कर 12,30,005.63 करोड़ रुपए हो गया। वहीं, आईटी क्षेत्र की दिग्गज कंपनी टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS) का मार्केट कैप 40,414.03 करोड़ रुपए बढ़कर 8,55,894.78 करोड़ रुपए दर्ज किया गया। देश की सबसे वैल्यूएबल कंपनी रिलायंस इंडस्ट्रीज ने भी अपने मार्केट कैप में 39,447.35 करोड़ रुपए जोड़े, जिससे इसका कुल वैल्युएशन 17,69,108.79 करोड़ रुपए पर पहुंच गया। 3. एलएंडटी, SBI, एचडीएफसी बैंक और LIC के वैल्युएशन में सुधार अन्य प्रमुख कंपनियों के प्रदर्शन पर नजर डालें तो: लार्सन एंड टुब्रो (LT): मार्केट कैप 21,096.80 करोड़ रुपए बढ़कर 5,41,844.69 करोड़ रुपए पहुंचा। स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI): वैल्युएशन 10,845.97 करोड़ रुपए बढ़कर 9,47,799.81 करोड़ रुपए रहा। एचडीएफसी बैंक (HDFC Bank): वैल्युएशन में 8,164.73 करोड़ रुपए का इजाफा हुआ और यह 11,52,150.63 करोड़ रुपए पर बंद हुआ। लाइफ इंश्योरेंस कॉर्पोरेशन (LIC): मार्केट कैप में 4,427.49 करोड़ रुपए की बढ़ोतरी दर्ज हुई। आईसीआईसीआई बैंक (ICICI Bank): कंपनी के मार्केट कैप में 1,660.37 करोड़ रुपए का इजाफा हुआ। 4. हिंदुस्तान यूनिलीवर को नुकसान: ₹10,326 करोड़ घटा मार्केट कैप हफ्ते के दौरान टॉप 10 कंपनियों में हिंदुस्तान यूनिलीवर लिमिटेड (HUL) एकमात्र ऐसी कंपनी रही, जिसके मार्केट कैप में गिरावट आई। कंपनी का मार्केट कैपिटलाइजेशन 10,326.46 करोड़ रुपए घटकर 4,93,602.13 करोड़ रुपए रह गया। 6. एक्सपर्ट्स की राय: FII खरीदारी और ग्लोबल संकेतों से मिला सपोर्ट बीते हफ्ते बीएसई (BSE) का 30 शेयरों वाला सेंसेक्स 2,034.87 अंक यानी 2.67% की बढ़त बनाने में सफल रहा। वहीं, एनएसई (NSE) का निफ्टी 616.15 अंक यानी 2.59% चढ़ा। रेलिगेयर ब्रोकिंग के रिसर्च एसवीपी (SVP) अजीत मिश्रा ने बाजार की चाल पर कहा, “कच्चे तेल की घटती कीमतों, बेहतर होते भू-राजनीतिक हालात, Q1 FY27 के उत्साहजनक नतीजों और विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) की ओर से दोबारा शुरू हुई खरीदारी के दम पर बाजार ने अपनी हालिया गिरावट के सिलसिले को तोड़ते हुए जोरदार वापसी की है।” 7. मार्केट सेंटिमेंट का बैकग्राउंड और फ्यूचर आउटलुक बाजार में आई यह हालिया तेजी पिछले कुछ समय से जारी सुस्ती के बाद एक बड़ा बदलाव दर्शाती है। घरेलू स्तर पर कंपनियों के मजबूत नतीजों और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सुधरती परिस्थितियों पर निवेशकों ने सकारात्मक प्रतिक्रिया दी है। इसके साथ ही विदेशी निवेशकों की खरीदारी लौटने से बाजार में लिक्विडिटी बढ़ी है, जिससे आने वाले दिनों में भी हैवीवेट शेयरों में मजबूती बने रहने की उम्मीद जताई जा रही है।

टॉप-10 में से 9-कंपनियों का मार्केट-कैप ₹2.51 लाख करोड़ बढ़ा:बजाज फाइनेंस में सबसे ज्यादा तेजी, केवल HUL को नुकसान

टॉप-10 में से 9-कंपनियों का मार्केट-कैप ₹2.51 लाख करोड़ बढ़ा:बजाज फाइनेंस में सबसे ज्यादा तेजी, केवल HUL को नुकसान

बीते हफ्ते भारतीय शेयर बाजार की शानदार रिकवरी से देश की टॉप 10 सबसे वैल्यूएबल कंपनियों में से 9 के मार्केट कैपिटलाइजेशन (मार्केट कैप) में कुल 2,50,961.42 करोड़ रुपए (लगभग 2.51 लाख करोड़ रुपए) की जोरदार बढ़ोतरी दर्ज की गई। कच्चे तेल की कीमतों में नरमी, बेहतर वैश्विक सेंटिमेंट और पहली तिमाही (Q1 FY27) के मजबूत नतीजों की वजह से निवेशकों के भरोसे को मजबूती मिली है। बाजार की इस तेजी में बजाज फाइनेंस सबसे बड़ा गेनर बनकर उभरा, जिसके मार्केट कैप में अकेले 80,000 करोड़ रुपए से अधिक का इजाफा हुआ। वहीं दूसरी ओर, टॉप 10 की सूची में हिंदुस्तान यूनिलीवर (HUL) एकमात्र ऐसी कंपनी रही जिसके वैल्युएशन में गिरावट दर्ज की गई। 1. बजाज फाइनेंस रहा टॉप गेनर: मार्केट कैप में ₹80,345 करोड़ का उछाल दिग्गज फाइनेंशियल सर्विसेज कंपनी बजाज फाइनेंस टॉप 10 कंपनियों में सबसे बेहतरीन प्रदर्शन करने वाली कंपनी रही। बीते हफ्ते कंपनी का मार्केट कैप 80,345.97 करोड़ रुपए बढ़कर 7,10,817.51 करोड़ रुपए पर पहुंच गया। वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही (जून तिमाही) में कंपनी के समेकित शुद्ध लाभ (Consolidated PAT) में सालाना आधार पर 28% की बढ़ोतरी दर्ज की गई। तिमाही नतीजों की इस घोषणा के बाद शुक्रवार को कंपनी के शेयर 8% से अधिक की तेजी के साथ बंद हुए। 2. भारती एयरटेल, TCS और रिलायंस में भी तगड़ी खरीदारी वैल्युएशन में बढ़ोतरी के मामले में भारती एयरटेल दूसरे स्थान पर रही। भारती एयरटेल का मार्केट कैप 44,959.50 करोड़ रुपए बढ़कर 12,30,005.63 करोड़ रुपए हो गया। वहीं, आईटी क्षेत्र की दिग्गज कंपनी टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS) का मार्केट कैप 40,414.03 करोड़ रुपए बढ़कर 8,55,894.78 करोड़ रुपए दर्ज किया गया। देश की सबसे वैल्यूएबल कंपनी रिलायंस इंडस्ट्रीज ने भी अपने मार्केट कैप में 39,447.35 करोड़ रुपए जोड़े, जिससे इसका कुल वैल्युएशन 17,69,108.79 करोड़ रुपए पर पहुंच गया। 3. एलएंडटी, SBI, एचडीएफसी बैंक और LIC के वैल्युएशन में सुधार अन्य प्रमुख कंपनियों के प्रदर्शन पर नजर डालें तो: लार्सन एंड टुब्रो (LT): मार्केट कैप 21,096.80 करोड़ रुपए बढ़कर 5,41,844.69 करोड़ रुपए पहुंचा। स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI): वैल्युएशन 10,845.97 करोड़ रुपए बढ़कर 9,47,799.81 करोड़ रुपए रहा। एचडीएफसी बैंक (HDFC Bank): वैल्युएशन में 8,164.73 करोड़ रुपए का इजाफा हुआ और यह 11,52,150.63 करोड़ रुपए पर बंद हुआ। लाइफ इंश्योरेंस कॉर्पोरेशन (LIC): मार्केट कैप में 4,427.49 करोड़ रुपए की बढ़ोतरी दर्ज हुई। आईसीआईसीआई बैंक (ICICI Bank): कंपनी के मार्केट कैप में 1,660.37 करोड़ रुपए का इजाफा हुआ। 4. हिंदुस्तान यूनिलीवर को नुकसान: ₹10,326 करोड़ घटा मार्केट कैप हफ्ते के दौरान टॉप 10 कंपनियों में हिंदुस्तान यूनिलीवर लिमिटेड (HUL) एकमात्र ऐसी कंपनी रही, जिसके मार्केट कैप में गिरावट आई। कंपनी का मार्केट कैपिटलाइजेशन 10,326.46 करोड़ रुपए घटकर 4,93,602.13 करोड़ रुपए रह गया। 6. एक्सपर्ट्स की राय: FII खरीदारी और ग्लोबल संकेतों से मिला सपोर्ट बीते हफ्ते बीएसई (BSE) का 30 शेयरों वाला सेंसेक्स 2,034.87 अंक यानी 2.67% की बढ़त बनाने में सफल रहा। वहीं, एनएसई (NSE) का निफ्टी 616.15 अंक यानी 2.59% चढ़ा। रेलिगेयर ब्रोकिंग के रिसर्च एसवीपी (SVP) अजीत मिश्रा ने बाजार की चाल पर कहा, “कच्चे तेल की घटती कीमतों, बेहतर होते भू-राजनीतिक हालात, Q1 FY27 के उत्साहजनक नतीजों और विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) की ओर से दोबारा शुरू हुई खरीदारी के दम पर बाजार ने अपनी हालिया गिरावट के सिलसिले को तोड़ते हुए जोरदार वापसी की है।” 7. मार्केट सेंटिमेंट का बैकग्राउंड और फ्यूचर आउटलुक बाजार में आई यह हालिया तेजी पिछले कुछ समय से जारी सुस्ती के बाद एक बड़ा बदलाव दर्शाती है। घरेलू स्तर पर कंपनियों के मजबूत नतीजों और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सुधरती परिस्थितियों पर निवेशकों ने सकारात्मक प्रतिक्रिया दी है। इसके साथ ही विदेशी निवेशकों की खरीदारी लौटने से बाजार में लिक्विडिटी बढ़ी है, जिससे आने वाले दिनों में भी हैवीवेट शेयरों में मजबूती बने रहने की उम्मीद जताई जा रही है।

खतरों के खिलाड़ी ने मुझे बदल दिया:अविनाश मिश्रा बोले- स्टंट से ज्यादा मानसिक ताकत की परीक्षा हुई, रोहित शेट्टी से बहुत कुछ सीखा

खतरों के खिलाड़ी ने मुझे बदल दिया:अविनाश मिश्रा बोले- स्टंट से ज्यादा मानसिक ताकत की परीक्षा हुई, रोहित शेट्टी से बहुत कुछ सीखा

टीवी और रियलिटी शोज में अपनी अलग पहचान बना चुके अविनाश मिश्रा अब ‘खतरों के खिलाड़ी’ में नजर आने वाले हैं। दैनिक भास्कर से बातचीत में उन्होंने शो के मुश्किल स्टंट्स, अपने डर, रोहित शेट्टी से मिली सीख और शो के दौरान हुए भावनात्मक बदलावों पर खुलकर बात की। सवाल: ‘खतरों के खिलाड़ी’ को लेकर लोगों का जबरदस्त एक्साइटमेंट है। हर कोई आपको मजबूत खिलाड़ी और फाइनलिस्ट बता रहा है। कैसा लग रहा है? जवाब: बहुत अच्छा लग रहा है। सबसे पहले आपका शुक्रिया। ‘खतरों के खिलाड़ी’ वाकई शानदार शो है। मेरे लिए यह भारत का सबसे बेहतरीन रियलिटी शो है। मैं जब भी किसी शो में जाता हूं, चाहता हूं कि लोग मुझे एक मजबूत खिलाड़ी के रूप में देखें। खुशी है कि लोगों के बीच मेरी वही छवि बन रही है। हर शो में मैं अपना असर छोड़ना चाहता हूं और इस बार भी लोगों को वह महसूस हो रहा है। सवाल: बिग बॉस हो या ‘खतरों के खिलाड़ी’, हर बार आप मजबूत खिलाड़ी बनकर सामने आते हैं। इसका राज क्या है? जवाब: यह पूरी तरह माइंडसेट पर निर्भर करता है। ‘खतरों के खिलाड़ी’ सिर्फ आपकी शारीरिक ताकत नहीं, बल्कि मानसिक मजबूती, इच्छाशक्ति और जुनून की भी परीक्षा लेता है। अगर आपकी मानसिक ताकत मजबूत है, तो आप बड़े से बड़ा डर भी जीत सकते हैं। यही इस शो की सबसे बड़ी चुनौती है। सवाल: शो में जाने से पहले किसी खास चीज से डर लगता था? जवाब: असल डर तब महसूस होता है, जब आप स्टंट करने के लिए उस जगह पर खड़े होते हैं। चाहे ऊंचाई हो या गहरा पानी, उस वक्त लगता है कि यह कैसे होगा। लेकिन जब आप स्टंट पूरा कर लेते हैं, तब एहसास होता है कि आपने अपने डर पर जीत हासिल कर ली। सवाल: कीड़े-मकोड़ों और दूसरे जीवों वाले स्टंट्स कितने मुश्किल थे? जवाब:शुरुआत के दो-तीन सेकंड काफी मुश्किल होते हैं। मन में कई तरह के डर आते हैं कि कहीं काट न लें या कुछ हो न जाए। लेकिन कुछ मिनट बाद सब सामान्य लगने लगता है। यह भी पूरी तरह माइंडसेट का खेल है। सवाल: रोहित शेट्टी के साथ काम करने का अनुभव कैसा रहा? जवाब:बहुत शानदार। वह बेहद प्रेरित करने वाले इंसान हैं। मैंने उनसे काफी कुछ सीखा। उनका अनुशासन और मेहनत देखकर मैं प्रभावित हुआ। लगातार 45 दिन बिना किसी छुट्टी के शूटिंग हुई। हर दिन सुबह जल्दी सेट पर पहुंचना और देर शाम तक काम करना आसान नहीं था। रोहित सर भी पूरे समय हमारे साथ मौजूद रहते थे। उनका जुनून ही इस शो को इतना खास बनाता है। सवाल: शो में आपकी तुलना विराट कोहली से भी की गई। इस पर क्या कहेंगे? जवाब:यह बात विशाल ने वहां कही थी। विराट कोहली हम सभी के पसंदीदा खिलाड़ी हैं और मैं भी उनका बहुत बड़ा फैन हूं। अगर किसी ने मेरी तुलना उनसे की है, तो यह मेरे लिए खुशी की बात है। सवाल: क्या आपको लगता है कि आपने शो में अपना सौ फीसदी दिया? जवाब: बिल्कुल। मैंने अपनी तरफ से कोई कमी नहीं छोड़ी। इस शो में कुछ ऐसे पल आए, जब मैंने कैमरे पर अपने बारे में ऐसी बातें शेयर कीं, जो शायद पहले कभी नहीं की थीं। स्टंट पूरा करने के बाद कई भावनाएं बाहर आती हैं। मैं आमतौर पर अपनी फीलिंग्स जाहिर नहीं करता, लेकिन इस शो ने मुझे ऐसा करने पर मजबूर किया। मुझे उम्मीद है कि दर्शक मुझे पहले से बेहतर तरीके से समझ पाएंगे। सवाल: क्या शो में कुछ अच्छे दोस्त भी बने? जवाब:हां, मेरी करण और ऋत्विक जैसे दोस्तों के साथ अच्छी बॉन्डिंग बनी। ओरी भी इस शो का सबसे बड़ा सरप्राइज पैकेज है। लोग उन्हें देखकर काफी हैरान होंगे। वह इस सीजन के हिडन जेम हैं। सवाल: आपके ओटीटी प्रोजेक्ट को भी अच्छा रिस्पॉन्स मिला। इस पर क्या कहना चाहेंगे? जवाब:दर्शकों ने हमेशा मुझे बहुत प्यार दिया है। मेरे ओटीटी प्रोजेक्ट को भी अच्छा रिस्पॉन्स मिला। मैं सभी का दिल से शुक्रिया अदा करना चाहता हूं। सवाल: परिवार का क्या रिएक्शन था? जवाब: मेरे माता-पिता बहुत उत्साहित थे। उन्हें शो का इंतजार है। खासकर वे यह देखना चाहते हैं कि मैंने किस तरह खतरनाक स्टंट किए और उन मुश्किल हालात का सामना कैसे किया। सवाल: आखिर में अपने फैंस के लिए क्या कहना चाहेंगे? जवाब:बस इतना कहना चाहूंगा कि आपने हमेशा मुझे प्यार दिया है। उम्मीद है, इस बार भी ‘खतरों के खिलाड़ी’ में मेरा सफर आपको पसंद आएगा। आगे भी मैं आपको इसी तरह एंटरटेन करता रहूंगा।