ITR भरने के आखिरी 3 दिन:31 जुलाई तक फाइल नहीं करने पर ₹5000 तक लेट फीस लगेगी, इन 10 बातों का रखें ध्यान

वित्त वर्ष 2025-26 के लिए इनकम टैक्स रिटर्न यानी ITR फाइलिंग के लिए अब सिर्फ 3 दिन का टाइम ही बचा है। आम टैक्सपेयर्स के लिए रिटर्न फाइल करने की आखिरी तारीख 31 जुलाई 2026 है। वहीं, बिजनेस क्लास (ITR-3 और 4) के कुछ लोगों के लिए यह 31 अगस्त है। अगर आप 31 जुलाई तक चूक जाते हैं, तो 31 दिसंबर तक जुर्माना भरकर ‘बिलेटेड रिटर्न’ फाइल कर सकते हैं। हालांकि इसके लिए आपको लेट फीस देनी होगी। ITR आपकी पूरी आय, निवेश और वित्तीय लेन-देन का आधिकारिक रिकॉर्ड होता है। इनकम टैक्स डिपार्टमेंट आपकी दी जानकारी पर रखता है नजर इनकम टैक्स डिपार्टमेंट AI, डेटा एनालिटिक्स और विभिन्न पोर्टलों के जरिए बैंक खातों, TDS, शेयर-म्यूचुअल फंड, प्रॉपर्टी और विदेश यात्रा तक की जानकारी जुटाकर ITR में दी गई जानकारी से मिलाता है। ऐसे में छोटी सी चूक भी टैक्स डिमांड, ब्याज और पेनाल्टी का कारण बन सकती है। यहां टैक्स एक्सपर्ट और सीए आनंद जैन, इंदौर आपको बता रहे हैं कि ITR भरते समय किन 10 जरूरी बातों का ध्यान रखना चाहिए… 1. सिर्फ फॉर्म 16 पर भरोसा न करें बहुत से सैलरीड लोगों को लगता है कि फॉर्म 16 में जो कुछ है, वही काफी है। लेकिन फॉर्म 16 सिर्फ सैलरी और उस पर कटे TDS की जानकारी देता है। अगर आपको FD, RD, सेविंग अकाउंट का ब्याज, डिविडेंड, किराया, फ्रीलांस आय, शेयर-म्यूचुअल फंड का लाभ या विदेशी इनकम हुई है तो उसे भी ITR में शामिल करना जरूरी है। इन्हें छिपाने पर बाद में अतिरिक्त टैक्स और ब्याज चुकाना पड़ सकता है। 2. सही ITR फॉर्म चुनना बहुत जरूरी गलत फॉर्म चुनने पर रिटर्न डिफेक्टिव माना जा सकता है, यानी मान लिया जाएगा कि आपने रिटर्न फाइल ही नहीं किया। ITR-1: सैलरी, पेंशन और साधारण ब्याज आय वालों के लिए। ITR-2: कैपिटल गेन, एक से ज्यादा घर, विदेशी संपत्ति या आय वालों के लिए। ITR-3: बिजनेस, फ्रीलांस, FO या ट्रेडिंग करने वालों के लिए। ITR-4: छोटे बिजनेसमैन और प्रोफेशनल्स के लिए । 3. AIS, TIS और Form 26AS जरूर चेक करें रिटर्न भरने से पहले फॉर्म 16, फॉर्म 26AS, एनुअल इंफॉर्मेशन स्टेटमेंट (AIS) और टैक्सपेयर इंफॉर्मेशन समरी (TIS) का मिलान जरूर करें। अगर इनमें दिख रही आय आपके रिटर्न से अलग है तो विभाग स्पष्टीकरण मांग सकता है। गलत जानकारी दिखे तो पोर्टल पर सुधार के लिए शिकायत दर्ज करें। 4. नौकरी बदलने पर दोनों कंपनियों की सैलरी जोड़ें अगर वित्त वर्ष में जॉब चेंज की है तो पुराने और नए दोनों एम्प्लॉयर से मिली सैलरी को जोड़कर ही रिटर्न भरें। ऐसा न करने पर कम TDS कटने की वजह से बाद में टैक्स चुकाना पड़ सकता है। 5. बैंक खातों की डिटेल सही भरें सभी बैंक अकाउंट्स की जानकारी दें। रिफंड आने वाले अकाउंट का IFSC कोड और अकाउंट नंबर बिल्कुल सही डालें। गलती से रिफंड में देरी हो सकती है। 6. ब्याज आय छिपाने की भूल न करें कई लोग सोचते हैं कि TDS न कटे तो आय कर योग्य नहीं। यह गलत है। FD, RD, सेविंग अकाउंट और बॉन्ड का ब्याज विभाग को AIS और बैंक डेटा से पता चल जाता है। इन्हें छोड़ना महंगा पड़ सकता है। 7. शेयर, म्यूचुअल फंड और प्रॉपर्टी की बिक्री का पूरा ब्योरा दें डिमैट अकाउंट PAN से लिंक होने के कारण सभी ट्रांजेक्शन विभाग के पास आ जाते हैं। शेयर बेचने, MF रिडीम करने या प्रॉपर्टी बेचने पर हुए लाभ या नुकसान दोनों घोषित करें। नुकसान दिखाने से भविष्य में टैक्स बचत हो सकती है। 8. कटौतियों का दावा दस्तावेजों के साथ करें 80C, NPS, 80D (हेल्थ इंश्योरेंस) और होम लोन पर ब्याज जैसी कटौतियां केवल सही निवेश पर ही लें। दस्तावेज सुरक्षित रखें, विभाग कभी भी प्रमाण मांग सकता है। 9. विदेशी निवेश और आय का पूरा खुलासा विदेशी शेयर, ETF, बैंक अकाउंट या प्लेटफॉर्म में निवेश करने वालों को इसका विवरण देना जरूरी है। खासकर रेजीडेंसी और ऑर्डिनरी रेजीडेंसी टैक्स पेयर के लिए विदेशी संपत्ति की जानकारी देना जरूरी हो सकती है। 10. रिटर्न फाइल करने के बाद ई-वेरिफिकेशन जरूर करें रिटर्न सबमिट करना काफी नहीं। आधार OTP, नेट बैंकिंग, डिमैट अकाउंट या डिजिटल सिग्नेचर से ई-वेरिफिकेशन करना जरूरी है। समय पर न करने पर रिटर्न अमान्य हो सकता है। 31 जुलाई के बाद 5,000 रुपए तक लेट फीस देनी होगी 31 जुलाई के बाद ITR फाइल करने वाले टैक्सपेयर्स को लेट फीस देनी होगी। अगर किसी इंडिविजुअल टैक्सपेयर की सालाना आय 5 लाख रुपए से ज्यादा है, तब उसे 5000 रुपए की लेट फीस देनी होगी। अगर टैक्सपेयर की एनुअल इनकम 5 लाख रुपए से कम है, तब उसे लेट फीस के रूप में 1,000 रुपए भरने होंगे।
श्रीमद्भागवतम पर बनेगी 7 फिल्मों की सीरीज:रामायण शो बनाने वाले रामानंद सागर के पोते कर रहे हैं डायरेक्ट, रामोजी फिल्म सिटी में शूटिंग शुरू

1987 में टीवी पर सुपरहिट ‘रामायण’ बनाने वाली सागर पिक्चर्स एंटरटेनमेंट अब बड़े पर्दे पर ‘श्रीमद्भागवतम’ लेकर आ रही है। स्टूडियो ने घोषणा की है कि यह 7 फिल्मों की एक बड़ी सिनेमाई सीरीज होगी। इसकी शुरुआत ‘श्रीमद्भागवतम पार्ट-1’ से होगी। इस सीरीज की परिकल्पना और निर्माण रामानंद सागर के पोते अमृत सागर चोपड़ा और आकाश सागर चोपड़ा ने किया है। दोनों इस प्रोजेक्ट से जुड़े हैं और अमृत सागर पहले पार्ट का निर्देशन भी कर रहे हैं। इस फिल्म का निर्माण सागर पिक्चर्स ग्लोबल कर रहा है। वहीं, आध्यात्मिक गुरु और लेखक श्री एम इस प्रोजेक्ट के रिसर्च गाइड हैं, जबकि मोती सागर इसके मेंटर हैं। रामोजी फिल्म सिटी में शुरू हुई शूटिंग फिल्म की शूटिंग रामोजी फिल्म सिटी, हैदराबाद में शुरू हो चुकी है। इसका शुभारंभ तेलंगाना के मुख्यमंत्री ने किया था। फिल्म की सिनेमैटोग्राफी जोएल शेफर कर रहे हैं, जबकि ऑस्कर विजेता विजुअल इफेक्ट्स विशेषज्ञ क्लाइड एडवर्ड्स इसके एग्जीक्यूटिव प्रोड्यूसर हैं। सागर पिक्चर्स एंटरटेनमेंट ने बताया कि यह प्रोजेक्ट दिवंगत डॉ. रामानंद सागर और लीला सागर को समर्पित है। आने वाले महीनों में ‘श्रीमद्भागवतम पार्ट-1’ से जुड़ी अन्य अहम जानकारियां भी शेयर की जाएंगी। यह फिल्म महर्षि वेदव्यास द्वारा रचित भागवत महापुराण पर आधारित होगी। इसमें भगवान श्रीकृष्ण के जीवन, उनके उपदेशों और भगवान विष्णु के कई अवतारों की कहानियों को बड़े पैमाने पर दिखाया जाएगा। फिल्म का मकसद इन धार्मिक कथाओं को आधुनिक तकनीक और शानदार विजुअल्स के साथ दुनिया भर के दर्शकों तक पहुंचाना है। सागर पिक्चर्स एंटरटेनमेंट के सीईओ आकाश सागर ने कहा कि ‘श्रीमद्भागवतम’ भारत की सबसे महत्वपूर्ण आध्यात्मिक और साहित्यिक कृतियों में से एक है। इसकी कहानियां बेहद विशाल और गहरी हैं। हमारी कोशिश है कि इन्हें पूरी प्रामाणिकता और भव्यता के साथ बड़े पर्दे पर पेश किया जाए। इस सीरीज में दर्शकों को श्रीकृष्ण का बाल और किशोर जीवन, रासलीला, गोपी गीत, समुद्र मंथन, मत्स्य, वराह और नरसिंह अवतार, ध्रुव, भरत, पृथु और कपिल जैसे कई प्रसिद्ध और कम चर्चित प्रसंग देखने को मिलेंगे। सागर पिक्चर्स एंटरटेनमेंट के बारे में
श्रीमद्भागवतम पर बनेगी 7 फिल्मों की सीरीज:रामायण शो बनाने वाले रामानंद सागर के पोते कर रहे हैं डायरेक्ट, रामोजी फिल्म सिटी में शूटिंग शुरू

1987 में टीवी पर सुपरहिट ‘रामायण’ बनाने वाली सागर पिक्चर्स एंटरटेनमेंट अब बड़े पर्दे पर ‘श्रीमद्भागवतम’ लेकर आ रही है। स्टूडियो ने घोषणा की है कि यह 7 फिल्मों की एक बड़ी सिनेमाई सीरीज होगी। इसकी शुरुआत ‘श्रीमद्भागवतम पार्ट-1’ से होगी। इस सीरीज की परिकल्पना और निर्माण रामानंद सागर के पोते अमृत सागर चोपड़ा और आकाश सागर चोपड़ा ने किया है। दोनों इस प्रोजेक्ट से जुड़े हैं और अमृत सागर पहले पार्ट का निर्देशन भी कर रहे हैं। इस फिल्म का निर्माण सागर पिक्चर्स ग्लोबल कर रहा है। वहीं, आध्यात्मिक गुरु और लेखक श्री एम इस प्रोजेक्ट के रिसर्च गाइड हैं, जबकि मोती सागर इसके मेंटर हैं। रामोजी फिल्म सिटी में शुरू हुई शूटिंग फिल्म की शूटिंग रामोजी फिल्म सिटी, हैदराबाद में शुरू हो चुकी है। इसका शुभारंभ तेलंगाना के मुख्यमंत्री ने किया था। फिल्म की सिनेमैटोग्राफी जोएल शेफर कर रहे हैं, जबकि ऑस्कर विजेता विजुअल इफेक्ट्स विशेषज्ञ क्लाइड एडवर्ड्स इसके एग्जीक्यूटिव प्रोड्यूसर हैं। सागर पिक्चर्स एंटरटेनमेंट ने बताया कि यह प्रोजेक्ट दिवंगत डॉ. रामानंद सागर और लीला सागर को समर्पित है। आने वाले महीनों में ‘श्रीमद्भागवतम पार्ट-1’ से जुड़ी अन्य अहम जानकारियां भी शेयर की जाएंगी। यह फिल्म महर्षि वेदव्यास द्वारा रचित भागवत महापुराण पर आधारित होगी। इसमें भगवान श्रीकृष्ण के जीवन, उनके उपदेशों और भगवान विष्णु के कई अवतारों की कहानियों को बड़े पैमाने पर दिखाया जाएगा। फिल्म का मकसद इन धार्मिक कथाओं को आधुनिक तकनीक और शानदार विजुअल्स के साथ दुनिया भर के दर्शकों तक पहुंचाना है। सागर पिक्चर्स एंटरटेनमेंट के सीईओ आकाश सागर ने कहा कि ‘श्रीमद्भागवतम’ भारत की सबसे महत्वपूर्ण आध्यात्मिक और साहित्यिक कृतियों में से एक है। इसकी कहानियां बेहद विशाल और गहरी हैं। हमारी कोशिश है कि इन्हें पूरी प्रामाणिकता और भव्यता के साथ बड़े पर्दे पर पेश किया जाए। इस सीरीज में दर्शकों को श्रीकृष्ण का बाल और किशोर जीवन, रासलीला, गोपी गीत, समुद्र मंथन, मत्स्य, वराह और नरसिंह अवतार, ध्रुव, भरत, पृथु और कपिल जैसे कई प्रसिद्ध और कम चर्चित प्रसंग देखने को मिलेंगे। सागर पिक्चर्स एंटरटेनमेंट के बारे में
कंगना रनोट को उनकी पार्टी भी सीरियसली नहीं लेती:CJP स्पोक्सपर्सन सौरभ दास के बयान पर भड़कीं एक्ट्रेस, कहा- बेरोजगार, तुम्हारी उम्र में 2 नेशनल अवॉर्ड थे

लगातार स्टूडेंट प्रोटेस्ट की आलोचना कर रहीं एक्ट्रेस और सासंद कंगना रनोट कॉकरोच जनता पार्टी के स्पोक्सपर्सन सौरव दास के बयान पर भड़क गईं। दरअसल, कंगना के प्रोटेस्ट विरोधी बयानों पर सौरव ने कहा कि उन्हें उनकी पार्टी तक सीरियसली नहीं लेती है, तो बाकी लोगों को भी नहीं लेना चाहिए। सौरव के बयान पर कंगना भड़क गईं और जवाब में उन्हें बेरोजगार और बेकार कहा। कंगना रनोट के विरोधी बयानों पर बात करते हुए सौरव ने एएनआई से कहा, ‘देखिए, कंगना रनोट जी को उनकी पार्टी वाले ही उन्हें नहीं पूछते, ज्यादा सीरियसली नहीं लेते, तो हम क्यों लें। मुझे नहीं लगता कि जेन जी में या जेन अल्फा में या कोई यंगर जनरेशन में उन्हें कोई सीरियसली नहीं लेता।’ आगे सौरव ने कहा, ‘वो पॉलिटिशियन हैं, नेता भी बन गई हैं। उनके तो कुछ वीडियो भी हैं, जब वो मंडी गई थीं। उन्होंने कहा था कि मैंने तो सोचा था कि थोड़ा बहुत काम करना पड़ेगा, यहां तो सांसद बनकर इतना काम करना पड़ता है। ये उनकी सीरियसनेस दिखाता है। वो हमें अनसीरियस बोल रही हैं, उन्होंने खुद को ही एक्सपोज कर दिया था। इस पर मैं ज्यादा कुछ बोलूंगा नहीं। शब्दावली सही नहीं है। शब्दावली संभाल लेना चाहिए नेताओं को। पद की गरिमा बनाकर रखना चाहिए। आपसे कहीं गुना ज्यादा जेन जी ने देश के लिए किया और कर रहे हैं। देश के लोकतंत्र पर भरोसा जगाने का काम जेन जी ने किया है, आपने नहीं।’ सौरव दास का बयान सामने आने पर कंगना रनोट भड़क गईं और सोशल मीडिया पर लिखा, “मैंने गुगल किया है, ये लड़का 28 साल का है, ये खुद को स्टूडेंट कैसे बोल रहा है, समझ नहीं आता। हां मैं पिछले 2 साल से राजनीति में हूं, लेकिन पिछले 20 साल से पब्लिक लाइफ जी रही हूं। उसकी उम्र तक आते-आते मैं 2 नेशनल अवॉर्ड जीत चुकी थी। हां, एक नई सांसद के तौर पर मैं काम के बोझ से अभिभूत हो गई थी, क्योंकि मैं एक फिल्ममेकर, परफॉर्मिंग आर्टिस्ट, प्रोड्यूसर, स्क्रीनराइटर, आंत्रप्रन्योर भी हूं। आगे कंगना ने लिखा, ‘जो व्यक्ति पूरी तरह बेकार और बेरोजगार हो, वह कभी नहीं समझ सकता कि किसी भी उम्र में हर समय इतनी ज्यादा डिमांड में रहने का क्या मतलब होता है। डियर सौरव दास, तुम्हारी प्रॉब्लम पर्सनल हैं। तुम स्टूडेंट नहीं हो, तुम सिर्फ बेकार हो। चलो स्किल्स सीखने से शुरू करते हैं, शुरुआत करने के लिए यह एक अच्छी जगह है।’ सौरव दास ने कंगना की पोस्ट पर दिया था रिएक्शन दरअसल, पूर्व शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद से ही कंगना रनोट लगातार सोशल मीडिया पर कॉकरोच जनता पार्टी और स्टूडेंट प्रोटेस्ट के खिलाफ बयान दे रही हैं। मंगलवार को कंगना ने सोशल मीडिया पर लिखा था, ‘प्रोटेस्टर्स जो सड़कों पर आम लोगों द्वारा पीटे जा रहे हैं और गाली खा रहे हैं, उनकी घटिया और अब्यूसिव रील की वजह से, उन्हें समझना चाहिए कि जब बोलते हो तो सुनना भी पड़ेगा, अगर तुमको देश और लीडरशिप से प्रॉब्लम है और तुमने पब्लिकली खूब गंदी गंदी गालियां दी तो अब उनकी सुनो जो देश से प्यार करते हैं और इस सरकार को वोट की पावर से लेकर आए हैं, क्योंकि बोलने का हक उनको भी है। अब रोने की कोई बात नहीं।’
कंगना रनोट को उनकी पार्टी भी सीरियसली नहीं लेती:CJP स्पोक्सपर्सन सौरभ दास के बयान पर भड़कीं एक्ट्रेस, कहा- बेरोजगार, तुम्हारी उम्र में 2 नेशनल अवॉर्ड थे

लगातार स्टूडेंट प्रोटेस्ट की आलोचना कर रहीं एक्ट्रेस और सासंद कंगना रनोट कॉकरोच जनता पार्टी के स्पोक्सपर्सन सौरव दास के बयान पर भड़क गईं। दरअसल, कंगना के प्रोटेस्ट विरोधी बयानों पर सौरव ने कहा कि उन्हें उनकी पार्टी तक सीरियसली नहीं लेती है, तो बाकी लोगों को भी नहीं लेना चाहिए। सौरव के बयान पर कंगना भड़क गईं और जवाब में उन्हें बेरोजगार और बेकार कहा। कंगना रनोट के विरोधी बयानों पर बात करते हुए सौरव ने एएनआई से कहा, ‘देखिए, कंगना रनोट जी को उनकी पार्टी वाले ही उन्हें नहीं पूछते, ज्यादा सीरियसली नहीं लेते, तो हम क्यों लें। मुझे नहीं लगता कि जेन जी में या जेन अल्फा में या कोई यंगर जनरेशन में उन्हें कोई सीरियसली नहीं लेता।’ आगे सौरव ने कहा, ‘वो पॉलिटिशियन हैं, नेता भी बन गई हैं। उनके तो कुछ वीडियो भी हैं, जब वो मंडी गई थीं। उन्होंने कहा था कि मैंने तो सोचा था कि थोड़ा बहुत काम करना पड़ेगा, यहां तो सांसद बनकर इतना काम करना पड़ता है। ये उनकी सीरियसनेस दिखाता है। वो हमें अनसीरियस बोल रही हैं, उन्होंने खुद को ही एक्सपोज कर दिया था। इस पर मैं ज्यादा कुछ बोलूंगा नहीं। शब्दावली सही नहीं है। शब्दावली संभाल लेना चाहिए नेताओं को। पद की गरिमा बनाकर रखना चाहिए। आपसे कहीं गुना ज्यादा जेन जी ने देश के लिए किया और कर रहे हैं। देश के लोकतंत्र पर भरोसा जगाने का काम जेन जी ने किया है, आपने नहीं।’ सौरव दास का बयान सामने आने पर कंगना रनोट भड़क गईं और सोशल मीडिया पर लिखा, “मैंने गुगल किया है, ये लड़का 28 साल का है, ये खुद को स्टूडेंट कैसे बोल रहा है, समझ नहीं आता। हां मैं पिछले 2 साल से राजनीति में हूं, लेकिन पिछले 20 साल से पब्लिक लाइफ जी रही हूं। उसकी उम्र तक आते-आते मैं 2 नेशनल अवॉर्ड जीत चुकी थी। हां, एक नई सांसद के तौर पर मैं काम के बोझ से अभिभूत हो गई थी, क्योंकि मैं एक फिल्ममेकर, परफॉर्मिंग आर्टिस्ट, प्रोड्यूसर, स्क्रीनराइटर, आंत्रप्रन्योर भी हूं। आगे कंगना ने लिखा, ‘जो व्यक्ति पूरी तरह बेकार और बेरोजगार हो, वह कभी नहीं समझ सकता कि किसी भी उम्र में हर समय इतनी ज्यादा डिमांड में रहने का क्या मतलब होता है। डियर सौरव दास, तुम्हारी प्रॉब्लम पर्सनल हैं। तुम स्टूडेंट नहीं हो, तुम सिर्फ बेकार हो। चलो स्किल्स सीखने से शुरू करते हैं, शुरुआत करने के लिए यह एक अच्छी जगह है।’ सौरव दास ने कंगना की पोस्ट पर दिया था रिएक्शन दरअसल, पूर्व शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद से ही कंगना रनोट लगातार सोशल मीडिया पर कॉकरोच जनता पार्टी और स्टूडेंट प्रोटेस्ट के खिलाफ बयान दे रही हैं। मंगलवार को कंगना ने सोशल मीडिया पर लिखा था, ‘प्रोटेस्टर्स जो सड़कों पर आम लोगों द्वारा पीटे जा रहे हैं और गाली खा रहे हैं, उनकी घटिया और अब्यूसिव रील की वजह से, उन्हें समझना चाहिए कि जब बोलते हो तो सुनना भी पड़ेगा, अगर तुमको देश और लीडरशिप से प्रॉब्लम है और तुमने पब्लिकली खूब गंदी गंदी गालियां दी तो अब उनकी सुनो जो देश से प्यार करते हैं और इस सरकार को वोट की पावर से लेकर आए हैं, क्योंकि बोलने का हक उनको भी है। अब रोने की कोई बात नहीं।’ कौन हैं सौरव दास
सेंसेक्स में 600 अंक से ज्यादा की बढ़त:77,400 पर कारोबार कर रहा, निफ्टी भी 200 अंक चढ़ा; IT और बैंकिंग शेयर्स में ज्यादा खरीदारी

शेयर बाजार में आज यानी 29 जुलाई को गिरावट है। सेंसेक्स 600 अंक से ज्यादा की बढ़त के साथ 77,400 के स्तर पर कारोबार कर रहा है। निफ्टी में भी करीब 200 अंक की तेजी है, ये 24,200 के स्तर पर कारोबार कर रहा है। IT और बैंकिंग शेयर्स में आज सबसे ज्यादा खरीदारी है। एशियाई बाजारों में मिलाजुला कारोबार 28 जुलाई को अमेरिकी बाजार में मिलाजुला कारोबार रहा 7 दिन में विदेशी निवेशकों ने ₹9,400 करोड़ के शेयर बेचे नोट: FIIs और DIIs की नेट खरीदारी/बिकवाली के आंकड़े करोड़ रुपए में हैं। कल बाजार में रही थी गिरावट इससे पहले कल यानी 28 जुलाई को शेयर बाजार में गिरावट रही थी। सेंसेक्स 69 अंक की गिरावट के साथ 76,765 के स्तर पर बंद हुआ था। निफ्टी भी 10 अंक गिरा, ये 23,985 के स्तर पर बंद हुआ था।
सेंसेक्स में 800 अंक से ज्यादा की बढ़त:77,600 पर कारोबार कर रहा, निफ्टी भी 250 अंक चढ़ा; IT और बैंकिंग शेयर्स में ज्यादा खरीदारी

शेयर बाजार में आज यानी 29 जुलाई को गिरावट है। सेंसेक्स 800 अंक से ज्यादा की बढ़त के साथ 77,600 के स्तर पर कारोबार कर रहा है। निफ्टी में भी करीब 250 अंक की तेजी है, ये 24,200 के स्तर पर कारोबार कर रहा है। IT और बैंकिंग शेयर्स में आज सबसे ज्यादा खरीदारी है। एशियाई बाजारों में मिलाजुला कारोबार 28 जुलाई को अमेरिकी बाजार में मिलाजुला कारोबार रहा 7 दिन में विदेशी निवेशकों ने ₹9,400 करोड़ के शेयर बेचे नोट: FIIs और DIIs की नेट खरीदारी/बिकवाली के आंकड़े करोड़ रुपए में हैं। कल बाजार में रही थी गिरावट इससे पहले कल यानी 28 जुलाई को शेयर बाजार में गिरावट रही थी। सेंसेक्स 69 अंक की गिरावट के साथ 76,765 के स्तर पर बंद हुआ था। निफ्टी भी 10 अंक गिरा, ये 23,985 के स्तर पर बंद हुआ था।
यूक्रेन में जहाज पर हमलें में 13 भारतीय फंसे:भारत ने सुरक्षित वापसी की अपील की, 15 क्रू मेंबर सवार थे

यूक्रेन में जहाज पर हमले में 13 भारतीय फंस गए हैं। ‘एमवी अमीर 1’ नाम का जहाज ड्रोन और मिसाइल हमलों की चपेट में आ गया। इसके बाद इंडियन सीमेन यूनियन ने इस मामले में तुरंत मदद की अपील की है। यूनियन के मुताबिक, जहाज के आसपास लगातार ड्रोन और मिसाइल हमलों की कोशिश हो रही है। ऐसे में चालक दल के सदस्य हर समय इस डर में जी रहे हैं कि किसी भी वक्त जहाज सीधे हमले की चपेट में आ सकता है। खबर लगातार अपडेट हो रही है…
चीनी व्यापारियों के लिए स्टॉक सीमा 4,000 क्विंटल तय:केंद्र ने अधिकतम 30 दिन स्टॉक रखने का आदेश दिया; 1 अगस्त से 30 नवंबर तक लागू रहेंगे नियम

केंद्र सरकार ने देशभर में चीनी की कीमतों को नियंत्रण में रखने के लिए बड़ा कदम उठाया है। सरकार ने आदेश जारी कर चीनी व्यापारियों के लिए अधिकतम 30 दिन की स्टॉक लिमिट और 4,000 क्विंटल की होल्डिंग सीमा तय कर दी है। खाद्य और उपभोक्ता मामलों के मंत्रालय की गजट अधिसूचना के अनुसार, यह नया आदेश 1 अगस्त 2026 से लागू होगा और 30 नवंबर 2026 तक प्रभावी रहेगा। मानसून में कमी के अनुमान को देखते हुए घरेलू बाजार में पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए यह निर्णय लिया गया है। देश के किसी भी व्यापारी पर 4,000 क्विंटल की सीमा लागू मंत्रालय ने आवश्यक वस्तु अधिनियम, 1955 की धारा 3 और चीनी (नियंत्रण) आदेश, 2025 के तहत मिली शक्तियों का प्रयोग करते हुए यह पाबंदी लगाई है। आदेश में स्पष्ट कहा गया है कि देश भर में कोई भी चीनी व्यापारी या डीलर किसी भी स्थान पर 4,000 क्विंटल से अधिक चीनी स्टॉक में नहीं रख सकेगा। स्टॉक रखने की अवधि की गिनती रसीद की तारीख से होगी केंद्र सरकार के निर्देशों में स्पष्ट किया गया है कि किसी व्यापारी द्वारा स्टॉक रखने की अवधि की गणना उस तारीख से शामिल की जाएगी, जिस दिन व्यापारी को चीनी का स्टॉक प्राप्त हुआ है। इसके अलावा व्यापारी प्राप्त स्टॉक को 30 दिनों से अधिक समय तक होल्ड नहीं कर पाएंगे। राज्य सरकारों को टर्नओवर सीमा तय करने के निर्देश मंत्रालय ने सभी राज्य सरकारों और केंद्र शासित प्रदेशों के प्रशासनों को अपने स्तर पर स्टॉक होल्डिंग और टर्नओवर की सीमाएं निर्धारित करने को कहा है। हालांकि, राज्यों को यह सुनिश्चित करना होगा कि उनकी सीमाएं केंद्र द्वारा तय की गई 4,000 क्विंटल की सीमा या 30 दिन की अवधि से अधिक न हों। व्यापारियों को पोर्टल पर अपडेट करना होगा डेटा सरकार ने पारदर्शिता बनाए रखने के लिए सख्त निर्देश दिए हैं। मंत्रालय ने देश के सभी चीनी व्यापारियों और डीलरों से कहा है कि वे निर्दिष्ट पोर्टल पर अपनी चीनी की स्टॉक स्थिति की घोषणा करें और इसे नियमित रूप से अपडेट करते रहें। PDS और सरकारी चीनी स्टॉक को पाबंदी से छूट यह आदेश सरकारी खाते में रखी गई चीनी पर लागू नहीं होगा। इसके अलावा, राज्य सरकारों द्वारा नामित डीलरों या राशन दुकानों (PDS) के जरिए वितरण के लिए अधिकृत अधिकारियों के पास मौजूद चीनी के स्टॉक को इस पाबंदी से बाहर रखा गया है। कम मानसून के अनुमान के बीच चीनी एक्सपोर्ट पर पहले ही बैन कीमतों पर काबू पाने और घरेलू उपलब्धता बढ़ाने के लिए केंद्र सरकार ने चीनी के निर्यात पर पहले ही रोक लगा दी है। सरकार ने मई में ही तत्काल प्रभाव से चीनी निर्यात पर बैन लगाया था, जिसकी समयसीमा 30 सितंबर तक तय की गई है। चालू विपणन वर्ष 2025-26 (सितंबर में समाप्त होने वाले) के लिए सरकार ने लगभग 16 लाख टन चीनी के निर्यात की अनुमति दी थी। इस सीजन में 29.3 मिलियन टन उत्पादन का अनुमान इंडियन शुगर मिल्स एसोसिएशन (ISMA) के अनुसार, एथेनॉल डायवर्जन के बाद 2025-26 मार्केटिंग सीजन में कुल चीनी उत्पादन 29.3 मिलियन टन रहने का अनुमान है। यह पिछले 2024-25 सीजन में दर्ज किए गए 26.12 मिलियन टन उत्पादन से अधिक है। इंडस्ट्री बॉडीज बोलीं- देश में पर्याप्त स्टॉक, सट्टेबाजी न करें हालिया कीमतों में उछाल के बीच 17 जुलाई को चीनी उद्योग निकायों ISMA और NFCSF ने कहा था कि देश में चीनी का पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है। उन्होंने संस्थागत खरीदारों, थोक और खुदरा व्यापारियों से अपील की थी कि वे कीमतों में बढ़ोतरी के बीच ‘सट्टेबाजी और घबराहट में खरीदारी’ करने से बचें। क्या है आवश्यक वस्तु अधिनियम?
चीनी व्यापारियों के लिए स्टॉक सीमा 4,000 क्विंटल तय:केंद्र ने अधिकतम 30 दिन स्टॉक रखने का आदेश दिया; 1 अगस्त से 30 नवंबर तक लागू रहेंगे नियम

केंद्र सरकार ने देशभर में चीनी की कीमतों को नियंत्रण में रखने के लिए बड़ा कदम उठाया है। सरकार ने आदेश जारी कर चीनी व्यापारियों के लिए अधिकतम 30 दिन की स्टॉक लिमिट और 4,000 क्विंटल की होल्डिंग सीमा तय कर दी है। खाद्य और उपभोक्ता मामलों के मंत्रालय की गजट अधिसूचना के अनुसार, यह नया आदेश 1 अगस्त 2026 से लागू होगा और 30 नवंबर 2026 तक प्रभावी रहेगा। मानसून में कमी के अनुमान को देखते हुए घरेलू बाजार में पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए यह निर्णय लिया गया है। देश के किसी भी व्यापारी पर 4,000 क्विंटल की सीमा लागू मंत्रालय ने आवश्यक वस्तु अधिनियम, 1955 की धारा 3 और चीनी (नियंत्रण) आदेश, 2025 के तहत मिली शक्तियों का प्रयोग करते हुए यह पाबंदी लगाई है। आदेश में स्पष्ट कहा गया है कि देश भर में कोई भी चीनी व्यापारी या डीलर किसी भी स्थान पर 4,000 क्विंटल से अधिक चीनी स्टॉक में नहीं रख सकेगा। स्टॉक रखने की अवधि की गिनती रसीद की तारीख से होगी केंद्र सरकार के निर्देशों में स्पष्ट किया गया है कि किसी व्यापारी द्वारा स्टॉक रखने की अवधि की गणना उस तारीख से शामिल की जाएगी, जिस दिन व्यापारी को चीनी का स्टॉक प्राप्त हुआ है। इसके अलावा व्यापारी प्राप्त स्टॉक को 30 दिनों से अधिक समय तक होल्ड नहीं कर पाएंगे। राज्य सरकारों को टर्नओवर सीमा तय करने के निर्देश मंत्रालय ने सभी राज्य सरकारों और केंद्र शासित प्रदेशों के प्रशासनों को अपने स्तर पर स्टॉक होल्डिंग और टर्नओवर की सीमाएं निर्धारित करने को कहा है। हालांकि, राज्यों को यह सुनिश्चित करना होगा कि उनकी सीमाएं केंद्र द्वारा तय की गई 4,000 क्विंटल की सीमा या 30 दिन की अवधि से अधिक न हों। व्यापारियों को पोर्टल पर अपडेट करना होगा डेटा सरकार ने पारदर्शिता बनाए रखने के लिए सख्त निर्देश दिए हैं। मंत्रालय ने देश के सभी चीनी व्यापारियों और डीलरों से कहा है कि वे निर्दिष्ट पोर्टल पर अपनी चीनी की स्टॉक स्थिति की घोषणा करें और इसे नियमित रूप से अपडेट करते रहें। PDS और सरकारी चीनी स्टॉक को पाबंदी से छूट यह आदेश सरकारी खाते में रखी गई चीनी पर लागू नहीं होगा। इसके अलावा, राज्य सरकारों द्वारा नामित डीलरों या राशन दुकानों (PDS) के जरिए वितरण के लिए अधिकृत अधिकारियों के पास मौजूद चीनी के स्टॉक को इस पाबंदी से बाहर रखा गया है। कम मानसून के अनुमान के बीच चीनी एक्सपोर्ट पर पहले ही बैन कीमतों पर काबू पाने और घरेलू उपलब्धता बढ़ाने के लिए केंद्र सरकार ने चीनी के निर्यात पर पहले ही रोक लगा दी है। सरकार ने मई में ही तत्काल प्रभाव से चीनी निर्यात पर बैन लगाया था, जिसकी समयसीमा 30 सितंबर तक तय की गई है। चालू विपणन वर्ष 2025-26 (सितंबर में समाप्त होने वाले) के लिए सरकार ने लगभग 16 लाख टन चीनी के निर्यात की अनुमति दी थी। इस सीजन में 29.3 मिलियन टन उत्पादन का अनुमान इंडियन शुगर मिल्स एसोसिएशन (ISMA) के अनुसार, एथेनॉल डायवर्जन के बाद 2025-26 मार्केटिंग सीजन में कुल चीनी उत्पादन 29.3 मिलियन टन रहने का अनुमान है। यह पिछले 2024-25 सीजन में दर्ज किए गए 26.12 मिलियन टन उत्पादन से अधिक है। इंडस्ट्री बॉडीज बोलीं- देश में पर्याप्त स्टॉक, सट्टेबाजी न करें हालिया कीमतों में उछाल के बीच 17 जुलाई को चीनी उद्योग निकायों ISMA और NFCSF ने कहा था कि देश में चीनी का पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है। उन्होंने संस्थागत खरीदारों, थोक और खुदरा व्यापारियों से अपील की थी कि वे कीमतों में बढ़ोतरी के बीच ‘सट्टेबाजी और घबराहट में खरीदारी’ करने से बचें। क्या है आवश्यक वस्तु अधिनियम?








