Friday, 02 Oct 2026 | 11:53 AM

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सात्विक-चिराग की जोड़ी थाईलैंड ओपन का फाइनल हारी:इंडोनेशियाई जोड़ी ने 12-21, 25-23 से हराया, इस सीजन एक भी टाइटल नहीं जीते

सात्विक-चिराग की जोड़ी थाईलैंड ओपन का फाइनल हारी:इंडोनेशियाई जोड़ी ने 12-21, 25-23 से हराया, इस सीजन एक भी टाइटल नहीं जीते

सात्विकसाईराज रंकीरेड्डी और चिराग शेट्टी भारतीय जोड़ी को थाईलैंड ओपन सुपर 500 बैडमिंटन टूर्नामेंट के फाइनल मुकाबले में करारी हार झेलनी पड़ी है। उन्हें रविवार को इंडोनेशिया के लियो रोली कार्नांडो और डेनियल मार्टिन को फाइनल में 12-21, 21-25 से हराया। दुनिया की चौथे नंबर की भारतीय जोड़ी (सात्विक-चिराग) ने मैच में कुल 4 चैंपियनशिप पॉइंट बचाए। लेकिन 53 मिनट तक चले इस रोमांचक मैच में वे खेल को तीसरे गेम तक नहीं ले जा सके। यह जोड़ी सीजन में पहली बार फाइनल में पहुंची है। इसने 2019 और 2024 में इस टूर्नामेंट का खिताब जीत चुके हैं। इस हार के बाद सात्विक-चिराग का इस सीजन में पहला खिताब जीतने का इंतजार और बढ़ गया है। 2 पॉइंट्स में फाइनल का रोमांच सेमीफाइनल में मलेशियाई जोड़ी को 82 मिनट में हराया था दुनिया की चौथे नंबर की भारतीय जोड़ी ने शनिवार को सेमीफाइनल में मलेशिया के गोह स्जे फी और नूर इज्जुद्दीन को 19-21, 22-20, 21-16 से हराया। यह मुकाबला 82 मिनट तक चला। सात्विक-चिराग का अभियान, अब तक अजेय रहे सात्विक-चिराग की जोड़ी इस टूर्नामेंट के सेमीफाइनल तक एक भी मैच नहीं गंवाया था। उसने राउंड ऑफ 32 में इंडोनेशिया, राउंड ऑफ 16 में मलेशिया, क्वार्टर फाइनल में जापान और सेमीफाइनल में मलेशिया की जोड़ी हो हराया था। क्या होता है BWF सुपर 500 टूर्नामेंट? BWF के वर्ल्ड टूर का ग्रेड-2 टूर्नामेंट है। दुनिया के टॉप शटलर्स यहां रैंकिंग अंक और बड़े टूर्नामेंट्स के लिए क्वालिफिकेशन हासिल करने के लिए से खेलते हैं। एक कैलेंडर इयर में दुनिया भर में 9 सुपर 500 टूर्नामेंट आयोजित होते हैं। इनमें इनामी राशि और रैंकिंग पॉइट्स मिलते हैं।

गर्मी में डायबिटीज के मरीज भूलकर भी न करें ये गलती! डॉक्टर की खास सलाह, देखें वीडियो

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X गर्मी में डायबिटीज के मरीज भूलकर भी न करें ये गलती! डॉक्टर की खास सलाह, देखें   Diabetes Summer Care Tips: जोधपुर के एमडीएम अस्पताल के मधुमेह विशेषज्ञ डॉक्टर रौनक गांधी के अनुसार, भीषण गर्मी में डायबिटीज मरीजों के लिए डिहाइड्रेशन का खतरा काफी बढ़ जाता है. शरीर में शुगर का स्तर बढ़ने पर ग्लूकोज के साथ पानी भी पेशाब के जरिए अधिक बाहर निकलता है. इसके अलावा, डापा और एम्पा ग्लिफ्लोज़िन जैसी दवाइयाँ लेने वाले मरीजों में भी यूरिन की मात्रा बढ़ने से पानी की कमी हो सकती है. इससे बचाव के लिए डॉक्टर ने मरीजों को बिना प्यास लगे भी समय-समय पर पर्याप्त पानी पीने, धूप से बचने और नियमित शुगर जांच की सलाह दी है. न्यूज़18 को गूगल पर अपने पसंदीदा समाचार स्रोत के रूप में जोड़ने के लिए यहां क्लिक करें।

खीरा भंडारण युक्तियाँ: खीरा भंडारण करने का सही तरीका क्या है? ना करें ये सॉफ्ट, फ़रिश्ते में भी मोनोकर हो जाएगा ख़राब

ककड़ी भंडारण युक्तियाँ

17 मई 2026 को 13:20 IST पर अपडेट किया गया लोग अक्सर बाज़ार से खेडा खरीदकर सीधे फ़र्ज़ी में रख देते हैं, लेकिन क्या आप जानते हैं कि यह आम औषधि आपके समय से पहले खराब, बेजान और बेकार हो सकती है? असल में, खेडा बहुत अधिक ठंडक निरीक्षण नहीं कर पाता। अगर आप भी लंबे समय तक फिश और क्रैंची रखना चाहते हैं तो इन आसान टिप्स को जरूर अपनाएं। अनुसरण करना : खेड़ा स्टोर करने से पहले उसे अच्छी तरह से साफ करना जरूरी है ताकि किताबें न लगें। बाजार से सामान के बाद खेडों को पानी से इकट्ठा करना। उन्हें स्टोर करने से पहले पूरी तरह से सुखा लें। छवि: मेटा एआई प्लास्टिक को प्लास्टिक की ट्रॉली में सीधे न रखें। उन्हें पेपर तौलिया या सूती कपड़े में लपेटकर रखें। छवि: मेटा एआई सूखे को क्रिस्पर ड्राअर के बजाय फ़्रिज़ के ऊपरी प्रोटोटाइप पर रखा गया। इसके बिल्कुल पीछे सटाकर न रखें, वहां सबसे ज्यादा ठंड होती है। छवि: मेटा एआई मिठाई को कभी भी टमाटर, सेब या केले के साथ न रखें। ये फल एथिलीन गैस के बर्तन हैं जिनसे खेडा जल्दी पीला पड़ जाता है और दागने लगता है। छवि: मेटा एआई अगर आप जिप-लॉक बैग में जिप-लॉक बैग रख रहे हैं, तो इसमें एक स्टील का डिजिटल डिजायन भी शामिल है। इससे पहले सप्ताह भर तक ताज़ा बना रहता है। छवि: मेटा एआई द्वारा प्रकाशित: आर्या पांडे प्रकाशित 17 मई 2026 13:20 IST पर (टैग्सटूट्रांसलेट)खीरा भंडारण युक्तियाँ(टी)अंग्रेजी: खीरे को कैसे स्टोर करें(टी)खीरे को ताजा रखें(टी)खीरा फ्रिज में रखें(टी)ग्रीष्मकालीन रसोई युक्तियाँ(टी)खीरे को खराब होने से बचाएं(टी)कागज तौलिया विधि(टी)प्लास्टिक रैप भंडारण

दूसरा टेस्ट- पाकिस्तान ने लंच तक 4 विकेट गंवाए:बाबर-सलमान क्रीज पर; तस्कीन ने ओपनर्स को पवेलियन भेजा

दूसरा टेस्ट- पाकिस्तान ने लंच तक 4 विकेट गंवाए:बाबर-सलमान क्रीज पर; तस्कीन ने ओपनर्स को पवेलियन भेजा

पाकिस्तान के बांग्लादेश दौरे का दूसरा टेस्ट सिलहट इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम में खेला जा रहा है। रविवार को मैच के दूसरे दिन पाकिस्तान ने लंच तक 96 रन पर 4 विकेट गंवा दिए। बाबर आजम और सलमान आगा क्रीज पर हैं। दिन की शुरुआत में बांग्लादेश के तेज गेंदबाज तस्कीन अहमद ने ओपनर अब्दुल्लाह फजल को 9 और अजान ओवैस को 13 रन पर आउट किया। मेजबान बांग्लादेश मैच पर नियंत्रण बनाए हुए है। पाकिस्तान अभी भी बांग्लादेश की पहली पारी के 278 रन से 182 रन पीछे है। मेजबान टीम पहली पारी में 278 रन पर ऑलआउट हुई थी। पहला टेस्ट हारने के बाद पाकिस्तान के लिए सीरीज बराबर करने के लिहाज से यह मुकाबला अहम है। तस्कीन अहमद ने आते ही झटके दो विकेट पाकिस्तान ने 21/0 के स्कोर से खेल शुरू किया। लेकिन बांग्लादेश के तेज गेंदबाज तस्कीन अहमद (2-30) ने पहले दो ओवरों में ही दोनों ओपनर्स को पवेलियन भेजकर पाकिस्तान को संकट में डाल दिया। पहले टेस्ट में 2 अर्धशतक लगाने वाले अब्दुल्ला फजल 9 रन बनाकर विकेटकीपर लिटन दास को कैच दे बैठे। वहीं, ढाका टेस्ट के शतकवीर अजान ओवैस को तस्कीन ने स्विंग गेंद पर शॉर्ट-लेग में मोमिनुल हक के हाथों कैच कराया। मेहदी हसन ने तोड़ी साझेदारी शुरुआती झटकों के बाद कप्तान शान मसूद और बाबर आजम ने पारी संभालने की कोशिश की। दोनों के बीच 38 रन की साझेदारी हुई, लेकिन ऑफ स्पिनर मेहदी हसन (2-14) ने यह जोड़ी तोड़ दी। शान मसूद (21 रन) मेहदी की शॉर्ट गेंद पर शॉर्ट कवर में कैच आउट हुए। इसके बाद मेहदी ने सऊद शकील (8 रन) को भी आउट कर पाकिस्तान की मुश्किलें बढ़ा दीं। बाबर आजम पर टिकीं उम्मीदें बाएं घुटने की चोट के कारण पहला टेस्ट नहीं खेल सके बाबर आजम एक छोर पर टिके हुए हैं। लंच तक बाबर 37 रन बनाकर नाबाद हैं, जबकि आगा सलमान 6 रन पर खेल रहे हैं। पाकिस्तान को मैच में बनाए रखने की जिम्मेदारी अब इस जोड़ी पर है। ————————————————— सिलहट टेस्ट से जुड़ी यह खबर भी पढ़िए… हसन अली के सिर में चोट, स्ट्रेचर पर बाहर गए; ठीक होने पर दोबारा गेंदबाजी की पाकिस्तान के तेज गेंदबाज हसन अली को बांग्लादेश के खिलाफ आज से शुरू हुए दूसरे टेस्ट के दौरान सिर पर चोट गई। इसके बाद उन्हें स्ट्रेचर से मैदान से बाहर ले जाना पड़ा। हालांकि, पाकिस्तान टीम के लिए राहत की बात यह रही कि वे कुछ समय बाद ही मैदान पर लौट आए और दोबारा गेंदबाजी शुरू कर दी। पढ़ें पूरी खबर

ईरान के बाद क्यूबा पर अमेरिकी हमले का खतरा बढ़ा:सरकार ने लोगों से जंग के लिए तैयार रहने को कहा, गुरिल्ला लड़ाई सिखा रहे

ईरान के बाद क्यूबा पर अमेरिकी हमले का खतरा बढ़ा:सरकार ने लोगों से जंग के लिए तैयार रहने को कहा, गुरिल्ला लड़ाई सिखा रहे

अमेरिकी खुफिया एजेंसी CIA के प्रमुख जॉन रैटक्लिफ की हवाना यात्रा के बाद क्यूबा में अमेरिकी हमले की आशंका बढ़ गई है। क्यूबा सरकार ने संभावित सैन्य टकराव को देखते हुए युद्ध जैसी तैयारियां तेज कर दी हैं। देशभर में लोगों को गुरिल्ला युद्ध की ट्रेनिंग दी जा रही है और आपात स्थिति के लिए तैयार रहने को कहा गया है। CNN की रिपोर्ट के मुताबिक, हवाना में कई सरकारी इमारतों को संभावित अमेरिकी हमले की स्थिति में तैयारी के निर्देश दिए गए हैं। क्यूबा लंबे समय से अमेरिकी तेल नाकेबंदी और आर्थिक दबाव का सामना कर रहा है। हालात ऐसे हैं कि कई इलाकों में बिजली कटौती, ईंधन संकट और जरूरी सामानों की कमी बनी हुई है। लोगों को गुरिल्ला युद्ध सिखाया जा रहा क्यूबा के सरकारी मीडिया में आम नागरिकों को सैन्य प्रशिक्षण लेते हुए दिखाया गया है। रिपोर्ट्स के अनुसार, लोगों को पूर्व राष्ट्रपति फिदेल कास्त्रो की ‘पूरी आबादी की लड़ाई’ की रणनीति के तहत गुरिल्ला युद्ध सिखाया जा रहा है। कुछ वीडियो में सैनिक पुराने सोवियत हथियारों के साथ अभ्यास करते दिखाई दिए। एक वीडियो में एंटी-एयरक्राफ्ट गन को बैलों से खींचते हुए भी दिखाया गया। सैन्य इतिहासकार हाल क्लेपाक ने CNN से कहा कि आधुनिक हथियारों की कमी के बावजूद क्यूबा की सेना अमेरिकी हमले का लंबा प्रतिरोध कर सकती है। उनके मुताबिक, प्राकृतिक आपदाओं के दौरान भी क्यूबा ने बड़े स्तर पर लोगों को संगठित करने की क्षमता दिखाई है। इसी हफ्ते क्यूबा पहुंचे थे अमेरिकी खुफिया चीफ अमेरिकी खुफिया एजेंसी CIA के प्रमुख जॉन रैटक्लिफ इस हफ्ते क्यूबा की राजधानी हवाना पहुंचे। रिपोर्ट के मुताबिक वे ‘यूनाइटेड स्टेट्स ऑफ अमेरिका’ लिखे हुए विमान से पहुंचे थे, जिसने लोगों का ध्यान खींचा। कई क्यूबाई लोगों ने इसे बड़ा राजनीतिक संकेत माना। क्यूबा सरकार लंबे समय से CIA को दुश्मन मानती रही है। 1960 के दशक में फिदेल कास्त्रो की हत्या के लिए CIA ने विस्फोटक सिगार और जहरीले स्कूबा सूट जैसी योजनाएं बनाई थीं। क्यूबा में CIA की गतिविधियों से जुड़े संग्रहालय भी मौजूद हैं। क्यूबा मामलों के विशेषज्ञ पीटर कॉर्नब्लुह ने CNN से कहा कि यह इतिहास की बड़ी विडंबना है। उनके मुताबिक, रैटक्लिफ क्यूबा को ऐसा प्रस्ताव देने पहुंचे थे, जिसे ठुकराना मुश्किल हो। उन्होंने इसे दबाव वाली कूटनीति बताया। अमेरिका ने क्यूबा को होने वाली तेल सप्लाई रोकी जनवरी से ही अमेरिका ने वेनेजुएला से क्यूबा को हो रही तेल सप्लाई को लगभग रोक दिया है। दूसरे देशों को भी चेतावनी दी जा रही है कि वे क्यूबा को तेल न दें। हाल ही में अमेरिकी कोस्ट गार्ड ने कोलंबिया से क्यूबा जा रहे एक तेल टैंकर को भी रोक लिया। इसका असर क्यूबा में साफ दिख रहा है। 9 जनवरी के बाद से वहां कोई बड़ी तेल सप्लाई नहीं पहुंची है। वहां हालात तेजी से खराब हो रहे हैं। क्यूबा के ब्लैक मार्केट में पेट्रोल करीब 35 डॉलर प्रति गैलन तक पहुंच गया है रोजाना बिजली कट रही है। अस्पतालों में सर्जरी टल रही हैं। दवाइयों की कमी हो रही है और खाने की समस्या बढ़ रही है। इन हालात में क्यूबा की सरकार पर दबाव बढ़ गया है। क्यूबा में निवेश का मौका बनाना चाहते हैं ट्रम्प ट्रम्प क्यूबा को सिर्फ राजनीतिक नहीं, बल्कि कारोबारी नजरिए से भी देख रहे हैं। वह पहले से ही इस द्वीप में निवेश की संभावना देखते रहे हैं। 1998 में उनकी कंपनी ने चुपचाप क्यूबा का दौरा कराया था। 2011-12 में भी उनके संगठन के लोग वहां गोल्फ कोर्स बनाने की संभावनाएं देख चुके हैं। 2016 के चुनाव प्रचार के दौरान भी ट्रम्प ने कहा था कि क्यूबा निवेश के लिए अच्छा मौका हो सकता है। अब उन्होंने फिर कहा, “वे हमसे बात कर रहे हैं। यह एक असफल देश है। उनके पास न पैसा है, न तेल, कुछ भी नहीं है।” इसके साथ ही उन्होंने क्यूबा की जमीन और मौसम की तारीफ भी की और इसे एक सुंदर द्वीप बताया। लेकिन उनके बयान से यह भी दिखा कि उन्हें भौगोलिक जानकारी पूरी नहीं है। उन्होंने कहा कि क्यूबा तूफानों (हरिकेन) के क्षेत्र में नहीं आता, जबकि हकीकत में क्यूबा अक्सर हरिकेन से प्रभावित होता है। अंत में ट्रम्प ने ऐसे संकेत दिए जैसे क्यूबा पहले से ही अमेरिका की संपत्ति हो। उन्होंने कहा, “उन्हें हर हफ्ते तूफान के लिए हमसे पैसे नहीं मांगने पड़ेंगे।” आजाद होने के बाद क्यूबा को कंट्रोल करता था अमेरिका 1898 में स्पेन-अमेरिका युद्ध के बाद क्यूबा स्पेन से आजाद हुआ, लेकिन असली कंट्रोल अमेरिका के हाथ में चला गया। अमेरिका ने क्यूबा की राजनीति, सेना और अर्थव्यवस्था पर बड़ा असर रखा। वहां की जमीन, चीनी उद्योग और कारोबार में अमेरिकी कंपनियों का दबदबा था। साल 1959 में क्रांतिकारी फिदेल कास्त्रो ने अपने गोरिल्ला सैनिकों के साथ मिलकर तानाशाह बतिस्ता को सत्ता से बेदखल कर दिया। बतिस्ता एक तानाशाह था। उसके खिलाफ लड़ाई के दौरान अमेरिका ने ही फिदेल कास्त्रो का समर्थन किया था। अमेरिकी अखबारों में कास्त्रो के इंटरव्यू छपते थे। सत्ता हासिल करने के बाद कास्त्रो ने बड़े बदलाव किए। उन्होंने देश में कम्युनिस्ट नीति अपनाई। अमेरिकी कंपनियों की संपत्ति जब्त कर ली और जमीन और उद्योग को सरकार के नियंत्रण में लिया। US ने प्रतिबंध लगाया तो सोवियत संघ का करीबी बना क्यूबा अमेरिका ने जवाब में क्यूबा पर आर्थिक प्रतिबंध लगा दिए। व्यापार बंद कर दिया और तेल और जरूरी सामान की सप्लाई रोक दी। इससे क्यूबा की इकोनॉमी खराब होने लगी। इसके बाद क्यूबा ने सोवियत संघ (रूस) की तरफ रुख कर लिया। इस वजह से अमेरिका और क्यूबा के संबंध और खराब होते चले गए। इन दोनों के संबंध इतने खराब थे कि 55 साल तक कोई अमेरिकी राष्ट्रपति क्यूबा गया ही नहीं। ये सिलसिला 2015 में तब खत्म हुआ जब अमेरिकी राष्ट्रपति के रूप में बराक ओबामा क्यूबा गए, लेकिन तब तक फिदेल की जगह क्यूबा में उनके भाई राउल सत्ता संभाल चुके थे। अमेरिका ने कास्त्रो को मारने की 600 बार कोशिश की थी फिदेल कास्त्रो को अमेरिका अपने सबसे बड़े दुश्मनों में से एक मानता था। कई रिपोर्ट्स के मुताबिक अमेरिका ने फिदेल कास्त्रो को मारने के लिए 60 साल में 600 से ज्यादा बार असफल कोशिश की।

सलमान ने उधार लेकर पिता के लिए घड़ी खरीदी थी:9 लाख रुपए कीमत थी, देखते ही सलीम खान ने डांट लगाई थी

सलमान ने उधार लेकर पिता के लिए घड़ी खरीदी थी:9 लाख रुपए कीमत थी, देखते ही सलीम खान ने डांट लगाई थी

सलमान खान ने हाल ही में बताया कि उन्होंने सबसे पहली महंगी चीज अपने पिता के लिए खरीदी थी। एक्टर ने कहा कि उन्होंने पिता के लिए रोलेक्स की घड़ी खरीदी थी। वैरायटी इंडिया को दिए इंटरव्यू में सलमान ने कहा, ‘जब मैंने दोबारा घड़ियां पहनना शुरू किया तो मेरे पिता ने वही घड़ी मुझे पहनने के लिए दे दी। उस समय मेरे पास इतने पैसे नहीं थे, लेकिन मुझे अपने पिता के लिए वह घड़ी पसंद आई थी।’ उन्होंने बताया कि उस समय उस घड़ी की कीमत करीब 9 लाख रुपए थी। सलमान के पास सिर्फ 4 लाख रुपए थे। बाकी पैसे उन्होंने उधार लेकर वह घड़ी खरीदी थी और अपने पिता को दी थी। घड़ी देखकर सलीम खान ने डांट लगाई थी सलमान ने आगे कहा, ‘जब मैंने वह घड़ी अपने पिता को दिखाई, तो उन्होंने कहा कि तुमने अभी ठीक से काम करना भी शुरू नहीं किया है और तुमने ये सब करना शुरू कर दिया? क्या तुम खुद को सुल्तान ऑफ ब्रुनेई (राजा) समझते हो? यह घड़ी बड़ी बेकार की चीज है।’ लेकिन बाद में सलीम खान ने घड़ी को देखकर कहा था, ‘ओह, यह तो ज्वेलरी का पीस है।’ सलमान ने आगे कहा कि उन्होंने अपनी जिंदगी के 26-28 साल तक घड़ियां पहनना बंद कर दिया था। अब अगर लोग उन्हें अलग-अलग घड़ियां पहने देखते हैं तो इसका मतलब यह नहीं है कि वे सारी घड़ियां उनकी हैं। उन्होंने कहा, ‘मेरे पास सिर्फ वही एक रोलेक्स है, बाकी सब दोस्तों की हैं।’ सलमान बोले- जिंदगी में किसी फिल्म की स्क्रिप्ट नहीं पढ़ी इसी इंटरव्यू में सलमान ने बताया कि उन्होंने आज तक कभी किसी फिल्म की स्क्रिप्ट नहीं पढ़ी। उन्होंने कहा, ‘मैंने अपनी जिंदगी में कभी स्क्रिप्ट नहीं पढ़ी। मैंने स्क्रिप्ट लिखी हैं, लेकिन पढ़ी नहीं हैं।’ सलमान ने अपने करियर में मुख्य रूप से ‘चंद्रमुखी’, ‘वीर’ और ‘दबंग 3’ जैसी फिल्मों की कहानी लिखी है। वर्क फ्रंट की बात करें तो सलमान जल्द ही फिल्म ‘मातृभूमि: मे वॉर रेस्ट इन पीस’ में नजर आएंगे। इस फिल्म में चित्रांगदा सिंह भी होंगी। पहले इस फिल्म का नाम ‘बैटल ऑफ गलवान’ था। फिल्म की रिलीज डेट पहले 17 अप्रैल थी, जो टाल दी गई है और नई तारीख का अभी ऐलान नहीं हुआ है। सलमान ने नई फिल्म की शूटिंग शुरू की वहीं, सलमान ने एक्ट्रेस नयनतारा के साथ अपनी दूसरी अपकमिंग फिल्म की शूटिंग शुरू कर दी है, जिसका अस्थायी नाम SVC63 है। इसके अलावा, वैरायटी इंडिया की रिपोर्ट के मुताबिक सलमान डायरेक्टर जोड़ी राज निदिमोरू और कृष्णा डी.के. के साथ एक सुपरहीरो एक्शन फिल्म में भी काम कर सकते हैं। ऐसी भी चर्चा है कि इस प्रोजेक्ट में वह करीना कपूर खान के साथ काम कर सकते हैं। ‘बीबी हो तो ऐसी’ से हुई थी सलमान के करियर की शुरुआत सलमान ने 1988 में आई फिल्म बीवी हो तो ऐसी से बॉलीवुड डेब्यू किया था। हालांकि, इस फिल्म में उन्होंने सपोर्टिंग रोल निभाया था। बतौर लीड सलमान पहली बार 1989 में सूरज बड़जात्या की फिल्म मैंने प्यार किया में नजर आए थे। फिल्म बॉक्स ऑफिस पर सुपरहिट साबित हुई। इसके बाद वो साजन, हम आपके हैं कौन..!, करण अर्जुन और तेरे नाम जैसी हिट फिल्मों में नजर आए। सलमान ने वॉन्टेड, सुल्तान और दबंग जैसी सुपरहिट फिल्में दी सलमान के करियर में ऐसे मौके भी आए, जब उनकी फिल्में बॉक्स ऑफिस पर फ्लॉप हुईं। 2000 के दशक के मध्य में उनकी कई फिल्में (जैसे जान-ए-मन, फिर मिलेंगे, शादी करके फंस गया यार) बॉक्स ऑफिस पर फ्लाप रहीं। लेकिन एक्टर ने फिल्म वॉन्टेड से शानदार वापसी की थी। 2009 से लेकर 2016 तक उनकी ज्यादातर फिल्मों ने अच्छा कलेक्शन भी किया। जिसमें वॉन्टेड, दबंग, रेडी, दबंग 2, बजरंगी भाईजान और सुल्तान शामिल हैं। 2017 में सलमान की फिल्म ‘ट्यूबलाइट’ आई, जो कुछ खास कमाल नहीं दिखा पाई। हालांकि, इसके बाद एक्टर ‘टाइगर जिंदा है’ में नजर आए, जिसने दुनिया भर में बॉक्स ऑफिस पर 565 करोड़ रुपए की कमाई की थी। वहीं, फिल्म ‘टाइगर 3’ ने दुनिया भर में कुल 464-466.63 करोड़ रुपए का लाइफटाइम वर्ल्डवाइड ग्रॉस कलेक्शन किया। हालांकि, उनकी आखिरी फिल्म सिकंदर उम्मीदों के हिसाब से प्रदर्शन नहीं कर पाई। 200 करोड़ रुपए के बजट वाली इस फिल्म ने 184.89 करोड़ रुपए कमाए।

सलमान ने उधार लेकर पिता के लिए घड़ी खरीदी थी:9 लाख रुपए कीमत थी, देखते ही सलीम खान ने डांट लगाई थी

सलमान ने उधार लेकर पिता के लिए घड़ी खरीदी थी:9 लाख रुपए कीमत थी, देखते ही सलीम खान ने डांट लगाई थी

सलमान खान ने हाल ही में बताया कि उन्होंने सबसे पहली महंगी चीज अपने पिता के लिए खरीदी थी। एक्टर ने कहा कि उन्होंने पिता के लिए रोलेक्स की घड़ी खरीदी थी। वैरायटी इंडिया को दिए इंटरव्यू में सलमान ने कहा, ‘जब मैंने दोबारा घड़ियां पहनना शुरू किया तो मेरे पिता ने वही घड़ी मुझे पहनने के लिए दे दी। उस समय मेरे पास इतने पैसे नहीं थे, लेकिन मुझे अपने पिता के लिए वह घड़ी पसंद आई थी।’ उन्होंने बताया कि उस समय उस घड़ी की कीमत करीब 9 लाख रुपए थी। सलमान के पास सिर्फ 4 लाख रुपए थे। बाकी पैसे उन्होंने उधार लेकर वह घड़ी खरीदी थी और अपने पिता को दी थी। घड़ी देखकर सलीम खान ने डांट लगाई थी सलमान ने आगे कहा, ‘जब मैंने वह घड़ी अपने पिता को दिखाई, तो उन्होंने कहा कि तुमने अभी ठीक से काम करना भी शुरू नहीं किया है और तुमने ये सब करना शुरू कर दिया? क्या तुम खुद को सुल्तान ऑफ ब्रुनेई (राजा) समझते हो? यह घड़ी बड़ी बेकार की चीज है।’ लेकिन बाद में सलीम खान ने घड़ी को देखकर कहा था, ‘ओह, यह तो ज्वेलरी का पीस है।’ सलमान ने आगे कहा कि उन्होंने अपनी जिंदगी के 26-28 साल तक घड़ियां पहनना बंद कर दिया था। अब अगर लोग उन्हें अलग-अलग घड़ियां पहने देखते हैं तो इसका मतलब यह नहीं है कि वे सारी घड़ियां उनकी हैं। उन्होंने कहा, ‘मेरे पास सिर्फ वही एक रोलेक्स है, बाकी सब दोस्तों की हैं।’ सलमान बोले- जिंदगी में किसी फिल्म की स्क्रिप्ट नहीं पढ़ी इसी इंटरव्यू में सलमान ने बताया कि उन्होंने आज तक कभी किसी फिल्म की स्क्रिप्ट नहीं पढ़ी। उन्होंने कहा, ‘मैंने अपनी जिंदगी में कभी स्क्रिप्ट नहीं पढ़ी। मैंने स्क्रिप्ट लिखी हैं, लेकिन पढ़ी नहीं हैं।’ सलमान ने अपने करियर में मुख्य रूप से ‘चंद्रमुखी’, ‘वीर’ और ‘दबंग 3’ जैसी फिल्मों की कहानी लिखी है। वर्क फ्रंट की बात करें तो सलमान जल्द ही फिल्म ‘मातृभूमि: मे वॉर रेस्ट इन पीस’ में नजर आएंगे। इस फिल्म में चित्रांगदा सिंह भी होंगी। पहले इस फिल्म का नाम ‘बैटल ऑफ गलवान’ था। फिल्म की रिलीज डेट पहले 17 अप्रैल थी, जो टाल दी गई है और नई तारीख का अभी ऐलान नहीं हुआ है। सलमान ने नई फिल्म की शूटिंग शुरू की वहीं, सलमान ने एक्ट्रेस नयनतारा के साथ अपनी दूसरी अपकमिंग फिल्म की शूटिंग शुरू कर दी है, जिसका अस्थायी नाम SVC63 है। इसके अलावा, वैरायटी इंडिया की रिपोर्ट के मुताबिक सलमान डायरेक्टर जोड़ी राज निदिमोरू और कृष्णा डी.के. के साथ एक सुपरहीरो एक्शन फिल्म में भी काम कर सकते हैं। ऐसी भी चर्चा है कि इस प्रोजेक्ट में वह करीना कपूर खान के साथ काम कर सकते हैं। ‘बीबी हो तो ऐसी’ से हुई थी सलमान के करियर की शुरुआत सलमान ने 1988 में आई फिल्म बीवी हो तो ऐसी से बॉलीवुड डेब्यू किया था। हालांकि, इस फिल्म में उन्होंने सपोर्टिंग रोल निभाया था। बतौर लीड सलमान पहली बार 1989 में सूरज बड़जात्या की फिल्म मैंने प्यार किया में नजर आए थे। फिल्म बॉक्स ऑफिस पर सुपरहिट साबित हुई। इसके बाद वो साजन, हम आपके हैं कौन..!, करण अर्जुन और तेरे नाम जैसी हिट फिल्मों में नजर आए। सलमान ने वॉन्टेड, सुल्तान और दबंग जैसी सुपरहिट फिल्में दी सलमान के करियर में ऐसे मौके भी आए, जब उनकी फिल्में बॉक्स ऑफिस पर फ्लॉप हुईं। 2000 के दशक के मध्य में उनकी कई फिल्में (जैसे जान-ए-मन, फिर मिलेंगे, शादी करके फंस गया यार) बॉक्स ऑफिस पर फ्लाप रहीं। लेकिन एक्टर ने फिल्म वॉन्टेड से शानदार वापसी की थी। 2009 से लेकर 2016 तक उनकी ज्यादातर फिल्मों ने अच्छा कलेक्शन भी किया। जिसमें वॉन्टेड, दबंग, रेडी, दबंग 2, बजरंगी भाईजान और सुल्तान शामिल हैं। 2017 में सलमान की फिल्म ‘ट्यूबलाइट’ आई, जो कुछ खास कमाल नहीं दिखा पाई। हालांकि, इसके बाद एक्टर ‘टाइगर जिंदा है’ में नजर आए, जिसने दुनिया भर में बॉक्स ऑफिस पर 565 करोड़ रुपए की कमाई की थी। वहीं, फिल्म ‘टाइगर 3’ ने दुनिया भर में कुल 464-466.63 करोड़ रुपए का लाइफटाइम वर्ल्डवाइड ग्रॉस कलेक्शन किया। हालांकि, उनकी आखिरी फिल्म सिकंदर उम्मीदों के हिसाब से प्रदर्शन नहीं कर पाई। 200 करोड़ रुपए के बजट वाली इस फिल्म ने 184.89 करोड़ रुपए कमाए।

गर्मियों में कौन-सी रोटी खाना है सबसे फायदेमंद? डाइटिशियन ने दी सलाह

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Last Updated:May 17, 2026, 12:14 IST गर्मी में खानपान को लेकर डॉक्टरों ने सलाह दी है कि हल्का और आसानी से पचने वाला भोजन ही सबसे बेहतर है. फरीदाबाद की डाइटिशियन डॉ. मीना के अनुसार गेहूं, जौ और मल्टीग्रेन रोटी सीमित मात्रा में लें… जबकि बाजरा-मक्का थोड़ी भारी होती हैं. ज्यादा तेल-घी और ओवरईटिंग से बचना जरूरी है. फरीदाबाद: गर्मी बढ़ते ही खानपान में जरा सी लापरवाही भी सेहत पर भारी पड़ सकती है. ऐसे में डॉक्टर सलाह दे रहे हैं कि इस मौसम में हल्का और आसानी से पचने वाला खाना ही सबसे बेहतर होता है खासकर रोटी को लेकर लोगों के मन में अक्सर सवाल रहता है. कि कौन-सी रोटी खाएं और कितनी मात्रा में खाएं, ताकि पेट भी ठीक रहे और गर्मी का असर भी कम हो. रोटी जितनी सादी और हल्की होगी उतनी ही सेहत के लिए अच्छी इसी मुद्दे पर फरीदाबाद के सर्वोदय हॉस्पिटल की चीफ डाइटिशियन डॉक्टर मीना ने Local18 चैनल से बातचीत में बताती हैं गर्मियों में रोटी जितनी सादी और हल्की होगी उतनी ही सेहत के लिए अच्छी रहेगी. डॉक्टर मीना कहती हैं रोटी में ज्यादा मसाले, तेल या घी का इस्तेमाल करने से बचना चाहिए क्योंकि इससे पाचन पर असर पड़ता है और गर्मी में अपच की समस्या बढ़ सकती है. क्या गर्मी में बाजरे-मक्के की रोटी खा सकते हैं डॉक्टर मीना बताती हैं मक्के और बाजरे जैसी मोटे अनाज की रोटियां पूरी तरह नुकसानदायक नहीं हैं, लेकिन ये थोड़ी भारी होती हैं. अगर इन्हें सीमित मात्रा में खाया जाए और साथ में छाछ या फाइबर युक्त चीजें ली जाएं तो ये आसानी से पच जाती हैं और शरीर पर गर्मी का असर भी कम होता है. मैं हमेशा लोगों को सलाह देती हूं इन रोटियों को पूरी तरह छोड़ने की जरूरत नहीं है बस मात्रा यानि क्वांटिटी पर ध्यान रखना जरूरी है. गर्मियों में कौन-सी रोटी सबसे बेहतर डॉक्टर मीना बताती हैं वहीं अक्सर लोग यह भी पूछते हैं गर्मियों में कौन-सी रोटी सबसे बेहतर है. इस पर मैं यही कहना चाहूंगी गेहूं, जौ या मल्टीग्रेन आटे की रोटी सामान्य रूप से सबसे अच्छा विकल्प है. लेकिन असली फर्क रोटी की किस्म से ज्यादा इस बात पर पड़ता है कि आप कितनी रोटी खा रहे हैं. जरूरत से ज्यादा खाना, चाहे वह कोई भी रोटी हो पाचन को बिगाड़ सकता है. लस्सी या फाइबर युक्त ड्रिंक पीएं डॉक्टर मीना बताती हैं मैदा और मल्टीग्रेन को लेकर भी लोग अक्सर कन्फ्यूज रहते हैं. डॉक्टर मीना बताती हैं मैदा भले ही हल्का लगता है, लेकिन बाद में भारीपन महसूस करा सकता है. जबकि मल्टीग्रेन रोटी में फाइबर ज्यादा होता है जो पेट के लिए फायदेमंद है. इसे भी लस्सी या फाइबर युक्त ड्रिंक के साथ लेना बेहतर रहता है. डॉक्टर मीना बताती हैं गर्मियों में गैस, कब्ज या एसिडिटी की समस्या सिर्फ रोटी की वजह से नहीं होती बल्कि कई बार बासी या ज्यादा पकी हुई रोटी या फिर जरूरत से बड़ी और ज्यादा मात्रा में रोटी खाना भी इसका कारण बन सकता है. इसलिए ताजा, सीमित और ठीक मात्रा में रोटी खाना ही सबसे सही तरीका है. सही तरीके से खाते हैं तो कोई नुकसान नहीं होगा. About the Author Vivek Kumar विवेक कुमार एक सीनियर जर्नलिस्ट हैं, जिन्हें मीडिया में 10 साल का अनुभव है. वर्तमान में न्यूज 18 हिंदी के साथ जुड़े हैं और हरियाणा, उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड की लोकल खबरों पर नजर रहती है. इसके अलावा इन्हें देश-…और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें Location : Faridabad,Faridabad,Haryana

चंडीगढ़ में किन्नरों ने युवती को पीटा,VIDEO:क्लब के बाहर रोड पर गिरा जमकर लात-घूंसे मारे; भीड़ जमा थी लेकिन किसी ने नहीं बचाया

चंडीगढ़ में किन्नरों ने युवती को पीटा,VIDEO:क्लब के बाहर रोड पर गिरा जमकर लात-घूंसे मारे; भीड़ जमा थी लेकिन किसी ने नहीं बचाया

चंडीगढ़ में क्लब के बाहर किन्नरों ने एक युवती की जमकर पिटाई कर दी। इसका VIDEO सामने आया है। इसमें किन्नर एक युवती को घसीटते हैं और फिर नीचे गिराकर मारपीट करते हुए नजर आते हैं। वह युवती को जमकर लात-घूंसे मार रहे हैं। इस दौरान वहां कुछ युवक भी खड़े हैं लेकिन किन्नरों की वजह से कोई बीच-बचाव नहीं करता। हालांकि इस वीडियो को इंस्टाग्राम पर झूठे दावे के साथ शेयर किया गया है। जिसमें कहा गया कि चंडीगढ़ के सेक्टर 26 के मशहूर क्लब के बाहर शराब के नशे में धुत लड़कियों के बीच फाइट हो रही है। दैनिक भास्कर की टीम सच्चाई जानने सेक्टर 26 पहुंची तो पता चला कि यह लड़ाई किन्नरों ने की थी। यह वीडियो 2 दिन पुराना है। मौके से यह पता चला कि जिस लड़की के साथ मारपीट की गई, वह नशे में थी। उसने किन्नरों पर कोई आपत्तिजनक टिप्पणी कर दी थी, जिस वजह से उन्होंने युवती पर हमला कर दिया। पुलिस का कहना है कि वीडियो की जांच की जा रही है। किन्नरों की युवती से मारपीट के PHOTOS.. जानिए, 32 सेकेंड के वीडियो में क्या दिख रहा वीडियो में दिख रहा है कि 5-6 किन्नर एक युवती से झगड़ रहे हैं। इस दौरान एक युवक उन्हें छुड़ाने की कोशिश करता है लेकिन किन्नरों को देख वह पीछे हट जाता है। इसके बाद किन्नर युवती को नीचे गिरा देते हैं। फिर एक किन्नर गाड़ी का सहारा लेकर लड़की को नीचे गिरा लातें मारने लगती है। इस दौरान वह गालियां भी निकालती हुई सुनाई देती हैं। एक लड़की चिल्लाते हुए कहती है कि छोड़ दे लेकिन मारपीट पर उतारू किन्नर किसी की बात नहीं सुनते। जहां पर झगड़ा हो रहा है, नीचे पानी भी जमा है लेकिन किन्रर और युवती झगड़ते हुए उसी में गिरती-उठती रहती हैं। शॉर्ट ड्रेस पहनी एक किन्नर ज्यादा ही एग्रेसिव नजर आती है और वह लगातार मारपीट करती रहती है। इसके कुछ देर बाद माहौल शांत होता है तो एक लड़का किन्नर को पकड़ने की कोशिश करता है तो वह उस पर भड़कते हुए धक्कामुक्की करते नजर आती है। इसके बाद वह चिल्लाते हुए वहां से जाने लगती है। जहां लड़कियों की लड़ाई हुई, भास्कर उस जगह पर पहुंचा लड़कियों की लड़ाई को लेकर चंडीगढ़ पुलिस ने कहा कि ये उनकी लोकेशन का नहीं लग रहा। हालांकि दैनिक भास्कर सेक्टर 26 में उस जगह पहुंचा, जहां पर झगड़ा हुआ था। वहां पर क्लब भी मिला और वह जनरेटर भी, जो लड़कियों की लड़ाई के दौरान दिख रहा है। इसके अलावा झगड़ा करते हुए लड़कियां जिस पानी में गिरीं थी, वह भी उसी तरह वहां भरा मिला। आसपास के लोगों ने बताया कि यह मामला शुक्रवार रात का है। लड़कियों की फाइट रात 2 बजे हुई थी। यह भी पता चला कि पहले लड़कियों की लड़ाई क्लब के भीतर हुई थी। जिसके बाद वह झगड़ा करते हुए बाहर आ गईं। इस दौरान वहां एक कर्मचारी का बनाया वीडियो भी सामने आया है। जानिए, इनके बीच झगड़ा क्यों हुआ दैनिक भास्कर को मौके पर जाकर पता चला कि देयोरा क्लब के अंदर एक युवती का किसी दूसरी युवती से झगड़ा हुआ था। इस दौरान क्लब में मौजूद बाउंसर ने उसे तुरंत क्लब से बाहर निकाल दिया। इसके बाद युवती बाहर आ गई और बगल में ही स्थित सांते क्लब के बाहर आई। वहां क्लब से 3 ट्रांसजेंडर यानी किन्नर निकल रहीं थी। उन्हें देखकर युवती ने अपशब्द कह दिए। जिस पर तीनों किन्नर भड़क गए और उन्होंने युवती की पिटाई कर दी। पुलिस बोली- जांच कर रहे इस बारे में चंडीगढ़ पुलिस थाना सेक्टर 26 के SHO राम रतन ने कहा कि इस तरह का वीडियो उनकी जानकारी में आया है। इस मामले की जांच कर रहे हैं कि ये झगड़ा कहां हुआ, जिसके बाद उचित कार्रवाई की जाएगी।

लखनऊ में वकीलों पर लाठीचार्ज, पथराव:कोर्ट के बाहर चैंबर पर बुलडोजर चलता देख भड़के; पुलिस ने खदेड़ा

लखनऊ में वकीलों पर लाठीचार्ज, पथराव:कोर्ट के बाहर चैंबर पर बुलडोजर चलता देख भड़के; पुलिस ने खदेड़ा

लखनऊ जिला कोर्ट के बाहर रविवार दोपहर हंगामा हो गया। बुलडोजर से चैंबर तोड़े जाने के विरोध में वकील भड़क गए। कई वकील बुलडोजर के सामने खड़े हो गए। पुलिस अफसरों ने हटाने की कोशिश की तो मामला बिगड़ गया। बहस बढ़ी तो पुलिस ने वकीलों की भीड़ को तितर-बितर करने के लिए लाठीचार्ज कर दिया। पुलिस ने दौड़ा-दौड़ाकर लाठियां बरसाईं। इस दौरान भीड़ में भागते हुए कुछ लोगों ने पुलिस पर पथराव कर दिया। पुलिसकर्मी भी पत्थर उठाते नजर आए। दरअसल, हाईकोर्ट ने जिला कोर्ट के बाहर अतिक्रमण को हटाने का आदेश दिया था। नगर निगम ने 240 अवैध निर्माण चिह्नित किए। इसमें ज्यादातर वकीलों के चैंबर और दुकानें हैं। रविवार सुबह 9 बजे नगर निगम की टीम 10 बुलडोजर लेकर 300 पुलिसवालों के साथ पहुंच गई। तब से कार्रवाई चल रही है। बीच-बीच में विरोध के चलते कार्रवाई रुक जा रही है। नगर निगम की टीम चैंबर में लगीं चटाइयां और कुर्सियां को गाड़ियों में भरकर ले गई। कार्रवाई के दौरान ही एक वकील ने चैंबर बंद कर फांसी लगाने की कोशिश की। पुलिसकर्मियों ने बगल का चैंबर तोड़कर उसे बाहर निकाला। एक अन्य वकील पुलिस के सामने हाथ जोड़कर चैंबर न तोड़ने की गुहार लगाता रहा। उसने कहा- 36 साल से मेरा यही चैंबर है। यह अवैध नहीं है। अगर मेरे चैंबर पर बुलडोजर चला तो मैं जिंदा नहीं रहूंगा। फिलहाल, मौके पर तनावपूर्ण स्थिति है। 4 एसीपी, पीएसी और 10 थानों की फोर्स मौके पर तैनात है। बवाल की तस्वीरें देखिए- 3 पॉइंट में पूरा मामला जान लीजिए बुलडोजर एक्शन से जुड़े अपडेट्स के लिए नीचे लाइव ब्लॉग से गुजर जाइए…