Tuesday, 22 Sep 2026 | 10:59 PM

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पंजाबी महिला का पाकिस्तानी मुस्लिम पति फंसा:पहली पत्नी कोर्ट पहुंची; बोली- सरबजीत कौर ने घर कब्जाया, बच्चों समेत बाहर निकाला

पंजाबी महिला का पाकिस्तानी मुस्लिम पति फंसा:पहली पत्नी कोर्ट पहुंची; बोली- सरबजीत कौर ने घर कब्जाया, बच्चों समेत बाहर निकाला

भारत से पाकिस्तान गई पंजाबी महिला सरबजीत कौर से जुड़े मामले में अब नया मोड़ आया है। नासिर हुसैन की पहली पत्नी साइमा नासर लाहौर हाईकोर्ट पहुंच गई है। साइमा ने पति नासिर हुसैन और उससे निकाह करने वाली सरबजीत कौर के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। साइमा का आरोप है कि नासिर ने उनकी जानकारी और अनुमति के बिना सरबजीत से दूसरी शादी की। इसके बाद उन्हें चार नाबालिग बच्चों के साथ घर से निकाल दिया गया। साइमा ने अदालत से बच्चों के मासिक भत्ते और रहने के लिए घर की मांग की है। साइमा ने सरबजीत पर आरोप लगाया कि वह दादी बनने की उम्र में मोबाइल के जरिए गैर-मर्दों के सामने अश्लीलता करती है। घर में मेरे पति के साथ अश्लील हालत में रहती है। उससे मेरे बच्चों पर बुरा असर पड़ रहा है। याचिका में साइमा की 4 अहम बातें… 1. सरबजीत ने घर पर कब्जा किया साइमा नासर का आरोप है कि भारत से यात्रा वीजा पर पाकिस्तान आई सरबजीत कौर ने उनके घर पर जबरन कब्जा कर लिया। साइमा के मुताबिक, उन्हें और उनके चार छोटे बच्चों को घर से बाहर निकाल दिया गया। हमारे कपड़े भी फेंक दिए गए और परिवार के खाने का सहारा भी छीन लिया गया। 2. बिना अनुमति दूसरी शादी की साइमा के एडवोकेट अली चंगेजी संधू के अनुसार, पाकिस्तान के कानून के तहत दूसरी शादी को लेकर पहली पत्नी की लिखित अनुमति और संबंधित कानूनी प्रक्रिया का प्रावधान है। साइमा का कहना है कि नासिर हुसैन ने उनकी जानकारी और सहमति के बिना सरबजीत कौर से निकाह किया। अदालत ने नासिर हुसैन को नोटिस जारी किया है। 3. पति ने 10 महीने से संपर्क नहीं किया साइमा के मुताबिक, करीब 10 महीने से नासिर ने उनसे और बच्चों से संपर्क नहीं किया है। उनका आरोप है कि इस दौरान न तो बच्चों के पालन-पोषण के लिए कोई राशि दी गई और न ही उनका हक-मेहर अदा किया गया। साइमा का कहना है कि चार नाबालिग बच्चों की जिम्मेदारी उनके सामने सबसे बड़ा सवाल है। वह अदालत के जरिए बच्चों के लिए गुजारा भत्ता और रहने की व्यवस्था चाहती हैं। 4. बच्चों के भविष्य को लेकर चिंतित हूं साइमा ने कहा- नासिर हुसैन और सरबजीत नामक महिला दिन-रात एक साथ रहकर मोबाइल वीडियो पर अश्लील वीडियो देखते है। दोनों आपत्तिजनक हालत में रहते हैं। ऐसी महिला के साथ रहना बिल्कुल संभव नहीं है क्योंकि इसका बच्चों पर बहुत बुरा असर पड़ रहा है। आगे चलकर उनके शादी-ब्याह और रिश्तों में भी रुकावट आएगी। इसलिए वे एक घर में साथ नहीं रह सकते और उन्हें सिर्फ उनका जायज हक दिया जाए। सरबजीत कौर मामले में अब तक क्या-क्या हुआ?

दिलजीत ने फैन की टी-शर्ट से हटवाया अपना नाम:बोले- ‘इक ओंकार’ पवित्र है; इसके साथ मेरा नाम मत लिखो, विदेशी फैन ने मांगी माफी

दिलजीत ने फैन की टी-शर्ट से हटवाया अपना नाम:बोले- ‘इक ओंकार’ पवित्र है; इसके साथ मेरा नाम मत लिखो, विदेशी फैन ने मांगी माफी

पंजाबी सिंगर-एक्टर दिलजीत दोसांझ के इटली के मिलान कॉन्सर्ट का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। इसमें वह एक विदेशी फैन की टी-शर्ट देखकर उसे रोकते नजर आए। टी-शर्ट पर सिख धर्म के पवित्र शब्द ‘इक ओंकार’ के साथ दिलजीत का नाम लिखा था। उन्होंने फैन को समझाया कि ‘इक ओंकार’ के साथ उनका नाम नहीं जोड़ा जाना चाहिए। इसे बेहद पवित्र और अनमोल बताते हुए उन्होंने कहा कि शायद फैन को इसकी जानकारी नहीं थी। इसके बाद फैन ने स्टेज पर हाथ जोड़कर माफी मांगी। दिलजीत ने दर्शकों से भी उसे माफ करने की अपील की। मिलान कॉन्सर्ट में फैन को स्टेज पर बुलाया दिलजीत दोसांझ इन दिनों अपने इंटरनेशनल कॉन्सर्ट्स में व्यस्त हैं। मिलान कॉन्सर्ट के दौरान उन्होंने एक विदेशी फैन को स्टेज पर बुलाया। फैन ने सफेद रंग की कस्टम-प्रिंटेड टी-शर्ट पहन रखी थी। उस पर ‘इक ओंकार’ के साथ दिलजीत का नाम लिखा हुआ था। दिलजीत की नजर टी-शर्ट पर पड़ते ही उन्होंने फैन को समझाना शुरू किया। उन्होंने बताया कि ‘इक ओंकार’ सिख धर्म का बेहद पवित्र शब्द है और इसे उनके नाम के साथ नहीं जोड़ा जाना चाहिए। बोले- इसके साथ मेरा नाम मत लिखो वायरल वीडियो में दिलजीत फैन की टी-शर्ट की ओर इशारा करते हुए समझाते दिखाई देते हैं कि ‘इक ओंकार’ के साथ उनका नाम नहीं होना चाहिए। उन्होंने इसे पवित्र और अनमोल बताया और कहा कि वह फैन की भावनाओं की कद्र करते हैं। दिलजीत ने फैन को डांटने या नाराज होने के बजाय शांत तरीके से बात समझाई। उन्होंने माना कि फैन की तरफ से ऐसा जानबूझकर नहीं किया गया होगा। दिलजीत ने दर्शकों से कहा- इसे माफ कर दें फैन को समझाने के बाद दिलजीत उसे स्टेज के बीच में लेकर आए। उन्होंने दर्शकों से फैन को माफ करने की अपील की। दिलजीत ने कहा कि संभव है कि फैन को ‘इक ओंकार’ के महत्व की जानकारी नहीं रही हो। इसके बाद फैन ने स्टेज पर ही हाथ जोड़कर माफी मांगी। इस दौरान दिलजीत का अंदाज शांत और समझाने वाला रहा। फैन ने कमेंट में भी मांगी माफी वीडियो वायरल होने के बाद फैन ने सोशल मीडिया के कमेंट सेक्शन में भी सफाई दी। उसने कहा कि टी-शर्ट बनवाते समय उसे अंदाजा नहीं था कि दिलजीत का नाम ‘इक ओंकार’ के इतने करीब आ जाएगा। उसने स्पष्ट किया कि उसका किसी की भावनाओं को ठेस पहुंचाने का इरादा नहीं था। फैन ने बताया कि वह नियमित रूप से गुरुद्वारे जाता रहा है और इस वजह से हुई किसी भी असुविधा के लिए माफी मांगता है। सोशल मीडिया पर दिलजीत की तारीफ वीडियो सामने आने के बाद सोशल मीडिया यूजर्स दिलजीत के व्यवहार की तारीफ कर रहे हैं। लोगों का कहना है कि उन्होंने धार्मिक भावना से जुड़े मुद्दे को गुस्से या विवाद में बदलने के बजाय प्यार और सम्मान के साथ समझाया। दिलजीत का यह अंदाज उनके फैंस को पसंद आ रहा है। खास तौर पर विदेशी फैन को सार्वजनिक रूप से अपमानित करने के बजाय समझाने और बाद में दर्शकों से उसे माफ करने की अपील की चर्चा हो रही है।

दिलजीत ने फैन की टी-शर्ट से हटवाया अपना नाम:बोले- ‘इक ओंकार’ पवित्र है; इसके साथ मेरा नाम मत लिखो, विदेशी फैन ने मांगी माफी

दिलजीत ने फैन की टी-शर्ट से हटवाया अपना नाम:बोले- ‘इक ओंकार’ पवित्र है; इसके साथ मेरा नाम मत लिखो, विदेशी फैन ने मांगी माफी

पंजाबी सिंगर-एक्टर दिलजीत दोसांझ के इटली के मिलान कॉन्सर्ट का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। इसमें वह एक विदेशी फैन की टी-शर्ट देखकर उसे रोकते नजर आए। टी-शर्ट पर सिख धर्म के पवित्र शब्द ‘इक ओंकार’ के साथ दिलजीत का नाम लिखा था। उन्होंने फैन को समझाया कि ‘इक ओंकार’ के साथ उनका नाम नहीं जोड़ा जाना चाहिए। इसे बेहद पवित्र और अनमोल बताते हुए उन्होंने कहा कि शायद फैन को इसकी जानकारी नहीं थी। इसके बाद फैन ने स्टेज पर हाथ जोड़कर माफी मांगी। दिलजीत ने दर्शकों से भी उसे माफ करने की अपील की। मिलान कॉन्सर्ट में फैन को स्टेज पर बुलाया दिलजीत दोसांझ इन दिनों अपने इंटरनेशनल कॉन्सर्ट्स में व्यस्त हैं। मिलान कॉन्सर्ट के दौरान उन्होंने एक विदेशी फैन को स्टेज पर बुलाया। फैन ने सफेद रंग की कस्टम-प्रिंटेड टी-शर्ट पहन रखी थी। उस पर ‘इक ओंकार’ के साथ दिलजीत का नाम लिखा हुआ था। दिलजीत की नजर टी-शर्ट पर पड़ते ही उन्होंने फैन को समझाना शुरू किया। उन्होंने बताया कि ‘इक ओंकार’ सिख धर्म का बेहद पवित्र शब्द है और इसे उनके नाम के साथ नहीं जोड़ा जाना चाहिए। बोले- इसके साथ मेरा नाम मत लिखो वायरल वीडियो में दिलजीत फैन की टी-शर्ट की ओर इशारा करते हुए समझाते दिखाई देते हैं कि ‘इक ओंकार’ के साथ उनका नाम नहीं होना चाहिए। उन्होंने इसे पवित्र और अनमोल बताया और कहा कि वह फैन की भावनाओं की कद्र करते हैं। दिलजीत ने फैन को डांटने या नाराज होने के बजाय शांत तरीके से बात समझाई। उन्होंने माना कि फैन की तरफ से ऐसा जानबूझकर नहीं किया गया होगा। दिलजीत ने दर्शकों से कहा- इसे माफ कर दें फैन को समझाने के बाद दिलजीत उसे स्टेज के बीच में लेकर आए। उन्होंने दर्शकों से फैन को माफ करने की अपील की। दिलजीत ने कहा कि संभव है कि फैन को ‘इक ओंकार’ के महत्व की जानकारी नहीं रही हो। इसके बाद फैन ने स्टेज पर ही हाथ जोड़कर माफी मांगी। इस दौरान दिलजीत का अंदाज शांत और समझाने वाला रहा। फैन ने कमेंट में भी मांगी माफी वीडियो वायरल होने के बाद फैन ने सोशल मीडिया के कमेंट सेक्शन में भी सफाई दी। उसने कहा कि टी-शर्ट बनवाते समय उसे अंदाजा नहीं था कि दिलजीत का नाम ‘इक ओंकार’ के इतने करीब आ जाएगा। उसने स्पष्ट किया कि उसका किसी की भावनाओं को ठेस पहुंचाने का इरादा नहीं था। फैन ने बताया कि वह नियमित रूप से गुरुद्वारे जाता रहा है और इस वजह से हुई किसी भी असुविधा के लिए माफी मांगता है। सोशल मीडिया पर दिलजीत की तारीफ वीडियो सामने आने के बाद सोशल मीडिया यूजर्स दिलजीत के व्यवहार की तारीफ कर रहे हैं। लोगों का कहना है कि उन्होंने धार्मिक भावना से जुड़े मुद्दे को गुस्से या विवाद में बदलने के बजाय प्यार और सम्मान के साथ समझाया। दिलजीत का यह अंदाज उनके फैंस को पसंद आ रहा है। खास तौर पर विदेशी फैन को सार्वजनिक रूप से अपमानित करने के बजाय समझाने और बाद में दर्शकों से उसे माफ करने की अपील की चर्चा हो रही है।

संजय दत्त के मराठी बोलने से इनकार पर विवाद:बोले- 6 साल जेल में रहा, तब भी नहीं सीखी; शिवसेना नेता हंसे; शक्स ने धक्का दिया

संजय दत्त के मराठी बोलने से इनकार पर विवाद:बोले- 6 साल जेल में रहा, तब भी नहीं सीखी; शिवसेना नेता हंसे; शक्स ने धक्का दिया

महाराष्ट्र में मराठी भाषा को लेकर चल रहे विवाद के बीच बॉलीवुड एक्टर संजय दत्त ने मराठी में बोलने से इनकार कर दिया। रविवार को मुंबई में आयोजित दही हांडी कार्यक्रम में उन्होंने कहा, “मैं 6 साल तक येरवडा जेल में रहा, तब भी मराठी भाषा नहीं सीख पाया।” संजय दत्त के बयान पर अब विवाद हो गया है। यह कार्यक्रम ठाणे में शिवसेना (शिंदे गुट) के नेता और महाराष्ट्र के परिवहन मंत्री प्रताप सरनाईक ने आयोजित किया था। संजय दत्त मंच पर हिंदी में बोल रहे थे। इस पर मंत्री ने उन्हें मराठी में बोलने के लिए कहा, लेकिन 67 साल के एक्टर ने मजाकिया अंदाज में ऐसा करने से मना कर दिया। संजय दत्त और प्रताप सरनाईक मंच पर खड़े थे तभी मंत्री ने कहा, “आजकल मैं सभी लोगों को मराठी सिखा रहा हूं। तो मैंने सोचा कि क्यों न हम सब संजय दत्त से मराठी में बात करवाएं। वह हिंदी में बात करते हैं, लेकिन हम सभी मराठी समझते हैं।” मंत्री की बात पर मंच पर मौजूद लोगों के चेहरे पर हंसी दिखाई दी। इसके बाद संजय दत्त ने माइक लिया और पहले “हर हर महादेव” के नारे लगाए। फिर उन्होंने मजाकिया लहजे में कहा, “प्रताप भाई, मैं 6 साल जेल में रहा, येरवडा में। तब भी मराठी नहीं सीख पाया। मैंने थोड़ी सी सीखी थी।” बीजेपी विधायक ने शिवसेना मंत्री पर निशाना साधा संजय दत्त के बयान पर भारतीय जनता पार्टी (BJP) के विधायक नरेंद्र मेहता ने प्रताप सरनाईक पर सवाल उठाए। नरेंद्र मेहता ने कहा, “अगर कोई कलाकार मराठी नहीं जानता तो उस पर आप हंसते हैं, लेकिन दूसरी तरफ आम रिक्शा चालकों पर मराठी भाषा को लेकर दबाव बनाया जाता है। यह कैसा न्याय है? एकनाथ शिंदे ने उन्हें कभी कुछ करने नहीं दिया। वहां डमी मंत्री की जरूरत है, इसलिए वे हैं।” रैली में संजय दत्त को शख्स ने दिया धक्का, एक्टर ने हाथ पकड़कर खींचा मंच पर कुछ समय रहने के बाद संजय दत्त अपनी टीम के साथ रवाना होने लगे। वह उतर रहे थे, तभी एक शख्स तेजी से उन्हें धक्का देते हुए पास से गुजरा। संजय दत्त ने इसे नजरअंदाज नहीं किया और उस शख्स का हाथ पकड़कर अपनी ओर खींच लिया। जैसे ही शख्स ने देखा कि वह संजय दत्त हैं, उसने तुरंत माफी मांग ली। मराठी न बोलने पर सोशल मीडिया पर हुए ट्रोल संजय दत्त के मराठी बोलने से इनकार के बाद सोशल मीडिया पर चर्चा शुरू हो गई। एक यूजर ने लिखा, “सिर्फ संजय दत्त या सलमान खान ही किसी मंत्री को इस तरह मना कर सकते हैं और फिर भी मुस्कुरा सकते हैं।” एक यूजर ने लिखा, “मतलब साफ है, मराठी भाषा का अनिवार्य होना सिर्फ शहर के ऑटो-रिक्शा और टैक्सी वालों के लिए है, बड़े लोगों के लिए नहीं।” एक ने कहा, “विडंबना देखिए, काश शहर के ऑटो वाले भी ऐसा कह पाते और भारी जुर्माने से बच पाते।” कुछ लोग मराठी न बोलने पर संजय दत्त को ट्रोल भी कर रहे हैं। एक ने कहा, “आप पूरी जिंदगी महाराष्ट्र में रहे, फिर भी आपको मराठी नहीं आती। यह शर्मनाक है।” संजय दत्त के वो बयान और डायलॉग, जिनसे हुआ विवाद 1. 2009: चुनावी सभा में TADA को लेकर बयान 2009 के लोकसभा चुनाव के दौरान संजय दत्त समाजवादी पार्टी के लिए प्रचार कर रहे थे। उत्तर प्रदेश के मऊ में एक चुनावी सभा के दौरान उन्होंने अपने पिता सुनील दत्त और मां नरगिस का जिक्र करते हुए 1993 के मुंबई बम धमाकों के बाद अपने खिलाफ हुई कार्रवाई पर बात की। संजय दत्त ने कहा था कि उनकी मां मुस्लिम थीं और इसी वजह से उनके परिवार को परेशान किया गया। उन्होंने अपने खिलाफ TADA के तहत हुई कार्रवाई का भी जिक्र किया। इस बयान को लेकर विवाद हुआ और चुनाव आयोग ने भी मामले का संज्ञान लिया। संजय दत्त के बयान को चुनाव प्रचार में सांप्रदायिक संदर्भ के तौर पर देखा गया। 2. 2016: सलमान खान को बताया ‘एरोगेंट’ संजय दत्त और सलमान खान की दोस्ती बॉलीवुड की चर्चित दोस्तियों में रही है। ऐसे में 2016 में एक कार्यक्रम के दौरान जब संजय दत्त से सलमान खान को एक शब्द में बयान करने के लिए कहा गया और उन्होंने ‘एरोगेंट’ कहा, तो यह जवाब सुर्खियों में आ गया। मीडिया में दोनों के बीच अनबन की अटकलें लगने लगीं। हालांकि, संजय दत्त ने बाद में सफाई देते हुए कहा कि उनके और सलमान के बीच कोई झगड़ा नहीं है। 3. 2026: ‘धुरंधर’ के डायलॉग को लेकर विवाद फिल्म ‘धुरंधर में संजय दत्त के किरदार एसपी चौधरी असलम के एक डायलॉग पर बलोच समुदाय ने आपत्ति जताई। विवाद के बाद थिएटर रिलीज के वर्जन में उस हिस्से को म्यूट किया गया।

जर्मनी में कट्टर दक्षिणपंथी पार्टी पहली बार सत्ता के करीब:राज्य चुनाव में AfD को 44% वोट; इलॉन मस्क ने दी बधाई

जर्मनी में कट्टर दक्षिणपंथी पार्टी पहली बार सत्ता के करीब:राज्य चुनाव में AfD को 44% वोट; इलॉन मस्क ने दी बधाई

जर्मनी की दक्षिणपंथी पार्टी अल्टरनेटिव फॉर जर्मनी (AfD) ने सक्सोनी-आनहाल्ट के राज्य चुनाव में बड़ी जीत हासिल की है। एग्जिट पोल के मुताबिक, AfD को करीब 44% वोट मिले हैं और वह सबसे बड़ी पार्टी बन गई है। यह नतीजा चांसलर फ्रेडरिक मर्ज और उनकी कंजरवेटिव पार्टी के लिए बड़ा झटका है। अमेरिकी कारोबारी इलॉन मस्क ने भी AfD की जीत पर बधाई दी। AfD पहली बार द्वितीय विश्व युद्ध के बाद किसी जर्मन राज्य में सत्ता के इतने करीब पहुंची है। हालांकि, जर्मनी की मुख्य पार्टियां उसके साथ गठबंधन करने से इनकार करती रही हैं। जर्मनी की राजनीति में AfD की जीत कितनी बड़ी है? AfD की राजनीति में इमिग्रेशन, शरणार्थी और जर्मनी की राष्ट्रीय पहचान बड़े मुद्दे हैं। पार्टी की प्रमुख मांगें और नीतियां: इमिग्रेशन पर रोक: पार्टी जर्मनी में आने वाले प्रवासियों की संख्या कम करने और नियम कड़े करने की समर्थक है। शरणार्थियों पर सख्ती: पार्टी शरणार्थियों के लिए नियम कड़े करने और उनके बच्चों की पढ़ाई के लिए अलग कक्षाओं की मांग करती है। रूस से बेहतर रिश्ते: AfD रूस के साथ संबंध सुधारना चाहती है। यूक्रेन की मदद कम करना: पार्टी यूक्रेन को जर्मनी की सैन्य मदद कम करने की मांग करती है। यूरो से बाहर निकलना: AfD जर्मनी को यूरो मुद्रा से बाहर निकालने की बात करती रही है। पारंपरिक मूल्यों पर जोर: पार्टी स्कूलों और सांस्कृतिक संस्थानों में पारंपरिक मूल्यों को बढ़ावा देना चाहती है। रेनबो झंडे पर रोक: AfD स्कूलों में रेनबो झंडे लगाने पर रोक की समर्थक है। जर्मन पहचान पर जोर: पार्टी स्कूलों में रोज जर्मन झंडा फहराने और कार्यक्रमों में राष्ट्रगान गाने की मांग करती है। विंड फार्म पर रोक: पार्टी नए विंड फार्म बनाने का विरोध करती है। सरकारी मीडिया में बदलाव: AfD सरकारी प्रसारण व्यवस्था में भी बदलाव चाहती है। इन मुद्दों पर AfD को समर्थन क्यों मिल रहा है? AfD खुद को मौजूदा पार्टियों के विकल्प के तौर पर पेश करती है। चुनाव प्रचार में पार्टी ने इमिग्रेशन, सुरक्षा और जर्मन पहचान को लेकर लोगों की चिंता को मुद्दा बनाया। उसके समर्थकों का कहना है कि मौजूदा पार्टियां इन समस्याओं का समाधान नहीं कर पा रही हैं। इसी नाराजगी का फायदा AfD को खासकर पूर्वी जर्मनी में मिल रहा है। सक्सोनी-आनहाल्ट में 44% वोट मिलना इसी बढ़ते समर्थन का बड़ा संकेत है। खबर अपडेट हो रही है…

जर्मनी में कट्टर दक्षिणपंथी पार्टी पहली बार सत्ता के करीब:राज्य चुनाव में AfD को 44% वोट; इलॉन मस्क ने दी बधाई

जर्मनी में कट्टर दक्षिणपंथी पार्टी पहली बार सत्ता के करीब:राज्य चुनाव में AfD को 44% वोट; इलॉन मस्क ने दी बधाई

जर्मनी की दक्षिणपंथी पार्टी अल्टरनेटिव फॉर जर्मनी (AfD) ने सक्सोनी-आनहाल्ट के राज्य चुनाव में बड़ी जीत हासिल की है। एग्जिट पोल के मुताबिक, AfD को करीब 44% वोट मिले हैं और वह सबसे बड़ी पार्टी बन गई है। यह नतीजा चांसलर फ्रेडरिक मर्ज और उनकी कंजरवेटिव पार्टी के लिए बड़ा झटका है। अमेरिकी कारोबारी इलॉन मस्क ने भी AfD की जीत पर बधाई दी। AfD पहली बार द्वितीय विश्व युद्ध के बाद किसी जर्मन राज्य में सत्ता के इतने करीब पहुंची है। हालांकि, जर्मनी की मुख्य पार्टियां उसके साथ गठबंधन करने से इनकार करती रही हैं। जर्मनी की राजनीति में AfD की जीत कितनी बड़ी है? जर्मनी में नाजी शासन के इतिहास की वजह से मुख्यधारा की पार्टियां लंबे समय से बहुत ज्यादा दक्षिणपंथी मानी जाने वाली पार्टियों से दूरी रखती हैं। AfD पर भी दक्षिणपंथी चरमपंथ के आरोप लगते रहे हैं। इसलिए उसका किसी राज्य में सत्ता के करीब पहुंचना जर्मन राजनीति में बड़ा बदलाव माना जा रहा है। और बात सिर्फ इस एक राज्य की नहीं है। AfD राष्ट्रीय स्तर पर भी सबसे लोकप्रिय पार्टी बन चुकी है। हालिया INSA सर्वे में उसे करीब 28% समर्थन मिला है, जबकि मर्ज की CDU/CSU करीब 20% पर है। AfD की राजनीति में इमिग्रेशन, शरणार्थी और जर्मनी की राष्ट्रीय पहचान बड़े मुद्दे हैं। जर्मनी में AfD का समर्थन क्यों बढ़ रहा है? AfD खुद को मौजूदा पार्टियों के विकल्प के तौर पर पेश करती है। चुनाव प्रचार में पार्टी ने इमिग्रेशन, सुरक्षा और जर्मन पहचान को लेकर लोगों की चिंता को मुद्दा बनाया। उसके समर्थकों का कहना है कि मौजूदा पार्टियां इन समस्याओं का समाधान नहीं कर पा रही हैं। इसी नाराजगी का फायदा AfD को खासकर पूर्वी जर्मनी में मिल रहा है। AfD ने इस चुनाव में 35 साल के उलरिश जिगमुंड को उम्मीदवार बनाया था। उन्होंने नतीजे को ऐतिहासिक बताया। जिगमुंड ने कहा कि लोगों ने साफ कर दिया है कि वे राजनीतिक बदलाव चाहते हैं और इसके लिए AfD को मौका देना चाहते हैं। उन्होंने इसे 2029 के राष्ट्रीय चुनाव से पहले अहम कदम बताया। खबर अपडेट हो रही है…

ट्रम्प के दामाद ने यूक्रेनी राष्ट्रपति से मुलाकात की:पुतिन से चर्चा के एक दिन बाद कीव पहुंचे; रूस से युद्ध खत्म कराने पर चर्चा

ट्रम्प के दामाद ने यूक्रेनी राष्ट्रपति से मुलाकात की:पुतिन से चर्चा के एक दिन बाद कीव पहुंचे; रूस से युद्ध खत्म कराने पर चर्चा

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के दामाद जेरेड कुशनर और दूत स्टीव विटकॉफ ने रविवार को यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की से अहम बातचीत की। यह बातचीत रूस के साथ चल रहे युद्ध को खत्म कराने की अमेरिकी कोशिशों को आगे बढ़ाने के लिए हुई। दोनों की यह कीव की पहली यात्रा थी। इससे एक दिन पहले उन्होंने मॉस्को में रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से मुलाकात की थी। बैठक के बाद विटकॉफ ने कहा, हमने बहुत सार्थक और महत्वपूर्ण बातचीत की। यह काफी गंभीर चर्चा थी। हम इससे बहुत उत्साहित हैं और जब तक जरूरत होगी, बातचीत जारी रखेंगे। कुशनर ने कहा कि इस यात्रा से अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल को काफी कुछ सीखने को मिला है। उम्मीद है कि इससे शांति की कोशिशों को आगे बढ़ाने के नए रास्ते मिलेंगे। खबर लगातार अपडेट हो रही है…

8 मुस्लिम देशों ने इजराइली मंत्रियों की निंदा की:गाजा को खाली कराने की योजना पर बोले- यह अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन, शांति प्रयासों को खतरा

8 मुस्लिम देशों ने इजराइली मंत्रियों की निंदा की:गाजा को खाली कराने की योजना पर बोले- यह अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन, शांति प्रयासों को खतरा

8 मुस्लिम बहुल देशों ने रविवार को इजराइल के रक्षा मंत्री इजराइल काट्ज और राष्ट्रीय सुरक्षा मंत्री इतामार बेन-ग्वीर के बयानों की कड़ी निंदा की। दोनों नेताओं ने गाजा से फिलिस्तीनियों को हटाने की योजना बनाने की बात कही थी। सऊदी अरब, जॉर्डन, UAE, तुर्किये, कतर, मिस्र, इंडोनेशिया और पाकिस्तान के विदेश मंत्रियों ने संयुक्त बयान में कहा कि ऐसे बयान और भड़काऊ प्रस्ताव अंतरराष्ट्रीय कानून, खासकर अंतरराष्ट्रीय मानवीय कानून का खुला उल्लंघन हैं। ये फिलिस्तीनी लोगों के अधिकारों के लिए सीधा खतरा हैं। मंत्रियों ने चेतावनी दी कि जबरन विस्थापन की मांग को आधिकारिक नीति या व्यवहारिक कदमों में बदलने के गंभीर नतीजे होंगे। उनके मुताबिक, इससे शांति कायम करने की अंतरराष्ट्रीय कोशिशों को नुकसान पहुंचेगा। खबर लगातार अपडेट हो रही है…

8 मुस्लिम देशों ने इजराइली मंत्रियों की निंदा की:गाजा खाली कराने को अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन बताया, कहा- इससे शांति को खतरा

8 मुस्लिम देशों ने इजराइली मंत्रियों की निंदा की:गाजा खाली कराने को अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन बताया, कहा- इससे शांति को खतरा

8 मुस्लिम बहुल देशों ने रविवार को इजराइल के रक्षा मंत्री इजराइल काट्ज और राष्ट्रीय सुरक्षा मंत्री इतामार बेन-ग्वीर के बयानों की कड़ी निंदा की। दोनों नेताओं ने गाजा से फिलिस्तीनियों को हटाने की योजना बनाने की बात कही थी। सऊदी अरब, जॉर्डन, UAE, तुर्किये, कतर, मिस्र, इंडोनेशिया और पाकिस्तान के विदेश मंत्रियों ने संयुक्त बयान में कहा कि ऐसे बयान और भड़काऊ प्रस्ताव अंतरराष्ट्रीय मानवीय कानून का खुला उल्लंघन हैं। ये फिलिस्तीनी लोगों के अधिकारों के लिए सीधा खतरा हैं। मंत्रियों ने चेतावनी दी कि अगर गाजा के लोगों को जबरन हटाया गया, तो इसके गंभीर नतीजे होंगे। इससे शांति की कोशिशों को नुकसान पहुंच सकता है। काट्ज ने कहा था- अमेरिका तैयार हुआ तो गाजा खाली करा देंगे इजराइल के रक्षा मंत्री इजराइल काट्ज ने 2 सितंबर को कहा था कि अगर अमेरिका मंजूरी देता है तो हम गाजा से फिलिस्तीनियों को बाहर निकाल देंगे। उन्होंने आगे कहा अब इजराइल अमेरिका के फैसले का इंतजार कर रहा है कि इन लोगों को कहां भेजा जाएगा। खबर लगातार अपडेट हो रही है…

अमेरिकी मंत्री ने कनाडा को 'छोटा भौंकने वाला कुत्ता' कहा:बोले- पीएम कार्नी ने बेहतरीन ट्रेड डील ठुकराई; अगस्त में हुई बातचीत नाकाम रही थी

अमेरिकी मंत्री ने कनाडा को 'छोटा भौंकने वाला कुत्ता' कहा:बोले- पीएम कार्नी ने बेहतरीन ट्रेड डील ठुकराई; अगस्त में हुई बातचीत नाकाम रही थी

अमेरिका के ट्रेजरी सेक्रेटरी स्कॉट बेसेंट ने कनाडा के साथ चल रही व्यापार वार्ता को लेकर आलोचना की है। उन्होंने कनाडा की तुलना बड़े कुत्ते को परेशान करने वाले छोटे भौंकने वाले कुत्ते से की। फॉक्स न्यूज को दिए इंटरव्यू में बेसेंट ने कहा कि कनाडा के साथ व्यापार युद्ध का अमेरिका की कीमतों पर असर बहुत मामूली होगा। उन्होंने कनाडाई प्रधानमंत्री मार्क कार्नी पर बेहतरीन व्यापार समझौते को ठुकराने का आरोप भी लगाया। दरअसल, अमेरिका और कनाडा के बीच अगस्त में हुए तीन दिन की ट्रेड बातचीत के बाद डील नहीं हो पाई थी। पीएम मार्क कार्नी का कहना था कि अमेरिका ने आखिरी समय पर डील की शर्तें बदल दी थी। वहीं अमेरिका के हिसाब से उन्होंने अच्छा ऑफर दिया था। खबर लगातर अपडेट हो रही है…