विधानसभा चुनाव के बाद कोलकाता पुलिस ने गर्गा चटर्जी को गिरफ्तार कर लिया, लगाया ये ‘गंभीर’ आरोप

कोलकाता पुलिस ने मंगलवार को ‘बांग्ला पोक्खो’ के नेता गर्गा चटर्जी को हाल ही में बंगाल विधानसभा चुनाव के दौरान इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (ईवीएम) के बारे में गलत सूचना देने के आरोप में गिरफ्तार कर लिया। एक वरिष्ठ अधिकारी ने यह जानकारी दी। अधिकारियों ने बताया कि कोलकाता पुलिस की साइबर क्राइम ब्रांच ने तब गिरफ्तार किया था जब उन्होंने चुनावी अवधि के दौरान पोस्ट को लेकर नामांकन के अपने रिश्ते में दो समन को कथित तौर पर अंजाम दिया था। पुलिस ने कहा कि यह कार्रवाई चुनाव अधिकारियों की पार्टियों के खिलाफ की गई, जिसमें आरोप लगाया गया कि चटर्जी के पोस्ट की जानकारी को फैलाया गया और मतदान प्रक्रिया में अविश्वास पैदा हुआ। कोलकाता पुलिस आयुक्त अजय नंद ने लाल बाजार में सुपरमार्केट को बताया, ” उनकी शिकायत के खिलाफ कोलकाता उत्तर के जिला विद्युत अधिकारी (डीआईओ) ने प्रवेश किया जिसके बाद साइबर प्लाजा ने कार्रवाई शुरू की। इस मामले में उन्हें दो बार तलब किया गया था लेकिन वह पेश नहीं हुए और इसी वजह से उन्हें आज गिरफ्तार कर लिया गया।” नंदा ने कहा कि पुलिस ने चटर्जी द्वारा कथित तौर पर विभिन्न समूहों के मॉडल बनाने और विभाजनकारी विचारों को बढ़ावा देने वाली कई सोशल मीडिया पोस्ट का भी स्मारकीय रूप से प्रचार करने का आरोप लगाया है। कमिश्नर ने कहा, ‘पुलिस ने स्वचालित रिकार्डिंग पर भी कार्रवाई की है। उन्होंने बार-बार सोशल मीडिया पर विभिन्न समूहों से संबंधित सामग्री पोस्ट की। इन पोस्ट में डिवाइडकारी मोबाइल्स वाले और इससे जुड़े रिलेटेड क्रिएटिव भी दर्ज किए जा रहे हैं।’ सूत्रों के अनुसार, चटर्जी को बुधवार को अदालत में पेश किया जा सकता है और पुलिस उनकी निर्धारित मांग के बारे में पूछताछ कर सकती है। यह वीडियो सोशल मीडिया पोस्ट और पब्लिक बार के माध्यम से बार-गायक के काम और भारत निर्वाचन आयोग की भूमिका पर सवाल उठाता है। चुनाव के बाद राजनीतिक रूप से सबसे प्रभावशाली के रूप में यह अपवित्र महत्वपूर्ण है। ‘बांग्ला पोक्खो’ राष्ट्रवादी विचारधारा का पैरोकार संगठन है।
‘हिम्मत न हारें, मजबूत बने रहें…’ चुनाव में हार के बाद ममता बनर्जी ने टीएमसी कंसोल को दे दिया ये बड़ा मैसेज

कैथोलिक कांग्रेस की सुप्रीमो ममता बनर्जी ने मंगलवार को अपनी पार्टी के शौचालयों को हार पर आधारित कर दिया, लेकिन जुझारू शास्त्रीय प्रतिक्रिया देते हुए “बहादुर” शीर्षक वाली एक कविता साझा की, जिसमें विचारधारा से विपरीत प्रशांत महासागर में साहस, गरिमा और आंतरिक शक्ति बनाए रखने की वकालत की गई है। ममता ने कविता की शुरुआत “हिम्मत न हारें, मजबूत बने रहो” पंक्ति से की। उन्होंने लिखा, ”अगर आप कहेंगे कि आपके साथी हमेशा से हैं, तो आप कुछ नहीं बोल सकते.” कविता में बार-बार दृढ़ता, अकेलापन और नैतिक विश्वास जैसे विषयों का ज़िक्र किया गया है। ममता ने लिखा, “जब तुम पैदा हुए थे, अकेले आए थे और जब मृत्यु होगी, तब भी अकेले ही जाओगे। कर्म अच्छे को हमेशा याद किया जाएगा।” यह भी पढ़ें: टीएमसी प्रमुख ममता बनर्जी ने भड़के पूर्व सीएम पर कहा, ‘पश्चिम बंगाल में बीजेपी तो थी ही नहीं, आपने…’ कविता की अंतिम पंक्ति में अलौकिक सुप्रीमो ने लिखा है, “हिम्मत न हारें। अंततः तुम्हें लाभ होगा, यह विश्वास रखता है”। बंगाल में बीजेपी की सरकार पश्चिम बंगाल में हाल ही में आए समाजवादी पार्टी ने प्रचंड को बहुमत दिलाया और राज्य में पहली बार सरकार बनाई। 15 संतों से लेकर 100 आश्रमों तक की मान्यता। यह भी पढ़ें: शशि थरूर ऑन एसआईआर: बंगाल में कैसे हुई बंपर जीत? शशि थरूर ने बताया क्यों राहुल गांधी, ममता बनर्जी दोनों हो जाएंगे खुश! (टैग्सटूट्रांसलेट)इलेक्शन(टी)पश्चिम बंगाल(टी)ममता बनर्जी(टी)बीजेपी(टी)कोलकाता(टी)ममता बनर्जी(टी)ममता बनर्जी(टी)इलेक्शन(टी)बीजेपी(टी)कोलकाता(टी)नरेंद्र मोदी
ट्रम्प बोले- ईरान के खिलाफ हर हाल में जंग जीतेंगे:वे समझौता करेंगे या तबाह हो जाएंगे; अमेरिका ने युद्ध में $29 अरब डॉलर खर्च किए

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने कहा है कि ईरान के खिलाफ जारी संघर्ष में अमेरिका हर हाल में जीतेगा। चीन रवाना होने से पहले ट्रम्प ने पत्रकारों से कहा कि ईरान या तो समझौता करेगा या फिर तबाह हो जाएगा। उन्होंने कहा कि अमेरिका के पास हालात संभालने के लिए हर विकल्प मौजूद है। ट्रम्प ने कहा कि चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग के साथ उनकी बातचीत में ईरान युद्ध और होर्मुज स्ट्रेट संकट पर भी चर्चा होगी। हालांकि उन्होंने कहा कि व्यापार दोनों नेताओं की बैठक का मुख्य मुद्दा रहेगा। अल जजीरा की रिपोर्ट के मुताबिक अमेरिका ने 74 दिनों की जंग में अब तक कम से कम 29 अरब डॉलर खर्च किए हैं। यह खर्च सिर्फ हथियारों और सैन्य उपकरणों पर हुआ है। इसमें सैन्य ठिकानों को हुए नुकसान का खर्च शामिल नहीं है। अमेरिकी रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ कांग्रेस पहुंचे और अतिरिक्त रक्षा बजट की मांग की। उन्होंने कहा कि दुनिया की सबसे प्रभावी सैन्य ताकत बने रहने के लिए अमेरिका को 1.5 ट्रिलियन डॉलर की जरूरत है। हेगसेथ ने कहा कि अमेरिका के पास अभी भी कई सैन्य विकल्प मौजूद हैं, जिनमें संघर्ष बढ़ाना भी शामिल है। इससे पहले ट्रम्प कह चुके हैं कि ईरान के साथ मौजूदा युद्धविराम वेंटिलेटर पर है। ईरान जंग से जुड़े अपडेट्स के लिए नीचे ब्लॉग से गुजर जाइए…
पंजाब के टूरिस्टों ने हिमाचल में तलवारें चलाईं:एक लोकल का हाथ, दूसरे का गाल काटा; लोग बोले- चिट्टे के नशे में थे

हिमाचल प्रदेश के कुल्लू जिले के बंजार में पंजाब से आए टूरिस्टों ने कथित तौर पर तलवारें लहराईं और स्थानीय लोगों पर हमला किया। इस घटना में एक व्यक्ति के हाथ में गंभीर चोटें आई, जबकि दूसरे का तलवार से गाल कट गया। इसका वीडियो भी सामने आया है। वारदात के बाद इलाके में तनावपूर्ण माहौल बन गया। लोगों ने पुलिस को शिकायत दी। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए 4 आरोपियों को हिरासत में लिया। इसके बाद स्थानीय लोगों का पुलिस के साथ भी विवाद हो गया। लोगों का आरोप था कि पुलिस रिश्वत लेकर आरोपियों को छोड़ रही है। आरोपियों ने पुलिस को 5 लाख रुपए की पेशकश की थी। लोगों ने आरोप लगाया कि पुलिस ने आरोपियों का मेडिकल भी नहीं करवाया, जबकि सभी आरोपी चिट्टे के नशे में थे। वहीं, पुलिस का कहना है कि आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया और उनका मेडिकल भी करवाया गया। इसके बाद उन्हें जमानती बॉन्ड के बाद छोड़ा गया है। लुधियाना के रहने वाले हैं आरोपी पुलिस के अनुसार, आरोपी युवक पंजाब के लुधियाना जिले के खन्ना क्षेत्र के रहने वाले हैं। उनकी पहचान मंदीप सिंह, प्रदीप सिंह, जश्नप्रीत और प्रीतपाल के रूप में हुई है। चारों युवक घूमने के लिए हिमाचल आए थे। बंजार में 10 मई की शाम को इनकी गाड़ी से एक व्यक्ति को टक्कर लगी। इसके बाद स्थानीय लोगों और टूरिस्टों के बीच कहासुनी शुरू हो गई। देखते ही देखते पंजाब के 2 टूरिस्ट ने गाड़ी से तलवार निकाली और दो स्थानीय लोगों को घायल किया दिया। तब मौके पर लोकल लोग जुटे और पुलिस भी पहुंची। बंजार में तनावपूर्ण माहौल बना घटना के बाद बंजार क्षेत्र में माहौल तनावपूर्ण हो गया। देर रात को बड़ी संख्या में स्थानीय लोग कुल्लू के सैंज थाना पहुंचे और आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग करने लगे। स्थानीय लोगों ने पुलिस की कार्रवाई पर भी सवाल उठाए। लोगों का कहना था कि पुलिस आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई नहीं कर रही। आरोपियों ने 2 लोकल्स को हथियार से हमला कर घायल किया है, फिर भी पुलिस उन्हें वीआईपी ट्रीटमेंट दे रही है। आरोपियों को थाने लाया गया, लेकिन उनके मोबाइल तक उनसे नहीं लिए गए, जिनसे वे लगातार बात करते रहे। सुबह 4 बजे तक थाने में डटे रहे लोग बताया जा रहा है कि लोग 11 मई की अलसुबह 4 बजे तक थाने में डटे रहे और उनकी पुलिस अधिकारियों के साथ बहस चलती रही। यह मामला 3 दिन पहले का है, लेकिन इसके विवाद से जुड़े वीडियो अब सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे हैं। वायरल वीडियो में भी एक व्यक्ति तलवार के साथ नजर आ रहा है। इनकी गाड़ी के भीतर भी हथियार नजर आ रहे हैं। तलवारों के साथ हिमाचल घूमने आने वाले पर्यटकों के खिलाफ कार्रवाई की मांग उठ रही है। पुलिस बोली- हमने तलवारें बरामद कीं कुल्लू के सैंज थाना में जांच अधिकारी किशोरी लाल ने बताया कि पुलिस ने विवाद के तुरंत बाद चारों युवकों को हिरासत में लिया। पुलिस ने घायलों का मेडिकल करवाने के बाद आरोपियों के खिलाफ BNS की धारा 281, 125(A), 115(2), 3(5) के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है और तलवारें भी बरामद कर दी है। पुलिस ने चारों आरोपियों को जमानती बांड के बाद छोड़ा है। ॰॰॰॰॰॰ यह खबर भी पढ़ें… मनाली में पंजाब के टूरिस्ट ने सड़क पर फेंका कूड़ा,VIDEO:SDM ने लगाई फटकार, स्वच्छता का महत्व समझाया, पर्यटक ने खुद उठाया हिमाचल प्रदेश के मशहूर पर्यटन स्थल मनाली के एसडीएम ने नेशनल हाईवे पर कूड़ा फेंकने वाले पंजाब के एक टूरिस्ट को स्वच्छता का ऐसा पाठ पढ़ाया, जिसके बाद पर्यटक ने खुद ही सड़क पर फेंका हुआ कूड़ा उठाया और माफी मांगी। अब इससे जुड़ा वीडियो सोशल मीडिया में तेजी से वायरल हो रहा है। पढ़ें पूरी खबर…
गुजरात की IPL में सबसे बड़ी जीत:हैदराबाद ने अपना सबसे छोटा स्कोर बनाया, सुदर्शन के लगातार तीसरे सीजन 500 रन पूरे; रिकॉर्ड्स

गुजरात टाइटंस ने IPL 2026 के 56वें मैच में सनराइजर्स हैदराबाद को 82 रन से हरा दिया। अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम में गुजरात ने 168 रन बनाए। जवाब में हैदराबाद की टीम 14.5 ओवर में सिर्फ 86 रन पर सिमट गई। यह गुजरात की IPL इतिहास में रन के लिहाज से सबसे बड़ी जीत रही, वहीं हैदराबाद ने सबसे छोटा स्कोर बनाया। गुजरात के साई सुदर्शन ने 61 रन की पारी खेली और लगातार तीसरे सीजन 500 रन पूरे करने का रिकॉर्ड बनाया। गुजरात-हैदराबाद मैच टॉप-11 रिकॉर्ड्स… 1. गुजरात ने रन के लिहाज से सबसे बड़ी जीत दर्ज की हैदराबाद को 82 रन से हराकर गुजरात ने IPL इतिहास में अपनी सबसे बड़ी जीत दर्ज की। इससे पहले टीम की सबसे बड़ी जीत 77 रन की थी, जो उसने राजस्थान के खिलाफ इसी सीजन जयपुर में हासिल की थी। 2. हैदराबाद ने IPL में अपना सबसे छोटा स्कोर बनाया हैदराबाद की टीम गुजरात के खिलाफ 86 रन पर ऑलआउट हो गई। यह IPL इतिहास में हैदराबाद का सबसे कम स्कोर है। इससे पहले टीम का सबसे छोटा टोटल 2019 में मुंबई के खिलाफ 96 रन था। 86 रन गुजरात के खिलाफ किसी टीम का दूसरा सबसे कम ऑलआउट स्कोर भी है। इससे पहले 2022 में लखनऊ 82 रन पर सिमटी थी। 3. हैदराबाद की रन के लिहाज से सबसे बड़ी हार हैदराबाद को गुजरात के खिलाफ 82 रन से हार का सामना करना पड़ा। यह IPL इतिहास में रन के लिहाज से टीम की सबसे बड़ी हार रही। इससे पहले हैदराबाद की सबसे बड़ी हार 2025 में कोलकाता के खिलाफ 80 रन की थी। 4. गुजरात ने लगातार पांचवीं जीत दर्ज की गुजरात ने IPL 2026 में लगातार पांचवीं जीत हासिल की। टीम इस सीजन लगातार 5 मैच जीतने वाली दूसरी टीम बनी। इससे पहले सनराइजर्स हैदराबाद भी लगातार 5 मुकाबले जीत चुकी है। यह गुजरात की IPL इतिहास में संयुक्त रूप से सबसे लंबी विनिंग स्ट्रीक भी है। इससे पहले टीम ने 2022 सीजन में भी लगातार 5 मैच जीते थे। 5. गुजरात इस सीजन पावरप्ले में सबसे ज्यादा विकेट लेने वाली टीम गुजरात ने IPL 2026 में पावरप्ले के दौरान सबसे ज्यादा विकेट लेने का रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया। गुजरात के खिलाफ शुरुआती झटकों के बाद गुजरात के पावरप्ले विकेट की संख्या 25 पहुंच गई। 6. रबाडा ने इस सीजन पावरप्ले में 16 विकेट चटकाए कगिसो रबाडा IPL 2026 में पावरप्ले के सबसे सफल गेंदबाज बन गए हैं। सनराइजर्स हैदराबाद के खिलाफ 3 विकेट लेते ही उनके शुरुआती 6 ओवरों में विकेटों की संख्या 16 पहुंच गई। वह अब IPL इतिहास में एक सीजन के पावरप्ले में सबसे ज्यादा विकेट लेने के मामले में मोहम्मद शमी की बराबरी से सिर्फ एक विकेट दूर हैं। 7. सुदर्शन ने लगातार तीसरे सीजन 500 रन बनाए साई सुदर्शन ने IPL में लगातार तीसरे सीजन 500+ रन पूरे करने का रिकॉर्ड बनाया।। सुदर्शन 2024 से लगातार हर सीजन में 500 से ज्यादा रन बना रहे हैं। वह अब विराट कोहली, शिखर धवन और क्रिस गेल जैसे दिग्गज बल्लेबाजों की सूची में शामिल हो गए हैं। IPL इतिहास में लगातार सबसे ज्यादा 500+ रन बनाने का रिकॉर्ड डेविड वॉर्नर के नाम है, जिन्होंने 2014 से 2020 तक लगातार 6 सीजन में यह कारनामा किया था। क्रिस गेल और साई सुदर्शन IPL इतिहास के इकलौते बल्लेबाज हैं, जिन्होंने लगातार 500+ रन वाले हर सीजन में 140 से ज्यादा के स्ट्राइक रेट से बल्लेबाजी की। डेविड वॉर्नर ने भी लगातार 500+ रन बनाए, लेकिन 2020 सीजन में उनका स्ट्राइक रेट 140 से कम रहा था। सुदर्शन के अलावा हैदराबाद के हेनरिक क्लासन ने भी इस सीजन अपने 500 रन पूरे किए। 508 रन बनाकर वे इस साल के टॉप स्कोरर हैं। 8. सुदर्शन ने लगातार तीसरी फिफ्टी लगाई साई सुदर्शन ने IPL 2026 में लगातार तीसरी फिफ्टी जमाई। सनराइजर्स हैदराबाद के खिलाफ 61 रन की पारी के साथ उन्होंने गुजरात टाइटंस के लिए लगातार सबसे ज्यादा 50+ स्कोर बनाने के रिकॉर्ड की बराबरी कर ली। इससे पहले हार्दिक पंड्या और शुभमन गिल भी लगातार तीन 50+ स्कोर बना चुके हैं। 9. गुजरात का इस सीजन सबसे धीमा पावरप्ले, SRH की सबसे किफायती गेंदबाजी गुजरात ने IPL 2026 में अपना सबसे कम पावरप्ले स्कोर बनाया। टीम ने शुरुआती 6 ओवर में 2 विकेट पर सिर्फ 34 रन बनाए। वहीं हैदराबाद ने भी इस सीजन पावरप्ले में पहली बार इतने कम रन दिए। 10. सिराज ने पहले ओवर में विकेट लेने के मामले में शमी की बराबरी की मोहम्मद सिराज ने IPL 2026 में पहले ओवर में चौथा विकेट हासिल किया। उन्होंने हैदराबाद के खिलाफ ट्रैविस हेड को आउट कर यह उपलब्धि हासिल की। सिराज अब इस सीजन पहले ओवर में सबसे ज्यादा विकेट लेने वाले गेंदबाजों की सूची में मोहम्मद शमी के बराबर पहुंच गए हैं। इस लिस्ट में राजस्थान के जोफ्रा आर्चर टॉप पर हैं। 11. गुजरात के पेसर्स ने झटके 9 विकेट यह IPL में दूसरा मौका रहा, जब गुजरात टाइटंस के तेज गेंदबाजों ने एक पारी में 9 विकेट लिए। इससे पहले गुजरात के पेसर्स ने 2023 में भी हैदराबाद के खिलाफ हैदराबाद में 9 विकेट झटके थे।
गुजरात की IPL में सबसे बड़ी जीत:हैदराबाद ने अपना सबसे छोटा स्कोर बनाया, सुदर्शन के लगातार तीसरे सीजन 500 रन पूरे; रिकॉर्ड्स

गुजरात टाइटंस ने IPL 2026 के 56वें मैच में सनराइजर्स हैदराबाद को 82 रन से हरा दिया। अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम में गुजरात ने 168 रन बनाए। जवाब में हैदराबाद की टीम 14.5 ओवर में सिर्फ 86 रन पर सिमट गई। यह गुजरात की IPL इतिहास में रन के लिहाज से सबसे बड़ी जीत रही, वहीं हैदराबाद ने सबसे छोटा स्कोर बनाया। गुजरात के साई सुदर्शन ने 61 रन की पारी खेली और लगातार तीसरे सीजन 500 रन पूरे करने का रिकॉर्ड बनाया। गुजरात-हैदराबाद मैच टॉप-11 रिकॉर्ड्स… 1. गुजरात ने रन के लिहाज से सबसे बड़ी जीत दर्ज की हैदराबाद को 82 रन से हराकर गुजरात ने IPL इतिहास में अपनी सबसे बड़ी जीत दर्ज की। इससे पहले टीम की सबसे बड़ी जीत 77 रन की थी, जो उसने राजस्थान के खिलाफ इसी सीजन जयपुर में हासिल की थी। 2. हैदराबाद ने IPL में अपना सबसे छोटा स्कोर बनाया हैदराबाद की टीम गुजरात के खिलाफ 86 रन पर ऑलआउट हो गई। यह IPL इतिहास में हैदराबाद का सबसे कम स्कोर है। इससे पहले टीम का सबसे छोटा टोटल 2019 में मुंबई के खिलाफ 96 रन था। 86 रन गुजरात के खिलाफ किसी टीम का दूसरा सबसे कम ऑलआउट स्कोर भी है। इससे पहले 2022 में लखनऊ 82 रन पर सिमटी थी। 3. हैदराबाद की रन के लिहाज से सबसे बड़ी हार हैदराबाद को गुजरात के खिलाफ 82 रन से हार का सामना करना पड़ा। यह IPL इतिहास में रन के लिहाज से टीम की सबसे बड़ी हार रही। इससे पहले हैदराबाद की सबसे बड़ी हार 2025 में कोलकाता के खिलाफ 80 रन की थी। 4. गुजरात ने लगातार पांचवीं जीत दर्ज की गुजरात ने IPL 2026 में लगातार पांचवीं जीत हासिल की। टीम इस सीजन लगातार 5 मैच जीतने वाली दूसरी टीम बनी। इससे पहले सनराइजर्स हैदराबाद भी लगातार 5 मुकाबले जीत चुकी है। यह गुजरात की IPL इतिहास में संयुक्त रूप से सबसे लंबी विनिंग स्ट्रीक भी है। इससे पहले टीम ने 2022 सीजन में भी लगातार 5 मैच जीते थे। 5. गुजरात इस सीजन पावरप्ले में सबसे ज्यादा विकेट लेने वाली टीम गुजरात ने IPL 2026 में पावरप्ले के दौरान सबसे ज्यादा विकेट लेने का रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया। गुजरात के खिलाफ शुरुआती झटकों के बाद गुजरात के पावरप्ले विकेट की संख्या 25 पहुंच गई। 6. रबाडा ने इस सीजन पावरप्ले में 16 विकेट चटकाए कगिसो रबाडा IPL 2026 में पावरप्ले के सबसे सफल गेंदबाज बन गए हैं। सनराइजर्स हैदराबाद के खिलाफ 3 विकेट लेते ही उनके शुरुआती 6 ओवरों में विकेटों की संख्या 16 पहुंच गई। वह अब IPL इतिहास में एक सीजन के पावरप्ले में सबसे ज्यादा विकेट लेने के मामले में मोहम्मद शमी की बराबरी से सिर्फ एक विकेट दूर हैं। 7. सुदर्शन ने लगातार तीसरे सीजन 500 रन बनाए साई सुदर्शन ने IPL में लगातार तीसरे सीजन 500+ रन पूरे करने का रिकॉर्ड बनाया।। सुदर्शन 2024 से लगातार हर सीजन में 500 से ज्यादा रन बना रहे हैं। वह अब विराट कोहली, शिखर धवन और क्रिस गेल जैसे दिग्गज बल्लेबाजों की सूची में शामिल हो गए हैं। IPL इतिहास में लगातार सबसे ज्यादा 500+ रन बनाने का रिकॉर्ड डेविड वॉर्नर के नाम है, जिन्होंने 2014 से 2020 तक लगातार 6 सीजन में यह कारनामा किया था। क्रिस गेल और साई सुदर्शन IPL इतिहास के इकलौते बल्लेबाज हैं, जिन्होंने लगातार 500+ रन वाले हर सीजन में 140 से ज्यादा के स्ट्राइक रेट से बल्लेबाजी की। डेविड वॉर्नर ने भी लगातार 500+ रन बनाए, लेकिन 2020 सीजन में उनका स्ट्राइक रेट 140 से कम रहा था। सुदर्शन के अलावा हैदराबाद के हेनरिक क्लासन ने भी इस सीजन अपने 500 रन पूरे किए। 508 रन बनाकर वे इस साल के टॉप स्कोरर हैं। 8. सुदर्शन ने लगातार तीसरी फिफ्टी लगाई साई सुदर्शन ने IPL 2026 में लगातार तीसरी फिफ्टी जमाई। सनराइजर्स हैदराबाद के खिलाफ 61 रन की पारी के साथ उन्होंने गुजरात टाइटंस के लिए लगातार सबसे ज्यादा 50+ स्कोर बनाने के रिकॉर्ड की बराबरी कर ली। इससे पहले हार्दिक पंड्या और शुभमन गिल भी लगातार तीन 50+ स्कोर बना चुके हैं। 9. गुजरात का इस सीजन सबसे धीमा पावरप्ले, SRH की सबसे किफायती गेंदबाजी गुजरात ने IPL 2026 में अपना सबसे कम पावरप्ले स्कोर बनाया। टीम ने शुरुआती 6 ओवर में 2 विकेट पर सिर्फ 34 रन बनाए। वहीं हैदराबाद ने भी इस सीजन पावरप्ले में पहली बार इतने कम रन दिए। 10. सिराज ने पहले ओवर में विकेट लेने के मामले में शमी की बराबरी की मोहम्मद सिराज ने IPL 2026 में पहले ओवर में चौथा विकेट हासिल किया। उन्होंने हैदराबाद के खिलाफ ट्रैविस हेड को आउट कर यह उपलब्धि हासिल की। सिराज अब इस सीजन पहले ओवर में सबसे ज्यादा विकेट लेने वाले गेंदबाजों की सूची में मोहम्मद शमी के बराबर पहुंच गए हैं। इस लिस्ट में राजस्थान के जोफ्रा आर्चर टॉप पर हैं। 11. गुजरात के पेसर्स ने झटके 9 विकेट यह IPL में दूसरा मौका रहा, जब गुजरात टाइटंस के तेज गेंदबाजों ने एक पारी में 9 विकेट लिए। इससे पहले गुजरात के पेसर्स ने 2023 में भी हैदराबाद के खिलाफ हैदराबाद में 9 विकेट झटके थे।
पेट्रोलियम मंत्री बोले-भारत के पास 60 दिन का कच्चा तेल:45 दिन का LPG स्टॉक है; पीएम की बातों का मनगढ़ंत मतलब न निकालें

पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने मंगलवार को कहा कि भारत के पास 60 दिन का कच्चा तेल, 60 दिन की LNG और 45 दिन की LPG का स्टॉक है। सप्लाई के मामले में कोई दिक्कत नहीं है। हरदीप पुरी ने दिल्ली में आयोजित CII एनुअल बिजनेस समिट में पीएम की बचत की अपील का भी जिक्र किया। पुरी ने कहा कि पीएम ने दो दिन पहले जो बातें कहीं हैं। उसको लेकर अफरा-तफरी मचाना बेकार है। पीएम की बातों को ध्यान से सुनें। उसका मनगढ़ंत मतलब न निकालें। दरअसल पीएम मोदी लगातार दो दिन लोगों से ईंधन और संसाधनों का कम इस्तेमाल करने की अपील कर चुके हैं। उन्होंने कहा कि जहां संभव हो पेट्रोल डीजल का उपयोग कम करें और मेट्रो, इलेक्ट्रिक बस और पब्लिक ट्रांसपोर्ट का उपयोग करें। विदेशी यात्राओं से बचें। हरदीप पुरी बोले- तेल कंपनियों को रोजाना 1,000 करोड़ रुपये का नुकसान हरदीप पुरी ने समिट में कहा कि सरकार ने पश्चिम एशिया संकट के कारण ऊर्जा सप्लाई में आई रुकावटों को बोझ आम जनता पर पड़ने नहीं दिया है। तेल कंपनियों को हर दिन 1,000 करोड़ रुपये का नुकसान हो रहा है, तो भरपाई न हो पाने वाला घाटा 1,98,000 करोड़ रुपए तक पहुंचने वाला है। अगर आप तिमाही के आंकड़ों को देखें तो कुल नुकसान 1 लाख करोड़ रुपए का है। ऐसे में, आप इसे कब तक इसी तरह बनाए रख सकते हैं? तेल की कीमतें कहां पहुंच गई हैं? पहले यह लगभग $64 या $65 के आसपास हुआ करती थीं। अब यह बढ़कर $115 प्रति बैरल के स्तर तक पहुंच गई हैं। पुरी बोले- LPG उत्पादन 36,000 से बढ़ाकर 54,000 मीट्रिक टन किया हरदीप पुरी ने कहा- दुनिया की कुल ऊर्जा का 20% हिस्सा होर्मुज स्ट्रेट से होकर आता था। हमारे कच्चे तेल के आयात का 85 प्रतिशत हिस्सा वहीं से आता था। लेकिन इससे भी ज्यादा जरूरी बात यह है कि हमारी LPG यानी वह सिलेंडर वाली गैस जिसे आप अपनी रसोई में इस्तेमाल करते हैं। उसका लगभग 60% हिस्सा होर्मुज स्ट्रेट से आता था। अब जब वह रास्ता बंद हुआ तो हमें इसके लिए इंतजाम करने थे। मैं इस बात से हैरान हूं कि हम क्या-कुछ कर पाए। इस संकट से पहले, हमारा घरेलू LPG उत्पादन रोजाना 35,000 या 36,000 मीट्रिक टन था। हमने अपने घरेलू उत्पादन को 36,000 से बढ़ाकर 54,000 मीट्रिक टन तक पहुंचा दिया। यह अपने आप में एक हैरान कर देने वाली उपलब्धि है। 7 सवाल-जवाब; 60 दिनों का तेल-गैस है, फिर भी कम खर्चें 1. देश के पास कितना भंडार है? विशाखापत्तनम, मंगलुरु और पादुर में भूमिगत भंडारण में 5.33 MMT (मिलियन मीट्रिक टन) कच्चा तेल रखने की क्षमता है। अभी यह लगभग 64% (3.37 MMT) भरा है, जो करीब 9.5 दिनों की जरूरत पूरी कर सकता है। अगर तेल कंपनियों के स्टॉक और रणनीतिक भंडार को मिला दिया जाए, तो अभी कुल 60 दिनों का कच्चा तेल, 60 दिनों की प्राकृतिक गैस और 45 दिनों की एलपीजी है। 2. पर्याप्त स्टॉक कितना होता है? अंतर्राष्ट्रीय ऊर्जा एजेंसी के मानकों के अनुसार, देशों को कम से कम 90 दिनों के आयात के बराबर भंडार रखना चाहिए। भारत इस लक्ष्य से थोड़ा पीछे है, पर 60-74 दिनों का बैकअप सुरक्षित स्तर माना जाता है। 3. फिर ईंधन में किफायत क्यों? पीएम की अपील का मकसद तेल की कमी नहीं, बल्कि डॉलर की बचत है। भारत अपनी जरूरत का 88% कच्चा तेल विदेश से खरीदता है जिसके लिए डॉलर में भुगतान करना पड़ता है। जंग से तेल महंगा हो गया है, जिससे देश का विदेशी मुद्रा भंडार घट रहा है। 4. अगले ही दिन सफाई क्यों दी? पीएम मोदी के ‘बचत’ वाले बयान के बाद जनता में पैनिक बाइंग (घबराहट में खरीदारी) शुरू हो गई थी। लोगों को लगा कि शायद लॉकडाउन जैसा कुछ होने वाला है या पेट्रोल पंप सूख जाएंगे। यह डर दूर करने के लिए बताना पड़ा कि अभी भरपूर स्टॉक है। 5. देश रोज कितना तेल इस्तेमाल करता है, उस पर कितना खर्च है? भारत में रोज करीब 50 लाख बैरल कच्चे तेल की खपत होती है। जंग से पहले हम रोजाना $33 करोड़ (करीब 3141 करोड़ रु.) खर्च करते थे, जो अब $50 करोड़ (करीब 4,760 करोड़) हो गया है। यानी रोज 1619 करोड़ रुपए अतिरिक्त खर्च हो रहे हैं। 6. क्या पेट्रोल-डीजल महंगे होंगे? एक्सपर्ट कहते हैं कि तेल कंपनियों का घाटे कम करने के लिए 15 मई के आसपास पेट्रोल और डीजल की कीमतों में ₹4 से ₹5 प्रति लीटर की बढ़ोतरी हो सकती है। LPG सिलेंडर के दाम भी ₹50 रु. तक बढ़ सकते हैं। 7. क्या पहले ऐसा संकट आया? सबसे बड़ा संकट 1991 में आया था, तब भारत के पास तेल स्टॉक करने का कोई साधन ही उपलब्ध नहीं था। साल 2021-22 में कोरोनाकाल के दौरान भी रणनीतिक भंडार काफी घट गया था। ————————– ये खबर भी पढ़ें… पीएम की बचत की अपील,दिल्ली में मंत्री ई-रिक्शा से चले: MP- जज साइकिल से हाईकोर्ट पहुंचे पीएम मोदी की बचत की अपील का असर चार राज्यों में दिख रहा है। दिल्ली में मंत्री आशीष सूद ने कार्यक्रम में जाने के लिए पहले मेट्रो, फिर ई-रिक्शा की सवारी की। मध्यप्रदेश में जस्टिस डीडी बंसल साइकिल चलाकर हाईकोर्ट पहुंचे। यही नहीं सीएम मोहन यादव ने अपने काफिल में गाड़ियों की संख्या घटा दी है। पूरी खबर पढ़ें…
पेट्रोलियम मंत्री बोले-भारत के पास 60 दिन का कच्चा तेल:45 दिन का LPG स्टॉक है; पीएम की बातों का मनगढ़ंत मतलब न निकालें

पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने मंगलवार को कहा कि भारत के पास 60 दिन का कच्चा तेल, 60 दिन की LNG और 45 दिन की LPG का स्टॉक है। सप्लाई के मामले में कोई दिक्कत नहीं है। हरदीप पुरी ने दिल्ली में आयोजित CII एनुअल बिजनेस समिट में पीएम की बचत की अपील का भी जिक्र किया। पुरी ने कहा कि पीएम ने दो दिन पहले जो बातें कहीं हैं। उसको लेकर अफरा-तफरी मचाना बेकार है। पीएम की बातों को ध्यान से सुनें। उसका मनगढ़ंत मतलब न निकालें। दरअसल पीएम मोदी लगातार दो दिन लोगों से ईंधन और संसाधनों का कम इस्तेमाल करने की अपील कर चुके हैं। उन्होंने कहा कि जहां संभव हो पेट्रोल डीजल का उपयोग कम करें और मेट्रो, इलेक्ट्रिक बस और पब्लिक ट्रांसपोर्ट का उपयोग करें। विदेशी यात्राओं से बचें। हरदीप पुरी बोले- तेल कंपनियों को रोजाना 1,000 करोड़ रुपये का नुकसान हरदीप पुरी ने समिट में कहा कि सरकार ने पश्चिम एशिया संकट के कारण ऊर्जा सप्लाई में आई रुकावटों को बोझ आम जनता पर पड़ने नहीं दिया है। तेल कंपनियों को हर दिन 1,000 करोड़ रुपये का नुकसान हो रहा है, तो घाटा 1,98,000 करोड़ रुपए तक पहुंचने वाला है। अगर आप तिमाही के आंकड़ों को देखें तो कुल नुकसान 1 लाख करोड़ रुपए का है। ऐसे में, आप इसे कब तक इसी तरह बनाए रख सकते हैं? तेल की कीमतें कहां पहुंच गई हैं? पहले यह लगभग $64 या $65 के आसपास हुआ करती थीं। अब यह बढ़कर $115 प्रति बैरल के स्तर तक पहुंच गई हैं। पुरी बोले- LPG उत्पादन 36,000 से बढ़ाकर 54,000 मीट्रिक टन किया हरदीप पुरी ने कहा- दुनिया की कुल ऊर्जा का 20% हिस्सा होर्मुज स्ट्रेट से होकर आता था। हमारे कच्चे तेल के आयात का 85 प्रतिशत हिस्सा वहीं से आता था। लेकिन इससे भी ज्यादा जरूरी बात यह है कि हमारी LPG यानी वह सिलेंडर वाली गैस जिसे आप अपनी रसोई में इस्तेमाल करते हैं। उसका लगभग 60% हिस्सा होर्मुज स्ट्रेट से आता था। अब जब वह रास्ता बंद हुआ तो हमें इसके लिए इंतजाम करने थे। इस संकट से पहले, हमारा घरेलू LPG उत्पादन रोजाना 35,000 या 36,000 मीट्रिक टन था। हमने अपने घरेलू उत्पादन को 36,000 से बढ़ाकर 54,000 मीट्रिक टन तक पहुंचा दिया। यह अपने आप में एक हैरान कर देने वाली उपलब्धि है। 7 सवाल-जवाब; 60 दिनों का तेल-गैस है, फिर भी कम खर्चें 1. देश के पास कितना भंडार है? विशाखापत्तनम, मंगलुरु और पादुर में भूमिगत भंडारण में 5.33 MMT (मिलियन मीट्रिक टन) कच्चा तेल रखने की क्षमता है। अभी यह लगभग 64% (3.37 MMT) भरा है, जो करीब 9.5 दिनों की जरूरत पूरी कर सकता है। अगर तेल कंपनियों के स्टॉक और रणनीतिक भंडार को मिला दिया जाए, तो अभी कुल 60 दिनों का कच्चा तेल, 60 दिनों की प्राकृतिक गैस और 45 दिनों की एलपीजी है। 2. पर्याप्त स्टॉक कितना होता है? अंतर्राष्ट्रीय ऊर्जा एजेंसी के मानकों के अनुसार, देशों को कम से कम 90 दिनों के आयात के बराबर भंडार रखना चाहिए। भारत इस लक्ष्य से थोड़ा पीछे है, पर 60-74 दिनों का बैकअप सुरक्षित स्तर माना जाता है। 3. फिर ईंधन में किफायत क्यों? पीएम की अपील का मकसद तेल की कमी नहीं, बल्कि डॉलर की बचत है। भारत अपनी जरूरत का 88% कच्चा तेल विदेश से खरीदता है जिसके लिए डॉलर में भुगतान करना पड़ता है। जंग से तेल महंगा हो गया है, जिससे देश का विदेशी मुद्रा भंडार घट रहा है। 4. अगले ही दिन सफाई क्यों दी? पीएम मोदी के ‘बचत’ वाले बयान के बाद जनता में पैनिक बाइंग (घबराहट में खरीदारी) शुरू हो गई थी। लोगों को लगा कि शायद लॉकडाउन जैसा कुछ होने वाला है या पेट्रोल पंप सूख जाएंगे। यह डर दूर करने के लिए बताना पड़ा कि अभी भरपूर स्टॉक है। 5. देश रोज कितना तेल इस्तेमाल करता है, उस पर कितना खर्च है? भारत में रोज करीब 50 लाख बैरल कच्चे तेल की खपत होती है। जंग से पहले हम रोजाना $33 करोड़ (करीब 3141 करोड़ रु.) खर्च करते थे, जो अब $50 करोड़ (करीब 4,760 करोड़) हो गया है। यानी रोज 1619 करोड़ रुपए अतिरिक्त खर्च हो रहे हैं। 6. क्या पेट्रोल-डीजल महंगे होंगे? एक्सपर्ट कहते हैं कि तेल कंपनियों का घाटे कम करने के लिए 15 मई के आसपास पेट्रोल और डीजल की कीमतों में ₹4 से ₹5 प्रति लीटर की बढ़ोतरी हो सकती है। LPG सिलेंडर के दाम भी ₹50 रु. तक बढ़ सकते हैं। 7. क्या पहले ऐसा संकट आया? सबसे बड़ा संकट 1991 में आया था, तब भारत के पास तेल स्टॉक करने का कोई साधन ही उपलब्ध नहीं था। साल 2021-22 में कोरोनाकाल के दौरान भी रणनीतिक भंडार काफी घट गया था। ————————– ये खबर भी पढ़ें… पीएम की बचत की अपील,दिल्ली में मंत्री ई-रिक्शा से चले: MP- जज साइकिल से हाईकोर्ट पहुंचे पीएम मोदी की बचत की अपील का असर चार राज्यों में दिख रहा है। दिल्ली में मंत्री आशीष सूद ने कार्यक्रम में जाने के लिए पहले मेट्रो, फिर ई-रिक्शा की सवारी की। मध्यप्रदेश में जस्टिस डीडी बंसल साइकिल चलाकर हाईकोर्ट पहुंचे। यही नहीं सीएम मोहन यादव ने अपने काफिल में गाड़ियों की संख्या घटा दी है। पूरी खबर पढ़ें…
ज्योतिषी को ओएसडी नियुक्त करने के विजय के कदम को सहयोगियों ने नापसंद किया: ‘अस्वीकार्य’ | भारत समाचार

आखरी अपडेट:12 मई, 2026, 22:38 IST तमिलनाडु के मुख्यमंत्री विजय ने अपने ज्योतिषी रिकी राधन पंडित वेट्रिवेल को विशेष कर्तव्य अधिकारी (ओएसडी) के रूप में नियुक्त किया, जिससे उनके सहयोगियों में चिंता फैल गई। विजय ने अपने ज्योतिषी रिकी राधन पंडित को सीएम का ओएसडी नियुक्त किया। तमिलनाडु के मुख्यमंत्री विजय का अपने ज्योतिषी रिकी राधन पंडित वेट्रिवेल को विशेष कर्तव्य अधिकारी (ओएसडी) के रूप में नियुक्त करने का निर्णय कई लोगों के लिए आश्चर्यचकित करने वाला था, सत्तारूढ़ गठबंधन में सहयोगी – कांग्रेस सहित – इस कदम पर सवाल उठा रहे थे। राधान पंडित, जिनके पास वैदिक ज्योतिष में चार दशकों का अभ्यास है, अभिनेता से नेता बने विजय के मुखर समर्थक बन गए, उन्होंने भविष्यवाणी की कि तमिलागा वेट्री कज़गम (टीवीके) चुनाव जीतेगी, इससे बहुत पहले ही पार्टी तमिलनाडु की राजनीति में एक प्रमुख ताकत के रूप में उभरी थी। हालाँकि, टीवीके के सहयोगी उन्हें ओएसडी के रूप में नियुक्त करने से पूरी तरह सहमत नहीं थे। एक्स पर एक पोस्ट में, कांग्रेस सांसद शशिकांत सेंथिल ने कहा, “मुझे पीटता है। एक ज्योतिषी को ओएसडी पद की आवश्यकता क्यों होगी?? क्या कोई समझा सकता है?” विदुथलाई चिरुथिगल काची (वीसीके) भी विजय के सत्तारूढ़ गठबंधन का हिस्सा है। हालाँकि, वीसीके महासचिव डी रविकुमार ने भी अपना विरोध जताते हुए कहा, “एक धर्मनिरपेक्ष सरकार में यह अस्वीकार्य है। माननीय मुख्यमंत्री को इस पर पुनर्विचार करना चाहिए।” मेरे पास एक अच्छा विकल्प है. एक और विकल्प चुनें होम उत्पाद विवरण – क्रेडिट कार्ड pic.twitter.com/jCpGGt5aJi – डॉ. डी.रविकुमार सांसद (@WriterRavikumar) 12 मई 2026 सीपीआई (एम) नेता शनमुगम पी ने कहा, “वैज्ञानिक दृष्टिकोण को बढ़ावा देना सरकार का कर्तव्य है। रिकी राधन पंडित, जिन्हें आज मुख्यमंत्री के राजनीतिक विंग सचिव के रूप में घोषित किया गया है, मूल रूप से एक ज्योतिषी हैं।” उन्होंने कहा, “सरकार द्वारा यह नियुक्ति अस्वीकार्य है! यह भी अस्वीकार्य है कि वह राजनीतिक सलाह देंगे।” मेरे पास एक अच्छा विकल्प है. एक और विकल्प चुनें होम उत्पाद विवरण – क्रेडिट कार्ड pic.twitter.com/jCpGGt5aJi – डॉ. डी.रविकुमार सांसद (@WriterRavikumar) 12 मई 2026 मुख्यमंत्री (राजनीतिक) का विशेष कर्तव्य अधिकारी (ओएसडी) आमतौर पर मुख्यमंत्री कार्यालय, राजनीतिक नेताओं, पार्टी कार्यकर्ताओं, सरकारी विभागों और जनता के बीच एक महत्वपूर्ण कड़ी के रूप में कार्य करता है। यह एक प्रभावशाली पद है, जिसके लिए राजनीतिक समन्वय की आवश्यकता वाले मामलों पर सीएम के साथ घनिष्ठ समन्वय की आवश्यकता होती है। नवीनतम नियुक्ति ने राधन पंडित के राजनीतिक दलों, विशेषकर तमिलनाडु की दिवंगत मुख्यमंत्री जे जयललिता के साथ संबंधों पर नए सिरे से ध्यान आकर्षित किया है। पंडित ने दावा किया है कि उन्होंने जयललिता के राजनीतिक करियर के महत्वपूर्ण चरणों, जैसे 1991 में उनकी प्रचंड जीत, के दौरान उनके आध्यात्मिक सलाहकार के रूप में काम किया। यह भी पढ़ें: जब भविष्यवाणियां नुकसान पहुंचाती हैं: विजय की जीत की भविष्यवाणी करने वाले ज्योतिषी राधन पंडित ने एक बार जयललिता का मार्गदर्शन किया था एक अवधि के लिए, उन्हें उनके आंतरिक सलाहकार मंडल के हिस्से के रूप में देखा गया, जो चुपचाप पर्दे के पीछे से निर्णयों को प्रभावित कर रहे थे। हालाँकि, रिश्ते में खटास तब आई जब उन्होंने जयललिता को 1994 के आसपास शुरू होने वाले एक कठिन राजनीतिक चरण की चेतावनी दी, जिसे अच्छी प्रतिक्रिया नहीं मिली। चुनी हुई कहानियाँ, आपके इनबॉक्स में हमारी सर्वोत्तम पत्रकारिता वाला एक न्यूज़लेटर जमा करना न्यूज़ इंडिया ज्योतिषी को ओएसडी नियुक्त करने के विजय के कदम को सहयोगियों ने नापसंद किया: ‘अस्वीकार्य’ अस्वीकरण: टिप्पणियाँ उपयोगकर्ताओं के विचार दर्शाती हैं, News18 के नहीं। कृपया चर्चाएँ सम्मानजनक और रचनात्मक रखें। अपमानजनक, मानहानिकारक, या अवैध टिप्पणियाँ हटा दी जाएंगी। News18 अपने विवेक से किसी भी टिप्पणी को अक्षम कर सकता है. पोस्ट करके, आप हमारी उपयोग की शर्तों और गोपनीयता नीति से सहमत होते हैं। और पढ़ें (टैग्सटूट्रांसलेट) विजय ज्योतिषी ओएसडी नियुक्ति (टी) तमिलनाडु के मुख्यमंत्री विजय (टी) रिकी राधन पंडित वेट्रिवेल (टी) विशेष कर्तव्य अधिकारी (टी) टीवीके सत्तारूढ़ गठबंधन (टी) कांग्रेस और वीसीके आलोचना (टी) धर्मनिरपेक्ष सरकार विवाद (टी) सीपीआई (एम) वैज्ञानिक दृष्टिकोण
विजय की ‘स्वर्णिम’ चुप्पी: उदयनिधि ने सनातन का अपमान किया | तमिलनाडु में नई सरकार लेकिन हिंदू अब भी दूसरे नंबर पर?

सनातन धर्म पर उदयनिधि स्टालिन की टिप्पणी के बाद तमिलनाडु की राजनीति में ताजा विवाद देखने को मिल रहा है, जिससे राज्य भर में राजनीतिक और वैचारिक बहस फिर से शुरू हो गई है। आलोचक अब सवाल कर रहे हैं कि क्या विजय के नेतृत्व में नया राजनीतिक नेतृत्व तमिलनाडु में हिंदू पहचान, धार्मिक भावनाओं और सांस्कृतिक राजनीति से संबंधित मुद्दों पर स्पष्ट रुख अपनाएगा। इस मुद्दे पर विजय की चुप्पी के आसपास की बहस ने राजनीतिक पर्यवेक्षकों, समर्थकों और विपक्षी आवाजों से समान रूप से प्रतिक्रियाएं शुरू कर दी हैं, कई लोग पूछ रहे हैं कि क्या राज्य में वास्तविक राजनीतिक बदलाव हो रहा है या क्या नए नेतृत्व के तहत पुरानी वैचारिक लड़ाई जारी रहेगी। n18oc_politicsn18oc_indiaNews18 मोबाइल ऐप – https://onelink.to/desc-youtube आखरी अपडेट: 12 मई, 2026, 21:54 IST (टैग्सटूट्रांसलेट)ब्रेकिंग न्यूज(टी)करंट अफेयर्स(टी)डीएमके(टी)हिंदू राजनीति(टी)भारत की राजनीति(टी)राजनीतिक विश्लेषण(टी)राजनीतिक विवाद(टी)राजनीतिक समाचार(टी)सनातन धर्म(टी)तमिलनाडु समाचार(टी)तमिलनाडु राजनीति(टी)उदयनिधि स्टालिन(टी)विजय







