ईरान ने US को चिढ़ाया- ‘हबीबी अंकल सैम, ईरान आओ’:दूतावास ने होर्मुज में माइनस्वीपर गेम का वीडियो पोस्ट किया

ईरान ने अमेरिका को चिढ़ाते हुए एक वीडियो शेयर किया है। सिएरा लियोन में ईरानी दूतावास ने 35 सेकेंड का वीडियो पोस्ट किया। इसके साथ लिखा- “हबीबी (अंकल सैम), ईरान आओ!” वीडियो में होर्मुज स्ट्रेट का 3D नक्शा दिखता है। इस पर ‘माइन्सवीपर’ गेम खेला जा रहा है। इस गेम में खिलाड़ी को छिपी हुई समुद्री माइन्स (बारुदी सुरंगो) से बचना होता है। ईरान ने यह वीडियो ऐसे समय पोस्ट किया है, जब होर्मुज स्ट्रेट में समुद्री माइन्स बिछाने को लेकर अमेरिका और ईरान के बीच तनाव बढ़ा हुआ है। अमेरिका ने ईरान के रॉकेट लॉन्चर को निशाना बनाया अमेरिका ने रविवार को होर्मुज के एक द्वीप पर ईरान के रॉकेट लॉन्चरों पर हमला किया था। अमेरिका का कहना था कि ईरान इनका इस्तेमाल समुद्र में माइन्स खदानें डालने के लिए कर सकता है। अमेरिका ने पिछले हफ्ते ही होर्मुज के अंतरराष्ट्रीय जहाज मार्गों से मुद्री माइन्स हटाई थीं। इसके बाद राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने चेतावनी दी थी कि अगर ईरान ने दोबारा समुद्री माइन्स बिछाईं तो उन्हें बिछाने वाले जहाज और बोट को नष्ट कर दिया जाएगा। ईरान ने अमेरिकी ठिकानों पर मिसाइलें दागीं अमेरिकी हमले के जवाब में ईरान ने जॉर्डन में दो अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर बैलिस्टिक मिसाइलें दागीं। ईरान ने भारी नुकसान का दावा किया। वहीं, जॉर्डन की सेना ने कहा कि उसने 8 मिसाइलों को रोक दिया। इसके बाद अमेरिका ने ईरान के सैन्य ठिकानों पर फिर हमला किया। अमेरिकी सेंट्रल कमांड के मुताबिक, इन हमलों में ईरान के एयर डिफेंस, रडार, समुद्री ठिकानों, खदानें बिछाने की क्षमता और संचार केंद्रों को निशाना बनाया गया। खबर अपडेट हो रही…
ट्रम्प-सरकार ने अवैध प्रवासियों को खदेड़ने वाले गेम लॉन्च किए:पीछा करके पकड़ेंगे खिलाड़ी; मेक्सिको बॉर्डर पर दीवार बनाएंगे

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के व्हाइट हाउस ने ऑनलाइन वीडियो गेम्स की एक वेबसाइट लॉन्च की है, जिसमें खिलाड़ियों को अवैध प्रवासियों को पकड़ने, डिपोर्ट करने और अमेरिका-मेक्सिको बॉर्डर पर दीवार बनाने जैसे ऑप्शन दिए गए हैं। वेबसाइट पर मौजूद एक गेम ‘रियो रन’ क्लासिक आर्केड गेम ‘स्नेक’ पर बेस्ड है। इसमें अमेरिकी बॉर्डर प्रमुख टॉम होमन का डिजिटल किरदार रियो ग्रांडे नदी के पास माइग्रेंट्स का पीछा करता है। वहीं दूसरे गेम ‘बिल्ड द वॉल’ में खिलाड़ियों को ब्लॉक जोड़कर अमेरिका-मैक्सिको सीमा पर दीवार बनाने का टास्क दिया गया है। इसमें लिखा है- “आने वाली भीड़ से सीमा की रक्षा करें।” व्हाइट हाउस बोला- उपलब्धियों को लोगों तक पहुंचाने की कोशिश व्हाइट हाउस के एक्स अकाउंट ने ‘मेक अमेरिका ग्रेट अगेन’ यानी MAGA लोगो से मिलता-जुलता एक वीडियो पोस्ट किया। इसमें लिखा था- “जीतना बंद नहीं कर सकते। दीवार बनाओ। डिपोर्ट करो। ट्रम्प अकाउंट भरो।” व्हाइट हाउस ने कहा कि इन गेम्स के जरिए प्रशासन राष्ट्रपति की उपलब्धियों और नीतियों को ऐसे तरीके से लोगों तक पहुंचाना चाहता है, जो हर अमेरिकी से जुड़ सके। मानवाधिकार संगठनों ने जताई नाराजगी गेम्स लॉन्च होने के बाद अधिकार संगठनों ने व्हाइट हाउस की आलोचना की। टेक्सास के ईगल पास में फ्रोंटेरा फेडरेशन की सह-निदेशक अमेरिका गार्सिया ग्रेवाल ने कहा कि प्रशासन लंबे समय से लोगों की जिंदगी के साथ खेल रहा था और अब उसने इसे वीडियो गेम का रूप दे दिया है। बॉर्डर पर काम करने वाली संस्था AMIGOS सैन डिएगो कम्युनिटी की प्रोग्राम कोऑर्डिनेटर एड्रियाना जासो ने कहा कि इन आर्केड गेम्स से प्रशासन की गंभीरता की कमी दिखाई देती है। उन्होंने कहा कि प्रशासन प्रवासियों को अमानवीय और मजाक का विषय बनाने की कोशिश कर रहा है, जबकि हिरासत केंद्रों में लोगों की मौत हो रही है। उनके मुताबिक, “यह मुद्दे को ऐसे पेश करता है जैसे यह कोई गेम हो, जबकि असल में ऐसा नहीं है।” खबर अपडेट हो रही है…
ट्रम्प-सरकार ने अवैध प्रवासियों को खदेड़ने वाले गेम लॉन्च किए:पीछा करके पकड़ेंगे खिलाड़ी; मेक्सिको बॉर्डर पर दीवार बनाएंगे

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के व्हाइट हाउस ने ऑनलाइन वीडियो गेम्स की एक वेबसाइट लॉन्च की है, जिसमें खिलाड़ियों को अवैध प्रवासियों को पकड़ने, डिपोर्ट करने और अमेरिका-मेक्सिको बॉर्डर पर दीवार बनाने जैसे ऑप्शन दिए गए हैं। वेबसाइट पर मौजूद एक गेम ‘रियो रन’ क्लासिक आर्केड गेम ‘स्नेक’ पर बेस्ड है। इसमें अमेरिकी बॉर्डर प्रमुख टॉम होमन का डिजिटल किरदार रियो ग्रांडे नदी के पास माइग्रेंट्स का पीछा करता है। वहीं दूसरे गेम ‘बिल्ड द वॉल’ में खिलाड़ियों को ब्लॉक जोड़कर अमेरिका-मैक्सिको सीमा पर दीवार बनाने का टास्क दिया गया है। इसमें लिखा है- “आने वाली भीड़ से सीमा की रक्षा करें।” व्हाइट हाउस बोला- उपलब्धियों को लोगों तक पहुंचाने की कोशिश व्हाइट हाउस के एक्स अकाउंट ने ‘मेक अमेरिका ग्रेट अगेन’ यानी MAGA लोगो से मिलता-जुलता एक वीडियो पोस्ट किया। इसमें लिखा था- “जीतना बंद नहीं कर सकते। दीवार बनाओ। डिपोर्ट करो। ट्रम्प अकाउंट भरो।” व्हाइट हाउस ने कहा कि इन गेम्स के जरिए प्रशासन राष्ट्रपति की उपलब्धियों और नीतियों को ऐसे तरीके से लोगों तक पहुंचाना चाहता है, जो हर अमेरिकी से जुड़ सके। मानवाधिकार संगठनों ने जताई नाराजगी गेम्स लॉन्च होने के बाद अधिकार संगठनों ने व्हाइट हाउस की आलोचना की। टेक्सास के ईगल पास में फ्रोंटेरा फेडरेशन की सह-निदेशक अमेरिका गार्सिया ग्रेवाल ने कहा कि प्रशासन लंबे समय से लोगों की जिंदगी के साथ खेल रहा था और अब उसने इसे वीडियो गेम का रूप दे दिया है। बॉर्डर पर काम करने वाली संस्था AMIGOS सैन डिएगो कम्युनिटी की प्रोग्राम कोऑर्डिनेटर एड्रियाना जासो ने कहा कि इन आर्केड गेम्स से प्रशासन की गंभीरता की कमी दिखाई देती है। उन्होंने कहा कि प्रशासन प्रवासियों को अमानवीय और मजाक का विषय बनाने की कोशिश कर रहा है, जबकि हिरासत केंद्रों में लोगों की मौत हो रही है। उनके मुताबिक, “यह मुद्दे को ऐसे पेश करता है जैसे यह कोई गेम हो, जबकि असल में ऐसा नहीं है।” खबर अपडेट हो रही है…
मूवी रिव्यू- जीवन या भीमा कॉन:करोड़ों का लालच और घर में बवाल; कहानी बढ़िया, लेकिन कमजोर स्क्रीनप्ले, एक जैसे घिसे-पिटे डायलॉग ने बिगाड़ा गेम

कास्ट- अरशद वारसी, विजय राज, संजीदा शेख डायरेक्टर- अभिषेक डोगरा ड्यूरेशन: 1 घंटा 55 मिनट रेटिंग- 1.5/ 5 एक आदमी अपनी मौत का झूठा नाटक रचता है, करोड़ों का इंश्योरेंस पाने का सपना देखता है और फिर उसकी जिंदगी में ऐसा बवाल शुरू होता है कि संभालना मुश्किल हो जाता है। ‘जीवन या भीमा कॉन?’ का आइडिया पहली नजर में काफी मजेदार लगता है और फिल्म की शुरुआत भी इसी वजह से उम्मीद जगाती है। लेकिन जैसे-जैसे कहानी आगे बढ़ती है, कॉमेडी के साथ उलझन भी बढ़ती जाती है। कुछ सीन खूब हंसाते हैं, कलाकारों की टाइमिंग भी अच्छी है, लेकिन कहानी हर बार अपने ही सेटअप का पूरा फायदा नहीं उठा पाती। कैसी है फिल्म की कहानी? कहानी है जीवन (अरशद वारसी) की, जो एक आम आदमी है और अपनी जमा-पूंजी एक रेस्टोरेंट खोलने में लगा देता है। हालात बिगड़ते हैं, कर्ज बढ़ता है और पैसे की जरूरत ऐसी आती है कि जीवन अपनी मौत का नाटक करने की खतरनाक योजना बना लेता है। किस्मत उसका साथ कुछ इस तरह देती है कि उसे अपने हमशक्ल भीमा (अरशद वारसी) के बारे में पता चलता है। भीमा एक डायमंड स्मगलर है, जिसका संबंध गैंगस्टर विनायक (विजय राज) से है। जीवन और उसकी पत्नी योजना (संजीदा शेख) मिलकर भीमा की पहचान का फायदा उठाकर दो करोड़ रुपए का इंश्योरेंस हासिल करने की कोशिश करते हैं। लेकिन प्लान यहां से बिगड़ना शुरू होता है। भीमा के पीछे पड़े विनायक और उसका साथी मनु (बृजेंद्र काला) उनके घर तक पहुंच जाते हैं। दूसरी तरफ इंश्योरेंस इंस्पेक्टर (अतुल परचुरे) भी क्लेम की जांच में लग जाता है। घर की मालकिन याशिका (पूजा चोपड़ा) की अपनी अलग दिलचस्पी है। इसके बाद हर किरदार दूसरे को शक की नजर से देखने लगता है और शुरू होती है गलत पहचान, झूठ और पैसों के पीछे भागने की कॉमेडी। कैसी है स्टारकास्ट की एक्टिंग? अरशद वारसी फिल्म की सबसे बड़ी ताकत हैं। एक तरफ वह परेशान, कर्ज में डूबे जीवान बने हैं और दूसरी तरफ शराबी डायमंड स्मगलर भीमा। दोनों किरदारों के हाव-भाव, बोलने के तरीके और बॉडी लैंग्वेज में फर्क दिखाना आसान नहीं था, लेकिन अरशद इसे अच्छी तरह संभालते हैं। खासकर भीमा वाले हिस्सों में उनका कॉमिक टाइमिंग फिल्म को कई बार बचाता है। संजीदा शेख, योजना के किरदार में अच्छी लगती हैं और अरशद के साथ उनकी केमिस्ट्री भी सहज लगती है। विजय राज अपने अंदाज में फिल्म में क्राइम और कॉमेडी का अच्छा बैलेंस बनाते हैं। बृजेंद्र काला भी अपने किरदार में फिट बैठते हैं और कुछ सीन में अच्छी हंसी निकालते हैं। पूजा चोपड़ा को याशिका के रूप में कुछ मजेदार मौके मिलते हैं, हालांकि उनके किरदार को थोड़ा और इस्तेमाल किया जा सकता था। दिवंगत अतुल परचुरे इंश्योरेंस इंस्पेक्टर के छोटे लेकिन असरदार रोल में अपनी स्वाभाविक कॉमिक टाइमिंग दिखाते हैं। कैसा है डायरेक्शन, स्क्रीनप्ले और टेक्निकल एस्पेक्ट्स? डायरेक्टर अभिषेक डोगरा ने कहानी को ज्यादातर एक ही घर के अंदर रखा है। इससे फिल्म का सेटअप एक तरह की कमरे में बंद कॉमेडी जैसा बन जाता है, जहां कलाकारों और स्क्रीनप्ले पर पूरा दारोमदार रहता है। शुरुआत में यह तरीका काम करता है, लेकिन बाद में यही सीमित लोकेशन कहानी पर भारी पड़ने लगती है। स्क्रीनप्ले की सबसे बड़ी समस्या यह है कि फिल्म के पास एक अच्छा आइडिया होने के बावजूद उसके साथ लगातार नए और मजेदार खेल नहीं किए जाते। कुछ स्थितियां बार-बार दोहराई जाती हैं। गलत पहचान से पैदा होने वाली कॉमेडी में काफी गुंजाइश थी, लेकिन कहानी उस संभावनाओं को पूरी तरह इस्तेमाल नहीं कर पाती। फिल्म में कुछ वन-लाइनर्स हंसाते हैं, लेकिन कई जगह हास्य जरूरत से ज्यादा साधारण और जबरदस्ती का लगता है। खासकर फार्ट जोक्स और टॉयलेट ह्यूमर हर दर्शक को पसंद आए, यह जरूरी नहीं। फिल्म का दूसरा हिस्सा कुछ जगह खिंचता हुआ महसूस होता है और क्लाइमैक्स भी बहुत ज्यादा चौंकाता नहीं है। टेक्निकल तौर पर फिल्म ठीक-ठाक है। सिनेमैटोग्राफी कहानी के हिसाब से काम करती है और प्रोडक्शन डिजाइन फिल्म के मिडिल क्लास माहौल को सपोर्ट करता है। एडिटिंग पहले हिस्से में ठीक रहती है, लेकिन बाद के हिस्से में कुछ सीन और छोटे किए जा सकते थे। कैसा है फिल्म का म्यूजिक? फिल्म का म्यूजिक कहानी पर हावी नहीं होता और ज्यादातर बैकग्राउंड तक ही सीमित रहता है। कोई ऐसा गाना नहीं है जो फिल्म देखने के बाद लंबे समय तक याद रह जाए। हालांकि बैकग्राउंड स्कोर कॉमेडी और क्राइम वाले हिस्सों को सपोर्ट करता है और फिल्म के माहौल के हिसाब से ठीक बैठता है। फाइनल वर्डिक्ट: फिल्म देखें या नहीं? ‘जीवन या भीमा कॉन?’ के पास एक ऐसा आइडिया है, जिससे एक शानदार कॉमेडी ऑफ एरर्स बनाई जा सकती थी। कलाकार भी अच्छे हैं और अरशद वारसी फिल्म को लगातार संभालते नजर आते हैं। लेकिन कमजोर स्क्रीनप्ले, दोहराए गए मजाक, कुछ जबरदस्ती के जोक्स और अनुमान लगाने लायक क्लाइमैक्स फिल्म को उस स्तर तक नहीं पहुंचने देते, जहां यह यादगार कॉमेडी बन सके। फिर भी अगर आप बिना ज्यादा उम्मीद के हल्की-फुल्की कॉमेडी देखना चाहते हैं, तो फिल्म एक बार मनोरंजन कर सकती है। मसाला मौजूद है, कलाकार भी दमदार हैं, बस कहानी की आंच थोड़ी और तेज होती तो स्वाद काफी बेहतर होता।
एस्टोनिया के रक्षामंत्री ने इस्तीफा दिया:यूक्रेन को समय पर तोप के गोले नहीं दे पाए; कॉन्ट्रेक्ट में भारतीय कंपनी शामिल, अनुभव नहीं होने का आरोप

एस्टोनिया के रक्षा मंत्री हानो पेवकुर ने इस्तीफा दे दिया है। उनके इस्तीफे की वजह यूक्रेन के लिए की गई करीब 768 करोड़ रुपए की एक डील है। सौदे के तहत भारतीय कंपनी से जुड़ी इटली की एक फर्म को गोला-बारूद सप्लाई का कॉन्ट्रैक्ट दिया गया था। आरोप है कि कंपनी के पास तोप के गोले बनाने या बेचने का अनुभव नहीं था। इसके बावजूद उसे बड़ा कॉन्ट्रैक्ट दिया गया और भारी रकम एडवांस में दी गई। कंपनी के साथ किए गए थे 4 समझौते 2024 में एस्टोनिया के सेंटर फॉर डिफेंस इन्वेस्टमेंट ने तोप के गोलों की खरीद के लिए डेटासेल एसआरएल के साथ चार समझौते किए। यह कंपनी इटली में रजिस्टर्ड है। मार्च 2024 में इसे भारतीय कंपनी नेको डिफेंस म्यूनिशंस ने खरीदा था। पहला कॉन्ट्रैक्ट अगस्त 2024 में हुआ था। इसके तहत करीब 1.5 करोड़ यूरो एडवांस दिए गए। इसके बाद दूसरे और फिर दो अन्य कॉन्ट्रैक्ट किए गए। चारों सौदों में एडवांस भुगतान करीब 7 करोड़ यूरो तक पहुंच गया। नवंबर 2024 तक यूक्रेन पहुंचने थे गोले गोला-बारूद का पहला बैच नवंबर 2024 में यूक्रेन पहुंचना था, लेकिन डेटासेल ने देरी की। बाद में जो सामान पहुंचा, उसे लेकर भी सवाल उठाए गए। अधिकारियों के मुताबिक, कुछ खेप अधूरी थी और उसमें गोले चलाने के लिए जरूरी हिस्से मौजूद नहीं थे। इनमें फ्यूज, प्रोपेलेंट चार्ज और प्राइमर जैसे हिस्से शामिल बताए गए हैं। इसलिए एस्टोनिया ने कुछ सामान को स्वीकार नहीं किया। कंपनी ने आरोपों को खारिज किया डेटासेल ने एस्टोनिया के आरोपों को स्वीकार नहीं किया है। कंपनी का कहना है कि उसने बड़ी मात्रा में सामान तैयार किया और उसकी सप्लाई के लिए बिल भी दिए। कंपनी ने यह भी कहा कि डिलीवरी में देरी के पीछे अलग-अलग देशों से मंजूरी और जरूरी दस्तावेज मिलने में हुई देरी जैसी वजहें थीं। एस्टोनिया के 768 करोड़ रुपए अटके एस्टोनिया ने इस सौदे में करीब 768 करोड़ रुपए दिए थे। अब वह इस रकम को वापस पाने की कोशिश कर रहा है। अनुबंध को लेकर मामला मध्यस्थता तक पहुंच गया है। अगर पैसा वापस नहीं मिला तो एस्टोनिया पर इस रकम का वित्तीय बोझ पड़ सकता है। यूरोपीय आयोग भी एस्टोनिया के साथ इस मामले पर बातचीत कर रहा है। EU के फंड से आया था पैसा इस सौदे में इस्तेमाल हुआ पैसा यूरोपीय संघ की यूरोपियन पीस फैसिलिटी (EPF) से आया था। यह फंड यूक्रेन को सैन्य सहायता देने के लिए इस्तेमाल किया जा रहा है। अब सवाल यह है कि अगर एस्टोनिया कंपनी से पैसा वापस नहीं ले पाया तो इस फंड का क्या होगा। यूरोपीय आयोग इस मामले में एस्टोनियाई अधिकारियों के संपर्क में है। मंत्री बोले- हर सौदे की जिम्मेदारी मेरी रक्षा मंत्री हानो पेवकुर ने कहा कि मंत्री खुद हर हथियार खरीद के कॉन्ट्रैक्ट पर बातचीत नहीं करता। उन्होंने यह भी कहा कि उन्होंने संबंधित कॉन्ट्रैक्ट व्यक्तिगत रूप से नहीं पढ़े थे। लेकिन उनके मुताबिक, मंत्रालय के काम की राजनीतिक जिम्मेदारी रक्षा मंत्री की होती है। इसी वजह से उन्होंने इस्तीफा देने का फैसला किया। जांच में खरीद प्रक्रिया पर भी सवाल एस्टोनिया के राष्ट्रीय लेखा कार्यालय ने इस सौदे को लेकर गंभीर सवाल उठाए हैं। जांच का एक बड़ा मुद्दा यह है कि इतने बड़े रक्षा सौदे में ऐसी कंपनी को कैसे चुना गया, जिसके पास तोप के गोले की सप्लाई का पहले का अनुभव नहीं था। यानी विवाद सिर्फ इस बात पर नहीं है कि गोले समय पर पहुंचे या नहीं। सवाल यह भी है कि कंपनी का चयन कैसे हुआ और इतनी बड़ी रकम एडवांस में क्यों दी गई। ————————-
पान मसाला एड विवाद में शाहरुख की मुश्किल बढ़ेंगी!:FDA को नहीं भेजा जवाब, 15 दिन की समय सीमा खत्म, अजय देवगन-टाइगर श्रॉफ ने आदेश माना

पान मसाला एड मामले में अजय देवगन और टाइगर श्रॉफ ने महाराष्ट्र फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन (FDA) को अपना जवाब भेज दिया है। वहीं, शाहरुख खान की तरफ से अभी तक कोई जवाब नहीं मिला है। तीनों एक्टर्स को 14 अगस्त को नोटिस जारी कर 15 दिन के अंदर जवाब देने का आदेश दिया गया था। महाराष्ट्र FDA ने 11 अगस्त को शाहरुख खान, अजय देवगन और टाइगर श्रॉफ को ‘च्युइंग इलायची’ ब्रांड का विज्ञापन करने के मामले में नोटिस भेजा था। नोटिस में 15 दिन के अंदर जवाब नहीं मिलने पर कार्रवाई की बात कही गई थी। ‘सीएनएन-न्यूज18’ की रिपोर्ट के मुताबिक, रेगुलेटर को अजय देवगन और टाइगर श्रॉफ के जवाब मिल गए हैं। शाहरुख खान का जवाब अभी तक नहीं मिला है और FDA उनके रिप्लाई का इंतजार कर रहा है। रेगुलेटर ने सवाल उठाया है कि क्या यह विज्ञापन विमल पान मसाला के सरोगेट प्रमोशन के बराबर हो सकता है। महाराष्ट्र में पान मसाला के प्रमोशन पर रोक है। FDA का कहना है कि भले ही विज्ञापन इलायची प्रोडक्ट के लिए है, लेकिन इसकी ब्रांडिंग पान मसाला ब्रांड से अप्रत्यक्ष कनेक्शन बना सकती है। तीनों एक्टर्स से मांगे गए थे सबूत FDA ने अजय देवगन, शाहरुख खान और टाइगर श्रॉफ से इस बात के सबूत मांगे थे कि उन्होंने विमल इलायची का जो विज्ञापन किया है, वह पूरी तरह अलग प्रोडक्ट है। इसके साथ ही उनसे यह भी साबित करने को कहा गया था कि यह विज्ञापन बैन किए गए विमल पान मसाला और तंबाकू के दूसरे प्रोडक्ट्स के प्रमोशन के लिए बनाया गया सरोगेट विज्ञापन नहीं है। शाहरुख के जवाब नहीं दिया तो लगेगा जुर्माना अजय देवगन और टाइगर श्रॉफ का जवाब मिलने के बाद अब FDA शाहरुख खान के जवाब का इंतजार कर रहा है। शाहरुख की तरफ से जवाब नहीं मिलने पर FDA क्या कार्रवाई करेगा, यह अभी साफ नहीं है। जानकारी के मुताबिक, समय सीमा तक जवाब न देने की स्थिति में लाखों रुपए का जुर्माना लगाया जा सकता है या कानूनी कार्रवाई की जा सकती है। पान मसाला एड विवाद पर सेलेब्स के पुराने बयान पान मसाला एड पर लंबे समय से विवाद है। हालांकि एक्टर्स का कहना है कि एड नहीं बल्कि बिक्री पर रोक लगाना चाहिए। शाहरुख खान और अजय देवगन पहले भी कह चुके हैं कि अगर कोई प्रॉडक्ट सेहत के लिए नुकसानदेह है, तो सरकार को उसके निर्माण और बिक्री पर ही रोक लगा देनी चाहिए। CNN-IBN को दिए एक पुराने इंटरव्यू में शाहरुख खान से पूछा गया था कि स्वास्थ्य मंत्री ने सेलिब्रिटीज से सॉफ्ट ड्रिंक्स जैसे उत्पादों का विज्ञापन न करने की अपील की है, क्योंकि बच्चे उन्हें देखकर पीने लगते हैं। इस पर शाहरुख ने कहा था कि अगर सिगरेट या सॉफ्ट ड्रिंक्स खराब हैं, तो सरकार देश में उनकी बिक्री और उत्पादन ही रोक दे। सरकार को मिलता है रेवेन्यू, फिर मेरी कमाई क्यों रोकते हैं – शाहरुख शाहरुख खान ने अपने जवाब में तर्क दिया था कि सरकार ऐसे उत्पादों को इसलिए बंद नहीं करती क्योंकि वे सरकार के लिए राजस्व (रेवेन्यू) का जरिया हैं। शाहरुख ने कहा था कि जब सरकार अपने रेवेन्यू के लिए उत्पादन नहीं रोक रही है, तो उनकी कमाई को भी नहीं रोका जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि वे एक एक्टर हैं और काम करके कमाना उनका पेशा है। अगर कोई चीज वाकई गलत है, तो उसका बनना ही बंद होना चाहिए। अजय देवगन बोले- मैं केवल इलायची का प्रचार करता हूं साल 2022 में भी जब इस तरह के विज्ञापन पर विवाद बढ़ा था, तब अभिनेता अजय देवगन ने अपना पक्ष रखा था। अजय ने कहा था कि वे केवल ‘इलायची’ का विज्ञापन करते हैं और सरोगेट एडवरटाइजिंग के आरोपों से इनकार किया था। उन्होंने कहा था कि किसी उत्पाद को इस्तेमाल करना इंसान की व्यक्तिगत पसंद पर निर्भर करता है। अजय ने भी शाहरुख खान की बात से सहमति जताते हुए कहा था कि अगर कोई उत्पाद हानिकारक है, तो सबसे पहले उसके निर्माण पर रोक लगानी चाहिए। सेलेब्स के इन एड पर भी हुआ विवाद- कृति सेनन रक्षाबंधन एड विवादः एक्ट्रेस कृति सेनन हाल ही में जूलरी ब्रांड जीवा के जूलरी ब्रांड में नजर आईं। एड में भाई और कुत्ते को राखी बांधती हुईं कृति ने रिवीलिंग कपड़े पहने, जिससे विवाद हो गया। आलोचना के बीच ब्रांड ने एड हटा दिया। आमिर खान गृहप्रवेश एड विवादः आमिर खान कुछ सालों पहले एक प्राइवेट बैंक के एड में कियारा आडवाणी संग नजर आए। इसमें आमिर शादी के बाद दुल्हन के गृह प्रवेश करने के उलट घर जमाई के रूप में ससुराल में गृह प्रवेश करते नजर आ रहे हैं। तनिष्क एड पर हिंदू-मुस्लिम विवादः टाटा ग्रुप के मशहूर ज्वेलरी ब्रांड तनिष्क ने कुछ सालों पहले इंटर रिलीजन मैरिज पर आधारित एड जारी किया था। विज्ञापन में एक हिंदू लड़की की मुस्लिम लड़के से शादी दिखाई गई है। एड पर जमकर विवाद हुआ, जिसके बाद तनिष्क ने वीडियो को यूट्यूब चैनल से हटा दिया है।
पान मसाला एड विवाद में शाहरुख की मुश्किल बढ़ेंगी!:FDA को नहीं भेजा जवाब, 15 दिन की समय सीमा खत्म, अजय देवगन-टाइगर श्रॉफ ने आदेश माना

पान मसाला एड मामले में अजय देवगन और टाइगर श्रॉफ ने महाराष्ट्र फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन (FDA) को अपना जवाब भेज दिया है। वहीं, शाहरुख खान की तरफ से अभी तक कोई जवाब नहीं मिला है। तीनों एक्टर्स को 14 अगस्त को नोटिस जारी कर 15 दिन के अंदर जवाब देने का आदेश दिया गया था। महाराष्ट्र FDA ने 11 अगस्त को शाहरुख खान, अजय देवगन और टाइगर श्रॉफ को ‘च्युइंग इलायची’ ब्रांड का विज्ञापन करने के मामले में नोटिस भेजा था। नोटिस में 15 दिन के अंदर जवाब नहीं मिलने पर कार्रवाई की बात कही गई थी। ‘सीएनएन-न्यूज18’ की रिपोर्ट के मुताबिक, रेगुलेटर को अजय देवगन और टाइगर श्रॉफ के जवाब मिल गए हैं। शाहरुख खान का जवाब अभी तक नहीं मिला है और FDA उनके रिप्लाई का इंतजार कर रहा है। रेगुलेटर ने सवाल उठाया है कि क्या यह विज्ञापन विमल पान मसाला के सरोगेट प्रमोशन के बराबर हो सकता है। महाराष्ट्र में पान मसाला के प्रमोशन पर रोक है। FDA का कहना है कि भले ही विज्ञापन इलायची प्रोडक्ट के लिए है, लेकिन इसकी ब्रांडिंग पान मसाला ब्रांड से अप्रत्यक्ष कनेक्शन बना सकती है। तीनों एक्टर्स से मांगे गए थे सबूत FDA ने अजय देवगन, शाहरुख खान और टाइगर श्रॉफ से इस बात के सबूत मांगे थे कि उन्होंने विमल इलायची का जो विज्ञापन किया है, वह पूरी तरह अलग प्रोडक्ट है। इसके साथ ही उनसे यह भी साबित करने को कहा गया था कि यह विज्ञापन बैन किए गए विमल पान मसाला और तंबाकू के दूसरे प्रोडक्ट्स के प्रमोशन के लिए बनाया गया सरोगेट विज्ञापन नहीं है। शाहरुख के जवाब नहीं दिया तो लगेगा जुर्माना अजय देवगन और टाइगर श्रॉफ का जवाब मिलने के बाद अब FDA शाहरुख खान के जवाब का इंतजार कर रहा है। शाहरुख की तरफ से जवाब नहीं मिलने पर FDA क्या कार्रवाई करेगा, यह अभी साफ नहीं है। जानकारी के मुताबिक, समय सीमा तक जवाब न देने की स्थिति में लाखों रुपए का जुर्माना लगाया जा सकता है या कानूनी कार्रवाई की जा सकती है। पान मसाला एड विवाद पर सेलेब्स के पुराने बयान पान मसाला एड पर लंबे समय से विवाद है। हालांकि एक्टर्स का कहना है कि एड नहीं बल्कि बिक्री पर रोक लगाना चाहिए। शाहरुख खान और अजय देवगन पहले भी कह चुके हैं कि अगर कोई प्रॉडक्ट सेहत के लिए नुकसानदेह है, तो सरकार को उसके निर्माण और बिक्री पर ही रोक लगा देनी चाहिए। CNN-IBN को दिए एक पुराने इंटरव्यू में शाहरुख खान से पूछा गया था कि स्वास्थ्य मंत्री ने सेलिब्रिटीज से सॉफ्ट ड्रिंक्स जैसे उत्पादों का विज्ञापन न करने की अपील की है, क्योंकि बच्चे उन्हें देखकर पीने लगते हैं। इस पर शाहरुख ने कहा था कि अगर सिगरेट या सॉफ्ट ड्रिंक्स खराब हैं, तो सरकार देश में उनकी बिक्री और उत्पादन ही रोक दे। सरकार को मिलता है रेवेन्यू, फिर मेरी कमाई क्यों रोकते हैं – शाहरुख शाहरुख खान ने अपने जवाब में तर्क दिया था कि सरकार ऐसे उत्पादों को इसलिए बंद नहीं करती क्योंकि वे सरकार के लिए राजस्व (रेवेन्यू) का जरिया हैं। शाहरुख ने कहा था कि जब सरकार अपने रेवेन्यू के लिए उत्पादन नहीं रोक रही है, तो उनकी कमाई को भी नहीं रोका जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि वे एक एक्टर हैं और काम करके कमाना उनका पेशा है। अगर कोई चीज वाकई गलत है, तो उसका बनना ही बंद होना चाहिए। अजय देवगन बोले- मैं केवल इलायची का प्रचार करता हूं साल 2022 में भी जब इस तरह के विज्ञापन पर विवाद बढ़ा था, तब अभिनेता अजय देवगन ने अपना पक्ष रखा था। अजय ने कहा था कि वे केवल ‘इलायची’ का विज्ञापन करते हैं और सरोगेट एडवरटाइजिंग के आरोपों से इनकार किया था। उन्होंने कहा था कि किसी उत्पाद को इस्तेमाल करना इंसान की व्यक्तिगत पसंद पर निर्भर करता है। अजय ने भी शाहरुख खान की बात से सहमति जताते हुए कहा था कि अगर कोई उत्पाद हानिकारक है, तो सबसे पहले उसके निर्माण पर रोक लगानी चाहिए। सेलेब्स के इन एड पर भी हुआ विवाद- कृति सेनन रक्षाबंधन एड विवादः एक्ट्रेस कृति सेनन हाल ही में जूलरी ब्रांड जीवा के जूलरी ब्रांड में नजर आईं। एड में भाई और कुत्ते को राखी बांधती हुईं कृति ने रिवीलिंग कपड़े पहने, जिससे विवाद हो गया। आलोचना के बीच ब्रांड ने एड हटा दिया। आमिर खान गृहप्रवेश एड विवादः आमिर खान कुछ सालों पहले एक प्राइवेट बैंक के एड में कियारा आडवाणी संग नजर आए। इसमें आमिर शादी के बाद दुल्हन के गृह प्रवेश करने के उलट घर जमाई के रूप में ससुराल में गृह प्रवेश करते नजर आ रहे हैं। तनिष्क एड पर हिंदू-मुस्लिम विवादः टाटा ग्रुप के मशहूर ज्वेलरी ब्रांड तनिष्क ने कुछ सालों पहले इंटर रिलीजन मैरिज पर आधारित एड जारी किया था। विज्ञापन में एक हिंदू लड़की की मुस्लिम लड़के से शादी दिखाई गई है। एड पर जमकर विवाद हुआ, जिसके बाद तनिष्क ने वीडियो को यूट्यूब चैनल से हटा दिया है।
नेपाल बाढ़- 5300 से ज्यादा अब भी लापता:1259 की मौत, 12 हजार को बचाया; भारत ने मदद की एक और खेप भेजी

नेपाल में भोटेकोशी बाढ़ की तबाही के 10 दिन बाद भी 5,300 से ज्यादा लोग लापता हैं। अब तक 1,259 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि राहत और बचाव दलों ने 12,038 लोगों को सुरक्षित निकाला है। संकट के बीच भारत ने भी नेपाल के लिए राहत सामग्री की एक और खेप भेजी है। गुरुवार रात दो C-130J विमानों से 21.5 टन मानवीय सहायता काठमांडू पहुंची। नेपाल के राष्ट्रीय आपदा जोखिम न्यूनीकरण एवं प्रबंधन प्राधिकरण (NDRRMA) के मुताबिक, बाढ़ प्रभावित इलाकों में 21,402 सुरक्षाकर्मियों को तैनात किया गया है। ये टीमें खोज, बचाव, राहत वितरण और बरामद शवों के प्रबंधन में लगी हैं। चितवन में सबसे ज्यादा शव मिले अलग-अलग जिलों में शवों की बरामदगी जारी है। चितवन में अब तक 355 शव मिले हैं, जिनमें अज्ञात मानव अवशेष भी शामिल हैं। नवलपरासी ईस्ट में 218, नवलपरासी वेस्ट में 212, नुवाकोट में 177, रसुवा में 127, गोरखा में 72, धादिंग में 60 और तनहुँ में 38 शव बरामद किए गए हैं। अब तक 95 शवों की पहचान की जा चुकी है। प्रशासन और बचाव दल प्रभावित क्षेत्रों में लापता लोगों की जानकारी जुटाने के साथ शवों की पहचान का काम भी कर रहे हैं। भारत की नई खेप में फोरेंसिक किट और मेडिकल उपकरण भारत के छठे और सातवें राहत विमान गुरुवार रात काठमांडू पहुंचे। दोनों C-130J विमानों से आई 21.5 टन सहायता में फोरेंसिक किट और मेडिकल उपकरण शामिल हैं। भारत के विदेश मंत्रालय के मुताबिक, राहत सामग्री नेपाल के विज्ञान, प्रौद्योगिकी एवं नवाचार मंत्री महाबीर पुन को सौंपी गई। नेपाल में भारत के राजदूत नवीन श्रीवास्तव ने कहा कि यह सहायता रसुवा फ्लैश फ्लड के बाद नेपाल के राहत प्रयासों के लिए भारत के लगातार जारी सहयोग का हिस्सा है।
PAK ग्रूमिंग गैंग ने लंदन में सिख युवती को फंसाया:ब्रेनवॉश किया, नितनेम-गुरुद्वारा जाना छोड़ा, पुलिस को मां-बाप की शिकायत की, फिर घर छोड़ चली गई

इंग्लैंड (UK) में पंजाबी युवती पाकिस्तानी ग्रूमिंग गैंग के चंगुल में फंस गई। युवती की मां ने एक पंजाबी चैनल से बातचीत में कहा कि उसकी 19 साल की बेटी है। वह नितनेम करती, गुरुद्वारे जाकर सेवा करती थी लेकिन गैंग ने उसे फंसा लिया। उसने सब कुछ छोड़ दिया। उसका ब्रेनवॉश कर दिया। जब हमने समझाने की कोशिश की तो हमारी शिकायत लंदन पुलिस को कर दी। इसके बाद हमें छोड़कर चली गई। मां ने कहा कि यूनिवर्सिटी में लड़कियों के एक ग्रुप से जोड़ने के बाद एक लड़का उसके टच में आया, उसके बाद ही उसका पूरा व्यवहार बदल गया। उसने इंग्लैंड में रहते सिखों से इस मामले में मदद मांगी है। लड़की को कैसे फंसाया, ग्रूमिंग गैंग का पूरा प्रोसेस क्या है, आगे क्या होता है, ये जानने के लिए पूरी रिपोर्ट पढ़िए… 5 पॉइंट में जानिए, युवती की मां ने ग्रूमिंग को लेकर क्या कहा.. 1. स्कूल में पढ़ी, यूनिवर्सिटी तक सब ठीक था मां ने कहा- मेरी बेटी का नाम सिमरन है। वह 19 साल की है। बेटी यहीं (लंदन) की जन्मी है, लेकिन फिर भी वह जैसी हमारी भारतीय समुदाय की बच्चियां होती हैं, उस तरह थी। हमारे घर में एक अच्छे माहौल में पली-बढ़ी थी उसने स्कूल खत्म किया और सितंबर 2025 में यूनिवर्सिटी में पढ़ने के लिए गई। तब तक सब कुछ ठीक था। 2. यूनिवर्सिटी में लड़कियों का ग्रुप बना, फिर एक लड़का उसके टच में आया मां ने कहा- यूनिवर्सिटी में जाकर मुस्लिम लड़कियों का ग्रुप बना। फिर एक लड़का उनके संपर्क में आया। जिसने मेरी बेटी से संपर्क किया और फिर उसका थोड़ा-थोड़ा व्यवहार बदलने लगा। वह पहले बहुत अच्छी थी, बहुत इज्जत करती थी हमारी, कभी वह हमारे आगे बोलती नहीं थी। फिर हमें शक हुआ कि शायद कुछ गलत है। हमें जून 2026 में पता चला कि एक मुस्लिम लड़का उसके साथ जुड़ चुका है। उसके बाद उसका व्यवहार बदल गया। 3. मां-बाप को वह बातें बोलती, जिससे यकीन नहीं आता मां ने कहा- वह काफी आक्रामक होने लगी। यहां तक कि उसको यह पता चलना बंद हो गया कि हम उसके माता-पिता हैं। वह कभी-कभी हमें इतनी गलत चीजें बोल देती थी कि हम विश्वास ही नहीं कर पाते थे कि यह सिमरन ही बोल रही है। स्कूल में हर टीचर उसकी तारीफ करता था कि यह हमारी बहुत इज्जत करती है। 4. घर पर पाठ करती, गुरुद्वारे जाती, फिर पूरी बदल गई मां ने कहा- वह घर पर पाठ करती थी। जब भी उसको समय मिलता था, हम गुरुद्वारे जाते, सेवा करके आते थे। उसका ब्रेनवाश कर दिया गया। मतलब कि पूरी तरह से बदल दिया उसको। वह अपना किरदार ही भूल गई। मेरी फैमिली गुरसिख है। पति का परिवार अमृतधारी है। बेटी सिमरन भी सिक्खी को मानती थी लेकिन फिर वह पूरी तरह से बदल गई। 5. समझाया तो पुलिस को हमारी ही शिकायत कर दी, फिर छोड़कर चली गई मां ने कहा- जब हमने उसे समझाने की कोशिश की तो उसने लंदन पुलिस को शिकायत कर दी। उसने झूठ कहा कि हमने उसको मारा-पीटा। जबकि हमने कभी भी उस पर हाथ नहीं उठाया। यहां तक कि हमने उससे ऊंची आवाज में बात करना भी बंद कर दिया था। हमें लगता था कि हम प्यार से उसको समझा लें, घर वापस ले आएं, हर वह चीजें करने लगे, जिससे वह खुश रहती थी। लेकिन मुझे नहीं पता कि उसका इतना माइंडवॉश कर दिया उन्होंने कि हमारी मेरी पूरी फैमिली पर आरोप लगाकर वह चली गई। पहले भी एक युवती ने ऑनसक्रीन किए थे खुलासे बता दें, 6 महीने पहले इंग्लैंड में रहने वाले पंजाबी नवदीप सिंह ने एक युवती का वीडियो पोस्ट किया है, जिसमें युवती ने ऐसे ही कुछ दावे किए थे। उसने बताया था कि ब्रिटेन में कौर-टू-खान मूवमेंट चल रहा है। सिख लड़कियों को फंसाकर उन्हें मुसलमान बनाया जा रहा है। इसके लिए यूके में पाकिस्तानी ग्रूमिंग गैंग सक्रिय है। युवती ने वीडियो में दावा किया था कि यूके में ग्रूमिंग गैंग को कौर (सिख लड़की) से खान (मुस्लिम) बनाने पर 10 हजार पाउंड दिए जा रहे हैं। युवती का कहना था कि पाकिस्तानी मूल की ग्रूमिंग गैंग सोची-समझी साजिश के तहत गैर-मुस्लिम लड़कियों, खासकर सिख लड़कियों को निशाना बना रहे हैं। युवती ने ग्रूमिंग गैंग की स्ट्रेटजी का भी खुलासा किया था। उसका कहना था कि ग्रूमिंग गैंग पहले लड़कियों को टारगेट कर उनसे इमोशनली अटैच होते हैं, फिर उन्हें महंगी गाड़ियों व रेस्टोरेंट्स में घुमाते हैं और जब लड़की उनके जाल में फंस जाती है तो उसका धर्म परिवर्तन करा देते हैं। युवती का दावा है कि अलग-अलग धर्म की लड़कियों को फंसाने के रेट भी अलग हैं। सिख लड़की को फंसाकर मुस्लिम बनाने पर युवक को 10,000 पाउंड (करीब 11 लाख रुपये) मिलते हैं। वहीं, हिंदू या ईसाई लड़की के धर्म परिवर्तन कराने पर 5,000 पाउंड (करीब साढ़े 5 लाख रुपये) का इनाम दिया जाता है। कैसे जाल बिछाते हैं ग्रूमिंग गैंग, स्टेप-टू-स्टेप प्रोसेस जानिए…
PAK ग्रूमिंग गैंग ने लंदन में सिख युवती को फंसाया:ब्रेनवॉश किया, नितनेम-गुरुद्वारा जाना छोड़ा, पुलिस को मां-बाप की शिकायत की, फिर घर छोड़ चली गई

इंग्लैंड (UK) में पंजाबी युवती पाकिस्तानी ग्रूमिंग गैंग के चंगुल में फंस गई। युवती की मां ने एक पंजाबी चैनल से बातचीत में कहा कि उसकी 19 साल की बेटी है। वह नितनेम करती, गुरुद्वारे जाकर सेवा करती थी लेकिन गैंग ने उसे फंसा लिया। उसने सब कुछ छोड़ दिया। उसका ब्रेनवॉश कर दिया। जब हमने समझाने की कोशिश की तो हमारी शिकायत लंदन पुलिस को कर दी। इसके बाद हमें छोड़कर चली गई। मां ने कहा कि यूनिवर्सिटी में लड़कियों के एक ग्रुप से जोड़ने के बाद एक लड़का उसके टच में आया, उसके बाद ही उसका पूरा व्यवहार बदल गया। उसने इंग्लैंड में रहते सिखों से इस मामले में मदद मांगी है। लड़की को कैसे फंसाया, ग्रूमिंग गैंग का पूरा प्रोसेस क्या है, आगे क्या होता है, ये जानने के लिए पूरी रिपोर्ट पढ़िए… 5 पॉइंट में जानिए, युवती की मां ने ग्रूमिंग को लेकर क्या कहा.. 1. स्कूल में पढ़ी, यूनिवर्सिटी तक सब ठीक था मां ने कहा- मेरी बेटी का नाम सिमरन है। वह 19 साल की है। बेटी यहीं (लंदन) की जन्मी है, लेकिन फिर भी वह जैसी हमारी भारतीय समुदाय की बच्चियां होती हैं, उस तरह थी। हमारे घर में एक अच्छे माहौल में पली-बढ़ी थी उसने स्कूल खत्म किया और सितंबर 2025 में यूनिवर्सिटी में पढ़ने के लिए गई। तब तक सब कुछ ठीक था। 2. यूनिवर्सिटी में लड़कियों का ग्रुप बना, फिर एक लड़का उसके टच में आया मां ने कहा- यूनिवर्सिटी में जाकर मुस्लिम लड़कियों का ग्रुप बना। फिर एक लड़का उनके संपर्क में आया। जिसने मेरी बेटी से संपर्क किया और फिर उसका थोड़ा-थोड़ा व्यवहार बदलने लगा। वह पहले बहुत अच्छी थी, बहुत इज्जत करती थी हमारी, कभी वह हमारे आगे बोलती नहीं थी। फिर हमें शक हुआ कि शायद कुछ गलत है। हमें जून 2026 में पता चला कि एक मुस्लिम लड़का उसके साथ जुड़ चुका है। उसके बाद उसका व्यवहार बदल गया। 3. मां-बाप को वह बातें बोलती, जिससे यकीन नहीं आता मां ने कहा- वह काफी आक्रामक होने लगी। यहां तक कि उसको यह पता चलना बंद हो गया कि हम उसके माता-पिता हैं। वह कभी-कभी हमें इतनी गलत चीजें बोल देती थी कि हम विश्वास ही नहीं कर पाते थे कि यह सिमरन ही बोल रही है। स्कूल में हर टीचर उसकी तारीफ करता था कि यह हमारी बहुत इज्जत करती है। 4. घर पर पाठ करती, गुरुद्वारे जाती, फिर पूरी बदल गई मां ने कहा- वह घर पर पाठ करती थी। जब भी उसको समय मिलता था, हम गुरुद्वारे जाते, सेवा करके आते थे। उसका ब्रेनवाश कर दिया गया। मतलब कि पूरी तरह से बदल दिया उसको। वह अपना किरदार ही भूल गई। मेरी फैमिली गुरसिख है। पति का परिवार अमृतधारी है। बेटी सिमरन भी सिक्खी को मानती थी लेकिन फिर वह पूरी तरह से बदल गई। 5. समझाया तो पुलिस को हमारी ही शिकायत कर दी, फिर छोड़कर चली गई मां ने कहा- जब हमने उसे समझाने की कोशिश की तो उसने लंदन पुलिस को शिकायत कर दी। उसने झूठ कहा कि हमने उसको मारा-पीटा। जबकि हमने कभी भी उस पर हाथ नहीं उठाया। यहां तक कि हमने उससे ऊंची आवाज में बात करना भी बंद कर दिया था। हमें लगता था कि हम प्यार से उसको समझा लें, घर वापस ले आएं, हर वह चीजें करने लगे, जिससे वह खुश रहती थी। लेकिन मुझे नहीं पता कि उसका इतना माइंडवॉश कर दिया उन्होंने कि हमारी मेरी पूरी फैमिली पर आरोप लगाकर वह चली गई। पहले भी एक युवती ने ऑनसक्रीन किए थे खुलासे बता दें, 6 महीने पहले इंग्लैंड में रहने वाले पंजाबी नवदीप सिंह ने एक युवती का वीडियो पोस्ट किया है, जिसमें युवती ने ऐसे ही कुछ दावे किए थे। उसने बताया था कि ब्रिटेन में कौर-टू-खान मूवमेंट चल रहा है। सिख लड़कियों को फंसाकर उन्हें मुसलमान बनाया जा रहा है। इसके लिए यूके में पाकिस्तानी ग्रूमिंग गैंग सक्रिय है। युवती ने वीडियो में दावा किया था कि यूके में ग्रूमिंग गैंग को कौर (सिख लड़की) से खान (मुस्लिम) बनाने पर 10 हजार पाउंड दिए जा रहे हैं। युवती का कहना था कि पाकिस्तानी मूल की ग्रूमिंग गैंग सोची-समझी साजिश के तहत गैर-मुस्लिम लड़कियों, खासकर सिख लड़कियों को निशाना बना रहे हैं। युवती ने ग्रूमिंग गैंग की स्ट्रेटजी का भी खुलासा किया था। उसका कहना था कि ग्रूमिंग गैंग पहले लड़कियों को टारगेट कर उनसे इमोशनली अटैच होते हैं, फिर उन्हें महंगी गाड़ियों व रेस्टोरेंट्स में घुमाते हैं और जब लड़की उनके जाल में फंस जाती है तो उसका धर्म परिवर्तन करा देते हैं। युवती का दावा है कि अलग-अलग धर्म की लड़कियों को फंसाने के रेट भी अलग हैं। सिख लड़की को फंसाकर मुस्लिम बनाने पर युवक को 10,000 पाउंड (करीब 11 लाख रुपये) मिलते हैं। वहीं, हिंदू या ईसाई लड़की के धर्म परिवर्तन कराने पर 5,000 पाउंड (करीब साढ़े 5 लाख रुपये) का इनाम दिया जाता है। कैसे जाल बिछाते हैं ग्रूमिंग गैंग, स्टेप-टू-स्टेप प्रोसेस जानिए…








