Wednesday, 23 Sep 2026 | 04:27 AM

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ट्रम्प ने लेक ओंटारियो का नाम बदलकर लेक अमेरिका किया:यह अमेरिका और कनाडा का बॉर्डर; दोनों देशों की पांच बड़ी झीलों में शामिल

ट्रम्प ने लेक ओंटारियो का नाम बदलकर लेक अमेरिका किया:यह अमेरिका और कनाडा का बॉर्डर; दोनों देशों की पांच बड़ी झीलों में शामिल

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने गुरुवार को लेक ओंटारियो का नाम बदलकर ‘लेक अमेरिका’ करने के आदेश पर हस्ताक्षर किए। यह बदलाव अमेरिका के सरकारी नक्शों और भौगोलिक नामों में लागू होगा। हालांकि, ट्रम्प कनाडा को इस नए नाम का इस्तेमाल करने के लिए मजबूर नहीं कर सकते। ट्रम्प ने यह फैसला ऐसे समय लिया है, जब अमेरिका और कनाडा के बीच व्यापार को लेकर तनाव बढ़ा हुआ है। हाल ही में अमेरिका ने कनाडा से आने वाले करीब 20 अरब डॉलर के सामान पर 50% शुल्क लगाने का ऐलान किया था। ट्रम्प ने कनाडा को व्यापार के मामले में ‘सबसे मुश्किल’ देश बताते हुए कहा कि उसके रवैये को स्वीकार नहीं किया जा सकता। नाम बदलने का फैसला ट्रम्प के लिए नया नहीं है। पिछले साल उन्होंने मैक्सिको की खाड़ी का नाम बदलकर ‘अमेरिका की खाड़ी’ करने का आदेश दिया था। अब लेक ओंटारियो का नाम बदलने का फैसला भी कनाडा के साथ बढ़ते तनाव के बीच आया है। लेक ओंटारियो अमेरिका और कनाडा के बीच स्थित पांच बड़ी झीलों में से एक है। इसका एक हिस्सा अमेरिका के न्यूयॉर्क राज्य से और दूसरा हिस्सा कनाडा के ओंटारियो प्रांत से जुड़ा है। झील के एक तरफ न्यूयॉर्क है, जबकि दूसरी तरफ कनाडा का सबसे बड़ा शहर टोरंटो स्थित है। दोनों देशों की सीमा भी इस झील के बीच से गुजरती है। लेक ओंटारियो का नाम यूरोपीय लोगों के अमेरिका पहुंचने से भी पहले से चला आ रहा है। यह नाम ह्यूरॉन समुदाय की भाषा के एक शब्द से निकला है, जिसका अर्थ ‘चमकते पानी की झील’ बताया जाता है। बाद में कनाडा के ओंटारियो प्रांत का नाम भी इसी झील के नाम पर रखा गया। हालांकि, नाम बदलने को लेकर एक अहम बात है। दुनिया की अंतरराष्ट्रीय झीलों और जलक्षेत्रों के नाम तय करने वाली कोई एक वैश्विक संस्था नहीं है। अमेरिका अपने सरकारी दस्तावेजों और नक्शों में इसे ‘लेक अमेरिका’ कह सकता है, लेकिन कनाडा अपनी तरफ से पुराने नाम ‘लेक ओंटारियो’ का इस्तेमाल जारी रख सकता है।

कंगना ने फिर साधा रामदेव बाबा पर निशाना:कहा- मेरी जवानी की बात करते हैं, क्या मेरे बेडरूम में चमगादड़ बनकर लटके थे, जानिए क्या है विवाद

कंगना ने फिर साधा रामदेव बाबा पर निशाना:कहा- मेरी जवानी की बात करते हैं, क्या मेरे बेडरूम में चमगादड़ बनकर लटके थे, जानिए क्या है विवाद

कंगना रनोट ने कुछ समय पहले Gen-Z को गटरछाप कहा था। इस पर रामदेव बाबा ने कहा “उनका क्वालिफिकेशन क्या है? उनका बचपन कैसा रहा है? उनकी जवानी कैसी रही है? उनके पहले के कारनामे कैसे रहे हैं? मैं ऐसे लोगों के बारे में बात नहीं करना चाहता।” कंगना ने इस पर कहा कि बाबा रामदेव मेरी जवानी और बेडरूम के बारे में डे-ड्रीम न करें। विवाद लगभग खत्म हो चुका था, लेकिन कंगना ने फिर एक बार इस विवाद पर बयान दिया है। कंगना रनोट ने डीडी न्यूज को दिए इंटरव्यू में कहा है, ‘बाबा रामदेव मुझसे पहले ही नाराज चल रहे हैं। अभी उनसे पूछा गया कि कंगना ने प्रोटेस्टर्स को गटरछाप कहा है, तो उन्होंने कहा, उसका बचपन देखा है क्या था, उसकी जवानी देखी है क्या थी। क्या बाबा रामदेव मेरे बेडरूम में चमगादड़ बनकर लटका हुआ था, उसने देखा है क्या था। क्या देखा। मुझे समझ नहीं आ रहा, ऐसा क्या देखा। बताना चाहिए था न कि क्या देखा।’ कंगना रनोट ने इन विवादों पर भी दिया रिएक्शन- कृति सेनन एड विवाद- कंगना रनोट लगातार कृति सेनन के उस रक्षाबंधन एड की आलोचना कर रही हैं, जिसमें उन्होंने रिवीलिंग कपड़े पहने थे। कंगना ने इस विवाद पर कहा है कि क्या इस तरह के कपड़े किसी मुस्लिम फेस्टिवल में पहने दिखाए जा सकते हैं। एक्ट्रेस ने कहा कि एक फेस्टिवल कल्चर रिप्रेसेंट करता है, जिसमें इस तरह के ब्रालेट नहीं पहने जा सकते। भड़काऊ बयान देने पर रिएक्शन- कंगना ने लगातार मुद्दों पर विवादित बयान देने पर भी रिएक्शन दिया है। कंगना ने कहा कि अगर कॉकरोच है, तो उसे चप्पल से ही मारा जाएगा। उसे हाथ से नहीं मारा जाता या उसे किस नहीं किया जा सकता। वहीं अगर तितली हो, तो लोग उसे पकड़ते हैं, तस्वीरें क्लिक करते हैं। उनका कहना है कि जिस तरह के लोग बयान देते हैं, उस पर वो वैसे ही जवाब देती हैं। कंगना बोलीं- मैं बीजेपी की पपेट नहीं- कंगना ने बयानों को पार्टी से जोड़े जाने पर कहा, जब बहुत ज्यादा शोर होता है, तो कहीं न कहीं आपको भी चिल्लाना पड़ता है। मैं कई बार तगड़े बयान दे देती हूं, पर मैं जानबूझकर ऐसा नहीं करना चाहती। तो इस बात का ध्यान रखना चाहिए कि मैं कोई पपेट थोड़ी ना हूं। बीजेपी आज मेरे साथ है, कल हो या ना हो। दो साल से मैं पार्लियामेंट की मेंबर हूं। 20 साल से मैं कलाकार हूं। मेरा एक वजूद है। मैं अगर खड़ी हो जाऊं तो 20 प्रेस वाले आएंगे और मेरी बात सुनेंगे।’ क्या था कंगना रनोट और रामदेव बाबा का पूरा विवाद? कंगना रनोट ने जेन-जी प्रोटेस्टर्स को गटरछाप कहा था। टीवी 9 भारतवर्ष के साथ बातचीत में बाबा रामदेव ने कंगना के बयान पर कहा था, “उनका क्वालिफिकेशन क्या है? उनका बचपन कैसा रहा है? उनकी जवानी कैसी रही है? उनके पहले के कारनामे कैसे रहे हैं? मैं ऐसे लोगों के बारे में बात नहीं करना चाहता। ऐसे किसी भी देश के युवा को, जेन Z को गटर-पटर बोलना, ये बिगड़े हुए दिमाग की निशानी है। गलत बात है। इसके ऊपर जो है, उनके पार्टी के लोगों को संज्ञान लेना चाहिए।” इस पर कंगना ने सोशल मीडिया पर लिखा, “बाबा जी, मेरी जवानी या बेडरूम के बारे में डे-ड्रीम मत कीजिए। कोई सिर्फ अफवाहों और गॉसिप के आधार पर ही ऐसा सोच सकता है। कम से कम मुझे कभी सुप्रीम कोर्ट से झूठे या फर्जी मेडिकल दावों को लेकर फटकार नहीं लगी। इसलिए मुझे चरित्र का पाठ मत पढ़ाइए। आपका चरित्र जैसा भी है, मेरा उससे कहीं बेहतर है। यहां कोई फ्रॉड नहीं मिला है।”

हरियाणवी सिंगर मासूम शर्मा के नए सॉन्ग पर कंट्रोवर्सी:ऑफिशियल ट्रैक जारी, बाबाओं-डेरों पर निशाना; यूजर्स ने लिखा-रामपाल, राम रहीम सबको लपेटा

हरियाणवी सिंगर मासूम शर्मा के नए सॉन्ग पर कंट्रोवर्सी:ऑफिशियल ट्रैक जारी, बाबाओं-डेरों पर निशाना; यूजर्स ने लिखा-रामपाल, राम रहीम सबको लपेटा

बदमाशी कल्चर वाले गानों के लिए कंट्रोवर्सी में रहे हरियाणवी सिंगर मासूम शर्मा ने फिर सुर्खियों में हैं। 26 अगस्त को मासूम ने अपने सोशल मीडिया एकाउंट पर नए सॉन्ग ‘तत्वदर्शी’ का साढ़े 3 मिनट ऑफिशियल ट्रैक जारी किया। जिसमें पाखंडी बाबाओं और डेरों को निशाने पर लिया है। इस गाने के लिरिक्स हरियाणवी सिंगर-कलाकार हैरी लाठर ने लिखे हैं। हैरी लाठर पहले भी बाबाओं को लेकर गाने गा चुके हैं। उनका ‘सिरसा आले बाबा की चेली’ सॉन्ग पर खूब कंट्रोवर्सी खड़ी हुई थी। लाठर ने इस बार खुद गाने की बजाय दोस्त मासूम शर्मा के लिए लिरिक्स लिखे। दैनिक भास्कर से बातचीत में हैरी लाठर ने स्पष्ट किया कि गाना किसी एक बाबा को टारगेट करके नहीं लिखा गया। सॉन्ग का वीडियो भी आएगा। नए सॉन्ग का ट्रैक रिलीज होते ही सोशल मीडिया पर कमेंट्स वॉर शुरू हो गई। कुछ सिंगर को ट्रोल कर रहे हैं, तो कुछ पक्ष ले रहे हैं। एक यूजर ने लिखा- भाई ने रामपाल को भी लपेट दिया, अब मासूम शर्मा की खैर नहीं, रामपाल वाले दिन-रात इसी का नाम लिया करेंगे। दूसरे यूजर ने लिखा- दो-चार रुपए के लिए नाचने वाला मासूम बताएगा कि सही-गलत क्या है। बहादुरगढ़ के यूजर का कमेंट है-मासूम ने रामपाल, राहरहीम, आसाराम, हांसी वाले बाबा, धीरेंद्र शास्त्री से लेकर उस सरकारी शंकराचार्य को लपेट दिया। लिरिक्स के जरिए बड़े बाबाओं पर निशाना हैरी लाठर ने सॉन्ग को लेकर कही ये 2 बड़ी बात महापंचायत में नहीं पहुंचे थे मासूम शर्मा सोशल मीडिया पर अश्लील कंटेंट, गानों में गन कल्चर, नशे और स्टेज पर अश्लील डांस के खिलाफ महम चौबीसी के ऐतिहासिक चबूतरे पर 25 जुलाई महापंचायत हुई थी। इसमें कई हरियाणवी कलाकार, खाप प्रतिनिधि व सोशल मीडिया इंफ्लूएंसर आए थे और ऐसे कंटेंट पर रोक लगाने का समर्थन किया था। इसमें सिंगर मासूम शर्मा बीमार होने की बात कहकर नहीं पहुंचे थे। हालांकि वीडियो जारी कर मुहिम का समर्थन किया था। इस महापंचायत को कुछ दिन बाद ही मासूम ने हिमाचल प्रदेश में हुए एक कार्यक्रम में अपना बैन सॉन्ग एक खटौला जेल के भीतर गाया था। गन कल्चर को बढ़ावा देने के आरोप में मासूम शर्मा के 19 गाने सरकार ने यू-ट्यूब से हटाए गए थे। सरकार ने कुल 67 गाने हटाए थे, जिनमें सबसे ज्यादा मासूम शर्मा के ही थे। ये खबर भी पढ़ें… सिरसा आला बाबा सॉन्ग पर कॉन्ट्रोवर्सी:हरियाणवी सिंगर हैरी लाठर बोले- किसी व्यक्ति विशेष पर नहीं; मासूम शर्मा के करीबी हरियाणवी सिंगर हैरी लाठर का नया सॉन्ग सुर्खियों के साथ कॉन्ट्रोवर्सी में भी है। सिरसा आला बाबा टाइटल से जारी सॉन्ग लिरिक्स के कारण चर्चा में है। इसके बोल हैं- “सिरसा आला बाबा सै जो लारा लार चेलियां की।” सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद यूजर्स गाने को लेकर अलग-अलग कमेंट कर रहे हैं। पढ़िएं पूरी खबर

कंगना से जुड़े सवाल पर भड़कीं तापसी पन्नू:मीडिया से बोलीं- आप सवाल पूछना बंद करेंगे, तभी विवाद खत्म होगा; कंगना ने 'सस्ती कॉपी' कहा था

कंगना से जुड़े सवाल पर भड़कीं तापसी पन्नू:मीडिया से बोलीं- आप सवाल पूछना बंद करेंगे, तभी विवाद खत्म होगा; कंगना ने 'सस्ती कॉपी' कहा था

बॉलीवुड एक्ट्रेस तापसी पन्नू कंगना रनोट से जुड़ा सवाल पूछे जाने पर भड़क गईं। हाल ही में कंगना ने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए तापसी पर उनकी परवरिश और माता-पिता का मजाक उड़ाने का आरोप लगाया था। इस पर मीडिया से बातचीत के दौरान तापसी ने कहा कि जब लोग और मीडिया उनसे इस मुद्दे पर सवाल पूछना बंद कर देंगे, तब यह विवाद अपने आप खत्म हो जाएगा। तापसी अपनी अपकमिंग फिल्म ‘गांधारी’ के प्रमोशन के सिलसिले में बातचीत कर रही थीं। तापसी बोलीं- आप लोग विवाद खत्म नहीं होने देते जब तापसी से कंगना के आरोपों को लेकर सवाल पूछा गया, तो उन्होंने कहा, आप इस बात को खत्म क्यों नहीं होने देते? जब कोई हम दोनों से यह सवाल पूछना बंद कर देगा, तो यह मुद्दा भी खत्म हो जाएगा। आप सब लोगों को यह सब देखने में मजा आ रहा है, इसलिए वही सवाल पूछ रहे हैं। ऐसे सवाल पूछना अगर आप बंद कर दें, तो यह बात कब की खत्म हो जाती। कंगना ने सस्ती कॉपी कहा, फिर डिलीट की स्टोरी इससे पहले कंगना रनौत ने अपने इंस्टाग्राम अकाउंट पर दो स्टोरीज शेयर की थीं, जिन्हें बाद में उन्होंने डिलीट कर दिया था। उन्होंने लिखा, ‘एक सस्ती कॉपी अपनी आने वाली B-ग्रेड फिल्म को लेकर भी हमेशा की तरह मीडिया में सिर्फ हेडलाइन बनाने की कोशिश कर रही है, लेकिन आज उन्होंने सारी हदें पार कर दीं। उन्होंने मेरी परवरिश और मेरे माता-पिता का बेहद बेशर्मी से मजाक उड़ाया।’ एक्ट्रेस ने आगे लिखा, ‘मुझे लगता है कि सभी माता-पिता अपने बच्चों के लिए अपना सर्वश्रेष्ठ करते हैं। मैं कभी किसी बहस में माता-पिता को नहीं लाती, लेकिन आज मैं उनके माता-पिता से भी पूछना चाहती हूं कि वे मेरे माता-पिता की तरह कोई ओरिजिनल इंसान क्यों नहीं पैदा कर सके? इतनी सस्ती कॉपी क्यों? आपकी कोशिशों के लिए मुझे अफसोस है।’ कंगना ने कहा- वो प्रतिष्ठित परिवार से आती हैं इसके बाद कंगना ने तापसी की टिप्पणी वाली एक खबर शेयर की और कहा कि कई लोग उनकी परवरिश और माता-पिता पर सवाल उठाते हैं। कंगना ने बताया कि उनका परिवार एक प्रतिष्ठित राजपूत जमींदार परिवार से आता है और उनके माता-पिता पढ़े-लिखे हैं। कंगना ने कहा कि यह उनकी निजी पसंद थी कि वह अपने करियर की शुरुआत बिल्कुल शुरुआत से करें। इसके लिए उनके माता-पिता पर सवाल क्यों उठाए जाते हैं? तापसी-कंगना का विवाद कई साल पुराना अभिनेत्री तापसी पन्नू और कंगना रनोट के बीच विवाद काफी पुराना है। विवाद की शुरुआत 2018-19 के आसपास हुई। तापसी ने फिल्म ‘मनमर्जियां’ के प्रमोशन के दौरान कहा था कि कंगना को अपनी बात कहने के लिए फिल्टर की जरूरत है। इसके बाद 2019 में तापसी ने कंगना की फिल्म ‘जजमेंटल है क्या’ के ट्रेलर की तारीफ की, लेकिन कंगना का नाम नहीं लिया। इस पर कंगना की बहन रंगोली चंदेल ने तापसी को ‘सस्ती कॉपी’ कह दिया था। इसके बाद 2020 में सुशांत सिंह राजपूत के निधन के बाद बॉलीवुड में नेपोटिज्म को लेकर बहस तेज हुई। इसी दौरान कंगना ने तापसी और स्वरा भास्कर को ‘बी-ग्रेड एक्ट्रेस’ कहा था। कंगना ने कहा था कि दोनों आउटसाइडर होने के बावजूद नेपोटिज्म का समर्थन करती हैं। तापसी ने इस पर कहा था कि आउटसाइडर्स को आपस में नहीं लड़ना चाहिए। ये खबर भी पढ़ें ‘भाई को बिकिनी में राखी क्यों बांधेंगी?’:कृति सेनन के रक्षाबंधन विज्ञापन में रिवीलिंग ड्रेस के बाद कंगना रनोट ने उठाए सवाल कृति सेनन हाल ही में रक्षाबंधन के लिए बने एक ज्वेलरी ब्रांड के विज्ञापन में नजर आई थीं। विज्ञापन में उन्होंने इंडो-वेस्टर्न कपड़े पहने थे, जिसमें ब्रालेट जैसा ब्लाउज, केप और ड्रेप्ड स्कर्ट शामिल थी। पूरी खबर पढ़ें

कंगना से जुड़े सवाल पर भड़कीं तापसी पन्नू:मीडिया से बोलीं- आप सवाल पूछना बंद करेंगे, तभी विवाद खत्म होगा; कंगना ने 'सस्ती कॉपी' कहा था

कंगना से जुड़े सवाल पर भड़कीं तापसी पन्नू:मीडिया से बोलीं- आप सवाल पूछना बंद करेंगे, तभी विवाद खत्म होगा; कंगना ने 'सस्ती कॉपी' कहा था

बॉलीवुड एक्ट्रेस तापसी पन्नू कंगना रनोट से जुड़ा सवाल पूछे जाने पर भड़क गईं। हाल ही में कंगना ने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए तापसी पर उनकी परवरिश और माता-पिता का मजाक उड़ाने का आरोप लगाया था। इस पर मीडिया से बातचीत के दौरान तापसी ने कहा कि जब लोग और मीडिया उनसे इस मुद्दे पर सवाल पूछना बंद कर देंगे, तब यह विवाद अपने आप खत्म हो जाएगा। तापसी अपनी अपकमिंग फिल्म ‘गांधारी’ के प्रमोशन के सिलसिले में बातचीत कर रही थीं। तापसी बोलीं- आप लोग विवाद खत्म नहीं होने देते जब तापसी से कंगना के आरोपों को लेकर सवाल पूछा गया, तो उन्होंने कहा, आप इस बात को खत्म क्यों नहीं होने देते? जब कोई हम दोनों से यह सवाल पूछना बंद कर देगा, तो यह मुद्दा भी खत्म हो जाएगा। आप सब लोगों को यह सब देखने में मजा आ रहा है, इसलिए वही सवाल पूछ रहे हैं। ऐसे सवाल पूछना अगर आप बंद कर दें, तो यह बात कब की खत्म हो जाती। कंगना ने सस्ती कॉपी कहा, फिर डिलीट की स्टोरी इससे पहले कंगना रनौत ने अपने इंस्टाग्राम अकाउंट पर दो स्टोरीज शेयर की थीं, जिन्हें बाद में उन्होंने डिलीट कर दिया था। उन्होंने लिखा, ‘एक सस्ती कॉपी अपनी आने वाली B-ग्रेड फिल्म को लेकर भी हमेशा की तरह मीडिया में सिर्फ हेडलाइन बनाने की कोशिश कर रही है, लेकिन आज उन्होंने सारी हदें पार कर दीं। उन्होंने मेरी परवरिश और मेरे माता-पिता का बेहद बेशर्मी से मजाक उड़ाया।’ एक्ट्रेस ने आगे लिखा, ‘मुझे लगता है कि सभी माता-पिता अपने बच्चों के लिए अपना सर्वश्रेष्ठ करते हैं। मैं कभी किसी बहस में माता-पिता को नहीं लाती, लेकिन आज मैं उनके माता-पिता से भी पूछना चाहती हूं कि वे मेरे माता-पिता की तरह कोई ओरिजिनल इंसान क्यों नहीं पैदा कर सके? इतनी सस्ती कॉपी क्यों? आपकी कोशिशों के लिए मुझे अफसोस है।’ कंगना ने कहा- वो प्रतिष्ठित परिवार से आती हैं इसके बाद कंगना ने तापसी की टिप्पणी वाली एक खबर शेयर की और कहा कि कई लोग उनकी परवरिश और माता-पिता पर सवाल उठाते हैं। कंगना ने बताया कि उनका परिवार एक प्रतिष्ठित राजपूत जमींदार परिवार से आता है और उनके माता-पिता पढ़े-लिखे हैं। कंगना ने कहा कि यह उनकी निजी पसंद थी कि वह अपने करियर की शुरुआत बिल्कुल शुरुआत से करें। इसके लिए उनके माता-पिता पर सवाल क्यों उठाए जाते हैं? तापसी-कंगना का विवाद कई साल पुराना अभिनेत्री तापसी पन्नू और कंगना रनोट के बीच विवाद काफी पुराना है। विवाद की शुरुआत 2018-19 के आसपास हुई। तापसी ने फिल्म ‘मनमर्जियां’ के प्रमोशन के दौरान कहा था कि कंगना को अपनी बात कहने के लिए फिल्टर की जरूरत है। इसके बाद 2019 में तापसी ने कंगना की फिल्म ‘जजमेंटल है क्या’ के ट्रेलर की तारीफ की, लेकिन कंगना का नाम नहीं लिया। इस पर कंगना की बहन रंगोली चंदेल ने तापसी को ‘सस्ती कॉपी’ कह दिया था। इसके बाद 2020 में सुशांत सिंह राजपूत के निधन के बाद बॉलीवुड में नेपोटिज्म को लेकर बहस तेज हुई। इसी दौरान कंगना ने तापसी और स्वरा भास्कर को ‘बी-ग्रेड एक्ट्रेस’ कहा था। कंगना ने कहा था कि दोनों आउटसाइडर होने के बावजूद नेपोटिज्म का समर्थन करती हैं। तापसी ने इस पर कहा था कि आउटसाइडर्स को आपस में नहीं लड़ना चाहिए। ये खबर भी पढ़ें ‘भाई को बिकिनी में राखी क्यों बांधेंगी?’:कृति सेनन के रक्षाबंधन विज्ञापन में रिवीलिंग ड्रेस के बाद कंगना रनोट ने उठाए सवाल कृति सेनन हाल ही में रक्षाबंधन के लिए बने एक ज्वेलरी ब्रांड के विज्ञापन में नजर आई थीं। विज्ञापन में उन्होंने इंडो-वेस्टर्न कपड़े पहने थे, जिसमें ब्रालेट जैसा ब्लाउज, केप और ड्रेप्ड स्कर्ट शामिल थी। पूरी खबर पढ़ें

अमेरिका के मोंटाना में परिवार के 8 लोगों की हत्या:मृतकों में 4 बच्चे; आरोपी ने सबको गोली मारी, खुद को भी शूट किया

अमेरिका के मोंटाना में परिवार के 8 लोगों की हत्या:मृतकों में 4 बच्चे; आरोपी ने सबको गोली मारी, खुद को भी शूट किया

अमेरिका के मोंटाना के बिलिंग्स शहर में रविवार शाम एक परिवार के 8 लोगों की हत्या कर दी गई। घटना उस समय हुई जब परिवार के लोग एक साथ डिनर कर रहे थे। मरने वाले लोग एक ही परिवार की चार पीढ़ियों से थे। इनमें 4 बच्चे भी शामिल हैं। आरोपी ने सबको गोली मारने के बाद घर में आग लगा दी। फिर खुद को भी शूट कर लिया। पुलिस के मुताबिक, उन्हें रविवार शाम करीब 6 बजे घर से गोली चलने की सूचना मिली थी। पुलिस मौके पर पहुंची तो घर के पीछे से गोलियों की आवाज आ रही थी। घर के बाहर एक व्यक्ति घायल मिला। उसे अस्पताल ले जाया गया, जहां उसकी मौत हो गई। पुलिस के मुताबिक, वही इस घटना का संदिग्ध था। 911 कॉल में फायरिंग और बच्चे के बेहोश होने की सूचना पुलिस ने बताया कि घटना के दौरान 911 डिस्पैच सेंटर को गोली चलने और घर के अंदर एक बच्चे के बेहोश होने की सूचना मिली थी। डिस्पैचर ने मौके पर फायर इंजन भेजने की जानकारी दी। बाद में एक और फायर इंजन भेजने की मांग की गई। डिस्पैचर ने पूछा कि क्या बच्चे को गोली लगी है। जवाब में बताया गया कि इसकी पुष्टि नहीं हुई है। सिर्फ बच्चे के बेहोश होने की जानकारी मिली थी और यह भी स्पष्ट नहीं था कि वह सांस ले रहा था या नहीं। पुलिस पहुंची तो घर आग की लपटों में घिरा था इमरजेंसी टीमें रविवार शाम करीब 6:10 बजे मौके पर पहुंचीं। पुलिस ने घर के बाहर एक व्यक्ति को देखा। इसी दौरान उन्हें फिर गोलियों की आवाज सुनाई दी। आग तेजी से फैल रही थी, इसलिए दमकलकर्मियों को तुरंत घर के अंदर जाने में मुश्किल हुई। बिलिंग्स के फायर चीफ मैट हॉपेल ने बताया कि आग बहुत तेजी से फैली और घर का बड़ा हिस्सा जल गया। आग बुझाने के लिए इस्तेमाल हुए पानी और जले हुए मलबे के कारण घटनास्थल से सबूत जुटाने में भी जांच टीम को परेशानी हो रही है। पड़ोसी ने सुनी पटाखों जैसी आवाज घर से तीन मकान दूर रहने वाले डेविड हिलर ने बताया कि रविवार शाम 6 बजे के बाद उन्हें पटाखों जैसी आवाज सुनाई दी। बाद में एक पड़ोसी ने फोन कर इलाके में गोलीबारी की जानकारी दी। हिलर ने बाहर निकलकर देखा तो पुलिसकर्मी हथियारों के साथ गाड़ियों की आड़ में खड़े थे और घर से काला धुआं उठ रहा था। हत्या की वजह अभी सामने नहीं आई पुलिस के मुताबिक, संदिग्ध व्यक्ति मृतकों को जानता था, लेकिन हत्या के पीछे की वजह अभी सामने नहीं आई है। आग कैसे लगी, इसकी भी जांच की जा रही है। अधिकारियों ने कहा है कि जांच पूरी होने तक मामले से जुड़ी कुछ जानकारियां सार्वजनिक नहीं की जाएंगी।

अमेरिका के मोंटाना में परिवार के 8 लोगों की हत्या:मृतकों में 4 बच्चे; आरोपी ने सबको गोली मारी, खुद को भी शूट किया

अमेरिका के मोंटाना में परिवार के 8 लोगों की हत्या:मृतकों में 4 बच्चे; आरोपी ने सबको गोली मारी, खुद को भी शूट किया

अमेरिका के मोंटाना के बिलिंग्स शहर में रविवार शाम एक परिवार के 8 लोगों की हत्या कर दी गई। घटना उस समय हुई जब परिवार के लोग एक साथ डिनर कर रहे थे। आरोपी ने सबको गोली मारने के बाद घर में आग लगा दी। फिर खुद को भी शूट कर लिया। आरोपी के अलावा मरने वाले लोग एक ही परिवार की चार पीढ़ियों से थे। इनमें 4 बच्चे भी शामिल हैं। पुलिस के मुताबिक, उन्हें रविवार शाम करीब 6 बजे घर से गोली चलने की सूचना मिली थी। पुलिस मौके पर पहुंची तो घर के पीछे से गोलियों की आवाज आ रही थी। घर के बाहर एक व्यक्ति घायल मिला। उसे अस्पताल ले जाया गया, जहां उसकी मौत हो गई। वही इस घटना का संदिग्ध माना जा रहा है। पुलिस को बच्चे के बेहोश होने की सूचना मिली थी घटना के दौरान 911 पर पुलिस को घर में गोली चलने और एक बच्चे के बेहोश होने की सूचना मिली थी। इसके बाद मौके पर दमकल की गाड़ियां भेजी गईं। कुछ देर बाद एक और फायर इंजन भेजने को कहा गया। डिस्पैचर ने पूछा कि क्या बच्चे को गोली लगी है। पुलिस ने बताया कि इसकी पुष्टि नहीं हुई थी। सिर्फ इतना पता था कि बच्चा बेहोश है और यह भी साफ नहीं था कि वह सांस ले रहा है या नहीं। पुलिस पहुंची तो फायरिंग की आवाज आ रही थी इमरजेंसी टीमें रविवार शाम करीब 6:10 बजे मौके पर पहुंचीं। पुलिस ने घर के बाहर एक व्यक्ति को देखा। इसी दौरान घर के अंदर से गोलियों की आवाज भी आ रही थी। आग तेजी से फैल रही थी, इसलिए दमकलकर्मी तुरंत घर के अंदर नहीं जा सके। फायर चीफ मैट हॉपेल ने बताया कि आग तेजी से फैली और घर का बड़ा हिस्सा जल गया। आग बुझाने के लिए डाला गया पानी और जला हुआ मलबा जांच में परेशानी पैदा कर रहा है। इससे पुलिस को मौके से सबूत जुटाने में समय लग रहा है। पड़ोसी ने सुनी पटाखों जैसी आवाज घर से तीन मकान दूर रहने वाले डेविड हिलर ने बताया कि रविवार शाम 6 बजे के बाद उन्हें पटाखों जैसी आवाज सुनाई दी। बाद में एक पड़ोसी ने फोन कर इलाके में गोलीबारी की जानकारी दी। हिलर ने बाहर निकलकर देखा तो पुलिसकर्मी हथियारों के साथ गाड़ियों की आड़ में खड़े थे और घर से काला धुआं उठ रहा था। हत्या की वजह अभी सामने नहीं आई पुलिस के मुताबिक, संदिग्ध व्यक्ति मृतकों को जानता था, लेकिन हत्या के पीछे की वजह अभी सामने नहीं आई है। आग कैसे लगी, इसकी भी जांच की जा रही है। अधिकारियों ने कहा है कि जांच पूरी होने तक मामले से जुड़ी कुछ जानकारियां सार्वजनिक नहीं की जाएंगी। अमेरिका में मास शूटिंग की हाल की घटनाएं… 22 अगस्त: ओरेगन के फॉरेस्ट ग्रोव में एक घर में 5 लोगों की हत्या हुई। मृतकों में आरोपी की पार्टनर, उसकी मां और दादी समेत पांच लोग शामिल थे। संदिग्ध बाद में वॉशिंगटन में मृत मिला। 14 अगस्त: मिशिगन के मिसॉकी काउंटी में हुई गोलीबारी में 6 लोगों की मौत हो गई। मृतकों में संदिग्ध शूटर भी शामिल है। घटना में एक 13 साल की बच्ची भी घायल हुई, जिसे चार गोलियां लगी थीं। 15 अगस्त: वर्जीनिया स्टेट यूनिवर्सिटी के कैंपस के पास हुई गोलीबारी में 5 लोग घायल हुए। पुलिस ने 19 वर्षीय संदिग्ध को गिरफ्तार किया। ————————- यह खबर भी पढ़ें… अमेरिका में भारतीय इंजीनियर ने पत्नी की हत्या की: भारत में रह रही गर्लफ्रेंड को शव की फोटो भेजी; जमानत के लिए ₹47 करोड़ देने होंगे अमेरिका में एक भारतीय सॉफ्टवेयर इंजीनियर को पत्नी की हत्या के आरोप में गिरफ्तार किया गया है। पुलिस का आरोप है कि उसने पत्नी का गला घोंटकर हत्या की। पूरी खबर पढ़ें…

अंतरराष्ट्रीय फर्टिलिटी टूरिज्म में सबसे बड़ा फर्जीवाड़ा:ब्रिटेन के 30 परिवारों ने यूरोपीय डोनर चुने, बच्चों का डीएनए तुर्किये व अन्य देशों से मिला

अंतरराष्ट्रीय फर्टिलिटी टूरिज्म में सबसे बड़ा फर्जीवाड़ा:ब्रिटेन के 30 परिवारों ने यूरोपीय डोनर चुने, बच्चों का डीएनए तुर्किये व अन्य देशों से मिला

ब्रिटेन से मेडिकल टूरिज्म के तहत उत्तरी साइप्रस में आईवीएफ कराने वाले ब्रिटेन के 30 परिवारों के साथ बड़ी धोखाधड़ी हुई। आरोप है कि आईवीएफ क्लिनिक ने उनकी पसंद के स्पर्म-एग डोनर इस्तेमाल करने का दावा किया था, लेकिन 11 बच्चों के डीएनए टेस्ट से पता चला कि ये उन स्पर्म-एग डोनर के नहीं हैं, जिसे उनके माता-पिता ने चुना था। आईवीएफ से पैदा इन बच्चों का डीएनए तुर्किये और अरब देशों के लोगों के डीएनए से मिल रहा है, जबकि उनके माता-पिता ने फ्रांस, जर्मनी, नीदरलैंड्स, बेल्जियम, स्विट्जरलैंड और ऑस्ट्रिया जैसे पश्चिम यूरोपीय देशों के पूरी तरह से स्क्रीन किए गए और स्वस्थ डोनर्स को चुना था। बीबीसी की खोजी रिपोर्ट के मुताबिक, इस अंतरराष्ट्रीय घोटाले के लगभग आधे मामले अकेले ‘डोगस आईवीएफ सेंटर’ से सामने आए हैं। दुनिया के सबसे बड़े स्पर्म बैंक ‘क्रायोस इंटरनेशनल’ ने स्पष्ट किया है कि उसने 2016 में ही डोगस क्लिनिक को ब्लैकलिस्ट कर दिया था और वहां कभी स्पर्म की सप्लाई ही नहीं की। इसके बावजूद क्लिनिक सालों तक क्रायोस के साथ अपने आधिकारिक जुड़ाव का झूठा विज्ञापन देकर संतान चाहने वाले जोड़ों को ठगता रहा। निजी डेटा की अनदेखी – माता-पिता ने डोनर की मेडिकल हिस्ट्री, रूप-रंग, शिक्षा और शौक के आधार पर चयन किया था, ताकि बच्चा 18 साल की उम्र में अपने जैविक मूल को जान सके। फर्जी डोनर के इस्तेमाल से बच्चों के मूलभूत मानवाधिकारों का हनन हुआ है। ब्रिटिश फर्टिलिटी सोसाइटी के अनुसाार, 30 से अधिक बच्चों के मामलों में ऐसा होना एक संगठित आपराधिक नेटवर्क, गंभीर लापरवाही और संस्थागत धोखाधड़ी है। उत्तरी साइप्रस तुर्किये के कब्जे में है और कानून लचर हैं। वैश्विक फर्टिलिटी रिपोर्ट्स और मेडिकल टूरिज्म डेटा के अनुसार, सस्ता होने से हर साल 5-8 हजार विदेशी जोड़े आईवीएफ ट्रीटमेंट के लिए नार्दन साइप्रस आते हैं और पिछले 10 वर्षों में 50,000 से 70,000 विदेशी नागरिकों ने नॉर्दन साइप्रस के क्लिनिकों में आईवीएफ ट्रीटमेंट कराया है। इनमें बड़ी संख्या ब्रिटेन, जर्मनी और फ्रांस के लोगों की है। रैचेल का दावा – 13 साल बाद डीएनए टेस्ट से शक पक्का हुआ रिपोर्ट में रैचेल नाम की एक मां का केस बताया गया है। रैचेल ने 2012 में डोगस में करीब 4.43 लाख रु. में आईवीएफ कराया। रैचेल ने क्रायोस वेबसाइट से डेनमार्क के एक डोनर को चुना था। प्रोफाइल में लिखा था कि 18 साल बाद बच्चा चाहे तो डोनर की पहचान जान सकता है। रैचेल का कहना है कि क्लिनिक ने बार-बार मेडिकल रिपोर्ट भेजने से इनकार किया, जिससे शक बढ़ा। अब डीएनए टेस्ट से यह सामने आया कि जोना उनका बायोलॉजिकल बेटा है, लेकिन चुना गया डोनर उसका पिता नहीं है। रैचेल ने कहा कि दुख यह है कि जोना भविष्य में अपने डोनर से संपर्क का मौका खो सकता है।

अंतरराष्ट्रीय फर्टिलिटी टूरिज्म में सबसे बड़ा फर्जीवाड़ा:ब्रिटेन के 30 परिवारों ने यूरोपीय डोनर चुने, बच्चों का डीएनए तुर्किये व अन्य देशों से मिला

अंतरराष्ट्रीय फर्टिलिटी टूरिज्म में सबसे बड़ा फर्जीवाड़ा:ब्रिटेन के 30 परिवारों ने यूरोपीय डोनर चुने, बच्चों का डीएनए तुर्किये व अन्य देशों से मिला

ब्रिटेन से मेडिकल टूरिज्म के तहत उत्तरी साइप्रस में आईवीएफ कराने वाले ब्रिटेन के 30 परिवारों के साथ बड़ी धोखाधड़ी हुई। आरोप है कि आईवीएफ क्लिनिक ने उनकी पसंद के स्पर्म-एग डोनर इस्तेमाल करने का दावा किया था, लेकिन 11 बच्चों के डीएनए टेस्ट से पता चला कि ये उन स्पर्म-एग डोनर के नहीं हैं, जिसे उनके माता-पिता ने चुना था। आईवीएफ से पैदा इन बच्चों का डीएनए तुर्किये और अरब देशों के लोगों के डीएनए से मिल रहा है, जबकि उनके माता-पिता ने फ्रांस, जर्मनी, नीदरलैंड्स, बेल्जियम, स्विट्जरलैंड और ऑस्ट्रिया जैसे पश्चिम यूरोपीय देशों के पूरी तरह से स्क्रीन किए गए और स्वस्थ डोनर्स को चुना था। बीबीसी की खोजी रिपोर्ट के मुताबिक, इस अंतरराष्ट्रीय घोटाले के लगभग आधे मामले अकेले ‘डोगस आईवीएफ सेंटर’ से सामने आए हैं। दुनिया के सबसे बड़े स्पर्म बैंक ‘क्रायोस इंटरनेशनल’ ने स्पष्ट किया है कि उसने 2016 में ही डोगस क्लिनिक को ब्लैकलिस्ट कर दिया था और वहां कभी स्पर्म की सप्लाई ही नहीं की। इसके बावजूद क्लिनिक सालों तक क्रायोस के साथ अपने आधिकारिक जुड़ाव का झूठा विज्ञापन देकर संतान चाहने वाले जोड़ों को ठगता रहा। निजी डेटा की अनदेखी – माता-पिता ने डोनर की मेडिकल हिस्ट्री, रूप-रंग, शिक्षा और शौक के आधार पर चयन किया था, ताकि बच्चा 18 साल की उम्र में अपने जैविक मूल को जान सके। फर्जी डोनर के इस्तेमाल से बच्चों के मूलभूत मानवाधिकारों का हनन हुआ है। ब्रिटिश फर्टिलिटी सोसाइटी के अनुसाार, 30 से अधिक बच्चों के मामलों में ऐसा होना एक संगठित आपराधिक नेटवर्क, गंभीर लापरवाही और संस्थागत धोखाधड़ी है। उत्तरी साइप्रस तुर्किये के कब्जे में है और कानून लचर हैं। वैश्विक फर्टिलिटी रिपोर्ट्स और मेडिकल टूरिज्म डेटा के अनुसार, सस्ता होने से हर साल 5-8 हजार विदेशी जोड़े आईवीएफ ट्रीटमेंट के लिए नार्दन साइप्रस आते हैं और पिछले 10 वर्षों में 50,000 से 70,000 विदेशी नागरिकों ने नॉर्दन साइप्रस के क्लिनिकों में आईवीएफ ट्रीटमेंट कराया है। इनमें बड़ी संख्या ब्रिटेन, जर्मनी और फ्रांस के लोगों की है। रैचेल का दावा – 13 साल बाद डीएनए टेस्ट से शक पक्का हुआ रिपोर्ट में रैचेल नाम की एक मां का केस बताया गया है। रैचेल ने 2012 में डोगस में करीब 4.43 लाख रु. में आईवीएफ कराया। रैचेल ने क्रायोस वेबसाइट से डेनमार्क के एक डोनर को चुना था। प्रोफाइल में लिखा था कि 18 साल बाद बच्चा चाहे तो डोनर की पहचान जान सकता है। रैचेल का कहना है कि क्लिनिक ने बार-बार मेडिकल रिपोर्ट भेजने से इनकार किया, जिससे शक बढ़ा। अब डीएनए टेस्ट से यह सामने आया कि जोना उनका बायोलॉजिकल बेटा है, लेकिन चुना गया डोनर उसका पिता नहीं है। रैचेल ने कहा कि दुख यह है कि जोना भविष्य में अपने डोनर से संपर्क का मौका खो सकता है।

नेतन्याहू बोले- ईरान ने बेटे की हत्या की कोशिश की:हमें मिली सिक्योरिटी एशोआराम के लिए नहीं, विपक्ष ने सवाल उठाए थे

नेतन्याहू बोले- ईरान ने बेटे की हत्या की कोशिश की:हमें मिली सिक्योरिटी एशोआराम के लिए नहीं, विपक्ष ने सवाल उठाए थे

इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने सोमवार को कहा कि ईरान ने उनके परिवार को निशाना बनाया और उनके दो बेटों में से एक की हत्या की कोशिश की। उन्होंने यह बात सरकार समर्थक चैनल 14 को फोन पर दिए इंटरव्यू में कही। नेतन्याहू चुनाव से पहले अपने परिवार और दूसरे राजनीतिक नेताओं की सुरक्षा व्यवस्था पर बात कर रहे थे। नेतन्याहू के दो बेटे याइर और अनवर हैं। हालांकि उन्होंने यह नहीं बताया कि उनके दोनों बेटों में से किसे निशाना बनाया गया था। हत्या की कोशिश कब और कैसे की गई। नेतन्याहू बोले- सुरक्षा कोई ऐशोआराम नहीं है दरअसल इजराइल में कई महीनों से नेतन्याहू के परिवार के सदस्यों और राजनीतिक नेताओं को दी जा रही सुरक्षा पर सवाल उठ रहे थे। इसके बाद इजराइल की सुरक्षा एजेंसी शिन बेट ने नेतन्याहू की पत्नी सारा और उनके दोनों बेटों के लिए सुरक्षा बढ़ाने को मंजूरी दी है। नेतन्याहू ने कहा, उन्हें दी जा रही सुरक्षा कोई ऐशोआराम नहीं है। यह सुरक्षा उन्हें नेतन्याहू के आगामी चुनाव हारने की स्थिति में भी मिलेगी। अवनेर इजराइल में रहते हैं, जबकि याइर पिछले कुछ सालों से ज्यादातर मियामी में रह रहे हैं। याइर दक्षिणपंथी विचारों वाली अपनी टिप्पणियों के लिए जाने जाते हैं। एक रिपोर्ट के मुताबिक, कथित हत्या की साजिश की जानकारी इजराइल के सुरक्षा अधिकारियों को कई महीनों से थी। हालांकि, सैन्य सेंसर ने इसके प्रकाशन पर रोक लगा दी थी। खबर लगातार अपडेट की जा रही है।