डी कॉक ने धोनी को पीछे छोड़ा:मुंबई के सेकेंड इंडविजुअल स्कोरर भी बने, श्रेयस के बेहतरीन कैच से हार्दिक आउट; मोमेंट्स-रिकॉर्ड्स

पंजाब किंग्स ने IPL 2026 के 24वें मैच में मुंबई इंडियंस को 7 विकेट से हरा दिया। वानखेड़े स्टेडियम में क्विंटन डी कॉक ने बतौर विकेटकीपर सबसे ज्यादा 50+ स्कोर के मामले में एमएस धोनी को पीछे छोड़ा। गुरुवार को डी कॉक नाबाद 112 रन बनाकर मुंबई के लिए दूसरे सबसे बड़े व्यक्तिगत स्कोरर भी बने। पंजाब के कप्तान श्रेयस अय्यर के डाइविंग कैच से हार्दिक पंड्या पवेलियन लौटे। PBKS Vs MI मैच के रिकॉर्ड्स-मोमेंट्स… 1. डी कॉक ने 25वीं बार 50+ स्कोर बनाया क्विंटन डी कॉक ने IPL में बतौर विकेटकीपर अपना 25वां 50+ स्कोर पूरा किया। सबसे ज्यादा फिफ्टी+ स्कोर के मामले में वे दूसरे स्थान पर पहुंच गए। विकेटकीपर के तौर पर सबसे ज्यादा 50+ स्कोर केएल राहुल (31) के नाम हैं, जबकि उनके बाद एमएस धोनी (24), दिनेश कार्तिक (21) हैं। 2. डी कॉक मुंबई के सेकेंड हाईएस्ट इंडविजुअल स्कोरर क्विंटन डी कॉक ने इस मैच में नाबाद 112 रन बनाकर मुंबई इंडियंस के लिए IPL में दूसरा सबसे बड़ा व्यक्तिगत स्कोर बनाया। इस लिस्ट में टॉप पर सनथ जयसूर्या (114)* हैं, जिन्होंने 2008 में यह पारी खेली थी। डी कॉक ने रोहित शर्मा को पीछे छोड़कर दूसरा स्थान हासिल किया। 3. डी कॉक का 9वां टी-20 शतक टी-20 क्रिकेट में डी कॉक ने नौवां शतक पूरा किया। सबसे ज्यादा शतक के मामले में टॉप पर क्रिस गेल (22) हैं। उनके बाद बाबर आजम (11) और डेविड वॉर्नर (10) हैं। यह IPL में पंजाब किंग्स के खिलाफ किसी मुंबई बल्लेबाज का दूसरा शतक है। इससे पहले लेंडल सिमंस ने 2014 में मोहाली में नाबाद 100 रन बनाए थे। डी कॉक उन विकेटकीपर बल्लेबाजों में शामिल हो गए हैं, जिन्होंने IPL की तीन अलग-अलग टीमों के लिए शतक लगाए हैं। इस लिस्ट में केएल राहुल (PBKS, LSG, DC) और संजू सैमसन (DD, RR, CSK) के साथ क्विंटन डी कॉक (DD, LSG, MI) का नाम जुड़ गया है। 4. प्रभसिमरन ने 25 साल की उम्र में बनाया रिकॉर्ड प्रभसिमरन सिंह ने 25 साल की उम्र में पंजाब किंग्स के लिए सबसे ज्यादा 50+ स्कोर बनाने का रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया है। उन्होंने 10 बार 50 या उससे ज्यादा रन बनाए हैं। इस मामले में उन्होंने डेविड मिलर (9) और शॉन मार्श (6) को पीछे छोड़ दिया। यहां से टॉप-8 मोमेंट्स… 1. अर्शदीप सिंह के 100 IPL विकेट तीसरे ओवर में अर्शदीप सिंह ने IPL में अपने 100 विकेट पूरे किए। पहली गेंद पर उन्होंने रायन रिकेल्टन को आउट किया। लेग साइड की गेंद पर रिकेल्टन का कैच शशांक सिंह ने पकड़ा। अगली गेंद पर सूर्यकुमार यादव भी आउट हो गए। सूर्या का कैच चहल ने लिया। इसी के साथ अर्शदीप IPL में 100 या उससे ज्यादा विकेट लेने वाले प्रमुख लेफ्ट-आर्म पेसर्स की सूची में शामिल हो गए। इस लिस्ट में ट्रेंट बोल्ट (144), जयदेव उनादकट (114), आशीष नेहरा (106) और जहीर खान (102) शामिल हैं। अर्शदीप पंजाब किंग्स के लिए 100 विकेट लेने वाले पहले गेंदबाज बने। उनसे पहले टीम के लिए सबसे ज्यादा विकेट पीयूष चावला (84) के नाम थे। दिलचस्प बात यह रही कि पावरप्ले में IPL में 11 पारियों (21.1 ओवर) के बाद यह उनका पहला विकेट था। टी-20 क्रिकेट में भी यह पिछले 9 मैचों के बाद पावरप्ले में उनका पहला विकेट रहा। 2. नमन धीर का कैच चहल से छूटा चौथे ओवर की दूसरी गेंद पर नमन धीर को जीवनदान मिला। मार्को यानसन ने ऑफ स्टंप के बाहर लेंथ गेंद डाली, जिस पर धीर ने स्कूप शॉट खेलने की कोशिश की। गेंद बल्ले पर सही तरीके से नहीं लगी और शॉर्ट फाइन लेग की ओर हवा में चली गई। वहां युजवेंद्र चहल के पास आसान कैच का मौका था, लेकिन वे पकड़ नहीं सके और गेंद हाथों से छूट गई। चहल ने इशारा किया कि रोशनी की वजह से उन्हें गेंद नजर नहीं आई। 3. डी कॉक ने रिवर्स शॉट पर चौका लगाकर शतक पूरा किया 18वें ओवर की आखिरी गेंद पर क्विंटन डी कॉक ने चौका लगाकर अपना शतक पूरा किया। जेवियर बार्टलेट ने ऑफ स्टंप के बाहर लो फुल टॉस डाली, जिस पर डी कॉक ने झुककर रिवर्स लैप शॉट खेला। उन्होंने गेंद की रफ्तार का इस्तेमाल करते हुए उसे शॉर्ट थर्ड मैन के आगे से बाउंड्री तक पहुंचाया। 4. हार्दिक पंड्या के IPL में 150 सिक्स पूरे 18वें ओवर की पहली गेंद पर हार्दिक पंड्या ने छक्का लगाकर IPL में अपने 150 सिक्स पूरे किए। मार्को यानसन की बैक ऑफ लेंथ गेंद पर हार्दिक ने सामने की ओर शॉट खेला और गेंद बाउंड्री के पार गई। 5. श्रेयस अय्यर के बेहतरीन कैच से हार्दिक आउट 18वें ओवर की तीसरी गेंद पर हार्दिक पंड्या आउट हो गए। यानसन ने धीमी गति से बाहर जाती गेंद डाली, जिस पर हार्दिक बड़ा शॉट खेलने गए, लेकिन गेंद बल्ले के ऊपरी हिस्से पर लगी और हवा में गई। लॉन्ग-ऑन से दौड़ते हुए श्रेयस अय्यर ने शानदार प्रयास किया। उन्होंने बाउंड्री के पास छलांग लगाकर कैच लिया, लेकिन संतुलन बिगड़ने पर गेंद को हवा में उछाला, जिसे पास खड़े जेवियर बार्टलेट ने पूरा किया। 6. यानसन की यॉर्कर से रदरफोर्ड का बैट टूटा 18वें ओवर की आखिरी दो बॉल में मार्को यानसन ने रदरफोर्ड को यॉर्कर डाली। गेंद अंदर आई और रदरफोर्ड उसे ठीक से खेल नहीं पाए। बल्ले का किनारा लगकर गेंद शॉर्ट थर्ड मैन की ओर गई और इस दौरान उनका बल्ला ऊपर से टूट गया। 7. बुमराह ने प्रभसिमरन का कैच छोड़ा चौथे ओवर में प्रभसिमरन सिंह को जीवनदान मिला। ओवर की पहली बॉल हार्दिक पंड्या ने ऑफ स्टंप के बाहर शॉर्ट पिच फेंकी। प्रभसिमरन ने कट शॉट खेला, बॉल जसप्रीत बुमराह की ओर गई, लेकिन वे कैच नहीं पकड़ सके। 8. श्रेयस की चौके से फिफ्टी 15वें ओवर में श्रेयस अय्यर ने भी फिफ्टी पूरी कर ली। उन्होंने 37 बॉल पर हाफ सेंचुरी पूरी की। अय्यर ने बुमराह की चौथी बॉल पर चौका लगाया और अर्धशतक पूरा किया।
डी कॉक ने धोनी को पीछे छोड़ा:मुंबई के सेकेंड इंडविजुअल स्कोरर भी बने, श्रेयस के बेहतरीन कैच से हार्दिक आउट; मोमेंट्स-रिकॉर्ड्स

पंजाब किंग्स ने IPL 2026 के 24वें मैच में मुंबई इंडियंस को 7 विकेट से हरा दिया। वानखेड़े स्टेडियम में क्विंटन डी कॉक ने बतौर विकेटकीपर सबसे ज्यादा 50+ स्कोर के मामले में एमएस धोनी को पीछे छोड़ा। गुरुवार को डी कॉक नाबाद 112 रन बनाकर मुंबई के लिए दूसरे सबसे बड़े व्यक्तिगत स्कोरर बने। पंजाब के कप्तान श्रेयस अय्यर के डाइविंग कैच से हार्दिक पंड्या पवेलियन लौटे। PBKS Vs MI मैच के रिकॉर्ड्स-मोमेंट्स… 1. डी कॉक ने 25वीं बार 50+ स्कोर बनाया क्विंटन डी कॉक ने IPL में बतौर विकेटकीपर अपना 25वां 50+ स्कोर पूरा किया। सबसे ज्यादा फिफ्टी+ स्कोर के मामले में वे दूसरे स्थान पर पहुंच गए। विकेटकीपर के तौर पर सबसे ज्यादा 50+ स्कोर केएल राहुल (31) के नाम हैं, जबकि उनके बाद एमएस धोनी (24), दिनेश कार्तिक (21) हैं। 2. डी कॉक मुंबई के सेकेंड हाईएस्ट इंडविजुअल स्कोरर क्विंटन डी कॉक ने इस मैच में नाबाद 112 रन बनाकर मुंबई इंडियंस के लिए IPL में दूसरा सबसे बड़ा व्यक्तिगत स्कोर बनाया। इस लिस्ट में टॉप पर सनथ जयसूर्या (114)* हैं, जिन्होंने 2008 में यह पारी खेली थी। डी कॉक ने रोहित शर्मा को पीछे छोड़कर दूसरा स्थान हासिल किया। 3. डी कॉक का 9वां टी-20 शतक टी-20 क्रिकेट में डी कॉक ने नौवां शतक पूरा किया। सबसे ज्यादा शतक के मामले में टॉप पर क्रिस गेल (22) हैं। उनके बाद बाबर आजम (11) और डेविड वॉर्नर (10) हैं। यह IPL में पंजाब किंग्स के खिलाफ किसी मुंबई बल्लेबाज का दूसरा शतक है। इससे पहले लेंडल सिमंस ने 2014 में मोहाली में नाबाद 100 रन बनाए थे। डी कॉक उन विकेटकीपर बल्लेबाजों में शामिल हो गए हैं, जिन्होंने IPL की तीन अलग-अलग टीमों के लिए शतक लगाए हैं। इस लिस्ट में केएल राहुल (PBKS, LSG, DC) और संजू सैमसन (DD, RR, CSK) के साथ क्विंटन डी कॉक (DD, LSG, MI) का नाम जुड़ गया है। 4. प्रभसिमरन ने 25 साल की उम्र में बनाया रिकॉर्ड प्रभसिमरन सिंह ने 25 साल की उम्र में पंजाब किंग्स के लिए सबसे ज्यादा 50+ स्कोर बनाने का रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया है। उन्होंने 10 बार 50 या उससे ज्यादा रन बनाए हैं। इस मामले में उन्होंने डेविड मिलर (9) और शॉन मार्श (6) को पीछे छोड़ दिया। यहां से टॉप-8 मोमेंट्स… 1. अर्शदीप सिंह के 100 IPL विकेट तीसरे ओवर में अर्शदीप सिंह ने IPL में अपने 100 विकेट पूरे किए। पहली गेंद पर उन्होंने रायन रिकेल्टन को आउट किया। लेग साइड की गेंद पर रिकेल्टन का कैच शशांक सिंह ने पकड़ा। अगली गेंद पर सूर्यकुमार यादव भी आउट हो गए। सूर्या का कैच चहल ने लिया। इसी के साथ अर्शदीप IPL में 100 या उससे ज्यादा विकेट लेने वाले प्रमुख लेफ्ट-आर्म पेसर्स की सूची में शामिल हो गए। इस लिस्ट में ट्रेंट बोल्ट (144), जयदेव उनादकट (114), आशीष नेहरा (106) और जहीर खान (102) शामिल हैं। अर्शदीप पंजाब किंग्स के लिए 100 विकेट लेने वाले पहले गेंदबाज बने। उनसे पहले टीम के लिए सबसे ज्यादा विकेट पीयूष चावला (84) के नाम थे। दिलचस्प बात यह रही कि पावरप्ले में IPL में 11 पारियों (21.1 ओवर) के बाद यह उनका पहला विकेट था। टी-20 क्रिकेट में भी यह पिछले 9 मैचों के बाद पावरप्ले में उनका पहला विकेट रहा। 2. नमन धीर का कैच चहल से छूटा चौथे ओवर की दूसरी गेंद पर नमन धीर को जीवनदान मिला। मार्को यानसन ने ऑफ स्टंप के बाहर लेंथ गेंद डाली, जिस पर धीर ने स्कूप शॉट खेलने की कोशिश की। गेंद बल्ले पर सही तरीके से नहीं लगी और शॉर्ट फाइन लेग की ओर हवा में चली गई। वहां युजवेंद्र चहल के पास आसान कैच का मौका था, लेकिन वे पकड़ नहीं सके और गेंद हाथों से छूट गई। चहल ने इशारा किया कि रोशनी की वजह से उन्हें गेंद नजर नहीं आई। 3. डी कॉक ने रिवर्स शॉट पर चौका लगाकर शतक पूरा किया 18वें ओवर की आखिरी गेंद पर क्विंटन डी कॉक ने चौका लगाकर अपना शतक पूरा किया। जेवियर बार्टलेट ने ऑफ स्टंप के बाहर लो फुल टॉस डाली, जिस पर डी कॉक ने झुककर रिवर्स लैप शॉट खेला। उन्होंने गेंद की रफ्तार का इस्तेमाल करते हुए उसे शॉर्ट थर्ड मैन के आगे से बाउंड्री तक पहुंचाया। 4. हार्दिक पंड्या के IPL में 150 सिक्स पूरे 18वें ओवर की पहली गेंद पर हार्दिक पंड्या ने छक्का लगाकर IPL में अपने 150 सिक्स पूरे किए। मार्को यानसन की बैक ऑफ लेंथ गेंद पर हार्दिक ने सामने की ओर शॉट खेला और गेंद बाउंड्री के पार गई। 5. श्रेयस अय्यर के बेहतरीन कैच से हार्दिक आउट 18वें ओवर की तीसरी गेंद पर हार्दिक पंड्या आउट हो गए। यानसन ने धीमी गति से बाहर जाती गेंद डाली, जिस पर हार्दिक बड़ा शॉट खेलने गए, लेकिन गेंद बल्ले के ऊपरी हिस्से पर लगी और हवा में गई। लॉन्ग-ऑन से दौड़ते हुए श्रेयस अय्यर ने शानदार प्रयास किया। उन्होंने बाउंड्री के पास छलांग लगाकर कैच लिया, लेकिन संतुलन बिगड़ने पर गेंद को हवा में उछाला, जिसे पास खड़े जेवियर बार्टलेट ने पूरा किया। 6. यानसन की यॉर्कर से रदरफोर्ड का बैट टूटा 18वें ओवर की आखिरी दो बॉल में मार्को यानसन ने रदरफोर्ड को यॉर्कर डाली। गेंद अंदर आई और रदरफोर्ड उसे ठीक से खेल नहीं पाए। बल्ले का किनारा लगकर गेंद शॉर्ट थर्ड मैन की ओर गई और इस दौरान उनका बल्ला ऊपर से टूट गया। 7. बुमराह ने प्रभसिमरन का कैच छोड़ा चौथे ओवर में प्रभसिमरन सिंह को जीवनदान मिला। ओवर की पहली बॉल हार्दिक पंड्या ने ऑफ स्टंप के बाहर शॉर्ट पिच फेंकी। प्रभसिमरन ने कट शॉट खेला, बॉल जसप्रीत बुमराह की ओर गई, लेकिन वे कैच नहीं पकड़ सके। 8. श्रेयस की चौके से फिफ्टी 15वें ओवर में श्रेयस अय्यर ने भी फिफ्टी पूरी कर ली। उन्होंने 37 बॉल पर हाफ सेंचुरी पूरी की। अय्यर ने बुमराह की चौथी बॉल पर चौका लगाया और अर्धशतक पूरा किया।
युवती से किया रेप, आरोपी के भाई ने पीटा:सरकारी नौकरी लगवाने का दिया था झांसा, घर पहुंचकर किया दुष्कर्म

ग्वालियर के हजीरा क्षेत्र में एक 25 वर्षीय युवती के साथ नौकरी दिलाने का झांसा देकर दुष्कर्म और बाद में मारपीट का मामला सामने आया है। पीड़िता की शिकायत पर पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पीड़ित युवती एमए पास है और लंबे समय से नौकरी की तलाश कर रही थी। इसी दौरान उसकी पहचान हजीरा के लूटपुरा निवासी करण धाकड़ से हुई। आरोपी ने खुद की पहचान कई मंत्रियों और अधिकारियों से होने का दावा करते हुए युवती को सरकारी विभाग में नौकरी दिलाने का भरोसा दिलाया। बातचीत के दौरान उसने प्रेम का प्रस्ताव भी रखा। आरोप है कि करीब 15 दिन पहले करण धाकड़ युवती के घर पहुंचा और जबरन उसके साथ दुष्कर्म किया। इसके बाद वह नौकरी के नाम पर लगातार उसका शोषण करता रहा। जब युवती ने नौकरी को लेकर दबाव बनाया, तो आरोपी टालमटोल करने लगा। भाई ने घर में घुसकर की मारपीट पीड़िता के विरोध करने पर आरोपी का भाई सन्नी धाकड़ एक सप्ताह पहले युवती के घर पहुंचा। उसने युवती पर अपने भाई को फंसाने का आरोप लगाते हुए उसके साथ मारपीट की और जान से मारने की धमकी दी। पुलिस ने दर्ज किया मामला पीड़िता ने पूरे मामले की शिकायत हजीरा थाने में की। जांच के बाद पुलिस ने दुष्कर्म और मारपीट सहित विभिन्न धाराओं में केस दर्ज कर लिया है। फिलहाल आरोपी और उसके भाई की तलाश जारी है।
इंदौर के डेली कॉलेज में फिर 'घमासान':संविधान संशोधन के खिलाफ ओल्ड डेलियन्स ने खोला मोर्चा, मुख्यमंत्री तक गुहार

डेली कॉलेज में आंतरिक विवाद एक बार फिर गहरा गया है। गुरुवार को बड़ी संख्या में पूर्व छात्र (ओल्ड डेलियन्स) कॉलेज के मुख्य द्वार पर एकत्र हुए और बायलॉज (संविधान) में प्रस्तावित बदलावों के विरोध में प्रदर्शन किया। उन्होंने वर्तमान प्रबंधन पर नियमों की अनदेखी और पद के दुरुपयोग के आरोप लगाते हुए मुख्यमंत्री और प्रशासन से निष्पक्ष जांच की मांग की। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि संस्था की वर्तमान प्रबंधन समिति का कार्यकाल दिसंबर 2025 में समाप्त हो चुका है, इसके बावजूद अब तक नए चुनाव नहीं कराए गए हैं। उनका कहना है कि कुछ लोग अपनी कुर्सी बचाने के लिए नियमों में मनमाने संशोधन कर रहे हैं, जो कॉलेज की परंपराओं और स्थापित प्रक्रियाओं के खिलाफ है। प्राचार्य से मुलाकात को लेकर तनाव प्रदर्शन के दौरान स्थिति उस समय तनावपूर्ण हो गई, जब पूर्व छात्रों को प्राचार्य डॉ. बिंद्रा से मिलने से रोक दिया गया। इस पर काफी देर तक बहस और विरोध हुआ। बाद में प्रबंधन ने उन्हें परिसर में प्रवेश की अनुमति दी। मुलाकात के दौरान प्राचार्य ने उनकी बात सुनी और मुद्दों को प्रबंधन के समक्ष रखने का आश्वासन दिया। वित्तीय पारदर्शिता पर भी सवाल पूर्व छात्रों ने केवल संविधान संशोधन ही नहीं, बल्कि संस्थान की गवर्नेंस और वित्तीय पारदर्शिता पर भी सवाल उठाए। उनका आरोप है कि बिना वार्षिक साधारण सभा (AGM) बुलाए महत्वपूर्ण निर्णय लिए जा रहे हैं और पूर्व छात्रों की भागीदारी लगातार कम की जा रही है। साथ ही, अनावश्यक शिकायतों और एफआईआर से कॉलेज की राष्ट्रीय स्तर पर छवि प्रभावित हो रही है। आंदोलन तेज करने की चेतावनी प्रदर्शन में मधुकांत गर्ग, डॉ. सुमित शुक्ला, देवाशीष मजूमदार, कमलेश कासलीवाल, विक्रम खंडेलवाल और नीरज देसाई सहित कई पूर्व छात्र शामिल हुए। ज्ञापन सौंपने के बाद उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि जल्द चुनाव प्रक्रिया शुरू नहीं हुई और प्रस्तावित बदलावों पर रोक नहीं लगी, तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।
धुरंधर फ्रेंचाइजी ने फिल्म इंडस्ट्री को दी नई जान:कंगना बोलीं- बॉलीवुड देश से कट रहा था, रणवीर की मूवी ने जगाई उम्मीद

अभिनेत्री और सांसद कंगना रनोट ने ‘धुरंधर’ फ्रेंचाइजी की जमकर तारीफ की है। उन्होंने कहा कि इस फिल्म ने भारतीय फिल्म इंडस्ट्री में नई जान फूंकने का काम किया है। कंगना के मुताबिक, पिछले कुछ समय से बॉलीवुड दर्शकों से कट रहा था, लेकिन रणवीर सिंह स्टारर इस फिल्म ने लोगों को सिनेमाघरों तक वापस खींच लिया है। यह फ्रेंचाइजी अब 3,000 करोड़ रुपये का आंकड़ा पार करने वाली पहली भारतीय फिल्म सीरीज बन गई है। बॉलीवुड और दर्शकों के बीच खत्म हो रही थी दूरी ANI से बातचीत में कंगना ने कहा कि हिंदी फिल्म इंडस्ट्री धीरे-धीरे देश की संस्कृति और कहानियों से दूर होती जा रही थी। उन्होंने बताया, “इंडस्ट्री एक तरह से देश से कट रही थी। दर्शकों की भागीदारी कम हो गई थी और लोग फिल्में देखना नहीं चाह रहे थे। इसी वजह से साउथ इंडियन फिल्मों को ज्यादा पहचान मिली, क्योंकि वे अपनी संस्कृति और स्थानीय कहानियों पर फोकस कर रहे थे।” कंगना का मानना है कि ‘धुरंधर’ जैसी फिल्मों ने दर्शकों को उनकी अपनी कहानियां दिखाई हैं। आर माधवन और अजीत डोभाल का जिक्र कंगना ने फिल्म में आर माधवन के काम की विशेष रूप से सराहना की। फिल्म में उनका किरदार राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल से प्रेरित बताया जा रहा है। कंगना ने कहा, माधवन ने शानदार काम किया है। मैं अजीत डोभाल जी से मिल चुकी हूं, उनका व्यक्तित्व बहुत बड़ा है। मुझे लगता है कि डोभाल जी पर एक पूरी अलग फिल्म बननी चाहिए, तभी उनके किरदार के साथ पूरा न्याय हो पाएगा। फिर भी माधवन उनके काफी करीब पहुंचे, वे बहुत अच्छे अभिनेता हैं। 3000 करोड़ का ऐतिहासिक रिकॉर्ड ‘धुरंधर’ फ्रेंचाइजी ने भारतीय सिनेमा में नया इतिहास रचा है। सीरीज की दोनों फिल्मों ने मिलकर वर्ल्डवाइड 3,000 करोड़ रुपए से ज्यादा की कमाई कर ली है। ‘धुरंधर 2: द रिवेंज’ मार्च में रिलीज हुई थी और इसने अकेले ग्लोबल बॉक्स ऑफिस पर 1700 करोड़ रुपए से ज्यादा का बिजनेस किया है।
धुरंधर फ्रेंचाइजी ने फिल्म इंडस्ट्री को दी नई जान:कंगना बोलीं- बॉलीवुड देश से कट रहा था, रणवीर की मूवी ने जगाई उम्मीद

अभिनेत्री और सांसद कंगना रनोट ने ‘धुरंधर’ फ्रेंचाइजी की जमकर तारीफ की है। उन्होंने कहा कि इस फिल्म ने भारतीय फिल्म इंडस्ट्री में नई जान फूंकने का काम किया है। कंगना के मुताबिक, पिछले कुछ समय से बॉलीवुड दर्शकों से कट रहा था, लेकिन रणवीर सिंह स्टारर इस फिल्म ने लोगों को सिनेमाघरों तक वापस खींच लिया है। यह फ्रेंचाइजी अब 3,000 करोड़ रुपये का आंकड़ा पार करने वाली पहली भारतीय फिल्म सीरीज बन गई है। बॉलीवुड और दर्शकों के बीच खत्म हो रही थी दूरी ANI से बातचीत में कंगना ने कहा कि हिंदी फिल्म इंडस्ट्री धीरे-धीरे देश की संस्कृति और कहानियों से दूर होती जा रही थी। उन्होंने बताया, “इंडस्ट्री एक तरह से देश से कट रही थी। दर्शकों की भागीदारी कम हो गई थी और लोग फिल्में देखना नहीं चाह रहे थे। इसी वजह से साउथ इंडियन फिल्मों को ज्यादा पहचान मिली, क्योंकि वे अपनी संस्कृति और स्थानीय कहानियों पर फोकस कर रहे थे।” कंगना का मानना है कि ‘धुरंधर’ जैसी फिल्मों ने दर्शकों को उनकी अपनी कहानियां दिखाई हैं। आर माधवन और अजीत डोभाल का जिक्र कंगना ने फिल्म में आर माधवन के काम की विशेष रूप से सराहना की। फिल्म में उनका किरदार राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल से प्रेरित बताया जा रहा है। कंगना ने कहा, माधवन ने शानदार काम किया है। मैं अजीत डोभाल जी से मिल चुकी हूं, उनका व्यक्तित्व बहुत बड़ा है। मुझे लगता है कि डोभाल जी पर एक पूरी अलग फिल्म बननी चाहिए, तभी उनके किरदार के साथ पूरा न्याय हो पाएगा। फिर भी माधवन उनके काफी करीब पहुंचे, वे बहुत अच्छे अभिनेता हैं। 3000 करोड़ का ऐतिहासिक रिकॉर्ड ‘धुरंधर’ फ्रेंचाइजी ने भारतीय सिनेमा में नया इतिहास रचा है। सीरीज की दोनों फिल्मों ने मिलकर वर्ल्डवाइड 3,000 करोड़ रुपए से ज्यादा की कमाई कर ली है। ‘धुरंधर 2: द रिवेंज’ मार्च में रिलीज हुई थी और इसने अकेले ग्लोबल बॉक्स ऑफिस पर 1700 करोड़ रुपए से ज्यादा का बिजनेस किया है।
डॉ.अंबेडकर का स्टेटस लगाने पर पत्नी को घर से निकाला:डेढ़ माह के बच्चे के साथ थाने पहुंची महिला; पति ने तलाक देने की धमकी दी

इंदौर के भोलनाथ कॉलोनी में रहने वाली एक पीड़िता गुरुवार को एरोड्रम थाने पहुंची। उसके परिवार के लोगों ने बताया कि पीड़िता पर उसकी दोनों ननदों ने 14 अप्रैल को बाबा साहब अंबेडकर का स्टेटस हटाने का दबाव बनाया था। स्टेटस नहीं हटाने पर पति ने डेढ़ माह के बच्चे सहित उसे घर से निकाल दिया। एरोड्रम थाने पर रीना पंवार अपने डेढ़ माह के बच्चे के साथ गुरुवार शाम पहुंची। परिवार के अनुसार, रीना की शादी डेढ़ साल पहले रितेश से हुई थी। रीना बिहार की रहने वाली है। दोनों का परिचय परिवार के माध्यम से हुआ था, जिसके बाद अंतरराज्यीय विवाह हुआ। उस समय परिवार को बौद्ध धर्म को लेकर कोई आपत्ति नहीं थी। लेकिन 14 अप्रैल को रीना द्वारा बाबा साहब अंबेडकर का स्टेटस लगाने पर एक ननद ने आपत्ति जताई और उसे हटाने को कहा। इस बात पर विवाद बढ़ गया। आरोप है कि पति रितेश पंवार ने अपशब्द कहे और तलाक देने की धमकी दी। शिकायत लेकर रीना अपने बच्चे के साथ थाने पहुंची। बताया गया कि ड्यूटी पर मौजूद हेड कॉन्स्टेबल मनोज ने उन्हें कोर्ट में केस करने की सलाह दी। बाद में टीआई तरुण बघेल ने परिवार की बातें सुनकर कारवाई का आश्वासन दिया।
प्रियंका गांधी ने परिसीमन पर अमित शाह पर ‘चाणक्य’ का कटाक्ष किया, आधुनिक गणित की आलोचना के लिए प्राचीन रणनीति का जिक्र किया | राजनीति समाचार

आखरी अपडेट:16 अप्रैल, 2026, 20:09 IST प्रियंका गांधी वाड्रा के तर्क का मूल यह था कि बीजेपी ‘भारत के संविधान को नुकसान पहुंचाकर अपनी पार्टी की नींव मजबूत कर रही है’ सरकार के ‘पूरी तरह से नियोजित’ होने के बारे में प्रियंका की टिप्पणी से पता चलता है कि भारतीय गुट इसे एक सहज सुधार के रूप में नहीं, बल्कि 2029 से पहले भारत के राजनीतिक मानचित्र को अपने पक्ष में करने के लिए एक दीर्घकालिक सामरिक नाटक के रूप में देखता है। (फ़ाइल छवि: संसद टीवी/पीटीआई) उच्च-स्तरीय संवैधानिक संशोधन कदमों और गहन विधायी बहस से परिभाषित एक दिन में, लोकसभा में 16 अप्रैल को हल्केपन का एक दुर्लभ क्षण देखा गया। कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी वाड्रा ने सदन को 850 सीटों तक विस्तारित करने के सरकार के कदम की आलोचना करते हुए, ट्रेजरी बेंच पर एक मजाकिया कटाक्ष किया जिसने पल भर में विशेष सत्र के तनाव को तोड़ दिया। उनका “चाणक्य” तंज, केंद्रीय मंत्री अमित शाह पर निर्देशित और व्यंग्य और राजनीतिक तीखेपन के मिश्रण के साथ, तब से वायरल हो गया है, जो 131वें संवैधानिक संशोधन के पीछे के असली इरादे को लेकर भारतीय गुट और एनडीए के बीच गहरी प्रतिद्वंद्विता को उजागर करता है। बहस के दौरान प्रियंका गांधी ने क्यों लिया चाणक्य का नाम? प्राचीन भारतीय बहुज्ञ और अर्थशास्त्र के ज्ञाता मास्टर रणनीतिकार, चाणक्य का संदर्भ उस पर एक सीधी टिप्पणी थी जिसे गांधी ने वर्तमान प्रशासन की “चालाकी” के रूप में वर्णित किया था। प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी के पहले संबोधन के बाद, जिसमें 33% महिला कोटा को “प्रायश्चित” के ऐतिहासिक कार्य के रूप में परिभाषित किया गया था, गांधी ने तर्क दिया कि यह कदम सशक्तिकरण के बारे में कम और चुनावी अस्तित्व के बारे में अधिक था। जब उन्होंने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और कई अन्य भाजपा सांसदों को उनके “राजनीतिक तुरुप का इक्का” सिद्धांत पर हंसते हुए देखा, तो उन्होंने मजाकिया अंदाज में टिप्पणी की कि आधुनिक भाजपा द्वारा प्रदर्शित रणनीतिक गहराई – या “चालाकपन” से यहां तक कि चाणक्य भी चौंक गए होंगे। चाणक्य का आह्वान करके, गांधी भारत में लंबे समय से चली आ रही राजनीतिक परंपरा का फायदा उठा रहे थे, जहां भाजपा के नेतृत्व, विशेष रूप से प्रधान मंत्री और गृह मंत्री की तुलना अक्सर विपक्ष को मात देने की उनकी क्षमता के लिए प्रसिद्ध रणनीतिकार से की जाती है। हालाँकि, उसका स्वर प्रशंसात्मक नहीं था; उन्होंने सुझाव दिया कि लोकप्रिय महिला आरक्षण को विवादास्पद परिसीमन अभ्यास से जोड़कर, भाजपा ने एक विधायी “पिनसर आंदोलन” बनाया है जिसने विपक्ष को दोषपूर्ण विस्तार का समर्थन करने या महिला विरोधी दिखने के बीच चयन करने के लिए मजबूर किया है। ‘चाणक्य’ व्यंग्य ने 850 सीटों की योजना पर विपक्ष के रुख को कैसे दर्शाया? गांधी के तर्क का मूल यह था कि भाजपा “भारत के संविधान को नुकसान पहुंचाकर अपनी पार्टी की नींव को मजबूत कर रही है”। यह 2011 की जनगणना को आधार रेखा के रूप में उपयोग करने और लोकसभा को 850 सीटों तक विस्तारित करने के सरकार के निर्णय को संदर्भित करता है। विपक्ष इसे महिलाओं के लिए कोटा लागू करने के साथ-साथ हिंदी हार्टलैंड में एनडीए के चुनावी लाभ को बनाए रखने के लिए बनाया गया एक रणनीतिक मास्टरस्ट्रोक के रूप में देखता है। सरकार के “पूरी तरह से नियोजित” होने के बारे में गांधी की टिप्पणी से पता चलता है कि भारतीय गुट इसे एक सहज सुधार के रूप में नहीं, बल्कि 2029 से पहले भारत के राजनीतिक मानचित्र को अपने पक्ष में करने के लिए एक दीर्घकालिक सामरिक नाटक के रूप में देखता है। ट्रेजरी बेंच की हँसी, जिसने “चाणक्य” को जवाब देने के लिए प्रेरित किया, ने सरकार के वर्तमान आत्मविश्वास को रेखांकित किया। दिन की शुरुआत में मतविभाजन मत से विधेयक पेश करने के पक्ष में स्पष्ट बहुमत दिखा, लेकिन भाजपा सांसद “अति-रणनीतिक” होने के आरोप से बेफिक्र दिखे। सरकार के लिए, यह रणनीति तीस साल के गतिरोध का एक वैध समाधान है; गांधी और उनके सहयोगियों के लिए, यह लैंगिक न्याय की आड़ में संघीय सिद्धांतों का विध्वंस है। प्रियंका ने जिस ‘चालाकी’ का जिक्र किया उसका रणनीतिक महत्व क्या है? गांधी ने जिस “चालाकपन” का संकेत दिया था, वह 850 सीटों वाले मॉडल के अनूठे “नो-नुकसान” गणित में निहित है। यह सुनिश्चित करके कि हर राज्य में सीटों में आनुपातिक वृद्धि हो, सरकार ने डीएमके या टीएमसी जैसे क्षेत्रीय दलों के लिए अपनी महिला मतदाताओं को अलग किए बिना पूर्ण पैमाने पर विरोध शुरू करना राजनीतिक रूप से कठिन बना दिया है। जैसा कि सत्र अपने दूसरे दिन में जारी है, “चाणक्य” बिंदु सेंट्रल हॉल में चर्चा का विषय बना हुआ है, जो एक अनुस्मारक के रूप में कार्य कर रहा है कि 2026 में, भारतीय मतदाताओं के लिए लड़ाई समान रूप से विधायी महत्वाकांक्षा और बयानबाजी बुद्धि के साथ लड़ी जा रही है। जैसा कि परिसीमन आयोग पर मंडरा रहा है, सवाल यह है कि क्या यह रणनीतिक विस्तार वास्तव में “ट्रम्प कार्ड” होगा जो एनडीए के लिए अगले दशक को सुरक्षित करेगा। चुनी हुई कहानियाँ, आपके इनबॉक्स में हमारी सर्वोत्तम पत्रकारिता वाला एक न्यूज़लेटर जमा करना पहले प्रकाशित: 16 अप्रैल, 2026, 20:09 IST समाचार राजनीति परिसीमन पर प्रियंका गांधी ने ‘चाणक्य’ अमित शाह पर साधा निशाना, आधुनिक गणित की आलोचना के लिए प्राचीन रणनीति का जिक्र किया अस्वीकरण: टिप्पणियाँ उपयोगकर्ताओं के विचार दर्शाती हैं, News18 के नहीं। कृपया चर्चाएँ सम्मानजनक और रचनात्मक रखें। अपमानजनक, मानहानिकारक, या अवैध टिप्पणियाँ हटा दी जाएंगी। News18 अपने विवेक से किसी भी टिप्पणी को अक्षम कर सकता है. पोस्ट करके, आप हमारी उपयोग की शर्तों और गोपनीयता नीति से सहमत होते हैं। और पढ़ें
‘जैसे अंग्रेजों ने भारत-पाक विभाजन किया’: आंध्र-तेलंगाना टिप्पणी पर तेजस्वी सूर्या की आलोचना | भारत समाचार

आखरी अपडेट:16 अप्रैल, 2026, 18:39 IST केटीआर ने कहा कि तेलंगाना का गठन हजारों लोगों, विशेषकर युवाओं के वर्षों के संघर्ष और बलिदान के बाद हुआ था। बाएं: भाजपा सांसद तेजस्वी सूर्या; दाएं: बीआरएस अध्यक्ष केटीआर भाजपा सांसद तेजस्वी सूर्या द्वारा संसद में तेलंगाना के गठन की तुलना भारत और पाकिस्तान के विभाजन से करने की टिप्पणी के बाद तेलंगाना में राजनीतिक विवाद खड़ा हो गया। उनके बयान पर विभिन्न दलों के नेताओं ने तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की है, जिन्होंने इसे आक्रामक और असंवेदनशील बताया है। इस टिप्पणी से आक्रोश फैल गया और कई नेताओं ने कहा कि इस तरह की तुलना से तेलंगाना के लोगों की भावनाओं और पहचान को ठेस पहुंचती है। तेजस्वी सूर्या ने क्या कहा? संसद में चर्चा के दौरान सूर्या ने कहा कि जिस तरह से कांग्रेस के नेतृत्व वाले यूपीए ने अविभाजित आंध्र प्रदेश को आंध्र प्रदेश और तेलंगाना में विभाजित किया, वह अंग्रेजों द्वारा भारत और पाकिस्तान के विभाजन से भी बदतर था। उनकी टिप्पणियों की राजनीतिक नेताओं ने तुरंत आलोचना की, जिन्होंने तुलना को राज्य के इतिहास के लिए अनुचित और अपमानजनक बताया। उन्होंने कहा, “कांग्रेस ने जिस तरह से आंध्र प्रदेश और तेलंगाना का बंटवारा किया। यह उससे भी बदतर तरीके से किया गया, जैसे अंग्रेजों ने भारत और पाकिस्तान का बंटवारा किया था।” नेताओं ने की माफी की मांग तेलंगाना बीसी कल्याण और परिवहन मंत्री पोन्नम प्रभाकर और बीआरएस के कार्यकारी अध्यक्ष केटी रामा राव सहित कई नेताओं ने सूर्या से माफी की मांग की। उन्होंने कहा कि उनका बयान तेलंगाना की पहचान और राज्य के लिए लंबे संघर्ष का अपमान है। के कविता ने भी टिप्पणियों की आलोचना की, तुलना पर सवाल उठाया और इसे अस्वीकार्य बताया। केटीआर ने बीजेपी पर हमला बोला केटीआर ने भाजपा की कड़ी आलोचना की और उसके नेताओं पर तेलंगाना के गठन के प्रति “नफरत” दिखाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि पार्टी राज्य की पहचान का सम्मान नहीं करती है और विभाजन के साथ तुलना को “पूरी तरह से मूर्खतापूर्ण” और अहंकारपूर्ण बताया। उन्होंने इस बात पर भी निराशा व्यक्त की कि तेलंगाना के सांसद संसद में चुप रहे। उनके मुताबिक, राज्य में लोग करीब से देख रहे हैं कि राष्ट्रीय स्तर पर उनकी गरिमा को कैसे संभाला जा रहा है. केटीआर ने आगे आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से लेकर तेजस्वी सूर्या तक बीजेपी नेताओं ने बार-बार तेलंगाना विरोधी विचार दिखाए हैं। केटीआर ने एक्स पर लिखा, “भाजपा ने एक बार फिर तेलंगाना के गठन के खिलाफ जहर उगला! तेलंगाना के विलय की तुलना भारत-पाकिस्तान विभाजन से करना मूर्खतापूर्ण है और कड़ी निंदा का पात्र है। तेलंगाना का गठन अपने लोगों के लंबे संघर्ष और बलिदान के कारण हुआ था।” उन्होंने कहा, “लगता है कि बीजेपी नेताओं को तेलंगाना के लोगों के बलिदान और स्वाभिमान का अपमान करने की आदत हो गई है। यह बेहद शर्मनाक है कि एक ही सदन में बैठे तेलंगाना के 8 बीजेपी सांसद अपने साथी सांसद की अस्वीकार्य टिप्पणियों को न तो रोक सके और न ही सुधार सके। मैं इन टिप्पणियों की निंदा करता हूं और उनसे बिना शर्त माफी की मांग करता हूं।” भाजपा ने एक बार फिर तेलंगाना के गठन के खिलाफ जहर उगला!तेलंगाना के विलय की तुलना भारत-पाकिस्तान विभाजन से करना मूर्खतापूर्ण है और कड़ी निंदा का पात्र है। तेलंगाना का गठन यहां के लोगों के लंबे संघर्ष और बलिदान के कारण हुआ। बीजेपी नेताओं को लगता है… pic.twitter.com/jOdyXVgRBN – केटीआर (@KTRBRS) 16 अप्रैल 2026 ‘दान नहीं, संघर्ष है’ केटीआर ने कहा कि तेलंगाना का गठन हजारों लोगों, विशेषकर युवाओं के वर्षों के संघर्ष और बलिदान के बाद हुआ था। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि यह कोई उपकार के रूप में नहीं दिया गया, बल्कि निरंतर प्रयासों से हासिल किया गया। उन्होंने कहा कि ऐसे लोकतांत्रिक आंदोलन की तुलना विभाजन जैसी दुखद घटना से करना “प्रतिगामी मानसिकता” को दर्शाता है। उन्होंने चेतावनी दी कि किसी को भी तेलंगाना के लोगों की भावनाओं को ठेस पहुंचाने का अधिकार नहीं है. केटीआर ने टिप्पणियों के खिलाफ नहीं बोलने के लिए तेलंगाना के भाजपा और कांग्रेस सांसदों की भी आलोचना की। उन्होंने उनकी चुप्पी को “शर्मनाक” बताया और सवाल किया कि वे जनता को कैसे जवाब देंगे। उन्होंने मांग की कि तेजस्वी सूर्या अपना बयान वापस लें और बिना शर्त माफी मांगें. उन्होंने भाजपा से भी अपना रुख स्पष्ट करने का आग्रह किया और चेतावनी दी कि चुप्पी को टिप्पणियों के समर्थन के रूप में देखा जा सकता है। चुनी हुई कहानियाँ, आपके इनबॉक्स में हमारी सर्वोत्तम पत्रकारिता वाला एक न्यूज़लेटर जमा करना जगह : तेलंगाना, भारत, भारत पहले प्रकाशित: 16 अप्रैल, 2026, 18:39 IST न्यूज़ इंडिया ‘जैसे अंग्रेजों ने भारत-पाक विभाजन किया’: आंध्र-तेलंगाना टिप्पणी पर तेजस्वी सूर्या निशाने पर अस्वीकरण: टिप्पणियाँ उपयोगकर्ताओं के विचार दर्शाती हैं, News18 के नहीं। कृपया चर्चाएँ सम्मानजनक और रचनात्मक रखें। अपमानजनक, मानहानिकारक, या अवैध टिप्पणियाँ हटा दी जाएंगी। News18 अपने विवेक से किसी भी टिप्पणी को अक्षम कर सकता है. पोस्ट करके, आप हमारी उपयोग की शर्तों और गोपनीयता नीति से सहमत होते हैं। और पढ़ें (टैग्सटूट्रांसलेट) तेजस्वी सूर्या तेलंगाना टिप्पणी(टी)तेलंगाना राजनीतिक विवाद(टी)तेलंगाना विभाजन तुलना(टी)बीजेपी विवाद तेलंगाना(टी)केटीआर ने बीजेपी पर हमला किया(टी)माफी की मांग(टी)तेलंगाना राज्य संघर्ष(टी)भारत पाकिस्तान विभाजन टिप्पणी
बंगाल-मतदान से 2 दिन पहले नाम जुड़ा,तो वोट कर सकेंगे:सुप्रीम कोर्ट ने चुनाव आयोग से कहा- सप्लीमेंट्री लिस्ट अपडेट करें; 23 और 29 अप्रैल को वोटिंग

सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को कहा कि पश्चिम बंगाल में चुनाव से दो दिन पहले तक सप्लीमेंट्री लिस्ट में नाम जुड़ने वाले वोटर्स मतदान कर सकेंगे। जिन वोटर्स की आपत्ति ट्रिब्यूनल में पेडिंग होगी, उन्हें वोट डालने की इजाजत नहीं होगी। बंगाल में 2 फेज में 23 और 29 अप्रैल को चुनाव है। सुप्रीम कोर्ट ने ट्रिब्यूनल्स को पहले फेज के चुनाव के लिए 21 अप्रैल तक और दूसरे फेज में 27 अप्रैल तक आपत्तियों का निपटारा करने को कहा है। जैसे ही ट्रिब्यूनल नाम जोड़ने का आदेश देगा, इलेक्टोरल रजिस्ट्रेशन ऑफिसर तुरंत सूची में संशोधन करेंगे और लिस्ट जारी की जाएगी। दरअसल, बंगाल में स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) में 90.83 लाख वोटर्स के नाम काट दिए गए हैं। इन वोटर्स की अपील सुनने के लिए सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर ट्रिब्यूनल बनाए गए हैं। CJI सूर्य कांत और जस्टिस जॉयमाल्या बागची की बेंच ने SIR प्रक्रिया को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर सुनवाई की। ट्रिब्यूनल पर ज्यादा बोझ नहीं डाला जाना चाहिए सुप्रीम कोर्ट ने यह भी कहा कि ट्रिब्यूनल पर ज्यादा बोझ नहीं डाला जाना चाहिए, लेकिन एक मजबूत अपील प्रणाली जरूरी है ताकि असली वोटर्स के अधिकार सुरक्षित रह सकें। अगर बड़ी संख्या में वोटर्स बाहर रह जाते हैं और चुनाव में जीत का अंतर कम होता है, तो नतीजों पर सवाल उठ सकते हैं। इलेक्शन कमीशन ऑफ इंडिया (ECI) और राज्य सरकार ट्रिब्यूनल को पूरा सहयोग दें। 19 ट्रिब्यूनल के सामने 34 लाख से ज्यादा अपीलें सुनवाई के दौरान बताया गया कि 19 ट्रिब्यूनल के सामने 34 लाख से ज्यादा अपीलें लंबित हैं। ये ट्रिब्यूनल रिटायर्ड हाईकोर्ट जजों की अगुवाई में बनाए गए हैं। पश्चिम बंगाल में SIR अभियान का मकसद वोटर लिस्ट से डुप्लिकेट और अयोग्य नाम हटाना बताया जा रहा है। हालांकि इस पर सियासी विवाद तेज है। सत्ताधारी पार्टी ने बड़े पैमाने पर मतदाताओं को बाहर करने का आरोप लगाया है, जबकि ECI इसे निष्पक्ष चुनाव के लिए जरूरी बता रहा है। बंगाल में 11.85% नाम हटे, ज्यादातर बांग्लादेश बॉर्डर के पास पश्चिम बंगाल में अक्टूबर 2025 में कुल वोटर 7.66 करोड़ थे। इनमें से अब तक 90.83 लाख नाम हटाए गए। लगभग 11.85% वोटर कम हो गए। यानी अब राज्य में 6.76 करोड़ वोटर हैं। चुनाव आयोग ने फाइनल आंकड़े जारी नहीं किए हैं। इसके अलावा जांच के तहत आए 60.06 लाख वोटरों में से 27.16 लाख के नाम हटाए गए। बांग्लादेश सीमा से लगे जिलों में भी बड़े स्तर पर नाम हटे। नॉर्थ 24 परगना में 5.91 लाख में से 3.25 लाख नाम हटे। वहीं, 8.28 लाख में से 2.39 लाख नाम हटे। 8 अप्रैल: TMC चुनाव आयोग से मिला, आरोप- भगा दिया गया 8 अप्रैल को सांसद डेरेक ओ’ब्रायन के नेतृत्व में TMC का प्रतिनिधि मंडल ने दिल्ली में चुनाव आयोग से मिलने पहुंचा था। लेकिन बैठक के बाद डेरेक ने कहा कि हमने SIR के मुद्दे पर समय मांगा था, लेकिन मीटिंग के दौरान हमारे साथ खराब व्यवहार किया गया। मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ने हमें सिर्फ 5 मिनट में भगा दिया। चुनाव आयोग के सूत्रों के मुताबिक, डेरेक ओ’ब्रायन ने CEC को बोलने से रोका और धमकी दी। वह कोई बात सुन ही नहीं रहे थे। —————————————————– ये खबर भी पढें… पश्चिम बंगाल में SIR ही सबसे बड़ा मुद्दा:नई वोटर लिस्ट से CM ममता की परेशानी बढ़ी, 50 सीटों पर TMC को ज्यादा चुनौती 8 अप्रैल की सुबह बूंदाबांदी के बीच करीब सुबह 10:25 बजे तृणमूल कांग्रेस प्रमुख ममता बनर्जी समर्थकों के हुजूम के साथ पैदल ही हरीश चटर्जी स्ट्रीट स्थित अपने घर से नामांकन के लिए निकलीं। पूरी खबर पढे़ं…







