डायबिटीज के मरीज भी 100 साल जिएंगे ! डॉक्टर आशीष सहगल ने बताया ABCD फॉर्मूला, देखें वीडियो

Diabetes Longevity Secrets: अक्सर माना जाता है कि डायबिटीज की वजह से लोगों की उम्र कम हो जाती है, लेकिन ऐसा नहीं है. एंडोक्रोनोलॉजिस्ट डॉक्टर आशीष सहगल ने अपने यूट्यूब चैनल पर अपलोड किए गए एक वीडियो में बताया है कि सही लाइफस्टाइल अपनाकर डायबिटीज के मरीज भी लंबी और स्वस्थ जिंदगी जी सकते हैं. इसके लिए आपको ABCD फॉर्मूला अपनाना होगा. इसमें डाइट, ब्लड शुगर कंट्रोल, व्यायाम और डिसिप्लिन जैसे महत्वपूर्ण पहलू शामिल हैं. नियमित देखभाल और सही आदतों से डायबिटीज के साथ भी लंबी उम्र और बेहतर स्वास्थ्य संभव है.
बूढ़े फिर से हो जाएंगे जवान ! वैज्ञानिकों ने शुरू किया अनोखा ट्रायल, क्या बदल जाएगा प्रकृति का नियम?

New Clinical Trials for Anti Aging: हर किसी की उम्र धीरे-धीरे बढ़ती जाती है और इसका असर शरीर के सभी अंगों पर पड़ने लगता है. उम्र के साथ इंसानों के सभी ऑर्गन्स की क्षमता कम होने लगती है. बुढ़ापे में अधिकतर लोगों को किसी न किसी समस्या का सामना करना पड़ता है. एजिंग को रोकने के लिए अब तक तमाम कोशिशें होती रही हैं, लेकिन कोई खास सफलता नहीं मिली है. माना जाता है कि एजिंग एक प्राकृतिक प्रक्रिया है, जिसे रोका नहीं जा सकता है. हालांकि अब एक फिर फिर दुनिया में एंटी-एजिंग रिसर्च को लेकर एक बड़ी चर्चा शुरू हो गई है. वैज्ञानिकों ने एक ऐसी तकनीक पर काम तेज कर दिया है, जिसमें पुरानी और कमजोर हो चुकी कोशिकाओं को फिर से युवा जैसी अवस्था में लाने की कोशिश की जा रही है. यह न केवल उम्र बढ़ने की प्रक्रिया को धीमा करने की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है, बल्कि इससे आंखों की रोशनी वापस लाने, अंगों की मरम्मत करने और कई उम्र संबंधी बीमारियों के इलाज की संभावना भी जुड़ी हुई है. हालांकि विशेषज्ञों का कहना है कि जितनी यह तकनीक उम्मीद जगाती है, उतने ही इसके जोखिम भी गंभीर हैं. नेचर में छपी रिपोर्ट के मुताबिक जल्द ही एक नया क्लीनिकल ट्रायल शुरू होने जा रहा है, जिसमें पहली बार इंसानों पर पार्शियल सेलुलर रीप्रोग्रामिंग तकनीक का परीक्षण किया जाएगा. इस प्रक्रिया का मुख्य उद्देश्य यह देखना है कि क्या उम्रदराज कोशिकाओं को सुरक्षित तरीके से फिर से रीफ्रेश किया जा सकता है. इसमें सेल्स की असली पहचान को नुकसान पहुंचाए बिना रिज्यूवेनेट किया जाएगा. इस तकनीक की नींव जापानी वैज्ञानिक शिन्या यामानाका की खोज पर आधारित है. उन्होंने यह साबित किया था कि वयस्क कोशिकाओं को कुछ विशेष प्रोटीन की मदद से स्टेम सेल जैसी शुरुआती अवस्था में बदला जा सकता है. इन प्रोटीन को यामानाका फैक्टर कहा जाता है. अब वैज्ञानिक इसी खोज का सुरक्षित रूप विकसित कर रहे हैं, जिसमें कोशिकाओं को पूरी तरह रीसेट करने की बजाय उन्हें थोड़ी देर के लिए आंशिक रूप से रीप्रोग्राम किया जाता है, ताकि वे फिर से युवा जैसी कार्यक्षमता हासिल कर सकें. सेहत, रिलेशनशिप, लाइफ या धर्म-ज्योतिष से जुड़ी है कोई निजी उलझन तो हमें करें WhatsApp, आपका नाम गोपनीय रखकर देंगे जानकारी. शोधकर्ताओं के अनुसार इस प्रक्रिया को मोबाइल फोन को रीसेट करने की बजाय रिफ्रेश करने जैसा समझा जा सकता है, जिसमें जरूरी डाटा सुरक्षित रहता है, लेकिन सिस्टम बेहतर तरीके से काम करने लगता है. जानवरों पर किए गए शुरुआती प्रयोगों में इसके काफी सकारात्मक परिणाम मिले हैं. चूहों पर किए गए परीक्षणों में मांसपेशियों और त्वचा की मरम्मत बेहतर हुई, दिल की क्षतिग्रस्त कोशिकाओं में सुधार देखा गया और यहां तक कि उम्र से जुड़ी आंखों की समस्याओं में भी सुधार पाया गया. कुछ मामलों में याददाश्त और मस्तिष्क की कार्यक्षमता में भी बेहतर प्रदर्शन देखा गया. इन नतीजों के बाद वैज्ञानिकों का मानना है कि भविष्य में यह तकनीक मनुष्यों में भी उम्र से जुड़ी बीमारियों जैसे विजन लॉस, अंगों की कमजोरी और अन्य डीजेनरेटिव डिजीज के इलाज में मददगार हो सकती है. इसी दिशा में अगला कदम मानव परीक्षण है, जिसकी शुरुआत ग्लूकोमा के मरीजों पर की जाएगी. यह एक ऐसी बीमारी है जो आंखों की नसों को नुकसान पहुंचाकर धीरे-धीरे दृष्टि खोने का कारण बनती है. इस ट्रायल में वैज्ञानिक तीन यामानाका फैक्टर को एक विशेष वायरस के जरिए आंखों में पहुंचाएंगे. इस प्रक्रिया को बहुत कंट्रोल्ड तरीके से डिजाइन किया गया है, जिसमें दवा के माध्यम से ही इन फैक्टर्स को एक्टिव किया जाएगा ताकि जोखिम को कम किया जा सके. यह परीक्षण छोटे स्तर पर किया जाएगा और कई वर्षों तक मरीजों की सेहत और असर पर नजर रखी जाएगी, क्योंकि सुरक्षा इस पूरे प्रयोग की सबसे बड़ी प्राथमिकता है. विशेषज्ञ यह भी चेतावनी देते हैं कि यह तकनीक जितनी शक्तिशाली है, उतनी ही संवेदनशील भी है. अगर कोशिकाओं को जरूरत से ज्यादा रीप्रोग्राम किया गया, तो वे अपनी मूल पहचान खो सकती हैं, सही तरीके से काम करना बंद कर सकती हैं या यहां तक कि कैंसर जैसी गंभीर स्थिति का कारण भी बन सकती हैं. इसलिए वैज्ञानिकों के लिए सबसे बड़ी चुनौती यह है कि वे इस रीसेट और स्टेबिलिटी के बीच सही संतुलन कैसे बनाए रखें. फिलहाल यह शोध शुरुआती चरण में है, लेकिन यह निश्चित रूप से चिकित्सा विज्ञान में एक नई क्रांति की ओर इशारा करता है.
मोहरा गांव में भंडारा खाने से ग्रामीण बीमार:स्वास्थ्य विभाग ने शुरू किया सर्वे, पानी के सैंपल लिए

दमोह जिले के तेंदूखेड़ा ब्लॉक के मोहरा गांव में भंडारा खाने के बाद दर्जनों ग्रामीण बीमार हो गए। शुक्रवार रात को 25 से अधिक लोगों को उल्टी और दस्त की शिकायत हुई, जिसके बाद उन्हें तत्काल तेंदूखेड़ा स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया। घटना की जानकारी मिलने के बाद स्वास्थ्य विभाग की टीम ने रविवार से गांव में सर्वे शुरू कर दिया है। टीम ग्रामीणों से स्वास्थ्य संबंधी जानकारी जुटा रही है। तेंदूखेड़ा के सीबीएमओ डॉ. अशोक बरौनियां ने गांव में एक सप्ताह तक सर्वे जारी रखने के निर्देश दिए हैं। प्रारंभिक जांच में यह बात सामने आई है कि केवल भंडारा खाने वाले लोग ही बीमार हुए हैं, जबकि अन्य ग्रामीणों को किसी प्रकार की दिक्कत नहीं हुई। इस बीच, पीएचई (लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी) विभाग की टीम ने भी गांव के पानी का सैंपल लिया है। हालांकि, ग्रामीणों का कहना है कि पानी साफ है और यदि पानी खराब होता तो गांव के अन्य लोग भी प्रभावित होते। ग्रामीणों ने स्वास्थ्य कर्मियों पर लापरवाही का आरोप लगाया है। शनिवार को तेंदूखेड़ा सीबीएमओ के स्वास्थ्य अमले के साथ गांव पहुंचने पर ग्रामीणों में आक्रोश देखा गया। सातों दिन काम कर रही टीम तेंदूखेड़ा सीबीएमओ डॉक्टर अशोक बरौनिया का कहना है कर्मचारियों के पास कई गांव हैं। अलग-अलग दिन अलग-अलग गांव में ड्यूटी रहती है। जो कमियां है उनमें सुधार होगा, अभी तो सात दिन पूरी टीम घर घर सर्वे कर रही है। पीएचई स्टोरकीपर यूएस कुशवाहा ने बताया सैंपल भेजा है सोमवार को रिपोर्ट आएगी।
वरिष्ठ वकील और बेटे पर धोखाधड़ी का केस दर्ज:शाजापुर में हाईकोर्ट के निर्देश पर पुलिस ने की कार्रवाई

शाजापुर कोतवाली पुलिस ने हाईकोर्ट के निर्देश पर वरिष्ठ अभिभाषक नारायण प्रसाद पांडे और उनके बेटे अखिलेश पांडे के खिलाफ कूट रचना,अमानत में खनायत और धोखाधड़ी का मामला दर्ज किया है। शिकायत कर्ता महेश पांडे अभिभाषक नारायण प्रसाद पांडे के छोटे भाई है। शिकायत कर्ता के नाम पर दो बैंकों से चार करोड़ का लोन ले लिया। माता-पिता की वसीयत के अनुसार संपत्ति में दोनों भाईयों का बराबरी का हिस्सा था लेकिन अभिभाषक पांडे और उनके बेटे अखिलेश ने कूटरचित दस्तावेजों के आधार महेश पांडे के फर्जी हस्ताक्षरों और शपथ पत्र के माध्यम से बंधन और आईसीआईसीआई बैंक में संपत्ति बंधक रखकर चार करोड़ का लोन ले लिया। महेश पांडे नौकरी में थे और उनकी संपत्ति की देखभाल बड़े भाई करते थे।रिटायर्ड होने के बाद जब शाजापुर आएं और सिविल चेक की तो पता चला बैंकों से लोन है। उन्होंने कोई लोन नहीं लिया और बैंक से जानकारी निकाली तो पता चला बड़े भाई और भतीजे ने मिलकर उनके साथ धोखाधड़ी कर ली। धोखाधड़ी की जानकारी लगने के बाद शिकायत कर्ता ने दस्तावेज इकट्ठा करने शुरू किए। बैंकों में दस्तावेज के लिए गए तो उन्हें देने से इंकार कर दिया। राजस्व विभाग और पंजीयन विभाग से मिले दस्तावेजों के आधार पर कोतवाली पुलिस में शिकायत की। पुलिस ने अभिभाषक पांडे के दबाव में कोई कार्रवाई नहीं की। शिकायत कर्ता ने न्यायालय की शरण ली। न्यायालय ने पुलिस को मामला दर्ज करने के निर्देश दिए। अभिभाषक पांडे ने निचली अदालत के आदेश को हाईकोर्ट में चुनौती दी। हाईकोर्ट ने निचली अदालत के आदेश को सही ठहराते हुए पुलिस को तत्काल प्रकरण दर्ज करने के निर्देश दिए। हाईकोर्ट के आदेश के बाद शनिवार कों कोतवाली पुलिस ने मामला दर्ज किया। कोतवाली थाना प्रभारी संतोष सिंह वाघेला ने रविवार दोपहर 1 बजे करीब बताया की पुलिस ने उच्च न्यायालय के आदेश के पालन में आवेदक महेश कुमार पाण्डे निवासी नई सड़क शाजापुर की शिकायत पर वरिष्ठ अभिभाषक नारायण प्रसाद पाण्डे और अखिलेश पाण्डे के खिलाफ मामला दर्ज किया है। आवेदक ने आरोप लगाया कि आरोपियों द्वारा उनके नाम से फर्जी दस्तावेज तैयार कर विभिन्न स्थानों पर उपयोग किए गए। साथ ही बिना अनुमति उनके नाम पर बैंकों से करोड़ों रुपये का ऋण भी लिया गया। आवेदक के अनुसार, उन्हें अप्रैल 2023 में इस मामले की जानकारी मिली, जब उन्होंने अपने नाम पर बंधन बैंक और आईसीआईसीआई बैंक में लिए गए ऋण की जानकारी प्राप्त की, जबकि उन्होंने स्वयं कोई ऋण नहीं लिया था। आवेदक ने बताया कि आरोपियों ने संयुक्त पारिवारिक संपत्ति से जुड़े मामलों में भी कूटरचित दस्तावेज प्रस्तुत किए और फर्जी हस्ताक्षर कर बंटवारे के आवेदन लगाएं। बाद में आपत्ति के बाद ये आवेदन वापस ले लिए गए। हस्तलिपि विशेषज्ञ की जांच में भी दस्तावेजों पर किए गए हस्ताक्षर फर्जी पाए गए हैं। इस मामले में आवेदक ने पहले पुलिस और प्रशासन को शिकायत की लेकिन कार्रवाई नहीं होने पर न्यायालय का दरवाजा खटखटाया। न्यायिक मजिस्ट्रेट द्वारा धारा 156(3) के तहत जांच के आदेश दिए गए, जिसे बाद में सत्र न्यायालय और उच्च न्यायालय ने भी यथावत रखा। पुलिस के अनुसार, प्रथम दृष्टया मामला भारतीय दंड संहिता की धारा 420, 467, 468, 471 और 120-बी के तहत पाया गया है। फिलहाल मामले की विवेचना जारी है और आरोपियों के खिलाफ आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।
पहली बार असंगठित निर्माण क्षेत्र का विश्लेषण:करीब एक करोड़ परिवारों ने अपने घर खुद बनाए, 75% मकान गांवों में बने

सांख्यिकी एवं कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय (एनएसओ) ने एक तकनीकी रिपोर्ट जारी की है जिसमें गैर-पंजीकृत (अन-इनकॉरपोरेटेड) निर्माण एजेंसियों और परिवारों द्वारा बीते साल भर में किए गए कंस्ट्रक्शन पर एक पायलट अध्ययन के प्रमुख नतीजे बताए गए हैं। एनएसओ के अनुसार देश में अन-इनकॉरपोरेटेड कंस्ट्रक्शन में मुख्य गतिविधि करीब 1 करोड़ (सही संख्या 98.5 लाख) परिवारों द्वारा खुद के रहने के लिए खुद बनवाए जा रहे मकानों की वजह से है। कंस्ट्रक्शन में लगीं अन-इनकॉरपोरेटेड एजेंसियों की संख्या करीब 11 लाख थी। महाराष्ट्र (1.3 लाख), केरल (94,000) और कर्नाटक (90,000) में गैर-पंजीकृत निर्माण एजेंसियों की संख्या सबसे अधिक दर्ज की गई। उत्तर प्रदेश (13.8 लाख), ओडिशा (7.6 लाख) और महाराष्ट्र (7.5 लाख) घरेलू स्तर पर निर्माण में आगे थे। 97% परिवारों को खुद की आय पर ज्यादा भरोसा रिपोर्ट के मुताबिक 97% परिवारों ने निर्माण के लिए अपनी आय पर भरोसा किया। उन्होंने कुल खर्च का करीब 77% अपने पास से लगाया। 21% परिवारों ने लागत का करीब 17% संस्थागत कर्ज लिया। इसमें ग्रामीण क्षेत्रों (23%) की भागीदारी शहरी (13%) की तुलना में अधिक थी। ये औपचारिक ऋण तक पहुंच में सुधार का संकेत है। निर्माण लागत में 75% हिस्सा मटेरियल का था। लेबर कॉस्ट करीब 22% थी। ईंट, सीमेंट, स्टील जैसी सामग्रियों का कुल मटेरियल कॉस्ट में 60% हिस्सा था। घरेलू निर्माण खर्च का तीन-चौथाई मटेरियल पर मद – घरेलू – संस्थान ईंट – 20.7% – 13.3% लोहा और स्टील – 20.6% – 16.4% सीमेंट/उत्पाद – 19.4% – 19.6% लकड़ी – 6.7% – 7.3% प्लास्टिक उत्पाद – 4.1% – 4.7% पेंट, वार्निश आदि – 5.6% – 10.7% सेनिटरी वेयर – 3.1% – 2.0% अन्य खर्च – 19.8% – 26.0% शहरों के बजाय ग्रामीण क्षेत्रों में निर्माण अधिक जुलाई से दिसंबर 2025 तक हुए इस अध्ययन में पाया गया है कि निर्माण गतिविधियों में ग्रामीण क्षेत्रों का दबदबा है। ग्रामीण क्षेत्रों में 6.5 लाख गैर-पंजीकृत एजेंसी निर्माण कार्यों में संलग्न थीं। शहरी इलाकों में ये संख्या करीब 3.7 लाख थी। घरेलू निर्माण में 75.1 लाख ग्रामीण इलाकों में हुए, शहरों में करीब 23.4 लाख निर्माण हुए।
उमरिया में मधुमक्खियों ने किसान पर किया हमला, मौत:खेत में गेहूं काटने के लिए गए थे बुजुर्ग, बोझा बांधते समय हादसा

उमरिया के इंदवार थाना क्षेत्र के पनपथा गांव में मधुमक्खियों के हमले से एक बुजुर्ग किसान की मौत हो गई। वे खेत में गेहूं कटाई का काम कर रहा था। मृतक की पहचान गोविंद जायसवाल (65) के रूप में हुई है। वे अपने घर से कुछ दूरी पर स्थित सोसायटी के पास खेत में गेहूं कटाई के बाद बोझा बांध रहे थे। मधुमक्खियों के हमले से किसान की हुई मौत इसी दौरान खेत के पास एक बरगद के पेड़ पर लगे मधुमक्खियों के बड़े छत्ते से अचानक झुंड बाहर निकला और गोविंद जायसवाल पर हमला कर दिया। मधुमक्खियों ने उनके पूरे शरीर को घेर लिया। मधुमक्खियों के लगातार डंक मारने से उनकी हालत बिगड़ गई और उन्होंने मौके पर ही दम तोड़ दिया। घटना की जानकारी मिलने पर परिजन और ग्रामीण मौके पर पहुंचे, लेकिन तब तक उनकी मौत हो चुकी थी। ग्राम पंचायत पनपथा के सरपंच मूलचंद ने बताया कि यह हादसा गेहूं कटाई के बाद बोझा बांधते समय हुआ।
भिंड में प्रेमी से करवाई पति की हत्या:पत्नी ने रची लूट की झूठी कहानी; अंतिम संस्कार में भी शामिल हुआ आरोपी

भिंड के खिरिका गांव निवासी नीलेश जाटव की हत्या के मामले में पुलिस ने खुलासा किया है कि उसकी पत्नी रूबी जाटव ने ही अपने प्रेमी विशाल जाटव के साथ मिलकर बुधवार रात 8 बजे रमटा गांव के पास इस वारदात को अंजाम दिया था। प्रेम प्रसंग में बाधा बनने पर रूबी ने पर्स गिरने का बहाना कर बाइक रुकवाई और घात लगाए बैठे विशाल ने नीलेश को गोली मार दी। पुलिस ने महिला की लूट की झूठी कहानी का पर्दाफाश करते हुए तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर पत्नी और उसके प्रेमी को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया है, जहां से दोनों को जेल भेज दिया गया है। पर्स गिरने के बहाने रुकवाई बाइक, प्रेमी ने पीठ में मारी गोली वारदात 3 दिन पहले रची गई योजना के तहत हुई। रूबी अपनी 3 साल की बेटी को डॉक्टर को दिखाने के बहाने देर तक भिंड में रुकी और अंधेरा होने पर पति के साथ घर के लिए निकली। पूर्व योजना के तहत विशाल अपने साथी राजेश कुशवाह के साथ रमटा गांव के पास घात लगाकर बैठा था। रूबी ने पर्स गिराकर बाइक रुकवाई। जैसे ही नीलेश उतरा, विशाल ने 12 बोर के कट्टे से उसकी पीठ में गोली मार दी। इसके बाद राजेश डरकर बाइक से और विशाल खेतों के रास्ते भाग गया। पत्नी ने की ड्रामेबाजी, कहा- लूट करने आए थे गोली चलने के बाद मौके पर ग्रामीणों और परिजनों की भीड़ जुट गई। महिला सड़क किनारे बैठकर ड्रामेबाजी करने लगी और खुद को अनजान बताती रही। उसने गुमराह करते हुए पुलिस और परिजनों से कहा- “पीछे पीछे आए। गोली मार दी। लूट करने के लिए आए थे। दो को देखा है दोनों ने चेहरा ढक रखा था। अंधेरे में भागे।” घटना के बाद रूबी और विशाल ने आपस में संपर्क बंद कर दिया और कॉल हिस्ट्री भी डिलीट कर दी थी। मृतक का चचेरा भाई है आरोपी, अंतिम संस्कार में मौजूद रहा नीलेश और आरोपी विशाल के दादा सगे भाई थे। दोनों का गांव में आमने-सामने मकान भी है। करीबी रिश्तेदारी के चलते विशाल पोस्टमार्टम से लेकर अंतिम संस्कार तक परिजनों के बीच शामिल रहा और पुलिस की हर गतिविधि पर नजर रखता रहा। शादी से पहले से चल रहे इस प्रेम प्रसंग पर उम्र के अंतर के कारण परिवार ने आपत्ति जताई थी और रूबी की शादी नीलेश से करा दी थी। दिल्ली से लौटकर पत्नी पर रख रहा था नजर नीलेश के दिल्ली में रहने के दौरान रूबी कई बार विशाल के साथ भिंड आती-जाती थी। जब नीलेश को इस अवैध संबंध की जानकारी हुई, तो वह जनवरी से गांव में ही रहने लगा और दोनों पर नजर रखने लगा। नीलेश को दोनों की बातचीत पर आपत्ति थी और यही हत्या का कारण बनी, जिसके चलते रूबी ने प्रेमी के साथ मिलकर उसे रास्ते से हटाने की साजिश रची।
मंदसौर में यू-टर्न लेते समय पलटी कार, चालक सुरक्षित:रास्ता भटकने के बाद वापस मोड़ते समय हादसा, लोगों ने मिलकर वाहन को सीधा किया

मंदसौर शहर के वायडी नगर थाना क्षेत्र में शनिवार देर रात एक कार अनियंत्रित होकर पलट गई। यह हादसा महू-नीमच हाईवे स्थित जैन कॉलेज के सामने रात करीब 12:00 बजे हुआ, जब एक टोयोटा ग्लांजा कार (क्रमांक RJ 17 CB 6995) अचानक संतुलन खो बैठी। जानकारी के अनुसार, कार में केवल एक व्यक्ति सवार था, जिसकी पहचान लोकेश राठौर निवासी भवानी मंडी के रूप में हुई है। बताया जा रहा है कि लोकेश भवानी मंडी से मंदसौर आए थे और उन्हें रामटेकरी की ओर जाना था, लेकिन रास्ता भटक जाने के कारण वे आगे निकल गए। जब लोकेश को अपनी गलती का अहसास हुआ, तो उन्होंने कार को यू-टर्न करने का प्रयास किया। इसी दौरान तेज रफ्तार के कारण वाहन अनियंत्रित हो गया और डिवाइडर से टकराकर सड़क के बीचों-बीच पलट गया। घटना के तुरंत बाद वायडी नगर थाना पुलिस मौके पर पहुंची। स्थानीय लोगों की मदद से पलटी हुई कार को सीधा कर साइड में किया गया, जिससे यातायात बाधित नहीं हुआ। पुलिस ने चालक लोकेश को थाने लाकर कागज़ी कार्रवाई शुरू की है। शराब के नशे में होने की आशंका हादसे में चालक को कोई गंभीर चोट नहीं आई, लेकिन प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार वह शराब के नशे में प्रतीत हो रहा था। फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है और चालक के मेडिकल परीक्षण की प्रक्रिया अपनाई जा सकती है।
100 की स्पीड में बस ने पिकअप को उड़ाया,13 मौतें:कटिहार में सड़क पर बिखरीं लाशें; बाइक सवार को रौंदकर भाग रहा था बस ड्राइवर

बिहार के कटिहार में शनिवार देर शाम बस और पिकअप की टक्कर में 13 लोगों की मौत हो गई। इसमें एक ही परिवार के 5 लोग शामिल हैं। मृतकों में 10 महिलाएं, 2 पुरुष और एक बच्ची है। इसमें 11 मृतक पूर्णिया जिले के रहने वाले थे, जबकि दो कटिहार के हैं। हादसे में 32 से ज्यादा घायल हैं। इनमें 8 की हालत गंभीर बनी हुई है। हादसा कटिहार के कोढ़ा ब्लॉक में NH-31 पर हुआ। बस से टक्कर के बाद लोगों के शव सड़क पर बिखर गए। चश्मदीद ने बताया कि हादसे के वक्त ड्राइवर ने शराब पी रखी थी। गाड़ी की स्पीड भी 100 से ज्यादा थी। बस ड्राइवर ने पहले एक बाइक को उड़ाया इसके बाद पिकअप से टक्कर हुई। पिकअप सवार सभी झारखंड से मेला देखकर लौट रहे थे। हादसे के बाद CM ने मृतकों के परिवार को 2-2 लाख और घायलों को 50-50 हजार की मदद का ऐलान किया है। अब सिलसिलेवार तरीके से जानिए पूरा घटनाक्रम… अब हादसे की 5 तस्वीरें देखिए… पहले बाइक को उड़ाया फिर पिकअप से टक्कर हुई प्रत्यक्षदर्शी ने बताया, ‘शनिवार देर शाम हम कटिहार के आसपास थे। अचानक से तेज आवाज आई, जैसे बम फटा हो। कुछ भी समझ नहीं आया। सड़क पर लाशें बिछ गईं। हमारे पिकअप का ड्राइवर स्टीयरिंग में फंस गया। लोगों ने रॉड से स्टीयरिंग सीधी कर उसके शव को बाहर निकाला। बस की स्पीड 100 से ज्यादा थी। उसने पहले 2 बाइक सवारों को टक्कर मारी। दोनों की मौके पर ही मौत हो गई। इसके बाद अनियंत्रित होकर हमारी पिकअप से टकरा गया। स्थानीय लोगों और पुलिस की मदद से घायलों को बाहर निकालकर अस्पताल पहुंचाया गया। प्राथमिक इलाज के बाद गंभीर घायलों को बेहतर इलाज के लिए पूर्णिया जीएमसी रेफर किया गया, जहां कई की हालत नाजुक बनी हुई है। सूचना मिलते ही कोढ़ा थाना पुलिस और प्रशासन मौके पर पहुंचा। रेस्क्यू शुरू किया गया। क्रेन से गाड़ियों को हटाकर सड़क पर जाम खत्म कराया गया।’ अब चश्मदीदों से जानिए हादसा कैसे हुआ शादी के लिए लड़की देखने आए थे दोनों हादसे के वक्त मौके पर मौजूद इतबारी बासुकी ने बताया, ‘बाइक सवार सदानन अपने बेटे के लिए लड़की देखने गए थे। वो पूर्णिया के बड़हरा कोठी से लौट रहे थे। इसी दौरान ये हादसा हो गया। दोनों की मौके पर ही मौत हो गई। बस ने उन्हें बहुत बुरी तरह से कुचला। दोनों को कुचलने के बाद ड्राइवर ने पिकअप में टक्कर मार दी। टक्कर होते ही लाशें सड़क पर बिछ गईं।’ तेज आवाज हुई और सभी लोग एक दूसरे पर चढ़ गए हादसे में घायल ताला हांसदा ने बताया, ‘हमलोग झारखंड से धार्मिक कार्यक्रम में शामिल होकर पूर्णिया अपने घर लौट रहे थे। साथ में बेटा, बहू और पोता-पोती भी थे। कुछ देर में ही हमलोग घर पहुंचने वाले थे। इसी दौरान गेड़ाबारी के पास अचानक तेज आवाज हुई। सभी लोग एक दूसरे पर चढ़ गए। पिकअप पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। सामने देखा कि बस ने जोरदार टक्कर मारी है। हादसे में मेरे बेटे और बहू की मौत हो गई। मुझे सिर में चोट लगी है। मैं ही सभी लोगों लेकर गया था।’ 40 से 50 सेकेंड में सब हो गया स्थानीय लोगों ने बताया कि पिकअप में करीब 22 से 25 लोग सवार थे। ये लोग झारखंड से कठिया मेला धाम घूम कर लौट रहे थे। कुछ लोग बाइक से बरहरा कोठी से लौट रहे थे। इसी दौरान बस की चपेट में आने से बाइक सवार सदानंद मुर्मू उर्फ राजेश (40) की मौके पर मौत हो गई। इसके बाद बस का ड्राइवर भागने लगा। उसने स्पीड और बढ़ा ली। सामने से पिकअप आ रही थी। बस ने उसमें टक्कर मार दी। 40 से 50 सेकेंड में ये सब हो गया। इसके पहले वहां सब शांत था। हादसे के बाद लोगों की चीख गूंजने लगी। अब समझिए मौके के हालात कैसे थे टक्कर के बाद बस के नीचे दब गए लोग सड़क के बीचों-बीच बस और पिकअप दोनों गाड़ियां इस तरह टकराई थीं कि पहचानना मुश्किल हो रहा था कि कौन सा हिस्सा किस गाड़ी का है। चारों तरफ चीख-पुकार मची थी। कुछ लोग सड़क पर पड़े तड़प रहे थे, तो कुछ गाड़ियों के बीच फंसे हुए थे। एक व्यक्ति का हाथ बस के नीचे दबा हुआ था, तो किसी का पैर बुरी तरह कुचल गया था। कई लोग खून से लथपथ सड़क पर पड़े मदद के लिए कराह रहे थे। बस का अगला हिस्सा पूरी तरह चकनाचूर हो गया था। शीशे के टुकड़े, लोहे के मुड़े हुए हिस्से और टूटे सामान सड़क पर बिखरे पड़े थे। पिकअप तो पूरी तरह मलबे में बदल गया था। उसके अंदर फंसे लोगों को निकालने के लिए स्थानीय लोग और पुलिस मिलकर कोशिश कर रहे थे। कुछ शव गाड़ियों के बीच बुरी तरह फंसे थे, जिन्हें निकालना बेहद मुश्किल हो रहा था। पिकअप की बॉडी काटकर लोगों को बाहर निकाला गया। वहीं, बस ड्राइवर भी अगले हिस्से में दब गया था, जिसे रॉड की मदद से निकाला गया। मौके पर मौजूद लोग घायलों को बाहर खींच रहे थे। बस और पिकअप के लोग अपने परिजनों को पहचानने की कोशिश में रो रहे थे। जिस बस से हादसा, वह 5 साल से अनफिट जिस बस (BR34G0110) की टक्कर से ये हादसा हुआ, वह बस अनफिट थी। बस का रजिस्ट्रेशन खगड़िया जिला से है, जिसे बंगाल में चलाने की अनुमति है। यह 36 सीटर बस (अशोक लीलैंड) पिछले कई सालों से पूरी तरह अवैध रूप से सड़कों पर दौड़ रही थी। यात्री बस का फिटनेस सर्टिफिकेट 19 जून 2021 को ही समाप्त हो चुका है, यानी ये बस सड़क पर चलने के लायक ही नहीं थी। इसके अलावा, बस का इंश्योरेंस 31 जनवरी 2022 और प्रदूषण प्रमाणपत्र 3 सितंबर 2021 से एक्सपायर है। हादसे में इन लोगों की मौत हुई है SP बोले- एक्सीडेंटल FIR दर्ज होगी
IPL में आज LSG vs GT:लखनऊ ने पिछले तीन मुकाबलों में गुजरात को हराया, इकाना में 3 में से 2 मैच जीते

IPL के इस सीजन में आज लगातार दूसरे दिन दो मैच खेले जाएंगे। दिन का पहला मैच लखनऊ सुपर जायंट्स (LSG) और गुजरात टाइटंस (GT) के बीच इकाना स्टेडियम में होगा। मुकाबला दोपहर 3.30 बजे से खेला जाएगा, जिसका टॉस 3 बजे होगा। लखनऊ और गुजरात दोनों का इस सीजन यह चौथा मैच होगा। लखनऊ ने पिछले 2 मैच जीते और 1 में हार मिली है। वहीं गुजरात 2 मैच हार चुकी है, टीम को इकलौती जीत पिछले मुकाबले में दिल्ली कैपिटल्स के खिलाफ मिली। दिन का दूसरा मैच मुंबई इंडियंस और रॉयल चैलेंजर्स के बीच शाम 7:30 बजे से वानखेड़े स्टेडियम में खेला जाएगा। पहले मैच का प्रीव्यू… हेड टु हेड में एक जीत का अंतर लखनऊ और गुजरात के बीच अब तक कुल 7 मुकाबले खेले गए हैं, जिसमें गुजरात टाइटंस का पलड़ा थोड़ा भारी रहा है। गुजरात ने 4 मैचों में जीत दर्ज की है, जबकि पिछले तीन मैच लखनऊ सुपर जायंट्स ने अपने नाम किए हैं। इकाना में दोनों टीमों का 3 बार सामना हुआ। 2 मैचों में लखनऊ और 1 में गुजरात को जीत मिली। पंत के नाम एक अर्धशतक LSG के कप्तान ऋषभ पंत टीम के टॉप स्कोरर हैं। उन्होंने हैदराबाद के खिलाफ नाबाद 68 रन की पारी खेलकर टीम को जीत दिलाई थी। आज भी फॉर्म और फैसले दोनों अहम होंगे। मिडिल ऑर्डर में तेज रन बनाने की जिम्मेदारी भी उन्हीं पर रहेगी। टीम के लिए प्रिंस यादव ने सबसे ज्यादा विकेट लिए हैं। एम सिद्धार्थ स्पिन फ्रेंडली पिच पर LSG के लिए बड़ी ताकत साबित हो सकते हैं। प्रसिद्ध कृष्णा GT के टॉप बॉलर इस सीजन में गुजरात टाइटंस के लिए जोस बटलर शानदार फॉर्म में नजर आए हैं। उन्होंने 3 मैचों में 116 रन बनाए हैं, जिसमें एक अर्धशतक शामिल है और उनका स्ट्राइक रेट 156.75 का रहा है। वहीं गेंदबाजी में प्रसिद्ध कृष्णा ने अहम भूमिका निभाई है। उन्होंने 3 मैचों में 6 विकेट झटके हैं, जिसमें उनका सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन 3/29 रहा है, हालांकि उनका इकोनॉमी रेट 10.33 का रहा है। पिच रिपोर्ट लखनऊ की पिच पर स्पिनर्स ही हावी रहते हैं। यहां पिछला मैच लो स्कोरिंग देखने को मिला। इस सीजन यहां एक मैच खेला गया है। उस मैच में लखनऊ पहले बैटिंग करते हुए 141 रन ही बना सकी थी, जवाब में दिल्ली ने 18वें ओवर में टारगेट हासिल कर लिया। लखनऊ में अब तक कुल 23 IPL मैच खेले गए हैं। 9 मैच में पहली इनिंग में बैटिंग करने वाली टीम और 13 में चेज करने वाली टीम को जीत मिली है। जबकि एक मैच नो रिजल्ट रहा। यहां का हाईएस्ट टीम स्कोर 235/6 है, जो KKR ने 2024 LSG के खिलाफ बनाया था। वेदर कंडीशन लखनऊ में रविवार को काफी तेज धूप और गर्मी रहेगी। मैच वाले दिन यहां का टेम्पेरचर 21 से 36 डिग्री सेल्सियस के बीच रहेगा। दोनों टीमों की पॉसिबल प्लेइंग-12 लखनऊ सुपर जायंट्स: ऐडन मार्करम, मिचेल मार्श, ऋषभ पंत (कप्तान और विकेटकीपर), निकोलस पूरन, अब्दुल समद, मुकुल चौधरी, एम सिद्धार्थ, आवेश खान, दिग्वेश राठी, प्रिंस यादव ओर मोहम्मद शमी। इम्पैक्ट प्लेयर- आयुष बडोनी। गुजरात टाइटंस: साई सुदर्शन, शुभमन गिल (कप्तान), जोस बटलर (विकेटकीपर), वॉशिंगटन सुंदर, ग्लेन फिलिप्स, शाहरुख खान, राहुल तेवतिया, राशिद खान, कगिसो रबाडा, अशोक शर्मा, मोहम्मद सिराज। इम्पैक्ट प्लेयर: प्रसिद्ध कृष्णा।







