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अमेरिका में हरियाणा के गैंगस्टर की हत्या का दावा:लॉरेंस गैंग ने लिखा- धरती में दफनाया; पंजाब में ग्रेनेड सप्लाई में नाम आ चुका

अमेरिका में हरियाणा के गैंगस्टर की हत्या का दावा:लॉरेंस गैंग ने लिखा- धरती में दफनाया; पंजाब में ग्रेनेड सप्लाई में नाम आ चुका

हरियाणा में करनाल के रहने वाले कुख्यात गैंगस्टर भानु राणा की अमेरिका के कैलिफोर्निया में हत्या का दावा किया गया है। लॉरेंस गैंग के सरपंच बॉस की तरफ से आई सोशल मीडिया पोस्ट में भानु राणा की हत्या की बात लिखी है। पोस्ट में लिखा- “एक साल पहले ही पोस्ट डालकर लिखा था कि हम भानु राणा को मरवा देंगे। यह देश के खिलाफ काम कर रहा था। इसे मारकर धरती में 10 फीट नीचे दफना दिया।” दैनिक भास्कर इस पोस्ट की पुष्टि नहीं करता। भानु राणा पहले लॉरेंस गैंग से ही जुड़ा हुआ था। नवंबर 2025 में सामने आया था कि भानु राणा को अमेरिका में गिरफ्तार किया गया है। तब उसे जल्द भारत डिपोर्ट करने की भी बात सामने आई थी। हालांकि, उसे भारत नहीं लाया गया। करनाल STF ने जून 2025 में भानू के दो करीबियों को हैंड ग्रेनेड के साथ गिरफ्तार किया था। उन्होंने खुलासा किया था कि उन्होंने जालंधर में भी ग्रेनेड सप्लाई किए थे। बाद में उन ग्रेनेड से ब्लास्ट किए गए थे। लॉरेंस गैंग की सोशल मीडिया पोस्ट… भानु राणा के बारे में जानिए… युवक बोला- कैनिफोर्निया में मौत की सूचना नहीं कैलिफोर्निया में रह रहे करनाल के युवक रॉबिन ने बताया कि हमारी कभी भानु राणा से मुलाकात नहीं हुई। 5 महीने पहले हमें न्यूज में ही पता चला था कि भानु को अमेरिका पुलिस ने गिरफ्तार किया था। उसके बाद क्या हुआ हमें नहीं पता। आज भानु की हत्या की सोशल मीडिया पर पोस्ट देखी, लेकिन हमारे यहां ऐसा कुछ नहीं है। अगर उसकी हत्या होती तो हमारे यहां भी तो न्यूज चलती। हमें लगता है दहशत फैलाने के लिए ऐसा किया गया है। जानिए लॉरेंस गैंग की पोस्ट में क्या…. “वाहेगुरु जी दा खालसा वाहेगुरु जी दी फतेह। राम राम सभी भाइयों को। जो ये देशद्रोही भानु राणा का (कैलिफ़ोर्निया, यूएसए) में मर्डर हुआ है, ये मैंने सरपंच यूरोप और साहिल दुहन (हिसार) और लॉरेंस ग्रुप ने करवाया है। आज से ठीक एक साल पहले हमने पोस्ट डालकर लिखा था कि हम इसको मरवा देंगे और लॉरेंस भाई ने साफ-साफ बोल रखा है जो भी देश के खिलाफ जाएगा वो मारा जाएगा, चाहे वो किसी भी कोने में छुप जाए। जो ये देशद्रोही और रेपिस्ट रोहित गोदारा आतंकवादियों को देश की मुखबरी कर रहा है, इसको भी वैसे ही मार कर धरती के दस फीट नीचे दफना देंगे जैसे भानु राणा को दफनाया था, और लाश भी बरामद नहीं होगी। जो भी देश के दुश्मनों का साथ देगा, तैयार रहना, मौत कभी भी आ सकती है। नोट: ये जो गोल्डी ढिल्लों है, इसका अब लॉरेंस गैंग से कोई लेना-देना नहीं है क्योंकि ये अब ड्रग्स का काम करता है और देश की मुखबरी करने लग गया है। सभी भाई इससे बचके रहें। सलाम शहीदा नू। लॉरेंस ग्रुप, जितेंदर गोगी मान ग्रुप, काला राणा ग्रुप, मधुर यमुनापार, जग्गा ऑस्ट्रेलिया, शेरा संधू ऑस्ट्रेलिया, मनदीप स्पेन।”

दिव्यांग को 14 साल से नहीं मिला मुआवजा:6.34 लाख का भुगतान अटका, कलेक्टर ने दिए निर्देश

दिव्यांग को 14 साल से नहीं मिला मुआवजा:6.34 लाख का भुगतान अटका, कलेक्टर ने दिए निर्देश

सिंगरौली जिले के बलियरी निवासी दिव्यांग मोहम्मद शोएब को पिछले 14 वर्षों से मुआवजे का भुगतान नहीं मिला है। एनटीपीसी द्वारा उनकी जमीन और घर के अधिग्रहण के बाद भी उन्हें 6 लाख 34 हजार रुपये की राशि नहीं मिली है। मोहम्मद शोएब जन्म से दिव्यांग हैं, उनके दोनों हाथ अविकसित हैं। पिता के निधन के बाद परिवार की जिम्मेदारी उन पर आ गई है। शोएब के अनुसार, वह वर्ष 2011 से लगातार अधिकारियों को आवेदन दे रहे हैं, लेकिन हर बार प्रक्रिया अधूरी बताकर उन्हें टाल दिया जाता है। मंगलवार को जनसुनवाई में मोहम्मद शोएब अपनी समस्या लेकर कलेक्टर गौरव बेनल के समक्ष पहुंचे। उन्होंने मुआवजे में हो रही देरी का पूरा विवरण दिया। कलेक्टर बेनल ने मामले की गंभीरता को देखते हुए भू-अर्जन शाखा के अधिकारियों को तत्काल जांच कर लंबित मुआवजा राशि का भुगतान सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। यह मामला केवल मोहम्मद शोएब तक सीमित नहीं है। सिंगरौली जिले में ऐसे कई विस्थापित परिवार हैं जो वर्षों से अपने हक के लिए संघर्ष कर रहे हैं और मुआवजे का इंतजार कर रहे हैं।

अश्लील गाने के विवाद में नोरा की मुश्किल बढ़ी:पेश न होने पर महिला आयोग भड़का, संजय दत्त को भी 8 अप्रैल को पेश होने का समन

अश्लील गाने के विवाद में नोरा की मुश्किल बढ़ी:पेश न होने पर महिला आयोग भड़का, संजय दत्त को भी 8 अप्रैल को पेश होने का समन

केडी: द डेविल के गाने ‘सरके चुनर तेरी’ विवाद में सफाई के बावजूद नोरा फतेही की मुश्किलें बढ़ती दिख रही हैं। 6 अप्रैल को राष्ट्रीय महिला आयोग की सुनवाई में वह पेश नहीं हुईं, जिस पर आयोग ने नाराज होकर उन्हें आखिरी मौका दिया। न्यूज एजेंसी पीटीआई के अनुसार, 6 अप्रैल को राष्ट्रीय महिला आयोग की सुनवाई में सरके चुनरिया तेरी के लिरिसिस्ट रकीब आलम, फिल्म केडीःद डेविल के डायरेक्टर प्रेम और केवीएन प्रोडक्शन के रीप्रेसेंटेटिव गौतम के.एम और सुप्रिथ पेश हुए थे। इस सुनवाई की अध्यक्षता आयोग की अध्यक्ष विजया रहाटकर ने की थी। समन में नोरा फतेही को भी पेश होने के लिए कहा गया था, हालांकि वो खुद नहीं आईं और सफाई देने के लिए वकील को भेजा। सुनवाई में विजया रहाटकर ने चिंता जताते हुए कहा कि गाने के बोल महिलाओं की गरिमा के खिलाफ हैं। उन्होंने कहा कि क्रिएटिविटी के नाम पर महिलाओं की गरिमा से समझौता नहीं किया जा सकता। सुनवाई के दौरान मौजूद सभी ने ये स्वीकार किया कि गाना आपत्तिजनक था, जिसका नाकारात्मक प्रभाव पड़ा और सभी ने इसके लिए लिखित माफी भी दी। इसके अलावा सभी ने तीन महीनों तक महिला सशक्तिकरण के लिए काम करने और महिला आयोग को इसकी रिपोर्ट देने का आश्वासन दिया है। अश्लील गाने के विवाद पर संजय दत्त को भी समन आयोग ने संजय दत्त को भी समन भेजकर 8 अप्रैल को होने वाली सुनवाई में पेश होने का आदेश दिया है। उनके अलावा नोरा फतेही की गैरमौजूदगी पर भड़कर आयोग ने उन्हें 27 अप्रैल को पेश होने का आखिरी मौका दिया है। नोरा फतेही दे चुकी हैं सफाई अश्लील गाने पर विवाद बढ़ने के बाद एक्ट्रेस ने बयान जारी कर सफाई दी थी। उन्होंने कहा है कि उनसे कन्नड़ में गलत ट्रांसलेशन बताकर पूरा गाना शूट करवाया गया और फिर बिना अप्रूवल या परमिशन गाने को हिंदी में बना लिया। उन्होंने कहा कि मेकर्स ने लिरिकल गाने को बिना इजाजत लिए उनकी AI इमेज के साथ रिलीज किया। एक्ट्रेस ने ये भी माना कि गाना वाकई अनुचित है, लेकिन इसकी जानकारी उन्हें सॉन्ग लॉन्च इवेंट में पहुंचकर मिलीं। हिंदी गाना देखकर एक्ट्रेस खुद शॉक में थीं। पैन इंडिया फिल्म केडीः द डेविल, 30 अप्रैल 2026 को रिलीज होने वाली है। 14 मार्च को इस फिल्म का गाना सरके चुनर तेरी कई भाषाओं में रिलीज हुआ। ये गाना नोरा फतेही और संजय दत्त पर फिल्माया गया था। यूट्यूब पर गाना जारी होते ही सोशल मीडिया पर वायरल होने लगा, जिसका कारण था, गाने के अश्लील और डबल मीनिंग बोल। इसके अलावा गाने में दिखाए गए डांस स्टेप्स और पिक्चराइजेशन भी काफी आपत्तिजनक थे। सोशल मीडिया पर गाने की जमकर आलोचना हुई, जिसके बाद इसके खिलाफ कई शिकायतें दर्ज हो रही हैं। “सरके चुनर तेरी”, जो आने वाली कन्नड़ फिल्म “KD: द डेविल” का हिस्सा है, अपने अश्लील बोलों के कारण यूट्यूब पर रिलीज के बाद बड़े विवाद का कारण बना। इसके बाद इस वीडियो को प्लेटफॉर्म से हटा दिया गया है। “KD: द डेविल”, जिसका निर्देशन प्रेम ने किया है और जिसमें ध्रुव सरजा मुख्य भूमिका में हैं, 30 अप्रैल को रिलीज होगी।

शाजापुर के किसान रोज जला रहे नरवाई:सरकार का जागरुकता अभियान हुआ फेल, प्रशासन ने नहीं लिया लिया एक्शन

शाजापुर के किसान रोज जला रहे नरवाई:सरकार का जागरुकता अभियान हुआ फेल, प्रशासन ने नहीं लिया लिया एक्शन

शाजापुर जिले की मोहन बड़ोदिया तहसील में प्रशासनिक सख्ती और जागरूकता अभियानों के बावजूद किसान नरवाई जलाना बंद नहीं कर रहे हैं। खास बात ये है कि जिले में नरवाई जलाने की घटनाएं सामने आ रही हैं। इसके बाबजूद भी प्रशासन ने कोई एक्शन नहीं लिया। क्षेत्र के मोहना, भंवरासा, बरनावद, बड़ौदी, माल्याहेडी, कड़ूला, मांगलिया और निपानिया सहित कई गांवों में प्रतिदिन खेतों में आग लगने की घटनाएं सामने आ रही हैं। नरवाई जलाने से आसपास के पेड़-पौधों को नुकसान होता है और कई बार आग फैलकर वन क्षेत्रों तक पहुंच जाती है, जिससे बड़े नुकसान का खतरा बना रहता है। पोषक तत्व नष्ट हो रहे कृषि विशेषज्ञों के अनुसार, पराली जलाने से मिट्टी के आवश्यक पोषक तत्व नष्ट हो जाते हैं, जिससे भूमि की उत्पादकता कम होती है। इससे किसानों को लंबे समय में आर्थिक नुकसान उठाना पड़ता है। विशेषज्ञों ने किसानों से अपील की है कि वे नरवाई जलाने के बजाय वैकल्पिक उपाय अपनाएं और खेतों की उर्वरा शक्ति बनाए रखने में सहयोग करें। मोहन बड़ोदिया के कृषि विस्तार अधिकारी (एसएडीओ) अमित यादव ने बताया कि किसान खेतों में नरवाई न जलाएं। इससे भूमि में मौजूद सूक्ष्म जीव मर जाते हैं, जिससे उर्वरा शक्ति कम होती है। साथ ही, आगजनी की घटनाएं बढ़ती हैं और पेड़-पौधे भी आग का शिकार होते हैं। सेटेलाइट से रखी जा रही नजर सरकार के जागरूकता के बावजूद लगातार नरवाई जलाने के सवाल पर अधिकारी अमित यादव ने कहा कि प्रशासन सेटेलाइट के माध्यम से कार्रवाई कर रहा है। जिन लोगों ने भी नरवाई जलाई है, उनके खिलाफ सेटेलाइट के माध्यम से जानकारी जुटाकर पटवारी को मौके पर भेजकर पंचनामा बनवाया जाएगा और नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

तेज रफ्तार वाहन ने 2 साइकिल सवारों मारी टक्कर:बुजुर्ग की मौत; युवक की हालत गंभीर, ग्रामीणों में आक्रोश

तेज रफ्तार वाहन ने 2 साइकिल सवारों मारी टक्कर:बुजुर्ग की मौत; युवक की हालत गंभीर, ग्रामीणों में आक्रोश

सिवनी जिले के घंसौर थाना क्षेत्र में मंगलवार सुबह एक सड़क हादसे में 64 वर्षीय बुजुर्ग की मौत हो गई। इस दुर्घटना में एक युवक गंभीर रूप से घायल हुआ है, जिसे जबलपुर रेफर किया गया है। पुलिस ने अज्ञात वाहन चालक के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। जानकारी के अनुसार, ग्राम बरोदा माल निवासी अक्तू लाल कन्हेरिया (64) मंगलवार सुबह करीब 8 बजे रविंद्र कुलस्ते नामक युवक के साथ साइकिल से अपने घर लौट रहे थे। बरोदा पटरी ग्राम के समीप एक तेज रफ्तार अज्ञात वाहन ने उन्हें जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि दोनों साइकिल सवार सड़क पर गिरकर गंभीर रूप से घायल हो गए। हादसे की सूचना मिलते ही स्थानीय ग्रामीण और परिजन मौके पर पहुंचे। गंभीर हालत में रेफर तत्काल 108 एम्बुलेंस की मदद से दोनों घायलों को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र घंसौर ले जाया गया। वहां प्राथमिक जांच के बाद डॉक्टरों ने अक्तू लाल कन्हेरिया को मृत घोषित कर दिया। रविंद्र कुलस्ते की गंभीर हालत को देखते हुए उसे बेहतर उपचार के लिए जबलपुर रेफर किया गया है, जहां उसका इलाज जारी है। हादसे की वजह रफ्तार बताया जा रहा है कि यह हादसा वाहन चालक की लापरवाही और तेज गति के कारण हुआ। घटना के बाद आरोपी चालक वाहन सहित मौके से फरार हो गया। पुलिस ने मर्ग कायम कर मामले की जांच शुरू कर दी है और फरार वाहन चालक की तलाश कर रही है। इस घटना से ग्रामीणों में आक्रोश देखा जा रहा है। उनका कहना है कि इस मार्ग पर अक्सर तेज रफ्तार वाहन चलते हैं, जिससे दुर्घटनाओं का खतरा बना रहता है। ग्रामीणों ने प्रशासन से सड़क पर सुरक्षा व्यवस्था और निगरानी बढ़ाने की मांग की है। घंसौर थाना प्रभारी लक्ष्मण झारिया ने बताया कि सड़क हादसे में एक वृद्ध की मौत और एक के गंभीर घायल होने की सूचना मिली थी। मर्ग कायम कर जांच की जा रही है और फरार वाहन व चालक की तलाश जारी है।

खरगोन में किसानों ने रास्ता खोलने की मांग की:खुदाई से वाहन नहीं जाने के कारण खेत में फंसी फसल, अधिकारियों ने दिया आश्वासन

खरगोन में किसानों ने रास्ता खोलने की मांग की:खुदाई से वाहन नहीं जाने के कारण खेत में फंसी फसल, अधिकारियों ने दिया आश्वासन

खरगोन के ओझरा गांव के किसानों ने एक पुराने रास्ते को बंद किए जाने की शिकायत की है। किसानों का कहना है कि रास्ता संकरा होने के कारण खेतों में खड़ी तैयार फसल को बाहर निकालना मुश्किल हो गया है। किसानों के अनुसार, रास्ते के एक तरफ पत्थरों का ढेर लगा दिया गया है, जबकि दूसरी तरफ खुदाई कर दी गई है। इस वजह से रास्ता इतना संकरा हो गया है कि मिनी ट्रक और हार्वेस्टर जैसे बड़े वाहन खेतों तक नहीं पहुंच पा रहे हैं। पहले इस रास्ते का उपयोग बड़े वाहनों के लिए आसानी से होता था, लेकिन अब केवल बैलगाड़ी ही निकल पाती है। किसानों ने कसरावद तहसीलदार को इस संबंध में शिकायत दर्ज कराई है और शीघ्र कार्रवाई की मांग की है। उन्हें अधिकारियों द्वारा मौके का निरीक्षण कर अतिक्रमण हटाने का आश्वासन दिया गया है। किसान रुपेश पटेल ने बताया कि उनकी फसल खेतों में तैयार खड़ी है, लेकिन वाहनों की पहुंच न होने के कारण वे उपज को बाहर नहीं ला पा रहे हैं। उन्होंने कहा कि यह रास्ता पीढ़ियों से इस्तेमाल किया जा रहा है। एक किसान ने मेड़ की तरफ पत्थर की पाल खड़ी कर दी है, जबकि एक अन्य किसान ने मेड़ किनारे 3 फीट चौड़ी और 2 फीट गहरी खुदाई कर दी है, जिससे रास्ता अवरुद्ध हो गया है। इस दौरान राजेश पटेल, विक्रम पटेल, राकेश पटेल, दिनेश पटेल, राहुल पटेल, निर्मल पटेल, हेमंत पटेल सहित कई अन्य किसान मौजूद थे। सभी किसानों ने इस समस्या के समाधान की मांग का समर्थन किया।

वृंदावन में मोहन भागवत ने संत के पैर छुए:संत मलूक दास के जयंती उत्सव में शामिल हुए, रामदेव ने समाधि के दर्शन किए

वृंदावन में मोहन भागवत ने संत के पैर छुए:संत मलूक दास के जयंती उत्सव में शामिल हुए, रामदेव ने समाधि के दर्शन किए

संत मलूक दास की आज 452वीं जयंती है। वृंदावन के मलूक पीठ में उनका जन्मोत्सव कार्यक्रम मनाया जा रहा है। इसमें RSS प्रमुख मोहन भागवत पहुंचे हैं। मंच पर संत रसिक माधव दास ने मोहन भागवत को शाल ओढ़ाकर स्वागत किया। भागवत ने हाथ जोड़कर अभिवादन स्वीकार किया और पैर छूकर आशीर्वाद लिया। योग गुरु बाबा रामदेव भी संत मलूक दास की जयंती में पहुंचे। उन्होंने संत की समाधि के दर्शन-पूजन किए। सीएम योगी दोपहर ढाई बजे पहुंचेंगे। हालांकि, उनकी मोहन भागवत से मुलाकात नहीं होगी, क्योंकि तब तक संघ प्रमुख कार्यक्रम से जा चुके होंगे। कृष्ण भक्त संत मलूक दास का जन्म कौशांबी में खत्री परिवार में हुआ था, लेकिन उन्होंने अपनी साधना स्थली वृंदावन को बनाया। यहां उन्होंने यमुना किनारे वंशीवट पर अपनी कुटिया बनाई, जिसे मलूक पीठ के नाम से जाना जाता है। संत का गोलोक गमन (मृत्यु) वृंदावन में हुआ, जहां उनकी समाधि बनी हुई है। संत मलूक दास का अजगर करे न चाकरी, पंछी करे न काम, दास मलूका कह गए, सबके दाता राम दोहा सबसे मशहूर हुआ। इसका अर्थ है कि अजगर किसी की नौकरी नहीं करता, पक्षी काम नहीं करता, लेकिन भगवान पर विश्वास हो तो राम जी सबका भला करते हैं। तस्वीरें देखिए- संत मलूक दास की जयंती पर कार्यक्रम से जुड़े अपडेट के लिए लाइव ब्लॉग से गुजर जाइए…

2 रुपये की यह गोली किडनी कर सकती है खराब ! ऐसे मरीज भूलकर भी न करें गलती, रिसर्च में बड़ा खुलासा

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Last Updated:April 07, 2026, 10:16 IST Statins and Kidney Health: कोलेस्ट्रॉल कंट्रोल करने के लिए डॉक्टर्स आमतौर पर स्टैटिन्स दवाएं देते हैं. ये दवाएं खून में जमा बैड कोलेस्ट्रॉल को कम करती हैं. इससे हार्ट अटैक और स्ट्रोक का खतरा कम हो जाता है. कुछ रिसर्च बताती हैं कि ये दवाएं किडनी के लिए भी फायदेमंद होती हैं. हालांकि लंबे समय तक स्टैटिन यूज करने से किडनी डिजीज का रिस्क भी बढ़ सकता है. कोलेस्ट्रॉल की दवा स्टैटिन्स का लंबे समय तक इस्तेमाल किडनी डिजीज का रिस्क बढ़ा सकता है. Do Statins Affect Your Kidneys: आजकल हाई कोलेस्ट्रॉल की समस्या तेजी से बढ़ रही है. बड़ी संख्या में युवा भी इसका शिकार हो रहे हैं. जब कोलेस्ट्रॉल बहुत ज्यादा बढ़ जाता है, तब डॉक्टर्स मरीजों को रोज स्टैटिन दवा लेने की सलाह देते हैं. स्टैटिन्स दवाओं का इस्तेमाल खून में जमा कोलेस्ट्रॉल को कम करने के लिए किया जाता है. ये दवाएं कोलेस्ट्रॉल कम करने और हार्ट डिजीज से बचाने में बेहद असरदार मानी जाती हैं. खास बात यह है कि स्टैटिन्स की कीमत काफी कम होती है. इन दवाओं की पूरी स्ट्रिप आपको 20-25 रुपये में मिल जाती है. ये दवाएं लिवर में जाकर उस एंजाइम को रोकती हैं, जो कोलेस्ट्रॉल बनाने में जिम्मेदार होता है. इसलिए हाई कोलेस्ट्रॉल और हार्ट डिजीज के हाई रिस्क मरीजों को अक्सर स्टैटिन्स लिखी जाती हैं. हेल्थ एक्सपर्ट्स के अनुसार कोलेस्ट्रॉल घटाने के अलावा स्टैटिन्स शरीर को कई अन्य तरीकों से फायदा पहुंचाती हैं. इनमें से एक किडनी की सुरक्षा है. एक रिसर्च में पता चला है कि जिन लोगों में जिनको पहले से किडनी की समस्या है, उन्हें स्टैटिन्स लेने से किडनी के कामकाज को बेहतर बनाए रखने में मदद मिल सकती है. कई स्टडी बताती हैं कि स्टैटिन्स का उपयोग किडनी डिजीज की प्रोग्रेस को धीमा कर सकता है और एक्यूट किडनी इंजरी (AKI) जैसी घटनाओं के जोखिम को कम कर सकता है. अधिकतर रिसर्च और क्लीनिकल ट्रायल स्टैटिन्स को सुरक्षित और फायदेमंद बताते हैं. सेहत, रिलेशनशिप, लाइफ या धर्म-ज्योतिष से जुड़ी है कोई निजी उलझन तो हमें करें WhatsApp, आपका नाम गोपनीय रखकर देंगे जानकारी. NDTV की रिपोर्ट के मुताबिक एक स्टडी में दावा किया गया कि कई सालों तक स्टैटिन्स लेने से किडनी की समस्याओं का जोखिम बढ़ सकता है. इस अध्ययन में 40,000 से अधिक मरीजों का 8.4 साल तक अध्ययन किया गया और तुलना की गई कि कौन स्टैटिन्स ले रहा था और कौन नहीं. अध्ययन में यह पाया गया कि स्टैटिन्स लेने वालों में तीन प्रकार की किडनी की समस्याएं ज्यादा थीं. इनमें एक्यूट किडनी इंजरी का खतरा 30% ज्यादा पाया गया. क्रोनिक किडनी डिजीज का रिस्क 36% ज्यादा देखने को मिला और नेफ्राइटिस या रीनल स्क्लेरोसिस का जोखिम 35% अधिक पाया गया. यह जोखिम केवल बीमारियों वाले मरीजों तक सीमित नहीं है, बल्कि स्वस्थ लोगों में भी क्रोनिक किडनी डिजीज का संबंध पाया गया. स्टैटिन्स के फायदे कई रिसर्च में साबित हो चुके हैं, जबकि कुछ स्टडी में इसे लॉन्ग टर्म के लिए रिस्की भी माना गया है. क्लीनिकल ट्रायल आमतौर पर केवल कुछ सालों के लिए होते हैं और इनमें स्टैटिन्स के शॉर्ट टर्म फायदे दिखाई देते हैं. जब लोग इन दवाइयों को दस साल या उससे अधिक समय तक रोजमर्रा की ज़िंदगी में लेते हैं, तो किडनी पर दीर्घकालिक प्रभाव अलग हो सकता है. इसका मतलब यह नहीं कि स्टैटिन्स सीधे किडनी डिजीज का कारण हैं, बल्कि इससे कनेक्शन जुड़ा हुआ है, जिस पर ध्यान देने की जरूरत है. About the Author अमित उपाध्याय अमित उपाध्याय News18 Hindi की लाइफस्टाइल टीम के अनुभवी पत्रकार हैं, जिनके पास प्रिंट और डिजिटल मीडिया में 9 वर्षों से अधिक का अनुभव है। वे हेल्थ, वेलनेस और लाइफस्टाइल से जुड़ी रिसर्च-बेस्ड और डॉक्टर्स के इंटरव्…और पढ़ें First Published : April 07, 2026, 10:16 IST

सामने महिलाएं, मस्जिद की घोषणाएं और खराब सीसीटीवी कैमरे: एनआईए ने मालदा की साजिश रची | विशेष | चुनाव समाचार

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आखरी अपडेट:07 अप्रैल, 2026, 09:48 IST रिपोर्ट में दिन के दौरान लक्षित बाधा का विवरण दिया गया है, जिसमें सड़क अवरोधों के कारण एक महिला न्यायिक अधिकारी को लगभग आठ घंटे तक गैरकानूनी तरीके से रोका जाना भी शामिल है। एजेंसी ने बताया कि स्थिति स्वतःस्फूर्त अशांति से भी आगे बढ़ गई है। राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने सोमवार को सुप्रीम कोर्ट को बताया कि मालदा न्यायिक घेराव को “समन्वित वृद्धि” द्वारा चिह्नित किया गया था, जिसमें बताया गया था कि कैसे विरोध प्रदर्शन न्यायिक अधिकारियों पर लक्षित हमले में बदल गया। ये दलीलें तब आईं जब शीर्ष अदालत ने घटना के दौरान हुई चूक को लेकर पश्चिम बंगाल के शीर्ष नौकरशाह की खिंचाई की। 72 घंटे की जांच के आधार पर और अदालत में पेश की गई अपनी प्रारंभिक स्थिति रिपोर्ट में, एनआईए ने बताया कि 1 अप्रैल को कालियाचक-द्वितीय में हिंसा कैसे हुई। एजेंसी के अनुसार, सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में किए जा रहे मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के खिलाफ विरोध प्रदर्शन के बाद, लगभग 1,500 लोगों की भीड़ ने सात न्यायिक अधिकारियों को 13 घंटे से अधिक समय तक बीडीओ कार्यालय के अंदर कैद रखा। एजेंसी ने बताया कि स्थिति स्वतःस्फूर्त अशांति से भी आगे बढ़ गई है। इसने भीड़ इकट्ठा करने के लिए ई-रिक्शा और एक स्थानीय मस्जिद से की गई घोषणाओं के साथ संगठित लामबंदी की ओर इशारा किया। इसने सांकेतिक पैटर्न का भी उल्लेख किया, जैसे कि महिलाओं को आगे रखा गया जबकि पुरुष पीछे रहे, योजना के तत्वों का सुझाव दिया गया, यहां तक ​​​​कि एक बड़ी साजिश की जांच की जा रही है। रिपोर्ट में दिन के दौरान लक्षित बाधा का विवरण दिया गया है, जिसमें सड़क अवरोधों के कारण एक महिला न्यायिक अधिकारी को लगभग आठ घंटे तक गैरकानूनी तरीके से रोका जाना भी शामिल है। अदालत के समक्ष रखे गए एनआईए के विवरण के अनुसार, निकासी चरण के दौरान हिंसा और बढ़ गई। आधी रात के आसपास पुलिस और केंद्रीय बलों द्वारा न्यायिक अधिकारियों को बाहर ले जाने के बाद, काफिले पर कई स्थानों पर समन्वित पथराव हुआ। ऐसे ही एक हमले में, एक एस्कॉर्ट वाहन पलट गया, जिसके ड्राइवर को ईंट से सिर में गंभीर चोट लगी। सुरक्षा चूक भी एजेंसी के निष्कर्षों का एक प्रमुख हिस्सा थी। बीडीओ कार्यालय में स्थापित 16 सीसीटीवी कैमरों में से नौ गैर-कार्यात्मक थे, जिनमें मुख्य प्रवेश द्वार को कवर करने वाले महत्वपूर्ण कैमरे भी शामिल थे। जबकि एनआईए की प्रस्तुतियाँ सुनवाई का मूल थीं, सर्वोच्च न्यायालय ने राज्य प्रशासन की प्रतिक्रिया पर उदासीन रुख अपनाया। पीठ ने संकट के दौरान कलकत्ता उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश का फोन नहीं उठाने के लिए मुख्य सचिव को फटकार लगाते हुए इसे अस्वीकार्य बताया और उन्हें माफी मांगने का निर्देश दिया। अदालत ने यह भी देखा कि घटना की प्रकृति ने गंभीर चिंताएं पैदा कीं, संकेत के साथ कि घेराव केवल कानून-व्यवस्था का मुद्दा नहीं था, बल्कि पूर्व-योजनाबद्ध भी हो सकता है, जो एनआईए के प्रारंभिक निष्कर्षों में बताई गई चिंताओं को प्रतिबिंबित करता है। भारतीय न्याय संहिता के तहत तीन एफआईआर दर्ज की गई हैं, जिसमें गैरकानूनी सभा, हत्या का प्रयास और लोक सेवकों के काम में बाधा डालने सहित आरोप लगाए गए हैं। अब तक 100 से अधिक व्यक्तियों को नामित किया गया है और गिरफ्तारियां जारी हैं। अपने प्रस्तुतीकरण में, एनआईए ने सुप्रीम कोर्ट से आग्रह किया है कि मामले को पूर्ण पैमाने पर जांच के लिए एजेंसी को स्थानांतरित करने पर विचार किया जाए, जिससे उसे एफआईआर को फिर से दर्ज करने और लामबंदी और हमलों के पीछे एक व्यापक साजिश की संभावना की जांच करने की अनुमति मिल सके। जगह : मालदह, भारत, भारत पहले प्रकाशित: 07 अप्रैल, 2026, 09:48 IST समाचार चुनाव सामने महिलाएं, मस्जिद की घोषणाएं और खराब सीसीटीवी कैमरे: एनआईए ने मालदा की साजिश रची | अनन्य अस्वीकरण: टिप्पणियाँ उपयोगकर्ताओं के विचार दर्शाती हैं, News18 के नहीं। कृपया चर्चाएँ सम्मानजनक और रचनात्मक रखें। अपमानजनक, मानहानिकारक, या अवैध टिप्पणियाँ हटा दी जाएंगी। News18 अपने विवेक से किसी भी टिप्पणी को अक्षम कर सकता है. पोस्ट करके, आप हमारी उपयोग की शर्तों और गोपनीयता नीति से सहमत होते हैं। और पढ़ें (टैग्सटूट्रांसलेट) मालदा न्यायिक घेराव(टी)एनआईए जांच(टी)सुप्रीम कोर्ट भारत(टी)पश्चिम बंगाल हिंसा(टी)कालियाचक-द्वितीय घटना(टी)न्यायिक अधिकारियों पर हमला(टी)चुनावी रोल विरोध(टी)सुरक्षा चूक सीसीटीवी

बीजेपी ने खड़गे की ‘जहरीले सांप’ वाली टिप्पणी की निंदा की, कांग्रेस पर RSS के खिलाफ ‘मुसलमानों को भड़काने’ का आरोप लगाया | भारत समाचार

2nd PUC Results 2026 Karnataka: Over 7.1 lakh students appeared for the Karnataka class 12 exam this year. (AI Generated Image)

आखरी अपडेट:07 अप्रैल, 2026, 08:18 IST पूनावाला ने लिखा कि कांग्रेस “भारतीय जिहादी कांग्रेस” की तरह व्यवहार कर रही है और दावा किया कि ये टिप्पणियां राजनीतिक विरोधियों के खिलाफ उकसाने वाली हैं। बीजेपी प्रवक्ता शहजाद पूनावाला और कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे. (एक्स/पीटीआई) भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने सोमवार को कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे की उस टिप्पणी की कड़ी आलोचना की, जिसमें उन्होंने आरएसएस और भाजपा की तुलना “जहरीले सांप” से की थी। पार्टी प्रवक्ता शहजाद पूनावाला ने कांग्रेस पर हिंसा भड़काने का आरोप लगाया। खड़गे ने कहा, ”कुरान में लिखा है कि प्रार्थना के समय भी, यदि आप देखते हैं जहरीला सांप, तुम्हें इसे मारना ही होगा. आरएसएस/बीजेपी बिल्कुल वही सांप है… यदि आप उन्हें नहीं मारेंगे, तो आप जीवित नहीं बचेंगे।” बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए, पूनावाला ने कहा कि कांग्रेस ने “नया निचला स्तर” पार कर लिया है और आरोप लगाया कि पार्टी खुलेआम मुसलमानों को भाजपा और आरएसएस के सदस्यों के खिलाफ भड़का रही है। एक्स पर एक पोस्ट में उन्होंने लिखा कि कांग्रेस “भारतीय जिहादी कांग्रेस” की तरह व्यवहार कर रही है और दावा किया कि ये टिप्पणियां राजनीतिक विरोधियों के खिलाफ उकसाने वाली हैं। यह INCइंडियन नेशनल कांग्रेस नहीं है, यह भारतीय जिहादी कांग्रेस है कांग्रेस खुलेआम मुसलमानों को भाजपा/आरएसएस सदस्यों को मारने के लिए उकसा रही है खड़गे जी: कुरान में लिखा है नमाज के वक्त भी अगर जहरीला सांप दिखे तो उसे मार दो। आरएसएस/बीजेपी वही सांप है…आप उन्हें नहीं मारोगे तो बचोगे… pic.twitter.com/6HNBm65vk1 – शहजाद जय हिंद (कांग्रेस पारिस्थितिकी तंत्र के अनुसार चौकीदार) (@Shehzad_Ind) 6 अप्रैल 2026 खड़गे के बयान का हवाला देते हुए, पूनावाला ने कहा कि कांग्रेस नेता ने प्रार्थना के दौरान भी एक जहरीले सांप को मारने के बारे में एक पंक्ति का उल्लेख किया था और इसकी तुलना भाजपा और आरएसएस से करते हुए आरोप लगाया था कि इस तरह की बयानबाजी खतरनाक और अलोकतांत्रिक है। पूनावाला ने अपने पोस्ट में कहा, “यह कांग्रेस के लिए सबसे निचला स्तर है। यह सबसे अलोकतांत्रिक, आपातकालीन मानसिकता वाला बयान है। शर्मनाक! चुनाव आयोग को अब कार्रवाई करनी चाहिए।” इससे पहले, खड़गे की “गुजरात के अनपढ़ लोग” टिप्पणी की मुख्यमंत्री भूपेन्द्र पटेल सहित भाजपा नेताओं ने व्यापक निंदा की, जिन्होंने आरोप लगाया कि विपक्षी दल के डीएनए में गुजरात विरोधी “जहर” बहता है और माफी की मांग की।