कनाडा में पंजाबी ने पत्नी का कत्ल किया:2 बच्चों और सास के सामने चाकू घोंपा, कहासुनी के बाद वार किए

कनाडा के ओंटारियो में 41 वर्षीय पंजाबी व्यक्ति ने अपनी पत्नी की हत्या कर दी। पहले दोनों के बीच कहासुनी हुई, जिसके बाद पति ने चाकू से उसके पेट में कई वार किए। व्यक्ति ने अपने दो बच्चों और सास के सामने घटना को अंजाम दिया। स्थानीय लोगों के अनुसार, उन्होंने शुरू में चीखने-चिल्लाने की आवाजें सुनी और फिर आरोपी के घर से उसकी सास, दो बच्चों के साथ डर के मारे भागती दिखीं। पुलिस को खबर मिली तो वो समरसाइड कम्युनिटी के चैलटन रोड स्थित घर में पहुंची, जहां महिला गंभीर रूप से घायल मिली। उसे इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया, लेकिन डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने मौके से ही मनदीप सिंह को गिरफ्तार कर उस पर सेकंड डिग्री मर्डर का केस दर्ज किया है। बच्चों-सास के बाहर निकलने पर पड़ोसियों को पता चला घटना 15 सितंबर की शाम करीब 6:25 बजे की है। वारदात के वक्त घर में आरोपी मनदीप (41) की पत्नी, उनके दो बच्चे और मृतका की मां मौजूद थीं। वारदात के बाद दोनों बच्चे और उनकी नानी घबराई हुई हालत में घर से बाहर निकले। उन्हें देखकर पड़ोसियों को घर में कुछ अनहोनी होने का पता चला और पुलिस को सूचना दी गई। पुलिस पहुंची तो महिला गंभीर हालत में मिली सूचना मिलने के कुछ ही देर बाद पुलिस टीम चैलटन रोड स्थित मकान पर पहुंची। घर के अंदर महिला गंभीर रूप से घायल अवस्था में मिली। पुलिस ने उसे बचाने की कोशिश में मेडिकल सहायता दिलाई, लेकिन अस्पताल ले जाते समय उसकी मौत हो गई। पति गिरफ्तार, सेकंड डिग्री मर्डर का केस पुलिस ने मामले की जांच शुरू करने के बाद मृतका के पति मनदीप सिंह को गिरफ्तार कर लिया। उसके खिलाफ सेकंड डिग्री मर्डर के आरोप में केस दर्ज किया गया है। पुलिस आरोपी से पूछताछ कर रही है और हत्या की परिस्थितियों की जांच जारी है। परिवार में दो बच्चे और सास भी रहती थीं पड़ोसियों के मुताबिक, मनदीप का परिवार इसी घर में रहता था। परिवार में पति-पत्नी के अलावा दो बच्चे और मृतका की मां भी रहती थीं। पुलिस ने आरोपी की तस्वीर जारी नहीं की है। हत्या के पीछे क्या कारण रहा और वारदात से पहले घर में क्या हुआ, इसकी जानकारी जांच के बाद ही सामने आएगी। लंदन में इस साल हत्या की चौथी घटना लंदन पुलिस के मुताबिक, शहर में इस साल अब तक हत्या की यह चौथी घटना है। वहीं, स्थानीय जानकारी के अनुसार इस साल इलाके में महिला की हत्या का यह पहला मामला है। घटना के बाद स्थानीय लोगों और पंजाबी समुदाय में भी चिंता का माहौल है।
अंबानी परिवार के गणेशोत्सव में पहुंचे शाहरुख और रणवीर सिंह:दोनों एक्टर्स ने नीता अंबानी के साथ गणपति आरती की; पारंपरिक ड्रेस में नजर आए

मुंबई में अंबानी परिवार के घर ‘एंटीलिया’ में आयोजित गणेशोत्सव में शामिल होने शाहरुख खान और रणवीर सिंह पहुंचे।इसका एक वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आया है। इस वीडियो में शाहरुख और रणवीर एक साथ गणपति की आरती करते नजर आ रहे हैं। दोनों एक्टर्स नीता अंबानी के साथ खड़े होकर पूजा-अर्चना में शामिल हुए। पारंपरिक ड्रेस में पहुंचे दोनों एक्टर्स वीडियो में रणवीर सिंह सफेद रंग के कुर्ते-पायजामे में नजर आ रहे हैं। वहीं शाहरुख खान भी फेस्टिवल के हिसाब से सफेद शर्ट और ब्लैक ट्राउजर पहना। नीता अंबानी पारंपरिक परिधान में दोनों अभिनेताओं के पास खड़ी होकर प्रार्थना करती दिख रही हैं। वहीं शाहरुख खान के एंटीलिया में अंदर जाने या पैपराजी के सामने पोज देने का कोई वीडियो सामने नहीं आया है। वी सीधे गणेश पंडाल में नीता अंबानी के साथ स्पॉट हुए। एंटीलिया के गणेशोत्सव में दिखे कई फिल्मी सितारे नीता और मुकेश अंबानी का यह धार्मिक आयोजन हर साल की तरह इस बार भी कई फिल्मी सितारे पहुंचे। इस लिस्ट में सलमान खान, कटरीना कैफ, विक्की कौशल, रणबीर कपूर, आलिया भट्ट, रितेश देशमुख और जेनेलिया देशमुख का नाम शामिल है। इनके अलावा माधुरी दीक्षित, डॉ. श्रीराम नेने, कृति सेनन, करण जौहर, रेखा और खुशी कपूर भी बाप्पा का आशीर्वाद लेने पहुंचे। देखिए अंबानी परिवार के गणपति सेलिब्रेशन में पहुंचे सेलेब्स के लुक- एंटीलिया में गणपति बप्पा का स्वागत मूर्ति के स्वागत के दौरान एंटीलिया गेंदे के फूलों, शानदार लाइटिंग और त्योहारों वाली सजावट से जगमगा उठा। सामने आए वीडियो और तस्वीरों में घर के अंदर और बाहर हो रहे जश्न की झलक दिखी। इस मौके पर नीता अंबानी, राधिका मर्चेंट, अनंत अंबानी और मुकेश अंबानी गणपति बप्पा का स्वागत करते नजर आए। नीता अंबानी ने गहरे लाल रंग का पारंपरिक परिधान पहना था। वह शानदार गहनों में नजर आईं। राधिका मर्चेंट ने चमकीले नारंगी रंग का कढ़ाई वाला एथनिक आउटफिट चुना। उन्होंने पारंपरिक एक्सेसरीज के साथ अपना फेस्टिव लुक पूरा किया।
अंबानी परिवार के गणेशोत्सव में पहुंचे शाहरुख और रणवीर सिंह:दोनों एक्टर्स ने नीता अंबानी के साथ गणपति आरती की; पारंपरिक ड्रेस में नजर आए

मुंबई में अंबानी परिवार के घर ‘एंटीलिया’ में आयोजित गणेशोत्सव में शामिल होने शाहरुख खान और रणवीर सिंह पहुंचे।इसका एक वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आया है। इस वीडियो में शाहरुख और रणवीर एक साथ गणपति की आरती करते नजर आ रहे हैं। दोनों एक्टर्स नीता अंबानी के साथ खड़े होकर पूजा-अर्चना में शामिल हुए। पारंपरिक ड्रेस में पहुंचे दोनों एक्टर्स वीडियो में रणवीर सिंह सफेद रंग के कुर्ते-पायजामे में नजर आ रहे हैं। वहीं शाहरुख खान भी फेस्टिवल के हिसाब से सफेद शर्ट और ब्लैक ट्राउजर पहना। नीता अंबानी पारंपरिक परिधान में दोनों अभिनेताओं के पास खड़ी होकर प्रार्थना करती दिख रही हैं। वहीं शाहरुख खान के एंटीलिया में अंदर जाने या पैपराजी के सामने पोज देने का कोई वीडियो सामने नहीं आया है। वी सीधे गणेश पंडाल में नीता अंबानी के साथ स्पॉट हुए। एंटीलिया के गणेशोत्सव में दिखे कई फिल्मी सितारे नीता और मुकेश अंबानी का यह धार्मिक आयोजन हर साल की तरह इस बार भी कई फिल्मी सितारे पहुंचे। इस लिस्ट में सलमान खान, कटरीना कैफ, विक्की कौशल, रणबीर कपूर, आलिया भट्ट, रितेश देशमुख और जेनेलिया देशमुख का नाम शामिल है। इनके अलावा माधुरी दीक्षित, डॉ. श्रीराम नेने, कृति सेनन, करण जौहर, रेखा और खुशी कपूर भी बाप्पा का आशीर्वाद लेने पहुंचे। देखिए अंबानी परिवार के गणपति सेलिब्रेशन में पहुंचे सेलेब्स के लुक- एंटीलिया में गणपति बप्पा का स्वागत मूर्ति के स्वागत के दौरान एंटीलिया गेंदे के फूलों, शानदार लाइटिंग और त्योहारों वाली सजावट से जगमगा उठा। सामने आए वीडियो और तस्वीरों में घर के अंदर और बाहर हो रहे जश्न की झलक दिखी। इस मौके पर नीता अंबानी, राधिका मर्चेंट, अनंत अंबानी और मुकेश अंबानी गणपति बप्पा का स्वागत करते नजर आए। नीता अंबानी ने गहरे लाल रंग का पारंपरिक परिधान पहना था। वह शानदार गहनों में नजर आईं। राधिका मर्चेंट ने चमकीले नारंगी रंग का कढ़ाई वाला एथनिक आउटफिट चुना। उन्होंने पारंपरिक एक्सेसरीज के साथ अपना फेस्टिव लुक पूरा किया।
ट्रम्प ने कनाडा को लेकर यूरोप को धमकी दी:कहा- EU में शामिल किया तो भारी टैरिफ लगाऊंगा, व्यापार भी रोक दूंगा

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने यूरोपीय संघ को गंभीर टैरिफ लगाने की धमकी दी है। ट्रम्प ने कहा, अगर यूरोपीय संघ कनाडा को अपना पहला ‘एसोसिएट मेंबर’ बनाने की योजना पर आगे बढ़ता है तो अमेरिका यूरोप पर बहुत भारी टैरिफ लगा सकता है। जरूरत पड़ने पर यूरोप के साथ व्यापार भी रोक सकता है। ट्रम्प की धमकी के कुछ ही समय बाद कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी ने साफ कर दिया कि कनाडा अपनी विदेश नीति और दूसरे देशों के साथ समझौते खुद तय करेगा। यूरोपीय संसद में गुरुवार को भाषण देते हुए कार्नी ने कहा, “कोई भी यह तय नहीं करेगा कि हम अंतरराष्ट्रीय स्तर पर किसके साथ समझौते कर सकते हैं।” खबर लगातार अपडेट हो रही है…
रिपोर्ट- ट्रम्प-जिनपिंग की मुलाकात से पहले ताइवान में डर:जापान-साउथ कोरिया को चिंता, चीन से डील के लिए अमेरिकी राष्ट्रपति नरम न पड़ जाएं

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प 24 सितंबर को चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग से मुलाकात करने वाले हैं। इस मुलाकात से पहले ताइवान को लेकर चिंता बढ़ गई है। जापान और साउथ कोरिया समेत अमेरिका के करीबी देशों को डर है कि चीन के साथ व्यापार में कोई बड़ा फायदा लेने के लिए ट्रम्प ताइवान पर अपना रुख नरम कर सकते हैं। ट्रम्प पहले ही कह चुके हैं कि ताइवान को हथियार देने का फैसला चीन से बातचीत में उनके काम आ सकता है। ऐसे में अगर ट्रम्प के बयान या ताइवान को लेकर अमेरिका की नीति में जरा भी बदलाव आया, तो चीन को ताइवान पर दबाव बढ़ाने का हौसला मिल सकता है। इससे इलाके में तनाव और बढ़ सकता है। खबर लगातार अपडेट हो रही है…
PM मोदी के जन्मदिन पर बॉलीवुड सेलेब्स की बधाई:अक्षय, कंगना और महेश बाबू समेत कई एक्टर्स ने दी शुभकामनाएं

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी गुरुवार, 17 सितंबर को 76 साल के हो गए। इस मौके पर उन्हें देश की प्रमुख राजनीतिक हस्तियों और फिल्म इंडस्ट्री के सितारों ने जन्मदिन की शुभकामनाएं दी हैं। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू, गृह मंत्री अमित शाह और विपक्ष के नेता राहुल गांधी के साथ अक्षय कुमार, महेश बाबू, कंगना रनौत और अनुपम खेर जैसे कई कलाकारों ने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए बधाई संदेश शेयर किए। अक्षय कुमार ने सेवा का संकल्प लेने की बात कही एक्टर अक्षय कुमार ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर हिंदी में पोस्ट लिखकर प्रधानमंत्री को बधाई दी। अक्षय ने लिखा कि जन्मदिन मनाने का सबसे खूबसूरत तरीका किसी जरूरतमंद की मदद करना और किसी के चेहरे पर मुस्कान लाना है। उन्होंने इस दिन को सेवा के संकल्प के साथ मनाने की बात कही। इसके साथ ही साउथ एक्टर महेश बाबू ने पोस्ट शेयर करते हुए लिखा कि प्रधानमंत्री मोदी ऐसे नेता हैं जो कभी रुकते नहीं हैं और हमेशा भारत को सबसे पहले रखते हैं। कंगना और सुनील लहरी ने शेयर किए बधाई संदेश एक्ट्रेस और सांसद कंगना रनोट ने पीएम मोदी की लंबी उम्र और अच्छे स्वास्थ्य की कामना की। उन्होंने लिखा कि देश के नेतृत्व में विकसित और आत्मनिर्भर भारत का संकल्प मजबूत हो रहा है। कंगना ने लोगों से ‘आशीर्वाद का दीप’ जलाने की अपील की। वहीं टीवी शो ‘रामायण’ में लक्ष्मण का रोल निभाने वाले एक्टर सुनील लहरी ने X पर एक वीडियो मैसेज जारी किया। सुनील ने बताया कि गुजरात में जन्मे बच्चे ने अपनी लगन से देश का नाम पूरी दुनिया में रोशन किया है। फिल्म जगत के अन्य कलाकारों ने जताई खुशी अक्षय, महेश बाबू और कंगना के अलावा बॉलीवुड और साउथ सिनेमा की कई अन्य हस्तियों ने भी पीएम मोदी को विश किया। एक्टर परेश रावल ने भगवान से प्रधानमंत्री के लंबे और स्वस्थ जीवन की प्रार्थना की। अनुपम खेर ने सोशल मीडिया पर एक लंबा संदेश लिखकर उन्हें शुभकामनाएं दीं। इनके अलावा चिरंजीवी, प्रोसेनजीत चटर्जी और कई अन्य कलाकारों ने भी प्रधानमंत्री के प्रति अपना स्नेह और सम्मान व्यक्त किया। मुख्यमंत्री से देश के प्रधानमंत्री तक का सफर नरेंद्र मोदी का जन्म 17 सितंबर 1950 को गुजरात के वडनगर में हुआ था। लंबे समय तक गुजरात के मुख्यमंत्री रहने के बाद वे साल 2014 में देश के प्रधानमंत्री बने। उनके 76वें जन्मदिन के अवसर पर बीजेपी ने ‘सेवा संकल्प अभियान’ शुरू किया है। 17 सितंबर से 17 अक्टूबर तक चलने वाले इस अभियान के तहत देश भर में सामाजिक सेवा से जुड़ी विभिन्न गतिविधियां आयोजित की जाएंगी।
उत्तर कोरिया बोला- परमाणु हथियार छोड़ना बेवकूफी है:किम जोंग की बहन ने कहा- न्यूक्लियर वेपन हमारी सुरक्षा की गारंटी

उत्तर कोरिया ने एक बार फिर कहा है कि वह परमाणु हथियार छोड़ने वाला नहीं है। किम जोंग उन की बहन किम यो-जोंग ने गुरुवार को कहा कि उत्तर कोरिया अपने परमाणु हथियार बनाए रखेगा। ये हथियार देश की सुरक्षा के लिए जरूरी हैं। किम यो ने परमाणु हथियार छोड़ने के लिए मनाने की कोशिशों को ‘बेवकूफी भरी बात’ बताया। किम यो-जोंग का यह बयान वियना में चल रही अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (IAEA) की जनरल कॉन्फ्रेंस के दौरान आया। इस साल 14 से 18 सितंबर तक वियना में 181 सदस्य देशों के प्रतिनिधि जुटे हैं। ट्रम्प ने फिर बातचीत की इच्छा जताई किम यो-जोंग का यह बयान ऐसे समय आया है, जब अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रम्प ने उत्तर कोरिया के साथ फिर बातचीत शुरू करने की इच्छा जताई है। ट्रम्प अपने पहले कार्यकाल में किम जोंग उन से तीन बार मिल चुके हैं। ट्रम्प-किम जोंग की 3 मुलाकातें जून 2018: ट्रम्प और किम जोंग उन की पहली मुलाकात सिंगापुर में हुई थी। यह पहली बार था जब किसी मौजूदा अमेरिकी राष्ट्रपति ने उत्तर कोरिया के नेता से आमने-सामने मुलाकात की। दोनों ने परमाणु हथियारों का खतरा कम करने और रिश्ते सुधारने पर बात की। फरवरी 2019: वियतनाम के हनोई में दोनों की दूसरी मुलाकात हुई। यहां परमाणु कार्यक्रम और प्रतिबंधों में राहत को लेकर सहमति नहीं बन सकी। जून 2019: दोनों नेताओं की यह मुलाकात अचानक हुई। ट्रम्प दक्षिण कोरिया के दौरे पर थे और उत्तर-दक्षिण सीमा पर बने डिमिलिटराइज्ड जोन (DMZ) पहुंचे। यहां किम से मुलाकात के दौरान ट्रम्प ने उत्तर कोरिया की जमीन पर भी कदम रखा। वे उत्तर कोरिया की जमीन पर कदम रखने वाले पहले मौजूदा अमेरिकी राष्ट्रपति बने। हालांकि, इस मुलाकात के बाद भी परमाणु मुद्दे पर कोई बड़ा समझौता नहीं हो सका। हनोई मीटिंग के बाद उत्तर कोरिया ने बढ़ाई परमाणु ताकत 2019 की हनोई बैठक के बाद अमेरिका और उत्तर कोरिया के बीच परमाणु मुद्दे पर बातचीत आगे नहीं बढ़ी। इसके बाद उत्तर कोरिया ने परमाणु हथियार छोड़ने के बजाय अपने परमाणु और मिसाइल कार्यक्रम को और आगे बढ़ाया। प्योंगयांग ने अपने परमाणु हथियारों को सिर्फ बातचीत में इस्तेमाल होने वाली ताकत नहीं, बल्कि देश की सुरक्षा का स्थायी हिस्सा बना दिया। उसने कानून में भी परमाणु हथियारों को अपनी रक्षा नीति का हिस्सा बताया है। यानी उत्तर कोरिया का कहना है कि परमाणु हथियार उसकी सुरक्षा के लिए जरूरी हैं और वह इन्हें छोड़ने की नीति पर वापस नहीं जाएगा। किम यो-जोंग का ताजा बयान इसी रुख को दोहराता है। उत्तर कोरिया के पास कितने परमाणु हथियार? उत्तर कोरिया के पास परमाणु हथियारों की सही संख्या सार्वजनिक नहीं है। अलग-अलग देशों और संस्थानों के आकलन में इसकी संख्या अलग बताई जाती है। अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रम्प ने अगस्त में दावा किया था कि उत्तर कोरिया के पास 57 परमाणु हथियार हैं। वहीं दक्षिण कोरिया के आकलन में यह संख्या 80 से 120 के बीच बताई गई है। हालांकि, इन आंकड़ों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है। उत्तर कोरिया अपने परमाणु हथियारों की पूरी संख्या सार्वजनिक नहीं करता।
मंदाकिनी ने दाऊद इब्राहिम संग तस्वीर पर सफाई दी:एक्ट्रेस बोलीं- उन्होंने शारजाह में क्रिकेट मैच के लिए नहीं बुलाया था

एक्ट्रेस मंदाकिनी ने दाऊद इब्राहिम के साथ वायरल हुई अपनी तस्वीर पर सफाई दी है। उन्होंने कहा कि दाऊद ने उन्हें शारजाह क्रिकेट मैच के लिए नहीं बुलाया था। मंदाकिनी के मुताबिक, वह एक शो के लिए दुबई गई थीं। इसके बाद क्रिकेट मैच देखने पहुंचीं, जहां यह तस्वीर ली गई थी। उस समय उन्हें नहीं पता था कि तस्वीर विवाद का कारण बनेगी। मंदाकिनी ने ANI को दिए इंटरव्यू में कहा कि तस्वीर को लेकर हुई अटकलों और खबरों पर उनका कोई नियंत्रण नहीं था। इस विवाद से उनके फिल्म करियर को बहुत नुकसान हुआ। एक्ट्रेस ने कहा कि एक कलाकार कई लोगों से मिलता है। कलाकार किसी के साथ भेदभाव नहीं करता। उन्होंने कहा, “लोग जो लिखना या कहना चाहते हैं, उस पर हमारा नियंत्रण नहीं होता। एक कलाकार को हजारों लोगों से मिलना पड़ता है और सभी उसके लिए बराबर होते हैं।” मंदाकिनी ने कहा, “हमारे साथ बहुत सारे लोग थे। ऐसे में किसे चुनें और किसे न चुनें? हम वहां एक शो के लिए गए थे। नहीं, मुझे दाऊद ने नहीं बुलाया था। मैं दुबई में एक शो के लिए गई थी और फिर मैच देखने पहुंची। उस समय मुझे इसका अंदाजा नहीं था।” विवाद का असर मंदाकिनी ने बताया कि बाद में यह तस्वीर विवाद का विषय बन गई। इसे लेकर बड़े स्तर पर अटकलें लगाई गईं। उन्होंने कहा, “इस विवाद से बहुत नुकसान हुआ। बाद में मुझे पता चला कि इन सभी चीजों को संभालने के लिए एक टीम होनी चाहिए। मैंने हर जगह इन अफवाहों का खंडन किया।” 80 और 90 के दशक में दाऊद दुबई से अपना नेटवर्क चला रहा था। वहां वह अक्सर बॉलीवुड सितारों के लिए आलीशान पार्टियां रखता था। मंदाकिनी के अलावा एक्टर अनिल कपूर की भी शारजाह स्टेडियम से एक पुरानी तस्वीर इंटरनेट पर मौजूद है, जिसमें वे राज कपूर और महबूब के साथ बैठे हैं और उनके पीछे दाऊद इब्राहिम दिखाई दे रहा है। हालांकि, इस तस्वीर को लेकर अनिल कपूर की बेटी सोनम कपूर ने सोशल मीडिया पर सफाई दी थी कि उनके पिता वहां राज कपूर और कृष्णा कपूर के साथ सिर्फ भारतीय क्रिकेट मैच देखने गए थे और उन्हें जानकारी नहीं थी कि उनके पास कौन बैठा है। वहीं, ऋषि कपूर ने खुद स्वीकार किया था कि वे दुबई में दाऊद से 2 बार मिले थे। मंदाकिनी ने बताया ‘राम तेरी गंगा मैली’ के चर्चित सीन का सच मंदाकिनी ने फिल्म ‘राम तेरी गंगा मैली’ से डेब्यू किया था। इसमें उन्होंने मुख्य भूमिका निभाई और 1980 के दशक में हिंदी सिनेमा के प्रमुख चेहरों में शामिल हो गईं। राज कपूर के निर्देशन में बनी यह फिल्म बड़ी हिट रही। हालांकि, फिल्म के कई सीन बाद में चर्चा और विवाद का विषय बने। मंदाकिनी ने गाने ‘तुझे बुलाएं ये मेरी बहनें’ में सफेद साड़ी में फिल्माए गए झरने वाले सीन और बहस में रहे स्तनपान वाले सीन पर बात की। उन्होंने कहा कि इन दृश्यों का उद्देश्य फिल्म में मासूमियत और पवित्रता को दिखाना था। ANI को दिए इंटरव्यू में मंदाकिनी ने बताया कि जब उन्होंने फिल्म की शूटिंग शुरू की, तब वह सिर्फ 16 साल की थीं और उन्हें पूरी तरह अंदाजा नहीं था कि बाद में इन सीन को किस तरह देखा जाएगा। झरने वाले सीन के बारे में मंदाकिनी ने कहा कि राज कपूर ने उन्हें सीन समझाया था। उनके मुताबिक, इसका उद्देश्य अश्लीलता दिखाना नहीं था, बल्कि फिल्म की कहानी और गंगा के किरदार की पवित्रता को सामने रखना था। एक्ट्रेस ने कहा, “उनका तरीका ऐसा था कि आप उनसे कोई सवाल ही नहीं करते थे। इतना प्यार से, इतना जेंटल, जैसे आपका फैमिली मेंबर आपसे करवा रहा हो। मुझे कहीं से कोई अश्लीलता महसूस नहीं हुई। कोई खराब या घिनौना एहसास नहीं था। पूरी फिल्म यही थी कि गंगा को अपवित्र करना चाहते थे, लेकिन वे ऐसा नहीं कर पाए।” उन्होंने आगे कहा, “वह मेरे सामने थे। थोड़ा सा मुझे लगा तो मैंने साड़ी को डबल कर लिया। उन्होंने कहा डबल कर लो, तो मैंने कर लिया। बस हो गया वो शॉट। यह मेरे लिए बड़ी बात थी, क्योंकि मैं बहुत छोटी जगह से आई थी।” मंदाकिनी ने स्तनपान के सीन पर सफाई दी मंदाकिनी ने फिल्म के चर्चित स्तनपान वाले सीन पर भी सफाई दी। उन्होंने कहा कि इसमें वास्तव में स्तनपान नहीं कराया गया था और कैमरे की पोजिशनिंग के जरिए ऐसा सीन बनाया गया था। उन्होंने कहा, “नहीं, वहां कोई स्तनपान नहीं था। उन्होंने इसे बहुत अच्छे तरीके से फिल्माया था। मेरे लिए अब समझाना मुश्किल है, लेकिन अगर मैं बताऊंगी कि इसे कैसे किया गया था, तो आप समझ जाएंगे।” अभिनेत्री ने बताया कि सीन में उनके पास एक बच्चा था, जिसे उन्होंने कसकर पकड़ा हुआ था। उन्होंने कहा, “हां, मेरे पास बच्चा था और मैंने उसे कसकर पकड़ा था, लेकिन वह स्तनपान नहीं था। मैं यही सबको बताना चाहती हूं।” मंदाकिनी के मुताबिक, उन्होंने लो-कट आउटफिट पहना था और बच्चे को शरीर के करीब रखा था। कैमरे के एंगल की वजह से ऐसा लगा कि मां अपने बच्चे को स्तनपान करा रही है। उन्होंने कहा कि सीन का उद्देश्य मां और बच्चे के रिश्ते को दिखाना था, जिसे बाद में अलग तरह से समझा गया। सफलता के बाद झरने वाला सीन दोहराने से मना किया अभिनेत्री ने यह भी बताया कि ‘राम तेरी गंगा मैली’ की सफलता के बाद कुछ फिल्ममेकर्स ने उनसे झरने वाले सीन को दोहराने के लिए कहा था, लेकिन उन्होंने मना कर दिया। उनका कहना था कि किसी फिल्म के सफल होने के लिए सिर्फ एक सीन नहीं, बल्कि अच्छी कहानी जरूरी है। उन्होंने कहा, “हिट होने के लिए बहुत अच्छी कहानी चाहिए, जो ‘राम तेरी गंगा मैली’ में थी। उसमें क्या दिखाया गया है? उसका ट्रीटमेंट क्या है? डायरेक्टर आपको क्या मैसेज देना चाहता है? सब कुछ मायने रखता है।” ‘राम तेरी गंगा मैली’ की सफलता के बाद उन्होंने मिथुन चक्रवर्ती और गोविंदा समेत इंडस्ट्री के कई प्रमुख कलाकारों के साथ काम किया और अपने करियर में कई फिल्मों में नजर आईं।
मंदाकिनी ने दाऊद इब्राहिम संग तस्वीर पर सफाई दी:एक्ट्रेस बोलीं- उन्होंने शारजाह में क्रिकेट मैच के लिए नहीं बुलाया था

एक्ट्रेस मंदाकिनी ने दाऊद इब्राहिम के साथ वायरल हुई अपनी तस्वीर पर सफाई दी है। उन्होंने कहा कि दाऊद ने उन्हें शारजाह क्रिकेट मैच के लिए नहीं बुलाया था। मंदाकिनी के मुताबिक, वह एक शो के लिए दुबई गई थीं। इसके बाद क्रिकेट मैच देखने पहुंचीं, जहां यह तस्वीर ली गई थी। उस समय उन्हें नहीं पता था कि तस्वीर विवाद का कारण बनेगी। मंदाकिनी ने ANI को दिए इंटरव्यू में कहा कि तस्वीर को लेकर हुई अटकलों और खबरों पर उनका कोई नियंत्रण नहीं था। इस विवाद से उनके फिल्म करियर को बहुत नुकसान हुआ। एक्ट्रेस ने कहा कि एक कलाकार कई लोगों से मिलता है। कलाकार किसी के साथ भेदभाव नहीं करता। उन्होंने कहा, “लोग जो लिखना या कहना चाहते हैं, उस पर हमारा नियंत्रण नहीं होता। एक कलाकार को हजारों लोगों से मिलना पड़ता है और सभी उसके लिए बराबर होते हैं।” मंदाकिनी ने कहा, “हमारे साथ बहुत सारे लोग थे। ऐसे में किसे चुनें और किसे न चुनें? हम वहां एक शो के लिए गए थे। नहीं, मुझे दाऊद ने नहीं बुलाया था। मैं दुबई में एक शो के लिए गई थी और फिर मैच देखने पहुंची। उस समय मुझे इसका अंदाजा नहीं था।” मंदाकिनी ने बताया कि बाद में यह तस्वीर विवाद का विषय बन गई। इसे लेकर बड़े स्तर पर अटकलें लगाई गईं। उन्होंने कहा, “इस विवाद से बहुत नुकसान हुआ। बाद में मुझे पता चला कि इन सभी चीजों को संभालने के लिए एक टीम होनी चाहिए। मैंने हर जगह इन अफवाहों का खंडन किया।” 80 और 90 के दशक में दाऊद दुबई से अपना नेटवर्क चला रहा था। वहां वह अक्सर बॉलीवुड सितारों के लिए आलीशान पार्टियां रखता था। मंदाकिनी के अलावा एक्टर अनिल कपूर की भी शारजाह स्टेडियम से एक पुरानी तस्वीर इंटरनेट पर मौजूद है, जिसमें वे राज कपूर और महबूब के साथ बैठे हैं और उनके पीछे दाऊद इब्राहिम दिखाई दे रहा है। हालांकि, इस तस्वीर को लेकर अनिल कपूर की बेटी सोनम कपूर ने सोशल मीडिया पर सफाई दी थी कि उनके पिता वहां राज कपूर और कृष्णा कपूर के साथ सिर्फ भारतीय क्रिकेट मैच देखने गए थे और उन्हें जानकारी नहीं थी कि उनके पास कौन बैठा है। वहीं, ऋषि कपूर ने खुद स्वीकार किया था कि वे दुबई में दाऊद से 2 बार मिले थे। मंदाकिनी ने बताया ‘राम तेरी गंगा मैली’ के चर्चित सीन का सच मंदाकिनी ने फिल्म ‘राम तेरी गंगा मैली’ से डेब्यू किया था। इसमें उन्होंने मुख्य भूमिका निभाई और 1980 के दशक में हिंदी सिनेमा के प्रमुख चेहरों में शामिल हो गईं। राज कपूर के निर्देशन में बनी यह फिल्म बड़ी हिट रही। हालांकि, फिल्म के कई सीन बाद में चर्चा और विवाद का विषय बने। मंदाकिनी ने गाने ‘तुझे बुलाएं ये मेरी बहनें’ में सफेद साड़ी में फिल्माए गए झरने वाले सीन और बहस में रहे स्तनपान वाले सीन पर बात की। उन्होंने कहा कि इन दृश्यों का उद्देश्य फिल्म में मासूमियत और पवित्रता को दिखाना था। ANI को दिए इंटरव्यू में मंदाकिनी ने बताया कि जब उन्होंने फिल्म की शूटिंग शुरू की, तब वह सिर्फ 16 साल की थीं और उन्हें पूरी तरह अंदाजा नहीं था कि बाद में इन सीन को किस तरह देखा जाएगा। झरने वाले सीन के बारे में मंदाकिनी ने कहा कि राज कपूर ने उन्हें सीन समझाया था। उनके मुताबिक, इसका उद्देश्य अश्लीलता दिखाना नहीं था, बल्कि फिल्म की कहानी और गंगा के किरदार की पवित्रता को सामने रखना था। एक्ट्रेस ने कहा, “उनका तरीका ऐसा था कि आप उनसे कोई सवाल ही नहीं करते थे। इतना प्यार से, इतना जेंटल, जैसे आपका फैमिली मेंबर आपसे करवा रहा हो। मुझे कहीं से कोई अश्लीलता महसूस नहीं हुई। कोई खराब या घिनौना एहसास नहीं था। पूरी फिल्म यही थी कि गंगा को अपवित्र करना चाहते थे, लेकिन वे ऐसा नहीं कर पाए।” उन्होंने आगे कहा, “वह मेरे सामने थे। थोड़ा सा मुझे लगा तो मैंने साड़ी को डबल कर लिया। उन्होंने कहा डबल कर लो, तो मैंने कर लिया। बस हो गया वो शॉट। यह मेरे लिए बड़ी बात थी, क्योंकि मैं बहुत छोटी जगह से आई थी।”’ मंदाकिनी ने स्तनपान के सीन पर सफाई दी मंदाकिनी ने फिल्म के चर्चित स्तनपान वाले सीन पर भी सफाई दी। उन्होंने कहा कि इसमें वास्तव में स्तनपान नहीं कराया गया था और कैमरे की पोजिशनिंग के जरिए ऐसा सीन बनाया गया था। उन्होंने कहा, “नहीं, वहां कोई स्तनपान नहीं था। उन्होंने इसे बहुत अच्छे तरीके से फिल्माया था। मेरे लिए अब समझाना मुश्किल है, लेकिन अगर मैं बताऊंगी कि इसे कैसे किया गया था, तो आप समझ जाएंगे।” अभिनेत्री ने बताया कि सीन में उनके पास एक बच्चा था, जिसे उन्होंने कसकर पकड़ा हुआ था। उन्होंने कहा, “हां, मेरे पास बच्चा था और मैंने उसे कसकर पकड़ा था, लेकिन वह स्तनपान नहीं था। मैं यही सबको बताना चाहती हूं।” मंदाकिनी के मुताबिक, उन्होंने लो-कट आउटफिट पहना था और बच्चे को शरीर के करीब रखा था। कैमरे के एंगल की वजह से ऐसा लगा कि मां अपने बच्चे को स्तनपान करा रही है। उन्होंने कहा कि सीन का उद्देश्य मां और बच्चे के रिश्ते को दिखाना था, जिसे बाद में अलग तरह से समझा गया। सफलता के बाद झरने वाला सीन दोहराने से मना किया अभिनेत्री ने यह भी बताया कि ‘राम तेरी गंगा मैली’ की सफलता के बाद कुछ फिल्ममेकर्स ने उनसे झरने वाले सीन को दोहराने के लिए कहा था, लेकिन उन्होंने मना कर दिया। उनका कहना था कि किसी फिल्म के सफल होने के लिए सिर्फ एक सीन नहीं, बल्कि अच्छी कहानी जरूरी है। उन्होंने कहा, “हिट होने के लिए बहुत अच्छी कहानी चाहिए, जो ‘राम तेरी गंगा मैली’ में थी। उसमें क्या दिखाया गया है? उसका ट्रीटमेंट क्या है? डायरेक्टर आपको क्या मैसेज देना चाहता है? सब कुछ मायने रखता है।” ‘राम तेरी गंगा मैली’ की सफलता के बाद उन्होंने मिथुन चक्रवर्ती और गोविंदा समेत इंडस्ट्री के कई प्रमुख कलाकारों के साथ काम किया और अपने करियर में कई फिल्मों में नजर आईं।
रिपोर्ट- ट्रम्प सरकार ने हूती विद्रोहियों से सीक्रेट डील की:अमेरिकी जहाजों पर हमला नहीं करेंगे हूती लड़ाके, बदले में सऊदी की मदद नहीं करेगा अमेरिका

अमेरिकी अधिकारियों ने ओमान में हूती नेताओं से मुलाकात की। इसके बदले में ट्रम्प प्रशासन ने यमन में हूती विद्रोहियों के खिलाफ सऊदी अरब को सैन्य मदद नहीं देने का फैसला किया है। ब्रिटिश अखबार द गार्डियन की रिपोर्ट के मुताबिक हूतियों ने अमेरिका को भरोसा दिलाया है कि 2025 में दोनों पक्षों के बीच हुआ सीजफायर अभी कायम है और वे लाल सागर में अमेरिकी या अंतरराष्ट्रीय जहाजों को निशाना नहीं बनाएंगे। हालांकि, सऊदी अरब से जुड़े जहाजों और सऊदी तेल ले जाने वाले जहाजों को वे अपना लक्ष्य मानते हैं। उपराष्ट्रपति वेंस बोले- हम हूतियों के साथ सीधे संपर्क में अमेरिकी अधिकारियों ने पिछले हफ्ते में ओमान की राजधानी मस्कट के अमेरिकी दूतावास में हूती नेताओं के साथ बैठक की। अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने सोमवार को पुष्टि की कि अमेरिका हूतियों के साथ सीधे संपर्क में है। अमेरिका ने मार्च 2025 में हूतियों को विदेशी आतंकवादी संगठन घोषित किया था। इसके बावजूद हाल के महीनों में अमेरिकी अधिकारियों ने हूती नेताओं के अलावा हमास, हिजबुल्लाह और ईरान के प्रतिनिधियों से भी बातचीत की है। सऊदी अरब को अकेले लड़ना पड़ सकता है पिछले हफ्ते हूतियों ने यमन के पश्चिमी हिस्से में लाल सागर के तट से लगे बड़े इलाके पर कब्जा कर लिया। इसके बाद सऊदी अरब ने अमेरिका से मदद की उम्मीद की थी। अमेरिका ने हूती गतिविधियों को बाब अल-मंदब जलडमरूमध्य से नौवहन की स्वतंत्रता के लिए खतरा बताया है, लेकिन अभी तक सऊदी अरब के समर्थन में सीधे सैन्य कार्रवाई नहीं की है। इसकी एक वजह यह भी है कि अमेरिका पहले से ईरान के साथ महंगे और संसाधन खपाने वाले संघर्ष में उलझा हुआ है। ईरान हूतियों का समर्थन करता है। यमन में अमेरिका के पूर्व उप राजदूत नबील खौरी ने कहा कि ट्रम्प प्रशासन और हूतियों के बीच एक तरह की ‘मौन समझ’ बनी है। खौरी के मुताबिक, हूतियों ने अमेरिका को भरोसा दिलाया है कि अमेरिकी और अंतरराष्ट्रीय जहाजों की लाल सागर में आवाजाही प्रभावित नहीं होगी। उनके अनुसार खतरा मुख्य रूप से सऊदी जहाजों या सऊदी तेल ले जाने वाले जहाजों को है। सऊदी ने कहा- मक्का की ओर ड्रोन भेजा गया सऊदी अरब ने मंगलवार को दावा किया कि हूतियों ने पवित्र शहर मक्का की ओर ड्रोन भेजा था। सऊदी रक्षा बलों ने इसे नष्ट करने की बात कही। सऊदी गठबंधन के प्रवक्ता मेजर जनरल तुर्किये अल-मलिकी के मुताबिक, ड्रोन को स्थानीय समयानुसार शाम करीब 6:50 बजे मक्का के प्रतिबंधित हवाई क्षेत्र के पास रोका गया। सऊदी अरब ने कहा कि मक्का पर किसी भी तरह का हमला ‘रेड लाइन’ है। यमन की अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त सरकार और 57 देशों के संगठन ऑर्गनाइजेशन ऑफ इस्लामिक कोऑपरेशन (OIC) ने भी इस दावे की निंदा की। पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने इसे ‘घिनौना और जघन्य’ हमला बताया। हूतियों ने सऊदी के आरोप को ‘सदी का सबसे बड़ा झूठ’ बताया हूती नेतृत्व ने सऊदी अरब के दावे को खारिज कर दिया। हूतियों ने इसे ‘सदी का सबसे बड़ा झूठ’ बताते हुए कहा कि इस तरह के दावों से पहले भी लोगों को गुमराह करने की कोशिश की गई है। हूती उप विदेश मंत्री अब्दुल वहीद अबू रास ने उल्टा सऊदी अरब पर मक्का और मदीना जैसे पवित्र स्थलों को नुकसान पहुंचाने का आरोप लगाया। हूतियों ने सऊदी F-15 गिराने का भी दावा किया हूतियों ने दावा किया कि उन्होंने मारिब के पास सऊदी अरब का F-15 लड़ाकू विमान गिराया है। साथ ही लाल सागर के बंदरगाह शहर यानबू में सऊदी तेल कंपनी अरामको के एक संयंत्र पर हमला करने का दावा किया। हालांकि, हूती सैन्य प्रवक्ता ने इन दावों के समर्थन में कोई सबूत पेश नहीं किया। हूती वार्ता टीम के प्रमुख मोहम्मद अब्दुल सलाम ने कहा कि F-15 गिराने का दावा पश्चिमी देशों के लिए चेतावनी है कि वे सऊदी ‘प्रचार’ का शिकार न बनें। सऊदी अरब पाकिस्तान और तुर्किये से मदद मांग रहा हूती राजनीतिक ब्यूरो के सदस्य मोहम्मद अल-फराह ने कहा कि सऊदी अरब यमन में मुश्किल स्थिति में है। उनके मुताबिक, सऊदी अरब ने युद्ध और नाकेबंदी के बावजूद अपने लक्ष्य हासिल नहीं किए। उन्होंने दावा किया कि अब सऊदी अरब पाकिस्तान, तुर्किये, अमेरिका, इजराइल और मिस्र से समर्थन मांग रहा है और मक्का पर हमले के दावे के जरिए मुस्लिम देशों को अपने साथ लामबंद करने की कोशिश कर रहा है। अमेरिका-इजराइल समेत अरब देशों के सैन्य प्रमुखों की गुप्त बैठक इस बीच, इजराइली अधिकारियों ने अमेरिका, इजराइल और कई अरब देशों के सैन्य अधिकारियों की जर्मनी में हुई एक गुप्त बैठक की जानकारी लीक की है। एक्सिओस के पत्रकार बराक रैविड के मुताबिक, अमेरिकी सेंट्रल कमांड के प्रमुख एडमिरल ब्रैड कूपर ने पिछले सप्ताह यह बैठक आयोजित की थी। बैठक में इजराइल, सऊदी अरब, UAE, बहरीन, कुवैत, कतर, जॉर्डन और मिस्र के सैन्य प्रमुख शामिल हुए। रिपोर्ट के मुताबिक, छह महीने से ज्यादा समय पहले अमेरिका-इजराइल और ईरान के बीच युद्ध शुरू होने के बाद यह इस तरह की पहली बैठक थी। इजराइल, जिसे पहले हूती हमलों का सामना करना पड़ा था, अब सऊदी अरब की ओर से यमन में हस्तक्षेप करने की पेशकश कर रहा है। UN में लाल सागर बंद करने की कोशिश की निंदा मंगलवार को संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की बैठक में लाल सागर को बंद करने की किसी भी कोशिश की निंदा की गई। बैठक में रूस के रुख में भी बदलाव के संकेत मिले। रूसी प्रतिनिधि ने पहले जहां यमन में अदन स्थित अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त सरकार को ही एकमात्र वैध सरकार माना था, अब उससे कुछ दूरी बनाते हुए नजर आए। चीन पहुंचा ईरान, होर्मुज पर समर्थन की कोशिश बुधवार को ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने बीजिंग में चीन के विदेश मंत्री वांग यी से मुलाकात की। बातचीत में होर्मुज जलडमरूमध्य के भविष्य के प्रशासन को लेकर ईरान की योजनाओं पर समर्थन हासिल करने की कोशिश की गई। ईरान और अमेरिका की अलग-अलग नाकेबंदी के कारण होर्मुज जलडमरूमध्य अभी बंद है। चीन ने कहा कि वह नहीं चाहता कि क्षेत्रीय तनाव यमन और लाल सागर तक फैले। बीजिंग ने अमेरिका से जून में दोनों देशों के बीच हुए समझौते के आधार







