लोकसभा अध्यक्ष ने 64 पार्लियामेंट्री फ्रेंडशिप ग्रुप्स बनाए:हर ग्रुप में एक लीडर समेत 11 सांसद; फ्रांस में थरूर, जापान में अखिलेश यादव नेतृत्व करेंगे

लोकसभा स्पीकर ओम बिरला ने मंगलवार को 64 देशों के साथ पार्लियामेंट्री फ्रेंडशिप ग्रुप्स (PFG) का गठन किया है। इन ग्रुप्स का मकसद दूसरे देशों के साथ संसदीय कूटनीति को मजबूत करना और वैश्विक मंच पर भारत की संसद की एकजुट लोकतांत्रिक आवाज पेश करना है। केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर बताया कि ऑपरेशन सिंदूर की सफलता के बाद PM मोदी ने भारत और अन्य देशों के बीच संवाद बढ़ाने के लिए PFG बनाने का प्रस्ताव दिया था। अब लोकसभा अध्यक्ष ने इसका गठन किया है। 64 ग्रुप्स में लोकसभा और राज्यसभा के कुल 704 सांसद हैं। हर ग्रुप में एक लीडर और 10 सदस्य हैं। इनमें भाजपा के सबसे ज्यादा 30 ग्रुप लीडर हैं। कांग्रेस के 10, समाजवादी पार्टी, द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (DMK) और तृणमूल कांग्रेस (TMC) के 3-3 सांसद ग्रुप लीडर बनाए गए हैं। भाजपा की तरफ से ग्रुप लीडर्स में हेमा मालिनी, मनोज तिवारी, निशिकांत दूबे जैसे बड़े नाम शामिल हैं। कांग्रेस से शशि थरूर, TMC से अभिषेक बनर्जी और AIMIM चीफ असदुद्दीन औवेसी भी ग्रुप लीडर बनाए गए हैं। हालांकि, PFG के सदस्य कैसे काम करेंगे, अभी इसकी औपचारिक जानकारी नहीं दी गई है। ऑपरेशन सिंदूर : 59 सदस्यों का डेलिगेशन 33 देशों में गया था केंद्र सरकार ने ऑपरेशन सिंदूर के बाद दुनियाभर में भारत का पक्ष रखने के लिए 17 मई 2025 को 59 सदस्यों वाले डेलिगेशन की घोषणा की थी। इसमें 51 नेता और 8 राजदूत थे। NDA के 31 और 20 दूसरे दलों के नेता थे, जिसमें 3 कांग्रेस नेता भी थे। ये डेलिगेशन दुनिया के 33 देशों, खासकर संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) के सदस्य देशों में गया और वहां ऑपरेशन सिंदूर और पाकिस्तान प्रायोजित आतंकवाद पर भारत का पक्ष रखा। इस डेलिगेशन को 7 ग्रुप में बांटा गया था। हर ग्रुप में एक सांसद को लीडर बनाया गया। प्रत्येक ग्रुप 8 से 9 सदस्य थे। इनमें 6-7 सांसद, सीनियर लीडर (पूर्व मंत्री) और राजदूत शामिल थे। 7 डेलिगेशन ने दुनिया को 5 संदेश दिए आतंकवाद पर जीरो टॉलरेंस : इसमें बताया कि ऑपरेशन सिंदूर आतंकी गुटों और उनके ढांचों के खिलाफ था। आतंकी अड्डों को नपी-तुली कार्रवाई में निशाना बनाया गया। पाक सेना ने इसे खुद के खिलाफ हमला माना और पलटवार किया। पाक आतंक का समर्थक : सांसद कुछ सबूत लेकर गए, जिनमें उन्होंने बताया कि पहलगाम हमले में पाक समर्थित आतंकी संगठन द रेजिस्टेंस फ्रंट (TRF) की भूमिका थी। इससे पहले हुए हमलों का भी पूरा चिट्ठा सांसद लेकर गए थे। भारत जिम्मेदार और संयमित : भारत ने सैन्य कार्रवाई में भी जिम्मेदारी और संयम का परिचय दिया। यह सुनिश्चित किया कि पाक के किसी निर्दोष नागरिक की जान न जाए। पाक ने कार्रवाई रोकने का जब आग्रह किया तो भारत ने उसे तत्परता से स्वीकारा। आतंक के खिलाफ विश्व एकजुट हो : सांसद ने इन देशों से आतंकवाद के खिलाफ खुलकर आवाज उठाने और इससे निपटने के लिए सहयोग व समर्थन की मांग की। अपील की कि भारत-पाक के विवाद को आतंकवाद के खिलाफ युद्ध के तौर पर देखें। पाक को लेकर हमारी नीति : यह बताया कि पाक के खिलाफ भारत ने अपना बदला हुआ दृष्टिकोण उजागर किया है। भारत सीमा पार से पैदा होने वाले खतरे को लेकर उदासीन रहने के बजाए प्रो-एक्टिव रवैया अपनाएगा और आतंकी हमलावरों को पहले ही निष्क्रय करेगा। ——————— ये खबर भी पढ़ें… केरल का नाम अब केरलम, कैबिनेट की मंजूरी: सेवातीर्थ में पहली मीटिंग; रेल-मेट्रो और एयरपोर्ट प्रोजेक्ट्स के लिए ₹12,236 करोड़ मंजूर पीएम नरेंद्र मोदी के नए ऑफिस सेवा तीर्थ में मंगलवार को केंद्रीय मंत्रिमंडल की पहली बैठक हुई। इसमें कुल 12,236 करोड़ के प्रोजेक्ट्स को मंजूरी दी गई है। कैबिनेट ने मध्य प्रदेश, बिहार और झारखंड में तीन रेल प्रोजेक्ट समेत कुल 8 फैसले लिए हैं। बैठक में पावर सेक्टर में सुधारों पर पॉलिसी से जुड़े फैसले हुए और केरल सरकार के राज्य का नाम बदलकर केरलम करने के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई। पूरी खबर पढ़ें…
स्टीव बकनर ने माना- तेंदुलकर को LBW देना गलती थी:22 साल बाद कहा- आज भी लोग पूछते हैं आउट क्यों दिया; गाबा टेस्ट में आउट दिया था

दिग्गज अंपायर स्टीव बकनर ने सचिन तेंदुलकर को गाबा टेस्ट में आउट होने पर मना है कि उनसे गलती हो गई थी। वेस्टइंडीज के पूर्व अंपायर ने मैच के 22 साल बाद कहा कि आज भी लोग उनसे इसके बारे में सवाल करते हैं। दरअसल, 2003-04 में भारत के ऑस्ट्रेलिया दौरे पर ब्रिस्बेन के गाबा मैदान पर स्टीव बकनर ने सचिन तेंदुलकर को LBW कर दिया। इस पर विवाद हो गया था। वह मैच ड्रॉ हो गया था। 4 मैचों की सीरीज भी 1-1 से बराबरी पर रही थी। 3 रन पर आउट हुए थे तेंदुलकर पहले टेस्ट में सचिन तेंदुलकर 3 रन पर बल्लेबाजी कर रहे थे। ऑस्ट्रेलियाई तेज गेंदबाज जेसन गिलेस्पी की गेंद को उन्होंने छोड़ने की कोशिश की, लेकिन गेंद उनके पैड पर लगी। जोरदार अपील के बाद स्टीव बकनर ने उन्हें LBW आउट दे दिया। बाद में टीवी रीप्ले में स्पष्ट हुआ कि गेंद स्टंप के ऊपर से जा रही थी। इंटरव्यू में बोले- ‘गलती थी, स्वीकार कर लिया’ वेस्ट इंडीज क्रिकेट अंपायर्स एसोसिएशन को दिए इंटरव्यू में बकनर ने कहा- ‘सचिन तेंदुलकर को LBW देना मेरी गलती थी। आज तक लोग पूछते हैं कि मैंने उन्हें आउट क्यों दिया। जिंदगी में गलतियां होती हैं, मैंने इसे स्वीकार कर लिया है।’ कमेंट्री बॉक्स में भी हुई थी आलोचना उस समय कमेंट्री कर रहे टोनी ग्रेग ने इस फैसले को ‘भयानक’ करार दिया था। क्रिकेट जगत में भी इस निर्णय की काफी आलोचना हुई थी। हालांकि, मैच ड्रॉ रहा था और भारतीय कप्तान सौरव गांगुली ने 144 रन की पारी खेली थी। 2005 में भी विवादित फैसला यह पहला मौका नहीं था जब बकनर ने तेंदुलकर के खिलाफ विवादित फैसला दिया। 2005 में कोलकाता के ईडन गार्डन्स में पाकिस्तान के खिलाफ मैच में उन्होंने सचिन को अब्दुल रज्जाक की गेंद पर कैच आउट दे दिया था। रीप्ले में बैट और बॉल के बीच साफ गैप दिखा था, जबकि अपील भी जोरदार नहीं थी। तेंदुलकर ने 2024 में किया था हल्का मजाक 2024 में एक फैन इंटरेक्शन के दौरान जब तेंदुलकर से बकनर के साथ रिश्ते पर सवाल पूछा गया तो उन्होंने हल्के अंदाज में कहा था- ‘जब मैं बल्लेबाजी करूं तो उन्हें बॉक्सिंग ग्लव्स पहना दो, ताकि वह उंगली न उठा सकें।’ ————————————— क्रिकेट का कीड़ा है तो सॉल्व कीजिए ये सुपर क्विज क्या आप खुद को क्रिकेट के सुपर फैन मानते हैं? पूरे T20 वर्ल्ड कप टूर्नामेंट के दौरान दैनिक भास्कर के खास गेम ‘SUPER ओवर’ में रोज क्रिकेट से जुड़े 6 सवाल आपका क्रिकेट ज्ञान परखेंगे। जितनी जल्दी सही जवाब देंगे उतने ज्यादा रन बनेंगे। जितने ज्यादा रन बनेंगे, लीडरबोर्ड में उतना ही ऊपर आएंगे। तो रोज खेलिए और टूर्नामेंट का टॉप स्कोरर बनिए। अभी खेलें SUPER ओवर…क्लिक करें ———————————————————- क्रिकेट से जुड़ी यह खबर भी पढ़िए… टी-20 वर्ल्डकप मैच में सबसे ज्यादा छक्कों का रिकॉर्ड बना, पॉवेल ने सिकंदर रजा का माथा चूमा टी-20 वर्ल्ड कप के चौथे सुपर-8 मैच में वेस्टइंडीज ने सोमवार को जिम्बाब्वे पर 107 रन की जीत दर्ज की। मुंबई के वनखड़े स्टेडियम में जिम्बाब्वे ने टॉस जीतकर गेंदबाजी चुनी। वेस्टइंडीज ने 20 ओवर में 6 विकेट पर 254 रन बनाए। 255 रन का टारगेट चेज कर रही जिम्बाब्वे 17.4 ओवर में 147 रन पर ऑलआउट हो गई। 19 बॉल पर फिफ्टी लगाने वाले शिमरोन हेटमायर प्लेयर ऑफ द मैच रहे। पढ़ें पूरी खबर
स्टीव बकनर ने माना- तेंदुलकर को LBW देना गलती थी:22 साल बाद कहा- आज भी लोग पूछते हैं आउट क्यों दिया; गाबा टेस्ट में आउट दिया था

अंपायर स्टीव बकनर ने सचिन तेंदुलकर को गाबा टेस्ट में आउट होने पर माना है कि उनसे गलती हो गई थी। वेस्टइंडीज के पूर्व अंपायर ने मैच के 22 साल बाद कहा कि आज भी लोग उनसे इसके बारे में सवाल करते हैं। दरअसल, 2003-04 में भारत के ऑस्ट्रेलिया दौरे पर ब्रिस्बेन के गाबा मैदान पर स्टीव बकनर ने सचिन तेंदुलकर को LBW आउट दिया था। यह मैच ड्रॉ हो गया था। 4 मैचों की सीरीज भी 1-1 से बराबरी पर रही थी। 3 रन पर आउट हुए थे तेंदुलकर पहले टेस्ट में सचिन तेंदुलकर 3 रन पर बल्लेबाजी कर रहे थे। ऑस्ट्रेलियाई तेज गेंदबाज जेसन गिलेस्पी की गेंद को उन्होंने छोड़ने की कोशिश की, लेकिन गेंद उनके पैड पर लगी। जोरदार अपील के बाद स्टीव बकनर ने उन्हें LBW आउट दे दिया। बाद में टीवी रीप्ले में स्पष्ट हुआ कि गेंद स्टंप के ऊपर से जा रही थी। इंटरव्यू में बोले- ‘गलती थी, स्वीकार कर लिया’ वेस्ट इंडीज क्रिकेट अंपायर्स एसोसिएशन को दिए इंटरव्यू में बकनर ने कहा- ‘सचिन तेंदुलकर को LBW देना मेरी गलती थी। आज तक लोग पूछते हैं कि मैंने उन्हें आउट क्यों दिया। जिंदगी में गलतियां होती हैं, मैंने इसे स्वीकार कर लिया है।’ उस समय कमेंट्री कर रहे टोनी ग्रेग ने इस फैसले को ‘भयानक’ करार दिया था। क्रिकेट जगत में भी इस निर्णय की काफी आलोचना हुई थी। हालांकि, मैच ड्रॉ रहा था और भारतीय कप्तान सौरव गांगुली ने 144 रन की पारी खेली थी। 2005 में भी विवादित फैसला यह पहला मौका नहीं था जब बकनर ने तेंदुलकर के खिलाफ विवादित फैसला दिया। 2005 में कोलकाता के ईडन गार्डन्स में पाकिस्तान के खिलाफ मैच में उन्होंने सचिन को अब्दुल रज्जाक की गेंद पर कैच आउट दे दिया था। रीप्ले में बैट और बॉल के बीच साफ गैप दिखा था, जबकि अपील भी जोरदार नहीं थी। 2024 में एक फैन इंटरेक्शन के दौरान जब तेंदुलकर से बकनर के साथ रिश्ते पर सवाल पूछा गया तो उन्होंने हल्के अंदाज में कहा था- ‘जब मैं बल्लेबाजी करूं तो उन्हें बॉक्सिंग ग्लव्स पहना दो, ताकि वह उंगली न उठा सकें।’ ————————————— क्रिकेट का कीड़ा है तो सॉल्व कीजिए ये सुपर क्विज क्या आप खुद को क्रिकेट के सुपर फैन मानते हैं? पूरे T20 वर्ल्ड कप टूर्नामेंट के दौरान दैनिक भास्कर के खास गेम ‘SUPER ओवर’ में रोज क्रिकेट से जुड़े 6 सवाल आपका क्रिकेट ज्ञान परखेंगे। जितनी जल्दी सही जवाब देंगे उतने ज्यादा रन बनेंगे। जितने ज्यादा रन बनेंगे, लीडरबोर्ड में उतना ही ऊपर आएंगे। तो रोज खेलिए और टूर्नामेंट का टॉप स्कोरर बनिए। अभी खेलें SUPER ओवर…क्लिक करें ———————————————————- क्रिकेट से जुड़ी यह खबर भी पढ़िए… टी-20 वर्ल्डकप मैच में सबसे ज्यादा छक्कों का रिकॉर्ड बना, पॉवेल ने सिकंदर रजा का माथा चूमा टी-20 वर्ल्ड कप के चौथे सुपर-8 मैच में वेस्टइंडीज ने सोमवार को जिम्बाब्वे पर 107 रन की जीत दर्ज की। मुंबई के वनखड़े स्टेडियम में जिम्बाब्वे ने टॉस जीतकर गेंदबाजी चुनी। वेस्टइंडीज ने 20 ओवर में 6 विकेट पर 254 रन बनाए। 255 रन का टारगेट चेज कर रही जिम्बाब्वे 17.4 ओवर में 147 रन पर ऑलआउट हो गई। 19 बॉल पर फिफ्टी लगाने वाले शिमरोन हेटमायर प्लेयर ऑफ द मैच रहे। पढ़ें पूरी खबर
इंपैक्ट फीचर:मलाबार गोल्ड एंड डायमंड्स ने पटना के कंकड़बाग में नए शोरूम का उद्घाटन किया

मलाबार गोल्ड एंड डायमंड्स ने कंकड़बाग, पटना में अपने नए शोरूम का उद्घाटन किया, जिससे बिहार के सबसे प्रतिष्ठित आवासीय और व्यावसायिक क्षेत्रों में अपनी उपस्थिति और मजबूत हुई। इस लॉन्च के साथ, ब्रांड अब पटना में बोरिंग रोड और हथवा मार्केट स्थित मौजूदा शोरूमों के अलावा कुल तीन शोरूम संचालित कर रहा है। सन स्क्वायर वार्ड, कंकड़बाग मार्ग, पटना में स्थित यह शोरूम 6,100 वर्ग फुट क्षेत्रफल में फैला हुआ है और इसे ग्राहकों को सुव्यवस्थित एवं आरामदायक खरीदारी अनुभव प्रदान करने के उद्देश्य से डिजाइन किया गया है। इसका लेआउट संगठित उत्पाद प्रदर्शन, आसान चयन और व्यक्तिगत सेवा को समर्थन देता है, जो मलाबार के रिटेल मानकों के अनुरूप है। इस शोरूम का उद्घाटन बिहार विधान सभा के सदस्य संजय कुमार गुप्ता ने किया। इस अवसर पर मलाबार गोल्ड एंड डायमंड्स की प्रबंधन टीम, विशिष्ट अतिथि एवं सम्मानित ग्राहक उपस्थित रहे। ग्राहकों की पसंद के अनुरूप कंकड़बाग शोरूम में सोना, हीरा, प्लैटिनम, चांदी और रत्नों से बने आभूषणों की विस्तृत शृंखला उपलब्ध है, जिसमें मलाबार गोल्ड एंड डायमंड्स के विशिष्ट कलेक्शन भी शामिल हैं। इस संग्रह में दुल्हन के आभूषण, पारंपरिक आभूषण, त्योहारों के लिए डिजाइन, दैनिक उपयोग के डिजाइन और आधुनिक शैली के आभूषण शामिल हैं, जो शहर के बहु-पीढ़ी वाले ग्राहकों की पसंद के अनुरूप हैं। लॉन्च पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए मलाबार ग्रुप के चेयरमैन एमपी अहमद ने कहा, पटना एक स्थिर और परंपरा-आधारित आभूषण बाजार है, जहां खरीदारी के निर्णय विश्वास और दीर्घकालिक संबंधों पर आधारित होते हैं। शहर में हमारे मौजूदा शोरूमों से ग्राहकों की प्रतिक्रिया उत्साहजनक रही है। कंकड़बाग में नए शोरूम के साथ हम पटना में अपनी पहुंच को और मजबूत कर रहे हैं तथा पारदर्शिता, प्रामाणिकता और निरंतर सेवा मानकों के साथ विश्वस्तरीय आभूषण प्रदान करने के अपने संकल्प पर कायम हैं। मलाबार गोल्ड एंड डायमंड्स अपने सभी शोरूमों में एक समान ग्राहक आश्वासन प्रक्रियाओं का पालन करता है। ग्राहकों को एचयूआईडी-अनुपालक सोना, प्रमाणित हीरे, विस्तृत बिलिंग विवरण के साथ पूर्ण पारदर्शिता तथा “वन इंडिया वन गोल्ड रेट” नीति का लाभ मिलता है, जिससे पूरे देश में सोने की कीमत एक समान रहती है। ब्रांड सोने और माइन डायमंड्स पर 100 प्रतिशत एक्सचेंज मूल्य, निःशुल्क बीमा तथा आजीवन रखरखाव सेवा भी प्रदान करता है। इस लॉन्च के साथ, मलाबार गोल्ड एंड डायमंड्स स्थानीय खरीद व्यवहार के अनुरूप अपने रिटेल प्रारूप को ढालते हुए सभी बाजारों में समान गुणवत्ता मानकों और संरचित प्रक्रियाओं को बनाए रखता है। मलाबार गोल्ड एंड डायमंड्स के बारे में मलाबार गोल्ड एंड डायमंड्स की स्थापना वर्ष 1993 में हुई थी और यह मलाबार ग्रुप की प्रमुख कंपनी है, जो एक अग्रणी विविधीकृत भारतीय व्यावसायिक समूह है। 7.36 बिलियन अमेरिकी डॉलर के वार्षिक कारोबार के साथ, कंपनी वर्तमान में वैश्विक स्तर पर 5वीं सबसे बड़ी ज्वेलरी रिटेलर के रूप में स्थान रखती है। यह 14 देशों में 420 से अधिक शोरूम संचालित करती है, जिन्हें भारत, मध्य पूर्व, सुदूर पूर्व, अमेरिका, यूनाइटेड किंगडम, कनाडा, ऑस्ट्रेलिया और न्यूज़ीलैंड में स्थित कार्यालयों, डिजाइन सेंटरों, थोक इकाइयों और विनिर्माण सुविधाओं का समर्थन प्राप्त है। 3,500 से अधिक शेयरधारकों के स्वामित्व वाले इस समूह में 26 से अधिक देशों के 30,000 से अधिक पेशेवर कार्यरत हैं। ईएसजी (पर्यावरण, सामाजिक एवं शासन) समूह की मूल प्रतिबद्धता का हिस्सा है, जिसमें स्वास्थ्य, आवास, भूख उन्मूलन, शिक्षा, पर्यावरण संरक्षण और महिला सशक्तिकरण प्रमुख फोकस क्षेत्र हैं। समूह अपने संचालन वाले प्रत्येक देश में सामाजिक उत्तरदायित्व पहलों के लिए अपने लाभ का पाँच प्रतिशत योगदान करता है।
गर्मी में क्या आपका चेहरा भी हो जाता है ऑयली? आज से ही रूटीन में शामिल करें ये टिप्स, ब्यूटी एक्सपर्ट ने बताया

Last Updated:February 24, 2026, 17:16 IST Face Beauty Tips: गर्मी के मौसम में अगर आपका फेस भी ऑयली हो जाता है, तो कुछ उपाय आपके चेहरे को साफ रखेंगे और आपका चेहरा ग्लो करेगा. ब्यूटी एक्सपर्ट सविता मिश्रा लोकल 18 से बताती हैं कि हमें ऑयली त्वचा को ठीक रखने के लिए ऐसे फेस पैक का इस्तेमाल करना चाहिए, जो हमारी त्वचा के मॉइश्चराइजर को कम करें. सुल्तानपुर: सर्दी का मौसम जा रहा है और गर्मी के मौसम का आगमन हो रहा है. ऐसे में चेहरे की त्वचा पर ऑयली प्रभाव होने का अनुपात बढ़ जाता है. ऐसे में घर से बाहर निकलने पर धूल और धूप की वजह से हमारी त्वचा और भी ज्यादा खराब होने लगती है और ऑयली त्वचा होने की वजह से धूल के छोटे-छोटे कण हमारे चेहरे की त्वचा पर जम जाते हैं, जिससे चेहरे पर काफी नुकसान होने लगता है. अगर आपकी भी त्वचा ऑयली है और आपको इस तरह की समस्या हो रही है, तो आज एक्सपर्ट आपको कुछ ऐसे उपाय बताने वाले हैं, जिसके बारे में यदि जान लेते हैं, तो आने वाले गर्मी के मौसम में आपकी ऑयली त्वचा खत्म हो जाएगी और आपको किसी भी प्रकार का कोई नुकसान नहीं हो पाएगा. करें यह उपाय ब्यूटी एक्सपर्ट सविता मिश्रा लोकल 18 से बताती हैं कि हमें ऑयली त्वचा को ठीक रखने के लिए ऐसे फेस पैक का इस्तेमाल करना चाहिए, जो हमारी त्वचा के मॉइश्चराइजर को कम करें. किसी भी फेस पैक का इस्तेमाल करने से पहले हमें इस बात का ध्यान रखना चाहिए कि उस फेस पैक में मॉइश्चराइजर का रेशियो बहुत कम हो या फिर ना के बराबर हो. खासकर गर्मी के दिनों में चेहरे की त्वचा तेलीय रहती है, जिसकी वजह से उसमें धूल के कण चिपक जाते हैं और इससे हमारे चेहरे की त्वचा की सुंदरता कम होने लगती है. प्राकृतिक उपाय भी बेहतर फेस पैक के अलावा आप अपनी तेलीय त्वचा को गर्मी में ठीक करने के लिए प्राकृतिक उपाय भी कर सकते हैं. इसके लिए आपको एक लेप बनाना होगा. लेप में आपको मधु और बेसन का इस्तेमाल करना चाहिए. इसके साथ ही अगर आप चाहे तो आप इसमें कॉफी पाउडर भी मिला सकते हैं. इसमें आप मधु और बेसन का भी लेप लगा सकते हैं. इस तरह लगाएं लेप सविता मिश्रा आगे बताती हैं कि सबसे पहले अपने चेहरे के हिसाब से ऊपर दी गई सामग्रियों को एक कटोरा में लेकर अच्छे से मिला लें. उसके बाद उसे अपने चेहरे पर लगाएं. याद रखें कि लेप गाढ़ा होना चाहिए. जब लेप गाढ़ा और मोटा हो जाए, तो अपने फेस पर तब तक रखें, जब तक वह त्वचा की गर्मी से पूरी तरह सुख न जाए. जब वह सुख जाए, तब उसके बाद ठंडे पानी से चेहरे को अच्छे से धो लें. उसके बाद अपनी त्वचा को भाप दें. इससे आपकी त्वचा में जानदार निखार आएगी और आपका चेहरा खिलेगा और मुलायम हो जाएगा. About the Author आर्यन सेठ आर्यन ने नई दिल्ली के जामिया मिलिया इस्लामिया से पत्रकारिता की पढ़ाई की और एबीपी में काम किया. उसके बाद नेटवर्क 18 के Local 18 से जुड़ गए. Location : Sultanpur,Uttar Pradesh First Published : February 24, 2026, 17:16 IST Disclaimer: इस खबर में दी गई दवा/औषधि और स्वास्थ्य से जुड़ी सलाह, एक्सपर्ट्स से की गई बातचीत के आधार पर है. यह सामान्य जानकारी है, व्यक्तिगत सलाह नहीं. इसलिए डॉक्टर्स से परामर्श के बाद ही कोई चीज उपयोग करें. Local-18 किसी भी उपयोग से होने वाले नुकसान के लिए जिम्मेदार नहीं होगा.
तकनीकी गड़बड़ी के कारण युद्धअभ्यास में शामिल नहीं हुआ तेजस:राजस्थान- सुखोई ने दुश्मनों का सप्लाई डिपो उड़ाया, 44 बम गिराए

राजस्थान में पाकिस्तान बॉर्डर के पास जैसलमेर के पोकरण फील्ड फायरिंग रेंज में भारतीय वायुसेना के युद्ध अभ्यास ‘वायु शक्ति- 2026’ की फुल ड्रेस रिहर्सल हुई। सबसे पहले सुखोई MKI 30 ने दुश्मन के रनवे और ठिकानों को तबाह किया। सुखोई ने दुश्मन के ठिकानों को टारगेट करते हुए 44 बम बरसाए। मिग-29 फाइटर जेट ने टैंकों का काफिला ध्वस्त किया। जैसे ही बम दुश्मनों के टारगेट पर गिरे, धूल का गुबार बन गया। वॉर जोन में आकाश मिसाइल ने टारगेट को हवा में ही उड़ा दिया। इसके साथ ही पहली बार सी-130 विमान रात में रनवे पर उतरा। गरुड़ कमांडो को लेकर वापस आया। इसके साथ ही ट्रांसपोर्ट एयरक्राफ्ट C- 295 एयरक्राफ्ट एसॉल्ट लैंडिंग की। वॉर जोन में प्रचंड हेलिकॉप्टर भी उतरे। आसमान में दो जगुआर ने सुदर्शन फॉर्मेशन दिखाकर टारगेट एरिया को अप्रोच किया। इस दौरान पोकरण फील्ड फायरिंग रेंज में ऑपरेशन सिंदूर की सर्जिकल स्ट्राइक को समझाया गया। इसमें बताया कि 73 फाइटर जेट देशभर के 8 एयरबेस से उड़ान भरी। युद्ध अभ्यास में तेजस फाइटर जेट को शामिल होना था, लेकिन शामिल नहीं हुआ। तेजस में तकनीकी गड़बड़ी की सूचना आई थी, इसके बाद से इस विमान को ग्राउंडेड करने की खबरें हैं। मुख्य आयोजन 27 फरवरी को होगा। इसमें राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू मुख्य अतिथि होंगी। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा भी मौजूद रहेंगे। देखिए, वायु शक्ति-2026 युद्धाभ्यास की PHOTOS… युद्ध अभ्यास से जुड़ी पल-पल की अपडेट के लिए ब्लॉग पढ़िए…
‘एक साथ काम करना’: नेतृत्व की खींचतान के बीच डीके शिवकुमार ने सतीश जारकीहोली के साथ विभाजन को पाट दिया | राजनीति समाचार

आखरी अपडेट:24 फरवरी, 2026, 16:26 IST डिप्टी सीएम की टिप्पणियों का उद्देश्य आंतरिक कलह को शांत करना प्रतीत होता है, क्योंकि उन्होंने पार्टी के प्रति जारकीहोली के समर्पण की प्रशंसा की। कर्नाटक के डिप्टी सीएम डीके शिवकुमार (छवि: न्यूज18) एक रणनीतिक कदम में, उप मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने पीडब्ल्यूडी मंत्री सतीश जारकीहोली से संपर्क किया है और अपने रिश्ते को “समान विचारधारा वाले वरिष्ठ नेताओं” में से एक बताया है, जो राज्य के राजनीतिक रोडमैप पर साप्ताहिक परामर्श करते हैं। मंगलवार को पत्रकारों से बात करते हुए, शिवकुमार ने कांग्रेस पार्टी के भीतर चल रहे नेतृत्व संघर्ष को संबोधित किया, इस बात पर जोर दिया कि वह और जारकीहोली, जो अक्सर मुख्यमंत्री सिद्धारमैया के खेमे से जुड़े रहते हैं, सरकार की सत्ता में वापसी सुनिश्चित करने के लिए मिलकर काम कर रहे हैं। डिप्टी सीएम की टिप्पणियों का उद्देश्य आंतरिक घर्षण को शांत करना प्रतीत होता है, क्योंकि उन्होंने पार्टी के प्रति जारकीहोली के समर्पण की प्रशंसा की और कार्यकारी अध्यक्ष के रूप में उनके दिनों से उनके लंबे समय से चले आ रहे सहयोग पर प्रकाश डाला। दलित मुख्यमंत्री की संभावना को लेकर मंत्री एचसी महादेवप्पा की टिप्पणी के बाद कर्नाटक में राजनीतिक माहौल गरमा गया है। शिवकुमार ने सुझाव दिया कि आलाकमान से संबंध रखने वाले एक वरिष्ठ नेता होने के नाते महादेवप्पा के पास नेतृत्व परिवर्तन के बारे में जानकारी हो सकती है जो उन्हें खुद अभी तक नहीं मिली है। दिल्ली को तत्काल तलब करने की अफवाहों को खारिज करते हुए, डिप्टी सीएम ने स्पष्ट किया कि राजधानी की उनकी आगामी यात्रा शहरी विकास परियोजनाओं के लिए 1 लाख करोड़ का अनुदान हासिल करने पर केंद्रित है। उन्होंने आगे कहा कि मंत्रियों और विधायकों को अनुशासित करने की जिम्मेदारी पूरी तरह से मुख्यमंत्री की है, जबकि उनकी अपनी भूमिका पार्टी के मामलों को केंद्रीय नेतृत्व तक पहुंचाने पर केंद्रित है। कर्नाटक कैबिनेट के भविष्य पर स्पष्ट रूप से विचार करते हुए, शिवकुमार ने मंत्री पद की मांग करने वाले विधायकों की “नई पीढ़ी” के लिए समर्थन व्यक्त किया। पहली बार के विधायकों द्वारा प्रतिनिधित्व के लिए आलाकमान से याचिका दायर करने की खबरों पर प्रतिक्रिया देते हुए उन्होंने टिप्पणी की कि पार्टी के विकास के लिए ताजा खून और नए विचार आवश्यक हैं। शिवकुमार ने कहा, “हम हमेशा सत्ता पर काबिज नहीं रह सकते; मैं 36 साल तक मंत्री रहा हूं।” उन्होंने पुष्टि की कि वह आगामी कैबिनेट विस्तार में नए चेहरों को शामिल करने का समर्थन करते हैं। पहले प्रकाशित: 24 फरवरी, 2026, 16:26 IST समाचार राजनीति ‘एक साथ काम करना’: नेतृत्व की खींचतान के बीच डीके शिवकुमार ने सतीश जारकीहोली के साथ विभाजन को पाट दिया अस्वीकरण: टिप्पणियाँ उपयोगकर्ताओं के विचार दर्शाती हैं, News18 के नहीं। कृपया चर्चाएँ सम्मानजनक और रचनात्मक रखें। अपमानजनक, मानहानिकारक, या अवैध टिप्पणियाँ हटा दी जाएंगी। News18 अपने विवेक से किसी भी टिप्पणी को अक्षम कर सकता है. पोस्ट करके, आप हमारी उपयोग की शर्तों और गोपनीयता नीति से सहमत होते हैं। और पढ़ें (टैग्सटूट्रांसलेट)कर्नाटक कांग्रेस नेतृत्व(टी)डीके शिवकुमार(टी)सतीश जारकीहोली(टी)कर्नाटक राजनीतिक रोडमैप(टी)कांग्रेस पार्टी की आंतरिक कलह(टी)दलित मुख्यमंत्री कर्नाटक(टी)कर्नाटक कैबिनेट विस्तार(टी)नई पीढ़ी के विधायक कर्नाटक
आइसक्रीम से वैश्विक कंपनियों का मोहभंग:नेस्ले ने भी समेटा कारोबार, शुरू किया ऑपरेशन क्लीनअप; फोकस- मुनाफे वाले मुख्य सेगमेंट पर

दुनिया की सबसे बड़ी खाद्य और पेय कंपनी नेस्ले आइसक्रीम के कारोबार को ‘ठंडे बस्ते’ में डालने जा रही है। दरअसल वैश्विक एफएमसीजी सेक्टर में कुछ समय से एक ट्रेंड देखा जा रहा है। दिग्गज कंपनियों का आइसक्रीम बिजनेस से मोहभंग हो रहा है। नेस्ले ने पुष्टि की है कि वह अपने शेष आइसक्रीम पोर्टफोलियो को संयुक्त उद्यम साझेदार ‘फ्रोनेरी’ को बेचने के लिए बातचीत कर रही है। इस सौदे में हागेन-डाज और ड्रमस्टिक जैसे प्रतिष्ठित ब्रांड शामिल हैं, जिनकी कुल वैल्यू लगभग 1.3 बिलियन डॉलर (करीब 11,800 करोड़ रुपए) आंकी गई है। नेस्ले के नए सीईओ फिलिप नवरतिल ने पद संभालते ही कंपनी के बिखरे हुए साम्राज्य को समेटने का फैसला किया है। नवरतिल के मुताबिक, आइसक्रीम ब्रांड कंपनी के मुख्य बिजनेस के लिए एक भटकाव बन गए थे। कंपनी अब अपना पूरा ध्यान उन 4 सेगमेंट पर लगाएगी, जहां उसका दबदबा सबसे ज्यादा है- कॉफी, पेट केयर, न्यूट्रिशन और स्नैक्स। नवरतिल ने स्पष्ट किया, ‘हम इन ब्रांड्स को उस गति से आगे नहीं बढ़ा सकते, जिस तरह फ्रोनेरी जैसी विशेषज्ञ कंपनियां बढ़ा सकती हैं।’ नेस्ले जैसा दिग्गज अब लागत कम करने के लिए एआई और ऑटोमेशन का सहारा ले रहा है और दुनियाभर में 16,000 नौकरियां घटाने की योजना बना रहा है। ऐसे में कंपनी उन सेक्टर में पूंजी लगाना चाहती है जहां मार्जिन अधिक और स्थिर है। ये कंपनियां भी पीछे हटीं नेस्ले अकेली ऐसी कंपनी नहीं है जो जमी हुई मिठास से दूरी बना रही है। यह पूरी दुनिया में एफएमसीजी और डेयरी दिग्गजों के बीच एक ‘स्ट्रक्चरल शिफ्ट’ है। यूनिलीवर ने बीते दिसंबर में प्रसिद्ध आइसक्रीम डिवीजन मैग्नम को अलग कर दिया। अमेरिकी दिग्गज कंपनी जनरल मिल्स अपनी आइसक्रीम यूनिट को पहले ही लैक्टालिस को बेच चुकी है। दुनिया की सबसे बड़ी डेयरी निर्यातक कंपनी फोंटेरा भी अपने ग्लोबल कंज्यूमर और आइसक्रीम बिजनेस को बेचने की प्रक्रिया में है। इसके लिए फ्रांसीसी कंपनी लैक्टालिस ने 20,000 करोड़ रुपए से अधिक की भारी-भरकम बोली लगाई है। आखिर आइसक्रीम बिजनेस से किनारा क्यों बाजार विश्लेषकों का मानना है कि जटिल कोल्ड-चेन लॉजिस्टिक्स, बिजली की भारी खपत और सीजन पर निर्भरता ने आइसक्रीम को एक ‘मुश्किल बिजनेस’ बना दिया है। शुगर टैक्स और अनहेल्डी प्रोडक्ट पर सख्ती लोग अब चीनी और कैलोरी के सेवन को लेकर अधिक सतर्क हो रहे हैं। कई देशों में बढ़ते ‘शुगर टैक्स’ और ‘अनहेल्दी’ उत्पादों के प्रति सख्त नियमों के कारण कंपनियां अब प्लांट-बेस्ड और पोषण-आधारित उत्पादों की ओर रुख कर रही हैं। कम मार्जिन आइसक्रीम की बिक्री मौसम पर निर्भर है; गर्मी में मांग चरम पर होती है। सर्दियों और मानसून में बिक्री सुस्त रहती है। वास्तविक मुनाफा कम बचता है। ब्यूटी और पर्सनल केयर के 20-25% मार्जिन की तुलना में आइसक्रीम का 10-14% मार्जिन निवेशकों के लिए कम आकर्षक है। कॉर्बन उत्सर्जन कम करने का लक्ष्य बड़ी चुनौती उत्पादन से लेकर ग्राहक तक पहुंचने तक आइसक्रीम माइनस 18°सी या उससे कम तापमान की जरूरत होती है। विशेष फ्रीजर ट्रकों, गोदामों के रखरखाव की लागत अन्य प्रोडक्ट्स से अधिक है। बढ़ते बिजली खर्च और कार्बन उत्सर्जन कम करने के वैश्विक दबाव ने इस सप्लाई चेन को चुनौतीपूर्ण बना दिया है।
YRF ने नेटफ्लिक्स का ₹215 करोड़ का ऑफर ठुकराया:थिएटर में रिलीज होगी आलिया-शरवरी की फिल्म ‘अल्फा’

YRF की स्पाई यूनिवर्स फिल्म “अल्फा” की प्रोडक्शन कंपनी यशराज फिल्म्स ने नेटफ्लिक्स का ₹215 करोड़ का स्ट्रीमिंग ऑफर रिजेक्ट कर दिया है। वैरायटी इंडिया की रिपोर्ट के मुताबिक, यह फैसला 2026 में भारत में फिल्म की थिएटर में रिलीज को ध्यान में रखकर लिया गया। फिल्म में आलिया भट्ट और शरवरी वाघ लीड रोल में हैं। रिपोर्ट में एक सोर्स के हवाले से बताया कि यशराज फिल्म्स को नेटफ्लिक्स ने ₹215 करोड़ की डील ऑफर की थी। इस डील के तहत फिल्म को सीधे OTT प्लेटफॉर्म पर रिलीज किया जाना था। हालांकि, प्रोडक्शन कंपनी ने ऑफर ठुकरा दिया। रिपोर्ट में YRF के स्पोक्सपर्सन ने कहा, “‘अल्फा’ के सीधे OTT पर रिलीज होने की खबरें पूरी तरह अफवाह हैं। एक महिला-प्रधान फिल्म को गलत तरीके से दिखाने की कोशिश की जा रही है। यश राज फिल्म्स अपनी किसी भी थिएटर रिलीज फिल्म को सीधे स्ट्रीमिंग पर नहीं लाएगा। हम एक ऐसा स्टूडियो हैं जिसे बड़े पर्दे का अनुभव बनाने पर गर्व है।‘अल्फा’ हमारी कंपनी की बड़ी और अहम फिल्म है।” उन्होंने यह भी कहा, “‘अल्फा’ के जरिए हमने कुछ खास बनाने की कोशिश की है। फिल्म में देश की टॉप एक्ट्रेसेस में से एक आलिया भट्ट लीड रोल में हैं। उनके साथ टैलेंटेड शरवरी भी नजर आएंगी। हमें भरोसा है कि यह फिल्म दर्शकों का पूरा मनोरंजन करेगी और इसे भी बाकी एक्शन फिल्मों की तरह खूब प्यार मिलेगा।” अल्फा में बॉबी देओल भी अहम भूमिका में हैं। फिल्म का निर्देशन शिव रावेल कर रहे हैं। इससे पहले उन्होंने नेटफ्लिक्स का शो “द रेलवे मेन” डायरेक्ट किया था। फिल्म की रिलीज डेट टली बता दें कि फिल्म अल्फा पहले पिछले साल 25 दिसंबर को रिलीज होने वाली थी, लेकिन VFX का काम तय समय पर पूरा नहीं हो सका। इसलिए इसकी रिलीज डेट बढ़ाकर 17 अप्रैल 2026 कर दी गई। वहीं, ट्रेड एनालिस्ट तरण आदर्श ने बताया था कि यह तारीख भी आगे बढ़ा दी गई है, क्योंकि मेकर्स ने अप्रैल में सलमान खान की फिल्म बैटल ऑफ गलवान से क्लैश से बचना चाहते थे।
Why You Should nor Kiss Other Peoples Babies UK Doctor Explains Risks | बच्चों को चूमना पड़ सकता है भारी डॉक्टर ने दी जानलेवा वायरस की चेतावनी

Last Updated:February 24, 2026, 14:52 IST Kissing Babies Health Risks: ब्रिटेन के डॉक्टर सरमद मेजर ने बताया है कि नवजात शिशुओं को किस नहीं करना चाहिए. इससे कोल्ड सोर पैदा करने वाला हर्पीज वायरस से बच्चों में फैल सकता है. शिशुओं का इम्यून सिस्टम कमजोर होता है, इसलिए यह वायरस उनके ब्रेन और अन्य अंगों को नुकसान पहुंचाते हुए जानलेवा साबित हो सकता है. ख़बरें फटाफट नवजात को किस करना खतरनाक हो सकता है. डॉक्टर इसकी साफ मना करते हैं. Why Not To Kiss Newborns: नवजात शिशुओं को देखते ही लोग उन पर प्यार लुटाना शुरू कर देते हैं. पैरेंट्स से लेकर रिश्तेदार तक सभी शिशु को किस करते हैं. यह प्यार जताने का तरीका होता है, लेकिन मेडिकल साइंस में क्यूट अग्रेशन कहा जाता है. आपको जानकर हैरानी होगी कि छोटे बच्चों को किस करना नवजात के लिए खतरनाक हो सकता है. जी हां, आपका प्यार किसी मासूम की जान जोखिम में डाल सकता है. इससे हर्पीज वायरस बच्चों में फैल सकता है और कई बार यह शिशुओं के लिए जानलेवा भी साबित होता है. ऐसे में पैरेंट्स को भी अपने नन्हे-मुन्ने बच्चों को किस करने से बचना चाहिए. ब्रिटेन के मशहूर डॉक्टर सरमद मेजर ने इंस्टाग्राम पर एक वीडियो के जरिए लोगों को इस बारे में चेतावनी दी है. उन्होंने बताया है कि छोटे बच्चों को किस नहीं करना चाहिए. ऐसा करने से बच्चा जीवन भर के लिए खतरनाक वायरस का शिकार हो सकता है. दरअसल होंठों के आसपास होने वाले छोटे दाने यानी कोल्ड सोर वास्तव में हर्पीज सिम्प्लेक्स वायरस टाइप-1 (HSV-1) के कारण होते हैं. यह एक अत्यंत संक्रामक वायरस है, जो त्वचा के संपर्क या लार के माध्यम से फैलता है. इसकी सबसे डरावनी बात यह है कि एक बार शरीर में प्रवेश करने के बाद यह कभी खत्म नहीं होता है. इलाज से इसके घाव तो भर जाते हैं, लेकिन वायरस रीढ़ की हड्डी के तंत्रिका तंत्र में जाकर छिप जाता है और इम्यूनिटी कमजोर होते ही बार-बार उभरता है. View this post on Instagram








