Friday, 25 Sep 2026 | 03:14 PM

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दिलजीत दोसांझ के बयान से निराश हुई कॉकरोच जनता पार्टी:प्रवक्ता बोले- युवाओं के मुद्दों पर बोलना चाहिए; दिलजीत ने कहा- मुझे प्रदर्शन से दूर रखो

दिलजीत दोसांझ के बयान से निराश हुई कॉकरोच जनता पार्टी:प्रवक्ता बोले- युवाओं के मुद्दों पर बोलना चाहिए; दिलजीत ने कहा- मुझे प्रदर्शन से दूर रखो

दिल्ली के जंतर मंतर पर प्रदर्शन कर रही कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के प्रवक्ता सौरभ दास ने सिंगर और एक्टर दिलजीत दोसांझ के बयान पर निराशा जताई है। हालिया बातचीत में सौरभ दास ने कहा कि वे दिलजीत के रुख से थोड़े अपसेट हैं। दिलजीत को गानों की तरह अपने शब्दों से भी देश के युवाओं के मुद्दों और इस आंदोलन पर बात करनी चाहिए। इससे पहले दिलजीत दोसांझ ने अपने इंस्टाग्राम लाइव में कॉकरोच जनता पार्टी के प्रदर्शन से खुद को दूर रखने की बात कही थी। उन्होंने कहा था कि वे राजनेता नहीं, बल्कि सिर्फ एक कलाकार हैं। युवाओं का जोश बढ़ाएं दिलजीत सोशल मीडिया सामने वीडियो में कॉकरोच जनता पार्टी के प्रवक्ता सौरभ दास मीडिया से बातचीत करते नजर आ रहे हैं। शुरुआत में सौरभ ने कहा कि उनके पास एक्टर-सिंगर दिलजीत के लिए कोई संदेश नहीं है। हालांकि, जब उनसे दिलजीत के हालिया बयान को लेकर सीधा सवाल किया गया, तो उन्होंने कहा, “यह बहुत दुखद है। मुझे लगता है कि उन्हें इस आंदोलन पर कुछ बोलना चाहिए ताकि युवाओं का जोश बढ़े। वे अपने गानों से तो जोश बढ़ाते ही हैं, लेकिन उन्हें अपने शब्दों से भी देश के युवाओं से जुड़े मुद्दों पर बात करनी चाहिए।” दिलजीत ने प्रदर्शन से खुद को अलग किया यह पूरा विवाद दिलजीत दोसांझ के एक इंस्टाग्राम लाइव सेशन के बाद शुरू हुआ। लाइव बातचीत के दौरान एक फैन ने दिलजीत से दिल्ली के जंतर मंतर पर चल रहे कॉकरोच जनता पार्टी के प्रदर्शन को लेकर राय मांगी थी। इस पर दिलजीत ने जवाब दिया था, “भाई, मुझे इन प्रदर्शन जैसी चीजों से दूर ही रखो। मैं एक कलाकार हूं, कोई नेता नहीं हूं।” दिलजीत ने साफ कर दिया था कि वे खुद को केवल मनोरंजन की दुनिया तक ही सीमित रखना चाहते हैं और उनका किसी भी राजनीतिक दल या आंदोलन से कोई सीधा संबंध नहीं है। नीट पेपर लीक पर प्रदर्शन कर रही है CJP ककरोच जनता पार्टी पिछले कुछ समय से दिल्ली के जंतर मंतर पर लगातार आंदोलन कर रही है। यह संगठन नीट (NEET) परीक्षा में हुई गड़बड़ियों और पेपर लीक विवाद को लेकर केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग कर रहा है। इस डिजिटल सटायर ग्रुप की शुरुआत अभिजीत दिपके ने की थी, जो अब युवाओं से जुड़े मुद्दों पर जमीन पर उतरकर प्रदर्शन कर रहा है। इस आंदोलन को कई सामाजिक कार्यकर्ताओं का भी समर्थन मिला है, जिसके कारण यह मामला लगातार चर्चा में बना हुआ है। किसान आंदोलन में एक्टिव थे, अब बनाई दूरी सोशल मीडिया पर दिलजीत दोसांझ के इस बदले रुख को लेकर काफी चर्चा हो रही है। साल 2020-21 में हुए किसान आंदोलन के दौरान दिलजीत ने खुलकर किसानों का समर्थन किया था। वे खुद दिल्ली बॉर्डर पर चल रहे धरने में शामिल होने पहुंचे थे और उन्होंने प्रदर्शनकारियों के लिए बड़ी आर्थिक मदद भी की थी। हालांकि, उसके बाद से दिलजीत ने राजनीतिक और सामाजिक विवादों से पूरी तरह दूरी बना ली है। इसी साल मई में उन्होंने राजनीति में आने की खबरों को भी पूरी तरह खारिज कर दिया था।

ई-रिक्शा को बीच सड़क रोकने वाला चीनी एप बैन:गलत इस्तेमाल के बाद सरकार ने हटाने का निर्देश दिया, पर अभी प्लेस्टोर में मौजूद

ई-रिक्शा को बीच सड़क रोकने वाला चीनी एप बैन:गलत इस्तेमाल के बाद सरकार ने हटाने का निर्देश दिया, पर अभी प्लेस्टोर में मौजूद

दिल्ली में ई-रिक्शा चालकों को इन दिनों एक अजीब समस्या का सामना करना पड़ रहा है। सड़क पर चलते-चलते ई-रिक्शा अचानक बंद हो जाते हैं और दोबारा स्टार्ट नहीं होते। जांच में सामने आया है कि इसकी वजह कोई मैकेनिकल खराबी या बैटरी डिस्चार्ज होना नहीं, बल्कि ‘BAT-BMS’ नाम का चीनी स्मार्टफोन एप है। शरारती तत्व और सोशल मीडिया पर वायरल कंटेंट बनाने वाले लोग इस एप की मदद से दूर बैठे ही ई-रिक्शा को बंद कर रहे हैं। सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय ने कहा कि ‘BAT-BMS’ समेत दो मोबाइल एप्लिकेशन्स को एप स्टोर्स से हटाने का निर्देश दिए हैं। CII साइबर सुरक्षा शिखर सम्मेलन के दौरान मंत्रालय के सचिव एस कृष्णन ने शुक्रवार को इस कार्रवाई की पुष्टि की है। सवाल 1: सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा BAT-BMS एप असल में क्या है? जवाब: ‘BAT-BMS’ रियल टाइम बैटरी मैनेजमेंट टूल है। इसे चीनी कंपनी ‘शेन्ज़ेन ग्रेनर्जी टेक्नोलॉजी’ ने डेवलप किया है। इस एप का मुख्य काम ब्लूटूथ-इनेबल्ड लिथियम बैटरी की निगरानी करना है। यह एप बैटरी के चार्ज लेवल, वोल्टेज, टेम्परेचर और सेल हेल्थ जैसी जरूरी जानकारियां डिस्प्ले करता है। इसे आप अपनी बैटरी का एक तरह का डिजिटल डैशबोर्ड मान सकते हैं। सवाल 2: यह एप कैसे काम करता है और लोग इससे चलते हुए ई-रिक्शा कैसे रोक पा रहे हैं? जवाब: यह कोई बहुत हाई-टेक हैकिंग नहीं है, बल्कि सुरक्षा की एक साधारण चूक का फायदा उठाना है। इस एप में एक ‘रिमोट कट-ऑफ’ फीचर होता है, जिसकी मदद से बैटरी के डिस्चार्ज (पावर सप्लाई) को चालू या बंद किया जा सकता है। जब कोई व्यक्ति ई-रिक्शा के 10 से 15 मीटर के दायरे (ब्लूटूथ की रेंज) में आकर इस एप के जरिए वाहन की बैटरी से कनेक्ट होता है, तो वह डिस्चार्ज फंक्शन को बंद कर देता है। इससे मोटर को मिलने वाली पावर तुरंत कट जाती है और ई-रिक्शा रुक जाता है। सवाल 3: क्या देश के सभी ई-रिक्शा या इलेक्ट्रिक वाहन इस एप के जरिए रोके जा सकते हैं? जवाब: नहीं। सोशल मीडिया पर फैल रहे डर के विपरीत सभी ई-रिक्शा इसके जोखिम में नहीं हैं। यह एप केवल उन्हीं वाहनों पर असर डाल सकता है जो कुछ खास शर्तों को पूरा करते हैं। सवाल 3: कौन से ई-रिक्शा इस एप के प्रभाव से पूरी तरह सुरक्षित हैं? जवाब: भारत में अभी भी बड़ी संख्या में ई-रिक्शा पुरानी लेड-एसिड बैटरियों पर चलते हैं। इन बैटरियों में कोई ब्लूटूथ या डिजिटल मैनेजमेंट सिस्टम नहीं होता, इसलिए ये इस एप से पूरी तरह सुरक्षित हैं। इसके अलावा, जिन लिथियम बैटरियों के ब्लूटूथ सिस्टम में मैन्युफैक्चरर या डीलर द्वारा मजबूत पासवर्ड सेट किया गया है, उन्हें भी इस एप के जरिए एक्सेस नहीं किया जा सकता। सवाल 4: चीनी कंपनी ने इस एप को किस उद्देश्य से बनाया था? क्या ये ई-रिक्शा के लिए था? जवाब: नहीं, कंपनी ने इस एप को ई-रिक्शा को कंट्रोल करने के लिए नहीं बनाया था। इसका मुख्य उद्देश्य सौर ऊर्जा उपकरणों और नावों या जहाजों की बैटरी में लगी लिथियम बैटरियों की सेहत पर नजर रखना था। इस एप का डिस्चार्ज ऑन/ऑफ फीचर सुरक्षा और रखरखाव के लिहाज से दिया गया था, ताकि जरूरत पड़ने पर बैटरी ओनर पावर कट कर सके। लेकिन भारत में इसका इस्तेमाल ई-रिक्शा की बैटरियों को रिमोटली बंद करने के लिए किया जाने लगा। सवाल 5: इससे ई-रिक्शा चालकों और सड़क सुरक्षा पर क्या असर पड़ रहा है? जवाब: वायरल वीडियो में लोग इसे खराब ड्राइविंग का ‘बदला’ लेने या केवल मनोरंजन के लिए ई-रिक्शा बंद करते दिख रहे हैं, लेकिन हकीकत में यह चालकों के लिए मुसीबत बन गया है। ट्रैफिक के बीच अचानक ई-रिक्शा के बंद होने से पीछे से आ रहे वाहनों से टक्कर होने का खतरा रहता है। इसके अलावा, ई-रिक्शा चालकों का समय बर्बाद होता है और उनकी कमाई पर असर पड़ता है। सवाल 6: सुरक्षा की इस बड़ी चूक के लिए असल में जिम्मेदार कौन है? जवाब: इसके लिए मुख्य रूप से स्थानीय स्तर पर बैटरी असेंबल करने वाले, डीलर्स और कुछ लो-कॉस्ट वाले लिथियम बैटरी मेकर्स जिम्मेदार हैं। भारत में सस्ते ई-रिक्शा पार्ट्स के बाजार में कई ऐसी लिथियम बैटरियां बेची जा रही हैं, जिनके ब्लूटूथ बैटरी मैनेजमेंट सिस्टम को बिना किसी पासवर्ड या डिफॉल्ट पासवर्ड के खुला छोड़ दिया जाता है। यह ठीक वैसा ही है जैसे किसी ने अपने घर का मुख्य दरवाजा खुला छोड़ दिया हो और कोई भी अंदर आ जाए। सवाल 7: इस सुरक्षा खामी को ठीक करने का क्या उपाय है? जवाब: इसका समाधान बहुत सीधा और आसान है। वाहनों के डीलर्स और निर्माताओं को यह सुनिश्चित करना होगा कि वे ग्राहकों को वाहन बेचने से पहले बैटरी के मैनेजमेंट सिस्टम में एक मजबूत और यूनिक पासवर्ड सेट करें। यदि पासवर्ड सेट रहेगा, तो ब्लूटूथ रेंज में होने के बावजूद कोई बाहरी व्यक्ति एप से कनेक्ट नहीं हो पाएगा। इसके अलावा, जिन ड्राइवरों के पास पहले से ऐसी बैटरियां हैं, वे डीलर के पास जाकर अपनी बैटरी के बीएमएस सेटिंग्स में पासवर्ड लॉक लगवा सकते हैं। सवाल 8: क्या इस मामले में प्रशासन या सरकार की तरफ से कोई कार्रवाई की जा रही है? जवाब: हां, इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय के सचिव एस कृष्णन ने घोषणा की है कि ई-रिक्शा को रिमोटली (दूर से) बंद करने की चिंताओं के बाद दो संदिग्ध एप्लिकेशन्स को एप स्टोर्स से हटा दिया गया है। इनमें विवादों में रहा ‘BAT-BMS’ एप भी शामिल है। इससे पहले शिकायतें बढ़ने और सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल होने के बाद दिल्ली परिवहन विभाग ने ‘BAT-BMS’ के साथ-साथ इसी तरह काम करने वाले एक अन्य एप्लीकेशन ‘इपोच ली-आयन’ (Epoch Li-ion) के खिलाफ जांच शुरू की थी। सवाल 9: परिवहन विभाग इस समस्या को रोकने के लिए आगे क्या कदम उठा सकता है? जवाब: दिल्ली के परिवहन मंत्री पंकज सिंह और विभाग के सीनियर अधिकारी इस तकनीकी खामी और सुरक्षा के खतरे की गंभीरता से समीक्षा कर रहे हैं। सरकार इस बात पर विचार कर रही है कि कम्यूटर्स और ड्राइवरों की सुरक्षा के लिए इन असुरक्षित बैटरी मैनेजमेंट सिस्टम एप्स पर किस तरह के प्रतिबंध या नियम लागू किए जा सकते हैं, ताकि अनधिकृत उपयोग को रोका जा सके।

वर्ल्ड अपडेट्स:वेनेजुएला में चमत्कार: मलबे में 8 दिन से फंसा कुत्ता जिंदा मिला, रेस्क्यू टीम ने सुरक्षित निकाला

वर्ल्ड अपडेट्स:वेनेजुएला में चमत्कार: मलबे में 8 दिन से फंसा कुत्ता जिंदा मिला, रेस्क्यू टीम ने सुरक्षित निकाला

वेनेजुएला में मलबे के नीचे लगातार आठ दिन तक फंसे रहने के बाद एक कुत्ते को जीवित बाहर निकाल लिया गया। लंबे समय तक चले रेस्क्यू अभियान के बाद उसके सुरक्षित मिलने की घटना को लोग किसी चमत्कार से कम नहीं मान रहे हैं। जानकारी के अनुसार, कुत्ता किसी आपदा के बाद मलबे में दब गया था। समय बीतने के साथ उसके जीवित मिलने की उम्मीद बेहद कम होती गई, लेकिन बचाव दल ने तलाश अभियान बंद नहीं किया। आखिरकार लगातार प्रयासों के बाद रेस्क्यू टीम उसे सुरक्षित बाहर निकालने में सफल रही। कुत्ते के जीवित मिलने के बाद मौके पर मौजूद लोगों ने राहत की सांस ली। इस घटना ने एक बार फिर साबित किया कि आपदा के बाद शुरुआती दिनों के बाद भी राहत और बचाव अभियान जारी रखना कितना महत्वपूर्ण होता है। रेस्क्यू के बाद कुत्ते की स्वास्थ्य जांच की गई और उसे आवश्यक देखभाल के लिए सुरक्षित स्थान पर ले जाया गया। आठ दिन बाद उसके जीवित मिलने की यह घटना पूरे अभियान की सबसे भावुक और प्रेरक तस्वीर बनकर सामने आई है।

UN हेडक्वार्टर के बाहर शख्स ने खुद को आग लगाई:अस्पताल में मौत; तिब्बती झंडे के साथ पहुंचा था, पुलिस ने जांच शुरू की

UN हेडक्वार्टर के बाहर शख्स ने खुद को आग लगाई:अस्पताल में मौत; तिब्बती झंडे के साथ पहुंचा था, पुलिस ने जांच शुरू की

अमेरिका के न्यूयॉर्क में संयुक्त राष्ट्र (UN) मुख्यालय के बाहर गुरुवार को एक 52 वर्षीय व्यक्ति ने खुद को आग लगा ली। उसके हाथ में तिब्बती झंडा था। सूचना मिलने पर पुलिस और इमरजेंसी टीम मौके पर पहुंची। गंभीर रूप से झुलसे व्यक्ति को अस्पताल ले जाया गया, जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। न्यूयॉर्क पुलिस विभाग (NYPD) ने बताया कि फिलहाल यह साफ नहीं है कि व्यक्ति ने यह कदम क्यों उठाया। मामले की जांच की जा रही है। मृतक की पहचान अभी सार्वजनिक नहीं की गई है, क्योंकि उसके परिजनों को पहले सूचना दी जानी है। संयुक्त राष्ट्र के प्रवक्ता ने बताया कि घटना के वक्त सभी आधिकारिक बैठकें खत्म हो चुकी थीं। इसलिए UN के नियमित कामकाज पर इसका कोई असर नहीं पड़ा। घटना का पूरा वीडियो…. 20 साल से अमेरिका में रह रहा था शख्स कुछ मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, मृतक की पहचान उसके एक दोस्त ने लोबगा रांगजेन के रूप में की है। बताया गया है कि वह करीब 20 साल से अमेरिका में रह रहा था। हालांकि, इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। मौके पर सामने आए वीडियो में व्यक्ति पारंपरिक बौद्ध भिक्षु जैसे वस्त्र पहने दिखाई देता है। उसने पहले फुटपाथ पर तिब्बती झंडा रखा और फिर खुद को आग लगा ली। आग लगने के बाद एक मिनट से भी कम समय में वह सड़क पर गिर पड़ा। घटना के बाद पुलिस ने पूरे इलाके को घेर लिया। मौके से ‘चाइना आउट ऑफ तिब्बत’ लिखे पर्चे भी बरामद किए गए। तिब्बत को लेकर लंबे समय से विवाद चीन का कहना है कि तिब्बत 13वीं सदी के मध्य से उसका हिस्सा है और 1951 से वहां चीनी कम्युनिस्ट पार्टी का शासन है। वहीं कई तिब्बती मानते हैं कि वे लंबे समय तक प्रभावी रूप से स्वतंत्र रहे और चीन उनकी सांस्कृतिक पहचान को खत्म करने के साथ-साथ संसाधनों से समृद्ध इस क्षेत्र का दोहन करना चाहता है। चीन तिब्बत की निर्वासित सरकार सेंट्रल तिब्बतन एडमिनिस्ट्रेशन को मान्यता नहीं देता। साथ ही 2010 के बाद से दलाई लामा के प्रतिनिधियों के साथ उसकी कोई औपचारिक बातचीत नहीं हुई है। फ्री तिब्बत अभियान चलाने वाले संगठन के मुताबिक, 2009 से अब तक 150 से ज्यादा तिब्बती चीनी शासन के विरोध में आत्मदाह कर चुके हैं। संगठन का कहना है कि कई प्रदर्शनकारियों ने दलाई लामा की वापसी, पंचेन लामा की रिहाई और तिब्बत में ज्यादा मानवाधिकार व आजादी की मांग वाले नारे लगाए थे।

यूजरनेम फीचर पर वॉट्सएप के बाद टेलीग्राम को नोटिस:सरकार ने पूछा- इससे साइबर अपराधों का खतरा, रोकने के लिए क्या कदम उठा रहे

यूजरनेम फीचर पर वॉट्सएप के बाद टेलीग्राम को नोटिस:सरकार ने पूछा- इससे साइबर अपराधों का खतरा, रोकने के लिए क्या कदम उठा रहे

यूजरनेम फीचर को लेकर केंद्र सरकार ने वॉट्सएप के बाद गुरुवार 2 जुलाई को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म टेलीग्राम और सिग्नल को भी नोटिस भेजा है। सरकार ने पूछा है कि यूजरनेम फीचर के जरिए होने वाली ऑनलाइन ठगी, फर्जी पहचान और साइबर अपराध रोकने के लिए क्या कदम उठा रहे हैं। न्यूज एजेंसी PTI के मुताबिक, सरकार ने टेलीग्राम से पूछा कि उसे यूजरनेम फीचर जारी रखने की इजाजत क्यों दी जानी चाहिए। सरकार ने बुधवार को मेटा और वॉट्सएप के प्रस्तावित यूजरनेम फीचर पर नोटिस जारी किया था। सरकार ने आशंका जताई कि इससे ऑनलाइन ठगी, फिशिंग, डिजिटल अरेस्ट और ठगी की घटनाएं बढ़ सकती हैं। सरकार ने वॉट्सएप को फिलहाल यह फीचर लागू नहीं करने का निर्देश दिया है। तीन दिन पहले यूजरनेम फीचर लॉन्च किया था कंपनी ने 29 जून से दुनियाभर में यूजरनेम का रजिस्ट्रेशन शुरू कर दिया है। हालांकि, यह सुविधा सभी यूजर्स को एक साथ नहीं मिलेगी। आने वाले कुछ महीनों में इसे धीरे-धीरे सभी देशों में रोल आउट किया जाएगा। जब यह फीचर यूजर के इलाके में उपलब्ध होगा, तब उसके वॉट्सएप के अंदर नोटिफिकेशन मिलेगा। टेलीग्राम से पूछा- सुरक्षा के लिए क्या किया सरकार ने टेलीग्राम और सिग्नल जवाब मांगा कि इस फीचर के दुरुपयोग और साइबर ठगी रोकने के लिए कौन से सुरक्षा उपाय अपना रहे हैं। दोनों प्लेटफॉर्म पर यूजरनेम फीचर पहले से उपलब्ध है। नीट पेपरलीक के बाद भी टेलीग्राम पर लगा था बैन पिछले महीने NEET पेपर लीक, फर्जी प्रश्न पत्रों के सर्कुलेशन और धोखाधड़ी के मामलों पर प्रभावी कार्रवाई नहीं करने के आरोप में सरकार ने टेलीग्राम और उससे जुड़ी वेब सेवाओं पर 22 जून तक अस्थायी प्रतिबंध लगाया था। वॉट्सएप ने सरकार को जवाब दिया- हमारा फीचर सुरक्षित वॉट्सएप ने सरकार के नोटिस पर कहा था कि यूजरनेम फीचर में ऐसे सुरक्षा उपाय शामिल हैं, जो फर्जी पहचान, ऑनलाइन ठगी और अन्य साइबर अपराधों से सुरक्षा करेंगे। भारत वॉट्सएप का सबसे बड़ा बाजार है। देश में इसके 50 करोड़ से अधिक उपयोगकर्ता हैं। पूरी खबर पढ़ें…

एअर इंडिया ने इंटरनेशनल उड़ानों पर फ्यूल सरचार्ज घटाया:नॉर्थ अमेरिका और यूरोप के टिकट ₹7,617 तक सस्ते होंगे; घरेलू उड़ानों में बदलाव नहीं

एअर इंडिया ने इंटरनेशनल उड़ानों पर फ्यूल सरचार्ज घटाया:नॉर्थ अमेरिका और यूरोप के टिकट ₹7,617 तक सस्ते होंगे; घरेलू उड़ानों में बदलाव नहीं

टाटा ग्रुप की विमानन कंपनी एअर इंडिया ने नॉर्थ अमेरिका, ऑस्ट्रेलिया, यूरोप और UK जाने वाली अपनी उड़ानों पर फ्यूल सरचार्ज कम करने का एलान किया है। सूत्रों के मुताबिक, कच्चे तेल के दामों में आई कमी के बाद एयरलाइन ने यह कदम उठाया है, जिससे इन रूटों पर अंतरराष्ट्रीय हवाई सफर करने वाले यात्रियों की जेब का बोझ कम होगा। नई दरें 1 जुलाई से प्रभावी हो गई हैं। हालांकि घरेलू उड़ानों पर कोई बदलाव नहीं किया गया है। एयरलाइंस के लिए सबसे बड़ा खर्च है जेट फ्यूल जेट फ्यूल की कीमतें बढ़ने के चलते दुनियाभर की एयरलाइंस ने न सिर्फ टिकट के दाम बढ़ा दिए हैं, बल्कि अपने भविष्य के वित्तीय अनुमानों यानी फाइनेंशियल आउटलुक को भी वापस लिया है। एयरलाइंस के लिए जेट फ्यूल सबसे बड़ा खर्च होता है। कुल ऑपरेटिंग खर्च में इसकी हिस्सेदारी 30% से 40% होती है।

एअर इंडिया ने इंटरनेशनल उड़ानों पर फ्यूल सरचार्ज घटाया:नॉर्थ अमेरिका और यूरोप के टिकट ₹7,617 तक सस्ते होंगे; घरेलू उड़ानों में बदलाव नहीं

एअर इंडिया ने इंटरनेशनल उड़ानों पर फ्यूल सरचार्ज घटाया:नॉर्थ अमेरिका और यूरोप के टिकट ₹7,617 तक सस्ते होंगे; घरेलू उड़ानों में बदलाव नहीं

टाटा ग्रुप की विमानन कंपनी एअर इंडिया ने नॉर्थ अमेरिका, ऑस्ट्रेलिया, यूरोप और UK जाने वाली अपनी उड़ानों पर फ्यूल सरचार्ज कम करने का एलान किया है। PTI के सूत्रों के मुताबिक, कच्चे तेल के दामों में आई कमी के बाद एयरलाइन ने यह कदम उठाया है, जिससे इन रूटों पर अंतरराष्ट्रीय हवाई सफर करने वाले यात्रियों की जेब का बोझ कम होगा। नई दरें 1 जुलाई से प्रभावी हो गई हैं। हालांकि घरेलू उड़ानों पर कोई बदलाव नहीं किया गया है। दूसरे देशों के लिए सरचार्ज की स्थिति घरेलू रूट पर कोई राहत नहीं सूत्रों ने गुरुवार को बताया कि इन विशिष्ट अंतरराष्ट्रीय रूटों के अलावा अन्य विदेशी उड़ानों और एयरलाइन की घरेलू (डोमेस्टिक) सेवाओं के लिए फ्यूल सरचार्ज में कोई बदलाव नहीं किया गया है, वे पहले की तरह ही बने रहेंगे। इस मामले पर फिलहाल एअर इंडिया की तरफ से कोई आधिकारिक टिप्पणी नहीं आई है। अप्रैल में मिडिल ईस्ट संकट के कारण बढ़ाया था सरचार्ज एअर इंडिया ने इस साल 7 अप्रैल को अंतरराष्ट्रीय और घरेलू उड़ानों पर फ्यूल सरचार्ज लगाने की घोषणा की थी, जो 10 दिन बाद यानी 10 अप्रैल से लागू हुआ था। उस समय पश्चिम एशिया संकट के कारण कच्चे तेल और एविएशन टर्बाइन फ्यूल (ATF) यानी जेट ईंधन की कीमतों में भारी उछाल आया था। तेल की ऊंची कीमतों और हवाई क्षेत्र (एयरस्पेस) पर लगे प्रतिबंधों के कारण एयरलाइन का ऑपरेशनल खर्च काफी बढ़ गया था। इंटरनेशनल एयर ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन (IATA) के आंकड़ों का हवाला देते हुए एयरलाइन ने तब बताया था कि फरवरी के अंत में वैश्विक स्तर पर जेट ईंधन की औसत कीमत 99.40 डॉलर प्रति बैरल थी, जो 27 मार्च को समाप्त सप्ताह में करीब 100% बढ़कर 195.19 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गई थी। इसी कारण कंपनी को सरचार्ज लगाने पर मजबूर होना पड़ा था। दूरी के हिसाब से तय होता है सरचार्ज 7 अप्रैल को की गई घोषणा के दौरान एअर इंडिया ग्रुप (एअर इंडिया और एयर इंडिया एक्सप्रेस शामिल हैं) ने कुछ चुनिंदा रूटों को छोड़कर अंतरराष्ट्रीय उड़ानों के लिए 24 डॉलर से 280 डॉलर तक और घरेलू उड़ानों के लिए 299 रुपए से 899 रुपए तक का फ्यूल सरचार्ज तय किया था। एयरलाइन ने बयान में कहा था कि घरेलू ATF कीमतों में बढ़ोतरी को 25% पर सीमित (कैप) करने के सरकार के फैसले के बाद, ग्रुप ने एक नपा-तुला रुख (कैलिब्रेटेड एप्रोच) अपनाया है। इसके तहत घरेलू उड़ानों पर एक समान (फ्लैट) सरचार्ज लगाने के बजाय दूरी के हिसाब से (डिस्टेंस-बेस्ड ग्रिड) सरचार्ज तय किया गया था। एविएशन सेक्टर में किसी भी एयरलाइन के कुल ऑपरेटिंग खर्च में लगभग 40 से 45% हिस्सा अकेले जेट फ्यूल (ATF) का होता है, इसलिए ईंधन के दामों का असर सीधे टिकट की कीमतों पर पड़ता है। एयरलाइंस के लिए सबसे बड़ा खर्च है जेट फ्यूल जेट फ्यूल की कीमतें बढ़ने के चलते दुनियाभर की एयरलाइंस ने न सिर्फ टिकट के दाम बढ़ा दिए हैं, बल्कि अपने भविष्य के वित्तीय अनुमानों यानी फाइनेंशियल आउटलुक को भी वापस लिया है। एयरलाइंस के लिए जेट फ्यूल सबसे बड़ा खर्च होता है। कुल ऑपरेटिंग खर्च में इसकी हिस्सेदारी 30% से 40% होती है।

साहन की फिफ्टी से श्रीलंका-A मजबूत:दूसरे अनऑफिशियल टेस्ट के पहले दिन स्कोर-288/5; यश ठाकुर और सारांश जैन ने झटके 2-2 विकेट

साहन की फिफ्टी से श्रीलंका-A मजबूत:दूसरे अनऑफिशियल टेस्ट के पहले दिन स्कोर-288/5; यश ठाकुर और सारांश जैन ने झटके 2-2 विकेट

भारत-A और श्रीलंका-A के बीच गॉल में खेले जा रहे दूसरे अनऑफिशियल टेस्ट के पहले दिन मेजबान टीम का पलड़ा भारी रहा। भारत-A के गेंदबाज ने 5 विकेट लिए, लेकिन श्रीलंका-A के कप्तान साहन अराच्चिगे ने नाबाद अर्धशतक जमाकर टीम को मजबूत स्थिति में पहुंचा दिया। पहले दिन का खेल खत्म होने तक श्रीलंका-A ने 85 ओवर में 5 विकेट पर 288 रन बना लिए। पहले विकेट के लिए ओपनिंग साझेदारी टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी करने उतरी भारत-A को शुरुआती सफलता जरूर मिली, लेकिन श्रीलंका-A के बल्लेबाजों ने अच्छी साझेदारियां निभाईं। पवन्था वीरासिंघे (39) और सोहान डी लिवेरा (28) ने पहले विकेट के लिए 53 रन जोड़े। इसके बाद नुवानिडु फर्नांडो (44) और अशेन बंडारा (34) ने पारी को आगे बढ़ाया। अंजला-बंडारा ने भारत की वापसी नहीं करने दी 171 रन पर चौथा विकेट गिरने के बाद कप्तान साहन अराच्चिगे और विकेटकीपर अंजला बंडारा ने भारत-A की वापसी नहीं होने दी। दोनों ने पांचवें विकेट के लिए 99 रन जोड़कर टीम को मजबूत स्थिति में पहुंचाया। अंजला 42 रन बनाकर आउट हुए, जबकि साहन 148 गेंदों में 83 रन बनाकर नाबाद लौटे। दिन का खेल खत्म होने तक चामिका गुणसेकरा 6 रन बनाकर उनका साथ दे रहे थे। यश ठाकुर और सारांश जैन सबसे सफल गेंदबाज भारत-A की ओर से यश ठाकुर और सारांश जैन ने सबसे ज्यादा 2-2 विकेट लिए। यश ने 14 ओवर में सिर्फ 32 रन देकर दो बल्लेबाजों को आउट किया, जबकि सारांश ने 24 ओवर में 77 रन देकर दो विकेट हासिल किए। गुरनूर बरार को एक सफलता मिली। वहीं आकिब नबी और जिशान अंसारी विकेट नहीं ले सके। —————————————— क्रिकेट से जुड़ी यह खबर भी पढ़ें अभिषेक सबसे तेज 100 टी-20 छक्के लगाने वाले बैटर भारत और इंग्लैंड के बीच पहला टी-20 मैच बारिश की वजह से नहीं हो सका। भारत ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 20 ओवर में 7 विकेट पर 189 रन बनाए। इसके बाद बारिश आई और इंग्लैंड की पारी शुरू नहीं हो सकी। पढ़ें पूरी खबर…

साहन की फिफ्टी से श्रीलंका-A मजबूत:दूसरे अनऑफिशियल टेस्ट के पहले दिन स्कोर-288/5; यश ठाकुर और सारांश जैन ने झटके 2-2 विकेट

साहन की फिफ्टी से श्रीलंका-A मजबूत:दूसरे अनऑफिशियल टेस्ट के पहले दिन स्कोर-288/5; यश ठाकुर और सारांश जैन ने झटके 2-2 विकेट

भारत-A और श्रीलंका-A के बीच गॉल में खेले जा रहे दूसरे अनऑफिशियल टेस्ट के पहले दिन मेजबान टीम का पलड़ा भारी रहा। भारत-A के गेंदबाज ने 5 विकेट लिए, लेकिन श्रीलंका-A के कप्तान साहन अराच्चिगे ने नाबाद अर्धशतक जमाकर टीम को मजबूत स्थिति में पहुंचा दिया। पहले दिन का खेल खत्म होने तक श्रीलंका-A ने 85 ओवर में 5 विकेट पर 288 रन बना लिए। पहले विकेट के लिए ओपनिंग साझेदारी टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी करने उतरी भारत-A को शुरुआती सफलता जरूर मिली, लेकिन श्रीलंका-A के बल्लेबाजों ने अच्छी साझेदारियां निभाईं। पवन्था वीरासिंघे (39) और सोहान डी लिवेरा (28) ने पहले विकेट के लिए 53 रन जोड़े। इसके बाद नुवानिडु फर्नांडो (44) और अशेन बंडारा (34) ने पारी को आगे बढ़ाया। अंजला-बंडारा ने भारत की वापसी नहीं करने दी 171 रन पर चौथा विकेट गिरने के बाद कप्तान साहन अराच्चिगे और विकेटकीपर अंजला बंडारा ने भारत-A की वापसी नहीं होने दी। दोनों ने पांचवें विकेट के लिए 99 रन जोड़कर टीम को मजबूत स्थिति में पहुंचाया। अंजला 42 रन बनाकर आउट हुए, जबकि साहन 148 गेंदों में 83 रन बनाकर नाबाद लौटे। दिन का खेल खत्म होने तक चामिका गुणसेकरा 6 रन बनाकर उनका साथ दे रहे थे। यश ठाकुर और सारांश जैन सबसे सफल गेंदबाज भारत-A की ओर से यश ठाकुर और सारांश जैन ने सबसे ज्यादा 2-2 विकेट लिए। यश ने 14 ओवर में सिर्फ 32 रन देकर दो बल्लेबाजों को आउट किया, जबकि सारांश ने 24 ओवर में 77 रन देकर दो विकेट हासिल किए। गुरनूर बरार को एक सफलता मिली। वहीं आकिब नबी और जिशान अंसारी विकेट नहीं ले सके। —————————————— क्रिकेट से जुड़ी यह खबर भी पढ़ें अभिषेक सबसे तेज 100 टी-20 छक्के लगाने वाले बैटर भारत और इंग्लैंड के बीच पहला टी-20 मैच बारिश की वजह से नहीं हो सका। भारत ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 20 ओवर में 7 विकेट पर 189 रन बनाए। इसके बाद बारिश आई और इंग्लैंड की पारी शुरू नहीं हो सकी। पढ़ें पूरी खबर…

केतन अग्रवाल मर्डर केस में बयान देकर फंसे डायरेक्टर:संजय गुप्ता बोले- सिया गोयल का रिया चक्रवर्ती जैसा तमाशा न बनाएं; सोशल मीडिया पर ट्रोल हुए

केतन अग्रवाल मर्डर केस में बयान देकर फंसे डायरेक्टर:संजय गुप्ता बोले- सिया गोयल का रिया चक्रवर्ती जैसा तमाशा न बनाएं; सोशल मीडिया पर ट्रोल हुए

पुणे के बिजनेसमैन केतन अग्रवाल मर्डर केस में फिल्म डायरेक्टर संजय गुप्ता सोशल मीडिया पर ट्रोल हो रहे हैं। संजय गुप्ता ने एक्स (ट्विटर) पर एक पोस्ट शेयर कर मुख्य आरोपी सिया गोयल का बचाव किया है। उन्होंने सिया गोयल के मामले की तुलना साल 2020 के रिया चक्रवर्ती मीडिया ट्रायल से की है। डायरेक्टर ने लिखा कि सबूत आने से पहले टीवी पर मुकदमा चलाना ठीक नहीं है। इस बयान के बाद सोशल मीडिया यूजर्स ने संजय गुप्ता की कड़ी आलोचना की है और उनके इस बयान को बेहद बेतुका बताया है। संजय गुप्ता ने सोशल मीडिया पर क्या लिखा फिल्म डायरेक्टर संजय गुप्ता ने एक्स पर पोस्ट लिखकर सिया गोयल का एक तरह से बचाव किया। उन्होंने लिखा, “मैं किसी पर उंगली नहीं उठा रहा और न ही किसी की साइड ले रहा हूं। मैं बस इतना कह रहा हूं कि क्या हम सिया के साथ वो सब करना बंद कर सकते हैं जो हमने रिया चक्रवर्ती के साथ किया था? हम सबने वो तमाशा देखा था। टीवी पर ही मुकदमा चला दिया गया और सबूत आने से पहले ही फैसला सुना दिया गया। इसके बाद भी हम लोग कुछ नहीं सीखते हैं।” लोगों ने डायरेक्टर को फटकार लगाई संजय गुप्ता का यह बयान सोशल मीडिया यूजर्स को पसंद नहीं आया। एक यूजर ने कमेंट करते हुए लिखा, “कभी-कभी आप बहस में सबसे बेतुका पक्ष चुन लेते हैं। इतनी कोशिश मत करिए सर, किसकी नजरों में ऊंचा बनना है?” लोग सिया गोयल का बचाव करने पर डायरेक्टर से बेहद नाराज हुए। क्या था रिया चक्रवर्ती का पूरा विवाद साल 2020 में अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत की मौत के बाद उनकी मंगेतर और एक्ट्रेस रिया चक्रवर्ती विवादों में आई थीं। सुशांत केस की जांच के दौरान रिया और उनके भाई को नारकोटिक्स ब्यूरो (NCB) ने ड्रग्स से जुड़े एक मामले में गिरफ्तार किया था। उस समय रिया चक्रवर्ती के खिलाफ सोशल मीडिया और टीवी चैनलों पर बड़ा मीडिया ट्रायल चला था। कोर्ट का फैसला आने से पहले ही लोगों ने उन्हें दोषी मान लिया था। लगभग 5 साल की कानूनी लड़ाई के बाद साल 2025 में कोर्ट से रिया को राहत मिली थी क्योंकि उनके खिलाफ कोई ठोस सबूत नहीं मिल सका था। मंगेतर ने बॉयफ्रेंड के साथ मिलकर की हत्या पुलिस जांच के मुताबिक, 26 साल के रियल एस्टेट कारोबारी केतन अग्रवाल की हत्या की साजिश उनकी मंगेतर सिया गोयल ने अपने बॉयफ्रेंड चेतन चौधरी के साथ मिलकर रची थी। केतन और सिया की सगाई इसी साल फरवरी में हुई थी और दोनों इस साल नवंबर में शादी करने वाले थे। पुलिस ने सिया और चेतन दोनों को गिरफ्तार कर लिया है और फिलहाल दोनों न्यायिक हिरासत में हैं। पहली कोशिश में झाड़ी पकड़कर बचे थे केतन पुलिस ने बताया कि आरोपियों ने केतन को मारने की पहली कोशिश 14 जून को की थी। सिया उस दिन केतन को लोहागढ़ किले पर लेकर गई थी और वहां उसे घाटी में धक्का दे दिया था। हालांकि, केतन एक झाड़ी को पकड़कर लटक गए और उनकी जान बच गई। उस समय सिया ने बात को घुमाने के लिए सांप दिखने का नाटक किया और केतन का ध्यान भटका दिया। इसके बाद वह केतन को भरोसा दिलाकर वापस घर ले आई। दूसरी बार में किले से नीचे धकेला पहली कोशिश नाकाम होने के बाद सिया ने कुछ दिनों बाद दोबारा केतन को किले पर चलने के लिए राजी किया। इस बार वहां सिया का बॉयफ्रेंड चेतन चौधरी भी पहले से मौजूद था। जब केतन वहां पहुंचे, तो सिया और चेतन ने पीछे से आकर उन्हें जोरदार धक्का दे दिया। गहरी घाटी में गिरने के कारण केतन अग्रवाल की मौके पर ही मौत हो गई। पुलिस ने मामले का खुलासा करते हुए दोनों आरोपियों को जेल भेज दिया है। तीन सुराग; सिया का झूठ, CCTV फुटेज, 2004 बार कॉल पहला सुरागः सिया के हावभाव से केतन की बहन को शक हुआ मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, 21 जून को सिया केतन के घर पहुंची। केतन की बहन ने पूछा- केतन कैसे गिरा? इस सवाल पर सिया के हावभाव अचानक बदल गए। वो ठीक से जवाब नहीं दे पा रही थी। केतन की बहन को शक हुआ और उसने पिता विशाल अग्रवाल से कहा- भाई अच्छा ट्रैकर है, उसकी मौत एक्सीडेंट नहीं हो सकती। सिया ठीक से जवाब नहीं दे रही। विशाल को भी पहले से शक था कि कुछ तो ठीक नहीं है। इसके बाद विशाल दोबारा पुणे पुलिस से मिले और सिया पर शक जताया। उन्होंने ये भी कहा कि सिया किसी लड़के से बात करती है, उसकी भी जांच की जानी चाहिए। दूसरा सुरागः किले के CCTV फुटेज में गर्मी में हुडी पहने लड़का दिखा पुलिस ने लोहगढ़ किले के सीसीटीवी फुटेज निकाले। इनमें 18 जून को एक शख्स वहां पहुंचे केतन और सिया के आसपास कई बार दिखा। गर्मी का मौसम, ऊपर से किले की चढ़ाई, उसके बावजूद किले की सीढ़ियों के फुटेज में दिखा कि वो हुडी पहने था। पुलिस के मुताबिक, लड़का अपना चेहरा छिपाने की कोशिश कर रहा था। तीसरा सुरागः सिया की एक नंबर पर 2000 से ज्यादा कॉल्स पुलिस ने सिया के कॉल-रिकॉर्ड खंगाले। इनमें एक मोबाइल नंबर पर जनवरी से केतन की हत्या वाले दिन सुबह 7 बजे तक सिया ने 2004 कॉल में करीब 338 घंटे की बातचीत की थी यानी दोनों रोज करीब 11 कॉल्स में 2 घंटे बात करते थे। ये नंबर पुणे के ही एक और व्यापारी परिवार के लड़के चेतन चौधरी का था। चेतन का घर पुणे के उसी इलाके में था, जहां सिया के पिता का ऑफिस है। मर्डर की 2 वजह; दावा- सिया शादी के लिए तैयार नहीं थी सिया शादी के लिए तैयार नहीं थी: पुलिस को शक है कि मुख्य आरोपी सिया गोयल शादी के लिए मानसिक रूप से तैयार नहीं थी और परिवार के दबाव में केतन से शादी करने जा रही थी। इसी पहलू को पुलिस हत्या की संभावित वजहों में से एक मानकर जांच कर रही है। बदनामी के कारण प्रेमी के साथ भागी नहीं: प्रेमी चेतन ने बताया कि सिया सगाई तोड़कर भागने के पक्ष में नहीं थी। उसे लगता