वर्ल्ड अपडेट्स:चीन ने पाकिस्तान के साथ 8 पनडुब्बी सौदा किया था , 11 साल बाद मिली पहली पनडुब्बी

पाकिस्तान ने चीन में निर्मित अपनी नई हैंगोर क्लास पनडुब्बी को शामिल किया है। 1971 के युद्ध और बांग्लादेश के बनने के बाद से यह पहली बार है जब पाकिस्तान बंगाल की खाड़ी में अपनी नौसैनिक उपस्थिति दर्ज कराने का प्रयास कर रहा है। चीन के साथ पनडुब्बी सौदे पर हस्ताक्षर करने के एक दशक से ज्यादा समय बाद पाकिस्तान को पहली पनडुब्बी मिली है। यह सौदा पाकिस्तान के इतिहास का सबसे बड़ा रक्षा अधिग्रहण माना जाता है। अप्रैल 2015 में चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग की इस्लामाबाद यात्रा के दौरान पाकिस्तान और चीन के बीच 8 हैंगोर-क्लास पनडुब्बियों की खरीद का समझौता हुआ था। समझौते के अनुसार, इनमें से 4 पनडुब्बियां चीन में बननी थीं और 2022-23 तक पाकिस्तान को सौंप दी जानी थीं। बाकी 4 पनडुब्बियों को कराची शिपयार्ड एंड इंजीनियरिंग वर्क्स (KSEW) में 2028 तक असेंबल किया जाना था। हालांकि, 2026 तक पाकिस्तान नौसेना में सिर्फ एक पनडुब्बी ही शामिल हो पाई है। चीन में बनने वाली बाकी तीन पनडुब्बियां- पीएनएस गाजी (PNS Ghazi), पीएनएस शुशुक (PNS Shushuk) और पीएनएस मंग्रो (PNS Mangro) लॉन्च हो चुकी हैं और फिलहाल समुद्री परीक्षण (सी ट्रायल) से गुजर रही हैं। यानी चीन में बनी पहली चार पनडुब्बियों को तय समय सीमा तक पाकिस्तान को सौंपने का लक्ष्य पूरा नहीं हो सका। अब अनुमान लगाया जा रहा है कि सभी 8 पनडुब्बियां 2028 से 2030 के बीच पाकिस्तान को मिलेंगी। पनडुब्बी निर्माण के लिए कराची शिपयार्ड में बड़े पैमाने पर निवेश किया गया है। इसके तहत नया शिप लिफ्ट और ट्रांसफर सिस्टम भी लगाया गया है। इसके बावजूद विशेषज्ञों का कहना है कि किसी नई पनडुब्बी श्रेणी का निर्माण बेहद जटिल और समय लेने वाली प्रक्रिया होती है। पाकिस्तान इससे पहले अगोस्ता 90बी (Agosta 90B) श्रेणी की पनडुब्बी PNS Hamza का निर्माण कर चुका है, जिसे 2008 में नौसेना में शामिल किया गया था। लेकिन हैंगोर-क्लास परियोजना आकार, लागत और तकनीक तीनों मामलों में उससे कहीं बड़ी है। हैंगोर-क्लास पनडुब्बी कार्यक्रम की अनुमानित लागत 4 से 5 अरब डॉलर (करीब 34 से 43 हजार करोड़ रुपए) है। यही वजह है कि इसे पाकिस्तान के इतिहास का सबसे महंगा नौसैनिक कार्यक्रम माना जाता है।
ईरान डील पर अमेरिका में सवाल:ट्रम्प जंग से क्यों पीछे हटे; रिपब्लिकन नेताओं ने समझौते को सरेंडर बताया

अमेरिकी उपराष्ट्रति जेडी वेंस ने इजराइल की आलोचना की है। उन्होंने कहा कि ईरान के साथ हुई डील की आलोचना करने वालों को हकीकत समझना चाहिए। उन्होंने पत्रकारों से बातचीत में कहा कि अगर वे नेतन्याहू सरकार में होते तो दुनिया में अपने सबसे ताकतवर सहयोगी अमेरिका पर सवाल नहीं उठाते। वेंस ने कहा- इस समय पूरी दुनिया में डोनाल्ड ट्रम्प ही ऐसे राष्ट्र प्रमुख हैं जो इजराइल के लिए सहानुभूति रखते हैं। उन्होंने ट्रम्प की आलोचना करने वाले इजराइल के राष्ट्रीय सुरक्षा मंत्री इतामार बेन ग्विर और वित्त मंत्री बेजालेल स्मोट्रिच की आलोचना की। उन्होंने नाम लेकर उनसे पूछा कि आपके पास ऑप्शन क्या है? इजराइल सिर्फ 90 लाख की आबादी वाला देश है। हर समस्या का हल लोगों को मार कर नहीं किया जा सकता। पिछले 24 घंटे के 5 बड़े अपडेट्स… 1. ईरान-अमेरिका पीस डील लागू: अमेरिका और ईरान के बीच जंग खत्म करने के लिए अंतरिम समझौते पर दस्तखत हो गए हैं। डोनाल्ड ट्रम्प ने बुधवार रात को फ्रांस के वर्साय पैलेस में इससे जुड़े MoU पर साइन किए। 2. अमेरिका-ईरान प्रतिनिधि आज स्विट्जरलैंड में मिलेंगे: अमेरिका और ईरान के बीच युद्धविराम समझौते पर हस्ताक्षर होने के बाद दोनों देशों के बीच पहली औपचारिक वार्ता शुक्रवार को स्विट्जरलैंड के बर्गेनस्टॉक रिजॉर्ट में होगी। 3. इजराइल बोला- लेबनान से पीछे नहीं हटेंगे: इजराइली सेना (IDF) ने दक्षिणी लेबनान में अपनी तैनाती का नया नक्शा जारी किया है और साफ किया है कि फिलहाल वहां से सैनिक नहीं हटाए जाएंगे। 4. होर्मुज से जहाजों की आवाजाही तेज: पीस डील पर साइन होने के बाद होर्मुज स्ट्रेट में जहाजों की आवाजाही तेज हो गई है। सऊदी अरब के झंडे वाले तीन बड़े तेल टैंकर होर्मुज स्ट्रेट से गुजर चुके हैं। 5. लेबनान में इजराइली हमलों में 3 लोगों की मौत: पीस डील लागू होने के बाद भी इजराइल ने साउथ लेबनान में हमला किया जिसमें तीन लोगों की मौत हो गई। 2 मार्च से अब तक इन हमलों में 3,900 लोग मारे जा चुके हैं। अमेरिका-ईरान जंग से जुड़े अपडेट्स के लिए नीचे ब्लॉग से गुजर जाइए…
दूसरा टेस्ट- फिलिप्स के शतक से न्यूजीलैंड मजबूत स्थिति में:पहली पारी में 391 रन बनाए; इंग्लैंड ने 222 रन में 6 विकेट गंवाए

न्यूजीलैंड दूसरे टेस्ट के दूसरे दिन मजबूत स्थिति में पहुंच गया है। द ओवल में ग्लेन फिलिप्स के शतक की बदौलत कीवी टीम ने पहली पारी में 391 रन बनाए। जवाब में इंग्लैंड ने स्टंप्स तक 6 विकेट पर 222 रन बनाए हैं। मेजबान टीम अभी भी 169 रन पीछे है। फिलिप्स का शतक दूसरे दिन की शुरुआत न्यूजीलैंड ने 291/7 के स्कोर से की थी। ग्लेन फिलिप्स ने 100 रन बनाए। लोअर ऑर्डर में काइल जैमीसन ने 41 रन की पारी खेली। दोनों ने आठवें विकेट के लिए 87 रन की साझेदारी की। इंग्लैंड की ओर से जैकब बेथेल ने सबसे ज्यादा 3 विकेट झटके। इंग्लैंड की तेज शुरुआत 391 रन के जवाब में इंग्लैंड ने तेज शुरुआत की। बेन डकेट ने 25 गेंदों में 36 रन बनाए, लेकिन रन आउट होकर पवेलियन लौट गए। इसके बाद इमिलियो गे ने जिम्मेदारी संभाली और 114 गेंदों में 53 रन की पारी खेली। उन्होंने कप्तान जो रूट के साथ तीसरे विकेट के लिए 74 रन जोड़कर टीम को संभाल लिया। ऐसा लग रहा था कि रूट और इमिलियो इंग्लैंड को मजबूत स्थिति में पहुंचा देंगे, लेकिन न्यूजीलैंड ने वापसी की। पहले विलियम ओ’रूर्क ने इमिलियो को विकेटकीपर टॉम ब्लंडेल के हाथों कैच कराया। इसके बाद मैट हेनरी ने जो रूट और हैरी ब्रूक को लगातार झटके दिए। रूट 46 रन बनाकर LBW हुए, जबकि ब्रूक 24 रन पर पवेलियन लौट गए। आखिरी सेशन में इंग्लैंड दबाव में आ गया आखिरी सेशन में इंग्लैंड दबाव में आ गया। जेम्स रियू 24 रन बनाकर आउट हुए और टीम ने 217 रन तक छह विकेट गंवा दिए। हालांकि जॉर्डन कॉक्स ने एक छोर संभाले रखा और 22 रन बनाकर नाबाद लौटे। उनके साथ जोफ्रा आर्चर बिना खाता खोले क्रीज पर मौजूद हैं। न्यूजीलैंड की ओर से मैट हेनरी और विलियम ओ’रूर्क ने 2-2 विकेट लिए, जबकि नाथन स्मिथ को एक सफलता मिली। ———————– क्रिकेट से जुड़ी यह खबर भी पढ़ें… खिलाड़ी को धक्का मारा था, अब वैभव सूर्यवंशी पर एक्शन श्रीलंकाई ए टीम के खिलाड़ी को धक्का मारने के मामले में वैभव सूर्यवंशी पर जुर्माना लगाने की सिफारिश की गई है। 15 जून को दांबुला में हुआ यह मैच टाई हुआ था। श्रीलंकाई टीम ने सुपर ओवर में इंडिया ए को हरा दिया था। इसी दौरान वैभव की श्रीलंकाई खिलाड़ी से कहासुनी हुई थी। पढ़ें पूरी खबर…
दूसरा टेस्ट- फिलिप्स के शतक से न्यूजीलैंड मजबूत स्थिति में:पहली पारी में 391 रन बनाए; इंग्लैंड ने 222 रन में 6 विकेट गंवाए

न्यूजीलैंड दूसरे टेस्ट के दूसरे दिन मजबूत स्थिति में पहुंच गया है। द ओवल में ग्लेन फिलिप्स के शतक की बदौलत कीवी टीम ने पहली पारी में 391 रन बनाए। जवाब में इंग्लैंड ने स्टंप्स तक 6 विकेट पर 222 रन बनाए हैं। मेजबान टीम अभी भी 169 रन पीछे है। फिलिप्स का शतक दूसरे दिन की शुरुआत न्यूजीलैंड ने 291/7 के स्कोर से की थी। ग्लेन फिलिप्स ने 100 रन बनाए। लोअर ऑर्डर में काइल जैमीसन ने 41 रन की पारी खेली। दोनों ने आठवें विकेट के लिए 87 रन की साझेदारी की। इंग्लैंड की ओर से जैकब बेथेल ने सबसे ज्यादा 3 विकेट झटके। इंग्लैंड की तेज शुरुआत 391 रन के जवाब में इंग्लैंड ने तेज शुरुआत की। बेन डकेट ने 25 गेंदों में 36 रन बनाए, लेकिन रन आउट होकर पवेलियन लौट गए। इसके बाद इमिलियो गे ने जिम्मेदारी संभाली और 114 गेंदों में 53 रन की पारी खेली। उन्होंने कप्तान जो रूट के साथ तीसरे विकेट के लिए 74 रन जोड़कर टीम को संभाल लिया। ऐसा लग रहा था कि रूट और इमिलियो इंग्लैंड को मजबूत स्थिति में पहुंचा देंगे, लेकिन न्यूजीलैंड ने वापसी की। पहले विलियम ओ’रूर्क ने इमिलियो को विकेटकीपर टॉम ब्लंडेल के हाथों कैच कराया। इसके बाद मैट हेनरी ने जो रूट और हैरी ब्रूक को लगातार झटके दिए। रूट 46 रन बनाकर LBW हुए, जबकि ब्रूक 24 रन पर पवेलियन लौट गए। आखिरी सेशन में इंग्लैंड दबाव में आ गया आखिरी सेशन में इंग्लैंड दबाव में आ गया। जेम्स रियू 24 रन बनाकर आउट हुए और टीम ने 217 रन तक छह विकेट गंवा दिए। हालांकि जॉर्डन कॉक्स ने एक छोर संभाले रखा और 22 रन बनाकर नाबाद लौटे। उनके साथ जोफ्रा आर्चर बिना खाता खोले क्रीज पर मौजूद हैं। न्यूजीलैंड की ओर से मैट हेनरी और विलियम ओ’रूर्क ने 2-2 विकेट लिए, जबकि नाथन स्मिथ को एक सफलता मिली। ———————– क्रिकेट से जुड़ी यह खबर भी पढ़ें… खिलाड़ी को धक्का मारा था, अब वैभव सूर्यवंशी पर एक्शन श्रीलंकाई ए टीम के खिलाड़ी को धक्का मारने के मामले में वैभव सूर्यवंशी पर जुर्माना लगाने की सिफारिश की गई है। 15 जून को दांबुला में हुआ यह मैच टाई हुआ था। श्रीलंकाई टीम ने सुपर ओवर में इंडिया ए को हरा दिया था। इसी दौरान वैभव की श्रीलंकाई खिलाड़ी से कहासुनी हुई थी। पढ़ें पूरी खबर…
कांग्रेस ने कर्नाटक की 7 एमएलसी सीटों में से 5 पर जीत हासिल की | क्रॉस वोटिंग सौदे से भाजपा, जद(एस) को झटका | राजनीति | न्यूज18

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पाकिस्तानी टेस्ट प्लेयर्स की फीस दोगुनी होगी:ICC टूर्नामेंट जीतने पर 500% बोनस मिलेगा; महिला क्रिकेटर निदा ने वापसी का ऐलान किया

पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (PCB) 2026-27 सेंट्रल कॉन्ट्रैक्ट साइकिल में बड़ा बदलाव करने जा रहा है। नए फॉर्मेट आधारित कॉन्ट्रैक्ट सिस्टम में टेस्ट क्रिकेट खेलने वाले खिलाड़ियों की फीस दोगुनी की जाएगी। रेड-बॉल ट्रैक-A खिलाड़ियों की प्रति टेस्ट मैच फीस करीब 15 लाख पाकिस्तानी रुपए से बढ़कर करीब 40 लाख तक हो सकती है। PCB के मुताबिक अगर पाकिस्तान टीम कोई ICC टूर्नामेंट जीतती है तो खिलाड़ियों को उनकी मैच फीस का 500 प्रतिशत अतिरिक्त बोनस मिलेगा। वहीं एशिया कप जैसे एशियाई स्तर के टूर्नामेंट जीतने पर 300 प्रतिशत बोनस देने का प्रस्ताव किया गया है। इसी बीच पाकिस्तान महिला टीम की पूर्व कप्तान निदा डार ने क्रिकेट में वापसी की घोषणा की है। पहली बार फॉर्मेट आधारित कॉन्ट्रैक्ट PCB ने पहली बार फॉर्मेट आधारित सेंट्रल कॉन्ट्रैक्ट लागू करने का फैसला किया है। पहले खिलाड़ियों को A, B, C और D में रखा जाता था, लेकिन अब उनके खेल के आधार पर अलग-अलग ट्रैक में बांटा जाएगा। ट्रैक-A में रेड-बॉल यानी टेस्ट खिलाड़ी शामिल होंगे। ट्रैक-B में वनडे और टी-20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट खेलने वाले खिलाड़ी होंगे। ट्रैक-C में मुख्य रूप से टी20 और फ्रेंचाइजी क्रिकेट खेलने वाले खिलाड़ियों को रखा जाएगा। PCB अध्यक्ष मोहसिन नकवी ने कहा है कि नए कॉन्ट्रैक्ट आधुनिक क्रिकेट की जरूरतों को ध्यान में रखकर तैयार किए गए हैं। सबसे ज्यादा फायदा A और B कैटेगरी वाले खिलाड़ियों को PCB के अनुसार, जो खिलाड़ी टेस्ट और व्हाइट-बॉल दोनों फॉर्मेट खेलते हैं। वे ट्रैक-A तथा ट्रैक-B दोनों में शामिल होंगे। उन्हें सबसे ज्यादा लाभ मिलेगा। ऐसे खिलाड़ियों को मैच फीस के अलावा हर महीने लगभग 48 से 50 लाख पाकिस्तानी रुपए तक का रिटेनर मिल सकता है। सिर्फ ट्रैक-B में शामिल वनडे और टी-20 खिलाड़ियों को हर महीने 18 लाख पाकिस्तानी रुपए तक का रिटेनर मिलने की संभावना है। वहीं ट्रैक-C में शामिल टी-20 और फ्रेंचाइजी क्रिकेट खिलाड़ियों को 12 से 15 लाख पाकिस्तानी रुपए दिया जा सकता है। PCB ने अभी यह स्पष्ट नहीं किया है कि नए सिस्टम के तहत कितने खिलाड़ियों को सेंट्रल कॉन्ट्रैक्ट दिया जाएगा। खिलाड़ियों के नाम सार्वजनिक नहीं करने पर विचार PCB इस बार सेंट्रल कॉन्ट्रैक्ट पाने वाले खिलाड़ियों के नाम और उनके ग्रेड को सार्वजनिक नहीं करने पर भी विचार कर रहा है। अगर ऐसा होता है तो पाकिस्तान क्रिकेट में यह पहली बार होगा।हालांकि PCB ने इस संबंध में अभी कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की है। घरेलू क्रिकेट और डाटा आधारित सिलेक्शन पर जोर मोहसिन नकवी ने कहा है कि सभी खिलाड़ियों के लिए घरेलू क्रिकेट खेलना जरूरी होगा। अगर किसी खिलाड़ी को सेंट्रल कॉन्ट्रैक्ट चाहिए तो उसे सभी फॉर्मेट में घरेलू क्रिकेट में हिस्सा लेना होगा। उन्होंने यह भी कहा कि खिलाड़ियों के कॉन्ट्रैक्ट का ग्रेड स्टेज पर सिलेक्शन प्रदर्शन और फिटनेस मानकों को पूरा करने पर ही होगा। सिलेक्शन को और अच्छा बनाने के लिए अब 85 प्रतिशत महत्व डाटा विश्लेषण को और 15 प्रतिशतचयनकर्ताओं की सिफारिश को दिया जाएगा। सलाहकार पैनल में बढ़ेगी पूर्व खिलाड़ियों की भूमिका PCB अध्यक्ष ने यह भी बताया कि वह क्रिकेट मामलों में अधिक पूर्व खिलाड़ियों को जोड़ना चाहते हैं। फिलहाल उनके सलाहकार समूह में पूर्व कप्तान मिस्बाह-उल-हक और सरफराज अहमद शामिल हैं। नकवी ने कहा कि वह तीन से चार और पूर्व अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ियों को सलाहकार पैनल में शामिल करना चाहते हैं ताकि राष्ट्रीय टीम, घरेलू क्रिकेट और कप्तानी जैसे मामलों में अधिक क्रिकेटिंग अनुभव का फायदा मिल सके। युनिस खान और मोहम्मद हफीज के नाम भी संभावित सलाहकारों में बताए जा रहे हैं। एक साल बाद वापसी को तैयार निदा डार इसी बीच पाकिस्तान महिला टीम की पूर्व कप्तान निदा डार ने क्रिकेट में वापसी की घोषणा की है। 39 साल की निदा ने अप्रैल 2025 में मानसिक स्वास्थ्य कारणों का हवाला देते हुए क्रिकेट से अनिश्चितकालीन ब्रेक लिया था। 112 वनडे और 160 टी-20 अंतरराष्ट्रीय मैच खेल चुकीं निदा ने सोशल मीडिया पर कहा कि वह अब फिर से पाकिस्तान टीम के लिए उपलब्ध हैं और टीम को जरूरत पड़ने पर अपना बेस्ट देने के लिए तैयार हैं। निदा आखिरी बार 2024 महिला टी-20 वर्ल्ड कप में पाकिस्तान के लिए खेली थीं। बाद में उन्हें PCB की सेंट्रल कॉन्ट्रैक्ट लिस्ट से बाहर कर दिया गया था। 2023 टी-20 वर्ल्ड कप के बाद उन्हें टीम की कप्तानी मिली थी, लेकिन 2024 टी-20 वर्ल्ड कप से पहले उनकी जगह फातिमा सना को कप्तान बना दिया गया।
पहले टेस्ट में सीएम डीके शिवकुमार की बड़ी जीत, कांग्रेस ने कर्नाटक की 7 एमएलसी सीटों में से 5 पर जीत हासिल की | भारत समाचार

आखरी अपडेट:18 जून, 2026, 20:38 IST मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने कहा कि उन्हें शुरू में उम्मीद थी कि सीटें निर्विरोध भरी जाएंगी, लेकिन भाजपा और जद (एस) ने प्रतिस्पर्धा का विकल्प चुना। कांग्रेस महासचिव रणदीप सिंह सुरजेवाला ने कहा कि नतीजे पार्टी और उसकी कल्याणकारी योजनाओं के लिए जबरदस्त समर्थन दर्शाते हैं। (फ़ाइल) कर्नाटक के मुख्यमंत्री के रूप में अपनी पहली चुनावी परीक्षा में, डीके शिवकुमार ने एक बड़ी जीत हासिल की, क्योंकि गुरुवार को हुए मतदान में कांग्रेस ने सात विधान परिषद सीटों में से पांच पर जीत हासिल की। नतीजे बीजेपी और जनता दल (सेक्युलर) विधायकों द्वारा स्पष्ट रूप से क्रॉस-वोटिंग के रूप में चिह्नित किए गए। जहां 224 सदस्यीय विधानसभा में कांग्रेस और तीन निर्दलियों को मिलाकर 138 वोट मिले, वहीं पार्टी के उम्मीदवारों को सामूहिक रूप से 151 वोट मिले, जो उसके खेमे के बाहर के विधायकों के समर्थन का संकेत है। भाजपा के नेतृत्व वाला राजग, जिसने सभी सात सीटों पर अपने उम्मीदवार उतारे थे, दो सीटें जीतने में सफल रहा, जबकि जद (एस) के एकमात्र उम्मीदवार गोविंदराजू को हार का सामना करना पड़ा। क्रॉस वोटिंग से कांग्रेस को मदद मिलती है कांग्रेस महासचिव रणदीप सिंह सुरजेवाला ने कहा कि नतीजे पार्टी और उसकी कल्याणकारी योजनाओं के लिए जबरदस्त समर्थन दर्शाते हैं। सुरजेवाला ने कहा, “विधान परिषद चुनाव के पहले दौर में कांग्रेस के सभी पांच उम्मीदवारों ने भारी जीत हासिल की। कांग्रेस के पास 135 वोट थे, लेकिन उसे 151 वोट मिले। बीजेपी सात वोटों से पिछड़ गई, जबकि जनता दल ने 18 के बजाय 14 वोट हासिल किए।” उन्होंने दावा किया कि नतीजों से पता चलता है कि पार्टी लाइन से हटकर विधायकों ने कांग्रेस सरकार की पांच गारंटी योजनाओं का समर्थन किया है, जिसके तहत लाभार्थियों को सालाना लगभग 56,000 करोड़ रुपये हस्तांतरित किए जाते हैं। उन्होंने कहा, ”भाजपा और जद(एस) इन गारंटी को खत्म करना चाहते थे, लेकिन उनके अपने विधायकों ने कांग्रेस सरकार की नीतियों पर भरोसा जताया है।” ‘विधायकों ने पार्टी लाइन से हटकर हमारे लिए वोट किया’: शिवकुमार मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने कहा कि उन्हें शुरू में उम्मीद थी कि सीटें निर्विरोध भरी जाएंगी, लेकिन भाजपा और जद (एस) ने प्रतिस्पर्धा का विकल्प चुना। शिवकुमार ने कहा, “मल्लिकार्जुन खड़गे और राहुल गांधी के नेतृत्व में कांग्रेस नेतृत्व ने देश भर में पार्टी के लिए काम करने वाले उम्मीदवारों को अंतिम रूप दिया है। विधायकों ने बहुत बड़ा जनादेश दिया है। कई विधायकों ने पार्टी लाइन से ऊपर उठकर सरकार और उसकी नीतियों के पक्ष में मतदान किया है।” उन्होंने कहा, “मैं उन सभी विधायकों को धन्यवाद देता हूं जिन्होंने हमारा समर्थन किया। हम एकजुट होकर खड़े रहे और ये नतीजे कांग्रेस पार्टी की एकता का प्रतिबिंब हैं।” इस नतीजे से पार्टी के भीतर शिवकुमार की स्थिति मजबूत हुई है, खासकर सिद्धारमैया के इस्तीफे के बाद इस महीने मुख्यमंत्री बनने के बाद। चुनी हुई कहानियाँ, आपके इनबॉक्स में हमारी सर्वोत्तम पत्रकारिता वाला एक न्यूज़लेटर जमा करना लेखक के बारे में -सौरभ वर्मावरिष्ठ उपसंपादक सौरभ वर्मा मुख्य उप-संपादक के रूप में News18.com के लिए सामान्य, राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय दैनिक समाचारों को कवर करते हैं। वह राजनीति पर गहरी नजर रखते हैं। आप उन्हें ट्विटर –twitter.com/saurbhkverma19 पर फ़ॉलो कर सकते हैं न्यूज़ इंडिया पहले टेस्ट में सीएम डीके शिवकुमार की बड़ी जीत, कांग्रेस ने कर्नाटक की 7 एमएलसी सीटों में से 5 पर जीत हासिल की अस्वीकरण: टिप्पणियाँ उपयोगकर्ताओं के विचार दर्शाती हैं, News18 के नहीं। कृपया चर्चाएँ सम्मानजनक और रचनात्मक रखें। अपमानजनक, मानहानिकारक, या अवैध टिप्पणियाँ हटा दी जाएंगी। News18 अपने विवेक से किसी भी टिप्पणी को अक्षम कर सकता है. पोस्ट करके, आप हमारी उपयोग की शर्तों और गोपनीयता नीति से सहमत होते हैं। और पढ़ें (टैग्सटूट्रांसलेट)कर्नाटक विधान परिषद चुनाव(टी)डीके शिवकुमार की जीत(टी)कर्नाटक में कांग्रेस की जीत(टी)कर्नाटक में क्रॉस वोटिंग(टी)बीजेपी जेडीएस विधायक(टी)पांच गारंटी योजनाएं(टी)कर्नाटक राजनीतिक समाचार(टी)मल्लिकार्जुन खड़गे राहुल गांधी
एनडीए समर्थित परिमल नथवाणी ने झारखंड में राज्यसभा सीट जीती क्योंकि क्रॉस वोटिंग से प्रणव झा की दावेदारी डूब गई | भारत समाचार

आखरी अपडेट:18 जून, 2026, 18:36 IST कांग्रेस उम्मीदवार प्रणव झा की हार से राजद और वाम दलों के कुछ विधायकों द्वारा क्रॉस-वोटिंग की अटकलें शुरू हो गईं, जिससे नाथवाणी को एनडीए के संख्यात्मक नुकसान से उबरने में मदद मिली। अपनी जीत के बाद, परिमल नाथवानी ने कहा कि एक बार फिर अपनी “कर्मभूमि” में लौटना “बेहद गर्व और विनम्रता” की बात है। (फोटो: एक्स) 81 सदस्यीय विधानसभा में एनडीए के पास पर्याप्त संख्याबल नहीं होने के बावजूद एनडीए समर्थित निर्दलीय उम्मीदवार परिमल नथवानी ने बुधवार को झारखंड से राज्यसभा सीट जीत ली, जिसमें इंडिया ब्लॉक के सहयोगियों द्वारा संदिग्ध क्रॉस वोटिंग से कांग्रेस उम्मीदवार प्रणव झा को झटका लगा। जहां नथवाणी ने जीत हासिल की, वहीं दूसरी खाली सीट पर झारखंड मुक्ति मोर्चा (जेएमएम) के उम्मीदवार बैद्यनाथ राम की जीत तय है। अपनी जीत के बाद, परिमल नाथवानी ने कहा कि एक बार फिर अपनी “कर्मभूमि” में लौटना “बेहद गर्व और विनम्रता” की बात है। एक्स पर एक पोस्ट में, नथवाणी ने कहा कि यह अवसर विशेष महत्व रखता है क्योंकि यह झारखंड से राज्यसभा में उनका तीसरा कार्यकाल है, जिस राज्य से उनकी संसदीय यात्रा 2008 में शुरू हुई थी। उन्होंने लिखा, “यह क्षण गहरी भावनाओं से भरा है क्योंकि यह झारखंड से मेरा तीसरा कार्यकाल होगा, वही मिट्टी जहां से 2008 में मेरी संसदीय यात्रा शुरू हुई थी।” नथवाणी ने समर्थन के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन और भाजपा के नेतृत्व वाले एनडीए का भी आभार व्यक्त किया। उन्होंने झारखंड विधानसभा के सदस्यों को भी धन्यवाद दिया जिन्होंने उनकी उम्मीदवारी का समर्थन किया। उन्होंने कहा, “झारखंड विधानसभा के प्रत्येक सदस्य को हार्दिक धन्यवाद, जिन्होंने इस यात्रा के दौरान मुझे वोट दिया और मेरा समर्थन किया। नई प्रतिबद्धता और ईमानदारी के साथ, झारखंड और इसके लोगों के हितों और आकांक्षाओं को आगे बढ़ाने के लिए हर प्रयास जारी रहेगा।” इंडिया ब्लॉक में क्रॉस वोटिंग का संदेह एक उम्मीदवार को चुनाव सुरक्षित करने के लिए कम से कम 28 प्रथम-वरीयता वोटों की आवश्यकता होती है। झारखंड विधानसभा में इंडिया ब्लॉक के 56 विधायक हैं, जबकि भाजपा के नेतृत्व वाले एनडीए के 24 विधायक हैं। इसलिए, नाथवाणी की जीत एनडीए के बाहर से समर्थन पर निर्भर थी। सत्तारूढ़ गठबंधन में झामुमो के 34 विधायक, कांग्रेस के 16 विधायक, राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के चार सदस्य और सीपीआई (एमएल) लिबरेशन के दो विधायक शामिल हैं। एनडीए के पास 24 विधायक हैं – 21 बीजेपी से और एक-एक जेडीयू, आजसू पार्टी और लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) से। झारखंड लोकतांत्रिक क्रांतिकारी मोर्चा का एक विधायक है. कांग्रेस उम्मीदवार प्रणव झा की हार से राजद और वाम दलों के कुछ विधायकों द्वारा क्रॉस-वोटिंग की अटकलें शुरू हो गईं, जिससे नाथवाणी को एनडीए के संख्यात्मक नुकसान से उबरने में मदद मिली। परिमल नाथवानी कौन हैं? परिमल नाथवानी एक प्रमुख उद्योगपति हैं, जिन्होंने पहली बार 2008 में झारखंड से एक स्वतंत्र उम्मीदवार के रूप में राज्यसभा में प्रवेश किया था। उन्होंने 2014 में दूसरा कार्यकाल जीतकर सीट बरकरार रखी। मार्च 2020 में, नाथवानी युवजन श्रमिक रायथू कांग्रेस पार्टी (YSRCP) में शामिल हो गए और आंध्र प्रदेश से राज्यसभा के लिए चुने गए। चुनी हुई कहानियाँ, आपके इनबॉक्स में हमारी सर्वोत्तम पत्रकारिता वाला एक न्यूज़लेटर जमा करना लेखक के बारे में -सौरभ वर्मावरिष्ठ उपसंपादक सौरभ वर्मा मुख्य उप-संपादक के रूप में News18.com के लिए सामान्य, राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय दैनिक समाचारों को कवर करते हैं। वह राजनीति पर गहरी नजर रखते हैं। आप उन्हें ट्विटर –twitter.com/saurbhkverma19 पर फ़ॉलो कर सकते हैं जगह : रांची, भारत, भारत न्यूज़ इंडिया झारखंड में एनडीए समर्थित परिमल नथवाणी ने राज्यसभा सीट जीती, क्रॉस वोटिंग से प्रणव झा की दावेदारी गिरी अस्वीकरण: टिप्पणियाँ उपयोगकर्ताओं के विचार दर्शाती हैं, News18 के नहीं। कृपया चर्चाएँ सम्मानजनक और रचनात्मक रखें। अपमानजनक, मानहानिकारक, या अवैध टिप्पणियाँ हटा दी जाएंगी। News18 अपने विवेक से किसी भी टिप्पणी को अक्षम कर सकता है. पोस्ट करके, आप हमारी उपयोग की शर्तों और गोपनीयता नीति से सहमत होते हैं। और पढ़ें (टैग्सटूट्रांसलेट)परिमल नाथवानी राज्यसभा जीत(टी)राज्यसभा चुनाव झारखंड(टी)क्रॉस वोटिंग इंडिया ब्लॉक(टी)झारखंड विधानसभा राजनीति(टी)एनडीए समर्थित स्वतंत्र उम्मीदवार(टी)प्रणव झा कांग्रेस(टी)जेएमएम बैद्यनाथ राम(टी)आरजेडी और वामपंथी विधायक
मानसून सत्र से पहले, केंद्र ने प्रमुख विधेयकों के लिए विपक्ष से संपर्क किया | राजनीति | न्यूज18

संसद के मानसून सत्र के करीब आने के साथ, केंद्र ने कानून के प्रमुख हिस्सों पर आम सहमति बनाने के प्रयास में विपक्षी दलों के लिए अपनी पहुंच तेज कर दी है। चर्चा में प्रमुख मुद्दों पर हावी होने की उम्मीद है, महिला आरक्षण विधेयक, परिसीमन से संबंधित प्रस्तावों और व्यापक राजनीतिक समर्थन की आवश्यकता वाले अन्य महत्वपूर्ण नीतिगत उपायों का कार्यान्वयन। एनडीए सरकार एकता और समावेशी विकास पर जोर देते हुए अपने विधायी एजेंडे के लिए मजबूत संसदीय समर्थन हासिल करने का लक्ष्य रखते हुए, पार्टी लाइनों में अपना समर्थन बढ़ाने की कोशिश कर रही है। यह आउटरीच उभरती राजनीतिक स्थिति के बीच आती है। समीकरण, बदलते गठबंधन, और प्रतिनिधित्व, चुनाव सुधार और शासन की भविष्य की दिशा पर बढ़ती बहस। n18oc_ Indian18oc_politicsn18oc_breaking-newsNews18 मोबाइल ऐप – https://onelink.to/desc-youtube आखरी अपडेट: 18 जून, 2026, 16:46 IST (टैग्सटूट्रांसलेट)बीजेपी(टी)बीजेपी नवीनतम समाचार(टी)ब्रेकिंग न्यूज(टी)करंट अफेयर्स(टी)परिसीमन बिल(टी)चुनावी सुधार(टी)सरकारी आउटरीच(टी)भारत समाचार(टी)भारत राजनीति(टी)भारतीय राजनीति(टी)नवीनतम राजनीतिक समाचार(टी)विधायी एजेंडा(टी)मानसून सत्र(टी)एनडीए सरकार(टी)एनडीए बहुमत(टी)समाचार विश्लेषण(टी)विपक्षी दल(टी)विपक्ष राजनीति(टी)संसदीय समाचार(टी)संसदीय सत्र(टी)संसदीय मामले(टी)संसदीय बहस(टी)राजनीतिक विकास(टी)राजनीतिक समाचार(टी)प्रतिनिधित्व बहस
यूक्रेन ने रूस पर सबसे बड़ा ड्रोन अटैक किया:1000 से ज्यादा ड्रोन दागे, ऑयल डिपो में धमाका, एक की मौत

यूक्रेन ने गुरुवार को रूस पर युद्ध शुरू होने के बाद का सबसे बड़ा ड्रोन हमला किया। रूस के रक्षा मंत्रालय के मुताबिक, रातभर में करीब 1000 ड्रोन और चार क्रूज मिसाइलों को मार गिराया गया। इनमें करीब 200 ड्रोन राजधानी मॉस्को की तरफ बढ़ रहे थे। हमले में दक्षिणी रोस्तोव क्षेत्र के एक तेल डिपो में आग लग गई, जिसमें एक व्यक्ति की मौत हो गई। वहीं मॉस्को की कपोतन्या ऑयल रिफाइनरी पर भी हमला हुआ। विस्फोट के बाद ऑयल डिपो टैंक का ढक्कन कई मीटर ऊपर उछल गया और आसमान में काले धुएं के गुबार छा गए। रिपोर्ट्स के मुताबिक, पास के एक शॉपिंग सेंटर में भी आग लग गई। ड्रोन का मलबा गिरने से कुछ रिहायशी और व्यावसायिक इमारतों को नुकसान पहुंचा। कई ऊंची इमारतों को खाली कराया गया। हमले के बाद मॉस्को के हवाई अड्डों पर कुछ समय के लिए उड़ानों पर रोक लगाई गई। जेलेंस्की बोले- यूक्रेन जलेगा तो मॉस्को भी जलेगा यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की ने मॉस्को पर हुए हमले को पिछले हफ्ते कीव पर रूस की कार्रवाई का जवाब बताया। उन्होंने कहा कि यूक्रेनी सेना ने उन ठिकानों को निशाना बनाया, जो रूस के युद्ध अभियान को सहारा दे रहे हैं। जेलेंस्की ने कहा कि अब समय आ गया है कि रूस युद्ध खत्म करने के लिए कूटनीतिक रास्ता अपनाए। उन्होंने यूक्रेन की विभिन्न सैन्य और खुफिया एजेंसियों की कार्रवाई की तारीफ भी की। जेलेंस्की ने कहा, “हम यह युद्ध नहीं चाहते थे, लेकिन अगर यूक्रेन जलेगा तो मॉस्को भी जलेगा।” हमले के समय रूसी राष्ट्रपति व्लादिमिर पुतिन कजान में दक्षिण-पूर्व एशियाई देशों के नेताओं के साथ शिखर बैठक में मौजूद थे। उन्होंने मॉस्को पर हुए इस बड़े हमले को लेकर अभी तक कोई सार्वजनिक प्रतिक्रिया नहीं दी है। 2023 से रूसी राजधानी पर ड्रोन हमले बढ़े 2022 में युद्ध शुरू होने के बाद यूक्रेन के ड्रोन हमले सीमित थे। 2023 में पहली बार उसके ड्रोन मॉस्को तक पहुंचे, लेकिन तब हमलों में कुछ ही ड्रोन इस्तेमाल किए जाते थे। अब यूक्रेन लंबी दूरी तक हमला करने में सक्षम हो गया है, जबकि रूस ने भी राजधानी के चारों ओर मजबूत एयर डिफेंस तैनात कर रखा है। इस वजह से युद्ध अब सिर्फ फ्रंटलाइन तक सीमित नहीं रहा। दोनों देश तेल डिपो, रिफाइनरी और दूसरे रणनीतिक ठिकानों को निशाना बना रहे हैं। G7 देशों ने यूक्रेन को मदद देने का ऐलान किया मॉस्को पर बड़े हमले के बीच G7 देशों ने यूक्रेन के लिए सैन्य मदद बढ़ाने का ऐलान किया है। संगठन ने कहा कि यूक्रेन को ज्यादा एयर डिफेंस सिस्टम, इंटरसेप्टर और लंबी दूरी के हथियार दिए जाएंगे। इसके अलावा रूस के तेल और गैस कारोबार पर प्रतिबंध और सख्त किए जाएंगे। G7 देशों ने सर्दियों से पहले यूक्रेन की बिजली और ऊर्जा जरूरतों के लिए भी अतिरिक्त मदद देने का भरोसा दिया है। वहीं अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने कहा कि उन्हें लगा था कि रूस-यूक्रेन युद्ध को खत्म कराना आसान होगा, लेकिन दोनों देशों के बीच गहरी दुश्मनी ने बातचीत को मुश्किल बना दिया है। उन्होंने कहा कि उनकी वोलोदिमिर जेलेंस्की और व्लादिमिर पुतिन दोनों से अच्छी बातचीत हुई है और वह इस युद्ध का अंत देखना चाहते हैं।








