Friday, 02 Oct 2026 | 05:28 AM

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प्रधान मंत्री के राष्ट्र के नाम निजीकरण की याचिका की जांच के लिए मतदाता आयोग से पूछताछ की जा सकती है, पूरा मामला क्या है

प्रधान मंत्री के राष्ट्र के नाम निजीकरण की याचिका की जांच के लिए मतदाता आयोग से पूछताछ की जा सकती है, पूरा मामला क्या है

इस याचिका में कहा गया है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के राष्ट्र का नाम चुनावी आचार संहिता का उल्लंघन है। आयोग के डेटाबेस ने मंगलवार को यह जानकारी दी। शेयरहोल्डिंग ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को पत्र लिखकर आरोप लगाया है कि प्रधानमंत्री मोदी के शनिवार को राष्ट्र के नाम पर संवैधानिक आदर्श आचार संहिता का उल्लंघन है और इस पर कार्रवाई की जानी चाहिए। मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) के महासचिव एम. ए. बेबी और भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (भाकपा) के कम्युनिस्ट समाजवादी पी. संतोष कुमार ने निर्वाचन आयोग में अलग-अलग उम्मीदवारों के खिलाफ याचिका दायर की है। असम, केरल और पुडुचेरी में मतदान होगा, असम और पश्चिम बंगाल में 23 अप्रैल को मतदान होगा। पश्चिम बंगाल में दूसरे और आखिरी चरण का मतदान 29 अप्रैल को होगा। डेक ने बताया कि प्रधानमंत्री के खिलाफ याचिका – आदर्श आचार संहिता अनुभाग ‘जांच की जाएगी’। चुनावी आचार संहिता 15 मार्च को घोषित की गई है जिसके साथ चुनाव कार्यक्रम की घोषणा की गई है और चार मई तक लागू रहेगी, जिस दिन पांच विधानसभाओं के लिए वोटों की गिनती की जाएगी। विपक्ष का आरोप, पीएम मोदी ने किया आचार संहिता का उल्लंघन अलग-अलग लगभग 700 कैथोलिक और आम नागरिकों ने चुनाव आयोग पर कथित उल्लंघन का आरोप लगाया है। पिशाच के पिशाच बेबी ने अपने पत्र में कहा कि प्रधानमंत्री ने संहिता का घोर उल्लंघन किया है और इसके लिए दूरदर्शन का राजनीतिक भाषण “डुलुपयोग” दिया है। उन्होंने कहा, ”इससे ​​किसी भी तरह की सरकारी मंजूरी नहीं ली जा सकती।” बेबी ने आरोप लगाया कि यह भाषण स्पष्ट रूप से राजनीतिक था, जिसमें कई आश्रमों के नाम शामिल थे और तमिलनाडु और पश्चिम बंगाल के समग्र समुदाय की राय को थोक दल के पक्ष में प्रभावित करने की कोशिश की गई थी। राष्ट्र के नाम में क्या बोले थे मोदी प्रधानमंत्री मोदी ने शनिवार को राष्ट्र के नाम पर कांग्रेस और उनके सहयोगियों को चेताया था कि राज्य के तीन हिस्सों में महिलाओं के लिए कट्टरपंथी संशोधन का विरोध किया था। मोदी ने महिलाओं को छूट देने की बात कही थी और कहा था कि सरकार ने महिलाओं को छूट नहीं दी है लेकिन वह महिलाओं को अपनी छूट कभी नहीं देंगी। लोकसभा और विधानसभाओं में महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत नग्न 2029 विधानसभा चुनाव से संबंधित संविधान संशोधन से लागू करने के लिए शुक्रवार को संसद को के लिए सदन में प्रवेश नहीं मिला। यह भी पढ़ें: यूएस ईरान टॉक्स 2.0: ‘दिल नहीं तो तबाही तय’, आर-पार के मूड में डोनाल्ड कॉन, ईरान के पास नहीं बचेगा कोई रास्ता?

दिव्यांग दूल्हे को घोड़े से उतारकर पीटा:रछवाई निकालने पर दबंगों ने की मारपीट, दमोह में FIR के बाद बारात रवाना

दिव्यांग दूल्हे को घोड़े से उतारकर पीटा:रछवाई निकालने पर दबंगों ने की मारपीट, दमोह में FIR के बाद बारात रवाना

दमोह जिले के हटा थाना क्षेत्र के बिजोरी पाठक गांव में मंगलवार शाम एक दिव्यांग दूल्हे को घोड़े से उतारकर पीटा गया। दलित समाज के दूल्हे की रछवाई के दौरान लोधी समाज के कुछ लोगों ने इस घटना को अंजाम दिया। दूल्हे पक्ष ने घटना का वीडियो भी बनाया है, जो सोशल मीडिया पर पोस्ट हो गया है। घटना के बाद दलित समाज के लोग दूल्हे को लेकर हटा थाने पहुंचे। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ एससी-एसटी एक्ट सहित अन्य धाराओं में मामला दर्ज किया है। गांव में पुलिस बल तैनात कर दिया गया है। दूल्हे की पहचान गोलू अहिरवार (23) पुत्र भागीरथ अहिरवार के रूप में हुई है। मेडिकल जांच (MLC) कराने के बाद दूल्हा और बाराती बक्सवाहा के लिए रवाना हो गए। बारात छतरपुर जिले के बमोरी बक्सवाहा बूढ़ी सेमरा जानी थी। दूल्हे गोलू ने बताया कि मंगलवार शाम करीब पांच बजे जब उसकी रछवाई दिवाले के सामने से गुजर रही थी, तभी गुड्डू सिंह, कृष्णा, हाकम और पलटू ने उसे घोड़े से नीचे उतारकर मारपीट की। इस दौरान उसकी बहन मनीषा के साथ भी मारपीट की गई। दूल्हे की मां बोली- ग्रामीणों ने रछवाई निकालने से मना किया दूल्हे की मां विद्या अहिरवार ने बताया कि उनके बेटे की रछवाई घोड़े पर निकल रही थी। तभी गांव के लोधी समाज के लोगों ने उनके बेटे को रछवाई निकालने से मना किया। जब परिवार के लोगों ने कहा कि आज उसकी बरात जानी है। तब आरोपियों ने लड़के को घोड़े से नीचे उतारा और उसके साथ मारपीट की। बहन को भी पीटा उनका बेटा दिव्यांग है, इसके बावजूद भी आरोपियों ने बेटे को मारा। उनकी बेटी मनीषा ने बीच बचाव किया तो उसके साथ भी मारपीट की गई और उसके सोने के कुछ जेवर भी मारपीट के दौरान गायब हो गए। हटा थाना प्रभारी सुधीर बेगी ने बताया की बिजोरी पाठक गांव में गोलू अहिरवार की बारात जाने के पहले रछवाई निकाली जा रही थी। इस मामले में पीड़ित गरीबा अहिरवार ने थाने में आकर रिपोर्ट दर्ज कराई है कि भतीजे गोलू की बारात जाने के पहले गांव में रछवाई निकल रही थी। उनका भतीजा घोड़े पर बैठा था जैसे ही वह लोग दिवाले के पास पहुंचे। तभी वहां विश्वनाथ लोधी, बिच्छू लोधी, पलटू और अन्य लोग पहुंच गए। उन्होंने लड़के को घोड़े से नीचे उतरने के लिए कहा। जब दूल्हे के परिजन ने ऐसा करने से मना किया तो दूल्हे के साथ मारपीट कर दी और नीचे पटक दिया। थाना प्रभारी ने बताया कि आरोपियों पर विभिन्न धाराओं में केस दर्ज किया गया है और गांव में पुलिस भेज दी गई है। ताकि विवाह की रस्म शांति से संपन्न हो सके। पहले भी हुआ विवाद बताया गया है कि इसके पहले भी गांव में इसी प्रकार का कुछ विवाद पहले भी हो चुका है। उस समय भीम आर्मी ने थाने में आवेदन देकर दलित समाज के दूल्हे की रक्षवाई के लिए पुलिस सुरक्षा मांगी थी। हालांकि उस समय कोई विवाद नहीं हुआ था।

राजगढ़ में हत्या-लूट केस में 3 को उम्रकैद:द्वितीय अपर सत्र न्यायालय ने सुनाया फैसला; पैर काटकर ले गए थे चांदी के कड़े

राजगढ़ में हत्या-लूट केस में 3 को उम्रकैद:द्वितीय अपर सत्र न्यायालय ने सुनाया फैसला; पैर काटकर ले गए थे चांदी के कड़े

राजगढ़ जिले में हत्या और लूट के मामले में द्वितीय अपर सत्र न्यायाधीश सुरेश कुमार शर्मा की अदालत ने कमल, दिनेश और ख्वाजू को दोषी करार देते हुए धारा 302 के तहत सश्रम आजीवन कारावास की सजा सुनाई। तीनों आरोपियों को लूट के मामले में 7 वर्ष और साक्ष्य मिटाने के लिए 3 वर्ष का कारावास दिया गया। वहीं ख्वाजू को आर्म्स एक्ट के तहत अतिरिक्त 2 वर्ष की सजा सुनाई गई। सभी पर 10 हजार रुपए का अर्थदंड भी लगाया गया। 2022 में खंती में मिला था महिला का शव यह मामला 25 फरवरी 2022 का है, जब भोजपुर थाना क्षेत्र के मल्हारपुरा–माचलपुर मार्ग पर एक खंती में शैतानबाई उर्फ शांतिबाई का शव मिला था। मृतका के पैर कटे थे और गले पर धारदार हथियार से वार के निशान थे। मृतका के पुत्र ने पहचान की और बताया कि उसकी मां के पैरों में पहने चांदी के कड़े गायब थे। इससे लूट की पुष्टि हुई। पुलिस ने घटनास्थल से खून सनी मिट्टी, चप्पल और अन्य साक्ष्य जब्त किए। पूछताछ के बाद आरोपियों की निशानदेही पर पिकअप वाहन से चांदी का कड़ा, धारदार छुरा और अन्य सामान बरामद किया गया, जिसने केस को मजबूत आधार दिया। डीएनए रिपोर्ट और ‘लास्ट सीन’ बने अहम कड़ी मृतका के शरीर से मिले बालों का डीएनए आरोपियों से मैच हुआ। साथ ही मृतका को आखिरी बार आरोपियों के साथ देखे जाने की कड़ी ने मामले को और मजबूत किया। इस मामले में कोई प्रत्यक्षदर्शी नहीं था, लेकिन अभियोजन ने परिस्थितिजन्य साक्ष्यों की मजबूत श्रृंखला पेश की। कोर्ट में 11 गवाहों के बयान दर्ज किए गए। कोर्ट बोली- साक्ष्यों की कड़ी पूरी तरह साबित अदालत ने माना कि सभी साक्ष्य एक-दूसरे से जुड़े हैं और कोई कड़ी टूटी नहीं है। इसी आधार पर तीनों को दोषी ठहराया गया। जिले में इस तरह के जघन्य अपराध में यह पहली बार है जब आरोपियों को इतनी सख्त सजा मिली है। फैसले को न्याय व्यवस्था की मजबूत मिसाल माना जा रहा है।

700 किमी दूर से पति को ढूंढने सतना पहुंची पत्नी:नजीराबाद में पति से बीच सड़क पर हुआ विवाद, वीडियो आया सामने

700 किमी दूर से पति को ढूंढने सतना पहुंची पत्नी:नजीराबाद में पति से बीच सड़क पर हुआ विवाद, वीडियो आया सामने

सतना के सिटी कोतवाली थाना क्षेत्र के नजीराबाद इलाके में मंगलवार को पति-पत्नी के बीच जमकर विवाद हुआ। सड़क पर हुई इस झड़प का वीडियो भी सामने आया है, जिसमें दोनों के बीच बहस और मारपीट देखी जा सकती है। पीड़िता अमरीन खान नागपुर से करीब 700 किलोमीटर का सफर तय कर अपने पति आदिल खान को ढूंढते हुए सतना पहुंची। महिला ने पति और सास-ससुर पर गंभीर आरोप लगाए हैं। महिला का आरोप है कि उसका पति पिछले चार महीनों से उसे छोड़कर सतना में एक अन्य महिला के साथ रह रहा है। साथ ही परिवार वाले उस पर जबरन तलाक देने का दबाव बना रहे हैं, ताकि दूसरी शादी कराई जा सके। मुलाकात होते ही विवाद बढ़ा, मारपीट में बदला मंगलवार दोपहर जब अमरीन अपने पति के ठिकाने पर पहुंची, तो दोनों के बीच तीखी बहस शुरू हो गई, जो जल्द ही मारपीट में बदल गई। इस दौरान महिला को मामूली चोटें आई हैं। स्थानीय लोगों की सूचना पर सिटी कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंची और हालात को नियंत्रित किया। पुलिस ने आरोपी पति को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, महिला की शिकायत पर मामला दर्ज कर दोनों पक्षों के बयान लिए जा रहे हैं। जांच के बाद आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

थाईलैंड में भारतीय टूरिस्ट पर नस्लभेदी कमेंट:रेस्टोरेंट स्टाफ बोली- इंडिया वेरी बैड; पुलिस बुलाने पर मैनेजर ने माफी मांगी

थाईलैंड में भारतीय टूरिस्ट पर नस्लभेदी कमेंट:रेस्टोरेंट स्टाफ बोली- इंडिया वेरी बैड; पुलिस बुलाने पर मैनेजर ने माफी मांगी

थाईलैंड के आओ नांग शहर में एक भारतीय टूरिस्ट और ट्रैवल व्लॉगर सूमो को नस्लभेदी कमेंट का सामना करना पड़ा। उन्होंने एक वीडियो शेयर किया है, जिसमें एक रेस्टोरेंट की महिला स्टाफ उनसे “इंडिया वेरी बैड” कहते नजर आ रही है। व्लॉगर के मुताबिक, यह घटना तब हुई जब वह नाश्ता करने गए थे। बिल में हल्की गड़बड़ी हुई, जिसके बाद अनुवाद के लिए महिला को बुलाया गया। जैसे ही उन्होंने अपनी राष्ट्रीयता भारत बताई, माहौल बदल गया और उन पर आरोप लगाए गए कि भारतीय पैसे नहीं देना चाहते। इसके बाद भारतीय टूरिस्ट ने पुलिस बुलाई। पुलिस के आने पर रेस्टोरेंट के मैनेजर ने माफी मांगी। व्लॉगर बोला- थाईलैंड में पहली बार ऐसा व्यवहार हुआ व्लॉगर सूमो ने बताया कि विवाद पैसे को लेकर नहीं था, क्योंकि रकम सिर्फ 120 थाई बात यानी करीब 349 रुपए थी। व्लॉगर ने वीडियो में कहा कि यह पहली बार था जब उन्हें थाईलैंड में ऐसे व्यवहार का सामना करना पड़ा। वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। इसके बाद व्लॉगर ने संदर्भ देने के लिए एक और वीडियो जारी किया। इसमें उन्होंने कहा कि कई लोग मान लेते हैं कि ऐसी स्थिति में गलती टूरिस्ट की ही होती है, लेकिन इस बार ऐसा नहीं था। व्लॉगर ने बताया कि उन्हें बहस करने के बजाय टूरिस्ट पुलिस को बुलाना बेहतर लगा। पुलिस ने उनकी बात समझी और रेस्टोरेंट के मैनेजर ने उनसे माफी मांगी। इस घटना पर बात करते हुए उन्होंने कहा कि किसी भी समुदाय को लेकर एक जैसी सोच बनाना गलत है। भारत में भी लोगों के मन में कुछ गलत धारणाएं होती हैं, लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि ऐसी सोच सही है। लोगों ने सोशल मीडिया पर व्लॉगर का समर्थन किया सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल होने के बाद कुछ लोगों ने व्लॉगर का समर्थन किया। उन्होंने इस घटना को दुर्भाग्यपूर्ण बताया। वहीं कुछ यूजर्स ने सवाल उठाए कि इसके पीछे पूरी कहानी क्या है। इस पर प्रतिक्रिया देते हुए व्लॉगर ने कहा कि उन्हें सबसे ज्यादा निराशा इस बात से हुई कि कुछ भारतीय ही कमेंट में अपने लोगों के खिलाफ बोल रहे थे। उन्होंने लोगों से अपील की कि जहां भी नस्लभेद दिखे, उसके खिलाफ आवाज उठानी चाहिए। भारतीयों के साथ विदेश में पहले भी हुए हैं ऐसे विवाद भारतीय टूरिस्टों के साथ विदेश में भेदभाव या खराब व्यवहार की घटनाएं नई नहीं हैं। पिछले कुछ सालों में अलग-अलग देशों से ऐसे कई मामले सामने आए हैं जिनमें या तो नस्लभेदी कमेंट किए गए। 2023 में इंडोनेशिया के बाली में कुछ भारतीय टूरिस्टों पर स्थानीय नियम तोड़ने और सार्वजनिक जगहों पर अनुशासनहीनता के आरोप लगे थे। इस बयान के बाद सोशल मीडिया पर भारतीयों को लेकर कई नकारात्मक टिप्पणियां देखने को मिलीं। इसी तरह 2022 में दुबई के एक रेस्टोरेंट में भारतीय ग्राहकों को सर्विस देने से मना करने का मामला सामने आया था। आरोप था कि स्टाफ ने कहा कि “भारतीय ज्यादा मोलभाव करते हैं और टिप नहीं देते।” यह मामला वायरल हुआ तो रेस्टोरेंट मैनेजमेंट को सफाई देनी पड़ी। ————————————- ये खबर भी पढ़ें… ट्रम्प 2.0 में भारतवंशियों के खिलाफ हेट क्राइम 91% बढ़ा:H-1B वीजा पर धमकियां भी मिल रहीं; मंदिरों पर भी हमले बढ़े अमेरिका में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के दूसरे कार्यकाल में भारतवंशियों के खिलाफ हेट क्राइम के मामले बढ़े हैं। बाइडेन कार्यकाल में दक्षिण एशियाई मूल के लोगों के खिलाफ ऑनलाइन नफरत व हिंसा सीमित रही। अक्टूबर 2024 तक 46,000 ट्रोलिंग और 884 धमकियां दर्ज हुईं। लेकिन ट्रम्प के लौटते ही हालात बिगड़ गए। अक्टूबर 2025 तक ट्रोलिंग बढ़कर 88,000 तक पहुंची, यानी इसमें 91% की वृद्धि दर्ज की गई। पूरी खबर पढ़ें…

विदिशा में गेहूं उपार्जन पर कांग्रेस का प्रदर्शन:रैली निकालकर उठाई किसानों की आवाज; समाधान न होने पर आंदोलन की चेतावनी

विदिशा में गेहूं उपार्जन पर कांग्रेस का प्रदर्शन:रैली निकालकर उठाई किसानों की आवाज; समाधान न होने पर आंदोलन की चेतावनी

विदिशा जिले में गेहूं उपार्जन प्रक्रिया में अनियमितताओं को लेकर जिला कांग्रेस कमेटी ने रैली निकाली और कलेक्ट्रेट पहुंचकर मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा। कांग्रेस नेताओं ने व्यवस्था में तत्काल सुधार की मांग की। जिलाध्यक्ष मोहित रघुवंशी ने आरोप लगाया कि उपार्जन प्रक्रिया में बड़े किसानों के स्लॉट बुक नहीं हो पा रहे हैं, जबकि वे भी KCC के जरिए कर्ज लेकर खेती करते हैं। सैटेलाइट आधारित स्लॉट बुकिंग को उन्होंने जटिल बताया। कांग्रेस ने कहा कि कई केंद्रों पर तुलाई में विसंगतियां हैं। कहीं कम रकबे पर ज्यादा स्लॉट, तो कहीं ज्यादा रकबे पर कम स्लॉट मिल रहे हैं। तुलाई के बाद भुगतान में देरी, बारदाने की कमी और वेयरहाउस में सीमित तुलाई जैसी समस्याएं भी सामने आ रही हैं। क्षमता से कम हो रही खरीदी, किसानों को नुकसान जहां प्रतिदिन 2500-3000 क्विंटल तुलाई होनी चाहिए, वहां केवल 1500 क्विंटल ही हो पा रही है। इससे किसानों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। कांग्रेस नेताओं ने शनिवार की छुट्टी खत्म कर उस दिन भी तुलाई शुरू करने की मांग की, ताकि कम समय में अधिक उपार्जन हो सके। नेताओं ने कहा कि मौसम में बदलाव के कारण खुले में रखा गेहूं खराब होने का खतरा बना हुआ है, जिससे किसानों को और नुकसान हो सकता है। प्रदेश सचिव आनंद प्रताप सिंह ने आरोप लगाया कि सरकार की व्यवस्था ऐसी है, जिससे किसान मजबूरी में अपनी फसल कम दामों पर व्यापारियों को बेचने को विवश हो रहे हैं। कांग्रेस ने चेतावनी दी है कि यदि 25 मई तक समस्याओं का समाधान नहीं हुआ, तो जिले की सभी समितियों पर मुख्यमंत्री का ‘आंख बंद’ पुतला रखकर विरोध प्रदर्शन किया जाएगा।

बैतूल में कचरे से भड़की आग पेड़ों तक पहुंची:कॉलेज चौक पर पेड़ जले, धनोरा में डीपी क्षतिग्रस्त; फायर ब्रिगेड ने पाया काबू

बैतूल में कचरे से भड़की आग पेड़ों तक पहुंची:कॉलेज चौक पर पेड़ जले, धनोरा में डीपी क्षतिग्रस्त; फायर ब्रिगेड ने पाया काबू

मंगलवार को बैतूल के कॉलेज चौक के पास कचरे में लगी आग तेजी से फैलकर पास खड़े पेड़ों तक पहुंच गई। लपटें और धुआं उठते देख इलाके में अफरा-तफरी मच गई। सूचना मिलते ही फायर ब्रिगेड मौके पर पहुंची और काफी प्रयास के बाद आग पर काबू पाया गया, जिससे बड़ा हादसा टल गया। दूसरी घटना धनोरा क्षेत्र में हुई, जहां आग की चपेट में आने से बिजली विभाग की डीपी जल गई। इस दौरान धमाकों की आवाजें सुनाई दीं, जिससे आसपास के लोगों में दहशत फैल गई। गनीमत रही कि ट्रांसफार्मर सुरक्षित रहा और आग पर समय रहते काबू पा लिया गया, जिससे बड़ा नुकसान होने से बच गया। प्रारंभिक जांच में अत्यधिक गर्मी और सूखे कचरे को आग लगने की वजह माना जा रहा है। प्रशासन ने लोगों से खुले में कचरा न जलाने और सावधानी बरतने की अपील की है। 4 तस्वीरों में देखिए आग…

एबीपी ग्राउंड रिपोर्ट: दक्षिण दिनाजपुर में बंद पड़ी लाइब्रेरी बनी बेरोजगारी, शिक्षा संकट पर किससे आम जनता का साथ?

एबीपी ग्राउंड रिपोर्ट: दक्षिण दिनाजपुर में बंद पड़ी लाइब्रेरी बनी बेरोजगारी, शिक्षा संकट पर किससे आम जनता का साथ?

त्वरित पढ़ें दिखाएँ एआई द्वारा उत्पन्न मुख्य बिंदु, न्यूज़ रूम द्वारा सत्यापित शिक्षा, रोजगार की कमी से लोग नाराज, दिशाहीन। पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026: पहले चरण का नामांकन शोर शांत हो चुका है और अब 23 तारीख को पहले चरण का मतदान होना है। पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 की हलचल के बीच, बिजला जिला दक्षिण दिनाजपुर एक अलग तरह की हलचल से गुजर रहा है। यहां ऑक्सफोर्ड शोर के पीछे एक मानवीय संकट गहराता दिख रहा है, पुरानी और पारंपरिक लाइब्रेरी का बंद होना। शिक्षा का यह ढाँचागत ढाँचा धीरे-धीरे ख़त्म होता जा रहा है और स्थानीय लोग इसे सिर्फ तीन साल के लिए नहीं, बल्कि भविष्य के साथ-साथ पढ़ते हुए मान रहे हैं। बालुराघाट से लेकर हिली तक का रास्ता इस संकट की गवाही देता है। सड़क किनारे लगे कई सरकारी पुस्तकालय अब बंद शटर और जंग किनारे के पीछे स्थित हैं। कभी जहां छात्र-छात्रा स्कायर में डूबे रहते थे, वहीं अब छात्रा पसरा है। एक स्थानीय यात्री छात्र हैं, ‘यह लाइब्रेरी सालभर बंद रहती है। पहले हम ‘नोटबुक’ लेकर अध्ययन करते थे।’ वहीं एक युवा छात्र ने कहा, ‘मुझे तो पता ही नहीं था कि यह लाइब्रेरी है।’ यह सिर्फ एक या दो जगह की कहानी नहीं है. जिले भर में 57 पुस्तकालयों में से अधिकांश या तो बंद हैं या बेहद खराब स्थिति में चल रहे हैं। स्थानीय सामाजिक कार्यकर्ता सूरज दास कर्मचारी हैं, ‘पिछले 10-15 वर्षों से पुस्तकालय बंद होने का डर था। अब हालात ये हैं कि लाइब्रेरी में करीब 90 प्रतिशत स्टाफ की भारी कमी है। कई जगह प्रोटोटाइप कर्मचारी ही काम कर रहे हैं।’ शिक्षा से गहरा संकट स्थानीय शिक्षण वर्ग का मानना ​​है कि यह केवल वास्तुशिल्प का विनाश नहीं है, बल्कि सामाजिक-सांस्कृतिक पतन की शुरुआत है। यह लाइब्रेरी कभी सिर्फ कथावाचक का केंद्र नहीं रही, यह संवाद, विचार और समाज के निर्माण की जगह थी। अब उनका समापन एक पूरी पीढ़ी के उत्कृष्ट विकास पर प्रभाव डाल सकता है। दक्षिण दिनाजपुर जैसे पुरातात्विक जिले में, जहां पहले से ही पुस्तकालय की कमी है, वहां पुस्तकालय का महत्व और विकास हो रहा है, लेकिन स्थिर असमानताओं में यह पुरातात्विक संरचना ही दम तोड़ती नजर आ रही है। यह भी पढ़ें: तमिलनाडु विधानसभा चुनाव 2026: पीएम मोदी पर बड़ा बयान, फिर दी सफाई, भड़की बीजेपी बोली- मांगो मार्जिन झील क्षेत्र: प्रतिस्पर्धी प्रतिस्पर्धा, कई परतें राजनीतिक रूप से यह जिला इस बार बेहद दिलचस्प ग्राहकों का गवाह है। मुख्य लड़ाई कैथोलिक कांग्रेस और भाजपा के बीच मनी जा रही है, लेकिन कांग्रेस और वाम दल भी अपना खोया आधार वापस पाने की कोशिश में हैं। 2021 विधानसभा चुनाव में कुल 6 मंजिलों में से 3 मंजिलें और 3 मंजिलें भाजपा में शामिल हुईं। कश्मीरी ने कुशमंडी, कुमारगंज और हरिरामपुर पर कब्जा कर लिया, जबकि बीजेपी ने बालुरघाट, तपन और गंगारामपुर पर कब्जा कर लिया। 2024 के चुनाव में दोनों दल अपने-अपने गढ़ से बाहर निकलने में सफल रहे, लेकिन इस बार अलग-अलग दिख रहे हैं। बीजेपी का हमला: ‘पूरी तरह विफल सरकार’ जिले के भाजपा अध्यक्ष सुरजीत चौधरी का सरकार पर आरोप है कि स्वास्थ्य सेवाओं की हालत खराब है, राजमार्ग परियोजना भूमि अधिग्रहण के कारण रुकी हुई है और शिक्षा व्यवस्था खराब हो रही है। दक्षिण दिनाजपुर में वर्जिन पूरी तरह से विफल रही है। लाइब्रेरी की समस्या खुद बताएं कि सरकार की प्राथमिकताएं क्या हैं। बीजेपी का दावा है कि वह 2021 और 2024 के गठबंधन में इस बार बेहतर प्रदर्शन करेगी और जिलों में अपनी पकड़ मजबूत बनाएगी। यह भी पढ़ें: ‘बंगाल-तमिलनाडु’ में ‘प्रमोशन का शोर’, अब 23 अप्रैल को अचानक आया फैसला वैज्ञानिक का उत्तर: ‘राजनीतिक सिद्धांत’ वैश्विक इस मुद्दे को स्वीकार तो किया जाता है, लेकिन इसे चुनावी हथियार के रूप में पेश किये जाने का विरोध किया जाता है। बालुराघाट से प्रत्याशित अल्पास्था घोषा को सभी लोगों द्वारा नामांकित किया जाता है, लेकिन इसे दूर करने के लिए भविष्य में कदम रखा जाएगा। उन्होंने कहा, ‘भाजपा जब से बंगाल में दूसरे स्थान पर है, वह यहां की मजबूती की कोशिश कर रही है। ये खतरनाक है. बालुराघाट की अपनी एक पहचान थी, जो अब बदल रही है।’ निर्भय घोष का दावा है कि जातीय विभाजन और बाहरी हस्तक्षेप जैसे सामाजिक आंदोलन को लेकर जनता में असंतोष है, जो भाजपा के खिलाफ हो सकता है। जमीनी हकीकत: नामांकित है, लेकिन दिशा अज्ञात है जमीनी स्तर पर बात करने पर साफ होता है कि लोगों में पेपर-पिलिटरी शिक्षा, रोजगार और फुटपाथ-बिस्तरों को लेकर आती है, लेकिन यह पेपर किस राजनीतिक दिशा में जाएगा, यह अभी स्पष्ट नहीं है। एक कॉलेज के छात्र कहते हैं, ‘हमें लाइब्रेरी चाहिए, नौकरी चाहिए। नेता आते हैं, वादे करते हैं, लेकिन कुछ नहीं बदलते।’ एक स्थानीय व्यापारी का कहना है, ‘यहां निवेश नहीं हो रहा है।’ युवा बाहर जा रहे हैं. चुनाव में हम उसी को वोट देंगे जो कुछ ठोस होगा.’ दक्षिण दिनाजपुर का बड़ा सवाल दक्षिण दिनाजपुर में इस बार का चुनाव सिर्फ नामांकन की लड़ाई नहीं है। यह विकास मॉडल, शिक्षा व्यवस्था और सामाजिक वर्गीकरण की दिशा तय करने वाला चुनाव बनाया जा रहा है। पश्चिम बंगाल के दक्षिण दिनाजपुर जिले में कुल छह विधानसभा क्षेत्र आते हैं और ये सभी बालुरघाट भी आंध्र प्रदेश में आते हैं। इनमें कुशमंडी (एससी), कुमारगंज, बालूरघाट, तपन (एसटी), गंगारामपुर (एससी) और हरिरामपुर शामिल हैं। ये सभी क्षेत्रीय क्षेत्र आगामी 2026 के पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के लिए अहम माने जा रहे हैं। (रिपोर्टः दीपक घोष) यह भी पढ़ें: एक्सक्लूसिव: ‘भ्रष्ट है टीएमसी, सुरक्षित नहीं है बंगाल’, ममता के नारे पर शिक्षा मंत्री, प्रधान मंत्री ने बताया बीजेपी के लिए क्या है मुद्दा

कांग्रेस का पीएम के खिलाफ विशेषाधिकार हनन का नोटिस:आरोप- राष्ट्र के नाम संबोधन में विपक्षी सांसदों के वोट पर सवाल उठाए, कार्रवाई की मांग

कांग्रेस ने पीएम के खिलाफ विशेषाधिकार हनन नोटिस का दिया:लोकसभा स्पीकर को लिखा लेटर; कहा- सांसदों के वोट पर टिप्पणी नियमों के खिलाफ

कांग्रेस ने पीएम नरेंद्र मोदी के खिलाफ लोकसभा में विशेषाधिकार हनन का नोटिस दिया है। पार्टी महासचिव केसी वेणुगोपाल ने मंगलवार को लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला को लेटर लिखकर कहा कि पीएम ने ‘राष्ट्र के नाम संबोधन’ में विपक्षी सांसदों के वोट और उनके इरादों पर सवाल उठाए थे। यह नियमों के खिलाफ है। वेणुगोपाल ने लिखा कि पीएम ने करीब 29 मिनट के संबोधन में विपक्षी दलों पर महिला आरक्षण बिल रोकने का आरोप लगाया। सांसदों के वोटिंग पैटर्न पर सवाल उठाए। उनके फैसलों के पीछे की मंशा पर भी टिप्पणी की। कांग्रेस सांसद ने मांग की है कि इस मामले को लोकसभा की विशेषाधिकार समिति को भेजा जाए और प्रधानमंत्री के खिलाफ कार्रवाई शुरू की जाए। स्पीकर को लिखे लेटर की चार मुख्य बातें… जयराम रमेश बोले- पीएम ने कांग्रेस पर 59 बार टारगेट किया कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने कहा कि प्रधानमंत्री का राष्ट्र के नाम संबोधन आमतौर पर देश को जोड़ने और भरोसा बढ़ाने के लिए होता है। इस बार संबोधन में खुलकर राजनीतिक बात हुई। कांग्रेस पर 59 बार निशाना साधा गया। इसे प्रधानमंत्री के रिकॉर्ड पर एक और दाग माना जाएगा। PM ने कहा था- विपक्ष ने आधी आबादी का अधिकार छीना, उन्हें इस पाप की सजा मिलेगी पीएम नरेंद्र मोदी ने 18 अप्रैल को देश को संबोधित किया था। उन्होंने कहा था कि कांग्रेस, टीएमसी, डीएमके जैसे विपक्षी दल इस भ्रूणहत्या के गुनहगार हैं। ये देश के संविधान के अपराधी हैं। नारी शक्ति के अपराधी हैं। जिन लोगों ने आधी आबादी का अधिकार छीना, उन्हें इस पाप की सजा मिलेगी। दरअसल, लोकसभा में 17 अप्रैल को महिला आरक्षण से जुड़ा संविधान (131वां संशोधन) बिल पास नहीं हो सका था। बिल में लोकसभा सीटें 543 से बढ़ाकर 816 करने का प्रस्ताव था। बिल के पक्ष में 298 और विरोध में 230 वोट पड़े, जबकि इसे पास करने के लिए 352 वोटों की जरूरत थी। क्या है विशेषाधिकार हनन? संसद के सांसदों और समितियों को कुछ खास अधिकार दिए जाते हैं, ताकि वे बिना दबाव के अपना काम कर सकें। अगर कोई सांसद या कोई बाहरी व्यक्ति इन अधिकारों में दखल देता है या उन्हें नुकसान पहुंचाता है, तो इसे विशेषाधिकार हनन माना जाता है। ऐसे मामले में कोई भी सांसद सदन में प्रस्ताव ला सकता है और कार्रवाई की मांग कर सकता है। ———————————– ये खबर भी पढ़ें… लोकसभा सीटें बढ़ाने का बिल 54 वोट से गिरा:पास होने के लिए चाहिए थे 352, मिले 298; मोदी सरकार बिल पास कराने में पहली बार नाकाम लोकसभा में सीटें बढ़ाने के लिए लाया गया संविधान का 131वां संशोधन बिल सरकार लोकसभा में पास नहीं करा पाई। इसमें संसद की 543 सीटें बढ़ाकर 850 करने का प्रावधान था। लोकसभा में बिल पर 21 घंटे की चर्चा के बाद वोटिंग हुई। उपस्थित 528 सांसदों ने वोट डाले। पक्ष में 298, विपक्ष में 230 वोट पड़े। पूरी खबर पढ़ें…

कांग्रेस ने पीएम के खिलाफ विशेषाधिकार हनन नोटिस का दिया:लोकसभा स्पीकर को लिखा लेटर; कहा- सांसदों के वोट पर टिप्पणी नियमों के खिलाफ

कांग्रेस ने पीएम के खिलाफ विशेषाधिकार हनन नोटिस का दिया:लोकसभा स्पीकर को लिखा लेटर; कहा- सांसदों के वोट पर टिप्पणी नियमों के खिलाफ

कांग्रेस महासचिव केसी वेणुगोपाल ने पीएम नरेंद्र मोदी के खिलाफ लोकसभा में विशेषाधिकार हनन का नोटिस दिया है। उन्होंने लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला को लेटर लिखकर कहा कि प्रधानमंत्री ने राष्ट्र के नाम संबोधन में विपक्षी सांसदों के वोट और उनके इरादों पर सवाल उठाए, जो नियमों के खिलाफ है। वेणुगोपाल ने अपने पत्र में लिखा कि 17 अप्रैल 2026 को संविधान (131वां संशोधन) विधेयक लोकसभा में पास नहीं हो सका। इसके अगले दिन 18 अप्रैल को प्रधानमंत्री ने टीवी पर देश को संबोधित किया। लेटर के मुताबिक प्रधानमंत्री ने करीब 29 मिनट के संबोधन में विपक्षी दलों पर बिल रोकने का आरोप लगाया। उन्होंने सांसदों के वोटिंग पैटर्न पर सीधे सवाल उठाए और उनके फैसलों के पीछे की मंशा पर भी टिप्पणी की। वेणुगोपाल ने नियम 222 के तहत यह नोटिस दिया है। उन्होंने मांग की है कि इस मामले को लोकसभा की विशेषाधिकार समिति को भेजा जाए और प्रधानमंत्री के खिलाफ कार्रवाई शुरू की जाए। स्पीकर को लिखे लेटर की चार मुख्य बातें… जयराम रमेश बोले- पीएम ने कांग्रेस पर 59 बार टारगेट किया कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने कहा कि प्रधानमंत्री का राष्ट्र के नाम संबोधन आमतौर पर देश को जोड़ने और भरोसा बढ़ाने के लिए होता है। इस बार संबोधन में खुलकर राजनीतिक बात हुई। कांग्रेस पर 59 बार निशाना साधा गया। इसे प्रधानमंत्री के रिकॉर्ड पर एक और दाग माना जाएगा। क्या है विशेषाधिकार हनन? संसद के सांसदों और समितियों को कुछ खास अधिकार दिए जाते हैं, ताकि वे बिना दबाव के अपना काम कर सकें। अगर कोई सांसद या कोई बाहरी व्यक्ति इन अधिकारों में दखल देता है या उन्हें नुकसान पहुंचाता है, तो इसे विशेषाधिकार हनन माना जाता है। ऐसे मामले में कोई भी सांसद सदन में इसके खिलाफ प्रस्ताव ला सकता है और कार्रवाई की मांग कर सकता है। —————