Sunday, 04 Oct 2026 | 10:14 AM

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ग्वालियर में केंद्रीय मंत्री सिंधिया की समीक्षा बैठक:नहीं पहुंचे सांसद भरत सिंह कुशवाहा; सड़कों की हालत पर अधिकारियों को लगाई फटकार

ग्वालियर में केंद्रीय मंत्री सिंधिया की समीक्षा बैठक:नहीं पहुंचे सांसद भरत सिंह कुशवाहा; सड़कों की हालत पर अधिकारियों को लगाई फटकार

केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने ग्वालियर में विकास कार्यों की समीक्षा बैठक की। इस दौरान सांसद भरत सिंह कुशवाहा की अनुपस्थिति चर्चा का विषय रही। कलेक्ट्रेट में आयोजित इस बैठक में सिंधिया ने करोड़ों रुपए के प्रोजेक्ट्स का अवलोकन किया। उन्होंने अधिकारियों को फटकार लगाई और ग्वालियर को विकासशील नगर बनाने पर जोर दिया। बैठक के बाद केंद्रीय मंत्री सिंधिया ने विशेष रूप से ग्वालियर की सड़कों की स्थिति की समीक्षा की। उन्होंने कहा कि सड़कों के लिए एक बड़ी योजना है, जिसमें कुल 294 सड़कों को लाल, पीली और हरी श्रेणियों में वर्गीकृत किया गया था। इन 294 सड़कों में से 109 सड़कें डिफेक्ट लायबिलिटी पीरियड में आती हैं। इनमें से लगभग 53 सड़कें (31 और 22) डिफेक्ट श्रेणी में थीं। यह आंकड़ा 3 अक्टूबर 2025 का था, जिसे अधिकारियों को जांचने के लिए दिया गया था। सिंधिया ने कहा कि 6 अप्रैल 2026 तक, यानी लगभग छह महीने बाद, 31 बदतर सड़कों में से 30 ठीक हो चुकी हैं, जबकि एक सड़क अभी बाकी है। सीवर लाइन डालने से क्षतिग्रस्त हुई 22 सड़कों में से 14 ठीक हो गई हैं और 8 अभी शेष हैं। कुल मिलाकर, 53 डिफेक्टेड सड़कों में से 44 ठीक हो चुकी हैं और केवल 9 सड़कें बची हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह 294 सड़कों की योजना का पहला चरण है। ग्वालियर में सीवर लाइन बनी बड़ी समस्या आखिरी मुद्दा सीवर लाइन का रहा, जो ग्वालियर के लिए बड़ी समस्या बन गई है। इस पर प्रभारी मंत्री और ऊर्जा मंत्री ने निर्णय लिया है कि ऊर्जा मंत्री की अध्यक्षता में सभी वर्तमान और पूर्व जनप्रतिनिधियों, कलेक्टर और कमिश्नर के साथ बैठक कर एक स्पष्ट नीति तय की जाएगी। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री मोहन यादव के नेतृत्व में राज्य सरकार, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार और सभी जनप्रतिनिधि ग्वालियर के विकास और प्रगति के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध हैं। शहर को आने वाले समय में विकासशील, प्रगतिशील और औद्योगिक केंद्र बनाने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। हालांकि, इस दौरान सबसे ज्यादा चर्चा सांसद भरत सिंह कुशवाहा के बैठक में शामिल न होने को लेकर रही, जिसे लेकर सियासी हलकों में तरह-तरह की चर्चाएं होती रहीं।

इंदौर जिला प्रशासन की बड़ी कार्रवाई:टिगरिया बादशाह क्षेत्र में अवैध गोदाम पर छापा, 22 हजार लीटर सॉल्वेंट जब्त

इंदौर जिला प्रशासन की बड़ी कार्रवाई:टिगरिया बादशाह क्षेत्र में अवैध गोदाम पर छापा, 22 हजार लीटर सॉल्वेंट जब्त

इंदौर जिला प्रशासन ने टिगरिया बादशाह क्षेत्र के समीप एक गोदाम पर सोमवार को बड़ी कार्रवाई की है। कलेक्टर शिवम वर्मा के निर्देश पर एसडीएम निधि वर्मा के नेतृत्व में प्रशासनिक टीम ने छापा मारकर भारी मात्रा में बिना लाइसेंस के संग्रहित सॉल्वेंट बरामद किया। कार्रवाई के दौरान गोदाम में करीब 22,000 लीटर डिस्टिल्ड सॉल्वेंट अवैध रूप से रखा पाया गया। इसके अलावा मौके से ऑयल पेंट मिक्सर और पेंट रिमूवर भी मिले। जांच में सामने आया कि गोदाम संचालक के पास इन ज्वलनशील पदार्थों के भंडारण के लिए आवश्यक वैध लाइसेंस नहीं था। सबसे गंभीर बात यह रही कि गोदाम में किसी प्रकार का फायर सेफ्टी सिस्टम मौजूद नहीं था। ऐसे में किसी भी दुर्घटना की स्थिति में आसपास के क्षेत्र में बड़ा हादसा हो सकता था और जनहानि की आशंका बनी हुई थी। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए तहसीलदार नारायण नांदेडा ने मौके पर ही गोदाम को सील करने की कार्रवाई की। इस दौरान तहसीलदार ओंकार मनाग्रे, सहायक खाद्य अधिकारी अविनाश जैन तथा बाणगंगा थाने का पुलिस बल भी मौजूद था। यह गोदाम खातीवाला टैंक निवासी अब्दुल कादिर पिता फखरुद्दीन का है। कलेक्टर ने कहा कि अवैध रूप से ज्वलनशील पदार्थों का भंडारण करने वालों के खिलाफ आगे भी सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।

उमा भारती ने टीकमगढ़ में अतिक्रमण मुहिम का विरोध किया:कहा- गरीबों पर कार्रवाई गलत, पहले अमीरों के कब्जे हटें

उमा भारती ने टीकमगढ़ में अतिक्रमण मुहिम का विरोध किया:कहा- गरीबों पर कार्रवाई गलत, पहले अमीरों के कब्जे हटें

मध्य प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री उमा भारती ने टीकमगढ़ में प्रशासन की अतिक्रमण हटाओ मुहिम पर ऐतराज जताया है। सोमवार रात उन्होंने सिविल लाइन रोड पहुंचकर उन हाथ ठेला और फुटपाथ दुकानदारों से मुलाकात की। उन्होंने दुकानदारों को भरोसा दिलाया कि वे दोबारा अपनी दुकानें लगाएं और अब उन्हें कोई नहीं हटाएगा। अचानक हुई कार्रवाई पर उठाए सवाल उमा भारती पिछले कुछ दिनों से टीकमगढ़ में ही हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि बिना किसी पूर्व सूचना के गरीब दुकानदारों के ठेले जेसीबी से तोड़ दिए गए और उनका सामान तहस-नहस कर दिया गया। उन्होंने कहा कि जब तक वह मौके पर पहुंचीं, तब तक काफी नुकसान किया जा चुका था। तय फैसले के खिलाफ काम करने का आरोप पूर्व मुख्यमंत्री ने बताया कि भाजपा के पार्षद दल ने उन्हें जानकारी दी है कि यह कार्रवाई आपसी सहमति के उलट हुई है। योजना यह थी कि पहले शहर में दो-तीन जगह चुनी जाएंगी, वहां जरूरी सुविधाएं दी जाएंगी और फिर दुकानदारों को चेतावनी देकर शिफ्ट किया जाएगा। लेकिन प्रशासन ने इन सब बातों को दरकिनार कर सीधे गरीबों की रोजी-रोटी पर हमला कर दिया। मुख्यमंत्री और प्रदेश अध्यक्ष को दी जानकारी उमा भारती ने इस पूरी कार्रवाई को शर्मनाक और अमानवीय बताया है। उन्होंने प्रशासन से मांग की है कि पार्षद दल के साथ हुए निर्णय का पालन किया जाए। इस मामले की गंभीरता को देखते हुए उन्होंने मुख्यमंत्री मोहन यादव और भाजपा प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल को भी पूरे घटनाक्रम से अवगत कराया है। चर्चा है कि इस मुद्दे को लेकर उन्होंने भाजपा जिलाध्यक्ष सरोज राजपूत को फटकार भी लगाई है।

रायसेन में शराब ठेकेदारों के कर्मचारियों में वर्चस्व की लड़ाई:भोपाल-सागर हाईवे पर 20 लोग भिड़े, सड़क पर लाठी-डंडे चले; बोलेरो में तोड़फोड़

रायसेन में शराब ठेकेदारों के कर्मचारियों में वर्चस्व की लड़ाई:भोपाल-सागर हाईवे पर 20 लोग भिड़े, सड़क पर लाठी-डंडे चले; बोलेरो में तोड़फोड़

रायसेन के सागर रोड स्थित पठारी में सोमवार शाम दो शराब ठेकेदारों के कर्मचारियों के बीच वर्चस्व की लड़ाई खुलकर सामने आ गई। दोनों पक्षों के बीच जमकर लाठी-डंडे चले और एक बोलेरो वाहन में तोड़फोड़ की गई। घटना का वीडियो भी सामने आया है। जानकारी के अनुसार, रायसेन और नकतरा शराब ठेकेदारों के कर्मचारियों के बीच यह विवाद क्षेत्र में शराब बिक्री को लेकर हुआ। बताया जा रहा है कि नकतरा ठेकेदार के कर्मचारी रायसेन क्षेत्र में शराब बेच रहे थे, जिससे विवाद बढ़ गया। देखते ही देखते दोनों पक्ष आमने-सामने आ गए और मारपीट शुरू हो गई। बोलेरो वाहन को घेरा, तोड़फोड़ की प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, मौके पर 10 से 20 लोग मौजूद थे, जिन्होंने बोलेरो वाहन को घेर लिया और उसमें तोड़फोड़ की। वाहन को पलटाने की भी कोशिश की। बताया जा रहा है कि वाहन के अंदर कुछ कर्मचारी मौजूद थे, जिससे स्थिति और तनावपूर्ण हो गई। घटना के दौरान क्षेत्र में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। स्थानीय लोगों ने पूरे घटनाक्रम का वीडियो बनाया। पुलिस से किसी पक्ष ने नहीं की शिकायत हालांकि, इस मामले में अभी तक दोनों ही पक्षों की ओर से थाना कोतवाली में कोई शिकायत या रिपोर्ट दर्ज नहीं कराई गई है। थाना प्रभारी नरेंद्र गोयल ने बताया कि दोनों ठेकेदारों के कर्मचारियों के बीच विवाद की जानकारी मिली है, लेकिन मामला थाने तक नहीं पहुंचा है और न ही किसी पक्ष ने एफआईआर दर्ज कराई है। हालांकि इस विवाद में कुछ लोग घायल भी हुए हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि शराब ठेकेदार कंपनी के कुछ लोग क्षेत्र में दहशत फैलाने का काम कर रहे हैं, जिससे ग्रामीणों में भय का माहौल बना हुआ है।

छिंदवाड़ा में लेनदेन विवाद में कार समेत युवक का अपहरण:घंटों में पुलिस ने छुड़ाया; रस्सियों से कुर्सी पर बंधा मिला पीड़ित, चार आरोपी गिरफ्तार

छिंदवाड़ा में लेनदेन विवाद में कार समेत युवक का अपहरण:घंटों में पुलिस ने छुड़ाया; रस्सियों से कुर्सी पर बंधा मिला पीड़ित, चार आरोपी गिरफ्तार

छिंदवाड़ा जिले के चांदामेटा थाना क्षेत्र अंतर्गत बड़कुही चौकी इलाके में हुए अपहरण के मामले में पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए महज कुछ घंटों में पीड़ित को सकुशल बरामद कर लिया। इस दौरान पुलिस ने आज (सोमवार) चार आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया। घटना 4 अप्रैल 2026 की शाम करीब 7:30 बजे की है। पुलिस को सूचना मिली कि ग्राम इकलहरा टोल के पास इंडेन गैस एजेंसी के सामने कुछ लोगों के बीच विवाद हुआ है। इसी दौरान अज्ञात आरोपी संजू यदुवंशी (38), निवासी सुकरी बस्ती, जुन्नारदेव का उसकी कार (MH02-BT-9104) सहित अपहरण कर ले गए। कमरे में बंधा मिला युवक मामले की गंभीरता को देखते हुए तकनीकी और अन्य माध्यमों से लोकेशन ट्रेस कर पुलिस टीम गुरैया स्थित महावीर कॉलोनी पहुंची, जहां एक मकान के ऊपर कमरे में संजू यदुवंशी को रस्सियों से कुर्सी पर बांधकर रखा गया था। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर युवक को मुक्त कराया। पीड़ित ने पुलिस को बताया कि पुराने पैसों के लेन-देन को लेकर अनुराग गढ़ेवाल और उसके साथियों ने उसका अपहरण किया और बंधक बना लिया था। 4 आरोपी गिरफ्तार, अन्य की तलाश जारी दो कार समेत अन्य सामान जब्त पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से घटना में प्रयुक्त बलेनो कार (MP-50-CA-1801), पीड़ित की कार, एक प्लास्टिक कुर्सी और दो नायलॉन रस्सियां जब्त की हैं। कार्रवाई में थाना प्रभारी खेलचंद पटले, चौकी प्रभारी अक्रजय धुर्वे सहित चांदामेटा थाना स्टाफ और साइबर सेल की टीम की महत्वपूर्ण भूमिका रही।

14 साल की किशोरी का शव फंदे पर लटका मिला:छतरपुर में साड़ी से बनाया फंदा, पिता बाड़े में कर रहे थे काम, घर पर अकेली थी

14 साल की किशोरी का शव फंदे पर लटका मिला:छतरपुर में साड़ी से बनाया फंदा, पिता बाड़े में कर रहे थे काम, घर पर अकेली थी

छतरपुर जिले के हरपालपुर थाना क्षेत्र के परेथा गांव में एक 14 वर्षीय किशोरी का शव फंदे पर लटका मिला। किशोरी का नाम नम्रता रैकवार (14) पुत्री सुनील रैकवार है। पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, सोमवार सुबह नम्रता के पिता सुनील रैकवार अपने बाड़े में थे। इसी दौरान गांव के एक व्यक्ति ने उन्हें सूचना दी कि उनकी बेटी ने घर के अंदर फांसी लगा ली है। साड़ी के फंदे पर लटका मिला शव सूचना मिलते ही परिजन मौके पर पहुंचे और घटना की जानकारी हरपालपुर थाना पुलिस को दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने कमरे में साड़ी के फंदे से लटके शव को नीचे उतरवाया। शव को पोस्टमार्टम के लिए नौगांव सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र भेज दिया गया है। पुलिस ने मर्ग कायम कर मौत के कारणों की जांच शुरू कर दी है। फिलहाल यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि किशोरी ने यह कदम किन परिस्थितियों में उठाया। पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट और विस्तृत जांच के बाद ही मामले के कारणों का खुलासा हो सकेगा।

इंदौर में फायर सेफ्टी में कमी पर इमारतें होंगी सील:लापरवाही पर अधिकारियों पर जुर्माना, नोटिस जारी; कलेक्टर की समीक्षा बैठक में एक्शन

इंदौर में फायर सेफ्टी में कमी पर इमारतें होंगी सील:लापरवाही पर अधिकारियों पर जुर्माना, नोटिस जारी; कलेक्टर की समीक्षा बैठक में एक्शन

इंदौर कलेक्टर शिवम वर्मा की अध्यक्षता में सोमवार को आयोजित समय-सीमा (टीएल) बैठक में सीएम हेल्पलाइन, राजस्व प्रकरणों और शहरी व्यवस्थाओं की समीक्षा की गई। बैठक में फायर सेफ्टी, ट्रैफिक प्रबंधन, बेसमेंट पार्किंग, नागरिक सुविधाएं और शिक्षा व्यवस्था को लेकर सख्त निर्देश जारी किए गए। कलेक्टर ने स्पष्ट कहा कि शहर की जी+3 व्यावसायिक इमारतों, जहां अधिक भीड़ रहती है, वहां अनिवार्य रूप से फायर सेफ्टी सिस्टम, उपकरण और नियमित मॉक ड्रिल होना चाहिए। इस संबंध में पूर्व में जारी सार्वजनिक सूचना के तहत 15 दिन की समय-सीमा लगभग पूरी हो चुकी है। निरीक्षण में कमी पाए जाने पर संबंधित इमारतों को सील किया जाएगा और बिल्डिंग बायलॉज के तहत दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन द्वारा लगातार निरीक्षण, नोटिस और फायर ड्रिल आयोजित की जा रही हैं। कलेक्टर ने सीएम हेल्पलाइन के लंबित पांच प्रकरणों के आवेदकों को सीधे बुलाकर उनकी समस्याएं सुनीं और अधिकारियों को त्वरित निराकरण के निर्देश दिए। लापरवाही पाए जाने पर नगर निगम अधिकारी वसीम खान पर 5 हजार रुपए, सब इंजीनियर सिद्धार्थ बरावलिया पर 5 हजार रुपए और देपालपुर-बेटमा की मुख्य नगर पालिका अधिकारी रंजना गोयल पर 10 हजार रुपए का अर्थदंड लगाया गया। निगम अधिकारी मोहित पवार को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया। हातोद क्षेत्र के सीमांकन प्रकरण में गंभीर लापरवाही पर संबंधित अधिकारियों को नोटिस जारी कर जांच की जिम्मेदारी अपर कलेक्टर नवजीवन पवार को सौंपी गई है।

भाजपा 47 पर: 2 संसदीय सीटों से पूर्ण राजनीतिक प्रभुत्व और ‘विश्व की सबसे बड़ी पार्टी’ की स्थिति तक | राजनीति समाचार

Kolkata Knight Riders vs Punjab Kings Live Score: IPL 2026 Match Today Updates From Eden Gardens Kolkata(AP Photo)

आखरी अपडेट:06 अप्रैल, 2026, 20:22 IST आज, भाजपा अपने इतिहास को “संघर्ष से सेवा” में परिवर्तन के रूप में प्रस्तुत करती है, जिसका लक्ष्य 2047 तक भारत को एक पूर्ण विकसित राष्ट्र – ‘विकसित भारत’ में बदलना है। 47वें स्थापना दिवस पर एक संदेश में, पीएम नरेंद्र मोदी ने कहा कि भाजपा की वृद्धि उसके ‘कार्यकर्ताओं’ के समर्पण का प्रमाण है। (छवि: पीटीआई) सोमवार को अपना 47वां स्थापना दिवस मनाने वाली भारतीय जनता पार्टी के लिए यह हाशिए से अभूतपूर्व प्रभुत्व तक की यात्रा रही है। इन 47 वर्षों में, भाजपा ने दो संसदीय सीटें जीतने से लेकर दुनिया का सबसे बड़ा राजनीतिक संगठन बनने तक की परिवर्तनकारी यात्रा की है। यह 47वां मील का पत्थर लगभग पांच दशकों के राजनीतिक विकास को दर्शाता है, जो वैचारिक संघर्ष के दौर से प्रमुख राष्ट्रीय शासन की स्थिति तक पहुंच गया है। आज, भाजपा अपने इतिहास को “संघर्ष से सेवा” में परिवर्तन के रूप में प्रस्तुत करती है, जिसका लक्ष्य 2047 तक भारत को एक पूर्ण विकसित राष्ट्र – ‘विकसित भारत’ में बदलना है। यहां इसकी 47 साल की यात्रा का विवरण दिया गया है: विचारधारा और जनसंघ (1951-1977) भाजपा की वंशावली 1980 में इसकी औपचारिक स्थापना तक ही सीमित नहीं है, क्योंकि इसकी वैचारिक जड़ें 1951 में डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी द्वारा स्थापित भारतीय जनसंघ (बीजेएस) से जुड़ी हैं। जनसंघ का निर्माण सांस्कृतिक राष्ट्रवाद और एकात्म मानववाद के दोहरे स्तंभों पर किया गया था – पंडित दीनदयाल उपाध्याय द्वारा प्रतिपादित। ये दर्शन आज भी पार्टी की पहचान के केंद्र में हैं, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भाजपा को मुखर्जी, उपाध्याय और अटल बिहारी वाजपेयी के लोकतांत्रिक आदर्शों से ओत-प्रोत एक “जीवंत वैचारिक परंपरा” बताया है। इस यात्रा में पहला बड़ा बदलाव आपातकाल (1975-77) के दौरान हुआ, जब कांग्रेस को हराने के लिए जनसंघ का जनता पार्टी में विलय हो गया। यह “जनता हालाँकि, प्रयोग” अल्पकालिक था। “दोहरी सदस्यता” के मुद्दे पर, विशेष रूप से राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के प्रति जनसंघ के पूर्व सदस्यों की निष्ठा पर आंतरिक घर्षण पैदा हुआ। जब जनता पार्टी ने मांग की कि सदस्य पार्टी और आरएसएस के बीच चयन करें, तो पूर्व जनसंघ गुट अलग हो गया, जिसके परिणामस्वरूप 6 अप्रैल, 1980 को भाजपा का आधिकारिक जन्म हुआ और अटल बिहारी वाजपेयी इसके पहले अध्यक्ष बने। ‘कमंडल’ राजनीति का उदय (1980-1996) भाजपा के प्रारंभिक वर्ष महत्वपूर्ण चुनावी चुनौतियों से भरे हुए थे। 1984 में इंदिरा गांधी की हत्या के बाद लोकसभा में यह सिर्फ दो सीटों पर सिमट गई। यह झटका एक महत्वपूर्ण मोड़ साबित हुआ, जिसने अधिक मजबूत वैचारिक रुख की ओर एक रणनीतिक बदलाव को प्रेरित किया। 1980 के दशक के अंत में लालकृष्ण आडवाणी के नेतृत्व में पार्टी ने खुले तौर पर ‘हिंदुत्व’ को अपनाया। 1990 की सोमनाथ से अयोध्या रथ यात्रा ने बड़े पैमाने पर जमीनी स्तर पर लामबंदी के लिए उत्प्रेरक का काम किया, जिससे भाजपा की संसदीय उपस्थिति 1989 में दो सीटों से बढ़कर 85 और उसके बाद 1991 में 120 हो गई। 1996 तक, यह पहली बार सबसे बड़ी एकल पार्टी के रूप में उभरी, हालांकि वाजपेयी की पहली सरकार प्रसिद्ध रूप से केवल 13 दिनों तक चली। वाजपेयी युग (1998-2004) 1990 के दशक के अंत में भाजपा ने राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) के माध्यम से सफल गठबंधन राजनीति की शुरुआत की। इस युग को पोखरण-द्वितीय परमाणु परीक्षण, कारगिल युद्ध में जीत और राष्ट्रीय बुनियादी ढांचे पर महत्वपूर्ण फोकस, विशेष रूप से स्वर्णिम चतुर्भुज परियोजना जैसे मील के पत्थर द्वारा परिभाषित किया गया था। हालाँकि, ‘इंडिया शाइनिंग’ अभियान के बावजूद, पार्टी ने 2004 में सत्ता खो दी और अगला दशक विपक्ष में बिताया – इस अवधि को अक्सर अगले प्रमुख बदलाव से पहले संघर्ष की वापसी के रूप में वर्णित किया जाता है। ‘मोदी लहर’ (2014 से अब तक) 2014 में प्रधान मंत्री के रूप में नरेंद्र मोदी के चुनाव ने भारतीय राजनीतिक परिदृश्य को मौलिक रूप से बदल दिया। भाजपा 30 वर्षों में 282 सीटें हासिल करके अपने दम पर पूर्ण बहुमत हासिल करने वाली पहली पार्टी बन गई – 2019 में उसने 303 सीटों के साथ एक उपलब्धि हासिल की। 2024 तक, पार्टी ने 18वीं लोकसभा में अपना प्रभुत्व जारी रखा। इस अवधि में पार्टी के लंबे समय से चले आ रहे मुख्य वादों को पूरा किया गया है, जिसमें अनुच्छेद 370 को निरस्त करना, वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) का कार्यान्वयन और अयोध्या में राम मंदिर का निर्माण शामिल है। प्रधानमंत्री मोदी ने इस बात पर जोर दिया है कि पार्टी का विकास उसके समर्पण का प्रमाण है कार्यकर्ताओं (श्रमिक)। मोदी ने 47वें स्थापना दिवस के अवसर पर एक संदेश में कहा, “हमारी पार्टी ‘इंडिया फर्स्ट’ के सिद्धांत द्वारा निर्देशित होकर समाज की सेवा करने में हमेशा सबसे आगे रही है।” भाजपा के मूल दर्शन क्या हैं? भाजपा के वर्तमान शासन मॉडल के केंद्र में “का दर्शन” हैअन्त्योदय“- पंक्ति में अंतिम व्यक्ति का उत्थान। 47वें स्थापना दिवस पर अपने संदेश में, आदित्यनाथ ने पार्टी की यात्रा को “संकल्प की पूर्ति” बताया। अन्त्योदय को राष्ट्रोदय (हाशिये पर पड़े लोगों के उत्थान से लेकर राष्ट्र के उत्थान तक)”। वर्तमान नेतृत्व के आंकड़ों ने भी “राष्ट्र पहले, पार्टी उसके बाद, स्वयं अंतिम” के मंत्र को मजबूत किया। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने इस भावना को दोहराते हुए कहा कि भाजपा ने कार्रवाई के माध्यम से अपने संकल्पों का उदाहरण दिया है, चाहे वह सीमाओं को सुरक्षित करने का हो या “भारतीय संस्कृति के ऐतिहासिक सार और महत्वपूर्ण भावना को फिर से जगाने का”। उन्होंने उन लोगों को श्रद्धांजलि अर्पित की जिन्होंने हिंदू ऋषि दधीचि की तरह भाजपा को “विशाल बरगद का पेड़” बनाने के लिए अपना सब कुछ बलिदान कर दिया। ‘विज़न 2047’: संघर्ष से सेवा तक जैसे-जैसे भाजपा भविष्य की ओर देखती है, उद्देश्य ‘विकसित भारत 2047’ की ओर स्थानांतरित हो गया है – भारत को अपनी स्वतंत्रता की शताब्दी तक पूर्ण विकसित राष्ट्र बनाने का लक्ष्य। राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन ने कार्यकर्ताओं से आह्वान किया कि वे इस संकल्प को पूरा करने के लिए पूरे भारत में लोगों को जोड़ें और “छूटें” कहें भगवा (भगवा) पंचायत से संसद तक”। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि मोदी के नेतृत्व में, पार्टी न

एसएटीआई कॉलेज में 7 माह वेतन न मिलने पर हड़ताल:120 कर्मचारी अनिश्चितकालीन आंदोलन पर, फंड होने के बावजूद भुगतान न होने के आरोप

एसएटीआई कॉलेज में 7 माह वेतन न मिलने पर हड़ताल:120 कर्मचारी अनिश्चितकालीन आंदोलन पर, फंड होने के बावजूद भुगतान न होने के आरोप

विदिशा के एसएटीआई कॉलेज में गंभीर आर्थिक संकट के कारण लगभग 120 शिक्षण और गैर-शिक्षण कर्मचारी अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले गए। कर्मचारियों को पिछले सात महीनों से वेतन नहीं मिला है, जिससे कॉलेज की शैक्षणिक और प्रशासनिक व्यवस्थाएं प्रभावित हो रही हैं। कर्मचारियों का कहना है कि लंबे समय से वेतन न मिलने के कारण उन्हें गंभीर आर्थिक संकट का सामना करना पड़ रहा है। बच्चों की फीस, बैंक ऋण की किश्तें और दैनिक खर्च चलाना मुश्किल हो गया है। उन्होंने कई बार अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों को आवेदन और ज्ञापन दिए हैं, लेकिन अब तक कोई ठोस समाधान नहीं निकला है। कर्मचारियों ने आरोप लगाया है कि कॉलेज के पास पर्याप्त फंड होने के बावजूद वेतन का भुगतान नहीं किया जा रहा है। उनका कहना है कि संस्था को करोड़ों रुपए का अनुदान और विद्यार्थियों से फीस के रूप में अच्छी-खासी राशि प्राप्त होती है, लेकिन प्रबंधन भवन निर्माण कार्यों को प्राथमिकता दे रहा है, जबकि कर्मचारियों को उनका हक नहीं मिल रहा। जब तक वेतन नहीं, तब तक आंदोलन का ऐलान एसएटीआई कॉलेज 1956 में स्थापित एक प्रतिष्ठित संस्था है, जिसे सिंधिया रियासत ने शुरू किया था और वर्तमान में यह शासन द्वारा वित्तपोषित है। कर्मचारियों के अनुसार, पिछले एक वर्ष से अनुदान की राशि नहीं मिलने से स्थिति बिगड़ती चली गई, जिसके परिणामस्वरूप उन्हें सात महीने से वेतन नहीं मिल पाया है। हड़ताल पर बैठे कर्मचारियों ने स्पष्ट किया है कि जब तक उन्हें पूरा बकाया वेतन नहीं मिल जाता, तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा। उन्होंने अपनी समस्याओं को लेकर जनप्रतिनिधियों से मुलाकात की और पत्राचार भी किया, लेकिन कोई समाधान नहीं निकला। कर्मचारियों ने बताया कि वे कल (मंगलवार) जनसुनवाई में पहुंचकर अपनी समस्या प्रशासन के सामने रखेंगे।

सीधी के सम्राट चौक पर कांग्रेस का प्रदर्शन:पूर्व मंत्री पटेल के नेतृत्व में महंगाई-बेरोजगारी और किसानों के मुद्दों को लेकर दिया धरना

सीधी के सम्राट चौक पर कांग्रेस का प्रदर्शन:पूर्व मंत्री पटेल के नेतृत्व में महंगाई-बेरोजगारी और किसानों के मुद्दों को लेकर दिया धरना

सीधी जिला मुख्यालय के सम्राट चौक पर सोमवार को कांग्रेस पार्टी ने जनहित के मुद्दों को लेकर धरना प्रदर्शन किया। कांग्रेस वर्किंग कमेटी के सदस्य कमलेश्वर पटेल और जिला अध्यक्ष ज्ञान सिंह के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। प्रदर्शन के बाद कलेक्टर को ज्ञापन देकर समस्याओं के समाधान की मांग की गई। रसोई गैस की किल्लत और बिजली बिल पर विरोध इस दौरान पूर्व मंत्री कमलेश्वर पटेल ने कहा कि बाजार में खाद्यान्न होने के बावजूद रसोई गैस की कमी से आम जनता और छोटे व्यापारी परेशान हैं। कांग्रेस नेताओं ने बिजली बिलों में हो रही बेतहाशा बढ़ोतरी और बढ़ती महंगाई को सरकार की विफलता बताया। उन्होंने आरोप लगाया कि इन समस्याओं के कारण आमजन का बजट बिगड़ गया है। गेहूं खरीदी में देरी से बिचौलियों को लाभ धरने के दौरान किसानों का मुद्दा प्रमुखता से उठाया गया। नेताओं ने कहा कि गेहूं खरीदी प्रक्रिया समय पर शुरू नहीं होने से किसान अपनी उपज बिचौलियों को कम दामों पर बेचने को मजबूर हैं। कांग्रेस ने मांग की है कि किसानों को उनकी मेहनत का उचित दाम दिलाने के लिए तत्काल सरकारी खरीदी केंद्र सक्रिय किए जाएं। भारी पुलिस बल तैनात रहा सम्राट चौक पर दोपहर 12 बजे शुरू हुए इस विरोध प्रदर्शन के दौरान सुरक्षा के कड़े इंतजाम रहे। कोतवाली थाना प्रभारी अभिषेक उपाध्याय के नेतृत्व में भारी पुलिस बल तैनात किया गया था। जिला अध्यक्ष ज्ञान सिंह ने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने इन मांगों पर जल्द ठोस कदम नहीं उठाए, तो आगामी दिनों में आंदोलन उग्र किया जाएगा।