पन्ना की सकरिया हवाई पट्टी पर भीषण आग:आग बुझाते समय फायरमैन घायल; साथियों ने पहुंचाया अस्पताल

पन्ना में नेशनल हाईवे 39 स्थित सकरिया हवाई पट्टी के पास सोमवार शाम आग लग गई। आग इतनी विकराल थी कि लपटें और धुएं का गुबार दूर से दिखाई दे रहा था। सूचना मिलने पर नगर पालिका की दमकल टीमें आग बुझाने मौके पर पहुंचीं। आग पर काबू पाने का प्रयास जारी था। इसी दौरान, धाम मोहल्ला निवासी फायरमैन रविंद्र प्रताप सिंह (30) फायर ब्रिगेड की गाड़ी पर चढ़कर आग बुझाने में लगे थे। तभी अचानक एक तेज लपट उठी, जिससे उनका संतुलन बिगड़ गया और वे नीचे गिर गए। साथियों ने पहुंचाया अस्पताल इस हादसे में रविंद्र प्रताप सिंह के दोनों पैरों में गंभीर चोटें आई हैं। उनके साथी जितेंद्र यादव (चालक), प्रमोद रैकवार (फायरमैन) और उत्तम सोनकर (चालक) ने तुरंत कार्रवाई करते हुए घायल रविंद्र को उसी फायर ब्रिगेड वाहन से पन्ना के जिला चिकित्सालय पहुंचाया। रविंद्र प्रताप सिंह, जो स्वर्गीय रणमत सिंह के पुत्र हैं, फिलहाल डॉक्टरों की निगरानी में हैं। समय पर उपचार मिलने से उनकी स्थिति स्थिर बताई जा रही है। आग लगने के कारणों का अभी तक पता नहीं चल पाया है। घटना के बाद शहर में इस हादसे और फायरमैन के प्रयासों की चर्चा हो रही है।
हिमाचल में CAG रिपोर्ट ने खोली वित्तीय गड़बड़ियों की पोल:HPU में अयोग्य टीचर भर्ती, रिसर्च-वर्क घटा; सिस्टम पर उठे गंभीर सवाल

हिमाचल प्रदेश विधानसभा में सोमवार को पेश नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (CAG) की ताजा रिपोर्ट ने राज्य के वित्तीय प्रबंधन, सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन और विभिन्न विभागों की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े किए। रिपोर्ट में फंड के उपयोग में गड़बड़ियां, परियोजनाओं में देरी, राजस्व वसूली में कमी, अव्यवस्थित वित्तीय नियंत्रण और कई विभागों में अनियमितताओं का खुलासा हुआ है। खनन, सिंचाई, आपदा राहत, विश्वविद्यालय और वन विभाग तक फैली इन खामियों ने शासन-प्रशासन की पारदर्शिता और जवाबदेही पर बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है। खास बात यह है कि 2024-25 में खर्च की गई बड़ी धनराशि का पूरा हिसाब स्पष्ट नहीं है। कई विभागों ने यूटिलाइजेशन सर्टिफिकेट समय पर जमा नहीं किए। इसे पारदर्शिता और जवाबदेही के लिहाज से गंभीर चूक माना गया। CAG ने पाया कि कई विभागों ने आवंटित बजट का पूरा उपयोग नहीं किया और कुछ मामलों में बिना स्वीकृति के खर्च किया गया। खरीद प्रक्रिया में पारदर्शिता की कमी और प्रतिस्पर्धी बोली प्रक्रिया का पालन न होने के मामले भी सामने आए हैं। इससे सरकारी खर्च की निष्पक्षता पर सवाल उठे हैं। CAG ने 2024-25 के दौरान सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों (PSUs) की वित्तीय स्थिति पर भी चिंता जताई है। राजस्व विभाग में गड़बड़ी जयराम सरकार में 2019-20 में आपदा फंड में भी गड़बड़ी SDRF और NDRF फंड के उपयोग में भी बड़ी अनियमितताएं सामने आई हैं। 2019-20 में केंद्र सरकार ने ₹61.07 करोड़ रोक लिए थे, क्योंकि राज्य ने SDRF फंड का दुरुपयोग किया था। इसके बावजूद 2019-23 के दौरान भी यह स्थिति जारी रही। रिपोर्ट के अनुसार, ₹254.73 करोड़ की NDRF सहायता जारी ही नहीं हो सकी। क्योंकि राज्य के पास पहले से ही SDRF का बड़ा बैलेंस पड़ा था। इससे राहत कार्यों में 1 से 2 साल तक की देरी हुई। इसके अलावा ₹122.27 करोड़ राशि नियमों के अनुसार निवेश करने के बजाय सेविंग अकाउंट में पड़ी रही, जिससे ब्याज का नुकसान हुआ। कई जगह नियमों के खिलाफ ₹11.76 करोड़ के कार्य कर दिए गए, जैसे सामान्य मरम्मत और नए निर्माण, जो आपदा राहत के दायरे में नहीं आते। आपदा प्रबंधन सिस्टम कमजोर आपदा प्रबंधन सिस्टम भी कमजोर पाया गया। राज्य आपदा योजना अपडेट नहीं हुई, जिला योजनाओं को मंजूरी नहीं मिली और कई जगह आपदा प्रबंधन टीमें बनी ही नहीं। SDRF में स्टाफ की कमी भी सामने आई, जहां 326 पदों में से केवल 193 ही भरे गए। इसके अलावा 9,449 कार्यों (₹172.47 करोड़) का डेटा पोर्टल पर अपडेट नहीं किया गया और बड़ी संख्या में उपयोग प्रमाण पत्र लंबित पाए गए। वन विभाग में अनियमितताएं CAMPA फंड में ₹1.33 करोड़ की संभावित कमी वन विभाग की कार्यप्रणाली पर CAG की रिपोर्ट में सवाल उठे हैं। फॉरेस्ट कंजर्वेशन एक्ट (FCA) के तहत शिमला स्थित नोडल अधिकारी के रिकॉर्ड की जांच में कई अनियमितताएं सामने आई हैं। इसके अलावा एक अन्य मामले में वन भूमि पर मौजूद पौधों को वन घनत्व की गणना में शामिल नहीं किया गया। इस वजह से CAMPA (कंपनसेटरी एफॉरस्टेशन फंड मैनेजमेंट एंड प्लानिंग ऑथोरिटी) फंड के आकलन में कमी की आशंका जताई गई है। इन गड़बड़ियों के कारण करीब ₹1.33 करोड़ की राशि की कम वसूली होने की संभावना है। CAG ने इसे गंभीर वित्तीय अनियमितता मानते हुए वन विभाग की प्रक्रियाओं और आकलन प्रणाली को मजबूत करने की जरूरत बताई है। खनन सेक्टर में बड़ी गड़बड़ियां CAG रिपोर्ट में उद्योग विभाग के तहत खनन सेक्टर की स्थिति भी चिंताजनक बताई गई है। 2018-19 से 2022-23 के दौरान राज्य में 40 हजार से अधिक अवैध खनन के मामले सामने आए, जिनमें अकेले 2022-23 में ही 8,000 से ज्यादा केस दर्ज हुए। खनन विभाग ने 5 साल तक एक्शन प्लान नहीं बनाया ऑडिट में पाया गया कि खनन विभाग ने पांच साल तक वार्षिक कार्ययोजना ही तैयार नहीं की, जिससे निरीक्षण, रॉयल्टी वसूली और परियोजनाओं की निगरानी प्रभावित हुई। राजस्व वसूली में भी खामियां सामने आई हैं। जांच के दौरान 27 खदानों में ₹1.81 करोड़ की रॉयल्टी कम वसूली पाई गई। इसके अलावा, ₹74.81 लाख डेड रेंट और ₹7.27 लाख सरफेस रेंट भी समय पर वसूल नहीं किया गया। जमीनी स्तर पर निगरानी तंत्र बेहद कमजोर पाया गया। कई जिलों में GPS ट्रैकिंग सिस्टम, फ्लाइंग स्क्वॉड और टास्क फोर्स तक नहीं बनाई गई, जिससे अवैध खनन पर प्रभावी नियंत्रण नहीं हो सका।
आलीराजपुर में पत्नी की हत्या करने वाला गिरफ्तार:बेटे को बाइक खरीदने 50 हजार देने पर भड़का, गुजरात से मकान बनाने पैसे लाया था

आलीराजपुर में बखतगढ़ पुलिस ने ग्राम मथवाड़ में पत्नी की हत्या के आरोपी पति को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी खुमानिया को सकरजा रोड के पास स्थित जंगल से पकड़ा गया। यह पूरी वारदात 28 मार्च 2026 की शाम को हुई थी। वारदात की मुख्य वजह पैसों का विवाद था। आरोपी खुमानिया ने गुजरात में मजदूरी कर मकान बनवाने के लिए 50,000 रुपए जमा किए थे। उसकी पत्नी रायलीबाई (45) ने ये पैसे बेटे को मोटरसाइकिल खरीदने के लिए दे दिए थे, जिससे खुमानिया नाराज था। नशे में किया जानलेवा हमला घटना के समय रायलीबाई अपनी बेटियों के साथ घर के बाहर बैठी थीं। तभी खुमानिया शराब के नशे में वहां पहुंचा और पत्नी द्वारा टोकने पर विवाद शुरू हो गया। गुस्से में आकर उसने खाट की लकड़ी उठाई और भागती हुई रायलीबाई के सिर और छाती पर कई वार किए, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई। पुलिस की कार्रवाई मृतका की बेटी रेमा की सूचना पर बखतगढ़ पुलिस ने हत्या का केस (BNS की धारा 103-1) दर्ज किया। पुलिस ने 29 मार्च को आरोपी को जंगल से पकड़ा।
23 देशों में फैला कोविड का नया वेरिएंट सिकाडा, इस पर वैक्सीन भी बेअसर ! क्या आपको भी इसका खतरा?

Last Updated:March 30, 2026, 17:46 IST BA.3.2 Omicron Subvariant: अमेरिका के बाद कोरोना का नया वेरिएंट BA.3.2 कई अन्य देशों तक फैल गया है. अब तक 23 देशों में इस वेरिएंट के मरीज मिले हैं. एक्सपर्ट्स ने इसे सिकाडा नाम दिया है और यह वेरिएंट बेहद तेजी से फैलता है. इसमें 70 से ज्यादा म्यूटेशन पाए गए हैं, जिसकी वजह से यह कोरोना की मौजूदा वैक्सीन को चकमा दे सकता है. कोविड का नया वेरिएंट सिकाडा तेजी से फैल रहा है. New Cicada Variant Symptoms: जब भी कोरोना वायरस खत्म होने की कगार पर होता है, तब कोई नया वेरिएंट फैल जाता है और लोगों को तेजी से अपना शिकार बना देता है. पिछले कुछ सप्ताह से दुनियाभर में कोरोना के ओमिक्रॉन वेरिएंट का नया सब-वेरिएंट BA.3.2 तेजी से फैल रहा है. दक्षिण अफ्रीका में पहली बार पहचान किए जाने के बाद यह वेरिएंट अब तक अमेरिका और यूरोप सहित दुनिया के 23 देशों में पैर पसार चुका है. हेल्थ एक्सपर्ट्स ने इस वेरिएंट को सिकाडा (Cicada) नाम दिया गया है. सिकाडा वेरिएंट की सबसे चौंकाने वाली बात इसमें मौजूद म्यूटेशन की संख्या है. इसमें करीब 70 से 75 म्यूटेशन पाए गए हैं, जो इसे पिछले सभी वेरिएंट्स से ज्यादा संक्रामक बना सकती है. मनीकंट्रोल की रिपोर्ट के मुताबिक सिकाडा वेरिएंट में लगभग 70 से 75 म्यूटेशन देखे गए हैं, जो मुख्य रूप से इसके स्पाइक प्रोटीन में स्थित हैं. वैज्ञानिकों का मानना है कि म्यूटेशन की यह असामान्य संख्या इसे मौजूदा वैक्सीन को चकमा देने में सक्षम बनाती है. अमेरिका के 25 राज्यों में इसके मामले पाए गए हैं और वहां एयरपोर्ट के वेस्ट वॉटर और पैसेंजर्स के सैंपल्स में इसकी पुष्टि हुई है. इतनी अधिक म्यूटेशन दर के कारण ही इसे वेरिएंट अंडर वॉच की कैटेगरी में रखा गया है. राहत की बात यह है कि अभी तक सिकाडा वेरिएंट से संक्रमित होने पर गंभीर कॉम्प्लिकेशन के मामले नहीं देखे जा रहे हैं. अधिकांश मामले हल्के से मध्यम श्रेणी के हैं. अस्पताल में भर्ती होने की दर में भी कोई असामान्य वृद्धि दर्ज नहीं की गई है. सेहत, रिलेशनशिप, लाइफ या धर्म-ज्योतिष से जुड़ी है कोई निजी उलझन तो हमें करें WhatsApp, आपका नाम गोपनीय रखकर देंगे जानकारी. सिकाडा वेरिएंट के लक्षणों की बात करें, तो इसके लक्षण काफी हद तक पिछले ओमिक्रॉन वेरिएंट जैसे ही हैं. इससे संक्रमित व्यक्तियों में मुख्य रूप से गले में खराश, अत्यधिक थकान, बुखार, खांसी और बदन दर्द जैसे लक्षण देखे जा रहे हैं. अधिकतर लोगों को संक्रमित होने पर गले की खराश की समस्या सबसे ज्यादा हो रही है. कुछ रेयर मामलों में रात में पसीना आना, त्वचा पर चकत्ते और स्वाद या गंध का जाना भी रिपोर्ट किया गया है. अगर आपको ऐसे लक्षण महसूस हों, तो तुरंत जांच करानी चाहिए. राहत की बात यह है कि सिकाडा वेरिएंट तेजी से फैल रहा है, लेकिन अभी तक यह दुनिया भर में डोमिनेंट स्ट्रेन नहीं बना है. भारत की बात करें तो फिलहाल घबराने की कोई जरूरत नहीं है. देश में अभी सिकाडा वेरिएंट का कोई मरीज नहीं देखा गया है. हालांकि अंतरराष्ट्रीय ट्रैवलिंग के कारण यह वेरिएंट फैल सकता है. ऐसे में सावधानी बरतना बेहद जरूरी है. एक्सपर्ट्स का कहना है कि भारत की बड़ी आबादी को वैक्सीन लग चुका है, जिससे इससे बचाव में मदद मिल सकती है. अभी भी मौजूदा वैक्सीन गंभीर बीमारी और मौत के जोखिम को कम करने में अत्यधिक प्रभावी हैं. इससे बचने के लिए भीड़भाड़ वाले स्थानों पर जाने से बचें, घर से बाहर जाते वक्त मास्क पहनें, हाथों को बार-बार धोएं और लक्षण दिखने पर जल्द से जल्द जांच कराएं. सतर्क रहकर हम कोरोना के किसी भी नए खतरे को टाल सकते हैं. About the Author अमित उपाध्याय अमित उपाध्याय News18 Hindi की लाइफस्टाइल टीम के अनुभवी पत्रकार हैं, जिनके पास प्रिंट और डिजिटल मीडिया में 9 वर्षों से अधिक का अनुभव है। वे हेल्थ, वेलनेस और लाइफस्टाइल से जुड़ी रिसर्च-बेस्ड और डॉक्टर्स के इंटरव्…और पढ़ें First Published : March 30, 2026, 17:46 IST
अंगोला से गैस खरीदने की तैयारी में भारतीय कंपनियां:सरकारी स्तर पर भी बातचीत जारी, होर्मुज संकट की वजह से भारत नए ऑप्शन तलाश रहा

भारत में गैस की कमी की वजह से सरकारी तेल और गैस कंपनियां अब नए देशों से सप्लाई का ऑप्शन तलाश रही हैं। इसी कड़ी में इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन, भारत पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड, हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड और गेल (इंडिया) लिमिटेड अफ्रीकी देश अंगोला की सरकारी कंपनी सोनानगोल से रसोई गैस (LPG) और प्राकृतिक गैस (LNG) खरीदने के लिए बात कर रही हैं। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, ये कंपनियां अंगोला की सरकारी कंपनी सोनानगोल के साथ लंबी अवधि के समझौते (टर्म कॉन्ट्रैक्ट) करने पर विचार कर रही हैं। हालांकि, बातचीत अभी शुरुआती दौर में है और सरकार से सरकार के स्तर पर भी चर्चा जारी है। यह हालात इसलिए बने हैं क्योंकि मिडिल ईस्ट में चल रही जंग की वजह से होर्मुज स्ट्रेट बंद हो गया है। यह रास्ता दुनिया में तेल और गैस सप्लाई के लिए बहुत अहम माना जाता है। इसके बंद होने से भारत समेत कई देशों की सप्लाई प्रभावित हुई है। भारत दुनिया का दूसरा बड़ा LPG उपभोक्ता भारत दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा LPG उपभोक्ता है और अपनी जरूरत का लगभग 60% इंपोर्ट करता है। वहीं, करीब 50% LNG भी इंपोर्ट करता है। अभी तक भारत को ज्यादातर गैस मिडिल ईस्ट के देशों, खासकर कतर और UAE से मिलती रही है। लेकिन होर्मुज स्ट्रेट बंद होने के कारण भारत की करीब 90% LPG आयात पर असर पड़ा है। इसी वजह से सरकार ने घरेलू उपभोक्ताओं को प्राथमिकता देते हुए गैस सिलेंडर की बुकिंग के नियम सख्त कर दिए हैं। अब शहरों में 25 दिन और गांवों में 45 दिन के अंतराल पर ही सिलेंडर बुक किया जा सकता है। अंगोला पहली बार भारत को LPG कर सकता है एक्सपर्ट्स का कहना है कि अफ्रीका से गैस सप्लाई अमेरिका की तुलना में 10 से 15 दिन जल्दी भारत पहुंच सकती है। ऐसे में अंगोला भारत के लिए एक अच्छा ऑप्शन बन सकता है। अगर यह करार होता है, तो अंगोला पहली बार भारत को रसोई गैस सप्लाई करेगा। भारतीय कंपनियां LPG के लिए करीब एक साल और LNG के लिए कम से कम 10 साल का करार करने पर विचार कर रही हैं। अंगोला के पास करीब 4.6 ट्रिलियन क्यूबिक फीट नेचुरल गैस का भंडार है और वह पहले से ही भारत को कच्चा तेल और LNG सप्लाई करता रहा है। वित्त वर्ष 2025 में अंगोला भारत का पांचवां सबसे बड़ा LNG सप्लायर था। ऑस्ट्रेलिया-अल्जीरिया और रूस से भी LPG खरीदने की तैयारी भारत सिर्फ अंगोला ही नहीं, बल्कि ऑस्ट्रेलिया, अल्जीरिया और रूस जैसे देशों से भी गैस इंपोर्ट के ऑप्शन तलाश रहा है, ताकि किसी एक रीजन पर निर्भरता कम की जा सके। इस गैस संकट का असर उर्वरक (फर्टिलाइजर) और स्टील सेक्टर जैसे उद्योगों पर भी पड़ सकता है। अगर यह स्थिति लंबे समय तक बनी रहती है, तो गैस की कीमतें भी बढ़ सकती हैं और भारत को महंगे दामों पर गैस -खरीदनी पड़ सकती है। पेट्रोलियम मंत्रालय ने कहा है कि देश में गैस और पेट्रोलियम प्रोडक्ट की सप्लाई बनाए रखने के लिए जरूरी कदम उठाए जा रहे हैं। हाल ही में दो बड़े जहाज करीब 94 हजार मीट्रिक टन LPG लेकर भारत की ओर रवाना हुए हैं। भारत की 92% LPG खाड़ी के 4 देशों से आती है भारत का ज्यादातर LPG आयात फारस की खाड़ी के देशों UAE, कतर, सऊदी अरब और कुवैत से होता है। खास बात यह है कि इन सभी देशों से आने वाली गैस एक ही रास्ते, होर्मुज स्ट्रेट से होकर गुजरती है। यह सिर्फ 33 किलोमीटर चौड़ा समुद्री रास्ता है, लेकिन दुनिया के करीब 20% तेल और गैस का व्यापार यहीं से होता है। 2024-25 में भारत के करीब 92% LPG आयात इन्हीं चार खाड़ी देशों से आए। इनमें यूएई सबसे बड़ा सप्लायर बनकर उभरा है, जिसकी हिस्सेदारी बढ़कर 40% से ज्यादा हो गई है। वहीं, कतर और सऊदी अरब की हिस्सेदारी में गिरावट आई है। भारत में LPG की मांग बढ़ी लेकिन उत्पादन नहीं भारत में LPG की मांग तेजी से बढ़ रही है, लेकिन घरेलू उत्पादन लगभग नहीं बढ़ रहा। यही वजह है कि देश को अपनी जरूरत का बड़ा हिस्सा विदेशों से मंगवाना पड़ रहा है, जिससे सप्लाई को लेकर जोखिम भी बढ़ गया है। सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, भारत ने साल 2024-25 में 20.67 मिलियन टन LPG आयात किया, जो 2019-20 के 14.81 मिलियन टन के मुकाबले करीब 40% ज्यादा है। यानी सिर्फ पांच साल में आयात में बड़ी बढ़ोतरी हुई है। भारत का घरेलू उत्पादन लगभग स्थिर बना हुआ है। 2019-20 में देश ने 12.82 मिलियन टन LPG का उत्पादन किया था, जो 2024-25 में घटकर करीब 12.79 मिलियन टन रह गया। यानी उत्पादन में कोई खास बढ़ोतरी नहीं हुई। 2024-25 में भारत ने 31.32 मिलियन टन LPG का इस्तेमाल किया, जो 2019-20 के मुकाबले करीब 19% ज्यादा है। यह बढ़ोतरी खासतौर पर ग्रामीण इलाकों में गैस कनेक्शन बढ़ने की वजह से हुई है। प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के तहत करोड़ों परिवारों को LPG कनेक्शन दिए गए हैं। अब देश में 33 करोड़ से ज्यादा एक्टिव गैस कनेक्शन हैं, जिससे मांग लगातार बढ़ रही है।
इछावर में पानी संकट पर युवक टंकी पर चढ़ा:एक घंटे तक मचाया हंगामा; पुलिस की समझाइश के बाद उतरा नीचे

सीहोर जिले में जल संकट के बीच एक युवक पानी की मांग को लेकर इछावर के आजाद चौक स्थित पानी की टंकी पर चढ़ गया। उसने करीब एक घंटे तक हंगामा किया और प्रशासन से पेयजल उपलब्ध कराने की मांग की। जानकारी के अनुसार, युवक टंकी पर चढ़कर जोर-जोर से चिल्ला रहा था और पानी की समस्या को उजागर कर रहा था। जब स्थानीय लोगों की समझाइश के बाद भी वह नीचे नहीं उतरा, तो उन्होंने पुलिस को सूचना दी। इछावर पुलिस मौके पर पहुंची और युवक को काफी देर तक समझाया। पुलिस की समझाइश के बाद अधेड़ व्यक्ति पानी की टंकी से नीचे उतर आया। यह घटना सीहोर जिले में बढ़ते जल संकट की गंभीरता को दर्शाती है। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।
ट्रैक्टर ने बाइक को टक्कर मारी, युवक की मौत:दतिया-भांडेर रोड पर हादसा; माता-पिता घायल, लुहार वाली माता के दर्शन को जा रहे थे

दतिया में भांडेर थाना क्षेत्र में सोमवार दोपहर एक सड़क हादसे में 18 वर्षीय युवक की मौत हो गई।जबकि उसके माता-पिता गंभीर रूप से घायल हो गए। हादसा दतिया-भांडेर रोड पर उस समय हुआ, जब एक तेज रफ्तार ट्रैक्टर ने बाइक को टक्कर मार दी। मृतक की पहचान संदीप अहिरवार (20) के रूप में हुई है। घायल पिता राकेश अहिरवार और मां भारती अहिरवार हैं। जो मूल रूप से शिवपुरी जिले के राजपुरदयाल गांव के निवासी हैं और वर्तमान में दतिया की सिद्धार्थ कॉलोनी में रह रहे हैं। जानकारी के अनुसार, पूरा परिवार बाइक से भांडेर स्थित लुहार वाली माता के दर्शन करने जा रहा था। इसी दौरान रास्ते में ट्रैक्टर और बाइक की आमने-सामने भिड़ंत हो गई। टक्कर इतनी तेज थी कि तीनों सड़क पर गिरकर गंभीर रूप से घायल हो गए। स्थानीय लोगों की मदद से घायलों को जिला अस्पताल पहुंचाया गया।जहां डॉक्टरों ने संदीप को मृत घोषित कर दिया। वहीं पिता राकेश की हालत गंभीर होने पर उन्हें ग्वालियर रेफर किया गया है, जबकि मां भारती का इलाज जिला अस्पताल में जारी है। पुलिस ने मामला दर्ज कर दुर्घटना के कारणों की जांच शुरू कर दी है। प्रारंभिक तौर पर तेज रफ्तार और लापरवाही को हादसे की वजह माना जा रहा है।
पश्चिम बंगाल चुनाव 2026: ‘बंगाल चुनाव के बाद कैश और गैस बंद कर्ज़ी बीजेपी…’, ममता बनर्जी का केंद्र सरकार पर हमला

पश्चिम बंगाल चुनाव से पहले ठीक है भारतीय जनता पार्टी ने मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर मंथन किया था। अब ममता बनर्जी ने सोमवार (30 मार्च) को बीजेपी पर तंज कसा है. उन्होंने एक रैली के दौरान बड़ा दावा करते हुए कहा कि बीजेपी इलेक्शन के बाद कैश और गैस दोनों को बंद कर देगी। देश में अमेरिका-ईरान युद्ध की वजह से गैस की दुकान चल रही है। ममता ने इस मसाले को लेकर तेंजन कासा बनाया। ममता बनर्जी ने बीजेपी पर समाज को रोशन करने का भी आरोप लगाया. उन्होंने कहा कि बीजेपी देश में नफरत फैलाने का काम करती है. इसकी वजह से लोगों के बीच झगड़ा बढ़ रहा है। बंगाल की सीएम ने इससे पहले रविवार को दावा किया था कि अगर बीजेपी सत्ता में है तो वह महिलाओं के लिए ‘लक्ष्मी भंडार’ योजना बंद कर देगी। केंद्रीय विपक्षी अमित शाह ने एक रैली के दौरान ममता बनर्जी पर आधारित एक रैली निकाली। उन्होंने कहा कि बंगाल के सीएम कभी पैर तुड़ावा पट्टे देते हैं तो कभी पट्टी बांधते हैं. बनर्जी ने 2021 के विधानसभा चुनाव के दौरान उन्हें पैर में लगी चोट के संबंध में अमित शाह की कथित टिप्पणी पर भी कटाक्ष किया। वीडियो | पश्चिम बंगाल चुनाव: सीएम ममता बनर्जी ने बेल्दा में चुनावी रैली में कहा, “चुनाव के बाद बीजेपी गैस और नकदी दोनों देना बंद कर देगी, यह उनका खेल है।” (स्रोत: तृतीय पक्ष) (पूरा वीडियो पीटीआई वीडियो पर उपलब्ध है – https://t.co/n147TvrpG7) pic.twitter.com/0lmzW1Zker – प्रेस ट्रस्ट ऑफ इंडिया (@PTI_News) 30 मार्च 2026 बंगाल में कब होगा चुनाव साइंटिस्ट है कि बंगाल चुनाव में इस बार बड़ा बदलाव हुआ है. इलेक्शन कमीशन ने इस बार आठ चरणों की जगह सिर्फ दो चरणों में चुनाव का निर्णय लिया है। बंगाल चुनाव का पहला चरण 23 अप्रैल को आयोजित किया जाएगा। वहीं दूसरा चरण 29 अप्रैल होगा. इसके बाद 4 मई को होगी गिनती. इसे भी पढ़ें: अलीरेज़ा तंगसिरी: ईरान ने आईआरजीसी नौसेना कमांडर अलीरेज़ा तंगसिरी की हत्या कर दी, इजरायल ने उसे मारने का दावा किया (टैग्सटूट्रांसलेट)ब्रेकिंग न्यूज(टी)एबीपी न्यूज(टी)पश्चिम बंगाल(टी)पश्चिम बंगाल चुनाव(टी)पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026(टी)ममता बनर्जी
रॉन्ग साइड ट्रैक्टर-ट्रॉली से टक्कर, 19 वर्षीय युवक की मौत:शिवपुरी के NH-46 पर बड़खेड़ा के पास हादसा; फेरी लगाकर कपड़े बेचने जा रहा था

शिवपुरी के बदरवास थाना क्षेत्र में एनएच-46 पर बड़खेड़ा गांव के पास रविवार रात सड़क हादसे में एक युवक की मौत हो गई। ट्रैक्टर-ट्रॉली और बाइक की आमने-सामने भिड़ंत में उत्तरप्रदेश निवासी 19 वर्षीय अमित बंजारा ने दम तोड़ दिया। पुलिस ने मामला दर्ज कर ट्रैक्टर-ट्रॉली जब्त कर जांच शुरू कर दी है। जानकारी के अनुसार, अमित बंजारा उत्तरप्रदेश के औरैया जिले के अजीतमल थाना क्षेत्र के हुकूमपुर गांव का रहने वाला था। वह फेरी लगाकर कपड़े बेचने का काम करता था। रविवार रात करीब 10 बजे वह अपने साथियों के साथ बाइक से म्याना की ओर जा रहा था। रॉन्ग साइड से आ रही ट्रॉली से भिड़ंत बड़खेड़ा गांव के पास भूसा भरकर रॉन्ग साइड से आ रही ट्रैक्टर-ट्रॉली से उसकी बाइक की सीधी टक्कर हो गई। टक्कर इतनी जोरदार थी कि युवक गंभीर रूप से घायल हो गया। हादसे के बाद अमित को बदरवास स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराकर परिजनों को सौंप दिया है। बदरवास पुलिस ने ट्रैक्टर-ट्रॉली जब्त कर ली है और मामले की जांच की जा रही है। हादसे के कारणों का पता लगाया जा रहा है।
एक फल, दो बड़े फायदे! घर में ही मिल रहा ‘नेचुरल मेडिसिन’, रखे शुगर और ब्लड प्रेशर पर नजर

Kathal Khane Ke Fayde: गर्मी भरी धूप में अक्सर लोग ठंडा पानी, कोकोनट पानी या अचार की ओर रुख करते हैं, पर एक मौसमी फल है जो न सिर्फ़ ज़ायका बना देता है बल्कि स्वास्थ्य के कई पहलुओं को भी सुदृढ़ करता है. लोकल 18 के साथ बातचीत में डॉक्टर नागेंद्र नारायण शर्मा ने कटहल के पोषण‑गुणों को विस्तार से बताया. पोषक तत्वों की भरमारडॉक्टर के अनुसार कटहल में कार्बोहाइड्रेट, डाइटरी फाइबर, प्रोटीन और आवश्यक फैट का संतुलित मिश्रण मिलता है.साथ ही इसमें फ्रुक्टोज, ग्लूकोज़, सुक्रोज, कैल्शियम, आयरन, मैग्नीशियम, फॉस्फोरस, जिंक, कॉपर, मैंगनीज, पोटैशियम और सोडियम की पर्याप्त मात्रा मौजूद है.विटामिन सी के साथ राइबोफ्लेविन, नियासिन, विटामिन बी‑6 जैसे जलवायु‑सुरक्षित एंटीऑक्सीडेंट भी इस फल में भरपूर हैं. गर्मी में हाइड्रेशनकटहल के अंदर पानी की मात्रा होती है, इसलिए गर्मियों में इसका सेवन शरीर को हाइड्रेट रखता है और पसीने से खोए हुए इलेक्ट्रोलाइट्स को पुनः भरता है.साथ ही फाइबर‑समृद्ध होने के कारण यह पाचन को सुगम बनाता, पेट‑भरे रहने की भावना देता और डाइट में शामिल करने पर दीर्घकालिक ऊर्जा के स्रोत के रूप में काम करता है. इम्युनिटी बूस्ट और रोग‑रोधी गुणविटामिन‑सी की उच्च मात्रा शरीर की प्रतिरक्षा क्षमता को बढ़ाती है, जबकि एंटीऑक्सीडेंट्स स्ट्रेस‑के कारण उत्पन्न मुक्त कणों को निष्क्रिय कर, कोशिकाओं को नष्ट होने से बचाते हैं.डॉक्टर ने आगे बताया की कटहल में एंटी‑माइक्रोबियल, एंटी‑फंगल और एंटी‑इन्फ्लेमेटरी गुण होते हैं जो घाव भरने, सूजन घटाने और संक्रमण रोकने में मददगार हैं. कटहल को नियमित आहार में शामिल करने से न केवल स्वाद का आनंद मिलता है, बल्कि यह शरीर को फिट, हाइड्रेटेड और रोग‑प्रतिरोधी बनाता है.इसलिए, अगली बार जब बाज़ार की भीड़ में कटहल दिखे, तो उसे सिर्फ़ फलों की भीड़ नहीं, बल्कि सेहत‑सुरक्षा का खजाना समझकर अपनी रसोई में लाए.







