जनगणना 2026: पहले चरण के लिए 33 सवाल तय:ऑनलाइन पोर्टल पर भी जानकारी दे सकेंगे; लिव-इन कपल को शादीशुदा का दर्जा मिलेगा

केंद्र सरकार ने 2026 की जनगणना के पहले चरण के लिए 33 सवाल जारी किए हैं, जो 1 अप्रैल 2026 से शुरू हो रहा है। इसमें कहा गया है कि स्थिर रिश्ते में रहने वाले लाइव-इन कपल्स को भी शादीशुदा माना जाएगा। ऐसा तब ही होगा जब कपल मानेगा की उनका रिश्ता लंबा चलने वाला है। पहले चरण के लिए ऑनलाइन पोर्टल भी शुरू किया गया है, जहां लोग खुद अपनी जानकारी भर सकेंगे। उनकी मदद के लिए इस पोर्टल पर FAQ (अक्सर पूछे जाने वाले सवाल) भी दिए गए हैं। यह चरण ‘हाउस लिस्टिंग और हाउसिंग जनगणना’ कहलाता है। इसका मकसद देश में घरों और बुनियादी सुविधाओं की जानकारी जुटाना है, ताकि सरकार बेहतर योजनाएं बना सके। दूसरे चरण में आबादी से जुड़ी डिटेल जानकारी ली जाएगी। पहला फेज 1 अप्रैल 2026 से केंद्रीय गृह मंत्रालय (MHA) ने 8 जनवरी को बताया था कि देश में होने वाली जनगणना 2027 का पहला फेज 1 अप्रैल से 30 सितंबर के बीच किया जाएगा। हर राज्य और केंद्र शासित प्रदेश अपने यहां 30 दिनों में यह काम पूरा करेंगे। सरकार ने यह भी कहा कि घरों की लिस्टिंग शुरू होने से 15 दिन पहले लोगों को खुद से जानकारी भरने (सेल्फ एन्यूमरेशन) का विकल्प भी दिया जाएगा। दरअसल जनगणना 2021 में होनी थी, लेकिन कोरोना महामारी की वजह से इसे टाल दिया गया था, जो अब 2027 में पूरी होगी। जनगणना पूरी तरह डिजिटल होगी सरकार ने बताया कि इस बार जनगणना पूरी तरह डिजिटल होगी। करीब 30 लाख कर्मचारी मोबाइल एप के जरिए जानकारी जुटाएंगे। मोबाइल एप, पोर्टल और रियल टाइम डेटा ट्रांसफर से जनगणना बहुत हद तक पेपरलेस होगी। ये ऐप Android और iOS दोनों पर काम करेंगे। जाति से जुड़ा डेटा भी डिजिटल तरीके से इकट्ठा किया जाएगा। आजादी के बाद पहली बार जनगणना में जाति की गिनती शामिल होगी। इससे पहले अंग्रेजों के समय 1931 तक जाति आधारित जनगणना हुई थी। यह फैसला प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता वाली कैबिनेट कमेटी ने अप्रैल में लिया था। 2011 की पिछली जनगणना के अनुसार, भारत की आबादी करीब 121 करोड़ थी, जिसमें लगभग 51.5% पुरुष और 48.5% महिलाएं थीं। मैप पर हर घर ‘डिजी डॉट’ बनेगा, इसके 5 फायदे होंगे 1. आपदा में सटीक राहत- जियो टैगिंग से बना डिजिटल लेआउट मैप बादल फटने, बाढ़ या भूकंप जैसी आपदा के समय उपयोगी साबित होगा। सुदूर हिमालयी क्षेत्र में बसे किसी गांव में बादल फटने जैसी घटना के समय इस मैप से तुरंत पता चल जाएगा कि किस घर में कितने लोग रहते हैं। होटलों में क्षमता के हिसाब से कितने लोग रहे होंगे। इस ब्योरे से बचाव के लिए जरूरी तमाम नौका, हेलिकॉप्टर, फूड पैकेट आदि की व्यवस्था करने में मदद मिलेगी। 2. परिसीमन में मदद मिलेगी- राजनीतिक सीमाएं जैसे संसदीय या विधानसभा क्षेत्रों का युक्तिसंगत तरीके से निर्धारण करने में भी इससे मदद मिलेगी। जियो टैगिंग से तैयार मैप से यह तस्वीर साफ हो जाएगी कि क्षेत्र में ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्र का संतुलित बंटवारा कैसे हो। समुदायों को ऐसे न बांट दिया जाए कि एक मोहल्ला एक क्षेत्र में और दूसरा मोहल्ला किसी अन्य क्षेत्र में शामिल हो जए। घरों के डिजी डॉट से डिलिमिटेशन की प्रक्रिया में आसानी होगी। 3. शहरी प्लानिंग में आसानी- शहरों में सड़कों, स्कूलों, अस्पतालों या पार्कों की प्लानिंग करने में भी यह मैप उपयोगी साबित होगा। अगर किसी जगह के घरों के डिजिटल लेआउट में बच्चों की अधिकता होगी तो पार्क और स्कूल प्राथमिकता से बनाने की योजना तैयार की जा सकेंगी। यदि किसी बस्ती में कच्चे मकानों या खराब घरों की अधिकता दिखेगी तो वहां किसी मेडिकल इमरजेंसी के समय तत्काल मोबाइल राहत वैन भेजी जा सकेंगी। 4. शहरीकरण और पलायन दर का डेटा मिलेगा- इस जनगणना के दस साल बाद होनी वाली जनगणना में डिजिटल मैप के परिवर्तन आसानी से दर्ज किए जा सकेंगे। देश के विभिन्न हिस्सों में शहरीकरण की दर और पलायन के क्षेत्रों की मैपिंग की तुलना सटीक ढंग से की जा सकेगी। 5. मतदाता सूची से डुप्लीकेट नाम हट जाएंगे- आधार की पहचान के साथ जियो टैगिंग मतदाता सूची को सटीक और मजबूत बनाने में सहायक होगी। जब वोटर किसी भौगोलिक स्थान से डिजिटली जुड़ा होगा तो दोहरे पंजीकरण के समय उसके मूल निवास का पता भी सामने आएगा। …………………… ये खबर भी पढ़ें… देश में आजादी के बाद पहली बार जातिगत जनगणना होगी, बिहार चुनाव से पहले केंद्र का फैसला देश में आजादी के बाद पहली बार जाति जनगणना कराई जाएगी। केंद्रीय कैबिनेट ने जाति जनगणना को मंजूरी दी। केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बताया कि इसे मूल जनगणना के साथ ही कराया जाएगा। देश में इसी साल के आखिर में बिहार विधानसभा के चुनाव होने हैं। पूरी खबर पढ़ें…
अमित शाह के बयान पर ममता बनर्जी ने पलटवार करते हुए कहा- ‘मैं कई बार मौत के मुंह से लौटती हूं, मुझे…’

अमित शाह के बयान पर ममता बनर्जी ने दिया जवाब: पश्चिम बंगाल चुनाव की तारीख जैसे-जैसे ताजा आ रही है, वैसे-वैसे राज्य में हलचल तेज हो रही है। पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने रविवार यानी 29 मार्च को केंद्रीय अमित शाह के बयान पर प्रतिक्रिया दी है, जिसमें उन्होंने साल 2021 के विधानसभा चुनाव के दौरान अपनी चोट को लेकर टिप्पणी की थी। ममता ने कहा कि उन्होंने उनकी मेडिकल रिपोर्ट देखी है, जिसमें उनकी चोट की पुष्टि दर्ज है। अमित शाह और ममता बनर्जी के बीच जंज़ी जंग टीएमसी सरकार के खिलाफ विपक्ष जारी करते हुए अमित शाह ने ममता बनर्जी पर ‘हमें पीड़ित होने की राजनीति’ करने का आरोप लगाया था. उन्होंने अपने बयान में कहा था कि वे कभी अपनी चोट की बात करते हैं, तो कभी चुनाव आयोग को कोसती हैं, लेकिन अब बंगाल की जनता उनकी ‘विक्टिम कार्ड’ वाली राजनीति को समझ गई है। अमित शाह ने पलटवार पर यही बयान देते हुए ममता बनर्जी ने एक रैली के दौरान कहा, ‘वे कहते हैं कि मैं चुनाव के समय धारधार घूमती हूं। मैं कई बार मौत के मुंह से वापस लौटता हूं। ‘वस्तु चिकित्सक की रिपोर्ट देखें।’ ममता ने आगे सवाल करते हुए कहा कि क्या आपने साल 2021 के चुनाव में मेरे पैर को छुआ था? मैंने एक बार फिर से प्रचार-प्रसार किया। क्या आप मुझे मारने की योजना बना रहे हैं?’ अपनी सरकार के ‘पुराने कर्मों’ के लिए एनामेल जारी करने की बात पर भी ममता बनर्जी ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उन्हें अपने ‘पुराने कर्मों’ के लिए अनावृत्त जारी करना चाहिए। हालांकि इस दौरान उन्होंने अमित शाह का नाम नहीं लिया. ममता बनर्जी ने अमित शाह पर सैद्धांतिक अध्ययन किया ममता बनर्जी ने पिछले साल अमेरिका में डोनाल्ड प्रतिबंधित प्रशासन द्वारा अवैध भारतीय दूतावास के खिलाफ कार्रवाई करते हुए अमित शाह पर डिपोर्टेशन का ज़िक्र किया था। उन्होंने कहा, ‘जब गुजरातियों को अमेरिका से कमर में भरकर भारत वापस भेजा जा रहा था, तब आप कहां थे? उस रैली में ममता बनर्जी ने खुद को ‘उम्मीदवार’ के रूप में जनता से उन पर भरोसा करने की अपील की। उन्होंने कहा, ‘तुम्हें ये देखने की जरूरत नहीं है कि प्रतियोगी कौन है। मैं ही उम्मीदवार हूं. कृपया विश्वास करें और वोट करें।’ (टैग्सटूट्रांसलेट)राजनीतिक समाचार(टी)टीएमसी(टी)बीजेपी(टी)ममता बनर्जी(टी)अमित शाह(टी)पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026(टी)पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव(टी)पश्चिम बंगाल चुनाव 2026(टी)पश्चिम बंगाल चुनाव की तारीख जिलेवार 2026(टी)2026 पश्चिम बंगाल चुनाव उम्मीदवार(टी)2026 पश्चिम बंगाल में वोट तारीख और समय(टी)पश्चिम बंगाल चुनाव 2026 बीजेपी उम्मीदवार (टी) राजनीतिक समाचार (टी) टीएमसी (टी) बीजेपी (टी) ममता बनर्जी (टी) अमित शाह (टी) पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 (टी) पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव (टी) पश्चिम बंगाल चुनाव 2026 (टी) पश्चिम बंगाल चुनाव की तारीख (ज़िलावर) 2026 (टी) 2026 पश्चिम बंगाल चुनाव के उम्मीदवार (टी) 2026 पश्चिम बंगाल में मतदान की तारीख और समय (टी) पश्चिम बंगाल चुनाव 2026 बीजेपी उम्मीदवार
सेवनियां में किसानों का प्रदर्शन, बोले-धोखे से जमीन हड़प रहे:पुलिस-पटवारी पर बटाईदारों से मारपीट करने का आरोप लगाया

सीहोर जिले के सेवनियां गांव में जमीन विवाद को लेकर किसानों ने सड़क पर बैठकर विरोध प्रदर्शन किया। किसानों ने पुलिस पर बटाईदारों के साथ मारपीट करने और पटवारी पर बिना आदेश खेत में जबरन तारबंदी कराने के गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि यह पूरी कार्रवाई गैरकानूनी तरीके से की गई है। किसानों के अनुसार, गांव के ही एक किसान हनुमंत सिंह ने अपनी कृषि भूमि करीब 14 साल पहले 11 लाख 75 हजार रुपये में पप्पू कौशल को बेची थी। अनुबंध के अनुसार पूरी रकम मिलने के बाद रजिस्ट्री होना थी, लेकिन आरोप है कि हनुमंत सिंह लगातार टालमटोल करते रहे और अब उसी जमीन को किसी अन्य व्यक्ति को बेच दिया। किसी और को कब्जा दिलाने की कोशिश की पप्पू कौशल का कहना है कि उन्होंने वर्ष 2012 में यह जमीन खरीदी थी और तब से बटाईदारों के जरिए खेती कर रहे हैं। इसके बावजूद हाल ही में पटवारी और पुलिस बिना किसी आदेश के खेत पर पहुंची और जबरन सीमेंट के खंभे गाड़कर तारबंदी कर दी। विरोध करने पर बटाईदार दिलीप और हरिओम को धमकाते हुए पुलिस मंडी थाने ले गई। किसानों का आरोप है कि बिना किसी वैध दस्तावेज के उनके खेत का कब्जा किसी अन्य को दिलाने की कोशिश की गई। इस मामले को लेकर गांव के कई किसानों ने पुलिस अधीक्षक और कलेक्टर को शिकायत भेजी है और निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।
दिल्ली बॉर्डर से लश्कर का आतंकी गिरफ्तार:शब्बीर अहमद लोन ISI के इशार पर भारत के खिलाफ आतंकी गतिविधियों को अंजाद रहा था

दिल्ली में सुरक्षा एजेंसियों ने सोमवार को लश्कर-ए-तैयबा (Let) से जुड़े आतंकी शब्बीर अहमद लोन को दिल्ली बॉर्डर से गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक, शुरुआती जांच में सामने आया है कि वह बांग्लादेश में बैठकर भारत विरोधी गतिविधियों को अंजाम दे रहा था। पुलिस के मुताबिक, वह दिल्ली, कोलकाता और तमिलनाडु में आतंकी गतिविधियों के लिए युवाओं की भर्ती करने की तैयारी में था। यह पूरा नेटवर्क पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई के इशारे पर संचालित कर रहा था। 4 दिन पहले कश्मीर में लोन के 10 ठिकानों पर छापेमारी काउंटर इंटेलिजेंस कश्मीर (CIK) ने 26 मार्च को शब्बीर के आतंकी मॉड्यूल की जांच के लिए कश्मीर के तीन जिलों, गांदरबल, शोपियां और श्रीनगर के 10 ठिकानों पर व्यापक तलाशी अभियान चलाया था। CIK के मुताबिक, इस मामले के तार एक ट्रांजैक्शनल नेटवर्क से जुड़े पाए गए हैं, जिसमें मॉड्यूल को बांग्लादेश और पाकिस्तान में बैठे लश्कर-ए-तैयबा के हैंडलर्स से निर्देश मिल रहे थे। 2 महीनों से नजर रखे थीं सुरक्षा एजेंसियां पिछले सुरक्षा एजेंसियां 2 महीनों से शब्बीर की गतिविधियों पर नजर रखे थीं। लोन को इससे पहले 2007 में दिल्ली पुलिस ने आतंकवाद के आरोपों में गिरफ्तार किया था। 2019 में जमानत मिलने के बाद वह बांग्लादेश भाग गया था। खबर लगातार अपडेट की जा रही है…
हनी सिंह की कॉन्सर्ट में धांसू एंट्री:मुंबई के MMRDA ग्राउंड में नीली रॉल्स रॉयस से पहुंचे; सोशल मीडिया पर ट्रेंड हुआ 'बिलियनेर औरा'

यो यो हनी सिंह और विवादों का पुराना नाता है, लेकिन इस बार उनका ड्रामा फैंस के लिए किसी सरप्राइज से कम नहीं था। मुंबई के MMRDA ग्राउंड में आयोजित कॉन्सर्ट में हनी सिंह ने ऐसी एंट्री ली कि सोशल मीडिया पर बिलियनेर औरा ट्रेंड करने लगा। 28 मार्च की रात जब हनी सिंह अपनी लग्जरी कार से उतरे तो नजारा देखने लायक था। जैसे ही स्टेज पर रोशनी जगमगा उठी, बैकग्राउंड में हनी सिंह का सुपरहिट गाना मिलियनेयर बजने लगा। इसी बीच एक गहरे नीले रंग की रॉल्स रॉयस घोस्ट सीरीज (जिसकी कीमत करीब 9 करोड़ रुपए बताई जा रही है) वेन्यू के अंदर दाखिल हुई। कार रुकते ही सफेद रंग के स्टाइलिश आउटफिट में हनी सिंह बाहर निकले। उनके बाहर आते ही पूरे स्टेज पर आतिशबाजी शुरू हो गई, जिसने माहौल को और भी जादुई बना दिया। हाथ में जाम और फिर शुरू हुआ सुरों का सैलाब एंट्री का सबसे चर्चा वाला पल तब आया जब हनी सिंह कार से उतरकर आगे बढ़े। वहां पहले से ही ट्रे में गिलास लेकर खड़ी एक महिला ने उन्हें ड्रिंक सर्व की। हनी सिंह ने फिल्मी अंदाज में वह गिलास उठाया और सीधे स्टेज की ओर बढ़ गए। हाथ में जाम थामे हनी सिंह ने जैसे ही माइक संभाला, पूरा क्राउड झूम उठा। हिट गानों पर झूमी मुंबई, वायरल हुए वीडियो स्टेज पर पहुंचते ही हनी सिंह ने ब्लू आइज और देसी कलाकार जैसे अपने एवरग्रीन गानों की झड़ी लगा दी। सोशल मीडिया पर उनकी एंट्री के वीडियो तेजी से वायरल हो रहे हैं। फैंस कमेंट्स में लिख रहे हैं एंट्री हो तो ऐसी हो और यो यो इज बैक हालांकि कार के मॉडल को लेकर अभी तक कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। लेकिन जानकारों का मानना है कि यह वही 12 सिलेंडर इंजन वाली लग्जरी मशीन है जो अपनी मैजिक कारपेट राइड के लिए मशहूर है।
गैस वितरण में लापरवाही पर संचालक को नोटिस:कलेक्टर ने 7 दिन में मांगा जवाब; होम डिलीवरी नहीं मिलने पर प्रशासन सख्त

सीधी जिले में उपभोक्ताओं को रसोई गैस वितरण में अनियमितताओं को लेकर प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। कलेक्टर विकास मिश्रा ने प्रताप गैस सर्विस के संचालक भारतलाल सिंह को रविवार रात 8 बजे कारण बताओ नोटिस जारी किया। यह नोटिस सोमवार सुबह 9 बजे संचालक को थमा दिया गया। यह कार्रवाई खाद्य विभाग की निरीक्षण रिपोर्ट के आधार पर की गई है, जिसमें एजेंसी संचालन में गंभीर खामियां सामने आई हैं। गैस एजेंसी में भीड़, होम डिलीवरी नहीं मिली खाद्य विभाग की ओर से प्रस्तुत प्रतिवेदन के अनुसार, निरीक्षण के दौरान गैस एजेंसी परिसर में उपभोक्ताओं की अत्यधिक भीड़ पाई गई। इसके साथ ही सबसे बड़ी लापरवाही यह सामने आई कि उपभोक्ताओं को होम डिलीवरी की सुविधा उपलब्ध नहीं कराई जा रही थी। शासन की ओर से स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि एलपीजी गैस सिलेंडरों की आपूर्ति सुचारु रूप से की जाए और प्राथमिकता के आधार पर उपभोक्ताओं तक घर-घर वितरण सुनिश्चित किया जाए, ताकि लोगों को अनावश्यक परेशानी का सामना न करना पड़े। गैस एजेंसी को 7 दिन में जवाब देने का नोटिस निरीक्षण में पाई गई यह स्थिति शासन के निर्देशों के विपरीत मानी गई है। प्रशासन ने इसे द्रवीकृत पेट्रोलियम गैस (प्रदाय एवं वितरण विनियमन) आदेश, 2000 का उल्लंघन माना है। साथ ही यह कृत्य आवश्यक वस्तु अधिनियम, 1955 के तहत भी दंडनीय श्रेणी में आता है, जिसके तहत कड़ी कार्रवाई का प्रावधान है। कलेक्टर ने संबंधित गैस एजेंसी संचालक को निर्देशित किया है कि वे 7 दिवस के भीतर व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होकर अपना स्पष्टीकरण प्रस्तुत करें। नोटिस में स्पष्ट रूप से चेतावनी दी गई है कि यदि निर्धारित समयावधि में संतोषजनक जवाब प्रस्तुत नहीं किया गया, तो उनके विरुद्ध नियमानुसार कड़ी कार्रवाई की जाएगी। कार्रवाई से गैस एजेंसियों में हड़कंप, जांच के संकेत प्रशासन की इस कार्रवाई से जिले के अन्य गैस एजेंसी संचालकों में भी हड़कंप मच गया है। माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में गैस वितरण व्यवस्था को लेकर व्यापक जांच अभियान चलाया जा सकता है, जिससे उपभोक्ताओं को बेहतर सुविधाएं मिल सकें और किसी भी प्रकार की लापरवाही पर सख्त नियंत्रण स्थापित किया जा सके।
सिवनी में ज्योति कलश व जवारों का विसर्जन:571 ज्योति कलशों की शोभायात्राएं आकर्षण का केंद्र; दलसागर घाट पर हुआ विसर्जन

चैत्र नवरात्रि के समापन के बाद जिलेभर के देवी मंदिरों और घरों में स्थापित ज्योति कलशों एवं जवारों का विसर्जन जारी है। रविवार रात नगर के विभिन्न क्षेत्रों में विसर्जन कार्यक्रम आयोजित किए गए। छिंदवाड़ा चौक, बारापत्थर और भैरोगंज सहित कई स्थानों से शोभायात्राएं निकालकर दलसागर तालाब के घाट पर विधि-विधान से विसर्जन किया गया। नगर के प्रमुख सिद्ध पीठों और मंदिरों में स्थापित ज्योति कलशों और जवारों को मां भगवती की आरती के बाद शोभायात्रा के रूप में निकाला गया। सिद्धपीठ माता दीवाला मंदिर, दुर्गा चौक स्थित मां राजराजेश्वरी दरबार, देसाई मढ़िया, काली चौक काली मंदिर, सिंहवाहिनी मंदिर और चित्रगुप्त हनुमान मंदिर सहित अन्य मंदिरों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु इन यात्राओं में शामिल हुए। 571 ज्योति कलशों की शोभायात्रा बनी आकर्षण दुर्गा चौक मंदिर में स्थापित 571 ज्योति कलशों की विसर्जन शोभायात्रा विशेष आकर्षण का केंद्र रही। इस यात्रा के दौरान देवी गीतों पर श्रद्धालु शामिल हुए। नवरात्रि के नौ दिनों की साधना पूर्ण होने के बाद श्रद्धालु परंपरा अनुसार जवारों और ज्योति कलशों का विसर्जन कर रहे हैं। जिन स्थानों पर बाद में स्थापना की गई थी, वहां नौ दिन पूरे होने पर अब विसर्जन किया जा रहा है। आज सोमवार रात में भी नगर के कई स्थानों से विसर्जन यात्राएं निकाली जाएंगी। श्रद्धालुओं के लिए जगह-जगह पानी की व्यवस्था गर्मी को देखते हुए अधिकांश स्थानों पर दिन के बजाय रात्रि में विसर्जन किया जा रहा है। श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए जगह-जगह शीतल पेयजल और फलों की व्यवस्था भी की गई है। जिले के धनोरा, घंसौर, केवलारी, लखनादौन, छपारा, बरघाट और कुरई विकासखंडों में भी जवारों के विसर्जन का क्रम जारी है।
कल्याण या अवसर? चुनावों से पहले, बंगाल की महिला मतदाता प्राथमिकताओं पर पुनर्विचार कर रही हैं | चुनाव समाचार

आखरी अपडेट:30 मार्च, 2026, 09:28 IST जहां शहरी महिलाएं सुरक्षा, रोजगार और आर्थिक अवसरों को प्राथमिकता देती हैं, वहीं ग्रामीण महिलाएं कल्याणकारी पहलों का समर्थन करना जारी रखती हैं और वर्तमान नेतृत्व के प्रति वफादार रहती हैं। कई ग्रामीण महिलाओं के लिए, कल्याणकारी योजनाएं अन्य चिंताओं को दूर करते हुए आवश्यक वित्तीय सुरक्षा प्रदान करती हैं। (न्यूज़18) पश्चिम बंगाल के मतदाताओं में महिलाओं की हिस्सेदारी लगभग 49 प्रतिशत है और 2019 में एक दुर्लभ और राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण प्रवृत्ति में पुरुषों की तुलना में अधिक संख्या में मतदान हुआ। हालाँकि एसआईआर अभ्यास के बाद पंजीकृत महिला मतदाताओं में गिरावट और लिंग अनुपात में गिरावट को दर्शाने वाले ताजा आंकड़ों ने नए सवाल खड़े कर दिए हैं, लेकिन जमीनी भावना एक अधिक जटिल बदलाव का सुझाव देती है: जबकि कल्याणकारी योजनाएं अपील बरकरार रखती हैं, सुरक्षा, नौकरियों और प्रवासन के बारे में चिंताएं लगातार बढ़ रही हैं। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी द्वारा शुरू की गई लक्ष्मीर भंडार जैसी कल्याणकारी योजनाओं ने यह सुनिश्चित किया है कि महिलाएं तृणमूल कांग्रेस के साथ जुड़ी रहें। हालाँकि, आरजी कार और कसबा लॉ कॉलेज जैसे मामलों सहित महिलाओं के खिलाफ हिंसा की घटनाओं ने उनकी सुरक्षा के बारे में गंभीर चिंताएँ पैदा कर दी हैं। जनता की भावना को समझने के लिए, News18 ने शहरी और ग्रामीण बंगाल की विविध पृष्ठभूमि की महिलाओं से बातचीत की। शहरी आवाज़ें: सुरक्षा और रोज़गार को प्राथमिकता दें बारासात के साड़ी बाजार में महिला खरीदारों ने स्पष्ट चिंता व्यक्त की। कई लोगों ने कहा कि सुरक्षा और रोजगार कल्याणकारी योजनाओं से ज्यादा मायने रखते हैं। तीस के दशक की महिला रेशमी बैग ने कहा: “हमें हमारे बुनियादी अधिकार-नौकरी, शिक्षा और स्वास्थ्य देखभाल दी जानी चाहिए। मुझे लक्ष्मीर भंडार में कोई दिलचस्पी नहीं है। हम सुरक्षित नहीं हैं, और हम नहीं जानते कि हमारा वोट कुछ भी बदलेगा या नहीं।” तियाशा रॉय ने भी इसी तरह की चिंता व्यक्त की: “यहां कोई अच्छे उद्योग नहीं हैं। मेरे पति और बहनोई बेंगलुरु में काम करते हैं। महिलाएं अकेले बच्चों का पालन-पोषण कर रही हैं। सरकार को रोजगार के अवसर पैदा करने चाहिए।” शहरी बाजारों में समग्र धारणा यह थी कि कल्याणकारी योजनाएं तो मौजूद हैं, लेकिन सुरक्षा और रोजगार बड़े मुद्दे बने हुए हैं। जेन जेड परिप्रेक्ष्य: मुफ़्त से ज़्यादा नौकरियाँ बैरकपुर के स्वामी विवेकानंद कॉलेज में युवा महिला मतदाताओं ने भी सुरक्षा और रोजगार पर जोर दिया। पत्रकारिता के अंतिम वर्ष की छात्रा मीतू रॉय ने कहा, “अगर महिलाओं की सुरक्षा सुनिश्चित नहीं की गई तो पिंक बूथ का कोई मतलब नहीं है। हम सुरक्षित नहीं हैं।” पहली बार मतदाता बनी रीता चटर्जी ने कहा: “लक्ष्मी भंडार ठीक है, लेकिन नौकरियां अधिक महत्वपूर्ण हैं। वास्तविक सशक्तिकरण रोजगार से आता है।” जेन जेड मतदाता कल्याणकारी लाभों को स्वीकार करने के इच्छुक दिखे लेकिन उन्होंने स्पष्ट रूप से कैरियर के अवसरों को प्राथमिकता दी। गृहिणियां: कल्याण और रोजगार पर मिश्रित विचार साल्ट लेक में, गृहणियों ने अधिक संतुलित दृष्टिकोण दिखाया। चंद्रानी रॉय ने कहा: “मुझे लक्ष्मीर भंडार मिलता है, और इससे मदद मिलती है। अगर दूसरों को फायदा हो सकता है, तो हमें क्यों नहीं?” हालाँकि, सहेली दास ने प्रवासन के बारे में चिंता जताई: “हमारे बच्चे नौकरियों के लिए बंगाल छोड़ रहे हैं। क्या यह केवल वरिष्ठ नागरिकों के लिए राज्य बन जाएगा?” पेशेवर और उद्यमी: विकास और सुरक्षा की मांग कलकत्ता उच्च न्यायालय में महिला वकीलों ने सुरक्षा चुनौतियों पर प्रकाश डाला। कनिष्ठ अधिवक्ता राय रॉय ने कहा, “हमारा काम देर रात को ख़त्म होता है और यहां तक कि कैब की सवारी भी असुरक्षित महसूस होती है। बंगाल पहले जैसा सुरक्षित महसूस नहीं करता।” वरिष्ठ अधिवक्ता अनामिका पांडे ने राजनीतिक प्रतिनिधित्व पर जोर दिया. “हम राजनीति में महिलाओं की अधिक भागीदारी और बेहतर बुनियादी ढांचा चाहते हैं।” महिला उद्यमियों ने प्रणालीगत समर्थन की आवश्यकता पर भी जोर दिया। शिक्षा सलाहकार पौलामी दत्ता ने कहा, “हमें आगे बढ़ने के लिए फंडिंग, प्रशिक्षण और इनक्यूबेशन समर्थन की जरूरत है।” एक छोटे व्यवसाय की मालिक स्वास्तिका ने कहा: “कई महिलाओं को यह भी नहीं पता कि ऋण कैसे प्राप्त करें। सरकार को इस पर ध्यान देना चाहिए।” एक अन्य मतदाता, स्वाति चक्रवर्ती ने इस मुद्दे को संक्षेप में बताते हुए कहा: “बेरोजगारी के कारण मुफ्त चीजें मौजूद हैं। असली समाधान बेरोजगारी को खत्म करना है।” शहरी पेशेवर समूहों में, संदेश एक जैसा था: कल्याण से अधिक अवसर मायने रखते हैं। ग्रामीण हकीकत: कल्याणकारी योजनाएं अभी भी मजबूत आकर्षण रखती हैं इसके विपरीत, बेगमपुर, हुगली, जो अपने हथकरघा उद्योग के लिए जाना जाता है, में ग्रामीण महिलाओं ने सरकारी योजनाओं के लिए समर्थन व्यक्त किया। बुनकर, जो कई दिनों की मेहनत के बाद प्रति साड़ी 350-500 रुपये तक कमाते हैं, वित्तीय सहायता पर बहुत अधिक निर्भर हैं। एक बुनकर, मेनोका ने कहा: “लक्ष्मीर भंडार के पैसे से हमें अपने बच्चों की शिक्षा में मदद मिलती है। यही कारण है कि मैं दीदी का समर्थन करता हूं।” 60 वर्षीय श्रमिक विभा ने कहा: “मैं बहुत कम कमाती हूं, लेकिन सरकारी समर्थन मुझे खुश करता है। मैं सुरक्षित महसूस करती हूं।” एक अन्य बुनकर कामिनी ने कहा, “कन्याश्री और रूपाश्री जैसी योजनाएं मददगार हैं। हम हमेशा दीदी का समर्थन करेंगे।” कई ग्रामीण महिलाओं के लिए, कल्याणकारी योजनाएं अन्य चिंताओं को दूर करते हुए आवश्यक वित्तीय सुरक्षा प्रदान करती हैं। एक स्पष्ट शहरी-ग्रामीण विभाजन निष्कर्षों से महिलाओं की मतदान प्राथमिकताओं में तीव्र विभाजन का पता चलता है। वे दिखाते हैं कि जहां शहरी महिलाएं कल्याणकारी योजनाओं पर सुरक्षा, रोजगार और आर्थिक अवसरों को प्राथमिकता देती हैं, वहीं ग्रामीण महिलाएं, विशेष रूप से आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों से, कल्याणकारी पहलों का समर्थन करना जारी रखती हैं और वर्तमान नेतृत्व के प्रति वफादार रहती हैं। जैसे-जैसे चुनाव नजदीक आ रहे हैं, मुख्य सवाल यह बना हुआ है: क्या नौकरियों और सुरक्षा की मांग कल्याणकारी योजनाओं की अपील पर भारी पड़ेगी, या निरंतर वित्तीय सहायता ममता बनर्जी के लिए महिलाओं के वोट सुरक्षित कर देगी? पहले प्रकाशित: 30 मार्च, 2026, 09:28 IST समाचार चुनाव कल्याण या अवसर? चुनावों से पहले, बंगाल की महिला मतदाता प्राथमिकताओं पर पुनर्विचार कर रही हैं अस्वीकरण: टिप्पणियाँ उपयोगकर्ताओं के विचार दर्शाती हैं, News18 के नहीं। कृपया चर्चाएँ सम्मानजनक और रचनात्मक रखें। अपमानजनक,
हार्दिक ने मिहिका को ₹1.7 करोड़ की कार गिफ्ट की:दोनों शोरूम पर साथ दिखे, अक्टूबर में अपने रिश्ते का खुलासा किया था

मुंबई इंडियंस के कप्तान हार्दिक पंड्या ने अपनी गर्लफ्रेंड मिहिका शर्मा को करीब 1.7 करोड़ रुपए की मर्सिडीज बेंज वी क्लास कार गिफ्ट की है। रिपोर्ट के मुताबिक, हार्दिक और मिहिका दोनों शोरूम पर साथ दिखे, जहां उन्होंने इस कार को डिलीवर करवाया। हार्दिक लग्जरी कारों के शौकीन हैं और हाल ही में उन्होंने खुद के लिए भी एक महंगी फरारी खरीदी थी। वहीं, क्रिकेट के मैदान पर भी हार्दिक की कप्तानी में मुंबई इंडियंस ने इतिहास रच दिया है। टीम ने 13 सालों के सूखे को खत्म करते हुए सीजन का अपना पहला मैच जीत लिया है। वानखेड़े स्टेडियम में खेले गए मुकाबले में मुंबई ने कोलकाता नाइट राइडर्स (KKR) को 6 विकेट से हराया। अक्टूबर 2025 में किया था अपने रिश्ते का खुलासा हार्दिक और मिहिका शर्मा ने अक्टूबर 2025 में अपने रिलेशनशिप को पब्लिक किया था। इसके बाद से ही मिहिका को अक्सर सार्वजनिक कार्यक्रमों और क्रिकेट स्टेडियम में हार्दिक के साथ देखा जाता रहा है। हाल ही में नरेंद्र मोदी स्टेडियम में जब टीम इंडिया ने टी-20 वर्ल्ड कप 2026 का खिताब जीती, तब भी मिहिका जीत के जश्न के दौरान हार्दिक के साथ मौजूद थीं। 2024 में नताशा स्टेनकोविच से हुआ तलाक हार्दिक ने साल 2024 में सर्बियाई मॉडल नताशा स्टेनकोविच से तलाक लिया था। दोनों की मुलाकात 2020 में कोविड-19 लॉकडाउन के दौरान हुई थी, जिसके बाद उन्होंने उसी साल शादी कर ली थी। 30 जुलाई 2020 को उनके बेटे अगस्त्य का जन्म हुआ। जुलाई 2024 में हार्दिक और नताशा ने आपसी सहमति से अलग होने का निर्णय लिया। अब हार्दिक और नताशा मिलकर अपने बेटे अगस्त्य की परवरिश कर रहे हैं। हार्दिक का जैस्मीन वालिया के साथ नाम जुड़ा नताशा से अलग होने के बाद हार्दिक का नाम मॉडल-सिंगर जैस्मीन वालिया के साथ जुड़ा। दोनों को कई मौकों पर एक ही लोकेशन पर स्पॉट किया गया था। दोनों एक-दूसरे को सोशल मीडिया पर फॉलो भी करते थे लेकिन कुछ समय बाद दोनों की राहें अलग हो गई। पिछले साल अक्टूबर में हार्दिक और मिहिका ने अपने रिश्ते को पब्लिक किया। हार्दिक ने अपने जन्मदिन के मौके पर मिहिका के साथ इंस्टाग्राम पर कई तस्वीरें शेयर कीं।
हार्दिक ने मिहिका को ₹1.7 करोड़ की कार गिफ्ट की:दोनों शोरूम पर साथ दिखे, अक्टूबर में अपने रिश्ते का खुलासा किया था

मुंबई इंडियंस के कप्तान हार्दिक पंड्या ने अपनी गर्लफ्रेंड मिहिका शर्मा को करीब 1.7 करोड़ रुपए की मर्सिडीज बेंज वी क्लास कार गिफ्ट की है। रिपोर्ट के मुताबिक, हार्दिक और मिहिका दोनों शोरूम पर साथ दिखे, जहां उन्होंने इस कार को डिलीवर करवाया। हार्दिक लग्जरी कारों के शौकीन हैं और हाल ही में उन्होंने खुद के लिए भी एक महंगी फरारी खरीदी थी। वहीं, क्रिकेट के मैदान पर भी हार्दिक की कप्तानी में मुंबई इंडियंस ने इतिहास रच दिया है। टीम ने 13 सालों के सूखे को खत्म करते हुए सीजन का अपना पहला मैच जीत लिया है। वानखेड़े स्टेडियम में खेले गए मुकाबले में मुंबई ने कोलकाता नाइट राइडर्स (KKR) को 6 विकेट से हराया। अक्टूबर 2025 में किया था अपने रिश्ते का खुलासा हार्दिक और मिहिका शर्मा ने अक्टूबर 2025 में अपने रिलेशनशिप को पब्लिक किया था। इसके बाद से ही मिहिका को अक्सर सार्वजनिक कार्यक्रमों और क्रिकेट स्टेडियम में हार्दिक के साथ देखा जाता रहा है। हाल ही में नरेंद्र मोदी स्टेडियम में जब टीम इंडिया ने टी-20 वर्ल्ड कप 2026 का खिताब जीती, तब भी मिहिका जीत के जश्न के दौरान हार्दिक के साथ मौजूद थीं। 2024 में नताशा स्टेनकोविच से हुआ तलाक हार्दिक ने साल 2024 में सर्बियाई मॉडल नताशा स्टेनकोविच से तलाक लिया था। दोनों की मुलाकात 2020 में कोविड-19 लॉकडाउन के दौरान हुई थी, जिसके बाद उन्होंने उसी साल शादी कर ली थी। 30 जुलाई 2020 को उनके बेटे अगस्त्य का जन्म हुआ। जुलाई 2024 में हार्दिक और नताशा ने आपसी सहमति से अलग होने का निर्णय लिया। अब हार्दिक और नताशा मिलकर अपने बेटे अगस्त्य की परवरिश कर रहे हैं। हार्दिक का जैस्मीन वालिया के साथ नाम जुड़ा नताशा से अलग होने के बाद हार्दिक का नाम मॉडल-सिंगर जैस्मीन वालिया के साथ जुड़ा। दोनों को कई मौकों पर एक ही लोकेशन पर स्पॉट किया गया था। दोनों एक-दूसरे को सोशल मीडिया पर फॉलो भी करते थे लेकिन कुछ समय बाद दोनों की राहें अलग हो गई। पिछले साल अक्टूबर में हार्दिक और मिहिका ने अपने रिश्ते को पब्लिक किया। हार्दिक ने अपने जन्मदिन के मौके पर मिहिका के साथ इंस्टाग्राम पर कई तस्वीरें शेयर कीं।






