थाईलैंड में 3 इंडियन टूरिस्ट का अपहरण:5 भारतीय गिरफ्तार; पाकिस्तानी के कहने पर किडनैपिंग की, ₹1.20 करोड़ की फिरौती मांगी थी

थाईलैंड में तीन इंडियन टूरिस्ट के अपहरण का मामला सामने आया है। स्थानीय मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, घटना पर पुलिस ने तुरंत एक्शन लेते हुए मंगलवार को 5 भारतीय आरोपियों को गिरफ्तार किया। आरोपियों ने पूछताछ में बताया कि उन्हें दुबई में बैठे एक पाकिस्तानी नागरिक ने किडनैपिंग के निर्देश दिए थे। आरोपियों ने पीड़ितों को सस्ते टूर पैकेज का लालच देकर थाईलैंड बुलाया था। इसके बाद उन्हें बंधक बनाकर उनके परिवारों से करीब 1.20 करोड़ रुपए की फिरौती मांगी गई। दुबई से संचालित हो रहा था गिरोह पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार आरोपियों की पहचान अवतार सिंह (38), जगजीत सिंह (38), रंभालक कुमार (24), सुखबीर सिंह (37) और कुलरा सिंह (27) के रूप में हुई है। वे इस पाकिस्तानी नागरिक से एक चैट एप्लीकेशन के जरिए पिछले एक महीने से संपर्क में थे। मास्टरमाइंड फिरौती की रकम क्रिप्टोकरेंसी के जरिए लेना चाहता था। पट्टाया के घर में दी गई यातनाएं पीड़ितों की पहचान मोहित (23), आशीष (24) और हिमांशु (20) के रूप में हुई है। आरोपियों ने उन्हें सात दिन के सस्ते टूर पैकेज का झांसा देकर पट्टाया बुलाया था। वहां पहुंचने पर उन्हें एक घर में बंधक बना लिया गया। पीड़ितों ने बताया कि उन्हें कई दिनों तक भूखा रखा गया, उनके हाथ-पैर बांधकर पीटा गया और उल्टा लटकाकर यातनाएं दी गईं। वीडियो कॉल पर दिखाई गई बर्बरता आरोपियों ने पीड़ितों के शरीर पर लाल स्प्रे पेंट लगाया था, ताकि वीडियो कॉल के दौरान ऐसा लगे कि उन्हें गंभीर चोटें आई हैं और खून बह रहा है। इस तरह वे पीड़ितों के परिवारों पर दबाव बनाकर प्रति व्यक्ति 40 लाख रुपये की फिरौती मांग रहे थे। पीड़ितों के परिजनों ने जब भारतीय दूतावास से संपर्क किया, तो दूतावास ने 21 जुलाई को चोनबुरी इमिग्रेशन और पट्टाया पुलिस को अलर्ट किया। पुलिस ने ऐसे किया रेस्क्यू पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज और खुफिया जानकारी के आधार पर पट्टाया के एक टाउनहाउस में छापा मारा। वहां तीनों पीड़ित अलग-अलग कमरों में बंधे हुए मिले। उनके मुंह पर टेप लगा था और शरीर पर चोट के निशान थे। पुलिस को मौके से टेप, लकड़ी का डंडा और लाल स्प्रे पेंट बरामद हुआ है। पहले भी हो चुकी है ऐसी वारदात रेस्क्यू किए गए पीड़ितों ने पुलिस को बताया कि उनके आने से पहले भी एक भारतीय को उसी घर में बंधक बनाया गया था। उसे तब छोड़ा गया जब उसके परिजनों ने करीब 30 लाख रुपये की फिरौती चुका दी थी। पुलिस अब मामले के मुख्य सूत्रधार और अन्य पाकिस्तानी संदिग्धों की तलाश कर रही है। आरोपियों को इस काम के बदले नकदी, कीमती सामान और थाईलैंड से बाहर जाने के लिए एयरलाइन टिकट का वादा किया गया था।
टेलीग्राम के फाउंडर पावेल दुरोव पर आतंकवाद फैलाने का आरोप:रूस ने एफआईआर दर्ज की, इंटरनेशनल वॉन्टेड लिस्ट में डाला; बैन हो सकता है एप

रूस की मुख्य सुरक्षा एजेंसी ‘फेडरल सिक्योरिटी सर्विस’ (FSS) ने मैसेजिंग एप टेलीग्राम के फाउंडर पावेल दुरोव के खिलाफ ‘आतंकवाद को बढ़ावा देने’ के आरोप तय किए हैं। इसके साथ ही रूस ने उन्हें इंटरनेशनल वॉन्टेड लिस्ट में भी डाल दिया है। FSS ने आरोप लगाया है कि टेलीग्राम का एडमिनिस्ट्रेशन उन चैनल्स, चैट्स और बोट्स को हटाने में नाकाम रहा है, जिनका इस्तेमाल यूक्रेनी इंटेलिजेंस एजेंसियां और चरमपंथी संगठन रूस में तोड़फोड़, साइबर फ्रॉड और आतंकी गतिविधियों को अंजाम देने के लिए कर रहे हैं। सुरक्षा एजेंसियों का कहना है कि बार-बार चेतावनी के बावजूद टेलीग्राम प्रशासन ने इन्हें हटाने के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाया। पावेल दुरोव पर नया केस दर्ज होने के बाद अब रूस में टेलीग्राम के भविष्य और इसकी सेवाओं पर पूरी तरह बैन लगने की आशंका बढ़ गई है। इंटरनेशनल वॉन्टेड लिस्ट में नाम शामिल FSS ने कानूनी कार्रवाई करते हुए पावेल दुरोव को अंतरराष्ट्रीय भगोड़ा घोषित किया है। उनका नाम इंटरनेशनल वॉन्टेड लिस्ट में डाल दिया गया है। पावेल दुरोव का जन्म रूस में ही हुआ था, लेकिन वे लंबे समय से देश से बाहर रह रहे हैं। उन्होंने 2021 में फ्रांस की नागरिकता हासिल की थी और इस समय वे दुबई से अपनी कंपनी और एप का संचालन कर रहे हैं। टेलीग्राम पर पहले से पाबंदियां, फिर भी लोकप्रिय रूस में टेलीग्राम सबसे लोकप्रिय मैसेजिंग एप्स में से एक है। रूसी सरकार ने सुरक्षा कारणों का हवाला देते हुए एप पर पहले ही कड़े प्रतिबंध लगा रखे हैं। इसके बावजूद आम लोगों से लेकर सरकारी और मिलिट्री से जुड़े लोग भी इस एप का उपयोग करते हैं। नॉलेज बॉक्स क्या है फेडरल सिक्योरिटी सर्विस? FSS रूस की मुख्य आंतरिक सुरक्षा और खुफिया एजेंसी है। यह पूर्ववर्ती सोवियत संघ की एजेंसी KGB की उत्तराधिकारी मानी जाती है। इसका मुख्य काम देश के भीतर आतंकवाद रोकना, सीमाओं की सुरक्षा करना और साइबर सुरक्षा की निगरानी करना है। कौन हैं पावेल दुरोव? 1984 में रूस में जन्मे दुरोव को ‘रूस का मार्क जुकरबर्ग’ कहा जाता है। उन्होंने टेलीग्राम से पहले रूस का सबसे बड़ा सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म VK बनाया था। डेटा प्राइवेसी और अभिव्यक्ति की आजादी को लेकर रूसी सरकार से हुए विवाद के बाद उन्होंने 2014 में रूस छोड़ दिया था।
चांदी ₹1270 महंगी होकर ₹2.19 लाख पर पहुंची:10 ग्राम सोने का दाम ₹178 बढ़कर ₹1.42 लाख, कैरेट के हिसाब से देखें कीमत

सोने-चांदी की कीमतों में 29 जुलाई को बढ़त है। इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन (IBJA) के मुताबिक, एक किलो चांदी 1,270 रुपए महंगी होकर 2.19 लाख रुपए पर पहुंच गई है। वहीं, 10 ग्राम 24 कैरेट सोने का दाम 178 रुपए बढ़कर 1.42 लाख रुपए पर पहुंच गया है। इस साल सोने में अब तक तेजी रही इस साल सोने-चांदी की कीमत में लगातार उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहा है। सोना 2026 में अब तक 9 हजार रुपए महंगा हुआ है। 31 दिसंबर 2025 को 10g सोना 1.33 लाख रुपए के ऊपर था, जो अब 1.42 लाख रुपए पर पहुंच गया है। वहीं, चांदी की कीमत में 11 हजार रुपए की गिरावट है। चांदी 31 दिसंबर 2025 को 2.30 लाख रुपए किलो थी, जो अब 2.19 लाख रुपए पर है। इस दौरान 29 जनवरी को सोने ने 1.76 लाख रुपए और चांदी ने 3.86 लाख रुपए का ऑलटाइम हाई भी बनाया था। सोना इस साल 1.60 लाख तक जा सकता है कमोडिटी एक्सपर्ट अजय केडिया के मुताबिक सोने-चांदी के दाम अपने हाई से काफी नीचे आ चुके हैं। ऐसे में निवेशक इसमें निवेश कर सकते हैं, हालांकि इनमें एकमुश्त निवेश करने से बचना चाहिए। अजय केडिया के अनुसार साल के आखिर तक सोना एक बार फिर 1.60 लाख और चांदी 2.80 लाख रुपए तक जा सकती है। सोने-चांदी में ETF के जरिए कर सकते हैं निवेश एक्सचेंज ट्रेडेड फंड सोने और चांदी के गिरते-चढ़ते भावों पर बेस्ड होते हैं। गोल्ड ETF या सिल्वर ETF की खरीद-बिक्री शेयर की ही तरह BSE और NSE पर की जा सकती है। हालांकि, इसमें आपको सोना या चांदी नहीं मिलता। आप जब इससे निकलना चाहें तब आपको उस समय के सोने-चांदी के भाव के बराबर पैसा मिल जाएगा। इसमें 500 रुपए से भी कम में निवेश की शुरुआत कर सकते हैं। इसमें कैसे कर सकते हैं निवेश? ETF खरीदने के लिए आपको अपने ब्रोकर के माध्यम से डीमैट अकाउंट खोलना होता है। इसमें NSE पर उपलब्ध ETF के यूनिट आप खरीद सकते हैं और उसके बराबर की राशि आपके डीमैट अकाउंट से जुड़े बैंक अकाउंट से कट जाएगी। आपके डीमैट अकाउंट में ऑर्डर लगाने के दो दिन बाद ETF आपके अकाउंट में डिपॉजिट हो जाते हैं। ट्रेडिंग खाते के जरिए ही ETF को बेचा जाता है।
चांदी ₹1270 महंगी होकर ₹2.19 लाख पर पहुंची:10 ग्राम सोने का दाम ₹178 बढ़कर ₹1.42 लाख, कैरेट के हिसाब से देखें कीमत

सोने-चांदी की कीमतों में आज यानी 29 जुलाई को बढ़त है। इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन (IBJA) के मुताबिक, एक किलो चांदी 1,270 रुपए महंगी होकर 2.19 लाख रुपए पर पहुंच गई है। वहीं, 10 ग्राम 24 कैरेट सोने का दाम 178 रुपए बढ़कर 1.42 लाख रुपए पर पहुंच गया है। इस साल सोने में अब तक तेजी रही इस साल सोने-चांदी की कीमत में लगातार उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहा है। सोना 2026 में अब तक 9 हजार रुपए महंगा हुआ है। 31 दिसंबर 2025 को 10g सोना 1.33 लाख रुपए के ऊपर था, जो अब 1.42 लाख रुपए पर पहुंच गया है। वहीं, चांदी की कीमत में 11 हजार रुपए की गिरावट है। चांदी 31 दिसंबर 2025 को 2.30 लाख रुपए किलो थी, जो अब 2.19 लाख रुपए पर है। इस दौरान 29 जनवरी को सोने ने 1.76 लाख रुपए और चांदी ने 3.86 लाख रुपए का ऑलटाइम हाई भी बनाया था। सोना इस साल 1.60 लाख तक जा सकता है कमोडिटी एक्सपर्ट अजय केडिया के मुताबिक सोने-चांदी के दाम अपने हाई से काफी नीचे आ चुके हैं। ऐसे में निवेशक इसमें निवेश कर सकते हैं, हालांकि इनमें एकमुश्त निवेश करने से बचना चाहिए। अजय केडिया के अनुसार साल के आखिर तक सोना एक बार फिर 1.60 लाख और चांदी 2.80 लाख रुपए तक जा सकती है। सोने-चांदी में ETF के जरिए कर सकते हैं निवेश एक्सचेंज ट्रेडेड फंड सोने और चांदी के गिरते-चढ़ते भावों पर बेस्ड होते हैं। गोल्ड ETF या सिल्वर ETF की खरीद-बिक्री शेयर की ही तरह BSE और NSE पर की जा सकती है। हालांकि, इसमें आपको सोना या चांदी नहीं मिलता। आप जब इससे निकलना चाहें तब आपको उस समय के सोने-चांदी के भाव के बराबर पैसा मिल जाएगा। इसमें 500 रुपए से भी कम में निवेश की शुरुआत कर सकते हैं। इसमें कैसे कर सकते हैं निवेश? ETF खरीदने के लिए आपको अपने ब्रोकर के माध्यम से डीमैट अकाउंट खोलना होता है। इसमें NSE पर उपलब्ध ETF के यूनिट आप खरीद सकते हैं और उसके बराबर की राशि आपके डीमैट अकाउंट से जुड़े बैंक अकाउंट से कट जाएगी। आपके डीमैट अकाउंट में ऑर्डर लगाने के दो दिन बाद ETF आपके अकाउंट में डिपॉजिट हो जाते हैं। ट्रेडिंग खाते के जरिए ही ETF को बेचा जाता है।
उसका हर आदमी के साथ अफेयर था:श्वेता तिवारी पर पूर्व पति राजा चौधरी के संगीन आरोप, कहा- सेजान ने मेरे सामने कबूल किया, घर आता था

टेलीविजन की पॉपुलर एक्ट्रेस श्वेता तिवारी के पूर्व पति राजा चौधरी ने उन पर कई अफेयर होने के संगीन आरोप लगाए हैं। राजा ने दावा किया है कि उनका कसौटी जिंदगी की एक्टर सेजान खान के साथ भी अफेयर था और एक्टर ने उनके सामने ये कबूल भी किया था। राजा चौधरी ने सिद्धार्थ कानन को दिए इंटरव्यू में कहा, ‘सिर्फ सेजान खान ही नहीं श्वेता के कई और लोगों के साथ भी अफेयर थे। मुझे लगता है कि उसका हर एक इंसान के साथ ही अफेयर था।’ आगे उन्होंने कहा, ‘जो मैंने उस समय देखा, उससे ये साबित भी हुआ। वो उसके (सेजान खान) के साथ काम कर रही थी, उसके घर में रह रही थी। हमारे एक कॉमन दोस्त के सामने उसने कन्फेस भी किया है कि वो उसके साथ यहां आती थी। यहां तक कि उसने (सेजान ने) मेरे सामने कबूल किया है कि हां हमारा अफेयर है, तेरे में हिम्मत है तो आ जा मेरे घर कोलीवाड़ा। मैंने उससे कहा कि क्या अब ये लड़ाई-झगड़े करने बैठूंगा तेरे साथ। अपना ही सिक्के में खोट है। लेकिन श्वेता ने कभी कबूल नहीं किया।’ बातचीत में राजा चौधरी ने ये भी दावा किया है कि कई बार वो श्वेता के टीवी शोज के सेट पर गए थे, तब वो सेट पर नहीं होती थीं और सेजान के साथ बाहर होती थीं। पूछने पर कहती थीं डबिंग है, लेकिन जब राजा ने डबिंग वालों से पूछा तो जवाब मिला कि कोई डबिंग नहीं चल रही। राजा ने ये भी दावा किया कि श्वेता लंबे समय तक रोड के किनारे सेजान के साथ कार में समय बिताती थीं। राजा चौधरी ने मारपीट के दावे को नकारा बातचीत में राजा चौधरी ने श्वेता तिवारी पर हाथ उठाने के दावों को सिरे से खारिज कर दिया। उनका कहना है कि गुस्से में उन्होंने गालियां दी हैं, सामान तोड़ा है, लेकिन कभी एक्ट्रेस पर हाथ नहीं उठाया। 1998 में परिवार के खिलाफ जाकर श्वेता ने की थी शादी श्वेता तिवारी ने 1998 में परिवार के खिलाफ जाकर राजा चौधरी से शादी की थी। तब वह महज 18 साल की थीं। शादी के बाद श्वेता तिवारी ने 2000 में बेटी पलक को जन्म दिया। इसी समय उन्होंने टीवी शो आने वाला पल से एक्टिंग करियर की शुरुआत की। उन्हें 2001 के शो कसौटी जिंदगी की से देशभर में पहचान मिली। श्वेता ने राजा के साथ रियलिटी शो नच बलिए में हिस्सा लिया था। कुछ समय बाद ही शादी के करीब 9 साल बाद, 2007 में श्वेता ने तलाक की अर्जी दी। उन्होंने आरोप लगाया था कि राजा चौधरी शराब पीते थे और उनके साथ मारपीट करते थे। श्वेता के मुताबिक, राजा अक्सर उनके शूटिंग सेट पर भी पहुंच जाते थे और उनके साथ बदसलूकी करते थे। दोनों का तलाक 2012 में हुआ। इसके बाद श्वेता तिवारी ने अभिनेता अभिनव कोहली को करीब तीन साल तक डेट करने के बाद 13 जुलाई 2013 को शादी की। 27 नवंबर 2016 को उनके बेटे रेयांश कोहली का जन्म हुआ। हालांकि, 2017 से ही दोनों के रिश्ते में अनबन की खबरें आने लगी थीं। अगस्त 2019 में श्वेता ने अभिनव कोहली के खिलाफ घरेलू हिंसा की शिकायत दर्ज कराई। उन्होंने आरोप लगाया कि अभिनव उन्हें और उनकी बेटी पलक को परेशान करते थे। शिकायत के बाद पुलिस ने अभिनव को हिरासत में लिया। इसके बाद 2019 में दोनों अलग हो गए। वहीं दूसरी तरफ राजा चौधरी ने 2015 में दिल्ली की कॉर्पोरेट प्रोफेशन श्वेता सूद से शादी की। शादी के 7 साल बाद उनका तलाक हो गया।
उसका हर आदमी के साथ अफेयर था:श्वेता तिवारी पर पूर्व पति राजा चौधरी के संगीन आरोप, कहा- सेजान ने मेरे सामने कबूल किया, घर आता था

टेलीविजन की पॉपुलर एक्ट्रेस श्वेता तिवारी के पूर्व पति राजा चौधरी ने उन पर कई अफेयर होने के संगीन आरोप लगाए हैं। राजा ने दावा किया है कि उनका कसौटी जिंदगी की एक्टर सेजान खान के साथ भी अफेयर था और एक्टर ने उनके सामने ये कबूल भी किया था। राजा चौधरी ने सिद्धार्थ कानन को दिए इंटरव्यू में कहा, ‘सिर्फ सेजान खान ही नहीं श्वेता के कई और लोगों के साथ भी अफेयर थे। मुझे लगता है कि उसका हर एक इंसान के साथ ही अफेयर था।’ आगे उन्होंने कहा, ‘जो मैंने उस समय देखा, उससे ये साबित भी हुआ। वो उसके (सेजान खान) के साथ काम कर रही थी, उसके घर में रह रही थी। हमारे एक कॉमन दोस्त के सामने उसने कन्फेस भी किया है कि वो उसके साथ यहां आती थी। यहां तक कि उसने (सेजान ने) मेरे सामने कबूल किया है कि हां हमारा अफेयर है, तेरे में हिम्मत है तो आ जा मेरे घर कोलीवाड़ा। मैंने उससे कहा कि क्या अब ये लड़ाई-झगड़े करने बैठूंगा तेरे साथ। अपना ही सिक्के में खोट है। लेकिन श्वेता ने कभी कबूल नहीं किया।’ बातचीत में राजा चौधरी ने ये भी दावा किया है कि कई बार वो श्वेता के टीवी शोज के सेट पर गए थे, तब वो सेट पर नहीं होती थीं और सेजान के साथ बाहर होती थीं। पूछने पर कहती थीं डबिंग है, लेकिन जब राजा ने डबिंग वालों से पूछा तो जवाब मिला कि कोई डबिंग नहीं चल रही। राजा ने ये भी दावा किया कि श्वेता लंबे समय तक रोड के किनारे सेजान के साथ कार में समय बिताती थीं। राजा चौधरी ने मारपीट के दावे को नकारा बातचीत में राजा चौधरी ने श्वेता तिवारी पर हाथ उठाने के दावों को सिरे से खारिज कर दिया। उनका कहना है कि गुस्से में उन्होंने गालियां दी हैं, सामान तोड़ा है, लेकिन कभी एक्ट्रेस पर हाथ नहीं उठाया। 1998 में परिवार के खिलाफ जाकर श्वेता ने की थी शादी श्वेता तिवारी ने 1998 में परिवार के खिलाफ जाकर राजा चौधरी से शादी की थी। तब वह महज 18 साल की थीं। शादी के बाद श्वेता तिवारी ने 2000 में बेटी पलक को जन्म दिया। इसी समय उन्होंने टीवी शो आने वाला पल से एक्टिंग करियर की शुरुआत की। उन्हें 2001 के शो कसौटी जिंदगी की से देशभर में पहचान मिली। श्वेता ने राजा के साथ रियलिटी शो नच बलिए में हिस्सा लिया था। कुछ समय बाद ही शादी के करीब 9 साल बाद, 2007 में श्वेता ने तलाक की अर्जी दी। उन्होंने आरोप लगाया था कि राजा चौधरी शराब पीते थे और उनके साथ मारपीट करते थे। श्वेता के मुताबिक, राजा अक्सर उनके शूटिंग सेट पर भी पहुंच जाते थे और उनके साथ बदसलूकी करते थे। दोनों का तलाक 2012 में हुआ। इसके बाद श्वेता तिवारी ने अभिनेता अभिनव कोहली को करीब तीन साल तक डेट करने के बाद 13 जुलाई 2013 को शादी की। 27 नवंबर 2016 को उनके बेटे रेयांश कोहली का जन्म हुआ। हालांकि, 2017 से ही दोनों के रिश्ते में अनबन की खबरें आने लगी थीं। अगस्त 2019 में श्वेता ने अभिनव कोहली के खिलाफ घरेलू हिंसा की शिकायत दर्ज कराई। उन्होंने आरोप लगाया कि अभिनव उन्हें और उनकी बेटी पलक को परेशान करते थे। शिकायत के बाद पुलिस ने अभिनव को हिरासत में लिया। इसके बाद 2019 में दोनों अलग हो गए। वहीं दूसरी तरफ राजा चौधरी ने 2015 में दिल्ली की कॉर्पोरेट प्रोफेशन श्वेता सूद से शादी की। शादी के 7 साल बाद उनका तलाक हो गया।
ITR भरने के आखिरी 3 दिन:31 जुलाई तक फाइल नहीं करने पर ₹5000 तक लेट फीस लगेगी, इन 10 बातों का रखें ध्यान

वित्त वर्ष 2025-26 के लिए इनकम टैक्स रिटर्न यानी ITR फाइलिंग के लिए अब सिर्फ 3 दिन का टाइम ही बचा है। आम टैक्सपेयर्स के लिए रिटर्न फाइल करने की आखिरी तारीख 31 जुलाई 2026 है। वहीं, बिजनेस क्लास (ITR-3 और 4) के कुछ लोगों के लिए यह 31 अगस्त है। अगर आप 31 जुलाई तक चूक जाते हैं, तो 31 दिसंबर तक जुर्माना भरकर ‘बिलेटेड रिटर्न’ फाइल कर सकते हैं। हालांकि इसके लिए आपको लेट फीस देनी होगी। ITR आपकी पूरी आय, निवेश और वित्तीय लेन-देन का आधिकारिक रिकॉर्ड होता है। इनकम टैक्स डिपार्टमेंट आपकी दी जानकारी पर रखता है नजर इनकम टैक्स डिपार्टमेंट AI, डेटा एनालिटिक्स और विभिन्न पोर्टलों के जरिए बैंक खातों, TDS, शेयर-म्यूचुअल फंड, प्रॉपर्टी और विदेश यात्रा तक की जानकारी जुटाकर ITR में दी गई जानकारी से मिलाता है। ऐसे में छोटी सी चूक भी टैक्स डिमांड, ब्याज और पेनाल्टी का कारण बन सकती है। यहां टैक्स एक्सपर्ट और सीए आनंद जैन, इंदौर आपको बता रहे हैं कि ITR भरते समय किन 10 जरूरी बातों का ध्यान रखना चाहिए… 1. सिर्फ फॉर्म 16 पर भरोसा न करें बहुत से सैलरीड लोगों को लगता है कि फॉर्म 16 में जो कुछ है, वही काफी है। लेकिन फॉर्म 16 सिर्फ सैलरी और उस पर कटे TDS की जानकारी देता है। अगर आपको FD, RD, सेविंग अकाउंट का ब्याज, डिविडेंड, किराया, फ्रीलांस आय, शेयर-म्यूचुअल फंड का लाभ या विदेशी इनकम हुई है तो उसे भी ITR में शामिल करना जरूरी है। इन्हें छिपाने पर बाद में अतिरिक्त टैक्स और ब्याज चुकाना पड़ सकता है। 2. सही ITR फॉर्म चुनना बहुत जरूरी गलत फॉर्म चुनने पर रिटर्न डिफेक्टिव माना जा सकता है, यानी मान लिया जाएगा कि आपने रिटर्न फाइल ही नहीं किया। ITR-1: सैलरी, पेंशन और साधारण ब्याज आय वालों के लिए। ITR-2: कैपिटल गेन, एक से ज्यादा घर, विदेशी संपत्ति या आय वालों के लिए। ITR-3: बिजनेस, फ्रीलांस, FO या ट्रेडिंग करने वालों के लिए। ITR-4: छोटे बिजनेसमैन और प्रोफेशनल्स के लिए । 3. AIS, TIS और Form 26AS जरूर चेक करें रिटर्न भरने से पहले फॉर्म 16, फॉर्म 26AS, एनुअल इंफॉर्मेशन स्टेटमेंट (AIS) और टैक्सपेयर इंफॉर्मेशन समरी (TIS) का मिलान जरूर करें। अगर इनमें दिख रही आय आपके रिटर्न से अलग है तो विभाग स्पष्टीकरण मांग सकता है। गलत जानकारी दिखे तो पोर्टल पर सुधार के लिए शिकायत दर्ज करें। 4. नौकरी बदलने पर दोनों कंपनियों की सैलरी जोड़ें अगर वित्त वर्ष में जॉब चेंज की है तो पुराने और नए दोनों एम्प्लॉयर से मिली सैलरी को जोड़कर ही रिटर्न भरें। ऐसा न करने पर कम TDS कटने की वजह से बाद में टैक्स चुकाना पड़ सकता है। 5. बैंक खातों की डिटेल सही भरें सभी बैंक अकाउंट्स की जानकारी दें। रिफंड आने वाले अकाउंट का IFSC कोड और अकाउंट नंबर बिल्कुल सही डालें। गलती से रिफंड में देरी हो सकती है। 6. ब्याज आय छिपाने की भूल न करें कई लोग सोचते हैं कि TDS न कटे तो आय कर योग्य नहीं। यह गलत है। FD, RD, सेविंग अकाउंट और बॉन्ड का ब्याज विभाग को AIS और बैंक डेटा से पता चल जाता है। इन्हें छोड़ना महंगा पड़ सकता है। 7. शेयर, म्यूचुअल फंड और प्रॉपर्टी की बिक्री का पूरा ब्योरा दें डिमैट अकाउंट PAN से लिंक होने के कारण सभी ट्रांजेक्शन विभाग के पास आ जाते हैं। शेयर बेचने, MF रिडीम करने या प्रॉपर्टी बेचने पर हुए लाभ या नुकसान दोनों घोषित करें। नुकसान दिखाने से भविष्य में टैक्स बचत हो सकती है। 8. कटौतियों का दावा दस्तावेजों के साथ करें 80C, NPS, 80D (हेल्थ इंश्योरेंस) और होम लोन पर ब्याज जैसी कटौतियां केवल सही निवेश पर ही लें। दस्तावेज सुरक्षित रखें, विभाग कभी भी प्रमाण मांग सकता है। 9. विदेशी निवेश और आय का पूरा खुलासा विदेशी शेयर, ETF, बैंक अकाउंट या प्लेटफॉर्म में निवेश करने वालों को इसका विवरण देना जरूरी है। खासकर रेजीडेंसी और ऑर्डिनरी रेजीडेंसी टैक्स पेयर के लिए विदेशी संपत्ति की जानकारी देना जरूरी हो सकती है। 10. रिटर्न फाइल करने के बाद ई-वेरिफिकेशन जरूर करें रिटर्न सबमिट करना काफी नहीं। आधार OTP, नेट बैंकिंग, डिमैट अकाउंट या डिजिटल सिग्नेचर से ई-वेरिफिकेशन करना जरूरी है। समय पर न करने पर रिटर्न अमान्य हो सकता है। 31 जुलाई के बाद 5,000 रुपए तक लेट फीस देनी होगी 31 जुलाई के बाद ITR फाइल करने वाले टैक्सपेयर्स को लेट फीस देनी होगी। अगर किसी इंडिविजुअल टैक्सपेयर की सालाना आय 5 लाख रुपए से ज्यादा है, तब उसे 5000 रुपए की लेट फीस देनी होगी। अगर टैक्सपेयर की एनुअल इनकम 5 लाख रुपए से कम है, तब उसे लेट फीस के रूप में 1,000 रुपए भरने होंगे।
ITR भरने के आखिरी 3 दिन:31 जुलाई तक फाइल नहीं करने पर ₹5000 तक लेट फीस लगेगी, इन 10 बातों का रखें ध्यान

वित्त वर्ष 2025-26 के लिए इनकम टैक्स रिटर्न यानी ITR फाइलिंग के लिए अब सिर्फ 3 दिन का टाइम ही बचा है। आम टैक्सपेयर्स के लिए रिटर्न फाइल करने की आखिरी तारीख 31 जुलाई 2026 है। वहीं, बिजनेस क्लास (ITR-3 और 4) के कुछ लोगों के लिए यह 31 अगस्त है। अगर आप 31 जुलाई तक चूक जाते हैं, तो 31 दिसंबर तक जुर्माना भरकर ‘बिलेटेड रिटर्न’ फाइल कर सकते हैं। हालांकि इसके लिए आपको लेट फीस देनी होगी। ITR आपकी पूरी आय, निवेश और वित्तीय लेन-देन का आधिकारिक रिकॉर्ड होता है। इनकम टैक्स डिपार्टमेंट आपकी दी जानकारी पर रखता है नजर इनकम टैक्स डिपार्टमेंट AI, डेटा एनालिटिक्स और विभिन्न पोर्टलों के जरिए बैंक खातों, TDS, शेयर-म्यूचुअल फंड, प्रॉपर्टी और विदेश यात्रा तक की जानकारी जुटाकर ITR में दी गई जानकारी से मिलाता है। ऐसे में छोटी सी चूक भी टैक्स डिमांड, ब्याज और पेनाल्टी का कारण बन सकती है। यहां टैक्स एक्सपर्ट और सीए आनंद जैन, इंदौर आपको बता रहे हैं कि ITR भरते समय किन 10 जरूरी बातों का ध्यान रखना चाहिए… 1. सिर्फ फॉर्म 16 पर भरोसा न करें बहुत से सैलरीड लोगों को लगता है कि फॉर्म 16 में जो कुछ है, वही काफी है। लेकिन फॉर्म 16 सिर्फ सैलरी और उस पर कटे TDS की जानकारी देता है। अगर आपको FD, RD, सेविंग अकाउंट का ब्याज, डिविडेंड, किराया, फ्रीलांस आय, शेयर-म्यूचुअल फंड का लाभ या विदेशी इनकम हुई है तो उसे भी ITR में शामिल करना जरूरी है। इन्हें छिपाने पर बाद में अतिरिक्त टैक्स और ब्याज चुकाना पड़ सकता है। 2. सही ITR फॉर्म चुनना बहुत जरूरी गलत फॉर्म चुनने पर रिटर्न डिफेक्टिव माना जा सकता है, यानी मान लिया जाएगा कि आपने रिटर्न फाइल ही नहीं किया। ITR-1: सैलरी, पेंशन और साधारण ब्याज आय वालों के लिए। ITR-2: कैपिटल गेन, एक से ज्यादा घर, विदेशी संपत्ति या आय वालों के लिए। ITR-3: बिजनेस, फ्रीलांस, FO या ट्रेडिंग करने वालों के लिए। ITR-4: छोटे बिजनेसमैन और प्रोफेशनल्स के लिए । 3. AIS, TIS और Form 26AS जरूर चेक करें रिटर्न भरने से पहले फॉर्म 16, फॉर्म 26AS, एनुअल इंफॉर्मेशन स्टेटमेंट (AIS) और टैक्सपेयर इंफॉर्मेशन समरी (TIS) का मिलान जरूर करें। अगर इनमें दिख रही आय आपके रिटर्न से अलग है तो विभाग स्पष्टीकरण मांग सकता है। गलत जानकारी दिखे तो पोर्टल पर सुधार के लिए शिकायत दर्ज करें। 4. नौकरी बदलने पर दोनों कंपनियों की सैलरी जोड़ें अगर वित्त वर्ष में जॉब चेंज की है तो पुराने और नए दोनों एम्प्लॉयर से मिली सैलरी को जोड़कर ही रिटर्न भरें। ऐसा न करने पर कम TDS कटने की वजह से बाद में टैक्स चुकाना पड़ सकता है। 5. बैंक खातों की डिटेल सही भरें सभी बैंक अकाउंट्स की जानकारी दें। रिफंड आने वाले अकाउंट का IFSC कोड और अकाउंट नंबर बिल्कुल सही डालें। गलती से रिफंड में देरी हो सकती है। 6. ब्याज आय छिपाने की भूल न करें कई लोग सोचते हैं कि TDS न कटे तो आय कर योग्य नहीं। यह गलत है। FD, RD, सेविंग अकाउंट और बॉन्ड का ब्याज विभाग को AIS और बैंक डेटा से पता चल जाता है। इन्हें छोड़ना महंगा पड़ सकता है। 7. शेयर, म्यूचुअल फंड और प्रॉपर्टी की बिक्री का पूरा ब्योरा दें डिमैट अकाउंट PAN से लिंक होने के कारण सभी ट्रांजेक्शन विभाग के पास आ जाते हैं। शेयर बेचने, MF रिडीम करने या प्रॉपर्टी बेचने पर हुए लाभ या नुकसान दोनों घोषित करें। नुकसान दिखाने से भविष्य में टैक्स बचत हो सकती है। 8. कटौतियों का दावा दस्तावेजों के साथ करें 80C, NPS, 80D (हेल्थ इंश्योरेंस) और होम लोन पर ब्याज जैसी कटौतियां केवल सही निवेश पर ही लें। दस्तावेज सुरक्षित रखें, विभाग कभी भी प्रमाण मांग सकता है। 9. विदेशी निवेश और आय का पूरा खुलासा विदेशी शेयर, ETF, बैंक अकाउंट या प्लेटफॉर्म में निवेश करने वालों को इसका विवरण देना जरूरी है। खासकर रेजीडेंसी और ऑर्डिनरी रेजीडेंसी टैक्स पेयर के लिए विदेशी संपत्ति की जानकारी देना जरूरी हो सकती है। 10. रिटर्न फाइल करने के बाद ई-वेरिफिकेशन जरूर करें रिटर्न सबमिट करना काफी नहीं। आधार OTP, नेट बैंकिंग, डिमैट अकाउंट या डिजिटल सिग्नेचर से ई-वेरिफिकेशन करना जरूरी है। समय पर न करने पर रिटर्न अमान्य हो सकता है। 31 जुलाई के बाद 5,000 रुपए तक लेट फीस देनी होगी 31 जुलाई के बाद ITR फाइल करने वाले टैक्सपेयर्स को लेट फीस देनी होगी। अगर किसी इंडिविजुअल टैक्सपेयर की सालाना आय 5 लाख रुपए से ज्यादा है, तब उसे 5000 रुपए की लेट फीस देनी होगी। अगर टैक्सपेयर की एनुअल इनकम 5 लाख रुपए से कम है, तब उसे लेट फीस के रूप में 1,000 रुपए भरने होंगे।
श्रीमद्भागवतम पर बनेगी 7 फिल्मों की सीरीज:रामायण शो बनाने वाले रामानंद सागर के पोते कर रहे हैं डायरेक्ट, रामोजी फिल्म सिटी में शूटिंग शुरू

1987 में टीवी पर सुपरहिट ‘रामायण’ बनाने वाली सागर पिक्चर्स एंटरटेनमेंट अब बड़े पर्दे पर ‘श्रीमद्भागवतम’ लेकर आ रही है। स्टूडियो ने घोषणा की है कि यह 7 फिल्मों की एक बड़ी सिनेमाई सीरीज होगी। इसकी शुरुआत ‘श्रीमद्भागवतम पार्ट-1’ से होगी। इस सीरीज की परिकल्पना और निर्माण रामानंद सागर के पोते अमृत सागर चोपड़ा और आकाश सागर चोपड़ा ने किया है। दोनों इस प्रोजेक्ट से जुड़े हैं और अमृत सागर पहले पार्ट का निर्देशन भी कर रहे हैं। इस फिल्म का निर्माण सागर पिक्चर्स ग्लोबल कर रहा है। वहीं, आध्यात्मिक गुरु और लेखक श्री एम इस प्रोजेक्ट के रिसर्च गाइड हैं, जबकि मोती सागर इसके मेंटर हैं। रामोजी फिल्म सिटी में शुरू हुई शूटिंग फिल्म की शूटिंग रामोजी फिल्म सिटी, हैदराबाद में शुरू हो चुकी है। इसका शुभारंभ तेलंगाना के मुख्यमंत्री ने किया था। फिल्म की सिनेमैटोग्राफी जोएल शेफर कर रहे हैं, जबकि ऑस्कर विजेता विजुअल इफेक्ट्स विशेषज्ञ क्लाइड एडवर्ड्स इसके एग्जीक्यूटिव प्रोड्यूसर हैं। सागर पिक्चर्स एंटरटेनमेंट ने बताया कि यह प्रोजेक्ट दिवंगत डॉ. रामानंद सागर और लीला सागर को समर्पित है। आने वाले महीनों में ‘श्रीमद्भागवतम पार्ट-1’ से जुड़ी अन्य अहम जानकारियां भी शेयर की जाएंगी। यह फिल्म महर्षि वेदव्यास द्वारा रचित भागवत महापुराण पर आधारित होगी। इसमें भगवान श्रीकृष्ण के जीवन, उनके उपदेशों और भगवान विष्णु के कई अवतारों की कहानियों को बड़े पैमाने पर दिखाया जाएगा। फिल्म का मकसद इन धार्मिक कथाओं को आधुनिक तकनीक और शानदार विजुअल्स के साथ दुनिया भर के दर्शकों तक पहुंचाना है। सागर पिक्चर्स एंटरटेनमेंट के सीईओ आकाश सागर ने कहा कि ‘श्रीमद्भागवतम’ भारत की सबसे महत्वपूर्ण आध्यात्मिक और साहित्यिक कृतियों में से एक है। इसकी कहानियां बेहद विशाल और गहरी हैं। हमारी कोशिश है कि इन्हें पूरी प्रामाणिकता और भव्यता के साथ बड़े पर्दे पर पेश किया जाए। इस सीरीज में दर्शकों को श्रीकृष्ण का बाल और किशोर जीवन, रासलीला, गोपी गीत, समुद्र मंथन, मत्स्य, वराह और नरसिंह अवतार, ध्रुव, भरत, पृथु और कपिल जैसे कई प्रसिद्ध और कम चर्चित प्रसंग देखने को मिलेंगे। सागर पिक्चर्स एंटरटेनमेंट के बारे में
श्रीमद्भागवतम पर बनेगी 7 फिल्मों की सीरीज:रामायण शो बनाने वाले रामानंद सागर के पोते कर रहे हैं डायरेक्ट, रामोजी फिल्म सिटी में शूटिंग शुरू

1987 में टीवी पर सुपरहिट ‘रामायण’ बनाने वाली सागर पिक्चर्स एंटरटेनमेंट अब बड़े पर्दे पर ‘श्रीमद्भागवतम’ लेकर आ रही है। स्टूडियो ने घोषणा की है कि यह 7 फिल्मों की एक बड़ी सिनेमाई सीरीज होगी। इसकी शुरुआत ‘श्रीमद्भागवतम पार्ट-1’ से होगी। इस सीरीज की परिकल्पना और निर्माण रामानंद सागर के पोते अमृत सागर चोपड़ा और आकाश सागर चोपड़ा ने किया है। दोनों इस प्रोजेक्ट से जुड़े हैं और अमृत सागर पहले पार्ट का निर्देशन भी कर रहे हैं। इस फिल्म का निर्माण सागर पिक्चर्स ग्लोबल कर रहा है। वहीं, आध्यात्मिक गुरु और लेखक श्री एम इस प्रोजेक्ट के रिसर्च गाइड हैं, जबकि मोती सागर इसके मेंटर हैं। रामोजी फिल्म सिटी में शुरू हुई शूटिंग फिल्म की शूटिंग रामोजी फिल्म सिटी, हैदराबाद में शुरू हो चुकी है। इसका शुभारंभ तेलंगाना के मुख्यमंत्री ने किया था। फिल्म की सिनेमैटोग्राफी जोएल शेफर कर रहे हैं, जबकि ऑस्कर विजेता विजुअल इफेक्ट्स विशेषज्ञ क्लाइड एडवर्ड्स इसके एग्जीक्यूटिव प्रोड्यूसर हैं। सागर पिक्चर्स एंटरटेनमेंट ने बताया कि यह प्रोजेक्ट दिवंगत डॉ. रामानंद सागर और लीला सागर को समर्पित है। आने वाले महीनों में ‘श्रीमद्भागवतम पार्ट-1’ से जुड़ी अन्य अहम जानकारियां भी शेयर की जाएंगी। यह फिल्म महर्षि वेदव्यास द्वारा रचित भागवत महापुराण पर आधारित होगी। इसमें भगवान श्रीकृष्ण के जीवन, उनके उपदेशों और भगवान विष्णु के कई अवतारों की कहानियों को बड़े पैमाने पर दिखाया जाएगा। फिल्म का मकसद इन धार्मिक कथाओं को आधुनिक तकनीक और शानदार विजुअल्स के साथ दुनिया भर के दर्शकों तक पहुंचाना है। सागर पिक्चर्स एंटरटेनमेंट के सीईओ आकाश सागर ने कहा कि ‘श्रीमद्भागवतम’ भारत की सबसे महत्वपूर्ण आध्यात्मिक और साहित्यिक कृतियों में से एक है। इसकी कहानियां बेहद विशाल और गहरी हैं। हमारी कोशिश है कि इन्हें पूरी प्रामाणिकता और भव्यता के साथ बड़े पर्दे पर पेश किया जाए। इस सीरीज में दर्शकों को श्रीकृष्ण का बाल और किशोर जीवन, रासलीला, गोपी गीत, समुद्र मंथन, मत्स्य, वराह और नरसिंह अवतार, ध्रुव, भरत, पृथु और कपिल जैसे कई प्रसिद्ध और कम चर्चित प्रसंग देखने को मिलेंगे। सागर पिक्चर्स एंटरटेनमेंट के बारे में







