राजस्थान के मंत्री ने कथित तौर पर विधानसभा के अंदर थूका, विपक्ष का विरोध | वीडियो | राजनीति समाचार

आखरी अपडेट:26 फरवरी, 2026, 09:13 IST मंत्री झाबर सिंह खर्रा ने कथित तौर पर राजस्थान विधानसभा के अंदर थूक दिया, जिससे सदन के अंदर आचरण और शिष्टाचार पर बहस छिड़ गई। राजस्थान के मंत्री झाबर सिंह खर्रा ने कथित तौर पर विधानसभा के अंदर थूक दिया राजस्थान के शहरी विकास और आवास (यूडीएच) मंत्री झाबर सिंह खर्रा ने विपक्षी दलों के एक सवाल का जवाब देते समय राज्य विधानसभा के अंदर कथित तौर पर झगड़ने के बाद राजनीतिक हलचल पैदा कर दी। कैमरे में कैद हुई घटना में खर्रा को स्पीकर को संबोधित करते समय कथित तौर पर सदन के अंदर थूकते हुए दिखाया गया है। इस प्रकरण ने सदन के अंदर जन प्रतिनिधियों के आचरण और शिष्टाचार पर बहस शुरू कर दी है, विपक्षी सदस्यों ने इस अधिनियम को विधानसभा की गरिमा का उल्लंघन बताया है। उन्होंने मांग की है कि मंत्री के खिलाफ विधानसभा नियमों के मुताबिक कार्रवाई की जाये. इस बीच, विधायी अधिकारियों से मामले की समीक्षा करने और आगे की कार्रवाई पर विचार-विमर्श करने की उम्मीद है। कौन हैं झाबर सिंह खर्रा? अनुभवी राजनेता हरलाल सिंह खर्रा के बेटे, झाबर सिंह खर्रा भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेता हैं, जो राजस्थान में श्रीमाधोपुर निर्वाचन क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करते हैं। 2013 और 2018 के बीच, उन्होंने श्रीमाधोपुर से विधान सभा सदस्य (एमएलए) के रूप में कार्य किया और 2023 में एक बार फिर, वह निर्वाचन क्षेत्र से विधानसभा के लिए चुने गए। पहले प्रकाशित: 26 फरवरी, 2026, 09:13 IST समाचार राजनीति राजस्थान के मंत्री ने कथित तौर पर विधानसभा के अंदर थूका, विपक्ष का विरोध | वीडियो अस्वीकरण: टिप्पणियाँ उपयोगकर्ताओं के विचार दर्शाती हैं, News18 के नहीं। कृपया चर्चाएँ सम्मानजनक और रचनात्मक रखें। अपमानजनक, मानहानिकारक, या अवैध टिप्पणियाँ हटा दी जाएंगी। News18 अपने विवेक से किसी भी टिप्पणी को अक्षम कर सकता है. पोस्ट करके, आप हमारी उपयोग की शर्तों और गोपनीयता नीति से सहमत होते हैं। और पढ़ें (टैग्सटूट्रांसलेट)झाबर सिंह खर्रा(टी)राजस्थान यूडीएच मंत्री(टी)राजस्थान विधानसभा घटना(टी)राजनीतिक विवाद राजस्थान(टी)विधानसभा मर्यादा(टी)विपक्ष का विरोध राजस्थान(टी)श्रीमाधोपुर विधायक(टी)बीजेपी राजस्थान
‘ना जाने कौन आ गया’ सादगी भरी प्रेम कहानी:जतीन सरना, मधुरिमा रॉय और प्रणय पचौरी ने प्यार, आत्ममंथन और सादगी पर खुलकर की बात

6 मार्च को रिलीज हो रही फिल्म ‘ना जाने कौन आ गया’ एक सादगी भरी लव स्टोरी है, जो रिश्तों की जटिलताओं, आत्ममंथन और प्यार की मासूमियत को बड़े पर्दे पर पेश करती है। पहाड़ों की खूबसूरत वादियों में फिल्माई गई यह कहानी आज के दौर के टॉक्सिक माहौल में प्यार और संवेदनशीलता की बात करती है। फिल्म में जतीन सरना, मधुरिमा रॉय और प्रणय पचौरी अहम भूमिकाओं में नजर आएंगे। फिल्म की रिलीज से पहले दैनिक भास्कर ने स्टारकास्ट से खास बातचीत की। कलाकारों ने अपने किरदार, शूटिंग के अनुभव और फिल्म के संदेश को लेकर खुलकर बातें की हैं। स्क्रिप्ट पढ़ते ही ऐसा कौन-सा पहलू था जिसने आपको महसूस कराया कि यह फिल्म आपको जरूर करनी चाहिए? जतीन सरना- मेरे किरदार की सादगी ने मुझे सबसे ज्यादा आकर्षित किया। वो एक आम इंसान है, जो जिंदगी को जीने के बजाय सिर्फ सर्वाइव करने में फंसा रहता है। ऐसे लोगों का दर्द, उनकी मासूमियत और जिंदगी को बस जी लेने की चाह यही मुझे छू गया। एक अभिनेता के तौर पर मुझे लगा कि यह एक नया और अनछुआ किरदार है। निर्देशक विकास ने जिस तरह कहानी सुनाई, उसी वक्त तय कर लिया कि यह फिल्म करनी है। ट्रेलर में हेट, लव और बिट्रेयल की झलक दिखती है। क्या आप इससे रियल लाइफ में रिलेट करते हैं? जतीन सरना- जहां प्यार होगा, वहां नफरत भी होगी, धोखा भी और अफसोस भी। लेकिन जिंदगी की खूबसूरती इन्हीं भावनाओं को समझकर आगे बढ़ने में है। यही जीवन का चक्र है। इस फिल्म में आपका किरदार पहले निभाए गए रोल्स से किस तरह अलग है, और उसे पर्दे पर उतारना आपके लिए कितना चुनौतीपूर्ण रहा? मधुरिमा रॉय- मेरे पिछले किरदारों में डार्क शेड्स ज्यादा थे, लेकिन इस फिल्म में मेरा किरदार बहुत मासूम और पॉजिटिव है। वह कमरे में आती है तो माहौल बदल देती है। उसकी सरलता और बचपना निभाना आसान नहीं था। सादगी को निभाना, नेगेटिव किरदारों से कहीं ज्यादा चुनौतीपूर्ण होता है। आज के युवाओं के लिए फिल्म क्या संदेश देती है? मधुरिमा रॉय- आज सोशल मीडिया और डेटिंग ऐप्स के दौर में रिश्ते बहुत कॉम्प्लिकेटेड हो गए हैं। हम हर चीज को ‘लव बॉम्बिंग’, ‘घोस्टिंग’ जैसे टर्म्स में बांट देते हैं। हमारी फिल्म कहती है थोड़ा रुकिए, खुद को समझिए। हर गलती सामने वाले की नहीं होती, कभी-कभी हमें भी खुद में झांकने की जरूरत होती है। प्यार में पवित्रता और सादगी को फिर से महसूस कीजिए। स्क्रिप्ट सुनते ही आपके मन में पहली प्रतिक्रिया क्या थी, और किस बात ने आपको इस फिल्म का हिस्सा बनने के लिए सबसे ज्यादा उत्साहित किया? प्रणय पचौरी- मुझे बताया गया कि सोचिए अगर ओशो पहाड़ों में एक आम इंसान की तरह रहते तो कैसे होते। यह सुनकर मैं उत्साहित हो गया। एक पहाड़ी लड़का, जो जीप चलाता है, बच्चों को पढ़ाता है और एक लव ट्रायंगल का हिस्सा है यह कॉम्बिनेशन दिलचस्प लगा। साथ ही पहाड़ों में शूटिंग का अनुभव बेहद खास रहा। ठंड, मौसम और लोकेशन की चुनौतियों के बावजूद सेट पर परिवार जैसा माहौल था। रिलीज से पहले दर्शकों के लिए आपका एक संदेश आखिर 6 मार्च को वे आपकी फिल्म देखने सिनेमाघर क्यों जाएं? जतीन सरना- हमने दिल से फिल्म बनाई है। अब इसे पार लगाने की जिम्मेदारी दर्शकों की है। बस एक मौका दीजिए 6 मार्च को सिनेमाघरों में जाकर फिल्म देखिए। मधुरिमा रॉय- आज के टॉक्सिक माहौल में प्यार ही एक ऐसी चीज है जो दुनिया को सॉफ्ट बना सकती है। यह फिल्म उसी सादगी और मासूमियत की बात करती है। प्रणय पचौरी- बहुत समय बाद एक सिंपल लव स्टोरी आई है। यह फिल्म प्यार को समझने और सेलिब्रेट करने की कोशिश है। उम्मीद है दर्शक इसे अपनाएंगे।
‘ना जाने कौन आ गया’ सादगी भरी प्रेम कहानी:जतीन सरना, मधुरिमा रॉय और प्रणय पचौरी ने प्यार, आत्ममंथन और सादगी पर खुलकर की बात

6 मार्च को रिलीज हो रही फिल्म ‘ना जाने कौन आ गया’ एक सादगी भरी लव स्टोरी है, जो रिश्तों की जटिलताओं, आत्ममंथन और प्यार की मासूमियत को बड़े पर्दे पर पेश करती है। पहाड़ों की खूबसूरत वादियों में फिल्माई गई यह कहानी आज के दौर के टॉक्सिक माहौल में प्यार और संवेदनशीलता की बात करती है। फिल्म में जतीन सरना, मधुरिमा रॉय और प्रणय पचौरी अहम भूमिकाओं में नजर आएंगे। फिल्म की रिलीज से पहले दैनिक भास्कर ने स्टारकास्ट से खास बातचीत की। कलाकारों ने अपने किरदार, शूटिंग के अनुभव और फिल्म के संदेश को लेकर खुलकर बातें की हैं। स्क्रिप्ट पढ़ते ही ऐसा कौन-सा पहलू था जिसने आपको महसूस कराया कि यह फिल्म आपको जरूर करनी चाहिए? जतीन सरना- मेरे किरदार की सादगी ने मुझे सबसे ज्यादा आकर्षित किया। वो एक आम इंसान है, जो जिंदगी को जीने के बजाय सिर्फ सर्वाइव करने में फंसा रहता है। ऐसे लोगों का दर्द, उनकी मासूमियत और जिंदगी को बस जी लेने की चाह यही मुझे छू गया। एक अभिनेता के तौर पर मुझे लगा कि यह एक नया और अनछुआ किरदार है। निर्देशक विकास ने जिस तरह कहानी सुनाई, उसी वक्त तय कर लिया कि यह फिल्म करनी है। ट्रेलर में हेट, लव और बिट्रेयल की झलक दिखती है। क्या आप इससे रियल लाइफ में रिलेट करते हैं? जतीन सरना- जहां प्यार होगा, वहां नफरत भी होगी, धोखा भी और अफसोस भी। लेकिन जिंदगी की खूबसूरती इन्हीं भावनाओं को समझकर आगे बढ़ने में है। यही जीवन का चक्र है। इस फिल्म में आपका किरदार पहले निभाए गए रोल्स से किस तरह अलग है, और उसे पर्दे पर उतारना आपके लिए कितना चुनौतीपूर्ण रहा? मधुरिमा रॉय- मेरे पिछले किरदारों में डार्क शेड्स ज्यादा थे, लेकिन इस फिल्म में मेरा किरदार बहुत मासूम और पॉजिटिव है। वह कमरे में आती है तो माहौल बदल देती है। उसकी सरलता और बचपना निभाना आसान नहीं था। सादगी को निभाना, नेगेटिव किरदारों से कहीं ज्यादा चुनौतीपूर्ण होता है। आज के युवाओं के लिए फिल्म क्या संदेश देती है? मधुरिमा रॉय- आज सोशल मीडिया और डेटिंग ऐप्स के दौर में रिश्ते बहुत कॉम्प्लिकेटेड हो गए हैं। हम हर चीज को ‘लव बॉम्बिंग’, ‘घोस्टिंग’ जैसे टर्म्स में बांट देते हैं। हमारी फिल्म कहती है थोड़ा रुकिए, खुद को समझिए। हर गलती सामने वाले की नहीं होती, कभी-कभी हमें भी खुद में झांकने की जरूरत होती है। प्यार में पवित्रता और सादगी को फिर से महसूस कीजिए। स्क्रिप्ट सुनते ही आपके मन में पहली प्रतिक्रिया क्या थी, और किस बात ने आपको इस फिल्म का हिस्सा बनने के लिए सबसे ज्यादा उत्साहित किया? प्रणय पचौरी- मुझे बताया गया कि सोचिए अगर ओशो पहाड़ों में एक आम इंसान की तरह रहते तो कैसे होते। यह सुनकर मैं उत्साहित हो गया। एक पहाड़ी लड़का, जो जीप चलाता है, बच्चों को पढ़ाता है और एक लव ट्रायंगल का हिस्सा है यह कॉम्बिनेशन दिलचस्प लगा। साथ ही पहाड़ों में शूटिंग का अनुभव बेहद खास रहा। ठंड, मौसम और लोकेशन की चुनौतियों के बावजूद सेट पर परिवार जैसा माहौल था। रिलीज से पहले दर्शकों के लिए आपका एक संदेश आखिर 6 मार्च को वे आपकी फिल्म देखने सिनेमाघर क्यों जाएं? जतीन सरना- हमने दिल से फिल्म बनाई है। अब इसे पार लगाने की जिम्मेदारी दर्शकों की है। बस एक मौका दीजिए 6 मार्च को सिनेमाघरों में जाकर फिल्म देखिए। मधुरिमा रॉय- आज के टॉक्सिक माहौल में प्यार ही एक ऐसी चीज है जो दुनिया को सॉफ्ट बना सकती है। यह फिल्म उसी सादगी और मासूमियत की बात करती है। प्रणय पचौरी- बहुत समय बाद एक सिंपल लव स्टोरी आई है। यह फिल्म प्यार को समझने और सेलिब्रेट करने की कोशिश है। उम्मीद है दर्शक इसे अपनाएंगे।
NCERT किताब में ‘ज्यूडीशियल करप्शन’ चैप्टर पर आज सुनवाई:सुप्रीम कोर्ट ने खुद संज्ञान लिया; CJI बोले- न्यायपालिका को बदनाम करने की इजाजत नहीं देंगे

सुप्रीम कोर्ट गुरुवार को NCERT के क्लास 8 की सोशल साइंस की किताब में न्यायपालिका में भ्रष्टाचार से जुड़े चैप्टर को लेकर विवाद पर सुनवाई करेगा। कोर्ट ने बुधवार को मामले पर खुद संज्ञान लिया था। CJI सूर्यकांत के साथ जस्टिस जॉयमाल्या बागची और जस्टिस विपुल एम. पंचोली की बेंच सुनवाई करेगी। बुधवार को CJI ने इस मामले पर कड़ी आपत्ति जताई थी। उन्होंने कहा कि न्यायपालिका को बदनाम करने या उसकी निष्पक्षता पर सवाल उठाने की इजाजत किसी को नहीं दी जाएगी। इससे पहले सीनियर एडवोकेट कपिल सिब्बल ने अभिषेक सिंघवी के साथ मामले का जिक्र करते हुए तत्काल सुनवाई की मांग की थी। इसके बाद सुप्रीम कोर्ट ने मामले पर स्वत: संज्ञान लिया। सुप्रीम कोर्ट की नाराजगी के बाद बुधवार शाम NCERT ने अपनी वेबसाइट से किताब को हटा लिया। सूत्रों के अनुसार, किताब से विवादित चैप्टर हटाया जा सकता है। सरकार ने भी किताब में ज्यूडीशियल करप्शन शामिल करने पर आपत्ति जताई है। सरकार ने कहा- शासन के तीनों अंगों को जोड़ना चाहिए था NCERT चेयरमैन दिनेश प्रसाद सकलानी का इस मुद्दे पर कोई जवाब नहीं आया है। काउंसिल के एक सीनियर अधिकारी ने कहा कि मामला अब कोर्ट में विचाराधीन है। इसलिए वे इस मुद्दे पर कुछ भी नहीं बोंलेंगे। इस बीच सरकारी सूत्रों ने कहा कि भले ही NCERT एक ऑटोनॉमस संस्था है, लेकिन चैप्टर जोड़ने से पहले अधिकारियों को ध्यान देना चाहिए था। सरकारी सूत्रों ने कहा कि अगर भ्रष्टाचार का मुद्दा शामिल करना था, तो उसमें शासन के तीनों अंगों- कार्यपालिका, न्यायपालिका और विधायिका को भी जोड़ा जाना चाहिए था। सरकारी सूत्रों ने कहा कि न्यायपालिका में भ्रष्टाचार से संबंधित आंकड़े संसदीय अभिलेखों और नेशनल ज्यूडिशियल डेटा ग्रिड में मौजूद हैं, लेकिन फैक्ट्स के क्रॉस वेरिफिकेशन के लिए केंद्र से परामर्श नहीं लिया गया। विवादित चैप्टर NCERT की नई सोशल साइंस टेक्स्टबुक में था NCERT ने 23 फरवरी को क्लास 8 के स्टूडेंट्स के लिए सोशल साइंस की नई टेक्स्टबुक जारी की थी। किताब का नाम ‘एक्सप्लोरिंग सोसायटी: इंडिया एंड बियॉन्ड पार्ट 2’ है। इसमें ‘द रोल ऑफ द ज्यूडीशियरी इन अवर सोसायटी’ चैप्टर के अंदर ‘करप्शन इन द ज्यूडिशियरी’ का टॉपिक जोड़ा गया है। इसमें कहा गया है कि भ्रष्टाचार, बड़ी संख्या में पेंडिंग मामले और जजों की भारी कमी ज्यूडिशियल सिस्टम के सामने प्रमुख चुनौतियों में शामिल हैं। जज आचार संहिता से बंधे होते हैं, जो न केवल कोर्ट में उनके व्यवहार को कंट्रोल करता है, बल्कि कोर्च के बाहर उनके आचरण को भी तय करती है। एक टॉपिक का टाइटल- इंसाफ में देरी इंसाफ न मिलने जैसा किताब के एक सेक्शन का टाइटल ‘Justice delayed is justice denied’ है। इसका मतलब है- इंसाफ में देरी इंसाफ न मिलने जैसा है। यहां सुप्रीम कोर्ट में 81 हजार, हाईकोर्ट्स में 62 लाख 40 हजार, डिस्ट्रिक्ट और सबऑर्डिनेट कोर्ट के 4 करोड़ 70 लाख पेंडिंग केस की संख्या भी बताई गई है। ये किताब एकेडमिक सेशन 2026-27 से स्कूलों में पढ़ाई जानी थी। इसका पहला पार्ट जुलाई 2025 में रिलीज किया गया था। NCERT ने नेशनल करिकुलम फ्रेमवर्क यानी NCF और NEP-2020 के तहत सभी क्लासेज की नई किताबें तैयार की हैं। कोरोना महामारी के बाद पुरानी किताबों के टॉपिक्स को बदलकर नए टॉपिक्स किताबों में जोड़े जा रहे हैं। पहली से 8वीं क्लास तक की नई किताबें 2025 में ही पब्लिश की जा चुकी हैं। किताब का वो हिस्सा जिसमें करप्शन और पेंडिंग केस का जिक्र… नई किताब में ज्यूडीशियरी से जुड़े अहम पॉइंट्स… किताब में पूर्व CJI बीआर गवई का भी जिक्र किताब में भारत के पूर्व चीफ जस्टिस बीआर गवई का भी जिक्र है, जिन्होंने जुलाई 2025 में कहा था कि ज्यूडिशियरी के अंदर करप्शन और गलत कामों के मामलों का पब्लिक ट्रस्ट पर बुरा असर पड़ता है। उन्होंने कहा था, “हालांकि, इस ट्रस्ट को फिर से बनाने का रास्ता इन मुद्दों को सुलझाने के लिए उठाए गए तेज, निर्णायक और ट्रांसपेरेंट एक्शन में है… ट्रांसपेरेंसी और अकाउंटेबिलिटी डेमोक्रेटिक गुण हैं।” —————————— ये खबर भी पढ़ें… NCERT ने 8वीं क्लास की सोशल साइंस की किताब में जोड़ा न्यायपालिक से जुड़ा सेक्शन नेशनल काउंसिल ऑफ एजुकेशनल रिसर्च एंड ट्रेनिंग (NCERT) ने पहली बार 8वीं के बच्चों के लिए ज्यूडीशियरी में करप्शन के बारे में पढ़ाने का फैसला लिया गया। यह पिछले एडिशन के मुकाबले बड़ा बदलाव था। पिछले चैप्टर में ज्यादातर कोर्ट के स्ट्रक्चर और रोल पर फोकस किया गया था। बदले हुए चैप्टर का नाम ‘हमारे समाज में ज्यूडिशियरी की भूमिका’ रखा गया। पढ़ें पूरी खबर…
कनाडा में ग्रूमिंग गैंग के टारगेट पर पंजाबी लड़कियां:लालच-डर दिखाकर साथ सोने को करते मजबूर; युवकों के साथ रेस्टोरेंट मैनेजर-लैंडलॉर्ड भी शामिल

कनाडा में पंजाबी लड़कियां ग्रूमिंग गैंग के टारगेट पर हैं। यह गैंग स्टडी वीजा पर आईं युवतियों के साथ कई तरह के लालच देकर उन्हें फंसाता है। फिर उन्हें साथ सोने के लिए मजबूर करता है। इसके लिए युवकों ने बाकायदा वॉट्सऐप ग्रुप तक बनाए हुए हैं। ऐसा ही एक युवक इस ग्रुप से बाहर निकला तो उसने इसकी पूरी कहानी बता दी। कनाडा में द कौर मूवमेंट की फाउंडर गुरप्रीत कौर ने कनाडा के एक रेडियो चैनल पर इसका खुलासा किया। गुरप्रीत ने कहा कि इसमें सिर्फ युवक ही नहीं बल्कि घर के मालिक यानी लैंडलॉर्ड, रेस्टोरेंट ऑनर या मैनेजर के अलावा कंपनी के लोग तक शामिल हैं। वह कभी फीस चुकाने-किराया माफ करने का लालच देते हैं तो कभी जॉब देने का, जिसके चक्कर में युवतियां फंस जाती हैं। यहां तक कि उनका बिल भरने का लालच भी दिया जाता है। कोई नहीं मानती तो उसे घर या देश से निकालने का भी डर दिखाया जाता है। लड़कियों को कैसे टारगेट करते ग्रूमिंग गैंग 150 लड़कों का ग्रूमिंग ग्रुप का कॉलेजों में जाल द कौर मूवमेंट की संस्थापक गुरप्रीत कौर बताती हैं कि सरे और टोरंटो जैसे शहरों में व्हाट्सएप पर ऐसे व्हाट्सएप ग्रुप चल रहे हैं जिनमें लगभग 150 लड़के शामिल हैं। इन ग्रुप्स का एजेंडा उन पंजाबी लड़कियों को निशाना बनाना है जो आर्थिक रूप से कमजोर हैं या विदेश में अकेली रह रही हैं। ये लड़के अक्सर कॉलेजों में दोस्त बनकर लड़कियों के करीब आते हैं और उनकी पर्सनल जानकारी जुटाते हैं। इसके बाद वे उस जानकारी को अपने ग्रुप में शेयर करते हैं। उनके लिए लड़कियों का शोषण गेम बन गया है। गुरप्रीत कौर ने बताया कि लड़कों का मकसद उन लड़कियों को टारगेट करना है जो अकेली आई हैं। उन्हें कोई फर्क नहीं पड़ता, वे बस आपके साथ सोना चाहते हैं। उनका मेन मकसद यही होता है कि वे आपके साथ सोएं या फिर यह एक गेम बनाया हुआ है कि लेट्स सी (चलो देखो) कि हम क्या कर सकते हैं। रूम रेंट भरने या कैश का दिया जा रहा लालच गुरप्रीत कौर कहती हैं कि पंजाबी के साथ दूसरे देशों की लड़कियों का फिजिकल शोषण ट्रैप लगाकर किया जाता है। लड़कियों की मजबूरी का फायदा उठाते हुए उन्हें यह लालच दिया जाता है कि यदि वे शारीरिक संबंध बनाएंगी तो उनका रूम रेंट भर दिया जाएगा या कैश पैसा दे देंगे। रेस्टोरेंट पर भी यह बहुत आम है। मैनेजर्स लड़कियों को घंटे देने या डबल पैसे देने का वादा करते हैं, बशर्ते लड़कियां उनके साथ सोएं। यहां तक कि शादीशुदा मकान मालिक भी कॉलेज स्टूडेंट्स का फायदा उठाते हैं। बदनामी के डर से आवाज नहीं उठा रहीं लड़कियां गुरप्रीत कौर बताती हैं कि इस पूरी समस्या की जड़ इंडियन लोगों की सोच और लोग क्या कहेंगे का डर है। गुरप्रीत बताती हैं कि 12 फीसदी यौन शोषण के मामले परिवार के अंदर से आ रहे हैं। कनाडा की फैमिली में भी बुरा हाल है। कनाडा की लड़कियां तो सामने आ जाती हैं लेकिन इंडियन लड़कियां बदनामी के डर से चुप रह जाती हैं। कई बार पंजाब में बैठे माता-पिता का कर्ज उताने का दबाव भी गलत रास्तों पर धकेल देता है। गुरप्रीत ने कहा कि कनाडा में रह रही लड़कियों के पास माता-पिता को आना चाहिए ताकि जहां पर वे रेंट पर रह रही हैं, वहां डर रहे। कॉलेजों में लड़कियों के साथ बनाते दोस्ती ग्रुप में शामिल लड़के या तो खुद कॉलेज में लड़की से मिले होते हैं या फिर दोस्तों जरिए कनेक्ट कर लेते हैं। लड़की को लेकर आने वाले को भी कुछ न कुछ लालच दिा जाता है। इसलिए सब कनेक्टेड रहते हैं। गुरप्रीत कौर ने बताया कि सरे वाले ग्रुप में एक लड़का था और जब वह उस ग्रुप में गया तो उसे पता नहीं था कि यहां ये सब चल रहा है। उसने किसी तरीके से ग्रुप छोड़ दिया और सारी इन्फॉर्मेशन दी। गुरप्रीत कौर ने बताया कि इस तरह से लड़कियों के फिजिकल शोषण के लिए कनाडा में सख्त कानून हैं, लेकिन दुख इस बात का है कि अकसर ऐसे मामले तभी सामने आते हैं जब रेप हो चुका होता है। पंजाब में भी ग्रूमिंग गैंग का चलन बढ़ रहा पंजाब में भी ग्रूमिंग गैंग के निशाने पर पंजाबी लड़कियां हैं। इसे लेकर निहंग अकाली गज्ज सिंह नामक अकाउंस से वीडियो शेयर कर चिंता जताई गई है। वीडियो में दावा किया गया है कि ये पंजाब का वीडियो है। इसमें एड्रेस को छिपाते हुए मुस्लिम लड़के के साथ रोजा खोलती सिख लड़की दिखाई गई है। निहंग सिंह ने दावा किया कि देख लो पंजाब में ग्रूमिंम कैसे होती है। हमारे पंजाब की बेटी रोजा खोल रही है जैसे इसकी बुआ की शादी हो। इसी तरह की हरकतों से पूरे सिख पंथ पर बात आ जाती है। दूसरे लोग तो जान-बूझकर ऐसी वीडियो डालते हैं ताकि लोग देखें कि कैसे हम तुम्हारी बेटियों को बदल रहे हैं। इसे तो गुरबाणी में से मूल मंत्र भी ढंग से नहीं आता होगा। इसे पूछना चाहिए कि तुम्हारी ये क्या करतूत है। निहंग सिंह ने कहा कि हम इसलिए बोल रहे हैं कि ये पंजाबी लड़की है, वरना ये कहीं भी चली जाए हमें फर्क नहीं पड़ता।
मेजबान श्रीलंका सेमीफाइनल की रेस से बाहर:आज जिम्बाब्वे जीता तो भारत भी बाहर; वेस्टइंडीज पर भी टिकीं टीम इंडिया की उम्मीदें

मेजबान श्रीलंका टी-20 वर्ल्ड कप के सुपर-8 स्टेज से बाहर होने वाली पहली टीम बन गई। टीम को न्यूजीलैंड ने सुपर-8 में 61 रन से हरा दिया। ग्रुप-2 से इंग्लैंड ने नॉकआउट स्टेज में क्वालिफाई कर लिया। अब न्यूजीलैंड ने इंग्लैंड को हरा दिया तो पाकिस्तान भी बाहर हो जाएगा। ग्रुप-1 में आज 2 मैच खेले जाएंगे। दोपहर 3 बजे से साउथ अफ्रीका और वेस्टइंडीज भिड़ेंगे। वहीं शाम 7 बजे से भारत का सामना जिम्बाब्वे से होगा। इस मुकाबले को हारने वाली टीम सेमीफाइनल की रेस से बाहर हो जाएगी। क्या भारत क्वालिफाई करेगा? ग्रुप-1 में बाकी टीमों के क्या समीकरण हैं? इंग्लैंड सेमीफाइनल में पहुंचा, श्रीलंका बाहर ————————————— स्पोर्ट्स की यह खबर भी पढ़ें… T20 वर्ल्डकप सुपर-8 में आज भारत के सामने जिम्बाब्वे:हारने वाली टीम बाहर होगी, टीम इंडिया को वेस्टइंडीज की हार का भी इंतजार टी-20 वर्ल्ड कप में सुपर-8 का 8वां मैच आज भारत और जिम्बाब्वे के बीच खेला जाएगा। मुकाबला शाम 7 बजे से चेन्नई के एमए चिदंबरम स्टेडियम में शुरू होगा। टॉस शाम 6.30 बजे होना है। पूरी खबर
48 घंटे में खंगाले 300 CCTV, बाइक सवार बदमाश पकड़े:टोल पर फायरिंग करने वाले निकले स्टूडेंट, पुराना विवाद था, गुमराह करने जोड़ा हाईवे का मसला

ग्वालियर पुलिस ने 48 घंटे में 300 से ज्यादा CCTV कैमरे खंगालकर आखिरकार बरैठा टोल प्लाजा पर फायरिंग करने वाले दोनों बदमाशों अश्वनी भदौरिया, निखिल चौहान को गिरफ्तार कर लिया है। एक आरोपी भिंड एमपी और दूसरा गाजीपुर यूपी का है। असल में दोनों ही स्टूडेंट हैं और बड़ागांव पर रहकर पढ़ाई कर रहे हैं। पकड़े गए आरोपियों से बुलेट बाइक, पिस्टल, कारतूस, गमछा बरामद हो गए हैं। इनको सात नंबर चौराहा मुरार के एक होटल से पकड़ा गया है। एक आरोपी का एक साल पहले अपने पिता के साथ बरैठा टोल से निकलने के दौरान टोल प्लाजा के ऑपरेटर से विवाद हो गया था। जिसको लेकर उसमें आक्रोश था। बदला लेने उसने यह वारदात की, लेकिन पुलिस उन तक नहीं पहुंचे और पुलिस को गुमराह करने यह ग्वालियर-भिंड हाइवे को सिक्स लेन करने की चिट्ठी फेंक गए थे। ऐसे समझिए पूरा मामला ग्वालियर-भिंड हाइवे के बॉर्डर पर बरैठा टोल प्लाजा है। सोमवार शाम को टोल प्लाजा के बूथ नंबर-07 पर टोल कलेक्टर नहीं था। जिस पर आगरा निवासी कर्मचारी रोहित कुमार वहां बैठा था। इसी समय एक बुलेट बाइक पर 02 अनजान युवक मुंह से गमछा बांधे हुए एवं हेलमेट पहने भिण्ड से ग्वालियर की ओर निकले जो कुछ दूरी पर जाकर बाइक रोककर खड़े हो गए और पीछे बैठा व्यक्ति पैदल चलकर रोहित कुमार पास बूथ पर आया जिसके हाथ में पिस्टल थी। उसने रोहित को एक हस्त लिखित पेज दिया और बोला कि अपने मैनेजर को बता देना कि हाईवे नहीं बनेगा तो टोल नहीं चलने दूंगा। मैं तुम्हे जान से खत्म कर दूँगा और उस व्यक्ति ने हाथ में लिए पिस्टल से कई राउण्ड फायर किए। जिससे रोहित कुमार कुर्सी से नीचे गिर गया गोलियां कम्प्यूटर में जाकर लगी। उसके बाद वह अपने साथी के साथ मौके पर गोलियां चलाता हुआ भाग गया। 300 से ज्यादा CCTV कैमरे देखे तो मिला सुराग घटना के बाद मौके पर मिली चिट्ठी में लिखा था कि ग्वालियर-भिंड हाइवे नहीं बनेगा तो ऐसे ही वारदात करेंगे। सरकार अंधी हो गई है। नेताओं के फ्लैट बेचने पड़ें, लेकिन अब हाइवे निर्माण का कार्य शुरू होना चाहिए। अब कोई आकाश नहीं मरेगा। इस चिट्ठी से यह फायरिंग की घटना और भी संवेदनशील हो गई थी। जिसके बाद पुलिस ने घटना स्थल के आसपास से लेकर ग्वालियर शहर की ओर जहां बदमाश भागे थे 300 से ज्यादा CCTV कैमरे खंगाले। इसके बाद पुलिस को बदमाश भिंड रोड से डीडी नगर, पिंटो पार्क टंकी तिराहा से होते हुए सात नंबर चौराहा की तरफ आते हुए दिखे थे। पर पूरे रास्ते पर कहीं भी उन्होंने फेस से नकाब नहीं हटाया था। आखिर में पुलिस ने बुलेट बाइक की पहचान कर दो आरोपियों को पकड़ा है। एक साल पुराने झगड़े का बदला लिया टोल प्लाजा पर फायरिंग करने वाले बदमाश छात्र निकले हैं। दोनों की पहचान 22 वर्षीय अश्वनी पुत्र योगेन्द्र सिंह भदौरिया निवासी वीरेन्द्र नगर सिटी कोतवाली भिण्ड हाल निवास बैंक कॉलोनी बड़ागॉंव मुरार, जबकि दूसरे बदमाश की पहचान 19 वर्षीय निखिल पुत्र देवेन्द्र सिंह निवासी ग्राम टिल्डा जिला गाजीपुर (उ.प्र.) के रूप में हुई है। एक साल पहले अश्वनी अपने पिता के साथ टोल प्लाजा से निकल रहा था। तब उसकी टोल प्लाजा पर बहस हो गई थी। उस घटना के बाद से वह आक्रोशित था। वह बदला लेने का बहाना तलाश रहा था। उसने हाइवे पर गोलियां चलाकर पुलिस को गुमराह करने के लिए हाइवे निर्माण का मुद्दा उससे जोड़ दिया। घटना में गोलियां भी अश्वनी भदौरिया ने चलाई थीं। इनकी रही खुलासे में भूमिका सिर्फ 48 घंटे में थाना प्रभारी महाराजपुरा यशवंत गोयल, बरेठा चौकी प्रभारी एसआई सौरभ श्रीवास्तव, रजनी रघुवंशी, मनोज परमार, विश्वीर जाट, देवेन्द्र लोधी, सउनि विनोद छारी, प्रधान आरक्षक सत्येंद्र राजावत, अशोक माबई, रामबरन लोधी, नरवीर राणा, जितेन्द्र तोमर, आरक्षक रूस्तम सिंह, भानु सिकरवार, अनिल गुर्जर, राघवेन्द्र भदौरिया, दिनेश शर्मा, आनंद यादव, धर्मेन्द्र, शिवराज, प्रदीप, नागेश शर्मा, बृजेन्द्र चौहान, गौरव परमार, ध्रुव गुर्जर, योगेन्द्र गुर्जर, विकास माहौर, सोनू प्रजापति, शिवकुमार यादव, आकाश पांडेय, सुमित भदौरिया, अरूण कुमार, लोकेन्द्र दादौरिया, आरक्षक चालक हरे मुरारी, हरीओम सिकरवार की सराहनीय भूमिका रही। एसएसपी ग्वालियर धर्मवीर सिंह ने बताया कि टोल प्लाजा पर फायरिंग करने वाले दोनों आरोपियों को पकड़ लिया गया है। दोनों छात्र है। एक साल पहले टोल पर झगड़े का बदला लेने यह हमला किया गया है, जबकि पुलिस को गुमराह करने के लिए यह हाइवे का मुद्दा उसमें डाल दिया।
हरियाणा में भाई के संस्कार में आए NRI की मौत:कुरुक्षेत्र में हाईवे पर डिवाइडर से टकराई स्कॉर्पियो, तेज थी रफ्तार; भाभी मौजूदा सरपंच

हरियाणा के कुरुक्षेत्र जिले में पूर्व सरपंच के संस्कार में जर्मनी से आए उसके भाई की सड़क हादसे में मौत हो गई। पूर्व सरपंच का भाई अंतिम संस्कार में शामिल होने के बाद अपनी स्कॉर्पियो में घर आ रहा था। हिसार-चंडीगढ़ नेशनल हाईवे-152 पर उनकी स्कॉर्पियो बेकाबू होकर डिवाइडर से टकरा गई। टक्कर इतनी जोरदार थी कि स्कॉर्पियो का अगला हिस्सा पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गया। टक्कर के बाद स्कॉर्पियो 90 डिग्री तक घूम गई। इसमें कार चला रहे पूर्व सरपंच के भाई NRI गुरदीप सिंह (60) ने मौके पर दम तोड़ दिया, जबकि उनके साथ बैठे गांव के ही जगविंदर सिंह जख्मी हो गए। आसपास के लोगों ने किसी तरह उनके शव को बाहर निकाला। साथ ही घायल जगविंदर को भी बाहर निकाल कर अस्पताल पहुंचाया। सूचना पर पुलिस भी मौके पर पहुंच गई और शव को कब्जे में ले लिया। स्कॉर्पियो को भी कब्जे में ले लिया गया है। हम इस खबर को लगातार अपडेट कर रहे हैं….
गुझिया बनाने की युक्तियाँ: बिना किसी मिनट में एक साथ प्रभाव 7 गुझिया, होली पर ये रहस्य तरीका आने वाला काम

25 फरवरी 2026 को 18:25 IST पर अद्यतन किया गया गुझिया बनाने के टिप्स: होली पर गुझिया बनाना सबसे बड़ा काम होता है। लेकिन कोई ऐसी ट्रिक पता चले, जिससे एक साथ कई सारी गुझिया बनाई जा सके, तो मजा ही आ जाएगा। (टैग्सटूट्रांसलेट)होली गुझिया रेसिपी(टी)घर पर गुजिया बनाने के टिप्स(टी)आसान गुजिया ट्रिक(टी)होली मिठाई रेसिपी 2026(टी)बिना फफूंदी वाली गुजिया कैसे बनाएं(टी)पारंपरिक होली मिठाई(टी)गुजिया डिजाइन विचार
ईशान किशन टी-20 बैटर्स की रैंकिंग में नंबर-5 पर आए:बॉलर्स में बुमराह ने 7 स्थान की छलांग लगाई, सिकंदर रजा टॉप ऑलराउंडर

ICC की ताजा टी-20 रैंकिंग में भारतीय ओपनर ईशान किशन 3 स्थान की छलांग लगाकर 5वें नंबर पर पहुंच गए हैं। गेंदबाजों में जसप्रीत बुमराह ने 7 स्थान का उछाल लेते हुए 8वां स्थान हासिल किया है। ICC ने बुधवार को टी-20 इंटरनेशनल खिलाड़ियों की ताजा रैंकिंग जारी की। भारतीय ओपनर ईशान किशन को शानदार प्रदर्शन का फायदा मिला है। वे 742 रेटिंग अंक के साथ 8वें से 5वें नंबर पर पहुंच गए हैं। अभिषेक शर्मा टॉप पर कायम अभिषेक शर्मा खराब प्रदर्शन के बावजूद टी-20 बैटर्स की रैंकिंग की टॉप पोजिशन पर कायम हैं। वर्ल्ड कप में साधारण शुरुआत के बावजूद वे इंग्लैंड के फिल सॉल्ट से 62 अंक आगे हैं। पाकिस्तान के साहिबजादा फरहान 2 पायदान के फायदे के साथ नंबर-3 पर आ गए हैं। फरहान के 810 रेटिंग पॉइंट्स हैं। बुमराह ने 7 स्थान की छलांग लगाई गेंदबाजों में जसप्रीत बुमराह ने 7 स्थान की छलांग लगाई है। पिछले हफ्ते 15वें नंबर पर रहे बुमराह दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ 3 विकेट लेने के बाद 669 अंक के साथ 8वें स्थान पर पहुंच गए हैं। कॉर्बिन बॉश 21 स्थान ऊपर चढ़कर तीसरे नंबर पर आ गए हैं, जबकि वरुण चक्रवर्ती नंबर-1 गेंदबाज बने हुए हैं। सिकंदर रजा नंबर-1 ऑलराउंडर बने ऑलराउंडरों में जिम्बाब्वे के कप्तान सिकंदर रजा फिर से नंबर-1 बन गए हैं। शिवम दुबे दो स्थान ऊपर चढ़कर 7वें नंबर पर पहुंचे हैं। वहीं, अफगानिस्तान के मोहम्मद नबी 8वें स्थान पर पहुंचकर टॉप-10 में शामिल हो गए हैं। ———————————————– क्रिकेट का कीड़ा है तो सॉल्व कीजिए ये सुपर क्विज क्या आप खुद को क्रिकेट के सुपर फैन मानते हैं? पूरे T20 वर्ल्ड कप टूर्नामेंट के दौरान दैनिक भास्कर के खास गेम ‘SUPER ओवर’ में रोज क्रिकेट से जुड़े 6 सवाल आपका क्रिकेट ज्ञान परखेंगे। जितनी जल्दी सही जवाब देंगे उतने ज्यादा रन बनेंगे। जितने ज्यादा रन बनेंगे, लीडरबोर्ड में उतना ही ऊपर आएंगे। तो रोज खेलिए और टूर्नामेंट का टॉप स्कोरर बनिए। अभी खेलें SUPER ओवर…क्लिक करें —————————————————– टी-20 क्रिकेट से जुड़ी यह खबर भी पढ़िए… इंग्लैंड सेमीफाइनल में पहुंचा, आज श्रीलंका-न्यूजीलैंड के लिए करो या मरो मुकाबला इंग्लैंड टी-20 वर्ल्ड कप के सेमीफाइनल में पहुंचने वाली पहली टीम बन गई है। टीम ने मंगलवार को ग्रुप-2 में पाकिस्तान को 2 विकेट से हराया और नॉकआउट राउंड में एंट्री की। 2010 और 2022 की चैंपियन टीम ने लगातार पांचवें एडिशन के सेमीफाइनल में जगह बनाई। पढ़ें पूरी खबर






