Wednesday, 23 Sep 2026 | 03:54 AM

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विंबलडन मैच देखने पहुंचीं प्रियंका चोपड़ा:पति निक जोनास को वीडियो कॉल पर कराया लाइव टूर, मैच के दौरान दिखा स्टाइलिश लुक

विंबलडन मैच देखने पहुंचीं प्रियंका चोपड़ा:पति निक जोनास को वीडियो कॉल पर कराया लाइव टूर, मैच के दौरान दिखा स्टाइलिश लुक

बॉलीवुड एक्ट्रेस प्रियंका चोपड़ा गुरुवार को विंबलडन टेनिस टूर्नामेंट का मुकाबला देखने पहुंचीं। वे महिला सिंगल्स के सेमीफाइनल मैच के दौरान फ्रंट रो में बैठी नजर आईं, जहां कोको गॉफ और कैरोलिना मुचोवा के बीच मुकाबला चल रहा था। प्रियंका ने स्टेडियम से ही अपने पति और अमेरिकी सिंगर निक जोनास को फेसटाइम पर वीडियो कॉल किया और उन्हें विंबलडन का लाइव टूर कराया। सोशल मीडिया पर उनके इस वीडियो कॉल और स्टाइलिश लुक की काफी चर्चा हो रही है। इस मैच के दौरान प्रियंका के साथ कई हॉलीवुड हस्तियां भी मौजूद थीं। देखें प्रियंका की तस्वीरें निक जोनास को वीडियो कॉल कर दिखाया मैच मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, प्रियंका चोपड़ा जैसे ही स्टैंड्स की तरफ बढ़ रही थीं, उन्होंने वहां मौजूद हॉलीवुड एक्ट्रेस सिंथिया एरिवो से मुलाकात की और उनका अभिवादन किया। इसके बाद वे अपनी सीट पर बैठ गईं और उनका पूरा ध्यान मैच पर ही था। मुकाबला देखने के दौरान ही उन्होंने अपना फोन निकाला और पति निक जोनास को फेसटाइम कॉल मिला दिया। उन्होंने निक को वहां का माहौल दिखाया और मैच से जुड़े लाइव अपडेट्स दिए। इस दौरान वे मैच के रोमांचक मोमेंट्स पर काफी उत्साहित होकर रिएक्शन देती दिखीं। कई बड़ी हस्तियों के साथ आईं नजर स्टेडियम में प्रियंका चोपड़ा के साथ कई अन्य जानी-मानी हस्तियां भी मैच का लुत्फ उठा रही थीं। उनके साथ लेडी हेलेन टेलर, एक्ट्रेस लिली जेम्स, पूर्व रॉयल बैले प्रिंसिपल डार्सी बसेल, एक्ट्रेस अन्ना मैक्सवेल मार्टिन और ब्रॉडकास्टर एमिली मैतलीस जैसी हस्तियां मौजूद थीं। प्रियंका इस खास खेल आयोजन में बेहद स्टाइलिश आउटफिट में पहुंची थीं, जिसकी तस्वीरें इंटरनेट पर सामने आई हैं। विंबलडन से प्रियंका का पुराना जुड़ाव प्रियंका चोपड़ा के लिए विंबलडन जाना कोई नया अनुभव नहीं है। वे पहले भी इस प्रतिष्ठित टेनिस टूर्नामेंट का हिस्सा बनती रही हैं। 2023 में वे निक जोनास के साथ ऑल इंग्लैंड लॉन टेनिस एंड क्रोकेट क्लब पहुंची थीं, जहां दोनों रॉयल बॉक्स में बैठे नजर आए थे। प्रियंका ने साल 2021 में पहली बार अकेले विंबलडन में शिरकत की थी, जब वे विमेंस सिंगल्स का फाइनल मुकाबला देखने स्टेडियम पहुंची थीं।

शेख हसीना बोलीं- दिसंबर में बांग्लादेश लौटूंगी:कोर्ट में सरेंडर करूंगी, हत्या हो जाए तो भी मंजूर, देश की मिट्टी पर मरना चाहती हूं

शेख हसीना बोलीं- दिसंबर में बांग्लादेश लौटूंगी:कोर्ट में सरेंडर करूंगी, हत्या हो जाए तो भी मंजूर, देश की मिट्टी पर मरना चाहती हूं

बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना ने कहा है कि वह दिसंबर में भारत से बांग्लादेश देश लौटेंगी और कोर्ट में सरेंडर करेंगी। रॉयटर्स को दिए इंटरव्यू में उन्होंने कहा, वे मुझे गिरफ्तार कर सकते हैं, मेरी हत्या भी कर सकते हैं, लेकिन मुझे लौटना ही होगा। अगर मौत भी आए, तो मैं अपने देश की मिट्टी पर मरना चाहती हूं, जहां मेरे माता-पिता दफन हैं। हसीना 2024 में सरकार विरोधी आंदोलन के बाद बांग्लादेश छोड़कर भारत आ गई थीं। इसके बाद उन्हें छात्र आंदोलन पर कार्रवाई से जुड़े मामले में मौत की सजा सुनाई गई। वह इन आरोपों से इनकार करती रही हैं। उन्होंने कहा कि उनके साथ अवामी लीग के कई वरिष्ठ नेता भी बांग्लादेश लौटकर अदालत में आत्मसमर्पण करेंगे। हालांकि, उन्होंने वापसी की सटीक तारीख नहीं बताई। हसीना बोलीं- पार्टी नेताओं पर दमन हो रहा है हसीना ने कहा कि अवामी लीग के नेताओं और कार्यकर्ताओं पर लगातार कार्रवाई हो रही है। उनके मुताबिक, लगभग सभी बड़े नेताओं और कार्यकर्ताओं पर मुकदमे दर्ज किए गए हैं और कई लोग छिपकर रहने को मजबूर हैं। रॉयटर्स के मुताबिक, पूर्व गृह मंत्री असदुज्जमान खान कमाल समेत अवामी लीग के कुछ अन्य निर्वासित नेता भी उनके साथ लौटने की तैयारी में हैं। कमाल पर भी मौत की सजा सुनाई जा चुकी है। हसीना बोलीं- वापसी को लेकर सरकार से कोई बात नहीं की हसीना ने कहा कि उन्होंने अपनी वापसी को लेकर बांग्लादेश सरकार से कोई बातचीत नहीं की है। उन्होंने कहा, “लोकतंत्र, मतदान का अधिकार, अवामी लीग के राजनीतिक अधिकार और न्याय ऐसे विषय नहीं हैं जिन पर गुप्त बातचीत हो।” उन्होंने दावा किया कि बांग्लादेश सरकार उन्हें वापस लाने के लिए भारत को लगातार पत्र भेज रही है। उन्होंने कहा, “मैं खुद ही लौटूंगी।” बांग्लादेश सरकार ने हसीना के बयान पर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी। भारत के विदेश मंत्रालय ने भी इस मामले पर टिप्पणी नहीं की। हालांकि अप्रैल में भारत ने कहा था कि वह बांग्लादेश के प्रत्यर्पण अनुरोध पर विचार कर रहा है और नई सरकार के साथ रचनात्मक तरीके से संबंध मजबूत करना चाहता है। ‘अगर हमने गलत किया है तो फैसला जनता करे’ हसीना ने कहा कि उन्हें जेल जाने का डर नहीं है क्योंकि वह पहले भी कई बार गिरफ्तार हो चुकी हैं। 1981 में निर्वासन से लौटने के बाद सैन्य शासन के खिलाफ आंदोलनों के दौरान उन्हें कई बार हिरासत में लिया गया था। 2007 में भी उन्हें भ्रष्टाचार के मामलों में जेल भेजा गया था। बाद में रिहा होने के बाद उन्होंने 2008 का चुनाव जीता था। उन्होंने कहा, “कोई भी सरकार लंबे समय तक सत्ता में रहती है तो उससे गलतियां हो सकती हैं। लेकिन किसी सरकार के सही या गलत होने का फैसला जनता को करना चाहिए।” रॉयटर्स के मुताबिक, संयुक्त राष्ट्र की एक रिपोर्ट में 2024 के छात्र आंदोलन पर कार्रवाई में करीब 1,400 लोगों की मौत होने की बात कही गई है। इसी कार्रवाई से जुड़े मामले में शेख हसीना को मौत की सजा सुनाई गई थी। हसीना ने कहा कि उन्हें भरोसा है कि अदालत की कार्रवाई शुरू होने पर लोग खुद देखेंगे कि मामला कितना निष्पक्ष है।

फटे जूतों के वायरल वीडियो पर सनी देओल की फिरकी:इवेंट में बोले- किसी ने जूते की फोटो नहीं लेनी, धर्मेंद्र जैसी शर्ट पहनकर पहुंचे

फटे जूतों के वायरल वीडियो पर सनी देओल की फिरकी:इवेंट में बोले- किसी ने जूते की फोटो नहीं लेनी, धर्मेंद्र जैसी शर्ट पहनकर पहुंचे

बॉलीवुड एक्टर सनी देओल गुरुवार को अपनी फिल्म ‘इक्का’ की स्क्रीनिंग के इवेंट में पहुंचे। इस दौरान उन्होंने अपने हालिया ‘जूता विवाद’ पर मजाकिया अंदाज में रिएक्शन दिया। दरअसल, कुछ दिन पहले ‘इक्का’ के ट्रेलर लॉन्च इवेंट में सनी देओल के पहने हुए सफेद रंग के घिसे जूते चर्चा का विषय बन गए थे। वायरल वीडियो में उनके जूते का पिछला हिस्सा दिखाई देने के बाद सोशल मीडिया पर उन्हें ट्रोल किया गया और इस पर कई मीम्स भी बने। अब फिल्म के एक इवेंट में सनी देओल ने खुद इस मामले पर चुटकी ली। पैपराजी के सामने पोज देते हुए उन्होंने मुस्कुराकर कहा, ‘अरे, जूता नहीं लेना किसी ने?’ उनके इतना कहते ही वहां मौजूद पैपराजी हंस पड़े। इस पर एक पैपराजी ने जवाब दिया, ‘जूता तो सर फुल फ्रेम में आ ही रहा है।’ इसके बाद सनी देओल हंसते हुए आगे बढ़ गए। क्लीन-शेव लुक की भी हुई चर्चा ‘इक्का’ की स्क्रीनिंग के दौरान सनी देओल क्लीन-शेव लुक में नजर आए। उन्होंने ब्लू चेक वाली कैजुअल शर्ट और कैप पहनी थी। सोशल मीडिया पर कई यूजर्स ने उनके इस लुक की तुलना धर्मेंद्र के पुराने अंदाज से की। ‘इक्का’ 10 जुलाई को नेटफ्लिक्स पर रिलीज हो गई है। फिल्म में सनी देओल के साथ दीया मिर्जा, अक्षय खन्ना, संजीदा शेख, आकांक्षा रंजन कपूर और शिशिर शर्मा भी अहम भूमिकाओं में हैं। फिल्म का डायरेक्शन सिद्धार्थ पी. मल्होत्रा ने किया है। इस फिल्म के जरिए सनी देओल ने ओटीटी पर डेब्यू किया है। सनी देओल जल्द ही बड़े पर्दे पर राजकुमार संतोषी के निर्देशन में बनी फिल्म ‘बंटवारा 1947’ में नजर आएंगे। फिल्म की कहानी 1947 के बंटवारे के दौरान इंसानियत, रिश्तों और बदलते हालात को दिखाती है। फिल्म में सनी के अलावा प्रीति जिंटा, शबाना आजमी, अली फजल, अभिमन्यु सिंह, खुशी हजारे और कनिका कपूर भी नजर आएंगी। फिल्म का प्रोडक्शन आमिर खान प्रोडक्शंस ने किया है।

X पर 3 साल बाद लौटे मार्क जुकरबर्ग:मेटा ने लॉन्च किया 'म्यूज स्पार्क 1.1' AI मॉडल, OpenAI और एंथ्रोपिक से मुकाबला

X पर 3 साल बाद लौटे मार्क जुकरबर्ग:मेटा ने लॉन्च किया 'म्यूज स्पार्क 1.1' AI मॉडल, OpenAI और एंथ्रोपिक से मुकाबला

मेटा के CEO मार्क जुकरबर्ग ने तीन साल से अधिक समय के बाद सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर वापसी की है। उन्होंने कंपनी का सबसे नया और एडवांस AI मॉडल ‘म्यूज स्पार्क 1.1’ लॉन्च करने की घोषणा की है। जुकरबर्ग का यह कदम एआई मार्केट में OpenAI और एंथ्रोपिक जैसी दिग्गज कंपनियों को टक्कर देने की मेटा की सोची-समझी रणनीति का हिस्सा है। कम कीमत में कोडिंग और एजेंटिक परफॉर्मेंस मार्क जुकरबर्ग ने अपनी पोस्ट में लिखा, “आज हम म्यूज स्पार्क 1.1 रिलीज कर रहे हैं। यह बहुत ही कम कीमत पर एक मजबूत एजेंटिक और कोडिंग मॉडल है। यह हमारे नए मेटा मॉडल API और मेटा AI में उपलब्ध है।” उन्होंने कहा कि यह मॉडल टूल यूज, कंप्यूटर यूज और एजेंटिक परफॉर्मेंस में सबसे मजबूत है। यह 10 लाख टोकन कॉन्टेक्स्ट विंडो के साथ लंबे समय तक चलने वाले टास्क को आसानी से पूरा कर सकता है। यह समानांतर चलने वाले सब-एजेंट्स को काम सौंपने में सक्षम है और इसे डेस्कटॉप, मोबाइल या ब्राउज़र पर कंप्यूटर इंटरफेस का उपयोग करने के लिए ट्रेन किया गया है। म्यूज स्पार्क से डेवेलपर्स बना सकेंगे एप्लिकेशन्स जुकरबर्ग ने बताया कि डेवेलपर्स म्यूज स्पार्क का उपयोग करके नए एप्लिकेशन्स बना सकेंगे। कंपनी का पूरा फोकस बहुत कम लागत पर मजबूत एजेंटिक और मल्टीमॉडल मॉडल देने पर है। अमेरिका में डेवेलपर्स अब मेटा मॉडल API के पब्लिक प्रीव्यू के जरिए म्यूज स्पार्क 1.1 का एक्सेस पा सकते हैं। कम इंसानी दखल के पूरे होंगे जटिल काम मेटा ने इस अपग्रेडेड मॉडल को कोडिंग, एजेंटिक वर्कफ़्लो और सॉफ़्टवेयर ऑटोमेशन के लिए अपना अब तक का सबसे सक्षम एआई सिस्टम बताया है। यह मॉडल न केवल कोड लिख और डिबग कर सकता है, बल्कि सॉफ़्टवेयर टूल्स के साथ इंटरैक्ट भी कर सकता है। यह टेक्स्ट, इमेज और वीडियो को समझकर बिना किसी इंसानी हस्तक्षेप के बेहद जटिल और मल्टी-स्टेप टास्क को पूरा करने की क्षमता रखता है। सुपरइंटेलिजेंस लैब्स ने किया तैयार इस मॉडल को मेटा की ‘सुपरइंटेलिजेंस लैब्स’ ने डेवलप किया है। इससे पहले कंपनी ने अप्रैल में अपना ओरिजिनल म्यूज स्पार्क मॉडल पेश किया था, जिसका मकसद एआई के क्षेत्र में प्रतिद्वंद्वियों के साथ अंतर को कम करना था। इस नए लॉन्च के साथ मेटा ने पेड एआई मॉडल API मार्केट में औपचारिक रूप से एंट्री कर ली है। 20 डॉलर का फ्री क्रेडिट और प्राइसिंग का गणित मेटा मॉडल API के लिए साइन अप करने वाले डेवेलपर्स को 20 डॉलर का फ्री क्रेडिट मिलेगा, जिसके बाद वे ‘पे-एज-यू-गो’ (जितना इस्तेमाल, उतना भुगतान) प्राइसिंग मॉडल पर शिफ्ट हो जाएंगे। मेटा ने इस सर्विस की कीमत 1.25 डॉलर प्रति मिलियन इनपुट टोकन और 4.25 डॉलर प्रति मिलियन आउटपुट टोकन तय की है। यह कीमत OpenAI के एंट्री-लेवल ‘GPT-5 mini’ और एंथ्रोपिक के ‘क्लॉड हायकू 4.5’ से अधिक है, लेकिन एंथ्रोपिक के प्रीमियम ‘क्लॉड सॉनेट 4.6’ मॉडल से कम है। वॉट्सऐप और इंस्टाग्राम के ल्लामा मॉडल्स बदलेंगे म्यूज स्पार्क 1.1 को फिलहाल मेटा AI एप और वेबसाइट के ‘थिंकिंग मोड’ में रोल आउट किया जा रहा है। आने वाले समय में यह मॉडल धीरे-धीरे वॉट्सऐप, इंस्टाग्राम, फेसबुक और मेटा के एआई-इनेबल्ड स्मार्ट ग्लासेस में मौजूद मौजूदा ल्लामा मॉडल्स की जगह लेगा। हाल ही में मेटा ने अपनी सुपरइंटेलिजेंस लैब्स द्वारा विकसित पहला इमेज-जनरेशन मॉडल ‘म्यूज इमेज’ भी पेश किया था, जिससे कंपनी का जेनरेटिव एआई पोर्टफोलियो और मजबूत हुआ है। नॉलेज पार्ट: क्या होते हैं एजेंटिक मॉडल और टोकन कॉन्टेक्स्ट विंडो?

X पर 3 साल बाद लौटे मार्क जुकरबर्ग:मेटा ने लॉन्च किया 'म्यूज स्पार्क 1.1' AI मॉडल, OpenAI और एंथ्रोपिक से मुकाबला

X पर 3 साल बाद लौटे मार्क जुकरबर्ग:मेटा ने लॉन्च किया 'म्यूज स्पार्क 1.1' AI मॉडल, OpenAI और एंथ्रोपिक से मुकाबला

मेटा के CEO मार्क जुकरबर्ग ने तीन साल से अधिक समय के बाद सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर वापसी की है। उन्होंने कंपनी का सबसे नया और एडवांस AI मॉडल ‘म्यूज स्पार्क 1.1’ लॉन्च करने की घोषणा की है। जुकरबर्ग का यह कदम एआई मार्केट में OpenAI और एंथ्रोपिक जैसी दिग्गज कंपनियों को टक्कर देने की मेटा की सोची-समझी रणनीति का हिस्सा है। कम कीमत में कोडिंग और एजेंटिक परफॉर्मेंस मार्क जुकरबर्ग ने अपनी पोस्ट में लिखा, “आज हम म्यूज स्पार्क 1.1 रिलीज कर रहे हैं। यह बहुत ही कम कीमत पर एक मजबूत एजेंटिक और कोडिंग मॉडल है। यह हमारे नए मेटा मॉडल API और मेटा AI में उपलब्ध है।” उन्होंने कहा कि यह मॉडल टूल यूज, कंप्यूटर यूज और एजेंटिक परफॉर्मेंस में सबसे मजबूत है। यह 10 लाख टोकन कॉन्टेक्स्ट विंडो के साथ लंबे समय तक चलने वाले टास्क को आसानी से पूरा कर सकता है। यह समानांतर चलने वाले सब-एजेंट्स को काम सौंपने में सक्षम है और इसे डेस्कटॉप, मोबाइल या ब्राउज़र पर कंप्यूटर इंटरफेस का उपयोग करने के लिए ट्रेन किया गया है। म्यूज स्पार्क से डेवेलपर्स बना सकेंगे एप्लिकेशन्स जुकरबर्ग ने बताया कि डेवेलपर्स म्यूज स्पार्क का उपयोग करके नए एप्लिकेशन्स बना सकेंगे। कंपनी का पूरा फोकस बहुत कम लागत पर मजबूत एजेंटिक और मल्टीमॉडल मॉडल देने पर है। अमेरिका में डेवेलपर्स अब मेटा मॉडल API के पब्लिक प्रीव्यू के जरिए म्यूज स्पार्क 1.1 का एक्सेस पा सकते हैं। कम इंसानी दखल के पूरे होंगे जटिल काम मेटा ने इस अपग्रेडेड मॉडल को कोडिंग, एजेंटिक वर्कफ़्लो और सॉफ़्टवेयर ऑटोमेशन के लिए अपना अब तक का सबसे सक्षम एआई सिस्टम बताया है। यह मॉडल न केवल कोड लिख और डिबग कर सकता है, बल्कि सॉफ़्टवेयर टूल्स के साथ इंटरैक्ट भी कर सकता है। यह टेक्स्ट, इमेज और वीडियो को समझकर बिना किसी इंसानी हस्तक्षेप के बेहद जटिल और मल्टी-स्टेप टास्क को पूरा करने की क्षमता रखता है। सुपरइंटेलिजेंस लैब्स ने किया तैयार इस मॉडल को मेटा की ‘सुपरइंटेलिजेंस लैब्स’ ने डेवलप किया है। इससे पहले कंपनी ने अप्रैल में अपना ओरिजिनल म्यूज स्पार्क मॉडल पेश किया था, जिसका मकसद एआई के क्षेत्र में प्रतिद्वंद्वियों के साथ अंतर को कम करना था। इस नए लॉन्च के साथ मेटा ने पेड एआई मॉडल API मार्केट में औपचारिक रूप से एंट्री कर ली है। 20 डॉलर का फ्री क्रेडिट और प्राइसिंग का गणित मेटा मॉडल API के लिए साइन अप करने वाले डेवेलपर्स को 20 डॉलर का फ्री क्रेडिट मिलेगा, जिसके बाद वे ‘पे-एज-यू-गो’ (जितना इस्तेमाल, उतना भुगतान) प्राइसिंग मॉडल पर शिफ्ट हो जाएंगे। मेटा ने इस सर्विस की कीमत 1.25 डॉलर प्रति मिलियन इनपुट टोकन और 4.25 डॉलर प्रति मिलियन आउटपुट टोकन तय की है। यह कीमत OpenAI के एंट्री-लेवल ‘GPT-5 mini’ और एंथ्रोपिक के ‘क्लॉड हायकू 4.5’ से अधिक है, लेकिन एंथ्रोपिक के प्रीमियम ‘क्लॉड सॉनेट 4.6’ मॉडल से कम है। वॉट्सऐप और इंस्टाग्राम के ल्लामा मॉडल्स बदलेंगे म्यूज स्पार्क 1.1 को फिलहाल मेटा AI एप और वेबसाइट के ‘थिंकिंग मोड’ में रोल आउट किया जा रहा है। आने वाले समय में यह मॉडल धीरे-धीरे वॉट्सऐप, इंस्टाग्राम, फेसबुक और मेटा के एआई-इनेबल्ड स्मार्ट ग्लासेस में मौजूद मौजूदा ल्लामा मॉडल्स की जगह लेगा। हाल ही में मेटा ने अपनी सुपरइंटेलिजेंस लैब्स द्वारा विकसित पहला इमेज-जनरेशन मॉडल ‘म्यूज इमेज’ भी पेश किया था, जिससे कंपनी का जेनरेटिव एआई पोर्टफोलियो और मजबूत हुआ है। नॉलेज पार्ट: क्या होते हैं एजेंटिक मॉडल और टोकन कॉन्टेक्स्ट विंडो?

12% से ज्यादा अल्कोहल वाली दवा बिना प्रिस्क्रिप्शन नहीं मिलेगी:कफ सिरप और टॉनिक पर असर, मेडिकल स्टोर्स को 3 साल का रिकॉर्ड रखना होगा

12% से ज्यादा अल्कोहल वाली दवाओं की खुली बिक्री बंद:मेडिकल स्टोर डॉक्टर के पर्चे के बिना नहीं बेच सकेंगे, 3 साल का रिकॉर्ड भी रखना होगा

केंद्र सरकार ने 12% से ज्यादा अल्कोहल मिक्स दवाओं की खुली बिक्री पर रोक लगा दी है। अब ये दवाएं डॉक्टर के प्रिस्क्रिप्शन के बिना नहीं खरीदी या बेची जा सकेंगी। दवाओं के गलत इस्तेमाल को रोकने के लिए सरकार ने ड्रग्स रूल्स, 1945 में यह बदलाव किया है। नए नियम के तहत उन सभी पीने वाली दवाओं को ‘शेड्यूल H1’ की कैटेगरी में शामिल कर दिया गया है, जिनमें एथिल अल्कोहल की मात्रा 12% से ज्यादा होती है और जो 30 मिलीलीटर से बड़ी बोतल में बेची जाती हैं। मेडिकल स्टोर्स के लिए भी खास निर्देश हैं। अब मेडिकल स्टोर्स को इन दवाओं की बिक्री का पूरा रिकॉर्ड एक अलग रजिस्टर में रखना होगा। इस फैसले का आम मरीजों, मेडिकल स्टोर्स और पब्लिक हेल्थ पर क्या असर पड़ेगा? आसान सवाल-जवाब में समझिए… फैसले की वजह और बैकग्राउंड सवाल-1: सरकार को अचानक यह कदम क्यों उठाना पड़ा? जवाब: मार्केट में मिलने वाले कई कफ सिरप और टॉनिक में अल्कोहल की मात्रा काफी ज्यादा होती है। बिना रोक-टोक या डॉक्टर की पर्ची के मिलने से कई लोग इनका इस्तेमाल नशे के लिए करने लगे थे। इसी दुरुपयोग को रोकने और दवाओं की बिक्री की सख्ती से निगरानी के लिए सरकार ने यह कदम उठाया है। सवाल-2: यह फैसला किस कमेटी की सिफारिश पर लिया गया है? जवाब: दवाओं के गलत इस्तेमाल की बढ़ती चिंताओं को देखते हुए सरकार की रेगुलेटरी कमेटियों- ड्रग्स कंसल्टेटिव कमेटी और ड्रग्स टेक्निकल एडवाइजरी बोर्ड ने इस पर समीक्षा की थी। इन कमेटियों की सिफारिशों के बाद ही सरकार ने कानून में यह संशोधन लागू किया है। मेडिकल स्टोर्स और मरीजों पर असर सवाल-1: मेडिकल स्टोर चलाने वालों को अब किन नियमों का पालन करना होगा? जवाब: शेड्यूल H1 के तहत आने के बाद अब फार्मेसी या मेडिकल स्टोर्स को ये 3 मुख्य काम करने होंगे… सवाल-2: एक मरीज के तौर पर क्या मेरे लिए यह दवाएं बैन या असुरक्षित हो गई हैं? जवाब: बिल्कुल नहीं। इसका यह मतलब कतई नहीं है कि ये दवाएं असुरक्षित हैं या इन पर प्रतिबंध लगा दिया गया है। यह सिर्फ सुरक्षा मानक है। अगर डॉक्टर ने यह दवा लिखी है, तो आपको यह पहले की तरह मेडिकल स्टोर से मिल जाएगी, बस आपको डॉक्टर की पर्ची दिखानी होगी। मेडिकल फैक्ट्स और हेल्थ इंपैक्ट सवाल-1: दवाओं में अल्कोहल का इस्तेमाल क्यों किया जाता है, क्या यह खतरनाक है? जवाब: दवाओं में सीमित मात्रा में इथाइल अल्कोहल का इस्तेमाल एक सॉल्वेंट या प्रिजर्वेटिव (दवा को सुरक्षित रखने और घोलने) के रूप में किया जाता है, जो क्लीनिकल तौर पर जरूरी है। यह आमतौर पर हानिकारक नहीं होता। हालांकि, जर्नल ऑफ मेडिकल टॉक्सिकोलॉजी की 2024 की एक रिपोर्ट के मुताबिक, अगर ऐसी दवाओं का बिना डॉक्टरी सलाह के या जरूरत से ज्यादा सेवन किया जाए, तो यह बच्चों, बुजुर्गों और लिवर के मरीजों के लिए गंभीर साइड इफेक्ट्स पैदा कर सकता है। सवाल-2: इस मामले में वर्ल्ड हेल्थ ऑर्गेनाइजेशन (WHO) की क्या गाइडलाइन है? जवाब: वर्ल्ड हेल्थ ऑर्गेनाइजेशन (WHO) भी हमेशा दवाओं के तर्कसंगत और सीमित इस्तेमाल पर जोर देता है। इसके तहत दवाओं को केवल तभी लिखा और बेचा जाना चाहिए, जब उनकी वाकई में क्लीनिकल जरूरत हो। शेड्यूल H1 और फ्यूचर इंपैक्ट सवाल-1: यह ‘शेड्यूल H1’ क्या है और इसमें कौन सी दवाएं आती हैं? जवाब: ड्रग्स एंड कॉस्मेटिक्स रूल्स के तहत ‘शेड्यूल H1’ को साल 2013 में पेश किया गया था। इसका मकसद उन दवाओं की सख्त निगरानी करना था जिनके दुरुपयोग की संभावना ज्यादा होती है। शुरुआत में इसमें थर्ड और फोर्थ जनरेशन की एंटीबायोटिक्स, टीबी की दवाएं और आदत लगाने वाली दवाएं शामिल थीं। अब इस लिस्ट का दायरा बढ़ाया जा रहा है। सवाल-2: इस फैसले से पब्लिक हेल्थ सेक्टर को लंबे समय में क्या फायदा होगा? जवाब: इस कदम से भारत में ड्रग रेगुलेटरी सिस्टम और मजबूत होगा। दवाओं की ट्रेसेबिलिटी बढ़ेगी, यानी यह पता लगाना आसान होगा कि कौन सी दवा कहां और किसे बेची गई। इससे दवाओं के गलत इस्तेमाल पर रोक लगेगी और मरीजों की सुरक्षा सुनिश्चित हो सकेगी।

राजेश शर्मा की हेल्थ पर 'फौजी' की टीम की सफाई:कहा- उन्हें सेट पर कीड़े ने काटा, इसकी जानकारी नहीं; अक्षय कुमार ने जताई चिंता

राजेश शर्मा की हेल्थ पर 'फौजी' की टीम की सफाई:कहा- उन्हें सेट पर कीड़े ने काटा, इसकी जानकारी नहीं; अक्षय कुमार ने जताई चिंता

प्रभास की फिल्म ‘फौजी’ की शूटिंग कर रहे एक्टर राजेश शर्मा की तबीयत बिगड़ने के बाद सामने आई रिपोर्ट्स पर फिल्म की टीम ने रिएक्शन दिया। टीम ने सेट पर कीड़े के काटने की घटना की जानकारी होने की बात कही। यह बयान उन खबरों के बाद आया, जिनमें राजेश की तबीयत बिगड़ने की वजह कीड़े के काटने को बताया गया था। हाल ही में राजेश शर्मा की तबीयत बिगड़ने की खबर सामने आई थी। रिपोर्ट्स के मुताबिक, उन्हें पहले हैदराबाद के एक अस्पताल में भर्ती कराया गया, जिसके बाद इलाज के लिए कोलकाता ले जाया गया। कुछ रिपोर्ट्स में दावा किया गया कि उनकी तबीयत फिल्म ‘फौजी’ के सेट पर किसी कीड़े के काटने से बिगड़ी। एक्ट्रेस सुदीपा चटर्जी ने भी अपने एक बयान में कीड़े के काटने का जिक्र किया था। हालांकि, बाद में उन्होंने सोशल मीडिया पोस्ट हटा दी थी। फिल्म ‘फौजी’ की टीम ने खबरों पर दी सफाई साउथ फिल्मों से जुड़े पोर्टल गुलटी के अनुसार, ‘फौजी’ की टीम ने कहा कि उन्हें सेट पर ऐसी किसी घटना की जानकारी नहीं है। टीम का कहना है कि राजेश शर्मा इन खबरों के सामने आने से करीब एक सप्ताह पहले अपना शूट पूरा कर घर लौट चुके थे। उस दौरान प्रोडक्शन टीम को किसी मेडिकल इमरजेंसी की औपचारिक जानकारी नहीं मिली थी। टीम ने यह भी कहा कि रिपोर्ट्स सामने आने के बाद उन्होंने राजेश शर्मा के परिवार से संपर्क करने की कोशिश की, लेकिन कोई जवाब नहीं मिला। रिपोर्ट के अनुसार, राजेश शर्मा के पर्सनल असिस्टेंट शुभाशीष पांडा ने एक वीडियो जारी कर बताया कि एक्टर को डायबिटीज से जुड़ी दिक्कतों के कारण अस्पताल में भर्ती कराया गया था। उन्होंने यह भी कहा कि राजेश जल्द अस्पताल से डिस्चार्ज हो सकते हैं। यह दावा कीड़े के काटने वाली रिपोर्ट्स से अलग है। अक्षय ने की जल्द ठीक होने की दुआ राजेश शर्मा की सेहत को लेकर गुरुवार को एक्टर अक्षय कुमार ने भी चिंता जताई थी। उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा, ‘मेरे प्रिय दोस्त राजेश की तबीयत के बारे में सुनकर बहुत चिंता हुई। शूटिंग के दौरान उन्हें किसी कीड़े ने काट लिया था। भगवान महादेव उन्हें जल्द और पूरी तरह स्वस्थ करें। यार, जल्दी ठीक हो जाओ। अभी साथ बैठकर बहुत हंसना-बोलना बाकी है।’ राजेश शर्मा ने अपने करियर की शुरुआत थिएटर से की और 1996 में फिल्म ‘माचिस’ से बॉलीवुड में डेब्यू किया था। इसके बाद उन्होंने ‘परिणीता’, ‘खोसला का घोसला’, ‘इश्किया’, ‘स्पेशल 26’, ‘बजरंगी भाईजान’, ‘एम.एस. धोनी: द अनटोल्ड स्टोरी’, ‘टॉयलेट: एक प्रेम कथा’ और ‘तनु वेड्स मनु रिटर्न्स’ जैसी कई चर्चित फिल्मों में दमदार अभिनय किया।

राजेश शर्मा की हेल्थ पर 'फौजी' की टीम की सफाई:कहा- उन्हें सेट पर कीड़े ने काटा, इसकी जानकारी नहीं; अक्षय कुमार ने जताई चिंता

राजेश शर्मा की हेल्थ पर 'फौजी' की टीम की सफाई:कहा- उन्हें सेट पर कीड़े ने काटा, इसकी जानकारी नहीं; अक्षय कुमार ने जताई चिंता

प्रभास की फिल्म फौजी की शूटिंग कर रहे एक्टर राजेश शर्मा की तबीयत बिगड़ने के बाद सामने आई रिपोर्ट्स पर फिल्म की टीम ने रिएक्शन दिया। टीम ने सेट पर कीड़े के काटने की घटना की जानकारी न होने की बात कही। यह बयान उन खबरों के बाद आया, जिनमें राजेश की तबीयत बिगड़ने की वजह कीड़े के काटने को बताया गया था। हाल ही में राजेश शर्मा की तबीयत बिगड़ने की खबर सामने आई थी। रिपोर्ट्स के मुताबिक, उन्हें पहले हैदराबाद के एक अस्पताल में भर्ती कराया गया, जिसके बाद इलाज के लिए कोलकाता ले जाया गया। कुछ रिपोर्ट्स में दावा किया गया कि उनकी तबीयत फिल्म ‘फौजी’ के सेट पर किसी कीड़े के काटने से बिगड़ी। एक्ट्रेस सुदीपा चटर्जी ने भी अपने एक बयान में कीड़े के काटने का जिक्र किया था। हालांकि, बाद में उन्होंने सोशल मीडिया पोस्ट हटा दी। फिल्म ‘फौजी’ की टीम ने खबरों पर दी सफाई साउथ फिल्मों से जुड़े पोर्टल गुलटी के अनुसार, ‘फौजी’ की टीम ने कहा कि उन्हें सेट पर ऐसी किसी घटना की जानकारी नहीं है। टीम का कहना है कि राजेश शर्मा इन खबरों के सामने आने से करीब एक सप्ताह पहले अपना शूट पूरा कर घर लौट चुके थे। उस दौरान प्रोडक्शन टीम को किसी मेडिकल इमरजेंसी की औपचारिक जानकारी नहीं मिली थी। टीम ने यह भी कहा कि रिपोर्ट्स सामने आने के बाद उन्होंने राजेश शर्मा के परिवार से संपर्क करने की कोशिश की, लेकिन कोई जवाब नहीं मिला। रिपोर्ट के अनुसार, राजेश शर्मा के पर्सनल असिस्टेंट शुभाशीष पांडा ने एक वीडियो जारी कर बताया कि एक्टर को डायबिटीज से जुड़ी दिक्कतों के कारण अस्पताल में भर्ती कराया गया था। उन्होंने यह भी कहा कि राजेश जल्द अस्पताल से डिस्चार्ज हो सकते हैं। यह दावा कीड़े के काटने वाली रिपोर्ट्स से अलग है। अक्षय ने की जल्द ठीक होने की दुआ राजेश शर्मा की सेहत को लेकर गुरुवार को एक्टर अक्षय कुमार ने चिंता जताई। उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा, ‘मेरे प्रिय दोस्त राजेश की तबीयत के बारे में सुनकर बहुत चिंता हुई। शूटिंग के दौरान उन्हें किसी कीड़े ने काट लिया था। भगवान महादेव उन्हें जल्द और पूरी तरह स्वस्थ करें। यार, जल्दी ठीक हो जाओ। अभी साथ बैठकर बहुत हंसना-बोलना बाकी है।’ बता दें कि राजेश शर्मा ने करियर की शुरुआत थिएटर से की और 1996 में फिल्म ‘माचिस’ से बॉलीवुड में डेब्यू किया था। इसके बाद उन्होंने ‘परिणीता’, ‘खोसला का घोसला’, ‘इश्किया’, ‘स्पेशल 26’, ‘बजरंगी भाईजान’, ‘एम.एस. धोनी: द अनटोल्ड स्टोरी’, ‘टॉयलेट: एक प्रेम कथा’ और ‘तनु वेड्स मनु रिटर्न्स’ जैसी कई चर्चित फिल्मों में दमदार अभिनय किया।

चना दाल मसाला पूरी रेसिपी: सादी नहीं, प्रयोग में बाकी बची चना दाल मसाला पूरी, टमाटर-आलू की सब्जी के साथ बेस्ट पसंद

तस्वीर का विवरण

सामग्री: 1 कप चना दाल, 2 कप आटे का आटा, 2 हरी मिर्च, 1 छोटा चम्मच जीरा, ½ छोटा चम्मच और हल्दी पाउडर, 1 छोटा चम्मच लाल मिर्च और धनिया पाउडर, ½ छोटा चम्मच गरम मसाला, हरा धनिया, नमक, तेल छवि: एआई विधि: सबसे पहले चना दाल को 3 से 4 घंटे के लिए पानी में सस्ता करें। इसके बाद दाल को पानी से प्रभावी प्रभाव दरदरा पीस लें। एक बर्तन में आटे का आटा लें। छवि: फ्रीपिक इसमें पिसी हुई चना दाल, हरी मिर्च, अदरक, जीरा, अजमोद, हल्दी, लाल मिर्च, धनिया पाउडर, गर्म मसाला, हरा धनिया, नमक और 2 मसाला तेल शामिल है। छवि: फ्रीपिक सभी जरूरतमंदों को अच्छी तरह से तैयार किया गया और जरूरतमंदों के अनुसार थोड़ा-थोड़ा पानी पीते हुए सख्त आटा गूंध लिया गया। इंटरनेट पर 15-20 मिनट तक रुकें। अब कर्मचारियों की छोटी-छोटी लो डेट और पूरियों की तरह बेल लें। छवि: एआई कच्चे ही में तेल गर्म करें। जब तेल अच्छी तरह गर्म हो जाए, तब एक-एक करके पूरियाँ डालें और दोनों तरफ से सुनहरा और कुरकुरा होने तक तल लें। तैयार चना दाल मसाला पूरी को टिश्यू पेपर पर निकाला लें। छवि: एआई गरमा-गरम चना दाल मसाला, पूरा टमाटर-आलू की सब्जी, बूंदी के रायते, दही, अचार या हरी चटनी के साथ। यह प्रोटोटाइप बॉक्स, सप्ताहांत शाखा या यात्रा के अलावा भी एक शानदार विकल्प है। छवि: एआई पूरियों को ज्यादातर स्वादिष्ट बनाने के लिए आटे में छोटी कसूरी मेथी भी मिला सकते हैं. नई दिल्ली पूरी तरह से पसंद हो तो हरी मिर्च की मात्रा में वृद्धि। कुकुरी पूरी तरह से आटा थोड़ा सख्त गूंधें। छवि: फ्रीपिक खजूर तो इसमें थोड़ा सा सौंफ या काली मिर्च पाउडर भी डाल सकते हैं, जिससे स्वाद और भी लाजवाब हो जाएगा। छवि: एआई चना दाल मसाला पूरी तरह से एक ऐसी रेसिपी है, जो हर उम्र के लोगों को पसंद आती है। अगर आप इस वीकेंड फैमिली के लिए कुछ अलग और स्वादिष्ट बनाना चाहते हैं, तो इस आसान रेसिपी को जरूर देखें। छवि: सोशल मीडिया

दिलजीत दोसांझ से फैन ने पूछा अमेरिकी नागरिकता पर सवाल:बोले- कुछ भी बोलूंगा तो खबर बन जाएगी; डोनाल्ड ट्रंप की बेटी पर भी किया खुलासा

दिलजीत दोसांझ से फैन ने पूछा अमेरिकी नागरिकता पर सवाल:बोले- कुछ भी बोलूंगा तो खबर बन जाएगी; डोनाल्ड ट्रंप की बेटी पर भी किया खुलासा

सिंगर और एक्टर दिलजीत दोसांझ ने अपनी अमेरिकी नागरिकता के दावों पर सीधा जवाब देने से परहेज किया है। हाल ही में एक इंस्टाग्राम लाइव सेशन के दौरान जब फैंस ने उनसे यूएस ग्रीन कार्ड और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को लेकर सवाल किए, तो उन्होंने मजाकिया अंदाज में जवाब दिया। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक दिलजीत के पास साल 2022 से ही अमेरिकी नागरिकता होने का दावा किया जा रहा है। दिलजीत दरअसल अपनी फिल्म ‘सतलुज’ को भारत में जी5 प्लेटफॉर्म से हटाए जाने के विवाद पर बात करने के लिए लाइव आए थे। ग्रीन कार्ड के सुझाव पर दिया मजाकिया जवाब इंस्टाग्राम लाइव के दौरान एक फैन ने दिलजीत को अमेरिकी ग्रीन कार्ड के लिए अप्लाई करने का सुझाव दिया। इस पर मुस्कुराते हुए दिलजीत ने कहा कि मैं एक कार्ड लूंगा और उस पर हरा रंग कर लूंगा। उन्होंने आगे कहा कि मैं इस पर कुछ नहीं बोल रहा हूं, नहीं तो सब कुछ छोड़कर इस पर न्यूज बन जाएगी। दुनिया का यह ड्रामा कभी खत्म नहीं होगा। दिलजीत ने कहा कि उनका मानना है कि हर किसी को बिना वीजा के किसी भी देश में जाने की इजाजत होनी चाहिए और पूरी दुनिया को एक हो जाना चाहिए। डोनाल्ड ट्रंप की बेटी को लेकर कही यह बात लाइव सेशन में ही एक दूसरे फैन ने मजाक में दिलजीत से कहा कि वे अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से बात करके सभी के लिए अमेरिकी नागरिकता पक्की करवा दें। इस पर हंसते हुए दिलजीत ने कहा कि आप लोग मेरे बारे में क्या सोचते हैं? मैं सिर्फ एक कलाकार हूं। मैं उनसे नागरिकता के मुद्दों को हल करने के लिए कैसे कह सकता हूं? उन्होंने खुलासा किया कि ट्रंप की बेटी उन्हें इंस्टाग्राम पर फॉलो करती है, लेकिन उन्होंने कभी उनसे बात नहीं की है। दिलजीत ने कहा कि वे कभी किसी से फेवर नहीं मांगते। रिपोर्ट में अमरीकी नागरिकता का दावा दिलजीत की नागरिकता को लेकर यह चर्चा कुछ महीने पहले इंडियन एक्सप्रेस की एक रिपोर्ट के बाद शुरू हुई थी। इस रिपोर्ट में दावा किया गया था कि दिलजीत साल 2022 में अमेरिका के नागरिक बन चुके हैं और 1 सितंबर 2022 से अमेरिकी पासपोर्ट पर सफर कर रहे हैं। रिपोर्ट के मुताबिक उनका आखिरी भारतीय पासपोर्ट साल 2018 में मुंबई से जारी हुआ था। इसमें यह भी दावा किया गया था कि उनकी पत्नी संदीप कौर भी अमेरिकी नागरिक हैं और दिलजीत ने कैलिफोर्निया के एक पॉश इलाके में पांच बेडरूम का बंगला अपना पता बताया है। हालांकि दिलजीत ने अब तक इस पर कोई साफ बयान नहीं दिया है। फिल्म ‘सतलुज’ को हटाए जाने पर जताई चिंता दिलजीत मुख्य रूप से अपनी फिल्म ‘सतलुज’ से जुड़े विवाद पर बात करने के लिए लाइव आए थे। यह फिल्म भारत में रिलीज होने के महज 48 घंटे के भीतर ही जी5 प्लेटफॉर्म से हटा दी गई थी। इससे पहले फिल्म को सेंसर बोर्ड से सर्टिफिकेट लेने के लिए करीब तीन साल तक लंबा इंतजार करना पड़ा था। दिलजीत ने दर्शकों से इस फिल्म को देखने की अपील करते हुए इसे पंजाब और भारत के इतिहास का एक बेहद जरूरी हिस्सा बताया। सरकारी आदेश पर हटाई गई फिल्म सतलुज टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के अनुसार, केंद्र सरकार ने फिल्म ‘सतलुज’ को ZEE5 से हटाने का निर्देश दिया। सरकारी सूत्रों के अनुसार, यह फैसला सुरक्षा संबंधी चिंताओं और सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी) रूल, 2021 के तहत तय दायित्वों का हवाला देते हुए लिया गया। एक सरकारी अधिकारी के मुताबिक, फिल्म निर्माताओं ने 2022 में ‘पंजाब 95’ टाइटल से CBFC से सर्टिफिकेशन के लिए आवेदन किया था। हालांकि, सेंसर बोर्ड द्वारा सुझाए गए 127 कट स्वीकार नहीं किए गए, जिसके बाद फिल्म की रिलीज रोक दी गई। अधिकारी ने कहा, “फिल्ममेकर्स ने सेंसर बोर्ड द्वारा सुझाए गए कट लागू नहीं किए और बाद में फिल्म का नाम बदलकर चुपचाप OTT पर रिलीज कर दिया। चूंकि OTT, CBFC के अधिकार क्षेत्र में नहीं आता, इसलिए मामला सरकार के संज्ञान में आने पर ZEE5 को फिल्म हटाने के लिए कहा गया।” क्यों विवादों में है फिल्म सतलुज