Wednesday, 23 Sep 2026 | 12:09 PM

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जुलाई में 6 बदलाव- कॉमर्शियल सिलेंडर 180 रुपए सस्ता:पासपोर्ट बनवाना महंगा हुआ; ट्रेन में बिना टिकट सफर करने पर दोगुना जुर्माना

जुलाई में 6 बदलाव- कॉमर्शियल सिलेंडर 180 रुपए सस्ता:पासपोर्ट बनवाना महंगा हुआ; ट्रेन में बिना टिकट सफर करने पर दोगुना जुर्माना

कॉमर्शियल सिलेंडर आज यानी 1 जुलाई से औसतम 180 रुपए सस्ता हो गया है। दिल्ली में ये ₹2930 का मिल रहा है। वहीं अब पेट्रोल पंपों पर एक गाड़ी में एक दिन में सिर्फ 200 लीटर डीजल भरने की सीमा खत्म हो गई है। इसके अलावा अब पासपोर्ट बनवाना या री-इश्यू कराना महंगा हो गया है। 36 पेज वाले सामान्य पासपोर्ट की फीस 1,500 रुपए से बढ़कर 2,500 रुपए हो गई। जुलाई में होने वाले 6 बड़े बदलाव 1. कॉमर्शियल गैस सिलेंडर ओसमत 180 रुपए सस्ता बदलाव: तेल कंपनियों ने कॉमर्शियल गैस सिलेंडर औसतन ₹180 रुपए तक सस्ता कर दिया है। दिल्ली में इसकी कीमत ₹2930 हो गई है। पहले ये ₹3113.50 में मिल रहा था। असर: कॉमर्शियल सिलेंडर के दाम घटने से रेस्टोरेंट मालिकों का खर्च घटेगा। ऐसे में वे चाय, नाश्ते और थाली सस्ते कर सकते हैं। शादियों की कैटरिंग भी सस्ती हो सकती है। देश के प्रमुख शहरों में कॉमर्शियल गैस सिलेंडर की कीमत 2. डीजल की बिक्री पर लिमिट 1 जुलाई से हटी बदलाव: अब पेट्रोल पंपों पर एक गाड़ी में एक दिन में सिर्फ 200 लीटर डीजल भरने की सीमा खत्म हो गई है, यानी अब आप अपनी गाड़ी में जितना चाहें उतना डीजल भरवा सकेंगे। इसके साथ ही फैक्ट्रियों और कॉमर्शियल खरीदारों पर लगी रोक भी हटा दी गई है। पेट्रोलियम मंत्रालय ने 11 जून को पेट्रोल-डीजल की किल्लत की वजह से ये पाबंदियां लगाई थीं, जिन्हें सप्लाई सुधरने के बाद 29 जून के नए आदेश के जरिए वापस ले लिया गया है। पिछले 18 दिन से बड़े उपभोक्ता सिर्फ बल्क सेल पॉइंट्स से ही ईंधन खरीद रहे थे। असर: इस फैसले से आम वाहन चालकों, ट्रांसपोर्टर्स और बड़े कॉमर्शियल खरीदार अपनी जरूरत के अनुसार जितना चाहें उतना डीजल सीधे पेट्रोल पंपों से भरवा सकेंगे। इसके अलावा, पिछले 18 दिनों से फैक्ट्रियों और बड़े उपभोक्ताओं को होने वाली ईंधन की परेशानी भी खत्म हो जाएगी। 3. पासपोर्ट बनवाना महंगा हुआ बदलाव: केंद्र सरकार ने 14 साल बाद पासपोर्ट की फीस में बढ़ोतरी की है, जो 1 जुलाई से लागू हो गई है। असर: अब नया पासपोर्ट बनवाने या पुराने पासपोर्ट को री-इश्यू कराने वाले नागरिकों की जेब पर सीधा असर पड़ेगा और उन्हें ₹1,000 से लेकर ₹2,000 तक अधिक खर्च करने होंगे। 4. ट्रेन में बिना टिकट यात्रा पर देना पड़ेगा दोगुना जुर्माना बदलाव: रेल मंत्रालय ने ट्रेन में बिना टिकट यात्रा करने पर लगने वाले न्यूनतम जुर्माने को ₹250 से बढ़ाकर सीधे ₹500 कर दिया है। अब पकड़े जाने पर यात्री को टिकट के वास्तविक किराए के साथ कम से कम ₹500 का अतिरिक्त चार्ज देना होगा। इसके अलावा, मामला मजिस्ट्रेट कोर्ट में जाने और दोषी पाए जाने पर अधिकतम 6 महीने की जेल, ₹1,000 का जुर्माना या दोनों सजाएं हो सकती हैं। असर: बिना टिकट सफर करने वाले यात्रियों की जेब पर अब दोगुनी मार पड़ेगी। उदाहरण के लिए, यदि चेकिंग पॉइंट तक का वास्तविक किराया ₹150 है: 5. आधार कार्ड में फ्री अपडेट बदलाव: UIDAI ने 1 जुलाई से आधार कार्ड पर रजिस्टर्ड ईमेल एड्रेस को अपडेट कराने के लिए लगने वाली ₹75 की फीस को पूरी तरह से हटा दिया है। यह सर्विस अगले छह महीने यानी 31 दिसंबर, 2026 तक पूरी तरह मुफ्त रहेगी। इस समयसीमा के खत्म होने के बाद ही दोबारा चार्ज लिया जाएगा। असर: इस फैसले से उन करोड़ों नागरिकों को सीधी राहत मिलेगी जो अपने आधार में ईमेल आईडी लिंक या अपडेट कराना चाहते हैं। अब वे बिना किसी अतिरिक्त शुल्क के ऑनलाइन या निर्धारित केंद्रों के माध्यम से अपना ईमेल एड्रेस मुफ्त में अपडेट करा सकेंगे। 6. कार खरीदना आज से महंगा बदलाव: ज्यादातर ऑटोमोबाइल कंपनियों ने 1 जुलाई से अपने वाहनों की कीमतों में बढ़ोतरी करने का फैसला किया है। इसके तहत किया इंडिया ने अपने सभी वाहनों की रेंज में 2% तक की बढ़ोतरी की है, जबकि टाटा मोटर्स कीमतों में 1.5% तक की बढ़ोतरी करने जा रही है। असर: 1 जुलाई से नई कार या गाड़ी खरीदने वाले ग्राहकों की जेब पर बोझ बढ़ेगा और उन्हें पहले के मुकाबले अधिक कीमत चुकानी होगी। खासकर टाटा मोटर्स के वाहनों को पसंद करने वाले ग्राहकों के लिए अब ट्रेडिशनल फ्यूल गाड़ियों के साथ-साथ इलेक्ट्रिक कारें खरीदना भी महंगा हो जाएगा।

ईशा सिंह 'जूही मुई' में ऑटिस्टिक किरदार निभा रहीं:प्रियंका चोपड़ा के 'बर्फी' वाले किरदार से तुलना पर बोलीं- वो मेरा ड्रीम रोल था

ईशा सिंह 'जूही मुई' में ऑटिस्टिक किरदार निभा रहीं:प्रियंका चोपड़ा के 'बर्फी' वाले किरदार से तुलना पर बोलीं- वो मेरा ड्रीम रोल था

एक्ट्रेस ईशा सिंह कलर्स टीवी के नए शो ‘जूही मुई’ में नजर आ रही हैं। इस शो में वह पहली बार एक ऑटिस्टिक लड़की का किरदार निभा रही हैं। ऑटिस्टिक उस व्यक्ति को कहा जाता है, जो ऑटिज्म से ग्रसित होता है। ऑटिज्म कोई बीमारी नहीं है, बल्कि मस्तिष्क के विकास से जुड़ी एक विशेष स्थिति है। इसके कारण व्यक्ति का दुनिया को देखने, समझने और दूसरों से बातचीत करने का तरीका आम लोगों से अलग होता है। हाल ही में दैनिक भास्कर से खास बातचीत में ईशा सिंह ने अपने किरदार, उसकी तैयारी, ऑटिज्म को लेकर जागरूकता और शो से जुड़ी कई बातें शेयर कीं… सवाल: शो ‘जूही मुई’ में आपका जो किरदार है, उसकी तैयारी किस तरह की? जवाब: इस किरदार के लिए मैंने बहुत मेहनत की है। काफी समय बाद इतने ऑडिशन दिए। पहले घर से वीडियो भेजा, फिर ऑफिस में ऑडिशन, उसके बाद मॉक शूट और कई राउंड हुए। इस रोल के लिए मैंने वर्कशॉप कीं, ऑटिस्टिक लोगों से मिली, उनके इंटरव्यू देखे और काफी रिसर्च की। मेरी कोशिश यही है कि जिन लोगों को मैं रिप्रेजेंट कर रही हूं, उनकी भावनाओं को ठेस न पहुंचे। सवाल: ऑटिज्म जैसे विषय पर टीवी शो करना कितना जरूरी है? जवाब: मेरी पूरी कोशिश है कि इस शो के जरिए लोग ऑटिज्म को समझें। आज भी टीवी की पहुंच देश के हर कोने तक है। बहुत से लोग ऐसे हैं जिनके पास ओटीटी की रीच नहीं है। अगर हम अपने शो के माध्यम से लोगों में जागरूकता फैला सकें तो इससे अच्छी बात क्या होगी। लोग अक्सर बिना समझे किसी बच्चे को ‘पागल’ कह देते हैं, जबकि वे कई बार हमसे ज्यादा सेंसिटिव और समझदार होते हैं। उन्हें बदलने की नहीं, समझने की जरूरत है। अगर मैं 0.2 प्रतिशत लोगों की सोच भी बदल पाऊं तो मुझे लगेगा कि मैंने कुछ अच्छा किया। सवाल: ईशा और जूही में आपको सबसे बड़ी समानता क्या लगती है? जवाब: हम दोनों बहुत इमोशनल हैं। फर्क सिर्फ इतना है कि मैं अपने इमोशंस जाहिर कर देती हूं, लेकिन जूही ऐसा नहीं कर पाती। वहीं, जूही छोटी-छोटी चीजें बहुत गहराई से नोटिस करती है। उससे मैंने ज्यादा सेंसिटिव और दयालु होना सीखा है। सवाल: क्या यह किरदार आपके करियर का माइलस्टोन साबित होगा? जवाब: बिल्कुल। यह किरदार मेरे लिए हमेशा खास रहेगा। मुझे नहीं पता शो कितना बड़ा हिट होगा, लेकिन जूही हमेशा मेरे दिल के करीब रहेगी। यह कोई टिपिकल हीरोइन नहीं है। अगर लोग उसके इमोशंस को समझेंगे तो उससे प्यार करने लगेंगे। सवाल: आपके ज्यादातर शोज किसी न किसी सामाजिक मुद्दे पर रहे हैं? जवाब: मैं खुद को बहुत लकी मानती हूं। मेरा पहला शो ‘इश्क का रंग सफेद’ विधवा पुनर्विवाह पर था, वहीं ‘इश्क सुभान अल्लाह’ ट्रिपल तलाक पर और अब ऑटिज्म जैसे विषय पर काम कर रही हूं। अगर मेरे काम के जरिए समाज तक कोई अच्छा मैसेज पहुंच रहा है तो इससे बड़ी बात मेरे लिए नहीं हो सकती। सवाल: इतने चैलेंजिंग किरदार को निभाना कितना मुश्किल होता है? जवाब: यह मेंटली काफी थका देता है। 12 घंटे शूटिंग के बाद आप किरदार से पूरी तरह बाहर नहीं निकल पाते, लेकिन शूट खत्म होने के बाद मैं सबके साथ हंसती हूं, बातें करती हूं और फिर अगले दिन दोबारा जूही बन जाती हूं। सवाल: आपके किरदार की तुलना प्रियंका चोपड़ा के ‘बर्फी’ वाले किरदार से होगी। इसे कैसे देखती हैं? जवाब: प्रियंका चोपड़ा मेरी पसंदीदा एक्ट्रेस हैं। तुलना हो या न हो, इससे फर्क नहीं पड़ता। उनका किरदार मेरे ड्रीम रोल्स में से एक रहा है। जूही और उनका किरदार अलग हैं, लेकिन मुझे खुशी है कि मुझे भी ऐसा रोल निभाने का मौका मिला। सवाल: इस किरदार के लिए आपने किस तरह की रिसर्च की? जवाब: मैं अलग-अलग स्पेक्ट्रम के ऑटिस्टिक लोगों से मिली। उन्हें ऑब्जर्व किया और उन्हीं से बहुत-सी बातें सीखीं। सवाल: इस शो को लेकर सबसे खास प्रतिक्रिया किसकी मिली? जवाब: कई माताओं और एनजीओ के मैसेज आए। उन्होंने कहा कि पहली बार कोई शो उनके बच्चों को समझने की कोशिश कर रहा है। एक मां ने लिखा कि लोग उनके ऑटिस्टिक बच्चे को बीमारी समझते हैं। अगर हमारा शो यह सोच बदल सके तो इससे बड़ी खुशी मेरे लिए नहीं होगी। सवाल: शो की तुलना एक K ड्रामा शो से की जा रही है। इस पर क्या कहेंगी? जवाब: मैंने सबसे पहले वह शो भी नहीं देखा था। मैंने जो रिसर्च की थी, वह काफी इंडियनाइज्ड थी। मेरा सवाल सिर्फ इतना है कि भारत में ऑटिज्म पर जागरूकता फैलाने वाले कितने शो हैं? आज भी बहुत से लोगों को पता नहीं है कि ऑटिज्म क्या होता है। अगर हमारा शो लोगों तक यह मैसेज पहुंचा सके और उनकी सोच में थोड़ा भी बदलाव ला सके, तो इससे अच्छी बात क्या होगी। इसलिए पहले शो को देखिए। सिर्फ तुलना या आलोचना करने के बजाय उसके मैसेज को भी समझिए। सवाल: सोशल मीडिया पर होने वाली ट्रोलिंग और जजमेंट को कैसे संभालती हैं? जवाब: आज के समय में किसी को जज करना बहुत आसान हो गया है। मेरे बारे में भी अच्छी और बुरी दोनों तरह की बातें होती हैं, लेकिन मैं सिर्फ पॉजिटिव चीजों पर ध्यान देती हूं और अपना काम करती रहती हूं। सवाल: शो को लेकर परिवार का क्या रिएक्शन रहा? जवाब: मेरी मां ने तो मेरे बिना ही पहला एपिसोड देख लिया। मेरे भाई ने कहा कि यह अब तक का मेरा सबसे बेहतरीन काम है। यह सुनकर मुझे सबसे ज्यादा खुशी हुई।

ईशा सिंह 'जूही मुई' में ऑटिस्टिक किरदार निभा रहीं:प्रियंका चोपड़ा के 'बर्फी' वाले किरदार से तुलना पर बोलीं- वो मेरा ड्रीम रोल था

ईशा सिंह 'जूही मुई' में ऑटिस्टिक किरदार निभा रहीं:प्रियंका चोपड़ा के 'बर्फी' वाले किरदार से तुलना पर बोलीं- वो मेरा ड्रीम रोल था

एक्ट्रेस ईशा सिंह कलर्स टीवी के नए शो ‘जूही मुई’ में नजर आ रही हैं। इस शो में वह पहली बार एक ऑटिस्टिक लड़की का किरदार निभा रही हैं। ऑटिस्टिक उस व्यक्ति को कहा जाता है, जो ऑटिज्म से ग्रसित होता है। ऑटिज्म कोई बीमारी नहीं है, बल्कि मस्तिष्क के विकास से जुड़ी एक विशेष स्थिति है। इसके कारण व्यक्ति का दुनिया को देखने, समझने और दूसरों से बातचीत करने का तरीका आम लोगों से अलग होता है। हाल ही में दैनिक भास्कर से खास बातचीत में ईशा सिंह ने अपने किरदार, उसकी तैयारी, ऑटिज्म को लेकर जागरूकता और शो से जुड़ी कई बातें शेयर कीं… सवाल: शो ‘जूही मुई’ में आपका जो किरदार है, उसकी तैयारी किस तरह की? जवाब: इस किरदार के लिए मैंने बहुत मेहनत की है। काफी समय बाद इतने ऑडिशन दिए। पहले घर से वीडियो भेजा, फिर ऑफिस में ऑडिशन, उसके बाद मॉक शूट और कई राउंड हुए। इस रोल के लिए मैंने वर्कशॉप कीं, ऑटिस्टिक लोगों से मिली, उनके इंटरव्यू देखे और काफी रिसर्च की। मेरी कोशिश यही है कि जिन लोगों को मैं रिप्रेजेंट कर रही हूं, उनकी भावनाओं को ठेस न पहुंचे। सवाल: ऑटिज्म जैसे विषय पर टीवी शो करना कितना जरूरी है? जवाब: मेरी पूरी कोशिश है कि इस शो के जरिए लोग ऑटिज्म को समझें। आज भी टीवी की पहुंच देश के हर कोने तक है। बहुत से लोग ऐसे हैं जिनके पास ओटीटी की रीच नहीं है। अगर हम अपने शो के माध्यम से लोगों में जागरूकता फैला सकें तो इससे अच्छी बात क्या होगी। लोग अक्सर बिना समझे किसी बच्चे को ‘पागल’ कह देते हैं, जबकि वे कई बार हमसे ज्यादा सेंसिटिव और समझदार होते हैं। उन्हें बदलने की नहीं, समझने की जरूरत है। अगर मैं 0.2 प्रतिशत लोगों की सोच भी बदल पाऊं तो मुझे लगेगा कि मैंने कुछ अच्छा किया। सवाल: ईशा और जूही में आपको सबसे बड़ी समानता क्या लगती है? जवाब: हम दोनों बहुत इमोशनल हैं। फर्क सिर्फ इतना है कि मैं अपने इमोशंस जाहिर कर देती हूं, लेकिन जूही ऐसा नहीं कर पाती। वहीं, जूही छोटी-छोटी चीजें बहुत गहराई से नोटिस करती है। उससे मैंने ज्यादा सेंसिटिव और दयालु होना सीखा है। सवाल: क्या यह किरदार आपके करियर का माइलस्टोन साबित होगा? जवाब: बिल्कुल। यह किरदार मेरे लिए हमेशा खास रहेगा। मुझे नहीं पता शो कितना बड़ा हिट होगा, लेकिन जूही हमेशा मेरे दिल के करीब रहेगी। यह कोई टिपिकल हीरोइन नहीं है। अगर लोग उसके इमोशंस को समझेंगे तो उससे प्यार करने लगेंगे। सवाल: आपके ज्यादातर शोज किसी न किसी सामाजिक मुद्दे पर रहे हैं? जवाब: मैं खुद को बहुत लकी मानती हूं। मेरा पहला शो ‘इश्क का रंग सफेद’ विधवा पुनर्विवाह पर था, वहीं ‘इश्क सुभान अल्लाह’ ट्रिपल तलाक पर और अब ऑटिज्म जैसे विषय पर काम कर रही हूं। अगर मेरे काम के जरिए समाज तक कोई अच्छा मैसेज पहुंच रहा है तो इससे बड़ी बात मेरे लिए नहीं हो सकती। सवाल: इतने चैलेंजिंग किरदार को निभाना कितना मुश्किल होता है? जवाब: यह मेंटली काफी थका देता है। 12 घंटे शूटिंग के बाद आप किरदार से पूरी तरह बाहर नहीं निकल पाते, लेकिन शूट खत्म होने के बाद मैं सबके साथ हंसती हूं, बातें करती हूं और फिर अगले दिन दोबारा जूही बन जाती हूं। सवाल: आपके किरदार की तुलना प्रियंका चोपड़ा के ‘बर्फी’ वाले किरदार से होगी। इसे कैसे देखती हैं? जवाब: प्रियंका चोपड़ा मेरी पसंदीदा एक्ट्रेस हैं। तुलना हो या न हो, इससे फर्क नहीं पड़ता। उनका किरदार मेरे ड्रीम रोल्स में से एक रहा है। जूही और उनका किरदार अलग हैं, लेकिन मुझे खुशी है कि मुझे भी ऐसा रोल निभाने का मौका मिला। सवाल: इस किरदार के लिए आपने किस तरह की रिसर्च की? जवाब: मैं अलग-अलग स्पेक्ट्रम के ऑटिस्टिक लोगों से मिली। उन्हें ऑब्जर्व किया और उन्हीं से बहुत-सी बातें सीखीं। सवाल: इस शो को लेकर सबसे खास प्रतिक्रिया किसकी मिली? जवाब: कई माताओं और एनजीओ के मैसेज आए। उन्होंने कहा कि पहली बार कोई शो उनके बच्चों को समझने की कोशिश कर रहा है। एक मां ने लिखा कि लोग उनके ऑटिस्टिक बच्चे को बीमारी समझते हैं। अगर हमारा शो यह सोच बदल सके तो इससे बड़ी खुशी मेरे लिए नहीं होगी। सवाल: शो की तुलना एक K ड्रामा शो से की जा रही है। इस पर क्या कहेंगी? जवाब: मैंने सबसे पहले वह शो भी नहीं देखा था। मैंने जो रिसर्च की थी, वह काफी इंडियनाइज्ड थी। मेरा सवाल सिर्फ इतना है कि भारत में ऑटिज्म पर जागरूकता फैलाने वाले कितने शो हैं? आज भी बहुत से लोगों को पता नहीं है कि ऑटिज्म क्या होता है। अगर हमारा शो लोगों तक यह मैसेज पहुंचा सके और उनकी सोच में थोड़ा भी बदलाव ला सके, तो इससे अच्छी बात क्या होगी। इसलिए पहले शो को देखिए। सिर्फ तुलना या आलोचना करने के बजाय उसके मैसेज को भी समझिए। सवाल: सोशल मीडिया पर होने वाली ट्रोलिंग और जजमेंट को कैसे संभालती हैं? जवाब: आज के समय में किसी को जज करना बहुत आसान हो गया है। मेरे बारे में भी अच्छी और बुरी दोनों तरह की बातें होती हैं, लेकिन मैं सिर्फ पॉजिटिव चीजों पर ध्यान देती हूं और अपना काम करती रहती हूं। सवाल: शो को लेकर परिवार का क्या रिएक्शन रहा? जवाब: मेरी मां ने तो मेरे बिना ही पहला एपिसोड देख लिया। मेरे भाई ने कहा कि यह अब तक का मेरा सबसे बेहतरीन काम है। यह सुनकर मुझे सबसे ज्यादा खुशी हुई।

भारत Vs इंग्लैंड पहला टी-20 आज:चेस्टर ली स्ट्रीट में बारिश के 80% चांस, वैभव सूर्यवंशी के डेब्यू पर सस्पेंस बरकरार

भारत Vs इंग्लैंड पहला टी-20 आज:चेस्टर ली स्ट्रीट में बारिश के 80% चांस, वैभव सूर्यवंशी के डेब्यू पर सस्पेंस बरकरार

भारत और इंग्लैंड के बीच 5 मैचों की टी-20 सीरीज का पहला मुकाबला आज चेस्टर ली स्ट्रीट में खेला जाएगा। मैच भारतीय समयानुसार रात 10 बजे शुरू होगा, जबकि टॉस 9:30 बजे होगा। मुकाबले पर बारिश का साया भी है और करीब 80% बारिश की संभावना जताई गई है। आयरलैंड के खिलाफ 2-0 से सीरीज गंवाने के बाद श्रेयस अय्यर की अगुआई वाली भारतीय टीम जीत के साथ नए अभियान की शुरुआत करना चाहेगी। सीरीज से पहले सबसे ज्यादा चर्चा 15 साल के युवा खिलाड़ी वैभव सूर्यवंशी के इंटरनेशनल डेब्यू को लेकर हो रही है। मंगलवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस में भारतीय कप्तान श्रेयस अय्यर ने उनके डेब्यू के सवाल पर कोई स्पष्ट जवाब नहीं दिया। उन्होंने कहा, अभी कुछ भी कहना जल्दबाजी होगी। टीम संयोजन पूरी तरह निजी मामला है और हम अपनी रणनीति विरोधी टीम के सामने नहीं रख सकते। सूर्यवंशी बेहद प्रतिभाशाली खिलाड़ी हैं। जब भी उन्हें मौका मिलेगा, मुझे पूरा भरोसा है कि वे शानदार प्रदर्शन करेंगे। भारत ने 30 में से 18 मैच जीते भारत और इंग्लैंड के बीच अब तक 30 टी-20 इंटरनेशनल मुकाबले खेले गए हैं, जिनमें भारतीय टीम ने 18 और इंग्लैंड ने 12 मैच जीते हैं। हालांकि, इंग्लैंड की सरजमीं पर मेजबान टीम का पलड़ा थोड़ा भारी रहा है। वहां खेले गए 9 मैचों में भारत को 4 जीत, जबकि इंग्लैंड को 5 जीत मिली हैं। भारत और इंग्लैंड के बीच अब तक 9 टी-20 सीरीज खेली गई हैं। इनमें भारतीय टीम ने 5 सीरीज जीती हैं, जबकि इंग्लैंड ने 3 सीरीज अपने नाम की हैं। एक सीरीज ड्रॉ रही। भारत ने पिछली पांचों सीरीज लगातार जीती। ईशान इस साल टीम के टॉप स्कोरर भारतीय टीम के विकेटकीपर बल्लेबाज ईशान किशन इस साल बेहतरीन फॉर्म में चल रहे हैं। उन्होंने 2026 में अब तक कुल 15 मुकाबले में 545 रन बनाए हैं। उनका स्ट्राइक रेट 199.63 का है। अर्शदीप सिंह के लिए भी यह साल विकेटों के लिहाज से शानदार रहा है। अर्शदीप ने साल 2026 में अब तक 14 मैच खेले हैं और कुल 21 विकेट अपने नाम किए हैं। हालांकि उनका इकोनॉमी रेट 8.98 का रहा है। जैकब बेथेल एक शतक लगा चुके हैं मेजबान इंग्लैंड के युवा बल्लेबाज जैकब बेथेल ने इस साल अपनी बल्लेबाजी से सभी को प्रभावित किया है। बेथेल ने 2026 में अब तक 11 मैच खेले हैं और 143.19 के स्ट्राइक रेट से 305 रन बनाए हैं। उनके नाम इस साल एक शतकीय पारी भी दर्ज है। इंग्लैंड के अनुभवी लेग स्पिनर आदिल रशीद ने साल 2026 में 11 मुकाबले खेले हैं और 18 विकेट चटकाए हैं। भारतीय टीम यहां पहली बार खेलेगी इंग्लैंड के चेस्टर ली स्ट्रीट के रिवरसाइड स्टेडियम की पिच संतुलित मानी जाती है। यहां गेंद अच्छी तरह बल्ले पर आती है, लेकिन तेज गेंदबाजों को भी मदद मिलती है। नई गेंद से स्विंग और सीम मूवमेंट देखने को मिल सकता है, जिसका फायदा गेंदबाज उठा सकते हैं। यहां अब तक 5 टी-20 मैच खेले गए हैं। पहले बैटिंग करने वाली टीम ने 3 और चेज करने वाली टीम ने 2 मैच जीते हैं। भारतीय टीम यहां पहली बार खेलेगी। पॉसिबल प्लेइंग इलेवन भारत: संजू सैमसन/वैभव सूर्यवंशी, अभिषेक शर्मा, ईशान किशन (विकेटकीपर), श्रेयस अय्यर (कप्तान), तिलक वर्मा, सुर्यांश शेडगे, शिवम दुबे, अक्षर पटेल, अर्शदीप सिंह, हर्षित राणा, प्रिंस यादव/वरुण चक्रवर्ती। इंग्लैंड: फिल सॉल्ट, जोस बटलर (विकेटकीपर), हैरी ब्रूक (कप्तान), जैकब बेथेल, टॉम बैंटन, विल जैक्स, सैम करन, लियम डॉसन, सोनी बेकर/ल्यूक वुड, साकिब महमूद, आदिल रशीद। कहां देखें मुकाबला? भारत में मैच का सीधा प्रसारण सोनी स्पोर्ट्स नेटवर्क और सोनी लिव ऐप पर देखा जा सकता है। वहीं, मैच के लाइव अपडेट्स दैनिक भास्कर ऐप पर उपलब्ध रहेंगे।

नो-बेक चीजकेक से लेकर मैंगो स्टिकी राइस तक… आम का सीजन खत्म होने से पहले घर पर सजाएं 5 शानदार रेसिपी

आम का मौसम खत्म होने से पहले, घर पर आम की ये पांच अनूठी रेसिपीज़ आज़माएँ

30 जून 2026 को 19:20 IST पर अपडेट किया गया समर का राजा आम अब जल्द ही विदा होने वाला है। पर सबसे आसान और स्वादिष्ट मैंगो रेसिपी घरज ट्रेस करें। क्लासिक मैंगो शेक, नो-बेक चीज़केक, मैंगो स्टिकी राइस, कुल्फी और अमरस पूरी तरह से ये व्यंजन डेज़र्ट तक हर मूड को पूरा स्कोर करते हैं। अनुसरण करना : समर का राजा आम अब धीरे-धीरे विदा होने वाला है। बाजार में आम अच्छे-धीमे-धीमे कम हो रहे हैं, इसलिए आखिरी मावे का पैसा और घर पर आसान और स्वादिष्ट आम के व्यंजन परिवार को खुश करें। छवि: फ्रीपिक लौकी आम की माथापच्ची हो या कच्ची आम का कट्टापन, ये फल खोज से लेकर डेजर्ट तक सब कुछ में जादू कर सकते हैं। यहां हम आपको कुछ आसान रेसिपीज बता रहे हैं, जिन्हें आप घर पर आसानी से बना सकते हैं। छवि: फ्रीपिक क्लासिक मैंगो शेक: गर्म में ठंडा मैंगो शेक से बेहतर कुछ नहीं। आमों को ठंडा दूध, थोड़ी चीनी या शहद और कुछ बर्फ के टुकड़े के साथ मिश्रित करें। डेमोक्रेट और मनोरंजन भी बना सकते हैं। छवि: Pexels एलीजेंट डेजर्ट चाहिए तो नो-बेक मैंगो चीज़केक सर्वोत्तम प्लेसमेंट है। बिना पके हुए बनने वाली मैंगो चीज़केक में बिस्किट का बेस, क्रीम चीज़ की फिलिंग और ऊपर से मज़ेदार आम की प्यूरी की टॉपिंग होती है। छवि: Pexels मैंगो स्टिकी चावल: थाई स्टाइल का यह डेजर्ट बहुत पसंदीदा है। स्टिकी राइस के साथ-साथ लॉट आम के अप्लाई और फ्लोटिंग नारियल का दूध तैयार किया जाता है। छवि: Pexels मैंगो कुल्फी: ट्रेडिशनल कुल्फी को नया ऑटोमोबाइल डेस्टिनेशन। इसके लिए गाधे मिल्क में यूनिट आम ​​का पल्प ऑल ट्रेडिशनल कुल्फी को एक नया और सीज़नल यूनिट तैयार करना है। इस मिश्रण को सांचों में जमें और मजा लें। छवि: Pexels अमरस वीडियो पूरी तरह से: भारतीय संग्रहालय का टाइमलेस फ़ेवरेट है। आमरस, लौकी आम के गूदे में हल्की सी इलायची और केसर का मिश्रण बनाया जाता है। सर्वमान्य कलाकार वाले खाने के लिए इसे गर्म और फूली हुई पूरियों के साथ ठंडा-ठंडा परोसें। छवि: Pexels द्वारा प्रकाशित: सागर सिंह प्रकाशित 30 जून 2026, 19:20 IST (टैग्सटूट्रांसलेट)नो-बेक मैंगो चीज़केक(टी)मैंगो चीज़केक(टी)मैंगो स्टिकी राइस(टी)मैंगो कुल्फी(टी)पूरी के साथ आमरस(टी)आम का मौसम समाप्त होता है(टी)घर पर अनूठे आम के व्यंजन

पेट्रोकेमिकल्स के इम्पोर्ट पर जीरो कस्टम-ड्यूटी 15 जुलाई तक बढ़ी:सरकार ने 40 से ज्यादा प्रोडक्ट्स पर राहत दी; सप्लाई बनाए रखने के लिए फैसला किया

पेट्रोकेमिकल्स के इम्पोर्ट पर जीरो कस्टम-ड्यूटी 15 जुलाई तक बढ़ी:सरकार ने 40 से ज्यादा प्रोडक्ट्स पर राहत दी; सप्लाई बनाए रखने के लिए फैसला किया

सरकार ने 30 जून को लगभग 40 जरूरी पेट्रोकेमिकल प्रोडक्ट्स के इम्पोर्ट पर जीरो कस्टम ड्यूटी को 15 दिनों के लिए बढ़ा दिया है। अब यह राहत 15 जुलाई तक लागू रहेगी। पश्चिम एशिया में चल रहे संघर्ष और ईरान युद्ध के कारण ग्लोबल सप्लाई चेन में आई रुकावटों के बीच घरेलू उद्योगों को स्थिरता देने के लिए यह कदम उठाया गया है। यह फुल कस्टम ड्यूटी छूट पहली बार 2 अप्रैल को एक अस्थायी राहत उपाय के रूप में शुरू की गई थी। पहले इसे 30 जून को समाप्त होना था, लेकिन मंगलवार को वित्त मंत्रालय ने इस छूट को 15 जुलाई तक बढ़ाने का फैसला किया। प्लास्टिक्स, फार्मा और टेक्सटाइल समेत कई सेक्टर्स को मिलेगा फायदा ड्यूटी माफी का यह फैसला उन उद्योगों को सीधा फायदा पहुंचाएगा जो पेट्रोकेमिकल फीडस्टॉक और इंटरमीडिएट्स पर निर्भर हैं। इनमें प्लास्टिक्स, पैकेजिंग, टेक्सटाइल, फार्मास्यूटिकल्स, केमिकल्स, ऑटोमोटिव कंपोनेंट्स और अन्य मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर्स शामिल हैं। सरकार के इस कदम से इन डाउनस्ट्रीम सेक्टर्स पर लागत का दबाव कम होगा। वेस्ट एशिया संकट के कारण सप्लाई चेन में आई रुकावट इन 9 प्रमुख प्रोडक्ट्स समेत 40 आइटम्स पर मिलेगी छूट कस्टम ड्यूटी छूट के दायरे में आने वाले प्रमुख पेट्रोकेमिकल प्रोडक्ट्स में मेथनॉल, एनहाइड्रस अमोनिया, टोल्यूनि, स्टाइरीन, डाइक्लोरोमीथेन (मेथिलीन क्लोराइड), विनाइल क्लोराइड मोनोमर, पॉलीब्यूटाडीन, स्टाइरीन-ब्यूटाडीन और अनसैचुरेटेड पॉलिएस्टर रेजिन्स शामिल हैं। क्रूड ऑयल, नेचुरल गैस और फर्टिलाइजर्स के इम्पोर्ट पर चिंता वेस्ट एशिया में चल रहे संघर्ष के कारण समुद्री शिपिंग रूटों में आई रुकावटों ने भारत की चिंताएं बढ़ा दी हैं। इस संकट की वजह से भारत के फर्टिलाइजर्स, क्रूड ऑयल और नेचुरल गैस के इम्पोर्ट पर असर पड़ने की आशंका जताई जा रही है। गौरतलब है कि भारत पेट्रोलियम प्रोडक्ट्स और फर्टिलाइजर्स दोनों का एक बहुत बड़ा इम्पोर्टर देश है। क्या होते हैं पेट्रोकेमिकल्स और डाउनस्ट्रीम सेक्टर्स? ये खबर भी पढ़ें… सुकन्या में 8.2% और PPF पर 7.1% ब्याज मिलता रहेगा: स्मॉल सेविंग्स स्कीम्स की ब्याज दरों में बदलाव नहीं, लगातार 10वीं तिमाही ब्याज दर स्थिर सरकार ने जुलाई-सितंबर तिमाही यानी वित्त-वर्ष 2026-27 की दूसरी तिमाही के लिए स्मॉल सेविंग्स स्कीम्स जैसे- पब्लिक प्रोविडेंट फंड (PPF), पोस्ट ऑफिस FD, सुकन्या समृद्धि योजना (SSY) की ब्याज दरों में कोई बदलाव नहीं किया है। यह लगातार 10वीं तिमाही है, जब ब्याज दरों में कोई बदलाव नहीं किया गया है। सरकार ने आखिरी बार दिसंबर 2023 में इंटरेस्ट रेट्स में बढ़ोतरी की थी। पूरी खबर पढ़ें…

पेट्रोकेमिकल्स के इम्पोर्ट पर जीरो कस्टम-ड्यूटी 15 जुलाई तक बढ़ी:सरकार ने 40 से ज्यादा प्रोडक्ट्स पर राहत दी; सप्लाई बनाए रखने के लिए फैसला किया

पेट्रोकेमिकल्स के इम्पोर्ट पर जीरो कस्टम-ड्यूटी 15 जुलाई तक बढ़ी:सरकार ने 40 से ज्यादा प्रोडक्ट्स पर राहत दी; सप्लाई बनाए रखने के लिए फैसला किया

सरकार ने 30 जून को लगभग 40 जरूरी पेट्रोकेमिकल प्रोडक्ट्स के इम्पोर्ट पर जीरो कस्टम ड्यूटी को 15 दिनों के लिए बढ़ा दिया है। अब यह राहत 15 जुलाई तक लागू रहेगी। पश्चिम एशिया में चल रहे संघर्ष और ईरान युद्ध के कारण ग्लोबल सप्लाई चेन में आई रुकावटों के बीच घरेलू उद्योगों को स्थिरता देने के लिए यह कदम उठाया गया है। यह फुल कस्टम ड्यूटी छूट पहली बार 2 अप्रैल को एक अस्थायी राहत उपाय के रूप में शुरू की गई थी। पहले इसे 30 जून को समाप्त होना था, लेकिन मंगलवार को वित्त मंत्रालय ने इस छूट को 15 जुलाई तक बढ़ाने का फैसला किया। प्लास्टिक्स, फार्मा और टेक्सटाइल समेत कई सेक्टर्स को मिलेगा फायदा ड्यूटी माफी का यह फैसला उन उद्योगों को सीधा फायदा पहुंचाएगा जो पेट्रोकेमिकल फीडस्टॉक और इंटरमीडिएट्स पर निर्भर हैं। इनमें प्लास्टिक्स, पैकेजिंग, टेक्सटाइल, फार्मास्यूटिकल्स, केमिकल्स, ऑटोमोटिव कंपोनेंट्स और अन्य मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर्स शामिल हैं। सरकार के इस कदम से इन डाउनस्ट्रीम सेक्टर्स पर लागत का दबाव कम होगा। वेस्ट एशिया संकट के कारण सप्लाई चेन में आई रुकावट इन 9 प्रमुख प्रोडक्ट्स समेत 40 आइटम्स पर मिलेगी छूट कस्टम ड्यूटी छूट के दायरे में आने वाले प्रमुख पेट्रोकेमिकल प्रोडक्ट्स में मेथनॉल, एनहाइड्रस अमोनिया, टोल्यूनि, स्टाइरीन, डाइक्लोरोमीथेन (मेथिलीन क्लोराइड), विनाइल क्लोराइड मोनोमर, पॉलीब्यूटाडीन, स्टाइरीन-ब्यूटाडीन और अनसैचुरेटेड पॉलिएस्टर रेजिन्स शामिल हैं। क्रूड ऑयल, नेचुरल गैस और फर्टिलाइजर्स के इम्पोर्ट पर चिंता वेस्ट एशिया में चल रहे संघर्ष के कारण समुद्री शिपिंग रूटों में आई रुकावटों ने भारत की चिंताएं बढ़ा दी हैं। इस संकट की वजह से भारत के फर्टिलाइजर्स, क्रूड ऑयल और नेचुरल गैस के इम्पोर्ट पर असर पड़ने की आशंका जताई जा रही है। गौरतलब है कि भारत पेट्रोलियम प्रोडक्ट्स और फर्टिलाइजर्स दोनों का एक बहुत बड़ा इम्पोर्टर देश है। क्या होते हैं पेट्रोकेमिकल्स और डाउनस्ट्रीम सेक्टर्स? ये खबर भी पढ़ें… सुकन्या में 8.2% और PPF पर 7.1% ब्याज मिलता रहेगा: स्मॉल सेविंग्स स्कीम्स की ब्याज दरों में बदलाव नहीं, लगातार 10वीं तिमाही ब्याज दर स्थिर सरकार ने जुलाई-सितंबर तिमाही यानी वित्त-वर्ष 2026-27 की दूसरी तिमाही के लिए स्मॉल सेविंग्स स्कीम्स जैसे- पब्लिक प्रोविडेंट फंड (PPF), पोस्ट ऑफिस FD, सुकन्या समृद्धि योजना (SSY) की ब्याज दरों में कोई बदलाव नहीं किया है। यह लगातार 10वीं तिमाही है, जब ब्याज दरों में कोई बदलाव नहीं किया गया है। सरकार ने आखिरी बार दिसंबर 2023 में इंटरेस्ट रेट्स में बढ़ोतरी की थी। पूरी खबर पढ़ें…

सुकन्या में 8.2% और PPF पर 7.1% ब्याज मिलता रहेगा:स्मॉल सेविंग्स स्कीम्स की ब्याज दरों में बदलाव नहीं, लगातार 10वीं तिमाही ब्याज दर स्थिर

सुकन्या में 8.2% और PPF पर 7.1% ब्याज मिलता रहेगा:स्मॉल सेविंग्स स्कीम्स की ब्याज दरों में बदलाव नहीं, लगातार 10वीं तिमाही ब्याज दर स्थिर

सरकार ने जुलाई-सितंबर तिमाही यानी वित्त-वर्ष 2026-27 की दूसरी तिमाही के लिए स्मॉल सेविंग्स स्कीम्स जैसे- पब्लिक प्रोविडेंट फंड (PPF), पोस्ट ऑफिस FD, सुकन्या समृद्धि योजना (SSY) की ब्याज दरों में कोई बदलाव नहीं किया है। यह लगातार 10वीं तिमाही है, जब ब्याज दरों में कोई बदलाव नहीं किया गया है। सरकार ने आखिरी बार दिसंबर 2023 में इंटरेस्ट रेट्स में बढ़ोतरी की थी। पब्लिक प्रोविडेंट फंड पर 7.1% ब्याज दर पब्लिक प्रोविडेंट फंड (PPF) पर 7.1% और सुकन्या समृद्धि योजना पर 8.2% ब्याज मिलता रहेगा। स्मॉल सेविंग्स स्कीमों पर ब्याज दरें 4% से 8.2% के बीच हैं। सरकार छोटी बचत योजनाओं की ब्याज दरों पर फैसला लेने से पहले देश में कैश और महंगाई की स्थिति पर भी नजर रखती है। इनकी समीक्षा हर तीन महीने पर होती है। ब्याज दरों का हर तिमाही में रिव्यू होता है स्मॉल सेविंग्स स्कीम की ब्याज दरों का हर तिमाही में रिव्यू होता है। इनकी ब्याज दरें तय करने का फॉर्मूला श्यामला गोपीनाथ समिति ने दिया था। समिति ने सुझाव दिया था कि इन स्कीम की ब्याज दरें समान मैच्योरिटी वाले सरकारी बॉन्ड के यील्ड से 0.25-1.00% ज्यादा होनी चाहिए। हाउसहोल्ड सेविंग का मेजर सोर्स हैं ये स्कीम स्मॉल सेविंग्स स्कीम्स भारत में हाउसहोल्ड सेविंग का मेजर सोर्स हैं। इन स्कीम्स में डिपॉजिटर्स को उनके पैसे पर तय ब्याज मिलता है। सभी स्मॉल सेविंग्स स्कीम्स से हुए कलेक्शन को नेशनल स्मॉल सेविंग्स फंड (NSSF) में जमा किया जाता है। क्लासिफिकेशन स्मॉल सेविंग्स इंस्ट्रूमेंट को तीन भागों में बांटा जा सकता है: पोस्टल डिपॉजिट: सेविंग अकाउंट, रिकरिंग डिपॉजिट, टाइम डिपॉजिट और मंथली इनकम स्कीम सेविंग सर्टिफिकेट: नेशनल स्मॉल सेविंग सर्टिफिकेट (NSC) और किसान विकास पत्र (KVP) सोशल सिक्योरिटी स्कीम्स: सुकन्या समृद्धि योजना, सार्वजनिक भविष्य निधि (PPF) और वरिष्ठ नागरिक बचत योजना (SCSS)

‘चौहान’ के लिए मुंबई में बना कश्मीर:अजय की ‘रेंजर’ भी पूरी होने के करीब; सोशल मीडिया पर चर्चा तेज

‘चौहान’ के लिए मुंबई में बना कश्मीर:अजय की ‘रेंजर’ भी पूरी होने के करीब; सोशल मीडिया पर चर्चा तेज

अजय देवगन की आगामी फिल्म ‘चौहान’ का टीजर रिलीज होते ही सोशल मीडिया पर फिल्म को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं। यह कश्मीर में युवाओं द्वारा पत्थरबाजी और सैन्य विरोध के प्लॉट पर है। इसी बीच सूत्रों के हवाले से नई जानकारियां भी सामने आई हैं। हालांकि निर्माता या कलाकारों की ओर से इसकी पुष्टि अभी नहीं की गई है। ‘चौहान’ की तैयारी करीब 4 से 5 महीने पहले शुरू हो गई थी। इसी दौरान अजय को अप्रोच किया गया और इसे शुरुआती स्तर पर आकार दिया गया। क्रिएटिव तैयारियों के कारण आगे बढ़ी इसकी टाइमलाइन फिल्म की शूटिंग तय योजना से करीब एक-दो महीने बाद शुरू हुई। माना जा रहा है कि प्री-प्रोडक्शन, शेड्यूलिंग और शुरुआती क्रिएटिव तैयारियों के कारण टाइमलाइन आगे बढ़ी। टीजर की शूटिंग दो अलग-अलग स्टेज में पूरी की गई। शुरुआती कुछ विजुअल्स और बैकग्राउंड फुटेज करीब डेढ़ से दो महीने पहले शूट किए गए थे, जबकि अजय वाले हिस्से महज 10-12 दिन पहले फिल्माए गए। कई प्रोजेक्ट्स के बीच डेट्स का बैलेंस बना रहे हैं अजय बताया जा रहा है कि अजय ने टीजर के लिए केवल एक दिन शूट किया और बाकी कई शॉट्स स्टैंड-इन एक्टर्स और डमी सेटअप की मदद से पूरे किए गए। अजय इस समय एक साथ कई फिल्मों पर काम कर रहे हैं। ‘चौहान’ के अलावा उनके खाते में ‘रेंजर’, ‘दृश्यम 3’, ‘गोलमाल 5’ और पैनोरमा की हॉरर फिल्म जैसे प्रोजेक्ट्स हैं। अजय की ‘रेंजर’ का भी अंतिम शूटिंग शेड्यूल जुलाई में मुंबई में पूरा होगा। करीब 15 दिनों की शूटिंग बाकी है। ऐसे में मेकर्स के लिए शूटिंग शेड्यूल और प्रमोशन एक्टिविटिज के बीच बैलेंस बनाना बड़ी चुनौती है। इसी वजह से ‘चौहान’ के टीजर की शूटिंग भी सीमित दिनों में पूरी की गई। नए निर्देशक नीरज यादव के हाथ में है कमान ‘चौहान’ के निर्देशन की जिम्मेदारी नीरज यादव को सौंपी गई है। नीरज इससे पहले लंबे समय तक आनंद एल राय के साथ एसोसिएट डायरेक्टर के रूप में काम कर चुके हैं। आनंद प्रोजेक्ट से बतौर निर्माता जुड़े हैं। सूत्रों का दावा है कि ज्यादातर सीन मुंबई में ही तैयार किए गए। ऐसे तैयार हुआ टीजर 2 स्टेज में फिल्माए गए सीन्स। 1-2 महीने देरी से शूट शुरू हुआ। 4-5 महीने पहले तैयारी शुरू हुई। 10-12 दिन पहले ही फिल्माए गए अजय देवगन के सीन

‘चौहान’ के लिए मुंबई में बना कश्मीर:अजय की ‘रेंजर’ भी पूरी होने के करीब; सोशल मीडिया पर चर्चा तेज

‘चौहान’ के लिए मुंबई में बना कश्मीर:अजय की ‘रेंजर’ भी पूरी होने के करीब; सोशल मीडिया पर चर्चा तेज

अजय देवगन की आगामी फिल्म ‘चौहान’ का टीजर रिलीज होते ही सोशल मीडिया पर फिल्म को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं। यह कश्मीर में युवाओं द्वारा पत्थरबाजी और सैन्य विरोध के प्लॉट पर है। इसी बीच सूत्रों के हवाले से नई जानकारियां भी सामने आई हैं। हालांकि निर्माता या कलाकारों की ओर से इसकी पुष्टि अभी नहीं की गई है। ‘चौहान’ की तैयारी करीब 4 से 5 महीने पहले शुरू हो गई थी। इसी दौरान अजय को अप्रोच किया गया और इसे शुरुआती स्तर पर आकार दिया गया। क्रिएटिव तैयारियों के कारण आगे बढ़ी इसकी टाइमलाइन फिल्म की शूटिंग तय योजना से करीब एक-दो महीने बाद शुरू हुई। माना जा रहा है कि प्री-प्रोडक्शन, शेड्यूलिंग और शुरुआती क्रिएटिव तैयारियों के कारण टाइमलाइन आगे बढ़ी। टीजर की शूटिंग दो अलग-अलग स्टेज में पूरी की गई। शुरुआती कुछ विजुअल्स और बैकग्राउंड फुटेज करीब डेढ़ से दो महीने पहले शूट किए गए थे, जबकि अजय वाले हिस्से महज 10-12 दिन पहले फिल्माए गए। कई प्रोजेक्ट्स के बीच डेट्स का बैलेंस बना रहे हैं अजय बताया जा रहा है कि अजय ने टीजर के लिए केवल एक दिन शूट किया और बाकी कई शॉट्स स्टैंड-इन एक्टर्स और डमी सेटअप की मदद से पूरे किए गए। अजय इस समय एक साथ कई फिल्मों पर काम कर रहे हैं। ‘चौहान’ के अलावा उनके खाते में ‘रेंजर’, ‘दृश्यम 3’, ‘गोलमाल 5’ और पैनोरमा की हॉरर फिल्म जैसे प्रोजेक्ट्स हैं। अजय की ‘रेंजर’ का भी अंतिम शूटिंग शेड्यूल जुलाई में मुंबई में पूरा होगा। करीब 15 दिनों की शूटिंग बाकी है। ऐसे में मेकर्स के लिए शूटिंग शेड्यूल और प्रमोशन एक्टिविटिज के बीच बैलेंस बनाना बड़ी चुनौती है। इसी वजह से ‘चौहान’ के टीजर की शूटिंग भी सीमित दिनों में पूरी की गई। नए निर्देशक नीरज यादव के हाथ में है कमान ‘चौहान’ के निर्देशन की जिम्मेदारी नीरज यादव को सौंपी गई है। नीरज इससे पहले लंबे समय तक आनंद एल राय के साथ एसोसिएट डायरेक्टर के रूप में काम कर चुके हैं। आनंद प्रोजेक्ट से बतौर निर्माता जुड़े हैं। सूत्रों का दावा है कि ज्यादातर सीन मुंबई में ही तैयार किए गए। ऐसे तैयार हुआ टीजर 2 स्टेज में फिल्माए गए सीन्स। 1-2 महीने देरी से शूट शुरू हुआ। 4-5 महीने पहले तैयारी शुरू हुई। 10-12 दिन पहले ही फिल्माए गए अजय देवगन के सीन