ट्रम्प ने संसद से ₹8 लाख करोड़ की फंडिंग मांगी:बोले- ईरान जंग के लिए जरूरी; संसद में इसके खिलाफ प्रस्ताव पास

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प की सरकार ने अमेरिकी संसद से 87.6 अरब डॉलर यानी करीब 8.3 लाख करोड़ रुपए की अतिरिक्त फंडिंग मंजूर करने की मांग की है। इसका बड़ा हिस्सा ईरान के साथ चल रहे युद्ध से जुड़े खर्चों के लिए रखा गया है। व्हाइट हाउस के मुताबिक, यह रकम पिछले साल मंजूर किए गए करीब 1 ट्रिलियन डॉलर और अगले वित्तीय वर्ष के लिए मांगे गए 1.5 ट्रिलियन डॉलर के रक्षा बजट से अलग है। सरकार का कहना है कि यह पैसा युद्ध से जुड़े ऑपरेशन, सेना की तैयारी, हथियारों के भंडार को फिर से भरने और सीक्रेट रक्षा कार्यक्रमों पर खर्च किया जाएगा। वहीं, संसद में इस मांग का विरोध बढ़ रहा है। मंगलवार को सीनेट ने एक प्रस्ताव पारित कर ट्रम्प से ईरान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई रोकने को कहा। इससे पहले ऐसा ही प्रस्ताव लोअर हाउस भी पास कर चुकी है। चार रिपब्लिकन सांसदों ने भी डेमोक्रेट्स का साथ दिया। पिछले 24 घंटे के 5 बड़े अपडेट्स… 1. कच्चा तेल 70 डॉलर से नीचे आया: अमेरिकी कच्चे तेल (WTI) की कीमत 70 डॉलर प्रति बैरल से नीचे आ गई। ब्रेंट क्रूड भी गिरकर 73.50 डॉलर पर पहुंच गया, जिससे वैश्विक ऊर्जा बाजार को राहत मिली है। 2. ट्रम्प की तेल कंपनियों को धमकी: ट्रम्प ने अमेरिकी जस्टिस डिपार्टमेंट को तेल कंपनियों की जांच के निर्देश दिए। उनका आरोप है कि कच्चे तेल के दाम घटने के बावजूद कंपनियां ग्राहकों को राहत नहीं दे रहीं। 3. खामेनेई के अंतिम संस्कार के लिए मोदी को न्योता: ईरान के राष्ट्रपति मसूद पजशकियान ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को अयातुल्ला अली खामेनेई के राजकीय अंतिम संस्कार में शामिल होने का निमंत्रण भेजा है। 4. ट्रम्प ने तेल कंपनियों पर जांच बैठाई: ट्रम्प ने अमेरिकी न्याय विभाग को तेल कंपनियों की जांच के निर्देश दिए। उनका आरोप है कि कच्चे तेल के दाम घटने के बावजूद कंपनियां ग्राहकों को राहत नहीं दे रहीं। 5. ईरान-IAEA में परमाणु जांच पर मतभेद: IAEA का कहना है कि उसे ईरान के परमाणु ठिकानों की जांच का अधिकार मिलेगा, जबकि ईरान ने कहा है कि किसी भी निरीक्षण पर फैसला अंतिम समझौते और प्रतिबंध हटने के बाद होगा। ईरान पीस डील से जुड़े अपडेट्स के लिए नीचे ब्लॉग से गुजर जाइए….
ट्रम्प ने संसद से ₹8 लाख करोड़ की फंडिंग मांगी:बोले- ईरान जंग के लिए जरूरी; संसद में इसके खिलाफ प्रस्ताव पास

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प की सरकार ने अमेरिकी संसद से 87.6 अरब डॉलर यानी करीब 8.3 लाख करोड़ रुपए की अतिरिक्त फंडिंग मंजूर करने की मांग की है। इसका बड़ा हिस्सा ईरान के साथ चल रहे युद्ध से जुड़े खर्चों के लिए रखा गया है। व्हाइट हाउस के मुताबिक, यह रकम पिछले साल मंजूर किए गए करीब 1 ट्रिलियन डॉलर और अगले वित्तीय वर्ष के लिए मांगे गए 1.5 ट्रिलियन डॉलर के रक्षा बजट से अलग है। सरकार का कहना है कि यह पैसा युद्ध से जुड़े ऑपरेशन, सेना की तैयारी, हथियारों के भंडार को फिर से भरने और सीक्रेट रक्षा कार्यक्रमों पर खर्च किया जाएगा। वहीं, संसद में इस मांग का विरोध बढ़ रहा है। मंगलवार को सीनेट ने एक प्रस्ताव पारित कर ट्रम्प से ईरान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई रोकने को कहा। इससे पहले ऐसा ही प्रस्ताव लोअर हाउस भी पास कर चुकी है। चार रिपब्लिकन सांसदों ने भी डेमोक्रेट्स का साथ दिया। पिछले 24 घंटे के 5 बड़े अपडेट्स… 1. कच्चा तेल 70 डॉलर से नीचे आया: अमेरिकी कच्चे तेल (WTI) की कीमत 70 डॉलर प्रति बैरल से नीचे आ गई। ब्रेंट क्रूड भी गिरकर 73.50 डॉलर पर पहुंच गया, जिससे वैश्विक ऊर्जा बाजार को राहत मिली है। 2. ट्रम्प की तेल कंपनियों को धमकी: ट्रम्प ने अमेरिकी जस्टिस डिपार्टमेंट को तेल कंपनियों की जांच के निर्देश दिए। उनका आरोप है कि कच्चे तेल के दाम घटने के बावजूद कंपनियां ग्राहकों को राहत नहीं दे रहीं। 3. खामेनेई के अंतिम संस्कार के लिए मोदी को न्योता: ईरान के राष्ट्रपति मसूद पजशकियान ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को अयातुल्ला अली खामेनेई के राजकीय अंतिम संस्कार में शामिल होने का निमंत्रण भेजा है। 4. ट्रम्प ने तेल कंपनियों पर जांच बैठाई: ट्रम्प ने अमेरिकी न्याय विभाग को तेल कंपनियों की जांच के निर्देश दिए। उनका आरोप है कि कच्चे तेल के दाम घटने के बावजूद कंपनियां ग्राहकों को राहत नहीं दे रहीं। 5. ईरान-IAEA में परमाणु जांच पर मतभेद: IAEA का कहना है कि उसे ईरान के परमाणु ठिकानों की जांच का अधिकार मिलेगा, जबकि ईरान ने कहा है कि किसी भी निरीक्षण पर फैसला अंतिम समझौते और प्रतिबंध हटने के बाद होगा। ईरान पीस डील से जुड़े अपडेट्स के लिए नीचे ब्लॉग से गुजर जाइए….
वेनेजुएला में भूकंप से तबाही, 10 PHOTOS:राजधानी कराकस समेत कई इलाकों में इमारतों-मकानों को नुकसान पहुंचा

वेनेजुएला में गुरुवार सुबह आए भूकंप के बाद देशभर से तबाही की तस्वीरें सामने आ रही हैं। राजधानी कराकस समेत कई इलाकों में इमारतों और मकानों को नुकसान पहुंचा है। 10 हजार से एक लाख मौतों तक की आशंका जताई जा रही है। देखिए वेनेजुएला में भूकंप और तबाही से जुड़े 10 फोटेज…
वेनेजुएला में 7.1 और 7.5 तीव्रता के दो भूकंप आए:राजधानी कराकस में इमारतें गिरीं, एयरपोर्ट की छत का हिस्सा ढहा

वेनेजुएला में बुधवार दोपहर दो शक्तिशाली भूकंप आए। पहला भूकंप 7.1 तीव्रता का था। इसका केंद्र कराकस से करीब 160 किमी पश्चिम में और गहराई 13 किमी थी। कुछ मिनट बाद 7.5 तीव्रता का दूसरा भूकंप आया। दूसरे भूकंप का केंद्र मोरोन शहर के दक्षिण-पश्चिम में और गहराई 10 किमी थी। राजधानी कराकस समेत कई इलाकों में इमारतों और मकानों को नुकसान पहुंचा। हालांकि शुरुआती रिपोर्टों में किसी के हताहत होने की पुष्टि नहीं हुई है। स्थानीय मीडिया के अनुसार कराकस एयरपोर्ट की इमारत को नुकसान पहुंचा है। छत का कुछ हिस्सा गिर गया। मलबा गिरने से धूल का बड़ा गुबार उठता दिखाई दिया। सुनामी का अलर्ट जारी किया गया था फिर वापस ले लिया गया। US एजेंसी बोली- 10,000 मौतों की 44% संभावना USGS का कहना है कि बड़े पैमाने पर जान-माल का नुकसान हो सकता है और आफ्टरशॉक की भी संभावना है। US Geological Survey (USGS) का कहना है कि बुधवार शाम वेनेज़ुएला की राजधानी और आस-पास के इलाकों में लगातार आए भूकंपों के कारण बड़े पैमाने पर जान-माल का नुकसान होने की आशंका है। USGS का कहना है कि यह आपदा बड़े पैमाने पर हो सकती है और इसके बाद तेज झटकों वाले आफ्टरशॉक भी आ सकते हैं। एजेंसी के अनुसार, 10,000 से ज्यादा लोगों की मौत की 44% संभावना है और 1,00,000 से ज्यादा लोगों की मौत की 30% संभावना है। साथ ही, जमीन पर भूस्खलन और लिक्विफैक्शन का भी काफी खतरा है। लिक्विफैक्शन एक ऐसी घटना है जो भूकंप के दौरान ढीली मिट्टी या तलछट को प्रभावित करती है। वेनेजुएला में 1967 जैसा भूकंप, तब 200 जानें गईं थीं यह पहली बार नहीं है जब वेनेजुएला की राजधानी में जबरदस्त भूकंप आया हो। 1967 में, 6.6 तीव्रता के भूकंप ने कराकस को हिला दिया था, जिसमें 200 से ज्यादा लोगों की मौत हो गई थी। इस भूकंप ने पालोस ग्रांडेस (मध्यम-वर्गीय इलाका) और अल्तामिरा (अमीर लोगों का इलाका) में कई इमारतें गिरा दी थीं। बुधवार को आए भूकंप से ये दोनों इलाके फिर से प्रभावित हुए हैं। गृह मंत्री डियोसदादो कैबेलो ने सरकारी टीवी को बताया कि ‘वहां कई इमारतें ढह गई हैं। इस बार की तरह, 1967 में भी लोगों ने दो झटके महसूस किए थे।
भारत को विमेंस टी-20 वर्ल्डकप में बांग्लादेश नहीं हरा पाया:आज टूर्नामेंट में चौथी बार भिड़ेंगे; सेमीफाइनल के लिए इंडिया का जीतना जरूरी

विमेंस टी-20 वर्ल्ड कप में आज भारत का मुकाबला बांग्लादेश से होगा। मैच शाम 7 बजे से मैनचेस्टर में खेला जाएगा। टूर्नामेंट में भारत को बांग्लादेश अब तक नहीं हरा पाया है। दोनों टीमों के हुए 3 मुकाबले भारत ने जीते हैं। दिन का दूसरा मुकाबला साउथ अफ्रीका और नीदरलैंड के बीच होगा। सेमीफाइनल के लिए भारत और साउथ अफ्रीका को हर हाल में अपने-अपने मैच जीतने होंगे। ग्रुप-A में शामिल दोनों टीमें के 3 मैचों में 4-4 अंक हैं। पिछले मैच में साउथ अफ्रीका ने भारत को हराया था। बांग्लादेश के खिलाफ भारत का पलड़ा भारी टी-20 में दोनों टीमें अब तक 23 बार आमने-सामने आई हैं। इनमें भारत ने 20 मुकाबले जीते हैं। बांग्लादेश सिर्फ 3 ही जीत सकी हैं। इस वर्ल्डकप में बांग्लादेश ने 3 में से 2 मुकाबले जीते हैं। वह 4 अंकों के साथ चौथे स्थान पर है। उसके लिए भी यह मैच जीतना जरूरी है। स्मृति और श्री चरणी टॉप परफॉर्मर भारतीय ओपनर स्मृति मंधाना ने इस वर्ल्डकप में 3 मैचों में 154.36 की स्ट्राइक रेट से 159 रन बनाए हैं। उनका बेस्ट स्कोर 74 रन रहा है। गेंदबाजी में श्री चरणी टूर्नामेंट की सबसे सफल गेंदबाज रही हैं। उन्होंने 3 मैचों में 10 विकेट लिए हैं। उनकी इकोनॉमी सिर्फ 5.33 रही है। पारी में उनका बेस्ट प्रदर्शन 19 रन देकर 4 विकेट है। इन दोनों के अलावा जेमिमा रोड्रिग्स पर भी नजर रहेगी। वह अब तक टूर्नामेंट में सिर्फ 32 रन बना सकी है। वह बांग्लादेश के स्पिनर्स के खिलाफ अहम साबित हो सकती हैं। 2025 से स्पिनर्स के खिलाफ टी-20 में उनका औसत 40.85 और स्ट्राइक रेट 143.71 रहा है। भारत प्लेइंग-11 में बदलाव कर सकता है। प्रेमा रावत की जगह राधा यादव इस मैच में खेल सकती हैं। जुआरिया और संजीदा की बांग्लादेश पर नजर बांग्लादेश के लिए जुआरिया फिरदौस ने इस वर्ल्डकप में सबसे ज्यादा रन बनाए हैं। उन्होंने 3 मैचों में 65 रन बनाए हैं। 50 रन उनका बेस्ट स्कोर रहा है। गेंदबाजी में संजीदा अख्तर मेघला टीम की मुख्य ताकत हैं। उन्होंने 2 मैचों में 4 विकेट हासिल किए हैं। इस दौरान उनकी इकोनॉमी 6.25 रही है। मैनचेस्टर में स्पिनर्स का दबदबा मैनचेस्टर में इस वर्ल्डकप के दौरान स्पिन गेंदबाजों का प्रदर्शन बेहतर रहा है। यहां स्पिनर्स ने 22 विकेट लिए हैं, जबकि पेसर्स को 19 विकेट मिले हैं। स्पिनर्स की इकोनॉमी भी बेहतर रही है। दोनों टीमें एक्स्ट्रा स्पिनर के साथ मैदान पर उतर सकती हैं। पॉसिबल प्लेइंग-11 भारत: शेफाली वर्मा, स्मृति मंधाना, जेमिमा रोड्रिग्स, हरमनप्रीत कौर (कप्तान), यास्तिका भाटिया/भारती फुलमाली, ऋचा घोष (विकेटकीपर), दीप्ति शर्मा, राधा यादव, क्रांति गौड़/अरुंधति रेड्डी, नंदनी शर्मा, एन श्री चरणी। बांग्लादेश: दिलारा अख्तर, जुआरिया फिरदौस, शर्मीन अख्तर, निगार सुल्ताना (कप्तान), शोभना मोस्तरी, रितु मोनी, शूर्णा अख्तर, राबिया खान, नाहिदा अख्तर, मारुफा अख्तर, संजीदा अख्तर मेघला। नीदरलैंड के खिलाफ बड़ी जीत पर साउथ अफ्रीका की नजर साउथ अफ्रीका और नीदरलैंड के बीच अब तक सिर्फ एक टी-20 इंटरनेशनल मैच खेला गया है। 2010 में हुए इस मुकाबले में साउथ अफ्रीका ने 115 रन से जीत दर्ज की थी।नीदरलैंड अपने तीनों मुकाबले हारकर ग्रुप में सबसे निचले पायदान पर है। मारिजन और शबनिम इस्माइल पर नजर साउथ अफ्रीका के लिए मारिजन ने बल्ले और गेंद से शानदर प्रदर्शन किया है। उन्होंने 3 मैचों में 103 रन बनाए हैं और 6 विकेट भी लिए हैं। तेज गेंदबाज शबनिम इस्माइल ने भी 3 मैचों में 4 विकेट हासिल किए हैं। वहीं कप्तान लौरा वोल्वार्ट से बड़ी पारी की उम्मीद होगी। बबेट डी लीडे नीदरलैंड की सबसे बड़ी उम्मीद नीदरलैंड की कप्तान बबेट डी लीडे टीम की टॉप स्कोरर रही हैं। उन्होंने टूर्नामेंट में 50, 28 और नाबाद 56 रन की पारियां खेलते हुए 134 रन बनाए हैं। टीम को उनसे एक और बड़ी पारी की उम्मीद होगी। गेंदबाजी में कैरोलीन डी लांगे ने 3 मैचों में 6 विकेट लिए हैं। हालांकि उनका इकोनॉमी रेट 8.16 रहा है। ब्रिस्टल में चेज करने वाली टीमों का दबदबा ब्रिस्टल में इस वर्ल्ड कप में 3 मैच खेले गए हैं। तीनों मुकाबलें रनचेज करने वाली टीम जीती है। टॉस जीतने वाली टीम पहले गेंदबाजी चुन सकती हैं। दोनों टीमों की पॉसिबल प्लेइंग-11 नीदरलैंड: हीथर सीजर्स, फीबे मोल्केनबोएर, बेबेट डी लीडे (कप्तान/विकेटकीपर), स्टेर कैलिस, रोबाइन रीके, फ्रेडरिक ओवरडिज्क, आइरिस ज्वीलिंग, मिर्ते वैन डेन राड, कैरोलीन डी लांगे, सिल्वर सीजर्स, इसाबेल वैन डेर वोनिंग। साउथ अफ्रीका: लौरा वोल्वार्ट (कप्तान), ताज़मिन ब्रिट्स, एनेरी डेरकसेन, मारिजन काप, नादिन डी क्लर्क, क्लो ट्रायोन, डेन वैन नीकर्क, सिनालो जाफ्ता (विकेटकीपर), शबनीम इस्माइल, अयाबोंगा खाका, नोनकुलुलेको म्लाबा।
भारत को विमेंस टी-20 वर्ल्डकप में बांग्लादेश नहीं हरा पाया:आज टूर्नामेंट में चौथी बार भिड़ेंगे; सेमीफाइनल के लिए इंडिया का जीतना जरूरी

विमेंस टी-20 वर्ल्ड कप में आज भारत का मुकाबला बांग्लादेश से होगा। मैच शाम 7 बजे से मैनचेस्टर में खेला जाएगा। टूर्नामेंट में भारत को बांग्लादेश अब तक नहीं हरा पाया है। दोनों टीमों के हुए 3 मुकाबले भारत ने जीते हैं। दिन का दूसरा मुकाबला साउथ अफ्रीका और नीदरलैंड के बीच होगा। सेमीफाइनल के लिए भारत और साउथ अफ्रीका को हर हाल में अपने-अपने मैच जीतने होंगे। ग्रुप-A में शामिल दोनों टीमें के 3 मैचों में 4-4 अंक हैं। पिछले मैच में साउथ अफ्रीका ने भारत को हराया था। बांग्लादेश के खिलाफ भारत का पलड़ा भारी टी-20 में दोनों टीमें अब तक 23 बार आमने-सामने आई हैं। इनमें भारत ने 20 मुकाबले जीते हैं। बांग्लादेश सिर्फ 3 ही जीत सकी हैं। इस वर्ल्डकप में बांग्लादेश ने 3 में से 2 मुकाबले जीते हैं। वह 4 अंकों के साथ चौथे स्थान पर है। उसके लिए भी यह मैच जीतना जरूरी है। स्मृति और श्री चरणी टॉप परफॉर्मर भारतीय ओपनर स्मृति मंधाना ने इस वर्ल्डकप में 3 मैचों में 154.36 की स्ट्राइक रेट से 159 रन बनाए हैं। उनका बेस्ट स्कोर 74 रन रहा है। गेंदबाजी में श्री चरणी टूर्नामेंट की सबसे सफल गेंदबाज रही हैं। उन्होंने 3 मैचों में 10 विकेट लिए हैं। उनकी इकोनॉमी सिर्फ 5.33 रही है। पारी में उनका बेस्ट प्रदर्शन 19 रन देकर 4 विकेट है। इन दोनों के अलावा जेमिमा रोड्रिग्स पर भी नजर रहेगी। वह अब तक टूर्नामेंट में सिर्फ 32 रन बना सकी है। वह बांग्लादेश के स्पिनर्स के खिलाफ अहम साबित हो सकती हैं। 2025 से स्पिनर्स के खिलाफ टी-20 में उनका औसत 40.85 और स्ट्राइक रेट 143.71 रहा है। भारत प्लेइंग-11 में बदलाव कर सकता है। प्रेमा रावत की जगह राधा यादव इस मैच में खेल सकती हैं। जुआरिया और संजीदा की बांग्लादेश पर नजर बांग्लादेश के लिए जुआरिया फिरदौस ने इस वर्ल्डकप में सबसे ज्यादा रन बनाए हैं। उन्होंने 3 मैचों में 65 रन बनाए हैं। 50 रन उनका बेस्ट स्कोर रहा है। गेंदबाजी में संजीदा अख्तर मेघला टीम की मुख्य ताकत हैं। उन्होंने 2 मैचों में 4 विकेट हासिल किए हैं। इस दौरान उनकी इकोनॉमी 6.25 रही है। मैनचेस्टर में स्पिनर्स का दबदबा मैनचेस्टर में इस वर्ल्डकप के दौरान स्पिन गेंदबाजों का प्रदर्शन बेहतर रहा है। यहां स्पिनर्स ने 22 विकेट लिए हैं, जबकि पेसर्स को 19 विकेट मिले हैं। स्पिनर्स की इकोनॉमी भी बेहतर रही है। दोनों टीमें एक्स्ट्रा स्पिनर के साथ मैदान पर उतर सकती हैं। पॉसिबल प्लेइंग-11 भारत: शेफाली वर्मा, स्मृति मंधाना, जेमिमा रोड्रिग्स, हरमनप्रीत कौर (कप्तान), यास्तिका भाटिया/भारती फुलमाली, ऋचा घोष (विकेटकीपर), दीप्ति शर्मा, राधा यादव, क्रांति गौड़/अरुंधति रेड्डी, नंदनी शर्मा, एन श्री चरणी। बांग्लादेश: दिलारा अख्तर, जुआरिया फिरदौस, शर्मीन अख्तर, निगार सुल्ताना (कप्तान), शोभना मोस्तरी, रितु मोनी, शूर्णा अख्तर, राबिया खान, नाहिदा अख्तर, मारुफा अख्तर, संजीदा अख्तर मेघला। नीदरलैंड के खिलाफ बड़ी जीत पर साउथ अफ्रीका की नजर साउथ अफ्रीका और नीदरलैंड के बीच अब तक सिर्फ एक टी-20 इंटरनेशनल मैच खेला गया है। 2010 में हुए इस मुकाबले में साउथ अफ्रीका ने 115 रन से जीत दर्ज की थी।नीदरलैंड अपने तीनों मुकाबले हारकर ग्रुप में सबसे निचले पायदान पर है। मारिजन और शबनिम इस्माइल पर नजर साउथ अफ्रीका के लिए मारिजन ने बल्ले और गेंद से शानदर प्रदर्शन किया है। उन्होंने 3 मैचों में 103 रन बनाए हैं और 6 विकेट भी लिए हैं। तेज गेंदबाज शबनिम इस्माइल ने भी 3 मैचों में 4 विकेट हासिल किए हैं। वहीं कप्तान लौरा वोल्वार्ट से बड़ी पारी की उम्मीद होगी। बबेट डी लीडे नीदरलैंड की सबसे बड़ी उम्मीद नीदरलैंड की कप्तान बबेट डी लीडे टीम की टॉप स्कोरर रही हैं। उन्होंने टूर्नामेंट में 50, 28 और नाबाद 56 रन की पारियां खेलते हुए 134 रन बनाए हैं। टीम को उनसे एक और बड़ी पारी की उम्मीद होगी। गेंदबाजी में कैरोलीन डी लांगे ने 3 मैचों में 6 विकेट लिए हैं। हालांकि उनका इकोनॉमी रेट 8.16 रहा है। ब्रिस्टल में चेज करने वाली टीमों का दबदबा ब्रिस्टल में इस वर्ल्ड कप में 3 मैच खेले गए हैं। तीनों मुकाबलें रनचेज करने वाली टीम जीती है। टॉस जीतने वाली टीम पहले गेंदबाजी चुन सकती हैं। दोनों टीमों की पॉसिबल प्लेइंग-11 नीदरलैंड: हीथर सीजर्स, फीबे मोल्केनबोएर, बेबेट डी लीडे (कप्तान/विकेटकीपर), स्टेर कैलिस, रोबाइन रीके, फ्रेडरिक ओवरडिज्क, आइरिस ज्वीलिंग, मिर्ते वैन डेन राड, कैरोलीन डी लांगे, सिल्वर सीजर्स, इसाबेल वैन डेर वोनिंग। साउथ अफ्रीका: लौरा वोल्वार्ट (कप्तान), ताज़मिन ब्रिट्स, एनेरी डेरकसेन, मारिजन काप, नादिन डी क्लर्क, क्लो ट्रायोन, डेन वैन नीकर्क, सिनालो जाफ्ता (विकेटकीपर), शबनीम इस्माइल, अयाबोंगा खाका, नोनकुलुलेको म्लाबा।
यूजर्स का डेटा भारत से बाहर भेजने पर रोक:देश में ही स्टोर होगा रिकॉर्ड, टेलीकॉम सेक्टर में लाइसेंस राज खत्म; अब ऑनलाइन मंजूरी मिलेगी

अब आपकी प्राइवेसी और पर्सनल डेटा पूरी तरह से सुरक्षित रहेगा, क्योंकि अब टेलीकॉम कंपनियों को आपके फोन, इंटरनेट इस्तेमाल और कॉलिंग से जुड़ा सभी तरह का डेटा और लॉग्स अब भारत में ही स्टोर करना होगा। कोई भी कंपनी आपका पर्सनल डेटा देश के बाहर नहीं भेज पाएगी और न ही किसी विदेशी संस्था के साथ शेयर कर सकेगी। दरअसल, दूरसंचार विभाग (DoT) ने बुधवार को टेलीकॉम कंपनियों के लिए नए नियम जारी किए हैं। आइए टेलीकॉम सेक्टर से जुड़े सरकार के नए नियम और उनसे होने वाले फायदों के बारे में जानते हैं… 1. लाइसेंस राज खत्म, टेलीकॉम ई-सर्विसेज पोर्टल शुरू DoT ने कंपनियों के लिए टेलीकॉम सेक्टर में दशकों पुराना लाइसेंस राज खत्म कर एक नया और आसान मंजूरी सिस्टम शुरू किया है। इसके साथ ही सरकार ने ‘टेलीकॉम ई-सर्विसेज पोर्टल’ नाम की एक वेबसाइट भी बनाई है, ताकि सारा काम डिजिटल हो सके। अब तक कंपनियों को मोबाइल या इंटरनेट सेवाएं शुरू करने के लिए सरकार से जटिल और लंबी ‘लाइसेंस’ प्रक्रिया से गुजरना पड़ता था, जिसमें महीनों लग जाते थे। पुराने लाइसेंस वाले भी नए सिस्टम में आ सकेंगे जो टेलीकॉम कंपनियां पहले से काम कर रही हैं और जिनके पास पुराने सिस्टम के तहत अलग-अलग तरह के लाइसेंस (जैसे इंटरनेट या कॉलिंग के लिए) हैं, सरकार ने उन्हें भी इस नए और आसान सिस्टम में शिफ्ट होने की सुविधा दी है। इसका मतलब है कि पुरानी कंपनियों को भी अब कागज़ी कार्रवाई से राहत मिलेगी। 2. सस्ते और नए प्लान्स मिल सकते हैं नए नियमों के तहत अब कंपनियां एक ही डिजिटल पोर्टल से नेटवर्क और इंटरनेट सर्विस के लिए एक साथ अप्लाई कर सकती हैं। 3. सैटेलाइट इंटरनेट को लेकर सरकार सख्त अगर आप आने वाले समय में इलॉन मस्क की स्टारलिंक या अमेजॉन जैसी कंपनियों से सीधे सैटेलाइट (बिना तार या टावर वाला डायरेक्ट इंटरनेट) लेने की सोच रहे हैं, तो सरकार ने आपकी सुरक्षा के लिए कड़े नियम बनाए हैं। 4. आपका पर्सनल डेटा सुरक्षित रहेगा आजकल सबसे बड़ा डर डेटा चोरी या लीक होने का होता है। सरकार ने इस पर बेहद सख्त नियम बनाया है। टेलीकॉम कंपनियों के लिए अब यह जरूरी कर दिया गया है कि वे भारतीय यूजर्स का सारा डेटा और रिकॉर्ड भारत के अंदर ही स्टोर कर रखेंगी। 5. देश की सुरक्षा से कोई समझौता नहीं जम्मू-कश्मीर या उत्तर-पूर्व जैसे संवेदनशील इलाकों में नेटवर्क लगाने के लिए कंपनियों को विशेष सुरक्षा मंजूरी लेनी होगी। साथ ही, देश विरोधी या संदिग्ध संदेशों पर नजर रखने के लिए भी कंपनियों को सिस्टम बनाना होगा।
यूजर्स का डेटा भारत से बाहर भेजने पर रोक:देश में ही स्टोर होगा रिकॉर्ड, टेलीकॉम सेक्टर में लाइसेंस राज खत्म; अब ऑनलाइन मंजूरी मिलेगी

अब आपकी प्राइवेसी और पर्सनल डेटा पूरी तरह से सुरक्षित रहेगा, क्योंकि अब टेलीकॉम कंपनियों को आपके फोन, इंटरनेट इस्तेमाल और कॉलिंग से जुड़ा सभी तरह का डेटा और लॉग्स अब भारत में ही स्टोर करना होगा। कोई भी कंपनी आपका पर्सनल डेटा देश के बाहर नहीं भेज पाएगी और न ही किसी विदेशी संस्था के साथ शेयर कर सकेगी। दरअसल, दूरसंचार विभाग (DoT) ने बुधवार को टेलीकॉम कंपनियों के लिए नए नियम जारी किए हैं। आइए टेलीकॉम सेक्टर से जुड़े सरकार के नए नियम और उनसे होने वाले फायदों के बारे में जानते हैं… 1. लाइसेंस राज खत्म, टेलीकॉम ई-सर्विसेज पोर्टल शुरू DoT ने कंपनियों के लिए टेलीकॉम सेक्टर में दशकों पुराना लाइसेंस राज खत्म कर एक नया और आसान मंजूरी सिस्टम शुरू किया है। इसके साथ ही सरकार ने ‘टेलीकॉम ई-सर्विसेज पोर्टल’ नाम की एक वेबसाइट भी बनाई है, ताकि सारा काम डिजिटल हो सके। अब तक कंपनियों को मोबाइल या इंटरनेट सेवाएं शुरू करने के लिए सरकार से जटिल और लंबी ‘लाइसेंस’ प्रक्रिया से गुजरना पड़ता था, जिसमें महीनों लग जाते थे। पुराने लाइसेंस वाले भी नए सिस्टम में आ सकेंगे जो टेलीकॉम कंपनियां पहले से काम कर रही हैं और जिनके पास पुराने सिस्टम के तहत अलग-अलग तरह के लाइसेंस (जैसे इंटरनेट या कॉलिंग के लिए) हैं, सरकार ने उन्हें भी इस नए और आसान सिस्टम में शिफ्ट होने की सुविधा दी है। इसका मतलब है कि पुरानी कंपनियों को भी अब कागज़ी कार्रवाई से राहत मिलेगी। 2. सस्ते और नए प्लान्स मिल सकते हैं नए नियमों के तहत अब कंपनियां एक ही डिजिटल पोर्टल से नेटवर्क और इंटरनेट सर्विस के लिए एक साथ अप्लाई कर सकती हैं। 3. सैटेलाइट इंटरनेट को लेकर सरकार सख्त अगर आप आने वाले समय में इलॉन मस्क की स्टारलिंक या अमेजॉन जैसी कंपनियों से सीधे सैटेलाइट (बिना तार या टावर वाला डायरेक्ट इंटरनेट) लेने की सोच रहे हैं, तो सरकार ने आपकी सुरक्षा के लिए कड़े नियम बनाए हैं। 4. आपका पर्सनल डेटा सुरक्षित रहेगा आजकल सबसे बड़ा डर डेटा चोरी या लीक होने का होता है। सरकार ने इस पर बेहद सख्त नियम बनाया है। टेलीकॉम कंपनियों के लिए अब यह जरूरी कर दिया गया है कि वे भारतीय यूजर्स का सारा डेटा और रिकॉर्ड भारत के अंदर ही स्टोर कर रखेंगी। 5. देश की सुरक्षा से कोई समझौता नहीं जम्मू-कश्मीर या उत्तर-पूर्व जैसे संवेदनशील इलाकों में नेटवर्क लगाने के लिए कंपनियों को विशेष सुरक्षा मंजूरी लेनी होगी। साथ ही, देश विरोधी या संदिग्ध संदेशों पर नजर रखने के लिए भी कंपनियों को सिस्टम बनाना होगा।
कर्नाटक कक्षा 6 की कन्नड़ पाठ्यपुस्तक में भगवाकरण और शाकाहारवाद के दावों पर विवाद |#ब्रासस्टैक्स

कर्नाटक की कक्षा 6 की नई कन्नड़ पाठ्यपुस्तक को भगवाकरण के आरोपों का सामना करना पड़ रहा है और दावा किया गया है कि यह राज्य की विविध खाद्य संस्कृति की अनदेखी करते हुए शाकाहार को बढ़ावा देती है। कार्यकर्ताओं ने पाठ्यपुस्तक में संशोधन की मांग की है, जिसमें कर्नाटक की खाद्य विविधता के हिस्से के रूप में अंडे और मांस का संदर्भ और पाठ्यपुस्तक के शीर्षक “कृष्णा” में बदलाव शामिल है। इस विवाद ने स्कूल पाठ्यक्रम, सांस्कृतिक प्रतिनिधित्व, खाद्य विविधता, शिक्षा में विचारधारा, पाठ्यपुस्तक राजनीति और कक्षाओं में राज्य की पहचान को कैसे प्रतिबिंबित किया जाना चाहिए, इस पर व्यापक बहस छेड़ दी है। n18oc_ Indian18oc_politicsn18oc_brass-tacksNews18 मोबाइल ऐप – https://onelink.to/desc-youtube आखरी अपडेट: 24 जून, 2026, 20:24 IST (टैग्सटूट्रांसलेट)कार्यकर्ता संशोधन की मांग करते हैं(टी)कक्षा 6 कन्नड़ पाठ्यपुस्तक(टी)विविध खाद्य संस्कृति कर्नाटक(टी)अंडे और मांस समावेशन(टी)कन्नड़ पाठ्यपुस्तक विवाद(टी)कर्नाटक कक्षा 6 पाठ्यपुस्तक(टी)कर्नाटक शिक्षा(टी)कर्नाटक खाद्य संस्कृति(टी)कर्नाटक पाठ्यपुस्तक पंक्ति(टी)कृष्ण पाठ्यपुस्तक शीर्षक पंक्ति(टी)शाकाहार को बढ़ावा देता है(टी)भगवाकरण आरोप(टी)भगवाकरण का दावा(टी)स्कूल पाठ्यक्रम कर्नाटक(टी)पाठ्यपुस्तक राजनीति(टी)पाठ्यपुस्तक भगवाकरण(टी)पाठ्यपुस्तक शीर्षक कृष्ण(टी)पाठ्यपुस्तक में शाकाहारवाद
छह सांसदों के एकनाथ शिंदे खेमे में शामिल होने के बाद शिवसेना (यूबीटी) को संसद कार्यालय खोने का खतरा है | भारत समाचार

आखरी अपडेट:24 जून, 2026, 19:48 IST लोकसभा में किसी पार्टी की ताकत यह निर्धारित करने में महत्वपूर्ण कारक है कि उसे संसद परिसर में कार्यालय स्थान आवंटित किया गया है या नहीं। 2024 के आम चुनाव में शिवसेना (यूबीटी) ने नौ लोकसभा सीटें जीती थीं। (फ़ाइल) शिवसेना (यूबीटी) अपने छह लोकसभा सांसदों के विद्रोह के बाद संसद परिसर में अपना कार्यालय खो सकती है, जो एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना में शामिल हो गए हैं। हालांकि, लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने अभी तक विलय पर कोई फैसला नहीं लिया है। घटनाक्रम के बीच, शिवसेना (यूबीटी) सांसद अरविंद सावंत और अनिल देसाई ने बुधवार को संसद में अध्यक्ष ओम बिरला से मुलाकात की और उनसे यह सुनिश्चित करने का आग्रह किया कि उनका पक्ष सुने बिना कोई निर्णय नहीं लिया जाए। बैठक के बाद बोलते हुए, अनिल देसाई ने कहा कि अध्यक्ष ने उन्हें आश्वासन दिया कि विलय पर कोई भी निर्णय संवैधानिक प्रावधानों के अनुसार सख्ती से लिया जाएगा। “उन्होंने कहा कि संविधान में जो भी लिखा है और जो भी प्रावधान मौजूद हैं, निर्णय प्रक्रिया उसी तरीके से होगी। संविधान की अनुसूची 10 में स्पष्ट रूप से कहा गया है कि कोई भी समूह, भले ही उसकी ताकत विधायक दल की दो-तिहाई हो, अपने दम पर किसी अन्य पार्टी में शामिल नहीं हो सकता है। 2024 के लोकसभा चुनावों में, सभी नौ सांसद शिवसेना के उद्धव बालासाहेब ठाकरे पार्टी के प्रतीक पर जीते थे। संसद के संरक्षक के रूप में, अध्यक्ष यह सुनिश्चित करेंगे कि न्याय हो, “देसाई ने कहा। अरविंद सावंत ने कहा कि छह सांसदों के पार्टी छोड़ने के बाद उन्होंने और देसाई ने पहले स्पीकर को एक ज्ञापन सौंपा था। सावंत ने कहा, “हमने उनसे अनुरोध किया कि यदि कोई सांसद या समूह उनसे संपर्क करता है, तो उन्हें संविधान की रक्षा करनी चाहिए। हमने उन्हें फिर से पत्र लिखकर पूछा कि यदि इस मामले के संबंध में कुछ भी होता है, तो कोई भी निर्णय लेने से पहले हमारा पक्ष सुना जाना चाहिए। उन्होंने हमें आज समय दिया और कहा कि उन्हें बागी सांसदों से कोई पत्र नहीं मिला है।” नियम क्या हैं? लोकसभा में किसी पार्टी की ताकत यह निर्धारित करने में महत्वपूर्ण कारक है कि उसे संसद परिसर में कार्यालय स्थान आवंटित किया गया है या नहीं। 2024 के आम चुनाव में शिवसेना (यूबीटी) ने नौ लोकसभा सीटें जीती थीं। छह सांसदों के शिंदे खेमे में शामिल होने से, अगर विलय को मान्यता मिल जाती है तो पार्टी की प्रभावी ताकत घटकर तीन रह जाएगी। आमतौर पर, पांच या अधिक सांसदों वाली पार्टियों को संसद के अंदर कार्यालय स्थान आवंटित किया जाता है। इससे यह संभावना बढ़ गई है कि अगर स्पीकर ने विलय को मंजूरी दे दी और उसकी ताकत सीमा से कम हो गई तो शिवसेना (यूबीटी) अपना कार्यालय खो सकती है। चुनी हुई कहानियाँ, आपके इनबॉक्स में हमारी सर्वोत्तम पत्रकारिता वाला एक न्यूज़लेटर जमा करना लेखक के बारे में -सौरभ वर्मावरिष्ठ उपसंपादक सौरभ वर्मा मुख्य उप-संपादक के रूप में News18.com के लिए सामान्य, राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय दैनिक समाचारों को कवर करते हैं। वह राजनीति पर गहरी नजर रखते हैं। आप उन्हें ट्विटर –twitter.com/saurbhkverma19 पर फ़ॉलो कर सकते हैं न्यूज़ इंडिया छह सांसदों के एकनाथ शिंदे खेमे में शामिल होने के बाद शिवसेना (यूबीटी) को संसद कार्यालय खोने का खतरा है अस्वीकरण: टिप्पणियाँ उपयोगकर्ताओं के विचार दर्शाती हैं, News18 के नहीं। कृपया चर्चाएँ सम्मानजनक और रचनात्मक रखें। अपमानजनक, मानहानिकारक, या अवैध टिप्पणियाँ हटा दी जाएंगी। News18 अपने विवेक से किसी भी टिप्पणी को अक्षम कर सकता है. पोस्ट करके, आप हमारी उपयोग की शर्तों और गोपनीयता नीति से सहमत होते हैं। और पढ़ें (टैग्सटूट्रांसलेट)शिवसेना यूबीटी संसद कार्यालय(टी)शिवसेना विद्रोह(टी)एकनाथ शिंदे खेमा(टी)लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला(टी)पार्टी विलय नियम(टी)दलबदल विरोधी कानून(टी)अनुसूची 10 संविधान(टी)2024 लोकसभा चुनाव








