ईरान होर्मुज में जहाजों पर टैक्स लगा सकता है:कहा- देश की सुरक्षा के लिए जरूरी; अमेरिका से जब्त फंड जारी करने की मांग

ईरान ने कहा है कि वह होर्मुज स्ट्रेट में जहाजों की आवाजाही पर नजर रखने और व्यवस्था बनाए रखने के लिए नए नियम लागू कर रहा है। ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बघाई ने कहा कि ये कदम देश की सुरक्षा और समुद्री रास्ते को सुरक्षित रखने के लिए उठाए जा रहे हैं। उन्होंने यह भी कहा कि आगे चलकर होर्मुज से गुजरने वाले जहाजों से वहां दी जाने वाली सेवाओं के बदले टैक्स लिया जा सकता है। इसके साथ ही ईरान ने अमेरिका से उसका विदेशों में जब्त किया गया फंड जारी करने की भी मांग की है। बघाई ने कहा कि अमेरिका और ईरान के बीच शांति समझौते पर रविवार को साइन नहीं होंगे। यह समझौता अगले कुछ दिनों में हो सकता है, लेकिन अभी इसकी तारीख तय नहीं है। पिछले 24 घंटे के 5 बड़े अपडेट्स… ईरान जंग से जुड़े अपडेट्स के लिए नीचे ब्लॉग से गुजर जाइए…
फुटबॉल वर्ल्डकप में कतर ने स्विट्जरलैंड को ड्रॉ पर रोका:खौखी ने इंजरी टाइम में हेडर से गोल दागा, गेम में 0-1 से पीछे थी टीम

आखिरी क्षणों में बौआलेम खौखी के गोल से कतर ने फुटबॉल वर्ल्ड कप 2026 के ग्रुप-बी मैच में स्विट्जरलैंड को 1-1 के ड्रॉ पर रोक लिया। इंजरी टाइम के चौथे मिनट में हेडर के जरिए आए इस गोल ने कतार को हार से बचा लिया। जबकि, स्विट्जरलैंड से जीत छीन ली। इससे पहले 90 मिनट के खेल में स्विट्जरलैंड का दबदबा रहा, पर टीम जीत नहीं हासिल कर सकी और उसे एक अंक साझा करना पड़ा। एम्बोलो ने पेनल्टी पर गोल दागा स्विट्जरलैंड को 17वें मिनट में बढ़त मिली। कतर के गोलकीपर महमूद अबुनादा ने ब्रेल एम्बोलो को बॉक्स के अंदर फाउल कर दिया, जिसके बाद रेफरी ने पेनल्टी दी। एम्बोलो ने मौका नहीं गंवाया और गेंद को गोलपोस्ट के ऊपरी कोने में पहुंचाकर टीम को 1-0 से आगे कर दिया। स्विट्जरलैंड ने गोल के कई मौके बनाए मैच में स्विट्जरलैंड ने गेंद पर ज्यादा नियंत्रण रखा और कई बार गोल करने के मौके बनाए। हालांकि कतर की रक्षापंक्ति और गोलकीपर ने कई हमलों को नाकाम कर टीम को मैच में बनाए रखा। दूसरे हाफ में भी स्विस टीम बढ़त बढ़ाने में नाकाम रही। इंजरी टाइम में कॉर्नर पर गोल आया जब मुकाबला समाप्ति की ओर बढ़ रहा था और स्विट्जरलैंड जीत के करीब था, तभी इंजरी टाइम में कतर को कॉर्नर मिला। 90+4 मिनट में बौआलेम खौखी ने शानदार हेडर लगाकर गेंद को नेट में पहुंचाया और स्कोर 1-1 कर दिया। इसी के साथ कतर के खिलाड़ियों ने मैदान पर जोरदार जश्न मनाया।
फुटबॉल वर्ल्डकप में कतर ने स्विट्जरलैंड को ड्रॉ पर रोका:खौखी ने इंजरी टाइम में हेडर से गोल दागा, गेम में 0-1 से पीछे थी टीम

आखिरी क्षणों में बौआलेम खौखी के गोल से कतर ने फुटबॉल वर्ल्ड कप 2026 के ग्रुप-बी मैच में स्विट्जरलैंड को 1-1 के ड्रॉ पर रोक लिया। इंजरी टाइम के चौथे मिनट में हेडर के जरिए आए इस गोल ने कतार को हार से बचा लिया। जबकि, स्विट्जरलैंड से जीत छीन ली। इससे पहले 90 मिनट के खेल में स्विट्जरलैंड का दबदबा रहा, पर टीम जीत नहीं हासिल कर सकी और उसे एक अंक साझा करना पड़ा। एम्बोलो ने पेनल्टी पर गोल दागा स्विट्जरलैंड को 17वें मिनट में बढ़त मिली। कतर के गोलकीपर महमूद अबुनादा ने ब्रेल एम्बोलो को बॉक्स के अंदर फाउल कर दिया, जिसके बाद रेफरी ने पेनल्टी दी। एम्बोलो ने मौका नहीं गंवाया और गेंद को गोलपोस्ट के ऊपरी कोने में पहुंचाकर टीम को 1-0 से आगे कर दिया। स्विट्जरलैंड ने गोल के कई मौके बनाए मैच में स्विट्जरलैंड ने गेंद पर ज्यादा नियंत्रण रखा और कई बार गोल करने के मौके बनाए। हालांकि कतर की रक्षापंक्ति और गोलकीपर ने कई हमलों को नाकाम कर टीम को मैच में बनाए रखा। दूसरे हाफ में भी स्विस टीम बढ़त बढ़ाने में नाकाम रही। इंजरी टाइम में कॉर्नर पर गोल आया जब मुकाबला समाप्ति की ओर बढ़ रहा था और स्विट्जरलैंड जीत के करीब था, तभी इंजरी टाइम में कतर को कॉर्नर मिला। 90+4 मिनट में बौआलेम खौखी ने शानदार हेडर लगाकर गेंद को नेट में पहुंचाया और स्कोर 1-1 कर दिया। इसी के साथ कतर के खिलाड़ियों ने मैदान पर जोरदार जश्न मनाया।
भाई वैभव सूर्यवंशी की नेट पर प्रैक्टिस करते हैं आशीर्वाद:रोज 6 घंटे मैदान में बहा रहे पसीना; पिता बोले- छोटा बेटा बड़ा किक्रेटर बनेगा

‘जैसे मैंने बड़े बेटे वैभव सूर्यवंशी को कामयाब बनाया है, उसी तरह से मैं छोटे बेटे आशीर्वाद सूयवंशी को भी तैयार करूंगा। आशीर्वाद भी वैभव की तरह ही तेज खेलता है। बस अंतर इतना है कि वैभव एक बार में समझ जाता था, इसे बार-बार समझाना पड़ता है। अभी आशीर्वाद बच्चा है, घर में सबका का दुलारा है। धीरे-धीरे मैं उसे भी तैयार कर लूंगा। आशीर्वाद भी देश के लिए खेलेगा।’ ये बातें वैभव सूर्यवंशी के पिता संजीव सूर्यवंशी ने कहीं। दरअसल, 11 साल के आशीर्वाद ने 2 दिन पहले ताजपुर क्रिकेट टूर्नामेंट में 87 गेंदों पर शतक लगाया था। 20 चौके और एक सिक्स मारे थे। इसके अलावा 4 ओवर में 4 विकेट भी लिए। वैभव ने छोटे भाई के पहले शतक को अपने सोशल साइट पर शेयर किया है। जिसके बाद चर्चा होने लगी है कि वैभव के बाद आशीर्वाद भी कम उम्र में IPL में डेव्यू करेगा। आशीर्वाद कितने घंटे मेहनत करते हैं?, उनकी पैक्टिस कहां होती है?, शतक के पाद परिवार और ट्रेनर क्या बोले, पढ़ें रिपोर्ट…. पहले तस्वीरें, जहां आशीर्वाद अपनी पैक्टिस करते हैं वैभव की तरह ही लॉन्ग शॉर्ट लगाता है वैभव के चाचा राजीव सूर्यवंशी कहते हैं कि आशीर्वाद अभी 11 साल का है। अभी क्लास 6 में पढ़ाई करता है। दो दिन पहले ताजपुर क्रिकेट अकादमी की ओर से बघौनी में किक्रेट टूर्नामेंट हुआ था। जिसमें आशीर्वाद ने भी भाग लिया था। जिसमें उसने शानदार प्रदर्शन किया था। अपने भाई वैभव की तरह ही उसने लॉन्ग शॉर्ट लगाए। उसने इतना बढ़िया खेला है कि हमें लगता है कि 2 साल में वो आईपीएल तक चला जाएगा। हर दिन 6 घंटे मेहनत करते हैं आशीर्वाद वैभव के चाचा राजीव सूर्यवंशी कहते हैं कि जिस प्रैक्टिस नेट पर वैभव प्रैक्टिस किया करता था, उसी नेट पर आशीर्वाद भी प्रैक्टिस करता है। आशीर्वाद को उसके पिता संजीव सूर्यवंशी प्रैक्टिस करा रहे हैं। इसके अलावा कुछ युवक भी रहते हैं, जो वैभव की प्रैक्टिस के टाइम भी रहते थे। आशीर्वाद सुबह-शाम करीब 6 घंटे मेहनत करता है। राइट हैंड बैटिंग करता है और तेज रफ्तार बॉलर भी है। दो साल में आशीर्वाद को आईपीएल के लिए तैयार कर लिया जाएगा। जिस तरह से लोकल टूर्नामेंट में उसने प्रदर्शन किया है। परिवार की उम्मीद और बढ़ गई है। आशीर्वाद बड़ा क्रिकेटर बनेगा आशीर्वाद को पैक्टिस कराने वाले रौशन कुमार बताते हैं कि दो दिन पहले टूर्नामेंट में आशीर्वाद को लेकर मैं गया था। वहां उसने बेहतरीन खेला। उसे देखकर ऐसा लग रहा था कि जैसा वैभव अपने बचपन में खेला करता था। उसको देखकर लग रहा था कि आने वाले दिन में आशीर्वाद भी बड़ा क्रिकेटर बनेगा। वो काफी ऊपर तक जाएगा। आशीर्वाद की बदौलत टीम ने 234 रन बनाए आशीर्वाद सूर्यवंशी बिहार में क्रिकेट की ट्रेनिंग ले रहे हैं। वे बड़े भाई वैभव की तरह अटैकिंग बल्लेबाजी के लिए जाने जाते हैं। आशीर्वाद की शतकीय पारी की बदौलत क्रिकेट अकादमी ताजपुर ने 29.5 ओवर में 4 विकेट पर 234 रन बनाए। टीम के लिए शिवम राज ने 75 गेंदों में 52 रन का योगदान दिया। शतक पूरा करने के बाद आशीर्वाद ने हेलमेट उतारकर जश्न मनाया। उनकी तस्वीरें वायरल हो रही हैं। वैभव तीन भाइयों में मंझले हैं वैभव सूर्यवंशी तीन भाइयों में मंझले हैं। उनके बड़े भाई का नाम उज्ज्वल सूर्यवंशी है, जबकि सबसे छोटे भाई आशीर्वाद सूर्यवंशी हैं। पिता संजीव सूर्यवंशी और मां आरती सूर्यवंशी ने दोनों बेटों के क्रिकेट करियर में अहम भूमिका निभाई है। वैभव सबसे कम उम्र में भारतीय टीम में चुने गए आशीर्वाद के बड़े भाई वैभव सूर्यवंशी इस समय भारतीय क्रिकेट का चर्चित नाम हैं। 6 जून को उनका चयन आयरलैंड और इंग्लैंड के खिलाफ टी-20 सीरीज तथा एशियन गेम्स के लिए भारतीय टीम में हुआ। 15 साल 71 दिन की उम्र में टीम इंडिया में जगह बनाकर वे भारत के लिए चुने जाने वाले सबसे युवा क्रिकेटर बन गए। वैभव ने इस मामले में शेफाली वर्मा और सचिन तेंदुलकर का रिकॉर्ड पीछे छोड़ दिया। शेफाली पहली बार 15 साल 220 दिन की उम्र में भारतीय टीम में चुनी गई थीं, जबकि सचिन को 16 साल 194 दिन की उम्र में राष्ट्रीय टीम में मौका मिला था। IPL में जीती ऑरेंज कैप वैभव इस समय श्रीलंका-A दौरे पर भारतीय टीम के साथ हैं। उन्होंने अब तक दो मैचों में 58 रन बनाए हैं। इससे पहले IPL 2026 में उन्होंने 776 रन बनाकर ऑरेंज कैप अपने नाम की थी। वैभव को मोस्ट वैल्युएबल प्लेयर, इमर्जिंग प्लेयर ऑफ द ईयर, सुपर स्ट्राइकर और सबसे ज्यादा छक्के लगाने का पुरस्कार भी मिला था। उन्होंने इसी सीजन 36 गेंदों पर शतक जड़कर नया रिकॉर्ड बनाया था। राजीव सूर्यवंशी ने घर के उत्तर वैभव के प्रैक्टिस नेट की ओर इशारा करते हुए बताया कि यहां वैभव का उसके पिता प्रैक्टिस कराया करते थे। वैभव के आईपीएल और अब टी-20 इंडियन टीम में सलेक्शन के बाद वह ज्यादातर बाहर ही रह रहा है। यहां पर उनके छोटे भाई आशीर्वाद के पिता संजीव सूर्यवंशी के साथ ही परिवार के लोग प्रैक्टिस करा रहे हैं। पैक्टिस कराने वालों में कभी वैभव को बॉलिंग करने वाले युवक भी रहते हैं। सुबह और शाम के समय उसे प्रैक्टिस कराई जा रही है। अभी 5-6 घंटा वह मैदान में पसीना बहाता है। यह दाहिए हाथ का बैट्समैंन और फास्ट बॉलर है। वैभव के स्टाइल में ही तेज खेलता है। लॉग शार्ट लगाता है। अभी कलाई से ज्यादा शॉर्ट लगाता है। चाचा ने बताया कि आने वाले दो सालों में इसे भी आईपीएल के लिए तैयार कर लिया जाएगा। जिस तरह से लोकल टूर्नामेंट में इसने प्रदर्शन किया है। उससे परिवार की उम्मीद और बढ गई है। आशीर्वाद ताजपुर के एक निजी स्कूल में वर्ग सिक्स का छात्र है। पढाई के साथ ही खेल में समय दे रहा है। कम उम्र में वैभव सूर्यवंशी के बाद उनका छोटा भाई आशीर्वाद सूर्यवंशी ने लोकल क्रिकेट टूर्नामेंट में शतक लगा कर भौकाल मचा दिया है। दस सालों के आशीर्वाद ने ताजपुर क्रिकेट अकादमी द्वारा बघौनी में आयोजित टूर्नामेंट में 87 गेंदों पर शतक लगाया है। और तो और इसमें 20 चौका और एक छक्का शामिल है। इसके साथ ही उसने चार ओवर
FIFA वर्ल्ड कप में पहली बार खेलेगी कुरासाओ की टीम:4 बार की चैंपियन जर्मनी से मुकाबला; टूर्नामेंट में 16 साल बाद नीदरलैंड-जापान की भिड़ंत

FIFA वर्ल्ड कप 2026 में आज चार बार की वर्ल्ड चैंपियन जर्मनी का मुकाबला पहली बार वर्ल्ड कप खेल रही कुरासाओ से होगा। यह मैच ह्यूस्टन स्टेडियम में भारतीय समयानुसार आज रात 10:30 बजे से शुरू होगा। दूसरा मुकाबला नीदरलैंड और जापान के बीच भारतीय समयानुसार 15 जून को डलास स्टेडियम में खेला जाएगा। यह मैच रात 1:30 बजे से शुरू होगा। 15 को ही सुबह 4:30 बजे से आइवरी कोस्ट और इक्वाडोर की भिड़ंत फिलाडेल्फिया स्टेडियम में होगी। वहीं सुबह 7:30 बजे से स्वीडन और ट्यूनीशिया के बीच मोंटेरे स्टेडियम में मुकाबला शुरु होगा। मैच-9: जर्मनी के खिलाफ डेब्यू करेगी कुरासाओ की टीम ग्रुप-E में शामिल 4 बार की वर्ल्ड चैंपियन जर्मनी और कैरेबियाई देश कुरासाओ के बीच यह पहला मुकाबला होगा। कुरासाओ इतिहास में पहली बार FIFA वर्ल्ड कप खेल रही है। कुरासाओ दिग्गज कोच डिक एडवोकेट के मार्गदर्शन में टूर्नामेंट में उतरी है। वहीं जर्मनी को फ्लोरियन विर्ट्ज और जमाल मुसियाला जैसे युवा सितारों से अच्छे प्रदर्शन की उम्मीद होगी। दोनों टीमों की पॉसिबल स्टार्टिंग इलेवन: जर्मनी: नोयर, किमिच, ताह, रुडिगर, रॉम, गोरेट्जका, पावलोविच, विर्ट्ज, मुसियाला, हावर्ट्ज, उंडाव। कुरासाओ: रूम, ब्रेनेट, गारी, ओबिस्पो, फ्लोरानस, एल. बकुना, जे. बकुना, गोरे, चोंग, कस्तानीर, मार्गरीथा। मैच-10: 16 साल बाद वर्ल्ड कप में नीदरलैंड और जापान की भिड़ंत ग्रुप-E में शामिल नीदरलैंड और जापान के बीच अब तक कुल 3 इंटरनेशनल मुकाबले खेले गए हैं। नीदरलैंड का पलड़ा भारी है, जिसने 2 मैचों में जीत दर्ज की है। वहीं 1 मुकाबला ड्रॉ रहा है। जापान की टीम अब तक नीदरलैंड के खिलाफ एक भी मैच नहीं जीत सकी है। FIFA वर्ल्ड कप के इतिहास में दोनों टीमें पूरे 16 साल बाद आमने-सामने होंगी। इससे पहले दोनों की भिड़ंत साल 2010 के वर्ल्ड कप में हुई थी, जहां नीदरलैंड ने 1-0 से जीत दर्ज की थी। डच टीम को अपने स्टार फॉरवर्ड मेम्फिस डेपे और विंगर कोडी गैकपो से गोल की उम्मीद होगी। वहीं जापानी टीम का दारोमदार उनके सबसे भरोसेमंद मिडफील्डर वतारू एंडो और क्रिएटिव विंगर ताकेफूसा कुबो पर टिका होगा। दोनों टीमों की पॉसिबल स्टार्टिंग इलेवन: नीदरलैंड: वेरब्रूगेन, डमफ्राइज, डी विज, वेन डाइक, अके, शुटेन, रीजेंडर्स, सिमंस, विफर, गैकपो, डेपे। जापान: सुजुकी, सुगावारा, इटाकुरा, माचिदा, इटो, एंडो, मोरीता, मितामो, कुबो, डुआन, उएदा। मैच-11: आइवरी कोस्ट और इक्वाडोर के बीच पहली भिड़ंत ग्रुप-F में शामिल आइवरी कोस्ट और इक्वाडोर इससे पहले सिर्फ 1 बार इंटरनेशनल में आमने-सामने थे। वह मैच इक्वाडोर ने जीता था। FIFA वर्ल्ड कप के इतिहास में दोनों टीमें पहली बार एक-दूसरे के खिलाफ मैदान पर उतरेंगी। आइवरी कोस्ट की टीम अपने स्टार फॉरवर्ड सेबेस्टियन हॉलर के दम पर वर्ल्ड कप में विजयी शुरुआत करना चाहेगी, जबकि इक्वाडोर की नजरें अपने कप्तान एनेर वैलेंसिया पर टिकी होंगी। दोनों टीमों की पॉसिबल स्टार्टिंग इलेवन: आइवरी कोस्ट: फोफाना, सिंगो, डियोमंडे, एनडिका, कोनाटे, केसी, सेरी, सेंगारे, डिंग्रा, हॉलर, पेपे। इक्वाडोर: डोमिंगुएज़, प्रेसिआडो, टोरेस, पाचो, हिंकापी, ग्रुएज़ो, कैसिडो, पेज़, यैन्ज़े, सर्मिएंतो, वैलेंसिया। मैच-12: स्वीडन और ट्यूनीशिया के बीच बराबरी की टक्कर ग्रुप-F में शामिल स्वीडन और ट्यूनीशिया के बीच अब तक कुल 4 इंटरनेशनल मुकाबले खेले जा चुके हैं। दोनों टीमों ने 1-1 मैच जीता है, जबकि 2 मुकाबले ड्रॉ रहे हैं। FIFA वर्ल्ड कप के इतिहास में दोनों टीमें पहली बार आपस में टकराएंगी। स्वीडन की टीम को अपने स्टार स्ट्राइकर अलेक्जेंडर इसाक से बड़े प्रदर्शन की उम्मीद होगी, वहीं ट्यूनीशिया की टीम अपने मजबूत डिफेंस के दम पर यूरोपीय टीम को रोकने की कोशिश करेगी। दोनों टीमों की पॉसिबल स्टार्टिंग इलेवन: स्वीडन: ओल्सन, होमग्रेन, हिएन, लिंडेलोफ, ऑगस्टिनसन, काजुस्ते, लार्सन, कुलुसेवस्की, फोर्सबर्ग, इलांगा, इसाक। ट्यूनीशिया: डहमेन, वालरी, मरियह, टालबी, आब्दी, स्केहिरी, लैदौनी, बेन सुलेमान, अचौरी, म्साकनी, जेबाली।
FIFA वर्ल्ड कप में पहली बार खेलेगी कुरासाओ की टीम:4 बार की चैंपियन जर्मनी से मुकाबला; टूर्नामेंट में 16 साल बाद नीदरलैंड-जापान की भिड़ंत

FIFA वर्ल्ड कप 2026 में आज चार बार की वर्ल्ड चैंपियन जर्मनी का मुकाबला पहली बार वर्ल्ड कप खेल रही कुरासाओ से होगा। यह मैच ह्यूस्टन स्टेडियम में भारतीय समयानुसार आज रात 10:30 बजे से शुरू होगा। दूसरा मुकाबला नीदरलैंड और जापान के बीच भारतीय समयानुसार 15 जून को डलास स्टेडियम में खेला जाएगा। यह मैच रात 1:30 बजे से शुरू होगा। 15 को ही सुबह 4:30 बजे से आइवरी कोस्ट और इक्वाडोर की भिड़ंत फिलाडेल्फिया स्टेडियम में होगी। वहीं सुबह 7:30 बजे से स्वीडन और ट्यूनीशिया के बीच मोंटेरे स्टेडियम में मुकाबला शुरु होगा। मैच-9: जर्मनी के खिलाफ डेब्यू करेगी कुरासाओ की टीम ग्रुप-E में शामिल 4 बार की वर्ल्ड चैंपियन जर्मनी और कैरेबियाई देश कुरासाओ के बीच यह पहला मुकाबला होगा। कुरासाओ इतिहास में पहली बार FIFA वर्ल्ड कप खेल रही है। कुरासाओ दिग्गज कोच डिक एडवोकेट के मार्गदर्शन में टूर्नामेंट में उतरी है। वहीं जर्मनी को फ्लोरियन विर्ट्ज और जमाल मुसियाला जैसे युवा सितारों से अच्छे प्रदर्शन की उम्मीद होगी। दोनों टीमों की पॉसिबल स्टार्टिंग इलेवन: जर्मनी: नोयर, किमिच, ताह, रुडिगर, रॉम, गोरेट्जका, पावलोविच, विर्ट्ज, मुसियाला, हावर्ट्ज, उंडाव। कुरासाओ: रूम, ब्रेनेट, गारी, ओबिस्पो, फ्लोरानस, एल. बकुना, जे. बकुना, गोरे, चोंग, कस्तानीर, मार्गरीथा। मैच-10: 16 साल बाद वर्ल्ड कप में नीदरलैंड और जापान की भिड़ंत ग्रुप-E में शामिल नीदरलैंड और जापान के बीच अब तक कुल 3 इंटरनेशनल मुकाबले खेले गए हैं। नीदरलैंड का पलड़ा भारी है, जिसने 2 मैचों में जीत दर्ज की है। वहीं 1 मुकाबला ड्रॉ रहा है। जापान की टीम अब तक नीदरलैंड के खिलाफ एक भी मैच नहीं जीत सकी है। FIFA वर्ल्ड कप के इतिहास में दोनों टीमें पूरे 16 साल बाद आमने-सामने होंगी। इससे पहले दोनों की भिड़ंत साल 2010 के वर्ल्ड कप में हुई थी, जहां नीदरलैंड ने 1-0 से जीत दर्ज की थी। डच टीम को अपने स्टार फॉरवर्ड मेम्फिस डेपे और विंगर कोडी गैकपो से गोल की उम्मीद होगी। वहीं जापानी टीम का दारोमदार उनके सबसे भरोसेमंद मिडफील्डर वतारू एंडो और क्रिएटिव विंगर ताकेफूसा कुबो पर टिका होगा। दोनों टीमों की पॉसिबल स्टार्टिंग इलेवन: नीदरलैंड: वेरब्रूगेन, डमफ्राइज, डी विज, वेन डाइक, अके, शुटेन, रीजेंडर्स, सिमंस, विफर, गैकपो, डेपे। जापान: सुजुकी, सुगावारा, इटाकुरा, माचिदा, इटो, एंडो, मोरीता, मितामो, कुबो, डुआन, उएदा। मैच-11: आइवरी कोस्ट और इक्वाडोर के बीच पहली भिड़ंत ग्रुप-F में शामिल आइवरी कोस्ट और इक्वाडोर इससे पहले सिर्फ 1 बार इंटरनेशनल में आमने-सामने थे। वह मैच इक्वाडोर ने जीता था। FIFA वर्ल्ड कप के इतिहास में दोनों टीमें पहली बार एक-दूसरे के खिलाफ मैदान पर उतरेंगी। आइवरी कोस्ट की टीम अपने स्टार फॉरवर्ड सेबेस्टियन हॉलर के दम पर वर्ल्ड कप में विजयी शुरुआत करना चाहेगी, जबकि इक्वाडोर की नजरें अपने कप्तान एनेर वैलेंसिया पर टिकी होंगी। दोनों टीमों की पॉसिबल स्टार्टिंग इलेवन: आइवरी कोस्ट: फोफाना, सिंगो, डियोमंडे, एनडिका, कोनाटे, केसी, सेरी, सेंगारे, डिंग्रा, हॉलर, पेपे। इक्वाडोर: डोमिंगुएज़, प्रेसिआडो, टोरेस, पाचो, हिंकापी, ग्रुएज़ो, कैसिडो, पेज़, यैन्ज़े, सर्मिएंतो, वैलेंसिया। मैच-12: स्वीडन और ट्यूनीशिया के बीच बराबरी की टक्कर ग्रुप-F में शामिल स्वीडन और ट्यूनीशिया के बीच अब तक कुल 4 इंटरनेशनल मुकाबले खेले जा चुके हैं। दोनों टीमों ने 1-1 मैच जीता है, जबकि 2 मुकाबले ड्रॉ रहे हैं। FIFA वर्ल्ड कप के इतिहास में दोनों टीमें पहली बार आपस में टकराएंगी। स्वीडन की टीम को अपने स्टार स्ट्राइकर अलेक्जेंडर इसाक से बड़े प्रदर्शन की उम्मीद होगी, वहीं ट्यूनीशिया की टीम अपने मजबूत डिफेंस के दम पर यूरोपीय टीम को रोकने की कोशिश करेगी। दोनों टीमों की पॉसिबल स्टार्टिंग इलेवन: स्वीडन: ओल्सन, होमग्रेन, हिएन, लिंडेलोफ, ऑगस्टिनसन, काजुस्ते, लार्सन, कुलुसेवस्की, फोर्सबर्ग, इलांगा, इसाक। ट्यूनीशिया: डहमेन, वालरी, मरियह, टालबी, आब्दी, स्केहिरी, लैदौनी, बेन सुलेमान, अचौरी, म्साकनी, जेबाली।
विमेंस टी-20 वर्ल्डकप में नौवीं बार भारत Vs पाकिस्तान:इंडिया ने 6 बार हराया; कप्तान फातिमा सना का खेलना मुश्किल

विमेंस टी-20 वर्ल्ड कप में आज भारत और पाकिस्तान का मुकाबला एजबेस्टन स्टेडियम में शाम 7 बजे शुरू होगा। टूर्नामेंट में दोनों टीमों का यह पहला मैच होगा। भारत पिछले टी-20 वर्ल्ड कप में सेमीफाइनल तक पहुंचा था। वहीं पाकिस्तान ग्रुप स्टेज से बाहर हो गया था। भारत और पाकिस्तान के बीच 16 टी-20 मुकाबले हुए हैं। इनमें भारत ने 13 और पाकिस्तान ने 3 मैच जीते हैं। टी-20 वर्ल्ड कप में दोनों टीमें 8 बार आमने-सामने हुई हैं। भारत ने 6 और पाकिस्तान ने 2 मैच जीते हैं। पिछले साल पहली बार वनडे वर्ल्ड कप जीतने वाली भारतीय टीम अब टी-20 वर्ल्ड कप जीतकर लगातार दूसरा ICC खिताब हासिल करना चाहेगी। वहीं पाकिस्तान की टीम हाल ही में बांग्लादेश को टी-20 सीरीज में 3-0 से हराकर टूर्नामेंट में पहुंची है। फातिमा की फिटनेस पर सस्पेंस शनिवार को प्रैक्टिस के दौरान पाकिस्तानी कप्तान फातिमा सना चोटिल हो गईं। टीममेट आयशा जफर का शॉट उनके दाएं घुटने पर लगा। चोट के बाद वे अभ्यास नहीं कर सकीं। उनका खेलना मुश्किल माना जा रहा है। शेफाली-मंधाना पर बड़ी जिम्मेदारी तीसरे नंबर पर किसे मौका? भारतीय टीम मैनेजमेंट के लिए टीम सिलेक्शन भी सिरदर्द बना हुआ है। तीसरे नंबर पर यस्तिका भाटिया और भारती फुलमाली में से किसी एक को मौका मिल सकता है। दोनों खिलाड़ियों ने हाल के महीनों में अच्छा प्रदर्शन किया है। पाकिस्तान के लिए फातिमा सबसे बड़ी उम्मीद मौसम साफ रहेगा बर्मिंघम में रविवार को मौसम क्रिकेट के लिए अनुकूल रहने की उम्मीद है। तापमान 10 से 19 डिग्री सेल्सियस के बीच रहेगा। बारिश की संभावना 20 प्रतिशत है। हालांकि बादल और हवा के कारण शुरुआती ओवरों में तेज गेंदबाजों को स्विंग मिल सकती है। एजबेस्टन की पिच कैसी रहेगी? 21 हजार दर्शकों की क्षमता वाले एजबेस्टन स्टेडियम की पिच बल्लेबाजों और गेंदबाजों दोनों को मदद देती है। नई गेंद से तेज गेंदबाजों को मूवमेंट मिलता है, जबकि मैच आगे बढ़ने पर स्पिनरों की भूमिका बढ़ती है। इस मैदान पर महिला टी-20 इंटरनेशनल में पहली पारी का औसत स्कोर 145 रन है। 150 से ज्यादा का स्कोर चैलेंजिंग माना जाता है। यहां पहले बल्लेबाजी करने वाली टीम 10 और लक्ष्य का पीछा करने वाली टीम 9 मुकाबले जीत चुकी है। पॉसिबल प्लेइंग-11 भारत: स्मृति मंधाना, शेफाली वर्मा, यास्तिका भाटिया/भारती फुलमाली, हरमनप्रीत कौर (कप्तान), जेमिमा रोड्रिग्स, ऋचा घोष (विकेटकीपर), दीप्ति शर्मा, श्रेयंका पाटिल, क्रांति गौड़, नंदिनी शर्मा, श्री चरणी। पाकिस्तान: मुनीबा अली (विकेटकीपर), गुल फिरोजा, आयशा जफर, आलिया रियाज, फातिमा सना (कप्तान), इमन फातिमा, इरम जावेद, तुबा हसन, डायना बेग, नशरा संधू, सादिया इकबाल। कहां देख सकेंगे मैच मैच का लाइव टेलीकास्ट स्टार स्पोर्ट्स नेटवर्क पर होगा। लाइव स्ट्रीमिंग जियोहॉटस्टार पर उपलब्ध रहेगी। दैनिक भास्कर एप पर भी आप मैच का LIVE ब्लॉग, मोमेंट्स, रिकॉर्ड्स पढ़ सकते हैं।
कॉन्टैक्ट लेंस सुरक्षा: आपकी आँखों में कांटेक्ट लेंस क्या हैं? जान लें कि इसे काफी देर तक सुरक्षित रखा जा सकता है

आप कब तक कॉन्टैक्ट लेंस पहन सकते हैं: प्लांट के झंझट से बचने और अपने लुक को बेहतर बनाने के लिए कंसल्टेक्ट स्पेक्ट्रम का इस्तेमाल काफी आम हो गया है। ऑफिस जाना हो, कोई पार्टी हो या फिर कॉलेज, बहुत से लोग रोज़ अपनी आँखों में प्लास्टिक लगाना पसंद करते हैं। यह तो शुरू हुआ है, लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि एक दिन या लगातार कई घंटों तक अपनी आंखें सुरक्षित रखें? तो जानें कि कंजेक्टेक्ट स्टॉक स्केल का सही तरीका और सुरक्षित समय क्या है। स्थिर को कितनी देर तक चलाना सुरक्षित है? आंखों के मूल्यांकन के अनुसार, कंसल्टैक्ट स्थिरता की एक निश्चित समय सीमा होती है। एक दिन में ज्यादातर 8 से 10 घंटे तक आपको हीकेंडेंट स्टेक-सेल्स की सुविधा मिलती है। कुछ विशेष प्रकार के सिलिकॉन सिलिकॉन जेल को 12 से 14 घंटे तक पहना जा सकता है, लेकिन यह आपके डॉक्टर की सलाह पर मान्य है।हमारी आंखों की पुतली को स्वस्थ रहने के लिए हवा से सीधे ऑक्सीजन की आवश्यकता होती है। जब हम लंबे समय तक स्टेरॉयड और लाल स्टॉल तक पहुंच गए, तो आंखों तक ऑक्सीजन ठीक से नहीं पहुंच पाई। कौन सा स्थिर उपकरण सोना सही है? यह सबसे बड़ी घटना एक है जो लोग अक्सर करते हैं। समय हमारे बंद हो गए हैं, और अगर अंदर स्टेकलेस लगा हो, तो आंखों को ऑक्सीजन बिल्कुल नहीं मिलती। इससे आंखों में संक्रमण का खतरा कई गुना बढ़ जाता है। गंभीर मामलों में, जैसे कॉर्नियल अल्सर यानी आंखों की रोशनी पर घाव भी हो सकता है, जिससे आंखों की रोशनी जाने का खतरा रहता है। अगर आपको झपकी भी लेनी है, तो पहले अपना स्थिरीकरण लें। किन बातों का रखना होगा खास तरीका? यदि आप नियमित रूप से इलेक्ट्रोस्टैटिक उपकरण रखते हैं, तो अपनी आंखों की सुरक्षा के लिए इन बातों का ध्यान रखना बेहद जरूरी है। हाथों की सफाई: स्थिर को प्लास्टिक, ड्रेन या यूनिट से पहले अपने हाथों को साबुन से अच्छी तरह धोकर सुखा लें। सही समाधान का प्रयोग किया गया: स्थिर को साफ करने और स्टोर करने के लिए हमेशा अच्छे क्वालिटी के स्थिर समाधान का ही उपयोग करें। कभी भी पानी या प्लेस से प्लास्टिक को साफ न करें। पानी से दूरी: नहाते समय, पानी में तैरते समय या बारिश में भीगते समय, कभी भी स्थिर स्थिर स्थिर उपकरण। पानी में मौजूद स्थिर स्थिर उपकरणों से आंखों में गंभीर संक्रमण हो सकता है। मेकअप का सही तरीका: हमेशा पहले पोर्टेबल, और उसके बाद आंखों का मेकअप करें। इसी तरह, मेकअप हटाने से पहले हमेशा के लिए प्लास्टिक को हटा दें। इलेक्ट्रिकल की समाप्ति तिथि: हर स्थिर की एक लाइफ़ है। एक्सपायरी डेट के बाद कभी भी पुराने प्लास्टिक का इस्तेमाल नहीं किया जा सकता। डॉक्टर के पास कब जाएं? अगर आपको स्थिर दर्द या तकलीफ हो रही है या आंखें बहुत ज्यादा लाल हो गई हैं, तो डॉक्टर से सलाह जरूर लें। इसके अलावा अगर आपकी आंखें लगातार पानी में डूबी या खराब दिख रही हैं तो डॉक्टर के पास जरूर जाएं। अगर आपकी आंखों में रोशनी कम हो रही है, तो डॉक्टर से सलाह लेना जरूरी है। इलेक्ट्रानिक इलेक्ट्रोस्टैटिक उपकरण पूरी तरह से सुरक्षित है, आप इसकी गुणवत्ता का सही से पालन करें। अपनी आंखों को आराम दें, साफ-सफाई का ध्यान रखें और तय समय से ज्यादा न खरीदें। यह अवश्य पढ़ें: लौकी का जूस: किन लोगों को नहीं चाहिए लौकी का जूस? फायदे की जगह नुकसान हो सकता है; जानिए सेवन का सही तरीका अस्वीकरण: इस लेख में बताए गए तरीके, तरीके और दावे अलग-अलग विद्वानों पर आधारित हैं। रिपब्लिक भारत लेख में दी गई जानकारी के सही होने का दावा नहीं किया गया है। किसी भी उपचार और सुझाव को पहले डॉक्टर या डॉक्टर की सलाह से अवश्य लें।
एंथ्रोपिक का सबसे एडवांस्ड AI मॉडल दुनियाभर में बंद:अमेरिकी सरकार को साइबर हमले का डर, विदेशी नागरिकों तक पहुंच रोकने का आदेश दिया था

AI स्टार्टअप कंपनी एंथ्रोपिक ने अपने सबसे एडवांस AI मॉडल्स ‘क्लाउड फेबल 5’ और ‘मिथॉस 5’ को दुनियाभर में बंद कर दिया है। कंपनी ने यह फैसला अमेरिकी सरकार के उस आदेश के बाद लिया है, जिसमें विदेशी नागरिकों के लिए इन मॉडल्स के इस्तेमाल पर रोक लगाने को कहा गया था। अब भारतीयों समेत कोई भी गैर-अमेरिकी नागरिक इनका इस्तेमाल नहीं कर पाएगा। अमेरिकी अधिकारियों ने इसके पीछे नेशनल सिक्योरिटी और साइबर हमलों के खतरे का हवाला दिया है। यह पहली बार है जब किसी सरकार ने हार्डवेयर या चिप्स के बजाय सीधे AI सॉफ्टवेयर के इस्तेमाल पर प्रतिबंध लगाया है। जेलब्रेक के जरिए साइबर हमले का डर अमेरिकी सरकार को डर है कि इन एडवांस AI मॉडल के जरिए सुरक्षा घेरे को ‘जेलब्रेक’ यानी डिजिटल जेल को बाईपास किया जा सकता है। ऐसा होने पर इनका इस्तेमाल कंप्यूटर सिस्टम्स में कमियां ढूंढने, सरकारी डेटा हैक करने या बैंकिंग सिस्टम और क्रिटिकल इंफ्रास्ट्रक्चर पर बड़े साइबर हमले करने के लिए किया जा सकता है। ‘द वॉल स्ट्रीट जर्नल’ की एक रिपोर्ट के मुताबिक, अमेजॉन के रिसर्चर्स ने एक टेस्टिंग के दौरान कुछ खास प्रॉम्प्ट्स का इस्तेमाल करके एंथ्रोपिक के मॉडल से सॉफ्टवेयर की कुछ कमियां निकलवा ली थीं। इसकी जानकारी अमेरिकी वाणिज्य विभाग को दी गई, जिसके तुरंत बाद यह कड़ा एक्शन लिया गया। कंपनी बोली- पाबंदी का फैसला गलत इस मामले पर एंथ्रोपिक का कहना है कि सरकार का यह फैसला एक बड़ी गलतफहमी का नतीजा है। कंपनी के मुताबिक, जो कमियां पाई गई थीं, वे बहुत सीमित थीं और वैसी कमियां बाजार में मौजूद दूसरे पब्लिक AI मॉडल्स भी ढूंढ सकते हैं। इसके लिए इतने बड़े पैमाने पर पूरी दुनिया में बैन लगाना सही नहीं है। कंपनी ने बताया कि लॉन्चिंग से पहले उन्होंने अमेरिकी सरकारी एजेंसियों और ब्रिटेन के AI सेफ्टी इंस्टीट्यूट के साथ हफ्तों तक इसकी टेस्टिंग की थी, तब किसी को ऐसा कोई बड़ा खतरा नहीं मिला था। कंपनी अब सरकार से बातचीत कर रही है ताकि इस एक्सेस को जल्द से जल्द बहाल किया जा सके। तब तक यूजर्स कंपनी के बाकी पुराने AI मॉडल्स का इस्तेमाल कर सकते हैं। ट्रंप प्रशासन के साथ पहले से चल रहा था विवाद एंथ्रोपिक और ट्रंप प्रशासन के बीच पिछले कुछ महीनों से तनाव चल रहा है। दरअसल, कंपनी ने अमेरिकी सुरक्षा एजेंसियों को डोमेस्टिक सर्विलांस (घरेलू जासूसी) और पूरी तरह से ऑटोमैटिक चलने वाले हथियारों में अपने AI मॉडल का इस्तेमाल करने देने से मना कर दिया था। इसके बाद पेंटागन ने एंथ्रोपिक को ‘सप्लाई-चेन रिस्क’ की लिस्ट में डाल दिया था। यह विवाद ऐसे समय में बढ़ा है जब कंपनी शेयर बाजार में अपना IPO लाने की तैयारी कर रही है, जिससे उसकी मार्केट वैल्यू करीब 1 ट्रिलियन डॉलर (लगभग 92 लाख करोड़ रुपए) आंकी जा रही है। जोहो फाउंडर श्रीधर वेम्बू बोले- ग्लोबलाइजेशन अब खत्म अब तक अमेरिका का ध्यान सिर्फ AI चिप्स और सेमीकंडक्टर टेक्नोलॉजी को दूसरे देशों (विशेषकर चीन) तक पहुंचने से रोकने पर था। लेकिन सॉफ्टवेयर पर लगे इस नए बैन ने पूरी दुनिया को चौंका दिया है। भारतीय टेक कंपनी जोहो के फाउंडर श्रीधर वेम्बू ने इस फैसले पर चिंता जताते हुए इसे भारत के लिए एक बड़ा वेक-अप कॉल बताया है। वेम्बू ने कहा कि अब ग्लोबलाइजेशन खत्म हो चुका है। भारत को अब विदेशी कंपनियों पर निर्भर रहने के बजाय तेजी से अपनी खुद की सॉवरेन AI क्षमताएं डेवलप करनी चाहिए और ओपन-सोर्स मॉडल्स को बढ़ावा देना चाहिए, क्योंकि भविष्य में कोई भी देश कभी भी अपनी टेक्नोलॉजी का एक्सेस बंद कर सकता है। नॉलेज बॉक्स: क्या होता है ‘जेलब्रेक’ और ‘सॉवरेन AI’? जेलब्रेक: AI मॉडल्स में कुछ सुरक्षा नियम सेट किए जाते हैं, ताकि वे बम बनाना, साइबर हमला करना या अवैध काम सिखाने जैसी जानकारियां न दें। जब कोई हैकर या यूजर चालाकी से इन नियमों को तोड़कर AI से प्रतिबंधित जानकारी निकलवा लेता है, तो उसे ‘जेलब्रेक’ कहते हैं। सॉवरेन AI: किसी देश की ओर से खुद के डेटा, इंफ्रास्ट्रक्चर और वैज्ञानिकों की मदद से तैयार किया गया घरेलू AI सिस्टम। इस पर किसी बाहरी देश या विदेशी कंपनी का नियंत्रण नहीं होता। ———— ये खबर भी पढ़ें… मिथॉस AI से बैंकिंग सिस्टम पर साइबर हमले का खतरा: वित्त मंत्री सीतारमण ने हाई-लेवल मीटिंग की; क्या है मिथॉस और यह क्यों खतरनाक वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने गुरुवार को बैंकों के प्रमुखों के साथ एक हाई-लेवल मीटिंग की। इस बैठक में एंथ्रोपिक के ‘क्लॉड मिथॉस’ AI मॉडल से बैंकिंग सेक्टर को होने वाले संभावित खतरों पर चर्चा की गई। यह एआई मॉडल इतना एडवांस है कि हैकर इसका इस्तेमाल दशकों पुरानी अज्ञात खामियों को खोजकर फाइनेंशियल सेक्टर पर साइबर हमले कर सकते हैं। पूरी खबर पढ़ें…
एंथ्रोपिक का सबसे एडवांस्ड AI मॉडल दुनियाभर में बंद:अमेरिकी सरकार को साइबर हमले का डर, विदेशी नागरिकों तक पहुंच रोकने का आदेश दिया था

AI स्टार्टअप कंपनी एंथ्रोपिक ने अपने सबसे एडवांस AI मॉडल्स ‘क्लाउड फेबल 5’ और ‘मिथॉस 5’ को दुनियाभर में बंद कर दिया है। कंपनी ने यह फैसला अमेरिकी सरकार के उस आदेश के बाद लिया है, जिसमें विदेशी नागरिकों के लिए इन मॉडल्स के इस्तेमाल पर रोक लगाने को कहा गया था। अब भारतीयों समेत कोई भी गैर-अमेरिकी नागरिक इनका इस्तेमाल नहीं कर पाएगा। अमेरिकी अधिकारियों ने इसके पीछे नेशनल सिक्योरिटी और साइबर हमलों के खतरे का हवाला दिया है। यह पहली बार है जब किसी सरकार ने हार्डवेयर या चिप्स के बजाय सीधे AI सॉफ्टवेयर के इस्तेमाल पर प्रतिबंध लगाया है। जेलब्रेक के जरिए साइबर हमले का डर अमेरिकी सरकार को डर है कि इन एडवांस AI मॉडल के जरिए सुरक्षा घेरे को ‘जेलब्रेक’ यानी डिजिटल जेल को बाईपास किया जा सकता है। ऐसा होने पर इनका इस्तेमाल कंप्यूटर सिस्टम्स में कमियां ढूंढने, सरकारी डेटा हैक करने या बैंकिंग सिस्टम और क्रिटिकल इंफ्रास्ट्रक्चर पर बड़े साइबर हमले करने के लिए किया जा सकता है। ‘द वॉल स्ट्रीट जर्नल’ की एक रिपोर्ट के मुताबिक, अमेजॉन के रिसर्चर्स ने एक टेस्टिंग के दौरान कुछ खास प्रॉम्प्ट्स का इस्तेमाल करके एंथ्रोपिक के मॉडल से सॉफ्टवेयर की कुछ कमियां निकलवा ली थीं। इसकी जानकारी अमेरिकी वाणिज्य विभाग को दी गई, जिसके तुरंत बाद यह कड़ा एक्शन लिया गया। कंपनी बोली- पाबंदी का फैसला गलत इस मामले पर एंथ्रोपिक का कहना है कि सरकार का यह फैसला एक बड़ी गलतफहमी का नतीजा है। कंपनी के मुताबिक, जो कमियां पाई गई थीं, वे बहुत सीमित थीं और वैसी कमियां बाजार में मौजूद दूसरे पब्लिक AI मॉडल्स भी ढूंढ सकते हैं। इसके लिए इतने बड़े पैमाने पर पूरी दुनिया में बैन लगाना सही नहीं है। कंपनी ने बताया कि लॉन्चिंग से पहले उन्होंने अमेरिकी सरकारी एजेंसियों और ब्रिटेन के AI सेफ्टी इंस्टीट्यूट के साथ हफ्तों तक इसकी टेस्टिंग की थी, तब किसी को ऐसा कोई बड़ा खतरा नहीं मिला था। कंपनी अब सरकार से बातचीत कर रही है ताकि इस एक्सेस को जल्द से जल्द बहाल किया जा सके। तब तक यूजर्स कंपनी के बाकी पुराने AI मॉडल्स का इस्तेमाल कर सकते हैं। ट्रंप प्रशासन के साथ पहले से चल रहा था विवाद एंथ्रोपिक और ट्रंप प्रशासन के बीच पिछले कुछ महीनों से तनाव चल रहा है। दरअसल, कंपनी ने अमेरिकी सुरक्षा एजेंसियों को डोमेस्टिक सर्विलांस (घरेलू जासूसी) और पूरी तरह से ऑटोमैटिक चलने वाले हथियारों में अपने AI मॉडल का इस्तेमाल करने देने से मना कर दिया था। इसके बाद पेंटागन ने एंथ्रोपिक को ‘सप्लाई-चेन रिस्क’ की लिस्ट में डाल दिया था। यह विवाद ऐसे समय में बढ़ा है जब कंपनी शेयर बाजार में अपना IPO लाने की तैयारी कर रही है, जिससे उसकी मार्केट वैल्यू करीब 1 ट्रिलियन डॉलर (लगभग 92 लाख करोड़ रुपए) आंकी जा रही है। जोहो फाउंडर श्रीधर वेम्बू बोले- ग्लोबलाइजेशन अब खत्म अब तक अमेरिका का ध्यान सिर्फ AI चिप्स और सेमीकंडक्टर टेक्नोलॉजी को दूसरे देशों (विशेषकर चीन) तक पहुंचने से रोकने पर था। लेकिन सॉफ्टवेयर पर लगे इस नए बैन ने पूरी दुनिया को चौंका दिया है। भारतीय टेक कंपनी जोहो के फाउंडर श्रीधर वेम्बू ने इस फैसले पर चिंता जताते हुए इसे भारत के लिए एक बड़ा वेक-अप कॉल बताया है। वेम्बू ने कहा कि अब ग्लोबलाइजेशन खत्म हो चुका है। भारत को अब विदेशी कंपनियों पर निर्भर रहने के बजाय तेजी से अपनी खुद की सॉवरेन AI क्षमताएं डेवलप करनी चाहिए और ओपन-सोर्स मॉडल्स को बढ़ावा देना चाहिए, क्योंकि भविष्य में कोई भी देश कभी भी अपनी टेक्नोलॉजी का एक्सेस बंद कर सकता है। नॉलेज बॉक्स: क्या होता है ‘जेलब्रेक’ और ‘सॉवरेन AI’? जेलब्रेक: AI मॉडल्स में कुछ सुरक्षा नियम सेट किए जाते हैं, ताकि वे बम बनाना, साइबर हमला करना या अवैध काम सिखाने जैसी जानकारियां न दें। जब कोई हैकर या यूजर चालाकी से इन नियमों को तोड़कर AI से प्रतिबंधित जानकारी निकलवा लेता है, तो उसे ‘जेलब्रेक’ कहते हैं। सॉवरेन AI: किसी देश की ओर से खुद के डेटा, इंफ्रास्ट्रक्चर और वैज्ञानिकों की मदद से तैयार किया गया घरेलू AI सिस्टम। इस पर किसी बाहरी देश या विदेशी कंपनी का नियंत्रण नहीं होता। ———— ये खबर भी पढ़ें… मिथॉस AI से बैंकिंग सिस्टम पर साइबर हमले का खतरा: वित्त मंत्री सीतारमण ने हाई-लेवल मीटिंग की; क्या है मिथॉस और यह क्यों खतरनाक वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने गुरुवार को बैंकों के प्रमुखों के साथ एक हाई-लेवल मीटिंग की। इस बैठक में एंथ्रोपिक के ‘क्लॉड मिथॉस’ AI मॉडल से बैंकिंग सेक्टर को होने वाले संभावित खतरों पर चर्चा की गई। यह एआई मॉडल इतना एडवांस है कि हैकर इसका इस्तेमाल दशकों पुरानी अज्ञात खामियों को खोजकर फाइनेंशियल सेक्टर पर साइबर हमले कर सकते हैं। पूरी खबर पढ़ें…






