Tuesday, 06 Oct 2026 | 12:12 PM

Trending :

एक्ट्रेस नोरा फतेही फिर आईं जयपुर,रॉयल्स’ की शूटिंग कर रहीं:सेलिना जेटली ने फैंस को दिए गिफ्ट, एयरपोर्ट पर फोटो खिंचवाती नजर आईं दोनों अभिनेत्री अरबाज की बेटी सिपारा का पहला बर्थडे सेलिब्रेशन:अस्पताल से डिस्चार्ज होने के महीनों बाद दिखे सलीम खान, सलमान समेत पूरा परिवार शामिल अरबाज की बेटी सिपारा का पहला बर्थडे सेलिब्रेशन:अस्पताल से लौटने के महीनों बाद दिखे सलीम खान, सलमान समेत पूरा परिवार शामिल हुआ Medicine Nobel Prize Winners | Nomadic Elephant 2026 Military Exercise महाराष्ट्र साइबर पुलिस के समन पर हनी सिंह नहीं पहुंचे:गाड़ियों में शारीरिक संबंधों पर टिप्पणी मामले में मांगा और समय; अरेस्ट वारंट मांगेगी पुलिस महाराष्ट्र साइबर पुलिस के समन पर हनी सिंह नहीं पहुंचे:गाड़ियों में शारीरिक संबंधों पर टिप्पणी मामले में मांगा और समय
EXCLUSIVE

एक्शन थ्रिलर:सलमान-नयनतारा मुंबई में पूरे करेंगे बड़े स्टंट, नया शूट 10 जून से होगा शुरू

एक्शन थ्रिलर:सलमान-नयनतारा मुंबई में पूरे करेंगे बड़े स्टंट, नया शूट 10 जून से होगा शुरू

सलमान खान की अगली फिल्म को लेकर हलचल तेज हो गई है। नयनतारा के साथ उनकी पहली ऑनस्क्रीन जोड़ी वाली इस एक्शन थ्रिलर की शूटिंग अब मुंबई के बांद्रा इलाके में होने जा रही है। मनाली शेड्यूल पूरा करने के बाद फिल्म की टीम 10 जून से मुंबई के नए शेड्यूल की शुरुआत करेगी, जहां सलमान और नयनतारा कई बड़े एक्शन सीक्वेंस फिल्माएंगे। सूत्रों के मुताबिक बांद्रा और उसके आसपास के कई वास्तविक लोकेशंस पर शूटिंग होगी, क्योंकि निर्देशक वामशी पेडिपल्ली इन सीन्स को पूरी तरह शहरी परिवेश और रियल टेक्सचर के साथ परदे पर उतारना चाहते हैं। फिल्म में चेज सीक्वेंस, व्हीकल बेस्ड स्टंट, क्लोज-कॉम्बैट फाइट्स और भीड़ के बीच फिल्माए जाने वाले हाई-वोल्टेज एक्शन सीन्स शामिल हैं। नए शेड्यूल की खासियत एक विशाल एक्शन सेट-पीस होगा फिल्म के इस नए शेड्यूल की सबसे बड़ी खासियत एक विशाल एक्शन सेट-पीस बताया जा रहा है, जिसे कहानी का टर्निंग पॉइंट माना जा रहा है। सूत्रों के अनुसार यह सीक्वेंस एक पीछा करने वाली घटना से शुरू होगा और धीरे-धीरे बड़े टकराव में बदल जाएगा। निर्माता दिल राजू इस फिल्म को पैन-इंडिया स्तर पर डेवलप कर रहे हैं और इसके एक्शन हिस्सों पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। मनाली के बाद मुंबई और फिर जुलाई में हैदराबाद में फिल्म का अगला बड़ा शेड्यूल रखा गया है। सलमान के खास लुक के लिए प्रीतीशील सिंह फिल्म से जुड़ीं फिल्म की तकनीकी तैयारियां भी बड़े स्तर पर चल रही हैं। सलमान के लुक के लिए चर्चित मेकअप और प्रॉस्थेटिक्स डिजाइनर प्रीतीशील सिंह को जोड़ा गया है, जो सुपरस्टार के लिए पहले कभी न देखे गए कई अलग-अलग लुक तैयार कर रही हैं। प्रीतीशील इससे पहले ‘धुरंधर’ फ्रेंचाइज, ‘करप्पु’, ‘छावा’, ‘खलनायक रिटर्न्स’ आदि में एक्टर्स के लुक पर काम कर चुकी हैं। म्यूजिक को लेकर भी चर्चा है कि अनिरुद्ध रविचंदर और थमन एस जैसे नाम प्रोजेक्ट से जुड़े हो सकते हैं। फिलहाल फिल्म को ईद 2027 पर रिलीज करने की योजना है। ऐसे में मुंबई में शुरू होने वाला यह नया एक्शन शेड्यूल फिल्म के सबसे अहम शेड्यूल्स में से एक माना जा रहा है। नयनतारा का किरदार भी सिर्फ ग्लैमर तक सीमित नहीं होगा फिल्म को लेकर हाल के हफ्तों में कई अन्य दिलचस्प जानकारियां भी सामने आई हैं। ट्रेड रिपोर्ट्स के मुताबिक फिल्म का संभावित टाइटल ‘द मैसेंजर्स’ बताया गया, हालांकि मेकर्स ने अभी इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं की है। रिपोर्ट्स यह भी बताती हैं कि यह एक इंटेंस स्पाई-एक्शन थ्रिलर होगी, जो सलमान की स्पाई ड्रामा फिल्म ‘टाइगर’ फ्रेंचाइज से अलग टोन और शैली में बनाई जा रही है। वहीं नयनतारा का किरदार भी सिर्फ ग्लैमर तक सीमित नहीं होगा, बल्कि उन्हें एक मजबूत और एक्शन-ओरिएंटेड भूमिका में पेश किया जाएगा। अप्रैल 2026 में मुंबई में फिल्म की शूटिंग आधिकारिक रूप से शुरू हुई थी और तभी से यह प्रोजेक्ट ट्रेड और दर्शकों के बीच चर्चा का विषय बना हुआ है।

जाह्नवी कपूर के सपोर्ट में आईं साउथ एक्ट्रेस:बोलीं- 'पेड्डी' विवाद में एक्ट्रेस को नहीं, मेकर्स को जिम्मेदार ठहराएं; मेकअप आर्टिस्ट ने भी किया बचाव

जाह्नवी कपूर के सपोर्ट में आईं साउथ एक्ट्रेस:बोलीं- 'पेड्डी' विवाद में एक्ट्रेस को नहीं, मेकर्स को जिम्मेदार ठहराएं; मेकअप आर्टिस्ट ने भी किया बचाव

एक्ट्रेस जाह्नवी कपूर की फिल्म ‘पेड्डी’ में उनके किरदार के जरूरत से ज्यादा बोल्ड बताने को लेकर विवाद बढ़ता जा रहा है। हालांकि अब जाह्नवी के समर्थन में उनकी मेकअप आर्टिस्ट सवलिन कौर मनचंदा और साउथ एक्ट्रेस डिंपल हयाती आ गई हैं। मेकअप आर्टिस्ट ने दावा किया है कि जाह्नवी ने पोस्ट प्रोडक्शन के दौरान आपत्तिजनक दृश्यों को हटाने की मांग की थी, जिसे डायरेक्टर ने नजरअंदाज कर दिया। वहीं डिंपल हयाती ने सोशल मीडिया पर पोस्ट लिखकर कहा है कि फिल्मों में महिलाओं के खराब चित्रण के लिए एक्ट्रेस को नहीं, बल्कि फिल्म मेकर्स और सिस्टम को जिम्मेदार ठहराया जाना चाहिए। मेकअप आर्टिस्ट बोलीं- डायरेक्टर ने मर्यादा की सीमा पार की जाह्नवी कपूर की मेकअप आर्टिस्ट सवलिन कौर मनचंदा ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट शेयर किया है। इसमें बताया गया है कि जाह्नवी कपूर ने फिल्म के पोस्ट प्रोडक्शन चरण के दौरान कुछ दृश्यों के शामिल होने पर सीधे सवाल उठाए थे। सवलिन के मुताबिक, जाह्नवी ने शूटिंग के समय ही कुछ विशेष कैमरा एंगल को लेकर अपनी पेशेवर सीमाएं तय कर दी थीं, लेकिन फिल्म के फाइनल एडिट में उन दृश्यों को नहीं हटाया गया। मेकअप आर्टिस्ट ने आरोप लगाया कि डायरेक्टर ने बॉक्स ऑफिस कलेक्शन के चक्कर में अभिनेत्री की सहमति और उनकी तय सीमाओं को पूरी तरह नजरअंदाज कर दिया। डिंपल हयाती ने मेकर्स और सिस्टम पर उठाए सवाल तेलुगु और तमिल फिल्मों की अभिनेत्री डिंपल हयाती ने भी इस विवाद पर अपनी बात रखी है। उन्होंने अपने एक्स अकाउंट पर लिखा कि यह अच्छी बात है कि आज अभिनेत्रियों के किरदारों को लिखे जाने के तरीके पर खुलकर बात हो रही है। डिंपल ने कहा कि किसी फिल्म के आने के बाद लोग तुरंत एक्ट्रेस को दोषी ठहराने लगते हैं, जबकि उसे वही करना पड़ता है जो ऑफर किया जाता है। असली गलती मेकर्स और सिस्टम की है, जो सोचते हैं कि फिल्मों में अंग प्रदर्शन ही बिकता है। अभिनेत्रियों को बेहतर अनुभव मिलना चाहिए डिंपल हयाती ने अपनी पोस्ट में आगे लिखा कि हमें अपनी पूरी क्षमता दिखाने का अवसर नहीं मिलता और एक खास इमेज में बांध दिया जाता है। इसके विपरीत, हीरो-केंद्रित फिल्मों में पुरुषों को पूरी आजादी मिलती है। उन्होंने कहा कि फिल्म निर्माण किसी एक व्यक्ति के फैसले पर निर्भर नहीं होता, लेकिन हम सब मिलकर यह मांग उठा सकते हैं कि सेट पर अभिनेत्रियों को बेहतर अनुभव और अच्छी फिल्में मिलनी चाहिए। अगर किसी महिला का किरदार कमजोर लिखा गया है, तो उसकी जिम्मेदारी लेखन और फिल्म मेकर के फैसलों पर है, न कि किरदार निभाने वाली महिला पर। क्या है फिल्म ‘पेड्डी’ का पूरा विवाद यह विवाद तब शुरू हुआ जब राम चरण स्टारर फिल्म ‘पेड्डी’ रिलीज हुई। दर्शकों ने फिल्म में जाह्नवी कपूर के किरदार ‘अचियम्मा’ के चित्रण पर नाराजगी जताई। लोगों का आरोप है कि फिल्म की कहानी से ज्यादा जाह्नवी के शारीरिक रूप को दिखाने पर ध्यान दिया है। इससे पहले जाह्नवी के फैन क्लब्स ने कुछ चैट के स्क्रीनशॉट भी शेयर किए थे, जिसमें जाह्नवी ने कैमरा एंगल पर आपत्ति जताई थी। विवाद बढ़ने पर डायरेक्टर बुच्ची बाबू सना ने जनता से सार्वजनिक माफी मांगी थी और आपत्तिजनक दृश्यों में बदलाव करने का वादा किया था।

जाह्नवी कपूर के सपोर्ट में आईं साउथ एक्ट्रेस:बोलीं- 'पेड्डी' विवाद में एक्ट्रेस को नहीं, मेकर्स को जिम्मेदार ठहराएं; मेकअप आर्टिस्ट ने भी किया बचाव

जाह्नवी कपूर के सपोर्ट में आईं साउथ एक्ट्रेस:बोलीं- 'पेड्डी' विवाद में एक्ट्रेस को नहीं, मेकर्स को जिम्मेदार ठहराएं; मेकअप आर्टिस्ट ने भी किया बचाव

एक्ट्रेस जाह्नवी कपूर की फिल्म ‘पेड्डी’ में उनके किरदार के जरूरत से ज्यादा बोल्ड बताने को लेकर विवाद बढ़ता जा रहा है। हालांकि अब जाह्नवी के समर्थन में उनकी मेकअप आर्टिस्ट सवलिन कौर मनचंदा और साउथ एक्ट्रेस डिंपल हयाती आ गई हैं। मेकअप आर्टिस्ट ने दावा किया है कि जाह्नवी ने पोस्ट प्रोडक्शन के दौरान आपत्तिजनक दृश्यों को हटाने की मांग की थी, जिसे डायरेक्टर ने नजरअंदाज कर दिया। वहीं डिंपल हयाती ने सोशल मीडिया पर पोस्ट लिखकर कहा है कि फिल्मों में महिलाओं के खराब चित्रण के लिए एक्ट्रेस को नहीं, बल्कि फिल्म मेकर्स और सिस्टम को जिम्मेदार ठहराया जाना चाहिए। मेकअप आर्टिस्ट बोलीं- डायरेक्टर ने मर्यादा की सीमा पार की जाह्नवी कपूर की मेकअप आर्टिस्ट सवलिन कौर मनचंदा ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट शेयर किया है। इसमें बताया गया है कि जाह्नवी कपूर ने फिल्म के पोस्ट प्रोडक्शन चरण के दौरान कुछ दृश्यों के शामिल होने पर सीधे सवाल उठाए थे। सवलिन के मुताबिक, जाह्नवी ने शूटिंग के समय ही कुछ विशेष कैमरा एंगल को लेकर अपनी पेशेवर सीमाएं तय कर दी थीं, लेकिन फिल्म के फाइनल एडिट में उन दृश्यों को नहीं हटाया गया। मेकअप आर्टिस्ट ने आरोप लगाया कि डायरेक्टर ने बॉक्स ऑफिस कलेक्शन के चक्कर में अभिनेत्री की सहमति और उनकी तय सीमाओं को पूरी तरह नजरअंदाज कर दिया। डिंपल हयाती ने मेकर्स और सिस्टम पर उठाए सवाल तेलुगु और तमिल फिल्मों की अभिनेत्री डिंपल हयाती ने भी इस विवाद पर अपनी बात रखी है। उन्होंने अपने एक्स अकाउंट पर लिखा कि यह अच्छी बात है कि आज अभिनेत्रियों के किरदारों को लिखे जाने के तरीके पर खुलकर बात हो रही है। डिंपल ने कहा कि किसी फिल्म के आने के बाद लोग तुरंत एक्ट्रेस को दोषी ठहराने लगते हैं, जबकि उसे वही करना पड़ता है जो ऑफर किया जाता है। असली गलती मेकर्स और सिस्टम की है, जो सोचते हैं कि फिल्मों में अंग प्रदर्शन ही बिकता है। अभिनेत्रियों को बेहतर अनुभव मिलना चाहिए डिंपल हयाती ने अपनी पोस्ट में आगे लिखा कि हमें अपनी पूरी क्षमता दिखाने का अवसर नहीं मिलता और एक खास इमेज में बांध दिया जाता है। इसके विपरीत, हीरो-केंद्रित फिल्मों में पुरुषों को पूरी आजादी मिलती है। उन्होंने कहा कि फिल्म निर्माण किसी एक व्यक्ति के फैसले पर निर्भर नहीं होता, लेकिन हम सब मिलकर यह मांग उठा सकते हैं कि सेट पर अभिनेत्रियों को बेहतर अनुभव और अच्छी फिल्में मिलनी चाहिए। अगर किसी महिला का किरदार कमजोर लिखा गया है, तो उसकी जिम्मेदारी लेखन और फिल्म मेकर के फैसलों पर है, न कि किरदार निभाने वाली महिला पर। क्या है फिल्म ‘पेड्डी’ का पूरा विवाद यह विवाद तब शुरू हुआ जब राम चरण स्टारर फिल्म ‘पेड्डी’ रिलीज हुई। दर्शकों ने फिल्म में जाह्नवी कपूर के किरदार ‘अचियम्मा’ के चित्रण पर नाराजगी जताई। लोगों का आरोप है कि फिल्म की कहानी से ज्यादा जाह्नवी के शारीरिक रूप को दिखाने पर ध्यान दिया है। इससे पहले जाह्नवी के फैन क्लब्स ने कुछ चैट के स्क्रीनशॉट भी शेयर किए थे, जिसमें जाह्नवी ने कैमरा एंगल पर आपत्ति जताई थी। विवाद बढ़ने पर डायरेक्टर बुच्ची बाबू सना ने जनता से सार्वजनिक माफी मांगी थी और आपत्तिजनक दृश्यों में बदलाव करने का वादा किया था। ये खबर भी पढ़ें जाह्नवी कपूर ने क्या विवादित शॉट्स पर जताई थी आपत्ति:एक्ट्रेस की कथित पर्सनल चैट लीक; दावा- पेड्डी में राम चरण ने डायरेक्टर को डांटा था फिल्म ‘पेड्डी’ को लेकर चल रहे विवाद के बीच अभिनेत्री जाह्नवी कपूर की एक कथित पर्सनल चैट सोशल मीडिया पर लीक हो गई है। जाह्नवी के फैन क्लब्स की तरफ से शेयर किए गए इन स्क्रीनशॉट्स में दावा किया जा रहा है कि अभिनेत्री ने फिल्म की शूटिंग के दौरान कुछ आपत्तिजनक कैमरा एंगल पर चिंता जताई थी। पूरी खबर पढ़ें

वैभव सूर्यवंशी बोले- मैं वर्ल्ड क्रिकेट को डोमिनेट करूंगा:मुझे रेड बॉल खेलना पसंद, कोहली के कंधे पर हाथ रखना सपने जैसा था

वैभव सूर्यवंशी बोले- मैं वर्ल्ड क्रिकेट को डोमिनेट करूंगा:मुझे रेड बॉल खेलना पसंद, कोहली के कंधे पर हाथ रखना सपने जैसा था

वैभव सूर्यवंशी के भारतीय क्रिकेट टीम में चुने जाने के बाद राजस्थान रॉयल्स ने सोशल मीडिया पर उनका एक इंटरव्यू शेयर किया है। इंटरव्यू के दौरान वैभव ने कहा कि वे आने वाले 20 साल तक सिर्फ क्रिकेट ही नहीं खेलेंगे, बल्कि वर्ल्ड क्रिकेट को डोमिनेट करने का काम करेंगे। वैभव ने कहा कि उनका सपना क्रिकेट के तीनों फॉर्मेट में खेलना है। राजस्थान रॉयल्स के टीम मैनेजर रोमी भिंडर के साथ इंटरव्यू में उन्होंने IPL 2026 के फाइनल मुकाबले का भी जिक्र किया और कहा, ‘जब विराट कोहली ने मेरे कंधे पर हाथ रखा तो मुझे ये किसी सपने की तरह लगा।’ बता दें वैभव सूर्यवंशी भारतीय क्रिकेट टीम में चुने गए अब तक के सबसे युवा खिलाड़ी बन गए हैं। 15 साल, 71 दिन के वैभव को जून-जुलाई में आयरलैंड और इंग्लैंड के खिलाफ टी-20 सीरीज के साथ-साथ सितंबर में होने वाले एशियन गेम्स के लिए चुना गया है। पढ़िए वैभव सूर्यवंशी का पूरा इंटरव्यू राजस्थान रॉयल्स की ओर से शेयर किए गए एक वीडियो में टीम मैनेजर रोमी भिंडर ने वैभव सूर्यवंशी से पूछा- IPL 2026 की पूरी जर्नी को किस तरह देखते हैं? इस पर वैभव ने कहा, “IPL का टूर्नामेंट दो से ढाई महीने तक चलता है। इसमें मेंटली और फिजिकली रूप से मजबूत रहना पड़ता है। हर मैच के बाद हम टीम में बैठकर चर्चा करते थे कि क्या कमी रह गई। कौन-सी गलती हुई और उसे दोबारा कैसे नहीं दोहराना है। इससे हमें काफी फायदा हुआ, क्योंकि आपस में बातचीत करने से बहुत कुछ सीखने को मिलता है।” ऑरेंज कैप छूने का शौक था, आज पहन रहा हूं रोमी भिंडर ने फिर एक पुराना किस्सा याद दिलाते हुए कहा- वैभव जब पहली बार आपको ऑरेंज कैप मिली थी, तब आप हनुमान मंदिर गए थे और कहा था कि ऑरेंज कैप के बारे में नहीं सोचेंगे, वरना नजर लग जाएगी। इस पर वैभव ने मुस्कुराते हुए कहा, “जब मैं IPL में किसी खिलाड़ी के सिर पर ऑरेंज कैप देखता था, तो सोचता था कि एक बार इसे छूकर देखूं, लेकिन आज मैं खुद इसे पहन रहा हूं, तो बहुत अच्छा लग रहा है। पूरे टूर्नामेंट के दौरान मैंने इसके बारे में नहीं सोचा, क्योंकि मुझे लगता है कि ज्यादा सोचने से नजर लग जाती है।” फाइनल खेलता तो और ज्यादा अच्छा लगता रोमी भिंडर ने वैभव से यह भी पूछा- क्या आप IPL 2026 के अपने परफॉर्मेंस से संतुष्ट हैं? वैभव ने कहा, “अगर आखिरी मैच में हम जल्दी विकेट नहीं गंवाते, तो शायद हम IPL 2026 का फाइनल देख नहीं रहे होते, बल्कि खेलते। अगर टीम ट्रॉफी जीतती और उसके बाद मुझे ये अवॉर्ड्स मिलते, तो ज्यादा खुशी होती।” उन्होंने आगे कहा, “लोग पूछते हैं कि दूसरी ट्रॉफी कब आएगी। मुझे उम्मीद है कि सिर्फ दूसरी ट्रॉफी ही नहीं, बल्कि आने वाले 20 सालों में तीसरी, चौथी और पांचवीं ट्रॉफी भी जीतेंगे।” मुझे रेड बॉल खेलना पसंद है सुनील गावस्कर से हुई बातचीत का जिक्र करते हुए वैभव सूर्यवंशी ने कहा- कई लोगों ने मुझसे पूछा था कि क्या मैं भविष्य में रेड-बॉल क्रिकेट खेलना चाहता हूं या नहीं। मैंने इसी सवाल का जवाब सुनील गावस्कर सर को भी दिया था कि मुझे रेड बॉल क्रिकेट खेलना पसंद है। मैं रेड-बॉल क्रिकेट के लिए लगातार प्रैक्टिस भी कर रहा हूं। अपने राज्य के लिए भी मैंने काफी रेड-बॉल मैच खेले हैं। रेड-बॉल और वनडे क्रिकेट में टीम की जरूरत के अनुसार, जिस तरह की बल्लेबाजी करनी होगी, मैं अपने खेल को उसी हिसाब से ढालूंगा।” वैभव ने आगे कहा, “मेरा सपना भारत के लिए तीनों फॉर्मेट खेलना है। बाकी सब कुछ भगवान पर छोड़ दिया है।” IPL में सिलेक्ट होने के बाद भगवान को 1 हजार बार थैंक्यू बोला वैभव सूर्यवंशी ने कहा, “जब IPL ऑक्शन में मेरे लिए बोली लगी थी, तब मेरे मन में यह सवाल आया था कि मुझ पर सिर्फ दो टीमों ने ही बोली क्यों लगाई। मुझे लगता था कि मैं अच्छा खेलता हूं और ट्रायल्स में भी मेरा प्रदर्शन अच्छा रहा था, इसलिए बाकी टीमों को भी मुझमें रुचि दिखानी चाहिए थी।” हालांकि, उन्होंने राजस्थान रॉयल्स के प्रति आभार जताते हुए कहा, “पिछले करीब डेढ़ साल से राजस्थान रॉयल्स का हिस्सा रहने के बाद मैं भगवान को कम-से-कम हजार बार धन्यवाद दे चुका हूं कि उन्होंने मुझे इस टीम तक पहुंचाया।” वैभव ने आगे कहा, “यहां सपोर्ट स्टाफ से लेकर ट्रेनर तक सभी लोग बेहद सपोर्टिव हैं। पूरी टीम एक परिवार की तरह है। सीनियर खिलाड़ी लगातार मेरा मार्गदर्शन करते हैं और मुझे उनसे बहुत कुछ सीखने को मिला है।” खेलते समय दिमाग को मजबूत रखना बेहद जरूरी मैच से पहले की तैयारी और विजुअलाइजेशन (मेनिफेस्टेशन) को लेकर वैभव सूर्यवंशी ने कहा, “मैं हर मैच से पहले सोचता हूं कि किस गेंदबाज के खिलाफ मुझे किस तरह बल्लेबाजी करनी है। अगर मैच में किसी तरह की विशेष परिस्थिति आती है, तो उसमें मैं क्या करूंगा, इसकी भी पहले से कल्पना करता हूं। इससे काफी मदद मिलती है और मानसिक रूप से मजबूती मिलती है। जब आपको पहले से पता होता है कि अलग-अलग परिस्थितियों में क्या करना है, तो आत्मविश्वास बढ़ता है। इसलिए माइंड को मजबूत रखना बहुत जरूरी है।” फैंस के सपोर्ट को शब्दों में बयां नहीं कर सकता फैंस के समर्थन पर वैभव सूर्यवंशी ने कहा, “जिस तरह से फैंस मुझे सपोर्ट करते हैं, उसे मैं शब्दों में बयां नहीं कर सकता। मैदान पर खेलते समय भी और सोशल मीडिया पर भी मुझे लोगों का भरपूर प्यार और समर्थन मिला है। यह मेरे लिए बेहद खास है।” वैभव ने कहा, “जब मैं पटना एयरपोर्ट पर उतरता हूं, तो ऐसा महसूस होता है कि अब घर आ गया हूं। मन में एक अलग तरह की सुरक्षा और सुकून का एहसास होता है। जब मैं बिहार में होता हूं, तो मन करता है कि कभी भी पैदल निकलकर घूमूं। यहां के लोगों का अपनापन अलग ही है। किसी अनजान व्यक्ति से भी बात कीजिए, तो ऐसा लगता है जैसे वर्षों से जानते हों। लोग बेहद सम्मान के साथ बात करते हैं और मदद के लिए हमेशा तैयार रहते हैं। यही चीज बिहार को मेरे लिए खास

अमेरिका में फर्जी पिज्जा ऑर्डर के बहाने भारतीय युवक की:डिलीवरी देने पहुंचा था तेलंगाना का अंशुल; परिवार का आरोप- साजिश रचकर गोली मारी

अमेरिका में फर्जी पिज्जा ऑर्डर के बहाने भारतीय युवक की:डिलीवरी देने पहुंचा था तेलंगाना का अंशुल; परिवार का आरोप- साजिश रचकर गोली मारी

अमेरिका के फिलाडेल्फिया में तेलंगाना के 28 वर्षीय अंशुल कुंचा की गोली मारकर हत्या कर दी गई। परिवार का आरोप है कि अंशुल को फर्जी पिज्जा ऑर्डर देकर सुनसान जगह बुलाया गया और वहां घात लगाकर हमला किया गया। अंशुल कुंचा एक मल्टीनेशनल कंपनी में नौकरी करते थे। एक्सट्रा इनकम के लिए वे वीकेंड में पिज्जा डिलीवरी का पार्ट-टाइम काम भी करते थे। शनिवार रात उन्हें एक ऑर्डर मिला, जिसके तहत उन्हें फिलाडेल्फिया के एक सुनसान इलाके में पिज्जा पहुंचाना था। परिवार के मुताबिक, वहां पहुंचते ही एक अज्ञात हमलावर ने अंशुल के सिर में कई गोलियां मार दीं और मौके से फरार हो गया। अंशुल की बहन बोलीं- डिलीवरी ऑर्डर एक जाल था अंशुल की बहन तन्वी कुंचा ने आरोप लगाया कि यह डिलीवरी ऑर्डर महज एक जाल था। उन्होंने कहा कि वहां कोई ग्राहक मौजूद नहीं था और अंशुल को सिर्फ निशाना बनाने के लिए बुलाया गया था। परिवार का कहना है कि हमलावर अंशुल का कोई सामान भी नहीं ले गए। ऐसे में हत्या के पीछे की वजह अब भी साफ नहीं है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, घटना के समय इलाके में बैग लिए दो नकाबपोश लोगों को देखा गया था। परिवार ने भारतीय और अमेरिकी अधिकारियों से अंशुल का शव जल्द भारत भेजने की अपील की है ताकि अंतिम संस्कार में देरी न हो। तन्वी ने कहा कि अधिकारियों ने शव सोमवार को सौंपे जाने की जानकारी दी है, लेकिन परिवार चाहता है कि प्रक्रिया जल्द पूरी हो। न्यूयॉर्क स्थित भारतीय वाणिज्य दूतावास ने घटना पर दुख जताते हुए कहा कि वह स्थानीय अधिकारियों और अंशुल के परिवार के संपर्क में है तथा हर संभव मदद उपलब्ध करा रहा है। मौके से तीन खाली कारतूस बरामद हुए फिलाडेल्फिया पुलिस के चीफ इंस्पेक्टर स्कॉट स्मॉल ने बताया कि घटनास्थल से तीन खाली कारतूस बरामद हुए हैं। उनके मुताबिक, कारतूसों की स्थिति से संकेत मिलता है कि हमलावर पीड़ित के बेहद करीब खड़े थे। अंशुल की कार भी घटनास्थल के पास मिली, जिसमें पिज्जा वार्मर रखा हुआ था। पुलिस के अनुसार, अभी तक किसी की गिरफ्तारी नहीं हुई है। हालांकि जांचकर्ताओं को उस फोन नंबर की जानकारी मिल गई है, जिससे पिज्जा का ऑर्डर दिया गया था। अधिकारियों का कहना है कि यही नंबर मामले की जांच में महत्वपूर्ण सुराग साबित हो सकता है। फिलाडेल्फिया हाउसिंग अथॉरिटी के निगरानी कैमरों में घटना से पहले का कुछ फुटेज रिकॉर्ड हुआ है। हालांकि गोली चलने की घटना कैमरे में कैद नहीं हुई। फुटेज में अंशुल के पीछे दो लोग चलते हुए दिखाई दिए हैं। दोनों ने गहरे रंग के कपड़े पहन रखे थे। इनमें से एक व्यक्ति के पास डार्क रंग का बैकपैक भी दिखाई दिया। पहले भी लूट का शिकार हो चुके थे परिवार ने बताया कि अंशुल पहले भी अमेरिका में लूटपाट की घटना का शिकार हो चुके थे। उस दौरान उनकी चेन, मोबाइल फोन और नकदी छीन ली गई थी, लेकिन तब उन पर जानलेवा हमला नहीं हुआ था। परिवार के अनुसार, उन्होंने हैदराबाद से बीटेक करने के बाद अमेरिका जाकर मास्टर्स की पढ़ाई की थी। पढ़ाई पूरी होने के बाद उन्हें KWC कंपनी में नौकरी मिल गई थी।

अमेरिका में फर्जी पिज्जा ऑर्डर के बहाने भारतीय युवक की:डिलीवरी देने पहुंचा था तेलंगाना का अंशुल; परिवार का आरोप- साजिश रचकर गोली मारी

अमेरिका में फर्जी पिज्जा ऑर्डर के बहाने भारतीय युवक की:डिलीवरी देने पहुंचा था तेलंगाना का अंशुल; परिवार का आरोप- साजिश रचकर गोली मारी

अमेरिका के फिलाडेल्फिया में तेलंगाना के 28 वर्षीय अंशुल कुंचा की गोली मारकर हत्या कर दी गई। परिवार का आरोप है कि अंशुल को फर्जी पिज्जा ऑर्डर देकर सुनसान जगह बुलाया गया और वहां घात लगाकर हमला किया गया। अंशुल कुंचा एक मल्टीनेशनल कंपनी में नौकरी करते थे। एक्सट्रा इनकम के लिए वे वीकेंड में पिज्जा डिलीवरी का पार्ट-टाइम काम भी करते थे। शनिवार रात उन्हें एक ऑर्डर मिला, जिसके तहत उन्हें फिलाडेल्फिया के एक सुनसान इलाके में पिज्जा पहुंचाना था। परिवार के मुताबिक, वहां पहुंचते ही एक अज्ञात हमलावर ने अंशुल के सिर में कई गोलियां मार दीं और मौके से फरार हो गया। अंशुल की बहन बोलीं- डिलीवरी ऑर्डर एक जाल था अंशुल की बहन तन्वी कुंचा ने आरोप लगाया कि यह डिलीवरी ऑर्डर महज एक जाल था। उन्होंने कहा कि वहां कोई ग्राहक मौजूद नहीं था और अंशुल को सिर्फ निशाना बनाने के लिए बुलाया गया था। परिवार का कहना है कि हमलावर अंशुल का कोई सामान भी नहीं ले गए। ऐसे में हत्या के पीछे की वजह अब भी साफ नहीं है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, घटना के समय इलाके में बैग लिए दो नकाबपोश लोगों को देखा गया था। परिवार ने भारतीय और अमेरिकी अधिकारियों से अंशुल का शव जल्द भारत भेजने की अपील की है ताकि अंतिम संस्कार में देरी न हो। तन्वी ने कहा कि अधिकारियों ने शव सोमवार को सौंपे जाने की जानकारी दी है, लेकिन परिवार चाहता है कि प्रक्रिया जल्द पूरी हो। न्यूयॉर्क स्थित भारतीय वाणिज्य दूतावास ने घटना पर दुख जताते हुए कहा कि वह स्थानीय अधिकारियों और अंशुल के परिवार के संपर्क में है तथा हर संभव मदद उपलब्ध करा रहा है। मौके से तीन खाली कारतूस बरामद हुए फिलाडेल्फिया पुलिस के चीफ इंस्पेक्टर स्कॉट स्मॉल ने बताया कि घटनास्थल से तीन खाली कारतूस बरामद हुए हैं। उनके मुताबिक, कारतूसों की स्थिति से संकेत मिलता है कि हमलावर पीड़ित के बेहद करीब खड़े थे। अंशुल की कार भी घटनास्थल के पास मिली, जिसमें पिज्जा वार्मर रखा हुआ था। पुलिस के अनुसार, अभी तक किसी की गिरफ्तारी नहीं हुई है। हालांकि जांचकर्ताओं को उस फोन नंबर की जानकारी मिल गई है, जिससे पिज्जा का ऑर्डर दिया गया था। अधिकारियों का कहना है कि यही नंबर मामले की जांच में महत्वपूर्ण सुराग साबित हो सकता है। फिलाडेल्फिया हाउसिंग अथॉरिटी के निगरानी कैमरों में घटना से पहले का कुछ फुटेज रिकॉर्ड हुआ है। हालांकि गोली चलने की घटना कैमरे में कैद नहीं हुई। फुटेज में अंशुल के पीछे दो लोग चलते हुए दिखाई दिए हैं। दोनों ने गहरे रंग के कपड़े पहन रखे थे। इनमें से एक व्यक्ति के पास डार्क रंग का बैकपैक भी दिखाई दिया। पहले भी लूट का शिकार हो चुके थे परिवार ने बताया कि अंशुल पहले भी अमेरिका में लूटपाट की घटना का शिकार हो चुके थे। उस दौरान उनकी चेन, मोबाइल फोन और नकदी छीन ली गई थी, लेकिन तब उन पर जानलेवा हमला नहीं हुआ था। परिवार के अनुसार, उन्होंने हैदराबाद से बीटेक करने के बाद अमेरिका जाकर मास्टर्स की पढ़ाई की थी। पढ़ाई पूरी होने के बाद उन्हें KWC कंपनी में नौकरी मिल गई थी।

मलयालम एक्टर सलीम कुमार का कार्डियक अरेस्ट से निधन:राष्ट्रीय पुरस्कार मिला था; तमिल-ओडिया समेत 300 से ज्यादा फिल्मों में काम किया

मलयालम एक्टर सलीम कुमार का कार्डियक अरेस्ट से निधन:राष्ट्रीय पुरस्कार मिला था; तमिल-ओडिया समेत 300 से ज्यादा फिल्मों में काम किया

राष्ट्रीय पुरस्कार विजेता मलयालम एक्टर सलीम कुमार का 56 साल की उम्र में कार्डियक अरेस्ट के कारण शनिवार रात निधन हो गया। वह अस्वस्थ होने के बाद कोच्चि (केरल) के अमृता अस्पताल में भर्ती कराए गए थे, जहां उन्होंने अंतिम सांस ली। रविवार को पारावुर टाउन हॉल में उनके पार्थिव शरीर को अंतिम दर्शन के लिए रखा गया। दोपहर 3 बजे एर्नाकुलम के नॉर्थ पारावुर स्थित उनके आवास पर अंतिम संस्कार किया जाएगा। केरल सरकार ने उनके निधन पर दुख जताया। सरकार ने अंतिम संस्कार और उससे जुड़े सभी खर्च वहन करने का फैसला किया है। 300 से ज्यादा फिल्मों में काम किया सलीम कुमार मलयालम सिनेमा के सबसे बहुमुखी कलाकारों में गिने जाते थे। उन्होंने तीन दशक से अधिक लंबे करियर में 300 से ज्यादा फिल्मों में काम किया। उन्होंने मुख्य रूप से मलयालम फिल्मों में अभिनय किया। साथ ही कुछ तमिल और ओडिया फिल्मों में भी नजर आए। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत कॉमिक रोल से की और अपनी कॉमिक टाइमिंग, एक्सप्रेशन और डायलॉग डिलीवरी के लिए जाने गए। बाद में उन्होंने खुद को कैरेक्टर एक्टर के तौर पर स्थापित किया। केरल राज्य फिल्म पुरस्कार से भी सम्मानित हुए सलीम कुमार 2010 में ‘आदामिन्टे मकन अबू’ में अबू की भूमिका के लिए राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार और केरल राज्य फिल्म पुरस्कार में सर्वश्रेष्ठ अभिनेता का सम्मान मिला। इसके अलावा ‘अचनुरंगथा वीडु’ (2005) के लिए द्वितीय सर्वश्रेष्ठ अभिनेता, ‘अयालुम न्जानुम थम्मिल’ (2013) के लिए सर्वश्रेष्ठ हास्य अभिनेता और ‘करुथा जूथन’ (2017) के लिए सर्वश्रेष्ठ कहानी का केरल राज्य फिल्म पुरस्कार भी मिला। सलीम कुमार के परिवार में उनकी पत्नी सुनीता, दो बेटे चंदू सलीम कुमार और आरोमल सलीम कुमार हैं। चंदू सलीम कुमार भी एक्टर हैं।

मलयालम एक्टर सलीम कुमार का कार्डियक अरेस्ट से निधन:नेशनल अवार्ड विनर थे; 300 से ज्यादा फिल्मों में काम किया

मलयालम एक्टर सलीम कुमार का कार्डियक अरेस्ट से निधन:नेशनल अवार्ड विनर थे; 300 से ज्यादा फिल्मों में काम किया

मलयालम एक्टर सलीम कुमार का 56 साल की उम्र में कार्डियक अरेस्ट के कारण शनिवार रात निधन हो गया। वह अस्वस्थ होने के बाद कोच्चि (केरल) के अमृता अस्पताल में भर्ती कराए गए थे, जहां उन्होंने अंतिम सांस ली। रविवार को सुबह 9 बजे से दोपहर 1 बजे तक पारावुर टाउन हॉल में उनके पार्थिव शरीर को अंतिम दर्शन के लिए रखा जाएगा। इसके बाद दोपहर 3 बजे एर्नाकुलम के नॉर्थ पारावुर स्थित उनके आवास पर अंतिम संस्कार किया जाएगा। केरल सरकार ने उनके निधन पर दुख व्यक्त किया है। सरकार ने अंतिम संस्कार और उससे जुड़े सभी खर्च वहन करने का फैसला किया है। सम्मान स्वरूप अंतिम संस्कार में राजकीय सम्मान भी दिया जाएगा। जिला कलेक्टर सरकार की ओर से पुष्पचक्र अर्पित करेंगे, जबकि जिला पुलिस प्रमुख पुलिस सम्मान और ब्यूगल सलामी की व्यवस्था करेंगे। 300 से ज्यादा फिल्मों में काम किया सलीम कुमार मलयालम सिनेमा के सबसे बहुमुखी कलाकारों में गिने जाते थे। उन्होंने तीन दशक से अधिक लंबे करियर में 300 से ज्यादा फिल्मों में काम किया। उन्होंने मुख्य रूप से मलयालम फिल्मों में अभिनय किया, साथ ही कुछ तमिल और ओडिया फिल्मों में भी नजर आए। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत कॉमिक रोल से की और अपनी कॉमिक टाइमिंग, एक्सप्रेशन और डायलॉग डिलीवरी के लिए जाने गए। बाद में उन्होंने खुद को एक जाने-माने कैरेक्टर एक्टर के तौर पर स्थापित किया। केरल राज्य फिल्म पुरस्कार से भी सम्मानित हुए सलीम कुमार 2010 में ‘आदामिन्टे मकन अबू’ में अबू की भूमिका के लिए राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार और केरल राज्य फिल्म पुरस्कार में सर्वश्रेष्ठ अभिनेता का सम्मान मिला। इसके अलावा ‘अचनुरंगथा वीडु’ (2005) के लिए द्वितीय सर्वश्रेष्ठ अभिनेता, ‘अयालुम न्जानुम थम्मिल’ (2013) के लिए सर्वश्रेष्ठ हास्य अभिनेता और ‘करुथा जूथन’ (2017) के लिए सर्वश्रेष्ठ कहानी का केरल राज्य फिल्म पुरस्कार भी मिला। सलीम कुमार के परिवार में उनकी पत्नी सुनीथा और दो बेटे, चंदू सलीम कुमार तथा आरोमल सलीम कुमार हैं। चंदू सलीम कुमार भी एक्टर हैं।

अन्नामलाई का नया आंदोलन हिट, लॉन्च के कुछ ही घंटों में सदस्यता बढ़कर 15 लाख से अधिक | भारत समाचार

Photos following Israeli strikes on southern Lebanon show destructive aftermath.

आखरी अपडेट:07 जून, 2026, 11:49 IST तमिलनाडु भाजपा के पूर्व प्रमुख अन्नामलाई 5 जून को आधिकारिक तौर पर भाजपा से अलग हो गए और इसके तुरंत बाद एक नया राजनीतिक आंदोलन “वी द लीडर” शुरू करने के अपने इरादे का खुलासा किया। अन्नामलाई ने कहा कि वह भविष्य में चुनाव लड़ेंगे। (एएनआई फाइल फोटो) भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) से उनका इस्तीफा स्वीकार किए जाने के कुछ दिनों बाद, तमिलनाडु भाजपा के पूर्व प्रमुख के अन्नामलाई ने “कलाम स्कूल ऑफ आइडियोलॉजी” के आधार पर एक नया राजनीतिक आंदोलन शुरू किया। इस आंदोलन को जोरदार प्रतिक्रिया मिली है, इसके लॉन्च के कुछ ही घंटों के भीतर सदस्यता 15 लाख को पार कर गई है। अन्नामलाई 5 जून को आधिकारिक तौर पर भाजपा से अलग हो गए और इसके तुरंत बाद एक नया राजनीतिक आंदोलन शुरू करने के अपने इरादे का खुलासा किया। अपना इस्तीफा स्वीकार होने के बाद अपने पहले सार्वजनिक संबोधन में अन्नामलाई ने कहा कि “वी द लीडर” नामक आंदोलन एपीजे अब्दुल कलाम सेंटर फॉर एथिक्स एंड पॉलिटिक्स के तहत काम करेगा। यह केंद्र कोयंबटूर में एक प्रशिक्षण और अनुसंधान संस्थान के रूप में स्थापित किया जाएगा। वैज्ञानिक और पूर्व राष्ट्रपति एपीजे अब्दुल कलाम को अन्नामलाई ने उत्कृष्टता, समर्पण, बलिदान, एकता और राष्ट्रवाद का प्रतीक बताया। एक गौरवान्वित तमिल और राष्ट्रवादी कलाम को पहल के केंद्र में रखकर, अन्नामलाई ने तमिलनाडु में एक नया राजनीतिक आख्यान पेश किया है। अन्नामलाई का इस्तीफा भारतीय पुलिस सेवा के पूर्व अधिकारी ने शुक्रवार को औपचारिक रूप से भाजपा से इस्तीफा दे दिया। बाद में उनका इस्तीफा पार्टी प्रमुख नितिन नबीन ने स्वीकार कर लिया। अपने इस्तीफे पत्र में, अन्नामलाई ने भाजपा के शीर्ष नेतृत्व के साथ कई चर्चाओं का जिक्र किया और कहा कि तमिलनाडु में पार्टी की दिशा को लेकर मतभेद उभरे हैं। उन्होंने लिखा, “इस बिंदु पर, मैं शीर्ष नेतृत्व के साथ कई बार हुई बातचीत और पिछले 18 महीनों में व्यक्त की गई असहमति को याद करूंगा। मैं तमिलनाडु में विकासोन्मुख और सांस्कृतिक रूप से निहित राजनीति के लिए आगे बढ़ने के रास्ते पर अपने चल रहे विचारों के साथ शीर्ष नेतृत्व पर और बोझ नहीं डालना चाहता।” उन्होंने कहा कि वरिष्ठ नेताओं के साथ चर्चा के बाद, उन्होंने निष्कर्ष निकाला कि तमिलनाडु पर उनके विचार अब मेल नहीं खाते हैं। सिविल सेवा छोड़ने के बाद अन्नामलाई 2020 में भाजपा में शामिल हो गए। कुछ ही हफ्तों में उन्हें राज्य उपाध्यक्ष नियुक्त किया गया और एक साल बाद 37 साल की उम्र में पार्टी के तमिलनाडु प्रमुख बन गए। इस पहल को अपनी राजनीतिक यात्रा का अगला चरण बताते हुए, अन्नामलाई ने युवाओं और आम नागरिकों से इसमें भाग लेने का आग्रह किया। उन्होंने कहा, ”एक आम आदमी का राजनीति में आना बड़ी बात है.” उन्होंने जन-केंद्रित राजनीतिक संस्कृति बनाने और “स्थायी विधायकों और सांसदों” की प्रणाली को समाप्त करने की बात कही। उन्होंने कहा, ”हम राजनीति को लोगों तक ले जाना चाहते हैं।” अन्नामलाई ने आंदोलन को “वैचारिक स्पष्टता के साथ आम लोगों की राजनीति” के रूप में वर्णित किया और युवाओं से पंथ की राजनीति और वंशवादी राजनीति को समाप्त करने में मदद करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा, “हम बदलाव की राजनीति बना रहे हैं, भावी पीढ़ियों के लिए नींव रख रहे हैं।” उन्होंने कहा कि आंदोलन के निर्माण के लिए धैर्य और संयम की आवश्यकता होगी और इसे चरण दर चरण आगे बढ़ाया जाएगा। सदस्यता तेजी से बढ़ती है आंदोलन की वेबसाइट, जिसका शीर्षक “वी द लीडर्स” है, में लेखन के समय 13,85,763 सक्रिय सदस्य थे। वेबसाइट स्वयंसेवकों को आंदोलन की रीढ़ बताती है और लोगों को शिक्षा, स्वास्थ्य, पर्यावरण और युवा नेतृत्व जैसे क्षेत्रों में योगदान देने के लिए आमंत्रित करती है। यह समर्थकों को स्थानीय पहल से शुरुआत करने और जमीनी स्तर पर बदलाव लाने की दिशा में काम करने के लिए प्रोत्साहित करता है। नजरें लोकसभा चुनाव पर अन्नामलाई ने पुष्टि की कि आंदोलन तमिलनाडु में अगला लोकसभा चुनाव लड़ेगा। उन्होंने कहा कि मंच राजनीतिक नेताओं की एक नई पीढ़ी तैयार करने और पारंपरिक राजनीतिक संरचनाओं के बजाय आम नागरिकों द्वारा संचालित राजनीति को बढ़ावा देने के लिए भी काम करेगा। उन्होंने कहा, ”मैं तमिलनाडु में सकारात्मक बदलाव लाने और राज्य में राजनीति के संचालन के तरीके में सुधार लाने के लिए छह साल पहले पार्टी में शामिल हुआ था।” “मैं इस धारणा को बदलना चाहता था कि राजनीति केवल अभिजात वर्ग और कुछ चुनिंदा लोगों के लिए एक रास्ता है, आम आदमी के लिए नहीं।” उन्होंने कहा, “कृपया मेरे साथ जुड़ें, मुझ पर विश्वास करें, मुझ पर विश्वास करें।” चुनी हुई कहानियाँ, आपके इनबॉक्स में हमारी सर्वोत्तम पत्रकारिता वाला एक न्यूज़लेटर जमा करना लेखक के बारे में न्यूज़ डेस्क न्यूज़ डेस्क उत्साही संपादकों और लेखकों की एक टीम है जो भारत और विदेशों में होने वाली सबसे महत्वपूर्ण घटनाओं का विवरण और विश्लेषण करती है। लाइव अपडेट से लेकर एक्सक्लूसिव रिपोर्ट से लेकर गहन व्याख्याताओं तक…और पढ़ें जगह : चेन्नई (मद्रास), भारत, भारत न्यूज़ इंडिया अन्नामलाई का नया आंदोलन हिट, लॉन्च के कुछ ही घंटों के भीतर सदस्यता बढ़कर 15 लाख से अधिक हो गई अस्वीकरण: टिप्पणियाँ उपयोगकर्ताओं के विचार दर्शाती हैं, News18 के नहीं। कृपया चर्चाएँ सम्मानजनक और रचनात्मक रखें। अपमानजनक, मानहानिकारक, या अवैध टिप्पणियाँ हटा दी जाएंगी। News18 अपने विवेक से किसी भी टिप्पणी को अक्षम कर सकता है. पोस्ट करके, आप हमारी उपयोग की शर्तों और गोपनीयता नीति से सहमत होते हैं। और पढ़ें (टैग्सटूट्रांसलेट)के अन्नामलाई नया राजनीतिक आंदोलन(टी)वी द लीडर आंदोलन(टी)कलाम स्कूल ऑफ आइडियोलॉजी(टी)एपीजे अब्दुल कलाम सेंटर(टी)तमिलनाडु की राजनीति(टी)अन्नामलाई का इस्तीफा बीजेपी(टी)जन-केंद्रित राजनीति भारत(टी)वंशवाद विरोधी राजनीति

ट्रम्प ने भारत में बाइक चलाने का AI-वीडियो शेयर किया:शेर की सवारी करते, चांद पर झंडा भी लगाया

ट्रम्प ने भारत में बाइक चलाने का AI-वीडियो शेयर किया:शेर की सवारी करते, चांद पर झंडा भी लगाया

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने शनिवार को अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर AI-जनरेटेड वीडियो पोस्ट किया, जिसमें वह भारत की सड़कों पर बाइक चलाते नजर आ रहे हैं। इस एक मिनट के AI वीडियो में ट्रम्प अलग-अलग अंदाज में दिखते है। वीडियो में उन्हें रेगिस्तान में ऊंट की सवारी करते, पैराग्लाइडिंग करते और एक शेर पर बैठे दिखाया गया है। एक सीन में वह स्पेससूट पहनकर चांद पर अमेरिकी झंडा लगाते भी नजर आते हैं। वीडियो में उनका चेहरा पिज्जा, बस, होर्डिंग, नॉर्दर्न लाइट्स और माउंट रशमोर पर भी दिखाया गया। वीडियो के बैकग्राउंड में खुद की तारीफ वाला गाना चल रहा है। इसमें लगातार ‘सब डोनाल्ड ट्रम्प को पसंद करते है’ और ‘धन्यवाद प्रेसिडेंट ट्रम्प’ जैसे लिरिक्स सुने जा सकते हैं। वीडियो में भारत से लेकर चीन तक का जिक्र वीडियो के गाने में दावा किया गया कि दुनिया के अलग-अलग हिस्सों में लोग ट्रम्प को पसंद करते हैं। गाने की लाइन में कहा गया कि मेक्सिको, मिडिल ईस्ट, चीन और भारत में सब ट्रम्प को पसंद करते है। हालांकि यह वीडियो सिर्फ एक मिनट का था, लेकिन इसके बोल में ‘ट्रम्प’ शब्द का इस्तेमाल पूरे 45 बार और ‘डोनाल्ड’ नाम का 29 बार किया गया है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, यह ‘एवरीबडी लव्स डोनाल्ड ट्रम्प’ गाना ट्रुथ सोशल पर ‘ac132’ नाम के यूजर ने बनाया था। वीडियो के आखिर में गाने का क्रेडिट एंथनी कॉन्स्टैंटिनो को दिया गया है। वह न्यूयॉर्क से ट्रम्प समर्थित रिपब्लिकन उम्मीदवार हैं। वीडियो शेयर होने के बाद कॉन्स्टैंटिनो ने कहा कि उन्हें गर्व है कि राष्ट्रपति ट्रम्प ने उनके गाने को शेयर किया। यह वीडियो सामने आते ही सोशल मीडिया पर लोगों की प्रतिक्रियाएं आने लगीं। कुछ यूजर्स ने इसे मजाकिया बताया, जबकि कई लोगों ने इसे ट्रम्प की खुद की तारीफ करने वाला प्रचार वीडियो कहा। एक यूजर कहा कि ट्रम्प इस वीडियो में कॉमिक बुक कैरेक्टर जैसे लग रहे हैं। ट्रम्प पहले भी शेयर कर चुके हैं AI तस्वीरें यह पहला मौका नहीं है जब ट्रम्प ने AI-जनरेटेड कंटेंट शेयर किया हो। कुछ दिन पहले उन्होंने खुद को जेम्स बॉन्ड के अंदाज में ‘ट्रम्प 007’ कैप्शन के साथ दिखाया था। इससे पहले वह खुद को ‘ग्रेटेस्ट अट्रैक्शन’ बताते हुए भी तस्वीर शेयर कर चुके हैं। पिछले महीने ट्रम्प ने एक AI-जनरेटेड फोटो पोस्ट की थी, जिसमें उन्होंने खुद को जीसस के रूप में दिखाया गया था। उस पोस्ट को लेकर काफी विवाद हुआ था। बाद में पोस्ट हटा ली गई, लेकिन ट्रम्प ने माफी नहीं मांगी। उन्होंने सफाई देते हुए कहा था कि उन्हें लगा था कि तस्वीर में वह डॉक्टर की तरह दिख रहे हैं। ट्रम्प पहले भी कई बार कह चुके हैं कि वह पारंपरिक मीडिया से ज्यादा सोशल मीडिया को अपनी बात रखने का अहम जरिया मानते हैं। इसी वजह से ट्रुथ सोशल पर उनकी लगभग हर पोस्ट कुछ ही देर में राजनीतिक और सोशल मीडिया बहस का हिस्सा बन जाती है। ईरान युद्ध से जुड़ी AI तस्वीरें भी शेयर कीं ईरान युद्ध की शुरूआत से ही ट्रम्प ने ट्रुथ सोशल पर सैन्य ताकत से जुड़ी कई AI-जनरेटेड तस्वीरें भी पोस्ट कीं है। इनमें ईरान की नौसेना को तबाह हालत में दिखाया गया था। एक तस्वीर में समुद्र में बड़ी संख्या में युद्धपोत डूबते नजर आए, जबकि दूसरी तस्वीरों में अमेरिकी सैन्य ताकत को बेहद आक्रामक अंदाज में दिखाया गया था। इन तस्वीरों के जरिए ट्रम्प ने दावा किया कि ईरान की सेना कमजोर पड़ चुकी है और होर्मुज स्ट्रेट जैसे रणनीतिक इलाके में अमेरिका बढ़त बना रहा है। हालांकि इन तस्वीरों की कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं थी और इन्हें AI से तैयार किया गया विजुअल कंटेंट माना गया। सोशल मीडिया पर कई लोगों ने इसे राजनीतिक प्रोपेगेंडा और डर पैदा करने वाला कंटेंट बताया, जबकि ट्रम्प समर्थकों ने इसे उनकी मजबूत नेतृत्व वाली छवि से जोड़कर देखा। एक्सपर्ट्स बोले- डिजिटल पर्सनैलिटी कल्ट बनाने की कोशिश ट्रम्प पिछले कुछ समय से AI का इस्तेमाल अपनी राजनीतिक ब्रांडिंग के बड़े हथियार के तौर पर कर रहे हैं। राजनीतिक एक्सपर्ट्स इसे “डिजिटल पर्सनैलिटी कल्ट” बनाने की कोशिश मानते हैं, जिसमें नेता को असाधारण और सर्वशक्तिमान दिखाया जाता है। यानी सोशल मीडिया और डिजिटल माध्यमों के जरिए किसी व्यक्ति (जैसे- इन्फ्लुएंसर, नेता या सेलिब्रिटी) को एक निर्दोष, अलौकिक या ईश्वर जैसी छवि में पेश किया जाता है, और प्रशंसक बिना किसी तर्क के उन्हें फोलो करते हैं। ट्रम्प का यह मॉडल पारंपरिक राजनीतिक प्रचार से अलग है क्योंकि इसमें मीम कल्चर, वायरल वीडियो और AI विजुअल्स का मिश्रण दिखाई देता है। इसका मकसद सिर्फ समर्थकों को उत्साहित करना नहीं, बल्कि सोशल मीडिया पर लगातार चर्चा में बने रहना भी होता है। आलोचकों का कहना है कि AI कंटेंट के जरिए वास्तविकता और कल्पना की सीमा धुंधली हो रही है, जिससे गलत नैरेटिव और भ्रम फैलने का खतरा बढ़ता है।