केनेथ लॉ को कोर्ट ने 14 आरोपों में दोषी ठहराया:आत्महत्या के लिए लोगों को उकसाता था, 41 देशों में 1200 जहरीले पैकेट भेजे

कनाडा में कोर्ट ने एक ऐसे अपराधी को कोर्ट ने सजा सुनाई है, जो दुनिया के कई देशों में लोगों को आत्महत्या के लिए उकसाता था। उसका नाम है केनेथ लॉ। उम्र- 60 साल। लॉ ने सैकड़ों लोगों को जहर वाले सुसाइड पैकेट भेजने के मामले में 14 आरोपों में दोष स्वीकार किया है। ये पैकेट कनाडा, ब्रिटेन, अमेरिका, इटली, ऑस्ट्रेलिया, न्यूजीलैंड समेत 41 देशों में भेजे गए थे। जांचकर्ताओं के मुताबिक उसने कम से कम ऐसे 1,209 पैकेट भेजे। ओंटारियो में न्यूमार्केट की कोर्ट में लॉ के खिलाफ आत्महत्या में मदद से जुड़े कई आरोपों में सजा सितंबर में तय होने की उम्मीद है। कोर्ट में 16 से 36 साल के 14 पीड़ितों की मौत में अपनी भूमिका की पुष्टि के दौरान परिजन भावुक हो गए। लॉ ने यह भी माना कि ब्रिटेन में 79 मौतों में इस्तेमाल हुए घातक पदार्थ उसने भेजे थे। लॉ पहले इंजीनियर था। टोरंटो के एक होटल में कुक भी रह चुका है। उसने कई वेबसाइट के जरिए आत्महत्या के तरीके खोज रहे लोगों को घातक केमिकल बेचे। पहचान से बचने के लिए वह हॉट सॉस जैसे दूसरे प्रोडक्ट भी लिस्ट करता था। इससे वह खुद को फूड-प्रेप होलसेलर दिखाता था। सिल्वर पैकेट पर चेतावनी रहती थी कि इस्तेमाल की जिम्मेदारी यूजर की है। वह सुसाइड में मदद के लिए रसायन आदि के साथ इस्तेमाल के विस्तृत निर्देश भी देता था। गिरफ्तारी के समय लॉ के शॉफिाई और पेपाल के अकाउंट में ₹2.05 करोड़ रु. जमा थे। इस मामले से ऑनलाइन प्लेटफॉर्म और सुसाइड-प्रमोशन फोरम की निगरानी पर भी सवाल उठ रहे हैं। लॉ ने जस्टिस मिशेल फ्यूरस्ट के सामने कहा कि वह अपने अपराधों का दायरा समझता है। उसने स्वेच्छा से दोष स्वीकार किया। कोर्ट में 14 मामलों के आरोप पढ़े गए। हर आरोप पर लॉ ने अपनी भूमिका की पुष्टि की। अभियोजन पक्ष ने 60 पेज से ज्यादा के आरोपपत्र दायर किए। सुनवाई के दौरान पीड़ित परिवारों की मौजूदगी और उनकी प्रतिक्रिया ने केस की गंभीरता को गहराई से सामने ला दिया। पीड़ितों का दर्द: कइयों ने जहर खाने के बाद मदद मांगी कई मामलों में पीड़ितों के माता-पिता ने लॉ पर आरोप लगाए। एक युवक ने ऐसा जहरीला केमिकल खाने के बाद उल्टी करते हुए माता-पिता से मदद मांगी। एक 29 साल के व्यक्ति ने खुद 911 कॉल किया। उसने कहा कि उसने जहरीला पदार्थ लिया है। वह बार-बार बोला, प्लीज, मैं जल्द मर जाऊंगा। फिर रोने लगा। बचाव दल के पहुंचने पर वह बेहोश था। सांस लेने में दिक्कत थी। अस्पताल में मृत घोषित हुआ। ब्रिटेन में एक पीड़ित ने इमरजेंसी को बताया कि उसने खुद को मारने के लिए पदार्थ लिया, पर मरना नहीं चाहता। पैरामेडिक्स 30 मिनट से कम में पहुंचे। उसे बचाया नहीं जा सका। कई जगह पीड़ितों के पास लॉ की कंपनियों के पैकेट मिले।
एक्टर अजित कुमार की मां का निधन:सीएम विजय और तृषा कृष्णन ने घर पहुंचकर दी श्रद्धांजलि

चेन्नई (तमिलनाडु) में एक्टर अजित कुमार की मां मोहिनी मणि का शनिवार को निधन हो गया। वह 85 साल की थीं और उम्र संबंधी बीमारियों व स्वास्थ्य जटिलताओं से जूझ रही थीं। मोहिनी का अंतिम संस्कार रविवार सुबह बेसंत नगर श्मशान घाट में संपन्न हुआ। उनका पार्थिव शरीर इंजामबक्कम स्थित आवास से बेसंत नगर श्मशान घाट लाया गया। अजित ने मां के पार्थिव शरीर को अंतिम बार अपने कंधे पर उठाकर श्मशान घाट तक पहुंचाया। न्यूज 18 की रिपोर्ट के अनुसार, अंतिम संस्कार की रस्में अजित कुमार के भाई अनिल कुमार द्वारा संपन्न कराई गईं। मां के निधन की सूचना मिलने के बाद अजित कुमार चेन्नई पहुंचे और शहर के बाहरी इलाके इंजामबक्कम-पालवक्कम स्थित अपने आवास पहुंचे। मोहिनी मणि के निधन की खबर के बाद फिल्म इंडस्ट्री से जुड़े सेलेब्स ने अजित कुमार और उनके परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त की है। शनिवार शाम तमिलनाडु के मुख्यमंत्री जोसेफ विजय और एक्ट्रेस तृषा कृष्णन अजित कुमार के आवास पहुंचे। दोनों ने उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। एक्टर सरथकुमार, नासिर, निर्देशक शंकर, ए.एल. विजय, शिवा सहित कई फिल्मी हस्तियां भी श्रद्धांजलि देने पहुंचीं। मुख्यमंत्री विजय ने कहा कि उन्हें अपने प्रिय मित्र और एक्टर अजित कुमार की मां मोहिनी अम्मैयार के निधन की खबर से गहरा दुख पहुंचा है। उन्होंने दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना करते हुए अजित कुमार और उनके परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त की। अजित के पिता का 2023 में निधन हुआ था अजित कुमार तमिल सिनेमा के बेहद फेमस एक्टर हैं। उन्होंने ‘काधल कोट्टई’, ‘वाली’, ‘दीना’, ‘बिल्ला’, ‘मंकथा’, ‘विश्वासम’ और ‘वलिमै’ जैसी कई फिल्मों में काम किया है। अजित के पिता पी. सुब्रमण्यम केरलम के पलक्कड़ के रहने वाले तमिल ब्राह्मण थे। उनका निधन साल 2023 में हुआ था। वहीं उनकी मां मोहिनी सिंधी समुदाय से थीं और कोलकाता की रहने वाली थीं। अजित तीन भाइयों में दूसरे नंबर पर हैं। उनके बड़े भाई अनूप कुमार न्यूयॉर्क में स्टॉकब्रोकर हैं, जबकि छोटे भाई अनिल कुमार एक बिजनेसमैन हैं। अजित ने साल 2000 में एक्ट्रेस शालिनी से शादी की थी। दोनों की मुलाकात फिल्म ‘अमरकलम’ के सेट पर हुई थी। उनके दो बच्चे बेटी अनुष्का और बेटा अद्विक हैं।
एक्टर अजित कुमार की मां का निधन:सीएम विजय और तृषा कृष्णन ने घर पहुंचकर दी श्रद्धांजलि

चेन्नई (तमिलनाडु) में एक्टर अजित कुमार की मां मोहिनी मणि का शनिवार को निधन हो गया। वह 85 साल की थीं और उम्र संबंधी बीमारियों व स्वास्थ्य जटिलताओं से जूझ रही थीं। मोहिनी का अंतिम संस्कार रविवार सुबह बेसंत नगर श्मशान घाट में संपन्न हुआ। उनका पार्थिव शरीर इंजामबक्कम स्थित आवास से बेसंत नगर श्मशान घाट लाया गया। अजित ने मां के पार्थिव शरीर को अंतिम बार अपने कंधे पर उठाकर श्मशान घाट तक पहुंचाया। न्यूज 18 की रिपोर्ट के अनुसार, अंतिम संस्कार की रस्में अजित कुमार के भाई अनिल कुमार द्वारा संपन्न कराई गईं। मां के निधन की सूचना मिलने के बाद अजित कुमार चेन्नई पहुंचे और शहर के बाहरी इलाके इंजामबक्कम-पालवक्कम स्थित अपने आवास पहुंचे। मोहिनी मणि के निधन की खबर के बाद फिल्म इंडस्ट्री से जुड़े सेलेब्स ने अजित कुमार और उनके परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त की है। शनिवार शाम तमिलनाडु के मुख्यमंत्री जोसेफ विजय और एक्ट्रेस तृषा कृष्णन अजित कुमार के आवास पहुंचे। दोनों ने उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। एक्टर सरथकुमार, नासिर, निर्देशक शंकर, ए.एल. विजय, शिवा सहित कई फिल्मी हस्तियां भी श्रद्धांजलि देने पहुंचीं। मुख्यमंत्री विजय ने कहा कि उन्हें अपने प्रिय मित्र और एक्टर अजित कुमार की मां मोहिनी अम्मैयार के निधन की खबर से गहरा दुख पहुंचा है। उन्होंने दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना करते हुए अजित कुमार और उनके परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त की।
लेक्चरर और कोच प्रतियोगी परीक्षा-2025 शुरू:चेकिंग कर एक घंटे पहले दी गई एंट्री; 15 जिलों में बनाए 368 सेंटर

राजस्थान लोक सेवा आयोग (RPSC) की ओर से माध्यमिक शिक्षा विभाग के लिए लेक्चरर और कोच प्रतियोगी परीक्षा-2025 आज से शुरू हो गई है। कुल 3944 पदों पर होने वाली भर्ती परीक्षाएं 11 जून 2026 तक ली जाएंगी। इसमें प्रदेश के करीब 5.50 लाख कैंडिडेट्स रजिस्टर्ड हैं। परीक्षा के लिए 15 जिलों में कुल 368 सेंटर बनाए गए हैं। इसमें अजमेर में 70 सेंटर हैं। सेंटर पर चेकिंग के बाद एक घंटे पहले एंट्री दी गई। सेंटर पर सुरक्षा के पुख्ता बंदोबस्त किए गए। बता दें कि विभिन्न विषयों की परीक्षाओं को चार ग्रुप (ए, बी, सी एवं डी) में बांटा गया है। 5 जून तक 15 जिला मुख्यालयों पर एग्जाम होगा। वहीं 6 जून से 11 जून तक केवल जयपुर जिला मुख्यालय पर एग्जाम होगा। पहले देखें तस्वीरों में… ऑरिजनल आधार कार्ड से हुई एंट्री एग्जाम सेंटर पर कैंडिडेट्स का ओरिजनल कलर आधार कार्ड देखा गया। यदि मूल आधार कार्ड पर फोटो पुरानी अथवा क्वालिटी खराब थी तो फोटो का दूसरा पहचान-पत्र जैसे वोटर आईडी कार्ड, पासपोर्ट, ड्राइविंग लाइसेंस देखकर सेंटर पर एंट्री दी गई। किसी के बहकावे में नहीं आएं आयोग ने कहा- परीक्षा में शामिल होने वाले अभ्यर्थी किसी दलाल, मीडिएटर या अपराधी के बहकावे में न आएं। यदि कोई परीक्षा में पास कराने के नाम पर रिश्वत की मांग या अन्य झांसा देता है तो प्रमाण सहित इस संबंध में जांच एजेंसी और आयोग कंट्रोल रूम नंबर 0145-2635200, 2635212 एवं 2635255 पर सूचित करें। परीक्षा में अनुचित साधन अपनाए जाने एवं अनुचित कार्यों में लिप्त होने पर राजस्थान सार्वजनिक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम के उपाय) अधिनियम-2022 के तहत आजीवन कारावास, 10 करोड़ रुपए तक के जुर्माना और चल-अचल संपत्ति कुर्क कर जब्त की जा सकती है। जानिए-कब कौनसा एग्जाम होगा… ग्रुप-C कोच और फिजिकल एजुकेशन ग्रुप-C के तहत विभिन्न कोच पदों (एथलेटिक्स, बास्केटबॉल, हैंडबॉल, कबड्डी, टेबल टेनिस और वॉलीबॉल) के लिए एग्जाम होगा। 10 जून को पहला पेपर जनरल स्टडीज का सुबह 10 से 11.30 बजे तक, जबकि दूसरा पेपर दोपहर 2:30 से शाम 5:30 बजे तक होगा। ग्रुप-D फिजिकल एजुकेशन ग्रुप-D का एग्जाम 11 जून को होगा। पहला पेपर सुबह 10 से दोपहर 12 बजे तक, दूसरा पेपर देपहर 2:30 से शाम 4.30 बजे तक फिजिकल एजुकेशन में जनरल स्टडीज सब्जेक्ट्स का होगा। 3944 पदों पर होगी भर्ती RPSC की ओर से माध्यमिक शिक्षा विभाग के लिए लेक्चरर (प्राध्यापक) और कोच (स्कूल शिक्षा) भर्ती परीक्षा-2025 का विज्ञापन 17 जुलाई 2025 को निकाला गया था। इसमें 27 विषयों के कुल 3225 पदों पर भर्ती होनी थी। वहीं बाद में पॉलिटिकल साइंस (क्रम संख्या-8) के पदों में 219 पद बढ़ाए गए थे। इसी प्रकार 28 अगस्त 2025 को आयोग ने 500 पदों पर एग्रीचकल्चर लेक्चरर की भर्ती निकाली थी। ऐसे में ये भर्ती 3944 पदों की हो गई।
PSG ने लगातार दूसरी बार चैंपियंस लीग खिताब जीता:सेलिब्रेशन में तोड़फोड़ और आगजनी, 416 लोग गिरफ्तार; 7 सुरक्षाकर्मी घायल

चैंपियंस लीग में पेरिस सेंट-जर्मेन (PSG) की जीत के सेलिब्रेशन ने भगदड़ का रूप ले लिया। रविवार तड़के फ्रांस के अलग-अलग शहरों में तोड़फोड़, आगजनी और हिंसा की कई घटनाएं हुईं। पुलिस ने 416 उपद्रवियों को गिरफ्तार किया है। गृह मंत्रालय के अनुसार सबसे ज्यादा तनाव पेरिस में रहा, जहां 280 लोगों को हिरासत में लिया गया। झड़प में 7 पुलिसकर्मी घायल हुए। आंतरिक मामलों के मंत्री लॉरेंट नुनेज ने हिंसा की निंदा करते हुए स्थिति को पूरी तरह से अस्वीकार्य बताया है। बुडापेस्ट में खेले गए UEFA चैंपियंस लीग फाइनल में PSG ने आर्सेनल को पेनाल्टी शूटआउट में 4-3 से हराया। उसने लगातार दूसरी बार खिताब जीता। PSG ने पिछले साल म्यूनिख में इंटर मिलान को 5-0 से हराया था। अब 1993 के बाद अपने टाइटल को डिफेंड करने वाला दुनिया का दूसरा क्लब बना। टूर्नामेंट के इतिहास में PSG लगातार दो बार खिताब जीतने वाला 10वां क्लब बना। रियल मैड्रिड के बाद पहली बार किसी टीम ने ऐसा किया, इतिहास में 10वां क्लब चैंपियंस लीग के मॉर्डन एरा में रियल मैड्रिड ही अपना टाइटल डिफेंड करने में सफल रहा था। रियल मैड्रिड ने 2016 से 2018 के बीच तीन बार ट्रॉफी जीती थी। अब इस लिस्ट में PSG का नाम भी जुड़ गया है। खिताब जीतने के बाद PSG के मैनेजर लुइस एनरिक भावुक नजर आए। उन्होंने कहा, ‘मेरे अंदर अभी मिक्स फीलिंग्स हैं। उत्साह भी है और थकान भी, सब कुछ एक साथ है। लेकिन यह इस पूरे सीजन का सबसे शानदार पल है। हम अभी भी चैंपियंस हैं, वो भी लगातार दो बार। यह वाकई अद्भुत और अविश्वसनीय है। पिछले फाइनल की टीम में सिर्फ एक खिलाड़ी बदला PSG की सफलता के पीछे टीम की बॉन्डिंग बड़ी वजह रही। आर्सेनल के खिलाफ फाइनल में 10 आउटफील्ड खिलाड़ी वही थे, जिन्होंने पिछले साल इंटर मिलान के खिलाफ खेला था। टीम में सिर्फ गोलकीपर बदला था। जियानलुइगी डोनाइरुमा समर ट्रांसफर में मैनचेस्टर सिटी गए थे, उनकी जगह मटवे सफोनोव ने जिम्मेदारी संभाली थी। पिछले 2 साल में लुइस एनरिक की टीम का दबदबा रहा। पिछले सीजन से अब तक PSG ने 10 में से 8 ट्रॉफियां जीतीं। वे सिर्फ क्लब वर्ल्ड कप और इस सीजन के फ्रेंच कप से चूके। अगर PSG का प्रदर्शन जारी रहा, तो वे लगातार तीन बार चैंपियंस लीग जीतने वाली पांचवीं टीम बन सकते हैं। हालांकि, रियल मैड्रिड के 1956-1960 के 5 खिताब के रिकॉर्ड से वे अभी दूर हैं। 45 गोल दागे, मार्शले को पछाड़कर फ्रांस का नंबर-1 क्लब बना PSG इस सीजन में हर मामले में बेस्ट रही। टीम ने चैंपियंस लीग में 45 गोल दागे और औसत बॉल पजेशन 60.5% रहा। यह उसका तीसरा फाइनल था। 2019-20 में पहले फाइनल में बायर्न म्यूनिख से 1-0 से हारी थी। अब दो खिताब जीतकर PSG फ्रांस का सबसे सफल क्लब बना और ‘मार्शले’ को पीछे छोड़ा, जिसके नाम एक खिताब है। ——————————————— फुटबॉल से जुड़ी यह खबर भी पढ़िए… वर्ल्ड कप के लिए अर्जेंटीना की टीम का ऐलान, मेसी कप्तानी करेंगे फुटबॉल वर्ल्ड कप के लिए अर्जेंटीना की 26 सदस्यीय टीम घोषित कर दी गई। अर्जेंटीना फुटबॉल एसोसिएशन ने गुरुवार को स्क्वॉड का ऐलान किया। 39 साल के होने जा रहे लियोनेल मेसी टीम की कप्तानी करेंगे। यह उनका छठा वर्ल्ड कप होगा। इससे पहले वे 2006, 2010, 2014, 2018 और 2022 वर्ल्ड कप खेल चुके हैं। पढ़ें पूरी खबर
PSG ने लगातार दूसरी बार चैंपियंस लीग खिताब जीता:सेलिब्रेशन में तोड़फोड़ और आगजनी, 416 लोग गिरफ्तार; 7 सुरक्षाकर्मी घायल

चैंपियंस लीग में पेरिस सेंट-जर्मेन (PSG) की जीत के सेलिब्रेशन ने भगदड़ का रूप ले लिया। रविवार तड़के फ्रांस के अलग-अलग शहरों में तोड़फोड़, आगजनी और हिंसा की कई घटनाएं हुईं। पुलिस ने 416 उपद्रवियों को गिरफ्तार किया है। गृह मंत्रालय के अनुसार सबसे ज्यादा तनाव पेरिस में रहा, जहां 280 लोगों को हिरासत में लिया गया। झड़प में 7 पुलिसकर्मी घायल हुए। आंतरिक मामलों के मंत्री लॉरेंट नुनेज ने हिंसा की निंदा करते हुए स्थिति को पूरी तरह से अस्वीकार्य बताया है। बुडापेस्ट में खेले गए UEFA चैंपियंस लीग फाइनल में PSG ने आर्सेनल को पेनाल्टी शूटआउट में 4-3 से हराया। उसने लगातार दूसरी बार खिताब जीता। PSG ने पिछले साल म्यूनिख में इंटर मिलान को 5-0 से हराया था। अब 1993 के बाद अपने टाइटल को डिफेंड करने वाला दुनिया का दूसरा क्लब बना। टूर्नामेंट के इतिहास में PSG लगातार दो बार खिताब जीतने वाला 10वां क्लब बना। रियल मैड्रिड के बाद पहली बार किसी टीम ने ऐसा किया, इतिहास में 10वां क्लब चैंपियंस लीग के मॉर्डन एरा में रियल मैड्रिड ही अपना टाइटल डिफेंड करने में सफल रहा था। रियल मैड्रिड ने 2016 से 2018 के बीच तीन बार ट्रॉफी जीती थी। अब इस लिस्ट में PSG का नाम भी जुड़ गया है। खिताब जीतने के बाद PSG के मैनेजर लुइस एनरिक भावुक नजर आए। उन्होंने कहा, ‘मेरे अंदर अभी मिक्स फीलिंग्स हैं। उत्साह भी है और थकान भी, सब कुछ एक साथ है। लेकिन यह इस पूरे सीजन का सबसे शानदार पल है। हम अभी भी चैंपियंस हैं, वो भी लगातार दो बार। यह वाकई अद्भुत और अविश्वसनीय है। पिछले फाइनल की टीम में सिर्फ एक खिलाड़ी बदला PSG की सफलता के पीछे टीम की बॉन्डिंग बड़ी वजह रही। आर्सेनल के खिलाफ फाइनल में 10 आउटफील्ड खिलाड़ी वही थे, जिन्होंने पिछले साल इंटर मिलान के खिलाफ खेला था। टीम में सिर्फ गोलकीपर बदला था। जियानलुइगी डोनाइरुमा समर ट्रांसफर में मैनचेस्टर सिटी गए थे, उनकी जगह मटवे सफोनोव ने जिम्मेदारी संभाली थी। पिछले 2 साल में लुइस एनरिक की टीम का दबदबा रहा। पिछले सीजन से अब तक PSG ने 10 में से 8 ट्रॉफियां जीतीं। वे सिर्फ क्लब वर्ल्ड कप और इस सीजन के फ्रेंच कप से चूके। अगर PSG का प्रदर्शन जारी रहा, तो वे लगातार तीन बार चैंपियंस लीग जीतने वाली पांचवीं टीम बन सकते हैं। हालांकि, रियल मैड्रिड के 1956-1960 के 5 खिताब के रिकॉर्ड से वे अभी दूर हैं। 45 गोल दागे, मार्शले को पछाड़कर फ्रांस का नंबर-1 क्लब बना PSG इस सीजन में हर मामले में बेस्ट रही। टीम ने चैंपियंस लीग में 45 गोल दागे और औसत बॉल पजेशन 60.5% रहा। यह उसका तीसरा फाइनल था। 2019-20 में पहले फाइनल में बायर्न म्यूनिख से 1-0 से हारी थी। अब दो खिताब जीतकर PSG फ्रांस का सबसे सफल क्लब बना और ‘मार्शले’ को पीछे छोड़ा, जिसके नाम एक खिताब है। ——————————————— फुटबॉल से जुड़ी यह खबर भी पढ़िए… वर्ल्ड कप के लिए अर्जेंटीना की टीम का ऐलान, मेसी कप्तानी करेंगे फुटबॉल वर्ल्ड कप के लिए अर्जेंटीना की 26 सदस्यीय टीम घोषित कर दी गई। अर्जेंटीना फुटबॉल एसोसिएशन ने गुरुवार को स्क्वॉड का ऐलान किया। 39 साल के होने जा रहे लियोनेल मेसी टीम की कप्तानी करेंगे। यह उनका छठा वर्ल्ड कप होगा। इससे पहले वे 2006, 2010, 2014, 2018 और 2022 वर्ल्ड कप खेल चुके हैं। पढ़ें पूरी खबर
तान्या मित्तल को अमीर पति नहीं चाहिए:बोलीं- मेरा पार्टनर रोज मुझसे 10-15 लाख रुपए मांगे और मैं दे सकूं

इन्फ्लुएंसर और पूर्व बिग बॉस कंटेस्टेंट तान्या मित्तल ने कहा कि वह अमीर पार्टनर नहीं चाहतीं। वह खुद इतनी आर्थिक रूप से मजबूत बनना चाहती हैं कि अपने पार्टनर की हर बड़ी पैसों से जुड़ी जरूरत को आसानी से पूरा कर सकें। पिंकविला को दिए इंटरव्यू में तान्या मित्तल ने कहा, ‘मैं जिससे प्यार करती हूं या जिसके साथ हूं, उसके लिए अपना सब कुछ देने को हमेशा तैयार रहती हूं। मैं ऐसा पहले भी कर चुकी हूं और आगे भी करूंगी। मैं नहीं चाहती कि मुझे कोई अमीर पति मिले। अगर मेरे पति के पास कुछ भी न हो, तब भी मुझे कोई फर्क नहीं पड़ेगा।’ इन्फ्लुएंसर ने आगे कहा, ‘मैं चाहती हूं कि वह रोज सुबह उठकर मुझसे 10-15 लाख रुपए मांगे और मेरी इतनी क्षमता हो कि मैं उसे हर दिन 10-15 लाख रुपए दे सकूं। मतलब, मैं ऐसी गर्लफ्रेंड/पत्नी बनना चाहती हूं।’ तान्या जल्द रियलिटी शो में दिखेंगी तान्या मित्तल जल्द कॉमेडी और कुकिंग रियलिटी शो ‘मां है ना’ में नजर आएंगी। इसमें तान्या मां सुनीता मित्तल के साथ जोड़ी में दिखेंगी। हाल ही में ‘मां है ना’ के प्रमोशनल इवेंट्स के दौरान तान्या और स्प्लिट्सविला X6 विनर गुल्लू उर्फ कुशल तंवर के बीच हल्की-फुल्की नोकझोंक देखने को मिली थी। जब गुल्लू के बारे में पूछा गया, तो तान्या ने कहा कि दूसरों को हराने के लिए उनका खाना खराब करना गलत है। जब आप खुद पर कॉन्फिडेंट नहीं होते, तब आप दूसरों के साथ ऐसा करते हैं। तान्या ने यह भी कहा था कि वह उन लोगों को पसंद नहीं करतीं जो लाइन क्रॉस करते हैं। दोनों की बातचीत का वीडियो वायरल हो गया। तान्या ने ‘मेल ईगो’ तोड़ने की बात कही इसके बाद बिना किसी का नाम लिए तान्या ने इंस्टाग्राम स्टोरी पर लिखा, ‘एक बार फिर पुरुषों के अहंकार को चुनौती देकर खुशी हुई। जलन हो रही है? मैं समझ सकती हूं। कुछ पुरुष मजबूत और आत्मनिर्भर महिलाओं का सम्मान करते हैं, लेकिन कुछ सिर्फ उनके बारे में बातें ही कर पाते हैं।’ उन्होंने आगे लिखा, ‘जब कुछ लोग एक ऐसी महिला से असहज महसूस कर रहे हैं जो खुद को किसी के लिए छोटा नहीं करती, तब मैं अपनी मेहनत से आगे बढ़ रही हूं, सफलता हासिल कर रही हूं और लोगों का प्यार व आशीर्वाद बटोर रही हूं। जलते रहिए, देखते रहिए और बातें करते रहिए। मैं अपनी पहचान और काम से हमेशा याद रखी जाऊंगी।’
अमिताभ के बाद तेंदुलकर ने वैभव की तारीफ की:बोले- इस लड़के में कुछ खास, टेस्ट के लिए जल्दबाजी न करें; नेचुरल गेम खेलने दें

पूर्व दिग्गज सचिन तेंदुलकर ने युवा बैटर वैभव सूर्यवंशी की तारीफ की है। उन्होंने कहा- वैभव वाकई बेहद खास खिलाड़ी हैं। उनमें मैदान के चारों ओर शॉट खेलने की अद्भुत कला है। 53 साल के तेंदुलकर ने सलाह दी कि कोई भी उनके नेचुरल गेम के साथ छेड़छाड़ न करें। मुंबई में आयोजित क्रिकइन्फो ऑनर्स इवेंट में तेंदुलकर को 21वीं सदी का सर्वश्रेष्ठ इंटरनेशनल मेंस बैटर चुना गया। एक दिन पहले शनिवार को अमिताभ बच्चन ने सोशल प्लेटफॉर्म X पर वैभव की तारीफ करते हुए लिखा- ‘15 साल की उम्र का अद्भुत सूर्या। इस उम्र में तो हम बंटों और गुल्ली-डंडा भी ठीक से नहीं खेल पा रहे थे।’ सचिन- वैभव सिर्फ हवा में शॉट नहीं घुमा रहे तेंदुलकर ने कहा- ‘आज सभी वैभव की बात कर रहे हैं। मैंने भी उन्हें बैटिंग करते हुए देखा है। उनमें कुछ बहुत खास बात है। सिर्फ गेंद को हिट करने की ताकत ही नहीं, बल्कि उनकी कलाई का काम (रिस्ट वर्क) भी कमाल का है, जिसने मुझे सबसे ज्यादा प्रभावित किया।’ सचिन ने कहा, ‘मैदान के हर कोने में शॉट खेलने के लिए आपकी कलाई मजबूत होनी चाहिए। वे सिर्फ हवा में बल्ला नहीं घुमा रहे। वे बाकी खिलाड़ियों की तुलना में गेंद की लाइन और लेंथ को जल्दी भांप लेते हैं और आसानी से बाउंड्री पार करा देते हैं।’ तेंदुलकर की सलाह टेस्ट क्रिकेट के लिए जल्दीबाजी न करें, दबाव से बचाएं क्या वैभव को जल्द भारतीय टेस्ट टीम में चुनना चाहिए। इस पर तेंदुलकर ने कहा कि वे भी वैभव को टेस्ट क्रिकेट खेलते देखना चाहते हैं, लेकिन इसमें जल्दबाजी नहीं होनी चाहिए। वे जैसे हैं, वैसे ही रहें। टेस्ट में अनुभव के साथ वे चुनौतियों से निपटना सीख जाएंगे। मास्टर ब्लास्टर ने कहा, ‘वैभव एक ऐसे खिलाड़ी दिखते हैं जो बहुत कॉन्फिडेंट हैं और उन्हें पता है कि उन्हें क्या करना है। मैं उनके नेचुरल इंस्टिंक्ट (स्वाभाविक प्रवृत्ति) के साथ किसी भी तरह की छेड़छाड़ नहीं चाहूंगा। जिस तरह से वे गेंद को देखते हैं और उस पर रिएक्ट करते हैं, वह बेहतरीन है। अगर हम उन्हें एक साथ बहुत सारी चीजें बताकर बाधाएं खड़ी करेंगे, तो उनका वह सिग्नल इंटरप्ट (प्रभावित) हो जाएगा। मैं उन्हें खुलकर अपना खेल खेलने की आजादी दूंगा।’ चयन का फैसला सिलेक्टर्स पर छोड़ें सचिन ने कहा, ‘न केवल मैं, बल्कि हर कोई उन्हें किसी न किसी स्टेज पर टेस्ट क्रिकेट खेलते देखना चाहेगा। उस पर लगातार यह दबाव नहीं बनाना चाहिए कि उसे इस स्क्वॉड में चुना जाना चाहिए। यह फैसला उन सिलेक्टर्स पर छोड़ देना चाहिए जो इसके लिए जिम्मेदार हैं।’ गेल का रिकॉर्ड तोड़ा; IPL में बनाए 776 रन, 72 छक्के जड़े वैभव सूर्यवंशी के लिए IPL 2026 का सीजन रिकॉर्ड तोड़ने वाला रहा। राजस्थान रॉयल्स की तरफ से खेलते हुए 15 साल के इस खिलाड़ी ने 237.31 के स्ट्राइक रेट से 776 रन बनाए। इस दौरान उन्होंने 72 छक्के जड़े। इसके साथ ही वैभव ने क्रिस गेल के एक सीजन में सबसे ज्यादा 59 छक्कों का रिकॉर्ड तोड़ दिया। ————————————————– IPL से जुड़ी यह खबर भी पढ़िए… IPL 2026 ने दिए भारत को 10 फ्यूचर स्टार्स, सूर्यवंशी ने 776 रन बनाए IPL का फाइनल आज अहमदाबाद में रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु और गुजरात टाइटंस के बीच खेला जाएगा। इस सीजन में कई अनकैप्ड खिलाड़ियों ने अपने प्रदर्शन से टीमों की जीत में अहम भूमिका निभाई। वैभव सूर्यवंशी, प्रिंस यादव, प्रफुल हिंगे और आयुष म्हात्रे जैसे युवा सितारे चर्चा में रहे। स्टोरी में ऐसे ही 10 अनकैप्ड भारतीय प्लेयर्स, जो आने वाले समय में टीम इंडिया के लिए डेब्यू कर सकते हैं। पढ़ें पूरी खबर
अमिताभ के बाद तेंदुलकर ने वैभव की तारीफ की:बोले- इस लड़के में कुछ खास, टेस्ट के लिए जल्दबाजी न करें; नेचुरल गेम खेलने दें

पूर्व दिग्गज सचिन तेंदुलकर ने युवा बैटर वैभव सूर्यवंशी की तारीफ की है। उन्होंने कहा- वैभव वाकई बेहद खास खिलाड़ी हैं। उनमें मैदान के चारों ओर शॉट खेलने की अद्भुत कला है। 53 साल के तेंदुलकर ने सलाह दी कि कोई भी उनके नेचुरल गेम के साथ छेड़छाड़ न करें। मुंबई में आयोजित क्रिकइन्फो ऑनर्स इवेंट में तेंदुलकर को 21वीं सदी का सर्वश्रेष्ठ इंटरनेशनल मेंस बैटर चुना गया। एक दिन पहले शनिवार को अमिताभ बच्चन ने सोशल प्लेटफॉर्म X पर वैभव की तारीफ करते हुए लिखा- ‘15 साल की उम्र का अद्भुत सूर्या। इस उम्र में तो हम बंटों और गुल्ली-डंडा भी ठीक से नहीं खेल पा रहे थे।’ सचिन- वैभव सिर्फ हवा में शॉट नहीं घुमा रहे तेंदुलकर ने कहा- ‘आज सभी वैभव की बात कर रहे हैं। मैंने भी उन्हें बैटिंग करते हुए देखा है। उनमें कुछ बहुत खास बात है। सिर्फ गेंद को हिट करने की ताकत ही नहीं, बल्कि उनकी कलाई का काम (रिस्ट वर्क) भी कमाल का है, जिसने मुझे सबसे ज्यादा प्रभावित किया।’ सचिन ने कहा, ‘मैदान के हर कोने में शॉट खेलने के लिए आपकी कलाई मजबूत होनी चाहिए। वे सिर्फ हवा में बल्ला नहीं घुमा रहे। वे बाकी खिलाड़ियों की तुलना में गेंद की लाइन और लेंथ को जल्दी भांप लेते हैं और आसानी से बाउंड्री पार करा देते हैं।’ तेंदुलकर की सलाह टेस्ट क्रिकेट के लिए जल्दीबाजी न करें, दबाव से बचाएं क्या वैभव को जल्द भारतीय टेस्ट टीम में चुनना चाहिए। इस पर तेंदुलकर ने कहा कि वे भी वैभव को टेस्ट क्रिकेट खेलते देखना चाहते हैं, लेकिन इसमें जल्दबाजी नहीं होनी चाहिए। वे जैसे हैं, वैसे ही रहें। टेस्ट में अनुभव के साथ वे चुनौतियों से निपटना सीख जाएंगे। मास्टर ब्लास्टर ने कहा, ‘वैभव एक ऐसे खिलाड़ी दिखते हैं जो बहुत कॉन्फिडेंट हैं और उन्हें पता है कि उन्हें क्या करना है। मैं उनके नेचुरल इंस्टिंक्ट (स्वाभाविक प्रवृत्ति) के साथ किसी भी तरह की छेड़छाड़ नहीं चाहूंगा। जिस तरह से वे गेंद को देखते हैं और उस पर रिएक्ट करते हैं, वह बेहतरीन है। अगर हम उन्हें एक साथ बहुत सारी चीजें बताकर बाधाएं खड़ी करेंगे, तो उनका वह सिग्नल इंटरप्ट (प्रभावित) हो जाएगा। मैं उन्हें खुलकर अपना खेल खेलने की आजादी दूंगा।’ चयन का फैसला सिलेक्टर्स पर छोड़ें सचिन ने कहा, ‘न केवल मैं, बल्कि हर कोई उन्हें किसी न किसी स्टेज पर टेस्ट क्रिकेट खेलते देखना चाहेगा। उस पर लगातार यह दबाव नहीं बनाना चाहिए कि उसे इस स्क्वॉड में चुना जाना चाहिए। यह फैसला उन सिलेक्टर्स पर छोड़ देना चाहिए जो इसके लिए जिम्मेदार हैं।’ गेल का रिकॉर्ड तोड़ा; IPL में बनाए 776 रन, 72 छक्के जड़े वैभव सूर्यवंशी के लिए IPL 2026 का सीजन रिकॉर्ड तोड़ने वाला रहा। राजस्थान रॉयल्स की तरफ से खेलते हुए 15 साल के इस खिलाड़ी ने 237.31 के स्ट्राइक रेट से 776 रन बनाए। इस दौरान उन्होंने 72 छक्के जड़े। इसके साथ ही वैभव ने क्रिस गेल के एक सीजन में सबसे ज्यादा 59 छक्कों का रिकॉर्ड तोड़ दिया। ————————————————– IPL से जुड़ी यह खबर भी पढ़िए… IPL 2026 ने दिए भारत को 10 फ्यूचर स्टार्स, सूर्यवंशी ने 776 रन बनाए IPL का फाइनल आज अहमदाबाद में रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु और गुजरात टाइटंस के बीच खेला जाएगा। इस सीजन में कई अनकैप्ड खिलाड़ियों ने अपने प्रदर्शन से टीमों की जीत में अहम भूमिका निभाई। वैभव सूर्यवंशी, प्रिंस यादव, प्रफुल हिंगे और आयुष म्हात्रे जैसे युवा सितारे चर्चा में रहे। स्टोरी में ऐसे ही 10 अनकैप्ड भारतीय प्लेयर्स, जो आने वाले समय में टीम इंडिया के लिए डेब्यू कर सकते हैं। पढ़ें पूरी खबर
आर्थिक संकट में देश संभालना बड़ी जिम्मेदारी:मनोज बाजपेयी बोले- आम आदमी खर्च नियंत्रित कर सकता है, लेकिन देश को संकट से एक्सपर्ट्स ही निकालते हैं

1991 के आर्थिक संकट पर बनी फिल्म ‘गवर्नर: द साइलेंट सेवियर’ को लेकर मनोज बाजपेयी ने दैनिक भास्कर से बातचीत की। उन्होंने कहा कि फिल्म में एक आरबीआई गवर्नर के देश की उम्मीद बनने और देश को संकट से निकालने की जंग दिखाई गई है। मनोज ने इसे ‘इकोनॉमिक थ्रिलर’ बताया। उन्होंने वैश्विक हालात, ईरान-यूएस तनाव, आम आदमी की परेशानियों, ओटीटी और थिएटर की कमी पर भी राय रखी। सवाल: फिल्म ‘गवर्नर: द साइलेंट सेवियर’ किस बारे में है? जवाब: यह सिर्फ एक आरबीआई गवर्नर नहीं, बल्कि बड़ी जिम्मेदारी की कहानी है। आर्थिक संकट के समय हर नजर आप पर हो तो कितना दबाव होता है, फिल्म यही दिखाती है। ऐसे समय परिवार और निजी जिंदगी पीछे छूट जाती है। फिल्म उसी संघर्ष और दबाव को दिखाती है। सवाल: फिल्म में इकोनॉमिक्स और आरबीआई जैसे कठिन विषय हैं। आम दर्शक इसे कैसे समझ पाएंगे? जवाब: फिल्म में जीडीपी, फिस्कल डेफिसिट और इन्फ्लेशन जैसे शब्द हैं, लेकिन उन्हें आसान तरीके से दिखाया गया है। यह क्लासरूम वाली फिल्म नहीं, बल्कि ‘इकोनॉमिक थ्रिलर’ है। यहां कम समय में देश को आर्थिक संकट से बाहर निकालने की चुनौती ही रोमांच पैदा करती है। सवाल: इस किरदार की तैयारी कैसे की? जवाब: मैंने स्क्रिप्ट कई बार पढ़ी और जो बातें समझ नहीं आईं, उन्हें डायरेक्टर व राइटर्स से समझा। डायरेक्टर पढ़ने का मटेरियल और वीडियो भेजते थे। किरदार का लुक और बोलने का तरीका तय किया गया। करीब ढाई महीने तैयारी चली। टेक्निकल शब्दों को समझकर उन्हें आसान तरीके से दर्शकों तक पहुंचाना सबसे मुश्किल था। सवाल: एक तरफ आप राम गोपाल वर्मा की फिल्म कर रहे थे, जहां माहौल बिल्कुल अलग था, जबकि ‘गवर्नर’ के सेट पर लोग आपको बहुत शांत और गंभीर इंसान के तौर पर देखने लगे थे। ऐसा क्या था इस किरदार में? जवाब: यह किरदार कम बोलने वाला इंसान है, जो ज्यादातर अपने विचारों में व्यस्त रहता है। नंबर, गणित और बड़ी जिम्मेदारियों से जुड़े लोग अक्सर शांत होते हैं और लगातार चुनौतियों पर सोचते रहते हैं। आरबीआई गवर्नर भी हर समय संकट सुलझाने में लगा रहता है, इसलिए यह गंभीर नहीं बल्कि भीतर से लगातार सोचने वाले व्यक्ति का किरदार है। सवाल: क्या फिल्म में गंभीरता के साथ ह्यूमर भी देखने को मिलेगा? जवाब: बिल्कुल। फिल्म में फैमिली बॉन्डिंग है। मधु मेरी पत्नी का रोल कर रही हैं। उनकी फिल्म ‘रोजा’ देखकर पागल हो गए थे। उनके साथ के सीन हल्के और प्यारे हैं। ऑफिस के कुछ हिस्सों में भी ह्यूमर है। थ्रिलर होने के कारण दर्शक कहानी से जुड़े रहेंगे। सवाल: आप इतिहास के छात्र भी रहे हैं। 1991 के आर्थिक संकट और आज के हालात में क्या समानता देखते हैं? जवाब: 1991 में गल्फ वॉर के दौरान तेल के दाम बढ़ रहे थे और भारत आर्थिक संकट से जूझ रहा था। आज भी यूएस-ईरान जैसे तनावों का असर वैश्विक अर्थव्यवस्था पर पड़ता है। तेल महंगा होता है, डॉलर मजबूत होता है और भारत जैसे देशों पर दबाव बढ़ता है। इतिहास पूरी तरह नहीं दोहराता, लेकिन उसकी झलक जरूर दिखती है। सवाल: ऐसे संकट के समय आम आदमी क्या कर सकता है? जवाब: बड़े आर्थिक फैसले एक्सपर्ट्स और सरकारों का काम हैं। आम आदमी अपने खर्च नियंत्रित कर सकता है। मुश्किल समय में लोग फिजूल खर्च, घर खरीदने, घूमने और बड़े खर्चों से बचते हैं। लोग संभलकर चलते हैं क्योंकि उन्हें लगता है कि आगे का समय कठिन हो सकता है। सवाल: क्या आम आदमी सिस्टम बदल सकता है? जवाब: सिस्टम तभी तक मजबूत रहता है, जब तक आम आदमी सवाल नहीं पूछता। समस्याएं नहीं सुनी जाएं तो लोग आवाज उठाते हैं। इतिहास में कई बार आम आदमी ने बदलाव लाया है। इमरजेंसी और 1991 के संकट जैसे दौरों में भी लोगों की ताकत सामने आई है। सवाल: फिल्म की रिलीज के साथ दूसरी बड़ी फिल्में भी आ रही हैं। क्या ऐसी फिल्मों को सोलो रिलीज मिलनी चाहिए? जवाब: भारत में सबसे बड़ी समस्या थिएटर की कमी है। सरकार और इंडस्ट्री ज्यादा सिनेमाघर बनवाएं तो छोटी-बड़ी सभी फिल्मों को बराबर मौका मिलेगा। हर फिल्म को दर्शकों तक पहुंचने का अधिकार है। सवाल: क्या कुछ बड़े प्रोडक्शन हाउस की मोनोपोली भी खत्म होनी चाहिए? जवाब: हां। यह तय होना चाहिए कि किस बजट की फिल्म को कितने शो मिलें। छोटी फिल्मों को बड़ी फिल्मों के ज्यादा स्क्रीन लेने से नुकसान नहीं होना चाहिए। हर फिल्म को दर्शकों तक पहुंचने का बराबर मौका मिलना चाहिए। सवाल: ओटीटी ने इस तरह की फिल्मों को कितना फायदा पहुंचाया? जवाब: ओटीटी ने बहुत फायदा पहुंचाया और मुझे भी अच्छा काम करने का मौका मिला। लेकिन अब प्लेटफॉर्म ज्यादा कमर्शियल और असुरक्षित हो गए हैं। पहले अलग तरह की कहानियों को ज्यादा मौका मिलता था, जो अब कम हो गया है। सवाल: दर्शक इस फिल्म से क्या लेकर जाएंगे? जवाब: इस फिल्म का सबसे बड़ा संदेश “जिद” है, लेकिन समझदारी वाली जिद। यह किरदार हर मुश्किल में रास्ता निकालने की कोशिश करता है और आखिर तक हार नहीं मानता। सवाल: क्या आपको लगता है कि आपकी जिंदगी और इस किरदार में कुछ समानता है? जवाब: हां, मेरी जिंदगी में भी जिद रही है। कभी समझदारी वाली, तो कभी थोड़ी बेवकूफी वाली जिद। लेकिन उसी जिद ने मुझे यहां तक पहुंचाया है।







