Sunday, 11 Oct 2026 | 11:44 PM

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माखनलाल सरकार, जिनसे मोदी ने आशीर्वाद लिया, फिर गले लगाया:74 साल पहले श्यामा प्रसाद मुखर्जी से जुड़े, कश्मीर में तिरंगा आंदोलन में जेल गए

माखनलाल सरकार, जिनसे मोदी ने आशीर्वाद लिया, फिर गले लगाया:74 साल पहले श्यामा प्रसाद मुखर्जी से जुड़े, कश्मीर में तिरंगा आंदोलन में जेल गए

पीएम नरेंद्र मोदी शनिवार को पश्चिम बंगाल में भाजपा सरकार के शपथ समारोह में पहुंचे। कोलकाता में हुए कार्यक्रम में उन्होंने पार्टी के 98 साल के कार्यकर्ता माखनलाल सरकार से मुलाकात की। मोदी ने मंच पर पहुंचते ही माखनलाल को गले लगाया, नमस्ते किया और उनके पैर छूकर आशीर्वाद लिया। माखनलाल की पत्नी पुतुल सरकार ने बताया कि वह बहुत खुश हैं और भावुक हैं। उन्होंने कहा- ‘हमारा पति इतना बड़ा सम्मान पाया, देखकर अच्छा लगा।’ उन्होंने कहा- वह 16 साल की उम्र से ही RSS के साथ जुड़ गए थे। सुबह-सुबह वह शाखा के लिए जाते थे। फिर बीच में कभी समय मिला तो नाश्ते-खाने के लिए आते थे, फिर निकल जाते थे। उनके इतने वर्षों के संघर्ष को जब आज मंच पर सम्मानित किया गया तो हमें बहुत खुशी मिली। मोदी और माखनलाल सरकार की 4 तस्वीरें… 1. पीएम मोदी ने माखनलाल सरकार को शॉल ओढ़ाया 2. मोदी और माखनलाल सरकार ने एक-दूसरे को गले लगाया 3. पीएम ने वरिष्ठ कार्यकर्ता से हाथ मिलाकर अभिवादन किया 4. मोदी ने माखनलाल के पैर छूकर आशीर्वाद लिया परिवार बोला- बाबा को राष्ट्रगान गाने के लिए भी गिरफ्तार किया पीएम मोदी द्वारा सम्मान मिलने पर माखनलाल सरकार के परिवार ने खुशी जताई। उनकी बहू मीनू सरकार ने इसे परिवार के लिए ऐतिहासिक दिन बताया। उन्होंने कहा कि माखनलाल सरकार ने दशकों तक पार्टी और विचारधारा के लिए काम किया। परिवार ने उनके कई त्याग और संघर्ष देखे हैं। परिवार ने बताया कि 98 साल की उम्र में भी माखनलाल बेहद सादा जीवन जी रहे हैं। BJP नेताओं ने भी उन्हें पार्टी के समर्पित और संघर्षशील कार्यकर्ताओं में शामिल बताया। माखनलाल सरकार के बड़े बेटे माणिक सरकार ने बताया कि उनके बाबा को एक समय राष्ट्रगान गाने के कारण भी गिरफ्तार किया गया था। उस समय RSS पर प्रतिबंध लगा हुआ था। राजनीतिक करियर : 2026 में भाजपा का पहला सीएम सुवेंदु अधिकारी शनिवार को पश्चिम बंगाल में BJP के पहले मुख्यमंत्री बन गए हैं। सुवेंदु ने बांग्ला में ईश्वर के नाम की शपथ ली। शपथ के बाद सुवेंदु, पीएम के पास गए और उन्हें झुककर प्रणाम किया। बीजेपी के गठन के बाद 1982 में पार्टी ने बंगाल में पहला विधानसभा चुनाव लड़ा था। पार्टी को खाता खोलने में 34 साल लगे और 2016 में उसने 3 सीटें जीतें। तब पार्टी का वोट शेयर 10.3% था। 2021 में भाजपा ने 38.4% वोट शेयर के साथ 77 सीटें हासिल कीं। इस बार पार्टी ने 45.84% वोट शेयर के साथ 207 सीटें हासिल कीं। ——————————— ये खबर भी पढ़ें… ममता बनर्जी ने सोशल मीडिया प्रोफाइल बदला, पूर्व सीएम की जगह 15वीं, 16वीं, 17वीं विधानसभा का सीएम लिखा पश्चिम बंगाल में भाजपा की सरकार बदलते ही पूर्व सीएम ममता बनर्जी ने शनिवार को सोशल मीडिया प्रोफाइल बदल दिया। उन्होंने बायो में लिखा, ‘फाउंडर चेयरपर्सन ऑल इंडिया तृणमूल कांग्रेस और 15वीं,16वीं,17वीं विधानसभा की मुख्यमंत्री। पूरी खबर पढ़ें…

मदर्स डे 2026: इस बार मदर्स डे पर मां का दिल जीतने वाले 4 डायनामिक सरप्राइजेमोडिअम का पता लगाएं

मदर्स डे 2026: इस बार मदर्स डे पर मां का दिल जीतने वाले 4 डायनामिक सरप्राइजेमोडिअम का पता लगाएं

मातृ दिवस आश्चर्य विचार: मदर्स डे सिर्फ एक तारीख नहीं, बल्कि वह निस्वार्थ प्रेम और त्याग को सम्मान देने का दिन है, जो एक मां अपने बच्चों और परिवार के लिए जीवनभर करती है। साल 2026 में मदर्स डे को और भी खास बनाने के लिए आपको किसी सब्जी तोहफ़े की ज़रूरत नहीं है, बल्कि आपके छोटे-छोटे प्रयास और समय उनके सबसे बड़े उपहार साबित हो सकते हैं। अगर आप इस बार अपनी मां के चेहरे पर एक प्यारी सी मुस्कान देखना चाहते हैं, तो आप इन बेहतरीन इंस्टालेशन से उन्हें सरप्राइज़ कर सकते हैं। घर पर प्लान करें ‘डिनर डेट’ और मूवी नाइट बार-बार माँ की रसोई की डायरी में ही उलचली रहती हैं। इस मदर्स डे पर उन्हें किचन से छुट्टी मिल गई और उनके लिए उनकी पसंद का खाना खुद बताया। घर को गुब्बारों और कैंडल्स से सजाकर एक बेहतरीन डिनर डेट का शानदार तैयार करें। इसके बाद पूरे परिवार के साथ उनकी पसंदीदा फिल्म देखने का ‘मूवी नाइट’ प्लान करें, यह उनके लिए एक सार्वभौम भरा समय होगा। आप अपनी और माँ की पुरानी स्थिति का उपयोग करके एक ‘मेमोरी वॉल’ तैयार कर सकते हैं। डिम लाइट्स और वाद्य संगीत के बीच पुरानी यादों को ताज़ा करना उन्हें याद दिलाना और खुश कर देगा। इसके साथ ही, आप उन्हें अपने हाथों से एक पत्र (पर्सनलाइज्ड लेटर) लिखकर भी दे सकते हैं, जिसमें आप उन बातों का ज़िक्र करें जो आप बार-बार नहीं कहते। आप घर पर ही ‘स्पा सेशन’ के लिए मां की थकान बरकरार रख सकते हैं। उन्हें हेड मसाज या पैदल यात्री आरामदायक सेवाएं प्रदान करती हैं। अगर उन्हें घूमना पसंद है, तो किसी भी शांत और सुंदर जगह पर पेंटिंग प्लान बनाना एक शानदार विचार होगा। हैंडमेड भगवान और सरप्राइज़ पार्टी पोस्ट बाजार के भगवानों के थोक हाथों से बने तोहफे जैसे कस्टमाइज मग या फोटो फ्रेम मां के दिल के सबसे करीब होते हैं। अगर आपकी मां को लोगों से पसंद-जुलना पसंद है, तो करीबी रिश्तेदारों के साथ एक छोटी सी सरप्राइज गेट-टुगेदर पार्टी भी रखी जा सकती है। मदर्स डे सलाम का असली मकसद मां को यह बताना है कि वह हमारे जीवन में बहुत जरूरी हैं। आपके छोटे से सरप्राइज और उन्हें दिया गया थोड़ा सा वक्त इस दिन उनके लिए हमेशा के लिए यादगार बना दिया गया। (टैग्सटूट्रांसलेट)माँ

रेसलर विनेश 26 जून तक डोमेस्टिक कॉम्पिटिशन नहीं खेल पाएंगी:डोपिंग नियमों के उल्लंघन पर बैन, कहा था- मैं बृजभूषण के शोषण की पीड़ित

रेसलर विनेश 26 जून तक डोमेस्टिक कॉम्पिटिशन नहीं खेल पाएंगी:डोपिंग नियमों के उल्लंघन पर बैन, कहा था- मैं बृजभूषण के शोषण की पीड़ित

भारतीय कुश्ती महासंघ (WFI) ने ओलिंपियन रेसलर विनेश फोगाट पर 26 जून तक डोमेस्टिक कॉम्पिटिशन खेलने पर बैन लगा दिया है। WFI ने शनिवार को विनेश को नोटिस भेजकर कहा कि उन्होंने WFI के नियमों, डोप नियमों और अंतरराष्ट्रीय कुश्ती नियमों का उल्लंघन किया है। WFI का कहना है कि विनेश ने संन्यास से वापसी के लिए छह महीने पहले सूचना नहीं दी। विनेश के व्यवहार से देश को शर्मिंदगी हुई है और भारतीय कुश्ती की छवि खराब हुई है। अगस्त 2024 में हुए पेरिस ओलिंपिक में ओवर वेट पाए जाने पर विनेश फोगाट को डिसक्वालीफाई किया गया था। तब उन्होंने कुश्ती से संन्यास लेने का ऐलान किया था। हालांकि, बाद में उन्होंने अपना फैसला वापस ले लिया। दूसरा, 18 दिसंबर 2025 को बेंगलुरु में हुए डोप टेस्ट में शामिल न होने पर इसी महीने 4 मई को इंटरनेशनल टेस्टिंग एजेंसी (ITA) ने विनेश फोगाट को नोटिस जारी किया था। पिछले हफ्ते पूर्व अध्यक्ष बृजभूषण पर फिर आरोप लगाए थे विनेश फोगाट ने 3 मई को WFI के पूर्व अध्यक्ष बृजभूषण शरण सिंह पर एक बार फिर गंभीर आरोप लगाए थे। सोशल मीडिया पर वीडियो शेयर करके विनेश ने कहा था, यूपी के गोंडा में 10 से 12 मई के बीच सीनियर ओपन रैंकिंग कुश्ती टूर्नामेंट हो रहा है। आज कुछ मजबूरियों के चलते मैं कहना चाहती हूं कि बृजभूषण शरण के खिलाफ कंप्लेंट करने वाले उन 6 विक्टिम में मैं भी शामिल हूं। मेरी गवाही भी कोर्ट में चल रही है। मेरा उसके घर (गोंडा) में जाकर कॉम्पिटीशन लड़ना मुश्किल होगा। मुझे नहीं लगता कि मैं अपना 100% दे पाऊंगी। एक लड़की के लिए ये काफी मुश्किल होगा। मैं और मेरी टीम कॉम्पिटीशन लड़ेगी, अगर किसी के साथ कुछ गलत होता है तो इसकी जिम्मेदारी भारत सरकार की होगी। बता दें कि करीब 3 साल पहले विनेश ने बृजभूषण पर महिला खिलाड़ियों के यौन उत्पीड़न का आरोप लगाया था। इसे लेकर दिल्ली के जंतर-मंतर पर महिला पहलवानों ने बृजभूषण के खिलाफ धरना भी दिया था। विनेश हरियाणा के जुलाना से कांग्रेस विधायक हैं। बृजभूषण भाजपा के पूर्व सांसद हैं। वर्तमान में उनका एक बेटा यूपी से सांसद और एक विधायक है। पहले पढ़िए, विनेश ने क्या बातें कहीं थी… पिछले डेढ़ साल से मैट से दूर थी विनेश ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो पोस्ट करते हुए कहा- आप सब को नमस्कार। जैसा की सभी को पता है कि पिछले डेढ़ साल से मैं रेस्लिंग मैट से काफी दूर थी। लेकिन अब कुछ महीनों से मैं रेसलिंग की तैयारियां कर रह रही हूं। बड़ी मेहनत और ईमानदारी से मेहनत कर रही हूं। जैसे मैंने पहले देश के लिए मेडल जीते, परमात्मा के आशीर्वाद से, आप सबके सहयोग से फिर से रेसलिंग मैट पर जाऊं और देश के लिए ढेर सारे मेडल जीतूं और देश के तिरंगे का मान बनाए रखूं। एक महीने पहले कॉम्पिटीशन अनाउंस हुआ विनेश ने आगे कहा कि मैं आप सबके साथ वीडियो के माध्यम से कुछ बातें साझा करना चाहती हूं। आज से करीब एक महीना पहले रेसलिंग फेडरेशन ने एक कॉम्पिटीशन का अनाउंसमेंट किया गया। यह टूर्नामेंट जहां पर ऑर्गनाइज करवाया जा रहा है, वो गोंडा यूपी है। जहां बृजभूषण का घर है। वहां उसका प्राइवेट कॉलेज है। वहां पर मेहनत करने वाले हर खिलाड़ी को उसका हक मिलेगा, यह बड़ा नामुमकिन और बहुत इम्पॉसिबल चीज है। सरकार ने सब बृजभूषण के सहारे छोड़ा विनेश ने कहा, कौन रेफरी, किसके मैच में जाएगा। कौन रेफरी कितने पॉइंट देगा, कौन मैच चेयरमैन कहां पर बैठेगा, किसको जितवाना है, किसको हरवाना है। ये सब बृजभूषण और उसके लोगों द्वारा कंट्रोल किया जाएगा। सरकार और हमारा खेल मंत्रालय मूक दर्शक बनकर इस चीज को देख रहा है। कोई खिलाड़ियों की मदद के लिए आगे नहीं आ रहा, मानो बृजभूषण को फ्री हैंड दिया हुआ है कि तुम जो मर्जी करो। चाहे तुम महिला पहलवानों के साथ कुछ करो या तुम कुश्ती जगत के साथ कुछ भी करो। हम तुम्हारे साथ में खड़े हैं। सभी मेहनती खिलाड़ियों का वजन सही से चेक किया जाएगा, उनकी मेहनत का असल रिजल्ट मैट पर निकलकर आएगा, ऐसा मुझे नहीं लगता। केस कोर्ट में पेंडिंग है विनेश ने कहा कि आज से तीन साल पहले हमने सेक्सुअल हैरेसमेंट के खिलाफ भी आवाज उठाई थी। उससे संबंधित केस कोर्ट में पेंडिंग है। 6 महिला खिलाड़ियों ने उसमें शिकायत और गवाही दी थी, उस केस में गवाहियां चल रही है। सुप्रीम कोर्ट की गाइडलाइन है कि किसी भी पीड़ित की पहचान को सार्वजनिक न किया जाए, क्योंकि उनकी गरिमा और मान सम्मान की बात होती है। आज कुछ मजबूरियां ऐसी है कि मैं आप सभी को कुछ बताना चाहती हूं। मैं अभी नहीं बोलना चाहती थी, क्योंकि कोर्ट में केस पेडिंग है। देश के सामने सब सच्चाई सामने आ जाएगी। मैं बताना चाहती हूं कि उन 6 में से एक विक्टिम मैं खुद हूं, जिन्होंने शिकायत दी थी। अब जानिए क्या है यौन उत्पीड़न का पूरा मामला… बृजभूषण पर लगाए थे यौन उत्पीड़न के आरोप 18 जनवरी 2023 को रेसलर विनेश फोगाट, साक्षी मलिक और बजरंग पूनिया ने दिल्ली के जंतर-मंतर पर धरना देकर बृजभूषण पर महिला रेसलर्स के साथ यौन उत्पीड़न के आरोप लगाए थे। विनेश फोगाट ने रोते हुए कहा था- बृजभूषण शरण सिंह और कोच नेशनल कैंप में महिला रेसलर्स का यौन उत्पीड़न करते हैं। बृजभूषण खिलाड़ियों के होटल में रुकते थे, जो नियमों के खिलाफ है। टोक्यो ओलिंपिक में हार के बाद WFI के अध्यक्ष ने मुझे खोटा सिक्का कहा था। बृजभूषण बोले थे- आरोप सही हुए तो फांसी पर लटक जाऊंगा इन आरोपों पर कुश्ती संघ के पूर्व अध्यक्ष बृजभूषण ने सफाई देते हुए कहा था- किसी भी तरह का उत्पीड़न नहीं हुआ है। अगर हुआ है तो मैं फांसी पर लटक जाऊंगा। उन्होंने धरने को स्पॉन्सर्ड बताते हुए इसके पीछे हरियाणा कांग्रेस के राज्यसभा सांसद दीपेंद्र हुड्‌डा को बताया था। उन्होंने कहा था कि अब ये खिलाड़ी नेशनल लेवल पर भी खेलने योग्य नहीं रहे। —————- यह खबर भी पढ़ें… विनेश फोगाट ने ओलिंपिक 2028 के लिए संन्यास वापस लिया: कहा- आग कभी खत्म नहीं होती; पेरिस ओलिंपिक में 100g वजन बढ़ने से डिसक्वालिफाई हुई थीं विनेश

डायबिटीज और खांसी में रामबाण है बोगनवेलिया की चाय, जानिए इसे पीने के अद्भुत फायदे और औषधीय गुण

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Bougainvillea Tea Benefits : अक्सर हमारे घरों की दीवारों और बालकनी की शोभा बढ़ाने वाला गुलाबी बोगनवेलिया सिर्फ एक सजावटी पौधा नहीं है, बल्कि आयुर्वेद और मेक्सिकन पारंपरिक चिकित्सा (Té de bugambilia) में एक शक्तिशाली औषधि भी है. क्या आप जानते हैं कि इसके रंगीन फूलों और पत्तियों से बनी चाय खांसी, जुकाम और यहाँ तक कि डायबिटीज जैसी गंभीर समस्याओं में रामबाण साबित हो सकती है? मेक्सिको में यह एक लोकप्रिय स्वास्थ्य पेय है, जो न केवल देखने में आकर्षक है, बल्कि शरीर की प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने में भी बेजोड़ है. आइए, इस ब्लॉग में विस्तार से जानते हैं कि कैसे बोगनवेलिया की चाय आपकी सेहत को बदल सकती है. मेक्सिको में यह एक लोकप्रिय स्वास्थ्य पेय है, जो न केवल देखने में आकर्षक है, बल्कि शरीर की प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने में भी बेजोड़ है. बोगनवेलिया चाय के औषधीय गुण और फायदे-बोगनवेलिया, जिसे हम ‘कागज के फूल’ के नाम से भी जानते हैं, औषधीय गुणों का भंडार है. वैज्ञानिक शोधों और पारंपरिक चिकित्सा पद्धतियों के अनुसार, इस पौधे के विभिन्न हिस्सों (फूल, पत्तियां और तना) का उपयोग शरीर के अलग-अलग विकारों को दूर करने के लिए किया जाता है. 1. खांसी और जुकाम में राहतबोगनवेलिया की चाय का सबसे प्रमुख लाभ श्वसन तंत्र पर होता है. इसमें ‘एक्सपेक्टोरेंट’ गुण होते हैं, जो फेफड़ों में जमे बलगम को ढीला कर बाहर निकालने में मदद करते हैं. पुरानी खांसी, फ्लू और गले की खराश (Sore Throat) में इसकी गरम चाय पीने से तुरंत आराम मिलता है. मेक्सिकन लोक चिकित्सा में इसे ‘ब्रोंकाइटिस’ के इलाज के लिए एक प्रभावी घरेलू नुस्खा माना जाता है. 2. डायबिटीज (Type 2) में फायदेमंदडायबिटीज के मरीजों के लिए बोगनवेलिया की पत्तियां किसी वरदान से कम नहीं हैं. विभिन्न अध्ययनों के अनुसार, इसकी पत्तियों में ‘पिनिटोल’ (Pinitol) नामक तत्व पाया जाता है, जिसमें इंसुलिन जैसा प्रभाव होता है.यह रक्त शर्करा (Blood Sugar) के स्तर को नियंत्रित करने में मदद करता है. नियमित रूप से (डॉक्टर की सलाह पर) इसकी पत्तियों का अर्क या चाय लेने से टाइप 2 डायबिटीज के प्रबंधन में काफी मदद मिलती है. 3. पाचन और पेट की समस्याएंबोगनवेलिया की पत्तियां पाचन तंत्र को दुरुस्त रखने में कारगर हैं. यदि आप दस्त (Diarrhea) या पेट में एसिडिटी की समस्या से जूझ रहे हैं, तो इसकी चाय एक प्राकृतिक उपचार हो सकती है. यह पेट की अम्लता को कम कर पाचन क्रिया को शांत करती है. 4. लो बीपी में लाभकारीजहाँ इसकी पत्तियां शुगर के लिए हैं, वहीं इसके फूलों का अर्क ‘लो ब्लड प्रेशर’ (Low Blood Pressure) के मरीजों के लिए फायदेमंद माना जाता है. इसके अलावा इसका तना (Stems) हेपेटाइटिस जैसी लिवर संबंधी समस्याओं के उपचार में सहायता करता है. जबकि ल्यूकोरिया (Leucorrhoea) महिलाओं में व्‍हाइट डिस्‍चार्ज की समस्या में फायदेमंद होता है. कैसे तैयार करें यह चाय? आवश्यक सामग्री:बोगनवेलिया के फूल: 10-12 (ताजे या सूखे हुए, गहरे गुलाबी या बैंगनी रंग के फूल सबसे अच्छे होते हैं).पानी: 2 कप.नींबू का रस: आधा चम्मच (स्वाद और विटामिन C के लिए).शहद या गुड़: स्वादानुसार (डायबिटीज के मरीज इसका उपयोग न करें).दालचीनी का टुकड़ा: 1 छोटा (वैकल्पिक, बेहतर पाचन के लिए). बनाने की विधि: फूलों की सफाई करें: सबसे पहले बोगनवेलिया के ताजे फूलों को चुनें. ध्यान रखें कि आप केवल रंगीन पंखुड़ियों का उपयोग करें. फूलों के बीच में मौजूद छोटे सफेद हिस्से (पुंकेसर) को निकाल दें और पंखुड़ियों को साफ पानी से अच्छी तरह धो लें ताकि धूल या मिट्टी निकल जाए.पानी उबालें: एक पैन में 2 कप पानी डालें और इसे मध्यम आंच पर गरम होने दें. अगर आप दालचीनी डालना चाहते हैं, तो इसी समय डाल दें.फूल डालें: जब पानी उबलने लगे, तो इसमें साफ की हुई बोगनवेलिया की पंखुड़ियां डाल दें.धीमी आंच पर पकाएं: आंच धीमी कर दें और इसे 3 से 5 मिनट तक उबलने दें. आप देखेंगे कि धीरे-धीरे फूलों का रंग फीका पड़ने लगेगा और पानी एक सुंदर गुलाबी या गहरे रंग में बदल जाएगा.छान लें: जब पानी आधा रह जाए या रंग गहरा हो जाए, तो गैस बंद कर दें. चाय को एक कप में छान लें.सर्व करें: अब इसमें नींबू का रस मिलाएं. नींबू डालते ही चाय का रंग और भी चमकीला और आकर्षक हो जाता है. अगर आप शुगर के मरीज नहीं हैं, तो इसमें थोड़ा शहद मिला सकते हैं.सेवन का तरीका: खांसी और गले की खराश के लिए इसे गुनगुना (Warm) ही पिएं. बेहतर परिणामों के लिए दिन में 1-2 बार इसका सेवन किया जा सकता है. यह चाय न केवल आपकी इम्युनिटी बढ़ाएगी, बल्कि आपको हाइड्रेटेड रखने में भी मदद करेगी. View this post on Instagram

दिलजीत बोले- राजनीति में आने का कोई इरादा नहीं:पोस्ट शेयर कर अफवाहों का खंडन किया, कहा- म्यूजिक और फिल्मों पर ही पूरा फोकस रहेगा

दिलजीत बोले- राजनीति में आने का कोई इरादा नहीं:पोस्ट शेयर कर अफवाहों का खंडन किया, कहा- म्यूजिक और फिल्मों पर ही पूरा फोकस रहेगा

पंजाबी सिंगर और एक्टरदिलजीत दोसांझ ने राजनीति में आने की खबरों पर सोशल मीडिया के जरिए सफाई दी है। पिछले कुछ दिनों से सोशल मीडिया पर ऐसी चर्चाएं चल रही थीं कि दिलजीत पंजाब की राजनीति में एंट्री कर सकते हैं। अब उन्होंने इन खबरों को पूरी तरह खारिज कर दिया है। दिलजीत ने अपनी इंस्टाग्राम स्टोरी पर पोस्ट शेयर करते हुए लिखा, “कदे वी नहीं।” यानी उनका राजनीति में आने का कोई इरादा नहीं है। उन्होंने साफ किया कि वे सिर्फ एक कलाकार हैं और उनका फोकस म्यूजिक, फिल्मों और एंटरटेनमेंट पर ही है। दरअसल, हाल ही में सोशल मीडिया पर दिलजीत को लेकर कई तरह की चर्चाएं शुरू हो गई थीं। इसकी वजह यह थी कि वे लगातार इंटरनेशनल प्लेटफॉर्म पर पंजाब और पंजाबी संस्कृति को प्रमोट करते नजर आ रहे हैं। कई यूजर्स उन्हें पंजाब की नई आवाज और संभावित राजनीतिक चेहरा बताने लगे थे। दिलजीत दोसांझ को दूसरा थलापति विजय कहने लगे। हालांकि दिलजीत ने अपने पोस्ट के जरिए साफ कर दिया कि वे राजनीति से दूर ही रहना चाहते हैं। उन्होंने यह भी संकेत दिया कि उनका पूरा ध्यान अपने काम और फैंस को एंटरटेन करने पर है। दिलजीत इससे पहले भी कई मुद्दों पर सोशल मीडिया के जरिए अपनी राय रखते रहे हैं। हाल के महीनों में वे पंजाब, पंजाबी भाषा और संस्कृति को लेकर खुलकर बात करते नजर आए थे। यही वजह रही कि सोशल मीडिया पर उनके राजनीति में आने को लेकर चर्चाएं तेज हो गई थीं। वर्कफ्रंट की बात करें तो दिलजीत इन दिनों अपने म्यूजिक टूर और अपकमिंग प्रोजेक्ट्स में बिजी हैं। वे लगातार इंटरनेशनल कॉन्सर्ट्स कर रहे हैं और पंजाबी म्यूजिक को ग्लोबल लेवल पर पहचान दिलाने में जुटे हैं।

दिलजीत बोले- राजनीति में आने का कोई इरादा नहीं:पोस्ट शेयर कर अफवाहों का खंडन किया, कहा- म्यूजिक और फिल्मों पर ही पूरा फोकस रहेगा

दिलजीत बोले- राजनीति में आने का कोई इरादा नहीं:पोस्ट शेयर कर अफवाहों का खंडन किया, कहा- म्यूजिक और फिल्मों पर ही पूरा फोकस रहेगा

पंजाबी सिंगर और एक्टर दिलजीत दोसांझ ने राजनीति में आने की खबरों पर सोशल मीडिया के जरिए सफाई दी है। पिछले कुछ दिनों से सोशल मीडिया पर ऐसी चर्चाएं चल रही थीं कि दिलजीत पंजाब की राजनीति में एंट्री कर सकते हैं। अब उन्होंने इन खबरों को पूरी तरह खारिज कर दिया है। दिलजीत ने अपनी इंस्टाग्राम स्टोरी पर पोस्ट शेयर करते हुए लिखा, “कदे वी नहीं।” यानी उनका राजनीति में आने का कोई इरादा नहीं है। उन्होंने साफ किया कि वे सिर्फ एक कलाकार हैं और उनका फोकस म्यूजिक, फिल्मों और एंटरटेनमेंट पर ही है। दरअसल, हाल ही में सोशल मीडिया पर दिलजीत को लेकर कई तरह की चर्चाएं शुरू हो गई थीं। इसकी वजह यह थी कि वे लगातार इंटरनेशनल प्लेटफॉर्म पर पंजाब और पंजाबी संस्कृति को प्रमोट करते नजर आ रहे हैं। कई यूजर्स उन्हें पंजाब की नई आवाज और संभावित राजनीतिक चेहरा बताने लगे थे। दिलजीत दोसांझ को दूसरा थलापति विजय कहने लगे। हालांकि दिलजीत ने अपने पोस्ट के जरिए साफ कर दिया कि वे राजनीति से दूर ही रहना चाहते हैं। उन्होंने यह भी संकेत दिया कि उनका पूरा ध्यान अपने काम और फैंस को एंटरटेन करने पर है। दिलजीत इससे पहले भी कई मुद्दों पर सोशल मीडिया के जरिए अपनी राय रखते रहे हैं। हाल के महीनों में वे पंजाब, पंजाबी भाषा और संस्कृति को लेकर खुलकर बात करते नजर आए थे। यही वजह रही कि सोशल मीडिया पर उनके राजनीति में आने को लेकर चर्चाएं तेज हो गई थीं। वर्कफ्रंट की बात करें तो दिलजीत इन दिनों अपने म्यूजिक टूर और अपकमिंग प्रोजेक्ट्स में बिजी हैं। वे लगातार इंटरनेशनल कॉन्सर्ट्स कर रहे हैं और पंजाबी म्यूजिक को ग्लोबल लेवल पर पहचान दिलाने में जुटे हैं।

शाहिद कपूर एयरपोर्ट पर लाइन में खड़े थे:बुजुर्ग ने आगे जाने को कहा; एक्टर हो गए हैरान

शाहिद कपूर एयरपोर्ट पर लाइन में खड़े थे:बुजुर्ग ने आगे जाने को कहा; एक्टर हो गए हैरान

बॉलीवुड एक्टर शाहिद कपूर का एक वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आया है। मुंबई एयरपोर्ट पर पहुंचे शाहिद से एक बुजुर्ग व्यक्ति ने उनसे आगे बढ़ने के लिए कहा, ताकि उनके आसपास भीड़ न लग जाए। सोशल मीडिया पर सामने आए इस वीडियो में शाहिद एयरपोर्ट पर लाइन में खड़े नजर आते हैं। इसी दौरान उनके आगे खड़े एक बुजुर्ग व्यक्ति उनसे कहते हैं, ‘सर, प्लीज आगे बढ़िए, लोग आपके पास भीड़ लगा देंगे।’ इस पर शाहिद उनसे पूछते हैं, ‘आर यू श्योर?’ जवाब में बुजुर्ग व्यक्ति कहते हैं, ‘हां, 100 परसेंट।’ इसके बाद शाहिद आगे बढ़ जाते हैं। वीडियो पर यूजर्स ने शाहिद कपूर और बुजुर्ग व्यक्ति दोनों की तारीफ की। कुछ फैंस ने शाहिद की सादगी और विनम्रता को लेकर कमेंट किए। कॉकटेल 2 में शाहिद दिखाई देंगे वर्कफ्रंट की बात करें तो शाहिद जल्द फिल्म कॉकटेल 2 में नजर आएंगे। यह 2012 में रिलीज हुई फिल्म कॉकटेल का सीक्वल है। पहले पार्ट में सैफ अली खान, दीपिका पादुकोण और डायना पेंटी नजर आए थे। फिल्म के दूसरे पार्ट में शाहिद के साथ कृति सेनन और रश्मिका मंदाना दिखाई देंगी। फिल्म 12 जून को सिनेमाघरों में रिलीज होने वाली है। शाहिद आखिरी बार फरवरी में रिलीज हुई फिल्म ओ रोमियो में नजर आए थे। इस फिल्म में तृप्ति डिमरी, दिशा पाटनी और तमन्ना भाटिया भी नजर आई थीं। हालांकि, फिल्म बॉक्स ऑफिस पर उम्मीद के मुताबिक प्रदर्शन नहीं कर सकी। लगभग ₹125–150 करोड़ के बजट में बनी इस फिल्म ने दुनिया भर में लगभग ₹92.86 करोड़ का कलेक्शन किया था।

शाहिद कपूर एयरपोर्ट पर लाइन में खड़े थे:बुजुर्ग ने आगे जाने को कहा; एक्टर हो गए हैरान

शाहिद कपूर एयरपोर्ट पर लाइन में खड़े थे:बुजुर्ग ने आगे जाने को कहा; एक्टर हो गए हैरान

बॉलीवुड एक्टर शाहिद कपूर का एक वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आया है। मुंबई एयरपोर्ट पर पहुंचे शाहिद से एक बुजुर्ग व्यक्ति ने उनसे आगे बढ़ने के लिए कहा, ताकि उनके आसपास भीड़ न लग जाए। सोशल मीडिया पर सामने आए इस वीडियो में शाहिद एयरपोर्ट पर लाइन में खड़े नजर आते हैं। इसी दौरान उनके आगे खड़े एक बुजुर्ग व्यक्ति उनसे कहते हैं, ‘सर, प्लीज आगे बढ़िए, लोग आपके पास भीड़ लगा देंगे।’ इस पर शाहिद उनसे पूछते हैं, ‘आर यू श्योर?’ जवाब में बुजुर्ग व्यक्ति कहते हैं, ‘हां, 100 परसेंट।’ इसके बाद शाहिद आगे बढ़ जाते हैं। वीडियो पर यूजर्स ने शाहिद कपूर और बुजुर्ग व्यक्ति दोनों की तारीफ की। कुछ फैंस ने शाहिद की सादगी और विनम्रता को लेकर कमेंट किए। कॉकटेल 2 में शाहिद दिखाई देंगे वर्कफ्रंट की बात करें तो शाहिद जल्द फिल्म कॉकटेल 2 में नजर आएंगे। यह 2012 में रिलीज हुई फिल्म कॉकटेल का सीक्वल है। पहले पार्ट में सैफ अली खान, दीपिका पादुकोण और डायना पेंटी नजर आए थे। फिल्म के दूसरे पार्ट में शाहिद के साथ कृति सेनन और रश्मिका मंदाना दिखाई देंगी। फिल्म 12 जून को सिनेमाघरों में रिलीज होने वाली है। शाहिद आखिरी बार फरवरी में रिलीज हुई फिल्म ओ रोमियो में नजर आए थे। इस फिल्म में तृप्ति डिमरी, दिशा पाटनी और तमन्ना भाटिया भी नजर आई थीं। हालांकि, फिल्म बॉक्स ऑफिस पर उम्मीद के मुताबिक प्रदर्शन नहीं कर सकी। लगभग ₹125–150 करोड़ के बजट में बनी इस फिल्म ने दुनिया भर में लगभग ₹92.86 करोड़ का कलेक्शन किया था।

क्या ममता बनर्जी चुपचाप मान गईं? सुवेंदु के पदभार संभालते ही अपडेटेड एक्स बायो में हलचल मच गई | भारत समाचार

Bangladesh Vs Pakistan 1st Test Day 2 Live (AFP)

आखरी अपडेट:09 मई, 2026, 13:16 IST यह अपडेट उस दिन आया है जब बनर्जी के पूर्व विश्वासपात्र सुवेंदु अधिकारी ने राज्य में भाजपा की पहली सरकार के मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली थी। ममता बनर्जी विधानसभा चुनावों में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) से मिली चौंकाने वाली हार के बाद मुख्यमंत्री पद छोड़ने से इनकार करने के कुछ दिनों बाद, तृणमूल कांग्रेस प्रमुख ममता बनर्जी ने अपने एक्स (पूर्व में ट्विटर) बायो को “संस्थापक अध्यक्ष अखिल भारतीय तृणमूल कांग्रेस। पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री (15वीं, 16वीं और 17वीं विधानसभा)” में अपडेट किया है। बायो में अपडेट, जिसमें पहले लिखा था: “संस्थापक अध्यक्ष अखिल भारतीय तृणमूल कांग्रेस। माननीय मुख्यमंत्री, पश्चिम बंगाल”, उस दिन आया है जब बनर्जी के पूर्व विश्वासपात्र सुवेंदु अधिकारी ने राज्य में भाजपा की पहली सरकार के मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली थी। चुनी हुई कहानियाँ, आपके इनबॉक्स में हमारी सर्वोत्तम पत्रकारिता वाला एक न्यूज़लेटर जमा करना न्यूज़ इंडिया क्या ममता बनर्जी चुपचाप मान गईं? सुवेंदु के पदभार संभालते ही अपडेटेड एक्स बायो में हलचल मच गई अस्वीकरण: टिप्पणियाँ उपयोगकर्ताओं के विचार दर्शाती हैं, News18 के नहीं। कृपया चर्चाएँ सम्मानजनक और रचनात्मक रखें। अपमानजनक, मानहानिकारक, या अवैध टिप्पणियाँ हटा दी जाएंगी। News18 अपने विवेक से किसी भी टिप्पणी को अक्षम कर सकता है. पोस्ट करके, आप हमारी उपयोग की शर्तों और गोपनीयता नीति से सहमत होते हैं। और पढ़ें (टैग्सटूट्रांसलेट)ममता बनर्जी की मुख्यमंत्री हार(टी)ममता बनर्जी बायो अपडेट(टी)तृणमूल कांग्रेस के संस्थापक अध्यक्ष(टी)पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री(टी)बीजेपी विधानसभा चुनाव(टी)सुवेंदु अधिकारी ने शपथ ली(टी)बीजेपी की पहली सरकार पश्चिम बंगाल(टी)एक्स पूर्व में ट्विटर

7 साल में तैयार होगा यह पेड़, फिर शुरू होगी तगड़ी कमाई! आयुर्वेद से फर्नीचर तक डिमांड

7 साल में तैयार होगा यह पेड़, फिर शुरू होगी तगड़ी कमाई! आयुर्वेद से फर्नीचर तक डिमांड

Last Updated:May 09, 2026, 12:52 IST किसान अब पारंपरिक खेती के साथ ऐसे पेड़ों की ओर भी रुख कर रहे हैं, जिनसे लंबे समय तक अच्छी कमाई की जा सके. गूलर का पेड़ भी उन्हीं में से एक है, जिसकी बाजार में काफी डिमांड है. इसकी पत्तियां, फल और छाल आयुर्वेदिक दवाओं में इस्तेमाल किए जाते हैं, वहीं इसकी लकड़ी से महंगे फर्नीचर तैयार किए जाते हैं. कम देखरेख में तैयार होने वाला यह पेड़ किसानों के लिए अतिरिक्त आय का बेहतर जरिया बन सकता है. इस पेड़ की छाल, पत्तियों और फल का इस्तेमाल औषधि के रूप में किया जाता है. इसके अलावा बाजार में भी इसका उपयोग कई आयुर्वेदिक दवाएं बनाने में किया जाता है. वहीं इसकी लकड़ी की डिमांड भी मार्केट में काफी अधिक रहती है. इस लकड़ी से महंगे और आकर्षक फर्नीचर तैयार किए जाते हैं. ऐसे में किसान खाली पड़ी जमीन का सही उपयोग करते हुए इस पेड़ की खेती कर अतिरिक्त मुनाफा कमा सकते हैं. हम बात कर रहे हैं गूलर के पेड़ की. इस पेड़ को अच्छी तरह विकसित होने में करीब 7 से 8 साल का समय लगता है. अपने औषधीय गुणों की वजह से इसकी बाजार में काफी ज्यादा डिमांड रहती है. गूलर की छाल, पत्तियों और फल का इस्तेमाल कई आयुर्वेदिक औषधियां बनाने में किया जाता है. इसके अलावा गूलर की लकड़ी का उपयोग महंगे और आकर्षक फर्नीचर तैयार करने में भी किया जाता है. इसके पौधे को लगाने से पहले गमले में मौजूद मिट्टी को इसके अनुकूल तैयार करना जरूरी होता है. इसके लिए सबसे पहले मिट्टी में गोबर की खाद अच्छी तरह मिला लें. इसके बाद तैयार मिट्टी को गमले में भर दें और फिर कलम किए हुए पौधे को लगा दें. ध्यान रहे कि गमले को ऐसी जगह रखें, जहां रोजाना करीब 5 से 6 घंटे तक अच्छी धूप आती हो. Add News18 as Preferred Source on Google गमले में लगी कलम जब पौधे का रूप ले ले, तो उसे खेत या बगीचे में लगा सकते हैं. इसके अलावा चाहें तो इसे किसी नर्सरी से खरीदकर भी खेत की खाली जगह पर लगाया जा सकता है. मामूली देखरेख और सही रखरखाव के बाद यह पौधा करीब 7 से 8 साल में अच्छी तरह विकसित हो जाता है. यही कारण है कि किसान अब धीरे-धीरे बड़े स्तर पर गूलर के पेड़ की खेती करने लगे हैं. गूलर की पत्तियां, जड़ और फल औषधीय रूप से बेहद उपयोगी माने जाते हैं. यह सूजन और दर्द जैसी कई स्वास्थ्य समस्याओं में कारगर साबित होते हैं. वहीं गूलर की पत्तियों का लेप पुराने घावों को भरने में भी मददगार माना जाता है. ऐसे में गूलर की खेती किसानों के लिए जबरदस्त मुनाफे का सौदा साबित हो सकती है. किसान खाली पड़ी जमीन में कुछ खास पौधे लगाकर अपनी कमाई बढ़ा सकते हैं. कई ऐसे पेड़ होते हैं, जिनकी बाजार में काफी ज्यादा डिमांड रहती है. इनके फल, पत्तियां और लकड़ी तक अच्छी कीमत पर बिकती हैं. आज हम आपको ऐसे ही एक पेड़ के बारे में बताने जा रहे हैं, जिसके फल और पत्तियां औषधि के रूप में इस्तेमाल किए जाते हैं, जबकि इसकी लकड़ी से महंगे और आकर्षक फर्नीचर तैयार किए जाते हैं. कृषि एक्सपर्ट राकेश पांडेय बताते हैं कि गूलर एक ऐसा पेड़ है, जिसे लगाना और इसका रखरखाव करना काफी आसान होता है. इस पेड़ के सही विकास के लिए अच्छी धूप जरूरी होती है. ऐसे में इसे खेत की ऐसी जगह पर लगाना चाहिए, जहां दिन में करीब 5 से 6 घंटे तक सीधी धूप मिलती हो. गूलर एक ऐसा पेड़ है, जिसे बीज के साथ-साथ कलम के जरिए भी तैयार किया जा सकता है. अगर आप चाहें तो किसी पुराने पेड़ से कलम लेकर नया पौधा तैयार कर सकते हैं. इसे लगाने के लिए सबसे पहले गूलर के पेड़ से कलम काट लें और उसकी सभी पत्तियों को हटा दें. इसके बाद कलम के निचले हिस्से को हल्का तिरछा और शार्प कट दें, फिर इसे तैयार गमले में लगा दें. न्यूज़18 को गूगल पर अपने पसंदीदा समाचार स्रोत के रूप में जोड़ने के लिए यहां क्लिक करें।