पंजाब के AAP मंत्री मनी लॉन्ड्रिंग केस में गिरफ्तार:ED टीम अरोड़ा को चंडीगढ़ से दिल्ली ले गई; केजरीवाल बोले- पार्टी तोड़ने की कोशिश

केंद्रीय जांच एजेंसी ED ने पंजाब की आम आदमी पार्टी (AAP) सरकार के मंत्री संजीव अरोड़ा को मनी लॉन्ड्रिंग के केस में गिरफ्तार कर लिया है। शनिवार सुबह हुई रेड के वक्त वह चंडीगढ़ के सेक्टर 2 स्थित अपनी सरकारी कोठी पर ही थे। इसके बाद करीब 10 घंटे की पूछताछ की गई। जिसके बाद शाम करीब 5 बजे ED की टीम चंडीगढ़ और हरियाणा नंबर की गाड़ियों में उन्हें दिल्ली ले गई। आगे की पूछताछ उनसे दिल्ली में ही होगी। उनकी रात ED के लॉकअप में बीतेगी। ED ने शनिवार सुबह ही मंत्री अरोड़ा पर रेड चंडीगढ़ में उनके सरकारी घर, दिल्ली और गुरुग्राम के 5 ठिकानों में हुई है। ED ने खुलासा किया कि अरोड़ा ने अपनी फर्मों के जरिए मोबाइल खरीद की करीब 157.12 करोड़ रुपए की फर्जी बिक्री और शेल कंपनियों के माध्यम से फर्जी एक्सपोर्ट किए। इसके अलावा दुबई से भारत में अवैध रकम की राउंड-ट्रिपिंग के लिए इन सामानों के एक्सपोर्ट का इस्तेमाल किया। फर्जी इनपुट टैक्स क्रेडिट (ITC) और एक्सपोर्ट पर GST रिफंड तथा ड्यूटी ड्रॉबैक लेने के लिए दिल्ली की गैर-मौजूद फर्मों से कई फर्जी GST खरीद बिल हासिल किए गए। इससे सरकारी खजाने को नुकसान पहुंचा और व्यक्तिगत लाभ कमाया गया। ED के जाल में कैसे फंसे अरोड़ा, कौन सी संपत्तियां अटैच हुईं… ED सोर्सेस के मुताबिक 157.12 करोड़ रुपए के फर्जी एक्सपोर्ट से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग केस में हैम्पटन स्काई रियल्टी लिमिटेड और मंत्री संजीव अरोड़ा से जुड़ी संस्थाओं के बैंक खातों, डीमैट होल्डिंग्स और अचल संपत्तियों को अस्थायी रूप से जब्त कर लिया गया है। यह अटैचमेंट के आदेश 19 अप्रैल को विदेशी मुद्रा प्रबंधन अधिनियम (FEMA), 1999 की धारा 37(3) और आयकर अधिनियम की धारा 132(9B) के तहत जारी किए गए थे। जिसके तहत जांच को सही ढंग से सिरे चढ़ाने के लिए 180 दिन के लिए यह अटैचमेंट की गई है। ED ने यह कार्रवाई 17 अप्रैल को गुरुग्राम के उद्योग विहार स्थित हैम्पटन स्काई रियल्टी लिमिटेड के परिसर, उसके प्रमुख शेयरधारक मेसर्स फाइंडोक फिनवेस्ट प्राइवेट लिमिटेड के कार्यालयों और संजीव अरोड़ा, काव्या अरोड़ा, हेमंत सूद और चंद्र शेखर से जुड़े स्थानों पर की गई तलाशी और जब्ती कार्रवाई के बाद की। इस संबंध में सामने आए अंतरिम कुर्की आदेश के अनुसार, कंपनी ने अपने निदेशकों, कर्मचारियों और संबंधित व्यक्तियों के साथ मिलीभगत करके, फर्जी बिक्री और निर्यात को दर्शाने के लिए कथित तौर पर शेल संस्थाओं के एक नेटवर्क के माध्यम से फर्जी खरीद चालान तैयार किए। ईडी ने आरोप लगाया कि 157.12 करोड़ रुपये के कुल घोषित एक्सपोर्ट के मुकाबले, 102.50 करोड़ रुपये के लेनदेन केवल UAE स्थित दो संस्थाओं – मेसर्स फोर्टबेल टेलीकॉम FZCO और मेसर्स ड्रैगन ग्लोबल FZCO के माध्यम से किए गए थे। ED ने आगे दावा किया है कि फोर्टबेल टेलीकॉम FZCO, मेसर्स फोर्टबेल गैजेट्स प्राइवेट लिमिटेड से जुड़ी है। जिसके मालिक हेमंत सूद और चंदर शेखर हैं। इससे एजेंसी को जांच में संबंधित विदेशी संस्थाओं के माध्यम से धन की “राउंड-ट्रिपिंग” का संदेह पैदा हुआ है, जो कि FEMA की धारा 7 और FEMA (माल और सेवाओं का निर्यात) विनियम, 2015 के विनियम 9 के कथित उल्लंघन का मामला है। जब्त की गई संपत्तियों में हैम्पटन स्काई रियल्टी लिमिटेड के कई बैंक खाते, काव्या अरोरा के डीमैट खाते और म्यूचुअल फंड होल्डिंग्स के अलावा लुधियाना, मोहाली और गुरुग्राम में स्थित अचल संपत्तियां शामिल हैं। इसके अलावा ED अब विदेशी मुद्रा संबंधी कथित उल्लंघनों की चल रही जांच के तहत, ईडी संबंधित फर्मों और व्यक्तियों से जुड़े वित्तीय लेन-देन और गतिविधियों की भी जांच कर रही है। अरोड़ा की गिरफ्तारी पर 3 बड़े बयान आगे बढ़ने से पहले इस पोल में अपनी महत्वपूर्ण राय जरूर दें… पिछले महीने भी ठिकानों पर दबिश दी थी करीब 20 दिन पहले भी मंत्री संजीव अरोड़ा और उनके 2 पार्टनर के लुधियाना और जालंधर के ठिकानों पर ED ने रेड की थी। अधिकारियों ने बताया था कि संजीव अरोड़ा पर अपने राजनीतिक प्रभाव के जरिए पंजाब में अवैध सट्टेबाजी (बेटिंग) संचालकों को संरक्षण देने का संदेह है, ताकि उनके मुनाफे में हिस्सा लिया जा सके। उन पर यह भी आरोप था कि वह अपनी कंपनियों और कई एंट्री ऑपरेटरों का इस्तेमाल कर सट्टेबाजों के बेहिसाब पैसे को वैध निवेश में बदल रहे हैं। वह मनी लॉन्ड्रिंग में सहायता कर रहे थे। अधिकारियों के अनुसार, संजीव अरोड़ा की कंपनियां कई फर्जी निर्यात बिल बुक करने, संयुक्त अरब अमीरात (UAE) से फंड की राउंड-ट्रिपिंग करने और नॉन-एग्जिस्टेंट जीएसटी संस्थाओं से फर्जी खरीदारी दिखाने के मामले में भी जांच के दायरे में हैं। रेड के पल-पल के अपडेट्स के लिए नीचे ब्लॉग से गुजर जाइए…
IPL में आज राजस्थान vs गुजरात:जीत की हैट्रिक लगा चुकी टाइटंस के पास रॉयल्स को पछाड़ने का मौका; जयपुर में मुकाबला

IPL 2026 का 52वां मैच आज राजस्थान रॉयल्स (RR) और गुजरात टाइटंस (GT) के बीच खेला जाएगा। मैच राजस्थान के होम ग्राउंड जयपुर के सवाई मानसिंह स्टेडियम में शाम 7:30 बजे से होगा। शुभमन गिल की कप्तानी वाली गुजरात टाइटंस के पास पॉइंट टेबल में राजस्थान को पीछे छोड़ने का मौका है। दोनों टीमों के 10 मैचों में 6 जीत और 4 हार के साथ 12-12 अंक हैं, लेकिन बेहतर नेट रनरेट के कारण राजस्थान चौथे और गुजरात पांचवें स्थान पर है। गुजरात पिछले तीन मैच लगातार जीतकर शानदार लय में है। वहीं, रियान पराग की कप्तानी वाली राजस्थान रॉयल्स पिछले पांच में से तीन मैच हार चुकी है। दोनों टीमें 10वीं बार आमने-सामने होंगी दोनों टीमों के बीच अब तक 9 मैच खेले गए हैं। RR ने 3 और GT ने 6 मैच जीते हैं। पिछले सीजन में दोनों ने एक-एक मैच जीता था। इस सीजन में यह दूसरा मुकाबला है। अहमदाबाद में खेले गए पहले मैच में राजस्थान 6 रन से जीता था। लगातार दो बार 220+ का स्कोर डिफेंड नहीं कर पाई राजस्थान राजस्थान रॉयल्स के लिए सबसे बड़ी चिंता गेंदबाजी है। पिछले दो मैचों में टीम 220 से ज्यादा का स्कोर बनाने के बावजूद उसे डिफेंड नहीं कर सकी। दिल्ली कैपिटल्स के खिलाफ पिछले मैच में रियान पराग की 90 रन की पारी से राजस्थान ने 225 रन बनाए थे, लेकिन दिल्ली ने 7 विकेट रहते टारगेट हासिल कर लिया। सवाई मानसिंह स्टेडियम में भी पिछले दो मैचों में 220 से ज्यादा का टारगेट चेज हुआ है। ऐसे में टॉस जीतने वाली टीम पहले गेंदबाजी करना पसंद कर सकती है। जोफ्रा आर्चर 10 मैचों में 15 विकेट के साथ राजस्थान के टॉप विकेट टेकर हैं। ध्रुव जुरेल की बल्लेबाजी पर सवाल, स्ट्राइक रेट सुधारने की चुनौती वैभव सूर्यवंशी (404 रन) और यशस्वी जायसवाल (312 रन) की बदौलत राजस्थान का टॉप ऑर्डर मजबूत नजर आ रहा है। हालांकि, नंबर-3 पर बल्लेबाजी कर रहे ध्रुव जुरेल की धीमी पारी चिंता का कारण है। जुरेल ने पिछली तीन पारियों में दो बार 30 गेंदों पर 42 रन और एक बार 20 गेंदों पर 16 रन बनाए हैं। मौजूदा सीजन में उनका स्ट्राइक रेट टीम की रन गति पर असर डाल रहा है। वैभव राजस्थान के सबसे ज्यादा रन बनाने वाले बल्लेबाज हैं। शानदार फॉर्म में गुजरात के टॉप-3 बैटर गुजरात टाइटंस सही समय पर लय में दिख रही है। कप्तान शुभमन गिल (378 रन) और साई सुदर्शन (385 रन) लगातार रन बना रहे हैं। सुदर्शन ने पिछली चार पारियों में दो अर्धशतक और एक शतक लगाया है। जोस बटलर (335 रन) की फॉर्म में वापसी ने गुजरात के टॉप ऑर्डर को मजबूत किया है। हालांकि, टीम को उस मिडिल ऑर्डर कोलैप्स से बचना होगा, जिसकी वजह से वह मुंबई के खिलाफ 100 रन पर सिमट गई थी। गिल टीम के टॉप रन स्कोरर हैं। रबाडा की अगुआई में धारदार है गुजरात का पेस अटैक टाइटंस की गेंदबाजी उनकी सबसे बड़ी ताकत है। कागिसो रबाडा 16 विकेट के साथ पेस अटैक को लीड कर रहे हैं। वह टीम के टॉप विकेट टेकर भी हैं। उन्हें प्रसिद्ध कृष्णा (12 विकेट) और मोहम्मद सिराज (11 विकेट) का अच्छा साथ मिल रहा है। राजस्थान के मैदान पर गुजरात के ये तीन तेज गेंदबाज अपनी रफ्तार और सटीकता से रॉयल्स के बल्लेबाजों को रोकने की कोशिश करेंगे। सवाई मानसिंह स्टेडियम में बैटर्स को मदद मिलेगी सवाई मानसिंह की पिच पर नई गेंद से तेज गेंदबाजों को शुरुआत में मूवमेंट मिलती है। बल्लेबाज सेट होने के बाद बाउंस और तेज आउटफील्ड के कारण शॉट खेलना आसान हो जाता है। इस मैदान पर IPL में पहली पारी का औसत स्कोर 166 रन रहा है, जबकि दूसरी पारी में 150-160 के बीच है। आज जयपुर में बारिश की बिल्कुल संभावना नहीं आज जयपुर में राजस्थान रॉयल्स (RR) और गुजरात टाइटंस (GT) के मैच के दौरान मौसम गर्म रहेगा। मैच शुरू होने पर तापमान 32°C से 37°C के बीच रहने की उम्मीद है और आसमान साफ रहेगा। बारिश की संभावना नहीं है। दोनों टीमों की पॉसिबल प्लेइंग-12 राजस्थान रॉयल्स: यशस्वी जायसवाल, वैभव सूर्यवंशी, ध्रुव जुरेल (विकेटकीपर), रियान पराग (कप्तान), डोनोवन फरेरा, रवींद्र जडेजा, शुभम दुबे, जोफ्रा आर्चर, रवि बिश्नोई, नांद्रे बर्गर, बृजेश शर्मा और तुषार देशपांडे। गुजरात टाइटंस: शुभमन गिल (कप्तान), साई सुदर्शन, जोस बटलर (विकेटकीपर), वाशिंगटन सुंदर, निशांत सिंधु, जेसन होल्डर, राशिद खान, अरशद खान, कगिसो रबाडा, मोहम्मद सिराज, मानव सुथार और राहुल तेवतिया।
राहुल तीन टीमों से 1000+ रन बनाने वाले पहले बल्लेबाज:IPL में 500 चौके पूरे; ग्रीन के छक्के से बॉल गुमी; टॉप रिकॉर्ड्स-मोमेंट्स

IPL में शुक्रवार को कोलकाता नाइटराइडर्स ने दिल्ली कैपिटल्स को आठ विकेट से हराया। केएल राहुल ने तीन अलग-अलग टीमों के लिए 1000+ रन पूरे कर इतिहास रचा। उनके IPL में 500 चौके भी पूरे हुए। दूसरी ओर कैमरन ग्रीन के 94 मीटर लंबे छक्के से बॉल गुम हो गई। दिल्ली-कोलकाता मैच के टॉप रिकॉर्ड्स 1. केएल राहुल के दिल्ली के लिए एक हजार रन पूरे विकेटकीपर-बल्लेबाज केएल राहुल ने दिल्ली कैपिटल्स के लिए 1,000 रन पूरे किए। राहुल IPL इतिहास में 3 टीमों से 1,000 रन बनाने वाले पहले बल्लेबाज बने। मैच में वे 14 गेंदों में 23 रन बनाकर आउट हुए। 2. केएल राहुल के 500 IPL चौके पूरे केएल राहुल ने कोलकाता के खिलाफ चार चौके लगाए और IPL में 500 चौके पूरे किए। IPL में सबसे ज्यादा 813 चौके विराट कोहली ने लगाए हैं। शिखर धवन 768 चौकों के साथ दूसरे स्थान पर हैं। डेविड वॉर्नर ने 663 और रोहित शर्मा ने 659 चौके लगाए हैं। अजिंक्य रहाणे 526 चौकों के साथ पांचवें और सुरेश रैना 506 चौकों के साथ छठे स्थान पर हैं। राहुल 500 चौकों के साथ सातवें स्थान पर हैं। 3. एलन ने कोलकाता के लिए सबसे तेज शतक लगाया दिल्ली के खिलाफ कोलकाता के ओपनर फिन एलन ने 47 गेंदों में शतक लगाया। वे कोलकाता के लिए सबसे तेज शतक लगाने वाले बल्लेबाज बने। यह उनके IPL करियर का पहला शतक रहा। वे कोलकाता के लिए IPL में शतक लगाने वाले चौथे बल्लेबाज हैं। मैच के टॉप मोमेंट्स 1. अनुकूल रॉय का रनिंग कैच, अक्षर पटेल आउट दिल्ली की पारी के 19वें ओवर की तीसरी गेंद पर टीम ने छठा विकेट गंवाया। कप्तान अक्षर पटेल 22 गेंदों पर 11 रन बनाकर आउट हुए। वैभव अरोड़ा ने उन्हें अनुकूल रॉय के हाथों कैच कराया। अनुकूल ने डीप मिडविकेट बाउंड्री पर रनिंग कैच पकड़ा। ऑफ स्टंप के बाहर धीमी गेंद पर अक्षर ने फ्लैट पुल शॉट खेला। अनुकूल बाईं ओर दौड़े और कमर की ऊंचाई पर कैच लपका। कैच लेते समय उनका पैर जमीन में फंस गया और वह गिर पड़े, लेकिन गेंद पर पकड़ नहीं छोड़ी। 2. स्टार्क ने रहाणे को फॉलो-थ्रू पर रनआउट किया कोलकाता की पारी के तीसरे ओवर में टीम ने पहला विकेट गंवाया। कप्तान अजिंक्य रहाणे 13 रन बनाकर रनआउट हुए। मिचेल स्टार्क ने इनस्विंगिंग यॉर्कर डालने की कोशिश की। एलन ने सीधा शॉट खेला, तभी नॉन-स्ट्राइकर एंड पर रहाणे क्रीज से बाहर निकल गए थे। स्टार्क ने बाएं हाथ से गेंद को छुआ और गेंद सीधे स्टंप्स पर जा लगी, जिससे रहाणे रनआउट हो गए। 3. ग्रीन ने अक्षर के ओवर में 94 मीटर का छक्का मारा, बॉल गुमी छठे ओवर में कैमरन ग्रीन ने अक्षर पटेल की दूसरी गेंद पर 94 मीटर का छक्का लगाया। इससे बॉल गुम गई और दूसरी गेंद मंगानी पड़ी। अक्षर की फुल लेंथ गेंद ग्रीन के स्लॉट में थी, जिस पर उन्होंने जोरदार शॉट खेला। गेंद डीप मिडविकेट के ऊपर से 94 मीटर दूर गौतम गंभीर स्टैंड में जाकर गिरी। 4. एलन ने छक्का लगाकर कोलकाता को जीत दिलाई कोलकाता के ओपनर फिन एलन ने छक्का लगाकर टीम को जीत दिलाई। उन्होंने इसी गेंद पर अपना शतक पूरा किया। उन्होंने 47 गेंदों पर 5 चौके और 10 छक्कों की मदद से नाबाद 100 रन बनाए। —————————————— IPL से जुड़ी यह खबर भी पढ़िए… IPL- कोलकाता की लगातार चौथी जीत, दिल्ली को 8 विकेट से हराया कोलकाता नाइट राइडर्स ने IPL के मौजूदा सीजन में लगातार चौथी जीत हासिल की है। टीम ने शुक्रवार को दिल्ली कैपिटल्स को 8 विकेट से हराया। ओपनर फिन एलन ने छक्का मारकर टीम को जीत दिलाई। उन्होंने अपना शतक भी पूरा कर दिया। उन्होंने 47 गेंद पर 5 चौके और 10 छक्कों के सहारे नाबाद 100 रन बनाए। कैमरन ग्रीन 33 रन बनाकर नाबाद रहे। पढ़ें पूरी खबर
तमिलनाडु विधानसभा चुनाव में हारे अमेरिका से लौटे अनंतन:लिखा- एक हफ्ते के चुनावी पैसे ने 4 साल की सच्ची सेवा को हरा दिया

तमिलनाडु विधासभा चुनाव में वासुदेवनल्लूर सीट पर भाजपा उम्मीदवार अनंतन अय्यासामी को हार का सामना करना पड़ा। उन्हें डीएमके के ई.राजा से करीब 6500 वोटों से हराया है। यह सीट एससी कैंडिडेट के लिए रिजर्व थी। अनंतन राजनीति में आने से पहले अमेरिका में काम करते थे। उन्होंने राजनीति में आने के लिए अपना सफल टेक्नोलॉजी करियर और रियल एस्टेट बिजनेस भी छोड़ दिया था। उनका कहना है कि जनसेवा का सपना 4 साल पहले उन्हें वापस भारत ले आया था। अय्यासामी ने चुनाव हारने पर कहा- चुनाव के एक हफ्ते के पैसों ने चार साल की सच्ची सेवा को हरा दिया। उन्होंने दावा किया कि पिछले चार सालों में गांवों में विकास कार्यों के लिए करोड़ों रुपए और अपना पूरा समय लगाया। उनका सपना करीब 1 लाख युवाओं को रोजगार से जोड़ने का था। चुनाव हार पर एक्स पोस्ट में लिखा- जीवन में पहली बार मेरे पास बेटी के सवालों का जवाब नहीं… अय्यासामी ने एक्स पोस्ट में लिखा… चार साल पहले मैंने अमेरिका में अपनी 12 साल की बेटी से कहा था कि मैं सफल टेक्नोलॉजी करियर और रियल एस्टेट बिजनेस छोड़कर भारत लौट रहा हूं, क्योंकि मुझे जनसेवा और राजनीति में काम करना है। पिछले चार वर्षों में हमने गांवों में बस स्टॉप बनवाए, तालाब का जीर्णोद्धार कराया, छात्रों की पढ़ाई में मदद की, मेडिकल कैंप और करियर वर्कशॉप आयोजित करावाई गई। इसमें सिर्फ पैसा नहीं, बल्कि परिवार के अनमोल पल और अपनी बेटी को दूर से बड़ा होते देखने का दर्द भी शामिल था। फिर चुनाव आए। उसी गांव ने ऐसे उम्मीदवार को चुना, जो 5 वर्षों के दौरान मुश्किल से वहां दिखाई दिया। आखिरकार, चुनाव के एक हफ्ते के पैसों ने चार साल की सच्ची सेवा को हरा दिया। कल मेरी बेटी ने वीडियो कॉल पर पूछा -‘अप्पा… क्या अब आप मुझे बता सकते हैं कि राजनीति वास्तव में क्या होती है?’ जीवन में पहली बार, मेरे पास उसके सवाल का कोई जवाब नहीं था। इंटेल में काम किया, तेनकासी जिला भाजपा अध्यक्ष रहे तमिलनाडु में तेनकासी जिले के रहने वाले अय्यासामी पहले इंटेल में इंजीनियर थे। बाद में वे भाजपा से जुड़े और तेनकासी जिला भाजपा अध्यक्ष बनाए गए। विधानसभा चुनाव पर हार मिलने पर सोशल मीडिया पर लोगों ने अय्यासामी का समर्थन किया। एक यूजर ने लिखा- ‘निष्काम भाव से कार्य करते रहो। तुम्हारा दिन जरूर आएगा। हिम्मत मत हारो।’ एक ने लिखा- राजनीति एक कड़वी सच्चाई है, आप सब कुछ सही करने के बावजूद जीत नहीं सकते। तमिलनाडु में 2 साल पुरानी TVK ने 50+ साल पुरानी DMK-AIADMK को हराया एक्टर विजय की 2 साल पुरानी पार्टी TVK को 108 सीट पर जीत मिली है। ये DMK (59) और AIDMK (47) की कुल सीटों से ज्यादा हैं। विजय की पार्टी TVK ने हर इलाके में सीटें जीतीं। सबसे अधिक दबदबा उत्तर और तटीय इलाकों में रहा। मध्य तमिलनाडु में भी उसे खूब सीटें मिलीं। DMK ने ज्यादातर सीटें दक्षिणी इलाकों में जीतीं। AIADMK को अधिकतर सीटें उत्तर-मध्य क्षेत्र में मिलीं। TVK ने 234 में से 108 सीटें जीतकर 46% के साथ सबसे ज्यादा स्ट्राइक रेट हासिल किया। DMK ने 164 में 59 सीटें जीतकर 36% और AIADMK ने 170 में 47 सीटों के साथ 27.6% स्ट्राइक रेट दर्ज किया। कांग्रेस 28 में 5 सीटें जीतकर 17.8% पर रही। BJP का प्रदर्शन सबसे कमजोर रहा। पार्टी 27 सीटों पर लड़कर सिर्फ 1 सीट जीत सकी और उसका स्ट्राइक रेट मात्र 3.4% रहा। ……………………. यह खबर भी पढ़ें… तमिलनाडु में विजय की पार्टी 108 सीटें जीतीं: असम में तीसरी बार भाजपा; केरलम में 10 साल बाद कांग्रेस की वापसी, पुडुचेरी में NDA सरकार तमिलनाडु विधानसभा चुनाव में एक्टर विजय की पार्टी तमिलगा वेट्री कड़गम (TVK) ने 108 सीटें जीतीं। हालांकि पार्टी बहुमत के आकंड़े 118 सीट से पीछे है। राज्य में गठबंधन की सरकार बनना तय है। असम में भी हिमंता सरकार की वापसी हो गई है। हिमंता लगातार तीसरी बार सरकार बनाएंगे। BJP ने यहां 82 सीटें जीत ली हैं। जो बहुमत के आंकड़े से 13 ज्यादा है। पूरी खबर पढ़ें…
तमिलनाडु विधानसभा चुनाव में हारे अमेरिका से लौटे अनंतन:लिखा- एक हफ्ते के चुनावी पैसे ने 4 साल की सच्ची सेवा को हरा दिया

तमिलनाडु विधासभा चुनाव में वासुदेवनल्लूर सीट पर भाजपा उम्मीदवार अनंतन अय्यासामी को हार का सामना करना पड़ा। उन्हें डीएमके के ई.राजा से करीब 6500 वोटों से हराया है। यह सीट एससी कैंडिडेट के लिए रिजर्व थी। अनंतन राजनीति में आने से पहले अमेरिका में काम करते थे। उन्होंने राजनीति में आने के लिए अपना सफल टेक्नोलॉजी करियर और रियल एस्टेट बिजनेस भी छोड़ दिया था। उनका कहना है कि जनसेवा का सपना 4 साल पहले उन्हें वापस भारत ले आया था। अय्यासामी ने चुनाव हारने पर कहा- चुनाव के एक हफ्ते के पैसों ने चार साल की सच्ची सेवा को हरा दिया। उन्होंने दावा किया कि पिछले चार सालों में गांवों में विकास कार्यों के लिए करोड़ों रुपए और अपना पूरा समय लगाया। उनका सपना करीब 1 लाख युवाओं को रोजगार से जोड़ने का था। चुनाव हार पर एक्स पोस्ट में लिखा- जीवन में पहली बार मेरे पास बेटी के सवालों का जवाब नहीं… अय्यासामी ने एक्स पोस्ट में लिखा… चार साल पहले मैंने अमेरिका में अपनी 12 साल की बेटी से कहा था कि मैं सफल टेक्नोलॉजी करियर और रियल एस्टेट बिजनेस छोड़कर भारत लौट रहा हूं, क्योंकि मुझे जनसेवा और राजनीति में काम करना है। पिछले चार वर्षों में हमने गांवों में बस स्टॉप बनवाए, तालाब का जीर्णोद्धार कराया, छात्रों की पढ़ाई में मदद की, मेडिकल कैंप और करियर वर्कशॉप आयोजित करावाई गई। इसमें सिर्फ पैसा नहीं, बल्कि परिवार के अनमोल पल और अपनी बेटी को दूर से बड़ा होते देखने का दर्द भी शामिल था। फिर चुनाव आए। उसी गांव ने ऐसे उम्मीदवार को चुना, जो 5 वर्षों के दौरान मुश्किल से वहां दिखाई दिया। आखिरकार, चुनाव के एक हफ्ते के पैसों ने चार साल की सच्ची सेवा को हरा दिया। कल मेरी बेटी ने वीडियो कॉल पर पूछा -‘अप्पा… क्या अब आप मुझे बता सकते हैं कि राजनीति वास्तव में क्या होती है?’ जीवन में पहली बार, मेरे पास उसके सवाल का कोई जवाब नहीं था। इंटेल में काम किया, तेनकासी जिला भाजपा अध्यक्ष रहे तमिलनाडु में तेनकासी जिले के रहने वाले अय्यासामी पहले इंटेल में इंजीनियर थे। बाद में वे भाजपा से जुड़े और तेनकासी जिला भाजपा अध्यक्ष बनाए गए। विधानसभा चुनाव पर हार मिलने पर सोशल मीडिया पर लोगों ने अय्यासामी का समर्थन किया। एक यूजर ने लिखा- ‘निष्काम भाव से कार्य करते रहो। तुम्हारा दिन जरूर आएगा। हिम्मत मत हारो।’ एक ने लिखा- राजनीति एक कड़वी सच्चाई है, आप सब कुछ सही करने के बावजूद जीत नहीं सकते। तमिलनाडु में 2 साल पुरानी TVK ने 50+ साल पुरानी DMK-AIADMK को हराया एक्टर विजय की 2 साल पुरानी पार्टी TVK को 108 सीट पर जीत मिली है। ये DMK (59) और AIDMK (47) की कुल सीटों से ज्यादा हैं। विजय की पार्टी TVK ने हर इलाके में सीटें जीतीं। सबसे अधिक दबदबा उत्तर और तटीय इलाकों में रहा। मध्य तमिलनाडु में भी उसे खूब सीटें मिलीं। DMK ने ज्यादातर सीटें दक्षिणी इलाकों में जीतीं। AIADMK को अधिकतर सीटें उत्तर-मध्य क्षेत्र में मिलीं। TVK ने 234 में से 108 सीटें जीतकर 46% के साथ सबसे ज्यादा स्ट्राइक रेट हासिल किया। DMK ने 164 में 59 सीटें जीतकर 36% और AIADMK ने 170 में 47 सीटों के साथ 27.6% स्ट्राइक रेट दर्ज किया। कांग्रेस 28 में 5 सीटें जीतकर 17.8% पर रही। BJP का प्रदर्शन सबसे कमजोर रहा। पार्टी 27 सीटों पर लड़कर सिर्फ 1 सीट जीत सकी और उसका स्ट्राइक रेट मात्र 3.4% रहा। ……………………. यह खबर भी पढ़ें… तमिलनाडु में विजय की पार्टी 108 सीटें जीतीं: असम में तीसरी बार भाजपा; केरलम में 10 साल बाद कांग्रेस की वापसी, पुडुचेरी में NDA सरकार तमिलनाडु विधानसभा चुनाव में एक्टर विजय की पार्टी तमिलगा वेट्री कड़गम (TVK) ने 108 सीटें जीतीं। हालांकि पार्टी बहुमत के आकंड़े 118 सीट से पीछे है। राज्य में गठबंधन की सरकार बनना तय है। असम में भी हिमंता सरकार की वापसी हो गई है। हिमंता लगातार तीसरी बार सरकार बनाएंगे। BJP ने यहां 82 सीटें जीत ली हैं। जो बहुमत के आंकड़े से 13 ज्यादा है। पूरी खबर पढ़ें…
वामपंथी कहते हैं हाँ, IUML कहते हैं नहीं, VCK अनिर्णीत: तमिलनाडु में क्या हुआ | भारत समाचार

आखरी अपडेट:08 मई, 2026, 23:49 IST कई दिनों की गहन बातचीत और राजनीतिक गतिरोध के बाद तमिलनाडु में राज्यपाल के कार्यालय ने अभी तक टीवीके के विजय को सरकार बनाने के लिए औपचारिक रूप से आमंत्रित नहीं किया है। वाम दलों के नेताओं के साथ टीवीके प्रमुख विजय. (पीटीआई छवि) शुक्रवार को भ्रम और अनिश्चितता का एक और दिन रहा जब अभिनेता से नेता बने विजय की सरकार बनाने की कोशिशों में एक और बाधा आ गई, तमिलागा वेट्री कज़गम (टीवीके) अभी तक बहुमत के लिए आवश्यक जादुई संख्या तक नहीं पहुंच पाई है। जैसे-जैसे दिन करीब आ रहा था, कई दिनों की गहन बातचीत और राजनीतिक गतिरोध के बाद भी तमिलनाडु में राज्यपाल के कार्यालय ने टीवीके के विजय को सरकार बनाने के लिए निमंत्रण नहीं भेजा था। राज्यपाल के साथ तीसरी बैठक के बाद भी, टीवीके विधानसभा में बहुमत से दूर है। टीएन सरकार गठन पर लाइव अपडेट देखें राज्यपाल के कार्यालय से कोई पत्र नहीं मिलने के कारण, यह स्पष्ट नहीं है कि विजय का शपथ ग्रहण समारोह, जो 9 मई को सुबह 11 बजे निर्धारित था, आयोजित किया जाएगा या नहीं। शपथ ग्रहण समारोह में कांग्रेस नेता राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खड़गे के शामिल होने की उम्मीद थी. तमिलनाडु में आज क्या हुआ? टीवीके ने तमिलनाडु में सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरकर इतिहास रचा, कुल 234 में से 108 सीटें हासिल कीं। इसमें पार्टी प्रमुख विजय की दो सीटें तिरुचिरापल्ली (पूर्व) और पेरंबूर शामिल थीं। सबसे अधिक सीटें होने के बावजूद, टीवीके बहुमत से पीछे रह गई, और राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ अर्लेकर द्वारा बहुमत का सबूत मांगे जाने के बाद उनकी दो यात्राएँ असफल रहीं। बाद में कांग्रेस ने डीएमके के साथ लंबे समय से चले आ रहे गठबंधन को तोड़ते हुए टीवीके को उसकी पांच सीटों के साथ समर्थन दिया। यह भी पढ़ें: तमिलनाडु का राजनीतिक गतिरोध कैसे सामने आया: संख्या से लेकर राज्यपाल की बैठक तक शुक्रवार को सीपीआई और सीपीआई (एम) ने टीवीके को बिना शर्त समर्थन दिया। वाम दलों ने कहा कि वे मंत्रिमंडल का हिस्सा नहीं होंगे, लेकिन तमिलनाडु में राजनीतिक अस्थिरता से बचने के लिए टीवीके को “बाहरी” सहायता देंगे। कांग्रेस, सीपीआई और सीपीआई (एम) के संयुक्त समर्थन के साथ, टीवीके के नेतृत्व वाले गठबंधन के पास 116 सदस्य हैं, जो बहुमत से एक कम है। वीसीके अनिर्णीत, आईयूएमएल ने इनकार किया प्रारंभ में, यह बताया गया था कि विदुथलाई चिरुथिगल काची (वीसीके) भी विजय का समर्थन करने में वाम दलों का अनुसरण करेगी, जिससे विधायकों की संख्या 118 हो जाएगी। इसलिए, विजय ने राज्यपाल के कार्यालय की एक और यात्रा की और घोषणा की कि उनके पास 118 विधायकों का समर्थन है। हालांकि, बाद में यह सामने आया कि वीसीके ने पार्टी नेता थोल के लिए उपमुख्यमंत्री पद की मांग की है। थिरुमावलवन ने टीवीके के साथ गठबंधन के लिए एक शर्त रखी। सूत्रों ने सीएनएन-न्यूज18 को बताया कि वीसीके शनिवार को अंतिम फैसला लेगी. और पढ़ें: वह शनिवार जो नहीं था? जैसे ही विजय के शपथ ग्रहण को लेकर सस्पेंस बढ़ा, हजारों प्रशंसक चेन्नई में फंसे रह गए लोक भवन के सूत्रों ने कहा कि विजय ने सीपीआई और सीपीआई (एम) से समर्थन पत्र सौंपा, और आश्वासन दिया कि उन्हें वीसीके और इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग (आईयूएमएल) का भी समर्थन मिलेगा। हालाँकि शुरुआत में यह बताया गया था कि IUML TVK का समर्थन करेगी – जिससे TVK की संख्या 120 हो जाएगी – पार्टी ने बाद में स्पष्ट किया कि वह विजय की पार्टी का समर्थन नहीं करेगी और DMK के नेतृत्व वाले गठबंधन के साथ खड़ी रहेगी। एक बयान में कहा गया, “जहां तक आईयूएमएल का सवाल है, हम द्रमुक का समर्थन करते हैं। हम कल भी उनके साथ थे, हम आज भी उनके साथ हैं और हम कल भी उनके साथ रहेंगे।” और इसलिए तमिलनाडु में अनिश्चितता बनी हुई है, और विजय को मुख्यमंत्री बनने के लिए एक और दिन लड़ना होगा। चुनी हुई कहानियाँ, आपके इनबॉक्स में हमारी सर्वोत्तम पत्रकारिता वाला एक न्यूज़लेटर जमा करना न्यूज़ इंडिया वामपंथी कहते हैं हाँ, IUML कहते हैं नहीं, VCK अनिर्णीत: तमिलनाडु में क्या हुआ अस्वीकरण: टिप्पणियाँ उपयोगकर्ताओं के विचार दर्शाती हैं, News18 के नहीं। कृपया चर्चाएँ सम्मानजनक और रचनात्मक रखें। अपमानजनक, मानहानिकारक, या अवैध टिप्पणियाँ हटा दी जाएंगी। News18 अपने विवेक से किसी भी टिप्पणी को अक्षम कर सकता है. पोस्ट करके, आप हमारी उपयोग की शर्तों और गोपनीयता नीति से सहमत होते हैं। और पढ़ें (टैग्सटूट्रांसलेट)तमिलनाडु सरकार गठन(टी)तमिलनाडु सरकार गठन लाइव अपडेट(टी)विजय टीवीके बहुमत(टी)तमिलगा वेट्री कड़गम(टी)तमिलनाडु राजनीतिक गतिरोध(टी)राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ आर्लेकर(टी)कांग्रेस समर्थन टीवीके(टी)सीपीआई सीपीआई (एम) समर्थन(टी)वीसीके अनिच्छा(टी)आईयूएमएल टीवीके
बेल के गूदा से बनेगी कैंसर की सस्ती दवा, पटना के वैज्ञानिकों का दावा, चूहों में ट्यूमर हुआ खत्म, रिसर्च नेचर जर्नल में प्रकाशित

Last Updated:May 08, 2026, 23:01 IST Bael Pulp Breast Cancer: देश में स्तन कैंसर के मामलों में लगातार बढ़ोतरी देखी जा रही है. बिहार भी इससे अछूता नहीं है. यह गंभीर बीमारी अब केवल महिलाओं तक सीमित नहीं रही, बल्कि पुरुषों को भी अपनी चपेट में ले रही है. इस चुनौती से निपटने के लिए वैज्ञानिक लगातार नए शोध में जुटे हुए हैं, ताकि सटीक इलाज खोजा जा सके. इसी दिशा में पटना स्थित महावीर कैंसर संस्थान के वैज्ञानिकों ने एक अहम खोज की है. वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. अरुण कुमार ने लोकल 18 से बातचीत में बताया कि उनके शोध में यह सामने आया है कि बेल के पल्प में ऐसे तत्व मौजूद हैं, जो कैंसररोधी प्रभाव रखते हैं. इस दावे की पुष्टि के लिए टीम ने चूहों पर प्रयोग किया. रिसर्च के दौरान चूहों को एक विशेष केमिकल दिया गया, जिससे करीब छह महीने में उनके स्तन में ट्यूमर विकसित हो गया. शोध के दौरान गर्मियों में सुपर ड्रिंक माने जाने वाले बेल के गूदे में ऐसे तत्व पाए गए हैं, जो स्तन कैंसर को रोकने में सहायक हो सकते हैं. चूहों पर इसका परीक्षण भी किया गया. इससे पॉजिटिव रिजल्ट सामने आए हैं. इस महत्वपूर्ण शोध में संस्थान के वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. अरुण कुमार की प्रमुख भूमिका रही है. इसके बाद चूहों को मिश्रित मात्रा में बेल का पल्प दिया गया. कुछ समय बाद यह देखा गया कि ट्यूमर का आकार धीरे-धीरे सिकुड़ने लगा और कुछ दिनों बाद पूरी तरह समाप्त हो गया. इसके बाद चूहे पूरी तरह स्वस्थ हो गए. इस शोध के आधार पर वैज्ञानिकों का मानना है कि बेल में ऐसे तत्व मौजूद हो सकते हैं, जो कैंसर के इलाज में सहायक साबित हो सकते हैं. हालांकि, इस पर अभी और विस्तृत शोध और मानव परीक्षण की आवश्यकता है. Add News18 as Preferred Source on Google उन्होंने आगे बताया कि अब उनकी टीम बेल के पल्प में मौजूद मॉलिक्यूल को अलग यानी आइसोलेट कर दोबारा चूहों पर परीक्षण करेगी. अगर इस चरण में भी पॉजिटिव परिणाम मिलते हैं, तो शोध को पेटेंट कराया जाएगा और प्रकाशित किया जाएगा. इसके बाद अगला चरण मानवों पर क्लीनिकल ट्रायल का होगा, ताकि इसके प्रभाव की विस्तृत जांच की जा सके. उन्होंने यह भी बताया कि इस पूरे शोध में करीब तीन से चार साल का समय लगा है और प्रक्रिया अभी भी जारी है. इस महत्वपूर्ण अध्ययन को इंग्लैंड की प्रतिष्ठित वैज्ञानिक पत्रिका नेचर जर्नल में भी प्रकाशित किया गया है. उन्होंने जानकारी दी कि शोध के अनुसार बेल के गूदे में कई प्रकार के फाइटोकेमिकल यौगिक पाए जाते हैं, जिनमें कैरोटेनॉइड, फिनोलिक यौगिक, टैनिन, एल्कलॉइड, टरपेनॉइड, कूमरिन, स्टेरॉयड सैपोनिन, इनुलिन, कार्डियक ग्लाइकोसाइड्स और लिग्निन शामिल हैं. अध्ययन में पाया गया कि ये तत्व कैंसर कोशिकाओं की वृद्धि को रोकने में सहायक हो सकते हैं. उन्होंने यह भी बताया कि वर्तमान में कैंसर की दवाएं काफी महंगी हैं. कुछ दवाएं हजारों रुपये की होती हैं, जबकि कई की कीमत लाखों तक पहुंच जाती है. ऐसे में अगर इस शोध से प्रभावी मॉलिक्यूल विकसित हो जाता है, तो ब्रेस्ट कैंसर के इलाज की लागत कम हो सकती है और मरीजों को सस्ती दवाएं उपलब्ध कराई जा सकती हैं. न्यूज़18 को गूगल पर अपने पसंदीदा समाचार स्रोत के रूप में जोड़ने के लिए यहां क्लिक करें। बिहार की ताजा खबरें पढ़ने के लिए क्लिक करें|
सत्तू शरबत रेसिपी: गर्मियों में रोजाना पिएं सत्तू का शरबत, बनाने में आसान, स्वाद में लाजवाब

भुने हुए चने से तैयार होने वाला सत्तू गर्मियों में शरीर के लिए बहुत चमत्कारी होता है। सत्तू की तासीर जरूरी है तो ये पेट की गर्मी और जलन को भी शांत रखने में मदद करती है। छवि: फ्रीपिक सत्तू शरबत की सामग्री- सत्तू, दही, गुड़, नींबू का रस, काला नमक, लाल मिर्च पाउडर, अन्य जीरा और मीठी कटी हरी मिर्च और बर्फ। छवि: फ्रीपिक एक बड़े पोएट्री में 4 माइक्रो सत्तू डालें। फिर इसमें थोड़ा सा ठंडा दही और स्वादिस्ट गुड़ मिक्स कर लें। इस मिश्रण में पानी मशीनरी मशीनरी ग्रेनड कर लें। छवि: एआई इसमें काला नमक, सफेद नमक, जीरा पाउडर, लाल मिर्च पाउडर, चाट मसाला, काली मिर्च पाउडर और नींबू का रस शामिल है। इसके बाद इसे अच्छे तरीके से मिक्स कर लें। छवि: एआई आपका सत्तू का शरबत बनकर तैयार है। बोतल में शरबत को डाल दें। आप इसे ठंडा करके बर्फ के टुकड़े बनाकर भी डाल सकते हैं। छवि: एआई सत्तू में भारी मात्रा में कार्बोहाइड्रेट होता है जो पेट की गर्मी को शांत करता है और कब्ज से राहत देता है। इससे शरीर में पानी की कमी दूर होती है। इस शरीर का तापमान भी सबसे ज्यादा है। छवि: एआई हाई प्रोटीन और साधारण से भरपूर सत्तू आपके पशुचिकित्सक लॉस में भी काफी मदद करता है। इसे पीने के बाद पेट लंबे समय तक भरा रहता है। दिन भर थकान नहीं होती। छवि: एआई अस्वीकरण: इस लेख में व्यक्त विचार लेखक के निजी विचार हैं।
वह शनिवार जो नहीं था? जैसे ही विजय के शपथ ग्रहण को लेकर सस्पेंस बढ़ा, हजारों प्रशंसक चेन्नई में फंसे रह गए भारत समाचार

आखरी अपडेट:08 मई, 2026, 22:40 IST ऐसी खबरें कि 9 अप्रैल को कोई शपथ ग्रहण समारोह नहीं होगा, विजय समर्थकों के लिए एक परेशान करने वाली बात है। टीवीके के वफादारों के लिए दुख की बात गतिरोध का बेहद कम अंतर है। फ़ाइल छवि चेन्नई की सड़कें, जो शनिवार को ऐतिहासिक “राज्याभिषेक” के लिए तैयार थीं, इसके बजाय भारी, अनिश्चित खामोशी छा गई है। अभिनेता से नेता बने विजय के हजारों समर्थकों के लिए, ऐसी खबरें कि 9 अप्रैल को कोई शपथ ग्रहण समारोह नहीं होगा, एक परेशान करने वाले विरोधी चरमोत्कर्ष के रूप में आई है। चूंकि तमिलागा वेट्री कज़गम (टीवीके) 117 समर्थकों पर अटकी हुई है – जो जादुई संख्या से केवल एक सीट कम है – सचिवालय के लिए नियोजित भव्य उत्सव को अनिश्चित काल के लिए स्थगित कर दिया गया है। चेन्नई के लिए महान यात्रा शुक्रवार के शुरुआती घंटों से, राजधानी की ओर जाने वाली मुख्य सड़कें प्रशंसकों से भरे कार्यकर्ताओं से भरी हुई थीं। कन्याकुमारी, मदुरै और सेलम जैसे दूर-दराज के जिलों से समर्थक विशेष बसों और ट्रेनों में सवार हुए थे, उन्हें विश्वास था कि 9 मई को “थलपति” युग की शुरुआत होगी। शुक्रवार दोपहर तक, ट्रिप्लिकेन में बजट होटल और कोयम्बेडु बस टर्मिनस के पास गेस्ट हाउस कथित तौर पर 100% व्यस्त थे, कई प्रशंसकों ने ईसीआर के पास खुले मैदानों में डेरा डालने का विकल्प चुना। इन शिविरों में जश्न का माहौल था, पोस्टरों में विजय को “नए तमिलनाडु का वास्तुकार” बताया गया था। हालाँकि, जैसे ही राजभवन से खबर आई कि राज्यपाल राजेंद्र अर्लेकर ने शपथ ग्रहण के लिए निमंत्रण जारी करने से इनकार कर दिया है, खुशी की जगह समाचार फ़ीड की उन्मत्त ताज़ाता ने ले ली। “शनिवार जो नहीं था” ने शहर में अनुमानित पचास हजार आगंतुकों को तार्किक और भावनात्मक असमंजस की स्थिति में छोड़ दिया है। एक आकर्षक संख्या खेल टीवीके के वफादारों के लिए दुख की बात गतिरोध का बेहद कम अंतर है। अपनी खुद की 108 सीटों और कांग्रेस और वाम दलों के अंतिम चरण के समर्थन के साथ, विजय का गठबंधन 117 सीटों तक पहुंच गया। 118वें वोट को सुरक्षित करने में अब तक की विफलता – जो कि विदुथलाई चिरुथिगल काची (वीसीके) से आने की व्यापक उम्मीद थी – ने लोकतांत्रिक प्रक्रिया को प्रभावी ढंग से रोक दिया है। प्रशंसकों के लिए, भौतिक “118 की सूची” की संवैधानिक आवश्यकता एक राजनीतिक वास्तविकता के बजाय एक नौकरशाही बाधा की तरह महसूस होती है। उनके लिए, सबसे बड़ी पार्टी का जनादेश शनिवार के समारोह को शुरू करने के लिए पर्याप्त होना चाहिए था। टीवीके के जमीनी स्तर के लोग इस देरी को संख्या की विफलता के रूप में नहीं बल्कि स्थापित द्रविड़ दिग्गजों द्वारा एक नवागंतुक को सत्ता की कुर्सी लेने से रोकने के लिए एक रणनीतिक रुकावट के रूप में देख रहे हैं। ख़ाली मंच और क्षीण आशाएँ पनैयुर में टीवीके मुख्यालय और सचिवालय के पास निर्दिष्ट स्थानों पर, आधे-अधूरे चरणों और लुढ़के हुए कालीनों का दृश्य एक छूटे हुए मील के पत्थर की कहानी बताता है। पार्टी के अंदरूनी सूत्रों का सुझाव है कि “थलपति” ने स्वयं अपने अनुयायियों से अनुशासन बनाए रखने और शांत रहने का आग्रह किया है, भले ही वीसीके आलाकमान ने अपने मैराथन विचार-विमर्श जारी रखे हैं। नगर प्रशासन की तात्कालिक चिंता अब इस भारी भीड़ को तितर-बितर करना है। जबकि कई प्रशंसकों ने “अंतिम हस्ताक्षर” प्राप्त होने तक रुकने की कसम खाई है, गवर्नर के कार्यालय से एक निश्चित समयरेखा की कमी से पता चलता है कि 2026 के राज्याभिषेक की प्रतीक्षा आने वाले सप्ताह तक बढ़ सकती है। फिलहाल, शनिवार को “ऐतिहासिक दिन” घोषित करने वाले बैनर लटके हुए हैं, जो इस बात की मार्मिक याद दिलाते हैं कि टीवीके सत्ता के गलियारों से कितना करीब है, फिर भी कितना दूर है। चुनी हुई कहानियाँ, आपके इनबॉक्स में हमारी सर्वोत्तम पत्रकारिता वाला एक न्यूज़लेटर जमा करना न्यूज़ इंडिया वह शनिवार जो नहीं था? जैसे ही विजय के शपथ ग्रहण को लेकर सस्पेंस बढ़ा, हजारों प्रशंसक चेन्नई में फंसे रह गए अस्वीकरण: टिप्पणियाँ उपयोगकर्ताओं के विचार दर्शाती हैं, News18 के नहीं। कृपया चर्चाएँ सम्मानजनक और रचनात्मक रखें। अपमानजनक, मानहानिकारक, या अवैध टिप्पणियाँ हटा दी जाएंगी। News18 अपने विवेक से किसी भी टिप्पणी को अक्षम कर सकता है. पोस्ट करके, आप हमारी उपयोग की शर्तों और गोपनीयता नीति से सहमत होते हैं। और पढ़ें (टैग्सटूट्रांसलेट)तमिलनाडु चुनाव(टी)एआईएडीएमके(टी)तमिलनाडु चुनाव(टी)बीजेपी(टी)डीएमके(टी)एमके स्टालिन(टी)वीसीके(टी)विजय(टी)टीवीके(टी)विधानसभा चुनाव(टी)कांग्रेस(टी)इंडिया ब्लॉक
सुवेंदु अधिकारी के पश्चिम बंगाल में भाजपा के मुख्यमंत्री पद की पसंद के रूप में उभरने के प्रमुख कारण | भारत समाचार

आखरी अपडेट:08 मई, 2026, 21:59 IST भाजपा के भीतर सुवेंदु अधिकारी के उदय के पीछे निर्णायक कारकों में से एक ममता बनर्जी के खिलाफ उनकी सीधी राजनीतिक लड़ाई थी सुवेंदु अधिकारी का बंगाल का अगला सीएम बनना तय है। फ़ाइल छवि सुवेंदु अधिकारी को भाजपा विधायक दल का नेता चुना गया है और वह शनिवार को पश्चिम बंगाल के नए मुख्यमंत्री के रूप में शपथ लेंगे। दिलीप घोष उनके प्रस्तावक बने. यह निर्णय भाजपा विधायकों द्वारा सर्वसम्मति से लिया गया, जो संगठनात्मक आत्मविश्वास और बंगाल में पार्टी के सबसे प्रमुख चेहरे के रूप में उनके राजनीतिक उदय दोनों को दर्शाता है। फैसले के बाद पार्टी कार्यकर्ताओं और समर्थकों को संबोधित करते हुए, अधिकारी ने कहा, “हमारे नेता नरेंद्र मोदी ने कई गारंटी दी हैं, और भारतीय जनता पार्टी सरकार उनमें से हर एक को पूरा करने के लिए काम करेगी। हम केवल शब्दों में विश्वास नहीं करते हैं; भारतीय जनता पार्टी कार्रवाई के माध्यम से काम करने में विश्वास करती है। हम कम बोलते हैं और अधिक काम करते हैं। आज, मैं आपको विश्वास दिलाता हूं कि आने वाले दिनों में, हमारी सरकार और संगठन पार्टी की विचारधारा और पश्चिम बंगाल की सांस्कृतिक भावना के प्रति प्रतिबद्ध रहेंगे। हम अपने घोषणापत्र में किए गए हर वादे को निर्धारित समय के भीतर पूरा करेंगे।” सुवेंदु अधिकारी, जाइंट किलर भाजपा के भीतर सुवेंदु अधिकारी के उदय के पीछे निर्णायक कारकों में से एक ममता बनर्जी के खिलाफ उनकी सीधी राजनीतिक लड़ाई थी। बंगाल की राजनीति में, ममता बनर्जी को उनके ही राजनीतिक गढ़ में टक्कर देने के बाद समर्थकों द्वारा उन्हें “विशाल हत्यारे” के रूप में देखा जाने लगा। पहला बड़ा मोड़ नंदीग्राम में 2021 के विधानसभा चुनाव में आया, जहां अधिकारी ने देश में सबसे ज्यादा देखे जाने वाले चुनावी मुकाबलों में से एक में ममता बनर्जी को हराया। इस जीत का प्रतीकात्मक महत्व है क्योंकि नंदीग्राम लंबे समय से उस राजनीतिक आंदोलन से जुड़ा रहा है जिसने बनर्जी को बंगाल में सत्ता तक पहुंचाने में मदद की थी। पार्टी समर्थक भबनीपुर में बनर्जी के लिए उनकी बाद की राजनीतिक चुनौती की ओर भी इशारा करते हैं, जिसे उनके सबसे मजबूत राजनीतिक आधारों में से एक माना जाता है। भाजपा की कथा के भीतर, इन बैक-टू-बैक टकरावों ने अधिकारी को एकमात्र बंगाल नेता के रूप में स्थापित किया, जो ममता बनर्जी से उनके घरेलू मैदान पर चुनावी और राजनीतिक रूप से सीधे मुकाबला करने में सक्षम थे। बुरे वक्त में कार्यकर्ताओं के साथ खड़े रहे भाजपा संगठन के अंदर, अधिकारी ने एक ऐसे नेता की छवि भी बनाई जो कठिन समय के दौरान पार्टी कार्यकर्ताओं के साथ मजबूती से खड़ा रहा। 2021 के चुनावों के बाद, जब कई भाजपा कार्यकर्ताओं को कथित तौर पर कई जिलों में हिंसा, विस्थापन और सुरक्षा खतरों का सामना करना पड़ा, तो उन्होंने कार्यकर्ताओं के साथ नियमित संपर्क बनाए रखा, प्रभावित क्षेत्रों का दौरा किया और संगठनात्मक समर्थन का समन्वय किया। पार्टी के भीतर कई लोग उस अवधि को उनकी जमीनी स्तर पर स्वीकार्यता को मजबूत करने के लिए महत्वपूर्ण मानते हैं। सूत्रों ने कहा कि उन्होंने लोगों को यह भी समझाया कि यह “बंगाल में हिंदुओं के लिए आखिरी लड़ाई” थी। टीम के साथ एकजुट होकर काम किया बंगाल में भाजपा के 2026 के अभियान को समन्वित नेतृत्व द्वारा चिह्नित किया गया था जिसमें अधिकारी के साथ समिक भट्टाचार्य, सुकांत मजूमदार और दिलीप घोष शामिल थे। पार्टी नेता राज्य भर में भाजपा संगठन को मजबूत करने के लिए इस सामूहिक प्रयास को श्रेय देते हैं। अधिकारी ने बंगाल में भाजपा के वैचारिक अभियान का भी नेतृत्व किया, बार-बार सीमा घुसपैठ, अवैध आप्रवासन, जनसांख्यिकीय परिवर्तन और पड़ोसी बांग्लादेश में विकास जैसे मुद्दों को उठाया। भाजपा नेताओं ने तर्क दिया कि ये मुद्दे बंगाल की सुरक्षा, पहचान और राजनीतिक भविष्य के केंद्र में थे, ये विषय चुनाव अभियान के दौरान पार्टी की पहुंच का एक प्रमुख हिस्सा बन गए। भाजपा के भीतर, सुवेंदु अधिकारी को अब न केवल एक संगठनात्मक रणनीतिकार के रूप में देखा जाता है, बल्कि उस नेता के रूप में भी देखा जाता है, जिसने बंगाल के सबसे प्रतीकात्मक युद्ध के मैदान में ममता बनर्जी को सीधे चुनौती दी और राजनीतिक रूप से हराया। चुनी हुई कहानियाँ, आपके इनबॉक्स में हमारी सर्वोत्तम पत्रकारिता वाला एक न्यूज़लेटर जमा करना न्यूज़ इंडिया सुवेंदु अधिकारी के पश्चिम बंगाल में भाजपा के मुख्यमंत्री पद की पसंद के रूप में उभरने के प्रमुख कारण अस्वीकरण: टिप्पणियाँ उपयोगकर्ताओं के विचार दर्शाती हैं, News18 के नहीं। कृपया चर्चाएँ सम्मानजनक और रचनात्मक रखें। अपमानजनक, मानहानिकारक, या अवैध टिप्पणियाँ हटा दी जाएंगी। News18 अपने विवेक से किसी भी टिप्पणी को अक्षम कर सकता है. पोस्ट करके, आप हमारी उपयोग की शर्तों और गोपनीयता नीति से सहमत होते हैं। और पढ़ें (टैग्सटूट्रांसलेट)बंगाल सीएम की घोषणा(टी)सुवेंदु अधिकारी(टी)पश्चिम बंगाल के सीएम(टी)अमित शाह(टी)बंगाल समाचार(टी)बीजेपी(टी)ममता बनर्जी(टी)पश्चिम बंगाल समाचार(टी)हिंदुत्व(टी)टीएमसी(टी)पश्चिम बंगाल(टी)सुवेंदु अधिकारी समाचार








