गर्मियों में रामबाण कन्नौज का गुलाब जल, त्वचा और आंखों के लिए फायदेमंद

Last Updated:May 01, 2026, 20:11 IST कन्नौज, जिसे इत्र नगरी के नाम से जाना जाता है, अपने शुद्ध और प्राकृतिक गुलाब जल के लिए देशभर में खास पहचान रखता है. यहां सदियों पुरानी “देग-भाप” विधि से तैयार किया जाने वाला गुलाब जल न सिर्फ अपनी भीनी-भीनी खुशबू के लिए मशहूर है, बल्कि त्वचा, आंखों और स्वास्थ्य के लिए इसके प्राकृतिक फायदे भी इसे खास बनाते हैं. बिना किसी केमिकल के तैयार यह गुलाब जल आज भी परंपरा, कारीगरी और शुद्धता का अनोखा संगम पेश करता है. कन्नौज, जिसे इत्र नगरी के नाम से जाना जाता है, अपने शुद्ध और सुगंधित गुलाब जल के लिए पूरे देश में प्रसिद्ध है. यहां तैयार किया जाने वाला गुलाब जल सिर्फ एक उत्पाद नहीं, बल्कि सदियों पुरानी परंपरा और कारीगरी का प्रतीक है. इसकी मनमोहक खुशबू और प्राकृतिक गुण इसे बाजार में अलग पहचान दिलाते हैं. कन्नौज के गुलाब जल की सबसे बड़ी खासियत इसकी पारंपरिक “देग-भाप” विधि है. इस प्रक्रिया में ताजे देसी गुलाब की पंखुड़ियों को पानी के साथ उबालकर उनका प्राकृतिक अर्क निकाला जाता है. खास बात यह है कि इस पूरी प्रक्रिया में किसी भी प्रकार के केमिकल का उपयोग नहीं किया जाता, जिससे इसकी शुद्धता और गुणवत्ता बरकरार रहती है. गुलाब जल को त्वचा के लिए बेहद लाभकारी माना जाता है, यह त्वचा को ठंडक पहुंचाता है, उसे तरोताजा बनाता है और प्राकृतिक निखार लाने में मदद करता है. Add News18 as Preferred Source on Google गर्मियों में इसका उपयोग विशेष रूप से फायदेमंद होता है, क्योंकि यह त्वचा को हाइड्रेट रखने के साथ-साथ सन टैन और जलन को भी कम करता है. इत्र व्यापारी विवेक नारायण मिश्रा बताते हैं कि गुलाब जल आंखों के लिए भी बेहद उपयोगी है. आंखों में जलन, खुजली या थकान जैसी समस्याओं में यह राहत देता है. कॉटन में गुलाब जल लगाकर आंखों पर रखने से ठंडक मिलती है और आंखें तरोताजा महसूस करती हैं. कन्नौज का गुलाब जल केवल सौंदर्य उत्पाद तक सीमित नहीं है. इसका प्रयोग धार्मिक अनुष्ठानों, पूजा-पाठ और प्रसाद में भी किया जाता है. इसके अलावा, मिठाइयों, शरबत और कई व्यंजनों में इसका इस्तेमाल स्वाद और खुशबू बढ़ाने के लिए किया जाता है. इत्र व्यापारी विवेक नारायण मिश्रा बताते हैं कि गुलाब जल का उपयोग कई प्रकार के कॉस्मेटिक उत्पादों में भी किया जाता है, जैसे फेस वॉश, टोनर, क्रीम और फेस पैक. इसकी प्राकृतिक खुशबू और त्वचा के लिए लाभकारी गुण इसे ब्यूटी इंडस्ट्री का महत्वपूर्ण हिस्सा बनाते हैं. कन्नौज में बनने वाला गुलाब जल पूरी तरह प्राकृतिक और केमिकल-फ्री होता है. यही कारण है कि यह न केवल भारत बल्कि विदेशों में भी अपनी गुणवत्ता के लिए जाना जाता है. कन्नौज का यह गुलाब जल आज भी परंपरा, शुद्धता और प्राकृतिक सुंदरता का प्रतीक बना हुआ है. न्यूज़18 को गूगल पर अपने पसंदीदा समाचार स्रोत के रूप में जोड़ने के लिए यहां क्लिक करें।
नाती ने रची थी दादी की हत्या की साजिश:शिवपुरी में सुपारी लेकर आए दोस्त ने पैर छूकर मार दी थी गोली

शिवपुरी जिले के तेंदुआ थाना क्षेत्र के डेहरवारा गांव में 22 अप्रैल को हुई बुजुर्ग महिला रामसखी धाकड़ की हत्या का पुलिस ने शुक्रवार को खुलासा कर दिया। पुलिस के अनुसार, इस वारदात का मास्टरमाइंड महिला का नाती निकला, जिसने अपने दोस्त के साथ मिलकर हत्या की साजिश रची थी। घटना 22 अप्रैल की दोपहर की है, जब तीन युवक बाइक पर सवार होकर डेहरवारा गांव पहुंचे। उन्होंने शादी का कार्ड देने के बहाने रामसखी धाकड़ के घर का दरवाजा खुलवाया। जैसे ही महिला बाहर आईं, एक युवक ने पहले उनके पैर छुए और फिर तुरंत उनके सिर में गोली मार दी। यह वारदात नातिन के सामने हुई थी। बंटवारे से नाखुश था परिवार जांच में सामने आया कि रामसखी धाकड़ की शादी लक्ष्मी नारायण लोधी से हुई थी। परिवार के पास करीब 35 बीघा जमीन थी, जिसका बंटवारा पहले ही हो चुका था। रामसखी अपनी हिस्से की जमीन अपने बेटे मुनेश धाकड़ के नाम करना चाहती थीं, जिससे परिवार में विवाद बढ़ गया था। शुरुआत में शक सौतेले बेटों पर गया था, जिन पर नामांतरण का विरोध करने का आरोप था। एसडीओपी संजय मिश्रा ने बताया कि पुलिस जांच के बाद इस हत्या का मास्टरमाइंड रामसखी की सौतेली बेटी गुड्डी धाकड़ का बेटा पुष्पराज धाकड़ निकला। पुलिस के मुताबिक, पुष्पराज अपनी मां के साथ रामसखी द्वारा कथित दुर्व्यवहार से नाराज था और इसी का बदला लेने के लिए उसने हत्या की योजना बनाई। पैसों का लालच देकर कराई थी हत्या पुष्पराज की दोस्ती शिवपुरी में रहने वाले निकेंद्र रावत से थी, जो कर्ज में डूबा हुआ था। पुष्पराज ने निकेंद्र को पैसों का लालच देकर हत्या के लिए राजी किया। हत्या के दिन दोनों शादी का कार्ड लेकर घर पहुंचे और वारदात को अंजाम दिया। पुलिस ने बताया कि हत्या में इस्तेमाल की गई पिस्टल निकेंद्र की थी और गोली भी उसी ने चलाई थी। वारदात से पहले करीब 36 हजार रुपए खर्च किए गए थे और आगे और पैसे देने की बात तय हुई थी। दोनों आरोपी गिरफ्तार, पिस्टल बरामद पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है और हत्या में इस्तेमाल पिस्टल भी बरामद कर ली है। तेंदुआ थाना पुलिस मामले की गहन जांच कर रही है और अन्य पहलुओं को भी खंगाला जा रहा है।
आदित्य धर को कोर्ट से राहत:धुरंधर की स्क्रिप्ट चोरी मामले में सेंसर सर्टिफिकेट रद्द करने वाली याचिका खारिज; आदित्य के खिलाफ बयान नहीं देंगे सकेंगे

फिल्म ‘धुरंधर’ की कहानी चुराने (प्लेगरिज्म) के विवाद में डायरेक्टर आदित्य धर को गुरुवार को दो अलग-अलग अदालतों से बड़ी राहत मिली है। कर्नाटक हाईकोर्ट ने फिल्म का सेंसर सर्टिफिकेट रद्द करने की मांग वाली याचिका को खारिज कर दिया। वहीं, बॉम्बे हाईकोर्ट में शिकायतकर्ता संतोष ने भरोसा दिलाया कि वह अब डायरेक्टर के खिलाफ कोई भी मानहानि वाला बयान नहीं देंगे। कर्नाटक HC ने शिकायत में नहीं पाया दम जस्टिस के एस हेमालेखा की सिंगल बेंच ने बेंगलुरु के स्क्रीनराइटर संतोष कुमार की याचिका को सिरे से खारिज कर दिया। संतोष ने मांग की थी कि फिल्म ‘धुरंधर’ का सीबीएफसी (CBFC) सर्टिफिकेट रद्द किया जाए क्योंकि यह उनकी ओरिजिनल स्क्रिप्ट ‘डी-साहब’ की नकल है। कोर्ट ने याचिका पर सुनवाई करते हुए कहा कि इस शिकायत में कोई मेरिट नहीं है। हालांकि, संतोष द्वारा हर्जाने को लेकर किया गया मुख्य केस अभी कोर्ट में पेंडिंग है। बॉम्बे हाईकोर्ट में दी गारंटी आदित्य धर ने संतोष कुमार के खिलाफ मानहानि का केस फाइल किया था। गुरुवार को बॉम्बे हाईकोर्ट में जस्टिस आरिफ डॉक्टर के सामने संतोष के वकील ने कहा कि संतोष अब डायरेक्टर के खिलाफ सार्वजनिक रूप से कोई आपत्तिजनक टिप्पणी नहीं करेगा। आदित्य के वकीलों ने उन्हें ‘चोर’ कहने पर माफी की मांग की थी, लेकिन संतोष की लीगल टीम ने इससे इनकार कर दिया। उनका कहना है कि वे कानूनी लड़ाई लड़ना जारी रखेंगे। क्या है पूरा विवाद? विवाद की शुरुआत ‘धुरंधर’ और इसके सीक्वल की रिलीज के बाद हुई। संतोष कुमार का दावा है कि फिल्म की कहानी उनकी रजिस्टर्ड स्क्रिप्ट ‘डी-साहब’ से भारी मात्रा में कॉपी की गई है। उन्होंने कहा कि उनकी स्क्रिप्ट स्क्रीनराइटर्स एसोसिएशन (SWA) में रजिस्टर्ड है। जब संतोष ने सार्वजनिक तौर पर आदित्य धर पर आरोप लगाए, तो डायरेक्टर ने पहले उन्हें कानूनी नोटिस भेजा और फिर बॉम्बे हाईकोर्ट में अपील की ।
सतना में खराब ईवी स्कूटर को ‘कचरा गाड़ी’ बनाकर घुमाया:बार-बार खराबी से परेशान मालिक का अनोखा विरोध, बाजार में लोगों से कचरा डलवाया

सतना जिले के बिरसिंहपुर में एक व्यक्ति ने शुक्रवार को अपनी खराब इलेक्ट्रिक स्कूटर को ‘कचरा गाड़ी’ बनाकर बाजार में घुमाया। यह अनोखा विरोध बजाज चेतक ईवी स्कूटर की बार-बार आ रही तकनीकी खराबी से परेशान होकर किया गया। राहुल पांडे ने 14 महीने पहले अपने पिता के लिए लगभग 1 लाख 10 हजार रुपए में यह स्कूटर खरीदी थी। उनके अनुसार, खरीदने के बाद से ही इसमें लगातार तकनीकी खराबी आ रही थी। स्कूटर चलते-चलते अचानक बंद हो जाती थी, जिसे वे ‘वायरस आने’ जैसी समस्या बताते हैं। कई बार उन्हें वाहन को टैंपो में लादकर सतना स्थित एजेंसी तक ले जाना पड़ा। हाल ही में सर्विसिंग के बाद भी स्कूटर घर लौटते समय फिर से बंद हो गई, जिससे वे काफी परेशान हो गए। ‘कचरा गाड़ी’ का पोस्टर लगा बाजार में घुमाया लगातार हो रही इन समस्याओं से तंग आकर राहुल पांडे और उनके छोटे भाई रोहित पांडे ने विरोध का एक अनोखा तरीका अपनाया। उन्होंने स्कूटर को एक मालवाहक वाहन पर रखा, उस पर ‘कचरा गाड़ी’ का पोस्टर लगाया और उसे पूरे बिरसिंहपुर बाजार में घुमाया। इस दौरान उन्होंने लोगों से अपील की कि वे इस ‘कचरा गाड़ी’ में कचरा डालें और ऐसी स्कूटर खरीदने से बचें। कई स्थानीय लोगों ने स्कूटर में कचरा डालकर उनके विरोध का समर्थन किया। सर्विस व्यवस्था पर सवाल खड़े किए इस प्रदर्शन ने बाजार में लोगों का ध्यान खींचा और इलेक्ट्रिक वाहनों की गुणवत्ता तथा उनकी सर्विस व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए। स्थानीय लोगों ने कहा कि यदि उपभोक्ताओं को ऐसी समस्याओं का सामना करना पड़ता है, तो संबंधित कंपनियों और एजेंसियों को इसकी जिम्मेदारी लेनी चाहिए। इस घटना के वीडियो और तस्वीरें सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही हैं, जिससे बजाज कंपनी की छवि पर भी नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है।
खरगोन में नारी शक्ति वंदन बिल का समर्थन:भाजपा महिला मोर्चा ने निकाली आक्रोश रैली, तख्तियां लेकर नारेबाजी

खरगोन में भाजपा महिला मोर्चा ने नारी शक्ति वंदन बिल के समर्थन में प्रदर्शन किया। शुक्रवार शाम 4:30 बजे भाजपा कार्यालय से एक रैली निकाली गई, जिसमें महिलाओं ने नारेबाजी की। रैली के दौरान प्रदर्शनकारियों ने हाथों में तख्तियां ले रखी थीं, जिन पर “नारी शक्ति का अपमान नहीं सहेगा हिंदुस्तान”, “महिलाओं के अधिकारों पर वार, कांग्रेस है इसका जिम्मेदार”, “महिलाओं का अपमान, कांग्रेस है बेईमान”, “मां की गरिमा रखनी होगी, अपमान करने वालों को सजा देनी होगी” जैसे नारे लिखे थे। इस दौरान पूर्वा व्यास, शीला पटेल, शुभा खोड़े, वीणा जायसवाल, माया खोड़े, रंगा डावर, बेबीबाई मंडलोई, पार्षद संध्या दांगी, मीनाक्षी मुछाल, साधना बड़ोले, सुनीता गंगले, यामिनी सोनी सहित कई मातृशक्ति मौजूद रहीं। जिलाध्यक्ष नंदा ब्राह्मणे ने कांग्रेस और विपक्ष को बिल पारित न होने के लिए जिम्मेदार ठहराया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने महिला आरक्षण बिल का विरोध कर महिलाओं के सम्मान को ठेस पहुंचाई है। ब्राह्मणे ने इस आंदोलन को राजनीतिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि महिलाओं के सम्मान, अधिकार और सशक्तीकरण से जुड़ा एक व्यापक अभियान बताया। इस अवसर पर जिला संयोजक अनिता बंसल, अमिता मंत्री, ज्योति येवतिकर, जिला उपाध्यक्ष प्रभा राठौर और नपाध्यक्ष छाया जोशी ने भी सभा को संबोधित किया। कार्यक्रम में शालिनी रतोरिया और पूर्व विधायक बाबूलाल महाजन भी मंच पर उपस्थित थे। पूर्व विधायक आत्माराम पटेल, जिला महामंत्री विवेक भटोरे, मंत्री प्रकाश ठाकुर, महामंत्री हरिसिंह चावड़ा, जिला मांगीलाल गाडगे सहित अन्य पदाधिकारी भी मौजूद रहे।
परवल चना दाल सब्जी रेसिपी: घर में बनाएं परवल चना दाल सब्जी, बच्चों की भी बनेगी पसंदीदा; नोट करें सबसे आसान तरीका

आवश्यक सामग्री: 250 ग्राम परवल, ½ कप चना दाल, 1 प्याज, 1 टमाटर, 1 छोटा चम्मच अदरक-लहसुन पेस्ट, 1-2 हरी मिर्च, छवि: फ्रीपिक ½ छोटा चम्मच हल्दी पाउडर, ½ छोटा चम्मच लाल मिर्च पाउडर, 1 छोटा चम्मच हल्दी पाउडर, ½ छोटा चम्मच हल्दी पाउडर, ½ छोटा चम्मच नमक, 2 बड़ा चम्मच नमक, 2 बड़ा चम्मच हरा धनिया पाउडर छवि: एआई बनाने की विधि: सबसे पहले चना दाल को 2-3 घंटे तक सीमित कर लें। इसे पूरी तरह से गलने न दें, धीरे-धीरे सख्त कर रहे हैं। मसाले में थोड़ा सा तेल गरम करें और इसमें कटे हुए परवल के टुकड़े टुकड़े में मिलाकर भून लें। छवि: फ्रीपिक फिर अलग हटा लें। वही चटनी में तेल डालें, जीरा तड़काएं। फिर क्रोमैटोलैम्बोलैण्ड होना सोलोमन तक। अब अदरक-लहसुन पेस्ट और हरी मिर्च डालें। टमाटर के टुकड़े अच्छे प्रकार के उपकरण। छवि: सोशल मीडिया फिर हल्दी, लाल मिर्च, धनिया पाउडर और नमक मसाला तैयार करें। अब इसमें कच्ची हुई चना दाल और फ्राइज़ हुआ परवल डाला गया। छोटा पानी मैनुअल एडकर 8-10 मिनट तक। छवि: सोशल मीडिया अंत में गर्म मसाला डालें और हरा धनिया से गार्निश करें। गरमा-गरम परवल चना दाल सब्जी को रोटी, पराठा या चावल के साथ परोस सकते हैं. इसका स्वाद इतना अच्छा होता है कि बच्चा भी इसे बार-बार मांगेगा। छवि: एआई चना दाल को ज्यादा ख़राब न कहा जा सकता है, बाकी सब्जियों का टेक्सचर हो सकता है। अगर आप कदम रखते हैं तो इसमें थोड़ा सा घी का स्वाद और बढ़ाया जा सकता है। यह आसान और घरेलू रेसिपी आपके घर में सभी को पसंद आएगी। छवि: फ्रीपिक
सनोज मिश्रा पर केरल में पॉक्सो में एफआईआर:कुंभ की वायरल गर्ल के साथ छेड़छाड़ में वीएचपी नेता सहित 4 पर केस दर्ज

प्रयागराज कुंभ मेले के दौरान अपने एक वीडियो से देशभर में सुर्खियों में आई वायरल गर्ल की शिकायत पर केरल पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। एर्नाकुलम सेंट्रल पुलिस ने विश्व हिंदू परिषद (VHP) के एक वरिष्ठ नेता और फिल्म निर्देशक सनोज मिश्रा सहित चार लोगों के खिलाफ यौन अपराधों से बच्चों का संरक्षण (पॉक्सो) अधिनियम के तहत FIR दर्ज की है। पुलिस ने गुरुवार को पुष्टि की कि यह मामला नाबालिग द्वारा लगाए गए उत्पीड़न और दुर्व्यवहार के गंभीर आरोपों के बाद सामने आया है। वीएचपी नेता सहित 4 पर केस दर्ज पीटीआई के अनुसार, एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया कि आरोपियों की सूची में विहिप नेता और वकील अनिल विलायिल के साथ-साथ फिल्म निर्देशक सनोज मिश्रा का नाम शामिल है। यह मामला तब और अधिक चर्चा में आ गया जब पीड़िता ने आरोप लगाया कि उसके साथ यह दुर्व्यवहार उस समय हुआ जब वह नाबालिग थी। शिकायत के मुताबिक, निर्देशक सनोज मिश्रा ने फिल्म ‘द डायरी ऑफ मणिपुर’ की शूटिंग के दौरान कथित तौर पर युवती के साथ दुर्व्यवहार किया था। मुस्लिम दोस्त से शादी के बाद चर्चा में मामला आया कुंभ मेले के वीडियो से वायरल हुई नाबालिग तब विवादों में आई थी, जब उसने केरल के एक मंदिर में अपने एक मुस्लिम दोस्त से शादी कर ली थी। नाबालिग ने आरोप लगाया कि अभिनय के अवसर देने के नाम पर उसका शोषण किया गया। बुधवार को दर्ज की गई एफआईआर के बाद पीड़िता ने मजिस्ट्रेट के समक्ष अपना गोपनीय बयान भी दर्ज कराया है। सनोज मिश्रा बोले: ये सोची समझी साजिश दूसरी ओर, फिल्म निर्देशक सनोज मिश्रा ने इन आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए इसे एक सोची-समझी साजिश बताया है। उन्होंने दावा किया कि उन्हें ‘लव जिहाद’ जैसे मुद्दों पर आवाज उठाने के कारण निशाना बनाया जा रहा है और उनके खिलाफ झूठे दस्तावेजों के आधार पर मामला दर्ज कराया गया है। हालांकि, पुलिस अधिकारियों का कहना है कि प्राथमिक जांच के आधार पर मामला दर्ज कर लिया गया है और चूंकि कथित घटना स्थल केरल से बाहर का है, इसलिए कानूनी प्रक्रिया के तहत मामले को संबंधित क्षेत्राधिकार वाले पुलिस स्टेशन को स्थानांतरित करने की तैयारी की जा रही है। पुलिस अब युवती की उम्र और घटना से जुड़े साक्ष्यों की गहनता से पड़ताल कर रही है।
बुरहानपुर में बिना हेलमेट चालकों पर चालान:पुलिस ने जागरूक कर नियमों का पालन कराया, सीट बेल्ट और नशे में ड्राइविंग पर भी चेतावनी

बुरहानपुर पुलिस ने शुक्रवार को बिना हेलमेट दोपहिया वाहन चलाने वालों के चालान काटे और उन्हें हेलमेट के अनिवार्य उपयोग के प्रति जागरूक किया। यह कार्रवाई सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाने और यातायात नियमों का पालन सुनिश्चित करने के उद्देश्य से की गई। पुलिस अधीक्षक देवेंद्र पाटीदार के निर्देश पर जिले के सभी थाना और चौकी स्तर पर पुलिस टीमें सक्रिय हैं। ये टीमें आमजन से संवाद स्थापित कर रही हैं, विशेषकर दोपहिया वाहन चालकों को हेलमेट के अनिवार्य उपयोग के बारे में बता रही हैं। पुलिस का कहना है कि सड़क दुर्घटनाओं में सिर पर लगने वाली चोटें सबसे घातक होती हैं और हेलमेट जीवन रक्षा का सबसे प्रभावी साधन है। शुक्रवार को निंबोला थाना प्रभारी राहुल कांबले और उनके स्टाफ ने निंबोला क्षेत्र में अभियान चलाया। इसी तरह, देड़तलाई चौकी प्रभारी शंकर लोने और उनके स्टाफ ने ग्राम देड़तलाई में यातायात विशेष जागरूकता अभियान के तहत लोगों को यातायात नियमों का महत्व समझाया। उन्होंने बताया कि सड़क सुरक्षा का पालन करना न केवल अपनी, बल्कि दूसरों की जान की सुरक्षा के लिए भी आवश्यक है। इस दौरान बिना हेलमेट वाहन चलाने वाले चालकों के चालान भी काटे गए। अभियान के दौरान वाहन चालकों को हेलमेट और सीट बेल्ट के अनिवार्य उपयोग के बारे में जानकारी दी गई। उन्हें नशे की हालत में वाहन चलाने के खतरों, नाबालिगों को वाहन न देने की जिम्मेदारी, राहवीर योजना, हिट एंड रन पीड़ित प्रतिकर योजना और कैशलेस ट्रीटमेंट योजना के बारे में भी विस्तार से बताया गया।
दलाई लामा का आह्वान: '21वीं सदी के बौद्ध' बनें:'बुद्ध पूर्णिमा पर धर्मशाला के कालचक्र मंदिर में दिया संदेश, विश्व शांति के लिए प्रार्थना

धर्मशाला में बुद्ध पूर्णिमा (वेसाक) के पावन अवसर पर शुक्रवार, 1 मई को धर्मशाला के प्रसिद्ध कालचक्र मंदिर में एक भव्य प्रार्थना समारोह का आयोजन किया गया। इस विशेष अवसर पर तिब्बती आध्यात्मिक गुरु दलाई लामा स्वयं उपस्थित रहे। उन्होंने विश्व शांति, आपसी भाईचारे और समस्त जीव जगत के कल्याण के लिए विशेष पूजा-अर्चना की। समारोह के दौरान नामग्याल मठ के भिक्षुओं ने तिब्बती परंपरा के अनुसार धार्मिक अनुष्ठान संपन्न किए। पारंपरिक वाद्य यंत्रों की गूँज के बीच बुद्ध शाक्यमुनि के जन्म, ज्ञान प्राप्ति और उनके परिनिर्वाण की स्मृति में विशेष प्रार्थनाएँ की गईं। पूरे मंदिर परिसर में इस दौरान गहरी आध्यात्मिक शांति और भक्ति का माहौल बना रहा। बौद्ध की शिक्षाओं का पढ़ना पर्याप्त नहीं, व्यवहार में उतारें वैश्विक बौद्ध समुदाय को संबोधित करते हुए दलाई लामा ने कहा कि 2500 वर्ष पूर्व भगवान बुद्ध द्वारा फैलाया गया ज्ञान का प्रकाश आज भी दुनिया के लिए उतना ही प्रासंगिक है। उन्होंने अनुयायियों को प्रेरित करते हुए कहा कि हमें केवल नाम का बौद्ध नहीं, बल्कि ’21वीं सदी का बौद्ध’ बनना चाहिए। उनके अनुसार केवल शिक्षाओं को सुनना या पढ़ना पर्याप्त नहीं है। बुद्ध के संदेशों पर गहराई से मनन करना और उन्हें अपने व्यवहार में उतारना अनिवार्य है। करुणा और अहिंसा ही एकमात्र मार्ग अपने संबोधन में दलाई लामा ने ‘आश्रित उत्पत्ति’ के सिद्धांत पर जोर दिया और कहा कि किसी भी जीव को हानि न पहुँचाना ही सबसे बड़ा धर्म है। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय की वैश्विक चुनौतियों का समाधान केवल करुणा और ज्ञान के मार्ग पर चलकर ही संभव है। उन्होंने विश्वास जताया कि जब लोग बुद्ध की शिक्षाओं को अपने दैनिक जीवन का हिस्सा बनाएंगे, तभी एक सुखी और मानवीय विश्व का निर्माण होगा। समस्त विश्व को दिया आशीर्वाद समारोह के समापन पर दलाई लामा ने सभी बौद्ध अनुयायियों को बुद्ध पूर्णिमा की बधाई दी। उन्होंने समस्त मानवता के लिए अपनी मंगलकामनाएं प्रेषित कीं और प्रार्थना की कि करुणा का यह मार्ग हर हृदय में शांति लेकर आए।
मंदसौर में शिवना शुद्धिकरण अभियान को एक साल:चार ट्रॉली कचरा निकला; 102वें दिन श्रमदान में जुटे लोग, अब प्रतिदिन चलेगा अभियान

मंदसौर में शिवना नदी शुद्धिकरण अभियान ने एक वर्ष पूरा कर लिया है। इस अवसर पर शुक्रवार को एक विशेष सफाई अभियान चलाया गया, जिसमें नदी से चार ट्राली कचरा निकाला गया। विधायक विपिन जैन ने घोषणा की कि यह अभियान अब प्रतिदिन चलाया जाएगा। अभियान के 102वें दिन बड़ी संख्या में लोग नदी किनारे एकत्र हुए। इनमें महिलाएं, बुजुर्ग, बच्चे, युवा और ग्रामीण शामिल थे। सभी ने मिलकर लगभग दो घंटे तक श्रमदान किया। इस दौरान नदी से प्लास्टिक, पॉलिथीन और अन्य कचरा हटाया गया, साथ ही किनारों पर उगी गाजर घास भी साफ की गई। विधायक विपिन जैन ने कहा कि जनसंकल्प और सामूहिक श्रमदान के कारण नदी के स्वरूप में सकारात्मक बदलाव दिख रहा है। उन्होंने बताया कि जहां पहले गंदगी और प्रदूषण का माहौल था, वहीं अब स्वच्छता और जागरूकता का वातावरण बन रहा है। विधायक ने शहरवासियों से अपील की कि वे प्रतिदिन चलने वाले इस अभियान में शामिल होकर श्रमदान करें, ताकि शिवना नदी को पूरी तरह स्वच्छ बनाया जा सके। इस शुद्धिकरण अभियान में बड़ी संख्या में समाजसेवी, जनप्रतिनिधि, महिला नेता और स्थानीय नागरिक उपस्थित रहे और सक्रिय भागीदारी निभाई।






