Thursday, 15 Oct 2026 | 10:47 AM

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रायसेन में स्वगणना पूरी, प्रदेश में नंबर-1:कल से मकान गणना शुरू, शहरी क्षेत्र में 13 सुपरवाइजर नियुक्त, हर मकान की होगी एंट्री

रायसेन में स्वगणना पूरी, प्रदेश में नंबर-1:कल से मकान गणना शुरू, शहरी क्षेत्र में 13 सुपरवाइजर नियुक्त, हर मकान की होगी एंट्री

रायसेन जिले में जनगणना-2027 के तहत स्वगणना का कार्य निर्धारित समय-सीमा में पूरा कर लिया गया है। 16 अप्रैल से 30 अप्रैल तक चले इस अभियान में रायसेन जिला पूरे प्रदेश में पहले स्थान पर रहा। 29 अप्रैल की शाम तक जिले में कुल 93,779 स्वगणना दर्ज की गईं, जो प्रदेश में सर्वाधिक हैं। कलेक्टर अरुण कुमार विश्वकर्मा के निर्देशन में यह अभियान मिशन मोड में चलाया गया। इसमें प्रशासनिक अमले और आम नागरिकों ने सक्रिय भागीदारी की। कलेक्टर ने बताया कि स्वगणना प्रक्रिया को सरल बनाया गया था, जिससे नागरिक मोबाइल के माध्यम से स्वयं अपनी जानकारी दर्ज कर सके। स्वगणना के प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिए जिले की पंचायतों और वार्डों में शिविर आयोजित किए गए। अधिकारियों ने क्षेत्रों का भ्रमण कर लोगों से सीधा संवाद किया और मौके पर ही स्वगणना कराई। प्रतिदिन प्रगति की निगरानी भी की गई, जिससे लक्ष्य समय पर पूरा हो सका। कल से मकान गणना का काम शुरू होगा अब अगले चरण में कल (1 मई) से मकान गणना (हाउस लिस्टिंग) का कार्य शुरू किया जाएगा। इसके लिए नगरीय निकायों में सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। रायसेन नगर पालिका की सीएमओ सुरेखा जाटव ने जानकारी दी कि डायट भवन में गुरुवार को वार्ड प्रभारियों और सुपरवाइजरों की बैठक आयोजित कर उन्हें प्रशिक्षण दिया गया है। शहरी क्षेत्र के लिए कुल 13 सुपरवाइजर नियुक्त किए गए हैं। इन्हें कार्य की विस्तृत जानकारी और तकनीकी प्रशिक्षण प्रदान किया गया है। ये टीमें घर-घर जाकर पहले नागरिकों को ऐप डाउनलोड कराएंगी, जिसके बाद प्रत्येक मकान की क्रमवार एंट्री की जाएगी। कर्मचारियों को ब्लॉकवार जिम्मेदारियां भी सौंप दी गई हैं, ताकि कार्य व्यवस्थित ढंग से संपन्न हो सकें।

बेल से मिटेगा ब्रेस्ट कैंसर..! गर्मियों में मिलने वाला सुपरफूड, दवा बनाने में होगा उपयोग, वैज्ञानिकों का रिसर्च

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पटना. देश में स्तन कैंसर के मामलों में लगातार बढ़ोतरी देखी जा रही है. बिहार भी इससे अछूता नहीं है. यह गंभीर बीमारी अब केवल महिलाओं तक सीमित नहीं रही, बल्कि पुरुषों को भी अपनी चपेट में ले रही है. इस चुनौती से निपटने के लिए वैज्ञानिक लगातार नए शोध में जुटे हुए हैं, ताकि सटीक इलाज खोजा जा सके. इसी दिशा में पटना स्थित महावीर कैंसर संस्थान के वैज्ञानिकों ने एक अहम खोज की है. शोध के दौरान गर्मियों में सुपर ड्रिंक माने जाने वाले बेल के गूदे में ऐसे तत्व पाए गए हैं, जो स्तन कैंसर को रोकने में सहायक हो सकते हैं. चूहों पर इसका परीक्षण भी किया गया. इससे पॉजिटिव रिजल्ट सामने आए हैं. इस महत्वपूर्ण शोध में संस्थान के वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. अरुण कुमार की प्रमुख भूमिका रही है. चूहों पर किया गया शोधवरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. अरुण कुमार ने लोकल 18 से बातचीत में बताया कि उनके शोध में यह सामने आया है कि बेल के पल्प में ऐसे तत्व मौजूद हैं, जो कैंसररोधी प्रभाव रखते हैं. इस दावे की पुष्टि के लिए टीम ने चूहों पर प्रयोग किया. रिसर्च के दौरान चूहों को एक विशेष केमिकल दिया गया, जिससे करीब छह महीने में उनके स्तन में ट्यूमर विकसित हो गया. इसके बाद चूहों को मिश्रित मात्रा में बेल का पल्प दिया गया. कुछ समय बाद यह देखा गया कि ट्यूमर का आकार धीरे-धीरे सिकुड़ने लगा और कुछ दिनों बाद पूरी तरह समाप्त हो गया. इसके बाद चूहे पूरी तरह स्वस्थ हो गए. इस शोध के आधार पर वैज्ञानिकों का मानना है कि बेल में ऐसे तत्व मौजूद हो सकते हैं, जो कैंसर के इलाज में सहायक साबित हो सकते हैं. हालांकि, इस पर अभी और विस्तृत शोध और मानव परीक्षण की आवश्यकता है. पेटेंट करने की तैयारीउन्होंने आगे बताया कि अब उनकी टीम बेल के पल्प में मौजूद मॉलिक्यूल को अलग यानी आइसोलेट कर दोबारा चूहों पर परीक्षण करेगी. अगर इस चरण में भी पॉजिटिव परिणाम मिलते हैं, तो शोध को पेटेंट कराया जाएगा और प्रकाशित किया जाएगा. इसके बाद अगला चरण मानवों पर क्लीनिकल ट्रायल का होगा, ताकि इसके प्रभाव की विस्तृत जांच की जा सके. उन्होंने यह भी बताया कि इस पूरे शोध में करीब तीन से चार साल का समय लगा है और प्रक्रिया अभी भी जारी है. इस महत्वपूर्ण अध्ययन को इंग्लैंड की प्रतिष्ठित वैज्ञानिक पत्रिका नेचर जर्नल में भी प्रकाशित किया गया है. सस्ती हो जाएंगी दवाएंउन्होंने जानकारी दी कि शोध के अनुसार बेल के गूदे में कई प्रकार के फाइटोकेमिकल यौगिक पाए जाते हैं, जिनमें कैरोटेनॉइड, फिनोलिक यौगिक, टैनिन, एल्कलॉइड, टरपेनॉइड, कूमरिन, स्टेरॉयड सैपोनिन, इनुलिन, कार्डियक ग्लाइकोसाइड्स और लिग्निन शामिल हैं. अध्ययन में पाया गया कि ये तत्व कैंसर कोशिकाओं की वृद्धि को रोकने में सहायक हो सकते हैं. उन्होंने यह भी बताया कि वर्तमान में कैंसर की दवाएं काफी महंगी हैं. कुछ दवाएं हजारों रुपये की होती हैं, जबकि कई की कीमत लाखों तक पहुंच जाती है. ऐसे में अगर इस शोध से प्रभावी मॉलिक्यूल विकसित हो जाता है, तो ब्रेस्ट कैंसर के इलाज की लागत कम हो सकती है और मरीजों को सस्ती दवाएं उपलब्ध कराई जा सकती हैं.

मैहर में ASI शिवनंदन साकेत का निधन:लीवर संबंधी बीमारी का नागपुर में चल रहा था इलाज; अमदरा में तोड़ा दम

मैहर में ASI शिवनंदन साकेत का निधन:लीवर संबंधी बीमारी का नागपुर में चल रहा था इलाज; अमदरा में तोड़ा दम

मैहर जिले के अमदरा थाना के एएसआई शिवनंदन साकेत का गुरुवार सुबह इलाज के दौरान निधन हो गया। वे पिछले लंबे समय से लीवर की गंभीर बीमारी से जूझ रहे थे। उनका उपचार महाराष्ट्र के नागपुर में चल रहा था, लेकिन तबीयत अधिक बिगड़ने पर उन्हें स्थानीय स्वास्थ्य केंद्र लाया गया था, जहां उन्होंने अंतिम सांस ली। अमदरा अस्पताल में भर्ती थे एएसआई तबीयत में सुधार न होने के कारण शिवनंदन साकेत को हाल ही में अमदरा अस्पताल में भर्ती कराया गया था। डॉक्टरों की टीम लगातार उनके स्वास्थ्य की निगरानी कर रही थी, लेकिन संक्रमण और लीवर डिसऑर्डर के कारण उनके स्वास्थ्य में सुधार नहीं हुआ। डॉक्टरों ने सुबह उनकी मृत्यु की पुष्टि की। पोस्टमार्टम के बाद परिजनों को सौंपा शव निधन की सूचना मिलते ही पुलिस विभाग के वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे। आवश्यक कानूनी औपचारिकताओं के पूरा होने के बाद शव का पोस्टमार्टम कराया गया और पार्थिव देह परिजनों को सौंप दी गई। पुलिसकर्मियों ने दी श्रद्धांजलि एएसआई शिवनंदन साकेत को उनके सहकर्मियों ने एक अनुशासित और मिलनसार अधिकारी के रूप में याद किया। पुलिसकर्मियों और स्थानीय नागरिकों ने उनकी कर्तव्यनिष्ठा की सराहना करते हुए दिवंगत आत्मा को श्रद्धांजलि अर्पित की है।

अंजड़ के 5 वार्डों में दूषित जल आपूर्ति:रहवासी बोले- नलों से आ रहा बदबूदार पानी; 8 हजार लोगों को बीमारियों का खतरा

अंजड़ के 5 वार्डों में दूषित जल आपूर्ति:रहवासी बोले- नलों से आ रहा बदबूदार पानी; 8 हजार लोगों को बीमारियों का खतरा

बड़वानी जिले के अंजड़ नगर के वार्ड क्रमांक 7, 8, 9, 14 और 15 में पिछले कई महीनों से नलों के माध्यम से दूषित और बदबूदार पानी की आपूर्ति हो रही है। इस समस्या के कारण करीब 8 हजार रहवासियों के बीच डायरिया, टाइफाइड और हेपेटाइटिस जैसी जलजनित बीमारियों का खतरा बढ़ गया है। स्थानीय लोगों ने बताया कि कई बार नर्मदा पाइपलाइन से स्वच्छ पेयजल की मांग की है, लेकिन अब तक कोई समाधान नहीं हुआ। वार्डों में भेदभाव और उपेक्षा का आरोप नगर परिषद उपाध्यक्ष प्रतिनिधि सूरजमल पिपल्या ने परिषद अध्यक्ष मांगीलाल मुकाती पर भेदभाव करने के आरोप लगाए हैं। पिपल्या के अनुसार, नगर के कुछ वार्डों को जानबूझकर उपेक्षित रखा जा रहा है और वहां के नागरिकों को स्वच्छ पेयजल उपलब्ध नहीं कराया जा रहा है। उन्होंने पूरी जिम्मेदारी नगर परिषद की बताते हुए भेदभाव खत्म करने की मांग की है। अध्यक्ष ने दूषित जल की खबरों को बताया अफवाह नगर परिषद अध्यक्ष मांगीलाल मुकाती ने सभी आरोपों को गलत और अफवाह बताया। मुकाती का दावा है कि वार्ड नंबर 7 और 8 में पीने के लिए अलग से पानी भिजवाया जाता है। उन्होंने स्पष्ट किया कि अन्य दैनिक कार्यों के लिए कुएं और बावड़ी का पानी दिया जा रहा है, जबकि पीने के लिए केवल नर्मदा का जल ही उपलब्ध कराया जा रहा है। पाइपलाइन में टूट-फूट से जल वितरण प्रभावित अध्यक्ष मुकाती ने बताया कि गर्मी के मौसम के कारण पाइपलाइन कई स्थानों पर क्षतिग्रस्त हो गई है, जिससे जल वितरण में तकनीकी समस्याएं आ रही हैं। उन्होंने कहा कि सप्लाई में देरी हो सकती है, लेकिन पानी नर्मदा का ही दिया जा रहा है। उनके अनुसार, कुछ लोग क्षेत्र में गलत जानकारी फैलाकर भ्रम की स्थिति पैदा कर रहे हैं। बावड़ी और कुओं की सफाई न होने से आक्रोश वार्ड 8 के रहवासियों का आरोप है कि उन्हें जो पानी मिल रहा है वह वर्षों से साफ न की गई बावड़ियों और कुओं का है। जमीनी तस्वीरों में भी इन जल स्रोतों में गंदगी नजर आ रही है। नागरिकों ने मांग की है कि नर्मदा की स्थायी पाइपलाइन से नियमित आपूर्ति सुनिश्चित की जाए और पुराने जल स्रोतों की तत्काल सफाई कराई जाए।

चिंतामण ब्रिज से शिप्रा में कूदे युवक की मौत:उज्जैन में बहन से एक घंटे बाद मिलने का कहकर गया, वापस नहीं लौटा

चिंतामण ब्रिज से शिप्रा में कूदे युवक की मौत:उज्जैन में बहन से एक घंटे बाद मिलने का कहकर गया, वापस नहीं लौटा

उज्जैन में 22 वर्षीय युवक ने चिंतामण ब्रिज के पास निर्माणाधीन पुल से शिप्रा नदी में छलांग लगा दी। गोताखोरों ने उसे नदी से बाहर निकाला, लेकिन तब तक उसकी मौत हो चुकी थी। मृतक की पहचान इंगोरिया के ग्राम सुवासा निवासी अंकित पाटीदार के रूप में हुई है। जानकारी के अनुसार बुधवार को अंकित अपनी बड़ी बहन ज्योति के साथ उज्जैन आया था। परिवार शादी समारोह में गया हुआ था, जबकि अंकित और ज्योति घर पर थे। ज्योति इलाज के लिए उज्जैन जाना चाहती थी और अंकित ने कॉलेज के काम का हवाला देकर उसके साथ जाने का फैसला किया। एक घंटे में मिलने का कहकर रुक गया युवक उज्जैन पहुंचकर दोनों जंतर-मंतर क्षेत्र के पास उतरे। अंकित ने अपनी बहन से कहा कि उसका दोस्त आने वाला है और वह यहीं उसका इंतजार करेगा। उसने ज्योति से एक घंटे बाद उसी जगह मिलने या खुद उसके पास आने की बात कही। गोताखोरों ने नदी से बाहर निकाला इसके बाद ज्योति इलाज के लिए चली गई और इसी दौरान अंकित चिंतामण ब्रिज के पास पहुंचा तथा निर्माणाधीन पुल से शिप्रा नदी में कूद गया। घटना की सूचना मिलते ही एसडीईआरएफ और मां शिप्रा तैराक दल के गोताखोर मौके पर पहुंचे। काफी मशक्कत के बाद युवक को नदी से बाहर निकाला गया और अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंपा एक घंटे बाद जब बहन ज्योति वापस लौटी, तो अंकित वहां नहीं मिला। उसका मोबाइल भी बंद आ रहा था। चिंतित होकर वह घर पहुंची, लेकिन अंकित वहां भी नहीं आया। परिजनों ने इंगोरिया थाने में गुमशुदगी दर्ज कराने का प्रयास किया, जहां उन्हें नीलगंगा थाने जाने को कहा गया। नीलगंगा थाने में पुलिस ने उन्हें एक अज्ञात शव की तस्वीर दिखाई, जिसकी पहचान अंकित के रूप में हुई। गुरुवार सुबह पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया। पुलिस फिलहाल इस आत्मघाती कदम के पीछे के स्पष्ट कारणों की जांच कर रही है।

बुरहानपुर में सड़क हादसे रोकने उतरी पुलिस:पंपलेट बांटकर समझाइश, हेलमेट-सीट बेल्ट पर जोर; नाबालिग ड्राइविंग और नशे पर चेतावनी

बुरहानपुर में सड़क हादसे रोकने उतरी पुलिस:पंपलेट बांटकर समझाइश, हेलमेट-सीट बेल्ट पर जोर; नाबालिग ड्राइविंग और नशे पर चेतावनी

बुरहानपुर में बढ़ती सड़क दुर्घटनाओं पर अंकुश लगाने के लिए यातायात पुलिस ने एक जागरूकता अभियान शुरू किया है। इस पहल के तहत, वाहन चालकों को रोककर यातायात नियमों का पालन करने के लिए पंपलेट वितरित किए जा रहे हैं और उन्हें समझाइश दी जा रही है। अभियान के दौरान बाइक चालकों से हेलमेट पहनकर वाहन चलाने की अपील की जा रही है, जबकि चार पहिया वाहन चालकों को सीट बेल्ट का उपयोग करने की सलाह दी जा रही है। यह अभियान जिले में 26 अप्रैल से शुरू हुआ था और 10 मई तक चलेगा। इसका मुख्य उद्देश्य दोपहिया वाहन चालकों, विशेषकर युवाओं और महिला चालकों को हेलमेट के प्रति जागरूक करना और सड़क दुर्घटनाओं की रोकथाम सुनिश्चित करना है। पुलिस आमजन से सीधा संवाद कर रही सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाने और आमजन में जिम्मेदार यातायात व्यवहार विकसित करने के लक्ष्य के साथ, बुरहानपुर पुलिस द्वारा जिलेभर में व्यापक सड़क सुरक्षा जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। जिले के सभी थाना और चौकी स्तर पर पुलिस टीमें आमजन से सीधा संवाद स्थापित कर रही हैं। दोपहिया वाहन चालकों को हेलमेट के अनिवार्य उपयोग के प्रति विशेष रूप से जागरूक किया जा रहा है, क्योंकि सड़क दुर्घटनाओं में सिर पर लगने वाली चोटें अक्सर जानलेवा साबित होती हैं। हेलमेट न केवल चोट की गंभीरता को कम करता है, बल्कि जीवन बचाने का सबसे प्रभावी साधन भी है। गुरुवार को यातायात थाना के सहायक उप निरीक्षक अजीतसिंह जाट और उनके स्टाफ ने मुख्य चौराहे पर यातायात संबंधी कार्यक्रम आयोजित किया। इस दौरान वाहन चालकों को अभियान से संबंधित पंपलेट बांटे गए और उनसे सड़क सुरक्षा नियमों का पालन करने का आग्रह किया गया, जो न केवल अपनी बल्कि दूसरों की जान की सुरक्षा के लिए भी आवश्यक है। यह बता रहे सड़क सुरक्षा और ट्रैफिक सिग्नल का महत्व। हेलमेट, सीट बेल्ट का अनिवार्य उपयोग, नशे की हालत में वाहन चलाने के खतरे, नाबालिगों को वाहन न देने की जिम्मेदारी, राहवीर योजना, हिट एंड रन पीड़ित प्रतिकर योजना और कैशलेस ट्रीटमेंट योजना की जानकारी बताई गई। बुरहानपुर पुलिस की आमजन से अपील खुद और अपने परिजनों की सुरक्षा के लिए यातायात नियमों का पालन करें। हमेशा सीट बेल्ट और हेलमेट का प्रयोग करें। तेज गति व लापरवाही से बचें। नाबालिगों को वाहन न दें। नशे की हालत में वाहन न चलाएं।

इंदौर में युवती से दुष्कर्म और ब्लैकमेलिंग का आरोप:नौकरी दिलाने के बहाने फंसाया, वीडियो बनाकर लंबे समय तक दबाव बनाया

इंदौर में युवती से दुष्कर्म और ब्लैकमेलिंग का आरोप:नौकरी दिलाने के बहाने फंसाया, वीडियो बनाकर लंबे समय तक दबाव बनाया

इंदौर में एक युवती ने गंभीर आरोप लगाते हुए पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है। पीड़िता का कहना है कि आरोपी ने नौकरी दिलाने का झांसा देकर उससे दोस्ती की, फिर नशीला पदार्थ खिलाकर दुष्कर्म किया और वीडियो बनाकर लंबे समय तक ब्लैकमेल करता रहा। युवती ने जबरन धर्म परिवर्तन के लिए दबाव और मारपीट के भी आरोप लगाए हैं। हालांकि पुलिस ने फिलहाल दुष्कर्म के मामले में ही कार्रवाई की है। पलासिया थाना पुलिस के मुताबिक, पीड़िता ने बताया कि उसकी पहचान साल 2022 में सोशल मीडिया के जरिए आरोपी लकी उर्फ सोहेल पुत्र रईस खान, निवासी ग्रीन पार्क कॉलोनी से हुई थी। पहली मुलाकात शहर के 56 दुकान क्षेत्र में हुई, जहां आरोपी ने उसे नौकरी दिलाने का भरोसा दिया और उससे दोस्ती कर ली। युवती की शिकायत के बाद पुलिस ने बुधवार देर रात केस दर्ज किया है। नशीला पदार्थ देकर किया दुष्कर्म युवती ने बताया कि 20 दिसंबर 2023 को आरोपी उसके तिलक नगर स्थित घर पहुंचा। उस समय घर में कोई नहीं था। आरोप है कि उसने खाने में नशीला पदार्थ मिलाकर दिया, जिससे वह अचेत हो गई। इसी दौरान आरोपी ने उसके साथ दुष्कर्म किया और वीडियो बना लिया। होश में आने पर आरोपी ने वीडियो वायरल करने की धमकी देकर उसे अपने साथ रहने के लिए मजबूर किया। पीड़िता का कहना है कि आरोपी उसे डराकर अपने साथ किराए के कमरे में रखता रहा। मार्च 2024 में उसे अजमेर ले जाया गया, जहां उसके साथ जबरन धार्मिक क्रियाएं करवाई गईं और शारीरिक संबंध बनाए गए। गर्भपात का लगाया आरोप युवती के अनुसार अक्टूबर 2024 में वह गर्भवती हो गई। उसने आरोपी से शादी की बात कही, लेकिन आरोपी ने इनकार कर दिया और दबाव बनाकर गर्भपात करा दिया, जिससे उसकी तबीयत भी खराब हो गई। पीड़िता ने यह भी आरोप लगाया कि उसे चंदन नगर क्षेत्र में एक व्यक्ति के पास ले जाया गया, जहां अंधविश्वास से जुड़ी गतिविधियां करवाई गईं। इसके साथ ही उस पर धर्म परिवर्तन कर धार्मिक रीति-रिवाज अपनाने का दबाव बनाया गया। मना करने पर उसके साथ मारपीट की गई और धमकाया गया। पीड़िता ने करणी सेना के पदाधिकारी मानसिंह राजावत, लक्की बाहुबली और रक्षा शुक्ला से संपर्क किया। इसके बाद सभी उसे लेकर वरिष्ठ अधिकारियों के पास पहुंचे, जिसके बाद देर रात पलासिया पुलिस ने आरोपी के खिलाफ एफआईआर दर्ज की।

समय रैना और रणवीर अल्लाहबादिया फिर साथ दिखेंगे:‘कपिल के शो में इंडियाज गॉट लेटेंट विवाद के बाद पहली बार साथ नजर आएंगे

समय रैना और रणवीर अल्लाहबादिया फिर साथ दिखेंगे:‘कपिल के शो में इंडियाज गॉट लेटेंट विवाद के बाद पहली बार साथ नजर आएंगे

वर्ल्ड लाफ्टर डे के मौके पर नेटफ्लिक्स पर ‘द ग्रेट इंडियन कपिल शो’ का एक स्पेशल एपिसोड आने वाला है। इस एपिसोड में कपिल शर्मा के साथ समय रैना और रणवीर अल्लाहबादिया नजर आएंगे। यह स्पेशल एपिसोड 2 मई को नेटफ्लिक्स पर स्ट्रीम होगा। शो का एक टीजर भी सामने आया है, जिसमें समय रैना कहते हैं, “फ्रेंड्स, मैं आखिरकार अपने फेवरेट शो ‘द ग्रेट इंडियन कपिल शो’ में आ रहा हूं, लेकिन मुझे नहीं बताया गया कि मेरा गेस्ट कौन होगा। उन्होंने कहा कि अभी बताएंगे—3, 2, 1।” इसके बाद रणवीर अल्लाहबादिया एंट्री करते हैं। इस पर समय रैना कहते हैं, “नो वे, ब्रो!” समय रैना के शो में विवाद हुआ था गौरतलब है कि पिछले साल रणवीर अल्लाहबादिया जब समय रैना के शो ‘इंडियाज गॉट लेटेंट’ में आए थे, तब बहुत विवाद हुआ था। एपिसोड के दौरान रणवीर ने अश्लील और आपत्तिजनक जोक किया था। इसका वीडियो वायरल होते ही देशभर में भारी विरोध हुआ था। विवाद इतना बढ़ गया कि समय रैना को अपने यूट्यूब चैनल से ‘इंडियाज गॉट लेटेंट’ के सभी एपिसोड हटाने पड़े थे। इस विवाद के कारण समय रैना, रणवीर अल्लाहबादिया, आशीष चंचलानी, अपूर्वा मखीजा और जसप्रीत सिंह के खिलाफ महाराष्ट्र, असम (गुवाहाटी) और राजस्थान (जयपुर) जैसे राज्यों में FIR दर्ज की गई थी। सुप्रीम कोर्ट ने इस पर सख्त रुख अपनाते हुए रणवीर के दिमाग को “गंदा” बताया और कहा कि ऐसी बातें समाज में शर्मिंदगी लाती हैं। कोर्ट ने उन्हें सार्वजनिक रूप से माफी मांगने का भी आदेश दिया था।

समय रैना और रणवीर अल्लाहबादिया फिर साथ दिखेंगे:‘कपिल के शो में इंडियाज गॉट लेटेंट विवाद के बाद पहली बार साथ नजर आएंगे

समय रैना और रणवीर अल्लाहबादिया फिर साथ दिखेंगे:‘कपिल के शो में इंडियाज गॉट लेटेंट विवाद के बाद पहली बार साथ नजर आएंगे

वर्ल्ड लाफ्टर डे के मौके पर नेटफ्लिक्स पर ‘द ग्रेट इंडियन कपिल शो’ का एक स्पेशल एपिसोड आने वाला है। इस एपिसोड में कपिल शर्मा के साथ समय रैना और रणवीर अल्लाहबादिया नजर आएंगे। यह स्पेशल एपिसोड 2 मई को नेटफ्लिक्स पर स्ट्रीम होगा। शो का एक टीजर भी सामने आया है, जिसमें समय रैना कहते हैं, “फ्रेंड्स, मैं आखिरकार अपने फेवरेट शो ‘द ग्रेट इंडियन कपिल शो’ में आ रहा हूं, लेकिन मुझे नहीं बताया गया कि मेरा गेस्ट कौन होगा। उन्होंने कहा कि अभी बताएंगे—3, 2, 1।” इसके बाद रणवीर अल्लाहबादिया एंट्री करते हैं। इस पर समय रैना कहते हैं, “नो वे, ब्रो!” समय रैना के शो में विवाद हुआ था गौरतलब है कि पिछले साल रणवीर अल्लाहबादिया जब समय रैना के शो ‘इंडियाज गॉट लेटेंट’ में आए थे, तब बहुत विवाद हुआ था। एपिसोड के दौरान रणवीर ने अश्लील और आपत्तिजनक जोक किया था। इसका वीडियो वायरल होते ही देशभर में भारी विरोध हुआ था। विवाद इतना बढ़ गया कि समय रैना को अपने यूट्यूब चैनल से ‘इंडियाज गॉट लेटेंट’ के सभी एपिसोड हटाने पड़े थे। इस विवाद के कारण समय रैना, रणवीर अल्लाहबादिया, आशीष चंचलानी, अपूर्वा मखीजा और जसप्रीत सिंह के खिलाफ महाराष्ट्र, असम (गुवाहाटी) और राजस्थान (जयपुर) जैसे राज्यों में FIR दर्ज की गई थी। सुप्रीम कोर्ट ने इस पर सख्त रुख अपनाते हुए रणवीर के दिमाग को “गंदा” बताया और कहा कि ऐसी बातें समाज में शर्मिंदगी लाती हैं। कोर्ट ने उन्हें सार्वजनिक रूप से माफी मांगने का भी आदेश दिया था।

बंगाल में एग्जिट पोल में टीएमसी-बीजेपी के बीच कड़ी टक्कर दिखाई गई है। क्या महिला मतदाता संतुलन बना सकती हैं? | चुनाव समाचार

CBSE Class 12 Result 2026 Date and Time LIVE Updates: Scorecards expected soon on cbse.gov.in.

आखरी अपडेट:30 अप्रैल, 2026, 14:04 IST 2026 के चुनावों में, महिलाओं ने न केवल पुरुषों को पछाड़ दिया, बल्कि 93.24 प्रतिशत मतदान के साथ पिछले सभी रिकॉर्ड तोड़ दिए। महिलाएं अब बंगाल के चुनावों में सिर्फ भागीदार नहीं हैं; वे इस बात के केंद्र में हैं कि परिणाम कैसे आकार लेते हैं। (पीटीआई) पश्चिम बंगाल में कड़े मुकाबले का फैसला आ सकता है, एग्जिट पोल में भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के मजबूत प्रदर्शन और तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) की ओर से मजबूत चुनौती का संकेत दिया जा रहा है। इस बीच, एक रुझान स्पष्ट रूप से सामने आया है- महिला मतदाता रिकॉर्ड संख्या में सामने आई हैं और परिणाम को आकार देने में निर्णायक साबित हो सकती हैं। पश्चिम बंगाल विधानसभा की सभी 294 सीटों पर दो चरणों में मतदान हुआ और नतीजे 4 मई को घोषित किए जाएंगे। वोटिंग पैटर्न पर जाने से पहले आइए समझें कि एग्जिट पोल ने राज्य के लिए क्या भविष्यवाणी की है। राज्य में किसी भी पार्टी के लिए आराम से सरकार बनाने के लिए बहुमत का आंकड़ा 148 है। ज्यादातर एग्जिट पोल में कड़ी टक्कर का अनुमान है, कई अनुमानों में बीजेपी आगे है। चाणक्य स्ट्रैटेजीज़ ने अनुमान लगाया है कि बीजेपी 150-160 सीटें जीतेगी, जबकि टीएमसी 30-40 सीटें जीतेगी और अन्य को छह से 10 सीटें मिल रही हैं। मैट्रिज़ ने अनुमान लगाया कि बीजेपी को 146-161 सीटें मिलेंगी, जबकि टीएमसी को 125-140 सीटें और अन्य को 6-10 सीटें मिलेंगी। जेवीसी ने अनुमान लगाया कि बीजेपी को 138-159 सीटें और टीएमसी को 131-152 सीटें, कांग्रेस को 0-2 सीटें और वाम दलों को 0-1 सीटें मिलेंगी। पी-मार्क एग्जिट पोल में बीजेपी को 150-175 सीटें, टीएमसी को 118-138 सीटें और अन्य को 2-6 सीटें मिलने का अनुमान लगाया गया है। पीपुल पल्स ने बीजेपी को 95-100 सीटें, टीएमसी को 177-187 सीटें, कांग्रेस को 1-3 सीटें और लेफ्ट पार्टियों को 0-1 सीटें मिलने का अनुमान लगाया है। इस बीच, पोल डायरी एग्जिट पोल में बीजेपी को 142-147 सीटें, टीएमसी को 99-127 सीटें, कांग्रेस को 3-5 सीटें, लेफ्ट पार्टियों को 2-3 सीटें और अन्य को 0-1 सीटें मिलने का अनुमान लगाया गया है। सर्वेक्षणों ने लिंग-वार कोई विवरण नहीं दिया है, लेकिन पिछले आंकड़े बढ़ती महिला भागीदारी का एक सुसंगत पैटर्न दिखाते हैं। इस बार महिलाओं के मन में क्या है? भारत के अधिकांश हिस्सों की तरह, पश्चिम बंगाल में भी पुरुष-प्रधान मतदान पैटर्न था। लेकिन 2011 में पैटर्न बदल गया और राज्य के इतिहास में पहली बार महिला मतदाताओं की संख्या पुरुषों से अधिक हो गई। परिणाम: राज्य में उच्च मतदान प्रतिशत के साथ ही ममता बनर्जी पहली महिला मुख्यमंत्री बन गईं। तब से, राज्य में महिलाओं और बनर्जी ने पीछे मुड़कर नहीं देखा। 2016 और 2021 में भी महिला मतदाताओं की संख्या पुरुषों से अधिक रही और बनर्जी ने अपना नियंत्रण जारी रखा। 2026 के चुनावों में, महिलाओं ने न केवल पुरुषों को पछाड़ दिया, बल्कि 93.24 प्रतिशत मतदान के साथ पिछले सभी रिकॉर्ड भी तोड़ दिए। इसका मतलब है कि राज्य में प्रत्येक 100 पात्र महिला मतदाताओं में से लगभग 94 वोट देने के लिए बाहर निकलीं। पुरुषों के मामले में यह लगभग 92 था। 2011 में, महिलाओं का मतदान 84.45 प्रतिशत था – जो बुधवार तक एक रिकॉर्ड था। भले ही 2016 और 2021 में महिलाओं की संख्या पुरुषों से अधिक थी, फिर भी मतदान 2011 की तुलना में कम था। 2026 में जो बदलाव आया है वह यह है कि महिलाओं ने पिछले सभी रिकॉर्ड को पीछे छोड़ दिया है। नतीजा? 4 मई को वोटों की गिनती से पता चलेगा कि क्या महिलाएं अभी भी बनर्जी के साथ खड़ी हैं या उन्होंने पाला बदल लिया है। एग्जिट पोल के मुताबिक, किसी भी स्थिति में, सत्ता पक्ष या विपक्ष, बीजेपी अपने पिछले प्रदर्शन में सुधार करने के लिए तैयार है। पिछले परिणाम टीएमसी ने 2011 में 184 सीटें जीतीं, जो 2006 में 30 सीटें थीं। 2011 में टीएमसी को कुल वोटों का 38.93 प्रतिशत हासिल हुआ, जो 2006 में 26.64 प्रतिशत था। 2016 में ममता बनर्जी के दूसरे कार्यकाल में पार्टी का वोट शेयर बढ़कर 44.91 फीसदी (211 सीटें) हो गया। जैसे ही उन्होंने 2021 में लगातार तीसरी बार राज्य की कमान संभाली, चुनाव आयोग के आंकड़ों से पता चलता है कि टीएमसी का वोट शेयर बढ़कर 47.9 प्रतिशत (215 सीटें) हो गया। 2011 में तृणमूल को 1.85 करोड़ वोट मिले थे. 2016 में यह संख्या बढ़कर 2.45 करोड़ वोट हो गई। 2021 में यह संख्या 2.87 करोड़ तक पहुंच गई – 2011 के बाद से 54.92 प्रतिशत की वृद्धि। 2016 के बाद, भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने वामपंथी दलों और कांग्रेस पर कब्ज़ा कर लिया और राज्य में प्राथमिक विपक्षी दल बन गई। 2016 में तीन सीटों (10.16 प्रतिशत वोट शेयर) से, बीजेपी ने 2021 में 77 सीटें जीतीं और वोट शेयर 38.15 प्रतिशत तक पहुंच गया। क्या महिला मतदाताओं की यह अभूतपूर्व लामबंदी सत्ता को मजबूत करती है या बदलाव का संकेत देती है, यह 4 मई को ही स्पष्ट होगा। हालाँकि, यह निश्चित है कि महिलाएँ अब केवल बंगाल के चुनावों में भागीदार नहीं हैं; वे इस बात के केंद्र में हैं कि परिणाम कैसे आकार लेते हैं। चुनी हुई कहानियाँ, आपके इनबॉक्स में हमारी सर्वोत्तम पत्रकारिता वाला एक न्यूज़लेटर जमा करना पहले प्रकाशित: 30 अप्रैल, 2026, 14:04 IST समाचार चुनाव बंगाल में एग्जिट पोल में टीएमसी-बीजेपी के बीच कड़ी टक्कर दिखाई गई है। क्या महिला मतदाता संतुलन बना सकती हैं? अस्वीकरण: टिप्पणियाँ उपयोगकर्ताओं के विचार दर्शाती हैं, News18 के नहीं। कृपया चर्चाएँ सम्मानजनक और रचनात्मक रखें। अपमानजनक, मानहानिकारक, या अवैध टिप्पणियाँ हटा दी जाएंगी। News18 अपने विवेक से किसी भी टिप्पणी को अक्षम कर सकता है. पोस्ट करके, आप हमारी उपयोग की शर्तों और गोपनीयता नीति से सहमत होते हैं। और पढ़ें (टैग्सटूट्रांसलेट)पश्चिम बंगाल चुनाव 2026(टी)पश्चिम बंगाल एग्जिट पोल(टी)महिला मतदाताओं का मतदान(टी)बीजेपी बनाम टीएमसी(टी)ममता बनर्जी(टी)महिला मतदाता भागीदारी(टी)पश्चिम बंगाल विधानसभा सीटें(टी)बीजेपी वोट शेयर