सेंसेक्स में 150 अंक की तेजी:78,400 पर कारोबार कर रहा, निफ्टी भी 50 अंक चढ़ा; IT और बैंकिंग शेयर्स ज्यादा खरीदारी

शेयर बाजार में आज यानी 7 जुलाई को बढ़त है। सेंसेक्स करीब 150 अंक की तेजी के साथ 78,400 के स्तर पर कारोबार कर रहा है। वहीं निफ्टी में भी करीब 50 अंक की बढ़त है, ये 24,450 के स्तर पर कारोबार कर रहा है। IT और बैंकिंग शेयर्स में आज ज्यादा खरीदारी है। एशियाई बाजारों में गिरावट अमेरिकी बाजार में कल तेजी रही थी विदेशी निवेशकों ने कल 3792 करोड़ के शेयर खरीदे नोट: FIIs और DIIs की नेट खरीदारी/बिकवाली के आंकड़े करोड़ रुपए में हैं। कल बाजार में रही थी तेजी इससे पहले कल यानी 6 जुलाई को शेयर बाजार में बढ़त रही थी। सेंसेक्स 521 अंक की तेजी के साथ 78,285 पर बंद हुआ था। निफ्टी में भी 160 अंकों की बढ़त रही, ये 24,430 पर बंद हुआ था।
अंशुला कपूर की हुई रोहन ठक्कर से शादी:सौतेली बहनों जान्हवी-खुशी ने निभाईं रस्में, मंडप के पास रखी दिवंगत मां की तस्वीर, अर्जुन कपूर हुए भावुक

बोनी कपूर की बेटी और अर्जुन कपूर की बहन अंशुला कपूर ने 6 जुलाई को रोहन ठक्कर से शादी कर ली है। शादी में कपूर परिवार के तमाम लोगों के अलावा फिल्म इंडस्ट्री की कई बड़ी हस्तियां शामिल हुईं। शादी ट्रेडिशनल हिंदू रीति-रिवाजों से हुई, जिसमें सौतेली बहनों जान्हवी कपूर और खुशी कपूर ने भी रस्में अदा की हैं। वहीं बड़े भाई अर्जुन कपूर, अंशुला को मंडप तक लेकर आए देखिए शादी की इनसाइड तस्वीरें- शादी की तस्वीरों के साथ अंशुला ने ऑफिशियल सोशल मीडिया अकाउंट से लिखा है, 06.07.2026। इतने सारे लोगों में, इतनी सारी जगहों में और इतने सही-गलत वक्तों के बीच, वो तुम थे। और जिंदगी के हर मोड़, हर उतार-चढ़ाव और हर अनपेक्षित सफर के बाद भी। आज भी तुम ही हो। मेरी सबसे पसंदीदा बातचीत। मेरी सबसे सुकूनभरी जगह। मेरी सबसे आसान और सबसे खूबसूरत पसंद। हमेशा तुम ही रोहन ठक्कर। अर्जुन कपूर ने भी आज सुबह सोशल मीडिया से अंशुला के लिए भावुक पोस्ट शेयर की है। उन्होंने लिखा, मेरी अंश के नाम, तुम हमेशा मेरी रहोगी, लेकिन अब वक्त आ गया है कि मैं तुम्हें नई राह पर जाने दूं। आज तुम रोहन के साथ अपनी नई जिंदगी की शुरुआत कर रही हो। तुम्हें मुस्कुराते हुए देखकर मेरा दिल, मेरा मन और मेरी आत्मा बेहद खुश हैं। मैंने तुम्हें बचपन से बड़ा होते देखा है और आज तुम एक ऐसी शानदार महिला बन गई हो, जो हर कदम पर हमारी मां की छवि को अपने भीतर समेटे हुए है। आगे उन्होंने लिखा, कभी चिंता मत करना, क्योंकि मां हमेशा तुम्हें देख रही हैं और हर पल तुम्हें अपना आशीर्वाद दे रही हैं। मैं हमेशा तुम्हारे साथ हूं, हमेशा तुम्हारा साथ दूँगा और हमेशा यह सुनिश्चित करूंगा कि तुम्हारे चेहरे की मुस्कान कभी फीकी न पड़े। बहुत सारा प्यार, तुम्हारा अर्जुन भैया।
अंशुला कपूर की हुई रोहन ठक्कर से शादी:सौतेली बहनों जान्हवी-खुशी ने निभाईं रस्में, मंडप के पास रखी दिवंगत मां की तस्वीर, अर्जुन कपूर हुए भावुक

बोनी कपूर की बेटी और अर्जुन कपूर की बहन अंशुला कपूर ने 6 जुलाई को रोहन ठक्कर से शादी कर ली है। शादी में कपूर परिवार के तमाम लोगों के अलावा फिल्म इंडस्ट्री की कई बड़ी हस्तियां शामिल हुईं। शादी ट्रेडिशनल हिंदू रीति-रिवाजों से हुई, जिसमें सौतेली बहनों जान्हवी कपूर और खुशी कपूर ने भी रस्में अदा की हैं। वहीं बड़े भाई अर्जुन कपूर, अंशुला को मंडप तक लेकर आए देखिए शादी की इनसाइड तस्वीरें- शादी की तस्वीरों के साथ अंशुला ने ऑफिशियल सोशल मीडिया अकाउंट से लिखा है, 06.07.2026। इतने सारे लोगों में, इतनी सारी जगहों में और इतने सही-गलत वक्तों के बीच, वो तुम थे। और जिंदगी के हर मोड़, हर उतार-चढ़ाव और हर अनपेक्षित सफर के बाद भी। आज भी तुम ही हो। मेरी सबसे पसंदीदा बातचीत। मेरी सबसे सुकूनभरी जगह। मेरी सबसे आसान और सबसे खूबसूरत पसंद। हमेशा तुम ही रोहन ठक्कर। अर्जुन कपूर ने भी आज सुबह सोशल मीडिया से अंशुला के लिए भावुक पोस्ट शेयर की है। उन्होंने लिखा, मेरी अंश के नाम, तुम हमेशा मेरी रहोगी, लेकिन अब वक्त आ गया है कि मैं तुम्हें नई राह पर जाने दूं। आज तुम रोहन के साथ अपनी नई जिंदगी की शुरुआत कर रही हो। तुम्हें मुस्कुराते हुए देखकर मेरा दिल, मेरा मन और मेरी आत्मा बेहद खुश हैं। मैंने तुम्हें बचपन से बड़ा होते देखा है और आज तुम एक ऐसी शानदार महिला बन गई हो, जो हर कदम पर हमारी मां की छवि को अपने भीतर समेटे हुए है। आगे उन्होंने लिखा, कभी चिंता मत करना, क्योंकि मां हमेशा तुम्हें देख रही हैं और हर पल तुम्हें अपना आशीर्वाद दे रही हैं। मैं हमेशा तुम्हारे साथ हूं, हमेशा तुम्हारा साथ दूँगा और हमेशा यह सुनिश्चित करूंगा कि तुम्हारे चेहरे की मुस्कान कभी फीकी न पड़े। बहुत सारा प्यार, तुम्हारा अर्जुन भैया।
मानसून आयुर्वेदिक आहार: बारिश के मौसम में भूलकर भी न खाएं ये चीजें, बीमारी बढ़ने का हो सकता है खतरा; जानें सही आयुर्वेदिक औषधि

गर्मी के लंबे इंतजार के बाद डुबेकी की पहली बारिश हर किसी को सर्वमान्य होती है। लेकिन यह मौसम आपके साथ सिर्फ राहत ही नहीं, बल्कि कई तरह के विकार और ख़राब पाचन क्रिया भी लेकर आता है। आयुर्वेद के अनुसार, सिद्धांत वर्षा ऋतु में शरीर की ‘जठराग्नि’ बहुत कमजोर होती है। ऐसे में गलत खान-पान से वात, पित्त और कफ का संतुलन बिगड़ जाता है, जिससे हम जल्दी बीमार हो जाते हैं। आइए जानते हैं कि इस मौसम में किन-किन चीजों से दूरी बनानी चाहिए और क्या खाना सेहत के लिए फायदेमंद है। बकवास में भूलकर भी ना आकर्षक ये चीजें डिफॉल्ट में पालक, मेथी, बंदगोभी जैसी पत्तेदार सब्जियाँ खाने से। इस मौसम में बाइबल के कारण इन पर किंडर, स्कैनर और फंगस तेजी से बढ़ते हैं, जो पेट के संक्रमण का कारण बन सकते हैं।आयुर्वेद में दवा के दौरान दही और छाछ का सेवन कम करना चाहिए। तासीर अवांछनीय और भारी होता है, जो शरीर में सूजन, कफ और वात दोष को बढ़ा सकता है।इस सीज़न में कच्चा खाना और पकाना मुश्किल होता है। कच्चे खाने से शरीर में जा सकते हैं, इसलिए हमेशा पका हुआ खाना ही स्थिर।होती बारिश ही समोसे, पकौड़े और चाट खाने का मन हर किसी का होता है। लेकिन अधिकतर तेल और मौलिक वाला खाना आपके पहले से ख़राब पाचन क्रिया को और धीमा कर देता है, जिससे गैस और एसिडिटी की समस्या बढ़ जाती है। आयुर्वेद के अनुसार बारिश में क्या खाना चाहिए? इस मौसम में पुराने, पुराने चावल और आटे से बनी टिकाऊ वस्तुएं। ये आसानी से मिलते हैं से पच।खाना पकाने में अदरक, लहसुन, हींग, जीरा, काली मिर्च, हल्दी और धनिया का इस्तेमाल जरूर करें। ये आपके भूख और पाचन शक्ति को दर्शाती हैं।सिद्धांत में डोकलाम ठंडा हुआ या गुनगुना पानी ही पिएं। आप तुलसी, अदरक और पुदीने की चाय या काढ़ा भी पी सकते हैं। यह शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को मजबूत करता है।लौकी, तोरई, कद्दू, परवल और करेला जैसी क्लासी प्लांट इस मौसम के लिए सबसे अच्छे हैं। (टैग्सटूट्रांसलेट)आयुर्वेद में मानसून आहार(टी)आयुर्वेद के अनुसार मानसून में सबसे अच्छा आहार क्या है(टी)मानसून में क्या खाना चाहिए(टी)मानसून में क्या नहीं खाना चाहिए(टी)मानसून में कैसा खाना चाहिए
पंजाबी सिंगर गैरी संधू की नई एब्लम DND लीक:कहा- किसी पतंदर ने मेरी मेहनत खराब कर दी, गुस्से में खुद गाकर सुनाया अनरिलीज्ड सॉन्ग

पंजाबी सिंगर गैरी संधू की आने वाली एल्बम DND रिलीज से पहले ही लीक हो गई है। एल्बम लीक होने से गैरी संधू काफी नाराज हैं। उन्होंने सोशल मीडिया पर पोस्ट साझा कर अपना गुस्सा जाहिर किया। गैरी संधू ने लिखा कि किसी ने मेरी मेहनत पर पानी फेर दिया। एल्बम अभी पूरी तरह तैयार भी नहीं हुई थी, लेकिन किसी ने जानबूझकर इसे इंटरनेट पर लीक कर दिया। गैरी संधू का इरादा इसे सिर्फ एक ईपी (EP) तक सीमित रखने का नहीं था, बल्कि वह इसे फुल-फ्लेज्ड एल्बम के रूप में रिलीज करने की तैयारी कर रहे थे। एल्बम का काम अभी पूरा नहीं हुआ था और इसमें कई नए गाने शामिल किए जाने बाकी थे। इससे पहले ही किसी ने इसे कथित तौर पर ऑनलाइन लीक कर दिया। फैंस के साथ पूरी बात साझा की जैसे ही गैरी संधू को इसकी जानकारी मिली, उन्होंने सोशल मीडिया पर एक वीडियो जारी कर अपनी नाराजगी जाहिर की और फैंस के साथ पूरी बात साझा की। एल्बम लीक होने से निराश गैरी ने उसी वीडियो में अपना एक अनरिलीज्ड गाना भी गाकर सुनाया। वीडियो में गैरी संधू ने क्या कहा सिलसिलेवार जानिए… गैरी संधू से जुड़े विवाद, जानिए…
गोल्डन टेंपल में निक्कर पहनकर पहुंचे विदेशी कपल को रोका,VIDEO:माथा टेकने जा रहे थे, सिख ने कहा- एंट्री फ्री, पहले पूरे कपड़े पहनो

अमृतसर स्थित गोल्डन टेंपल में निक्कर पहन कर माथा टेकने जा रहे विदेशी कपल को सिख ने रोक दिया। महिला और युवक दोनों ने निक्कर पहनी हुई थी। सिख ने उन्हें गेट पर रोका और नियमों के बारे में बताया। सिख ने बताया कि निक्कर पहनकर अंदर जाना मना है। इस दौरान विदेशी महिला ने टिकट के बारे में भी पूछा, जिस पर उसे बताया गया कि यहां एंट्री पूरी तरह फ्री है। दोनों को पूरे कपड़े पहनकर आने की सलाह दी। नियम समझने के बाद विदेशी महिला ने सहमति जताई। ये वीडियो 4 जुलाई का है। जो अब सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। गुरुघर की मर्यादा से अवगत कराने के लिए सूचना बोर्ड लगाया गया है। इन पर स्पष्ट लिखा है कि कैप, शॉर्ट पैंट (निक्कर), कैप्री, मोजे और मिनी स्कर्ट पहनकर प्रवेश की अनुमति नहीं है। श्रद्धालुओं से सिर ढकने और पूरे कपड़े पहनकर ही गुरुद्वारा साहिब में प्रवेश करने की अपील की गई है। अब पढ़ें वीडियो क्या है… वीडियो में दिख रहा कि एक विदेशी महिला और उसके साथ मौजूद युवक गोल्डन टेंपल में प्रवेश करने की तैयारी कर रहे थे। तभी एक सिख ने उन्हें बताया कि गुरुद्वारा साहिब के अंदर निक्कर या हाफ पैंट पहनकर जाना मना है। उन्होंने समझाया कि दर्शन करने के लिए पूरे कपड़े या पजामा पहनना जरूरी है। बातचीत के दौरान विदेशी महिला ने पूछा कि क्या अंदर जाने के लिए किसी प्रकार का टिकट लेना पड़ता है। इस पर स्पष्ट किया कि गोल्डन टेंपल में प्रवेश पूरी तरह फ्री है और केवल गुरुघर की मर्यादा के अनुसार कपड़े पहनना जरूरी है। इसके बाद महिला ने अपने साथी की ओर इशारा करते हुए पूछा कि क्या उन पर भी यही नियम लागू होता है। सिख ने बताया कि यह नियम सभी श्रद्धालुओं और टूरिस्टों पर समान रूप से लागू होता है, चाहे वे किसी भी देश या धर्म से संबंध रखते हों। सिख ने दोनों को पास के बाजार से पायजामा या पूरे कपड़े खरीदने की सलाह भी दी। सिख और विदेशी महिला के बीच हुई बातचीत… सिख: “इनसाइड द गुरुद्वारा साहिब, प्लीज वियर द प्रॉपर पायजामा। (गुरुद्वारा साहिब के अंदर, कृपया पूरा पायजामा पहनें) विदेशी महिला: ओके, वेल (अच्छा, ठीक है) सिख: मार्केट की तरफ इशारा करते हुए यू शुड ट्राय द मार्केट एंड बाय फ्रॉम देयर। देन यू कैन गो इनसाइड द गुरुद्वारा। (आप मार्केट जाकर वहां से खरीद सकती हैं। उसके बाद आप गुरुद्वारा साहिब के अंदर जा सकती हैं।) विदेशी महिला: आई वॉज गोइंग देयर। व्हेयर आई बाय द टिकट? (मैं वहीं जा रही थी। मुझे टिकट कहां से मिलेगी?) सिख: आह नो, देयर इज नो टिकट। टिकट इज नो टिकट। यू शुड वियर द प्रॉपर क्लोथ्स, देन यू कैन गो। (अरे नहीं, यहां कोई टिकट नहीं है। कोई टिकट नहीं लगती। आपको बस सही कपड़े पहनने होंगे, फिर आप जा सकती हैं।) विदेशी महिला: अपने साथी की तरफ इशारा करते हुए) ही इज फाइन?(क्या ये ठीक हैं?) सिख: नो, ही इज ऑल्सो… निक्कर इज नॉट अलाउड। दिस इज नॉट अलाउड। (नहीं, ये भी… निक्कर यहां अलाउड नहीं है। यह पहनना मना है।) विदेशी महिला: ओके। (ठीक है।) सिख: यू वियर प्रॉपर पायजामा, फुल पैंट, देन यू कैन गो। (आप लोग पूरा पायजामा या फुल पैंट पहनें, फिर आप अंदर जा सकते हैं।) विदेशी महिला: ओके। (ठीक है।) गोल्डन टेंपल में लगाया बोर्ड… ——— ये खबर भी पढ़ें…. गोल्डन टेंपल में भगवंत मान की फोटो वाले आईकार्ड उतरवाए अमृतसर स्थित गोल्डन टेंपल में शनिवार को नया विवाद हो गया। यहां मुख्यमंत्री तीर्थ यात्रा योजना के तहत पंजाब के विभिन्न जिलों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु माथा टेकने पहुंचे। इस दौरान मुख्यमंत्री भगवंत मान की तस्वीर वाले पहचान पत्र पहनकर पहुंचे श्रद्धालुओं के गले से ये पहचान पत्र उतरवाए गए। (पढ़ें पूरी खबर)
शिमला मिर्च गाजर चिल्ला रेसिपी: खोज में बोले गए लगातार मिर्च और गाजर से बना चीला, स्वाद ऐसा की सब पूछेंगे रेसिपी

सामग्री: 1 कप बेसन, 1 गाजर, 1 छोटा चम्मच काली मिर्च, 1 छोटा प्याज, 2 हरी मिर्च, हरा धनिया, ½ छोटा मोटा आटा, ¼ छोटा मोटा हल्दी, ½ छोटा टुकड़ा लाल मिर्च पाउडर, ½ छोटा टुकड़ा धनिया पाउडर, ½ छोटा मोटा धनिया पाउडर, स्वाद मसाला नमक, तेल छवि: फ्रीपिक बनाने की आसान विधि: बेसन में सबसे पहले एक बड़ा स्थान। अब इसमें हल्दी, लाल मिर्च पाउडर, धनिया पाउडर, नमक और नमक मिलाया जाता है। छवि: एआई इसके बाद कद्दूकस की हुई गाजर, स्ट्रॉबेरी कटी मिर्च प्याज, हरी मिर्च और हरा धनिया डालें। अब थोड़ा-थोड़ा पानी डाले हुए एक ब्लॉग तैयार करें। छवि: फ्रीपिक ध्यान रखें कि नासा न अधिक नमक हो और न ही अधिक नमक हो। इसे 10 मिनट के लिए ठीक करके रख लें। अब गर्म करें और चमकाएं तेल या घी। तैयार नासा को तवे पर नामांकित गोल आकार में फैलाया गया। छवि: एआई मध्यम किनारे पर दोनों तरफ से सोना और कुरकुरा होने तक सेंक लें। जब चीला दोनों तरफ से अच्छी तरह पक जाए, तो इसे प्लेट में निकाल लें। इसी तरह बाकी नासाल से भी चिली तैयार कर लें। छवि: एआई गरमा-गर्म मिर्च और गाजर का चीला हरी धनिया की चटनी, टमाटर की चटनी, दही या मसाला के साथ मसाले। सुबह के नाश्ते, बच्चों के टिफ़िन या शाम की भूख के लिए यह एक बेहतरीन और उपयोगी विकल्प है। छवि: एआई चिली को सबसे स्वादिष्ट बनाने के लिए चिली में छोटी सा सूजी या चावल का आटा मिला सकते हैं. इससे चीला चित्र कुकुरा गाएगा। छवि: एआई
सतलुज:डायरेक्टर हनी त्रेहान बोले- पंजाब की राजनीति में वर्षों से दबे दर्द की कहानी है ये फिल्म

दिलजीत दोसांझ स्टारर ‘सतलुज’ साढ़े तीन साल के इंतजार के बाद फाइनली जी5 पर आ रही है। इसके निर्देशक हनी त्रेहान ने खास बातचीत में फिल्म के रिलीज तक के संघर्ष और जसवंत सिंह खालड़ा की कहानी को परदे तक लाने के सफर पर बात की… हनी त्रेहान कहते हैं कि ‘सतलुज’ की सबसे बड़ी चुनौती फिल्म बनाना नहीं, बल्कि उसे दर्शकों तक पहुंचाना रही। शूटिंग से लेकर पोस्ट-प्रोडक्शन तक किसी तरह की बाधा नहीं आई। पंजाब में जहां-जहां शूटिंग हुई, वहां प्रशासन ने पूरा सहयोग दिया, लेकिन फिल्म पूरी होने के बाद थिएट्रिकल रिलीज के लिए सेंसर सर्टिफिकेट नहीं मिला और यहीं से संघर्ष शुरू हो गया। करीब साढ़े तीन साल तक फिल्म रिलीज का इंतजार करती रही।’ सिर्फ एक मैसेज किया, 45 सेकेंड में आया जवाब, फिल्म करने को राजी हुए दिलजीत हनी बताते हैं कि ‘कोविड के दौरान मैंने सिर्फ इतना मैसेज किया था कि दिलजीत आप भारत में हैं या अमेरिका? उसी रात उनकी कैलिफोर्निया की फ्लाइट थी, इसलिए मुझे उम्मीद नहीं थी कि मुलाकात हो पाएगी। कुछ ही सेकेंड में जवाब आया कि समय निकला तो जरूर मिलेंगे। एयरपोर्ट जाते वक्त दिलजीत सीधे मुझसे मिलने पहुंचे। दिलजीत ने एक बार भी पारिश्रमिक या बिजनेस मॉडल के बारे में सवाल नहीं किया। उनकी दिलचस्पी सिर्फ इस बात में थी कि कहानी क्यों कही जा रही है और कितनी ईमानदारी से परदे पर उतारी जाएगी।’ यह उन लोगों की कहानी है, जिन्होंने सच और इंसाफ के लिए जान दांव पर लगा दी हनी कहते हैं कि ‘सतलुज’ का उद्देश्य किसी राजनीतिक विचारधारा का समर्थन या विरोध करना नहीं है। मेरे लिए यह उन लोगों की कहानी है, जिन्होंने सच और इंसाफ के लिए जान तक दांव पर लगा दी। मैं चाहता हूं कि दर्शक फिल्म को खुले मन से देखें और इसके जरिए पंजाब के उस दौर, जसवंत सिंह के संघर्ष और न्याय की अहमियत पर नए सिरे से सोचें। किसी फिल्म की सबसे बड़ी सफलता बॉक्स ऑफिस नहीं, बल्कि दर्शकों के मन में उठने वाले सवाल भी होते हैं।’ पंजाब में शूटिंग के दौरान कहीं विरोध का सामना नहीं करना पड़ा बकौल हनी…‘सतलुज’ सिर्फ एक क्राइम ड्रामा नहीं, बल्कि पंजाब के उस दर्द की कहानी है, जो लंबे समय तक इतिहास और राजनीति की परतों में दबा रहा। इतनी संवेदनशील कहानी होने के बावजूद पंजाब में शूटिंग के दौरान कहीं विरोध का सामना नहीं करना पड़ा। पुलिस स्टेशन, सरकारी इमारतों और सार्वजनिक स्थानों पर सभी जरूरी अनुमति के साथ काम हुआ और प्रशासन ने पूरा सहयोग दिया। फिल्म देखने के बाद पंजाब के लोगों ने भी कहा कि पहली बार इस दौर को सनसनी की तरह नहीं, बल्कि संवेदनशीलता के साथ दिखाया गया है। जसवंत सिंह खालड़ा कौन थे? जन्म : 2 नवंबर 1952, मृत्यु : 6 सितंबर 1995 घर: तरनतारन, पंजाब अमृतसर सेंट्रल को-ऑपरेटिव बैंक में डायरेक्टर थे। समाजसेवी और मानवाधिकार कार्यकर्ता भी थे। शिरोमणि अकाली दल के मानवाधिकार विंग से जुड़े थे। जसवंत ने 16 जनवरी 1995 को पंजाब पुलिस पर फर्जी एनकाउंटर के आरोप लगाए थे। सितंबर 1995 को जसवंत घर के बाहर से गायब हुए। पुलिस पर अपहरण का आरोप लगा। 1995 में ही जसवंत की हत्या भी कर दी गई थी। 2005 में कोर्ट ने जसवंत सिंह केस में पूर्व डीएसपी जसपाल सिंह समेत 6 पुलिसकर्मियों को सजा सुनाई थी।
बौद्ध धर्मगुरु दलाई लामा 91 वर्ष के हुए:धर्मशाला-लद्दाख में उमड़ा श्रद्धा का सैलाब, पीएम मोदी का बधाई संदेश- विश्व शांति के लिए उनकी प्रतिबद्धता सराहनीय

विश्व प्रसिद्ध बौद्ध धर्मगुरु दलाई लामा सोमवार को 91 वर्ष के हो गए हैं। इस विशेष अवसर पर हिमाचल प्रदेश के धर्मशाला स्थित उनके अस्थायी निवास स्थान के मुख्य तिब्बती मंदिर ‘त्सुगलाखंग प्रांगण’ में एक भव्य समारोह आयोजित किया गया। केंद्रीय तिब्बती प्रशासन (सीटीए) और स्थानीय तिब्बती समुदाय द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम में देश-विदेश से आए सैकड़ों बौद्ध अनुयायियों, पर्यटकों और स्थानीय भारतीय नागरिकों ने उत्साहपूर्वक हिस्सा लिया। दलाई लामा के बारे में जानें- नोबेल शांति पुरस्कार मिल चुका है जन्म: 6 जुलाई 1935 को पूर्वोत्तर तिब्बत के ताकत्सेर गांव में हुआ। भारत आगमन: वर्ष 1959 में तिब्बत पर चीनी आक्रमण के बाद वे भारत आए और तब से धर्मशाला को अपना निवास स्थान बनाकर विश्व को शांति का संदेश दे रहे हैं। वैश्विक सम्मान: विश्व शांति और अहिंसा के प्रति उनके अभूतपूर्व योगदान के लिए उन्हें वर्ष 1989 में प्रतिष्ठित नोबेल शांति पुरस्कार से सम्मानित किया जा चुका है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दी दीर्घायु की शुभकामनाएं दलाई लामा के जन्मदिन पर भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ (ट्विटर) पर पोस्ट कर उन्हें बधाई दी। पीएम मोदी ने लिखा कि दलाई लामा को जन्मदिन की हार्दिक शुभकामनाएं। शांति और सद्भाव का उनका संदेश दुनिया भर के लोगों के लिए एक मार्गदर्शक शक्ति रहा है। उनकी नैतिक और आध्यात्मिक शक्ति तथा वैश्विक कल्याण के प्रति उनकी प्रतिबद्धता सराहनीय है। मैं उनके लंबे और स्वस्थ जीवन की कामना करता हूं।” राष्ट्रगान और विशेष प्रार्थना से हुई कार्यक्रम की शुरुआत धर्मशाला में आयोजित इस समारोह में कांगड़ा के उपायुक्त (डीसी) हेमराज बैरवा मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। कार्यक्रम की औपचारिक शुरुआत भारत और तिब्बत के राष्ट्रगान के साथ की गई। इसके बाद दलाई लामा की लंबी उम्र और उनके अच्छे स्वास्थ्य की कामना करते हुए विशेष प्रार्थना सभा का आयोजन किया गया और केक काटा गया। मुख्य अतिथि का संबोधन: दलाई लामा शांति और करुणा के जीवंत प्रतीक मुख्य अतिथि डीसी हेमराज बैरवा ने राज्य सरकार की ओर से शुभकामनाएं देते हुए कहा कि दलाई लामा केवल एक वैश्विक आध्यात्मिक गुरु नहीं, बल्कि संघर्ष और विभाजन से त्रस्त इस आधुनिक विश्व में शांति, करुणा और सार्वभौमिक उत्तरदायित्व के जीवंत प्रतीक हैं। उन्होंने यह भी रेखांकित किया कि असली सुख भौतिकता में नहीं, बल्कि दयालु हृदय और क्षमा में है। इसके साथ ही डीसी ने क्षेत्र के पर्यटन और अर्थव्यवस्था में तिब्बती समुदाय के योगदान की सराहना की। सांस्कृतिक प्रस्तुतियां और आधिकारिक संदेशों का वाचन समारोह के दौरान तिब्बती स्कूलों और ‘तिब्बती प्रदर्शन कला संस्थान’ के कलाकारों ने अपनी पारंपरिक सांस्कृतिक प्रस्तुतियां देकर समां बांधा। इस मौके पर निर्वासित तिब्बती संसद के उपाध्यक्ष खेनपो सोनम टेनफेल और कार्यवाहक सिक्योंग त्सेग्याल चुक्या द्रानी ने क्रमशः संसद और काशाग (कैबिनेट) का आधिकारिक संदेश पढ़ा। इसके अतिरिक्त, उत्कृष्ट सेवाओं के लिए सीटीए के कई सिविल सेवकों को भी सम्मानित किया गया।
यूरोप के 23 देशों में रिकॉर्ड-तोड़ हीटवेव:गर्मी से 11 लाख करोड़ का नुकसान, अगले साल 34% आबादी पानी को तरसेगी

यूरोप में इस साल गर्मी का लोगों की जिंदगी व अर्थव्यवस्था, दोनों पर सीधा असर पड़ा। यूरोप के 23 देशों में रिकॉर्ड-ब्रेकिंग हीटवेव दर्ज की गई। कई हिस्सों में तापमान 40 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंचा और कई शहरों में अस्पतालों, बिजली ग्रिड, परिवहन और खेती पर दबाव बढ़ गया। अलग-अलग अनुमानों में इस गर्मी से 20 हजार से ज्यादा मौतों का दावा किया जा रहा है। भीषण गर्मी का यूरोप की जीडीपी पर भी असर हुआ है। एलियांज रिसर्च मॉडल के आधार पर की गई गणनाओं के अनुसार, गर्मी यूरोपीय अर्थव्यवस्था को ₹11 लाख करोड़ तक का झटका दे सकती हैं। वहीं, 2030 तक यूरोप को 61 लाख करोड़ रु. तक का आर्थिक नुकसान सहना पड़ सकता है। इसकी सबसे बड़ी वजह उत्पादकता में गिरावट, बिजली की मांग में उछाल, फसल नुकसान, पर्यटन पर असर और इन्फ्रास्ट्रक्चर पर बढ़ता दबाव है। विशेषज्ञों के मुताबिक संकट यहीं नहीं रुकेगा। यूरोपीय पर्यावरण एजेंसी का अनुमान है कि अगले साल तक यूरोप की करीब 34% आबादी जल संकट की चपेट में आ सकती है। दक्षिणी यूरोप में यह संकट और गहरा होगा, जहां गर्मियों में पानी की मांग और बढ़गी। भारत में 45 डिग्री झेल लेते हैं फिर यूरोप में 36 आफत क्यों? भारत में 45 डिग्री तापमान सूखी गर्मी में होता है, इसलिए पसीना जल्दी सूखकर शरीर को ठंडा करता है। यूरोप में 36° डिग्री गर्मी भी उमस के साथ आती है, तो पसीना सूख नहीं पाता और शरीर गर्म रहता है। इसे वेट-बल्ब खतरा कहते हैं। वेट-बल्ब तापमान लंबे समय तक रहे तो स्वस्थ व्यक्ति के लिए भी जानलेवा हो सकता है। इससे हीट स्ट्रोक का खतरा बढ़ जाता है और किडनी और लिवर फेल हो सकते हैं। उछाल… ब्रिटेन में एसी बिक्री 330%, फ्रांस में 1000% बढ़ी भीषण गर्मी ने एसी को लग्जरी से जरूरत बना दिया है। ब्रिटेन में एसी की बिक्री 330% तक तो फ्रांस में 1000% तक बढ़ी। तापमान बढ़ते ही कई बाजार में स्टॉक घटने लगा। पंखों व पोर्टेबल कूलर की मांग भी कई गुना तेजी से बढ़ी। 23 देशों में गर्मी के रिकॉर्ड टूटे, स्पेन में पारा 45 डिग्री पार हुआ यूरोप की हीटवेव ने तापमान के रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं। कम से कम 23 देशों में जून की गर्मी ने नए रिकॉर्ड बनाए। स्पेन में पारा 45 डिग्री के पार पहुंचा, जबकि फ्रांस, जर्मनी, इटली, स्विट्जरलैंड, नीदरलैंड्स व ब्रिटेन में भी रिकॉर्ड गर्मी दर्ज हुई। भास्कर एनालिसिस भीषण हीटवेव के पीछे ओमेगा ब्लॉक; इसमें गर्म हवा फंसकर बढ़ा रही तबाही ओमेगा ब्लॉक क्या पैटर्न होता है? यह मौसम का ऐसा पैटर्न है, जिसमें हाई-प्रेशर सिस्टम दो लो-प्रेशर सिस्टम के बीच फंस जाता है। इसका आकार ग्रीक अक्षर ओमेगा जैसा दिखता है। इस पैटर्न से गर्मी क्यों बढ़ने लगती है? हाई-प्रेशर सिस्टम गर्म हवा को एक जगह रोक देता है। बादल कम बनते हैं, बारिश रुकती है और जमीन लगातार गर्म होती रहती है। इससे यह संकट होता है। यूरोप की हीटवेव इस पैटर्न से कैसे जुड़ी है? ओमेगा ब्लॉक ने उत्तरी अफ्रीका और भूमध्यसागर की गर्म हवा को यूरोप के ऊपर रोक दिया। इसलिए कई देशों में तापमान 40 डिग्री या उससे ऊपर रहा। इस पैटर्न से और क्या असर पैदा होता है? जहां हाई-प्रेशर रहता है, वहां गर्मी और सूखा बढ़ता है। लो-प्रेशर में भारी बारिश-बाढ़ का खतरा बढ़ता है। जलवायु बदलाव से खतरा क्यों बढ़ गया है? ओमेगा ब्लॉक पहले भी बनते थे, लेकिन अब धरती ज्यादा गर्म है। इसलिए ऐसे पैटर्न में फंसी हवा पहले से ज्यादा गर्म और जानलेवा होने लगी हैं। यूरोप दुनिया में सबसे तेजी से गर्म हो रहा है। इसलिए ओमेगा ब्लॉक यहां ज्यादा खतरनाक हो रहे हैं। यूरोप के 20% घरों में ही एसी; इसलिए भी संकट ज्यादा यूरोप में हीटवेव इसलिए भी ज्यादा घातक साबित हो रही है, क्योंकि वहां सिर्फ 20% घरों में ही एसी है। अमेरिका में एसी 90% से भी ज्यादा घरों में है। यूरोप की ज्यादातर इमारतें ठंडे मौसम के हिसाब से बनी हैं। इसलिए तापमान ज्यादा होने पर घर, अस्पताल व नर्सिंग होम तक गर्म हो जाते हैं। बुजुर्गों, बच्चों व बीमार लोगों पर खतरा और बढ़ जाता है।








