ट्रम्प की डाक वोटिंग सख्त करने की कोशिश पर रोक:सुप्रीम कोर्ट के 9 में से 7 जज खिलाफ; वोटरों की जानकारी USPS को देने का था आदेश

अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने डाक से वोटिंग के नियम सख्त करने की राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प की कोशिश पर लगी रोक हटाने से इनकार कर दिया। कोर्ट ने सोमवार को निचली अदालत के फैसले को बरकरार रखा। सुप्रीम कोर्ट के 9 में से 7 जज ट्रम्प के नियमों के खिलाफ रहे। मामला नवंबर में होने वाले मिडटर्म चुनाव से जुड़ा है। ट्रम्प ने मार्च में आदेश जारी किया था। वे चाहते थे कि डाक से वोट भेजने वाले लोगों की लिस्ट राज्यों को अमेरिकी डाक सेवा (USPS) को दी जाए। ट्रम्प का कहना था कि डाक से वोटिंग में गड़बड़ी रोकने के लिए नए नियम जरूरी हैं। विरोध करने वालों ने कहा कि इन नियमों से सही वोट भी रुक सकते हैं और राष्ट्रपति राज्यों के चुनावी सिस्टम में जरूरत से ज्यादा दखल दे रहे हैं। सुप्रीम कोर्ट ने फिलहाल ट्रम्प के नियम लागू करने की अनुमति नहीं दी। ट्रम्प के नियम के तहत USPS रोक सकता था बैलेट अगर कोई बैलेट नए नियमों के मुताबिक नहीं होता या वोट देने वाले का नाम तय लिस्ट में नहीं मिलता, तो USPS उस बैलेट को रोक सकता था। डेमोक्रेटिक पार्टी की सरकार वाले राज्यों और वोटिंग अधिकारों के लिए काम करने वाले संगठनों ने इन नियमों का विरोध किया था। उनका कहना था कि इससे चुनाव के दौरान लोगों की परेशानी बढ़ सकती है। खबर लगातार अपडेट की जा रही है…
इमरान खान की पूर्व पत्नी जेमिमा ने की दूसरी शादी:पूर्व PAK प्रधानमंत्री से तलाक के 22 साल बाद आयरिश-ऑस्ट्रेलियाई करोड़पति को जीवनसाथी बनाया

पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री और क्रिकेटर इमरान खान की पूर्व पत्नी जेमिमा गोल्डस्मिथ ने 52 साल की उम्र में दूसरी शादी कर ली है। जेमिमा ने 62 साल के आयरिश-ऑस्ट्रेलियाई करोड़पति कैमरन ओ’राइली से शादी की है। दोनों की शादी इमरान खान से तलाक के 22 साल बाद हुई है। इमरान और जेमिमा का तलाक 2004 में हुआ था। हालांकि, जेमिमा और कैमरन ने खुद अपनी शादी की जानकारी सार्वजनिक नहीं की। जेमिमा की भाभी जेमिमा जोन्स ने इसकी जानकारी दी। जोन्स, जेमिमा के भाई बेन गोल्डस्मिथ की पत्नी हैं। उन्होंने 13 सितंबर को इंस्टाग्राम पर एक फोटो शेयर की। खबर लगातार अपडेट हो रही है…
भारत नेपाल को रोज 18 घंटे 654 MW बिजली देगा:यह 28 लाख घरों की जरूरत के बराबर; बाढ़ से नेपाल में बिजली उत्पादन घटा

भारत ने नेपाल को 654 मेगावाट बिजली देने की मंजूरी दी है। भारत के बिजली मंत्रालय ने 31 दिसंबर 2026 तक रोज 18 घंटे, यानी रात 12 बजे से शाम 6 बजे तक बिजली निर्यात करने की मंजूरी दी है। इतनी बिजली लगातार मिलने पर लगभग 28 लाख घरों की सालभर की बिजली जरूरत पूरी हो सकती है। दरअसल, हाल ही में आई बाढ़ से नेपाल के हाइड्रोपावर ढांचे को काफी नुकसान हुआ है। इससे वहां बिजली उत्पादन की क्षमता घट गई है और नेपाल को अतिरिक्त बिजली की जरूरत पैदा हुई है। खबर लगातार अपडेट हो रही है…
हनुमान अंश ने 38वें दिन कमाए 22 करोड़:कुल कलेक्श 268 करोड़, मिर्जापुर-हैवान से ज्यादा हो रही कमाई; अब मेकर्स तुलसीदास पर बनाएंगे फिल्म राम बोला

नीम करोली बाबा पर बनी ‘हनुमान अंश’ ने रिलीज के 38वें दिन ₹22.50 करोड़ का नेट कलेक्शन किया। दूसरी ओर, रिलीज के 10वें दिन ‘मिर्जापुर द मूवी’ ने ₹13.25 करोड़ कमाए। अक्षय कुमार और सैफ अली खान की ‘हैवान’ भी तीन दिनों में कमजोर साबित हुई। फिल्म ने पहले वीकेंड में ₹7.35 करोड़ का नेट बिजनेस किया है। सिनेमाघरों में इस समय ‘हनुमान अंश’ की सबसे ज्यादा चर्चा है। दर्शकों की भीड़ को देखते हुए फिल्म के शोज बढ़ाकर 8,902 कर दिए गए हैं। डेढ़ हफ्ते पुरानी ‘मिर्जापुर द मूवी’ के शोज घटकर 7,225 रह गए हैं। ‘हैवान’ को अब 4,374 शोज ही मिले हैं। हनुमान अंश के मेकर्स ने की नई फिल्म राम बोला की घोषणा फिल्म ‘हनुमान अंश’ की सक्सेस के बाद इसके डायरेक्टर विशाल चतुर्वेदी ने अपनी अगली फिल्म ‘राम बोला’ का ऐलान किया है। महावीर जैन फिल्म्स और लेखक-निर्देशक विशाल चतुर्वेदी की यह फिल्म महाकवि गोस्वामी तुलसीदास के जीवन पर आधारित होगी। इसमें तुलसीदास के जीवन, आध्यात्मिक यात्रा और उनसे जुड़े अनदेखे पहलुओं को बड़े पर्दे पर दिखाने की कोशिश होगी। फिल्म हनुमान अंश का कुल कलेक्शन 220 करोड़ पार महज 2 करोड़ रुपए की लागत में बनी ‘हनुमान अंश’ रिलीज के समय 10-20 लाख रुपए ही कमा पा रही थी। इतना ही नहीं, आठवें दिन फिल्म को फ्लॉप भी करार दे दिया गया था। इसी समय आवारापन 2 और बंटवारा 1947 रिलीज होने से इसे सिनेमाघरों से उतारा जाने लगा। आगे टॉक्सिक रिलीज से फिल्म की गिनी-चुनी स्क्रीन्स ही बचीं, लेकिन 21वें दिन से तीनों फिल्मों के मुकाबले ये फिल्म बेहतरीन कमाई करने लगी। फिल्म अब विदेशों में भी रिलीज हो चुकी है। फिल्म ने भारत में कुल ₹214.63 करोड़ कमाए हैं। वहीं, इसका वर्ल्डवाइड ग्रॉस कलेक्शन ₹268.05 करोड़ हो गया है। ‘मिर्जापुर द मूवी’ का वर्ल्डवाइड कलेक्शन फिल्म मिर्जापुर ने भारत में अब तक ₹220.04 करोड़ का कुल ग्रॉस कलेक्शन किया है। इसका नेट कलेक्शन ₹184.70 करोड़ पहुंच गया है।फिल्म का प्रोडक्शन बजट ₹80-₹90 करोड़ बताया जा रहा है। इस हिसाब से फिल्म फायदे में है। हालांकि, कुछ रिपोर्ट्स में प्रमोशन और बाकी खर्चों के साथ बजट ₹250 करोड़ बताया गया है। वीकेंड में दोनों फिल्मों की कमाई शुक्रवार- ‘हनुमान अंश’ ने ₹10.50 करोड़ की नेट कमाई की। ‘मिर्जापुर द मूवी’ ने ₹9.50 करोड़ कमाए। शनिवार- ‘हनुमान अंश’ का नेट कलेक्शन ₹18.50 करोड़ रहा। ‘मिर्जापुर द मूवी’ ने ₹13.50 करोड़ कमाए। रविवार- ‘हनुमान अंश’ ने ₹22.50 करोड़ की नेट कमाई की। ‘मिर्जापुर द मूवी’ का नेट कलेक्शन ₹13.25 करोड़ रहा। ‘हैवान’ का बॉक्स ऑफिस कलेक्शन इन दोनों फिल्मों के बीच रिलीज हुई ‘हैवान’ तीन दिनों में ही डिजास्टर साबित हो चुकी है। प्रियदर्शन के डायरेक्शन में बनी इस फिल्म ने रविवार को ₹1.85 करोड़ की नेट कमाई की। शनिवार को फिल्म ने ₹2.50 करोड़ और शुक्रवार को पहले दिन ₹3.00 करोड़ कमाए थे। वीकेंड के बाद भी इसकी कमाई गिर गई है। अक्षय कुमार और सैफ अली खान की इस फिल्म के लिए आगे की कमाई बढ़ाना मुश्किल नजर आ रहा है। करीब ₹130 करोड़ के बजट में बनी ‘हैवान’ ने पहले वीकेंड में ₹8.80 करोड़ का ग्रॉस कलेक्शन किया। फिल्म का नेट बिजनेस ₹7.35 करोड़ रहा है। वहीं, इसका वर्ल्डवाइड कलेक्शन ₹11.55 करोड़ पहुंच गया है।
हनुमान अंश ने 38वें दिन कमाए 22 करोड़:कुल कलेक्श 268 करोड़, मिर्जापुर-हैवान से ज्यादा हो रही कमाई; अब मेकर्स तुलसीदास पर बनाएंगे फिल्म राम बोला

नीम करोली बाबा पर बनी ‘हनुमान अंश’ ने रिलीज के 38वें दिन ₹22.50 करोड़ का नेट कलेक्शन किया। दूसरी ओर, रिलीज के 10वें दिन ‘मिर्जापुर द मूवी’ ने ₹13.25 करोड़ कमाए। अक्षय कुमार और सैफ अली खान की ‘हैवान’ भी तीन दिनों में कमजोर साबित हुई। फिल्म ने पहले वीकेंड में ₹7.35 करोड़ का नेट बिजनेस किया है। सिनेमाघरों में इस समय ‘हनुमान अंश’ की सबसे ज्यादा चर्चा है। दर्शकों की भीड़ को देखते हुए फिल्म के शोज बढ़ाकर 8,902 कर दिए गए हैं। डेढ़ हफ्ते पुरानी ‘मिर्जापुर द मूवी’ के शोज घटकर 7,225 रह गए हैं। ‘हैवान’ को अब 4,374 शोज ही मिले हैं। हनुमान अंश के मेकर्स ने की नई फिल्म राम बोला की घोषणा फिल्म ‘हनुमान अंश’ की सक्सेस के बाद इसके डायरेक्टर विशाल चतुर्वेदी ने अपनी अगली फिल्म ‘राम बोला’ का ऐलान किया है। महावीर जैन फिल्म्स और लेखक-निर्देशक विशाल चतुर्वेदी की यह फिल्म महाकवि गोस्वामी तुलसीदास के जीवन पर आधारित होगी। इसमें तुलसीदास के जीवन, आध्यात्मिक यात्रा और उनसे जुड़े अनदेखे पहलुओं को बड़े पर्दे पर दिखाने की कोशिश होगी। फिल्म हनुमान अंश का कुल कलेक्शन 220 करोड़ पार महज 2 करोड़ रुपए की लागत में बनी ‘हनुमान अंश’ रिलीज के समय 10-20 लाख रुपए ही कमा पा रही थी। इतना ही नहीं, आठवें दिन फिल्म को फ्लॉप भी करार दे दिया गया था। इसी समय आवारापन 2 और बंटवारा 1947 रिलीज होने से इसे सिनेमाघरों से उतारा जाने लगा। आगे टॉक्सिक रिलीज से फिल्म की गिनी-चुनी स्क्रीन्स ही बचीं, लेकिन 21वें दिन से तीनों फिल्मों के मुकाबले ये फिल्म बेहतरीन कमाई करने लगी। फिल्म अब विदेशों में भी रिलीज हो चुकी है। फिल्म ने भारत में कुल ₹214.63 करोड़ कमाए हैं। वहीं, इसका वर्ल्डवाइड ग्रॉस कलेक्शन ₹268.05 करोड़ हो गया है। ‘मिर्जापुर द मूवी’ का वर्ल्डवाइड कलेक्शन फिल्म मिर्जापुर ने भारत में अब तक ₹220.04 करोड़ का कुल ग्रॉस कलेक्शन किया है। इसका नेट कलेक्शन ₹184.70 करोड़ पहुंच गया है।फिल्म का प्रोडक्शन बजट ₹80-₹90 करोड़ बताया जा रहा है। इस हिसाब से फिल्म फायदे में है। हालांकि, कुछ रिपोर्ट्स में प्रमोशन और बाकी खर्चों के साथ बजट ₹250 करोड़ बताया गया है। वीकेंड में दोनों फिल्मों की कमाई शुक्रवार- ‘हनुमान अंश’ ने ₹10.50 करोड़ की नेट कमाई की। ‘मिर्जापुर द मूवी’ ने ₹9.50 करोड़ कमाए। शनिवार- ‘हनुमान अंश’ का नेट कलेक्शन ₹18.50 करोड़ रहा। ‘मिर्जापुर द मूवी’ ने ₹13.50 करोड़ कमाए। रविवार- ‘हनुमान अंश’ ने ₹22.50 करोड़ की नेट कमाई की। ‘मिर्जापुर द मूवी’ का नेट कलेक्शन ₹13.25 करोड़ रहा। ‘हैवान’ का बॉक्स ऑफिस कलेक्शन इन दोनों फिल्मों के बीच रिलीज हुई ‘हैवान’ तीन दिनों में ही डिजास्टर साबित हो चुकी है। प्रियदर्शन के डायरेक्शन में बनी इस फिल्म ने रविवार को ₹1.85 करोड़ की नेट कमाई की। शनिवार को फिल्म ने ₹2.50 करोड़ और शुक्रवार को पहले दिन ₹3.00 करोड़ कमाए थे। वीकेंड के बाद भी इसकी कमाई गिर गई है। अक्षय कुमार और सैफ अली खान की इस फिल्म के लिए आगे की कमाई बढ़ाना मुश्किल नजर आ रहा है। करीब ₹130 करोड़ के बजट में बनी ‘हैवान’ ने पहले वीकेंड में ₹8.80 करोड़ का ग्रॉस कलेक्शन किया। फिल्म का नेट बिजनेस ₹7.35 करोड़ रहा है। वहीं, इसका वर्ल्डवाइड कलेक्शन ₹11.55 करोड़ पहुंच गया है।
यमन में हूती विद्रोहियों और सरकार के बीच लड़ाई तेज:सऊदी पर ड्रोन और मिसाइल से हमला हमल, 82 हजार से ज्यादा लोग बेघर

यमन में ईरान समर्थित हूतियों और सरकार के बीच लड़ाई तेज हो गई है। रविवार को यमनी सरकारी बलों ने लाल सागर के पास हूती ठिकानों पर हमले किए। इसके जवाब में हूतियों ने पड़ोसी सऊदी अरब पर ड्रोन और मिसाइल हमले किए। यमनी सरकार ने लाल सागर के तट पर और सैनिक भेजने की बात कही है। पिछले हफ्ते हूतियों ने लाल सागर के किनारे मौजूद मोखा बंदरगाह शहर और बाब-अल-मंदेब जलडमरूमध्य के एक द्वीप पर कब्जा कर लिया था। यह जलडमरूमध्य एक अहम समुद्री रास्ता है। संयुक्त राष्ट्र की प्रवासन एजेंसी के मुताबिक, सितंबर की शुरुआत से अब तक यमन में 82 हजार से ज्यादा लोग विस्थापित हो चुके हैं। लड़ाई बढ़ने से वैश्विक तेल सप्लाई और कीमतों पर भी दबाव बढ़ रहा है। यमन की सेना के 500 से ज्यादा लड़ाके मारे गए सरकार के साथ लड़ रहे नेशनल रेजिस्टेंस बल ने बताया कि पिछले 4 हफ्तों में पश्चिमी तट पर उसके 500 से ज्यादा लड़ाके मारे गए। यह इस बल की ओर से जारी की गई पहली व्यापक मौतों की संख्या है। बल ने यह भी दावा किया कि होदेदा और ताइज प्रांतों में 1,000 से ज्यादा हूती लड़ाके मारे गए। हूती प्रवक्ता ने इन आंकड़ों पर टिप्पणी के अनुरोध का जवाब नहीं दिया। खबर अपडेट हो रही है…
बांग्लादेश बोला- भारत से रिश्ते रीसेट करना चाहते हैं:हसीना के दौर के संबंधों को असहज बताया, विदेश राज्य मंत्री ने कहा- सीधी बातचीत जरूरी

बांग्लादेश ने रविवार को कहा कि वह भारत के साथ अपने रिश्ते को रीसेट करना चाहता है। यानी दोनों देशों के बीच संबंधों को नए सिरे से शुरू करना चाहता है। बांग्लादेश के विदेश राज्य मंत्री हुमायूं कबीर ने कहा कि दोनों देशों के बीच नया रिश्ता आपसी हितों के आधार पर बनाया जाना चाहिए। उन्होंने शेख हसीना के प्रधानमंत्री रहने के दौरान भारत-बांग्लादेश संबंधों को असहज बताया। कबीर ने कहा कि ढाका नई दिल्ली के साथ नए रिश्ते की ओर बढ़ना चाहता है और इसके लिए दोनों देशों के बीच सीधे बातचीत होनी चाहिए। यह बातचीत किसी बहुपक्षीय मंच के जरिए नहीं, बल्कि द्विपक्षीय स्तर पर होनी चाहिए। खबर लगातार अपडेट हो रही है…
पंजाबी सिंगर के घर ताबड़तोड़ फायरिंग:7-8 राउंड फायर किए, गेट पर लगीं गोलियां; सिद्धू को जान से मारने की मिली थी धमकी

बरनाला के गांव फरवाही में पंजाबी सिंगर गुलाब सिद्धू के पैतृक घर पर शनिवार-रविवार की दरमियानी रात हमलावरों ने ताबड़तोड़ फायरिंग की। घटना रात करीब 1:30 से 2 बजे के बीच हुई। हमलावरों ने घर पर करीब 7 से 8 राउंड फायर किए और मौके से फरार हो गए। गोलीबारी में किसी को चोट नहीं आई। हालांकि, गोलियां घर के गेट पर लगी हैं। वारदात के समय सिंगर गुलाब सिद्धू घर पर मौजूद नहीं थे। परिवार के मुताबिक, वह इन दिनों म्यूजिकल शो और प्रोग्राम के सिलसिले में विदेश गए हुए हैं। गौरतलब है कि कुछ समय पहले गुलाब सिद्धू को कुछ लोगों ने फिरौती और जान से मारने की धमकियां भी दी थीं। ऐसे में पुलिस इस फायरिंग को पुरानी धमकियों और गैंगस्टर्स से जोड़कर भी देख रही है।। मामले की जांच कर रही पुलिस घटना की सूचना मिलते ही थाना सदर पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची और हालात का जायजा लिया। पुलिस अधिकारियों ने फायरिंग की पुष्टि की और बताया कि फिलहाल मौके से कोई साफ सीसीटीवी फुटेज नहीं मिली है। हालांकि, आसपास के रास्तों और गांव के मुख्य मार्गों पर लगे कैमरों की बारीकी से जांच की जा रही है। अधिकारियों ने कहा कि मामले की हर पहलू से गहराई से जांच की जा रही है और फॉरेंसिक सबूत जुटाकर अज्ञात हमलावरों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। खबर को हम अपडेट कर रहे हैं…
आतंकी लादेन की हिट लिस्ट में भारत भी था:CIA के खुफिया दस्तावेज में खुलासा; 9/11 से पहले कई देशों पर हमले की तैयारी थी

आतंकी संगठन अल-कायदा का सरगना ओसामा बिन लादेन 9/11 हमले से पहले भारत में भी आतंकी हमला करना चाहता था। अमेरिकी खुफिया एजेंसी CIA की ओर से जारी एक दस्तावेज में इसका खुलासा हुआ है। 28 अगस्त 1998 की इस रिपोर्ट में भारत समेत कई देशों को संभावित हमलों के लिए निशाना बनाए जाने की बात कही गई थी। CIA ने 9/11 हमले की 25वीं बरसी के मौके पर शुक्रवार को बिन लादेन से जुड़े 70 से ज्यादा राष्ट्रपति स्तरीय खुफिया दस्तावेज सार्वजनिक किए। इनमें 100 से ज्यादा पन्नों की सामग्री शामिल है। भारत समेत 8 देशों पर हमले करना चाहता था लादेन CIA की रिपोर्ट में कहा गया था कि बिन लादेन कई देशों में हमले करना चाहता था। इनमें भारत, पाकिस्तान, मिस्र, कुवैत, सऊदी अरब, यमन और युगांडा शामिल थे। नाइजीरिया का भी संभावित देश के तौर पर जिक्र किया गया था। हालांकि CIA के दस्तावेजों में इसकी जानकारी नहीं है कि लादेन भारत के किस शहर, इमारत या संस्थान को निशाना बनाना था, इसका कोई जिक्र नहीं है। हमले की तारीख या किसी खास ऑपरेशन की योजना भी दस्तावेज में नहीं बताई गई है। रिपोर्ट का टाइटल ‘बिन लादेन का आतंकी नेटवर्क अब भी खतरा’ था। दस्तावेज के कुछ हिस्से काले कर दिए गए हैं और इसमें खुफिया जानकारी के स्रोत का खुलासा नहीं किया गया है। 60 देशों में नेटवर्क का इस्तेमाल करने की तैयारी रिपोर्ट में कहा गया था कि बिन लादेन कम से कम 60 देशों में मौजूद लोगों और सहयोगी आतंकी संगठनों के नेटवर्क का इस्तेमाल हमले कराने के लिए कर सकता था। CIA ने आकलन किया था कि अफगानिस्तान में अमेरिकी हमलों के बावजूद बिन लादेन और दूसरे आतंकी नेताओं का संचार नेटवर्क काम कर रहा था। अल-कायदा ने कुछ प्रशिक्षण शिविरों में गतिविधियां दोबारा शुरू कर दी थीं, जबकि कुछ शिविरों को दूसरी जगह ले जाया जा रहा था। अमेरिका और ब्रिटेन पर भी हमले की तैयारी दस्तावेज में कहा गया था कि बिन लादेन अमेरिका और ब्रिटेन के खिलाफ भी नए हमलों की तैयारी कर रहा था। रिपोर्ट के मुताबिक, अफगानिस्तान में अल-कायदा के ठिकानों पर अमेरिकी मिसाइल हमलों से कुछ घंटे पहले बिन लादेन की ओर से आगे के हमलों की योजना बनाए जाने की जानकारी थी। 1998 से 2001 तक अमेरिका को मिलती रहीं चेतावनियां CIA की ओर से जारी दस्तावेजों का यह पूरा संग्रह 1998 से 2001 के बीच अमेरिकी राष्ट्रपतियों को दी गई खुफिया जानकारियों से जुड़ा है। इसमें बिल क्लिंटन के कार्यकाल से लेकर जॉर्ज डब्ल्यू. बुश के राष्ट्रपति बनने के शुरुआती दौर तक की रिपोर्ट शामिल हैं। इन दस्तावेजों से पता चलता है कि अमेरिकी खुफिया एजेंसी 9/11 से पहले कई बार बिन लादेन और अल-कायदा से जुड़े संभावित आतंकी हमलों को लेकर चेतावनी दे चुकी थी। 11 सितंबर 2001 को हुआ था 9/11 हमला 11 सितंबर 2001 को अल-कायदा के 19 आतंकियों ने चार यात्री विमानों का अपहरण किया था। दो विमान न्यूयॉर्क के वर्ल्ड ट्रेड सेंटर की ट्विन टावर्स से टकराए। दोनों इमारतें पूरी तरह ढह गईं। तीसरा विमान अमेरिकी रक्षा मुख्यालय पेंटागन से टकराया। चौथा विमान पेंसिल्वेनिया के एक खेत में गिर गया। माना जाता है कि इसे व्हाइट हाउस या अमेरिकी संसद की ओर ले जाया जा रहा था, लेकिन यात्रियों ने अपहरणकर्ताओं का विरोध किया था। 9/11 हमले में करीब 3 हजार लोगों की मौत हुई थी। इसके बाद अमेरिका ने आतंकवाद के खिलाफ वैश्विक अभियान शुरू किया और अफगानिस्तान में अल-कायदा के खिलाफ सैन्य कार्रवाई की।
आतंकी लादेन की हिट लिस्ट में भारत भी था:CIA के खुफिया दस्तावेज में खुलासा; 9/11 से पहले कई देशों पर हमले की तैयारी थी

आतंकी संगठन अल-कायदा का सरगना ओसामा बिन लादेन 9/11 हमले से पहले भारत में भी आतंकी हमला करना चाहता था। अमेरिकी खुफिया एजेंसी CIA की ओर से जारी एक दस्तावेज में इसका खुलासा हुआ है। 28 अगस्त 1998 की इस रिपोर्ट में भारत समेत कई देशों को संभावित हमलों के लिए निशाना बनाए जाने की बात कही गई थी। CIA ने 9/11 हमले की 25वीं बरसी के मौके पर शुक्रवार को बिन लादेन से जुड़े 70 से ज्यादा खुफिया दस्तावेज सार्वजनिक किए। इनमें 100 से ज्यादा पन्नों की सामग्री शामिल है। भारत समेत 8 देशों पर हमले करना चाहता था लादेन CIA की रिपोर्ट में कहा गया था कि बिन लादेन कई देशों में हमले करना चाहता था। इनमें भारत, पाकिस्तान, मिस्र, कुवैत, सऊदी अरब, यमन और युगांडा शामिल थे। नाइजीरिया का भी संभावित देश के तौर पर जिक्र किया गया था। हालांकि CIA के दस्तावेजों में इसकी जानकारी नहीं है कि लादेन भारत के किस शहर, इमारत या संस्थान को निशाना बनाना था, इसका कोई जिक्र नहीं है। हमले की तारीख या किसी खास ऑपरेशन की योजना भी दस्तावेज में नहीं बताई गई है। रिपोर्ट का टाइटल ‘बिन लादेन का आतंकी नेटवर्क अब भी खतरा’ था। दस्तावेज के कुछ हिस्से काले कर दिए गए हैं और इसमें खुफिया जानकारी के स्रोत का खुलासा नहीं किया गया है। 60 देशों में नेटवर्क का इस्तेमाल करने की तैयारी रिपोर्ट में कहा गया था कि बिन लादेन कम से कम 60 देशों में मौजूद लोगों और सहयोगी आतंकी संगठनों के नेटवर्क का इस्तेमाल हमले कराने के लिए कर सकता था। CIA ने आकलन किया था कि अफगानिस्तान में अमेरिकी हमलों के बावजूद बिन लादेन और दूसरे आतंकी नेताओं का संचार नेटवर्क काम कर रहा था। अल-कायदा ने कुछ प्रशिक्षण शिविरों में गतिविधियां दोबारा शुरू कर दी थीं, जबकि कुछ शिविरों को दूसरी जगह ले जाया जा रहा था। अमेरिका और ब्रिटेन पर भी हमले की तैयारी दस्तावेज में कहा गया था कि बिन लादेन अमेरिका और ब्रिटेन के खिलाफ भी नए हमलों की तैयारी कर रहा था। रिपोर्ट के मुताबिक, अफगानिस्तान में अल-कायदा के ठिकानों पर अमेरिकी मिसाइल हमलों से कुछ घंटे पहले बिन लादेन की ओर से आगे के हमलों की योजना बनाए जाने की जानकारी थी। 1998 से 2001 तक अमेरिका को मिलती रहीं चेतावनियां CIA की ओर से जारी दस्तावेजों का यह पूरा संग्रह 1998 से 2001 के बीच अमेरिकी राष्ट्रपतियों को दी गई खुफिया जानकारियों से जुड़ा है। इसमें बिल क्लिंटन के कार्यकाल से लेकर जॉर्ज डब्ल्यू. बुश के राष्ट्रपति बनने के शुरुआती दौर तक की रिपोर्ट शामिल हैं। इन दस्तावेजों से पता चलता है कि अमेरिकी खुफिया एजेंसी 9/11 से पहले कई बार बिन लादेन और अल-कायदा से जुड़े संभावित आतंकी हमलों को लेकर चेतावनी दे चुकी थी। 11 सितंबर 2001 को हुआ था 9/11 हमला 11 सितंबर 2001 को अल-कायदा के 19 आतंकियों ने चार यात्री विमानों का अपहरण किया था। दो विमान न्यूयॉर्क के वर्ल्ड ट्रेड सेंटर की ट्विन टावर्स से टकराए। दोनों इमारतें पूरी तरह ढह गईं। तीसरा विमान अमेरिकी रक्षा मुख्यालय पेंटागन से टकराया। चौथा विमान पेंसिल्वेनिया के एक खेत में गिर गया। माना जाता है कि इसे व्हाइट हाउस या अमेरिकी संसद की ओर ले जाया जा रहा था, लेकिन यात्रियों ने अपहरणकर्ताओं का विरोध किया था। 9/11 हमले में करीब 3 हजार लोगों की मौत हुई थी। इसके बाद अमेरिका ने आतंकवाद के खिलाफ वैश्विक अभियान शुरू किया और अफगानिस्तान में अल-कायदा के खिलाफ सैन्य कार्रवाई की।






