Wednesday, 23 Sep 2026 | 09:28 AM

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सोहेल खान ने सीमा से तलाक पर किया खुलासा:कहा- काम ठीक नहीं चल रहा था, अपने बर्ताव के कारण मैंने उसे खो दिया

सोहेल खान ने सीमा से तलाक पर किया खुलासा:कहा- काम ठीक नहीं चल रहा था, अपने बर्ताव के कारण मैंने उसे खो दिया

बॉलीवुड एक्टर और फिल्ममेकर सोहेल खान इन दिनों रियलिटी शो ‘अलायंस’ में नजर आ रहे हैं। शो के हालिया एपिसोड में दो वाइल्डकार्ड कंटेस्टेंट्स की एंट्री हुई, जिनमें से एक सोहेल खान की एक्स-वाइफ सीमा सजदेह हैं। शो के सेट पर दोनों का रीयूनियन काफी सकारात्मक रहा और दोनों एक-दूसरे से मिलकर खुश नजर आए। इस दौरान सोहेल खान ने सीमा से अपने तलाक की वजहों पर खुलकर बात की। उन्होंने शादी टूटने की जिम्मेदारी लेते हुए कहा कि उस समय उनका काम ठीक नहीं चल रहा था और अपने खराब बर्ताव की वजह से उन्होंने सीमा को खो दिया। होस्ट निखिल चिनापा के सवाल पर दिया जवाब शो के दौरान जब सीमा सजदेह की एंट्री हुई, तो सोहेल ने उनके लिए ग्रीन टी बनाई। इस पर शो के होस्ट निखिल चिनापा ने सोहेल से पूछा कि औरत घर को बिगाड़ भी सकती है और बना भी सकती है, आपके घर में किसका हाथ था? इसका जवाब देते हुए सोहेल खान ने कहा कि उस समय मेरा काम ठीक नहीं चल रहा था, इसलिए मेरी मानसिक स्थिति सही नहीं थी। अपने इसी बर्ताव की वजह से मैंने उसे खो दिया जिससे मैं सच में बहुत प्यार करता था। सोहेल ने कहा कि सीमा उनके दो बच्चों की मां हैं, इसलिए प्यार से ज्यादा उनके दिल में सीमा के लिए बेहद सम्मान है। अलग होने के बाद भी घर की चाबी सीमा के पास सोहेल खान ने शो में कंटेस्टेंट जैद दरबार से बातचीत के दौरान अपने बच्चों और सीमा के रिश्ते पर भी बात की। उन्होंने बताया कि उनके दोनों बेटे निर्वाण और योहान फिलहाल सोहेल के साथ ही रहते हैं। वहीं, सीमा बच्चों से मिलने के लिए हफ्ते में तीन बार उनके घर आती हैं। सोहेल ने खुलासा किया कि सीमा के पास आज भी उनके घर की चाबी है। सीमा ने शो में बताया कि उनका छोटा बेटा योहान शो में उन्हें सपोर्ट कर रहा है, जबकि बड़ा बेटा निर्वाण चाहता है कि सोहेल खान यह शो जीतें। 24 साल की शादी के बाद 2022 में अलग हुए थे सोहेल और सीमा की पहली मुलाकात चंकी पांडे की सगाई की पार्टी में हुई थी। सोहेल पहली नजर में ही सीमा को दिल दे बैठे। जल्द ही दोनों ने एक-दूसरे को डेट करना शुरू कर दिया। लेकिन अलग-अलग धर्म होने की वजह से सीमा का परिवार इस रिश्ते के खिलाफ था। परिवार के विरोध के बावजूद दोनों ने साथ रहने का फैसला किया। 15 मार्च 1998 को, जिस दिन सोहेल की पहली डायरेक्टेड फिल्म ‘प्यार किया तो डरना क्या’ रिलीज हुई, उसी दिन दोनों ने घर से भागकर शादी कर ली। पहले आर्य समाज मंदिर में फेरे लिए और फिर निकाह किया। उनका पहला बेटा निर्वाण 2000 में और दूसरा बेटा योहान 2011 में हुआ। दोनों 2022 में अलग हो गए। रियलिटी गेम शो ‘अलायंस’ को कुणाल खेमू होस्ट कर रहे हैं। शो में रिश्तों और दोस्ती के समीकरण हर दिन बदलते रहते हैं। यह शो प्राइम वीडियो पर स्ट्रीम हो रहा है, जिसमें फिल्म और टीवी कलाकारों के साथ कई इंफ्लुएंसर्स भी हिस्सा ले रहे हैं। इसमें सोहेल खान, मिनी माथुर, कुशल टंडन, नीति टेलर और पायल गेमिंग शामिल हैं।

'स्पाइडरमैन' फेम टॉम हॉलैंड ने पी कटिंग चाय:'द ओडिसी' के भारत में प्रीमियर से पहले क्रिस्टोफर नोलन के साथ पहुंचे कैफे

'स्पाइडरमैन' फेम टॉम हॉलैंड ने पी कटिंग चाय:'द ओडिसी' के भारत में प्रीमियर से पहले क्रिस्टोफर नोलन के साथ पहुंचे कैफे

मुंबई में शनिवार को क्रिस्टोफर नोलन की फिल्म ‘द ओडिसी’ का भारतीय प्रीमियर हुआ। स्पेशल स्क्रीनिंग में नोलन के साथ टॉम हॉलैंड और मैट डेमन भी शामिल हुए। प्रीमियर से पहले तीनों एक कैफे में चाय पीने के लिए रुके। यूनिवर्सल पिक्चर्स इंडिया ने सोशल मीडिया पर उनकी तस्वीरें शेयर करते हुए लिखा, ‘मुंबई में ‘द ओडिसी’ के प्रीमियर से पहले चाय के लिए छोटा सा ब्रेक। एक बड़ी रात का इंतजार है, लेकिन चाय सबसे पहले!’ तस्वीरों पर सोशल मीडिया यूजर्स ने कई प्रतिक्रियाएं दीं। किसी ने लिखा, ‘रेड कार्पेट से पहले चाय का ब्रेक।’ एक यूजर ने लिखा, ‘दशक की सबसे बड़ी फिल्म बनाने के बाद भी, सादगी बरकरार।’ फिल्म ‘द ओडिसी’ के मुंबई में हुए प्रीमियर में फिल्म की कास्ट और मेकर्स के साथ-साथ कई बॉलीवुड सेलेब्स भी पहुंचे। 17 जुलाई को रिलीज होगी ‘द ओडिसी’ मैट डेमन, ऐनी हैथवे, टॉम हॉलैंड, रॉबर्ट पैटिनसन, लुपिता न्योंगो, सामंथा मॉर्टन, जेंडया और चार्लीज थेरॉन स्टारर ‘द ओडिसी’ 17 जुलाई को सिनेमाघरों में रिलीज होगी। क्रिस्टोफर नोलन ने कहा कि वह ‘टेनेट’ का प्रीमियर भारत में करना चाहते थे, क्योंकि उसकी शूटिंग मुंबई में हुई थी। हालांकि, कोविड महामारी के कारण ऐसा नहीं हो सका। उन्होंने कहा कि अब ‘द ओडिसी’ के साथ भारत आना उनके लिए बेहद उत्साहजनक है। टॉम हॉलैंड ने फिल्म को बताया दर्शकों के लिए ‘लव लेटर’ टॉम हॉलैंड ने प्रीमियर के दौरान कहा कि यह फिल्म सिनेमा और दर्शकों के लिए एक लव लेटर जैसी है। उन्होंने कहा कि फिल्म में मैट डेमन और ऐनी हैथवे के किरदारों के इमोशन दर्शकों तक गहराई से पहुंचेंगे और लोगों को नोलन के काम से एक अलग जुड़ाव महसूस होगा। क्रिस्टोफर नोलन हॉलीवुड के सबसे सफल और प्रभावशाली फिल्म निर्देशकों में गिने जाते हैं। उन्होंने अपनी अनोखी कहानी कहने की शैली और शानदार निर्देशन से दुनिया भर में अलग पहचान बनाई है। साल 2024 में फिल्म ‘ओपनहाइमर’ के लिए उन्हें बेस्ट डायरेक्टर और बेस्ट पिक्चर का ऑस्कर अवार्ड मिला था। उनकी फिल्मों को अब तक 49 ऑस्कर नॉमिनेशन और 18 अवार्ड मिल चुके हैं। उन्होंने ‘द डार्क नाइट ट्रायोलॉजी’, ‘इनसेप्शन’, ‘इंटरस्टेलर’, ‘डनकर्क’ और ‘मेमेंटो’ जैसी फिल्में बनाई हैं। उनकी फिल्मों ने दुनिया भर में 6 बिलियन डॉलर से ज्यादा की कमाई की है।

'स्पाइडरमैन' फेम टॉम हॉलैंड ने पी कटिंग चाय:'द ओडिसी' के भारत में प्रीमियर से पहले क्रिस्टोफर नोलन के साथ पहुंचे कैफे

'स्पाइडरमैन' फेम टॉम हॉलैंड ने पी कटिंग चाय:'द ओडिसी' के भारत में प्रीमियर से पहले क्रिस्टोफर नोलन के साथ पहुंचे कैफे

मुंबई में शनिवार को क्रिस्टोफर नोलन की फिल्म ‘द ओडिसी’ का भारतीय प्रीमियर हुआ। स्पेशल स्क्रीनिंग में नोलन के साथ टॉम हॉलैंड और मैट डेमन भी शामिल हुए। प्रीमियर से पहले तीनों एक कैफे में चाय पीने के लिए रुके। यूनिवर्सल पिक्चर्स इंडिया ने सोशल मीडिया पर उनकी तस्वीरें शेयर करते हुए लिखा, ‘मुंबई में ‘द ओडिसी’ के प्रीमियर से पहले चाय के लिए छोटा सा ब्रेक। एक बड़ी रात का इंतजार है, लेकिन चाय सबसे पहले!’ तस्वीरों पर सोशल मीडिया यूजर्स ने कई प्रतिक्रियाएं दीं। किसी ने लिखा, ‘रेड कार्पेट से पहले चाय का ब्रेक।’ एक यूजर ने लिखा, ‘दशक की सबसे बड़ी फिल्म बनाने के बाद भी, सादगी बरकरार।’ फिल्म ‘द ओडिसी’ के मुंबई में हुए प्रीमियर में फिल्म की कास्ट और मेकर्स के साथ-साथ कई बॉलीवुड सेलेब्स भी पहुंचे। 17 जुलाई को रिलीज होगी ‘द ओडिसी’ मैट डेमन, ऐनी हैथवे, टॉम हॉलैंड, रॉबर्ट पैटिनसन, लुपिता न्योंगो, सामंथा मॉर्टन, जेंडया और चार्लीज थेरॉन स्टारर ‘द ओडिसी’ 17 जुलाई को सिनेमाघरों में रिलीज होगी। क्रिस्टोफर नोलन ने कहा कि वह ‘टेनेट’ का प्रीमियर भारत में करना चाहते थे, क्योंकि उसकी शूटिंग मुंबई में हुई थी। हालांकि, कोविड महामारी के कारण ऐसा नहीं हो सका। उन्होंने कहा कि अब ‘द ओडिसी’ के साथ भारत आना उनके लिए बेहद उत्साहजनक है। टॉम हॉलैंड ने फिल्म को बताया दर्शकों के लिए ‘लव लेटर’ टॉम हॉलैंड ने प्रीमियर के दौरान कहा कि यह फिल्म सिनेमा और दर्शकों के लिए एक लव लेटर जैसी है। उन्होंने कहा कि फिल्म में मैट डेमन और ऐनी हैथवे के किरदारों के इमोशन दर्शकों तक गहराई से पहुंचेंगे और लोगों को नोलन के काम से एक अलग जुड़ाव महसूस होगा। क्रिस्टोफर नोलन हॉलीवुड के सबसे सफल और प्रभावशाली फिल्म निर्देशकों में गिने जाते हैं। उन्होंने अपनी अनोखी कहानी कहने की शैली और शानदार निर्देशन से दुनिया भर में अलग पहचान बनाई है। साल 2024 में फिल्म ‘ओपनहाइमर’ के लिए उन्हें बेस्ट डायरेक्टर और बेस्ट पिक्चर का ऑस्कर अवार्ड मिला था। उनकी फिल्मों को अब तक 49 ऑस्कर नॉमिनेशन और 18 अवार्ड मिल चुके हैं। उन्होंने ‘द डार्क नाइट ट्रायोलॉजी’, ‘इनसेप्शन’, ‘इंटरस्टेलर’, ‘डनकर्क’ और ‘मेमेंटो’ जैसी फिल्में बनाई हैं। उनकी फिल्मों ने दुनिया भर में 6 बिलियन डॉलर से ज्यादा की कमाई की है।

बंगाल में 20 साल बाद टाटा की वापसी संभव:सीएम सुवेंदु खुद मामले को देख रहे; ममता के आंदोलन से बंद हुआ था प्लांट

बंगाल में 20 साल बाद टाटा की वापसी संभव:सीएम सुवेंदु खुद मामले को देख रहे; ममता के आंदोलन से बंद हुआ था प्लांट

पश्चिम बंगाल के सिंगूर में करीब दो दशक पहले टाटा की नैनो परियोजना को लेकर शुरू हुआ विवाद एक बार फिर सुर्खियों में है। राज्य में भाजपा सरकार बनने के बाद टाटा समूह की सिंगूर में वापसी को लेकर चर्चा तेज हो रही है। राज्य के उद्योग मंत्री तापस रॉय ने कहा कि टाटा के साथ शुरुआती स्तर पर बातचीत चल रही है। अगर टाटा ग्रुप लौटने को तैयार होता है तो सरकार वहां किसी दूसरी कंपनी को नहीं लाएगी। मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी खुद मामले की निगरानी कर रहे हैं। हालांकि, जिन किसानों ने 2006 में नैनो के लिए अपनी जमीन दी थी, उनके लिए यह अधूरा सपना है। टाटा के सिंगूर छोड़ने के बाद हजारों परिवार आर्थिक और मानसिक संकट से गुजरते रहे। करीब 3,600 ऐसे परिवारों को आज भी सरकार हर महीने दो हजार रुपये और 16 किलो चावल देती है, लेकिन कई परिवार अब भी उस सदमे से उबर नहीं पाए हैं। टाटा को जमीन देने के लिए तैयार हैं लोग 75 साल की अंगूर दास बताती हैं कि उनके पति ने छह बीघा जमीन परियोजना के लिए दी थी। टाटा के जाने के बाद वे गहरे सदमे में चले गए और वर्ष 2019 में उनका निधन हो गया। अंगूर दास कहती हैं कि यदि टाटा दोबारा लौटती है तो वे अपनी बची हुई जमीन भी देने को तैयार हैं। जब सिंगूर आंदोलन चल रहा था तब अनिद्य दास महज 12 साल के थे। आज 32 साल के अनिद्य को रोजगार के लिए कोलकाता जाना पड़ता है। उनका कहना है कि यदि फैक्ट्री लग गई होती तो उन्हें रोज शहर जाकर नौकरी नहीं करनी पड़ती। उनके पिता ने भी जमीन दी थी, लेकिन आज वह जमीन भी खेती के योग्य नहीं बची है। खासेरभेड़ी गांव के स्वरूप दास ने भी दो बीघा जमीन परियोजना के लिए दी थी। वे बताते हैं कि मुआवजा मिलने के बाद वे दुबई चले गए थे, जबकि उनके दोनों भाइयों का चयन टाटा ने मैकेनिकल इंजीनियरिंग प्रशिक्षण के लिए किया था। उत्तराखंड में ट्रेनिंग शुरू हो चुकी थी और नौकरी की उम्मीद भी थी, लेकिन परियोजना बंद होने के साथ सारे सपने टूट गए। उनका कहना है कि यदि आज टाटा या कोई दूसरी बड़ी कंपनी आती है तो वे फिर जमीन देने के लिए तैयार हैं। 20 साल में 15 गुना बढ़ी जमीन की कीमत भूमि अधिग्रहण के समर्थन में बनी सिंगूर शिल्प विकास समिति के अध्यक्ष डॉ. उदयन दास का कहना है कि वर्ष 2006 के बाद से जमीन की कीमतों में लगभग 15 गुना वृद्धि हो चुकी है। उनके मुताबिक सड़क किनारे की जमीन, जिसकी कीमत उस समय करीब तीन लाख रुपये प्रति बीघा थी, अब एक करोड़ रुपये प्रति बीघा तक पहुंच गई है। ऐसे में यदि टाटा दोबारा लौटती है तो केवल मुआवजे पर ही 1,300 करोड़ रुपये से अधिक खर्च करना पड़ सकता है। यही वजह है कि उनकी नजर में टाटा की वापसी आसान नहीं होगी। 997 एकड़ जमीन बेकार हो रही वर्तमान में सिंगूर की वह 997 एकड़ जमीन, जहां कभी नैनो परियोजना शुरू हुई थी, बड़े हिस्से में झाड़ियों से ढकी पड़ी है। कभी यह इलाका पश्चिम बंगाल की सबसे उपजाऊ कृषि भूमि माना जाता था, जहां धान, आलू और अन्य फसलें होती थीं। लेकिन परियोजना रुकने के बाद खेती भी प्रभावित हुई और बड़ी संख्या में किसान रोजगार की तलाश में दूसरे क्षेत्रों में चले गए। हालांकि, सिंगूर में सभी लोग टाटा की वापसी के पक्ष में नहीं हैं। सिंगूर कृषि रक्षा समिति के प्रमुख सदस्य प्रबीर पात्रा का कहना है कि उनका विरोध उद्योगों से नहीं था और न ही आज है। उनका कहना है कि उनका संघर्ष केवल तीन फसली उपजाऊ जमीन को बचाने के लिए था और यदि फिर से ऐसी स्थिति बनती है तो वे दोबारा आंदोलन करेंगे। ———————————— ये खबर भी पढ़ें… ममता TMC के बैंक खातों से सीमित लेनदेन कर सकेंगी:हाईकोर्ट ने निगरानी के लिए विशेष अधिकारी तैनात किया, बड़े खर्च पर रोक कलकत्ता हाईकोर्ट ने गुरुवार को तृणमूल कांग्रेस (TMC) के ममता बनर्जी गुट को पार्टी के फ्रीज किए गए तीन बैंक खातों से सीमित लेनदेन की इजाजत दे दी। हालांकि खातों से सिर्फ रोजमर्रा और कानूनी मामलों से जुड़े खर्च ही किए जा सकेंगे। पूरी खबर पढ़ें…

बंगाल में 20 साल बाद टाटा की वापसी संभव:सीएम सुवेंदु खुद मामले को देख रहे; ममता के आंदोलन से बंद हुआ था प्लांट

बंगाल में 20 साल बाद टाटा की वापसी संभव:सीएम सुवेंदु खुद मामले को देख रहे; ममता के आंदोलन से बंद हुआ था प्लांट

पश्चिम बंगाल के सिंगूर में करीब दो दशक पहले टाटा की नैनो परियोजना को लेकर शुरू हुआ विवाद एक बार फिर सुर्खियों में है। राज्य में भाजपा सरकार बनने के बाद टाटा समूह की सिंगूर में वापसी को लेकर चर्चा तेज हो रही है। राज्य के उद्योग मंत्री तापस रॉय ने कहा कि टाटा के साथ शुरुआती स्तर पर बातचीत चल रही है। अगर टाटा ग्रुप लौटने को तैयार होता है तो सरकार वहां किसी दूसरी कंपनी को नहीं लाएगी। मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी खुद मामले की निगरानी कर रहे हैं। हालांकि, जिन किसानों ने 2006 में नैनो के लिए अपनी जमीन दी थी, उनके लिए यह अधूरा सपना है। टाटा के सिंगूर छोड़ने के बाद हजारों परिवार आर्थिक और मानसिक संकट से गुजरते रहे। करीब 3,600 ऐसे परिवारों को आज भी सरकार हर महीने दो हजार रुपये और 16 किलो चावल देती है, लेकिन कई परिवार अब भी उस सदमे से उबर नहीं पाए हैं। टाटा को जमीन देने के लिए तैयार हैं लोग 75 साल की अंगूर दास बताती हैं कि उनके पति ने छह बीघा जमीन परियोजना के लिए दी थी। टाटा के जाने के बाद वे गहरे सदमे में चले गए और वर्ष 2019 में उनका निधन हो गया। अंगूर दास कहती हैं कि यदि टाटा दोबारा लौटती है तो वे अपनी बची हुई जमीन भी देने को तैयार हैं। जब सिंगूर आंदोलन चल रहा था तब अनिद्य दास महज 12 साल के थे। आज 32 साल के अनिद्य को रोजगार के लिए कोलकाता जाना पड़ता है। उनका कहना है कि यदि फैक्ट्री लग गई होती तो उन्हें रोज शहर जाकर नौकरी नहीं करनी पड़ती। उनके पिता ने भी जमीन दी थी, लेकिन आज वह जमीन भी खेती के योग्य नहीं बची है। खासेरभेड़ी गांव के स्वरूप दास ने भी दो बीघा जमीन परियोजना के लिए दी थी। वे बताते हैं कि मुआवजा मिलने के बाद वे दुबई चले गए थे, जबकि उनके दोनों भाइयों का चयन टाटा ने मैकेनिकल इंजीनियरिंग प्रशिक्षण के लिए किया था। उत्तराखंड में ट्रेनिंग शुरू हो चुकी थी और नौकरी की उम्मीद भी थी, लेकिन परियोजना बंद होने के साथ सारे सपने टूट गए। उनका कहना है कि यदि आज टाटा या कोई दूसरी बड़ी कंपनी आती है तो वे फिर जमीन देने के लिए तैयार हैं। 20 साल में 15 गुना बढ़ी जमीन की कीमत भूमि अधिग्रहण के समर्थन में बनी सिंगूर शिल्प विकास समिति के अध्यक्ष डॉ. उदयन दास का कहना है कि वर्ष 2006 के बाद से जमीन की कीमतों में लगभग 15 गुना वृद्धि हो चुकी है। उनके मुताबिक सड़क किनारे की जमीन, जिसकी कीमत उस समय करीब तीन लाख रुपये प्रति बीघा थी, अब एक करोड़ रुपये प्रति बीघा तक पहुंच गई है। ऐसे में यदि टाटा दोबारा लौटती है तो केवल मुआवजे पर ही 1,300 करोड़ रुपये से अधिक खर्च करना पड़ सकता है। यही वजह है कि उनकी नजर में टाटा की वापसी आसान नहीं होगी। 997 एकड़ जमीन बेकार हो रही वर्तमान में सिंगूर की वह 997 एकड़ जमीन, जहां कभी नैनो परियोजना शुरू हुई थी, बड़े हिस्से में झाड़ियों से ढकी पड़ी है। कभी यह इलाका पश्चिम बंगाल की सबसे उपजाऊ कृषि भूमि माना जाता था, जहां धान, आलू और अन्य फसलें होती थीं। लेकिन परियोजना रुकने के बाद खेती भी प्रभावित हुई और बड़ी संख्या में किसान रोजगार की तलाश में दूसरे क्षेत्रों में चले गए। हालांकि, सिंगूर में सभी लोग टाटा की वापसी के पक्ष में नहीं हैं। सिंगूर कृषि रक्षा समिति के प्रमुख सदस्य प्रबीर पात्रा का कहना है कि उनका विरोध उद्योगों से नहीं था और न ही आज है। उनका कहना है कि उनका संघर्ष केवल तीन फसली उपजाऊ जमीन को बचाने के लिए था और यदि फिर से ऐसी स्थिति बनती है तो वे दोबारा आंदोलन करेंगे। ———————————— ये खबर भी पढ़ें… ममता TMC के बैंक खातों से सीमित लेनदेन कर सकेंगी:हाईकोर्ट ने निगरानी के लिए विशेष अधिकारी तैनात किया, बड़े खर्च पर रोक कलकत्ता हाईकोर्ट ने गुरुवार को तृणमूल कांग्रेस (TMC) के ममता बनर्जी गुट को पार्टी के फ्रीज किए गए तीन बैंक खातों से सीमित लेनदेन की इजाजत दे दी। हालांकि खातों से सिर्फ रोजमर्रा और कानूनी मामलों से जुड़े खर्च ही किए जा सकेंगे। पूरी खबर पढ़ें…

दिलजीत की फिल्म सतलुज पूरी तरह बैन:ZEE5 ग्लोबल कैटेगरी से भी हटाई, सेंट्रल कमेटी ने रिपोर्ट सौंपी; अब आगे क्या? जानिए सवाल-जवाब में सबकुछ

दिलजीत की फिल्म सतलुज पूरी तरह बैन:ZEE5 ग्लोबल कैटेगरी से भी हटाई, सेंट्रल कमेटी ने रिपोर्ट सौंपी; अब आगे क्या? जानिए सवाल-जवाब में सबकुछ

पंजाबी एक्टर और सिंगर दिलजीत दोसांझ की फिल्म सतलुज अब पूरी तरह बैन हो गई है। इसे OTT प्लेटफॉर्म ZEE5 की ग्लोबल कैटेगरी से भी हटा दिया गया है। इस फिल्म को अब विदेश में भी नहीं देखा जा सकेगा। इसी के साथ फिल्म के कंटेंट की जांच के लिए गठित केंद्रीय समिति ने भी सिफारिश कर दी है कि फिल्म को बैन ही रहने दिया जाए। क्योंकि, फिल्म भारत की संप्रभुता और अखंडता के खिलाफ है। सरकारी सूत्रों से हवाले से यह जानकारी शनिवार को न्यूज एजेंसी PTI ने दी। सूत्रों के अनुसार, समिति ने इस बात पर जोर दिया कि IT अधिनियम की धारा 69A के तहत फिल्म पर प्रतिबंध लगाना उचित था। इसमें पाया गया कि फिल्म की कहानी संतुलित नहीं है, क्योंकि यह उग्रवादियों के कृत्यों को छिपाती है। जबकि, उग्रवाद के दौरान पंजाब में सुरक्षा बलों की ओर से की गई ज्यादतियों को उजागर करती है। यह फिल्म मानवाधिकार कार्यकर्ता जसवंत सिंह खालड़ा के जीवन को दर्शाती है, जिन्होंने 1984 और 1994 के बीच पंजाब में हजारों अज्ञात शवों के दाह संस्कार की जांच की थी। 1995 में पंजाब पुलिस ने उनका अपहरण कर हत्या कर दी थी। सुरक्षा संबंधी चिंताओं का हवाला देते हुए सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय ने 3 जुलाई को रिलीज होने के 2 दिन बाद ही इस फिल्म को भारत में ZEE5 से हटा दिया था। इसके बाद मंत्रालय ने फिल्म की विस्तृत जांच के लिए सूचना प्रौद्योगिकी नियम 2021 के तहत एक अंतर-विभागीय समिति (आईडीसी) का गठन किया था। उसी समिति ने इसे बैन रखने की सिफारिश की है। पंजाब में यह मुद्दा राजनीतिक रंग ले चुका है। शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (SGPC) ने प्रतिबंध हटाने की मांग की है और शिरोमणि अकाली दल (SAD) ने राज्य भर में फिल्म प्रदर्शित करने की घोषणा की है। ऐसा क्या है इस फिल्म में, जो इस बैन किया जा रहा है, क्या यह फिल्म फिर से रिलीज होगी? सवाल-जवाब में जानते हैं सभी सवालों के जवाब। इस फिल्म में ऐसा क्या है, जिससे इसे बैन किया गया? यह फिल्म प्रसिद्ध मानवाधिकार कार्यकर्ता जसवंत सिंह खालड़ा के जीवन और संघर्ष पर आधारित है। फिल्म में खालड़ा का रोल दिलजीत दोसांझ ने निभाया है। इसमें खालड़ा द्वारा 1980 और 1990 के दशक में पंजाब में उग्रवाद के दौर में पुलिस की ओर से लावारिस बताकर जलाए गए सिखों के शवों की खोज और उनके दस्तावेजीकरण की कहानी को दर्शाया गया है। फिल्म दिखाती है कि खालड़ा ने अमृतसर और तरनतारन के श्मशान घाटों से नगर निगम के रिकॉर्ड हासिल किए, जिससे साबित हुआ कि पुलिस ने हजारों युवाओं को अवैध हिरासत में लेकर मार डाला। इस दौरान साहस दिखाकर राज्य के सिस्टम के सामने खालड़ा खड़े रहे। दुनिया के सामने सच लाने के बाद सितंबर 1995 में पंजाब पुलिस ने खालड़ा की भी हत्या कर दी। फिल्म की किन चीजों पर विवाद हुआ? बैन पर राजनीतिक हुई, पार्टियों ने क्या-क्या कहा? शिरोमणि अकाली दल (SAD) SAD अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल ने इस बैन को अभिव्यक्ति की आजादी पर हमला बताया। उन्होंने लिखा, “यह केवल सेंसरशिप नहीं है, बल्कि हमारी सामूहिक स्मृति, सच्चाई और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर एक हमला है। पंजाब अपने अतीत का ईमानदारी से सामना करने का हकदार है, दमन से नहीं।” अकाली दल ने घोषणा की कि सरकार के इस बैन को चुनौती देने के लिए पंजाब के हर गांव और गुरुद्वारों में इस फिल्म की विशेष स्क्रीनिंग करेंगे, ताकि युवा अपनी पहचान और इतिहास को जान सकें। कांग्रेस वरिष्ठ नेता व विधायक सुखपाल सिंह खैरा ने केंद्र सरकार के इस कदम की निंदा की। उन्होंने कहा कि खालड़ा के अपहरण और पुलिस बर्बरता के सच को दिखाने वाली फिल्म को रोकना अन्यायपूर्ण है। पार्टी के अन्य नेताओं ने आरोप लगाया कि जब द कश्मीर फाइल्स और द केरल स्टोरी जैसी संवेदनशील नैरेटिव वाली फिल्मों को बिना किसी बाधा के अनुमति मिल सकती है, तो तथ्यों और अदालती फैसलों पर आधारित सतलुज पर प्रतिबंध लगाना केंद्र सरकार के दोहरे मापदंड को दर्शाता है। आम आदमी पार्टी (AAP) पंजाब की सत्ताधारी AAP ने भी फिल्म को ZEE5 से हटाने के फैसले की आलोचना की। पार्टी प्रवक्ताओं ने मांग की कि फिल्म को तुरंत बहाल किया जाना चाहिए, क्योंकि नई पीढ़ी के लिए राज्य के इस दर्दनाक और ऐतिहासिक सच को समझना बेहद जरूरी है। शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (SGPC) सिख धार्मिक मामलों की सर्वोच्च संस्था SGPC ने फिल्म का पूरी तरह समर्थन किया है। उन्होंने कहा कि जसवंत सिंह खालड़ा का बलिदान सिख कौम के लिए सर्वोच्च है और फिल्म के माध्यम से उनकी आवाज को दबाने की कोशिशें कभी कामयाब नहीं होंगी। भारतीय जनता पार्टी (BJP) केंद्रीय राज्यमंत्री रवनीत सिंह बिट्टू ने फिल्म की टाइमिंग और उसके नैरेटिव पर सवाल उठाए। बीजेपी का तर्क है कि चुनाव या संवेदनशील समय में ऐसी फिल्में पंजाब में दोबारा अशांति फैला सकती हैं। केंद्र ने फिल्म के खिलाफ क्या कहा? फिल्म रिलीज के बाद केंद्र सरकार ने क्या किया? 1. IT एक्ट की धारा 69A का उपयोग कर फिल्म तुरंत हटवाई फिल्म के रिलीज होने के ठीक 48 घंटे के भीतर केंद्र सरकार के सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय ने IT एक्ट की धारा 69A और IT नियम, 2021 के तहत प्राप्त आपातकालीन शक्तियों का इस्तेमाल किया। सरकार ने सुरक्षा चिंताओं और सार्वजनिक व्यवस्था बिगड़ने का हवाला देते हुए ZEE5 को तुरंत इस फिल्म को भारत में अपने प्लेटफॉर्म से हटाने का लिखित निर्देश जारी किया। 2. हाई-लेवल स्पेशल कमेटी का गठन फिल्म को केवल हटाने तक ही केंद्र नहीं रुका। इसके कंटेंट की गहराई से जांच करने के लिए केंद्र सरकार ने IT नियम 2021 के नियम 14 के तहत एक उच्च स्तरीय अंतर-विभागीय समिति बनाई। इस विशेष समिति को फिल्म के दृश्यों, नैरेटिव और उसके संभावित सामाजिक-राजनीतिक प्रभावों की समीक्षा कर सरकार को अंतिम सिफारिश सौंपने का जिम्मा दिया गया। 3. CBFC के नियमों का कड़ाई से पालन करने की हिदायत केंद्र सरकार ने साफ किया कि कोई भी फिल्म प्रोड्यूसर सेंसर बोर्ड (CBFC) के सर्टिफिकेशन प्रोसेस को बायपास कर सीधे ओटीटी पर ऐसी संवेदनशील फिल्में रिलीज नहीं कर सकता। सरकार ने रुख अपनाया कि यदि फिल्म को दोबारा भारत में स्ट्रीम

वियतनाम में भारतीय टूरिस्टों से भरी बोट पलटी:32 भारतीय सवार थे, 18 का रेस्क्यू, 14 की तलाश जारी

वियतनाम में भारतीय टूरिस्टों से भरी बोट पलटी:32 भारतीय सवार थे, 18 का रेस्क्यू, 14 की तलाश जारी

वियतनाम के फु क्वोक द्वीप के पास शनिवार को भारतीय पर्यटकों को लेकर जा रही एक बोट समुद्र में पलट गई। भारतीय दूतावास ने हादसे की पुष्टि करते हुए कहा कि स्थानीय प्रशासन पूरे मामले की जांच कर रहा है और खोज-बचाव अभियान जारी है। सोशल मीडिया पर दावा किया किया जा रहा है कि इसमें 32 भारतीय टूरिस्ट सवार थे। इनमें से 18 का रेस्क्यू कर लिया गया है, जबकि 14 की तलाश जारी है। वियतनाम की हो ची मिन्ह सिटी में स्थित इंडियन एंबेसी ने बताया कि घटना के सही जानकारी जुटाई जा रही है। यहां यात्रियों की मदद के लिए कंट्रोल रूम बनाया गया है। इससे संपर्क करने के लिए हेल्पलाइन नंबर +84 36 281 7930, +84 91 552 37 14 और +84 33 452 0414 जारी किए गए हैं। हादसे की तस्वीरें… भारतीय दूतावास ने बनाए कंट्रोल रूम भारतीय दूतावास ने कहा कि हादसे के बाद हनोई स्थित दूतावास और हो ची मिन्ह सिटी स्थित भारतीय दूतावास में कंट्रोल रूम बनाए गए हैं। दोनों मिशन स्थानीय प्रशासन के संपर्क में हैं और भारतीय नागरिकों को हर संभव मदद दी जा रही है। दूतावास ने कहा कि हादसे से जुड़ी पूरी जानकारी अभी जुटाई जा रही है। फिलहाल स्थानीय प्रशासन और राहत एजेंसियां लापता लोगों की तलाश में जुटी हैं। सुबह 10:30 बजे हुआ हादसा रिपोर्ट्स के मुताबिक, हादसा सुबह करीब 10:30 बजे हुआ। नाव भारतीय पर्यटकों को फु क्वोक के पास स्थित होन मे रुट न्गोआई द्वीप घुमाने ले जा रही थी। यह द्वीप अपने साफ समुद्र, छोटे बीच और कोरल रीफ डाइविंग के लिए मशहूर है। यहां पहुंचने के लिए पर्यटक आमतौर पर एन थोई बंदरगाह से नाव या स्पीडबोट किराये पर लेते हैं। खबर लगातर अपडेट हो रही है…

टीवी एक्टर रोहित चंदेल पॉक्सो एक्ट के तहत गिरफ्तार:16 साल की नाबालिग से छेड़छाड़, पीछा करने और मारपीट के आरोप

टीवी एक्टर रोहित चंदेल पॉक्सो एक्ट के तहत गिरफ्तार:16 साल की नाबालिग से छेड़छाड़, पीछा करने और मारपीट के आरोप

पांड्या स्टोर फेम एक्टर रोहित चंदेल को नाबालिग से छेड़छाड़ करने और उसका पीछा करने के आरोप में गिरफ्तार किया गया है। इसके अलावा उन पर मारपीट करने के आरोप भी लगे। एबीपी न्यूज की रिपोर्ट के अनुसार, रोहित के खिलाफ 10 जुलाई को पॉक्सो एक्ट (प्रोटेक्शन ऑफ चिल्ड्रन फ्रॉम सेक्सुअल ऑफेंसेज) के तहत शिकायत दर्ज हुई थी। 10 जुलाई को ही उन्हें दहिसर स्थित उनके घर से गिरफ्तार कर स्पेशल पॉक्सो कोर्ट में पेश किया गया। फिलहाल एक्टर कस्टडी में हैं। शुक्रवार को मुंबई के पूर्वी उपनगर की रहने वाली नाबालिग की शिकायत मिलने पर पंत नगर पुलिस स्टेशन ने एक्टर के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 78 (पीछा करना) और 115(2) (चोट पहुंचाने का इरादा) भी लगाई हैं। एक्टर पर आरोप हैं कि वह नाबालिग लड़की को अपने नंबर से कॉल कर बार-बार परेशान कर रहे थे। लड़की ने उनका फोन उठाना बंद किया, तो एक्टर दूसरे नंबर से बार-बार कॉल कर परेशान करने लगे। शिकायत के अनुसार, 5 जुलाई को रोहित ने लड़की को उसके घर के पास जबरदस्ती रोकने की कोशिश की और बाद में उसका पीछा भी किया। जब लड़की ने विरोध किया, तो एक्टर ने बहस करते हुए उसे गालियां दीं और मारपीट की। कौन हैं रोहित चंदेल? रोहित चंदेल ने स्टार प्लस के फेमस शो ‘पांड्या स्टोर’ में धवल मकवाना और जी टीवी के ऐतिहासिक शो ‘काशीबाई बाजीराव बल्लाल’ में बाजीराव की भूमिका निभाई थी। महाराष्ट्र के नंदुरबार जिले के शाहदा के रहने वाले रोहित अभिनय में आने से पहले प्रोफेशनल क्रिकेट खेल चुके हैं। उन्होंने महाराष्ट्र क्रिकेट एसोसिएशन के लिए क्रिकेट खेला और मार्शल आर्ट्स में भी अपने जिले का रिप्रेजेंट किया। साल 2015 में रोहित एक्टिंग में करियर बनाने के लिए मुंबई पहुंचे। शुरुआती दौर में उन्हें काफी संघर्ष करना पड़ा। करीब 90 ऑडिशन में रिजेक्ट होने के बाद उन्हें पहला कमर्शियल विज्ञापन मिला। इसके बाद उन्होंने ‘हर मुश्किल का हल अकबर बीरबल’ से टीवी डेब्यू किया। आगे चलकर वे ‘चंद्रगुप्त मौर्य’, ‘तमन्ना’ और ‘ये उन दिनों की बात है’ जैसे कई धारावाहिकों में नजर आए। साल 2022 में उन्होंने डिज्नी+ हॉटस्टार की वेब सीरीज ‘एस्केप लाइव’ में राजकुमार का किरदार निभाया। ‘काशीबाई बाजीराव बल्लाल’ और ‘पांड्या स्टोर’ ने उन्हें घर-घर में फेमस बनाया। हाल ही में वे ‘सैराब’ और ‘चावल से चैंपियनशिप तक’ जैसी प्रोजेक्ट में नजर आए।

पाकिस्तान में पेट्रोल 13.18 और पेट्रोल 13.80 रुपया महंगा:पेट्रोल 310.71 और हाई-स्पीड डीजल 323.30 रुपया लीटर मिल रहा, नई कीमतें 11 जुलाई से लागू

पाकिस्तान में पेट्रोल 13.18 और पेट्रोल 13.80 रुपया महंगा:पेट्रोल 310.71 और हाई-स्पीड डीजल 323.30 रुपया लीटर मिल रहा, नई कीमतें 11 जुलाई से लागू

पाकिस्तान सरकार ने पेट्रोल के दाम में 13.18 रुपया (पाकिस्तानी रुपया) प्रति लीटर और हाई-स्पीड डीजल में 13.80 रुपया प्रति लीटर की बढ़ोतरी की है। इस बढ़ोतरी के बाद पाकिस्तान में एक लीटर पेट्रोल की कीमत 310.71 रुपया और हाई-स्पीड डीजल की कीमत 323.30 रुपया लीटर हो गई है। नई कीमतें 11 जुलाई से लागू हो गई हैं। फरवरी से शुरू हुआ था बढ़ने का सिलसिला हालिया बढ़ोतरी के बावजूद दोनों ईंधन अपनी रिकॉर्ड ऊंचाई (पीक लेवल) से नीचे बने हुए हैं। 3 अप्रैल को डीजल की कीमत 520.35 रुपया प्रति लीटर के ऑल-टाइम हाई स्तर पर पहुंच गई थी। ईंधन की कीमतों में यह तेजी 28 फरवरी को अमेरिका-ईरान युद्ध शुरू होने के बाद देखने को मिली थी, जब डीजल 281 रुपया प्रति लीटर के स्तर पर था। वहीं दूसरी ओर, पेट्रोल की कीमत भी 3 अप्रैल को 458.41 रुपया के उच्चतम स्तर पर पहुंच गई थी, जिसकी शुरुआत मार्च के पहले हफ्ते में 266 रुपया प्रति लीटर से हुई थी। IMF की शर्तों के कारण बढ़ा टैक्स, डीजल पर 80 रुपया तो पेट्रोल पर 70 रुपया लेवी ईंधन की कीमतों में बढ़ोतरी के पीछे अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) की कड़ी शर्तें भी शामिल हैं। सरकार ने 1 जुलाई से ‘क्लाइमेट सपोर्ट लेवी’ को दोगुना करके 5 रुपया प्रति लीटर कर दिया है, जबकि इसके बदले पेट्रोलियम लेवी में मामूली कटौती की गई है। इस बदलाव के बाद वर्तमान में डीजल पर पेट्रोलियम लेवी करीब 80 रुपया प्रति लीटर है। वहीं, पेट्रोल पर पेट्रोलियम लेवी 70 रुपया प्रति लीटर के साथ 5 रुपया की क्लाइमेट सपोर्ट लेवी अलग से वसूली जा रही है। एक लीटर ईंधन पर 100 रुपया तक टैक्स, कस्टम ड्यूटी भी शामिल सरकार वर्तमान में हाई-स्पीड डीजल (HSD) पर कुल 101 रुपया प्रति लीटर का टैक्स वसूल रही है। इसमें 16 रुपया प्रति लीटर कस्टम ड्यूटी, पेट्रोलियम लेवी, क्लाइमेट सपोर्ट लेवी और इनलैंड फ्रेट इक्वलाइजेशन मार्जिन शामिल हैं। पेट्रोल की बात करें तो इस पर कुल टैक्स 95 रुपया प्रति लीटर बैठता है, जिसमें 20 रुपया प्रति लीटर कस्टम ड्यूटी के साथ-साथ पेट्रोलियम और क्लाइमेट लेवी जोड़ी गई है। इसके अलावा, सरकार केरोसिन पर 21 रुपया प्रति लीटर और लाइट डीजल ऑयल पर 16 रुपया प्रति लीटर पेट्रोलियम लेवी वसूल रही है।

ट्रम्प बोले-मेरी हत्या हुई तो जवाबी कार्रवाई, आदेश दे चुका:ईरान से बातचीत जारी पर सीजफायर खत्म; रिपोर्ट- अमेरिका ने इजराइल से फाइटर जेट्स हटाए

ट्रम्प बोले-मेरी हत्या हुई तो जवाबी कार्रवाई, आदेश दे चुका:ईरान से बातचीत जारी पर सीजफायर खत्म; रिपोर्ट- अमेरिका ने इजराइल से फाइटर जेट्स हटाए

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने कहा है कि अगर ईरान उनकी हत्या करता है तो अमेरिका जवाबी कार्रवाई करेगा। न्यूयॉर्क पोस्ट को दिए इंटरव्यू में उन्होंने कहा, “मैं काफी समय से उनके निशाने पर हूं। अगर मेरे साथ कुछ हुआ तो मैंने पहले ही ऐसे आदेश दे दिए हैं कि ईरान पर अब तक का सबसे बड़ा हमला किया जाए।” ट्रम्प ने ट्रुथ सोशल पर एक पोस्ट में यह भी कहा कि अमेरिका ईरान से बातचीत के लिए तैयार हो गया है। हालांकि उन्होंने साफ किया कि दोनों देशों के बीच हुआ सीजफायर अब खत्म हो चुका है। उधर, इजराइली मीडिया कान न्यूज की रिपोर्ट के मुताबिक, अमेरिका ने इजराइल से अपने 12 F-22 स्टेल्थ फाइटर जेट वापस बुलाने शुरू कर दिए हैं। ये विमान फरवरी से इजराइल के ओवदा एयरबेस पर तैनात थे। रिपोर्ट में दावा किया गया है कि इन्हें ईरान के खिलाफ सैन्य अभियान के लिए भेजा गया था और इन्होंने हालिया हमलों में भी हिस्सा लिया था। पिछले 24 घंटे के 5 बड़े अपडेट्स मिडिल ईस्ट के हालात से जुड़े अपडेट्स के लिए नीचे ब्लॉग से गुजर जाइए…