फ्री में मिलने वाली ये हरी पत्तियां हैं सेहत के लिए अनमोल, खून करे साफ, कमजोर इम्यूनिटी करे मजबूत, कई रोगों से बचाए

Last Updated:April 11, 2026, 22:29 IST How to consume coriander leaves in summer: धनिया पत्ती आप अक्सर सब्जी वाले से फ्री में मांग लेते होंगे. ताजी हरी धनिया पत्ती जिस व्यंजन में डाल दें, उसकी खुशबू और स्वाद डबल हो जाता है. धनिया पत्ती स्वाद के साथ ही सेहत भी बनाती है. गर्मियों में इसका सेवन जरूर करना चाहिए, क्योंकि ये सेहत को कई तरह से फायदा पहुंचाता है. जानिए, हरी धनिया पत्ती के स्वास्थ्य लाभ. गर्मियों में हरे धनिए के सेवन के फायदे. How to consume coriander leaves in summer: सर्दियों से लेकर गर्मियों में हरा धनिया अच्छी मात्रा में मिल जाता है और इसके बिना दाल-सब्जी का स्वाद भी अधूरा है. भारतीय खाने में धनिए को सजावटी तौर पर इस्तेमाल किया जाता है, लेकिन यह मात्र दाल या सब्जी को गार्निश करने का साधन नहीं, बल्कि गुणों का खजाना है. आयुर्वेद हरे धनिये को ‘दोष-संतुलक,’ ‘रक्त-शोधक,’ और ‘पाचन-उत्तेजक’ मानता है. यह थायरॉयड में सबसे ज्यादा उपयोगी होता है. हरे धनिए में विटामिन ए, सी, के और पोटैशियम, कैल्शियम, मैग्नीशियम और आयरन समेत कई मिनरल्स मिल जाते हैं. इसमें अधिक मात्रा में एंटीऑक्सीडेंट भी होते हैं, जो शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को भी बढ़ाता है. यही कारण है कि आयुर्वेद में हरे धनिए को गुणों की खान माना जाता है लेकिन आज भी भारतीय थाली में इसका इस्तेमाल गलत तरीके से होता आ रहा है. आज हम आयुर्वेद के नजरिए से हरे धनिए के सेवन के बारे में जानेंगे. सेहत, रिलेशनशिप, लाइफ या धर्म-ज्योतिष से जुड़ी है कोई निजी उलझन तो हमें करें WhatsApp, आपका नाम गोपनीय रखकर देंगे जानकारी. अक्सर भारतीय थाली में धनिए को गर्म सब्जी के साथ पका दिया जाता है, लेकिन यह गलत है. धनिए को कभी भी पकाकर नहीं खाना चाहिए, बल्कि इसका सेवन कच्चा ही करना चाहिए. पकाने से धनिए से विटामिन नष्ट हो जाते हैं और मिनरल्स की संख्या में भी कमी आती है. इसके साथ ही कोशिश करें कि धनिए को नींबू के साथ लें. ऐसा करने से शरीर में आयरन की अवशोषणता बढ़ जाती है. इसलिए दाल में कच्चे हरे धनिए के साथ नींबू की कुछ बूंदें जरूर डालें. हरे धनिए के साथ काला नमक जरूर लें. इससे भोजन अच्छे से पचता है और मंद पड़ी पाचन अग्नि तेज होती है. पाचन अग्नि में सुधार लाने के लिए हरा धनिया और काले नमक का कॉम्बिनेशन सबसे ज्यादा बेहतरीन है. इसके साथ ही अगर सुबह के वक्त खाली पेट हरे धनिए को पानी में उबालकर और छानकर पी लिया जाए तो यह लिवर के लिए डिटॉक्स वाटर की तरह काम करता है और लिवर के टॉक्सिन को कम करने का काम करता है. ध्यान रखने वाली बात यह भी है कि जिन लोगों को बहुत जल्दी ठंड लग जाती है, उन्हें सीमित मात्रा में धनिए का सेवन करना चाहिए क्योंकि हरे धनिए की तासीर ठंडी होती है और इससे छींक आने की परेशानी और जुकाम हो सकता है. About the Author Anshumala अंशुमाला हिंदी पत्रकारिता में डिप्लोमा होल्डर हैं. इन्होंने YMCA दिल्ली से हिंदी जर्नलिज्म की पढ़ाई की है. पत्रकारिता के क्षेत्र में पिछले 15 वर्षों से काम कर रही हैं. न्यूज 18 हिंदी में फरवरी 2022 से लाइफस्टाइ…और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्टोरीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्स में सबमिट करें First Published : April 11, 2026, 22:29 IST
गर्मियों में शरीर के लिए अमृत समान है ये रस, इम्यूनिटी करे बूस्ट, बॉडी को तुरंत दे एनर्जी, जानें सेवन का सही तरीका

Ganne ka juice peene ke fayde: गर्मियों में गन्ने का जूस पीना सेहत के लिए अमृत समान है. यह एक नेचुरल ड्रिंक है, जो कई तरह के पोषक तत्वों का भंडार होता है. जब आप तेज धूप में घूमकर घर लौटते हैं तो थकान महसूस होती है. इस थकान को कम करने का काम करता है, गन्ने का रस. ये रस शरीर को तुरंत ही भरपूर एनर्जी देता है. गन्ने के रस पीने के क्या फायदे होते हैं और इसमें क्या-क्या पोषक तत्व मौजूद होते हैं, जानिए यहां विस्तार से… गन्ने के जूस में मौजूद पोषक तत्व गन्ने का रस एक पावर-पैक्ड जूस है, जिसमें मिनरल्स, विटामिंस, एंटीऑक्सीडेंट्स का खजाना होता है. इसमें एलेक्ट्रोलाइट्स को शरीर में बढ़ाने के भी गुण होते हैं. शरीर को डिटॉक्सिफाई, हाइड्रेटेड भी बनाए रखता है. इसमें कार्बोहाइड्रेट्स, आयरन, विटामिन सी, मैग्नीशियम, कैल्शियम, पोटैशियम, विटामिन बी1, बी2, बी9, एनर्जी, जिंक आदि होते हैं. गन्ने का जूस पीने फायदे -गर्मियों में गन्ने का रस पीने से शरीर को भरपूर एनर्जी मिलती है. आपकी सारी थकान दूर हो जाती है. आयुर्वेद में गन्ने के रस को कई बीमारियों के इलाज में इस्तेमाल किया जाता है. यह शरीर को तरोताजा रखता है. यह लिवर की कार्यक्षमता बढ़ाता है. पाचन तंत्र को दुरुस्त बनाए रखता है. खासकर, पीलिया जैसी बीमारी में गन्ने का रस पीना बहुत फायदेमंद माना गया है. सेहत, रिलेशनशिप, लाइफ या धर्म-ज्योतिष से जुड़ी है कोई निजी उलझन तो हमें करें WhatsApp, आपका नाम गोपनीय रखकर देंगे जानकारी. -हेल्थ एक्सपर्ट के अनुसार, गन्ने का रस एक नेचुरल डिटॉक्स ड्रिंक है, जो शरीर से विषाक्त पदार्थों को बाहर निकालने में मदद करता है. यह क्षारीय पेय (alkaline drink) होता है, जिसके कारण इम्यूनिटी बूस्ट होती है. -आयुर्वेद में गन्ने के रस को मूत्रवर्धक, शीतलक, रेचक और टॉनिक के रूप में इस्तेमाल किया जाता है. यह पेशाब में जलन, पेशाब न आने की समस्या और रक्तस्राव में भी राहत देता है. -लिवर की कार्यप्रणाली में सुधार करता है गन्ने का रस. पीलिया जैसी लिवर संबंधी समस्याओं के प्राकृतिक उपचारों में से एक गन्ने का रस है. इसकी क्षारीय प्रकृति पेट के अतिरिक्त पित्त रस और अम्लों को बेअसर करती है. लिवर की कार्य क्षमता को मजबूत बनाती है. -यूनानी चिकित्सा में इसे पीलिया के मरीजों के लिए विशेष रूप से फायदेमंद माना जाता है. आधुनिक अध्ययनों में भी गन्ने में सूजन-रोधी, दर्द निवारक और लिवर की रक्षा करने वाले गुण पाए गए हैं. -इसमें मौजूद मैग्नीशियम और एंटीऑक्सीडेंट्स तनाव कम करने में मददगार है. गन्ने का जूस पीने का सही तरीका विशेषज्ञों के अनुसार, गन्ने का ताजा और शुद्ध रस ही पीना चाहिए. अगर आप ठेले से गन्ने का रस पी रहे हैं तो ध्यान दें कि वहां मक्खियां ना भिनभिना रही हों. साफ-सफाई का पूरा ध्यान दिया जा रहा हो. बाजार में मिलने वाले मिलावटी गन्ने का जूस पीने से भी बचें. गन्ने के रस में आप नींबू या अदरक का रस मिलाकर भी पी सकते हैं. इसके फायदे अधिक बढ़ जाते हैं. हालांकि, डायबिटीज के मरीजों को सावधानी बरतनी चाहिए.
इम्यूनिटी बूस्ट करने से लेकर बीपी कंट्रोल करने तक, खरबूज के बीज में छिपा सेहत का राज, फेंकने की भूल न करें

Last Updated:April 08, 2026, 23:37 IST Muskmelon Seeds Benefits: खरबूज ही नहीं इसके बीज भी सेहत के लिए बहुत फायदेमंद साबित होते हैं. ये एक प्राकृतिक और सस्ता सुपरफूड हैं, जो बिना किसी नुकसान के शरीर को मजबूत बनाते हैं. इसलिए इन्हें रोजाना के खाने में शामिल करना एक अच्छा विकल्प है. ख़बरें फटाफट अच्छी सेहत के लिए रोजाना के खाने में छोटे-छोटे बदलाव करना बहुत फायदेमंद होता है. हेल्थ एक्सपर्ट्स भी सलाह देते हैं कि पोषक तत्वों से भरपूर खरबूजे के बीजों को अपने आहार में शामिल करें. ये छोटे-छोटे बीज शरीर को कई तरह से फायदा पहुंचाते हैं. National Health Mission के अनुसार, खरबूजे के बीज प्रोटीन, फाइबर, विटामिन और मिनरल्स से भरपूर होते हैं. ये शरीर की इम्युनिटी बढ़ाने, हाई ब्लड प्रेशर को नियंत्रित करने और कब्ज जैसी समस्याओं को दूर करने में मदद करते हैं. इसलिए इन्हें रोजाना के खाने में शामिल करना एक अच्छा विकल्प है. खरबूज के बीज के फायदेआयुर्वेद के अनुसार, खरबूजे के बीज स्वास्थ्य के लिए बहुत उपयोगी माने जाते हैं। इनमें मौजूद प्रोटीन मांसपेशियों को मजबूत करता है. फाइबर पाचन तंत्र को बेहतर बनाता है और कब्ज की समस्या को कम करता है. साथ ही, इसमें मौजूद विटामिन और खनिज शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने में मदद करते हैं. इन बीजों का नियमित सेवन शरीर की रक्षा प्रणाली को मजबूत करता है, जिससे सर्दी-जुकाम जैसी आम बीमारियों से बचाव होता है. ये शरीर में सोडियम का स्तर संतुलित रखते हैं, जिससे ब्लड प्रेशर नियंत्रित रहता है. फाइबर की अच्छी मात्रा होने के कारण ये पाचन को सही रखते हैं और पेट साफ रखने में मदद करते हैं. साथ ही, ये दिमाग को तेज बनाने और याददाश्त सुधारने में भी सहायक होते हैं. खरबूजे के बीज बालों और नाखूनों के लिए भी फायदेमंद होते हैं. इनमें मौजूद पोषक तत्व बालों को मजबूत बनाते हैं और नाखूनों को स्वस्थ रखते हैं. डाइट में शामिल करने का तरीकाइन्हें अपनी डाइट में शामिल करना बहुत आसान है. आप इन्हें हल्का भूनकर नमक या मसालों के साथ स्नैक की तरह खा सकते हैं. इसके अलावा, सलाद, दही या नाश्ते में भी मिला सकते हैं. कुछ लोग इन्हें चाय या दूध के साथ भी लेना पसंद करते हैं. विशेषज्ञ मानते हैं कि अगर रोज थोड़ी मात्रा में इन बीजों का सेवन किया जाए, तो शरीर को कई फायदे मिल सकते हैं. ये एक प्राकृतिक और सस्ता सुपरफूड हैं, जो बिना किसी नुकसान के शरीर को मजबूत बनाते हैं. About the Author शारदा सिंहSenior Sub Editor शारदा सिंह बतौर सीनियर सब एडिटर News18 Hindi से जुड़ी हैं. वे हेल्थ, वेलनेस और लाइफस्टाइल से जुड़ी रिसर्च-बेस्ड और डॉक्टर्स के इंटरव्यू पर आधारित रिपोर्ट्स बनाने में एक्सपर्ट हैं. शारदा पिछले 5 सालों से मीडिया …और पढ़ें Location : New Delhi,Delhi First Published : April 08, 2026, 23:37 IST Disclaimer: इस खबर में दी गई दवा/औषधि और स्वास्थ्य से जुड़ी सलाह, एक्सपर्ट्स से की गई बातचीत के आधार पर है. यह सामान्य जानकारी है, व्यक्तिगत सलाह नहीं. इसलिए डॉक्टर्स से परामर्श के बाद ही कोई चीज उपयोग करें. Local-18 किसी भी उपयोग से होने वाले नुकसान के लिए जिम्मेदार नहीं होगा.
इसे सिर्फ हरी पत्ती मत समझिए, यह मसाला कई गंभीर बीमारियों में इम्यूनिटी बूस्टर! औषधीय गुणों से भरपूर

Last Updated:April 07, 2026, 18:05 IST Health News: आज भी हमारे देश के लोग आयुर्वेद पर विश्वास करते हैं, क्योंकि आयुर्वेद में हर मर्ज का इलाज है. ऐसी ही एक औषधि है लेमनग्रास, जो हमारी सेहत के साथ स्वास्थ्य के लिए बेहद ही फायदेमंद है. आइए पोषक तत्वों से भरपूर इसकी खासियत के बारे में जानते हैं. वैसे हरी धनिया एक ऐसी चीज है, जो बाजार में सालभर पाई जाती है. इसकी पत्तियों का उपयोग हर घर में होता है, चाहे सब्जी हो या दाल रायता हो या चटनी, धनिया की पत्तियां हर खाने का स्वाद और खुशबू बढ़ा देती है. ये पत्तियां सिर्फ स्वाद ही नहीं बढ़ातीं, बल्कि हमारे शरीर के लिए बहुत फायदेमंद भी होती हैं. यह एक ऐसी चीज है, जो दिखने में भले ही मामूली लगे, लेकिन इसके अंदर छिपे पोषक तत्व हमारी सेहत और स्वास्थ्य के लिए बेहद फायदेमंद होते हैं. आयुर्वेद में भी धनिया को औषधि के रूप में माना गया है, जिस कारण धनिया का नियमित रूप से इस्तेमाल कर कई बीमारियों से बचा जा सकता है. जिला अस्पताल बाराबंकी के चिकित्सक डॉक्टर अमित वर्मा (एमडी मेडिसिन ) ने लोकल 18 से बातचीत में बताया कि हरी धनिया एक औषधीय पौधा है. इसकी पत्तियां और बीज हमारी सेहत व स्वास्थ्य के लिए काफी फायदेमंद हैं. इसमें बहुत सारे औषधीय गुण मौजूद होते हैं, जैसे विटामिन ए और सी, पोटैशियम, कैल्शियम, विटामिन-सी और मैग्नीशियम जैसे पोषक तत्व पाए जाते हैं, जो हमें कई गंभीर बीमारियों से बचाते हैं. बस इसका सही से इस्तेमाल करने की जरूरत है. आंखों के दर्द में फायदेमंद: धनिया क़े पत्तों के रस को बकरी के दूध में मिला लें. इसे आंख में एक-एक बूंद डालने से आंखों का दर्द ठीक हो जाता है. धनिया बीज और जौ को बराबर-बराबर लेकर पीस लें. इसका गाढ़ा लेप बना लें. इसे आंखों पर बांधने से आंख के दर्द ठीक हो जाते हैं. Add News18 as Preferred Source on Google कब्ज क़ी समस्या में फायदेमंद: जिन लोगों को कब्ज रहती है, वो 20 ग्राम धनिया और 120 मिली पानी को मिट्टी के बर्तन में डालकर, रात भर रहने दें. सुबह इसे छानकर, 13 ग्राम खांड डाल लें. इसे थोड़ा-थोड़ा पीने से कब्ज में लाभ मिलता है. पेट दर्द की समस्या में 2 ग्राम धनिया चूर्ण को, 5 ग्राम मिश्री के साथ मिला लें. इसे दिन में दो-तीन बार देने से गर्मी से होने वाले पेट दर्द में लाभ होता है. इसके अलावा 5 ग्राम धनिया को 100 मिली पानी में रात में भिगो लें. इसे सुबह मसलकर और छानकर रखें. इस पानी को बच्चों को पिलाने से पेट दर्द में लाभ होता है. वहीं 10-20 मिली धनिया के पत्ते के रस को 10 मिली सिरके में मिलाकर लगाने से पेट दर्द ठीक हो जाता है. अगर किसी को हाई कॉलेस्ट्रॉल की शिकायत है, तो उसे धनिया के बीज उबालकर उस पानी को पीना चाहिए. डायबिटीज के मरीजों के लिए भी धनिया काफी फायदेमंद होता है. यह खून में इंसुलिन की मात्रा को नियमित करता है. पाचन की समस्या में फायदेमंद: पाचन को दुरुस्त करने के लिए हरी धनिया खाएं. यह पेट की समस्याओं को दूर कर पाचनशक्ति बढ़ाता है. धनिया के ताजे पत्तों को छाछ में मिलाकर पीने से बदहजमी, मतली, पेचिश और कोलाइटिस में आराम मिलता है. इसके सेवन से गैस की समस्या से भी छुटकारा मिलता है. First Published : April 07, 2026, 18:05 IST
सेहत का खजाना है ‘शतावरी’! इम्यूनिटी बढ़ाने से लेकर तनाव दूर करने तक, आयुर्वेद के इस नुस्खे के कायल हुए डॉक्टर

Last Updated:April 06, 2026, 18:43 IST Shatavari Benefits in Hindi: बागपत के आयुर्वेदिक चिकित्सक डॉक्टर राघवेंद्र चौधरी के अनुसार, शतावरी एक ऐसी चमत्कारी और किफायती औषधि है जो इम्यूनिटी बढ़ाने, पाचन शक्ति सुधारने और मानसिक तनाव दूर करने में बेहद कारगर है. यह औषधि महिलाओं के लिए किसी वरदान से कम नहीं है, विशेषकर स्तनपान कराने वाली माताओं के लिए यह अत्यंत लाभकारी है. शारीरिक कमजोरी दूर करने और निरोगी जीवन जीने के लिए डॉक्टर इसे दूध के साथ लेने की सलाह देते हैं. बेहतर स्वास्थ्य लाभ के लिए इसका चिकित्सकीय परामर्श से सेवन करें. बागपत: भागदौड़ भरी जिंदगी और खराब खान-पान के बीच आयुर्वेद एक बार फिर संजीवनी बनकर उभर रहा है. बागपत के प्रसिद्ध आयुर्वेदिक चिकित्सक डॉक्टर राघवेंद्र चौधरी ने ‘शतावरी’ को स्वास्थ्य के लिए एक चमत्कारी औषधि बताया है. बाजार में बेहद किफ़ायती दाम पर मिलने वाली यह जड़ी-बूटी न केवल इम्यूनिटी को फौलादी बनाती है, बल्कि महिलाओं के लिए किसी वरदान से कम नहीं है. मानसिक तनाव से लेकर शारीरिक कमजोरी तक, शतावरी हर मोर्चे पर शरीर को निरोगी बनाने की क्षमता रखती है. शतावरी: एक चमत्कारी आयुर्वेदिक औषधिशतावरी एक ऐसी चमत्कारी आयुर्वेदिक औषधि है, जो आसानी से बाजार में उपलब्ध होती है. इस औषधि का इस्तेमाल करने से इम्यूनिटी मजबूत होती है, पाचन शक्ति मजबूत होती है और मानसिक तनाव से छुटकारा मिलता है. डॉक्टर बताते हैं कि यह औषधि महिलाओं के लिए किसी वरदान से कम नहीं है. इसका इस्तेमाल कर चिकित्सा के फायदे ले सकते हैं, हालांकि महिलाओं और पुरुषों को इसका इस्तेमाल करने से पहले चिकित्सक के परामर्श जरूर लेना चाहिए. इसका इस्तेमाल महिला-पुरुष जरूरी मात्रा में करके सेहत को बेहतर बना सकते हैं और एक लंबा और निरोगी जीवन जी सकते हैं. डॉक्टर की राय: शरीर पर होते हैं चौंकाने वाले फायदेआयुर्वेदिक चिकित्सक डॉक्टर राघवेंद्र चौधरी ने जानकारी देते हुए बताया कि शतावरी एक चमत्कारी आयुर्वेदिक औषधि है, जो बाजार में सस्ते रेट पर उपलब्ध होती है. इसका इस्तेमाल करने से शरीर पर चौंकाने वाले फायदे देखने को मिलते हैं. शतावरी का इस्तेमाल करने से रोग प्रतिरोधक क्षमता मजबूत होती है, जिससे शरीर में कोई भी बीमारी आने से रोकी जा सकती है. पाचन तंत्र और शारीरिक कमजोरी में रामबाणशतावरी का उपयोग करने से पाचन शक्ति मजबूत होती है. शरीर में खाने पीने से ताकत मिलती है और शरीर की कमजोरी को दूर किया जाता है. अक्सर कमजोरी महसूस करने वाले लोगों के लिए यह औषधि अत्यंत प्रभावी है. इसके साथ ही, शतावरी का इस्तेमाल करने से मानसिक तनाव से छुटकारा मिलता है और मानसिक विकारों में यह लाभदायक साबित होती है. महिलाओं के लिए किसी वरदान से कम नहींडॉक्टर के अनुसार, शतावरी का इस्तेमाल महिलाओं के लिए विशेष रूप से लाभकारी है. बच्चों को स्तनपान कराने वाली महिलाओं को इसका अत्यधिक सेवन करना चाहिए, जिससे उनके शरीर में किसी प्रकार की कमी नहीं रहती और बच्चों को भी स्तनपान से भरपूर पोषण और लाभ मिलता है. डॉक्टर ने बताया कि महिला, पुरुष और बुजुर्ग सभी इसका इस्तेमाल कर शारीरिक लाभ ले सकते हैं, बस शर्त यह है कि इसका इस्तेमाल चिकित्सक की देखरेख में ही करना चाहिए. कैसे करें सेवन? जानें सही तरीकाडॉक्टर ने बताया कि शतावरी का उपयोग आप चूर्ण के रूप में दूध के साथ सुबह और शाम कर सकते हैं. हालांकि इसका शरीर पर कोई दुष्प्रभाव नहीं होता, लेकिन इस्तेमाल से पहले चिकित्सक की सलाह और जरूरी मात्रा का निर्धारण करना आवश्यक है. यह एक ऐसी औषधि है जो शरीर पर तेजी से काम करके स्वास्थ्य लाभ देने का काम करती है. About the Author Rahul Goel राहुल गोयल न्यूज़ 18 हिंदी में हाइपरलोकल (यूपी, उत्तराखंड, हरियाणा और हिमाचल प्रदेश) के लिए काम कर रहे हैं. मीडिया इंडस्ट्री में उन्हें 16 साल से ज्यादा का अनुभव है, जिसमें उनका फोकस हमेशा न्यू मीडिया और उसके त…और पढ़ें Location : Baghpat,Uttar Pradesh First Published : April 06, 2026, 18:43 IST
सिर्फ सब्जी नहीं… सेहत का भी स्वाद बढाता है ये जीरा, इम्यूनिटी करेगा बूस्ट और खून की कमी को करेगा दूर

X रोजाना खाएं सफेद जीरा, इम्यूनिटी बढ़ाए और खून की कमी करे दूर Benefits of White Cumin: सफेद जीरा रसोई में इस्तेमाल होने वाला सामान्य मसाला है. लेकिन इसके कई औषधीय फायदे भी है. आयुर्वेदिक चिकित्सक डॉ. राघवेंद्र चौधरी के अनुसार सफेद जीरा पाचन शक्ति को मजबूत करता है और पेट की गर्मी कम करने में मदद करता है. इसके नियमित सेवन से वजन नियंत्रित रहता है और शरीर की इम्यूनिटी भी बढ़ती है. इसमें आयरन और विटामिन भरपूर मात्रा में होते है जो हीमोग्लोबिन बढ़ाने में सहायक होते है और खून की कमी दूर करने में मदद करते है. यह शरीर से विषैले तत्व निकालने और त्वचा को साफ रखने में भी उपयोगी माना जाता है. सफेद जीरे का सेवन रात में पानी में भिगोकर सुबह पीने, सब्जी में मिलाकर या दही-छाछ में डालकर किया जा सकता है. नियमित और संतुलित उपयोग से यह संपूर्ण स्वास्थ्य के लिए लाभकारी साबित हो सकता है.
Health Tips: पोषण का पावरहाउस है ये साग, सेवन से मिलेंगे कई लाभ, पाचन से लेकर इम्यूनिटी तक सब रहेगा ठीक

Last Updated:April 06, 2026, 08:50 IST Health Benefit Chaulai ka Saag: हरी सब्जियों में चौलाई का साग सेहत के लिए बेहद फायदेमंद माना जाता है. पोषण तत्वों से भरपूर यह साग शरीर को ताकत देने के साथ कई बीमारियों से बचाने में मदद करता है. इसमें आयरन, कैल्शियम, फाइबर, विटामिन ए, सी और प्रोटीन प्रचुर मात्रा में पाए जाते है जो शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाते है. नियमित सेवन से खून की कमी दूर होती है और हड्डियां मजबूत बनती है. चौलाई का साग पाचन तंत्र को दुरुस्त रखता है और कब्ज की समस्या में राहत देता है. इसमें मौजूद एंटीऑक्सीडेंट शरीर को डिटॉक्स करने में भी मदद करते है. यह दिल की सेहत के लिए भी लाभकारी माना जाता है और ब्लड प्रेशर नियंत्रित रखने में सहायक होता है. कम कैलोरी होने के कारण वजन घटाने वालों के लिए भी यह एक बेहतर विकल्प है. यह साग हड्डियों की मजबूती के लिए भी किसी वरदान से कम नहीं है. इसमें कैल्शियम, मैग्नीशियम और फास्फोरस जैसे जरूरी खनिज तत्व पाए जाते हैं, जो हड्डियों को मजबूत बनाते है. यह बढ़ती उम्र में होने वाली ऑस्टियोपोरोसिस जैसी समस्याओं से बचाव में भी सहायक है. अगर इसे भोजन में शामिल किया जाए, तो जोड़ों का दर्द और हड्डियों की कमजोरी जैसी परेशानियां कम हो सकती है. अगर आप वजन घटाने की कोशिश कर रहे है तो चौलाई आपके लिए बेहद उपयोगी है. इसमें कम कैलोरी और ज्यादा पोषण होता है. यह पेट भरने के साथ-साथ वजन को नियंत्रित रखने में मददगार है. इसमें अमीनो एसिड और विटामिन पाए जाते हैं, जो त्वचा और बालों के लिए भी फायदेमंद हैं. इससे बाल मजबूत और त्वचा में प्राकृतिक चमक आती है. यह आंखों की सेहत के लिए भी बेहद लाभकारी है. इसमें भरपूर मात्रा में विटामिन ए पाया जाता है जो आंखों की रोशनी बढ़ाने में मददगार है. यह लगातार स्क्रीन देखने वाले लोगों के लिए विशेष रूप से उपयोगी है. इसके अलावा, इसमें विटामिन सी और एंटीऑक्सीडेंट भी होता है, जो शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को मजबूत करता हैं, जिससे संक्रमण और बीमारियों से लड़ने की ताकत मिलती है. Add News18 as Preferred Source on Google चौलाई का उपयोग कई तरह से किया जा सकता है. जैसे – साग के रूप में, दाल में मिलाकर या स्वादिष्ट पराठों में डालकर इत्यादि. खासतौर पर गर्मियों में इसका सेवन शरीर को ठंडक देता है और पित्त-कफ को संतुलित रखता है. हालांकि, इसका सेवन भी संतुलित मात्रा में ही करना चाहिए. अगर सही तरीके से इसे रोजमर्रा की डाइट में शामिल किया जाए तो कई फायदे मिल सकते हैं. मरीज बगैर डॉक्टर से सलाह लिए इसका सेवन न करें. बढ़ते कोलेस्ट्रॉल और शुगर की समस्या आजकल आम हो गई है. लेकिन चौलाई इन दोनों को कंट्रोल करने की क्षमता रखती है. यह ब्लड शुगर लेवल को संतुलित कर और शरीर में खराब कोलेस्ट्रॉल को कम करने का काम करती है. इसी के चलते डॉक्टर भी हेल्दी डाइट में हरी सब्जियों को शामिल करने की सलाह देते हैं, जिसमें चौलाई अलग ही महत्व है. राजकीय आयुर्वेदिक चिकित्सालय नगर बलिया की पांच साल अनुभवी चिकित्साधिकारी डॉ. वंदना तिवारी के मुताबिक, यह साग पाचन तंत्र को दुरुस्त रखने में अहम भूमिका निभाती है. यह आंतों को साफ कर भोजन को आसानी से पचाने में सहायक होता है. जिन लोगों को गैस, अपच या पेट भारी रहने की शिकायत रहती है, उनके लिए यह साग एक प्राकृतिक औषधि की तरह काम करता है और पेट को हल्का व स्वस्थ बनाए रखता है. चौलाई का साग खून की कमी यानी एनीमिया से जूझ रहे लोगों के लिए बेहद फायदेमंद है. इसमें आयरन होते हैं, जो शरीर में हीमोग्लोबिन बढ़ाते है. नियमित रूप से इसका सेवन करने से कमजोरी, थकान और चक्कर जैसी समस्याएं धीरे-धीरे कम होने लगती हैं. खासकर महिलाओं और बच्चों के लिए यह एक बेहतरीन प्राकृतिक उपाय है, जो बिना दवाइयों के शरीर में खून की मात्रा बढ़ाने में सहायक है. First Published : April 06, 2026, 08:50 IST
गर्मी में शहतूत है सेहत का खजाना! खून बढ़ाने से लेकर इम्यूनिटी तक फायदे, शरीर रहेगा ठंडा और बीमारियां रहेंगी दूर

Last Updated:April 04, 2026, 16:54 IST गर्मियों में मिलने वाला शहतूत सिर्फ स्वादिष्ट ही नहीं, बल्कि सेहत के लिए भी बेहद फायदेमंद होता है. इसमें मौजूद आयरन, विटामिन और एंटीऑक्सीडेंट्स शरीर को अंदर से मजबूत बनाते हैं. यह खून बढ़ाने, पाचन सुधारने, इम्यूनिटी मजबूत करने के साथ-साथ त्वचा और बालों के लिए भी लाभकारी है. इसलिए इसे अपनी डाइट में शामिल करना एक अच्छा विकल्प हो सकता है. शहतूत में आयरन की अच्छी मात्रा होती है, जो हीमोग्लोबिन बढ़ाने में मदद करती है. एनीमिया से पीड़ित लोगों के लिए यह खास तौर पर फायदेमंद है. नियमित सेवन से शरीर में ऑक्सीजन का स्तर बेहतर होता है और कमजोरी व चक्कर जैसी समस्याएं कम होती हैं. यह खासकर महिलाओं और बच्चों के लिए उपयोगी है और खून बढ़ाने का सस्ता व प्राकृतिक उपाय है. डॉ. ऐजल पटेल के अनुसार, शहतूत में मौजूद फाइबर पाचन तंत्र को मजबूत बनाता है. यह कब्ज, गैस और एसिडिटी जैसी समस्याओं को दूर करने में मदद करता है. रोजाना सेवन से आंतें साफ रहती हैं और पेट हल्का महसूस होता है. गर्मियों में यह फल शरीर को ठंडक देने के साथ पाचन क्रिया को बेहतर बनाता है. शहतूत में विटामिन C और एंटीऑक्सीडेंट्स भरपूर होते हैं, जो इम्यूनिटी को मजबूत बनाते हैं. यह शरीर को वायरस और बैक्टीरिया से लड़ने की ताकत देता है. नियमित सेवन से सर्दी-जुकाम और संक्रमण का खतरा कम होता है. बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक, यह फल सभी के लिए प्राकृतिक इम्यूनिटी बूस्टर का काम करता है. Add News18 as Preferred Source on Google शहतूत में पोटेशियम और फ्लेवोनॉइड्स होते हैं, जो दिल की सेहत के लिए फायदेमंद हैं. यह ब्लड प्रेशर को नियंत्रित रखने और दिल की बीमारियों के खतरे को कम करने में मदद करता है. साथ ही, यह खराब कोलेस्ट्रॉल को घटाकर अच्छे कोलेस्ट्रॉल को बढ़ाने में सहायक है. नियमित सेवन से दिल मजबूत रहता है और हार्ट अटैक का जोखिम कम होता है. शहतूत ब्लड शुगर को नियंत्रित करने में मदद करता है और शरीर में शुगर के अवशोषण को धीमा करता है. इससे डायबिटीज के मरीजों को फायदा मिल सकता है. हालांकि, इसका सेवन सीमित मात्रा में ही करना चाहिए. संतुलित मात्रा में खाने से शुगर लेवल स्थिर रहता है और अचानक बढ़ने का खतरा कम होता है. शहतूत में मौजूद एंटीऑक्सीडेंट्स त्वचा के लिए फायदेमंद होते हैं. यह फ्री रेडिकल्स से बचाकर समय से पहले बूढ़ा होने से रोकता है. नियमित सेवन से त्वचा साफ, मुलायम और चमकदार बनती है. गर्मियों में यह धूप के असर से बचाने और दाग-धब्बों को कम करने में भी मदद करता है. शहतूत में विटामिन और मिनरल्स भरपूर होते हैं, जो बालों की जड़ों को मजबूत बनाते हैं. इसका सेवन करने से बाल झड़ने की समस्या कम होती है और बाल घने व चमकदार बनते हैं. इसमें मौजूद पोषक तत्व स्कैल्प को पोषण देकर बालों की ग्रोथ बढ़ाते हैं. बालों की कमजोरी या रूखापन दूर करने के लिए शहतूत का सेवन फायदेमंद है. गर्मियों में शहतूत शरीर को ठंडक पहुंचाता है और डिहाइड्रेशन से बचाता है. इसके सेवन से शरीर तरोताजा और ऊर्जावान बना रहता है. यह लू के प्रभाव से बचाने में भी मदद करता है और थकान को दूर करता है. गर्मियों में स्वस्थ और एक्टिव रहने के लिए शहतूत को डाइट में शामिल करना फायदेमंद है. First Published : April 04, 2026, 16:54 IST
Immunity Badhane Ke Liye Kya Khaye: बार-बार बीमार पड़ते हैं? जानिए इम्यूनिटी मजबूत करने के आसान और असरदार घरेलू उपाय

Immunity Badhane Ke Liye Kya Khaye: आज के समय में हर कोई फिट और बीमारियों से दूर रहना चाहता है, लेकिन बदलती लाइफस्टाइल और खानपान की आदतें हमारी इम्यूनिटी को कमजोर कर देती हैं. कई बार हम छोटी-छोटी चीजों को नजरअंदाज कर देते हैं, जैसे सही खाना, समय पर नींद और संतुलित डाइट. नतीजा यह होता है कि सर्दी-खांसी, वायरल या थकान जल्दी पकड़ लेती है. ऐसे में सबसे बड़ा सवाल यही उठता है कि आखिर इम्यूनिटी बढ़ाने के लिए क्या खाया जाए? अच्छी बात ये है कि इसके लिए आपको महंगे सप्लीमेंट्स की जरूरत नहीं, बल्कि घर की रसोई में ही कई ऐसी चीजें मौजूद हैं जो शरीर को अंदर से मजबूत बना सकती हैं, अगर सही चीजों को रोज की डाइट में शामिल कर लिया जाए तो फर्क कुछ ही दिनों में महसूस होने लगता है. इम्यूनिटी के लिए सही खानपान क्यों जरूरी हैहम जो भी खाते हैं, वही हमारे शरीर की ताकत तय करता है, अगर खाना पोषक तत्वों से भरपूर है, तो शरीर वायरस और बैक्टीरिया से लड़ने में ज्यादा सक्षम बनता है, लेकिन अगर डाइट में जंक फूड और प्रोसेस्ड चीजें ज्यादा हैं, तो इम्यून सिस्टम धीरे-धीरे कमजोर पड़ने लगता है. यही वजह है कि डॉक्टर हमेशा संतुलित आहार पर जोर देते हैं. रोज खाएं ये 7 चीजेंइम्यूनिटी मजबूत करने के लिए कुछ चीजें बेहद असरदार मानी जाती हैं. इन्हें अपनी रोज की डाइट में शामिल करना आसान भी है और फायदेमंद भी. 1. आंवलाआंवला विटामिन C का अच्छा सोर्स है. इसे कच्चा, जूस या मुरब्बे के रूप में लिया जा सकता है. कई लोग सुबह खाली पेट आंवला जूस पीते हैं, जिससे शरीर को ताजगी मिलती है. सेहत, रिलेशनशिप, लाइफ या धर्म-ज्योतिष से जुड़ी है कोई निजी उलझन तो हमें करें WhatsApp, आपका नाम गोपनीय रखकर देंगे जानकारी. 2. हल्दी वाला दूधहल्दी में एंटीबैक्टीरियल गुण होते हैं. रात को सोने से पहले एक गिलास हल्दी वाला दूध पीने से शरीर अंदर से मजबूत होता है. 3. अदरक और लहसुनअदरक और लहसुन दोनों ही इम्यूनिटी बढ़ाने में मदद करते हैं. इन्हें सब्जी, चाय या काढ़े में शामिल करना आसान है. ठंड के मौसम में तो ये खास तौर पर फायदेमंद होते हैं. 4. हरी सब्जियांपालक, मेथी, ब्रोकोली जैसी हरी सब्जियां शरीर को जरूरी विटामिन और मिनरल देती हैं. इन्हें हफ्ते में कम से कम 3-4 बार जरूर खाएं. 5. फलसंतरा, सेब, पपीता जैसे फल इम्यूनिटी बढ़ाने में मदद करते हैं. कोशिश करें कि रोज कम से कम एक फल जरूर खाएं. 6. दहीदही में प्रोबायोटिक्स होते हैं, जो पेट को स्वस्थ रखते हैं. जब पाचन सही रहता है, तो इम्यून सिस्टम भी बेहतर काम करता है. 7. ड्राई फ्रूट्सबादाम, अखरोट और किशमिश जैसे ड्राई फ्रूट्स शरीर को ऊर्जा देते हैं और कमजोरी दूर करते हैं. असली जिंदगी से एक उदाहरणअक्सर देखा गया है कि जो लोग घर का सादा खाना खाते हैं, वे कम बीमार पड़ते हैं. वहीं, जो लोग बाहर का तला-भुना खाना ज्यादा खाते हैं, उन्हें जल्दी सर्दी-खांसी हो जाती है. उदाहरण के तौर पर, कई लोग सुबह की शुरुआत चाय और बिस्किट से करते हैं, जबकि अगर उसी समय फल या आंवला लिया जाए तो शरीर को ज्यादा फायदा मिलता है. क्या नहीं खाना चाहिएइम्यूनिटी बढ़ाने के लिए सिर्फ अच्छा खाना ही नहीं, बल्कि गलत चीजों से दूरी बनाना भी जरूरी है. ज्यादा तला-भुना, मीठा और पैकेज्ड फूड शरीर को नुकसान पहुंचाते हैं. कोल्ड ड्रिंक्स और जंक फूड से जितना दूर रहें, उतना बेहतर है. छोटी आदतें जो बड़ा फर्क लाती हैंसिर्फ खानपान ही नहीं, कुछ छोटी आदतें भी इम्यूनिटी को बेहतर बनाती हैं. जैसे सुबह हल्का व्यायाम, पर्याप्त नींद और दिनभर में पर्याप्त पानी पीना. ये सब मिलकर शरीर को अंदर से मजबूत बनाते हैं. अंत में, इम्यूनिटी बढ़ाना कोई एक दिन का काम नहीं है. यह एक नियमित प्रक्रिया है, जिसमें सही खानपान और अच्छी आदतें दोनों शामिल होती हैं, अगर आप रोज थोड़ा ध्यान देंगे, तो शरीर खुद ही आपको धन्यवाद देगा. (Disclaimer: इस लेख में दी गई जानकारियां और सूचनाएं सामान्य मान्यताओं पर आधारित हैं. Hindi news18 इनकी पुष्टि नहीं करता है. इन पर अमल करने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से संपर्क करें.)
घर के पास का ये पेड़ है औषधि का खजाना, इम्यूनिटी बढ़ाने से लेकर घाव भरने तक, जानिए पीपल और गूलर के फायदे

Last Updated:April 03, 2026, 15:13 IST भारत में पीपल और गूलर के पेड़ सिर्फ धार्मिक ही नहीं, बल्कि औषधीय दृष्टि से भी बेहद महत्वपूर्ण माने जाते हैं. आयुर्वेद में इनके फल, छाल, पत्ते और दूध का उपयोग कई बीमारियों के उपचार में किया जाता है. ये पाचन सुधारने, मधुमेह नियंत्रित करने, त्वचा रोगों में राहत देने और इम्यूनिटी बढ़ाने में मददगार होते हैं. पीपल और गुड़हल दोनों ही स्वास्थ्य के लिए बहुत फायदेमंद हैं. गुड़हल के फूल और पत्ते एंटीऑक्सीडेंट से भरपूर होते हैं, जो बालों को मजबूत बनाने, त्वचा को चमकदार रखने, ब्लड प्रेशर और कोलेस्ट्रॉल को नियंत्रित करने और इम्यूनिटी बढ़ाने में मदद करते हैं. वहीं, पीपल के कोमल पत्ते पेट की समस्याओं जैसे गैस और मरोड़ में राहत देने के लिए फायदेमंद हैं. एक्सपर्ट डॉ. विनीता शर्मा के अनुसार, पीपल के पेड़ पर अक्सर गूलर पाया जाता है, जो आयुर्वेद में एक शक्तिशाली औषधि माना जाता है. इसके फल, छाल और दूध में फाइबर, विटामिन A, C, एंटीऑक्सीडेंट और आयरन जैसे पोषक तत्व पाए जाते हैं. यह मधुमेह को नियंत्रित करने, पाचन सुधारने, कब्ज से राहत दिलाने, सूजन कम करने और घाव भरने में फायदेमंद माना जाता है. पीपल का पेड़, विशेषकर इसकी कोपलें, छाल और फल, पाचन सुधारने और कब्ज से राहत पाने का पारंपरिक आयुर्वेदिक उपाय है. इसमें मौजूद फाइबर और एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण पेट की सूजन, एसिडिटी, गैस और कब्ज जैसी समस्याओं को दूर करने में मदद करते हैं, जिससे पाचन क्रिया सुचारू रहती है. Add News18 as Preferred Source on Google गूलर और पीपल के औषधीय गुण, विशेषकर गूलर के फल और छाल, मधुमेह को नियंत्रित करने में सहायक माने जाते हैं. इसमें मौजूद फाइबर और एंटी-डायबिटिक गुण ब्लड शुगर को कम करने में मदद करते हैं. पीपल के गूलर, छाल, पत्ते और दूध सूजन और घाव के उपचार में प्रभावी माने जाते हैं. इसकी तासीर ठंडी होने के कारण यह घाव को जल्दी भरने, दर्द कम करने और संक्रमण को रोकने में मदद करता है. पीपल के पेड़ पर पाए जाने वाले गूलर के फल, छाल और दूध आयुर्वेद में उच्च औषधीय गुणों और इम्यूनिटी बढ़ाने की क्षमता के लिए जाने जाते हैं. इसमें एंटीऑक्सीडेंट, विटामिन C और सूजनरोधी गुण होते हैं, जो पाचन, बवासीर, त्वचा रोगों और मधुमेह को नियंत्रित करने में सहायक हैं. पीपल और गूलर दोनों ही त्वचा रोगों के लिए अत्यंत औषधीय माने जाते हैं. पीपल की कोपलें और छाल दाद, खुजली और एलर्जी में लाभकारी हैं, जबकि गूलर का दूध, छाल और फल फोड़े-फुंसी, नासूर, चर्म रोग और घाव भरने में प्रभावी माने जाते हैं. First Published : April 03, 2026, 15:13 IST









