Wednesday, 05 Aug 2026 | 09:31 AM

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'रैंचो' का किरदार सोनम वांगचुक से प्रेरित नहीं:डायरेक्टर राजकुमार हिरानी ने बताया था- FTII के छात्र से मिली थी प्रेरणा

'रैंचो' का किरदार सोनम वांगचुक से प्रेरित नहीं:डायरेक्टर राजकुमार हिरानी ने बताया था- FTII के छात्र से मिली थी प्रेरणा

फिल्म 3 इडियट्स को रिलीज हुए 15 साल से ज्यादा समय हो चुका है। इस दौरान एक दावा लगातार दोहराया जाता रहा कि फिल्म का फेमस किरदार रैंचो उर्फ फुंसुख वांगडू शिक्षा सुधारक सोनम वांगचुक से प्रेरित था। यह बात अब इतनी बार कही जा चुकी है कि कई लोग इसे तथ्य मानने लगे हैं। हालांकि, उपलब्ध रिकॉर्ड और फिल्म से जुड़े लोगों के बयानों को देखने पर इस दावे को लेकर कई सवाल सामने आते हैं। रैंचो और सोनम वांगचुक में क्या हैं समानताएं? पहली नजर में दोनों के बीच कुछ समानताएं दिखाई देती हैं। दोनों इंजीनियर हैं, शिक्षा के क्षेत्र से जुड़े हैं, स्कूल चलाते हैं और लद्दाख से उनका संबंध है। फिल्म में रैंचो की असली पहचान फुंसुख वांगडू के रूप में दिखाई गई है, जिसका नाम भी सोनम वांगचुक से मिलता-जुलता लगता है। हालांकि, कहानी के मुख्य हिस्से में रैंचो का जीवन पूरी तरह अलग नजर आता है। फिल्म में वह एक अमीर परिवार के बेटे की पहचान अपनाकर इंजीनियरिंग कॉलेज में पढ़ाई करता है। उसकी कहानी दोस्ती, पढ़ाई, परीक्षा, हॉस्टल जीवन और शिक्षा व्यवस्था के विरोध के इर्द-गिर्द घूमती है। फिल्म के अंत में वह लद्दाख में एक स्कूल चलाते हुए दिखता है। यही हिस्सा सोनम वांगचुक से तुलना की सबसे बड़ी वजह माना जाता है। टाइमलाइन पर उठते हैं सवाल जांच से पता चला कि 3 इडियट्स की स्क्रिप्ट 1 अगस्त 2007 को स्क्रीनराइटर्स एसोसिएशन के साथ रजिस्टर हुई थी। मौजूद जानकारी से पता चलता है कि आमिर खान और सोनम वांगचुक पहली बार अप्रैल 2008 में सार्वजनिक रूप से मिले थे। अगर स्क्रिप्ट पहले से ही पूरी थी, तो यह सवाल उठता है कि क्या 2008 की मुलाकात से पहले लिखी गई कहानी बाद की किसी घटना से इंस्पायर्ड हो सकती है। लेखकों ने क्या कहा था? फिल्म के लेखक अभिजात जोशी और डायरेक्टर-को-राइटर राजकुमार हिरानी कई इंटरव्यू में कह चुके हैं कि रैंचो के किरदार की सोच एक अलग घटना से प्रेरित थी। उनके मुताबिक, फिल्म एंड टेलीविजन इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया (FTII) के एक छात्र की कहानी ने उन्हें प्रभावित किया था। बताया गया कि वह छात्र डिग्री के लिए नहीं, बल्कि सीखने के उद्देश्य से दूसरे छात्र की पहचान अपनाकर संस्थान पहुंचा था। लेखकों ने यह भी कहा है कि उनकी सोनम वांगचुक से कभी मुलाकात नहीं हुई। आमिर खान भी लगातार यह कहते रहे हैं कि रैंचो का किरदार सोनम वांगचुक के जीवन पर आधारित नहीं था। फिल्म के प्रचार में नहीं किया गया था ऐसा दावा फिल्म के 2009 के प्रमोशनल कैंपेन, ट्रेलर, प्रेस कॉन्फ्रेंस और इंटरव्यू में कहीं भी रैंचो को सोनम वांगचुक पर आधारित नहीं बताया गया। यदि ऐसा दावा फिल्म के प्रमोशन का हिस्सा होता, तो उसके स्पष्ट रिकॉर्ड मिलने चाहिए थे। उपलब्ध सार्वजनिक सामग्री में ऐसा कोई प्रमाण नहीं मिलता। फिर यह धारणा बनी कैसे? मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, 2010 में कुछ खबरों में लद्दाख के लोगों द्वारा रैंचो और सोनम वांगचुक के बीच समानता की चर्चा सामने आई। शुरुआती रिपोर्ट्स में इसे केवल एक संभावना बताया गया था। बाद के वर्षों में कई प्रकाशनों ने सोनम वांगचुक को सीधे रियल लाइफ रैंचो कहना शुरू कर दिया। समय के साथ यह तुलना कई खबरों, सोशल मीडिया पोस्ट और चर्चाओं में दोहराई जाती रही। इसी कारण यह धारणा धीरे-धीरे व्यापक रूप से स्वीकार की जाने लगी। अब भी कई सवाल बाकी अब भी कुछ सवालों के स्पष्ट जवाब सामने नहीं आए हैं। क्या फिल्म लिखे जाने से पहले निर्माता या लेखक सोनम वांगचुक से मिले थे? क्या उन्होंने उनके स्कूल का दौरा किया था? क्या 2009 में फिल्म के किसी आधिकारिक प्रचार में रैंचो को सोनम वांगचुक से प्रेरित बताया गया था? फिलहाल, उपलब्ध रिकॉर्ड यही दिखाते हैं कि रैंचो और सोनम वांगचुक के बीच तुलना समय के साथ लोकप्रिय हुई, लेकिन इसे ऐतिहासिक तथ्य मानने के लिए स्वतंत्र और ठोस प्रमाण जरूरी हैं।

'रैंचो' का किरदार सोनम वांगचुक से प्रेरित नहीं:डायरेक्टर राजकुमार हिरानी ने बताया था- FTII के छात्र से मिली थी प्रेरणा

'रैंचो' का किरदार सोनम वांगचुक से प्रेरित नहीं:डायरेक्टर राजकुमार हिरानी ने बताया था- FTII के छात्र से मिली थी प्रेरणा

फिल्म 3 इडियट्स को रिलीज हुए 15 साल से ज्यादा समय हो चुका है। इस दौरान एक दावा लगातार दोहराया जाता रहा कि फिल्म का फेमस किरदार रैंचो उर्फ फुंसुख वांगडू शिक्षा सुधारक सोनम वांगचुक से प्रेरित था। यह बात अब इतनी बार कही जा चुकी है कि कई लोग इसे तथ्य मानने लगे हैं। हालांकि, उपलब्ध रिकॉर्ड और फिल्म से जुड़े लोगों के बयानों को देखने पर इस दावे को लेकर कई सवाल सामने आते हैं। रैंचो और सोनम वांगचुक में क्या हैं समानताएं? पहली नजर में दोनों के बीच कुछ समानताएं दिखाई देती हैं। दोनों इंजीनियर हैं, शिक्षा के क्षेत्र से जुड़े हैं, स्कूल चलाते हैं और लद्दाख से उनका संबंध है। फिल्म में रैंचो की असली पहचान फुंसुख वांगडू के रूप में दिखाई गई है, जिसका नाम भी सोनम वांगचुक से मिलता-जुलता लगता है। हालांकि, कहानी के मुख्य हिस्से में रैंचो का जीवन पूरी तरह अलग नजर आता है। फिल्म में वह एक अमीर परिवार के बेटे की पहचान अपनाकर इंजीनियरिंग कॉलेज में पढ़ाई करता है। उसकी कहानी दोस्ती, पढ़ाई, परीक्षा, हॉस्टल जीवन और शिक्षा व्यवस्था के विरोध के इर्द-गिर्द घूमती है। फिल्म के अंत में वह लद्दाख में एक स्कूल चलाते हुए दिखता है। यही हिस्सा सोनम वांगचुक से तुलना की सबसे बड़ी वजह माना जाता है। टाइमलाइन पर उठते हैं सवाल जांच से पता चला कि 3 इडियट्स की स्क्रिप्ट 1 अगस्त 2007 को स्क्रीनराइटर्स एसोसिएशन के साथ रजिस्टर हुई थी। मौजूद जानकारी से पता चलता है कि आमिर खान और सोनम वांगचुक पहली बार अप्रैल 2008 में सार्वजनिक रूप से मिले थे। अगर स्क्रिप्ट पहले से ही पूरी थी, तो यह सवाल उठता है कि क्या 2008 की मुलाकात से पहले लिखी गई कहानी बाद की किसी घटना से इंस्पायर्ड हो सकती है। लेखकों ने क्या कहा था? फिल्म के लेखक अभिजात जोशी और डायरेक्टर-को-राइटर राजकुमार हिरानी कई इंटरव्यू में कह चुके हैं कि रैंचो के किरदार की सोच एक अलग घटना से प्रेरित थी। उनके मुताबिक, फिल्म एंड टेलीविजन इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया (FTII) के एक छात्र की कहानी ने उन्हें प्रभावित किया था। बताया गया कि वह छात्र डिग्री के लिए नहीं, बल्कि सीखने के उद्देश्य से दूसरे छात्र की पहचान अपनाकर संस्थान पहुंचा था। लेखकों ने यह भी कहा है कि उनकी सोनम वांगचुक से कभी मुलाकात नहीं हुई। आमिर खान भी लगातार यह कहते रहे हैं कि रैंचो का किरदार सोनम वांगचुक के जीवन पर आधारित नहीं था। फिल्म के प्रचार में नहीं किया गया था ऐसा दावा फिल्म के 2009 के प्रमोशनल कैंपेन, ट्रेलर, प्रेस कॉन्फ्रेंस और इंटरव्यू में कहीं भी रैंचो को सोनम वांगचुक पर आधारित नहीं बताया गया। यदि ऐसा दावा फिल्म के प्रमोशन का हिस्सा होता, तो उसके स्पष्ट रिकॉर्ड मिलने चाहिए थे। उपलब्ध सार्वजनिक सामग्री में ऐसा कोई प्रमाण नहीं मिलता। फिर यह धारणा बनी कैसे? मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, 2010 में कुछ खबरों में लद्दाख के लोगों द्वारा रैंचो और सोनम वांगचुक के बीच समानता की चर्चा सामने आई। शुरुआती रिपोर्ट्स में इसे केवल एक संभावना बताया गया था। बाद के वर्षों में कई प्रकाशनों ने सोनम वांगचुक को सीधे रियल लाइफ रैंचो कहना शुरू कर दिया। समय के साथ यह तुलना कई खबरों, सोशल मीडिया पोस्ट और चर्चाओं में दोहराई जाती रही। इसी कारण यह धारणा धीरे-धीरे व्यापक रूप से स्वीकार की जाने लगी। अब भी कई सवाल बाकी अब भी कुछ सवालों के स्पष्ट जवाब सामने नहीं आए हैं। क्या फिल्म लिखे जाने से पहले निर्माता या लेखक सोनम वांगचुक से मिले थे? क्या उन्होंने उनके स्कूल का दौरा किया था? क्या 2009 में फिल्म के किसी आधिकारिक प्रचार में रैंचो को सोनम वांगचुक से प्रेरित बताया गया था? फिलहाल, उपलब्ध रिकॉर्ड यही दिखाते हैं कि रैंचो और सोनम वांगचुक के बीच तुलना समय के साथ लोकप्रिय हुई, लेकिन इसे ऐतिहासिक तथ्य मानने के लिए स्वतंत्र और ठोस प्रमाण जरूरी हैं।

टॉप-10-कंपनियों में से 5 की वैल्यू ₹1.54 लाख करोड़ बढ़ी:TCS टॉप गेनर, वैल्यू ₹72 हजार करोड़ बढ़ी; रिलायंस-SBI का मार्केट कैप भी बढ़ा

टॉप-10-कंपनियों में से 5 की वैल्यू ₹1.54 लाख करोड़ बढ़ी:TCS टॉप गेनर, वैल्यू ₹72 हजार करोड़ बढ़ी; रिलायंस-SBI का मार्केट कैप भी बढ़ा

भारतीय शेयर बाजार में पिछले हफ्ते रही तेजी के कारण देश की टॉप-10 सबसे मूल्यवान कंपनियों में से 5 के मार्केट वैल्यूएशन यानी मार्केट कैप में संयुक्त रूप से 1.54 लाख करोड़ रुपए से ज्यादा की बढ़ोतरी हुई है। इस तेजी में IT सेक्टर की कंपनी टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज यानी TCS टॉप गेनर रही। पिछले कारोबारी हफ्ते में बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज यानी BSE का बेंचमार्क इंडेक्स सेंसेक्स 582.06 अंक यानी 0.75% की बढ़त के साथ बंद हुआ। वहीं, नेशनल स्टॉक एक्सचेंज यानी NSE का निफ्टी 127.4 अंक यानी 0.52% मजबूत हुआ। TCS की वैल्यू 72,072.3 करोड़ रुपए बढ़ी TCS का वैल्यूएशन 72,072.3 करोड़ रुपए बढ़कर 8,20,672.70 करोड़ रुपए पर पहुंच गया। TCS के अलावा जिन चार अन्य कंपनियों को फायदा हुआ है, उनमें रिलायंस इंडस्ट्रीज, ICICI बैंक, स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) और बजाज फाइनेंस शामिल हैं। 5 कंपनियों को नुकसान; LT और LIC का वैल्यूएशन सबसे ज्यादा घटा बाजार में तेजी के बावजूद टॉप-10 की बाकी 5 कंपनियों को नुकसान उठाना पड़ा। लार्सन एंड टुब्रो (LT) को सबसे ज्यादा घाटा हुआ। मार्केट एक्सपर्ट बोले- ग्लोबल अनिश्चितता के बीच घरेलू मजबूत फंडामेंटल्स से मिला सपोर्ट रेलीगेयर ब्रोकिंग लिमिटेड के रिसर्च एसवीपी (SVP) अजीत मिश्रा के मुताबिक, “ग्लोबल मार्केट में ब्याज दरों को लेकर अनिश्चितता, कच्चे तेल की ऊंची कीमतों और जियो पॉलिटिकल टेंशन के बावजूद भारतीय शेयर बाजार रिकवरी करने में कामयाब रहा और हफ्ते के आखिरी दिनों में मजबूती के साथ बंद हुआ। उन्होंने बताया कि आईटी सेक्टर में TCS के शानदार तिमाही नतीजों (Q1 FY27) और बैंकिंग व फाइनेंशियल शेयरों में दोबारा लौटी खरीदारी ने बाजार को सहारा दिया। इसके अलावा भारत के मजबूत आर्थिक आंकड़े भी बाजार को मजबूती दे रहे हैं।

टॉप-10-कंपनियों में से 5 की वैल्यू ₹1.54 लाख करोड़ बढ़ी:TCS टॉप गेनर, वैल्यू ₹72 हजार करोड़ बढ़ी; रिलायंस-SBI का मार्केट कैप भी बढ़ा

टॉप-10-कंपनियों में से 5 की वैल्यू ₹1.54 लाख करोड़ बढ़ी:TCS टॉप गेनर, वैल्यू ₹72 हजार करोड़ बढ़ी; रिलायंस-SBI का मार्केट कैप भी बढ़ा

भारतीय शेयर बाजार में पिछले हफ्ते रही तेजी के कारण देश की टॉप-10 सबसे मूल्यवान कंपनियों में से 5 के मार्केट वैल्यूएशन यानी मार्केट कैप में संयुक्त रूप से 1.54 लाख करोड़ रुपए से ज्यादा की बढ़ोतरी हुई है। इस तेजी में IT सेक्टर की कंपनी टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज यानी TCS टॉप गेनर रही। पिछले कारोबारी हफ्ते में बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज यानी BSE का बेंचमार्क इंडेक्स सेंसेक्स 582.06 अंक यानी 0.75% की बढ़त के साथ बंद हुआ। वहीं, नेशनल स्टॉक एक्सचेंज यानी NSE का निफ्टी 127.4 अंक यानी 0.52% मजबूत हुआ। TCS की वैल्यू 72,072.3 करोड़ रुपए बढ़ी TCS का वैल्यूएशन 72,072.3 करोड़ रुपए बढ़कर 8,20,672.70 करोड़ रुपए पर पहुंच गया। TCS के अलावा जिन चार अन्य कंपनियों को फायदा हुआ है, उनमें रिलायंस इंडस्ट्रीज, ICICI बैंक, स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) और बजाज फाइनेंस शामिल हैं। 5 कंपनियों को नुकसान; LT और LIC का वैल्यूएशन सबसे ज्यादा घटा बाजार में तेजी के बावजूद टॉप-10 की बाकी 5 कंपनियों को नुकसान उठाना पड़ा। लार्सन एंड टुब्रो (LT) को सबसे ज्यादा घाटा हुआ। मार्केट एक्सपर्ट बोले- ग्लोबल अनिश्चितता के बीच घरेलू मजबूत फंडामेंटल्स से मिला सपोर्ट रेलीगेयर ब्रोकिंग लिमिटेड के रिसर्च एसवीपी (SVP) अजीत मिश्रा के मुताबिक, “ग्लोबल मार्केट में ब्याज दरों को लेकर अनिश्चितता, कच्चे तेल की ऊंची कीमतों और जियो पॉलिटिकल टेंशन के बावजूद भारतीय शेयर बाजार रिकवरी करने में कामयाब रहा और हफ्ते के आखिरी दिनों में मजबूती के साथ बंद हुआ। उन्होंने बताया कि आईटी सेक्टर में TCS के शानदार तिमाही नतीजों (Q1 FY27) और बैंकिंग व फाइनेंशियल शेयरों में दोबारा लौटी खरीदारी ने बाजार को सहारा दिया। इसके अलावा भारत के मजबूत आर्थिक आंकड़े भी बाजार को मजबूती दे रहे हैं।

देश में चाइनीज स्मार्टफोन की बाजार हिस्सेदारी घटी:6 साल में सबसे कम हुई, 15000 रुपए से सस्ते फोन की बिक्री 45% घटी

देश में चाइनीज स्मार्टफोन की बाजार हिस्सेदारी घटी:6 साल में सबसे कम हुई, 15000 रुपए से सस्ते फोन की बिक्री 45% घटी

देश के स्मार्टफोन बाजार में अप्रैल-जून तिमाही में एक खास ट्रेंड देखा गया। चाइनीज ब्रांड्स की बाजार हिस्सेदारी घटकर छह साल के निचले स्तर (18% तक) पर आ गई। दूसरी तरफ सैमसंग, नथिंग और गूगल पिक्सल जैसी कंपनियों ने बिक्री में तेज ग्रोथ दिखाई। रिसर्च फर्म काउंटरपॉइंट के मुताबिक, जून तिमाही के दौरान स्मार्टफोन की कुल बिक्री सालाना आधार पर 10% घटी, जो बीते छह साल में जून-तिमाही की सबसे तेज गिरावट है। सबसे ज्यादा असर 15,000 रुपए से सस्ते फोन पड़ा, जिनकी बिक्री 45% घट गई। गिरावट की बड़ी वजह मेमोरी चिप (डेटा स्टोर करने वाला पुर्जा) की कीमतों में उछाल रही, जिसके चलते ज्यादातर कंपनियों ने फोन के दाम करीब 15% तक बढ़ा दिए। आउटलुक : पूरे साल में 13% घट सकती है बिक्री सितंबर, 2025 से अब तक स्मार्टफोन में इस्तेमाल होने वाली मेमोरी चिप की कीमतें करीब 4 गुना बढ़ चुकी हैं। इसी वजह से अप्रैल-जून में स्मार्टफोन के औसत दाम करीब 15% बढ़ गए। रिपोर्ट में अनुमान लगाया गया है कि आगामी महीनों में इनके दाम 5 गुना तक बढ़ जाएंगे। इसे देखते हुए काउंटरपॉइंट का अंदाजा है कि इस साल स्मार्टफोन की कुल बिक्री 13% घट सकती है। ट्रेंड : देश के टॉप-5 ब्रांड्स में सिर्फ सैमसंग की बिक्री 2% बढ़ी, नए ब्रांड नथिंग की 105%, गूगल पिक्सल की 68% ओपो, वीवो, शाओमी, रियलमी, वनप्लस, आईक्यू और पोको जैसे चाइनीज ब्रांड्स का बड़ा कारोबार सस्ते फोन पर टिका है। यही वजह रही कि दाम बढ़ने से इनकी बाजार हिस्सेदारी 2020 के बाद सबसे निचले स्तर पर आ गई। बिक्री के लिहाज से टॉप-5 ब्रांड्स में सैमसंग इकलौती कंपनी रही, जिसकी बिक्री 2 फीसदी बढ़ी। गैलेक्सी ए और एस सीरीज की मजबूत मांग देखी गई। नथिंग सबसे तेज बढ़ने वाला ब्रांड रहा। इसकी बिक्री में 105 फीसदी उछाल आया। प्रीमियम सेगमेंट में गूगल पिक्सल ने आक्रामक मार्केटिंग और स्थिर कीमतों के दम पर 68 फीसदी ग्रोथ दिखाई।

'रामायण' ट्रेलर लॉन्च इवेंट:रणबीर ने सनी देओल के पैर छुए; बाबा रामदेव ने ₹4000 करोड़ के बजट पर ली चुटकी, मंच पर किया योग

'रामायण' ट्रेलर लॉन्च इवेंट:रणबीर ने सनी देओल के पैर छुए; बाबा रामदेव ने ₹4000 करोड़ के बजट पर ली चुटकी, मंच पर किया योग

फिल्म ‘रामायण: प्रथम संकल्प’ का ट्रेलर शनिवार को नई दिल्ली के भारत मंडपम में आयोजित इवेंट में लॉन्च किया गया। इस मौके पर डायरेक्टर नितेश तिवारी, प्रोड्यूसर नमित मल्होत्रा और फिल्म की स्टार कास्ट मौजूद रही। मेकर्स ने घोषणा की कि ट्रेलर 24 जुलाई को दुनियाभर में डिजिटल प्लेटफॉर्म पर रिलीज होगा। इवेंट में भगवान राम की भूमिका निभा रहे रणबीर कपूर, साई पल्लवी, यश, सनी देओल, रवि दुबे, विवेक ओबेराय सहित अन्य कलाकार शामिल हुए। इवेंट के दौरान रणबीर कपूर ने सनी देओल के पैर छूकर उनका आशीर्वाद लिया। करीब चार मिनट के ट्रेलर में फिल्म के भव्य विजुअल्स, बड़े पैमाने पर तैयार की गई दुनिया और प्रमुख किरदारों की पहली विस्तृत झलक दिखाई गई। बता दें कि रामायण: पार्ट 1 दिवाली 2026 पर सिनेमाघरों में रिलीज होगी, जबकि रामायण: पार्ट 2 दिवाली 2027 में रिलीज की जाएगी। कार्यक्रम में बाबा रामदेव और कुमार विश्वास भी थे। इवेंट में बाबा रामदेव ने मंच पर योग भी करके दिखाया। वहीं, बाबा रामदेव ने हंसते हुए कहा कि जब उन्होंने पहली बार सुना कि इस फिल्म का बजट 4000 करोड़ रुपये है, तो यह सुनकर उनकी समाधि लग गई। इस पर मंच पर मौजूद कवि कुमार विश्वास ने चुटकी लेते हुए कहा, “स्वामी जी, आपका खुद का पतंजलि साम्राज्य तो 2 लाख करोड़ रुपए का है।” कुमार विश्वास की इस बात पर रणबीर कपूर समेत पूरा हॉल ठहाकों से गूंज उठा। वहीं, बाबा रामदेव ने अपने खास अंदाज में योग और अध्यात्म से जुड़ी बातें भी साझा कीं, जिन्हें सुनकर रणबीर कपूर मुस्कुराते नजर आए। इवेंट के दौरान रणबीर कपूर और साई पल्लवी ने मंच पर जाकर बाबा रामदेव का अभिवादन किया और उनके पैर छूकर आशीर्वाद भी लिया। इवेंट के दौरान रणबीर कपूर ने काला चश्मा पहना हुआ था। इसका कारण बताते हुए उन्होंने कहा, “सबसे पहले मैं एक चीज कहना चाहूंगा कि ये काला चश्मा पहनने के लिए मैं आप सब से क्षमा मांगता हूं। मेरी आंखों में इन्फेक्शन हुआ है, पर आज इस शुभ अवसर पर मेरे दिल में सिर्फ अफेक्शन (प्यार) है।” सनी देओल ने कहा, ‘मैं वाहेगुरु जी का शुक्रिया करता हूं कि मुझे हनुमान जी के किरदार को निभाने का मौका मिला। मैं पूरी कोशिश करूंगा कि मैं सही तरह से इसे निभा सकूं, क्योंकि हनुमान जी का किरदार निभाना आसान नहीं है, लेकिन मजा बहुत आएगा, क्योंकि वो नटखट, मासूम, ताकतवर हैं, आप सबके प्यारे हैं और राम जी के भक्त हैं।’ फिल्म ‘रामायण’ से जुड़ी अहम बातें- फिल्म में रणबीर कपूर भगवान राम, साई पल्लवी सीता, यश रावण, सनी देओल हनुमान और रवि दुबे लक्ष्मण के रोल में नजर आएंगे। 1987 के टीवी शो ‘रामायण’ में राम का किरदार निभाने वाले अरुण गोविल इस फिल्म में राजा दशरथ की भूमिका में दिखेंगे। फिल्म का कुल बजट लगभग 4,000 करोड़ रुपए बताया जा रहा है, जो इसे भारतीय सिनेमा की सबसे महंगी फिल्मों में शामिल करता है। फिल्म को नितेश तिवारी डायरेक्ट कर रहे हैं, जिन्होंने सबसे ज्यादा कमाई करने वाली भारतीय फिल्म दंगल बनाई थी। फिल्म का म्यूजिक ऑस्कर विनर ए.आर. रहमान और हॉलीवुड कंपोजर हैंस जिमर तैयार कर रहे हैं। फिल्म को नमित मल्होत्रा के प्राइम फोकस स्टूडियोज, DNEG और यश की मॉन्स्टर माइंड क्रिएशन्स बना रहे हैं। फिल्म IMAX पर रिलीज होगी। फिल्म के विजुअल इफेक्ट्स (VFX) का काम ऑस्कर विनर स्टूडियो DNEG और प्राइम फोकस संभाल रहे हैं। फिल्म को दो भाग में रिलीज किया जाएगा। पहला भाग दिवाली 2026 और दूसरा भाग दिवाली 2027 में सिनेमाघरों में रिलीज होगा।

'रामायण' ट्रेलर लॉन्च इवेंट:रणबीर ने सनी देओल के पैर छुए; बाबा रामदेव ने ₹4000 करोड़ के बजट पर ली चुटकी, मंच पर किया योग

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फिल्म ‘रामायण: प्रथम संकल्प’ का ट्रेलर शनिवार को नई दिल्ली के भारत मंडपम में आयोजित इवेंट में लॉन्च किया गया। इस मौके पर डायरेक्टर नितेश तिवारी, प्रोड्यूसर नमित मल्होत्रा और फिल्म की स्टार कास्ट मौजूद रही। मेकर्स ने घोषणा की कि ट्रेलर 24 जुलाई को दुनियाभर में डिजिटल प्लेटफॉर्म पर रिलीज होगा। इवेंट में भगवान राम की भूमिका निभा रहे रणबीर कपूर, साई पल्लवी, यश, सनी देओल, रवि दुबे, विवेक ओबेराय सहित अन्य कलाकार शामिल हुए। इवेंट के दौरान रणबीर कपूर ने सनी देओल के पैर छूकर उनका आशीर्वाद लिया। करीब चार मिनट के ट्रेलर में फिल्म के भव्य विजुअल्स, बड़े पैमाने पर तैयार की गई दुनिया और प्रमुख किरदारों की पहली विस्तृत झलक दिखाई गई। बता दें कि रामायण: पार्ट 1 दिवाली 2026 पर सिनेमाघरों में रिलीज होगी, जबकि रामायण: पार्ट 2 दिवाली 2027 में रिलीज की जाएगी। कार्यक्रम में बाबा रामदेव और कुमार विश्वास भी थे। इवेंट में बाबा रामदेव ने मंच पर योग भी करके दिखाया। वहीं, बाबा रामदेव ने हंसते हुए कहा कि जब उन्होंने पहली बार सुना कि इस फिल्म का बजट 4000 करोड़ रुपये है, तो यह सुनकर उनकी समाधि लग गई। इस पर मंच पर मौजूद कवि कुमार विश्वास ने चुटकी लेते हुए कहा, “स्वामी जी, आपका खुद का पतंजलि साम्राज्य तो 2 लाख करोड़ रुपए का है।” कुमार विश्वास की इस बात पर रणबीर कपूर समेत पूरा हॉल ठहाकों से गूंज उठा। वहीं, बाबा रामदेव ने अपने खास अंदाज में योग और अध्यात्म से जुड़ी बातें भी साझा कीं, जिन्हें सुनकर रणबीर कपूर मुस्कुराते नजर आए। इवेंट के दौरान रणबीर कपूर और साई पल्लवी ने मंच पर जाकर बाबा रामदेव का अभिवादन किया और उनके पैर छूकर आशीर्वाद भी लिया। इवेंट के दौरान रणबीर कपूर ने काला चश्मा पहना हुआ था। इसका कारण बताते हुए उन्होंने कहा, “सबसे पहले मैं एक चीज कहना चाहूंगा कि ये काला चश्मा पहनने के लिए मैं आप सब से क्षमा मांगता हूं। मेरी आंखों में इन्फेक्शन हुआ है, पर आज इस शुभ अवसर पर मेरे दिल में सिर्फ अफेक्शन (प्यार) है।” सनी देओल ने कहा, ‘मैं वाहेगुरु जी का शुक्रिया करता हूं कि मुझे हनुमान जी के किरदार को निभाने का मौका मिला। मैं पूरी कोशिश करूंगा कि मैं सही तरह से इसे निभा सकूं, क्योंकि हनुमान जी का किरदार निभाना आसान नहीं है, लेकिन मजा बहुत आएगा, क्योंकि वो नटखट, मासूम, ताकतवर हैं, आप सबके प्यारे हैं और राम जी के भक्त हैं।’ फिल्म ‘रामायण’ से जुड़ी अहम बातें- फिल्म में रणबीर कपूर भगवान राम, साई पल्लवी सीता, यश रावण, सनी देओल हनुमान और रवि दुबे लक्ष्मण के रोल में नजर आएंगे। 1987 के टीवी शो ‘रामायण’ में राम का किरदार निभाने वाले अरुण गोविल इस फिल्म में राजा दशरथ की भूमिका में दिखेंगे। फिल्म का कुल बजट लगभग 4,000 करोड़ रुपए बताया जा रहा है, जो इसे भारतीय सिनेमा की सबसे महंगी फिल्मों में शामिल करता है। फिल्म को नितेश तिवारी डायरेक्ट कर रहे हैं, जिन्होंने सबसे ज्यादा कमाई करने वाली भारतीय फिल्म दंगल बनाई थी। फिल्म का म्यूजिक ऑस्कर विनर ए.आर. रहमान और हॉलीवुड कंपोजर हैंस जिमर तैयार कर रहे हैं। फिल्म को नमित मल्होत्रा के प्राइम फोकस स्टूडियोज, DNEG और यश की मॉन्स्टर माइंड क्रिएशन्स बना रहे हैं। फिल्म IMAX पर रिलीज होगी। फिल्म के विजुअल इफेक्ट्स (VFX) का काम ऑस्कर विनर स्टूडियो DNEG और प्राइम फोकस संभाल रहे हैं। फिल्म को दो भाग में रिलीज किया जाएगा। पहला भाग दिवाली 2026 और दूसरा भाग दिवाली 2027 में सिनेमाघरों में रिलीज होगा।

भास्कर ​रिसर्च: खरीदारी का तरीका बदल रहा:सोफा-टीवी से आरओ तक मासिक किराए पर लेने का दौर, घरेलू चीजों का रेंटल मार्केट 33500 करोड़ पहुंचा

भास्कर ​रिसर्च: खरीदारी का तरीका बदल रहा:सोफा-टीवी से आरओ तक मासिक किराए पर लेने का दौर, घरेलू चीजों का रेंटल मार्केट 33500 करोड़ पहुंचा

आजकल सामान खरीदने के बजाय उसे किराये (सब्सक्रिप्शन) पर लेने का चलन तेजी से बढ़ रहा है। बढ़ती महंगाई और बार-बार शहर बदलने की मजबूरी ने लोगों की सोच बदल दी है। अब लोग सोफा, बेड, टीवी, फ्रिज, एसी और कार जैसी महंगी चीजों का मालिक बनने के बजाय, हर महीने एक निश्चित किराया देकर उनका उपयोग करना ज्यादा पसंद कर रहे हैं। रेंटोमोजो और फर्लेंको जैसी कंपनियां इस सुविधा को आसान बना रही हैं। फर्नीचर और घरेलू उपकरणों का रेंटल बाजार भी पीछे नहीं है। रेडसीर के अनुसार, यह बाजार अभी 33,500 करोड़ रु. का है। जानकारों का अनुमान है कि 2032 तक यह 46,000 करोड़ रु. के पार निकल जाएगा। यह नया ट्रेंड बताता है कि भारतीय परिवारों के लिए अब चीजों के मालिकाना हक से ज्यादा ‘सुविधा’ और ‘किफायत’ जरूरी हो गई है। इससे न केवल आर्थिक बोझ कम हो रहा है, बल्कि लाइफस्टाइल को अपग्रेड करना भी आसान हो गया है। एक स्टडी के मुताबिक, देश में औसत सब्सक्रिप्शन 13 महीने का होता है। देश में सब्सक्रिप्शन इकोनॉमी की शुरुआत ओटीटी प्लेटफॉर्म्स से हुई थी। इसी ने लोगों के बीच मासिक सब्सक्रिप्शन की आदत डाली। एक्सप्लेनर: चीन के बाद सबसे ज्यादा तेजी से बढ़ रही हमारी सब्सक्रिप्शन इकोनॉमी छोटे फर्नीचर 79 रु./माह से शुरू, कारें 600 रु./दिन पर हैं 1. किराए पर सामान लेने से क्या फायदा है? यह उन लोगों के लिए सबसे अच्छा है जो बार-बार शहर बदलते हैं या भारी निवेश के बिना अच्छी लाइफस्टाइल चाहते हैं। 2. आखिर ये किराया कितना किफायती है? यह बहुत सस्ता है। छोटे फर्नीचर ₹79/माह और अप्लायंसेज ₹149/माह से शुरू होते हैं। 1BHK का पूरा सेटअप भी ₹514-₹570 रु./माह के आसपास मिल सकता है। 3. डिलीवरी और इंस्टॉलेशन का क्या होता है? डिलीवरी और इंस्टॉलेशन का शुल्क चेकआउट पर अलग से जुड़ता है। बेड, गद्दे, फ्रिज और वॉशिंग मशीन का इंस्टॉलेशन आमतौर पर मुफ्त होता है। 4. क्या मेंटेनेंस की जिम्मेदारी ग्राहक की है? नहीं, सामान की मरम्मत और मेंटेनेंस की पूरी जिम्मेदारी कंपनी की होती है। 5. क्या कोई अतिरिक्त शुल्क देना पड़ता है? हर सब्सक्रिप्शन के साथ लगभग ₹1,000 का ‘डैमेज-वेवर’ चार्ज जुड़ता है। कंपनियों के हिसाब से अलग-अलग हो सकता है। 6. क्या इन कंपनियों में कोई ऑफर होता है? कुछ कंपनियां पहले महीने के किराए पर किड्स फर्नीचर पर 22% (₹1,100 तक) की छूट जैसे शुरुआती ऑफर्स देती हैं। 7. कार सब्सक्रिप्शन का शुरुआती किराया? शॉर्ट-टर्म सेल्फ-ड्राइव में किराया ₹499/दिन, जबकि प्रीमियम एसयूवी में ₹999/दिन से शुरू है। आमतौर पर बजट कारों का रोजाना रेंट 600-800 रु. के बीच है। 8. लंबी अवधि में कार लेने का रेंट क्या है? लॉन्ग-टर्म सब्सक्रिप्शन के लिए किराया ₹15,000 प्रति माह से शुरू होता है। 9. कंपनियां क्या-क्या खर्च वहन करती हैं? कार की कीमत, रोड टैक्स, इंश्योरेंस और सर्विसिंग यानी ओनरशिप का झंझट कंपनी संभालती है। हालांकि इंश्योरेंस क्लेम में जो रकम कंपनी सेटल नहीं करती, वो पैसे और क्लेम-फाइलिंग चार्ज ग्राहक देते हैं। 10. ग्राहक को जेब से क्या-क्या देना होता है? ईंधन (पेट्रोल/डीजल), टोल टैक्स, पार्किंग और राज्यों की एंट्री फीस का भुगतान ग्राहक को खुद करना पड़ता है। 11. ये कंपनियां कितने शहरों में उपलब्ध हैं? ये कंपनियां देशभर के 21-30 से अधिक शहरों में सेवाएं दे रही हैं, जिनमें इंदौर, जयपुर, लखनऊ और चंडीगढ़ शामिल हैं। 12. सब्सक्रिप्शन बीच में बंद कर सकते हैं? हां, सब्सक्रिप्शन ट्रांसफर कर सकते हैं या सामान लौटा सकते हैं, पर अर्ली चार्ज है। 13. आरओ का सब्सक्रिप्शन कितने का है? आरओ खरीदने में 10,000-30,000 रु. खर्च होते हैं। लिवप्योर जैसी कंपनियां आरओ 429 रु./महीने के सब्सक्रिप्शन पर दे रहीं। इसमें मशीन, इंस्टॉलेशन, फिल्टर बदलना और सर्विसिंग भी शामिल होती है। 14. रेंटल कंपनियों तक कैसे पहुंच सकते हैं? ऑर्डर एप/साइट से बुक होते हैं। टीम घर पर डिलीवरी-इंस्टॉलेशन करती है। शहर बदलने पर सामान फ्री में शिफ्ट करते हैं। भारत में सालाना ग्रोथ 16.6% है… फ्यूचर मार्केट इनसाइट्स के मुताबिक, भारत की सब्सक्रिप्शन इकोनॉमी हर साल करीब 16.6% बढ़ रही है। यह चीन (18%) के बाद दुनिया की सबसे तेज वृद्धि दरों में से एक है। इसका मतलब है कि आने वाले वर्षों में और ज्यादा कंपनियां ‘प्रोडक्ट बेचने’ के बजाय ‘सर्विस मॉडल’ पर काम करने के लिए मजबूर होंगी। लेकिन ये मॉडल हर जगह सफल नहीं… अमेरिका में कैडिलैक, ऑडी, बीएमडब्ल्यू और वॉल्वो जैसी कंपनियों ने कार सब्सक्रिप्शन सर्विस शुरू कीं, लेकिन ऊंची लागत और जटिल ढांचे के कारण अधिकांश स्कीम्स बंद करनी पड़ीं। चीन में कपड़ों की सब्सक्रिप्शन कंपनी वाईक्लोजेट भी इसी वजह से नहीं टिक सकी। इस मामले में ओटीटी सबसे सफल मॉडल रहा। बेहतर मौके खोजने वाले युवाओं में ट्रेंड बढ़ रहा है भास्कर एक्सपर्ट: संजय छाबड़ा- एमडी, लोटस इलेक्ट्रॉनिक्स हाल के वर्षों में सब्सक्रिप्शन इकोनॉमी तेजी से बढ़ी है। लेकिन यह अब भी मुख्य रूप से बड़े शहरों तक सीमित है। दरअसल मौजूदा दौर में युवा लगातार बेहतर मौके की तलाश में रहते हैं। इसके चलते उन्हें कुछ ही साल के अंतर पर शहर बदलना पड़ता है। इसलिए वे घर के सामान खरीदने की बजाय किराए पर लेना पसंद करते हैं। खास तौर पर कोविड के बाद यह नया बिजनेस मॉडल ट्रेंड में आया है। हमारे आंकड़े कहते हैं कि 5 साल पहले तक 76% ग्राहक कैश में इलेक्ट्रॉनिक्स खरीदते थे। अब 20% ही कैश पेमेंट करते हैं। बाकी ग्राहक ईएमआई पर सामान लेते हैं। जाहिर है, उन पर मासिक किस्तों का बोझ बढ़ता जा रहा है। ऐसे में यदि सब्सक्रिप्शन इकोनॉमी बढ़ रही है तो ये स्वाभाविक ही है। लेकिन छोटे-मझोले शहरों में इस मॉडल ने अब भी जोर नहीं पकड़ा है।

अमेरिका का लगातार 8वीं रात ईरान पर हमला:ट्रम्प बोले- जॉर्डन में 2 सैनिकों की मौत के जवाब में कार्रवाई की

अमेरिका का लगातार 8वीं रात ईरान पर हमला:ट्रम्प बोले- जॉर्डन में 2 सैनिकों की मौत के जवाब में कार्रवाई की

अमेरिका और ईरान के बीच जारी संघर्ष थमने का नाम नहीं ले रहा है। अमेरिका ने लगातार आठवीं रात भी ईरान पर हवाई हमले किए। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने कहा कि उन्होंने खुद इन हमलों को मंजूरी दी थी और यह कार्रवाई जॉर्डन में दो अमेरिकी सैनिकों की मौत के जवाब में की गई है। अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने दावा किया कि इस बार हमलों का मुख्य निशाना ईरान के सैन्य ठिकाने, हथियारों के भंडार और लॉजिस्टिक्स सेंटर रहे। अमेरिकी सेना के मुताबिक, इन हमलों का उद्देश्य होर्मुज स्ट्रेट में जहाजों को खतरा पैदा करने की ईरान की क्षमता को कमजोर करना है। हालांकि, कुछ मीडिया रिपोर्ट्स में पुलों और डिसैलिनेशन प्लांट पर भी हमले की बात कही गई है, लेकिन CENTCOM ने इसकी पुष्टि नहीं की है। जंग में में दो और सैनिकों की मौत जान गंवाने वाले अमेरिकी सैनिकों की संख्या बढ़कर 16 हो गई है। पिछले 24 घंटे के 5 बड़े अपडेट्स… 1. अमेरिका के साथ समझौते से पीछे हटा ईरान: ईरान ने अमेरिका के साथ एक महीने पहले हुए समझौते से पीछे हटने का ऐलान किया है। ईरान के उप विदेश मंत्री ने कहा कि अमेरिका ने खुद समझौते का उल्लंघन किया, इसलिए वे भी उसकी शर्तों का पालन नहीं करेंगे। 2. अमेरिकी हमलों में 50 लोगों की मौत, 500 घायल: ईरान के स्वास्थ्य मंत्रालय ने दावा किया है कि 27 जून से 18 जुलाई के बीच अमेरिकी हवाई हमलों में 50 लोगों की मौत हुई है, जबकि 500 से ज्यादा लोग घायल हुए हैं। 3. जंग में डिसैलिनेशन प्लांट बने निशाना: कुवैत ने दावा किया कि ईरान ने उसके एक डिसैलिनेशन प्लांट पर हमला किया है। वहीं, ईरान ने भी दावा किया कि अमेरिका ने ईरान के होर्मोजगान में एक डिसैलिनेशन प्लांट पर हमला किया है। 4. अमेरिकी हमलों में दो पुल क्षतिग्रस्त: अमेरिकी हमले में बंदर अब्बास-रूदान मार्ग पर स्थित दो पुल बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए हैं। साथ ही, जस्क के पास एक इलाके पर भी सैन्य हमला हुआ। 5. होर्मुज में जहाजों की आवाजाही निचले स्तर पर: होर्मुज स्ट्रेट से गुजरने वाले जहाजों की संख्या तीन हफ्तों के सबसे निचले स्तर पर पहुंच गई है। शिप ट्रैकिंग वेबसाइट मरीन ट्रैफिक के मुताबिक, गुरुवार को स्ट्रेट से सिर्फ 8 जहाज गुजरे। ईरान जंग से जुड़े अपडेट्स के लिए नीचे ब्लॉग से गुजर जाइए…

जफ्फी डालो, प्यार करो पर शहनाज गिल ट्रोल:पंजाबी फिल्म 'इश्कनामा' के ट्रेलर लॉन्चिंग पर बयान देकर फंसी; पाकिस्तानी इन्फ्लुएंसर बोला- कहानी फर्जी

जफ्फी डालो, प्यार करो पर शहनाज गिल ट्रोल:पंजाबी फिल्म 'इश्कनामा' के ट्रेलर लॉन्चिंग पर बयान देकर फंसी; पाकिस्तानी इन्फ्लुएंसर बोला- कहानी फर्जी

एक्टर जय रंधावा और एक्ट्रेस शहनाज गिल की अपकमिंग पंजाबी फिल्म ‘इश्कनामा’ रिलीज से पहले ही विवादों में आ गई है। 24 जुलाई को सिनेमाघरों में रिलीज होने वाली इस फिल्म की कहानी भारतीय पंजाबी सिख युवक निम्मा और पाकिस्तानी पंजाबी युवती नसीमा के प्रेम पर आधारित है। 14 जुलाई को ट्रेलर रिलीज होने के बाद बहस छिड़ी गई। फिल्म की कहानी और किरदारों पर भी सवाल उठ रहे हैं। सोशल मीडिया पर पाकिस्तानी इन्फ्लुएंसर का दावा है कि यह एक फर्जी कहानी है और पाकिस्तान में ‘नसीमा’ नाम नहीं होता। लोग या तो नसीम नाम रखते या सीमा। नसीमा नाम पहली बार सुना है। इसके अलावा ट्रेलर लॉन्चिंग के दौरान में शहनाज गिल के बयान के बाद विवाद और बढ़ गया। शहनाज ने कहा कि अगर निम्मा को नसीमा मिल जाए तो वह दोनों को एक कमरे में छोड़ देंगी, उनके हाथ बांध देंगी और कहेंगी कि जफ्फी डाल लो और आज जी भरकर प्यार कर लो। इस बयान के बाद शहनाज गिल को भी ट्रोल किया जा रहा है। अधूरे प्यार की कहानी ‘इश्कनामा’ शहनाज गिल और जय रंधावा की आगामी फिल्म इश्कनामा’ पाकिस्तानी पंजाबी युवती नसीमा और भारतीय पंजाबी सिख युवक निम्मा के प्यार की अधूरी कहानी से इंस्पायर है, जिसमें 1981 और 1988 के बीच दो अलग मुल्क में रहने वाले दो आशिकों की कहानी को ट्रेलर में उतारा गया है। कहानी एक सिख लड़के कवि निम्मा की है, जो पाकिस्तान जाता है, वहां उसकी मुलाकात नसीमा नाम की लड़की से होती है, जो मुस्लिम है। दोनों के बीच प्यार पनपता है और नसीमा एक दिन निम्मा से हिंदुस्तान घूमने की इच्छा व्यक्त करती है। वह उसे भारत घुमा भी देता है और उसे छोड़ने आता है, लेकिन जब दोनों की इस लव स्टोरी के बारे में नसीमा के पिता को पता लगता है, तो वह पाकिस्तान में लड़के को बुरी तरह से मारता है। अंत में दोनों को एक-दूसरे से दूर कर दिया जाता है। फिल्म में जय रंधावा ने निम्मा की भूमिका और शहनाज गिल ने नसीमा की भूमिका निभाई है। शूटिंग के दौरान घायल हुए थे जय रंधावा जय रंधावा फिल्म इश्कनामा की शूटिंग के दौरान घायल हो गए थे। जनवरी में शूटिंग के समय एक जंप सीन करते हुए क्रेन मशीन में तकनीकी खराबी आ गई थी, जिससे जय रंधावा छत पर सही तरीके से लैंड नहीं कर पाए और सीधे दीवार से जा टकराए थे। इस दौरान उनका सिर दीवार से जोर से टकरा गया था। इस घटना का 8 सेकेंड का वीडियो भी सामने आया था। उनकी अस्पताल से एक फोटो भी सामने आई थी। जिसमें MRI करते हुए दिखाया गया था। लेकिन, रंधावा ने जल्द ही सेट पर वापसी की और शूटिंग को खत्म किया। अब ये फिल्म 24 जुलाई को रिलीज होगी। फिल्म पर जय रंधावा की 2 बड़ी बातें फिल्म पर शहनाज गिल की 2 बड़ी बातें इश्कनामा फिल्म पर ट्रोलर्स ने क्या कहा ************ ये खबर भी पढ़ें: पंजाबी एक्टर घायल, दीवार से सिर टकराया: फिल्म इश्कनामा की शूटिंग के वक्त हादसा, जंप सीन करते वक्त क्रेन में खराबी आई पंजाबी एक्टर जय रंधावा फिल्म इश्कनामा की शूटिंग के दौरान घायल हो गए। शूटिंग के समय एक जंप सीन करते हुए क्रेन मशीन में तकनीकी खराबी आ गई, जिससे जय रंधावा छत पर सही तरीके से लैंड नहीं कर पाए और सीधे दीवार से जा टकराए। इस दौरान उनका सिर दीवार से जोर से टकरा गया। (पढ़ें पूरी खबर)