तेलंगाना में बस ड्राइवर ने खुद को आग लगाई:RTC कर्मचारियों का प्रदर्शन; सरकार में विलय की मांग पर 3 दिनों से हड़ताल

तेलंगाना के वारंगल जिले में बस ड्राइवर ने खुद को पेट्रोल डालकर आग लगा ली। 50 साल के RTC कर्मचारी शंकर गौड़ अन्य ड्राइवरों के साथ राज्य सरकार के खिलाफ प्रदर्शन पर बैठे थे। आग की वजह से वे गंभीर रूप से झुलस गए। शंकर को वारंगल के सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां से हालत बिगड़ने पर उन्हें हैदराबाद के सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल रेफर किया गया। इलाज के दौरान शुक्रवार तड़के करीब 1:30 बजे उनकी मौत हो गई। दरअसल, RTC कर्मचारियों की संयुक्त कार्रवाई समिति (JAC) ने 22 अप्रैल से विरोध कार्यक्रमों का ऐलान किया था। वे शांतिपूर्ण मार्च और जनप्रतिनिधियों को ज्ञापन सौंपने वाले थे। कर्मचारी 32 मांगों को लेकर अनिश्चितकालीन हड़ताल पर हैं, जिनमें RTC के सरकारी विलय की मांग प्रमुख है। सीएम ने शोक जताया घटना पर मुख्यमंत्री ए रेवंत रेड्डी ने गहरा दुख जताया है। उन्होंने शोक संतप्त परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए भरोसा दिलाया कि सरकार हर संभव मदद करेगी और उनके साथ खड़ी रहेगी। RTC कर्मचारियों की जारी हड़ताल को देखते हुए राज्य सरकार ने कर्मचारियों से किसी भी तरह के गलत कदम न उठाने की अपील की है और बातचीत के लिए आमंत्रित किया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार कर्मचारियों की समस्याओं के समाधान के लिए गंभीर प्रयास करेगी। नलगोंडा में ड्राइवर ने आत्महत्या की कोशिश की नलगोंडा में भी एक अन्य RTC कर्मचारी द्वारा आत्महत्या की कोशिश किए जाने की खबर है, हालांकि उसे कोई चोट नहीं आई। वहीं खम्मम में सामने आए एक अन्य मामले को पुलिस ने हड़ताल से असंबंधित बताते हुए पारिवारिक कारणों से जुड़ा बताया है। मुख्यमंत्री ने गुरुवार को उपमुख्यमंत्री मल्लू भट्टी विक्रमार्क से मंत्रियों को कर्मचारी यूनियनों को बातचीत के लिए बुलाने के निर्देश दिए थे। ——————————- ये खबर भी पढ़ें… मणिपुर में मेइरा पाईबी की महिलाएं सड़कों पर उतरीं:दिन में रास्ते रोक कर धरना, रात में मशाल रैलियों से कानून-व्यवस्था संभाल रहीं मणिपुर में बीते 7 अप्रैल को रॉकेट हमले में दो बच्चों की मौत हो गई थी। प्रदर्शनों में 3 मौतें हो गई थीं। तबसे विरोध-प्रदर्शन चल रहे हैं। अशांति के बीच 18 अप्रैल से पूर्ण बंद लागू है। सामान्य जीवन ठप है। पूरी खबर पढ़ें…
दतिया के झाड़ियां गांव में अधेड़ ने किया सुसाइड:पत्नी के बाहर जाने पर घर में फंदे पर लटका मिला शव

दतिया के सिविल लाइन थाना अंतर्गत गांव झाड़ियां में एक 50 वर्षीय अधेड़ ने अज्ञात कारणों के चलते फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। घटना गुरुवार शाम की बताई जा रही है। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर जांच शुरू की। शुक्रवार दोपहर पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया। पुलिस के मुताबिक मृतक की पहचान हरप्रसाद अहिरवार (50) पिता भुननू अहिरवार निवासी झाड़ियां गांव के रूप में हुई है। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि हरप्रसाद ने घर में ही तौलिया का फंदा बनाकर आत्महत्या की। बताया जा रहा है कि घटना के समय घर पर मृतक अकेला था। उसकी पत्नी गांव में किसी निजी काम से बाहर गई हुई थी। जब वह वापस लौटी तो पति को फंदे पर लटका देख उसके होश उड़ गए। इसके बाद आसपास के लोगों को सूचना दी गई और पुलिस को बुलाया गया। परिवार के अनुसार मृतक का एक बेटा अहमदाबाद में मजदूरी करता है। फिलहाल आत्महत्या के पीछे की वजह स्पष्ट नहीं हो सकी है। पुलिस ने मर्ग कायम कर मामले की जांच शुरू कर दी है और पारिवारिक व सामाजिक पहलुओं को ध्यान में रखकर कारणों का पता लगाया जा रहा है।
सलमान खान की नई फिल्म ईद 2027 पर रिलीज होगी:'SVC63' के मुहूर्त की झलक शेयर की, वीडियो में दिखीं नयनतारा

सलमान खान ने शुक्रवार को अपनी आने वाली फिल्म ‘SVC63’ के मुहूर्त की कुछ झलकियां शेयर कीं। साथ ही बताया कि फिल्म ईद 2027 पर रिलीज होगी। इस फिल्म का डायरेक्शन वामशी पेडिपल्ली कर रहे हैं। सलमान ने इंस्टाग्राम पर एक रील वीडियो पोस्ट किया, जिसमें वह और नयनतारा दिख रहे हैं। वीडियो में एक क्लैपबोर्ड दिखाया गया है, जिस पर मुहूर्त लिखा है। सलमान ने कैप्शन में लिखा कि थोड़ा दूर की सोच रखनी चाहिए, इसलिए ईद 2027 की घोषणा की गई है। उन्होंने यह भी कहा कि दूसरी फिल्म की जानकारी भी सही समय पर दी जाएगी और फैंस से धैर्य रखने को कहा। इस फिल्म से सलमान पहली बार डायरेक्टर वामशी पेडिपल्ली और प्रोड्यूसर दिल राजू के साथ काम करे रहे हैं। इस फिल्म को अस्थायी नाम SVC63 दिया गया है। यह एक एक्शन थ्रिलर फिल्म होगी। देखें ‘SVC63’ के मुहूर्त की झलक- वामशी ने फिल्म ‘महार्षि’ ने नेशनल अवॉर्ड जीता था फिल्म के डायरेक्टर वामशी पेडिपल्ली बड़े स्केल पर फिल्में बनाने के साथ-साथ उनमें मजबूत इमोशनल कहानी पिरोने के लिए जाने जाते हैं। वामशी इससे पहले प्रभास (मुन्ना), जूनियर एनटीआर (बृंदावनम), महेश बाबू (महर्षि), राम चरण (येवडु) और विजय (वारिसु) जैसे सितारों के साथ काम कर चुके हैं। वहीं, फिल्म को श्री वेंकटेश्वर क्रिएशन्स के बैनर तले दिल राजू प्रोड्यूस कर रहे हैं। वामशी पेडिपल्ली और दिल राजू की जोड़ी अब 5 फिल्मों मुन्ना, वृंदावनम, येवादु, महार्षि और वारिसु में साथ काम कर चुकी है और इनका ट्रैक रिकॉर्ड बॉक्स ऑफिस पर मजबूत रहा है।
सलमान खान की नई फिल्म ईद 2027 पर रिलीज होगी:'SVC63' के मुहूर्त की झलक शेयर की, वीडियो में दिखीं नयनतारा

सलमान खान ने शुक्रवार को अपनी आने वाली फिल्म ‘SVC63’ के मुहूर्त की कुछ झलकियां शेयर कीं। साथ ही बताया कि फिल्म ईद 2027 पर रिलीज होगी। इस फिल्म का डायरेक्शन वामशी पेडिपल्ली कर रहे हैं। सलमान ने इंस्टाग्राम पर एक रील वीडियो पोस्ट किया, जिसमें वह और नयनतारा दिख रहे हैं। वीडियो में एक क्लैपबोर्ड दिखाया गया है, जिस पर मुहूर्त लिखा है। सलमान ने कैप्शन में लिखा कि थोड़ा दूर की सोच रखनी चाहिए, इसलिए ईद 2027 की घोषणा की गई है। उन्होंने यह भी कहा कि दूसरी फिल्म की जानकारी भी सही समय पर दी जाएगी और फैंस से धैर्य रखने को कहा। इस फिल्म से सलमान पहली बार डायरेक्टर वामशी पेडिपल्ली और प्रोड्यूसर दिल राजू के साथ काम करे रहे हैं। इस फिल्म को अस्थायी नाम SVC63 दिया गया है। यह एक एक्शन थ्रिलर फिल्म होगी। देखें ‘SVC63’ के मुहूर्त की झलक- वामशी ने फिल्म ‘महार्षि’ ने नेशनल अवॉर्ड जीता था फिल्म के डायरेक्टर वामशी पेडिपल्ली बड़े स्केल पर फिल्में बनाने के साथ-साथ उनमें मजबूत इमोशनल कहानी पिरोने के लिए जाने जाते हैं। वामशी इससे पहले प्रभास (मुन्ना), जूनियर एनटीआर (बृंदावनम), महेश बाबू (महर्षि), राम चरण (येवडु) और विजय (वारिसु) जैसे सितारों के साथ काम कर चुके हैं। वहीं, फिल्म को श्री वेंकटेश्वर क्रिएशन्स के बैनर तले दिल राजू प्रोड्यूस कर रहे हैं। वामशी पेडिपल्ली और दिल राजू की जोड़ी अब 5 फिल्मों मुन्ना, वृंदावनम, येवादु, महार्षि और वारिसु में साथ काम कर चुकी है और इनका ट्रैक रिकॉर्ड बॉक्स ऑफिस पर मजबूत रहा है।
गायकवाड ने मुंबई के खिलाफ जीत मुकेश को समर्पित की:मां के निधन के बावजूद मैदान पर उतरे थे गेंदबाज; टीम ने भी काली पट्टी बांधी

वानखेड़े स्टेडियम में मुंबई इंडियंस के खिलाफ चेन्नई सुपर किंग्स (CSK) की 103 रनों की शानदार जीत एक भावुक मोड़ पर खत्म हुई। जीत के बाद कप्तान ऋतुराज गायकवाड ने इस प्रदर्शन को अपने साथी खिलाड़ी मुकेश चौधरी को समर्पित किया। मुकेश हाल ही में अपनी मां को खोने के बावजूद टीम के लिए खेलने मैदान पर उतरे थे। टीम ने बांधी काली पट्टी, मुकेश ने झटके विकेट मुकेश चौधरी के प्रति सम्मान और एकजुटता दिखाने के लिए चेन्नई के सभी खिलाड़ियों ने हाथ पर काली पट्टी बांधी थी। पारिवारिक दुख के बीच मुकेश ने न केवल वापसी की, बल्कि मैदान पर शानदार जज्बा भी दिखाया। उन्होंने अपने स्पैल (1/31) के दौरान मुंबई के ओपनर क्विंटन डी कॉक को जल्दी आउट कर मैच की दिशा तय कर दी। कप्तान बोले- मुकेश की हिम्मत को सलाम मैच के बाद गायकवाड काफी भावुक नजर आए। उन्होंने कहा, मुकेश जानते थे कि टीम को उनकी जरूरत है, इसलिए वे फ्रेंचाइजी और टीम के लिए वापस आए। संजू सैमसन का शतक टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने उतरी चेन्नई ने संजू सैमसन की नाबाद 101 रनों की पारी की बदौलत 207/6 का स्कोर खड़ा किया। गायकवाड ने संजू की तारीफ करते हुए कहा, संजू ने शानदार पारी खेली, वे बेहतरीन फॉर्म में हैं। टॉस के वक्त मैं थोड़ा दुविधा में था, लेकिन मेरा मन कह रहा था कि पहले बैटिंग करनी चाहिए क्योंकि पिच सूखी होने के साथ थोड़ी हरी भी थी। हमें लगा था कि 200 का स्कोर अच्छा रहेगा। स्पिनर्स के सामने ढेर हुई मुंबई 208 रन के टारगेट का पीछा करने उतरी मुंबई इंडियंस की टीम महज 104 रन पर सिमट गई। चेन्नई की ओर से अकील हुसैन और नूर अहमद ने शानदार गेंदबाजी की। गायकवाड ने गेंदबाजों पर संतोष जताते हुए कहा कि हमारी बॉलिंग में पिछले मैचों के मुकाबले सुधार हो रहा है और अब टीम सही लय में आ रही है।
गायकवाड ने मुंबई के खिलाफ जीत मुकेश को समर्पित की:मां के निधन के बावजूद मैदान पर उतरे थे गेंदबाज; टीम ने भी काली पट्टी बांधी

वानखेड़े स्टेडियम में मुंबई इंडियंस के खिलाफ चेन्नई सुपर किंग्स (CSK) की 103 रनों की शानदार जीत एक भावुक मोड़ पर खत्म हुई। जीत के बाद कप्तान ऋतुराज गायकवाड ने इस प्रदर्शन को अपने साथी खिलाड़ी मुकेश चौधरी को समर्पित किया। मुकेश हाल ही में अपनी मां को खोने के बावजूद टीम के लिए खेलने मैदान पर उतरे थे। टीम ने बांधी काली पट्टी, मुकेश ने झटके विकेट मुकेश चौधरी के प्रति सम्मान और एकजुटता दिखाने के लिए चेन्नई के सभी खिलाड़ियों ने हाथ पर काली पट्टी बांधी थी। पारिवारिक दुख के बीच मुकेश ने न केवल वापसी की, बल्कि मैदान पर शानदार जज्बा भी दिखाया। उन्होंने अपने स्पैल (1/31) के दौरान मुंबई के ओपनर क्विंटन डी कॉक को जल्दी आउट कर मैच की दिशा तय कर दी। कप्तान बोले- मुकेश की हिम्मत को सलाम मैच के बाद गायकवाड काफी भावुक नजर आए। उन्होंने कहा, मुकेश जानते थे कि टीम को उनकी जरूरत है, इसलिए वे फ्रेंचाइजी और टीम के लिए वापस आए। संजू सैमसन का शतक टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने उतरी चेन्नई ने संजू सैमसन की नाबाद 101 रनों की पारी की बदौलत 207/6 का स्कोर खड़ा किया। गायकवाड ने संजू की तारीफ करते हुए कहा, संजू ने शानदार पारी खेली, वे बेहतरीन फॉर्म में हैं। टॉस के वक्त मैं थोड़ा दुविधा में था, लेकिन मेरा मन कह रहा था कि पहले बैटिंग करनी चाहिए क्योंकि पिच सूखी होने के साथ थोड़ी हरी भी थी। हमें लगा था कि 200 का स्कोर अच्छा रहेगा। स्पिनर्स के सामने ढेर हुई मुंबई 208 रन के टारगेट का पीछा करने उतरी मुंबई इंडियंस की टीम महज 104 रन पर सिमट गई। चेन्नई की ओर से अकील हुसैन और नूर अहमद ने शानदार गेंदबाजी की। गायकवाड ने गेंदबाजों पर संतोष जताते हुए कहा कि हमारी बॉलिंग में पिछले मैचों के मुकाबले सुधार हो रहा है और अब टीम सही लय में आ रही है।
भिंड में कार चालक ने बाइक को मारी टक्कर:दो युवक गंभीर घायल, वाहन जब्त, मछंण्ड तिराहे पर हादसा

भिंड के मिहोना थाना क्षेत्र में एक तेज रफ्तार कार ने बाइक सवार दो युवकों को जोरदार टक्कर मार दी। हादसा मछंण्ड तिराहे पर हुआ, जहां कार चालक शराब के नशे में धुत्त था और लापरवाही से वाहन चला रहा था। अचानक आई तेज रफ्तार कार ने सामने से आ रही बाइक को टक्कर मार दी, जिससे बाइक सवार दोनों युवक सड़क पर गिरकर गंभीर रूप से घायल हो गए। जानकारी के मुताबिक टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि बाइक पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई और दोनों युवकों को गंभीर चोटें आईं। हादसे के बाद मौके पर मौजूद ग्रामीणों ने तुरंत पुलिस को सूचना दी। सूचना मिलते ही 112 डायल पुलिस मौके पर पहुंची और घायलों को तत्काल नजदीकी अस्पताल भिजवाया गया, जहां उनका इलाज जारी है। पुलिस ने मौके से कार और बाइक को अपने कब्जे में ले लिया है। जांच के दौरान कार चालक नशे में पाया गया, जिसके बाद उसके खिलाफ कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। पुलिस का कहना है कि मामले की जांच की जा रही है और घायल युवकों की स्थिति को देखते हुए आगे की धाराएं जोड़ी जाएंगी। इस घटना के बाद क्षेत्र में दहशत का माहौल है और लोगों ने नशे में वाहन चलाने वालों पर सख्त कार्रवाई की मांग की है।
‘दीदी अपने रास्ते पर’: अमित शाह ने कहा कि बीजेपी पश्चिम बंगाल के पहले चरण में 152 में से 110 सीटें जीत रही है | चुनाव समाचार

आखरी अपडेट:24 अप्रैल, 2026, 12:05 IST अमित शाह का कहना है कि लंबे समय बाद चुनाव के दौरान एक भी मौत नहीं हुई, ये अपने आप में ऐतिहासिक है. केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कोलकाता में एक संवाददाता सम्मेलन को संबोधित किया। (एक्स/पीटीआई) पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026: केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने शुक्रवार को पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के पहले चरण में भारी मतदान की सराहना की और विश्वास जताया कि भाजपा इन चुनावों में निर्णायक जीत की ओर बढ़ रही है। एक संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए, शाह ने कहा कि मतदाताओं की उत्साही भागीदारी ने “डर से विश्वास की ओर” बदलाव की शुरुआत की है। उन्होंने बड़ी संख्या में मतदान करने के लिए बंगाल के लोगों को धन्यवाद दिया और कहा कि 29 अप्रैल को दूसरे चरण के मतदान में भी यह गति जारी रहेगी। विधानसभा चुनाव लाइव अपडेट का पालन करें उन्होंने कहा, “सारे रिकॉर्ड तोड़ते हुए, बंगाल के लोगों ने बंगाल में बदलाव के लिए अभूतपूर्व उत्साह और जोश के साथ मतदान किया। देश भर में लोकतंत्र में विश्वास रखने वालों के लिए मतदान उत्साहजनक है… मैं बंगाल के उन सभी मतदाताओं को बधाई और धन्यवाद देना चाहता हूं जिन्होंने पहले चरण में वोट डाला। आपने डर से विश्वास तक की यात्रा इतनी सफलतापूर्वक शुरू की है, और दूसरे चरण के मतदाता भी भय से विश्वास तक की इस यात्रा को जारी रखेंगे।” #घड़ी | कोलकाता: गृह मंत्री अमित शाह कहते हैं, “कल, 2026 के बंगाल विधानसभा चुनाव के लिए पहले चरण के मतदान में, बंगाल के लोगों ने सभी रिकॉर्ड तोड़ते हुए, बंगाल में परिवर्तन के लिए अभूतपूर्व उत्साह और जोश के साथ मतदान किया। मतदान का प्रतिशत उत्साहवर्धक है…” pic.twitter.com/8SDeYClPp9– एएनआई (@ANI) 24 अप्रैल 2026 उन्होंने पहले चरण के मतदान के संचालन की भी सराहना की, इस बात पर जोर दिया कि पहले चरण के दौरान कोई मौत नहीं हुई – जिसे उन्होंने राज्य के लिए “ऐतिहासिक” बताया। शाह ने शांतिपूर्ण मतदान सुनिश्चित करने के लिए चुनाव आयोग, केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों और राज्य पुलिस को श्रेय दिया। उन्होंने कहा, “मैं चुनाव आयोग, सीएपीएफ, चुनाव आयोग के साथ काम करने वाली पूरी व्यवस्था और बंगाल पुलिस को बधाई देना चाहता हूं। क्योंकि लंबे समय के बाद बंगाल में चुनाव के दौरान एक भी व्यक्ति की मौत नहीं हुई है)। इस प्रकार का चुनाव हुआ है, जो अपने आप में एक आश्चर्य है…” उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया कि 29 अप्रैल को दूसरे चरण के मतदान में भी गति जारी रहेगी। और पढ़ें: एसआईआर विलोपन बनाम उछाल: बंगाल के उच्च मतदान के पीछे छिपे गणित को समझना “मुझे विश्वास है कि दूसरे चरण में और अधिक उत्साह देखने को मिलेगा। अब दूसरे चरण के मतदाताओं की भी जिम्मेदारी है कि वे बदलाव के इस युग में आगे बढ़ें… 5 तारीख के बाद ‘अंग, बंग और कलिंग’, तीनों जगह बीजेपी और कमल का शासन होगा। और मैं मानता हूं कि ये हमारे पूरे पूर्वी भारत के लिए एक अच्छा संकेत है…” शाह का बड़ा दावा, 110 से ज्यादा सीटें जीतने का अनुमान पहले चरण में उच्च मतदान को राज्य में “परिवर्तन” के संकेत के रूप में उद्धृत करते हुए, केंद्रीय गृह मंत्री ने दावा किया कि पार्टी को पहले चरण में 152 में से 110 से अधिक सीटें जीतने की संभावना है, और भविष्यवाणी की कि जैसे-जैसे मतदान आगे बढ़ेगा, पार्टी मजबूत बहुमत हासिल करेगी। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर अपना हमला तेज करते हुए शाह ने इन आरोपों को खारिज कर दिया कि भाजपा राज्य में “बाहरी लोगों” को थोपेगी। उन्होंने बनर्जी के नेतृत्व पर कटाक्ष करते हुए कहा, “बंगाल के सीएम अफवाह फैला रहे हैं कि अगर बीजेपी बंगाल में सत्ता में आई तो बाहरी लोग शासन करेंगे। मैं दीदी को बताना चाहता हूं कि बंगाल का अगला मुख्यमंत्री कोई ऐसा व्यक्ति होगा जो बंगाल में पैदा हुआ हो, बंगाली माध्यम में शिक्षित हो और बंगाली बोलने में सक्षम हो… केवल एक चीज यह है कि आपका भतीजा वहां नहीं होगा; सीएम बीजेपी कार्यकर्ता होगा।” #घड़ी | कोलकाता: केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह कहते हैं, “बंगाल की सीएम अफवाह फैला रही हैं कि अगर बीजेपी बंगाल में सत्ता में आई, तो बाहरी लोग शासन करेंगे। मैं दीदी को बताना चाहता हूं, बंगाल का अगला मुख्यमंत्री कोई ऐसा व्यक्ति होगा जो बंगाल में पैदा हुआ हो, बंगाली माध्यम से शिक्षित हो और… pic.twitter.com/b9Tw34lRQY– एएनआई (@ANI) 24 अप्रैल 2026 पार्टी के एजेंडे को रेखांकित करते हुए, शाह ने कहा कि भाजपा सरकार घुसपैठ को रोकने के लिए सीमा सुरक्षा कड़ी करने, अवैध अतिक्रमण हटाने और यह सुनिश्चित करने पर ध्यान केंद्रित करेगी कि धार्मिक त्योहार बिना किसी व्यवधान के आयोजित किए जाएं। उन्होंने स्थानीय विकास को बढ़ावा देने के लिए पहल का भी वादा किया और महिला सुरक्षा पर पार्टी के जोर को दोहराया। उन्होंने कहा, “जिस राज्य की महिला सीएम महिलाओं को 7 बजे के बाद घर से निकलने की बात कहती हो, मैं मानता हूं कि उन्हें शासन करने का कोई अधिकार नहीं है। आज मैं बंगाल की माताओं-बहनों को विश्वास दिलाना चाहता हूं कि 5 तारीख को बीजेपी की सरकार बनने के बाद रात के 1 बजे भी एक छोटी बच्ची स्कूटर लेकर निकलेगी, कोई गुंडा उसकी तरफ आंख उठाकर नहीं देख पाएगा।” और पढ़ें: पश्चिम बंगाल चुनाव 2026 चरण 1: 92% से अधिक मतदान दर्ज किया गया, वोटिंग चार्ट में रघुनाथगंज सबसे ऊपर है मजबूत चुनावी संभावनाओं का अनुमान जताते हुए शाह ने कहा कि वह भाजपा के पक्ष में ”सुनामी जैसी लहर” देख सकते हैं। उन्होंने कहा, ”हम बहुत बड़े अंतर से जीतेंगे और जीत का अंतर बढ़ता रहेगा.” पश्चिम बंगाल चुनाव चरण-1 पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव राज्य भर में 92.03 प्रतिशत के प्रभावशाली मतदान के साथ संपन्न हुआ। सभी निर्वाचन क्षेत्रों में, रघुनाथगंज में सबसे अधिक 96.35 प्रतिशत मतदान हुआ, इसके बाद समसेरगंज में 95.89 प्रतिशत मतदान हुआ। गुरुवार को 3.6 करोड़ पंजीकृत मतदाताओं में से 92.9% ने अपने मत डाले, पश्चिम बंगाल के विधानसभा चुनाव के पहले चरण में मतदान 2021 के आंकड़ों से अधिक हो गया है। यह आज़ादी के बाद से राज्य में अब तक का सबसे अधिक मतदान है। भारत
बालाघाट में शराब खरीददारों को आबकारी पुलिस दे रही सुरक्षा:दुकान के खिलाफ महिलाओं का प्रदर्शन जारी, हटाने की मांग पर अड़ी

बालाघाट के बुढ़ी इलाके में करीब 50 साल पुरानी शराब दुकान को हटाने की मांग को लेकर महिलाओं का विरोध प्रदर्शन लगातार जारी है। हालात ऐसे बन गए हैं कि अब आबकारी विभाग को शराब खरीदने आने वाले लोगों की सुरक्षा के लिए मौके पर अमला तैनात करना पड़ा है। एक हफ्ते से बंद रही दुकान 1 अप्रैल से नए ठेके के बाद से ही महिलाओं ने इस शराब दुकान का विरोध शुरू कर दिया था। उनके विरोध के चलते दुकान एक हफ्ते से ज्यादा समय तक बंद रही। इससे शासन और ठेकेदार दोनों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा। बातचीत भी बेनतीजा रही गुरुवार रात आबकारी विभाग ने ठेकेदार के साथ मिलकर प्रदर्शन कर रही महिलाओं से बातचीत की कोशिश की, लेकिन कोई हल नहीं निकल सका। महिलाएं अपनी मांग पर अड़ी रहीं और दुकान हटाने की बात दोहराती रहीं। अब ग्राहकों को दी जा रही सुरक्षा महिलाओं के सख्त रुख के बाद आबकारी विभाग ने दुकान के पास सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी है। विभाग का कहना है कि जो लोग शराब खरीदने आ रहे हैं, उन्हें रोका नहीं जा सकता और उनकी सुरक्षा करना जरूरी है। ठेकेदार ने जताया नुकसान दुकान के ठेकेदार बलराम यादव ने कहा कि दुकान बंद रहने से उन्हें और शासन दोनों को नुकसान हो रहा है। उन्होंने कहा कि या तो इस नुकसान की भरपाई हो या फिर शासन खुद ही दुकान बंद करने का फैसला ले। विरोध पर उठे सवाल आबकारी निरीक्षक रमाकांत बघेल ने कहा कि किसी को भी शराब खरीदने से रोकना गलत है। उन्होंने यह भी कहा कि विरोध अचानक शुरू हुआ है, जिससे लगता है कि इसके पीछे किसी की योजना हो सकती है। महिलाओं की परेशानी भी सामने आई बुढ़ी इलाके में रहने वाली उमा ने बताया कि उनके पति शराब की वजह से घर की कमाई बर्बाद कर देते हैं। इससे परिवार को खाने-पीने तक की दिक्कत होती है। उन्होंने चिंता जताई कि बच्चे भी इस माहौल से प्रभावित हो रहे हैं। महिलाओं ने साफ कर दिया है कि जब तक शराब दुकान नहीं हटाई जाती, उनका प्रदर्शन जारी रहेगा।
मुजतबा खामेनेई का चेहरा-होंठ जला, प्लास्टिक सर्जरी की जरूरत:पैर काटने की नौबत, नकली पैर लगेगा; अब सेना के जनरल देश चला रहे

28 फरवरी को जब अमेरिका और इजराइल ने ईरान में मुजतबा खामेनेई के पिता के ठिकाने पर हमला किया, तब से वह छिपकर रह रहे हैं। उसी हमले में उनके पिता, पत्नी और बेटे की मौत हो गई। मुजतबा खुद भी घायल हो गए और अब डॉक्टरों की एक टीम उनकी देखभाल कर रही है। उनसे मिलना बहुत मुश्किल है। ईरान के राष्ट्रपति मसूद पजशकियान जो पेशे से हार्ट सर्जन हैं और स्वास्थ्य मंत्री भी उनके इलाज में शामिल रहे हैं। मुजबता से मिलने बड़े अधिकारी और सेना के कमांडर नहीं जाते, क्योंकि उन्हें डर है कि इजराइल उनके जरिए ठिकाने का पता लगाकर हमला कर सकता है। मुजतबा खामेनेई की हालत गंभीर रही है, लेकिन दिमाग से वह पूरी तरह एक्टिव हैं। उनके एक पैर का तीन बार ऑपरेशन हुआ है और अब उन्हें नकली पैर लगाना पड़ेगा। एक हाथ की भी सर्जरी हुई है और वह धीरे-धीरे ठीक हो रहा है। उनके चेहरे और होंठ बुरी तरह जल गए हैं, जिससे बोलना मुश्किल है और आगे प्लास्टिक सर्जरी की जरूरत पड़ेगी। यह पूरी जानकारी कई वरिष्ठ अधिकारियों, पूर्व अधिकारियों, सेना के लोगों और जानकारों से बातचीत के आधार पर सामने आई है। सभी ने अपनी पहचान छिपाने की शर्त पर यह सूचना दी क्योंकि मामला बहुत संवेदनशील है। कंपनी डायरेक्टर की तरह देश चला रहे मुजतबा जब अयातोल्ला अली खामेनेई ईरान के सुप्रीम लीडर थे, तब युद्ध, शांति और अमेरिका से बातचीत जैसे बड़े फैसले वही अकेले लेते थे। उनके पास पूरी ताकत थी। लेकिन उनके बेटे और अब के सुप्रीम लीडर मुजतबा खामेनेई का वैसा रोल नहीं है। मुजतबा खामेनेई एक ऐसे नेता हैं जो सामने नहीं आते। मार्च में पद संभालने के बाद से उन्हें किसी ने देखा नहीं और उनकी आवाज भी सार्वजनिक रूप से नहीं सुनी गई। उनकी जगह अब ईरान की सेना, खासकर इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स के बड़े कमांडर और उनसे जुड़े लोग, देश के अहम फैसले ले रहे हैं। सुरक्षा, युद्ध और विदेश नीति जैसे मुद्दों पर वही सबसे ज्यादा असर रखते हैं। एक पूर्व सलाहकार अब्दोलरेजा दावरी के मुताबिक, मुजतबा देश को ऐसे चला रहे हैं जैसे किसी कंपनी का डायरेक्टर होता है, लेकिन असली फैसले ‘बोर्ड’ यानी सेना के जनरल मिलकर लेते हैं। मुजतबा उनके सुझावों पर काफी निर्भर हैं और फैसले सामूहिक रूप से होते हैं। जंग शुरू होने के बाद से गायब हैं मुजतबा मुजतबा ने अब तक कोई वीडियो या ऑडियो मैसेज नहीं दिया, क्योंकि वह कमजोर नहीं दिखना चाहते। उनकी तरफ से सिर्फ लिखित बयान जारी किए जाते हैं, जो ऑनलाइन डाले जाते हैं या टीवी पर पढ़े जाते हैं। उन तक संदेश पहुंचाने का तरीका भी बहुत अलग है। कागज पर लिखे संदेश लिफाफे में बंद करके एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति तक पहुंचाए जाते हैं, जो कार या बाइक से उनके छिपे ठिकाने तक जाते हैं। उनके जवाब भी इसी तरह वापस आते हैं। उनकी सुरक्षा, चोटें और उनसे संपर्क की कठिनाई की वजह से फिलहाल फैसले लेने की जिम्मेदारी सेना के जनरलों को दे दी गई है। हालांकि देश में अलग-अलग राजनीतिक विचारधाराएं अभी भी मौजूद हैं, लेकिन असली ताकत अब सेना के पास है। मुजतबा का सेना से पुराना रिश्ता भी है, क्योंकि वह किशोर उम्र में ईरान-इराक युद्ध में लड़ चुके हैं और तभी से उनके कई करीबी संबंध बने। अली खामेनेई की मौत के बाद ताकतवर हुआ IRGC अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने कहा है कि इस युद्ध और ईरान के कई बड़े नेताओं की मौत के बाद ‘सिस्टम बदल गया है’ और नए नेता ज्यादा समझदार हैं। लेकिन हकीकत यह है कि ईरान की सरकार खत्म नहीं हुई है, बल्कि अब ताकत एक मजबूत और सख्त रुख वाली सेना के हाथ में चली गई है और धार्मिक नेताओं का प्रभाव कम हो रहा है। एक्सपर्ट्स का कहना है कि मुजतबा अभी पूरी तरह कंट्रोल में नहीं हैं। वह औपचारिक रूप से फैसलों में शामिल जरूर हैं, लेकिन उन्हें अक्सर तैयार फैसले दिखाए जाते हैं। ईरान की संसद के स्पीकर मोहम्मद बाघेर गालिबाफ ने भी कहा कि अमेरिका के साथ परमाणु समझौते और शांति योजना से जुड़े प्रस्ताव मुजतबा को दिखाए जाते हैं और उनकी राय ली जाती है। इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC), जिसे 1979 की इस्लामी क्रांति की रक्षा के लिए बनाया गया था, समय के साथ बहुत ताकतवर हो चुका है। उसने राजनीति, उद्योग, खुफिया तंत्र और मिडिल ईस्ट के कई समूहों में अपना प्रभाव बढ़ाया है। पहले वह अली खामेनेई के आदेशों का पालन करता था, लेकिन अब हालात बदल गए हैं। ईरान के हर अहम फैसले ले रही IRGC अली खामेनेई की मौत के बाद एक खाली जगह बनी, और उसी दौरान IRGC ने मुजतबा का समर्थन किया और उन्हें सुप्रीम लीडर बनाने में अहम भूमिका निभाई। अब वही असली ताकत बन गए हैं। आज IRGC के पास कई बड़े पद और ताकत हैं। उनके कमांडर, सुरक्षा परिषद के प्रमुख और सैन्य सलाहकार सभी अहम फैसलों में शामिल हैं। एक एक्सटपर्ट के मुताबिक, “मुजतबा नाम के नेता हैं, लेकिन असली ताकत उनके पास वैसी नहीं है जैसी उनके पिता के पास थी। वह काफी हद तक गार्ड्स पर निर्भर हैं।” जनरल्स इस युद्ध को सरकार के अस्तित्व के लिए खतरा मानते हैं और उनका कहना है कि उन्होंने हालात को काबू में कर लिया है। हर बड़े फैसले में वही आगे रहते हैं। उन्होंने होर्मुज बंद करने जैसे फैसले लिए, जिससे दुनिया की अर्थव्यवस्था पर असर पड़ा। ईरान के हमलों की रणनीति, खाड़ी देशों के खिलाफ कदम, और समुद्री रास्ता बंद करने जैसे फैसले भी गार्ड्स ने ही तय किए। अमेरिका के साथ अस्थायी युद्धविराम और बातचीत की मंजूरी भी उन्होंने ही दी। यहां तक कि अमेरिका के उपराष्ट्रपति जेडी वेंस से बातचीत के लिए गालिबाफ को आगे करने का फैसला भी गार्ड्स ने लिया। पहली बार सेना के कई जनरल सीधे बातचीत टीम का हिस्सा बने। साथ ही, युद्ध में मिली बढ़त का इस्तेमाल उन्होंने देश के अंदर अपने विरोधियों को पीछे करने में भी किया। राष्ट्रपति और विदेश मंत्री का रोल कमजोर हुआ राष्ट्रपति और उनकी कैबिनेट को लगभग किनारे कर दिया गया है और उन्हें सिर्फ देश के अंदर के







