अल्लू अर्जुन की तारीफ पर शाहरुख खान ट्रोल:SRK ने फिल्म राका के फर्स्टलुक को शानदार बताया; लोग बोले- धुरंधर 2 पर चुप क्यों

बॉलीवुड एक्टर शाहरुख खान ने साउथ स्टार अल्लू अर्जुन की फिल्म राका के फर्स्टलुक की तारीफ की है। कल अल्लू अर्जुन ने अपने 44वें जन्मदिन पर फिल्म का पोस्टर जारी किया था। शाहरुख खान ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर ‘ लिखा, “हैप्पी बर्थडे अल्लू अर्जुन। ‘राका’ का पोस्टर आपकी तरह ही शानदार और दिलचस्प है। मैं इस प्रोजेक्ट को देखने के लिए बेसब्र हूं। एटली के शब्दों में कहूं तो यह एक्सपीरियंस मास मास मास… कहलाएगा। ऑल द बेस्ट एटली।” वहीं दूसरी तरफ ‘धुरंधर 2’ के फैंस शाहरुख के इस पोस्ट के बाद नाराज हो गए हैं। फैंस का कहना है कि शाहरुख ने ग्लोबल लेवल पर रिकॉर्ड तोड़ रही ‘धुरंधर 2’ पर अब तक चुप्पी क्यों साधी हुई है। वहीं अल्लू अर्जुन ने शाहरुख के पोस्ट का जवाब दिया। उन्होंने शाहरुख को शुक्रिया कहते हुए उम्मीद जताई कि वे इस प्रोजेक्ट से सबका दिल जीतेंगे। ‘धुरंधर 2’ पर चुप्पी से नाराज हुए फैंस शाहरुख और अल्लू की इस बॉन्डिंग के बीच ‘धुरंधर 2’ के फैंस ने शाहरुख खान को ट्रोल करना शुरू कर दिया है। दरअसल, रणवीर सिंह और आदित्य धर की फिल्म ‘धुरंधर 2’ ने दुनियाभर में 1600 करोड़ से ज्यादा की कमाई कर ली है, लेकिन शाहरुख ने इस पर कोई पोस्ट नहीं किया है। एक यूजर ने लिखा, “आपको धुरंधर पर भी कुछ कहना चाहिए था, वह भी इंडियन मूवी है।” वहीं कुछ यूजर्स ने उन्हें ‘इनसिक्योर’ बताते हुए कहा कि उन्हें बॉलीवुड की फिल्मों को भी सपोर्ट करना चाहिए। पोस्टर में दिखा एक्टर का डरावना अवतार पोस्टर की बात करें तो अल्लू अर्जुन इसमें बिल्कुल बदले हुए दिख रहे हैं। प्रोस्थेटिक मेकअप की मदद से उन्हें काफी उम्रदराज दिखाया गया है। उनकी आंखों में गहरा काजल है और ऊनी कपड़ों से एक बड़ा पंजा बाहर निकलता दिख रहा है। पोस्टर के साथ कैप्शन में लिखा है, “खुद को एक ऐसी सोच के लिए तैयार करें जो सीमाओं से परे है।” इस लुक को देखकर अंदाजा लगाया जा रहा है कि फिल्म में एक्टर का किरदार काफी डार्क और रहस्यमयी होने वाला है। 800 करोड़ का बजट और 4 अलग किरदार रिपोर्ट्स के मुताबिक, ‘राका’ का कुल बजट करीब 800 करोड़ रुपए है। इसमें से 200 करोड़ रुपए प्रोडक्शन और 250 करोड़ रुपए सिर्फ VFX पर खर्च किए जा रहे हैं। चर्चा है कि फिल्म में अल्लू अर्जुन एक-दो नहीं बल्कि 4 अलग-अलग किरदार निभाएंगे। इसमें वे दादा, पिता और दो बेटों के रोल में दिख सकते हैं। फिल्म की कहानी पैरेलल यूनिवर्स (दो अलग दुनियाओं) के इर्द-गिर्द घूम सकती है, हालांकि मेकर्स ने अभी इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं की है।
बीजेपी से 1000 करोड़ के कथित घोटालेबाज पर हुमायूँ कबीर की पहली प्रतिक्रिया, ममता बनर्जी ने लगाया ये आरोप

कांग्रेस से अलग अपनी पार्टी बनाने वाले हुमायूँ कबीर का एक कथित वीडियो सोशल मीडिया पर आज गुरुवार (9 अप्रैल 2026) को सामने आया और पश्चिम बंगाल में राजनीतिक विवाद पैदा हो गया। वीडियो में वह बीजेपी के वरिष्ठ नेताओं से संबंध रखते हुए और चुनावी मैदान में मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर आरोप लगाते हुए कथित तौर पर दावा करते नजर आ रहे हैं। विपक्ष ने पश्चिम बंगाल विधानसभा में नामांकन के नेता शुभेंदु अधिकारी, असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा और प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) के साथ मिलकर कबीर की सहयोगी पार्टी से जांच की मांग की। स्टिंग ऑपरेशन AI से बनाया गया: हुमायूँ कबीर आम जनता पार्टी (एजेयूपी) के अध्यक्ष हुमायूँ कबीर ने कहा, ‘यह वीडियो पूरी तरह से एआई के माध्यम से बनाया गया है। पारंपरिक कांग्रेस राजनीतिक रूप से मेरा सामना नहीं कर पा रही है। टीएमसी मेरे और मेरे राजनीतिक दल से डर गई है। असदुद्दीन ओवैसी के खिलाफ जो गठबंधन हुआ है, वह भी डर गया है इसलिए मेरे एआई वीडियो को फैलाया जा रहा है। हुमायूं कबीर ने टीएमसी को दी चुनौती उन्होंने कहा, ‘अगर उनमें ताकत है तो साबित करें कि मेरे रिश्तेदार बीजेपी नेताओं के साथ मिले हैं, कोई संतगांठ हुआ है।’ अगर साबित कर दूं तो मैं मान लूंगा। अगर साबित नहीं किया जा सका तो न्यूट्रिशनल घोष, बॉबी हाकिम, ममता बनर्जी और अभिमन्यु के खिलाफ मामला दर्ज किया जाएगा और उन्हें सजा दिलवा दी जाएगी। एआई वीडियो में पूरे मुस्लिम समाज का अपमान करने और उन्हें नग्न करने की कोशिश की गई है। मुस्लिम वोट ममता बनर्जी से दूर हो गया है। हुमायूँ कबीर के समर्थन में आज मुस्लिम बोल रहे हैं इसलिए डरकर उनकी ऐसी साजिश रची जा रही है।’ टीएमसी ने कहा कि बीजेपी 1000 करोड़ की डील करेगी हुमायूँ कबीर ने कहा, ‘स्टिंग ऑपरेशन में तो बॉबी हाकिम को पैसे लेते देखा गया था, उसका क्या हुआ? अगर सही है तो प्रमाणिक संकेत. यह प्रतीक जैन और अभिषेक एनबीए का खेल है, तरह-तरह की साजिशें की जा रही हैं। तीन भी कोशिश कर लें, बच नहीं पाएंगे। ‘एआई वीडियो में शामिल हुमायूँ कबीर को बदनाम नहीं किया जा सकता और न ही उन्हें ‘नाराज़ी’ से दूर किया जा सकता है।’ वीडियो में कथित तौर पर कहा गया है कि कबीर पर यह भी नजर आ रही है कि उनकी रणनीति स्टूडियो कांग्रेस से अल्पसंख्यक समूहों को अपने पक्ष में करने के लिए गुट-गिरफ्तार है। वीडियो में, उन्होंने कथित तौर पर योजना को 1,000 करोड़ रुपये के सौदे के रूप में 200 करोड़ रुपये की प्राप्ति का ज़िक्र किया है। ये भी पढ़ें: असम के मोहरे में बेहद ही शानदार तस्वीर, एक साथ गोगोई-गोस्वामी ने चाय पर की चर्चा
असम के असम में बेहद ही शानदार तस्वीर, एक साथ गोगोई-गोस्वामी ने चाय पर की चर्चा

असम विधानसभा चुनाव 2026: मंगलवार के बीच जोरहाट विधानसभा चुनाव का एक ऐसा नजारा सामने आया, जिसमें राजनीतिक मोरचा में एक सकारात्मक संदेश देने का काम किया गया. आम तौर पर इलिनोइस सरगर्मी के दौरान जहां आरोप-प्रत्यारोप और झारखंड बयानबाजी देखने को मिलती है, वहीं इस बार एक अलग ही तस्वीर देखने को मिली। भाजपा हितैषी हितेंद्र नाथ गोस्वामी और कांग्रेस उम्मीदवार गौरव गोगोई एक ही जगह पर साथ में चाय की चुस्की लेते नजर आए। दोनों नेता, जो चुनावी मैदान में एक-दूसरे के प्रमुख प्रतिद्वंद्वी हैं, बेहद सहज और आत्मीय अंदाज में बातचीत करते हैं। उनके बीच किसी तरह की राजनीतिक कटुता का भाव नहीं दिखा, बल्कि यह मित्रवत सम्मान और मित्रता का प्रतीक उभर कर सामने आया। आसपास मौजूद लोगों ने भी इस पल को खास रुचि के साथ देखा और इसे अपने पहाड़ों में कैद कर लिया। इस तरह की तस्वीरें कम देखने को मिलती हैं इस तरह की कम ही तस्वीरें देखने को मिलती हैं, जहां विरोधी आश्रम के नेता सार्वजनिक रूप से आश्रम में रहते हैं और मित्रतापूर्ण तरीके से संवाद करते हैं। यह दृश्य न केवल स्थानीय लोगों का ध्यान खींचने में सफल रहा है, बल्कि सामाजिक और जनचर्चा में भी तेजी से जगह बना रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यह घटना इस बात का प्रमाण है कि राजनीति केवल सत्ता की प्रतिष्ठा नहीं है, बल्कि सेवा और समाज की प्रति जिम्मेदारी का माध्यम भी है। उनका मानना है कि नेताओं के बीच इस तरह का व्यवहारिक लोकतांत्रिक शेयरवर्क मजबूत होता है और समाज में सकारात्मक संदेश मिलता है। बेटियाँ ने इस तस्वीर को क्या लेकर कहा है? अर्थशास्त्रियों के अनुसार, इस प्रकार के स्मारकों में राजनीतिक संस्कृति को बेहतर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई जाती है। इससे यह स्पष्ट होता है कि वैयक्तिक पद पर अलग-अलग पदों पर रहते हुए भी सम्मान बनाए रखा जा सकता है। कुल मिलाकर, जोर हाट के स्टालिनवादी तानाशाही में यह चित्र शामिल है, जिसमें कलाकारों के साथ-साथ सैमुअल और डायलॉग भी शामिल हैं। यह पैलेस प्लाजा के बीच न केवल चर्चा का विषय बना, बल्कि राजनीति में शालीनता और पुरातनपंथी का एक उदाहरण भी प्रस्तुत किया गया है। यह भी पढ़ें:पश्चिम बंगाल में रोबोटिक भूचाल! हुमायूं कबीर का कथित स्टिंग वीडियो, टीएमसी बोली- ‘1000 करोड़ की बीजेपी से हुई डील’ (टैग्सटूट्रांसलेट)असम विधानसभा चुनाव 2026(टी)जोरहाट(टी)असम चुनाव 2026(टी)चाय पे चर्चा(टी)राजनीतिक मर्यादा का प्रदर्शन जोरहाट चुनाव(टी)गौरव गोगोई(टी)हितेंद्र नाथ गोस्वामी(टी)चाय बैठक(टी)नवीनतम समाचार अपडेट(टी)असम विधानसभा चुनाव 2026(टी)जोरहाट(टी)असम चुनाव 2026(टी)चाय पे चर्चा(टी)जोरहाट चुनाव में राजनीतिक मैनर्स की मिसाल(टी)गौरव गोगोई(टी)हितेंद्र नाथ गोस्वामी(टी)चाय पर बैठक(टी)ताजा समाचार अद्यतन
बड़वानी में किसानों का कलेक्ट्रेट पर धरना:फसल मुआवजे और ऋण तिथि बढ़ाने की मांग; सीएम के नाम तहसीलदार को दिया ज्ञापन

बड़वानी जिला मुख्यालय पर राष्ट्रीय किसान मजदूर महासंघ ने अपनी मांगों को लेकर कलेक्ट्रेट गेट के बाहर प्रदर्शन किया। इस दौरान किसानों ने सीएम के नाम तहसीलदार हितेंद्र भावसार को ज्ञापन देकर समस्याओं के निराकरण की मांग की। किसानों ने ऋण अदायगी की समय सीमा बढ़ाने, खाद वितरण व्यवस्था में सुधार और फसल नुकसान के मुआवजे का मुद्दा उठाया। ऋण जमा करने की तिथि 31 मई करने की मांग महासंघ के जिलाध्यक्ष मदन मुलेवा ने बताया कि वर्तमान में ऋण चुकाने की अंतिम तिथि 28 अप्रैल निर्धारित है। किसानों की मांग है कि सरकार इसे बढ़ाकर 31 मई करे ताकि नियमित किसानों को इसका लाभ मिल सके। किसानों के अनुसार अभी मक्का खेतों में है और गेहूं की खरीदी व चने के उचित भाव न मिलने से आर्थिक संकट बना हुआ है। ई-टोकन खाद व्यवस्था पर उठाए सवाल ज्ञापन में निमाड़ जैसे आदिवासी बहुल क्षेत्रों में ई-टोकन खाद व्यवस्था को लेकर आपत्ति जताई गई है। किसानों का कहना है कि पर्याप्त फार्मर आईडी न होने और सर्वर डाउन रहने की वजह से उन्हें समय पर खाद नहीं मिल पा रहा है। महासंघ ने इस व्यवस्था को किसानों की परिस्थितियों के अनुकूल बनाने की मांग की है। नष्ट फसलों के तत्काल सर्वे की अपील जिले में पिछले दिनों हुई असमय बारिश से मक्का, गेहूं और सब्जियों की फसलों को भारी नुकसान हुआ है। प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि अब तक नष्ट हुई फसलों का न तो सर्वे शुरू हुआ है और न ही मुआवजे की कोई योजना बनी है। किसानों ने प्रशासन से तत्काल सर्वे कराकर आर्थिक सहायता देने की मांग की है। मांगें पूरी न होने पर घेराव की चेतावनी तहसीलदार ने धरना स्थल पर पहुंचकर किसानों की समस्याओं को सुना और उन्हें उचित कार्रवाई के लिए आश्वस्त किया। हालांकि, किसानों ने स्पष्ट किया है कि यदि उनकी मांगों पर लिखित आश्वासन या ठोस कार्रवाई नहीं होती है, तो आगामी समय में कलेक्ट्रेट कार्यालय का घेराव किया जाएगा। प्रदर्शन के दौरान सुरक्षा के मद्देनजर कलेक्ट्रेट गेट पर भारी पुलिस बल तैनात रहा।
प्रोटीन के लिए अंडे पर निर्भर हैं? ये 5 वेज फूड्स उससे कई कदम आगे हैं, जानकर रह जाएंगे हैरान

5 High Protein Vegetarian Foods: आजकल की भागदौड़ भरी जिंदगी में लोग फिट रहना चाहते हैं, लेकिन सवाल वही रहता है प्रोटीन कहां से लें? आमतौर पर अंडा इस चर्चा का सबसे आसान जवाब माना जाता है. सुबह का नाश्ता हो या जिम के बाद की डाइट, अंडे को ही सबसे भरोसेमंद विकल्प समझा जाता है. लेकिन क्या सच में प्रोटीन की दुनिया यहीं खत्म हो जाती है? खासकर उन लोगों के लिए जो अंडा नहीं खाते या शाकाहारी हैं, यह सवाल और भी अहम हो जाता है. दिलचस्प बात यह है कि हमारे किचन में ही कई ऐसे फूड मौजूद हैं जो अंडे से ज्यादा प्रोटीन देते हैं. और ये सिर्फ पोषण ही नहीं, स्वाद और सेहत दोनों में आगे हैं. अंडे से ज्यादा प्रोटीन वाले फूड्स की सच्चाईअंडा लगभग 6 से 7 ग्राम प्रोटीन देता है, जो एक संतुलित मात्रा है. लेकिन अगर आप थोड़ी गहराई से देखें, तो कई वेज फूड्स इससे कहीं ज्यादा प्रोटीन देते हैं. किनोआ: छोटा दाना, बड़ा कमालकिनोआ को यूं ही सुपरफूड नहीं कहा जाता. 100 ग्राम किनोआ में करीब 14 ग्राम प्रोटीन होता है. यानी लगभग दोगुना. इसमें सभी जरूरी अमीनो एसिड्स पाए जाते हैं, जो शरीर के लिए बेहद जरूरी होते हैं. जो लोग ग्लूटेन से परेशान रहते हैं, उनके लिए यह बढ़िया विकल्प है. सेहत, रिलेशनशिप, लाइफ या धर्म-ज्योतिष से जुड़ी है कोई निजी उलझन तो हमें करें WhatsApp, आपका नाम गोपनीय रखकर देंगे जानकारी. चना: सस्ता और असरदारअगर आप रोजमर्रा की जिंदगी में कोई आसान और सस्ता प्रोटीन सोर्स ढूंढ रहे हैं, तो चना सबसे आगे है. 100 ग्राम चने में 15 से 19 ग्राम प्रोटीन पाया जाता है. कई लोग सुबह भीगे हुए चने खाते हैं, जो लंबे समय तक पेट भरा रखते हैं और एनर्जी बनाए रखते हैं. पनीर: स्वाद और सेहत का संतुलनजिम जाने वाले लोगों की डाइट में पनीर अक्सर शामिल होता है. वजह साफ है 100 ग्राम पनीर में 18 से 20 ग्राम प्रोटीन मिलता है. साथ ही इसमें कैल्शियम भी भरपूर होता है. हालांकि, जिन लोगों को कोलेस्ट्रॉल की समस्या है, उन्हें इसकी मात्रा सीमित रखनी चाहिए. दाल: हर घर का हेल्दी हिस्साभारतीय खाने में दाल सिर्फ एक डिश नहीं, बल्कि पोषण का आधार है. 100 ग्राम दाल में 9 से 12 ग्राम प्रोटीन होता है. यह पाचन को बेहतर बनाती है और शरीर को लगातार ऊर्जा देती है. सोया चंक्स: प्रोटीन का पावरहाउसअगर बात सबसे ज्यादा प्रोटीन की करें, तो सोया चंक्स बाजी मार लेते हैं. 100 ग्राम में 50 से 52 ग्राम प्रोटीन यह आंकड़ा किसी भी नॉन-वेज विकल्प को टक्कर देता है. यही कारण है कि वेजिटेरियन लोग इसे अपनी डाइट में तेजी से शामिल कर रहे हैं. बदलती डाइट, बदलती सोचआजकल लोग सिर्फ पेट भरने के लिए नहीं, बल्कि सही पोषण के लिए खा रहे हैं. सोशल मीडिया और फिटनेस ट्रेंड्स ने लोगों को जागरूक किया है. अब लोग समझ रहे हैं कि सिर्फ अंडा ही नहीं, बल्कि कई शाकाहारी विकल्प भी शरीर को उतनी ही मजबूती दे सकते हैं. कई परिवारों में अब नाश्ते में अंकुरित चना, लंच में दाल और डिनर में पनीर जैसे विकल्प शामिल हो रहे हैं. यह बदलाव धीरे-धीरे ही सही, लेकिन सेहत के लिए बड़ा कदम है. प्रोटीन के लिए अंडे पर निर्भर रहना जरूरी नहीं है. चना, पनीर, किनोआ, दाल और सोया जैसे फूड्स न सिर्फ सुलभ हैं, बल्कि ज्यादा असरदार भी साबित हो सकते हैं. जरूरत है तो बस सही जानकारी और संतुलित डाइट अपनाने की. (Disclaimer: इस लेख में दी गई जानकारियां और सूचनाएं सामान्य मान्यताओं पर आधारित हैं. Hindi news18 इनकी पुष्टि नहीं करता है. इन पर अमल करने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से संपर्क करें.)
शिवपुरी में किसानों के मुद्दों पर कांग्रेस का धरना प्रदर्शन:गेहूं खरीदी में देरी पर एसडीएम को ज्ञापा, आंदोलन तेज करने की चेतावनी

प्रदेशव्यापी किसान आंदोलन के तहत गुरुवार को जिला मुख्यालय शिवपुरी में कांग्रेस ने जोरदार धरना प्रदर्शन किया। जिला कांग्रेस अध्यक्ष मोहित अग्रवाल के नेतृत्व में दोपहर 1 बजे माधव चौक चौराहे पर बड़ी संख्या में कार्यकर्ता और पदाधिकारी एकत्रित हुए। उन्होंने किसानों की समस्याओं को लेकर भाजपा सरकार के खिलाफ विरोध जताया। प्रदर्शन में जिले भर से कांग्रेस पदाधिकारी, कार्यकर्ता, किसान कांग्रेस, युवक कांग्रेस, महिला कांग्रेस और एनएसयूआई सहित विभिन्न प्रकोष्ठों के सदस्य शामिल हुए। कांग्रेस नेताओं ने प्रदेश सरकार की नीतियों को किसान विरोधी बताते हुए उन पर तीखा हमला किया। कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि गेहूं उपार्जन की तिथियों को बार-बार आगे बढ़ाया जा रहा है, जिससे किसानों को भारी परेशानी हो रही है। उन्होंने कहा कि सरकारी नीतियों के कारण किसान अपनी उपज 2000 से 2200 रुपए प्रति क्विंटल के कम दाम पर बेचने को मजबूर हैं, जबकि अन्य राज्यों में खरीदी समय पर शुरू हो चुकी है। प्रदर्शन के बाद कांग्रेस प्रतिनिधिमंडल ने कलेक्टर के नाम एसडीएम आनंद राजावत को ज्ञापन सौंपा। प्रमुख मांगें, जिसके लिए ज्ञापन दिया दोपहर लगभग 3 बजे एसडीएम आनंद राजावत धरना स्थल पर पहुंचे। कांग्रेस नेताओं ने उन्हें ज्ञापन सौंपा, जिसके बाद धरना प्रदर्शन शांतिपूर्वक समाप्त हो गया। कांग्रेस ने चेतावनी दी कि यदि किसानों की समस्याओं का शीघ्र समाधान नहीं किया गया तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।
राजस्थानी केरी अचार रेसिपी: घर पर बनाएं राजस्थान की खास केरी अचार, 1 साल से भी ज्यादा कीमत; नोट करें रेसिपी

राजस्थानी केरी अचार रेसिपी: राजस्थान में लोग अक्सर चटपटा और तीखा खाना पसंद करते हैं। इतना ही नहीं, राजस्थानी थाली का स्वाद तब तक अधूरा है, जब तक केरी का अचार न हो। राजस्थान में इस अचार को बनाने का तरीका थोड़ा सा अलग और खट्टा है। खास बात यह है कि आप इस आचार्य को पिछले साल तक बता सकते हैं। यह बुरा नहीं है. आइये आपको राजस्थान की केरी अचार बनाने के तरीके के बारे में बताते हैं। राजस्थानी केरी अचार बनाने की सामग्री के लिए कच्ची आम केरीहल्दी का तेलसौंफमेथी दानाकलौंजीहल्दी पाउडरलाल मिर्च पाउडरहींगनमक सबसे पहले केरी को अच्छी तरह धोकर सुखा लें। अब ऐसे ही छोटे नमूने में कट लें। एक बड़ी पोथी में कटी हुई केरी, हल्की हल्दी और नमक लगभग 5-6 घंटे के लिए छोड़ दें। इससे केरी अपना पानी छोड़ो देवी। इसके बाद पानी अच्छा लें और केरी के मिश्रण को पंजाब के नीचे या हल्की धूप में 2-3 घंटे के लिए सुखाएं। ध्यान रहे, बिल्कुल नहीं रहना चाहिए।एक मिठाई में मेथी दाना और सौंफ को पेंटिंग सा भून लें। अब एक बड़े पोयस्टोर में दरदरी सौंफ, मेथी, कलौंजी, हल्दी, लाल मिर्च, हींग और नमक को एक साथ मिला लें।सरसों के तेल को एक कड़ाही में तब तक गर्म करें जब तक इसमें से धुआं ना निकले। इसके बाद गैस बंद हो गई और तेल में खराबी आ गई। बिल्कुल गर्म तेल में मोनोजल हो सकता है।जब तेल गुनगुना हो जाए, तो इसमें तैयार किए गए मूल उत्पाद शामिल हैं। अब इस मिश्रण में सुखी हुई केरी के टुकड़े शामिल हैं और अच्छी तरह से बनाए गए हैं ताकि हर टुकड़े पर ठोस की कोटिंग हो जाए। 1 साल से ज्यादा की कीमत ‘सीक्रेट टिप्स’ अचार को कांच या चीनी मिट्टी के जार में भरें। जार में अचार को दबा-दबा कर भरा और ऊपर से इतना उपयोग तेल डाला कि अचार पूरी तरह डूब जाए। तेल आचार्य के लिए ‘सुरक्षा कवच’ का काम करता है।आचार रखने के लिए प्लास्टिक का उपयोग न करें। जार को गर्म पानी से धोकर धूप में सुखाना चाहिए ताकि कोई खरीदारी न हो।आचार विचार समय हमेशा आकर्षक का उपयोग करें। सिद्धांत ही है आचार्य के सबसे बड़े दुश्मन।अचार के विज्ञापन के बाद जार के मुंह पर सूती फैब्रिक के टुकड़े उसे 4-5 दिन से लेकर रोज 2-3 घंटे की धूप तक सुनाते हैं। इसी प्रकार अच्छे प्रकार के पाक मिलते हैं।
फरमान से शादी करने वाली मोना लिसा की उम्र की होगी जांच, पर कैसे होता है यह टेस्ट, विज्ञान के हिसाब से जानिए

Last Updated:April 09, 2026, 17:03 IST Mona Lisa Age Test: सोशल मीडिया सेंसेशन मोना लिसा ने जब से केरल के एक्टर फरमान से शादी की है तब से वह विवादों में है. कहा जा रहा है मोना लिसा नाबालिग है. इसलिए फरमान के साथ यह शादी अवैध है. ऐसे में राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग ने इसे गंभीरता से लिया है और केरल और मध्य प्रदेश पुलिस को 7 दिनों के अंदर जांच करने के आदेश दिए हैं. इस बीच पुलिस ने मोना लिसा की उम्र का पता लगाने के लिए ऑसिफिकेशन टेस्ट करने का फैसला किया है. अब सवाल यह है कि किसी व्यक्ति की उम्र का पता कैसे लगाया जाता है. इसका वैज्ञानिक तरीका क्या है. आइए जानते हैं. mona_lisa_0007 इंस्टाग्राम पेज से ली गई मोना लिसा और फरमान खान की फोटो. कुंभ मेले से सोशल मीडिया में रातों-रात सनसनी बनीं मोना लिसा की उम्र की वैज्ञानिक जांच की जाएगी. दरअसल, उनकी उम्र को लेकर विवाद गहरा गया है. केरल के फरमान से शादी के बाद हिन्दू पक्षों ने कई जगहें शिकायतें पहुंचाई हैं. शिकायत में कहा गया है कि कुंभ के दौरान एक वीडियो में मोना लिसा ने अपनी उम्र 16 साल बताई थी. इस हिसाब से अभी उसकी उम्र 17 साल ही होगी लेकिन उम्र से संबंधित दस्तावेजों में हेरफेर कर गलत जानकारी दी गई है. ऐसे में मोना लिसा नाबालिग है और इस हिसाब से फरमान ने नाबालिग से शादी की है. इस तरह फरमान पर पॉक्सो एक्ट के तहत मामला दर्ज किया जाए. इसी शिकायत को संज्ञान में लेते हुए राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग ने पुलिस को जांच करने का आदेश दिया है. अब सवाल है कि उम्र का पता कैसे लगाया जाता है. इसका वैज्ञानिक तरीका क्या है. क्या विज्ञान इस गुत्थी को सुलझा पाएगा कि मोना लिसा शादी के वक्त नाबालिग थी या बालिग? विज्ञान के हिसाब से उम्र का पता विज्ञान में उम्र का पता लगाने के लिए कई तरह के टेस्ट किए जाते हैं. यह केवल एक सामान्य चेकअप नहीं बल्कि फॉरेंसिक विज्ञान की एक जटिल प्रक्रिया है जिसे ऑसिफिकेशन टेस्ट कहा जाता है. इसमें हड्डियों के जुड़ाव की स्थिति को देखा जाता है. इसके बाद डेंटल एजिंग टेस्ट है. इसमें दांतों और उसकी जड़ों की बनावट को आंका जाता है. वहीं उम्र का पता लगाने के लिए हार्मोनल और सेकेंडरी सेक्सुअल कैरेक्टर को भी आधार बनाया जाता है. फोरेंसिक साइंस में बोन डेंसिटी टेस्ट भी प्रमुख है. इसके बाद टेलोमीयर टेस्टिंग से भी इसका पता लगाया जाता है. ओसिफिकेशन टेस्ट या बोन डेंसिटी टेस्ट-विज्ञान में उम्र का अंदाजा लगाने के लिए बोन डेंसिटी टेस्ट प्रमुख है. कोई व्यक्ति नाबालिग है या बालिग, इसका पता लगाने के लिए इस टेस्ट का सबसे ज्यादा इस्तेमाल किया जाता है. इसमें एक्स-रे के जरिए हाथ की कलाई की हड्डियों के जुड़ाव की जांच की जाती है. उम्र बढ़ने के साथ हड्डियां आपस में जुड़ती हैं. विज्ञान के हिसाब से, जैसे-जैसे हम बड़े होते हैं, हमारे शरीर की हड्डियां आपस में जुड़ती हैं और उनके सिरे फ्यूज होने लगते हैं. एक्स-रे और डेंटल स्कैन के जरिए डॉक्टर इन्हीं हड्डियों के घनत्व और दांतों की बनावट का विश्लेषण करते हैं. इस विश्लेषण के आधार पर यह देखा जाता है कि व्यक्ति बालिग है या नाबालिग. हालांकि इसकी सटीकता 80% से 90% तक होती है. पोषण और बीमारियों के कारण इसमें 2-3 साल का अंतर आ सकता है. दांतों का विश्लेषण-जीवित व्यक्तियों और हाल के शवों की उम्र पता करने के लिए यह सबसे सटीक तरीका है. इसमें बच्चों में दांतों के निकलने के क्रम और वयस्कों में दांतों के घिसने या एस्पार्टिक एसिड रेसमीकरण की जांच की जाती है. बच्चों और किशोरों में यह 95% तक सटीक होता है लेकिन वयस्कों में इसमें 5-10 साल का अंतर आ सकता है. टेलोमेयर विश्लेषण-टेलोमेयर टेस्ट जेनेटिक टेस्ट है. यह उम्र पता करने की एक आधुनिक जेनेटिक विधि है. वास्तव में हमारे डीएनए के सिरों पर टेलोमेयर्स होते हैं. हर बार जब कोशिका विभाजित होती है, टेलोमेयर्स छोटे हो जाते हैं. इनकी लंबाई मापकर बायोलॉजिकल एज का पता लगाया जाता है. यह बायोलॉजिकल उम्र बताने में तो सटीक है लेकिन क्रोनोलॉजिकल उम्र (जन्म तिथि के हिसाब से) बताने में इसमें 5-8 साल का अंतर हो सकता है. सेहत, रिलेशनशिप, लाइफ या धर्म-ज्योतिष से जुड़ी है कोई निजी उलझन तो हमें करें WhatsApp,आपके सवालों का हम देंगे जवाब. About the Author Lakshmi Narayan 18 साल से ज्यादा के लंबे करियर में लक्ष्मी नारायण ने डीडी न्यूज, आउटलुक, नई दुनिया, दैनिक जागरण, हिन्दुस्तान जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में अपनी सेवाएं दी हैं। समसामयिक विषयों के विभिन्न मुद्दों, राजनीति, समाज, …और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्टोरीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्स में सबमिट करें First Published : April 09, 2026, 17:03 IST
TCS को चौथी तिमाही में ₹13,718 करोड़ का मुनाफा:सालाना आधार पर प्रॉफिट 12% बढ़ा, टोटल इनकम 9% बढ़कर ₹71,455 करोड़ पर पहुंची

देश की सबसे बड़ी आईटी (IT) कंपनी टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS) ने गुरुवार को अपने चौथी तिमाही (Q4) के नतीजे जारी कर दिए हैं। कंपनी का नेट प्रॉफिट सालाना आधार पर 12% बढ़कर 13,718 करोड़ रुपए रहा। पिछले साल इसी तिमाही में यह मुनाफा 12,247 करोड़ रुपए था। रेवेन्यू में 10% की बढ़त, 70 हजार करोड़ के पार मुनाफे के साथ-साथ कंपनी के रेवेन्यू में भी बढ़त देखी गई है। इस तिमाही में कंपनी का ऑपरेशनल रेवेन्यू 10% बढ़कर 70,698 करोड़ रुपए पर पहुंच गया। कंपनी की इस मजबूत ग्रोथ के पीछे 12 अरब डॉलर (करीब 1 लाख करोड़ रुपए) की तीन मेगा डील्स रही। FY26 की चौथी तिमाही में TCS को ₹13,718 करोड़ का मुनाफा सालाना आधार पर तिमाही आधार पर नोट: आंकड़े करोड़ रुपए में हैं। 31 रुपए प्रति शेयर लाभांश देगी TCS कंपनी ने अपने शेयरधारकों को प्रति शेयर पर 31 रुपए का लाभांश यानी डिविडेंड देने का ऐलान किया है। कंपनियां अपने मुनाफे का कुछ हिस्सा शेयर होल्डर्स को भी देती हैं, इसे ही लाभांश कहा जाता है। CEO बोले- हर सेक्टर में दिखा मजबूत प्रदर्शन TCS के CEO और MD के. कृतिवासन ने नतीजों पर खुशी जाहिर करते हुए कहा कि यह लगातार तीसरी तिमाही है जब कंपनी ने ग्रोथ दर्ज की है। उन्होंने कहा कि हमारी ‘फाइव पिलर स्ट्रेटेजी’ और AI पर फोकस काम कर रहा है। राहत की बात यह है कि यह ग्रोथ किसी एक सेक्टर तक सीमित नहीं है, बल्कि दुनिया के बड़े बाजारों और लगभग सभी इंडस्ट्रीज में देखने को मिली है। 1 साल में 20% गिरा TCS का शेयर TCS का शेयर आज यानी 9 अप्रैल को 1.20% यानी 30.80 रुपए चढ़कर 2,590 रुपए पर बंद हुआ। बीते एक महीने में कंपनी का शेयर 2.48% चढ़ा है। एक साल में करीब 20% गिरा है। कंपनी की मार्केट वैल्यू 11.71 लाख करोड़ रुपए है। 1968 में हुई थी TCS की स्थापना टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS) भारत की मल्टीनेशनल इन्फॉर्मेशन टेक्नोलॉजी (IT) कंपनी है। यह टाटा ग्रुप की एक सहायक कंपनी है। TCS की स्थापना 1968 में ‘टाटा कंप्यूटर सिस्टम्स’ के रूप में हुई थी। 25 अगस्त 2004 को TCS पब्लिक लिस्टेड कंपनी बनी। 2005 में इन्फॉरमेटिक्स मार्केट में जाने वाली यह भारत की पहली कंपनी बनी। अप्रैल 2018 में 100 अरब डॉलर मार्केट कैपिटलाइजेशन वाली देश की पहली IT कंपनी बनी। यह 46 देशों में 149 लोकेशन पर काम करती है।
सतीश शाह का पिंडदान 'साराभाई' की कास्ट ने किया था:राजेश कुमार ने बताया- निःसंतान होने पर गया में पूरी टीम ने निभाई परंपरा

एक्टर राजेश कुमार ने हाल ही में बताया कि दिवंगत एक्टर सतीश शाह के लिए टीवी शो साराभाई वर्सेज साराभाई की पूरी कास्ट ने गया में पिंडदान किया था क्योंकि उनकी कोई संतान नहीं थी। राजेश कुमार ने बॉलीवुड बबल से बात करते हुए सतीश शाह को बहुत जिंदादिल और पॉजिटिव इंसान बताया। उन्होंने कहा कि सीरियस हेल्थ प्रॉब्लम के बावजूद, उन्होंने कभी भी अपने दर्द को अपने व्यवहार या काम पर असर नहीं पड़ने दिया। राजेश के मुताबिक, सतीश शाह डायलिसिस पर थे और उनका किडनी ट्रांसप्लांट भी हुआ था, लेकिन उन्होंने कभी निराशा नहीं दिखाई। वे शम्मी कपूर से काफी प्रेरित थे, जिन्होंने जीवन के आखिरी समय में भी हिम्मत नहीं हारी। सतीश शाह आखिरी दिनों तक खुशमिजाज थे राजेश ने कहा कि सतीश शाह अपने निधन से कुछ दिन पहले भी नॉर्मल और खुशमिजाज मूड में थे। एक्टर ने कहा, “मैंने उनसे चार दिन पहले बात की थी और वह तब भी खुशमिजाज और एनर्जी से भरे हुए थे।” पिंडदान को लेकर राजेश कुमार ने कहा कि वे गया से हैं, जहां यह परंपरा निभाई जाती है। सतीश शाह के निःसंतान होने के कारण शो की पूरी टीम ने मिलकर उनका पिंडदान किया। यह एक इमोशनल फैसला था। सतीश शाह का अक्टूबर 2025 में निधन हुआ था सतीश शाह का निधन 25 अक्टूबर 2025 को 74 साल की उम्र में मुंबई में हुआ। शाह के निधन को लेकर शुरुआत में किडनी फेलियर की बात सामने आई थी। हालांकि बाद में राजेश कुमार ने साफ किया था कि उनका निधन दिल का दौरा पड़ने से हुआ था। सतीश शाह फिल्म और टीवी इंडस्ट्री का जाना-माना नाम थे। उन्होंने साराभाई वर्सेज साराभाई और जाने भी दो यारो जैसे प्रोजेक्ट्स से पहचान बनाई। इसके अलावा वे फिल्म दिलवाले दुल्हनिया ले जाएंगे, मैं हूं ना, रा.वन और इश्क विश्क में भी नजर आए थे।








