Good Health Signs : ये 10 संकेत बताते हैं कि आप पूरी तरह से हेल्दी हैं, यहां कीजिए अपनी परीक्षा

Last Updated:April 08, 2026, 18:32 IST Sign of Fit and Healthy : अगर आप हरदम इस चिंता में रहते हैं कि आपकी सेहत सही नहीं रहती तो जरा ठहरिए. एक बार अपने शरीर पर ध्यान दीजिए. अगर आपके शरीर में ये 10 संकेत दिखते हैं तो आपको घबराने की कोई जरूरत नहीं है. आप बिल्कुल फिट हैं. पर इसे बरकरार रखना चुनौती है. क्योंकि आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में गतिहीन लाइफस्टाइल और प्रदूषण सबसे बड़े दुश्मन है. इसलिए आपको अपनी सेहत को सहेज कर रखना है. अगर इस परिस्थिति में भी ये 10 संकेत दिखते हैं तो वाकई आप शानदार लाइफ जी रहे हैं. आइए इस हेल्थ टेस्ट को चेक करते हैं. जब हमारी सेहत खराब होती है या शरीर के कुछ अंग ठीक से काम नहीं करते, तो कई तरह के चेतावनी संकेत दिखते हैं. सिर दर्द, वजन कम या बढ़ना, पिंपल्स, पेट फूलना, पेट दर्द, नाक बहना जैसी कुछ चीजों से हम शरीर की बीमारी का अंदाजा लगाते हैं. लेकिन पूरी तरह से स्वस्थ होने के भी कुछ संकेत होते हैं. इनमें से कुछ संकेत थोड़े अजीब लग सकते हैं, लेकिन ये सेहत को साबित करते हैं. पॉपुलर गट एक्सपर्ट डॉक्टर सेठी ने अपने इंस्टा पोस्ट में शरीर के स्वस्थ होने के 10 अनोखे संकेत शेयर किए हैं. आइए जानते हैं वो कौन से हैं. नाक बहना-कई लोग नाक बहने को परेशानी मानते हैं. लेकिन अगर ठंडे मौसम में आपकी नाक बार-बार बहती है तो इसका मतलब है कि आप स्वस्थ हैं. ठंडी हवा जब फेफड़ों में जाती है तो शरीर उसे गर्म और नम बनाने के लिए म्यूकस बनाता है. यह एक हेल्दी प्रोटेक्टिव रिएक्शन है. इस प्रक्रिया में नाक बहना आम बात है. गैस रिलीज़ होना-यह पढ़ने में थोड़ा अजीब लग सकता है लेकिन ये सच है. गैस आना एक स्वस्थ पाचन तंत्र का संकेत है. जब पाचन तंत्र में मौजूद बैक्टीरिया खाने को तोड़ते हैं तब गैस रिलीज़ होती है. ये बहुत आम बात है. इससे पता चलता है कि आपका डाइजेस्टिव सिस्टम ठीक से काम कर रहा है. अगर कभी झुकते वक्त या सोते वक्त अचानक गैस निकल जाए तो शर्मिंदा मत होइए. इसे समझिए कि आपकी पाचन प्रक्रिया खुश है और ये एक बड़ा संकेत है. Add News18 as Preferred Source on Google हल्का पीला रंग का पेशाब-पेशाब का रंग हमारे स्वास्थ्य के बारे में कई बातें बताता है. अगर पेशाब हल्के पीले रंग का है तो इसका मतलब है कि शरीर में पानी की मात्रा सही है और किडनी ठीक से काम कर रही है. अगर पेशाब का रंग ऑरेंज, रेड, ब्लू, ग्रीन या गहरा भूरा हो जाए तो तुरंत डॉक्टर से सलाह लें. डकार आना-खाना खाने के बाद डकार आना बिल्कुल सामान्य है. खासकर जब आप कार्बोनेटेड ड्रिंक पीते हैं तो कई लोगों को लगातार डकार आती है. इसके लिए शर्मिंदा होने की जरूरत नहीं है. डकार आने से पेट में जमा गैस बाहर निकलती है और पेट की फुलावट कम होती है. नियमित शौच जाना. रोज़ाना नियमित रूप से शौच जाना अच्छे स्वास्थ्य का संकेत है. इसका मतलब है कि आपकी पाचन प्रणाली पूरी तरह से ठीक काम कर रही है. दिन में 3 बार या हफ्ते में 3 बार शौच जाना आम बात है. ये बताता है कि आपकी डाइजेस्टिव सिस्टम स्वस्थ है. पसीना आना-पसीना आना शरीर के लिए अच्छा संकेत है. खासकर जब आप एक्सरसाइज या कोई शारीरिक गतिविधि करते हैं और शरीर से पसीना निकलता है तो इसका मतलब है कि आप स्वस्थ हैं. यह शरीर का नैचुरल कूलिंग सिस्टम है जो आपको गर्मी से बचाता है. पसीना शरीर का तापमान कंट्रोल करने में मदद करता है. मसूड़ों से खून न आन- मसूड़े स्वस्थ होना भी अच्छे स्वास्थ्य का संकेत है. खासकर, ब्रश करते समय मसूड़ों से खून नहीं आना चाहिए. अगर खून आता है तो यह सूजन या मुंह की सफाई में कमी को दिखाता है. अंदरूनी कोई स्वास्थ्य समस्या हो तो भी मसूड़ों से खून आ सकता है. रोज ब्रश करते समय एक बार अपने मसूड़ों को जरूर देखें. त्वचा की लचीलापन- कभी-कभी जब त्वचा को खरोंचते हैं तो वह फिर से अपनी जगह पर आ जाती है. यह त्वचा की लचीलापन एक अच्छा संकेत है कि आप स्वस्थ हैं. इसका मतलब है कि शरीर में पर्याप्त नमी है और स्किन की इलास्टिसिटी ठीक है. First Published : April 08, 2026, 18:32 IST
गर्भावस्था में क्या न खाएं… प्रेग्नेंट महिलाओं के लिए पूरी गाइड, वरना करवानी पड़ सकती है अनचाही डिलीवरी!

Last Updated:April 08, 2026, 18:31 IST गर्भावस्था के दौरान मां के खान-पान का सीधा असर बच्चे की सेहत पर पड़ता है. इस समय सही और सुरक्षित आहार लेना बहुत जरूरी है. गलत भोजन से संक्रमण, जन्मजात समस्याएं और अन्य स्वास्थ्य जटिलताएं हो सकती हैं. इस आर्टिकल में हम बताएंगे कि प्रेग्नेंट महिलाएं किन चीज़ों से बचें और सुरक्षित खान-पान अपनाएं. गर्भावस्था का समय महिलाओं के जीवन का एक बेहद महत्वपूर्ण और संवेदनशील चरण होता है. इस दौरान मां के खान-पान का सीधा असर गर्भ में पल रहे बच्चे की सेहत पर पड़ता है. इसलिए गर्भवती महिलाओं को यह ध्यान रखना बहुत जरूरी है कि वे क्या खाती हैं और क्या नहीं. कुछ खाद्य पदार्थ ऐसे हैं जो बच्चे और मां दोनों के लिए हानिकारक हो सकते हैं. कच्चा या अधपका खाना: गर्भावस्था में कच्चा या अधपका मांस, अंडा और समुद्री भोजन खाने से बचना चाहिए. इनमें बैक्टीरिया या परजीवी हो सकते हैं, जो मां और बच्चे दोनों को संक्रमण दे सकते हैं. विशेष रूप से लिस्टेरिया और साल्मोनेला संक्रमण गर्भ में गंभीर समस्याएं पैदा कर सकते हैं. ज्यादा कैफीन और कोला ड्रिंक्स: चाय, कॉफी और कोला जैसी कैफीन युक्त चीजें गर्भावस्था में बहुत अधिक मात्रा में नहीं लेनी चाहिए. अत्यधिक कैफीन के सेवन से गर्भ में बच्चे का विकास प्रभावित हो सकता है और यह समय से पहले जन्म का जोखिम भी बढ़ा सकता है. Add News18 as Preferred Source on Google अल्कोहल और धूम्रपान: गर्भावस्था में शराब और सिगरेट का सेवन पूरी तरह से मना है. शराब से भ्रूण में विकास संबंधी गंभीर समस्याएं हो सकती हैं, जैसे हृदय की कमजोरियों या न्यूरोलॉजिकल समस्याएं. धूम्रपान से बच्चा कम वजन का हो सकता है और गर्भपात का खतरा भी बढ़ जाता है. असुरक्षित डेयरी उत्पाद: पाश्चुरीकृत न किए गए दूध, क्रीम और पनीर जैसी चीजें खाने से बचें. इनमें बैक्टीरिया होने की संभावना होती है जो गर्भावस्था में संक्रमण पैदा कर सकते हैं. हमेशा पाश्चुरीकृत और अच्छी क्वालिटी वाले डेयरी उत्पाद ही लें. अधिक तैलीय और जंक फूड: तली-भुनी चीजें, फास्ट फूड और अत्यधिक मसालेदार भोजन गर्भावस्था में सेहत के लिए हानिकारक हो सकते हैं. यह खाने से पेट की समस्याएं, एसिडिटी और मोटापे की समस्या बढ़ सकती है. ज्यादा मीठा और प्रोसेस्ड शुगर: शुगर की अधिक मात्रा गर्भावस्था में डायबिटीज या बच्चे का असामान्य वजन बढ़ने का कारण बन सकती है. मिठाई और पैकेज्ड फूड सीमित मात्रा में ही खाएं. कुछ विशेष फल और जड़ी-बूटियां: कुछ जड़ी-बूटियां और खट्टे फल जैसे पपीता (कच्चा), अनार के बीज या लस्सी में अत्यधिक मसाले गर्भ में बच्चे को नुकसान पहुंचा सकते हैं. डॉक्टर की सलाह के बिना हर्बल सप्लीमेंट्स न लें. गर्भावस्था में संतुलित और पोषक आहार का सेवन करना बहुत जरूरी है. कच्चा खाना, अल्कोहल, जंक फूड और अत्यधिक कैफीन से बचना चाहिए. हमेशा ताजा, साफ और पोषक तत्वों से भरपूर भोजन लें. यह ध्यान रखने से माँ और बच्चे दोनों स्वस्थ रहेंगे और गर्भावस्था की कठिनाइयां कम होंगी. First Published : April 08, 2026, 18:31 IST
Healthy Body Signs: शरीर में दिख रहे ये 10 संकेत, तो इसका मतलब आप पूरी तरह स्वस्थ हैं

Last Updated:April 08, 2026, 18:07 IST Healthy Body Sign: जब हमारी सेहत बिगड़ती है या शरीर के कोई अंग ठीक से काम करना बंद कर देते हैं, तो कुछ चेतावनी के संकेत दिखाई देते हैं. ऐसे ही जब आपका शरीर ठीक तरह से काम कर रहा होता है, तो इससे संबंधित भी संकेत नजर आते हैं. यहां हम आपको ऐसे ही 10 संकेतों के बारे में बता रहे हैं, जो यह बताता हैं कि आप पूरी तरह से स्वस्थ हैं. अगर हमारी सेहत खराब हो रही हो या शरीर के किसी अंग में कोई दिक्कत हो तो कुछ तरह के चेतावनी संकेत नजर आते हैं. सिरदर्द, वजन कम या ज्यादा होना, मुंहासे, पेट फूलना, पेट दर्द, नाक बहना जैसी कुछ लक्षणों से हम शरीर की सेहत का अंदाजा लगाते हैं. लेकिन, यह जानना भी जरूरी है कि जब हम पूरी तरह स्वस्थ हैं, तब भी शरीर कुछ संकेत देता है. इनमें से कुछ संकेत थोड़े अजीब लग सकते हैं, लेकिन ये अच्छे स्वास्थ्य का संकेत होते हैं. पॉपुलर गट एक्सपर्ट डॉक्टर सेठी ने बताया कि शरीर के स्वस्थ होने के 10 अजीब संकेत कौन-कौन से हैं. उन्होंने ये संकेत अपने इंस्टाग्राम पोस्ट में शेयर किए हैं. आइए जानते हैं वे कौन से संकेत हैं. नाक बहना कई लोगों को परेशान करता है. लेकिन अगर ठंडे मौसम में बार-बार नाक बहती है तो इसका मतलब है कि आप स्वस्थ हैं. ठंडी हवा जब फेफड़ों में जाती है तो शरीर उसे गर्म और नम बनाने के लिए म्यूकस बनाता है. यह एक हेल्दी और प्रोटेक्टिव रिएक्शन है. इस प्रक्रिया में नाक बहना आम बात है. कई बार जब हम कोई काम कर रहे होते हैं, तो अचानक कान से मैल बाहर आ जाता है. यह चिपचिपा सा दिखने वाला मैल देखकर लोग असहज महसूस करते हैं. लेकिन यह एक स्वस्थ शरीर का संकेत है. यह धूल, बैक्टीरिया और अन्य कणों को रोककर कान की सुरक्षा करता है. यह गंदगी नहीं है, बल्कि कान के लिए एक सुरक्षा कवच है. कान के अंदर की गंदगी को साफ करने के लिए अलग से मेहनत करने की जरूरत नहीं है. Add News18 as Preferred Source on Google पेशाब का रंग हमारे स्वास्थ्य के बारे में कई राज खोलता है. अगर इसका रंग हल्का पीला है तो इसका मतलब है कि शरीर में पानी की मात्रा सही है और किडनी ठीक से अपशिष्ट पदार्थों को फिल्टर कर रही हैं. लेकिन अगर पेशाब का रंग नारंगी, लाल, नीला, हरा या गहरा भूरा हो जाए तो सतर्क हो जाएं और तुरंत डॉक्टर से सलाह लें. खाना खाने के बाद डकार आना एक आम बात है. खासतौर पर, कार्बोनेटेड ड्रिंक्स पीने के बाद बहुत से लोगों को बार-बार डकार आती है. इसके लिए शर्मिंदा होने की जरूरत नहीं है. यह याद रखना चाहिए कि यह प्रक्रिया पेट में जमा अतिरिक्त गैस को बाहर निकालकर पेट की गैस और भारीपन को कम करने में मदद करती है. पेट में गड़बड़ी होना, आंतों में मरोड़ जैसा महसूस होना थोड़ी परेशानी जरूर देता है. लेकिन यह अच्छी सेहत का संकेत भी हो सकता है. आंतें सक्रिय रूप से काम करते हुए खाना और गैस को बाहर निकालने की प्रक्रिया में यह समस्या हो सकती है. इसे लेकर किसी तरह की चिंता करने की जरूरत नहीं है. कभी-कभी, जब त्वचा को चुटकी से दबाया जाता है, तो वह तुरंत अपनी मूल स्थिति में लौट आती है. ‘त्वचा की लोच’ इस बात का एक अच्छा संकेत है कि आपका स्वास्थ्य अच्छा है. यह दर्शाता है कि शरीर में पर्याप्त मात्रा में पानी (हाइड्रेशन) मौजूद है और त्वचा की लोच स्वस्थ है. थोड़ा अजीब लग सकता है, लेकिन यह सच है. गैस पास करना एक स्वस्थ पाचन तंत्र की निशानी है. गैस तब निकलती है जब पाचन तंत्र के अंदर मौजूद बैक्टीरिया भोजन को तोड़ते हैं. यह एक बहुत ही आम बात है. इसके अलावा, यह इस बात का संकेत है कि आपका पाचन तंत्र पूरी तरह से काम कर रहा है. अगर आपसे गलती से गैस निकल जाती है—चाहे झुकते समय हो या सोते समय—तो आपको शर्मिंदा महसूस नहीं करना चाहिए. इसके बजाय, आपको इसे एक ऐसे ज़ोरदार संकेत के तौर पर देखना चाहिए जो यह बताता है कि आपका पाचन तंत्र खुश और स्वस्थ है. नियमित और लगातार मल त्याग होना अच्छे स्वास्थ्य की निशानी है. यह दर्शाता है कि आपका पाचन तंत्र अपनी 100% क्षमता पर काम कर रहा है. दिन में तीन बार से लेकर हफ़्ते में तीन बार तक मल त्याग होना आम बात है; यह एक स्वस्थ पाचन तंत्र की मौजूदगी को दर्शाता है. स्वस्थ मसूड़े होना अच्छी सेहत की निशानी है. खास तौर पर, दांत ब्रश करते समय आपके मसूड़ों से खून नहीं आना चाहिए. अगर खून आता है, तो यह सूजन या मुंह की ठीक से सफाई न होने का संकेत हो सकता है. मसूड़ों से खून आना शरीर के अंदरूनी स्वास्थ्य से जुड़ी समस्याओं का लक्षण भी हो सकता है. हर दिन ब्रश करते समय, एक पल निकालकर अपने मसूड़ों को ध्यान से देखें. पसीना आना इस बात का अच्छा संकेत है कि शरीर पसीना बहा रहा है. खासकर, व्यायाम या शारीरिक गतिविधि के दौरान पसीना आना अच्छे स्वास्थ्य की निशानी है. पसीना शरीर के तापमान को नियंत्रित करने में सहायक होता है. First Published : April 08, 2026, 18:02 IST
केरल चुनाव: वोट से पहले ‘कैश फॉर वोट’ का खंडन, वीडियो से अनमोल गरमाई; कांग्रेस ने EC पर भी कसा तंज

केरल विधानसभा चुनाव 2026: केरल विधानसभा चुनाव से ठीक पहले ससुराल पक्ष चरम पर है। कांग्रेस नेता वी.डी. शेरीशन ने एक कथित वीडियो जारी कर बड़ा आरोप लगाया है कि बीजेपी कार्यकर्ता वोट के बदले पैसे बांट रहे हैं। उन्होंने दावा किया कि वीडियो में साफा दिख रहा है कि एक बुजुर्ग महिला को पैसे दिए जा रहे हैं और यह सभी पार्टी कैंडिडेट्स की परीक्षा में शामिल हो रहे हैं। साथ ही सतीशन ने कहा कि यह सिर्फ एक सीट तक सीमित नहीं है, बल्कि कई इलेक्ट्रोलाक्ट्स में महिलाओं को पास और सा ग्लास लाइट की कोशिश की जा रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि ‘यह केरल में पहली बार और बीजेपी वोटरों को प्रभावित करने के लिए नई व्यवस्था लागू कर रही है।’ उनका कहना है, इस लोकतांत्रिक प्रक्रिया को प्रभावित करने की गंभीर कोशिश की गई है, जिसे बंद नहीं किया जा सकता। #घड़ी | एर्नाकुलम | कल केरलम विधानसभा चुनाव से पहले, कांग्रेस नेता वीडी सतीसन कहते हैं, “हमने एक वीडियो जारी किया है, दृश्यों में यह बहुत स्पष्ट है कि भाजपा कार्यकर्ता भाजपा उम्मीदवार की उपस्थिति में वोट के लिए एक बूढ़ी महिला को पैसे दे रहे हैं। वे ऐसा कर रहे हैं… pic.twitter.com/EEvGnG5av1 – एएनआई (@ANI) 8 अप्रैल 2026 कांग्रेस ने इस मुद्दे पर चुनाव आयोग से तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है. श्रीशेषन ने चेतावनी दी कि यदि संबंधित अधिकारी कार्रवाई नहीं करते हैं, तो पार्टी कानूनी तौर पर हट जायेगी. उन्होंने कहा कि चुनाव के ठीक पहले इस तरह की चुनावी आचार संहिता का खुला उल्लंघन है। अलाप्पुझा में कांग्रेस के सांसद केसी वेणुगोपाल ने भी पलक्कड़ में पैसे की चमक के साथ को “चौंकाने वाला” बताया। उन्होंने कहा कि मीडिया वैज्ञानिक और वीडियो में साफा संकेत शामिल हैं कि प्रतियोगी की भूमिका संदिग्ध है। उन्होंने चुनाव आयोग से सक्रिय और कड़ी कार्रवाई की मांग की, ताकि चुनाव की समितियां बनी रहें। #घड़ी | अलाप्पुझा, केरल: कांग्रेस सांसद केसी वेणुगोपाल का कहना है, “चौंकाने वाली मीडिया रिपोर्टें हैं कि पलक्कड़ में बीजेपी उम्मीदवार के पक्ष में पैसे बांटे गए हैं। साथ ही, सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि बीजेपी उम्मीदवार खुद इन सभी चीजों में शामिल हैं। वीडियो में यही बताया गया है… pic.twitter.com/FeyzaOyOGz – एएनआई (@ANI) 8 अप्रैल 2026 पलक्क में जीत तय, कांग्रेस-एल दोष के आरोप: बीजेपी का पलटवार एस.एस.सुरेश ने कांग्रेस और एलएलसी के समर्थकों को लेटर से खारिज करते हुए पल्कॉक में बीजेपी की जीत का दावा किया है। उन्होंने कहा कि ‘पलक्क की जनता ने तय कर दिया है कि यहां बीजेपी के नेता बने हैं, इसी डर से कांग्रेस ने बयान दे रही है.’ महिलाओं को पैसे उधार देने पर उन्होंने कहा कि ये ‘गंभीर आरोप नहीं हैं’ और संबंधित महिला ने खुद को स्पष्ट कर दिया है कि बीजेपी ने कोई पैसा नहीं दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस और एलएफ़टी हार के डर से झूठ फैला रहे हैं। सोभा सुंदरन का नाम लेते हुए उन्होंने कहा कि जनता उन्हें ही अनुयायी मानती जा रही है। बीजेपी ने भरोसा जताया कि इस बार पलक्कड में जीत तय है। #घड़ी | तिरुवनंतपुरम, केरलम | पलक्कड़ में महिला मतदाताओं को पैसे देने के कांग्रेस के बीजेपी पर आरोप पर प्रदेश बीजेपी महासचिव एस सुरेश कहते हैं, ”ये गंभीर आरोप नहीं हैं. महिला ने साफ कर दिया है कि बीजेपी ने कोई पैसा नहीं दिया है. लेकिन कुछ लोग… pic.twitter.com/aJWuqCZjPt – एएनआई (@ANI) 8 अप्रैल 2026 लेफ्ट का भी आरोपइधर, प्लाकॉक के विधायक राहुल मैमकुथिल ने भी कड़ा संदेश दिया। उन्होंने कहा, “आप अपना पैसा अलग-अलग तरह से फैला सकते हैं, लेकिन पलक्क के दम पर एक भी वोट नहीं खरीदा जा सकता।” उन्होंने कहावतों का जिक्र करते हुए कहा कि एक प्रतियोगी के सहयोगी को जनता ने पैसे बांटते हुए पकड़ा था, जो बेहद खतरनाक है। इसके अलावा कांग्रेस ने चुनाव आयोग के समर्थकों पर भी सवाल उठाए हैं. श्रीशिशन ने कहा कि पोस्टल बैलेट की सुविधा न होने से अधिकारियों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा। उन्होंने आरोप लगाया कि क्षेत्र में कई अधिकारियों ने प्रस्ताव पेश किए, लेकिन वहां बैलेट की व्यवस्था ही नहीं की गई। #घड़ी | अदूर, केरलम: राज्य विधानसभा चुनावों पर पलक्कड़ के विधायक राहुल मामकुत्तथिल कहते हैं, “…आप अपनी विचारधारा फैला सकते हैं, लेकिन आप पैसे से पलक्कड़ में एक भी वोट नहीं खरीद सकते। हाल ही में, एक उम्मीदवार और उसके करीबी सहयोगी पर वोट के लिए नकदी बांटने का आरोप लगाया गया था। एक सहयोगी,… pic.twitter.com/ZThRY68SkY – एएनआई (@ANI) 8 अप्रैल 2026 यह भी पढ़ें: बंगाल चुनाव 2026: कृष्णेंदु नाम के तीन उम्मीदवार एक सीट पर लड़ रहे चुनाव, दिलचस्प है इस सीट पर चुनावी लड़ाई
‘सूबेदार’ मेरे लिए सिर्फ फिल्म नहीं, बड़ा मौका रही:गौरव कुमार बोले- अनिल कपूर सर के साथ काम करना सपना पूरा होने जैसा था

रायबरेली से निकलकर हिंदी और तेलुगु सिनेमा में अपनी पहचान बना रहे गौरव कुमार एक बहुमुखी अभिनेता और फिल्ममेकर हैं। हाल ही में वे अनिल कपूर की फिल्म ‘सूबेदार’ में नजर आए हैं। अपनी सफल फिल्म ‘रायबरेली’ के बाद अब वे ‘प्रधानी’, ‘लाल दाना’ और ‘सूअर’ जैसे प्रोजेक्ट्स के जरिए नई संभावनाओं की तलाश कर रहे हैं। उनसे खास बातचीत… ‘सूबेदार’ में काम करने का मौका कैसे मिला? कास्टिंग प्रोसेस कैसा रहा? सच कहूं तो यह एक इत्तेफाक जैसा था। ‘कास्टिंग बे’ ने लखनऊ में पांच दिन का ऑडिशन रखा था। मुझे लगा शायद यह फेक होगा, क्योंकि पांच दिन लंबा ऑडिशन? लेकिन एक दोस्त जबरदस्ती ले गया। वहां कास्टिंग डायरेक्टर्स को मेरा लुक पसंद आया, फिर दो बार और ऑडिशन हुआ। जब उन्होंने बताया कि फिल्म में अनिल कपूर जी हैं, तो मेरी खुशी का ठिकाना नहीं रहा। बचपन से उनकी ‘नायक’ जैसी फिल्में देखी हैं, हम उनके काम के कायल रहे हैं। ऑडिशन के दौरान मैंने किसी को यह नहीं बताया था कि मैं पहले भी 2-3 फिल्में कर चुका हूं। ‘रायबरेली’ नाम की फिल्म में मैंने सोलो रोल किया है। सेट पर अनिल कपूर के साथ काम करने का अनुभव कैसा रहा? आज भी वे 20-25 साल के लड़के जैसी एनर्जी रखते हैं। मेरा 15 दिन का शेड्यूल था, जिसमें उनके साथ स्क्रीन स्पेस मिला। वे अपने काम के प्रति बेहद ईमानदार और गंभीर हैं। डायरेक्टर जो कहते हैं, वही करते हैं। शूट के बाद वे मस्ती-मजाक भी करते थे। उन्होंने मुझसे ‘नायक’ फिल्म के कई किस्से साझा किए, खासकर कीचड़ वाला सीन, बताते थे कि वह कितना मेहनत भरा था। फिल्म में आपके किरदार और सह-कलाकारों के बारे में बताएं? फिल्म में मुझे अच्छा-खासा स्क्रीन स्पेस मिला है। मैं फैजल मलिक (सीरीज ‘पंचायत’ फेम) के राइट हैंड के तौर पर हूं । फैजल भाई बेहद शानदार इंसान हैं। उनके साथ काम करके बहुत मजा आया। इसके अलावा परेश रावल जी के बेटे आदित्य रावल भी फिल्म में हैं, उन्होंने भी जबरदस्त काम किया है। क्या आपने सेट पर बताया कि आप खुद फिल्म बना चुके हैं? सौरभ शुक्ला और फैजल मलिक को हमने यह बात बताई, क्योंकि उनका थिएटर से गहरा जुड़ाव रहा है। उन्होंने इसकी काफी तारीफ की। जब हमने बताया कि हम भारतेंदु नाट्य अकादमी से पासआउट हैं, तो वे और भी खुश हुए। उन्होंने आशीर्वाद देते हुए कहा- ‘बहुत बढ़िया, यह तो और भी अच्छी बात है।” उनका मानना है कि जितना सीखकर और पढ़कर जाएंगे, वह अनुभव आगे जरूर काम आएगा। इंडिपेंडेंट फिल्मों और बड़े बैनर के साथ काम करने में क्या अंतर है? सबसे बड़ा अंतर प्रोफेशनलिज्म और ईमानदारी का है। बड़े स्टार्स समय से सेट पर आते हैं और काम के दौरान पूरी तरह गंभीर रहते हैं। डायरेक्टर सुरेश त्रिवेणी और अनिल कपूर जी ने मेरे काम और लुक की तारीफ की। यहां तक कि उनके बॉडीगार्ड ने आकर बताया कि सर आपकी बहुत तारीफ कर रहे थे। यह मेरे लिए बहुत बड़ा प्लस पॉइंट है। ‘सूबेदार’ एक सस्पेंस थ्रिलर है और उम्मीद है कि इसके दूसरे पार्ट में भी मेरा किरदार नजर आए। सोशल मीडिया के दौर को एक एक्टर के तौर पर कैसे देखते हैं? सोशल मीडिया आज की जरूरत है। कास्टिंग एजेंसियां अब फॉलोअर्स भी देखती हैं, क्योंकि वे प्रमोशन में काम आते हैं। मैं भी अब अच्छे और संदेशपूर्ण कंटेंट पर काम करने जा रहा हूं। लेकिन एक बात जरूर कहूंगा,एक्टिंग और यूट्यूबिंग में फर्क है। जो लोग मुंबई आना चाहते हैं, उन्हें सीखकर आना चाहिए। पढ़ाई बहुत जरूरी है। सिर्फ किसी के कहने पर कि “तुम हीरो लगते हो” या “मुंबई जाकर ट्राई करो”, बिना सोचे-समझे कदम न उठाएं। सबसे जरूरी है खुद को समझना कि आप अभिनय कर सकते हैं या नहीं। क्या आपने किसी टैलेंट एजेंसी से जुड़ने की कोशिश की? अभी मैं किसी एजेंसी से जुड़ा नहीं हूं, लेकिन इसके बारे में अच्छी जानकारी ली है। आमतौर पर एजेंसियां 2 या 5 साल का एग्रीमेंट करती हैं। उस दौरान आप जो भी काम करते हैं, वह उनकी जानकारी और अनुमति से होता है। यह सिस्टम प्रोफेशनल है। अगर आप पारदर्शिता रखते हैं और उनसे सलाह लेते हैं, तो वे आपके करियर को सपोर्ट करती हैं। इस वक्त आप किन प्रोजेक्ट्स पर काम कर रहे हैं? मेरी एक फिल्म ‘सूअर’ OTT के लिए आने वाली है, जिसमें मेरा लुक बिल्कुल अलग होगा। इसके अलावा ‘लाल दाना’ और ‘प्रधानी’ की शूटिंग पूरी हो चुकी है। ‘प्रधानी’ एक रियलिस्टिक फिल्म है, बिल्कुल ‘पंचायत’ की तरह, जिसमें गांव की राजनीति और प्रधान के कामकाज को असली अंदाज में दिखाया गया है। ‘रायबरेली 2’ का क्या अपडेट है? ‘रायबरेली’ को बहुत प्यार मिला। अब हम ‘रायबरेली 2’ की तैयारी कर रहे हैं और कोशिश है कि इसकी शूटिंग इसी साल शुरू हो। मेरा मकसद लोकल टैलेंट को मौका देना है, जो आर्थिक कारणों से मुंबई नहीं जा पाते। पॉजिटिव के साथ कुछ निगेटिव फीडबैक भी मिला, इसलिए अगली फिल्म में उन कमियों को दूर करने की कोशिश करूंगा। एक दिलचस्प बात यह रही कि मुंबई में ऑडिशन के दौरान लोग ‘रायबरेली’ को ‘बरेली’ समझ रहे थे। तभी सोचा कि अपने शहर के नाम से फिल्म बनाऊंगा, ताकि उसकी पहचान बने। ‘रायबरेली’ की फंडिंग कैसे हुई थी? फिल्म की फंडिंग हमारे मित्र विनीत यादव (इटावा/मैनपुरी) के जरिए हुई। शुरुआत में वे थोड़ा हिचकिचा रहे थे, लेकिन हमने उन्हें कन्विंस किया और लोकेशन व अन्य व्यवस्थाओं की जिम्मेदारी खुद ली। अब यूपी सरकार भी फिल्मों को बढ़ावा दे रही है। अगर 70 प्रतिशत शूट यूपी में होता है, तो सब्सिडी मिलती है, जिससे फिल्ममेकर्स को काफी मदद मिलती है।
अचानक मुंह में मक्खी या मच्छर चले जाने पर घबराएं नहीं, जानिये एक्सपर्ट की सलाह

अक्सर टहलते समय, बात करते हुए या गाड़ी चलाते हुए अचानक मच्छर या मक्खी मुंह में चली जाती है. यह स्थिति डराने वाली हो सकती है, लेकिन अधिकतर मामलों में घबराने की जरूरत नहीं होती. एक्सपर्ट्स के मुताबिक, छोटे कीड़े गलती से निगल लेना आमतौर पर नुकसानदेह नहीं होता, क्योंकि हमारा पाचन तंत्र उन्हें संभाल सकता है. 1) तुरंत क्या करें शांत रहें: घबराने से खांसी या उल्टी जैसा रिफ्लेक्स बढ़ सकता है.मुंह खोलकर थूक दें: अगर कीड़ा अभी मुंह में है तो तुरंत बाहर थूकें.पानी से कुल्ला करें: सादा पानी या हल्का नमक‑पानी गले की जलन कम करता है.धीरे‑धीरे पानी पिएं: इससे गले में अटकन का एहसास कम होता है. 2) क्या यह खतरनाक हो सकता है? सामान्य मक्खी/मच्छर: अधिकतर मामलों में सुरक्षित. पेट का एसिड कीड़ों को नष्ट कर देता है.बीमारी का खतरा: मच्छर‑जनित बीमारियां काटने से फैलती हैं, निगलने से नहीं.अपवाद: अगर मधुमक्खी/ततैया जैसे डंक मारने वाले कीड़े अंदर चले जाएं, तो गले में सूजन हो सकती है, यह स्थिति गंभीर हो सकती है. 3) किन लक्षणों पर तुरंत डॉक्टर को दिखाएं सांस लेने में दिक्कतहोंठ, जीभ या गले में तेज सूजनलगातार उल्टी, चक्कर या बेहोशीत्वचा पर पित्ती/एलर्जी के लक्षणये संकेत एलर्जिक रिएक्शन (एनाफिलैक्सिस) के हो सकते हैं और तुरंत इलाज ज़रूरी है. 4) एक्सपर्ट्स क्या सलाह देते हैं उल्टी कराने की कोशिश न करें, इससे जलन बढ़ सकती है.अगर खांसी से बाहर न आए और सांस में रुकावट लगे, तो इमरजेंसी मदद लें.अस्थमा या एलर्जी वाले लोग विशेष सावधानी रखें. 5) भविष्य में कैसे बचें बाहर खाते‑पीते समय गिलास ढकेंसाइक्लिंग/जॉगिंग के दौरान मुंह बंद रखेंमच्छर‑रोधी उपाय अपनाएं अचानक मच्छर या मक्खी मुंह में चले जाना एक आम घटना है और ज़्यादातर मामलों में हानिरहित ही है. सही कदम उठाएं, लक्षणों पर नज़र रखें और आवश्यकता पड़ने पर तुरंत चिकित्सक की सहायता लें.
लेटेंट विवाद पर समय रैना के बड़े खुलासे:कहा- कपिल शर्मा मेरे अगले एपिसोड में आने वाले थे; सुनील पाल, मुकेश खन्ना पर कसा तंज

स्टैंडअप कॉमेडियन समय रैना ने अपने नए यूट्यूब स्पेशल ‘समय रैना- स्टिल अलाइव’ के साथ वापसी की है। पिछले साल ‘इंडियाज गॉट लेटेंट’ शो को लेकर हुए भारी विवाद के बाद यह उनका पहला बड़ा वीडियो है। मंगलवार को रिलीज हुए इस 1 घंटे 21 मिनट के स्पेशल में समय ने उन सभी सेलेब्स को जवाब दिया है जिन्होंने मुश्किल वक्त में उनकी आलोचना की थी। साथ ही उन्होंने अपने फैंस को बताया कि वे जल्द ही ‘इंडियाज गॉट लेटेंट’ का सीजन 2 लेकर आ रहे हैं। समय ने लेटेंट विवाद को ‘क्रॉस फायर’ बताया है, जिसमें एक कश्मीरी होने के नाते वे बीच में फंस गए। मुकेश खन्ना और बी प्राक पर साधा निशाना विवाद के दौरान मुकेश खन्ना (शक्तिमान) और सिंगर बी प्राक ने समय की काफी आलोचना की थी। इस पर पलटवार करते हुए समय ने कहा, “शक्तिमान कह रहे थे कि ऐसे कंटेंट का बच्चों पर क्या असर पड़ेगा। भाई, जब शक्तिमान आता था, तब हर दूसरे महीने खबर आती थी कि किसी बच्चे ने शक्तिमान समझकर छत से छलांग लगा दी। आपने तो बच्चे मारे हैं, आप क्या बोल रहे हो?” वहीं बी प्राक के लिए उन्होंने कहा कि उन्हें किसी ने पॉडकास्ट पर बुलाया भी नहीं था, फिर भी वे बीच में कूद पड़े। सुनील पाल और कपिल शर्मा का जिक्र समय ने कॉमेडियन सुनील पाल पर भी तंज कसा। उन्होंने बताया कि सुनील पाल उन्हें टीवी पर कपिल शर्मा से सीखने की सलाह दे रहे थे, जबकि असलियत में कपिल समय के अगले एपिसोड में आने वाले थे। समय ने दावा किया कि कपिल उन्हें मैसेज करके शो की तारीफ करते थे और खुद को उनका बड़ा फैन बताते थे। समय ने कहा कि एक ‘साफ-सुथरा’ किरदार निभाना उनके लिए बनावटी है और वे अपनी डार्क कॉमेडी के अंदाज को नहीं छोड़ेंगे। रणवीर अल्लाहबादिया पर किया खुलासा समय रैना ने अपने स्पेशल में उस FIR पर खुलकर बात की जो यूट्यूबर रणवीर अल्लाहबादिया के एक कमेंट के कारण हुई थी। समय ने बताया कि उस विवादित एपिसोड में रणवीर ने एक कंटेस्टेंट के माता-पिता को लेकर अभद्र सवाल एक बार नहीं, बल्कि 8 बार पूछा था। समय ने मजाक में कहा, “मैंने एडिट के दौरान उन 8 में से 7 सवाल हटा दिए थे। मैंने तो अपनी तरफ से 99% कीटाणु मार दिए थे, पर एक परसेंट रह गए और विवाद हो गया।” उन्होंने रणवीर की ‘क्लीन इमेज’ पर तंज कसते हुए उन्हें ‘द मंक हू सोल्ड माई फेरारी’ कहा। ‘इंडियाज गॉट लेटेंट’ का सीजन 2 आएगा वीडियो के आखिरी हिस्से में समय ने अपने फ्यूचर प्रोजेक्ट का ऐलान किया। उन्होंने कहा कि लोग अक्सर पूछते हैं कि क्या ‘इंडियाज गॉट लेटेंट’ खत्म हो गया है? समय ने कहा, “सीजन 1 इससे बेहतर हाई पॉइंट पर खत्म नहीं हो सकता था। लेकिन मैं सीजन 2 जरूर लाऊंगा क्योंकि मुझे वह काम करने में मजा आता है। अब मैं दुनिया में जब तक हूं, बस मजे करना चाहता हूं।” उन्होंने वादा किया कि अगला सीजन और भी ‘वाइल्ड’ होगा। क्या था 2025 का विवाद? साल 2025 में समय रैना का शो ‘इंडियाज गॉट लेटेंट’ अपनी डार्क कॉमेडी और अश्लील चुटकुलों के कारण विवादों में घिर गया था। शो में गेस्ट बनकर आए रणवीर अल्लाहबादिया ने एक कंटेस्टेंट के परिवार पर टिप्पणी की थी, जिसके बाद पुलिस में FIR दर्ज हुई। भारी दबाव और कानूनी कार्रवाई के चलते समय को वह एपिसोड डिलीट करना पड़ा था और माफी भी मांगनी पड़ी थी।
निवाड़ी में नशे में टंकी पर चढ़ा लड़का:बोला- दादाजी 15 लाख की जमीन 5 लाख में बचे रहे, मैं जान देने यहां आया

निवाड़ी जिले के सिमराखास गांव में बुधवार को एक लड़का जमीन के विवाद को लेकर पानी की टंकी पर चढ़ गया। शराब के नशे में धुत महेंद्र कुशवाहा गले में फंदा डालकर जान देने की जिद कर रहा था, जिसे पुलिस ने मौके पर पहुंचकर सुरक्षित नीचे उतारा। महेंद्र अचानक गांव की पानी की टंकी पर चढ़ गया और रस्सी का फंदा गले में डालकर कूदने की धमकी देने लगा। गांव के लोगों ने उसे नीचे आने के लिए बहुत मनाया, लेकिन वह किसी की बात सुनने को तैयार नहीं था। करीब एक घंटे तक वह ऊपर ही चढ़ा रहा और नीचे लोगों की भीड़ जमा रही। पुलिस ने ऊपर चढ़कर बचाया जब लगा कि लड़का गिर सकता है, तो थाना प्रभारी धर्मेंद्र सिंह राजपूत खुद अपनी टीम के साथ टंकी पर चढ़ गए। उन्होंने महेंद्र को पकड़ा और फंदे से बाहर निकाला। इसके बाद पुलिस उसे सही-सलामत नीचे लेकर आई। 15 लाख की जमीन 5 लाख में बिक रही थी महेंद्र ने बताया कि उसके दादाजी के पास सवा एकड़ जमीन है, जिसकी कीमत 15 लाख रुपए है। गांव के ही कुछ लोग उस जमीन को डरा-धमकाकर सिर्फ 5 लाख रुपए में खरीदना चाहते थे। महेंद्र ने अपने दादाजी को बहुत समझाया कि वे घाटे में जमीन न बेचें, लेकिन जब दादाजी नहीं माने तो उसने गुस्से में शराब पी और मरने के लिए टंकी पर चढ़ गया। पुलिस की फुर्ती की वजह से लड़के की जान बच गई और उसे उसके परिवार को सौंप दिया गया है।
क्या चॉकलेट खाने से बढ़िया हो जाता है मूड? ब्रेन पर किस तरह होता है असर, जानिए 5 रोचक तथ्य

Last Updated:April 08, 2026, 15:39 IST Chocolate and Mood: चॉकलेट खाने से मूड बेहतर हो सकता है, क्योंकि इसमें मौजूद तत्व सेरोटोनिन, डोपामाइन और एंडॉर्फिन जैसे फील-गुड हार्मोन को बढ़ाते हैं. खासकर डार्क चॉकलेट तनाव कम करने और मन को शांत रखने में मदद करती है. हालांकि इसका सेवन सीमित मात्रा में ही करना चाहिए, ताकि इसके फायदे ज्यादा मिलें और नुकसान न हो. कई रिसर्च में पता चला है कि डार्क चॉकलेट स्ट्रेस कम करती है और मूड बेहतर बनाती है. Chocolate Reduce Stress: जब हमारा मूड खराब होता है, तब ऐसी चीजें खाना का मन करता है, जिससे मूड बेहतर हो जाए. कई लोग इसके लिए चॉकलेट खाना पसंद करते हैं. हेल्थ एक्सपर्ट्स की मानें तो डार्क चॉकलेट खाना सेहत के लिए कई तरह से फायदेमंद है. इसमें पाए जाने वाले कुछ तत्व मूड को बेहतर करते हैं और आपका तनाव कम कर सकते हैं. कई लोग इसे कम्फर्ट फूड मानते हैं, क्योंकि इसे खाने के बाद तुरंत अच्छा महसूस होता है. यह सिर्फ एक मनोवैज्ञानिक आदत नहीं है, बल्कि इसके पीछे वैज्ञानिक कारण भी मौजूद हैं. चॉकलेट में ऐसे कई प्राकृतिक तत्व पाए जाते हैं, जो हमारे भावनाओं को प्रभावित करते हैं. साइंस डायरेक्ट की रिपोर्ट के मुताबिक चॉकलेट खाने से हमारे दिमाग में सेरोटोनिन, डोपामाइन और एंडॉर्फिन जैसे न्यूरोट्रांसमीटर सक्रिय हो जाते हैं. ये सभी फील-गुड केमिकल्स माने जाते हैं, जो खुशी, संतोष और रिलैक्सेशन का एहसास दिलाते हैं. सेरोटोनिन मूड को स्थिर करता है, डोपामाइन हमें खुशी और इनाम जैसा एहसास देता है, जबकि एंडॉर्फिन दर्द और तनाव को कम करते हैं. यही वजह है कि चॉकलेट खाने के बाद मन हल्का और खुश महसूस करता है. सेहत, रिलेशनशिप, लाइफ या धर्म-ज्योतिष से जुड़ी है कोई निजी उलझन तो हमें करें WhatsApp, आपका नाम गोपनीय रखकर देंगे जानकारी. चॉकलेट में एक खास यौगिक पाया जाता है, जिसे फेनाइलएथाइलामाइन कहा जाता है. यह वही रसायन है, जो हमारे दिमाग में तब बनता है, जब हम प्यार में होते हैं या बहुत खुश होते हैं. यह दिमाग में एनर्जी और उत्साह का एहसास पैदा करता है. हालांकि इसकी मात्रा कम होती है, फिर भी यह मूड को थोड़ा बेहतर करने में भूमिका निभा सकता है. डार्क चॉकलेट में फ्लेवोनॉयड्स जैसे एंटीऑक्सीडेंट्स होते हैं, जो शरीर में तनाव को कम करने और दिमाग के कार्य को बेहतर बनाने में मदद करते हैं. कुछ अध्ययनों में पाया गया है कि डार्क चॉकलेट का सेवन कोर्टिसोल हार्मोन को कम कर सकता है. इससे चिंता और तनाव कम होता है. चॉकलेट का असर केवल शरीर तक सीमित नहीं है, बल्कि यह मनोवैज्ञानिक रूप से भी हमें खुशी देता है. इसका स्वाद, खुशबू और बचपन की यादें भी हमारे दिमाग को सकारात्मक संकेत देती हैं. जब हम चॉकलेट खाते हैं, तो हमें एक रिवॉर्ड जैसा एहसास होता है, जो मूड को बेहतर बनाता है. चॉकलेट मूड अच्छा करने में मदद कर सकती है, लेकिन इसका ज्यादा सेवन सेहत के लिए सही नहीं है. इसमें शुगर और कैलोरी अधिक होती है, जिससे वजन बढ़ सकता है, दांतों की समस्या हो सकती है और ब्लड शुगर लेवल भी बढ़ सकता है. इसलिए विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि चॉकलेट सीमित मात्रा में ही खानी चाहिए. About the Author अमित उपाध्याय अमित उपाध्याय News18 Hindi की लाइफस्टाइल टीम के अनुभवी पत्रकार हैं, जिनके पास प्रिंट और डिजिटल मीडिया में 9 वर्षों से अधिक का अनुभव है। वे हेल्थ, वेलनेस और लाइफस्टाइल से जुड़ी रिसर्च-बेस्ड और डॉक्टर्स के इंटरव्…और पढ़ें First Published : April 08, 2026, 15:39 IST
गर्मियों में ठंडक चाहिए? यह खास सौंफ वाली ठंडाई कर देगी कमाल, जानिए घर पर बनाने की आसान रेसिपी

Last Updated:April 08, 2026, 15:15 IST गर्मी के दिनों में शरीर को ठंडा और तरोताजा रखना जरूरी होता है. भरतपुर के गांवों में सौंफ से बनी देसी ठंडाई पारंपरिक रूप से सबसे ज्यादा पसंद की जाती है. यह न सिर्फ शरीर को ठंडक देती है, बल्कि ऊर्जा और पाचन में भी मदद करती है, और पूरी तरह प्राकृतिक होने के कारण स्वास्थ्य के लिए सुरक्षित है. भरतपुर जिले के ग्रामीण इलाकों में गर्मियों के दिनों में एक पारंपरिक पेय लोगों की पहली पसंद बन जाता है. यह पेय है सौंफ से तैयार की जाने वाली देसी ठंडाई, जो न सिर्फ शरीर को ठंडक देती है बल्कि ऊर्जा भी प्रदान करती है. गांवों में लोग इसे पीकर खुद को तरोताजा महसूस करते हैं और गर्मी के असर से बचने के लिए इसे रोजमर्रा की जिंदगी का हिस्सा बना चुके हैं. ग्रामीण लोगों के अनुसार सौंफ की तासीर ठंडी होती है, जिससे शरीर का तापमान संतुलित रहता है. यही कारण है कि गर्मी के मौसम में सौंफ वाली ठंडाई का सेवन बेहद फायदेमंद माना जाता है. यह पेय पाचन क्रिया को भी बेहतर बनाता है और शरीर में पानी की कमी को दूर करने में मदद करता है. ग्रामीण इलाकों में खेतों पर काम करने वाले लोग इसे खास तौर पर पसंद करते हैं. क्योंकि यह उन्हें लंबे समय तक ऊर्जा देता है. इस देसी ठंडाई को बनाना भी बेहद आसान है और इसके लिए किसी महंगे सामान की जरूरत नहीं होती. सबसे पहले ठंडा पानी लिया जाता है, फिर सौंफ को अच्छी तरह साफ करके बारीक पीस लिया जाता है. इसके बाद पिसी हुई सौंफ को पानी में डालकर अच्छी तरह मिलाया जाता है. स्वाद बढ़ाने के लिए इसमें चीनी डाली जाती है, जिससे इसका स्वाद मीठा और लाजवाब हो जाता है. Add News18 as Preferred Source on Google इसके बाद इसमें थोड़ी सी काली मिर्च मिलाई जाती है, जो इसे हल्का तीखापन और अलग स्वाद देती है. कुछ लोग इसमें बर्फ भी डालते हैं, जिससे यह और ज्यादा ठंडी और ताजगी भरी बन जाती है. ग्रामीण महिलाओं का कहना है कि यह ठंडाई पूरी तरह प्राकृतिक होती है और इसमें किसी तरह का केमिकल नहीं होता, इसलिए यह स्वास्थ्य के लिए सुरक्षित है. बाजार में मिलने वाले ठंडे पेय पदार्थों के मुकाबले यह सस्ती और ज्यादा फायदेमंद मानी जाती है. सौंफ वाली यह देसी ठंडाई न केवल गर्मी से राहत देती है, बल्कि परंपरा और स्वाद का भी बेहतरीन उदाहरण है. यही कारण है कि भरतपुर के गांवों में इसकी लोकप्रियता लगातार बढ़ती जा रही है और ग्रामीण क्षेत्र के लोग इसे खूब पसंद करते हैं. First Published : April 08, 2026, 15:15 IST








