‘सभी हदें पार’: पीएम मोदी ने राष्ट्रपति मुर्मू, आदिवासियों का अपमान करने के लिए ममता बनर्जी की टीएमसी की आलोचना की | राजनीति समाचार

आखरी अपडेट:मार्च 07, 2026, 21:02 IST पीएम मोदी की यह टिप्पणी राष्ट्रपति मुर्मू द्वारा कथित तौर पर अंतर्राष्ट्रीय संथाल कॉन्क्लेव की अनुमति देने से इनकार करने पर पश्चिम बंगाल सरकार के प्रति खुले तौर पर नाराजगी व्यक्त करने के बाद आई है। पीएम मोदी और राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू (क्रेडिट: एक्स) प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू की यात्रा के दौरान कथित प्रोटोकॉल चूक और बिधाननगर में होने वाले अंतर्राष्ट्रीय संथाल सम्मेलन के स्थल को अचानक बदलने के लिए पश्चिम बंगाल में ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) सरकार की आलोचना की। उनकी टिप्पणी राष्ट्रपति मुर्मू द्वारा एक दुर्लभ कदम के तहत, उत्तर बंगाल में अंतर्राष्ट्रीय संथाल कॉन्क्लेव की अनुमति देने से कथित तौर पर इनकार करने के लिए पश्चिम बंगाल सरकार के प्रति खुले तौर पर नाराजगी व्यक्त करने के बाद आई है। उन्होंने यह भी कहा कि प्रोटोकॉल के अनुसार न तो मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और न ही उनके किसी मंत्री ने उनकी यात्रा के दौरान उनकी अगवानी की। एक्स को संबोधित करते हुए, पीएम मोदी ने संताल समुदाय के साथ आकस्मिक व्यवहार के लिए टीएमसी सरकार की आलोचना करते हुए इस घटना को “शर्मनाक और अभूतपूर्व” कहा। उन्होंने यह भी कहा कि राष्ट्रपति का कार्यालय राजनीति से ऊपर है और इसका सम्मान किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा, “यह शर्मनाक और अभूतपूर्व है। लोकतंत्र और आदिवासी समुदायों के सशक्तिकरण में विश्वास करने वाला हर कोई निराश है। राष्ट्रपति जी, जो खुद एक आदिवासी समुदाय से हैं, ने जो दर्द और पीड़ा व्यक्त की है, उससे भारत के लोगों के मन में भारी दुख हुआ है।” यह शर्मनाक और अभूतपूर्व है. लोकतंत्र और आदिवासी समुदायों के सशक्तिकरण में विश्वास करने वाला हर कोई निराश है। राष्ट्रपति जी, जो खुद एक आदिवासी समुदाय से हैं, द्वारा व्यक्त किए गए दर्द और पीड़ा ने लोगों के मन में बहुत दुख पैदा किया है… https://t.co/XGzwMCMFrT -नरेंद्र मोदी (@नरेंद्रमोदी) 7 मार्च 2026 उन्होंने कहा, “पश्चिम बंगाल की टीएमसी सरकार ने वास्तव में सभी हदें पार कर दी हैं। राष्ट्रपति के इस अपमान के लिए उनका प्रशासन जिम्मेदार है। यह भी उतना ही दुर्भाग्यपूर्ण है कि संथाल संस्कृति जैसे महत्वपूर्ण विषय के साथ पश्चिम बंगाल सरकार इतनी लापरवाही से व्यवहार करती है।” केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने टिप्पणी की कि टीएमसी सरकार ने राष्ट्रपति को अपमानित करके अपने “अराजक व्यवहार” में एक नई गिरावट दर्ज की है। उन्होंने कहा, “यह टीएमसी सरकार की सड़ांध को उजागर करता है जो न केवल नागरिकों के संवैधानिक अधिकारों का उल्लंघन करती है, बल्कि अपने अत्याचार से भारत के राष्ट्रपति को भी नहीं बख्शती। भारत के सर्वोच्च संवैधानिक पद का अपमान, वह भी हमारी आदिवासी बहनों और भाइयों द्वारा आयोजित एक कार्यक्रम में, हमारे राष्ट्र और उन मूल्यों का अपमान है जो हमारे संवैधानिक लोकतंत्र को परिभाषित करते हैं।” पश्चिम बंगाल में टीएमसी सरकार ने आज भारत के राष्ट्रपति को प्रोटोकॉल की घोर उपेक्षा के साथ अपमानित करके अपने अराजक व्यवहार में एक नई गिरावट दर्ज की है। यह टीएमसी सरकार की सड़ांध को उजागर करता है जो न केवल अपनी इच्छानुसार नागरिकों के संवैधानिक अधिकारों का उल्लंघन करती है बल्कि… – अमित शाह (@AmitShah) 7 मार्च 2026 यह भी पढ़ें: दुर्लभ फटकार में, राष्ट्रपति मुर्मू ने बंगाल में प्रोटोकॉल चूक को चिह्नित किया, कहा कि ‘बहन’ ममता से कोई शिकायत नहीं मुर्मू के दौरे के दौरान क्या हुआ? 9वां अंतर्राष्ट्रीय संथाली कॉन्क्लेव पहले बिधाननगर में होने वाला था। हालांकि, मुर्मू ने आरोप लगाया कि पश्चिम बंगाल के अधिकारियों ने भीड़भाड़ का हवाला देते हुए कार्यक्रम स्थल को बागडोगरा हवाई अड्डे के पास गोशाईपुर में छोटा कर दिया। आयोजकों ने अनुचित मंच व्यवस्था और खराब शौचालय सुविधाओं की भी शिकायत की। मुर्मू ने बाद में फांसीदेवा क्षेत्र के बिधाननगर की यात्रा की, जो एक महत्वपूर्ण आदिवासी आबादी वाला क्षेत्र है, और कहा कि सभी संथाल दूसरे आयोजन स्थल पर नहीं जा पाएंगे। उन्होंने कहा, “शायद प्रशासन ने सोचा था कि वहां कोई नहीं जा पाएगा। उन्हें लगा कि राष्ट्रपति आएंगे, खाली जगह पर कार्यक्रम करेंगे और लौट जाएंगे। मुझे नहीं पता कि उनके मन में क्या आया, लेकिन मैं बहुत आहत हूं।” राष्ट्रपति मुर्मू ने बंगाल सरकार द्वारा प्रोटोकॉल में खामियों को भी उजागर किया और कहा कि न तो मुख्यमंत्री और न ही राज्य के मंत्री हवाई अड्डे पर उनका स्वागत करने आए। राष्ट्रपति के स्वागत के लिए केवल सिलीगुड़ी के मेयर गौतम देब ही हवाईअड्डे पर पहुंचे थे. उन्होंने कहा, “मैं भी बंगाल की बेटी हूं। फिर भी मुझे यहां आने की अनुमति नहीं है। ममता ‘दीदी’ मेरी छोटी बहन की तरह हैं। मुझे नहीं पता, हो सकता है कि वह किसी कारण से मुझसे नाराज हों। वैसे भी, मुझे उनसे कोई शिकायत नहीं है। वह भी अच्छी तरह से रहें और आप सभी भी अच्छे से रहें।” भाजपा ने इन घटनाओं को तृणमूल कांग्रेस के तहत “संवैधानिक ढांचे का पूर्ण पतन” बताया। “जब एक राज्य सरकार भारत के राष्ट्रपति के पद की गरिमा की अवहेलना करना शुरू कर देती है, तो यह न केवल प्रशासनिक विफलता को दर्शाता है, बल्कि संवैधानिक औचित्य और शासन का टूटना भी दर्शाता है। यह केवल असभ्यता नहीं है। यह संस्थागत अनादर है और बंगाल में शासन कैसे अराजकता में उतर गया है, इसकी एक और याद दिलाता है,” भाजपा नेता अमित मालवीय ने कहा। चुनी हुई कहानियाँ, आपके इनबॉक्स में हमारी सर्वोत्तम पत्रकारिता वाला एक न्यूज़लेटर जमा करना पहले प्रकाशित: मार्च 07, 2026, 19:31 IST समाचार राजनीति ‘सभी हदें पार’: पीएम मोदी ने राष्ट्रपति मुर्मू, आदिवासियों का अपमान करने के लिए ममता बनर्जी की टीएमसी की आलोचना की अस्वीकरण: टिप्पणियाँ उपयोगकर्ताओं के विचार दर्शाती हैं, News18 के नहीं। कृपया चर्चाएँ सम्मानजनक और रचनात्मक रखें। अपमानजनक, मानहानिकारक, या अवैध टिप्पणियाँ हटा दी जाएंगी। News18 अपने विवेक से किसी भी टिप्पणी को अक्षम कर सकता है. पोस्ट करके, आप हमारी उपयोग की शर्तों और गोपनीयता नीति से सहमत होते हैं। और पढ़ें
मधुबाला बायोपिक में कियारा आडवाणी की एंट्री की खबर गलत:वायरल खबरों पर लगा ब्रेक, दावा- कियारा और भंसाली का प्रोजेक्ट से कोई कनेक्शन नहीं

लीजेंडरी अभिनेत्री मधुबाला की बायोपिक को लेकर पिछले कुछ दिनों से सोशल मीडिया और एंटरटेनमेंट इंडस्ट्री में कई तरह की खबरें सामने आ रही थीं। रिपोर्ट्स में दावा किया जा रहा था कि इस फिल्म में लीड रोल के लिए कियारा आडवाणी को कास्ट किया गया है और फिल्म को मशहूर फिल्ममेकर संजय लीला भंसाली प्रोड्यूस करने वाले हैं। हालांकि अब इंडस्ट्री सूत्रों ने इन खबरों को पूरी तरह बेबुनियाद बताते हुए खारिज कर दिया है। इंडस्ट्री से जुड़े एक विश्वसनीय सूत्र ने साफ तौर पर कहा है कि कियारा आडवाणी और संजय लीला भंसाली का मधुबाला की बायोपिक से जुड़ने की खबरों में कोई सच्चाई नहीं है। सूत्र के मुताबिक, “यह पूरी तरह गलत जानकारी है कि कियारा आडवाणी को भंसाली की मधुबाला बायोपिक के लिए कास्ट किया गया है। इन दावों में रत्ती भर भी सच्चाई नहीं है।” दरअसल, हाल ही में इंटरनेट पर कई रिपोर्ट्स वायरल हुई थीं, जिनमें कहा गया था कि मधुबाला की जिंदगी पर बनने वाली फिल्म के लिए कियारा आडवाणी को फाइनल कर लिया गया है। साथ ही यह भी दावा किया जा रहा था कि संजय लीला भंसाली इस फिल्म को प्रोड्यूस करने वाले हैं। इन खबरों के सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर फैंस के बीच काफी चर्चा शुरू हो गई थी। मधुबाला हिंदी सिनेमा की सबसे प्रतिष्ठित और खूबसूरत अभिनेत्रियों में गिनी जाती हैं। उनकी फिल्मों और उनकी जिंदगी से जुड़ी कहानियां आज भी दर्शकों को आकर्षित करती हैं। ऐसे में जब उनकी बायोपिक को लेकर खबरें सामने आईं तो फैंस के बीच स्वाभाविक रूप से उत्सुकता बढ़ गई। हालांकि अब इंडस्ट्री सूत्रों ने साफ कर दिया है कि फिलहाल इस तरह का कोई प्रोजेक्ट प्लान नहीं किया जा रहा है और न ही कियारा आडवाणी को इस रोल के लिए कास्ट किया गया है। सूत्रों के मुताबिक, यह खबरें सिर्फ अटकलों पर आधारित थीं, जिनका वास्तविकता से कोई संबंध नहीं है। फिलहाल मधुबाला की बायोपिक को लेकर आधिकारिक तौर पर किसी भी फिल्म या कास्टिंग की घोषणा नहीं की गई है। ऐसे में माना जा रहा है कि इस विषय पर सामने आई खबरें महज अफवाह थीं।
इरान की मोरैलिटी पुलिस पर भड़कीं एक्ट्रेस एलनाज नोरौजी:बोलीं- हिरासत में लेकर अपराधियों की तरह फोटो खींची, वहां की महिलाएं डर के साए में

ईरानी मूल की अभिनेत्री एलनाज नोरौजी ने एक बार फिर अपने देश ईरान की मोरैलिटी पुलिस को लेकर चौंकाने वाला खुलासा किया है। उन्होंने बताया कि एक बार उन्हें भी मोरैलिटी पुलिस ने हिरासत में लिया था और उस दौरान उनके साथ ऐसा व्यवहार किया गया जैसे वे कोई अपराधी हों। द फ्री प्रेस जर्नल को दिए इंटरव्यू में एलनाज ने कहा कि जब उन्हें पुलिस ने पकड़ा तो उनकी प्रोफाइल के लिए अपराधियों की तरह तस्वीरें ली गईं। उन्होंने बताया कि पुलिस महिलाओं का पूरा रिकॉर्ड रखती है ताकि बाद में उन्हें ट्रैक किया जा सके कि कितनी बार उन्हें ड्रेस कोड के उल्लंघन में पकड़ा गया। एलनाज ने कहा कि उस वक्त वे मानसिक रूप से मजबूत थीं और उन्हें पता था कि उनके पास जर्मनी की नागरिकता है, इसलिए वे देश छोड़ सकती हैं। लेकिन उनका दिल उन लाखों महिलाओं के लिए दुखी हो गया जो ईरान में रहकर रोज ऐसे डर के माहौल में जिंदगी जीती हैं। एक्ट्रेस के मुताबिक ईरान में महिलाओं की स्थिति बेहद डरावनी है। उन्होंने कहा कि वहां एक महिला जब घर से बाहर निकलती है तो उसे यह तक नहीं पता होता कि वह सुरक्षित लौटेगी या नहीं। कई बार छोटी-सी बात, जैसे हिजाब सही तरीके से न पहनना, भी परेशानी की वजह बन जाती है। एलनाज ने 2022 में हुई महसा अमिनी की मौत का भी जिक्र किया। महसा को कथित तौर पर हिजाब नियमों का उल्लंघन करने के आरोप में मोरैलिटी पुलिस ने हिरासत में लिया था और बाद में उनकी मौत हो गई थी, जिसके बाद ईरान में बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन हुए थे। एक्ट्रेस ने कहा कि वे इन मुद्दों पर बोलना जारी रखेंगी, भले ही उनके परिवार और दोस्त उनकी सुरक्षा को लेकर चिंतित रहते हों। उनका मानना है कि अगर उन्हें एक पब्लिक फिगर होने का मंच मिला है तो उन्हें उन लोगों की आवाज बनना चाहिए जो डर की वजह से खुलकर बोल नहीं पाते। एलनाज नोरौजी भारत में भी कई प्रोजेक्ट्स में नजर आ चुकी हैं और वेब सीरीज ‘सेक्रेड गेम्स’ से उन्हें खास पहचान मिली थी। हाल के दिनों में ईरान की राजनीति और वहां महिलाओं की स्थिति पर उनके बयान लगातार चर्चा में बने हुए हैं।
एनिमेशन का स्वर्णिम साल, फिल्मों की कमाई 1800 करोड़ तक:सिल्वर स्क्रीन पर गढ़े गए किरदारों का राज, इनकी कहानियां हर उम्र को जोड़ रहीं, भाषा-सरहदें भी छोटी पड़ीं

एनिमेशन फिल्मों के लिए 2026 बेहद खास माना जा रहा है। इस साल कई बड़ी फिल्में रिलीज हो रही हैं जिनमें जानवरों, खिलौनों और वीडियो गेम के किरदारों की कहानियां होंगी। इंडस्ट्री के जानकार मानते हैं कि यह साल एनिमेशन के इतिहास का सबसे सफल साल साबित हो सकता है। इसकी शुरुआत 6 मार्च को आई एनिमेटेड फिल्म हॉपर्स ने कर दी है। कहानी अमेरिकी शहर बीवर्टन में रहने वाले बीवरों (ऊदबिलाव प्रजाति के जानवर) पर आधारित है। शहर का मेयर जंगल हटाकर फ्रीवे बनाना चाहता है। इससे नाराज किशोरी पर्यावरण कार्यकर्ता मेबल प्रयोग के जरिए अपनी चेतना को रोबोटिक बीवर में डाल देती है। वह बीवरों से दोस्ती कर उन्हें अपने जंगल को बचाने के लिए प्रेरित करती है। असल कहानी एनिमेशन फिल्मों के बूम की है। इस गर्मी में ‘डेस्पिकेबल मी’ और ‘पॉ पेट्रोल’ जैसी मशहूर फ्रेंचाइजी की नई फिल्में आ रही हैं। वहीं ‘द सुपर मारियो गैलेक्सी’ और ‘टॉय स्टोरी 5’ अरबों डॉलर कमा सकती हैं। फरवरी में रिलीज हुई ‘गोट’ फिल्म, जिसमें खुर वाले जानवर खेलों में उतरते हैं, अब तक लगभग 1200 करोड़ कमा चुकी है। यह साल की दूसरी सबसे ज्यादा कमाई वाली एनिमेशन फिल्म बन गई है। दिलचस्प बात यह है कि एनिमेशन फिल्में अब सिर्फ बच्चों तक सीमित नहीं रहीं, बल्कि हर उम्र के दर्शकों को आकर्षित कर रही हैं। 1995 में अमेरिका और कनाडा के फिल्म बाजार में इनका हिस्सा केवल 2.8% था, जो 2024 तक 23.9% हो गया। उसी साल ‘इनसाइड आउट 2’ ने 15,616 करोड़ रुपए कमाकर रिकॉर्ड बनाया। पर 2025 की शुरुआत में चीनी फैंटेसी फिल्म ‘ने झा 2’ ने इसे पीछे छोड़ते हुए 18,372 करोड़ से ज्यादा कमा लिए। नवंबर में आई ‘जूटोपिया 2’ भी 17,450 करोड़ रुपए तक पहुंच गई। जीवन के सामान्य अनुभव मन को स्पर्श कर जाते हैं: एक्सपर्ट मीडिया विश्लेषण कंपनी एम्पेयर की ओलिविया डीन कहती हैं, ‘कहानियों की सार्वभौमिकता एनिमेशन फिल्मों की सफलता का सबसे बड़ा कारण है। इनमें जीवन के सामान्य अनुभव दिखाया जाता है। यह भाषा व संस्कृति की सीमाओं से परे समझा जा सकता है। किरदारों के भाव व सरल कथानक दर्शकों को कहानी से जोड़ लेते हैं। इसके अलावा, बड़े स्टूडियो प्रमुख फिल्मों को छुट्टियों या त्योहारों पर लाते हैं। माता-पिता के लिए भी सिनेमा बच्चों को व्यस्त रखने का सबसे आसान तरीका है।’ भारत में भी बढ़ रही रुचि भारतीय एनिमेशन उद्योग सिर्फ आउटसोर्सिंग तक सीमित नहीं रहा, बल्कि मौलिक कहानियों का पावरहाउस बन चुका है। 2025 के अंत में रिलीज हुई फिल्म ‘महावतार नरसिम्हा’ ने देश में ₹100 करोड़ का आंकड़ा पार कर नया इतिहास रच दिया। भगवान विष्णु के नरसिम्हा अवतार और भक्त प्रहलाद की यह कहानी दिखाती है कि पौराणिक कथाओं व आधुनिक 3 डी एनिमेशन का संगम दर्शकों को लुभा सकता है। इधर होम्बले फिल्म्स ने महावतार सिनेमैटिक यूनिवर्स के तहत छह और फिल्मों की घोषणा की है। छोटा भीम का बड़े पर्दे पर विस्तार व रामायण के नए एनिमेटेड रुपांतरण ने भी उत्साह पैदा कर दिया है।
रंगपंचमी पर महाकाल को एक लोटा केसर जल अर्पित होगा:भस्म आरती में अर्पित होगा रंग, चेकिंग के बाद ही भक्तों को प्रवेश मिलेगा

उज्जैन के महाकालेश्वर मंदिर में रंगपंचमी पर भस्म आरती के दौरान भगवान महाकाल को इस बार सिर्फ एक लोटा केसर युक्त रंग अर्पित किया जाएगा। मंदिर समिति ने दो साल पहले लगी आग की घटना के बाद सुरक्षा कारणों से यह व्यवस्था जारी रखी है। मंदिर में आने वाले भक्तों को विशेष चेकिंग के बाद ही प्रवेश दिया जाएगा। भस्म आरती में टेसू के फूलों का हर्बल रंग रंगपंचमी के अवसर पर पर्व की शुरुआत महाकाल मंदिर में भगवान को रंग अर्पित करने से होगी। तड़के 4 बजे शुरू हुई भस्म आरती में टेसू के फूलों से तैयार एक लोटा हर्बल रंग अर्पित किया जाएगा। मंदिर में धुलेंडी के दिन गर्भगृह में आग लगने की घटना के बाद व्यवस्थाओं में बदलाव किया गया है। सुरक्षा कारणों से इस बार भी भक्तों, पंडे और पुजारियों को मंदिर परिसर में रंग लाने की अनुमति नहीं दी गई है। चेकिंग के बाद ही मिलेगा मंदिर में प्रवेश महाकाल मंदिर समिति के प्रशासक प्रथम कौशिक ने बताया कि सुबह भस्म आरती के दौरान भगवान को केसर जल अर्पित किया जाएगा। मंदिर आने वाले भक्तों को जांच के बाद ही प्रवेश दिया जाएगा। भक्तों से मंदिर परिसर में रंग नहीं लाने का अनुरोध किया गया है। कोठार शाखा से उपलब्ध कराया जाएगा केसर रंग मंदिर समिति के अनुसार केसर रंग और जल मंदिर की कोठार शाखा से पुजारी और शासकीय पुजारी को उपलब्ध कराया जाएगा। पंडे-पुजारियों को भी जांच के बाद ही मंदिर में प्रवेश दिया जाएगा।
'मैं हमेशा देश के समर्थन में खड़ी रही हूं':खामेनेई की मौत पर दुख जताने के बाद ट्रोल हुईं फरहाना भट्ट ने किया रिएक्ट

‘बिग बॉस 19’ की पूर्व कंटेस्टेंट फरहाना भट्ट ने ईरान के सुप्रीम लीडर खामेनेई की मौत पर दुख जताने के बाद हुई ट्रोलिंग पर प्रतिक्रिया दी है। फरहाना ने कहा कि उन्होंने हमेशा अपने देश के समर्थन में खड़े होकर काम किया है और देश के खिलाफ किसी भी नैरेटिव का विरोध किया है। इंस्टेंट बॉलीवुड से बातचीत में फरहाना भट्ट ने अपने बयान को लेकर कहा कि भारत एक लोकतांत्रिक देश है, जहां सभी को अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता है और लोग अपने विचार अलग-अलग तरीके से व्यक्त कर सकते हैं। विचारों में मतभेद होना स्वाभाविक है और वह इसे स्वीकार करती हैं। उन्होंने कहा कि लोग उनकी बात को लेकर प्रतिक्रिया दे रहे हैं, लेकिन उन्होंने हमेशा अपने देश के लिए काम किया है और आगे भी करती रहेंगी। कश्मीर में शांति के लिए कई पहल कीं: फरहाना फरहाना ने कहा कि पहलगाम हमले, ईरान, फिलिस्तीन या इजरायल से जुड़े मुद्दों पर वह पहले भी अपनी राय रखती रही हैं। पुलवामा हमले और पहलगाम हमले जैसे मामलों में भी वह भारतीय सेना के साथ खड़ी रही हैं। वह अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत का प्रतिनिधित्व भी कर चुकी हैं। उन्होंने बताया कि कश्मीर में शांति से जुड़े काम के दौरान उन्होंने भारतीय सेना के साथ मिलकर कई पहल की हैं। कश्मीर में सेना के कई वरिष्ठ अधिकारियों ने उनके काम की सराहना की है और उन्हें कई बार सम्मानित भी किया गया है। वहीं, होली को लेकर हुई ट्रोलिंग पर जवाब देते हुए फरहाना ने कहा कि भारत एक स्वतंत्र देश है। यहां हर व्यक्ति को अपने तरीके से त्योहार मनाने और अपनी बात रखने का अधिकार है, बशर्ते इससे देश की गरिमा को ठेस न पहुंचे। फरहाना ने खामेनेई के निधन पर क्या कहा था? खामेनेई के निधन को लेकर फरहाना भट्ट ने कहा था, “बिल्कुल, वे एक ऐसे व्यक्तित्व थे जिन्हें हम कभी नहीं भूल सकते। वे हमेशा हमारे दिलों में जिंदा रहेंगे। इस घटना से सभी कश्मीरी गहरे सदमे में हैं। आप विश्वास नहीं करेंगे, सेहरी के बाद मैं बिल्कुल नहीं सो पाई। मैं बहुत दुखी थी। ऐसा कभी नहीं होना चाहिए था।”
रैपर बादशाह पर FIR, गिरफ्तारी के लिए टीमें गठित:हरियाणा पुलिस बोली- लुक आउट सर्कुलर जारी होगा; सिंगर बोले- बेटा समझकर माफ कर दो

बॉलीवुड सिंगर-रैपर बादशाह पर न्यू रिलीज सॉन्ग ‘टटीरी’ को लेकर हरियाणा में 3 मामले दर्ज हुए हैं। हरियाणा पुलिस ने उनकी गिरफ्तारी के लिए टीमें गठित कर दी हैं साथ ही लुक आउट सर्कुलर (LOC) करने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी है। पुलिस ने यह भी कहा है कि इस गाने पर रील बनाने वालों के खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी। गाने में बादशाह के बोल और लड़कियों के सीन पर आपत्ति जताई गई है। अब पुलिस के एक्शन के बाद इस सॉन्ग को यूट्यूब से भी हटा दिया गया है। 1 मार्च 2026 को रिलीज हुए इस गाने पर करीब 5 मिलियन व्यूज आ चुके थे। उधर, विवाद के बीच बादशाह ने वीडियो जारी कर कहा, “मेरे गाने ‘टटीरी’ के कुछ बोल और सीन से हरियाणा के कुछ लोगों को ठेस पहुंची है। मैं खुद हरियाणा से हूं। मेरा कोई उद्देश्य नहीं था कि मैं हरियाणा के किसी बच्चे या महिला के बारे में ऐसी बेहूदी बात कहूं। मैं हिप-हॉप जॉनर से हूं, जहां बोल हमेशा कॉम्पिटिशन को नीचा दिखाते हैं। एक तरह से ये प्रतिद्वंद्वी के लिए होते हैं। मैंने हमेशा कोशिश की है कि मैं हरियाणा की संस्कृति को आगे लेकर जाऊं। अगर मेरे गाने के उस हिस्से से किसी को बुरा लगा हो, तो मुझे हरियाणा का बेटा समझकर माफ कर दीजिए।” पहले जानिए सॉन्ग को लेकर विवाद क्यों… 14 मार्च को मुंबई में होना था शो इस गाने की शूटिंग जींद के सच्चा खेड़ा, नरवाना और दुबई में हुई। 26 फरवरी को बादशाह इस गाने के प्रमोशन के लिए हरियाणा के कैथल और सोनीपत पहुंचे थे। वहीं, प्रोडक्शन टीम ने 14 मार्च को सिमरन और बादशाह का मुंबई में एक शो भी शेड्यूल किया था। महिला आयोग ने किया तलब विवाद के बीच हरियाणा महिला आयोग ने शुक्रवार को बादशाह को नोटिस जारी किया था। उन्हें 13 मार्च को पानीपत में पेश होने को कहा गया है। इसके अलावा, पंचकूला और जींद में सिंगर के खिलाफ अलग-अलग 3 केस भी दर्ज किए गए। खाप पंचायतों और सामाजिक संस्थाओं ने भी इस गाने को हरियाणवी संस्कृति के खिलाफ बताते हुए इसे प्रतिबंधित करने की मांग की थी। ————– टटीरी सॉन्ग से जुड़ी ये खबरें भी पढ़ें… बादशाह के टटीरी सॉन्ग पर पंचकूला-जींद में FIR:लड़कियों को स्कूल बैग फेंकते दिखाया, गंदे शब्द का इस्तेमाल; महिला आयोग ने रैपर को तलब किया बादशाह संग ‘टटीरी’ सॉन्ग गाने वाली सिमरन की कहानी: पिता हरियाणवी सॉन्ग ‘पानी आली पानी प्यादे’ गाकर फेमस हुए, बेटी बॉक्सिंग में स्टेट चैंपियन रही हरियाणवी सॉन्ग ‘टटीरी’ का रैप वर्जन लाए सिंगर बादशाह:सोनीपत में सरपंचों के वेलकम पर बोले- मासूम शर्मा वाली वीडियो देखी है; साग-मक्के की रोटी खाई
UAE, सऊदी, जॉर्डन में अमेरिकी THAAD डिफेंस-सिस्टम पर ईरानी हमला:जॉर्डन वाला सिस्टम तबाह, कीमत ₹22 हजार करोड़; अमेरिका के पास ऐसे सिर्फ 7 सिस्टम

अमेरिका-इजराइल और ईरान जंग का आज आठवां दिन है। ईरान ने बीते एक हफ्ते में सऊदी अरब, UAE और जॉर्डन में तैनात अमेरिका के टर्मिनल हाई एल्टीट्यूड एरिया डिफेंस (THAAD) सिस्टम को निशाना बनाया है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक इन हमलों में जॉर्डन के ‘मुवफ्फाक साल्टी एयर बेस’ पर लगे THAAD का रडार सिस्टम तबाह हो गया है। एक THAAD सिस्टम की कीमत ₹22 हजार करोड़ तक होती है, जबकि THAAD के रडार सिस्टम की कीमत 2700 करोड़ रुपए (300 मिलियन डॉलर) तक होती है। यह रडार THAAD सिस्टम का अहम हिस्सा होता है और दुश्मन की बैलिस्टिक मिसाइलों को पहचानने और ट्रैक करने का काम करता है। अमेरिका के पास सिर्फ 7-8 THAAD सिस्टम ही मौजूद हैं, इसलिए इसे बड़ा सैन्य नुकसान माना जा रहा है। ईरान का युद्धपोत भारत में रुका ईरान का एक युद्धपोत IRIS लावन भारत के कोच्चि बंदरगाह पर रुका हुआ है। ANI ने सरकारी सूत्रों के हवाले से बताया कि ईरान ने 28 फरवरी को तकनीकी खराबी आने के बाद भारत से मदद मांगी थी। भारत ने 1 मार्च को जहाज को कोच्चि में डॉक करने की अनुमति दी और इसके बाद 4 मार्च को यह बंदरगाह पर पहुंच गया। जहाज के 183 क्रू मेंबर फिलहाल कोच्चि में भारतीय नौसेना की सुविधाओं में ठहरे हुए हैं। IRIS लावन हाल ही में भारत में आयोजित इंटरनेशनल फ्लीट रिव्यू (IFR) 2026 और मिलान 2026 नौसैनिक अभ्यास में शामिल हुआ था, जो 15 से 25 फरवरी के बीच आयोजित हुए थे। इससे पहले अमेरिका ने भारत से लौट रहे ईरानी युद्धपोत IRIS देना को श्रीलंका के पास हमला कर डुबा दिया था। हमले में 87 ईरानी नौसैनिक मारे गए। इजराइल-ईरान जंग से जुड़े बड़े अपडेट्स इजराइल-अमेरिका और ईरान के बीच जंग से जुड़ी तस्वीरें… अमेरिका-इजराइल और ईरान जंग से जुड़े अपडेट्स के लिए नीचे ब्लॉग से गुजर जाइए…
MP-राजस्थान में तापमान 39°C तक पहुंचा:हिमाचल के मैदानी इलाकों और गुजरात में हीट-वेव का अलर्ट; पहाड़ों पर कल से बर्फबारी के आसार

देश के कई हिस्सों में मार्च की शुरुआत के साथ ही मौसम का तेजी से बदलने लगा है। राजस्थान, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और हरियाणा में दिन का तापमान सामान्य से ऊपर पहुंच गया है और कई शहरों में पारा 35 से 39 डिग्री सेल्सियस तक दर्ज किया जा रहा है। मौसम विभाग (IMD) के मुताबिक आने वाले 3-4 दिनों में कई इलाकों में तापमान 40°C के पार जा सकता है और कुछ जगहों पर हीटवेव की स्थिति भी बन सकती है। IMD ने गुजरात में शनिवार को लू का अलर्ट जारी किया है। हिमाचल प्रदेश में मार्च के पहले सप्ताह में ही हीट-वेव का अलर्ट जारी किया गया है। मौसम विभाग ने कुल्लू, मंडी और सोलन जिला के निचले इलाकों में शनिवार को लू चलने का पूर्वानुमान जताया है। हालांकि ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फबारी की संभावना जताई गई है। उत्तराखंड के मैदानी क्षेत्रों में भी तापमान सामान्य से ज्यादा हो गया है। मौसम विभाग ने 8 मार्च से 11 मार्च तक जम्मू-कश्मीर और उत्तराखंड के पहाड़ी जिलों में बारिश-बर्फबारी की संभावना जताई है। अगले 2 दिन मौसम का हाल- 8-9 मार्च- ओडिशा, सिक्किम, पश्चिम बंगाल, झारखंड, बिहार, अरुणाचल प्रदेश में हल्की बारिश की संभावना है। जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में बारिश-बर्फबारी की संभावना है।
एपस्टीन फाइल- ट्रम्प पर नाबालिग के यौन शोषण का आरोप:नए दस्तावेज में खुलासा, पहले अधिकारियों ने डुप्लीकेट बताकर रोक दिया था

अमेरिका में न्याय विभाग ने कुख्यात यौन अपराधी जेफ्री एपस्टीन से जुड़े नए दस्तावेज जारी किए हैं। एफबीआई को दिए इंटरव्यू में महिला ने दावा किया कि एपस्टीन ने उसकी मुलाकात डोनाल्ड ट्रम्प से कराई थी। ट्रम्प ने उनका यौन शोषण किया। तब वे नाबालिग थीं। ये पेज पहले जारी नहीं किए गए थे। एफबीआई ने महिला के दावों से जुड़े 4 इंटरव्यू किए थे। पर शुरुआती रिलीज में सिर्फ एक इंटरव्यू का सार दिखा, जिसमें महिला ने एपस्टीन के खिलाफ आरोप बताए थे। बाकी तीन इंटरव्यू गायब होने पर सवाल उठ रहे थे। अधिकारियों ने अब कहा कि इन्हें गलती से ‘डुप्लीकेट’ मानकर रोक दिया गया था। बाद में रिव्यू किया तो यह बात गलत निकली। ट्रम्प की फाइल दबाने का आरोप अमेरिका की विपक्षी डेमोक्रेटिक पार्टी के नेता एपस्टीन से जुड़े डॉक्यूमेंट हैंडल करने के तरीके को लेकर ट्रम्प सरकार पर सवाल उठा रही है। उनका आरोप है कि ट्रम्प प्रशासन ने एपस्टीन जांच से जुड़ी ऐसी जानकारियां दबाईं, जो ट्रम्प को नुकसान पहुंचा सकती थीं। हाउस की एक कमेटी ने अटॉर्नी जनरल पाम बॉन्डी को नोटिस जारी करने के पक्ष में वोट किया। उन्हें कोर्ट में जवाब देना होगा। महिला का आरोप- एपस्टीन और ट्रम्प ने उसका यौन-शोषण किया ट्रम्प पर आरोप लगाने वाली महिला के 2019 में FBI ने कई इंटरव्यू लिए थे। गुरुवार को जो डॉक्यूमेंट जारी हुए हैं, उनमें इन्हीं इंटरव्यू के डिटेल्स शामिल हैं। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार इस इंटरव्यू में उस महिला ने आरोप लगाया कि जब उसकी उम्र 13 से 15 साल के बीच थी, तब एपस्टीन और ट्रम्म ने उसका यौन-शोषण किया था। एक इंटरव्यू में महिला ने कहा कि एपस्टीन उसे न्यूयॉर्क या न्यूजर्सी ले गया था और वहीं ट्रम्प से मिलवाया था। महिला ने जांचकर्ताओं को बताया कि जब ट्रम्प उस पर सेक्स करने के लिए दबाव डाल रहे थे, तब उसने उन्हें काट भी लिया था। महिला का यह भी दावा है कि पिछले कई सालों में उसे और उसके करीबी लोगों को चुप रहने के लिए धमकी भरे कई फोन कॉल भी आए थे। महिला का मानना है कि ये कॉल एपस्टीन से जुड़े लोगों की तरफ से हो सकते थे। एपस्टीन फाइल्स में 38 हजार बार ट्रम्प का नाम एपस्टीन फाइल्स में ट्रम्प का नाम 38 हजार से अधिक बार दर्ज है। रिकॉर्ड में 1990 के दशक में एपस्टीन के निजी विमान से 7-8 यात्राओं का जिक्र है। ट्रम्प के मार-ए-लागो क्लब की गेस्ट लिस्ट में भी शामिल हैं। जांच में सामने आया कि यौन शोषण का नेटवर्क अमेरिका तक सीमित नहीं था। एपस्टीन ने संगठित ट्रैफिकिंग नेटवर्क बनाया। एपस्टीन फाइल्स में अब तक 15 देशों के रईसों, नेताओं और अंतरराष्ट्रीय हस्तियों के नाम सामने आए हैं। ट्रम्प ने आरोपों को झूठा बताया ट्रम्प ने एपस्टीन से जुड़े सभी आरोपों में किसी भी गलत काम से इनकार किया है. पहले न्याय विभाग ने भी कहा था कि जारी किए गए कुछ डॉक्यूमेंट में ट्रम्प के खिलाफ “झूठे और सनसनीखेज दावे” हैं. वहीं विपक्षी डेमोक्रेटिक नेताओं ने ट्रम्प सरकार पर आरोप लगाया है कि उसने एपस्टीन जांच से जुड़ी कुछ ऐसी जानकारियों को छिपाने की कोशिश की, जो ट्रम्प के लिए नुकसानदेह हो सकती थीं। अब तारीखों में पूरा मामला 14 साल की लड़की ने की थी पहली शिकायत 2005: फ्लोरिडा की 30 लड़कियों ने दिया बयान फ्लोरिडा में 14 साल की लड़की की मां ने शिकायत दर्ज कराई कि एपस्टीन ने मसाज के बहाने यौन शोषण किया। जांच में 30 नाबालिग लड़कियों के बयान मिले। 2006-08: राहत देने वाले एकोस्टा बाद में मंत्री यूएस अटॉर्नी ऑफिस ने एपस्टीन को फेडरल ट्रायल से बचाने वाली ‘प्ली डील’ दी। उसे 13 माह की हल्की सजा और दिन में बाहर काम की अनुमति मिली। इस डील को मंजूरी देने वाले अभियोजक एलेक्स एकोस्टा बाद में 2017 में ट्रम्प के पहले कार्यकाल में श्रम मंत्री बने। 2009-15: जेल से बाहर निकला, नेटवर्क सक्रिय डील के बाद एपस्टीन सक्रिय रहा। ‘लॉलीटा एक्सप्रेस’, निजी द्वीप से जुड़ी गतिविधियों के सबूत एजेंसियों के पास बढ़ते गए, लेकिन कोई निर्णायक कार्रवाई नहीं हुई। 2017-18: #मीटू आंदोलन से फिर खुला केस #मीटू आंदोलन के बाद पीड़ितों की गवाही और जांच से एपस्टीन के प्रभावशाली संपर्क उजागर हुए। 2019: फेडरल गिरफ्तारी और जेल में संदिग्ध मौत न्यूयॉर्क में सेक्स-ट्रैफिकिंग के आरोपों में गिरफ्तारी हुई। एक माह बाद मेट्रोपॉलिटन करेक्शनल जेल में संदिग्ध हालात में मौत, आधिकारिक तौर पर आत्महत्या बताया। 2020-26: अब कोर्ट के आदेश से फाइलें जारी… अमेरिकी कोर्ट आदेश व एपस्टीन फाइल्स ट्रांसपरेंसी एक्ट के तहत 30 लाख पेज जारी हुए, वैश्विक जांच शुरू। ————— एपस्टीन फाइल्स से जुड़ी ये खबर भी पढ़ें… एपस्टीन फाइल्स- अनिल अंबानी की चैट सामने आई: दावा- सुनहरे बालों वाली स्वीडिश महिला की पेशकश हुई, अनिल बोले- अरेंज करो अमेरिकी जस्टिस डिपार्टमेंट ने यौन अपराधी जेफ्री एपस्टीन ने जो दस्तावेज जारी किए हैं, उसमें अनिल अंबानी से जुड़े नए खुलासे सामने आए हैं। ये दस्तावेज एपस्टीन और उद्योगपति अनिल अंबानी के बीच 2017 से 2019 के दौरान हुई बातचीत से जुड़े हैं। ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट के मुताबिक, इनमें कारोबार, वैश्विक मामलों और महिलाओं को लेकर चर्चा हुई। पूरी खबर पढ़ें…






