Saturday, 29 Aug 2026 | 08:57 PM

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दिलीप कुमार की 5वीं पुण्यतिथि पर भावुक हुईं सायरा बानो:लिखा- साहब मुझे यादों का खजाना देकर गए, उनके बिना जिंदगी में खालीपन है

दिलीप कुमार की 5वीं पुण्यतिथि पर भावुक हुईं सायरा बानो:लिखा- साहब मुझे यादों का खजाना देकर गए, उनके बिना जिंदगी में खालीपन है

दिग्गज अभिनेता दिवंगत दिलीप कुमार की आज पांचवीं पुण्यतिथि है। इस मौके पर उनकी पत्नी और पूर्व एक्ट्रेस सायरा बानो ने सोशल मीडिया पर एक भावुक नोट शेयर किया है। 81 साल की सायरा बानो ने इंस्टाग्राम पर दिलीप कुमार के साथ अपनी कई पुरानी तस्वीरें पोस्ट की हैं। उन्होंने लिखा कि दिलीप साहब भले ही उनकी नजरों से दूर हो गए हैं, लेकिन वे उनकी जिंदगी से कभी दूर नहीं हुए। सायरा ने दिलीप कुमार के साथ बिताए समय को अपनी जिंदगी का सबसे खूबसूरत और मुकम्मल हिस्सा बताया। यादों को बताया सबसे वफादार साथी सायरा बानो ने अपने पोस्ट में लिखा कि जिंदगी की सबसे खूबसूरत बात यह है कि यह कभी पूरी तरह खत्म नहीं होती, बल्कि यादों में बनी रहती है। समय के उलट, यादें सबसे वफादार साथी होती हैं। वे बिना बुलाए लौट आती हैं और हर मुस्कान, हर नजर और हर शब्द को इस तरह वापस ले आती हैं जैसे कुछ भी नहीं खोया हो। किसी को याद रखना इस बात का सबसे बड़ा सबूत है कि उन्हें कभी भुलाया नहीं गया। दिलीप साहब देकर गए यादों का खजाना सायरा ने दिलीप कुमार को याद करते हुए लिखा कि मुझे लगता है कि साहब ने इस दुनिया को छोड़ने से पहले मुझे एक बड़ा खजाना दिया है। यह खजाना उनकी यादों का है, जो इतना समृद्ध है कि मैं अपनी बाकी की जिंदगी इन्हीं यादों के बीच रहकर बिता दूंगी। उन्होंने आगे लिखा कि 7 जुलाई 2021 को दिलीप कुमार सिर्फ मुझे ही नहीं, बल्कि पूरी दुनिया को छोड़कर चले गए थे जो उनसे प्यार करती थी। उनके जाने से परिवार, दोस्तों और सिनेमा जगत में एक ऐसा खालीपन आया जिसे शब्दों में बयान नहीं किया जा सकता। नजरों से दूर हुए, जिंदगी से नहीं सायरा बानो ने दिलीप कुमार के साथ अपने रिश्ते पर बात करते हुए लिखा कि वे दुनिया के लिए एक बड़े स्टार थे, लेकिन मेरे लिए वे मेरी जिंदगी का सहारा और मेरी शांत ताकत थे। हमारी जिंदगी सिर्फ साथ रहने तक सीमित नहीं थी, बल्कि यह पूरी तरह से सफल थी। साहब के जाने को पांच साल बीत चुके हैं, लेकिन वे मेरी जिंदगी से कभी दूर नहीं हुए। ऐसा गहरा प्यार समय के सामने नहीं झुकता। वे हर रोज मेरी यादों में रहते हैं। 12-13 साल की उम्र में ही दिलीप कुमार को दिल दे बैठीं सायरा इससे पहले दैनिक भास्कर को दिए इंटरव्यू में सायरा जी ने कहा था, ‘12-13 साल की थी, जब पहली बार उन्हें देखा था। पहली बार देखते ही मैंने अपनी मां से कहा कि जब बड़ी हो जाऊंगी तो इसी शख्स से शादी करूंगी। वे जब सफेद कुर्ते पजामे में हाथ फोल्ड करके निकलते थे, तो ऐसा लगता था कि इंसान नहीं फरिश्ता आ रहा है। मैं बहुत लकी हूं कि उनसे शादी कर पाई, वर्ना देश में उस वक्त तमाम खूबसूरत लड़कियां थीं, जो उनके लिए मर-मिटने को तैयार थीं।’ दोनों की जोड़ी को माना जाता है मिसाल दिलीप कुमार और सायरा बानो की जोड़ी को बॉलीवुड की सबसे मजबूत जोड़ियों में से एक माना जाता है। दोनों ने साल 1966 में शादी की थी और दिलीप कुमार के आखिरी समय तक सायरा हमेशा उनके साथ रहीं। दिलीप कुमार के बीमार रहने के दौरान भी सायरा ने पूरी तरह उनका ख्याल रखा। जब दिलीप कुमार जीवित थे, तब आमिर खान और शाह रुख खान जैसे बॉलीवुड के बड़े स्टार्स अक्सर उनके घर उनसे मिलने आया करते थे। लंबी बीमारी के बाद 7 जुलाई 2021 को 98 वर्ष की उम्र में दिलीप कुमार का निधन हो गया था।

जूनियर NTR की नई फिल्म पर विवाद शुरू:बैन की मांग, भगवान मुरुगन से प्रेरित हो सकती है कहानी

जूनियर NTR की नई फिल्म पर विवाद शुरू:बैन की मांग, भगवान मुरुगन से प्रेरित हो सकती है कहानी

साउथ सुपरस्टार जूनियर एनटीआर की नई फिल्म एक माइथो ड्रामा होगी। यह अभी फ्लोर पर भी नहीं पहुंची है, लेकिन एक पोस्टर और उसकी टैगलाइन ने इसे देशभर में बहस का विषय बना दिया है। भगवान मुरुगन के कथित चित्रण और पोस्टर में किए गए ‘उत्तर में जन्म’ संबंधी दावे पर तमिलनाडु में तीखी प्रतिक्रिया सामने आई हैं। ‘नाम तमिलर काची’ के प्रमुख सीमान ने फिल्म पर राज्य में प्रतिबंध लगाने की मांग करते हुए मेकर्स को गंभीर परिणाम भुगतने की चेतावनी दी है। सोशल मीडिया पर भी फिल्म को लेकर पक्ष-विपक्ष की बहस तेज हो गई है, जबकि मेकर्स ने अभी तक विवाद पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं दी है। 29 जून को इस नए मेगा प्रोजेक्ट का हुआ था ऐलान जूनियर एनटीआर और निर्देशक त्रिविक्रम श्रीनिवास ने 29 जून को अपने इस नए मेगा प्रोजेक्ट का ऐलान किया था। पोस्टर में त्रिशूल और भाले को डीएनए की आकृति में दिखाया गया है और कैप्शन में लिखा गया कि यह कहानी ऐसे देवता की है, जिसका जन्म उत्तर में हुआ, जिसने देश के मध्य में आकार लिया और दक्षिण में जिसकी पूजा होती है। इसी पंक्ति पर विवाद खड़ा हो गया। तमिल समाज के एक वर्ग का कहना है कि भगवान मुरुगन तमिल संस्कृति और पहचान के केंद्र में हैं, इसलिए उन्हें ‘उत्तर भारत में जन्मा’ बताना सांस्कृतिक और ऐतिहासिक तथ्यों से छेड़छाड़ है। हालांकि फिल्म की कहानी और टाइटल का अब तक आधिकारिक खुलासा नहीं किया गया है, लेकिन माना जा रहा है कि यह भगवान कार्तिकेय (मुरुगन) से प्रेरित फिल्म हो सकती है। फिल्म के कंटेंट पर भी रोक लगाने की मांग फिल्म को लेकर विवाद उस समय और बढ़ गया जब रविवार को सीमान ने सोशल मीडिया पर लंबा बयान जारी किया। उन्होंने आरोप लगाया कि तमिल इतिहास और धार्मिक परंपराओं को तोड़-मरोड़कर पेश करने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने चेतावनी दी कि कला के नाम पर भगवान मुरुगन के बारे में मनगढ़ंत कथाएं न दिखाएं। सीमान ने तमिलनाडु सरकार से भी अपील की कि यदि विवादित पहलुओं में बदलाव नहीं किया जाता है तो फिल्म के तमिल और तेलुगु वर्जन्स पर रोक लगे। ‘ड्रैगन’: अंतरराष्ट्रीय ड्रग नेटवर्क पर है बेस्ड वहीं जूनियर एनटीआर, निर्देशक प्रशांत नील की फिल्म ‘ड्रैगन’ में भी नजर आएंगे। यह फिल्म 11 जून 2027 को रिलीज होगी। 1967 की पृष्ठभूमि पर बनी यह पीरियड एक्शन ड्रामा अंतरराष्ट्रीय अफीम तस्करी, गोल्डन ट्रायंगल और अपराध जगत के खूनी सत्ता संघर्ष की कहानी दिखाएगी। निर्देशक प्रशांत के मुताबिक यह उनके करियर की अब तक की सबसे यथार्थवादी फिल्म है।

चांदी ₹4,408 गिरकर ₹2.29 लाख पर आई:सोना ₹1,442 सस्ता होकर ₹1.44 लाख का हुआ; जून में सोना 13 हजार, चांदी 34 हजार सस्ती हुई

चांदी ₹4,408 गिरकर ₹2.29 लाख पर आई:सोना ₹1,442 सस्ता होकर ₹1.44 लाख का हुआ; जून में सोना 13 हजार, चांदी 34 हजार सस्ती हुई

सोने-चांदी के दाम में इस आज यानी 7 जुलाई को गिरावट है। इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन (IBJA) के अनुसार, 10 ग्राम 24 कैरेट सोने का दाम 1,442 रुपए गिरकर 1.44 लाख रुपए हो गया है। वहीं, 1 किलो चांदी का दाम 4,408 रुपए गिरकर 2.29 लाख रुपए पर आ गई है। इससे पहले बीते महीने यानी जून में सोना-चांदी में गिरावट रही थी। बीते महीने सोना 13 हजार और चांदी 34 हजार रुपए सस्ती हुई थी। नोट:- सोने की कीमत प्रति 10 ग्राम और चांदी की कीमत किलो में | सोर्स:- IBJA कैरेट के हिसाब से सोने की कीमत देश के बड़े शहरों में सोने की कीमत सोर्स: goodreturns 7 जुलाई 2026 चांदी इस साल 1.69 लाख रुपए गिरी इस साल सोने-चांदी की कीमत में लगातार उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहा है। 31 दिसंबर 2025 को सोने के दाम 1.33 लाख रुपए थे, जो 29 जनवरी को बढ़कर 1.76 लाख रुपए के सबसे ऊपरी स्तर पर पहुंच गए थे। तब से अब तक सोना 36 हजार रुपए सस्ता हो चुका है। वहीं, चांदी के कीमत 31 दिसंबर 2025 को 2.30 लाख रुपए थी, जो 29 जनवरी को 3.86 लाख रुपए तक पहुंच गई थी। यह चांदी के अब तक की सबसे ज्यादा दाम थे। तब से अब तक 149 दिन में चांदी 1.69 लाख रुपए सस्ती हो गई है। सोना 159 दिन में ₹32 हजार और चांदी ₹1.59 लाख सस्ती नोट:- सोने की कीमत प्रति 10 ग्राम और चांदी की कीमत किलो में | सोर्स:- IBJA सोने-चांदी के दाम में गिरावट की वजह यूएस-ईरान समझौता: अमेरिका-ईरान के बीच युद्धविराम समझौता साइन हुआ है। इसकी वजह से पश्चिम एशिया में युद्ध का खतरा कम हो गया, जिससे निवेशकों ने सोने-चांदी जैसे ‘सुरक्षित निवेश’ से अपना पैसा निकालना शुरू कर दिया। मजबूत अमेरिकी डॉलर: फेडरल रिजर्व के संकेतों के बाद वैश्विक बाजार में अमेरिकी डॉलर इंडेक्स मजबूत हुआ है। आमतौर पर जब डॉलर मजबूत होता है, तो अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने और चांदी की कीमतें गिरती हैं। मुनाफावसूली: पिछले कुछ समय पहले सोने और चांदी की कीमतें अपने रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच चुकी थीं। दामों में इतनी बड़ी तेजी आने के बाद बड़े निवेशकों और ट्रेडर्स ने मुनाफावसूली की, जिससे कीमतों में अचानक तेज गिरावट आई। ईटीएफ में बिकवाली: सुरक्षित निवेश का आकर्षण कम होने से गोल्ड-सिल्वर ETFs में भारी बिकवाली देखी गई। इससे भी सोने-चांदी के दाम में गिरावट आ रही है। ज्वेलर्स से सोना खरीदते समय इन 2 बातों का रखें ध्यान असली चांदी की पहचान करने के 4 तरीके

चांदी ₹4,408 गिरकर ₹2.29 लाख पर आई:सोना ₹1,442 सस्ता होकर ₹1.44 लाख का हुआ; जून में सोना ₹15 हजार, चांदी ₹38 हजार सस्ती हुई

चांदी ₹4,408 गिरकर ₹2.29 लाख पर आई:सोना ₹1,442 सस्ता होकर ₹1.44 लाख का हुआ; जून में सोना 13 हजार, चांदी 34 हजार सस्ती हुई

सोने-चांदी के दाम में इस आज यानी 7 जुलाई को गिरावट है। इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन (IBJA) के अनुसार, 10 ग्राम 24 कैरेट सोने का दाम 1,442 रुपए गिरकर 1.44 लाख रुपए हो गया है। वहीं, 1 किलो चांदी का दाम 4,408 रुपए गिरकर 2.29 लाख रुपए पर आ गई है। इससे पहले बीते महीने यानी जून में सोना-चांदी में गिरावट रही थी। बीते महीने सोना 15 हजार और चांदी 38 हजार रुपए सस्ती हुई थी। कैरेट के हिसाब से सोने की कीमत देश के बड़े शहरों में सोने की कीमत सोर्स: goodreturns 7 जुलाई 2026 चांदी इस साल 1.57 लाख रुपए गिरी इस साल सोने-चांदी की कीमत में लगातार उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहा है। 31 दिसंबर 2025 को सोने के दाम 1.33 लाख रुपए थे, जो 29 जनवरी को बढ़कर 1.76 लाख रुपए के सबसे ऊपरी स्तर पर पहुंच गए थे। तब से अब तक सोना 32 हजार रुपए सस्ता हो चुका है। वहीं, चांदी के कीमत 31 दिसंबर 2025 को 2.30 लाख रुपए थी, जो 29 जनवरी को 3.86 लाख रुपए तक पहुंच गई थी। यह चांदी के अब तक की सबसे ज्यादा दाम थे। तब से अब तक 159 दिन में चांदी 1.57 लाख रुपए सस्ती हो गई है। सोना 159 दिन में ₹32 हजार और चांदी ₹1.57 लाख सस्ती नोट:- सोने की कीमत प्रति 10 ग्राम और चांदी की कीमत किलो में | सोर्स:- IBJA सोने-चांदी के दाम में गिरावट की वजह यूएस-ईरान समझौता: अमेरिका-ईरान के बीच युद्धविराम समझौता साइन हुआ है। इसकी वजह से पश्चिम एशिया में युद्ध का खतरा कम हो गया, जिससे निवेशकों ने सोने-चांदी जैसे ‘सुरक्षित निवेश’ से अपना पैसा निकालना शुरू कर दिया। मजबूत अमेरिकी डॉलर: फेडरल रिजर्व के संकेतों के बाद वैश्विक बाजार में अमेरिकी डॉलर इंडेक्स मजबूत हुआ है। आमतौर पर जब डॉलर मजबूत होता है, तो अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने और चांदी की कीमतें गिरती हैं। मुनाफावसूली: पिछले कुछ समय पहले सोने और चांदी की कीमतें अपने रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच चुकी थीं। दामों में इतनी बड़ी तेजी आने के बाद बड़े निवेशकों और ट्रेडर्स ने मुनाफावसूली की, जिससे कीमतों में अचानक तेज गिरावट आई। ईटीएफ में बिकवाली: सुरक्षित निवेश का आकर्षण कम होने से गोल्ड-सिल्वर ETFs में भारी बिकवाली देखी गई। इससे भी सोने-चांदी के दाम में गिरावट आ रही है। ज्वेलर्स से सोना खरीदते समय इन 2 बातों का रखें ध्यान असली चांदी की पहचान करने के 4 तरीके

धर्मेंद्र की आखिरी इच्छा-बच्चों के साथ मिलकर रहें हेमा मालिनी:सनी-बॉबी पर कहा- हम पब्लिसिटी नहीं करते, हम परिवार हैं; मौत की फर्जी खबर पर दिया रिएक्शन

धर्मेंद्र की आखिरी इच्छा-बच्चों के साथ मिलकर रहें हेमा मालिनी:सनी-बॉबी पर कहा- हम पब्लिसिटी नहीं करते, हम परिवार हैं; मौत की फर्जी खबर पर दिया रिएक्शन

लीजेंड्री एक्टर धर्मेंद्र के निधन के कुछ महीनों बाद अब हेमा मालिनी ने उनकी आखिरी इच्छा पर बात की है। उन्होंने बताया कि निधन से कुछ समय पहले ही धर्मेंद्र ने उन्हें पास बुलाकर कहा था कि बच्चों से मिल जुलकर रहना। हेमा मालिनी ने इस दौरान सौतेले बेटों सनी-बॉबी की तारीफ की और धर्मेंद्र के निधन की फर्जी खबर आने पर नाराजगी जाहिर की है। हेमा मालिनी ने धर्मेंद्र की कही हुई आखिरी बात पर हिंदी रश को दिए इंटरव्यू में कहा, ‘उन्होंने बिल्कुल यही कहा था कि साथ रहो, परिवार के हमेशा साथ रहो। सबको साथ लेकर चलना। हमेशा साथ रहो। जो भी काम हो, लेकिन साथ रहने को ही तवज्जो देना चाहिए।’ सनी-बॉबी पर बात करते हुए हेमा मालिनी ने कहा है, ‘वो दोनों बहुत अच्छे लड़के हैं। सनी बहुत अच्छा है, बॉबी बहुत अच्छा है। हम सभी हमेशा साथ हैं। हम पब्लिसिटी नहीं करते हैं। हमारा आपस में सब बहुत अच्छा एक जुड़ाव है। हम एक बहुत खुश परिवार हैं।’ धर्मेंद्र के निधन की फर्जी खबर आने पर थीं नाराज धर्मेंद्र का निधन 24 नवंबर 2025 में हुआ। इससे पहले वो नवंबर के शुरुआती दिनों में अस्पताल में भर्ती थे। 10 नवंबर को उनके निधन की फर्जी खबरें आईं। इस समय हेमा मालिनी की बेटी ईशा ने इन खबरों पर नाराजगी जाहिर कर सोशल मीडिया पोस्ट शेयर की थी। अब हेमा मालिनी ने इन खबरों पर कहा है, ‘नेचुरली नाराज तो होंगे न। फेक न्यूज आएगी तो कैसे संभालेंगे। वो पीरियड गुजर गया, निकल गया। वो आज हमारे साथ नहीं हैं, अब क्या बात करेंगे।’ बातचीत में हेमा मालिनी ने बताया है कि धर्मेंद्र हमेशा से ही चाहनेवालों के लिए मौजूद रहे। अगर उन्हें पता चलता कि कोई फैन घर के बाहर उनसे मिलना चाहता है तो झट से उसे घर बुलाकर उसके साथ तस्वीरें क्लिक करवाते थे। हेमा मालिनी ने ये भी बताया है कि धर्मेंद्र अपने ग्रैंड चिल्ड्रन से बहुत प्यार करते थे और उनके जाने के बाद बच्चे उन्हें बहुत याद करते हैं। धर्मेंद्र को मरणोपरांत मिला पद्मभूषण, सम्मान लेते हुए भावुक हुईं हेमा मालिनी मई 2026 में धर्मेंद्र को मरणोपरांत पद्मभूषण से सम्मानित किया गया है। हेमा मालिनी उनकी तरफ से ये सम्मान लेने पहुंचीं, जहां वो बेहद भावुक हो गईं। वहीं सेरेमनी में मौजूद उनकी बेटी अहाना आंसू रोक नहीं सकीं। हेमा मालिनी ने पद्म पुरस्कार समारोह की तस्वीरों के साथ आधिकारिक सोशल मीडिया अकाउंट से लिखा था- एक बेहद भावुक और खुशी से भरा पल, ऐसा पल जब मुझे सच में अपने पति धरम जी की गर्मजोशी भरी मौजूदगी महसूस हुई, जैसे वह मेरा हाथ थामकर मुझे उस मंच तक ले जा रहे हों, जहां उनका पद्म विभूषण सम्मान उनका इंतजार कर रहा था। आगे उन्होंने लिखा है, ‘कल शांत और गरिमामयी पद्म पुरस्कार समारोह में, जब महामहिम राष्ट्रपति जी स्वयं सभी योग्य सम्मानित लोगों को पुरस्कार दे रही थीं, तब मैं धरम जी की ओर से वहां मौजूद थी। उस पल मेरे भीतर गर्व की एक गहरी भावना उमड़ पड़ी। उनके साथ बिताए सालों की यादें ताजा हो गईं, पहले कई सफल फिल्मों में उनकी को-स्टार के रूप में और बाद में उनकी जीवनसंगिनी बनकर। इन यादों ने मेरी आंखों को नम कर दिया।’ हेमा मालिनी ने आगे भावुक होकर लिखा, ‘धर्मेंद्र एक बेहद प्यार करने वाले और ख्याल रखने वाले पति थे, स्नेही पिता और दादा थे, एक सच्चे दोस्त, अच्छे विचारों वाले इंसान, सच्चे मार्गदर्शक और भरोसेमंद साथी थे। धरम जी में ये सभी खूबसूरत गुण थे और उससे भी कहीं ज्यादा। वह एक उदार, नेकदिल और देने वाले इंसान थे, जिन्हें जानने वाला हर व्यक्ति उनसे प्यार करता था।’ यादें आखिरी पल तक संजोकर रखूंगी- हेमा मालिनी आखिर में हेमा मालिनी लिखती हैं, ‘मैंने यह सम्मान विनम्रता के साथ अपने पूरे परिवार, उनके करोड़ों चाहने वालों और शुभचिंतकों की ओर से स्वीकार किया। मैं भगवान का धन्यवाद करती हूं कि उन्होंने मुझे इतना अद्भुत जीवनसाथी दिया, जिनकी यादें मैं अपनी जिंदगी के आखिरी पल तक संजोकर रखूंगी। ये मेरे दिल की सच्ची भावनाएं हैं, जो देश के दूसरे सबसे बड़े सम्मान ‘पद्म विभूषण’ को धरम जी की ओर से प्राप्त करते समय उमड़ पड़ीं।’ बेटी ईशा देओल भी हुईं भावुक हेमा मालिनी के अलावा ईशा देओल ने भी भावुक पोस्ट लिखी है। उन्होंने लिखा, गर्व का एक पल, भावनाओं से भरा एक पल। हम कितनी गहराई से चाहते थे कि आज वह हमारे बीच मौजूद होते, अपनी सफेद शर्ट और नीले सूट में हमेशा की तरह बेहद हैंडसम दिखते हुए, एक छोटे बच्चे जैसी उत्सुकता के साथ यह प्रतिष्ठित सम्मान लेने जाते। कल जब मेरी मा ने हमारे परिवार की ओर से यह सम्मान स्वीकार किया, और हम सभी छह बच्चों की तरफ से सबसे छोटी अहाना वहां मौजूद थी, तब उसकी आंखों में आंसू थे और हाथों में तालियां, अपने पिता के सम्मान में। देखिए पद्म पुरस्कार से हेमा मालिनी और बेटी अहाना की झलक- 24 नवंबर 2025 को धर्मेंद्र का 89 साल की उम्र में निधन हो गया। वो लंबे समय से बीमार चल रहे थे। धर्मेंद्र के निधन के बाद से ही हेमा मालिनी उन्हें याद कर भावुक पोस्ट और तस्वीरें शेयर करती रहती हैं। बता दें कि हेमा मालिनी और धर्मेंद्र ने 30 से ज्यादा फिल्मों में साथ काम किया है। फिल्मों में आने से पहले ही धर्मेंद्र शादीशुदा थे। उनकी शादी कम उम्र में प्रकाश कौर से हुई थी, जिससे उन्हें 4 बच्चे सनी, बॉबी, अजेता, विजेता हुए। शादीशुदा होने के बावजूद हेमा मालिनी से शादी करने के लिए धर्मेंद्र ने इस्लाम कबूल किया और उनसे दूसरी शादी की। इस शादी से उन्हें दो बेटियां ईशा और अहाना हैं।

धर्मेंद्र की आखिरी इच्छा-बच्चों के साथ मिलकर रहें हेमा मालिनी:सनी-बॉबी पर कहा- हम पब्लिसिटी नहीं करते, हम परिवार हैं; मौत की फर्जी खबर पर दिया रिएक्शन

धर्मेंद्र की आखिरी इच्छा-बच्चों के साथ मिलकर रहें हेमा मालिनी:सनी-बॉबी पर कहा- हम पब्लिसिटी नहीं करते, हम परिवार हैं; मौत की फर्जी खबर पर दिया रिएक्शन

लीजेंड्री एक्टर धर्मेंद्र के निधन के कुछ महीनों बाद अब हेमा मालिनी ने उनकी आखिरी इच्छा पर बात की है। उन्होंने बताया कि निधन से कुछ समय पहले ही धर्मेंद्र ने उन्हें पास बुलाकर कहा था कि बच्चों से मिल-जुलकर रहना। हेमा मालिनी ने इस दौरान सौतेले बेटों सनी-बॉबी की तारीफ की और धर्मेंद्र के निधन की फर्जी खबर आने पर नाराजगी जाहिर की है। हेमा मालिनी ने धर्मेंद्र की कही हुई आखिरी बात पर हिंदी रश को दिए इंटरव्यू में कहा, ‘उन्होंने बिल्कुल यही कहा था कि साथ रहो, परिवार के हमेशा साथ रहो। सबको साथ लेकर चलना। हमेशा साथ रहो। जो भी काम हो, लेकिन साथ रहने को ही तवज्जो देना चाहिए।’ सनी-बॉबी पर बात करते हुए हेमा मालिनी ने कहा है, ‘वो दोनों बहुत अच्छे लड़के हैं। सनी बहुत अच्छा है, बॉबी बहुत अच्छा है। हम सभी हमेशा साथ हैं। हम पब्लिसिटी नहीं करते हैं। हमारा आपस में सब बहुत अच्छा एक जुड़ाव है। हम एक बहुत खुश परिवार हैं।’ धर्मेंद्र के निधन की फर्जी खबर आने पर थीं नाराज धर्मेंद्र का निधन 24 नवंबर 2025 में हुआ। इससे पहले वो नवंबर के शुरुआती दिनों में अस्पताल में भर्ती थे। 10 नवंबर को उनके निधन की फर्जी खबरें आईं। इस समय हेमा मालिनी की बेटी ईशा ने इन खबरों पर नाराजगी जाहिर कर सोशल मीडिया पोस्ट शेयर की थी। अब हेमा मालिनी ने इन खबरों पर कहा है, ‘नेचुरली नाराज तो होंगे न। फेक न्यूज आएगी तो कैसे संभालेंगे। वो पीरियड गुजर गया, निकल गया। वो आज हमारे साथ नहीं हैं, अब क्या बात करेंगे।’ बातचीत में हेमा मालिनी ने बताया है कि धर्मेंद्र हमेशा से ही चाहने वालों के लिए मौजूद रहे। अगर उन्हें पता चलता कि कोई फैन घर के बाहर उनसे मिलना चाहता है तो झट से उसे घर बुलाकर उसके साथ तस्वीरें क्लिक करवाते थे। हेमा मालिनी ने ये भी बताया है कि धर्मेंद्र अपने ग्रैंडचिल्ड्रन से बहुत प्यार करते थे और उनके जाने के बाद बच्चे उन्हें बहुत याद करते हैं। धर्मेंद्र को मरणोपरांत मिला पद्मभूषण, सम्मान लेते हुए भावुक हुईं हेमा मालिनी मई 2026 में धर्मेंद्र को मरणोपरांत पद्मभूषण से सम्मानित किया गया है। हेमा मालिनी उनकी तरफ से ये सम्मान लेने पहुंचीं, जहां वो बेहद भावुक हो गईं। वहीं सेरेमनी में मौजूद उनकी बेटी अहाना आंसू रोक नहीं सकीं। हेमा मालिनी ने पद्म पुरस्कार समारोह की तस्वीरों के साथ आधिकारिक सोशल मीडिया अकाउंट से लिखा था- एक बेहद भावुक और खुशी से भरा पल, ऐसा पल जब मुझे सच में अपने पति धरम जी की गर्मजोशी भरी मौजूदगी महसूस हुई, जैसे वह मेरा हाथ थामकर मुझे उस मंच तक ले जा रहे हों, जहां उनका पद्म विभूषण सम्मान उनका इंतजार कर रहा था। आगे उन्होंने लिखा है, ‘कल शांत और गरिमामयी पद्म पुरस्कार समारोह में, जब महामहिम राष्ट्रपति जी स्वयं सभी योग्य सम्मानित लोगों को पुरस्कार दे रही थीं, तब मैं धरम जी की ओर से वहां मौजूद थी। उस पल मेरे भीतर गर्व की एक गहरी भावना उमड़ पड़ी। उनके साथ बिताए सालों की यादें ताजा हो गईं, पहले कई सफल फिल्मों में उनकी को-स्टार के रूप में और बाद में उनकी जीवनसंगिनी बनकर। इन यादों ने मेरी आंखों को नम कर दिया।’ हेमा मालिनी ने आगे भावुक होकर लिखा, ‘धर्मेंद्र एक बेहद प्यार करने वाले और ख्याल रखने वाले पति थे, स्नेही पिता और दादा थे, एक सच्चे दोस्त, अच्छे विचारों वाले इंसान, सच्चे मार्गदर्शक और भरोसेमंद साथी थे। धरम जी में ये सभी खूबसूरत गुण थे और उससे भी कहीं ज्यादा। वह एक उदार, नेकदिल और देने वाले इंसान थे, जिन्हें जानने वाला हर व्यक्ति उनसे प्यार करता था।’ यादें आखिरी पल तक संजोकर रखूंगी- हेमा मालिनी आखिर में हेमा मालिनी लिखती हैं, ‘मैंने यह सम्मान विनम्रता के साथ अपने पूरे परिवार, उनके करोड़ों चाहने वालों और शुभचिंतकों की ओर से स्वीकार किया। मैं भगवान का धन्यवाद करती हूं कि उन्होंने मुझे इतना अद्भुत जीवनसाथी दिया, जिनकी यादें मैं अपनी जिंदगी के आखिरी पल तक संजोकर रखूंगी। ये मेरे दिल की सच्ची भावनाएं हैं, जो देश के दूसरे सबसे बड़े सम्मान ‘पद्म विभूषण’ को धरम जी की ओर से प्राप्त करते समय उमड़ पड़ीं।’ बेटी ईशा देओल भी हुईं भावुक हेमा मालिनी के अलावा ईशा देओल ने भी भावुक पोस्ट लिखी है। उन्होंने लिखा, गर्व का एक पल, भावनाओं से भरा एक पल। हम कितनी गहराई से चाहते थे कि आज वह हमारे बीच मौजूद होते, अपनी सफेद शर्ट और नीले सूट में हमेशा की तरह बेहद हैंडसम दिखते हुए, एक छोटे बच्चे जैसी उत्सुकता के साथ यह प्रतिष्ठित सम्मान लेने जाते। कल जब मेरी मा ने हमारे परिवार की ओर से यह सम्मान स्वीकार किया, और हम सभी छह बच्चों की तरफ से सबसे छोटी अहाना वहां मौजूद थी, तब उसकी आंखों में आंसू थे और हाथों में तालियां, अपने पिता के सम्मान में। देखिए पद्म पुरस्कार से हेमा मालिनी और बेटी अहाना की झलक- 24 नवंबर 2025 को धर्मेंद्र का 89 साल की उम्र में निधन हो गया। वो लंबे समय से बीमार चल रहे थे। धर्मेंद्र के निधन के बाद से ही हेमा मालिनी उन्हें याद कर भावुक पोस्ट और तस्वीरें शेयर करती रहती हैं। बता दें कि हेमा मालिनी और धर्मेंद्र ने 30 से ज्यादा फिल्मों में साथ काम किया है। फिल्मों में आने से पहले ही धर्मेंद्र शादीशुदा थे। उनकी शादी कम उम्र में प्रकाश कौर से हुई थी, जिससे उन्हें 4 बच्चे सनी, बॉबी, अजेता, विजेता हुए। शादीशुदा होने के बावजूद हेमा मालिनी से शादी करने के लिए धर्मेंद्र ने इस्लाम कबूल किया और उनसे दूसरी शादी की। इस शादी से उन्हें दो बेटियां ईशा और अहाना हैं।

कनाडा में डूबने से 2 पंजाबी युवकों की मौत:एक का पैर फिसला, बचाने कूदा दूसरा भी डूबा; बरनाला-अमृतसर के रहने वाले थे

कनाडा में डूबने से 2 पंजाबी युवकों की मौत:एक का पैर फिसला, बचाने कूदा दूसरा भी डूबा; बरनाला-अमृतसर के रहने वाले थे

कनाडा के मॉन्ट्रियल शहर की लाशीन नहर में डूबने से दो पंजाबी युवकों की दर्दनाक मौत हो गई। मृतकों में बरनाला जिले के तपा मंडी निवासी लवप्रीत सिंह (26 साल) और अमृतसर के गांव बुटाला (नौरंगपुर) निवासी एक अन्य युवक शामिल हैं। लवप्रीत सिंह के माता-पिता ने केंद्र सरकार, पंजाब सरकार, विदेशों में रह रहे समाजसेवियों और एनआरआई समुदाय से मदद की अपील की है। उन्होंने मांग की है कि उनके इकलौते बेटे के पार्थिव शरीर को कनाडा से पंजाब लाने के लिए प्रशासनिक और आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई जाए, ताकि वे उसका अंतिम संस्कार धार्मिक रीति-रिवाजों के अनुसार कर सकें। गहरे पानी के कारण दोनों की डूबने से मौत यह हादसा उस समय हुआ, जब दोनों दोस्त मॉन्ट्रियल की लाशीन नहर के किनारे मौजूद थे। बताया जा रहा है कि अचानक अमृतसर निवासी युवक का पैर फिसल गया और वह नहर में गिर गया। उसे बचाने के प्रयास में लवप्रीत सिंह भी पानी में कूद गया, लेकिन तेज बहाव और गहरे पानी के कारण दोनों की डूबने से मौत हो गई। कई घंटे चला रेस्क्यू ऑपरेशन घटना की सूचना मिलते ही मॉन्ट्रियल फायर डिपार्टमेंट व पुलिस की टीम मौके पर पहुंची और बड़े स्तर पर रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया। कई घंटे की मशक्कत के बाद दोनों युवकों को पानी से बाहर निकाला गया। उन्हें गंभीर हालत में अस्पताल पहुंचाया गया, जहां बाद में उनकी मौत हो गई। पुलिस मामले की जांच कर रही है। ढाई साल पहले वर्क परमिट पर गया था इस घटना से तपा मंडी निवासी पूर्व सैनिक बलवीर सिंह का परिवार गहरे सदमे में है। मृतक लवप्रीत सिंह अपने माता-पिता का इकलौता बेटा था। वह करीब ढाई साल पहले वर्क परमिट पर कनाडा गया था और वहां एक कंपनी में ट्राला चालक के रूप में काम कर रहा था। बेटे को विदेश भेजने के लिए बेची जमीन 12वीं कक्षा पास करने के बाद बेटे के बेहतर भविष्य के लिए सीआरपीएफ के पूर्व जवान बलवीर सिंह ने अपनी दो एकड़ जमीन बेचकर उसे कनाडा भेजा था। परिवार ने कभी नहीं सोचा था कि जिस बेटे को उज्ज्वल भविष्य के लिए विदेश भेजा है, उसकी पार्थिव देह वापस आएगी। लवप्रीत ने करीब 10 दिन पहले ही परिवार से फोन पर बातचीत की थी।

सरकारी आदेश पर हटाई गई दिलजीत की फिल्म सतलुज:IT रूल 2021 का हवाला दिया, अनुराग कश्यप ने इरानी फिल्ममेकर से की डायरेक्टर की तुलना; पायरेसी जारी

सरकारी आदेश पर हटाई गई दिलजीत की फिल्म सतलुज:IT रूल 2021 का हवाला दिया, अनुराग कश्यप ने इरानी फिल्ममेकर से की डायरेक्टर की तुलना; पायरेसी जारी

दिलजीत दोसांझ की फिल्म सतलुज 2 जुलाई को ओटीटी प्लेटफॉर्म जी 5 पर रिलीज हुई थी, जिसे बिना कारण बताए 5 जुलाई को अचानक हटा दिया गया। फिल्म हटाए जाने से विवाद खड़ा हो गया। कई सेलेब्स इसका विरोध करते हुए दिलजीत और फिल्ममेकर्स का समर्थन कर रहे हैं। दिलजीत ने भी फैंस से ज्यादा से ज्यादा फिल्म डाउनलोड की गई फिल्म शेयर करने की अपील की है। नई रिपोर्ट्स के अनुसार, फिल्म को IT रूल 2021 के तहत सरकारी आदेश पर ओटीटी प्लेटफॉर्म से हटाया गया है। टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के अनुसार, केंद्र सरकार ने फिल्म ‘सतलुज’ को ZEE5 से हटाने का निर्देश दिया। सरकारी सूत्रों के अनुसार, यह फैसला सुरक्षा संबंधी चिंताओं और सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी) रूल, 2021 के तहत तय दायित्वों का हवाला देते हुए लिया गया। एक सरकारी अधिकारी के मुताबिक, फिल्म निर्माताओं ने 2022 में ‘पंजाब 95’ टाइटल से CBFC से सर्टिफिकेशन के लिए आवेदन किया था। हालांकि, सेंसर बोर्ड द्वारा सुझाए गए 127 कट स्वीकार नहीं किए गए, जिसके बाद फिल्म की रिलीज रोक दी गई। अधिकारी ने कहा, “फिल्ममेकर्स ने सेंसर बोर्ड द्वारा सुझाए गए कट लागू नहीं किए और बाद में फिल्म का नाम बदलकर चुपचाप OTT पर रिलीज कर दिया। चूंकि OTT, CBFC के अधिकार क्षेत्र में नहीं आता, इसलिए मामला सरकार के संज्ञान में आने पर ZEE5 को फिल्म हटाने के लिए कहा गया।” बता दें कि OTT प्लेटफॉर्म पर रिलीज होने वाले कंटेंट का नियमन केंद्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड (CBFC) नहीं करता। यह सूचना प्रौद्योगिकी (मध्यस्थ दिशानिर्देश और डिजिटल मीडिया आचार संहिता) नियम, 2021 के भाग-3 के तहत संचालित होता है। फिल्ममेकर अनुराग कश्यप ने ईरानी फिल्ममेकर से की तुलना फिल्म ओटीटी प्लेटफॉर्म से हटाए जाने पर फिल्ममेकर अनुराग कश्यप ने आधिकारिक सोशल मीडिया अकाउंट से लिखा है, ‘सतलुज, मैंने कभी नहीं सोचा था कि एक दिन हनी त्रेहान को वही स्थिति झेलनी पड़ेगी, जिसका सामना ईरान में जाफर पनाही को करना पड़ा था।’ बता दें कि जाफर पनाही को ईरान में अपनी फिल्मों और अभिव्यक्ति की आजादी को लेकर सरकारी प्रतिबंधों, गिरफ्तारी और सेंसरशिप का सामना करना पड़ा था। सोशल मीडिया पर शेयर की जा रही है फिल्म फिल्म ओटीटी प्लेटफॉर्म से हटाए जाने के बाद दिलजीत दोसांझ ने कहा, ‘मुझे कोई फिक्र नहीं है। मुझे लगा था फिल्म पहले ही हटा ली जाएगी। कई लोगों ने इस फिल्म को पहले ही डाउनलोड कर लिया है। जितना हो सके, फिल्म को शेयर करें और ज्यादा से ज्यादा लोगों तक पहुंचाएं।’ दिलजीत का ये बयान सामने आने के बाद कई फैंस यूट्यूब और सोशल मीडिया पर फिल्म अपलोड कर रहे हैं। जी 5 ने पायरेसी रोकने की अपील की दिलजीत का बयान सामने आने के बाद जी 5 ने आधिकारिक बयान जारी कर कहा है, ‘हमे आशा है और हम इसके लिए सब कुछ कर रहे हैं। प्लीज पायरेसी को सपोर्ट न करें। हम सतलुज फिल्म को वापस लाने की हर कोशिश कर रहे हैं।’ क्यों विवादों में है फिल्म सतलुज केंद्र सरकार से जुड़े सोर्सेज के मुताबिक फिल्म के कुछ हिस्सों का भारत विरोधी ताकतों द्वारा दुरुपयोग किए जाने की आशंका है। सूत्रों के मुताबिक, चिंता है कि फिल्म के कुछ दृश्य और सामग्री का इस्तेमाल खालिस्तान समर्थक आंदोलन के पक्ष में माहौल बनाने के लिए किया जा सकता है, खासकर पंजाब विधानसभा चुनाव से पहले ऐसा हो सकता है। सरकार का मानना है कि “ऐसे मामलों में राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े मुद्दे सबसे ऊपर होते हैं। यह राजनीति का विषय नहीं है।

भारतवंशी बिजनेसमैन ने इंडोनेशिया के राष्ट्रपति को ठगा:खुद को CIA एजेंट बताया, लड़ाकू विमानों की डील पर 425 करोड़ रु. की धोखाधड़ी

भारतवंशी बिजनेसमैन ने इंडोनेशिया के राष्ट्रपति को ठगा:खुद को CIA एजेंट बताया, लड़ाकू विमानों की डील पर 425 करोड़ रु. की धोखाधड़ी

अमेरिका में धोखाधड़ी के आरोपों का सामना कर रहे भारतवंशी बिजनेसमैन गौरव श्रीवास्तव पर अब इंडोनेशिया में भी बड़े फर्जीवाड़े का आरोप लगा है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, उसने खुद को अमेरिकी खुफिया एजेंसी CIA का एजेंट बताकर इंडोनेशिया के राष्ट्रपति प्रबोवो सुबियांतो का भरोसा जीता और रक्षा सौदों के नाम पर करीब 425 करोड़ रुपए का फर्जी कर्ज मंजूर करा लिया। ऑर्गेनाइज्ड क्राइम एंड करप्शन रिपोर्टिंग प्रोजेक्ट (OCCRP) और इंडोनेशियाई मैगजीन टेम्पो की रिपोर्ट के अनुसार, गौरव ने इंडोनेशियाई सेना को 36 लड़ाकू विमान, ब्लैक हॉक हेलीकॉप्टर और मिलिट्री कमांड सिस्टम दिलाने का दावा किया। इसके लिए उसने फर्जी शेल कंपनियों का इस्तेमाल किया और अमेरिका के एक कथित ‘सीक्रेट प्रोग्राम’ के नाम पर करीब 425 करोड़ रुपए का फर्जी कर्ज मंजूर करा लिया। रिपोर्ट में दावा किया गया है कि यह कथित ठगी 2020 से 2022 के बीच हुई। ठगी से मिले पैसों से गौरव ने लॉस एंजिलिस में करीब 208 करोड़ रुपए का एक आलीशान बंगला भी खरीदा। प्रबोवो गौरव को ‘मिस्टर G’ बुलाते कहते थे रिपोर्ट के मुताबिक, गौरव ने प्रबोवो का इतना भरोसा जीत लिया था कि वे उसे ‘मिस्टर G’ कहकर बुलाते थे। उसने राष्ट्रपति के निजी जीवन से जुड़ी ऐसी जानकारियों का भी इस्तेमाल किया, जो केवल उनके करीबी लोगों को पता थीं। इनमें यह बात भी शामिल थी कि प्रबोवो अपने घर के मकड़ी के जालों को प्रकृति का हिस्सा मानते हैं और उन्हें साफ नहीं कराते। गौरव ने यह भी दावा किया कि उसने 2002 के बाली बम धमाकों के आतंकियों को पकड़वाने और प्रबोवो का नाम अमेरिकी इमिग्रेशन की ब्लैकलिस्ट से हटवाने में मदद की थी। इंडोनेशिया के रक्षा मंत्रालय के प्रवक्ता रिको सिराइत ने कहा कि जिन रक्षा सौदों पर बातचीत हुई थी, वे आखिरी समझौते तक नहीं पहुंचे थे। इसलिए सरकार को कोई सीधा आर्थिक नुकसान नहीं हुआ।

'सतलुज' का विरोध करने वालों पर भड़के जसबीर जस्सी:बोले- यह खालड़ा से हुए धक्के से भी बड़ा धक्का, अब जिक्र भी नहीं करने दोगे

'सतलुज' का विरोध करने वालों पर भड़के जसबीर जस्सी:बोले- यह खालड़ा से हुए धक्के से भी बड़ा धक्का, अब जिक्र भी नहीं करने दोगे

मानवाधिकार कार्यकर्ता जसवंत सिंह खालड़ा के जीवन पर आधारित फिल्म ‘सतलुज’ के समर्थन में पंजाबी गायक जसबीर जस्सी सामने आए हैं। उन्होंने कहा कि यह भाई घनैया जी की सोच से जुड़ा विषय है। जब कोई व्यक्ति इंसानियत की सेवा के लिए अपने परिवार और अपनी जान की परवाह किए बिना मानवता के लिए जीवन समर्पित कर देता है, तो वह सच्चा हीरो होता है। खालड़ा साहब ऐसे ही एक हीरो थे। उन्होंने आगे कहा कि मैं सोचता था कि ऐसी फिल्में या बातें पंजाबियों को करने ही नहीं दी जातीं, लेकिन अब अगर उनके बारे में जिक्र भी नहीं करने देंगे तो यह बहुत बड़ा झटका होगा। यह खालड़ा साहब के साथ हुए अन्याय से भी बड़ा धक्का होगा। जो लोग ऐसा कर रहे हैं, उन्हें शर्म आनी चाहिए। हालांकि उन्होंने कहा कि फिल्म क्यों हटी है, इस बारे में पता नही है। अब 3 प्वाइंटों में पढ़िए जसबीर सिंह जस्सी ने क्या कहा:- सच बोलते रहिए, इससे कुछ नहीं जाता उन्होंने कहा कि यह बहुत बड़ी उपलब्धि है और आपकी प्रोफाइल में जुड़ गई है। दिलजीत वीर और हन्नी भाई आप दोनों को बहुत-बहुत मुबारकबाद। सच बोलते रहिए, इससे कुछ नहीं जाता। हमें गुरु साहिब की यही शिक्षा मिली है कि सच के लिए हमेशा डटे रहना चाहिए। पंजाब के ऐसे हीरो, जो अनदेखे रह गए उन्हें जनता के सामने लाना चाहिए। जसवंत सिंह खालड़ा बहुत ही सरल व्यक्ति थे। फिल्म में भी उन्हें उसी सादगी के साथ दिखाया गया है।