Monday, 31 Aug 2026 | 01:58 AM

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डायरेक्टर ने एक्ट्रेस कीर्ति और कृति का हाथ खींचा:सोशल मीडिया पर ट्रोल हुए राघवेंद्र राव; एक्ट्रेस की कमर पर हाथ रख विवाद में आए थे

डायरेक्टर ने एक्ट्रेस कीर्ति और कृति का हाथ खींचा:सोशल मीडिया पर ट्रोल हुए राघवेंद्र राव; एक्ट्रेस की कमर पर हाथ रख विवाद में आए थे

तेलुगु सिनेमा के सीनियर डायरेक्टर के. राघवेंद्र राव एक्ट्रेस कीर्ति सुरेश और कृति शेट्टी का हाथ पकड़कर खींचने के लिए ट्रोल हो रहे हैं। दरअसल हैदराबाद में डायरेक्टर अनिल रविपुडी की नई फिल्म के लॉन्च के दौरान 84 वर्षीय राघवेंद्र राव उद्घाटन शॉट को डायरेक्ट कर रहे थे। इस दौरान वे एक्ट्रेस कीर्ति सुरेश और कृति शेट्टी का हाथ पकड़कर उन्हें अपनी ओर खींचते हुए नजर आए। सोशल मीडिया पर यह वीडियो आने के बाद यूजर्स ने नाराजगी जताई है और डायरेक्टर के इस व्यवहार की तीखी आलोचना की है। मुहूर्त शॉट की पोजीशन तय करने का वाकया यह घटना गुरुवार को आयोजित फिल्म लॉन्च इवेंट की है। इस फिल्म में वेंकटेश दग्गुबाती, नंदमुरी कल्याणराम, कीर्ति सुरेश और कृति शेट्टी मुख्य भूमिकाओं में हैं। पारंपरिक मुहूर्त समारोह के तहत उद्घाटन शॉट का निर्देशन करने के लिए मशहूर डायरेक्टर राघवेंद्र राव को बुलाया गया था। इवेंट में प्रोड्यूसर अल्लू अरविंद ने फिल्म का पहला क्लैप दिया, जबकि दिल राजू और सुरेश बाबू समेत कई बड़े निर्माता भी वहां मौजूद थे। शॉट शुरू होने से पहले राघवेंद्र राव कलाकारों को स्टेज पर सेट कर रहे थे। हाथ खींचने और पोज देने का तरीका सिखाया वायरल हो रही वीडियो क्लिप में देखा जा सकता है कि राघवेंद्र राव शॉट के लिए कलाकारों की पोजीशन तय कर रहे हैं। वे पहले कीर्ति सुरेश का हाथ पकड़कर उन्हें अपनी तरफ खींचते हैं, फिर अपना इरादा बदलकर कृति शेट्टी को गाइड करने लगते हैं। इसके बाद वे मुख्य अभिनेता वेंकटेश और कल्याणराम के पास जाते हैं। वे दोनों अभिनेताओं को यह निर्देश देते हुए नजर आते हैं कि सीन को सही दिखाने के लिए उन्हें एक्ट्रेसेस की कमर और कंधों पर हाथ किस तरह रखना है। सोशल मीडिया पर यूजर्स ने जताई नाराजगी इस वीडियो के सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर आने के बाद फिल्ममेकर की आलोचना शुरू हो गई। कई यूजर्स ने आरोप लगाया कि वे बिना वजह एक्ट्रेसेस को छू रहे हैं। एक यूजर ने कमेंट करते हुए लिखा कि वे बिना छुए भी पोजीशन बता सकते थे। महिलाओं की मर्जी के बिना उन्हें इस तरह खींचना सही नहीं है। पुराना विवाद फिर चर्चा में आया इस घटना के बाद इसी साल जनवरी में हुआ एक पुराना विवाद भी फिर से चर्चा में आ गया है। यूजर्स ने उनके एक पुराने वीडियो का जिक्र किया जिसमें एक्ट्रेस निहारिका कोनिडेला के साथ उनके व्यवहार पर सवाल उठे थे। एक यूजर ने लिखा कि निहारिका वाले वीडियो पर हुई आलोचना के बाद उम्मीद थी कि व्यवहार में बदलाव आएगा, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। राघवेंद्र राव तेलुगु सिनेमा के बहुत बड़े नाम हैं और उन्होंने अपने करियर में कई बड़ी फिल्में दी हैं, लेकिन इस तरह के वाकयों से वे विवादों में आ जाते हैं। तेलेगु सिनेमा के सीनियर डायरेक्टर हैं राघवेंद्र के. राघवेंद्र राव तेलुगु सिनेमा के एक सीनियर फिल्म डायरेक्टर, स्क्रीनराइटर और प्रोड्यूसर हैं, जिन्होंने पांच दशकों से अधिक लंबे करियर में 100 से भी ज्यादा फिल्मों का निर्देशन किया है। उन्होंने एनटी रामा राव, चिरंजीवी और श्रीदेवी जैसे भारतीय सिनेमा के महान कलाकारों के साथ कई यादगार फिल्में दी हैं। इसके अलावा, उन्हें महेश बाबू, वेंकटेश और अल्लू अर्जुन जैसे आज के दौर के बड़े सुपरस्टार्स को फिल्म इंडस्ट्री में लॉन्च करने का श्रेय भी जाता है। उनकी मुख्य फिल्मों में ‘अग्नि पुत्रुडु’ (1987) और ‘आखिरी पोराट्टम’ (1988) शामिल हैं, जिन्हें इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल ऑफ इंडिया (IFFI) के मुख्यधारा सेक्शन में प्रदर्शित किया जा चुका है।

ऋषिकेश में गंगा किनारे घाट पर सोए दिखे सुनील ग्रोवर:त्रिवेणी घाट में साधुओं और श्रद्धालुओं के साथ रात गुजारी, लोगों ने सादगी की सराहना की

ऋषिकेश में गंगा किनारे घाट पर सोए दिखे सुनील ग्रोवर:त्रिवेणी घाट में साधुओं और श्रद्धालुओं के साथ रात गुजारी, लोगों ने सादगी की सराहना की

अपनी एक्टिंग, कॉमेडी और मिमिक्री से लोगों को हंसाने वाले सुनील ग्रोवर उत्तराखंड स्थित संत नगरी ऋषिकेश में गंगा किनारे घाट पर सोए दिखे। सुनील ग्रोवर ने वीडियो को शेयर कर लिखा है- तारे जमीन पर। सुनील ग्रोवर की नेटवर्थ करोड़ों में है। सुनील ग्रोवर ने ऋषिकेश में घाट पर सोने वालों घुमक्कड़ साधुओं और विरक्त श्रद्धालुओं के साथ रात गुजारी। जिस जगह सुनील ग्रोवर चादर बिछाकर सोते दिखे वो त्रिवेणी घाट का इलाका है। ऋषिकेश को मोक्ष स्थान माना जाता है। कई हिट फिल्मों में निभा चुके हैं भूमिका हाल के दिनों में अमिताभ बच्चन और जावेद अख्तर की मिमिक्री करके सुनील ग्रोवर ने काफी वाहवाही बटोरी थी। एक कार्यक्रम में जब उन्होंने जावेद अख्तर के सामने ही उनकी मिमिक्री की तो मशहूर शायर भी अपनी हंसी नहीं रोक सके। सुनील ग्रोवर अब तक भारत, जवान, गब्बर इज बैक, बागी, गजनी और द लेजेंड ऑफ भगत सिंह जैसी हिट फिल्मों में अपनी भूमिका निभा चुके हैं। करोड़ों की नेटवर्थ के मालिक गुत्थी से अपनी पहचान बनाने वाले सुनील ग्रोवर अपनी जड़ों से जुड़े हैं। सुनील की पॉपुलैरिटी पिछले 9 साल में बेतहाशा बढ़ी है। यही वजह है कि उनकी नेटवर्थ भी इन्हीं 9 सालों में सबसे ज्यादा बढ़ी है। फिल्म में काम करने के सुनील को 50 से 60 लाख रुपए मिलते हैं जबकि टीवी पर एक एपिसोड की शूटिंग के लिए वह 10 से 15 लाख रुपए चार्ज करते हैं। सुनील ग्रोवर को 2022 में पड़ा था दिल का दौरा सुनील की वाइफ आरती पेशे से इंटीरियर डिजाइनर हैं और दोनों का एक बेटा भी है। साल 2022 में सुनील को दिल का दौरा पड़ा था, जिसके बाद उनकी चार बायपास सर्जरी हुई थीं। डॉक्टरों ने उन्हें एक महीने का आराम दिया, लेकिन वे केवल 25 दिन में ही काम पर लौट आए थे। अब ग्राफिक्स में समझिए सुनील ग्रोवर के करियर के बारे में…

एक्टर्स की पेमेंट रोके जाने पर भड़कीं शिल्पा शिंदे:एक्टर शहजादा धामी के 30 लाख रोके जाने पर बोलीं- सब्जी बेचूंगी, लेकिन प्रोड्यूसर की नहीं चाटूंगी

एक्टर्स की पेमेंट रोके जाने पर भड़कीं शिल्पा शिंदे:एक्टर शहजादा धामी के 30 लाख रोके जाने पर बोलीं- सब्जी बेचूंगी, लेकिन प्रोड्यूसर की नहीं चाटूंगी

टीवी इंडस्ट्री में फिर एक नॉन पेमेंट का विवाद छिड़ गया है। टीवी एक्टर शहजादा धामी 2023 से ये रिश्ता क्या कहलाता है में लीड रोल निभा रहे थे, लेकिन अनप्रोफेशनल होने का आरोप लगाते हुए उन्हें अचानक शो से निकाल दिया गया और उनकी पेमेंट रोक दी गई। शहजादा ने शो के प्रोड्यूसर राजन शाही के खिलाफ शिकायत भी दर्ज करवाई, लेकिन 3 साल बाद भी उन्हें 30 लाख रुपए की बकाया पेमेंट नहीं मिली है। उन्होंने इस मामले पर सवाल उठाए तो एक्ट्रेस शिल्पा शिंदे ने उनके सपोर्ट में प्रोड्यूसर्स को माफिया कहते हुए जमकर भड़ास निकाली। शिल्पा शिंदे ने ऑफिशियल इंस्टाग्राम अकाउंट से वीडियो जारी की, जिसमें उन्होंने कहा, ‘देखा आपने कि आर्टिस्ट एसोसिएशन ही आर्टिस्ट के साथ नहीं होती। ये जो टीवी इंडस्ट्री के प्रोड्यूसर होते हैं वो माफियागिरी करते हैं। जो प्रोड्यूसर साथ नहीं देते, उन्हें भी काम रोकने के लिए धमकाया जाता है। हम आर्टिस्ट ऐसा नहीं कर सकते, क्योंकि हमारे 90 दिनों का पेमेंट प्रोड्यूसर के पास होता है, वो रोक दिया जाता है।’ आगे एक्ट्रेस ने कहा, ‘आर्टिस्ट एसोसिएशन के जो एक्टर्स होते हैं, वो प्रोड्यूसर्स की चाटते हैं। उन्हें काम चाहिए होता है, तो वो उनका साथ देते हैं। तो आर्टिस्ट का साथ कौन देगा। आज किसी एक्टर की डेथ के बाद आप आकर इंस्टाग्राम पर रो रहे हो, वीडियो डाल रहे हो। इसका मतलब नहीं है। वही लोग हैं ये जो किसी के मरने के बाद कैंडल लेकर इंसाफ मांगते हो। फुटेज खाते हो बेमतलब।’ फर्जी सेक्शुअल हैरेसमेंट केस पर बोलीं- एक्ट्रेस सोकर झूठा रेप केस करती हैं शिल्पा शिंदे ने हाल ही में बताया है कि उन्होंने भाभीजी घर पर हैं शो की पेमेंट रोके जाने पर प्रोड्यूसर के खिलाफ फर्जी सेक्शुल हैरेसमेंट का केस किया था। इस पर उन्होंने कहा, ‘मेरा उस वक्त किसी ने साथ नहीं दिया। मजबूरी होगी, मैंने कुछ नहीं कहा। आज मैंने मौका दिया। आज मैंने छाती ठोककर रहा कि मैंने गलत किया। मैंने ये पैसे के लिए नहीं किया था। एक्ट्रेस लोगों के साथ सोकर आती हैं और मेडिकल चेकअप करवाकर बोलती हैं कि मेरा रेप हुआ है। जिन लोगों ने मुझ पर गलत इल्जाम लगाए हैं, वो इस कानून को समझें। ये नॉन-बेलेबल एक्ट है। हमारा मसला खत्म हो गया था, मैं 10 साल बाद काम कर रही हूं। जो मैंने किया, वो नहीं करती तो इससे निकल नहीं पाती। किसी और में ये करने की हिम्मत नहीं है।’ आगे एक्ट्रेस ने कहा, ‘जिन भी लोगों ने मुझ पर लांछन लगाए हैं, मैं उन्हें कहना चाहूंगी कि तुम लोगों में दम नहीं है खुद का इंसाफ लेने के लिए। नहीं तो सुसाइड करना पड़ता है। आज आकर रोते। मैंने पहले भी राजन जी के खिलाफ शहजादा के लिए आवाज उठाई थी। कुछ एक्टर करते हैं प्रोड्यूसर को परेशान। प्रोड्यूसर से तो मुझे कोई मतलब नहीं है। वो घटिया होते हैं, मुझे करना भी नहीं है उनके साथ काम। जब मैंने आवाज उठाई तो मीडिया ने कहा कि हम ये नहीं चला सकेंगे क्योंकि ऊपर से प्रेशर आएगा।’ आखिर में एक्ट्रेस ने कहा- ‘मुझे इस घटिया इंडस्ट्री में काम करना ही नहीं है रास्ते में सब्जी बेचूंगी, लेकिन ऐसे लोगों की नहीं चाटूंगी।’ क्या है प्रोड्यूसर पर शहजादा धामी का आरोप? एक्टर शहजादा धामी 2023 से टीवी शो ये रिश्ता क्या कहलाता है से जुड़े, लेकिन एक साल बाद ही उन्हें शो से निकाल दिया गया। प्रोड्यूसर राजन शाही ने इसकी वजह एक्टर का अनप्रोफेशनल रवैया बताया, लेकिन शहजादा की मानें तो प्रोड्यूसर ने उन्हें पूरी यूनिट के सामने अपमानित किया और उनके पेरेंट्स पर आपत्तिजनक कमेंट किए। शो से हटाए जाने के बाद शहजादा की पेमेंट रोक दी गई। जिसके बाद उन्होंने आर्टिस्ट एसोसिएशन में इसकी शिकायत दर्ज की। शिकायत के बावजूद प्रोड्यूसर के खिलाफ कोई एक्शन नहीं लिया गया। अब तीन साल बाद शहजादा ने सोशल मीडिया के जरिए बताया है कि उनकी 30 लाख की पेमेंट अब तक चुकाई नहीं गई है। उन्होंने ऑफिशियल इंस्टाग्राम से लिखा, कलाकारों को अलग-अलग कारणों से बैन किया जा रहा है, उनका बहिष्कार किया जा रहा है और उन्हें जज किया जा रहा है। ऐसे में सवाल उठता है कि कलाकारों की सुरक्षा और उनके अधिकारों की बात करने वाली संस्थाएं आखिर क्या कर रही हैं? आगे उन्होंने लिखा, ‘कई साल पहले मैंने अपने शो के निर्माता के खिलाफ बकाया पैसे न मिलने की शिकायत की थी। आज भी मेरे लगभग 30 लाख रुपये बाकी हैं। इसके बावजूद उस व्यक्ति के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं हुई और वह आज भी इंडस्ट्री में खुलेआम काम कर रहा है।’ ‘मेरा सवाल है कि जब मेरी शिकायत पर कोई कार्रवाई नहीं हुई, तो न कोई बैन हुआ, न बहिष्कार और न ही किसी की जवाबदेही तय हुई, ऐसा क्यों?’ आखिर में उन्होंने लिखा, ‘अगर कोई इंसान सिर्फ अपने परिवार का पेट पालने, बच्चों का भविष्य बनाने और मेहनत से काम करने की कोशिश कर रहा है, तो उससे आखिर लोग क्या चाहते हैं? क्या किसी पेशेवर मतभेद या मनमुटाव की वजह से किसी की पूरी जिंदगी और करियर बर्बाद कर देना सही है? क्या सिर्फ इसलिए किसी की सफलता से परेशानी होनी चाहिए क्योंकि कभी रिश्ते अच्छे नहीं रहे?’ ‘फिल्म और टीवी इंडस्ट्री को प्रतिभा, प्रोफेशनलिज्म और निष्पक्षता के आधार पर चलना चाहिए, न कि व्यक्तिगत दुश्मनी, अहंकार या किसी को नीचे गिराने की मानसिकता पर।’ अगर कलाकारों से जवाबदेही की उम्मीद की जाती है, तो ताकत और अधिकार रखने वाले लोगों से भी उतनी ही जवाबदेही की उम्मीद होनी चाहिए।’

ईरानी सिंगर को 74 कोड़े की सजा:2 साल देश छोड़ने पर बैन; दो साल पहले बिना हिजाब स्लीवलेस ड्रेस पहनकर गाना गाया था

ईरानी सिंगर को 74 कोड़े की सजा:2 साल देश छोड़ने पर बैन; दो साल पहले बिना हिजाब स्लीवलेस ड्रेस पहनकर गाना गाया था

ईरान की मशहूर सिंगर परस्तू अहमदी और उनके साथ काम करने वाले 8 लोगों को ऑनलाइन कॉन्सर्ट के लिए 74-74 कोड़े मारने की सजा सुनाई गई है। उन पर 2 साल तक देश छोड़ने और 2 साल तक किसी भी आर्टिस्टिक एक्टिविटीज पर रोक लगाई गई है। यह सजा ईरान के कोम प्रांत की अदालत ने यूट्यूब पर पब्लिश किए गए एक कॉन्सर्ट के मामले में सुनाई है। अदालत ने आर्टिस्ट पर अश्लील कंटेट पब्लिश करने और सार्वजनिक शालीनता का उल्लंघन करने का आरोप लगाया है। यह मामला दिसंबर 2024 का है। उस समय 29 साल की परस्तू अहमदी ने बिना हिजाब पहने यूट्यूब पर एक लाइव कॉन्सर्ट किया था। इस दौरान उन्होंने ईरान का लोकप्रिय देशभक्ति गीत ‘अज खूने जवानाने वतन’ (मातृभूमि के युवाओं के खून से) गाया था। कॉन्सर्ट का वीडियो कुछ ही समय में वायरल हो गया। यूट्यूब पर इसे लाखों लोगों ने देखा। वीडियो जारी होने के बाद ईरानी अधिकारियों ने परस्तू अहमदी और कई संगीतकारों को कुछ समय के लिए हिरासत में लिया था। बाद में उन्हें रिहा कर दिया गया, लेकिन वीडियो प्रकाशित करने के मामले में उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई जारी रही। गाने 4 पुरुषों के साथ स्लीवेस ड्रेस में दिखी परस्तू अहमदी ने 27 मिनट का एक वीडियो शेयर किया था, जिसमें वह बिना हिजाब और स्लीव ड्रेस पहनकर चार पुरुष संगीतकारों के साथ गाना गाती नजर आ रही थीं। वीडियो के कैप्शन में उन्होंने इसे काल्पनिक कॉन्सर्ट बताया था। परस्तू के इस प्रोग्राम का वीडियो यूट्यूब पर लाखों बार देखा गया। कई लोगों ने इसे महिलाओं की अभिव्यक्ति की आजादी का प्रतीक बताया, जबकि ईरानी अधिकारियों ने इसे कानून के खिलाफ माना। ईरान में महिलाओं के लिए सार्वजनिक जगहों पर हिजाब पहनना अनिवार्य है। अधिकारियों ने बिना हिजाब पहनकर गाने को नियमों का उल्लंघन माना। पब्लिक में अकेले गाना नहीं गा सकती महिलाएं ईरान के कानून के मुताबिक महिलाएं सार्वजनिक रूप से अकेले गाना नहीं गा सकतीं और न ही बिना हिजाब लोगों के सामने आ सकती हैं। परस्तू अहमदी ने बिना हिजाब और खुले कंधों के साथ परफॉर्म कर इन लंबे समय से लागू प्रतिबंधों को खुली चुनौती दी। वीडियो वायरल होने के बाद परस्तू अहमदी और उनके साथ मौजूद कुछ सिंगर्स को हिरासत में लिया गया था। हालांकि बाद में उन्हें रिहा कर दिया गया, लेकिन उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई जारी रही। परस्तू 2022 में हिजाब विरोधी प्रदर्शनों के दौरान पहली बार चर्चा में आई थीं। तब उन पर हिजाब विरोधी प्रदर्शन के समर्थन में गाने का आरोप लगा था। इसके बाद सुरक्षा एजेंसियों ने उन्हें पूछताछ के लिए बुलाया था और उनके घर की तलाशी भी ली गई थी। मानवाधिकार संगठनों ने नाराजगी जताई अमेरिका स्थित मानवाधिकार संगठन सेंटर फॉर ह्यूमन राइट्स इन ईरान की एडवोकेसी डायरेक्टर बहार घंदेहरी ने इस सजा की कड़ी आलोचना की है। उनका कहना है कि सिर्फ गाना गाने और बिना हिजाब सार्वजनिक रूप से नजर आने पर 74 कोड़ों की सजा देना दिखाता है कि ईरान में मानवाधिकारों की स्थिति अब भी नहीं बदली है। घंदेहरी ने कहा कि ईरानी सरकार दुनिया के सामने खुद को उदार और सुधारवादी दिखाने की कोशिश करती है, लेकिन कलाकारों के खिलाफ ऐसे कदम उसकी असली तस्वीर सामने लाते हैं। उनके मुताबिक, सरकार जो दिखाती है और जमीन पर जो होता है, दोनों में बड़ा फर्क है। मानवाधिकार वकील मोइन खजाएली ने भी फैसले पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि ईरानी कानून में महिलाओं के गाना गाने, संगीत कार्यक्रम करने या संगीत से जुड़ा कंटेंट बनाने को अपराध नहीं माना गया है। ऐसे में इन कामों को अश्लीलता फैलाने जैसा अपराध बताकर सजा देना कानूनी तौर पर भी कमजोर दलील है। खजाएली का कहना है कि कलाकारों, सामाजिक कार्यकर्ताओं या आम लोगों को कोड़े मारने जैसी सजा सिर्फ कानूनी मुद्दा नहीं, बल्कि मानवाधिकारों का मामला भी है। उन्होंने कहा कि दुनिया के कई मानवाधिकार संगठन कोड़ों की सजा को न्यायिक दंड नहीं, बल्कि यातना और अमानवीय व्यवहार मानते हैं। ईरान में हिजाब को लेकर लंबे समय से विवाद 1979 की इस्लामी क्रांति के बाद से ईरान में महिलाओं के लिए हिजाब पहनना कानूनी रूप से जरूरी है। कानून के मुताबिक महिलाओं को पुरुषों की मौजूदगी में सिर ढकना होता है। हालांकि कई महिलाएं इन नियमों का विरोध करती रही हैं। यह मुद्दा 2022 में पूरी दुनिया में चर्चा का विषय बन गया था, जब 22 वर्षीय महसा अमिनी को तेहरान में हिजाब सही तरीके से न पहनने के आरोप में हिरासत में लिया गया था। गिरफ्तारी के तीन दिन बाद उनकी मौत हो गई थी। ईरानी सरकार ने कहा था कि उनकी मौत पहले से मौजूद स्वास्थ्य समस्याओं के कारण हुई। लेकिन मानवाधिकार संगठनों और संयुक्त राष्ट्र की जांच टीम ने इस दावे पर सवाल उठाए। संयुक्त राष्ट्र की रिपोर्ट में कहा गया था कि अमीनी की मौत ईरानी अधिकारियों की पिटाई के कारण हुई। महसा अमीनी की मौत के बाद पूरे ईरान में बड़े पैमाने पर प्रदर्शन हुए। हजारों महिलाएं सड़कों पर उतरीं और हिजाब कानूनों के खिलाफ आवाज उठाई। हालांकि सरकार ने इन प्रदर्शनों को सख्ती से दबाया। ईरान में पहले भी महिलाओं को सजा मिली

श्रीसंत बोले- इंडिया को कोच नहीं, धोनी जैसा मेंटर चाहिए:गंभीर की कोचिंग पर सवाल उठाए, कहा- उनका तरीका गलत

श्रीसंत बोले- इंडिया को कोच नहीं, धोनी जैसा मेंटर चाहिए:गंभीर की कोचिंग पर सवाल उठाए, कहा- उनका तरीका गलत

पूर्व भारतीय तेज गेंदबाज एस श्रीसंत ने टीम इंडिया के हेड कोच गौतम गंभीर की कार्यशैली पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा है कि टीम इंडिया को ट्रेडिशनल कोच नहीं, बल्कि महेंद्र सिंह धोनी जैसे मेंटर की जरूरत है। 43 साल के श्रीसंत ने कहा- ‘कोच बदल दीजिए। भारत को कोच नहीं, मेंटर की जरूरत है।’ लल्लनटॉप को दिए एक इंटरव्यू में श्रीसंत ने कहा- ‘खिलाड़ियों पर अतिरिक्त दबाव बनाने के बजाय मार्गदर्शन और भरोसा देने वाली लीडरशिप टीम के लिए ज्यादा फायदेमंद होता है। श्रीसंत से टेस्ट क्रिकेट में भारतीय टेस्ट टीम के हालिया प्रदर्शन पर सवाल किया गया था। श्रीसंत ने कहा कि उन्हें न्यूजीलैंड और साउथ अफ्रीका के खिलाफ मिली सीरीज हार गौतम गंभीर के कार्यकाल में आई। उनकी कोचिंग शैली से आपत्ति है। पिछले साल भारतीय टीम अपने घर में साउथ अफ्रीका के खिलाफ 2-0 से हार गई थी। तब भी गंभीर की कोचिंग पर सवाल उठे थे। कहा- टीम के साथ बड़े भाई जैसा रिश्ता चाहिए श्रीसंत ने कहा कि टीम के साथ बड़े भाई जैसा रिश्ता होना चाहिए। केवल जीत पर खुश होना और हार पर नाराज होना काफी नहीं है। खिलाड़ियों को सहयोग और विश्वास की जरूरत होती है। उन्होंने पूर्व तेज गेंदबाज ने महेंद्र सिंह धोनी का उदाहरण देते हुए कहा कि भारतीय टीम की कई सफलताओं के पीछे उनकी सोच और नेतृत्व शैली रही है। वर्ल्ड कप की जीत में सिर्फ कोच का योगदान नहीं श्रीसंत ने 2026 टी20 विश्व कप जीत का पूरा श्रेय गौतम गंभीर को दिए जाने पर भी सवाल उठाए। उनका कहना था कि खिलाड़ियों और कप्तान के योगदान को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। उन्होंने कहा, ‘जब टीम ने वर्ल्ड कप जीता तो पूरा श्रेय गंभीर को दिया गया। लेकिन, अगर सैमसन नहीं होते, सूर्यकुमार यादव कप्तानी नहीं करते और सही समय पर गेंदबाजी में बदलाव नहीं होते, तो क्या भारत जीत पाता?’ श्रीसंत ने यह भी कहा कि मैदान पर फैसले खिलाड़ी और कप्तान लेते हैं। भारत के लिए 2 वर्ल्ड कप जीत चुके हैं श्रीसंथ दाएं हाथ के तेज गेंदबाज एस श्रीसंथ ने भारत की ओर से 2 वर्ल्ड कप जीते हैं। वे 2011 में वनडे और 2007 में टी-20 वर्ल्ड कप जीतने वाली टीम इंडिया का हिस्सा रहे हैं। उन्होंने 27 टेस्ट मैचों में 87 विकेट झटके हैं। उन्होंने 53 वनडे और टी-20 इंटरनेशनल मैच भी खेले हैं। IPL के 44 मैच में श्रीसंत के नाम 40 विकेट हैं। 2013 में फिक्सिंग के आरोप में श्रीसंत पर लगा था बैन मई 2013 में IPL के दौरान उन पर स्पॉट फिक्सिंग के आरोप लगे थे। उन्हें दिल्ली पुलिस ने गिरफ्तार किया था। इसके बाद BCCI ने उन्हें लाइफ टाइम के लिए बैन कर दिया गया था। हालांकि, इन आरोपों के खिलाफ श्रीसंत ने लंबी लड़ाई और साल 2015 में विशेष अदालत ने उन्हें आरोपों से बरी कर दिया था। साल 2018 में केरल हाईकोर्ट ने उन पर लगे अजीवन प्रतिबंध को खत्म किया। लेकिन, 2019 में सुप्रीम कोर्ट ने उनके अपराध को बरकरार रखा। कोर्ट ने BCCI को उसकी सजा कम करने को कहा। बाद में बोर्ड ने उनपर लगे आजीवन प्रतिबंध को 7 साल तक कम कर दिया था, जो सितंबर 2020 में खत्म हो गया। 3 साल पहले उन पर केरल पुलिस ने धोखाधडी और ठगी का मामला दर्ज किया। ———————————– टीम इंडिया से जुड़ी यह खबर भी पढ़िए… हर्षित राणा तीसरे वनडे के लिए भारतीय टीम में शामिल तेज गेंदबाज हर्षित राणा को अफगानिस्तान के खिलाफ तीसरे वनडे के लिए टीम इंडिया में शामिल किया गया है। BCCI ने शुक्रवार को बताया कि राणा ने सेंटर ऑफ एक्सीलेंसी में रिहैबिटेशन पूरा कर लिया है। वे चेन्नई में भारतीय टीम से जुड़ गए हैं। पढ़ें पूरी खबर

श्रीसंत बोले- इंडिया को कोच नहीं, धोनी जैसा मेंटर चाहिए:गंभीर की कोचिंग पर सवाल उठाए, कहा- उनका तरीका गलत

श्रीसंत बोले- इंडिया को कोच नहीं, धोनी जैसा मेंटर चाहिए:गंभीर की कोचिंग पर सवाल उठाए, कहा- उनका तरीका गलत

पूर्व भारतीय पेसर एस श्रीसंत ने टीम इंडिया के हेड कोच गौतम गंभीर की कार्यशैली पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा है कि इंडिया को ट्रेडिशनल कोच नहीं, बल्कि एमएस धोनी जैसे मेंटर की जरूरत है। 43 साल के श्रीसंत ने कहा- ‘कोच बदल दीजिए। भारत को कोच नहीं, मेंटर की जरूरत है।’ उन्होंने लल्लनटॉप से कहा- ‘खिलाड़ियों पर ज्यादा दबाव बनाने के बजाय मार्गदर्शन और भरोसा देने वाला नेतृत्व टीम के लिए ज्यादा फायदेमंद होता है।’ श्रीसंत ने भारतीय टेस्ट टीम के हालिया प्रदर्शन पर भी सवाल उठाए। उन्होंने न्यूजीलैंड और साउथ अफ्रीका के खिलाफ मिली सीरीज हार पर गंभीर की कोचिंग शैली पर आपत्ति जताई। भारतीय टीम पिछले साल अपने घर में साउथ अफ्रीका से 2-0 से हार गई थी। तब भी गंभीर की कोचिंग पर सवाल उठे थे। कहा- टीम के साथ बड़े भाई जैसा रिश्ता चाहिए श्रीसंत ने कहा कि टीम के साथ बड़े भाई जैसा रिश्ता होना चाहिए। केवल जीत पर खुश होना और हार पर नाराज होना काफी नहीं है। खिलाड़ियों को सहयोग और विश्वास की जरूरत होती है। उन्होंने महेंद्र सिंह धोनी का उदाहरण देते हुए कहा कि भारतीय टीम की कई सफलताओं के पीछे उनकी सोच और नेतृत्व शैली रही है। वर्ल्ड कप की जीत में सिर्फ कोच का योगदान नहीं श्रीसंत ने 2026 टी-20 वर्ल्ड कप जीत का पूरा श्रेय गौतम गंभीर को दिए जाने पर भी सवाल उठाए। उनका कहना था कि खिलाड़ियों और कप्तान के योगदान को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। उन्होंने कहा, ‘जब टीम ने वर्ल्ड कप जीता तो पूरा श्रेय गंभीर को दिया गया। लेकिन, सैमसन नहीं होते, सूर्यकुमार यादव कप्तानी नहीं करते और सही समय पर गेंदबाजी में बदलाव नहीं होते, तो क्या भारत जीत पाता?’ भारत के लिए 2 वर्ल्ड कप जीत चुके हैं श्रीसंथ दाएं हाथ के तेज गेंदबाज एस श्रीसंथ ने भारत की ओर से 2 वर्ल्ड कप जीते हैं। वे 2011 में वनडे और 2007 में टी-20 वर्ल्ड कप जीतने वाली टीम इंडिया का हिस्सा रहे हैं। उन्होंने 27 टेस्ट मैचों में 87 विकेट झटके हैं। उन्होंने 53 वनडे और टी-20 इंटरनेशनल मैच भी खेले हैं। IPL के 44 मैच में श्रीसंत के नाम 40 विकेट हैं। 2013 में फिक्सिंग के आरोप में श्रीसंत पर लगा था बैन मई 2013 में IPL के दौरान उन पर स्पॉट फिक्सिंग के आरोप लगे थे। उन्हें दिल्ली पुलिस ने गिरफ्तार किया था। इसके बाद BCCI ने उन्हें लाइफ टाइम के लिए बैन कर दिया गया था। हालांकि, इन आरोपों के खिलाफ श्रीसंत ने लंबी लड़ाई और साल 2015 में विशेष अदालत ने उन्हें आरोपों से बरी कर दिया था। साल 2018 में केरल हाईकोर्ट ने उन पर लगे अजीवन प्रतिबंध को खत्म किया। लेकिन, 2019 में सुप्रीम कोर्ट ने BCCI को उसकी सजा कम करने को कहा। बाद में बोर्ड ने उन पर लगे आजीवन प्रतिबंध को 7 साल तक कम कर दिया था, जो सितंबर 2020 में खत्म हो गया। 3 साल पहले उन पर केरल पुलिस ने धोखाधडी और ठगी का मामला दर्ज किया। ———————————– टीम इंडिया से जुड़ी यह खबर भी पढ़िए… हर्षित राणा तीसरे वनडे के लिए भारतीय टीम में शामिल तेज गेंदबाज हर्षित राणा को अफगानिस्तान के खिलाफ तीसरे वनडे के लिए टीम इंडिया में शामिल किया गया है। BCCI ने शुक्रवार को बताया कि राणा ने सेंटर ऑफ एक्सीलेंसी में रिहैबिटेशन पूरा कर लिया है। वे चेन्नई में भारतीय टीम से जुड़ गए हैं। पढ़ें पूरी खबर

स्थापना दिवस पर शिवसेना के बागी यूबीटी सांसदों के शिंदे खेमे में शामिल होने की संभावना नहीं, दलबदल की चर्चा जारी | भारत समाचार

BAN vs AUS Live Score: Follow latest updates from 2nd T20I. (AP Photo)

आखरी अपडेट:19 जून, 2026, 10:29 IST व्हिप जारी होने के बावजूद गुरुवार को नई दिल्ली में बुलाई गई संसदीय दल की बैठक में शिवसेना (यूबीटी) के छह लोकसभा सांसदों के शामिल नहीं होने के बाद अटकलें तेज हो गईं। शिवसेना पहले ही एक बार विनाशकारी विभाजन का अनुभव कर चुकी है, यहां तक ​​कि एक ताजा विद्रोह की अफवाहें भी संगठन के भीतर चिंता पैदा करने के लिए पर्याप्त हैं। शिवसेना यूबीटी संकट: अटकलों के विपरीत, शिवसेना (यूबीटी) के छह लोकसभा सांसदों के एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना में शामिल होने की संभावित संभावना के लिए इंतजार करना पड़ सकता है, सूत्रों ने संकेत दिया है कि शुक्रवार को पार्टी के स्थापना दिवस समारोह के दौरान कोई औपचारिक शामिल होने की संभावना नहीं है। उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाली शिव सेना (यूबीटी) और शिंदे के नेतृत्व वाली शिव सेना दोनों शुक्रवार को अविभाजित शिव सेना का 60वां स्थापना दिवस मना रही हैं। व्यापक अटकलें थीं कि मुंबई में एनईएससीओ में शिंदे गुट के स्थापना दिवस कार्यक्रम के दौरान छह सेना (यूबीटी) सांसद औपचारिक रूप से शिंदे गुट में शामिल होंगे। हालाँकि, सूत्रों ने समाचार एजेंसी पीटीआई को बताया कि प्रेरण शुक्रवार को नहीं होगा, यह दर्शाता है कि इसे टाल दिया गया है। इसके अतिरिक्त, शिवसेना ने उन रिपोर्टों को खारिज कर दिया है जिसमें कहा गया था कि स्थापना दिवस कार्यक्रम के दौरान उद्धव ठाकरे गुट के छह सांसद पार्टी में शामिल होने वाले हैं। महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना ने कहा कि पार्टी में शुक्रवार को ऐसा कोई शामिल नहीं किया जाएगा। शिवसेना (यूबीटी) नेतृत्व ने भी इन दावों को सिरे से खारिज कर दिया। व्हिप जारी होने के बावजूद गुरुवार को नई दिल्ली में बुलाई गई संसदीय दल की बैठक में शिवसेना (यूबीटी) के छह लोकसभा सांसदों के शामिल नहीं होने के बाद अटकलें तेज हो गईं। अनुपस्थित सांसद थे नागेश पाटिल-आष्टिकर, संजय देशमुख, संजय जाधव, संजय दीना पाटिल, ओमप्रकाश राजे निंबालकर और भाऊसाहेब वाकचौरे। बैठक में केवल सांसद अरविंद सावंत, अनिल देसाई और राजाभाऊ वाजे ही शामिल हुए, जिससे उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाली पार्टी के भीतर बढ़ती दरार पर प्रकाश पड़ा। शिवसेना (यूबीटी) के राज्यसभा सांसद संजय राउत ने कहा कि छह सांसदों को कारण बताओ नोटिस दिया गया है और पार्टी ने उनके खिलाफ कार्रवाई शुरू कर दी है। राउत ने संवाददाताओं से कहा, “कार्रवाई करने की प्रक्रिया शुरू हो गई है। हम उन्हें अयोग्य ठहराने के लिए हर संभव प्रयास करेंगे।” उन्होंने कहा कि पार्टी दल-बदल विरोधी प्रावधानों के तहत कार्रवाई की मांग करेगी और लोकसभा अध्यक्ष से कानून और सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के अनुसार कार्य करने का आग्रह करेगी। ऑपरेशन टाइगर क्या है? संभावित दलबदल की चर्चा तब तेज हो गई जब शिवसेना एमएलसी चंद्रकांत रघुवंशी ने दावा किया कि छह सेना (यूबीटी) सांसदों ने शिंदे के नेतृत्व में विश्वास जताया है और उनके गुट में शामिल होने के लिए तैयार हैं। इस घटनाक्रम ने 2022 में शिवसेना में विभाजन की यादें ताजा कर दी हैं, जब शिंदे विधायकों के एक बड़े समूह के साथ उद्धव ठाकरे से अलग हो गए थे, जिससे पार्टी में विभाजन हो गया था। जबकि शुक्रवार के स्थापना दिवस समारोह से छह सांसदों के भविष्य पर स्पष्टता मिलने की उम्मीद थी, सूत्रों ने अब संकेत दिया है कि यदि कोई औपचारिक प्रेरण होता है, तो उसे फिलहाल के लिए टाल दिया गया है। (एजेंसियों से इनपुट के साथ) चुनी हुई कहानियाँ, आपके इनबॉक्स में हमारी सर्वोत्तम पत्रकारिता वाला एक न्यूज़लेटर जमा करना लेखक के बारे में शोभित गुप्ता शोभित गुप्ता News18.com में उप-संपादक हैं और भारत और अंतर्राष्ट्रीय समाचारों को कवर करते हैं। वह भारत के रोजमर्रा के राजनीतिक मामलों और भू-राजनीति में रुचि रखते हैं। उन्होंने बीए पत्रकारिता (ऑनर्स) की डिग्री हासिल की…और पढ़ें न्यूज़ इंडिया स्थापना दिवस पर बागी शिव सेना यूबीटी सांसदों के शिंदे खेमे में शामिल होने की संभावना नहीं, दलबदल की चर्चा जारी अस्वीकरण: टिप्पणियाँ उपयोगकर्ताओं के विचार दर्शाती हैं, News18 के नहीं। कृपया चर्चाएँ सम्मानजनक और रचनात्मक रखें। अपमानजनक, मानहानिकारक, या अवैध टिप्पणियाँ हटा दी जाएंगी। News18 अपने विवेक से किसी भी टिप्पणी को अक्षम कर सकता है. पोस्ट करके, आप हमारी उपयोग की शर्तों और गोपनीयता नीति से सहमत होते हैं। और पढ़ें (टैग्सटूट्रांसलेट)शिवसेना यूबीटी सांसदों का दलबदल(टी)शिवसेना स्थापना दिवस(टी)एकनाथ शिंदे गुट(टी)उद्धव ठाकरे गुट(टी)दलबदल विरोधी कानून भारत(टी)ऑपरेशन टाइगर शिव सेना(टी)लोकसभा सांसदों का क्रॉसओवर(टी)महाराष्ट्र राजनीति

तारक मेहता शो के बाघा सेट पर फूट-फूटकर रोए:मां को याद कर हुआ ब्रेकडाउन, रोकनी पड़ी शूटिंग, प्रोड्यूसर असित मोदी ने दिया सहारा

तारक मेहता शो के बाघा सेट पर फूट-फूटकर रोए:मां को याद कर हुआ ब्रेकडाउन, रोकनी पड़ी शूटिंग, प्रोड्यूसर असित मोदी ने दिया सहारा

टेलीविजन के पॉपुलर टीवी शो तारक मेहता का उल्टा चश्मा में बाघा का किरदार निभाने वाले तन्मय वेकारिया का बीच शूटिंग ब्रेकडाउन हो गया। वो सेट र फूट-फूटकर रोए, जिसके बाद शो की शूटिंग कुछ देर के लिए रोकनी पड़ी। दरअसल तन्मय वेकारिया सेट पर ऑनस्क्रीन गर्लफ्रेंड बनीं बावरी के साथ एक लव स्टोरी से जुड़ा सीन कर रहे थे। डायरेक्टर ने जैसे ही एक्शन बोला, तन्मय सीन करने की बजाए फूट-फूटकर रो पड़ा। ऐसे में वहां मौजूद लोगों ने शूटिंग रुकवा दी। अब टीवी शो के सेट से एक वीडियो सामने आया है, जिसमें शो के प्रोड्यूसर तन्मय का हाथ थामे उन्हें सहारा दे रहे हैं। बता दें कि कुछ समय पहले अक्टूबर 2025 में ही तन्मय वेकारिया की मां का निधन हुआ है। वो बेटे को बावा के रोल में काफी पसंद करती थीं। देखिए मां के साथ तन्मय की तस्वीरें- तन्मय वेकारिया के बारे में- तारक मेहता का उल्टा चश्मा शो के बारे में- तारक मेहता शो से जुड़ी ये कंट्रोवर्सी भी पढ़िए- दयाबेन ने छोड़ा शो, आज भी बिना लीड एक्ट्रेस के जारी शो शो में दिशा वकानी जेठालाल की पत्नी दयाबेन के रोल में थीं। 2017 में उन्होंने शो से मेटरनिटी लीव ली थी, लेकिन मां बनने के बाद भी वो शो में नहीं लौटीं। तब से ही लगातार शो में नई दयाबेन की कास्टिंग की खबरें आती रहती हैं। ये इकलौता शो है जो पिछले 9 सालों से बिना लीड एक्ट्रेस के चल रहा है। एक्टर्स के शो छोड़ने से भी बढ़ी कंट्रोवर्सी नेहा मेहता कंट्रोवर्सी 2020 में अंजलि भाभी का किरदार निभाने वालीं नेहा मेहता ने शो छोड़ दिया था। उनका कहना था कि सेट पर कई जगह अनुशासन और प्रोफेशनल माहौल की कमी थी। उन्होंने आरोप लगाया कि शो छोड़ने के बाद भी उन्हें उनका बकाया भुगतान नहीं मिला। इसके जवाब में प्रोडक्शन हाउस ने कहा कि नेहा ने जरूरी एग्जिट फॉर्मेलिटीज पूरी नहीं कीं, इसलिए फाइनल पेमेंट नहीं हो सका। तारक मेहता बने शैलेश लौढ़ा ने शो छोड़ा 2022 में शैलेश लोढ़ा ने भी शो छोड़ दिया। बाद में उन्होंने निर्माताओं पर पूरा भुगतान न करने का आरोप लगाते हुए कानूनी कार्रवाई की। जेनियर मिस्त्री ने प्रोड्यूसर पर लगाए सेक्शुअल हैरेसमेंट के आरोप 2023 में जेनिफर मिस्त्री बंसीवाल ने शो छोड़ते हुए निर्माता Asit Kumarr Modi, एग्जीक्यूटिव प्रोड्यूसर जतीन बजाज और प्रोजेक्ट हेड सोहेल रमानी पर यौन उत्पीड़न (सेक्सुअल हैरेसमेंट) के आरोप लगाए। मई 2023 में मोनिका भदौरिया ने आरोप लगाया कि शो के सेट पर काम का माहौल अच्छा नहीं था और कई कलाकारों के पैसे रोके गए थे। उन्होंने यह भी दावा किया कि मुनमुन दत्ता और असित मोदी के बीच अक्सर बहस होती थी। पलक सिधवानी कंट्रोवर्सी शो में सोनू भिड़े का किरदार निभाने वालीं पलक ने निर्माताओं पर उनका शोषण करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि बेहतर करियर अवसरों और स्वास्थ्य कारणों से शो छोड़ना चाहती थीं, लेकिन उन्हें कानूनी नोटिस भेजा गया। वहीं प्रोडक्शन हाउस का कहना था कि पलक ने अपने कॉन्ट्रैक्ट की कुछ शर्तों का उल्लंघन किया था। पलक ने इन आरोपों से इनकार करते हुए कहा कि उन्होंने शो छोड़ने की जानकारी पहले ही दे दी थी और सभी नियमों का पालन किया था।

तारक मेहता शो के बाघा सेट पर फूट-फूटकर रोए:मां को याद कर हुआ ब्रेकडाउन, रोकनी पड़ी शूटिंग, प्रोड्यूसर असित मोदी ने दिया सहारा

तारक मेहता शो के बाघा सेट पर फूट-फूटकर रोए:मां को याद कर हुआ ब्रेकडाउन, रोकनी पड़ी शूटिंग, प्रोड्यूसर असित मोदी ने दिया सहारा

टेलीविजन के पॉपुलर टीवी शो तारक मेहता का उल्टा चश्मा में बाघा का किरदार निभाने वाले तन्मय वेकारिया का बीच शूटिंग ब्रेकडाउन हो गया। वो सेट र फूट-फूटकर रोए, जिसके बाद शो की शूटिंग कुछ देर के लिए रोकनी पड़ी। दरअसल तन्मय वेकारिया सेट पर ऑनस्क्रीन गर्लफ्रेंड बनीं बावरी के साथ एक लव स्टोरी से जुड़ा सीन कर रहे थे। डायरेक्टर ने जैसे ही एक्शन बोला, तन्मय सीन करने की बजाए फूट-फूटकर रो पड़ा। ऐसे में वहां मौजूद लोगों ने शूटिंग रुकवा दी। अब टीवी शो के सेट से एक वीडियो सामने आया है, जिसमें शो के प्रोड्यूसर तन्मय का हाथ थामे उन्हें सहारा दे रहे हैं। बता दें कि कुछ समय पहले अक्टूबर 2025 में ही तन्मय वेकारिया की मां का निधन हुआ है। वो बेटे को बावा के रोल में काफी पसंद करती थीं। देखिए मां के साथ तन्मय की तस्वीरें- तन्मय वेकारिया के बारे में- तारक मेहता का उल्टा चश्मा शो के बारे में- तारक मेहता शो से जुड़ी ये कंट्रोवर्सी भी पढ़िए- दयाबेन ने छोड़ा शो, आज भी बिना लीड एक्ट्रेस के जारी शो शो में दिशा वकानी जेठालाल की पत्नी दयाबेन के रोल में थीं। 2017 में उन्होंने शो से मेटरनिटी लीव ली थी, लेकिन मां बनने के बाद भी वो शो में नहीं लौटीं। तब से ही लगातार शो में नई दयाबेन की कास्टिंग की खबरें आती रहती हैं। ये इकलौता शो है जो पिछले 9 सालों से बिना लीड एक्ट्रेस के चल रहा है। एक्टर्स के शो छोड़ने से भी बढ़ी कंट्रोवर्सी नेहा मेहता कंट्रोवर्सी 2020 में अंजलि भाभी का किरदार निभाने वालीं नेहा मेहता ने शो छोड़ दिया था। उनका कहना था कि सेट पर कई जगह अनुशासन और प्रोफेशनल माहौल की कमी थी। उन्होंने आरोप लगाया कि शो छोड़ने के बाद भी उन्हें उनका बकाया भुगतान नहीं मिला। इसके जवाब में प्रोडक्शन हाउस ने कहा कि नेहा ने जरूरी एग्जिट फॉर्मेलिटीज पूरी नहीं कीं, इसलिए फाइनल पेमेंट नहीं हो सका। तारक मेहता बने शैलेश लौढ़ा ने शो छोड़ा 2022 में शैलेश लोढ़ा ने भी शो छोड़ दिया। बाद में उन्होंने निर्माताओं पर पूरा भुगतान न करने का आरोप लगाते हुए कानूनी कार्रवाई की। जेनियर मिस्त्री ने प्रोड्यूसर पर लगाए सेक्शुअल हैरेसमेंट के आरोप 2023 में जेनिफर मिस्त्री बंसीवाल ने शो छोड़ते हुए निर्माता Asit Kumarr Modi, एग्जीक्यूटिव प्रोड्यूसर जतीन बजाज और प्रोजेक्ट हेड सोहेल रमानी पर यौन उत्पीड़न (सेक्सुअल हैरेसमेंट) के आरोप लगाए। मई 2023 में मोनिका भदौरिया ने आरोप लगाया कि शो के सेट पर काम का माहौल अच्छा नहीं था और कई कलाकारों के पैसे रोके गए थे। उन्होंने यह भी दावा किया कि मुनमुन दत्ता और असित मोदी के बीच अक्सर बहस होती थी। पलक सिधवानी कंट्रोवर्सी शो में सोनू भिड़े का किरदार निभाने वालीं पलक ने निर्माताओं पर उनका शोषण करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि बेहतर करियर अवसरों और स्वास्थ्य कारणों से शो छोड़ना चाहती थीं, लेकिन उन्हें कानूनी नोटिस भेजा गया। वहीं प्रोडक्शन हाउस का कहना था कि पलक ने अपने कॉन्ट्रैक्ट की कुछ शर्तों का उल्लंघन किया था। पलक ने इन आरोपों से इनकार करते हुए कहा कि उन्होंने शो छोड़ने की जानकारी पहले ही दे दी थी और सभी नियमों का पालन किया था।

ईरान डील पर अमेरिका में सवाल:ट्रम्प जंग से क्यों पीछे हटे; रिपब्लिकन नेताओं ने समझौते को सरेंडर बताया

ईरान डील पर अमेरिका में सवाल:ट्रम्प जंग से क्यों पीछे हटे; रिपब्लिकन नेताओं ने समझौते को सरेंडर बताया

अमेरिकी उपराष्ट्रति जेडी वेंस ने इजराइल की आलोचना की है। उन्होंने कहा कि ईरान के साथ हुई डील की आलोचना करने वालों को हकीकत समझना चाहिए। उन्होंने पत्रकारों से बातचीत में कहा कि अगर वे नेतन्याहू सरकार में होते तो दुनिया में अपने सबसे ताकतवर सहयोगी अमेरिका पर सवाल नहीं उठाते। वेंस ने कहा- इस समय पूरी दुनिया में डोनाल्ड ट्रम्प ही ऐसे राष्ट्र प्रमुख हैं जो इजराइल के लिए सहानुभूति रखते हैं। उन्होंने ट्रम्प की आलोचना करने वाले इजराइल के राष्ट्रीय सुरक्षा मंत्री इतामार बेन ग्विर और वित्त मंत्री बेजालेल स्मोट्रिच की आलोचना की। उन्होंने नाम लेकर उनसे पूछा कि आपके पास ऑप्शन क्या है? इजराइल सिर्फ 90 लाख की आबादी वाला देश है। हर समस्या का हल लोगों को मार कर नहीं किया जा सकता। पिछले 24 घंटे के 5 बड़े अपडेट्स… 1. ईरान-अमेरिका पीस डील लागू: अमेरिका और ईरान के बीच जंग खत्म करने के लिए अंतरिम समझौते पर दस्तखत हो गए हैं। डोनाल्ड ट्रम्प ने बुधवार रात को फ्रांस के वर्साय पैलेस में इससे जुड़े MoU पर साइन किए। 2. अमेरिका-ईरान प्रतिनिधि आज स्विट्जरलैंड में मिलेंगे: अमेरिका और ईरान के बीच युद्धविराम समझौते पर हस्ताक्षर होने के बाद दोनों देशों के बीच पहली औपचारिक वार्ता शुक्रवार को स्विट्जरलैंड के बर्गेनस्टॉक रिजॉर्ट में होगी। 3. इजराइल बोला- लेबनान से पीछे नहीं हटेंगे: इजराइली सेना (IDF) ने दक्षिणी लेबनान में अपनी तैनाती का नया नक्शा जारी किया है और साफ किया है कि फिलहाल वहां से सैनिक नहीं हटाए जाएंगे। 4. होर्मुज से जहाजों की आवाजाही तेज: पीस डील पर साइन होने के बाद होर्मुज स्ट्रेट में जहाजों की आवाजाही तेज हो गई है। सऊदी अरब के झंडे वाले तीन बड़े तेल टैंकर होर्मुज स्ट्रेट से गुजर चुके हैं। 5. लेबनान में इजराइली हमलों में 3 लोगों की मौत: पीस डील लागू होने के बाद भी इजराइल ने साउथ लेबनान में हमला किया जिसमें तीन लोगों की मौत हो गई। 2 मार्च से अब तक इन हमलों में 3,900 लोग मारे जा चुके हैं। अमेरिका-ईरान जंग से जुड़े अपडेट्स के लिए नीचे ब्लॉग से गुजर जाइए…