Tuesday, 01 Sep 2026 | 04:23 PM

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इमरान हाशमी की फिल्म की शूटिंग पर हरिद्वार में बवाल:सेट पर लगाया 'बार' का बोर्ड; हिंदूवादी संगठनों ने काटा हंगामा, हटाना पड़ा नाम

इमरान हाशमी की फिल्म की शूटिंग पर हरिद्वार में बवाल:सेट पर लगाया 'बार' का बोर्ड; हिंदूवादी संगठनों ने काटा हंगामा, हटाना पड़ा नाम

हरिद्वार में बॉलीवुड एक्टर इमरान हाशमी की फिल्म की शूटिंग के दौरान बार एंड रेस्टोरेंट के सीन को लेकर विवाद हो गया। जैसे ही हरिद्वार में कुछ हिंदूवादी संगठनों और तीर्थ पुरोहितों को बार एंड रेस्टोरेंट के सेट के बारे में पता चला, तो वे मौके पर पहुंच गए। इसके बाद वहां जोरदार विरोध शुरू हो गया। बढ़ते विरोध को देखते हुए फिल्म यूनिट और मकान संचालकों को बोर्ड से “बार” शब्द हटाना पड़ा, जिसके बाद मामला शांत हो सका। शूटिंग कर रहे लोगों की तरफ से यह नहीं बताया गया कि किस फिल्म की शूटिंग चल रही थी। मामले को लेकर भी एक्टर की तरफ से अब तक कोई प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। घटना के दौरान के वीडियो भी सामने आए हैं, जिनमें दिखता है कि लोग फिल्म मेकर्स से बहस और धक्का-मुक्की करते नजर आ रहे हैं। तस्वीरें देखिए- कैसे शुरू हुआ विवाद हरिद्वार के श्रवणनाथ नगर स्थित भटिया भवन का है, जहां पिछले कुछ दिनों से बॉलीवुड एक्टर इमरान हाशमी की फिल्म की शूटिंग चल रही थी। बुधवार देर रात फिल्म के एक दृश्य की शूटिंग के लिए मकान के बाहर “बार एंड रेस्टोरेंट” का बोर्ड लगाया गया। इसकी जानकारी मिलते ही स्थानीय लोग मौके पर पहुंच गए और विरोध शुरू कर दिया। विरोध कर रहे लोगों का कहना था कि हरिद्वार विश्व प्रसिद्ध तीर्थनगरी है, जहां करोड़ों श्रद्धालु अपनी आस्था लेकर आते हैं। ऐसे में शहर के अंदर बार का बोर्ड लगाना धार्मिक भावनाओं को आहत करने वाला कदम है। लोगों ने आरोप लगाया कि फिल्मों की शूटिंग के नाम पर हरिद्वार की धार्मिक और सांस्कृतिक पहचान को नुकसान पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है। देर रात तक चली बहस विरोध बढ़ने पर व्यापारियों, समाजसेवियों, भवन संचालकों और फिल्म यूनिट के सदस्यों के बीच देर रात तक बहस होती रही। लोगों ने स्पष्ट कहा कि धर्मनगरी की गरिमा और मर्यादा के साथ किसी प्रकार का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा। आखिरकार विरोध के दबाव में बोर्ड से “बार” शब्द हटा दिया गया, जिसके बाद मामला शांत हुआ। मां गंगा व्यापार मंडल के अध्यक्ष कशिश भाटिया ने बताया कि उन्हें जानकारी मिली थी कि भवन के बाहर “बार एंड रेस्टोरेंट” का बोर्ड लगाया गया है। उन्होंने कहा कि हरिद्वार एक पवित्र तीर्थस्थल है, जहां मांस और मदिरा प्रतिबंधित हैं। ऐसे में शूटिंग के लिए भी इस तरह का बोर्ड लगाना उचित नहीं है। उन्होंने कहा कि जनभावनाओं का सम्मान करते हुए बोर्ड से “बार” शब्द हटा दिया गया। समाजसेवी करण पंडित ने कहा कि जिस स्थान पर बोर्ड लगाया गया था, वहां से कुछ ही दूरी पर मां गंगा का पावन तट स्थित है। उन्होंने कहा कि हरिद्वार की धार्मिक पहचान और आस्था के साथ किसी भी प्रकार का खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। चाहे कोई फिल्म निर्माता हो या किसी बड़े उद्योग से जुड़ा व्यक्ति, धर्मनगरी की मर्यादा सर्वोपरि है। तीर्थ पुरोहितों ने भी उठाए सवाल तीर्थ पुरोहित उज्जवल पंडित ने कहा कि हरिद्वार की पवित्रता बनाए रखना हर नागरिक की जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि लोगों के विरोध के कारण ही बोर्ड हटाया गया और यह शहरवासियों की जागरूकता का परिणाम है। उन्होंने चेतावनी दी कि भविष्य में भी यदि कोई हरिद्वार की धार्मिक पहचान को नुकसान पहुंचाने का प्रयास करेगा तो उसका विरोध किया जाएगा। पूरे विवाद के दौरान यह स्पष्ट नहीं हो सका कि किस फिल्म की शूटिंग चल रही थी। फिल्म यूनिट से जुड़े लोगों ने केवल इतना कहा कि उनके पास शूटिंग की अनुमति है, लेकिन फिल्म का नाम सार्वजनिक नहीं किया गया। बताया जा रहा है कि शूटिंग के लिए मुंबई से कलाकार और तकनीकी टीम हरिद्वार पहुंची हुई है। इस घटना के बाद एक बार फिर यह बहस शुरू हो गई है कि धार्मिक और सांस्कृतिक रूप से संवेदनशील क्षेत्रों में फिल्मांकन के दौरान स्थानीय परंपराओं, आस्थाओं और जनभावनाओं का कितना ध्यान रखा जाना चाहिए। हम इस खबर को अपडेट कर रहे हैं…

पंजाबी सिंगर गुरु रंधावा के जिम पर फायरिंग:दिल्ली में बदमाशों ने गोलियां चलाईं; लॉरेंस गैंग ने ली जिम्मेदारी, लिखा- कहा था सलमान खान से दूर रह

पंजाबी सिंगर गुरु रंधावा के जिम पर फायरिंग:दिल्ली में बदमाशों ने गोलियां चलाईं; लॉरेंस गैंग ने ली जिम्मेदारी, लिखा- कहा था सलमान खान से दूर रह

दिल्ली के पश्चिम विहार इलाके में गुरुवार तड़के एक जिम के बाहर मोटरसाइकिल सवार दो बदमाशों ने ताबड़तोड़ फायरिंग कर दी। पुलिस सूत्रों के मुताबिक, यह जिम दिल्ली में राजौरी गार्डन के रहने वाले 2 कारोबारियों का है। इसके ब्रांड एंबेसडर पंजाबी सिंगर गुरु रंधावा हैं। घटना के बाद सोशल मीडिया पर एक पोस्ट शेयर कर कुख्यात लॉरेंस गैंग ने इस हमले की जिम्मेदारी ली है। इसमें गुरु रंधावा के बारे में लिखा है- इसे समझाया था कि सलमान खान से दूर रह, वह हमारा दुश्मन है, लेकिन ये उसके बहुत करीबी बन रहा था। जितने भी देशद्रोही हैं, जहां भी छिपे हैं, वहीं पर मारेंगे। हमलावरों ने जिम पर कम से कम 7 राउंड गोलियां चलाईं और वारदात को अंजाम देकर मौके से फरार हो गए। हालांकि, हादसे में किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है। पुलिस ने मामला दर्ज कर जबरन वसूली, गैंगवार और आपसी रंजिश समेत सभी एंगल से जांच शुरू कर दी है। केयरटेकर के पहुंचने पर हुआ खुलासा घटना का पता तब चला जब सुबह करीब सवा 5 बजे जिम के केयरटेकर वहां पहुंचे। जिम के शीशे टूटे देख और गोलियों के निशान पाकर उन्होंने तुरंत मामले की सूचना पुलिस को दी। सूचना मिलते ही दिल्ली पुलिस के आला अधिकारी और स्थानीय पुलिस की टीम मौके पर पहुंच गई। जांच के लिए तुरंत फोरेंसिक टीम (FSL) को भी मौके पर बुलाया गया। फोरेंसिक विशेषज्ञों ने घटनास्थल से खाली कारतूस और अन्य वैज्ञानिक साक्ष्य जुटाए हैं। पुलिस हमलावरों की पहचान करने के लिए जिम के आसपास और भागने वाले रास्तों पर लगे CCTV कैमरों के फुटेज खंगाल रही है। जांच में सामने आया है कि जिस फिटनेस सेंटर पर हमला हुआ है, उसके मालिक राजौरी गार्डन के रहने वाले दो व्यवसायी हैं। वहीं, एक बेहद मशहूर पंजाबी सिंगर गुरु रंधावा इस जिम के ब्रांड एंबेसडर हैं। इसी वजह से इस हमले को काफी गंभीरता से लिया जा रहा है। रंगदारी और आपसी रंजिश के एंगल से जांच शुरू दिल्ली पुलिस के अधिकारियों के अनुसार, मामले की तफ्तीश के लिए कई टीमें गठित की गई हैं। पुलिस इस मामले को फिरौती, गैंगस्टरों की आपसी रंजिश और मालिकों की किसी निजी दुश्मनी के एंगल से जोड़कर देख रही है। पुलिस ने संबंधित धाराओं में केस दर्ज कर लिया है और बदमाशों की तलाश में छापे मारे जा रहे हैं। सामने आई पोस्ट में क्या-क्या लिखा… घटना के बाद वायरल की गई पोस्ट में लिखा है- जय महाकाल, जय श्री राम, राम राम सभी भाइयों को। जो आज ये 24HS FITNESS (24 आवर्स फिटनेस) दिल्ली में गुरु रंधावा की जिम पर जो फायरिंग हुई है, वह मैंने अनिल पंडित USA और लॉरेंस ग्रुप ने की है। पोस्ट में आगे लिखा है- ये सलमान खान से कुछ ज्यादा ही करीबी हो रहा था। इसे हमने पहले भी समझाया था कि इससे दूर रहो, ये हमारा दुश्मन है, लेकिन इसको समझ नहीं आई और जितने भी हमारे दुश्मन हैं वे किसी भी कोने में छुप जाएं, जल्दी ही सबसे मुलाकात होगी। वेट एंड वॉच। पोस्ट में अंत में नोट लगाकर लिखा गया है- और जितने भी ये देशद्रोही हैं, जो देश के खिलाफ साजिश रचते हैं, दुनिया के किसी भी कोने में छुप जाना, वहीं पर ही मारेंगे। अंत में सलाम साहिदा नू, लॉरेंस बिश्नोई ग्रुप, जितेंद्र गोगी मान ग्रुप, हैरी बॉक्सर, आरजू बिश्नोई, टायसन बिश्नोई, शुभम लोंकर, हरमन संधू और अंकित सेरसा का नाम लिखा है। हम इस खबर को अपडेट कर रहे हैं…

एथेनॉल वाले पेट्रोल पर एक्साइज ड्यूटी जीरो हुई:अब 22% से 30% मिश्रण पर नहीं लगेगा टैक्स, सरकार की क्रूड इम्पोर्ट घटाने की तैयारी

एथेनॉल वाले पेट्रोल पर एक्साइज ड्यूटी जीरो हुई:अब 22% से 30% मिश्रण पर नहीं लगेगा टैक्स, सरकार की क्रूड इम्पोर्ट घटाने की तैयारी

केंद्र सरकार ने E20 (20% एथेनॉल ब्लेंडिंग) से अधिक स्तर के एथेनॉल ब्लेंडेड पेट्रोल पर भी एक्साइज ड्यूटी जीरो कर दी है। सरकारी नोटिफिकेशन में कहा गया है कि 22% से लेकर 30% एथेनॉल मिक्स वाले पेट्रोल पर कोई एक्साइज ड्यूटी नहीं लगेगी। केंद्र सरकार ने देश में क्रूड ऑयल (कच्चे तेल) के इम्पोर्ट को कम करने और क्लीन एनर्जी को बढ़ावा देने के लिए एक बड़ा कदम उठाया है। आइए आसान सवाल-जवाब में समझते हैं कि सरकार के इस फैसले का मतलब क्या है और इससे आम आदमी और देश को क्या फायदा होगा। सवाल 1: सरकार ने एथेनॉल ब्लेंडेड पेट्रोल को लेकर क्या नया नोटिफिकेशन जारी किया है? जवाब: भारत सरकार ने एक नोटिफिकेशन जारी कर पेट्रोल में हाई लेवल एथेनॉल ब्लेंडिंग (मिश्रण) को एक्साइज ड्यूटी से मुक्त कर दिया है। इसके तहत जिस पेट्रोल में 22% से लेकर 30% तक एथेनॉल मिला होगा, उस पर कोई केंद्रीय उत्पाद शुल्क (एक्साइज ड्यूटी) नहीं लगाया जाएगा। इस टैक्स छूट के दायरे में पेट्रोल के चार नए वेरिएंट्स— E22, E25, E27 और E30 शामिल होंगे। यह पहली बार है जब सरकार ने E20 से ऊपर के ब्लेंड्स के लिए इतने बड़े फाइनेंशियल सपोर्ट (फिस्कल इंसेंटिव) देने की घोषणा की है। सवाल 2 : क्या होता है एथेनॉल? जवाब: एथेनॉल एक तरह का अल्कोहल है, जो स्टार्च और शुगर के फर्मेंटेशन से बनाया जाता है। इसे पेट्रोल में मिलाकर गाड़ियों में इको-फ्रैंडली फ्यूल की तरह इस्तेमाल किया जाता है। एथेनॉल का उत्पादन मुख्य रूप से गन्ने के रस से होता है, लेकिन स्टार्च कॉन्टेनिंग मटेरियल्स जैसे मक्का, सड़े आलू, कसावा और सड़ी सब्जियों से भी एथेनॉल तैयार किया जा सकता है। सवाल 3: सरकार के इस फैसले के पीछे की मुख्य वजह क्या है? जवाब: भारत अपनी जरूरत का ज्यादातर कच्चा तेल (करीब 87%) विदेशों से इम्पोर्ट करता है। विदेशी तेल पर देश की निर्भरता को कम करने और घरेलू स्तर पर बनने वाली प्रदूषण-मुक्त ग्रीन एनर्जी को बढ़ावा देने के लिए यह फैसला लिया गया है। इस टैक्स छूट से तेल कंपनियां पेट्रोल में 20% से ज्यादा एथेनॉल मिलाने के लिए प्रेरित होंगी, जिससे देश का पैसा बाहर जाने से बचेगा। सवाल 4: क्या सरकार के पास इन नए वेरिएंट्स (E22 से E30) के लिए कोई तकनीकी ढांचा तैयार है? जवाब: हां, सरकार ने इसकी पूरी तैयारी पहले ही कर ली है। कुछ हफ्ते पहले ही भारतीय मानक ब्यूरो (BIS) ने आधिकारिक तौर पर E22, E25, E27 और E30 पेट्रोल ब्लेंड्स के लिए फ्यूल-क्वालिटी स्टैंडर्ड्स (ईंधन की गुणवत्ता के मानक) अधिसूचित किए थे। IS 19850:2026 के तहत ये मानक 15 मई, 2026 से लागू हो चुके हैं। इनमें एथेनॉल की मात्रा, ऑक्टेन रेटिंग, सल्फर की सीमा, टेस्टिंग प्रोसेस और सेफ्टी नियमों को तय किया गया है। अब टैक्स छूट मिलने से तकनीकी और वित्तीय दोनों तरह के रास्ते साफ हो गए हैं। सवाल 5: भारत में अभी एथेनॉल ब्लेंडिंग की क्या स्थिति है, क्या हम टारगेट के करीब हैं? जवाब: भारत का एथेनॉल ब्लेंडिंग प्रोग्राम तय समय से काफी तेजी से आगे बढ़ा है। नेशनल पॉलिसी ऑन बायोफ्यूल्स (2018) में संशोधन करके पेट्रोल में 20% एथेनॉल मिलाने (E20) का लक्ष्य पहले 2030 रखा गया था, जिसे बाद में घटाकर एथेनॉल सप्लाई ईयर (ESY) 2025-26 कर दिया गया। सरकारी तेल कोशिकाओं ने जून 2022 में ही समय से 5 महीने पहले 10% ब्लेंडिंग का टारगेट हासिल कर लिया था। सवाल 5: गाड़ियों के इंजन और परफॉर्मेंस पर एथेनॉल के असर को लेकर क्या विवाद रहा है? जवाब: जैसे-जैसे देश भर में E20 फ्यूल मिलना शुरू हुआ, कुछ गाड़ी मालिकों ने इंजन की क्षमता, माइलेज और गाड़ियों के पुराने पार्ट्स के खराब होने को लेकर चिंता जताई थी। यह मामला सुप्रीम कोर्ट भी पहुंचा था। हालांकि, सितंबर 2025 में सुप्रीम कोर्ट ने देश भर में E20 फ्यूल लागू करने के खिलाफ दायर याचिका को खारिज कर दिया। कोर्ट में सरकार ने दलील दी थी कि यह बदलाव पूरी तरह से जांच-परख के बाद और गन्ना किसानों के आर्थिक फायदे को ध्यान में रखकर किया गया है। सरकार ने बिना एथेनॉल वाले (प्योर) पेट्रोल की समानांतर सप्लाई जारी रखने की मांग को भी ठुकरा दिया था। सवाल 7: क्या एथेनॉल मिक्स होने से गाड़ियों का माइलेज कम हो जाता है? ऑटोमोबाइल इंडस्ट्री का क्या कहना है? जवाब: इस पर ऑटोमोबाइल निर्माताओं की संस्था ‘सोसाइटी ऑफ इंडियन ऑटोमोबाइल मैन्युफैक्चरर्स’ (SIAM) ने स्थिति साफ की थी। SIAM के मुताबिक, कुछ पुरानी गाड़ियों में E20 ईंधन के इस्तेमाल से माइलेज में मामूली गिरावट आ सकती है, लेकिन इससे गाड़ी की सुरक्षा को कोई खतरा नहीं है। सवाल 8: आम तौर पर माना जाता है कि एथेनॉल सस्ता होता है, तो क्या ब्लेंडेड पेट्रोल की कीमत कम होगी? जवाब: सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, एथेनॉल कंपनियों से खरीदना रिफाइंड पेट्रोल के मुकाबले सस्ता नहीं पड़ रहा है। पिछले साल पेट्रोलियम मंत्रालय ने बताया था कि एथेनॉल की औसत खरीद लागत (वेटेड एवरेज प्रोक्योरमेंट कॉस्ट) रिफाइंड पेट्रोल की लागत से अधिक हो गई है। 31 जुलाई, 2025 तक, ट्रांसपोर्टेशन और GST मिलाकर कंपनियों को एथेनॉल की औसत खरीद लागत 71.32 रुपए प्रति लीटर पड़ रही थी। यही वजह है कि पेट्रोल में एथेनॉल की मात्रा बढ़ने के बावजूद रिटेल प्राइस (खुदरा कीमत) को कम करना फिलहाल पेचीदा बना हुआ है।

एथेनॉल वाले पेट्रोल पर एक्साइज ड्यूटी जीरो हुई:22% से 30% मिलाने पर टैक्स नहीं लगेगा, सरकार की कच्चा तेल इम्पोर्ट घटाने की तैयारी

एथेनॉल वाले पेट्रोल पर एक्साइज ड्यूटी जीरो हुई:22% से 30% मिलाने पर टैक्स नहीं लगेगा, सरकार की कच्चा तेल इम्पोर्ट घटाने की तैयारी

केंद्र सरकार 22% से लेकर 30% तक एथेनॉल मिले पेट्रोल पर कोई एक्साइज ड्यूटी नहीं लगी। E20, यानी 20% एथनॉल मिले पेट्रोल पर कोई राहत नहीं दी गई है। केंद्र सरकार ने देश में क्रूड ऑयल, यानी कच्चे तेल के इम्पोर्ट को कम करने और क्लीन एनर्जी को बढ़ावा देने के लिए यह कदम उठाया है। आइए आसान सवाल-जवाब में समझते हैं कि सरकार के इस फैसले का मतलब क्या है और इससे आम आदमी और देश को क्या फायदा होगा। सवाल 1: सरकार ने एथेनॉल ब्लेंडेड पेट्रोल को लेकर क्या नया नोटिफिकेशन जारी किया है? जवाब: भारत सरकार ने एक नोटिफिकेशन जारी कर पेट्रोल में हाई लेवल एथेनॉल ब्लेंडिंग को एक्साइज ड्यूटी से मुक्त कर दिया है। इसके तहत जिस पेट्रोल में 22% से लेकर 30% तक एथेनॉल मिला होगा, उस पर कोई एक्साइज ड्यूटी नहीं लगाई जाएगी। इस टैक्स छूट के दायरे में पेट्रोल के चार नए वेरिएंट्स- E22, E25, E27 और E30 शामिल होंगे। यह पहली बार है जब सरकार ने E20 से ऊपर के ब्लेंड्स के लिए इतने बड़े फाइनेंशियल सपोर्ट, यानी फिस्कल इंसेंटिव देने की घोषणा की है। सवाल 2 : क्या होता है एथेनॉल? जवाब: एथेनॉल एक तरह का अल्कोहल है, जो स्टार्च और शुगर के फर्मेंटेशन से बनाया जाता है। इसे पेट्रोल में मिलाकर गाड़ियों में इको-फ्रैंडली फ्यूल की तरह इस्तेमाल किया जाता है। एथेनॉल का उत्पादन मुख्य रूप से गन्ने के रस से होता है, लेकिन स्टार्च कॉन्टेनिंग मटेरियल्स जैसे मक्का, सड़े आलू, कसावा और सड़ी सब्जियों से भी एथेनॉल तैयार किया जा सकता है। सवाल 3: सरकार के इस फैसले के पीछे की मुख्य वजह क्या है? जवाब: भारत अपनी जरूरत का करीब 87% विदेशों से इम्पोर्ट करता है। विदेशी तेल पर देश की निर्भरता को कम करने और घरेलू स्तर पर बनने वाली प्रदूषण-मुक्त ग्रीन एनर्जी को बढ़ावा देने के लिए यह फैसला लिया गया है। इस टैक्स छूट से तेल कंपनियां पेट्रोल में 20% से ज्यादा एथेनॉल मिलाने के लिए प्रेरित होंगी, जिससे देश का पैसा बाहर जाने से बचेगा। सवाल 4: क्या सरकार के पास नए वेरिएंट्स- E22 से E30 के लिए कोई तकनीकी ढांचा तैयार है? जवाब: हां, सरकार ने इसकी पूरी तैयारी पहले ही कर ली है। कुछ हफ्ते पहले ही भारतीय मानक ब्यूरो (BIS) ने आधिकारिक तौर पर E22, E25, E27 और E30 पेट्रोल ब्लेंड्स के लिए फ्यूल-क्वालिटी स्टैंडर्ड्स (ईंधन की गुणवत्ता के मानक) अधिसूचित किए थे। IS 19850:2026 के तहत ये मानक 15 मई, 2026 से लागू हो चुके हैं। इनमें एथेनॉल की मात्रा, ऑक्टेन रेटिंग, सल्फर की सीमा, टेस्टिंग प्रोसेस और सेफ्टी नियमों को तय किया गया है। अब टैक्स छूट मिलने से तकनीकी और वित्तीय दोनों तरह के रास्ते साफ हो गए हैं। सवाल 5: भारत में अभी एथेनॉल ब्लेंडिंग की क्या स्थिति है, क्या हम टारगेट के करीब हैं? जवाब: भारत का एथेनॉल ब्लेंडिंग प्रोग्राम तय समय से काफी तेजी से आगे बढ़ा है। नेशनल पॉलिसी ऑन बायोफ्यूल्स (2018) में संशोधन करके पेट्रोल में 20% एथेनॉल मिलाने (E20) का लक्ष्य पहले 2030 रखा गया था, जिसे बाद में घटाकर एथेनॉल सप्लाई ईयर (ESY) 2025-26 कर दिया गया। सरकारी तेल कोशिकाओं ने जून 2022 में ही समय से 5 महीने पहले 10% ब्लेंडिंग का टारगेट हासिल कर लिया था। सवाल 5: गाड़ियों के इंजन और परफॉर्मेंस पर एथेनॉल के असर को लेकर क्या विवाद रहा है? जवाब: जैसे-जैसे देश भर में E20 फ्यूल मिलना शुरू हुआ, कुछ गाड़ी मालिकों ने इंजन की क्षमता, माइलेज और गाड़ियों के पुराने पार्ट्स के खराब होने को लेकर चिंता जताई थी। यह मामला सुप्रीम कोर्ट भी पहुंचा था। हालांकि, सितंबर 2025 में सुप्रीम कोर्ट ने देशभर में E20 फ्यूल लागू करने के खिलाफ दायर याचिका को खारिज कर दिया। कोर्ट में सरकार ने दलील दी थी कि यह बदलाव पूरी तरह से जांच-परख के बाद और गन्ना किसानों के आर्थिक फायदे को ध्यान में रखकर किया गया है। सरकार ने बिना एथेनॉल वाले (प्योर) पेट्रोल की समानांतर सप्लाई जारी रखने की मांग को भी ठुकरा दिया था। सवाल 7: क्या एथेनॉल मिक्स होने से गाड़ियों का माइलेज कम हो जाता है? ऑटोमोबाइल इंडस्ट्री का क्या कहना है? जवाब: इस पर ऑटोमोबाइल निर्माताओं की संस्था ‘सोसाइटी ऑफ इंडियन ऑटोमोबाइल मैन्युफैक्चरर्स’ (SIAM) ने स्थिति साफ की थी। SIAM के मुताबिक, कुछ पुरानी गाड़ियों में E20 ईंधन के इस्तेमाल से माइलेज में मामूली गिरावट आ सकती है, लेकिन इससे गाड़ी की सुरक्षा को कोई खतरा नहीं है। सवाल 8: आमतौर पर माना जाता है कि एथेनॉल सस्ता होता है, तो क्या ब्लेंडेड पेट्रोल की कीमत कम होगी? जवाब: सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, एथेनॉल कंपनियों से खरीदना रिफाइंड पेट्रोल के मुकाबले सस्ता नहीं पड़ रहा है। पिछले साल पेट्रोलियम मंत्रालय ने बताया था कि एथेनॉल की औसत खरीद लागत (वेटेड एवरेज प्रोक्योरमेंट कॉस्ट) रिफाइंड पेट्रोल की लागत से अधिक हो गई है। 31 जुलाई, 2025 तक, ट्रांसपोर्टेशन और GST मिलाकर कंपनियों को एथेनॉल की औसत खरीद लागत 71.32 रुपए प्रति लीटर पड़ रही थी। यही वजह है कि पेट्रोल में एथेनॉल की मात्रा बढ़ने के बावजूद रिटेल प्राइस (खुदरा कीमत) को कम करना फिलहाल पेचीदा बना हुआ है।

अमेरिका का ईरान पर लगातार दूसरे दिन हमला:जवाब में ईरान ने कुवैत-बहरीन में अमेरिकी ठिकानों को निशाना बनाया, होर्मुज फिर बंद किया

अमेरिका का ईरान पर लगातार दूसरे दिन हमला:जवाब में ईरान ने कुवैत-बहरीन में अमेरिकी ठिकानों को निशाना बनाया, होर्मुज फिर बंद किया

अमेरिका ने गुरुवार सुबह ईरान के कई ठिकानों पर नए हवाई हमले किए। ईरानी मीडिया के मुताबिक केश्म द्वीप, बंदर अब्बास, मीनाब और सीरिक में धमाकों की आवाजें सुनी गईं, जबकि कई इलाकों में एयर डिफेंस सिस्टम एक्टिव कर दिए गए। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने कहा कि ईरान समझौते की बातचीत में देरी कर रहा है, इसलिए अमेरिका दबाव बनाए रखेगा। उन्होंने दावा किया कि अमेरिकी सेना ने 49 टॉमहॉक मिसाइलें दागीं और लड़ाकू विमानों से भी हमले किए। इसके जवाब में ईरान ने कुवैत और बहरीन में अमेरिकी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाने का दावा किया है। हालांकि, किसी नुकसान की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। ईरान ने यह भी दावा किया कि उसने होर्मुज स्ट्रेट को जहाजों के लिए बंद कर दिया है, लेकिन अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने इसे खारिज कर दिया। ईरान जंग से जुड़े अपडेट्स के लिए नीचे ब्लॉग से गुजर जाइए…

अमेरिका का ईरान पर लगातार दूसरे दिन हमला:जवाब में ईरान ने कुवैत-बहरीन में अमेरिकी ठिकानों को निशाना बनाया, होर्मुज फिर बंद किया

अमेरिका का ईरान पर लगातार दूसरे दिन हमला:जवाब में ईरान ने कुवैत-बहरीन में अमेरिकी ठिकानों को निशाना बनाया, होर्मुज फिर बंद किया

अमेरिका ने गुरुवार सुबह ईरान के कई ठिकानों पर नए हवाई हमले किए है। अप्रैल में हुए सीजफायर के बाद लगातार दूसरे दिन बड़ा अटैक है। ईरानी मीडिया के मुताबिक केश्म द्वीप, बंदर अब्बास, मीनाब और सीरिक में धमाकों की आवाजें सुनी गईं, जबकि कई इलाकों में एयर डिफेंस सिस्टम एक्टिव कर दिए गए। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने कहा कि ईरान समझौते की बातचीत में देरी कर रहा है, इसलिए अमेरिका दबाव बनाए रखेगा। उन्होंने दावा किया कि अमेरिकी सेना ने 49 टॉमहॉक मिसाइलें दागीं और लड़ाकू विमानों से भी हमले किए। इसके जवाब में ईरान ने कुवैत और बहरीन में अमेरिकी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाने का दावा किया है। हालांकि, किसी नुकसान की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। ईरान ने एक बार फिर होर्मुज स्ट्रेट को सभी जहाजों के लिए बंद कर दिया है। हालांकि अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने इसे खारिज कर दिया। पिछले 24 घंटे के 5 बड़े अपडेट्स… 1. जॉर्डन बोला- 5 ईरानी मिसाइलें हवा में मार गिराईं: जॉर्डन की सेना ने दावा किया कि ईरान से दागी गई 5 मिसाइलों को इंटरसेप्ट कर नष्ट कर दिया गया। किसी तरह के नुकसान की सूचना नहीं है। 2. ईरान का दावा- अमेरिकी MQ-9 रीपर ड्रोन मार गिराया: तस्नीम न्यूज एजेंसी के मुताबिक दक्षिणी ईरान के जाम इलाके में अमेरिकी MQ-9 ड्रोन को गिराया गया। अमेरिका की ओर से आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई। 3. होर्मुज के पास टैंकर पर अमेरिकी हमला: ओमान तट के पास एक ऑयल टैंकर पर अमेरिकी हमले के बाद आग लग गई। जहाज पर 24 भारतीय समेत 28 क्रू मेंबर सवार थे। एक व्यक्ति की मौत हुई, जबकि कुछ क्रू मेंबर लापता बताए गए। 4. रूस ने अमेरिका-ईरान से हमले रोकने की अपील की: मॉस्को ने दोनों देशों से संयम बरतने और सैन्य कार्रवाई बंद कर कूटनीति का रास्ता अपनाने को कहा। 5. कतर का प्रतिनिधिमंडल तेहरान पहुंचा: कतर ने क्षेत्रीय तनाव कम करने और अमेरिका-ईरान टकराव पर बातचीत के लिए अपना प्रतिनिधिमंडल ईरान भेजा है। ईरान जंग से जुड़े अपडेट्स के लिए नीचे ब्लॉग से गुजर जाइए…

12 साल बाद टीवी पर लौटे यशपाल:बोले- ‘बरेली के बच्चन’ के लिए फिल्में-ओटीटी छोड़ी, अंश ने कहा- यंग ऑडियंस फिर टीवी से जुड़ेगी

12 साल बाद टीवी पर लौटे यशपाल:बोले- ‘बरेली के बच्चन’ के लिए फिल्में-ओटीटी छोड़ी, अंश ने कहा- यंग ऑडियंस फिर टीवी से जुड़ेगी

लंबे समय बाद टीवी पर वापसी कर रहे अभिनेता यशपाल शर्मा अपने नए शो ‘बरेली के बच्चन’ को लेकर उत्साहित हैं। दैनिक भास्कर से बातचीत में उन्होंने बताया कि इस शो के लिए उन्होंने अपनी फिल्में और ओटीटी प्रोजेक्ट्स फिलहाल अलग रख दिए हैं। यशपाल ने कहा कि ‘नीली छतरी वाले’ के बाद करीब 12 साल बाद वह टीवी शो कर रहे हैं और इस बार भी पूरी तरह एक ही प्रोजेक्ट पर फोकस कर रहे हैं। बातचीत में उन्होंने फिल्मों और टीवी का फर्क, अच्छी कहानियों की कमी और नए कलाकारों के लिए जरूरी सलाह साझा की। वहीं अंश मनुजा ने अपने किरदार सतलुज को रिबेल और रियल बताया। सवाल: आपने सिनेमा और टेलीविजन दोनों माध्यमों में काम किया है। आज के समय में दोनों में सबसे बड़ा फर्क क्या महसूस करते हैं? जवाब/यशपाल शर्मा: सिनेमा और टीवी में सबसे बड़ा फर्क काम करने के तरीके का है। फिल्में बहुत प्लानिंग के साथ बनाई जाती हैं। दो-तीन घंटे की कहानी को बारीकी से तैयार किया जाता है और उसे लंबे समय तक देखा जा सकता है। वहीं टीवी का काम काफी तेज होता है। यहां लगातार शूटिंग चलती रहती है और कलाकारों को हर समय तैयार रहना पड़ता है। फिल्मों में कई टेक्स लिए जा सकते हैं, लेकिन टीवी में समय कम होता है और उसी हिसाब से काम करना पड़ता है। सवाल: आपको अक्सर पावरफुल और लेयर्ड किरदारों में देखा गया है। ‘अजब सिंह’ में ऐसा क्या था जिसने आपको आकर्षित किया? जवाब/यशपाल शर्मा: अजब सिंह का किरदार बहुत अलग और दिलचस्प है। उसके अंदर कई परतें हैं और उसकी भावनात्मक यात्रा में उतार-चढ़ाव हैं। वह अपने परिवार से प्यार करता है, लेकिन उसे जाहिर नहीं करता। यही वजह है कि मुझे यह किरदार बहुत पसंद आया। इतना ही नहीं, मैंने इस शो के लिए अपनी फिल्में और ओटीटी प्रोजेक्ट्स फिलहाल अलग रख दिए हैं और पूरी तरह इसी काम पर ध्यान दे रहा हूं। सवाल: आप फिल्मों के मामले में काफी चुनिंदा माने जाते हैं। क्या आज भी स्क्रिप्ट सबसे बड़ा फैक्टर होती है? जवाब/यशपाल शर्मा: बिल्कुल। सबसे पहले मैं स्क्रिप्ट देखता हूं। उसके बाद किरदार, मेहनताना, प्रोडक्शन हाउस, डायरेक्टर और टीम को देखता हूं। जब सारी चीजें सही लगती हैं, तभी काम करता हूं। सवाल: ओटीटी, टीवी और फिल्मों के इस दौर में एक अभिनेता के लिए सबसे बड़ा चैलेंज क्या है? जवाब/यशपाल शर्मा: जो भी काम करो, उसमें पूरी ईमानदारी और समर्पण होना चाहिए। मैं ओटीटी, फिल्म और टीवी- तीनों में काम करता हूं, लेकिन जब किसी एक प्रोजेक्ट पर काम करता हूं तो पूरी तरह उसी में डूब जाता हूं। करीब 12 साल बाद मैं टीवी पर वापसी कर रहा हूं। ‘नीली छतरी वाले’ के बाद यह मेरा दूसरा टीवी शो है। उस समय भी मैंने बाकी कामों से दूरी बनाकर सिर्फ उसी शो पर ध्यान दिया था और इस बार भी यही किया है। सवाल: आज के युवा एक्टर्स को कौन-सी गलती नहीं करनी चाहिए? जवाब/यशपाल शर्मा: दिखावा नहीं करना चाहिए। अभिनय दिखाने की नहीं, महसूस करने की चीज है। अगर आप किरदार को अंदर से जीते हैं, तो दर्शक उसे खुद महसूस करेंगे। सवाल: आपको लगता है कि अच्छे एक्टर्स की कमी है या अच्छी कहानियों की? जवाब/यशपाल शर्मा: अच्छे एक्टर्स की कमी नहीं है। अच्छी कहानियों की कमी जरूर रही है, लेकिन ओटीटी और नई पीढ़ी के आने से अब बेहतर काम हो रहा है। सवाल: क्या कोई ऐसा रोल है जिसे आप अब भी करना चाहते थे और अब मौका मिला? जवाब/यशपाल शर्मा: अजब सिंह वैसा ही किरदार है। इसमें इमोशन, इंटेंसिटी, प्यार और कई रंग हैं। इसे लेकर मैं उत्साहित हूं। सवाल: सतलुज का किरदार आपको सबसे ज्यादा किस वजह से दिलचस्प लगा? जवाब/अंश मनुजा: सतलुज अलग और रिबेल स्वभाव का किरदार है। वह सबके खिलाफ नहीं, बल्कि लोगों को सही दिशा में रखने वाला इंसान है। उसका गुस्सा और सोच उसे बाकी लोगों से अलग बनाती है। सवाल: युवा दर्शकों को इस शो में क्या नया देखने को मिलेगा? जवाब/अंश मनुजा: यह एक रियल कॉन्सेप्ट वाला शो है। टीवी पर अक्सर ड्रामा और मेलोड्रामा देखने को मिलता है, लेकिन यह शो थोड़ा अलग है। मुझे लगता है कि यह युवाओं को टीवी की तरफ फिर आकर्षित करेगा। सवाल: सेट पर सीनियर एक्टर्स से कोई ऐसी सीख मिली जो हमेशा याद रहेगी? जवाब/अंश मनुजा: यशपाल सर ने सीधे सलाह कम दी है, लेकिन उनके काम को देखकर बहुत कुछ सीखा है। सेट पर अनुशासन कितना जरूरी है, छोटे-छोटे एक्सप्रेशन कितने मायने रखते हैं और किरदार को सच्चाई से कैसे निभाना चाहिए, यह सब उनसे सीखा। सवाल: आपकी असल जिंदगी और इस किरदार में कितनी समानता है? जवाब/अंश मनुजा: बहुत कम समानता है। सिर्फ एक चीज मिलती है कि मैं भी थोड़ा रिबेल स्वभाव का हूं। अपने पिता से कई बातों पर बहस होती है, लेकिन आखिर में हम साथ बैठकर खाना जरूर खाते हैं। यही बात इस किरदार में भी दिखती है। सवाल: क्योंकि यह फैमिली शो है, परिवार में गलतफहमियों को संभालने का सबसे अच्छा तरीका क्या है? जवाब/अंश मनुजा: बात करना सबसे जरूरी है। अगर कोई बात परेशान कर रही है तो खुलकर सामने वाले से पूछ लेना चाहिए। मेरे हिसाब से हर रिश्ते में कम्युनिकेशन सबसे जरूरी चीज है।

सिर काटने की कोशिश के बाद आयरलैंड-ब्रिटेन में भड़के दंगे:प्रदर्शनकारियों के निशाने पर प्रवासी, घर-दुकानें लूटीं; गाड़ियों में आग लगाई

सिर काटने की कोशिश के बाद आयरलैंड-ब्रिटेन में भड़के दंगे:प्रदर्शनकारियों के निशाने पर प्रवासी, घर-दुकानें लूटीं; गाड़ियों में आग लगाई

आयरलैंड के बेलफास्ट में एक आयरिश व्यक्ति का सिर काटने की कोशिश के विरोध में शुरू हुआ प्रदर्शन बुधवार को बड़े एंटी-इमिग्रेशन दंगों में बदल गया। ​आयरलैंड और ब्रिटेन में एक दर्जन से ज्यादा जगहों पर हिंसा, आगजनी और लूटपाट की घटना सामने आई। बेलफास्ट और उसके आसपास के इलाकों में नकाबपोश भीड़ ने घरों, दुकानों, बसों और कारों को निशाना बनाया। बेलफास्ट के न्यूटाउनार्ड्स रोड पर कई गाड़ियों को आग के हवाले कर दिया गया शैंकिल में दो दुकानें लूट ली गईं और एक अफ्रीकी प्रवासी की दुकान को आग के हवाले कर दिया गया। लंदन के पार्लियामेंट स्क्वायर व स्कॉटलैंड के ग्लासगो में भी प्रवासी विरोधी प्रदर्शन के दौरान जमकर हिंसा हुई। वीडियो वायरल होते ही लोग ड़कों पर उतरे हिंसा की शुरुआत बेलफास्ट में चाकूबाजी की घटना के बाद हुई। सूडान के एक शरणार्थी का एक आयरिश व्यक्ति से विवाद हो गया था। इसी बीच हादी ने चाकू से उसका गला काटने की कोशिश की थी। हमले में 40 वर्षीय आयरिश व्यक्ति गंभीर रूप से घायल है। इस वारदात का वीडियो वायरल होते ही प्रदर्शन की अपीलें तेज हो गईं थीं। पुलिस के मुताबिक चाकूबाजी घटना का आरोपी हादी अलोदिद सूडान से पेरिस और फिर डबलिन आया था। 2023 में वह बेलफास्ट पहुंचा और शरण मांगी। उसे ब्रिटेन में 2028 तक रहने की अनुमति मिल गई थी। आयरलैंड में हुई हिंसा की 5 तस्वीरें… प्रवासी विरोधियों परहिंसा भड़काने के आरोप दक्षिणपंथी और प्रवासी विरोधियों ने सोशल मीडिया पर चाकूबाजी की घटना का वीडियो तेजी से फैलाया। कट्टरपंथी व प्रवासी-विरोधी टॉमी रॉबिनसन ने वीडियो शेयर करते हुए पूरे ब्रिटेन में लोगों से ‘सड़कों पर उतरने’ की अपील की थी। इसके बाद मास्क पहने हजारों लोगों की भीड़ सड़कों पर जमा हो गई। कई प्रवासियों ने घर छोड़ा,नमाज रोकनी पड़ी बेलफास्ट में नकाबपोशों ने कई घरों को निशाना बनाया है। कुछ जगह ‘विदेशियों को निकालो’ जैसे नारे भी लगाए। स्थानीय पादरी जैक मैकी ने बताया कि लोग सिर्फ प्रवासी होने के कारण घर छोड़ने को मजबूर हुए। सैंडी रो इलाके में सूडानी दुकानदारों ने दुकानें जल्द बंद कर दीं। बेलफास्ट इस्लामिक सेंटर ने शाम की नमाज रोक दी। इलॉन मस्क ने भी प्रदर्शन का समर्थन किया दिग्गज कारोबारी इलॉन मस्क ने भी सोशल मीडिया पर अपना एक वीडियो शेयर करते हुए कहा- जोरदार प्रदर्शन से ही बदलाव आएगा। ब्रिटेन की कट्टरपंथी पार्टी रिफॉर्म यूके ने घटना को प्रवास नीति का नतीजा बताते हुए वीजा प्रतिबंध की अपनी पार्टी की बात दोहराई। वहीं, सांसद क्लेयर हन्ना ने मस्क, रिफॉर्म यूके के चीफ नाइजल फराज व अन्य को हिंसा का जिम्मेदार ठहराया। ———————— ये खबर भी पढ़ें… अफगानिस्तान पर पाकिस्तानी मिसाइल हमले में 13 की मौत:इनमें 11 बच्चे; पाकिस्तान का दावा- 26 भारत समर्थित आतंकी मारे पाकिस्तान ने मंगलवार रात अफगानिस्तान के कई इलाकों में मिसाइल हमले किए। अफगान तालिबान सरकार के मुताबिक इन हमलों में 13 लोगों की मौत हुई है, जिनमें 11 बच्चे, एक महिला और एक बुजुर्ग शामिल हैं। इसके अलावा 14 महिलाएं घायल हुई हैं। पूरी खबर पढ़ें…

‘खट्टा, मसालेदार, कुरकुरा’: अमित शाह की गुप्त झालमुड़ी पोस्ट पर हर कोई टीएमसी के बारे में क्यों बात कर रहा है | भारत समाचार

India vs England Live Score: Follow all the live updates from the ICC Women T20 World Cup warm-up match. (Picture Credit: ICC)

आखरी अपडेट:10 जून, 2026, 23:16 IST हालाँकि, गृह मंत्री ने ममता बनर्जी, उनकी पार्टी या टीएमसी में चल रहे संसदीय विद्रोह का कोई सीधा उल्लेख नहीं किया है स्नैक के संदर्भ पर विचार करने पर पाक संबंधी सबटेक्स्ट और गहरा हो जाता है। फ़ाइल चित्र/पीटीआई केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की एक गुप्त सोशल मीडिया पोस्ट ने राजधानी भर में तीव्र राजनीतिक अटकलों को जन्म दे दिया है, यह ठीक उसी दिन आया है जब तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) को संसद में विनाशकारी विभाजन का सामना करना पड़ रहा है। नई दिल्ली में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन की एक हाई-प्रोफाइल सभा के बाद, शाह ने क्लासिक बंगाली स्ट्रीट फूड के लिए अपनी सराहना साझा करने के लिए माइक्रोब्लॉगिंग प्लेटफॉर्म हालाँकि यह पोस्ट सतही तौर पर एक अनौपचारिक पाक अद्यतन प्रतीत होती है, लेकिन अनुभवी राजनीतिक पर्यवेक्षक जल्दी से इसे डिकोड कर रहे हैं जो एक अत्यधिक गणना की गई वर्डप्ले प्रतीत होती है। विशेषणों का बड़े अक्षरों में चयन – “टी”एंजी, “एम”असलेदार, और “सी”रंची – स्पष्ट रूप से संक्षिप्त नाम “टीएमसी” का उच्चारण करता है। भाजपा के मुख्य राजनीतिक रणनीतिकारों में से एक की ओर से, एक एन्क्रिप्टेड संदेश देने के लिए एक विशिष्ट बंगाली स्नैक की पसंद ने क्षेत्रीय राजनीतिक हलकों में हलचल मचा दी है। बड़े अक्षरों में लिखी पंक्तियों के बीच पढ़ना इससे पहले दिन में, खबर आई थी कि काकोली घोष दस्तीदार के नेतृत्व में 20 बागी टीएमसी लोकसभा सांसदों के एक दुर्जेय गुट ने स्पीकर ओम बिरला को ममता बनर्जी की पार्टी से अलग होने और एनडीए गठबंधन को समर्थन देने के अपने फैसले के बारे में औपचारिक रूप से सूचित किया था। पश्चिम बंगाल से आने वाले नाश्ते के विवरण में टी, एम और सी अक्षरों को शामिल करके, शाह ने तीव्र अटकलों को हवा दी है कि सत्तारूढ़ गठबंधन अपने प्रमुख क्षेत्रीय प्रतिद्वंद्वी के पतन की ओर इशारा कर रहा है। स्नैक के संदर्भ पर विचार करने पर पाक संबंधी सबटेक्स्ट और गहरा हो जाता है। झालमुरी बंगाल का एक सर्वोत्कृष्ट स्ट्रीट फूड है, जो कि तृणमूल कांग्रेस का हृदय स्थल है, और हाल ही में भाजपा द्वारा जीते गए विधानसभा चुनावों के दौरान यह एक प्रमुख चर्चा का विषय भी बन गया। पर्यवेक्षकों का सुझाव है कि बंगाली सांस्कृतिक पहचान से इतनी गहराई से जुड़े नाश्ते का उपयोग एक दोधारी रूपक के रूप में कार्य करता है, जो संकेत देता है कि राजनीतिक “मसाला” अब केंद्रीय सत्तारूढ़ गठबंधन के पक्ष में निर्णायक रूप से बदल गया है। सूक्ष्म विजय और राजनीतिक कलात्मकता गृह मंत्री ने अपने सार्वजनिक संचार में ममता बनर्जी, उनकी पार्टी या चल रहे संसदीय विद्रोह का कोई प्रत्यक्ष उल्लेख नहीं किया है। अपनी अत्यधिक संरचित और प्रतीकात्मक जनसंपर्क रणनीति के लिए जाने जाने वाले नेतृत्व के लिए, स्नैक की विशेषताओं की पूंजीकृत वर्तनी को कई लोगों द्वारा राजनीतिक ट्रोलिंग में एक मास्टरक्लास के रूप में देखा जा रहा है। चुनी हुई कहानियाँ, आपके इनबॉक्स में हमारी सर्वोत्तम पत्रकारिता वाला एक न्यूज़लेटर जमा करना लेखक के बारे में पथिकृत सेन गुप्ता पथिकृत सेन गुप्ता News18.com के वरिष्ठ एसोसिएट संपादक हैं और लंबी कहानी को छोटा करना पसंद करते हैं। वह राजनीति, खेल, वैश्विक मामलों, अंतरिक्ष, मनोरंजन और भोजन पर छिटपुट रूप से लिखते हैं। वह …और पढ़ें न्यूज़ इंडिया ‘खट्टा, मसालेदार, कुरकुरा’: क्यों अमित शाह की गूढ़ झालमुड़ी पोस्ट पर हर कोई टीएमसी के बारे में बात कर रहा है अस्वीकरण: टिप्पणियाँ उपयोगकर्ताओं के विचार दर्शाती हैं, News18 के नहीं। कृपया चर्चाएँ सम्मानजनक और रचनात्मक रखें। अपमानजनक, मानहानिकारक, या अवैध टिप्पणियाँ हटा दी जाएंगी। News18 अपने विवेक से किसी भी टिप्पणी को अक्षम कर सकता है. पोस्ट करके, आप हमारी उपयोग की शर्तों और गोपनीयता नीति से सहमत होते हैं। और पढ़ें (टैग्सटूट्रांसलेट)टीएमसी(टी)पश्चिम बंगाल(टी)झालमुरी(टी)अमित शाह(टी)नरेंद्र मोदी(टी)एनडीए(टी)ममता बनर्जी

FIFA वर्ल्ड कप में पहली बार बिलेनियर फुटबॉलर खेलते दिखेंगे:रोनाल्डो सबसे अमीर खिलाड़ी, दूसरे नंबर पर मेसी; दोनों की नेटवर्थ 1 बिलियन से ज्यादा

FIFA वर्ल्ड कप में पहली बार बिलेनियर फुटबॉलर खेलते दिखेंगे:रोनाल्डो सबसे अमीर खिलाड़ी, दूसरे नंबर पर मेसी; दोनों की नेटवर्थ 1 बिलियन से ज्यादा

फीफा वर्ल्ड कप में इस बार पहली बार बिलेनियर खिलाड़ी खेलते नजर आएंगे। फोर्ब्स ने फीफा वर्ल्ड कप 2026 में भाग लेने वाले सबसे अमीर खिलाड़ियों की लिस्ट जारी की है। इसमें पुर्तगाल के स्टार फुटबॉलर क्रिस्टियानो रोनाल्डो टॉप पर हैं। वहीं, अर्जेंटीना के कप्तान लियोनेल मेसी दूसरे नंबर पर हैं। रोनाल्डो और मेसी दोनों की ही नेटवर्थ $1 बिलियन (करीब ₹9,530 करोड़) से ज्यादा है। फोर्ब्स के मुताबिक, वर्ल्ड कप के टॉप 11 खिलाड़ियों ने टूर्नामेंट शुरू होने से पहले पिछले 12 महीनों में कुल $950 मिलियन (करीब ₹9,050 करोड़) की कमाई की है। फीफा वर्ल्ड कप 11 जून से 19 जुलाई तक अमेरिका, कनाडा और मैक्सिको की संयुक्त मेजबानी में खेला जाएगा। इस टूर्नामेंट में पहली बार 48 टीमें हिस्सा लेंगी और 104 मैच खेले जाएंगे। टॉप-11 हाइएस्ट पेड फुटबॉलर रोनाल्डो की कमाई ₹2,800 करोड़ पार, मेवेदर के वर्ल्ड रिकॉर्ड की बराबरी की 41 साल के क्रिस्टियानो रोनाल्डो इस समय दुनिया के सबसे महंगे खिलाड़ी हैं। पिछले एक साल में उनकी अनुमानित कमाई $300 मिलियन (करीब ₹2858.25 करोड़) रही है। इसमें से ₹3191.71 करोड़ ($235 मिलियन) उन्हें मैदान पर खेल (सैलरी और बोनस) से मिले हैं, जबकि ₹619.38 करोड़ ($65 मिलियन) एंडोर्समेंट और अन्य बिजनेस वेंचर्स से आए हैं। सऊदी अरब के क्लब अल-नासर के लिए खेलने वाले रोनाल्डो दुनिया के उन चुनिंदा 4 एक्टिव एथलीट्स में शामिल हैं, जिनकी नेटवर्थ $1 बिलियन से ज्यादा है। उनकी यह सालाना कमाई बॉक्सिंग लेजेंड फ्लॉयड मेवेदर जूनियर के उस रिकॉर्ड के बराबर है, जो फोर्ब्स के इतिहास में किसी खिलाड़ी की एक साल की सबसे बड़ी कमाई मानी जाती है। रोनाल्डो अपने करियर का छठवां वर्ल्ड कप खेल रहे हैं और हाल ही में उन्होंने अल-नासर को सऊदी प्रो लीग का खिताब भी जिताया है। दूसरे नंबर पर मेसी, इस बार सबसे बड़े स्कोरर बन सकते हैं अर्जेटीना को पिछला वर्ल्ड कप जिताने वाले लियोनेल मेसी लिस्ट में दूसरे स्थान पर हैं। मेसी ने पिछले 12 महीनों में $140 मिलियन (करीब ₹1333.78 करोड़) की कमाई की है। खास बात यह है कि मेसी की यह कमाई फील्ड और ऑफ-फील्ड (विज्ञापन और बिजनेस) में आधी-आधी ($70-70 मिलियन) बंटी हुई है। इंटर मियामी के लिए खेल रहे मेसी हाल ही में फोर्ब्स की बिलेनियर लिस्ट में शामिल हुए हैं, उनकी कुल नेटवर्थ $1.1 बिलियन (करीब ₹1048 करोड़) आंकी गई है। रोनाल्डो की तरह मेसी का भी यह छठवां वर्ल्ड कप होगा। अगर मेसी इस टूर्नामेंट में 4 गोल और कर देते हैं, तो वह जर्मनी के मिरोस्लाव क्लोज (16 गोल) को पीछे छोड़कर वर्ल्ड कप इतिहास के सबसे सफल गोल स्कोरर बन जाएंगे। एम्बापे तीसरे और हालैंड चौथे पायदान पर फ्रांस के स्टार फॉरवर्ड किलियन एम्बापे लिस्ट में तीसरे नंबर पर हैं। रियल मैड्रिड के इस खिलाड़ी की सालाना कमाई $95 मिलियन (करीब ₹905.13 करोड़) रही है। एम्बापे इस समय फुटबॉल की दुनिया के सबसे बड़े ब्रांड्स में से एक हैं और उन्होंने हाल ही में कई नए इन्वेस्टमेंट किए हैं। मैनचेस्टर सिटी के साथ बड़ा कॉन्ट्रैक्ट करने वाले नॉर्वे के स्ट्राइकर एर्लिंग हालैंड $80 मिलियन (करीब ₹762.27 करोड़) की कमाई के साथ चौथे नंबर पर हैं। वहीं ब्राजील के विनीसियस जूनियर $60 मिलियन (करीब ₹571.70 करोड़) कमाकर पांचवें स्थान पर काबिज हैं। सिर्फ 18 साल की उम्र में लामिन यामल टॉप-10 में शामिल इस लिस्ट का सबसे बड़ा सरप्राइज स्पेन के 18 वर्षीय सनसनी लामिन यामल हैं। यामल ने पिछले एक साल में $43 मिलियन (करीब ₹409.68 करोड़) की बंपर कमाई की है और वह लिस्ट में 9वें नंबर पर हैं। इतनी कम उम्र में उनकी इतनी बड़ी कमाई फुटबॉल मार्केट में उनके बढ़ते दबदबे को दिखाती है। लिवरपूल के मोहम्मद सालाह $55 मिलियन (करीब ₹523.96 करोड़) के साथ छठे, सेनेगल के सादियो माने $54 मिलियन (करीब ₹514.44 करोड़) के साथ सातवें और इंग्लैंड के जूड बेलिंगहैम $44 मिलियन (करीब ₹419.17 करोड़) के साथ आठवें नंबर पर हैं। इंग्लैंड के कप्तान हैरी केन $41 मिलियन (करीब ₹390.59 करोड़) कमाकर 10वें और चोट से जूझ रहे ब्राजील के नेमार $38 मिलियन (करीब ₹362.01 करोड़) के साथ 11वें नंबर पर हैं। फोर्ब्स कैसे तय करता है खिलाड़ियों की कमाई? फोर्ब्स की इस लिस्ट में खिलाड़ियों की पिछले 12 महीनों की सैलरी, बोनस, इमेज राइट्स और एंडोर्समेंट (विज्ञापनों से कमाई) को शामिल किया जाता है। हालांकि, इसमें खिलाड़ियों के पर्सनल इन्वेस्टमेंट से मिलने वाले रिटर्न, टैक्स, ट्रांसफर फीस और एजेंट्स को दी जाने वाली कमीशन को शामिल नहीं किया जाता है। यह रैंकिंग साफ करती है कि आज के दौर में बड़े फुटबॉलर सिर्फ खिलाड़ी नहीं बल्कि एक ग्लोबल ब्रांड बन चुके हैं।